राज्य निजी सुरक्षा एजेंसियों की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर हल करें: गृह मंत्रालय
नयी दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को राज्यों से गार्ड उपलब्ध कराने वाली निजी सुरक्षा एजेंसियों के लाइसेंस से जुड़े मामलों सहित सभी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर हल करने को कहा। राष्ट्रीय राजधानी में निजी सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त कार्यशाला में गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव (पुलिस आधुनिकीकरण) आर.प्रसन्ना ने कहा कि इन एजेंसियों को नया लाइसेंस तय समय-सीमा के भीतर जारी किया जाए और लाइसेंस नवीनीकरण के लंबित मामलों के निपटान में भी कोई कोताही न बरती जाए। एक बयान के मुताबिक, प्रसन्ना ने बताया कि इसी मामले में केंद्रीय गृह सचिव दो जुलाई को सभी राज्यों के मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक के साथ बैठक करेंगे। उन्होंने इन एजेंसियों को पेश आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिये राज्यों के संबंधित अधिकारियों को 'प्राइवेट सिक्योरटी एसोसिएशन' के प्रतिनिधियों के साथ निरंतर बैठक करने को भी कहा। गृह मंत्रालय की उप सचिव कृति गर्ग ने बताया कि सरकार निजी एजेंसियों से जुड़े मुद्दों पर राज्यवार नजर रख रही है ताकि इनके निपटान में कोई देरी न हो। गृह मंत्रालय के नेतृत्व में इस कार्यशाला का आयोजन 'सेंट्रल एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट सिक्योरिटी इंडस्ट्री' (केप्सी) और फिक्की समेत पांच संगठनों ने संयुक्त रूप से किया, जिसमें डेढ़ दर्जन से ज्यादा राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों ने शिरकत की। बयान के अनुसार, विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने लाइसेंस नवीनीकरण के लिए हर बार पुलिस सत्यापन कराने और कार्यालय बदलने पर नए सिरे से लाइसेंस लेने के नियम को गैर जरूरी बताते हुए इसे खत्म करने का सुझाव दिया।

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