मोदी ने यूएई, मलेशिया, वियतनाम और इथियोपिया के नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता की
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मलेशिया, वियतनाम, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और इथियोपिया के नेताओं के साथ शनिवार को द्विपक्षीय बैठकें कीं जिनमें महत्वपूर्ण खनिजों, ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्रों समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। ये बैठकें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर हुईं।
प्रधानमंत्री मोदी ने अबू धाबी के युवराज शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ वार्ता में पश्चिम एशिया की समग्र स्थिति और भारत-यूएई रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के कदमों पर चर्चा की। मोदी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ''रक्षा, कृत्रिम मेधा (एआई), अंतरिक्ष, महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा और संपर्क के क्षेत्रों में हमारी रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई।'' उन्होंने कहा, ''पश्चिम एशिया में अनिश्चितता के इस दौर में मजबूत भारत-यूएई संबंध स्थिरता, समृद्धि और शांति का प्रतीक है।'' मोदी और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर बिन इब्राहिम ने अपनी बैठक में व्यापार एवं निवेश, रक्षा, सेमीकंडक्टर, बुनियादी ढांचा, डिजिटल अर्थव्यवस्था, ऊर्जा और वित्तीय प्रौद्योगिकी (फिनटेक) समेत विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग में हुई प्रगति की समीक्षा की। इब्राहिम ने मोदी को मलेशिया के सबाह प्रांत के कोटा किनाबालू में भारत का महावाणिज्य दूतावास स्थापित करने पर अपने देश की सहमति से अवगत कराया। विदेश मंत्रालय ने कहा, ''प्रधानमंत्री मोदी ने दक्षिण-पूर्व एशियाई राष्ट्रों के संगठन (आसियान)-भारत संबंधों को मजबूत करने में मलेशिया के निरंतर सहयोग की सराहना की। दोनों नेताओं ने साझा हित से जुड़े प्रमुख क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।'' मंत्रालय ने कहा कि दोनों नेताओं ने भारत-मलेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। मोदी और वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग के बीच बैठक में द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों पर मुख्य रूप से चर्चा हुई। विदेश मंत्रालय ने कहा, ''इस बैठक से दोनों नेताओं को उन द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा करने का अवसर मिला जिन्हें 'उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी' का दर्जा दिया गया है।'' मंत्रालय ने कहा कि दोनों नेताओं ने साझा महत्व के विभिन्न क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया तथा अपनी साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। विदेश मंत्रालय ने कहा, ''भारत और वियतनाम के बीच साझा सभ्यतागत विरासत, आपसी विश्वास और समझ पर आधारित पुरानी मित्रता है। वियतनाम भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति का एक प्रमुख स्तंभ और दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ भारत के व्यापक जुड़ाव में महत्वपूर्ण साझेदार है।'' इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली के साथ मोदी की वार्ता भी रक्षा और व्यापार समेत विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को और विस्तार देने संबंधी कदमों पर केंद्रित रही। विदेश मंत्रालय ने कहा, ''दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के उद्देश्य से चर्चा की। उन्होंने आर्थिक सहयोग, रक्षा साझेदारी और क्षमता निर्माण समेत प्रमुख क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा की।'' यह बैठक पिछले वर्ष दिसंबर में मोदी की अदीस अबाबा यात्रा के दौरान द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति को आगे बढ़ाने की दिशा में हुई। मंत्रालय ने कहा, ''दोनों नेताओं ने साझा हित के क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने बहुपक्षीय मंचों पर निकट सहयोग की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।''



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