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- - 290.8 एकड़ सैन्य भूमि हस्तांतरित, 4C श्रेणी उन्नयन का रास्ता साफबिलासपुर /बिलासपुर के बिलासा देवी केंवट हवाई अड्डे चकरभाठा को अंतरराष्ट्रीय स्तर के एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने की दिशा में सोमवार को एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई। जिला प्रशासन को 290.8 एकड़ सैन्य भूमि का विधिवत हस्तांतरण किया गया, जिससे एयरपोर्ट विस्तार और 4C श्रेणी उन्नयन का मार्ग पूरी तरह प्रशस्त हो गया।शहर के बहुप्रतीक्षित एयरपोर्ट विस्तार प्रोजेक्ट को आज निर्णायक गति मिली, जब भारतीय सेना और रक्षा संपदा कार्यालय (डीईओ) जबलपुर के अधिकारियों द्वारा 290.8 एकड़ भूमि का औपचारिक हस्तांतरण जिला प्रशासन को किया गया। यह प्रक्रिया कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल की उपस्थिति में संपन्न हुई।भूमि हस्तांतरण के दौरान सैन्य अधिकारियों एवं डीईओ जबलपुर के प्रतिनिधियों ने स्वामित्व संबंधी आवश्यक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर भूमि को प्रशासन को सौंपा। इस महत्वपूर्ण कदम के साथ अब एयरपोर्ट के लिए उपलब्ध कुल भूमि 646.8 एकड़ हो गई है, जो इसके व्यापक विस्तार के लिए पर्याप्त मानी जा रही है।इस अतिरिक्त भूमि के मिलने से रनवे विस्तार और एयरपोर्ट को 4C श्रेणी में अपग्रेड करने की दिशा में आ रही तकनीकी अड़चनें पूरी तरह समाप्त हो गई हैं। 4C श्रेणी का उन्नयन होने से बड़े विमानों की आवाजाही संभव होगी, जिससे बिलासपुर को देश के प्रमुख शहरों के साथ बेहतर हवाई कनेक्टिविटी मिलेगी और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।इस अवसर पर भारतीय सेना के कर्नल ए. मजूमदार, कर्नल दिनेश पट्टाभि, लेफ्टिनेंट कर्नल नीरज सिंह, रक्षा संपदा अधिकारी (डीईओ) जबलपुर के मोहम्मद शाद आलम तथा एयरपोर्ट डायरेक्टर एन. वीरेन सिंह, एडीएम ज्योति पटेल, एसडीएम आकांक्षा त्रिपाठी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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बिलासपुर/जिले में एनएसएस कार्यक्रम अधिकारियों के लिए एक अत्यंत प्रभावशाली एवं प्रेरणादायी जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं की सक्रिय एवं उत्साहपूर्ण सहभागिता रही। यह प्रशिक्षण न केवल ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि प्रतिभागियों के लिए एक परिवर्तनकारी अनुभव के रूप में उभरा।
प्रशिक्षण के अंतर्गत लाइफ स्किल मॉड्यूल पर विशेष सत्र का संचालन जिला समन्वयक एनीरोज टोडर द्वारा अत्यंत प्रभावी ढंग से किया गया। सत्र में संचार कौशल, निर्णय लेने की क्षमता, भावनात्मक संतुलन तथा विशेष रूप से तनाव प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों को व्यावहारिक, सहभागी और अनुभवात्मक गतिविधियों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। प्रतिभागियों ने न केवल इन विषयों को समझा, बल्कि उन्हें अपने कार्यक्षेत्र में प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में भी स्पष्ट दृष्टिकोण प्राप्त किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से राज्य एनएसएस अधिकारी डॉ. नीता बाजपेयी एवं जिला अधिकारी मनोज सिन्हा की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनके प्रेरणादायी उद्बोधन ने प्रतिभागियों में नई ऊर्जा और सकारात्मक सोच का संचार किया, साथ ही जीवन कौशल शिक्षा के महत्व को और अधिक सशक्त रूप से स्थापित किया।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रतिभागियों द्वारा अत्यंत सराहा गया और इसे अत्यधिक उपयोगी एवं प्रभावकारी बताया गया। इस पहल ने एनएसएस कार्यक्रम अधिकारियों की क्षमता को सुदृढ़ करते हुए उन्हें जीवन कौशल शिक्षा के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सशक्त बनाया, जिससे भविष्य में विद्यार्थियों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान सुनिश्चित होगा। - दुर्ग। केबिनेट मंत्री एवं तत्कालीन दुर्ग शहर विधायक गजेन्द्र यादव की संवेदनशील पहल से वार्ड क्रमांक 15 सिकोला बस्ती निवासी धर्मेंद्र टंडन की सुपुत्री शीतल टंडन की शिक्षा को नया संबल मिला। आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई बीच में छूटने की स्थिति में पहुंच चुकी शीतल को मंत्री गजेन्द्र यादव ने तत्काल सहयोग प्रदान करते हुए खालसा पब्लिक स्कूल में प्रवेश दिलाया। उनकी इस मानवीय पहल का परिणाम है कि शीतल ने कक्षा 11वीं (आर्ट्स संकाय) में 90 प्रतिशत अंक अर्जित कर उत्कृष्ट सफलता प्राप्त की है।शीतल के पिता धर्मेंद्र टंडन एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं, जबकि माता प्रीति टंडन गृहणी हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण 10वीं के बाद शीतल की आगे की पढ़ाई संकट में पड़ गई थी। ऐसे कठिन समय में परिजनों ने मंत्री गजेन्द्र यादव से उनके कार्यालय में मुलाकात कर बेटी की शिक्षा जारी रखने में सहयोग की अपील की थी।मंत्री श्री यादव ने तत्परता दिखाते हुए शीतल का खालसा पब्लिक स्कूल में प्रवेश कराया, जिससे उसे अपनी पढ़ाई जारी रखने का अवसर मिला। शीतल ने इस अवसर का पूरा लाभ उठाते हुए पूरी लगन और मेहनत से अध्ययन किया और कक्षा 11वीं के परीक्षा परिणाम में 90 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।आज गंजपारा स्थित कार्यालय में मंत्री गजेन्द्र यादव ने शीतल टंडन को मिठाई खिलाकर सम्मानित किया तथा उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि "प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती, आवश्यकता होती है सही मार्गदर्शन और अवसर की।" उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता है कि कोई भी प्रतिभाशाली छात्र-छात्रा आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से वंचित न रहे।
- -दुर्ग के विकास में एक और मील का पत्थरदुर्ग। दुर्ग विधानसभा क्षेत्र के नागरिकों को शीघ्र ही यातायात सुविधा की बड़ी सौगात मिलने जा रही है। केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव की पहल पर राज्य शासन के वित्त विभाग द्वारा दुर्ग में केनाल रोड निर्माण के लिए 6 करोड़ 64 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। टेंडर प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात शीघ्र ही भूमि पूजन कर निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा।प्रस्तावित केनाल रोड साइंस कॉलेज के समीप से ग्रीन चौक तक निर्मित किया जाएगा, जिसकी कुल लंबाई लगभग 1100 मीटर एवं चौड़ाई 10 मीटर होगी। यह मार्ग दुर्ग शहर का पहला केनाल रोड होगा, जो शहर के यातायात तंत्र को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।दुर्ग शहर में लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए यह सड़क एक वैकल्पिक मार्ग के रूप में विकसित होगी, जिससे प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव कम होगा और नागरिकों को आवागमन में सुगमता प्राप्त होगी। इसके साथ ही क्षेत्र के समग्र शहरी विकास को भी गति मिलेगी।उल्लेखनीय है कि दुर्गवासियों की लंबे समय से चली आ रही इस मांग को ध्यान में रखते हुए बीते वर्ष मुख्यमंत्री के दुर्ग प्रवास के दौरान केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव (तत्कालीन विधायक) ने केनाल रोड निर्माण का प्रस्ताव रखा था। मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा के अनुरूप त्वरित कार्रवाई करते हुए वित्त विभाग ने इस महत्वपूर्ण परियोजना को स्वीकृति प्रदान की है।केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि दुर्ग शहर के समग्र विकास और नागरिकों की सुविधा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। केनाल रोड के निर्माण से न केवल यातायात व्यवस्था सुदृढ़ होगी, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएं भी खुलेंगी।उन्होंने इस स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री एवं वित्त विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार के मार्गदर्शन में दुर्ग को आधुनिक एवं सुव्यवस्थित शहर बनाने के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।इसके साथ ही केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार दुर्ग शहर में सड़कों, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं मूलभूत सुविधाओं के विस्तार हेतु लगातार विकास कार्यों की स्वीकृति प्रदान कर रहे है। केनाल रोड जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं न केवल शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करेंगी, बल्कि नागरिकों को बेहतर जीवन सुविधाएं भी उपलब्ध कराएंगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के नेतृत्व में दुर्ग को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित एवं विकसित शहर के रूप में स्थापित करने की दिशा में निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।दुर्ग में केनाल रोड की स्वीकृति मिलने पर दुर्ग निगम पार्षद और कार्यकर्त्ताओ ने केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव से मिलकर उनका आभार जताये है। दुर्ग की जनता की मांग को पूरा कर उन्होंने सबका विश्वास जीता है। प्रदेश की भाजपा सरकार दुर्ग के विकास के लिए निरंतर राशि स्वीकृति प्रदान कर रहे है, प्रगतिरत कार्य पूर्ण होने पर दुर्ग विकसित शहर की श्रेणी आएगा। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क नाली सहित सभी मूलभूत कार्य हो रहे है। केनाल रोड बनने से भिलाई की ओर से आने वाहन सीधे ग्रीन चौक होते हुए आगे बढ़ जायेंगे इससे समय और ईंधन की बचत होगी तथा चौड़ी सड़क से आवागमन सुरक्षित होगा।
- -कार्यकर्ता पार्टी का आधार होता है : मुख्यमंत्री विष्णुदेव सायरायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस बात पर गर्व व्यक्त किया है कि भाजपा का कार्यकर्ता कठिन परिस्थितियों में भी पार्टी के द्वारा सौंपे गए दायित्व को पूरी ईमानदारी से समयबद्ध तरीके से पूरा करते हैं। श्री साय ने सोमवार को यहाँ एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में रायपुर शहर जिला भाजपा के कार्यकर्ता सम्मेलन में अपने सम्बोधन में कहा कि भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता पार्टी का आधार है प्रत्येक कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं की सहभागिता सुनिश्चित होती है।भारतीय जनता पार्टी रायपुर शहर जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर के नेतृत्व में सोमवार को भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर में कार्यकर्ता सम्मेलन रखा गया। रायपुर शहर जिले के कार्यकर्ता सम्मेलन में भाजपा पदाधिकारी कार्यकर्ता सहित सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि भाजपा स्थापना दिवस को लेकर विभिन्न कार्यक्रम पार्टी द्वारा तय किए गए हैं जिनमें एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम कार्यकर्ता सम्मेलन भी है। भाजपा रायपुर शहर जिला द्वारा कार्यक्रम की तैयारी 5 अप्रैल से ही कर दी गई थी और एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय को तोरण पताका से सजाया गया था।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे कार्यकर्ता कठोर परिश्रम और निष्ठा से उन कार्यों को पूरा करते हैं इसीलिए भारतीय जनता पार्टी पार्टी विद डिफरेंट है। आज भाजपा दुनिया का सबसे बड़ा राजनीतिक दल कार्यकर्ताओं की मेहनत से बनी है।श्री साय ने कहा कि भाजपा के कार्यकर्ता साल भर पार्टी द्वारा दिए गए कार्यों को नीचे स्तर तक ले जाकर पहुँचने का कार्य करते हैं। सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने की जिम्मेदारी का भी निर्वहन भाजपा का कार्यकर्ता एक जनसेवक बनकर करते हैं। श्री साय ने कहा कि भाजपा में कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण के माध्यम से पूर्ण रूप से प्रशिक्षित कर उन्हें प्रखर बनाने का कार्य भी किया जाता है। उन्होंने भाजपा के 47वे स्थापना दिवस पर कार्यकर्ताओं को बधाई दी।भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि जोश जुनून भाजपा के कार्यकर्ताओं में सदैव रहता है। भाजपा के कार्यकर्ता सेवा समर्पण भाव से कार्य करते हैं। हर कठिन परिस्थिति में भी पार्टी के द्वारा दिए गए कार्यों को पूरा करना भाजपा कार्यकर्ताओं की कार्य शैली है। हमें अपने कार्यकर्ताओं पर गर्व है जो हर परिस्थिति में भी सेवा करने के लिए तैयार रहते हैं।भाजपा प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता जमीन से जुड़कर रहते हैं और पार्टी कार्यों एवं सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुँचाने का काम भी भाजपा का कार्यकर्ता पूरी निष्ठा से करते हैं। भाजपा कार्यकर्ता आपदा के समय में भी सेवा करने में हमेशा आगे रहते हैं। हर परिस्थितियों से लड़ना हमारे कार्यकर्ताओं को आता है।इस अवसर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, राज्यसभा सदस्य लक्ष्मी वर्मा, विधायक पुरंदर मिश्रा, सुनील सोनी, मोतीलाल साहू संभाग सह प्रभारी डॉ. राजीव सिंह जिला प्रभारी राजेंद्र शर्मा, जिला महामंत्री अमित मैशेरी, गुंजन प्रजापति, पूर्व जिला अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, छगन मूंदड़ा, अशोक पांडे, श्रीचंद सुंदरानी सहित सैकड़ो की संख्या में भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
- -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की शिरकतरायपुर। भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस के मौके पर सोमवार को एनजीओ प्रकोष्ठ द्वारा नेत्र जाँच शिविर का आयोजन किया गया। इस सेवा कार्य के माध्यम से पार्टी ने जनकल्याण के अपने संकल्प को दोहराया। इस विशेष शिविर में छत्तीसगढ़ के यशस्वी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा, श्याम बिहारी जायसवाल और वरिष्ठ नेता अशोक बजाज सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे।भाजपा स्थापना दिवस का महत्वमुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भाजपा का स्थापना दिवस न केवल पार्टी के गौरवशाली इतिहास को याद करने का दिन है, बल्कि राष्ट्र सेवा के प्रति पुनः समर्पित होने का संकल्प दिवस भी है। आज के दिन भाजपा कार्यकर्ता देशभर में सेवा और समर्पण के कार्यक्रमों का आयोजन कर आमजन की सेवा में जुटे हैं। एनजीओ प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित यह नेत्र शिविर इसी विचारधारा का प्रतीक है, जो समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचाने के लक्ष्य को दर्शाता है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, शिविरार्थी और भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
- - स्व. योगेश यदु स्मृति शतरंज प्रतियोगिता में रोमांचक मुकाबले शुरूरायपुर। रायपुर प्रेस क्लब खेल मड़ई-2 के तहत आयोजित स्व. योगेश यदु स्मृति शतरंज प्रतियोगिता के दूसरे दिन सोमवार को 6 मैच में से 3 मैच खेले गए और 3 मैच में वॉकओवर दिया गया। नॉकआउट दौर के इस चरण में खिलाड़ियों के हर चाल निर्णायक साबित हो रही है, जिससे मुकाबले बेहद रोमांचक बन गए हैं।आज खेले गए पहले मुकाबले में लक्ष्मण लेखवानी और पुरुषोत्तम मनहर के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। दोनों खिलाड़ियों ने एक-दूसरे के खिलाफ कई शानदार चालें चलीं। यह मैच लंबे समय तक बराबरी पर रहा, किंतु एंडगेम में लक्ष्मण लेखवानी ने संयमित खेल दिखाते हुए जीत अपने नाम की।दूसरे मैच में संदीप वर्मा और हितेश मेहता आमने-सामने थे। दोनों खिलाड़ियों ने संतुलित शुरुआत की। दोनों खिलाड़ियों के बीच करीब घंटे भर तक शह-मात का खेल हुआ। अंततः सटीक चालों के दम पर हितेश मेहता ने जीत दर्ज कर अगले दौर में प्रवेश किया।वहीं तीसरा मुकाबला नरेंद्र बंगाले और महादेव तिवारी के बीच हुआ। शुरुआती बढ़त लेने के बावजूद नरेंद्र बंगाले दबाव नहीं बना सके और महादेव तिवारी ने शानदार चाल चलते हुए मैच जीतकर अगले दौर में प्रवेश किया। मैच के दौरान प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी खिलाड़ियों की हौसला अफजाई करने पहुंचे और मैच का आनंद लिया। मैच के निर्णायक विजय मिश्रा, शंकर चंद्राकर व सुखनंदन बंजारे रहे।आज के मैचसभी मैच दोपहर 1 बजे से खेले जाएंगे।1. कौशल तिवारी और बमलेश्वर सोनवानी के बीच।2. गुड्डू बैरागी और संजय शुक्ला के बीच।3. प्रशांत शर्मा और शिवम दुबे के बीच।4. चंदन साहू और प्रदीप चंद्रवंशी के बीच।5. प्रकाश शर्मा (सीनियर) और संदीप पुराणिक।6. विनय घाटगे और राहुल जैन।
- भिलाईनगर । निगम आयुक्त के निर्देशानुसार, शहर में मच्छर जनित रोगों के प्रभावी नियंत्रण हेतु नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा विशेष स्वच्छता एवं जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में दिनांक 06 अप्रैल 2026 को जोन-1 नेहरू नगर के अंतर्गत वार्ड-10 लक्ष्मीनगर (सुपेला) क्षेत्र में सघन मच्छर उन्मूलन कार्यक्रम का संपादन किया गया। प्रसाद बिल्डिंग के पीछे स्थित बस्ती में निगम के विशेष दस्ते और जिला मलेरिया विभाग के सर्वेलेंस कार्यकर्ताओं की संयुक्त टीम ने घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया। इस दौरान टीम ने मच्छरों के प्रजनन स्थलों की बारीकी से जांच की। प्रजनन स्रोतों का खात्मा करने हेतु गृह भेंट के दौरान कूलर, पानी की टंकी, ड्रम और पुराने कंटेनरों की जांच की गई। जहाँ भी पुराना पानी जमा मिला, उसे तत्काल खाली कराया गया ताकि लार्वा पनपने की संभावना को समाप्त किया जा सके।मच्छर लार्वा के नियंत्रण हेतु स्प्रेयर पंप के माध्यम से पानी मिश्रित एक्यूगार्ड का छिड़काव किया गया। वयस्क मच्छरों के खात्मे के लिए प्रभावित क्षेत्रों में पानी मिश्रित मैलाथियान का छिड़काव कराया गया। मोहल्ले की पक्की और कच्ची नालियों में जहाँ पानी का जमाव था, वहाँ दवाइयों का छिड़काव कर मच्छरों के पनपने पर रोक लगाई गई। सर्वेक्षित घरों के सदस्यों को मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के उपाय बताए गए। बचाव संबंधी जानकारी के लिए पाम्पलेट वितरित कर नागरिकों को अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने हेतु प्रेरित किया गया।निगम प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों के कूलर का पानी सप्ताह में कम से कम एक बार अवश्य बदलें और घर के आसपास पानी जमा न होने दें। मच्छरदानी का प्रयोग करें और प्रशासन की इस मुहिम में सक्रिय सहभागी बनें।
- -नेहरू नगर पूर्व में पुरानी पानी टंकी एवं प्रस्तावित रोड का लिया जायजाभिलाई नगर । नगर पालिक निगम आयुक्त राजीव कुमार पांडेय ने आज शहर में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों और भविष्य की कार्ययोजनाओं का निरीक्षण करने के लिए मैदानी दौरा किया। इस दौरान उन्होंने गुणवत्तापूर्ण निर्माण और समय सीमा के भीतर कार्यों को पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया।निरीक्षण की शुरुआत आयुक्त द्वारा निगम के मुख्य कार्यालय के सामने पूर्व निर्मित सीसी रोड के अवलोकन से हुई। उन्होंने सड़क की वर्तमान स्थिति, फिनिशिंग और मजबूती का बारीकी से निरीक्षण किया। सड़क के आसपास जल भराव न हो, इसके लिए उन्होंने ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त रखने के संबंध में संबंधित इंजीनियरों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।तत्पश्चात, आयुक्त नेहरू नगर पूर्व स्थित कमर्शियल परिसर पहुँचे। यहाँ उन्होंने परिसर में स्थित पुरानी पानी टंकी की स्थिति का जायजा लिया और सुरक्षा मानकों का दिशानिर्देश दिए।क्षेत्र में आवागमन को सुगम बनाने के लिए प्रस्तावित नई सड़क के स्थल का अवलोकन किया। उन्होंने स्थल के अनुरूप कार्य जल्द शुरू करने की प्रक्रिया को गति देने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें ताकि आम नागरिकों को असुविधा का सामना न करना पड़े।इस अवसर पर निगम के जोन आयुक्त अजय राजपूत, कार्यपालन अभियंता संजय अग्रवाल, उप अभियंता बसंत साहू, पुरुषोत्तम सिंहा, रीमा जमुलकर, जोन स्वास्थ्य अधिकारी अंकित सक्सेना, सहायक राजस्व अधिकारी सुनील जोशी एवं अन्य संबंधित विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।
- रायपुर / जल जीवन मिशन के कार्यों के लिए राज्य सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में ही राज्यांश की 3000 करोड़ रुपए की पूरी राशि अग्रिम के रूप में दे दी गई थी, जिसे उस वित्तीय वर्ष के दौरान मिशन के कार्यों के लिए व्यय किया गया था। भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, नई दिल्ली द्वारा 536 करोड़ 53 लाख रुपए प्रतिपूर्ति (Reimbursement) के रूप में जारी किए गए हैं।ज्ञातव्य है कि केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन की अवधि को दिसंबर 2028 तक बढ़ा दिया है, जिसके तहत अब मिशन 2.0 के तहत काम जारी है l राज्य के ग्रामीण परिवारों को 'हर घर नल से जल' योजना के तहत पाइप के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने कार्य किए जा रहे हैं l
- - दंतेवाड़ा में लिख रही हैं बदलाव की इबारतरायपुर / बस्तर संभाग के नक्सल मुक्त घोषित होने के बाद अब हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्यधारा में लौटने वाले युवाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन दिखने लगा है। इसकी सबसे बड़ी मिसाल बीजापुर की शर्मिला पोयामी बनकर उभरी हैं, जिन्होंने कभी हाथों में बंदूक थामी थी, लेकिन आज वे लाइवलीहुड कॉलेज में सुई-धागे से अपने और अपने परिवार के भविष्य के सपने बुन रही हैं।बीजापुर जिले के भैरमगढ़ ब्लॉक की रहने वाली 19 वर्षीय शर्मिला कभी भैरमगढ़ एरिया कमेटी की सक्रिय सदस्य थीं। गुरिल्ला युद्ध और हथियारों का प्रशिक्षण लेने वाली शर्मिला को जल्द ही अहसास हो गया कि प्रगति का मार्ग बंदूक से नहीं, बल्कि शांति और शिक्षा से निकलता है। इसी संकल्प के साथ उन्होंने 07 फरवरी 2026 को आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का निर्णय लिया।राज्य शासन की पुनर्वास नीति के तहत शर्मिला को दंतेवाड़ा के लाइवलीहुड कॉलेज में प्रवेश दिलाया गया। बीते 45 दिनों से वे यहाँ सिलाई का गहन प्रशिक्षण ले रही हैं। अब वे आधुनिक परिधान जैसे सूट और ब्लाउज सिलने की बारीकियां सीख रही हैं। प्रशिक्षण के बाद उनका लक्ष्य अपने गाँव लौटकर सिलाई केंद्र खोलना और अपनी 4 एकड़ पुश्तैनी जमीन पर आधुनिक खेती (टमाटर, मूली व भाजियाँ) कर परिवार को आर्थिक संबल प्रदान करना है। शर्मिला ने बताया कि मुख्यधारा में लौटने के बाद उन्हें पहली बार शासन की ओर से इतनी बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं, पौष्टिक आहाररू कॉलेज में नियमित रूप से अंडा, मछली, चिकन और हरी सब्जियां दी जा रही हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य में बड़ा सुधार हुआ है। सक्रिय सहभागितारू बढ़ते आत्मविश्वास का ही परिणाम है कि उन्होंने हाल ही में जगदलपुर में आयोजित मैराथन दौड़ में भी हिस्सा लिया। पारिवारिक प्रेरणा- शर्मिला की दीदी मुड़ो पोयामी (पूर्व नक्सल सदस्य) भी मुख्यधारा में लौटकर आत्मनिर्भरता की राह पर हैं।शिक्षा और कौशल की ताकत को समझने के बाद शर्मिला अब अपने क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं के प्रति भी सजग हैं। वे चाहती हैं कि उनके गाँव की कच्ची सड़कों और पेयजल की समस्याओं का जल्द निराकरण हो ताकि विकास की यह लहर सुदूर अंचलों तक पहुँचे। शर्मिला पोयामी का यह संघर्षपूर्ण सफर हिंसा से विकास की ओर बढ़ते नए छत्तीसगढ़ की एक सशक्त पहचान बन गया है।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विश्व स्वास्थ्य दिवस (7 अप्रैल) के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ देते हुए स्वस्थ और संतुलित जीवनशैली अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि स्वास्थ्य ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। यह दिवस न केवल स्वास्थ्य से जुड़े वैश्विक मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने का अवसर है, बल्कि अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का भी संदेश देता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान - ये तीनों स्वस्थ जीवन के मूल आधार हैं। यदि हम अपनी दिनचर्या में छोटे-छोटे सुधार करें, तो बड़े स्तर पर सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने के लिए सतत प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे स्वयं स्वस्थ रहने के साथ-साथ अपने परिवार और समाज में भी स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाएँ, ताकि एक स्वस्थ, सक्षम और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण में सबकी भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
- -मंत्री लखनलाल देवांगन ने किया उद्घाटन-ग्रामीण उपभोक्ताओं को मिलेगी उच्च गुणवत्ता वाली बिजली, लगभग 5 हजार लोगों को होगा लाभरायपुर । प्रदेश सरकार द्वारा विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ करने एवं ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कटघोरा के कसनिया में नवनिर्मित 33/11 केवी उपकेंद्र का आज विधिवत लोकार्पण किया गया। वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम, सार्वजनिक उपक्रम तथा आबकारी मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने उपकेंद्र का शुभारंभ किया।कार्यक्रम में कटघोरा विधायक श्री प्रेमचंद पटेल तथा छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री भीम सिंह कंवर सहित वरिष्ठ अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।यह उपकेंद्र 1 करोड़ 82 लाख रुपये की लागत से निर्मित किया गया है तथा इसकी स्थापित क्षमता 3.15 एमवीए है। उपकेंद्र के प्रारंभ होने से कटघोरा, कापूबहरा, सुतर्रा, मोहनपुर, अमरपुर, घूँचापुर, दादर, लखनपुर, राल सहित कटघोरा नगर के 4 वार्डों के लगभग 5,000 से अधिक उपभोक्ताओं को उच्च गुणवत्तापूर्ण एवं स्थिर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।पूर्व में एकमात्र सबस्टेशन पर बढ़ते लोड के कारण बार-बार होने वाली ओवरलोडिंग एवं तकनीकी बाधाओं से उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। नए उपकेंद्र से न केवल विद्युत आपूर्ति में निरंतरता रहेगी बल्कि तकनीकी समस्याओं का तत्काल निराकरण भी संभव हो सकेगा।मुख्य अतिथि मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपकेंद्र कटघोरा क्षेत्र के विकास में एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने लोगों से विभागीय योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने का आग्रह किया। कटघोरा विधायक श्री प्रेमचंद पटेल ने नवीन उपकेंद्र को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताया और आमजन से सूर्यघर मुफ्त बिजली बिल योजना अपनाने की अपील की।
- -महतारी वंदन की 26वीं किश्त जारी-68.48 लाख महिलाओं के खाते में ट्रांसफर हुए 641.62 करोड़ रूपए-हितग्राही महिलाओं को अब तक 16,240 करोड़ की मददरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य की महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण के लिए संचालित महतारी वंदन योजना की 26वीं किश्त की राशि आज जारी की गई। इसके जारी होते ही हितग्राही महिलाओं के मोबाईल में खुशियों के नोटिफिकेशन की घंटी बज उठी। इस योजना के तहत राज्य की 68 लाख 48 हजार 899 महिलाओं को 641 करोड़ 62 लाख 92 हजार रूपए उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए। लाभान्वित हितग्राहियों में 7773 महिलाएं नियद नेल्ला नार के योजना के गांवों की रहने वाली है।छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेद्र मोदी जी की गारंटी को पूरा करने के लिए और महिलाओं की बेहतरी के लिए यह योजना मार्च 2024 में शुरू की गई थी। तब से लेकर अब तक हर महीने हितग्राही महिलाओं को एक-एक हजार रूपए की सहायता राशि नियमित रूप से दी जा रही है। इस योजना के तहत अब तक हितग्राही महिलाओं को 16,881 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है।गौरतलब है कि इस योजना के अंतर्गत हितग्राही महिलाओं के केवाईसी पूरा किए जाने का काम भी तेजी से कराया जा रहा है। केवाईसी के अद्यतन की यह प्रक्रिया ई-गवर्नेस सर्विसेस इंडिया लिमिटेड के माध्यम से 3 अप्रैल से शुरू की गई है, जो 30 जून तक चलेगी। व्हीएलई द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत भवन में तथा शहरी क्षेत्र में वार्ड कार्यालय में केवाईसी अद्यतन का कार्य हो रहा है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने महतारी वंदन योजना की ऐसी हितग्राही महिलाओं से जिनका ई-केवाईसी नहीं हुआ है, उनसे तत्काल ई-केवाईसी कराने की अपील की है ताकि योजना की सहायता राशि बिना किसी व्यवधान के उनके खाते में पहुंच सके। महिला एवं बाल विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों की संख्या 68,94,633 है, जिसमें से केवाईसी हेतु लंबित हितग्राहियों को छोड़कर 68,48,899 हितग्राहियों को 26वीं किश्त का भुगतान किया गया है।
- -4.20 किमी की बनेगी पक्की सड़क, गांवों का शहर से संपर्क होगा मजबूत-छत्तीसगढ़ सरकार गांवों के विकास के लिए कर रही कार्य– उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा-गन्ना किसानों की राह होगी आसान, किसानों को मिलेगा लाभरायपुर । कबीरधाम जिले में आधारभूत संरचना को मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए बिलासपुर मार्ग से दौजरी होते हुए नाऊडिह तक 4.20 किलोमीटर लंबाई के महत्वपूर्ण मार्ग के मजबूतीकरण एवं निर्माण कार्य का आज शुभारंभ किया गया। उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने ग्राम नाऊडिह में 5 करोड़ 36 लाख 58 हजार रुपए की लागत से बनने वाले इस सड़क, पुल पुलिया निर्माण कार्य का भूमिपूजन कर कार्य की शुरुआत की। यह मार्ग क्षेत्र के किसानों की महत्वपूर्ण मार्ग के रूप में जाना जाता है, जो मुख्य जिला मार्ग रबेली - प्रतापपुर को राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-30 से सीधे जोड़ते हुए आवागमन की मुख्य धुरी का कार्य करता है। इस मार्ग से किसानों को भोरमदेव शक्कर कारखाना तक पहुंचने में अब बड़ी सुविधा मिलेगी। लंबे समय से जर्जर स्थिति में होने के कारण स्थानीय ग्रामीणों और किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था, जिसे अब दूर करने की दिशा में ठोस पहल की गई है। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ने किसानों को ऋण पुस्तिका का वितरण किया। उन्होंने खेल मैदान के निर्माण के लिए घोषणा की।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार गांवों के समग्र विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आज ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, आवास, किसान हित और महिला सशक्तिकरण से जुड़े अनेक कार्य तेजी से धरातल पर उतर रहे हैं, जिससे गांवों की तस्वीर बदल रही है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनहित के संकल्प को लेकर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की महिलाओं के खातों में हर माह 1 हजार की राशि डाली जा रही है। अब तक 25 किस्तों के माध्यम से प्रत्येक महिला के खाते में 25 हजार की राशि पहुंच चुकी है, जिससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति सशक्त हो रही है। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि सरकार बनने के बाद सबसे पहला बड़ा निर्णय प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास स्वीकृति का लिया गया। एक साथ 18 लाख आवासों की स्वीकृति दी गई, जो एक ऐतिहासिक कदम है। इसके साथ ही आवास प्लस का सर्वे भी पूरा हो चुका है और पात्र हितग्राहियों को आगे भी आवास उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। श्री शर्मा ने कहा कि गांवों में विकास कार्यों की गति लगातार बढ़ रही है, लेकिन इसकी सफलता के लिए ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता भी आवश्यक है। उन्होंने सभी ग्रामवासियों से विकास कार्यों में सहयोग देने और योजनाओं का लाभ लेने कहा। देश के व्यापक परिप्रेक्ष्य में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में और गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में नक्सलवाद को खत्म करने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए और इसमें सफलता मिली। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि क्षेत्र में किसान हितों को ध्यान में रखते हुए तहसील कार्यालय परिसर में किसान सदन का निर्माण भी किया गया है, जिससे किसानों के विश्राम के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।इस मार्ग पर क्षेत्र के हजारों किसान अपने गन्ना उत्पादन को ट्रैक्टरों के माध्यम से शक्कर कारखानों तक पहुंचाते हैं। सड़क के मजबूत और सुगम होने से परिवहन व्यवस्था आसान होगी, लागत घटेगी और किसानों की आय में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। सड़क निर्माण से न केवल किसानों बल्कि आम नागरिकों और विद्यार्थियों को भी बड़ी राहत मिलेगी। गांवों से शहर तक पहुंचना अब आसान होगा, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों तक पहुंच बेहतर होगी। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से इस महत्वपूर्ण मार्ग के निर्माण की स्वीकृति मिली है। यह परियोजना ग्रामीण अंचलों को मुख्य मार्गों से जोड़ते हुए क्षेत्रीय विकास को नई गति प्रदान करेगी। भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री सुरेश चंद्रवंशी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, श्री नितेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशी राम धुर्वे सहित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति रही।
- -आर.टी.ई. प्रतिपूर्ति राशि दूसरे राज्यों से बेहतररायपुर / छत्तीसगढ़ में निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) 2009, अप्रैल 2010 से प्रभावी है। इसके अंतर्गत प्रदेश के गैर-अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालयों की प्रारंभिक कक्षाओं में 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित की गई हैं। इन सीटों पर आर्थिक रूप से कमजोर, दुर्बल वर्ग और वंचित समूह के बच्चों को उनके निवास क्षेत्र के भीतर प्रवेश दिलाया जाता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार गरीब बच्चों की शिक्षा के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और सभी के लिए शिक्षा सुनिश्चित करने हेतु विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत निजी स्कूलों को नर्सरी या कक्षा 1 में 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित करना अनिवार्य है। इसके बदले राज्य सरकार प्रति बच्चा व्यय के आधार पर स्कूलों को प्रतिपूर्ति राशि का भुगतान करती है। यह राशि सरकारी स्कूल में प्रति बच्चे पर होने वाले खर्च या निजी स्कूल की वास्तविक फीस (दोनों में से जो भी कम हो) के आधार पर निर्धारित की जाती है।छत्तीसगढ़ में शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि कई पड़ोसी राज्यों की तुलना में बेहतर या उनके समकक्ष है। प्रदेश में वर्ष 2011-12 से ही कक्षा 1 से 5 तक 7000 रूपए और कक्षा 6 से 8 तक 11 हजार 400 रूपए वार्षिक प्रतिपूर्ति राशि निर्धारित है। तुलनात्मक रूप से देखें तो मध्य प्रदेश में 4,419 रूपए बिहार में 6,569 रूपए, झारखंड में 5,100 रूपए और उत्तर प्रदेश में 5,400 रूपए वार्षिक दिए जाते हैं। यद्यपि ओडिशा, राजस्थान, महाराष्ट्र और कर्नाटक में यह राशि अधिक है, किंतु समग्र मूल्यांकन में छत्तीसगढ़ की प्रतिपूर्ति राशि संतुलित और उचित है।वर्तमान में राज्य के 6,862 निजी विद्यालयों में आर.टी.ई. के माध्यम से लगभग 3,63,515 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इस वर्ष भी कक्षा पहली की लगभग 22,000 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया जारी है। चूंकि सभी निजी विद्यालयों को आर.टी.ई. अधिनियम के प्रावधानों के तहत ही मान्यता दी गई है, अतः यह उनकी वैधानिक जिम्मेदारी है कि वे निर्धारित सीटों पर प्रवेश सुनिश्चित करें।यदि कोई निजी विद्यालय आर.टी.ई. के तहत प्रवेश देने से इंकार करता है या प्रक्रिया में व्यवधान डालता है, तो राज्य शासन उनके विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगा। इसमें विद्यालय की मान्यता समाप्त करने तक का प्रावधान शामिल है। शिक्षा विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस संबंध में फैलाई जा रही किसी भी भ्रामक जानकारी पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक तथ्यों पर ही विश्वास करें।
- -नए वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना एवं नवीन व्यय प्रस्तावों की समीक्षा-आधार बेस उपस्थिति प्रणाली - प्रथम स्थान पर आने वालों की प्रशंसा-समय पर उपस्थित ना होने वालों पर होगी कार्यवाहीरायपुर / आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में आज नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के सभाकक्ष में गत वर्ष के आय-व्यय एवं नए वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई।बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग द्वारा कुल बजट का 68 प्रतिशत व्यय किया गया है। प्रमुख सचिव श्री बोरा ने कहा कि सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के सफल क्रियान्वयन हेतु जो बजट आंबटित किया जाता है उसका पूर्ण लाभ हितग्राही वर्ग को मिलना चाहिए। इसके लिए वर्ष के प्रारंभ से ही एक कार्ययोजना बनाकर उसपर अमल किया जाए। इस हेतु सभी प्रभारी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय-सीमा में कार्य संपादित करना चाहिए। श्री बोरा ने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में व्यय को 80 प्रतिशत किए जाने का लक्ष्य दिया है।प्रमुख सचिव श्री बोरा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व एवं मंत्री श्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में विभाग प्रगति ओर अग्रसर है। विभागीय योजनाओं के सफल क्रियान्वयन को देखते हुए भारत सरकार से वित्तीय वर्ष 2025-26 में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान हेतु 732 करोड़, 21 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों हेतु 915 करोड़ तथा अनुच्छेद 275 (1) अंतर्गत 170 करोड़ की राशि प्राप्त हुई है, यह विभाग के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है, जो आगामी दो वर्षोें में इन सभी कार्यों के सफल क्रियान्वयन से छत्तीसगढ़ के विकास को गति मिलेगी।बैठक में आदिम जाति विकास विभाग के अलावा आदिम जाति अनुंसधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, अनुसूचित जाति विकास विभाग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास तथा छ.ग. राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम के वित्तीय वर्ष 2025-26 अंतर्गत आय-व्यय की भी समीक्षा की गई। बैठक में संयुक्त सचिव श्री बी.के.राजपूत, श्री अनुपम त्रिवेदी, वित्त नियंत्रक श्री लाजरूस मिंज, अपर संचालक श्री संजय गौड़, श्री आर.एस.भोई, उपायुक्त श्रीमती गायत्री नेताम, श्री प्रज्ञान सेठ, श्री एल.आर.कुर्रें, श्री विश्वनाथ रेडडी, श्रीमती मेनका चंद्राकर, कार्यपालन अभियंता श्री त्रिदीप चक्रवर्ती सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।प्रमुख सचिव श्री बोरा ने बैठक में आधार फेस उपस्थिति प्रणाली एवं ई-ऑफिस व्यवस्था की भी समीक्षा की। आधार बेस उपस्थिति प्रणाली में विभाग में सर्वाधिक उपस्थिति वाले अधिकारी-कर्मचारियों की प्रशंसा की। साथ ही उन्होंने कहा कि समय पर नहीं आने वालों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।प्रमुख सचिव श्री बोरा ने बैठक में ई-ऑफिस की भी समीक्षा करते हुए कहा कि ई-ऑफिस व्यवस्था लागू होने से प्रशासन में पारदर्शिता एवं कसावट आई है। साथ ही व्यवस्था सुुदृढ़ करने में बहुत ही उपयोगी सिद्ध हो रही है। उन्होंने कहा कि अब ई-ऑफिस में फाईल आने के बाद से बहुत ही तीव्र गति से कार्य संचालन संभव हुआ है। अधिकारी फाईल बढ़ाते समय सभी नियमों एवं स्पष्ट अभिमत के साथ ही फाईल को प्रस्तुत करें, ताकि उस पर अंतिम रूप से निर्णय लिया जा सके।उन्होंने बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 के अपरीक्षित नवीन व्यय मद प्रस्तावों तथा विभिन्न विकास कार्यों की अद्यतन स्थिति की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा क्रय की गई सामग्रियों के मानकीकरण निर्धारित हो। उन्होंने दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की जिलावार स्थिति, आवंटित एवं व्यय राशि की भी समीक्षा की।प्रमुख सचिव ने बैठक में भवन निर्माण कार्यों, प्रधानमंत्री जनमन योजना एवं धरती आबा योजना के अंतर्गत संचालित कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। साथ ही छत्तीगढ़ आदिवासी संग्रहालय एवं शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय से प्राप्त आय-व्यय के आगामी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
- - राज्य पुलिस अकादमी में व्याख्यान.रायपुर। अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष व नेत्र विशेषज्ञ डॉ. दिनेश मिश्र ने सुभाषचन्द्र बोस राज्य पुलिस अकादमी, चन्द्रखुरी रायपुर में व्याख्यान देते हुए कहा कि समाज से अंधविश्वास एवं सामाजिक कुरीतियों का निर्मूलन आवश्यक है, जो वैज्ञानिक सोच व जागरूकता से संभव है । विज्ञान की शिक्षा, एवं प्रौद्योगिकी के कारण देश में वैज्ञानिक उपलब्धियां बढ़ रही हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी तकनीक का प्रभाव बढ़ है ,पर उसके बाद भी देश में अंधविश्वास और सामाजिक कुरीतियों के कारण अक्सर अनेक निर्दोष लोगों को प्रताड़ना का शिकार होना पड़ता है जिनमे डायन /टोनही के संदेह में प्रताड़ित महिलाओं की संख्या अधिक है.। जादू टोना ,टोनही जैसे अंधविश्वास से जिससे बचाव ,राहत के लिए आम जन में जागरूकता के साथ लिए शिकायतों पर संज्ञान लेकर तुरंत कार्यवाही आवश्यक हैं.। प्रदेश में सन 2005 से राज्य टोनही प्रताड़ना निरोधक कानून बना हुआ है, जिसके गांव गांव में प्रचार,प्रसार तथा और शिकायतों पर त्वरित कार्यवाही से पीड़ितों को राहत मिलेगी.।डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा कि सामाजिक अंधविश्वासों पर चर्चा, तर्क और विश्लेषण जारी रहना समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण के लिए जरूरी है.। वैज्ञानिक दृष्टिकोण का सम्बंध तर्कशीलता से है, वैज्ञानिक दृष्टिकोण हमारे अंदर अन्वेषण की प्रवृत्ति विकसित करता है,तथा विवेकपूर्ण निर्णय लेने में सहायता करता है, इसलिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास हमारे संविधान का महत्वपूर्ण अंश है ।किसी भी काम को यदि सही ढंग से किया जाये, मेहनत, ईमानदारी से किया जाए तो सफलता जरूर मिलती है। उन्होंने कहा कि 18वीं सदी की मान्यताएं व कुरीतियां अभी भी जड़े जमायी हुई है जिसके कारण जादू-टोना, डायन, टोनही, बलि व बाल विवाह जैसी परंपराएं व अंधविश्वास आज भी वजूद में है। जिससे प्रतिवर्ष अनेक मासूम जिन्दगियां तबाह हो रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे में वैज्ञानिक जागरूकता को बढ़ाने और तार्किक सोच को अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने आगे कहा कि अंधविश्वास व कुरीतियों के विरूद्ध सभी को एकजुट होकर आगे आना चाहिए। पुलिस भी इसमें एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है.।डॉ. मिश्र ने कहा कि विभिन्न प्राकृतिक आपदायें हर गांव में आती है, मौसम परिवर्तन व संक्रामक बीमारियां भी गांव को चपेट में लेती है। वायरल बुखार, मलेरिया, दस्त जैसे संक्रमण भी सामूहिक रूप से अपने पैर पसारते है। ऐसे में ग्रामीण अंचल में लोग कई बार बैगा-गुनिया के परामर्श के अनुसार विभिन्न टोटकों, झाड़-फूंक के उपाय अपनाते है। जबकि प्रत्येक बीमारी व समस्या का कारण व उसका समाधान अलग-अलग होता है, जिसे विचारपूर्ण तरीके से ढूंढा जा सकता है। कोरोना जैसी महामारी का हल व उपचार वैक्सीन बनाने एवं उसे लोगों तक उपलब्ध कराने में चिकित्सा विज्ञान की बड़ी भूमिका रही है। . उन्होंने कहा कि बिजली का बल्ब फ्यूज होने पर उसे झाड़-फूंक कर पुनः प्रकाश नहीं प्राप्त किया जा सकता न ही मोटर सायकल, ट्रांजिस्टर बिगड़ने पर उसे ताबीज पहिनाकर नहीं सुधारा जा सकता। रेडियो, मोटर सायकल, टी.वी., ट्रेक्टर की तरह हमारा शरीर भी एक मशीन है जिसमें बीमारी आने पर उसके विशेषज्ञ के पास ही जांच व उपचार होना चहिए।डॉ. मिश्र ने प्रशिक्षार्थी पुलिस अधिकारियों से विभिन्न सामाजिक कुरीतियों एवं अंधविश्वासों की चर्चा करते हुए कहा कि आज भी ग्रामीण अंचल में छोटे बच्चों को भूत-प्रेत, जादू-टोने के नाम से डराया व भ्रमित किया जाता है. जबकि इससे उनके मन में काल्पनिक डर बैठ जाता है जो उनके मन में ताउम्र बसा होता है। बल्कि उन्हें आत्मविश्वास, निडरता के किस्से कहानियां सुनानी चाहिए। जिनके मन में आत्मविश्वास व निर्भयता होती है उन्हें न ही नजर लगती है और न कथित भूत-प्रेत बाधा लगती है। यदि व्यक्ति कड़ी मेहनत, पक्का इरादा का काम करें तो कोई भी ग्रह, शनि, मंगल, गुरू उसके रास्ता में बाधा नहीं बनता.।डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा कि देश में जादू-टोना, तंत्र-मंत्र, झाड़-फूँक की मान्यताओं एवं डायन (टोनही )के संदेह में प्रताडऩा तथा सामाजिक बहिष्कार के मामलों की भरमार है। टोनही,डायन के सन्देह में प्रताडऩा के मामलों में अंधविश्वास व सुनी-सुनाई बातों के आधार पर किसी निर्दोष महिला को टोनही/डायन घोषित कर दिया जाता है तथा उस पर जादू-टोना कर बच्चों को बीमार करने, फसल खराब होने, व्यापार-धंधे में नुकसान होने के कथित आरोप लगाकर उसे तरह-तरह की शारीरिक व मानसिक प्रताडऩा दी जाती है। कई मामलों में आरोपी महिला को गाँव से बाहर निकाल दिया जाता है। बदनामी व शारीरिक प्रताडऩा के चलते कई बार पूरा पीडि़त परिवार स्वयं गाँव से पलायन कर देता है। अनेक मामलों में महिलाओं की हत्याएँ भी हुई है अथवा वे स्वयं आत्महत्या करने को मजबूर हो जाती है। जबकि जादू-टोना के नाम पर किसी भी व्यक्ति को प्रताडि़त करना गलत तथा अमानवीय है। वास्तव में किसी भी महिला , या पुरुष के पास ऐसी जादुई शक्ति नहीं होती कि वह दूसरे व्यक्ति को जादू से बीमार कर सके या किसी भी प्रकार का आर्थिक नुकसान पहुँचा सके। जादू-टोना, तंत्र-मंत्र, टोनही, नरबलि के मामले सब अंधविश्वास के ही उदाहरण हैं। महाराष्ट्र छत्तीसगढ़,मध्यप्रदेश ओडीसा, झारखण्ड, बिहार, आसाम सहित अनेक प्रदेशों में प्रतिवर्ष टोनही/डायन के संदेह में निर्दोष महिलाओं की हत्याएँ हो रही है जो सभ्य समाज के लिये शर्मनाक है। नेशनल क्राईम रिकॉर्ड ब्यूरो ने सन् 2001 से 2015 तक 2604 महिलाओं की मृत्यु डायन प्रताडऩा के कारण होना माना है। जबकि वास्तविक संख्या इनसे बहुत अधिक है अधिकतर मामलों में पुलिस रिपोर्ट ही नहीं हो पातीं।हमने जब आर टी आई से जानकारी प्राप्त की तब हमें बहुत ही अलग आंकड़े प्राप्त हुए. झारखंड में 7000 ,बिहार में 1679 छत्तीसगढ़ में 1357,ओडिशा 388 में ,राजस्थान 95 में,आसाम में 102 मामलों की प्रमाणिक जानकारी है।जबकि कुछ राज्यों से जवाब ही नहीं मिला. पर समाचार पत्रों में लगभग सभी राज्यों से ऐसी घटनाओं के समाचार मिलते हैं ।डॉ. मिश्र ने कहा कि आम लोग चमत्कार की खबरों के प्रभाव में आ जाते हैं। हम चमत्कार के रूप में प्रचारित होने वाले अनेक मामलों का परीक्षण व उस स्थल पर जाँच भी समय-समय पर करते रहे हैं। चमत्कारों के रूप में प्रचारित की जाने वाली घटनाएँ या तो सरल वैज्ञानिक प्रक्रियाओं के कारण होती है तथा कुछ में हाथ की सफाई, चतुराई होती है जिनके संबंध में आम आदमी को मालूम नहीं होता। कई स्थानों पर स्वार्थी तत्वों द्वारा साधुओं का वेश धारण चमत्कारिक घटनाएँ दिखाकर ठगी करने के मामलों में वैज्ञानिक प्रयोग व हाथ की सफाई के ही करिश्में थे।डॉ. मिश्र ने कहा कि भूत-प्रेत जैसी मान्यताओं का कोई अस्तित्व नहीं है। भूत-प्रेत बाधा व भुतहा घटनाओं के रूप में प्रचारित घटनाओं का परीक्षण करने में उनमें मानसिक विकारों, अंधविश्वास तथा कहीं-कहीं पर शरारती तत्वों का हाथ पाया गया। आज टेलीविजन के सभी चैनलों पर भूत-प्रेत, अंधविश्वास बढ़ाने वाले धारावाहिक प्रसारित हो रहे हैं। ऐसे धारावाहिकों का न केवल जनता पर विपरीत प्रभाव पड़ता है बल्कि छोटे बच्चों व विद्यार्थियों पर भी दुष्प्रभाव पड़ता है। इस संबंध में हमने राष्ट्रीय स्तर पर एक सर्वेक्षण कराया है जिसमें लोगों ने ऐसे सीरीयलों को बंद किये जाने की मांग की है। ऐसे सीरीयलों को बंद कर वैज्ञानिक विकास व वैज्ञानिक दृष्टिकोण बढ़ाने व विज्ञान सम्मत अभिरूचि बढ़ाने वाले धारावाहिक प्रसारित होना चाहिए। भारत सरकार के दवा एवं चमत्कारिक उपचार के अधिनियम 1954 के अंतर्गत झाड़-फूँक, तिलस्म, चमत्कारिक उपचार का दावा करने वालों पर कानूनी कार्यवाही का प्रावधान है। इस अधिनियम में पोलियो, लकवा, अंधत्व, कुष्ठरोग, मधुमेह, रक्तचाप, सर्पदंश, पीलिया सहित 54 बीमारियाँ शामिल हैं। इस अधिनियम के आधार पर भी संज्ञान लिया जाए.।डॉ मिश्र ने कहा लोगों को बीमार पडऩे पर झाड़-फूँक, तंत्र-मंत्र, जादुई उपचार, ताबीज से ठीक होने की आशा में तथाकथित बाबाओं के चक्कर में फंसने की बजाय प्रशिक्षित चिकित्सकों से सम्पर्क करना चाहिए क्योंकि बीमारी बढ़ जाने पर उसका उपचार खर्चीला व जटिल हो जाता है। डॉ. मिश्र ने कहा अंधविश्वास, पाखंड एवं सामाजिक कुरीतियों का निर्मूलन एक श्रेष्ठ सामाजिक कार्य है जिसमें हाथ बंटाने हर नागरिक को स्वयं आगे आना चाहिए.।
- रायपुर । छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा धमतरी जिले के विकासखण्ड- नगरी की गाड़ाघाट व्यपवर्तन के वियर गेट एवं नहरों का मरम्मत व नहरों का सी.सी. लाईनिंग कार्य के लिए 2 करोड़ 96 लाख 32 हजार रुपये स्वीकृत किये हैं। प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण होने के उपरांत रूपांकित सिंचाई क्षमता 177 हेक्टेयर के विरूद्ध 145 हेक्टेयर हो रही कमी की पूर्ति तथा बचत जल से 15.28 हेक्टेयर अतिरिक्त सहित कुल 192.28 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी।
- रायपुर। बढ़ते बिजली बिल और सरचार्ज से जूझ रहे उपभोक्ताओं के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना उम्मीद की नई किरण बनकर उभरी है। यह योजना महज छूट तक सीमित नहीं, बल्कि आर्थिक बोझ से दबे परिवारों को आत्मविश्वास और सम्मान के साथ आगे बढ़ने का अवसर दे रही है।योजना के तहत उपभोक्ताओं को मूल बकाया राशि में 50 से 75 प्रतिशत तक की छूट और सरचार्ज में 100 प्रतिशत माफी मिल रही है। साथ ही, केवल 10 प्रतिशत राशि जमा कर शेष भुगतान आसान किस्तों में करने की सुविधा इसे और भी सुलभ बनाती है। “मोर बिजली ऐप” और नजदीकी वितरण केंद्रों के माध्यम से पंजीयन प्रक्रिया भी सरल रखी गई है।मनेन्द्रगढ़ की शाहीन बेगम इसकी जीवंत मिसाल हैं। करीब 48 हजार रुपये के बकाया में 23 हजार रुपये से अधिक की छूट मिलने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। प्रदेश में लगभग 28 लाख उपभोक्ताओं को लाभान्वित करने वाली इस योजना के तहत करीब 757 करोड़ रुपये की राहत दी जा रही है। यह पहल सरकार और नागरिकों के बीच भरोसे की नई नींव भी मजबूत कर रही है।
- रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए संजीवनी साबित हो रही है। धमतरी जिले में इस योजना का व्यापक असर देखने को मिल रहा है, जहाँ हजारों उपभोक्ता वर्षों पुराने बिजली बिल के बोझ से मुक्त होकर विकास की मुख्यधारा में लौट रहे हैं।धमतरी निवासी श्री बी. एस. विशाल के परिवार के लिए बिजली का बकाया बिल एक मानसिक तनाव बन चुका था। सीमित आय और पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते बिल की राशि बढ़ती गई, जिससे बिजली कटने का डर हमेशा बना रहता था। जब शासन की समाधान योजना की घोषणा हुई, तो उनके पुत्र डेनियल विशाल ने विभागीय शिविर में संपर्क किया।मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 की प्रक्रिया इतनी सरल थी कि उन्हें जल्द ही योजना का लाभ मिला। डेनियल ने बताया कि बकाया मूल राशि में भारी छूट और सरचार्ज की शत-प्रतिशत माफी ने हमारे परिवार को नई शुरुआत करने का मौका दिया है। अब हम नियमित रूप से बिल चुकाने की स्थिति में हैं। यह योजना हम जैसे आम लोगों के लिए मुख्यमंत्री का बड़ा उपहार है।विद्युत विभाग द्वारा जारी ताजा आँकड़ों के अनुसार, जिले में योजना को लेकर जबरदस्त उत्साह है। इस योजना के लिए अब तक 4,652 पात्र उपभोक्ताओं की पहचान की जा चुकी है। इसमें से 4,115 उपभोक्ताओं ने ऑफलाइन माध्यम से आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर ली है। आवेदन के बाद 537 परिवारों को पहले ही बकाया मुक्त कर प्रत्यक्ष लाभ दिया जा चुका है।योजना की रूपरेखा इस तरह तैयार की गई है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक इसका फायदा पहुँचे। गरीबी रेखा से नीचे के उपभोक्ता को बकाया मूल राशि पर अधिकतम 75 प्रतिशत तक की भारी छूट दिया जा रहा है। इसी तरह घरेलू एवं कृषि उपभोक्ता को मूल बकाया राशि में 50 प्रतिशत तक की राहत दिया जा रहा है। सभी पात्र श्रेणियों के लिए लेट पेमेंट सरचार्ज (अधिभार) को 100 प्रतिशत माफ कर दिया गया है। उपभोक्ता को केवल 10 प्रतिशत प्रारंभिक राशि जमा करनी होगी, जिसके बाद शेष राशि को वह अपनी सुविधा अनुसार निर्धारित किस्तों में जमा कर सकता है।यह योजना 12 मार्च 2026 से शुरू होकर 30 जून 2026 तक प्रभावी रहेगी। विद्युत विभाग द्वारा गांव-गांव और वार्डों में विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति जानकारी के अभाव में छूट न जाए। जनसंपर्क माध्यमों और स्थानीय मुनादी के जरिए भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है।मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना केवल एक वित्तीय रियायत नहीं है, बल्कि यह सुशासन की उस सोच का प्रतीक है जहाँ सरकार अपने नागरिकों की बुनियादी समस्याओं को संवेदनशीलता से हल करती है। इस पहल से न केवल बिजली विभाग के राजस्व में सुधार होगा, बल्कि प्रदेश के हजारों घरों में फिर से खुशहाली की रोशनी फैलेगी।
- रायपुर । अंधेरे रास्तों से लौटकर रोशनी तक का सफर निराशा, संघर्ष और कठिनाइयों से निकलकर आशा, सफलता और ज्ञान की ओर जाने का प्रतीक है। यह एक ऐसी यात्रा है जो दृढ़ इच्छाशक्ति और सही मार्गदर्शन से पूरी की जा सकती है। 22 वर्षीय अरविंद हेमला का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। बीजापुर जिले के एक साधारण ग्रामीण परिवार में जन्मे अरविंद बचपन से ही आर्थिक तंगी, अशिक्षा और सामाजिक चुनौतियों से जूझते रहे। परिवार की आजीविका कृषि मजदूरी पर निर्भर थी, जिससे दैनिक जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो जाता था।कम उम्र में ही माता-पिता का साया सिर से उठ जाना उनके जीवन का सबसे बड़ा आघात था, पिता का निधन 2009 में और माता का 2016 में हो गया। इस घटना ने अरविंद को पूरी तरह अकेला और असहाय बना दिया। युवावस्था में गलत संगति, क्षेत्रीय परिस्थितियों और आर्थिक मजबूरियों के कारण अरविंद नक्सली गतिविधियों की ओर आकर्षित हो गए। धीरे-धीरे वे इस रास्ते में उलझते चले गए, जिससे उनका सामाजिक और पारिवारिक जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। लेकिन समय के साथ अरविंद को एहसास हुआ कि यह रास्ता उन्हें केवल भय और अनिश्चित भविष्य की ओर ले जा रहा है। उन्होंने अपने जीवन को बदलने का दृढ़ संकल्प लिया। शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर उन्होंने मार्च 2025 में स्वेच्छा से आत्मसमर्पण कर दिया।आत्मसमर्पण के बाद शासन द्वारा उन्हें पुनर्वास केंद्र बीजापुर में आवश्यक मार्गदर्शन, सहयोग और कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया गया। राज मिस्त्री कार्य का प्रशिक्षण प्राप्त कर उन्होंने निर्माण कार्य में तकनीकी दक्षता हासिल की। आज अरविंद तेलंगाना राज्य के मंचेरियल जिले में एक निर्माण श्रमिक के रूप में कार्यरत हैं और प्रतिदिन 600 रूपए की मजदूरी अर्जित कर सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं। अपने परिश्रम और लगन से उन्होंने न केवल आत्मनिर्भरता हासिल की है, बल्कि समाज की मुख्यधारा में भी सफलतापूर्वक वापसी की है।राज्य सरकार की पुनर्वास नीति हिंसा की राह छोड़ने वाले नक्सलियों को मुख्यधारा में लाने और समाज के साथ फिर से जुड़ने में मदद करना है। यह कहानी हमें सिखाती है कि चाहे परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, सही निर्णय, दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास से जीवन को नई दिशा दी जा सकती है।
- -विशेष आवास परियोजना से मिला पक्का आशियानारायपुर। छत्तीसगढ़ में सुशासन सरकार की सरकार ने माओवादी आत्मसमर्पण, पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति-2025 हिंसा छोड़ मुख्यधारा से जुड़ने वाले नक्सलियों को नई जिंदगी दे रही है। छत्तीसगढ सरकार ने माओवादी आत्मसमर्पितों को 5 लाख तक की सहायता, कौशल प्रशिक्षण, और सम्मानजनक जीवन प्रदान कर नक्सल-मुक्त बस्तर के सपने को साकार कर रही है। कोण्डागांव जिले के फरसगांव के सुदेर पंचायत चिंगनार के श्री पवन कुमार को पुनर्वास नीति के तहत पक्का आवास मिलने से उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।कोण्डागांव जिले के विकासखण्ड फरसगांव के दूरस्थ ग्राम पंचायत चिंगनार, जो मुख्यालय से लगभग 45 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, कभी इस क्षेत्र में माओवाद के प्रभाव के कारण भय और असुरक्षा का माहौल था। अब इन क्षेत्रों में राज्य शासन की पुनर्वास नीति के तहत शांति और विकास स्थापित हो रहा हैं। इसी गांव में रहने वाले श्री पवन कुमार को पुनर्वास नीति के तहत पक्का आवास मिलने से उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। पवन कुमार पूर्व में माओवादी संगठन से जुड़े हुए थे। उस दौर में उनका जीवन असुरक्षित और कठिनाइयों से भरा हुआ था। उनका परिवार जंगल किनारे एक झोपड़ी और जर्जर कच्चे मकान में रहने को मजबूर था, जहां न तो पर्याप्त सुविधाएं थीं और न ही सुरक्षित भविष्य की कोई उम्मीद।समय के साथ उन्होंने यह महसूस किया कि हिंसा का मार्ग केवल विनाश की ओर ले जाता है। शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर उन्होंने साहसिक निर्णय लेते हुए माओवादी संगठन से नाता तोड़ लिया और समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। यह निर्णय उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ।आत्मसमर्पण के बाद जिला प्रशासन द्वारा विशेष परियोजना आवास (आत्मसमर्पित परिवार) प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में उन्हें आवास स्वीकृत किया गया। शासन की सहायता से उन्हें चरणबद्ध तरीके से आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया, जिसमें प्रथम किश्त के रूप में 40 हजार रुपये, द्वितीय किश्त में 55 हजार रुपये तथा अंतिम किश्त के रूप में 25 हजार रुपये की राशि दी गई। इसके साथ ही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत 90 दिनों की मजदूरी भी प्रदान की गई। इन सभी सहायता राशि और योजनाओं के समुचित उपयोग से पवन कुमार ने निर्धारित समय में अपना पक्का घर पूर्ण कर लिया। यह घर केवल एक आशियाना नहीं, बल्कि उनके नए जीवन की मजबूत नींव है। अब उनका परिवार सुरक्षित वातावरण में रह रहा है और भविष्य को लेकर आश्वस्त है।इसके अतिरिक्त शासन द्वारा उनके घर में बिजली कनेक्शन, रसोई गैस, शौचालय और नल-जल जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। इन सुविधाओं ने उनके जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार किया है और उन्हें एक सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्रदान किया है। आज पवन कुमार अपने परिवार के साथ शांतिपूर्ण, सुरक्षित और खुशहाल जीवन व्यतीत कर रहे हैं। और बेहतर भविष्य के लिए भी नई उम्मीदों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने शासन-प्रशासन की इस पहल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित किया है।
- -बाजे गाजे के साथ लड्डुओं से तौलकर विभिन्न समाजों एवं संगठनों ने उप मुख्यमंत्री का किया सम्मान-यह जीत जनभागीदारी, सुरक्षा बलों के साहस और बस्तरवासियों के विश्वास की जीत - उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा-आज बस्तर के गांवों में लोग अपने आंगन में खुलकर हंस रहे हैं, अब वहां डर नहीं, विकास की बातें हो रही हैं - श्री शर्मारायपुर। छत्तीसगढ़ सहित देश के लिए ऐतिहासिक क्षण तब आया जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 31 मार्च को सदन में शस्त्र नक्सलवाद की समाप्ति की घोषणा की। लगभग चार दशकों से इस समस्या से जूझ रहे छत्तीसगढ़ ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा के दृढ़ संकल्प, रणनीति और सतत प्रयासों से यह बड़ी सफलता हासिल की।इस अभियान में भारतीय सेना, पुलिस और समस्त सशस्त्र बलों के जवानों के अदम्य साहस, समाज की जागरूक भागीदारी, राजनीतिक नेतृत्व की इच्छाशक्ति, पत्रकार बंधुओं की भूमिका और सबसे बढ़कर बस्तर के नागरिकों के सहयोग का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सभी के समुचित प्रयासों से ही सशस्त्र नक्सलवाद का अंत संभव हो सका और अब बस्तर में खुशहाली की नई शुरुआत हो रही है।सशस्त्र नक्सलवाद से मुक्त छत्तीसगढ़ बनने के बाद उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा रविवार को अपने विधानसभा क्षेत्र कवर्धा पहली बार पहुंचे। जहां पर स्थानीय महामाया चौक में कवर्धा के लोगों ने उनके लिए भव्य ऐतिहासिक नागरिक अभिनंदन समारोह आयोजित किया। जिसमें हजारों की संख्या में लोग बाजा-गाजा, ढोल-नगाड़ों के साथ शामिल हुए, पूरे शहर में जश्न का वातावरण नजर आया। सभी को गर्व था कि कभी नक्सल प्रभावित कबीरधाम जिले के साथ अब पूरे छत्तीसगढ़ से भय और आतंक को दूर करने में उनके अपने माटी पुत्र का बड़ा योगदान रहा है।इस कार्यक्रम में ब्राह्मण समाज, यादव समाज, ठाकुर समाज, कुर्मी समाज, साहू समाज, सतनामी समाज, निर्मलकर समाज, गुप्ता समाज, अहिरवार समाज, लोधी समाज, पटेल समाज, गोंड समाज, केसरवानी गुप्ता समाज, सेन समाज, गंधर्व समाज, स्वर्णकार समाज, जैन समाज, वैष्णव समाज सहित सभी समाजों ने भव्य रैली का स्वागत कर इस असंभव से लगने वाले लक्ष्य की प्राप्ति के लिए उन्हें शुभकामनाएं दी। जहां स्थानीय जिला प्रेस क्लब, यूथ क्लब, हरीतिमा परिवार, प्राइवेट स्कूल संघ, नाथ योगी समाज, फाइटर क्लब, जिला क्रिकेट संघ, ज्वाइन हैंड ग्रुप, ट्रक मालिक संघ, पतंजलि योग समिति, सीनियर सिटीजन समिति एवं भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने भी शामिल होकर उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर सभी ने गृह मंत्री श्री विजय शर्मा को लड्डुओं से तौलकर उनका सम्मान किया।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने गायत्री मंदिर और गुरुद्वारे में जाकर प्रदेश की शांति और समृद्धि की प्रार्थना की और लोगों के साथ भारतमाता चौक पर नक्सल अभियान में शहीद हुए अमर जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि मैं आप सभी के प्रेम से अभिभूत हूँ। मुझे नहीं पता था कि आप सब नक्सल समस्या को इतनी गंभीरता से समझते हैं। यह वास्तव में अत्यंत संवेदनशील विषय रहा है, और जो लोग इससे पीड़ित रहे हैं, उनकी पीड़ा को शब्दों में समझा भी नहीं जा सकता। माओवाद एक आयातित विचार है, जिसका उद्देश्य केवल बंदूक की नली से सत्ता स्थापित करना रहा है, जबकि भारत का लोकतंत्र प्राचीन काल से ही सशक्त रहा है, जिसकी झलक आज भी बस्तर के समाज में दिखाई देती है।उन्होंने नक्सल हिंसा की भयावहता का उल्लेख करते हुए कहा कि भोले-भाले लोगों को बहलाकर उनके हाथों में बंदूक थमा दी गई। स्कूल, सड़क और तालाबों के किनारे बारूद बिछाए गए। शिक्षा दूत, सुरक्षा कर्मी, स्वास्थ्य कर्मी, शासकीय कर्मचारी और निर्दोष ग्रामीणों तक की निर्मम हत्या की गई। सैकड़ों लोग इन विस्फोटों में अपंग हो गए, उनके मानवाधिकारों की रक्षा कौन करेगा? जब बस्तर के ऐसे पीड़ितों ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की, तब उन्होंने संकल्प लिया था कि 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त किया जाएगा और जब गृह मंत्री संकल्प लेते हैं, तो वह तय समय में पूरा होता है।उन्होंने कहा कि यह सफलता किसी एक व्यक्ति की नहीं है, इसमें सेना, पुलिस और सभी सुरक्षा बलों के जवानों का साहस, समाज का सहयोग, राजनीतिक नेतृत्व की इच्छाशक्ति, पत्रकार बंधुओं का योगदान और सबसे बड़ा श्रेय बस्तर के नागरिकों को जाता है। सभी के सामूहिक प्रयास से ही यह संभव हो पाया है। यह जीत जनभागीदारी, सुरक्षा बलों के साहस और बस्तरवासियों के विश्वास की जीत है।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार ने शस्त्र छोड़ने वालों के लिए लाल कारपेट बिछाकर स्वागत किया और उनके पुनर्वास की समुचित व्यवस्था की। हमने संवाद के लिए वीडियो कॉल तक को माध्यम बनाया। उन्होंने आगे कहा कि आज बस्तर के गांवों में लोग अपने आंगन में खुलकर हंस रहे हैं। अब वहां डर नहीं, विकास की बातें हो रही हैं। गांवों के मेले और बाजारों में रौनक लौट आई है, यह बदलाव ही हमारी सबसे बड़ी उपलब्धि है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में दशकों से लंबित कई बड़े निर्णय जैसे राम मंदिर निर्माण और अनुच्छेद 370 निर्धारित समय में पूरे हुए। उसी श्रृंखला में नक्सल समस्या का समाधान भी संभव हुआ है। उन्होंने इस भव्य सम्मान के लिए कवर्धा के लोगों का हृदय से आभार व्यक्त किया।
- - लोक निर्माण विभाग ने मंजूर किए 448 करोड़-रायगढ़ जिले में तीन, धमतरी और बलौदाबाजार में बनेंगे दो-दो बाईपासरायपुर ।मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम करने तथा तेज व सुव्यवस्थित यातायात के लिए लोक निर्माण विभाग ने हाल ही में समाप्त हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में नौ बाईपास सड़कों के लिए कुल 448 करोड़ 13 लाख रुपए से अधिक की राशि स्वीकृत की है। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने स्थानीय लोगों की मांगों व जरूरतों को देखते हुए इन बाईपास सड़कों के लिए प्राथमिकता से राशि मंजूर करने के निर्देश दिए थे।लोक निर्माण विभाग द्वारा रायगढ़ जिले में तमनार बाईपास मार्ग के लिए 152 करोड़ 17 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इस राशि से 6 किमी बायपास सड़क का निर्माण किया जाएगा। विभाग ने रायगढ़ शहर में रिंग रोड (बायपास मार्ग) के लिए 70 करोड़ 47 लाख रुपए मंजूर किए हैं। खरसिया के बायपास क्रमांक-3 कबीर चौक से डभरा रोड तक 2 किमी सड़क के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण के लिए भी 7 करोड़ 22 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं।विभाग ने धमतरी जिले में 4 किमी लंबाई के भखारा बाईपास के लिए 14 करोड़ 94 लाख रुपए तथा 1.50 किमी लंबाई के नारी बायपास मार्ग के लिए 7 करोड़ 97 लाख रुपए मंजूर किए हैं। बलौदाबाजार में लटुवा, पनगांव होते हुए 15 किमी लंबे बलौदाबाजार बायपास सड़क के लिए 88 करोड़ 68 लाख रुपए एवं 7 किमी लंबे रिसदा बायपास मार्ग के लिए 20 करोड़ 99 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है।लोक निर्माण विभाग ने बिलासपुर में 13.40 किमी कोनी-मोपका फोरलेन बायपास मार्ग के लिए 82 करोड़ 80 लाख रुपए तथा बेमेतरा जिले में 1.20 किमी कांक्रीटीकृत छिरहा बायपास सड़क के लिए 2 करोड़ 89 लाख रुपए की भी मंजूरी दी है। “राज्य शासन शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में निर्बाध, तेज और सुरक्षित यातायात उपलब्ध कराने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। ट्रैफिक का दबाव कम करने बायपास सड़कों, पुलों और ओवरब्रिजों का निर्माण प्राथमिकता से किया जा रहा है। इससे आवागमन और अधिक स्मूथ, तेज एवं व्यवस्थित होगा। हम प्रदेश के समग्र विकास के लिए आधुनिक और मजबूत सड़क अधोसंरचना लगातार विकसित कर रहे हैं।”- श्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री










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