स्वसहायता समूह की महिलाओं को अपशिष्ट प्रबंधन की दी गई जानकारी
0- ’स्वच्छ ग्राम एवं स्वच्छ जलवायु’ अभियान अंतर्गत कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने किया ग्राम कामता का निरीक्षण
बालोद. सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के परिपालन में कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने एसडब्ल्यूएम नियम 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने हेतु डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम पंचायत कामता का निरीक्षण किया। 01 जून से 05 जून तक आयोजित ’स्वच्छ ग्राम, स्वच्छ जलवायु’ अभियान अंतर्गत कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने विभिन्न स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन केंद्रों का निरीक्षण कर कचरा संग्रहण शेड, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट तथा अन्य अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्थाओं का विस्तृत अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कचरे के स्त्रोत स्तर पर पृथक्करण, संग्रहण, परिवहन एवं प्रसंस्करण की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को गांवों में गीले एवं सूखे कचरे का पृथक संग्रहण सुनिश्चित करने तथा प्लास्टिक अपशिष्ट के वैज्ञानिक निस्तारण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने स्व सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को अपशिष्ट प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कचरे का उचित प्रबंधन केवल स्वच्छता का विषय नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण, सार्वजनिक स्वास्थ्य सुधार एवं जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने का एक प्रभावी माध्यम भी है। महिलाओं को प्लास्टिक कचरे के संग्रहण, पुनर्चक्रण एवं उससे आय सृजन की संभावनाओं के संबंध में भी मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने बताया कि खुले में कचरा फेंकने एवं प्लास्टिक अपशिष्ट के अनियंत्रित उपयोग से पर्यावरण, जल स्रोतों तथा मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसलिए प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह कचरे का पृथक्करण कर निर्धारित स्थानों पर ही उसका निपटान करें। इससे गांवों एवं शहरों को स्वच्छ रखने के साथ साथ प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने संबंधित अधिकारियों को ग्राम पंचायतों में स्थापित कचरा संग्रहण केंद्रों एवं प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिटों का नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने तथा जन जागरूकता गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के उद्देश्यों की प्राप्ति एवं स्वच्छ, स्वस्थ एवं टिकाऊ पर्यावरण के निर्माण के लिए जनसहभागिता अत्यंत आवश्यक है। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, पंचायत पदाधिकारी, स्व सहायता समूह की महिलाएं एवं संबंधित विभागों के अधिकारी -कर्मचारी उपस्थित थे।











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