ज़िन्दगी ना मिलेगी दोबारा ने उठाया नेत्रदान महादान का बीड़ा
-नेत्रदान संकल्प अभियान से मिलेगी दो जरूरतमंदों को नई रोशनी
रायपुर / सामाजिक संस्था ज़िन्दगी ना मिलेगी दोबारा ने समाज में एक नई पहल की शुरुआत करते हुए नेत्रदान महादान अभियान का बीड़ा उठाया है। संस्था ने आज महिला सशक्तिकरण पर आयोजित एक संगोष्ठी सह बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि वह नेत्रदान के प्रति जागरूकता फैलाएगी और अधिक से अधिक लोगों को इस महादान से जोड़ेगी।
संस्था पहले ही सफलतापूर्वक चिकित्सा उपकरण बैंक का संचालन कर रही है और अब नेत्रदान के क्षेत्र में योगदान देकर दो दृष्टिबाधित व्यक्तियों के जीवन में रोशनी लाने का संकल्प लिया है। संस्थाप्रमुख सुषमा तिवारी , सचिव ममता शर्मा और संरक्षक अजय शर्मा के नेतृत्व में यह निर्णय लिया गया। इस अवसर पर, सलाहकार सुमन शर्मा, ममता बड़गैया सरिता विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में सदस्यगण उपस्थित रहे।
संस्था ने जनता से अपील की है कि नेत्रदान का संकल्प लें और अपने परिवार को इस इच्छा से अवगत कराएँ। आपका यह निर्णय किसी के जीवन में उजाला, आत्मनिर्भरता और नई उम्मीद ला सकता है। संस्था ने स्पष्ट किया कि नेत्रदान किसी धर्म के विरुद्ध नहीं है, न ही इससे अंतिम संस्कार में कोई बाधा आती है, और मृतक के चेहरे की बनावट भी प्रभावित नहीं होती।
संस्था के संरक्षक अजय शर्मा ने बताया कि इस अभियान के तहत संस्था विद्यालयों, महाविद्यालयों, कार्यालयों और सामाजिक संस्थाओं में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेगी। साथ ही, नेत्रदान संकल्प-पत्र भरवाने और इच्छुक लोगों का पंजीकरण कराने में सहयोग किया जाएगा। समाज में फैली भ्रांतियों को दूर कर वैज्ञानिक एवं सही जानकारी लोगों तक पहुँचाना भी इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य होगा। संस्था ने नेत्रदान करने वाले परिवारों का सार्वजनिक सम्मान कर समाज को प्रेरित करने का भी संकल्प लिया है।ज़िन्दगी ना मिलेगी दोबारा संस्था के इस सराहनीय प्रयास से जरूरतमंदों को नई रोशनी मिलने की उम्मीद जगी है।











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