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- -विश्व स्तनपान सप्ताह के दौरान माताओं और गर्भवती महिलाओं को दी गई स्तनपान और पोषण की महत्वपूर्ण जानकारीरायपुर। माँ और शिशु के बेहतर स्वास्थ्य तथा कुपोषण की रोकथाम के उद्देश्य से विश्व स्तनपान सप्ताह के अंतर्गत बीजापुर के सांस्कृतिक भवन में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत यह कार्यक्रम संयुक्त रूप से आयोजित किया। इसमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 280 माताओं और गर्भवती महिलाओं ने भाग लिया।कार्यक्रम में बीजापुर के बीएमओ डॉ. चेलापति राव और डॉ. पटेल ने माताओं को स्तनपान के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि शिशु के जन्म के पहले एक घंटे के भीतर माँ का पहला गाढ़ा पीला दूध (कोलोस्ट्रम) अवश्य पिलाना चाहिए। यह शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और उसे कई संक्रमणों से बचाता है। उन्होंने यह भी बताया कि जन्म से छह माह तक शिशु को केवल माँ का दूध ही दिया जाना चाहिए। इस दौरान पानी, घुट्टी या अन्य खाद्य पदार्थ देने की जरूरत नहीं होती। छह माह के बाद पूरक आहार शुरू किया जा सकता है, लेकिन स्तनपान जारी रखना चाहिए।विशेषज्ञों ने बताया कि स्तनपान से शिशु के शारीरिक और मानसिक विकास में मदद मिलती है। इससे संक्रमण का खतरा कम होता है और बच्चा स्वस्थ रहता है। वहीं माँ के लिए भी स्तनपान प्रसव के बाद स्वास्थ्य सुधार में लाभकारी होता है। माताओं को शिशु को सही तरीके से स्तनपान कराने की जानकारी दी गई और जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से सलाह लेने के लिए प्रेरित किया गया।कार्यक्रम में गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को संतुलित और पौष्टिक भोजन लेने की सलाह दी गई। हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, मौसमी फल, दूध और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को भोजन में शामिल करने पर जोर दिया गया। साथ ही चिकित्सकीय सलाह के अनुसार आयरन-फोलिक एसिड की गोलियों का नियमित सेवन करने की भी जानकारी दी गई।कार्यक्रम के दौरान माताओं ने स्तनपान से जुड़े कई सवाल पूछे और अपने अनुभव साझा किए। एक गर्भवती महिला ने कहा कि अब उन्हें समझ आया है कि माँ का दूध बच्चे के स्वस्थ भविष्य की सबसे मजबूत नींव है और यह संदेश हर परिवार तक पहुंचना चाहिए।विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत आयोजित इस कार्यक्रम शिशु मृत्यु दर में कमी लाने, कुपोषण रोकने और सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि जिले की हर माँ तक स्तनपान और पोषण से जुड़ी सही जानकारी पहुंचे, ताकि हर बच्चे को जीवन की शुरुआत से ही बेहतर पोषण और स्वस्थ भविष्य मिल सके।
- -छत्तीसगढ़ से अयोध्या तक आस्था का सेतु, अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए रामलला के दर्शन-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में प्रदेशवासियों को मिल रहा प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि के दर्शन का अवसररायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेशवासियों की धार्मिक आस्था और भावनाओं को सम्मान देते हुए संचालित रामलला दर्शन योजना प्रदेश के श्रद्धालुओं को प्रभु श्रीराम की पावन जन्मभूमि अयोध्या धाम से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है। योजना के अंतर्गत अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु रामलला के दर्शन कर चुके हैं। इसी क्रम में आज राजनांदगांव से रामलला दर्शन विशेष ट्रेन श्रद्धालुओं को लेकर अयोध्या धाम के लिए रवाना हुई। इस अवसर पर स्टेशन परिसर जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में योजना के माध्यम से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ प्रदेश के श्रद्धालुओं को देश के प्रमुख तीर्थस्थलों से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। विशेष ट्रेनों के माध्यम से समूह में तीर्थयात्रा की सुविधा मिलने से श्रद्धालुओं के लिए अयोध्या धाम की यात्रा अधिक सहज, व्यवस्थित और सुविधाजनक बन रही है।50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए रामलला के दर्शनरामलला दर्शन योजना के तहत अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम पहुंचकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। यह उपलब्धि प्रदेशवासियों की रामलला के प्रति गहरी आस्था के साथ ही योजना की व्यापक स्वीकार्यता को दर्शाती है। विशेष ट्रेनों के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जिलों के श्रद्धालुओं को एक साथ अयोध्या धाम की यात्रा का अवसर मिल रहा है।योजना के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों के श्रद्धालुओं के लिए भी अयोध्या धाम की यात्रा सुलभ हुई है। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए संबंधित विभागों एवं संस्थाओं द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं, जिससे वे सहजता और श्रद्धाभाव के साथ अपनी तीर्थयात्रा पूरी कर सकें।राजनांदगांव रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, श्रम कल्याण आयोग के अध्यक्ष श्री योगेश दत्त मिश्रा, महापौर राजनांदगांव श्री मधुसूदन यादव, राजगामी संपदा न्यास की अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा साहू एवं अन्य जन प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर विशेष ट्रेन को अयोध्या धाम के लिए रवाना किया।इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों ने तीर्थयात्रियों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि रामलला दर्शन योजना श्रद्धालुओं को प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि के दर्शन का अवसर उपलब्ध कराने वाली महत्वपूर्ण पहल है।विशेष ट्रेन के रवाना होने के अवसर पर राजनांदगांव रेलवे स्टेशन पर उत्सव जैसा वातावरण रहा। बड़ी संख्या में परिजन अपने प्रियजनों को विदा करने स्टेशन पहुंचे। भजन-कीर्तन और जय श्रीराम के जयघोष के बीच श्रद्धालुओं ने अयोध्या धाम की यात्रा शुरू की।अयोध्या जा रहे श्रद्धालुओं ने कहा कि प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि पहुंचकर रामलला के दर्शन करना उनके लिए अत्यंत भावनात्मक और आध्यात्मिक अनुभव होगा। उन्होंने इस यात्रा को सुलभ बनाने के लिए राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। अयोध्या धाम के लिए रवाना विशेष ट्रेन के दुर्ग स्टेशन पहुंचने पर भी तीर्थयात्रियों का आत्मीय एवं उत्साहपूर्ण स्वागत किया गया। यहां दुर्ग ग्रामीण के विधायक श्री ललित चंद्राकर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारे, दुर्ग जनपद पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती कुलेश्वरी देवांगन, जिला प्रशासन के अधिकारी, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड एवं आईआरसीटीसी के प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने तीर्थयात्रियों से मुलाकात कर उन्हें यात्रा की शुभकामनाएं दीं तथा व्यवस्थाओं की जानकारी ली। स्वागत के दौरान दुर्ग रेलवे स्टेशन पर भी जय श्रीराम के जयघोष से धार्मिक उत्साह का वातावरण बना रहा।nरामलला दर्शन योजना प्रदेश में धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। अयोध्या धाम की यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि के दर्शन के साथ वहां के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को करीब से जानने का अवसर मिलता है।छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति और धार्मिक परंपराओं में भगवान श्रीराम के प्रति गहरी आस्था रही है। वनवास काल से छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक संबंधों को अयोध्या से जोड़ने वाली यह यात्रा प्रदेशवासियों के लिए विशेष भावनात्मक महत्व रखती है। योजना के माध्यम से यह सांस्कृतिक जुड़ाव और अधिक मजबूत हो रहा है।50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं द्वारा रामलला के दर्शन किया जाना इस पहल की व्यापक पहुंच और जनआस्था से इसके गहरे जुड़ाव को दर्शाता है। वहीं योजना के माध्यम से धार्मिक यात्रा को सुविधाजनक और व्यवस्थित स्वरूप मिलने से प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को भी नई दिशा मिल रही है।राजनांदगांव से विशेष ट्रेन के रवाना होने और दुर्ग स्टेशन पर तीर्थयात्रियों के स्वागत के दौरान जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड एवं आईआरसीटीसी के प्रतिनिधियों ने श्रद्धालुओं का उत्साहवर्धन किया। जय श्रीराम के जयघोष के बीच अयोध्या धाम की ओर रवाना हुए श्रद्धालुओं के चेहरों पर प्रसन्नता, मन में रामलला के दर्शन की उमंग और हृदय में प्रभु श्रीराम के प्रति अटूट श्रद्धा स्पष्ट दिखाई दी।
- -स्वतंत्रता दिवस पर सरईटोला के कलाकार देंगे गुट्टा मांदर नृत्य की प्रस्तुति-राष्ट्रीय मंच पर दिखेगी छत्तीसगढ़ की समृद्ध आदिवासी लोकसंस्कृतिरायपुर ।15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश की राजधानी नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में छत्तीसगढ़ की समृद्ध आदिवासी लोककला, संस्कृति और परंपराओं के लिए यह गौरव का क्षण है। छत्तीसगढ के जिले के नगरी विकासखंड की पारंपरिक लोककला की अनूठी छटा देखने को मिलेगी। ग्राम सरईटोला (गुडरापार) का सुप्रसिद्ध ‘जय गढ़िया बाबा आदिवासी लोक मांदरी नृत्य दल’ राष्ट्रपति भवन में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक गुट्टा मांदर नृत्य की रंगारंग प्रस्तुति देगा।यह अवसर न केवल छत्तीसगढ सहित धमतरी जिले के लिए गौरव का विषय है। देश के ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित मंच पर जिले के ग्रामीण अंचल के कलाकारों को अपनी कला प्रस्तुत करने का अवसर मिलना प्रदेश की लोक परंपराओं की राष्ट्रीय पहचान को और मजबूत करेगा। सरईटोला का यह लोक नृत्य दल अपनी विशिष्ट गढ़वा नृत्य शैली, गुट्टा मांदर की ऊर्जावान प्रस्तुति, पारंपरिक वेशभूषा और लोक वाद्यों के लिए जाना जाता है। दल के कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ के आदिवासी समाज के लोकजीवन, परंपराओं, उत्सवों और सामुदायिक संस्कृति की जीवंत झलक प्रस्तुत करते हैं। मांदर की थाप, पारंपरिक गीत और सामूहिक नृत्य की लय इस कला को विशिष्ट पहचान प्रदान करती है। नृत्य की एक विशेष पहचान कलाकारों की रंग-बिरंगी पारंपरिक छत्तीसगढ़ी वेशभूषा भी है। पारंपरिक परिधान, आभूषण और साज-सज्जा नृत्य की सांस्कृतिक गरिमा को और बढ़ाते हैं। यह लोकनृत्य केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि लोकजीवन, सामुदायिक एकता और परंपराओं का संवाहक है। फसल कटाई, उत्सवों, मेलों तथा विभिन्न सामाजिक-सांस्कृतिक अवसरों पर इसका विशेष आयोजन किया जाता है। नागपुर सांस्कृतिक भवन द्वारा विशेष चयन।दल के सचिव श्री रूपराय नेताम ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि सांस्कृतिक भवन, नागपुर द्वारा दल की उत्कृष्ट प्रस्तुति और पारंपरिक कला की विशिष्टता को देखते हुए राष्ट्रपति भवन में स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए चयन किया गया है। उन्होंने कहा कि देश के सर्वाेच्च संवैधानिक संस्थान में छत्तीसगढ़ की लोककला प्रस्तुत करना दल के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण अनुभव है। कलाकार इस अवसर के लिए विशेष रूप से उत्साहित हैं और अपनी श्रेष्ठ प्रस्तुति देने की तैयारी कर रहे हैं। राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस प्रतिष्ठित समारोह में प्रस्तुति देने के लिए सरईटोला के श्री रतन लाल निषाद, श्री सुरेंद्र सोरी, श्री हेमंत सोरी, कु. सुलोचना सोरी और कु. मधु नेताम नई दिल्ली रवाना होंगे।ग्रामीण अंचल से निकलकर राष्ट्रीय राजधानी के प्रतिष्ठित मंच तक पहुंचने वाले इन कलाकारों की उपलब्धि यह संदेश भी देती है कि छत्तीसगढ़ की लोककला और जनजातीय संस्कृति आज भी अपनी मौलिकता, जीवंतता और आकर्षण के साथ देश की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध कर रही है। राष्ट्रपति भवन में गूंजने वाली मांदर की थाप धमतरी की धरती की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय पटल पर नई ऊंचाई प्रदान करेगी ।उल्लेखनीय है कि विगत 4 अगस्त को जनदर्शन के दौरान गढ़िया बाबा आदिवासी लोक नृत्य सेवा समिति, सरईटोला के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने कलेक्टर धमतरी से सौजन्य भेंट की थी । समिति ने जानकारी दी कि उनकी टीम आगामी 15 अगस्त 2026 को देश की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित स्वतंत्रता दिवस मुख्य समारोह में धमतरी की समृद्ध आदिवासी लोक संस्कृति का प्रतिनिधित्व करते हुए लोकनृत्य की प्रस्तुति देंगे । कलेक्टर धमतरी ने पूरी टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राष्ट्रीय मंच पर जिले की लोक परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और आदिवासी कला का प्रदर्शन पूरे धमतरी के लिए गर्व और सम्मान का विषय है। यह उपलब्धि हमारी सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को अपनी लोक परंपराओं से जुड़ने की प्रेरणा भी देगी। मुझे विश्वास है कि आपकी प्रस्तुति धमतरी की सांस्कृतिक समृद्धि की एक सशक्त पहचान बनेगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि ”15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर देश के सर्वाेच्च संवैधानिक परिसर राष्ट्रपति भवन में छत्तीसगढ़ की पावन धरा और धमतरी के सरईटोला के कलाकारों द्वारा ”गुट्टा मांदर नृत्य” की प्रस्तुति दिया जाना पूरे प्रदेश के लिए अत्यंत गर्व और ऐतिहासिक क्षण है।”मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी आदिवासी लोक संस्कृति, पारंपरिक वेशभूषा और मांदर की थाप केवल कला का प्रदर्शन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के समृद्ध लोकजीवन, सामुदायिक एकता और सांस्कृतिक धरोहर की जीवंत अभिव्यक्ति है। धमतरी जिले के ग्रामीण अंचल से निकलकर राष्ट्रीय राजधानी के इतने प्रतिष्ठित मंच तक पहुंचना इस बात का प्रमाण है कि हमारी छत्तीसगढ की जनजातीय संस्कृति आज भी अपनी मौलिकता और आकर्षण से देश को प्रभावित कर रही है।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के दूरस्थ एवं आदिवासी अंचलों की आवाज को राष्ट्रीय मंच प्रदान करने के उद्देश्य से कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय (केटीयू), रायपुर और गोंडवाना विश्वविद्यालय, गढ़चिरौली के मध्य एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) करने जा रहे हैं। केटीयू के कुलपति प्रो. डॉ. मनोज दयाल और गोंडवाना विश्वविद्यालय के कुलपति के बीच हुई सौजन्य भेंट में इस एमओयू की रूपरेखा तैयार की गई, जिसका मुख्य केंद्र 'ग्रामीण एवं ग्रासरूट जनसंचार' को मजबूत करना है।इस रणनीतिक साझेदारी का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों के स्थानीय मुद्दों को राष्ट्रीय फलक पर लाना, शोध को बढ़ावा देना और दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं को मीडिया व जनसंचार क्षेत्र में नए अवसर उपलब्ध कराना है।इस साझा प्रयास के माध्यम से दोनों विश्वविद्यालय संयुक्त रूप से सेमिनार, संगोष्ठी और तकनीकी कार्यशालाओं का आयोजन ऑफलाइन, ऑनलाइन और हाइब्रिड मोड में करेंगे, ताकि छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के सुदूर ग्रामीण इलाकों के छात्र, शिक्षक एवं पत्रकार सीधे लाभान्वित हो सकें। एमओयू के तहत फैकल्टी एक्सचेंज, स्टूडेंट इंटर्नशिप, अकादमिक शोध और कम्युनिटी रेडियो के प्रभावी उपयोग से ग्रामीण संचार को एक नई दिशा दी जाएगी। आदिवासी बहुल और पहुंच-विहीन क्षेत्रों की जमीनी वास्तविकताओं व विकास की कहानियों को मीडिया के माध्यम से दुनिया के सामने लाना है।कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. मनोज दयाल ने एमओयू की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है और ग्रामीण पत्रकारिता ही देश की वास्तविक जमीनी सच्चाई को उजागर करती है। इस साझा मंच से हम ऐसे संवेदनशील और दक्ष पत्रकार तैयार करेंगे जो संवेदनशीलता के साथ ग्रामीण विकास के नए आयाम लिखेंगे।गोंडवाना विश्वविद्यालय के कुलपति ने विश्वास जताया कि दोनों प्रतिष्ठित संस्थानों का यह संयुक्त कदम आदिवासी बहुल और पिछड़े क्षेत्रों की आवाज को अधिक सशक्त और मुखर बनाएगा।
- -धान खरीदी, खाद वितरण, वित्तीय प्रबंधन और अधोसंरचना विकास की हुई समीक्षारायपुर। आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 की तैयारियों को समय से पहले अंतिम रूप देने और किसानों को निर्बाध सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित (मार्कफेड) में प्राधिकृत अधिकारी श्री शशिकांत द्विवेदी की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में धान खरीदी, खाद वितरण, वित्तीय प्रबंधन तथा शाखावार कार्यों की प्रगति का विस्तृत आकलन करते हुए लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए गए।बैठक में खरीफ वर्ष 2025-26 के अंतर्गत उपार्जित धान के निराकरण, मिलर्स द्वारा धान उठाव, भारतीय खाद्य निगम एवं नान में चावल जमा, कस्टम मिलिंग, परिवहन व्यवस्था तथा समितियों में उपलब्ध शेष धान की स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों को धान के समयबद्ध निराकरण एवं भंडारण क्षमता का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।आगामी खरीफ सीजन 2026-27 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए उपार्जन केंद्रों की अधोसंरचना, बारदाना उपलब्धता, आवश्यक उपकरण, मानव संसाधन, किसान पंजीयन, सीसीटीवी, इंटरनेट एवं विद्युत व्यवस्था को समय पर पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि धान खरीदी के दौरान किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।बैठक में उर्वरक वितरण व्यवस्था की भी विस्तृत समीक्षा की गई। यूरिया, डीएपी, एनपीके सहित अन्य उर्वरकों की उपलब्धता, समितिवार वितरण, भंडारण, स्टॉक सत्यापन, परिवहन व्यवस्था तथा आगामी सीजन की मांग के अनुरूप पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।लेखा शाखा की समीक्षा के दौरान आय-व्यय, वित्तीय स्थिति, लंबित देयकों की वसूली, भुगतान, ऑडिट आपत्तियों के निराकरण, बैंक मिलान तथा लंबित अग्रिम राशि के समायोजन की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही समितियों के लंबित प्रकरणों, शिकायतों एवं विभागीय निर्देशों के अनुपालन की भी समीक्षा कर शाखावार जिम्मेदारियां और समय-सीमा निर्धारित की गई।प्राधिकृत अधिकारी श्री शशिकांत द्विवेदी ने सभी शाखा एवं कक्ष प्रभारियों को निर्देशित किया कि लंबित कार्यों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें, व्यवसायिक गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग करें तथा आगामी समीक्षा बैठक में अद्यतन प्रगति प्रस्तुत करें।
- -जल संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता और जनभागीदारी का दिया जाएगा संदेशरायपुर। स्वतंत्रता दिवस 2026 को जांजगीर-चांपा जिले में राष्ट्रप्रेम के साथ प्रकृति एवं जल संरक्षण के संदेश से जोड़ते हुए विशेष रूप से मनाया जाएगा। शासन के निर्देशानुसार जिले की ग्राम पंचायतों में 15 अगस्त को अमृत सरोवरों के तट पर मनरेगा श्रमिकों के द्वारा स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों में पंचायत प्रतिनिधियों, ग्रामीणों, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं, युवाओं, विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।अमृत सरोवरों को जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इन सरोवरों के तट पर आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से मनरेगा श्रमिकों के माध्यम से ग्रामीणों को जल एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ ही सामुदायिक भागीदारी और सतत आजीविका गतिविधियों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। समारोह के दौरान ध्वजारोहण, तिरंगा यात्रा, अमृत सरोवर परिसर में वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान एवं श्रमदान जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही जल संरक्षण एवं पर्यावरण जागरूकता से संबंधित कार्यक्रम, देशभक्ति गीत, नुक्कड़ नाटक, निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिताएं तथा अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। इन गतिविधियों के माध्यम से स्वतंत्रता दिवस के उत्सव को जनभागीदारी और सामाजिक सरोकारों से जोड़ा जाएगा।अमृत सरोवर स्थलों पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं शहीदों के परिवार के सदस्यों अथवा पुरस्कार विजेताओं और ग्राम पंचायत के विशिष्ट नागरिकों को आमंत्रित कर सम्मानित करने की पहल भी की जाएगी। इससे नई पीढ़ी को देश की स्वतंत्रता के लिए किए गए संघर्ष और समाज के लिए उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों से प्रेरणा मिलेगी।ग्राम पंचायतों को कार्यक्रमों में अधिक से अधिक ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इन आयोजनों के माध्यम से अमृत सरोवरों को जल संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता के जीवंत केंद्र के रूप में विकसित करने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा श्रमिकों के द्वारा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रप्रेम और प्रकृति संरक्षण का संदेश व्यापक रूप से पहुंचाया जाएगा।
- -शहीदों को श्रद्धांजलि, पौधारोपण और हर घर तिरंगा अभियान का दिया संदेशरायपुर। बस्तर तिरंगा यात्रा के तहत नारायणपुर से शुरू हुई बाइक तिरंगा यात्रा आज उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और वन मंत्री श्री केदार कश्यप के नेतृत्व में बारसूर पहुंची। बारसूर में जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने यात्रा का भव्य स्वागत किया। पूरे क्षेत्र में भारत माता के जयकारों और देशभक्ति के नारों से वातावरण राष्ट्रभक्ति से भर गया। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने हाथों में तिरंगा लेकर बाइक यात्रा में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की, उनके सम्मान में पौधारोपण किया और शहीद परिवारों से मुलाकात की।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर तिरंगा यात्रा पूरे बस्तर के विकास, शांति और राष्ट्रीय एकता की यात्रा है। उन्होंने कहा कि बस्तर के युवाओं ने इस अभियान की अगुवाई की है और सभी नागरिकों को इसमें सहभागी बनना चाहिए।उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के हर घर तिरंगा अभियान के तहत प्रत्येक परिवार अपने घर पर तिरंगा अवश्य फहराए। उन्होंने बताया कि पहले कई गांवों में नक्सलवाद के डर से राष्ट्रीय पर्वों पर तिरंगा फहराने में बाधाएं आती थीं, लेकिन आज लोग गर्व के साथ अपने घरों में तिरंगा लगा रहे हैं। उन्होंने इसे बस्तर में शांति, सुरक्षा और विकास की दिशा में बड़ा परिवर्तन बताया।वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ महत्वपूर्ण सफलता मिली है। सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति, सुरक्षा बलों के साहस और बस्तर के लोगों के सहयोग से क्षेत्र में विकास और विश्वास का नया वातावरण बना है।बाइक तिरंगा यात्रा 12 अगस्त को नारायणपुर से शुरू होकर धौड़ाई, कन्हारगांव, कोडेनार, बोदली, सातधार, बारसूर और गीदम होते हुए दंतेवाड़ा पहुंचेगी।13 अगस्त को यात्रा दंतेवाड़ा से कुआकोंडा, सुकमा, जगरगुंडा, सिलगेर, टेकलगुड़ेम और आवापल्ली होते हुए बीजापुर पहुंचेगी।14 अगस्त को यात्रा बीजापुर से आवापल्ली, उसूर, गलगम, नंबी और ताड़पाला होते हुए करेगुट्टा पहाड़ी में समाप्त होगी।इस अवसर पर विधायक श्री चौतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नंदलाल मुड़ामी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री अरविंद कुंजाम, बस्तर आईजी श्री बद्रीनाथ मीणा, डीआईजी श्री कमलोचन कश्यप, पुलिस अधीक्षक श्री चंद्रमोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री एम. भार्गव, डीएफओ श्री रामकृष्ण रंगनाथा वाय, अपर कलेक्टर श्री राजेश पात्रे, अन्य अधिकारी, सुरक्षा बलों के जवान और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
- -बदलती तकनीक और हरित परिवहन की जरूरतों के अनुरूप युवाओं को मिलेगा आधुनिक एवं उद्योग-आधारित प्रशिक्षण-ऑनलाइन प्रवेश पंजीयन प्रक्रिया शुरूरायपुर /छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। नवीन शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई), जीजामगांव में सत्र 2026-27 से पहली बार मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल ट्रेड का प्रथम बैच प्रारंभ किया गया है। यह इस संस्था का भी पहला प्रशिक्षण सत्र होगा। इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते उपयोग और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में हो रहे तकनीकी बदलावों को देखते हुए यह ट्रेड युवाओं के लिए करियर की दृष्टि से बेहद अहम साबित होगा।मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल दो वर्षीय पाठ्यक्रम है। इसमें प्रशिक्षणार्थियों को इलेक्ट्रिक वाहन तकनीक के साथ-साथ बैटरी प्रबंधन प्रणाली (BMS), मोटर कंट्रोल, चार्जिंग सिस्टम, वाहन सर्विसिंग और फॉल्ट डायग्नोसिस जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक एवं उद्योग-आधारित प्रशिक्षण दिया जाएगा। वर्तमान में यह ट्रेड छत्तीसगढ़ के चुनिंदा 5 शासकीय आईटीआई संस्थानों में ही संचालित है, जिससे जीजामगांव आईटीआई में इसकी शुरुआत जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। ई-व्हीकल के बढ़ते चलन से अधिकृत सर्विस सेंटरों, ई-व्हीकल निर्माण कंपनियों, चार्जिंग स्टेशनों और बैटरी से संबंधित सेवा इकाइयों में प्रशिक्षित तकनीशियनों की मांग तेजी से बढ़ेगी। इसके अलावा, प्रशिक्षित युवा खुद का सर्विस सेंटर या तकनीकी सेवा शुरू कर स्वरोजगार भी स्थापित कर सकेंगे।जीजामगांव क्षेत्र में फॉरेस्ट पार्क, फूड पार्क सहित विभिन्न विकास एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। हाल ही में कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने नवीन आईटीआई भवन के लिए चिह्नित भूमि का निरीक्षण भी किया था। जिला धमतरी की नोडल संस्था शासकीय आईटीआई कुरूद के प्राचार्य श्री योगेश देवांगन ने विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से अपील की है कि वे इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में बढ़ती संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए इस नवीन ट्रेड में प्रवेश लें। आईटीआई में प्रवेश के लिए ऑनलाइन पंजीयन एवं चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित तिथि तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, जिसके बाद मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए शासकीय आईटीआई कुरूद से संपर्क किया जा सकता है।उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष 23 सितंबर को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ग्राम करेली बड़ी में आयोजित समारोह में जिले के लिए 83 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की घोषणा की थी, जिसमें जीजामगांव में नवीन आईटीआई की स्थापना भी शामिल थी।
- -वर्ष 2024-25 तक के सभी प्रगतिरत कार्यों को मार्च-2027 तक पूर्ण करने के दिए निर्देश, काम नहीं करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने कहा-मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता को हर महीने कार्यों की समीक्षा के निर्देश, कहा साइट देखने के बाद ही तैयार करें निर्माण कार्यों के प्राक्कलन-गुणवत्ता और समय-सीमा पर विशेष जोर, ठेकेदारों को नियमित भुगतान के निर्देशरायपुर। लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज रायपुर परिक्षेत्र के सभी संभागों में निर्माणाधीन सड़कों और भवनों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने नवा रायपुर में पीडब्लूडी मुख्यालय ‘निर्माण भवन’ में आयोजित बैठक में अधिकारियों से स्वीकृत और निर्माणाधीन कार्यों के साथ ही प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त कार्यों की निविदा प्रक्रिया की प्रगति की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने वर्ष 2024-25 तक के सभी प्रगतिरत कार्यों को 31 मार्च 2027 तक पूर्ण करने के दिए निर्देश दिए। श्री बंसल ने अधिकारियों को कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों का मूल्यांकन कर हर महीने भुगतान के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता को हर महीने कार्यपालन अभियंताओं की बैठक लेकर कार्यों की समीक्षा करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी, मुख्य अभियंता श्री पी.एम. कश्यप और श्री टी.आर. कुंजाम भी बैठक में मौजूद थे।लोक निर्माण विभाग के सचिव ने फील्ड का दौरा कर और साइट देखने के बाद ही निर्माण कार्यों के प्राक्कलन तैयार करने के निर्देश विभागीय अभियंताओं को दिए। उन्होंने ठेकेदारों से नियमित संपर्क और समन्वय बनाकर निर्धारित टाइम-लाइन के अनुसार कार्यों की प्रगति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने टाइम-लाइन के मुताबिक समय पर काम नहीं करने वाले, लापरवाही बरतने वाले और गुणवत्ताहीन कार्य करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने तथा आगामी निविदाओं के लिए अपात्र करने के निर्देश दिए।विभागीय सचिव ने निर्माण कार्यों में तेजी लाने और उन्हें समय-सीमा में पूरा करने सुव्यवस्थित तथा योजनाबद्ध ढंग से काम करने को कहा। उन्होंने रायपुर और नवा रायपुर में कार्यों की सहूलियत, बेहतर मॉनिटरिंग और प्रशासनिक कसावट के लिए रायपुर मंडल क्रमांक-1 के चारों संभागों को पुनर्गठित कर कार्यक्षेत्रों का नए सिरे से विभाजन करने को कहा। उन्होंने राज्य शासन के निर्देशों के अनुरूप एक ही टेबल पर तीन वर्षों से अधिक समय से काम कर रहे अधिकारियों-कर्मचारियों की सूची तैयार कर 30 सितम्बर तक नई पदस्थापना के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में लोक निर्माण विभाग के रायपुर परिक्षेत्र के सभी संभागों में अनुकंपा नियुक्ति तथा न्यायालयीन प्रकरणों की भी समीक्षा की।श्री बंसल ने पीडब्लूडी-आईएमएस (PWD-IMS) में विभाग के सभी कार्यों की एंट्री 31 अगस्त तक करने के निर्देश दिए। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2025-26 तथा 2026-27 के प्राथमिकता वाले नए कार्यों के प्राक्कलन भी 31 अगस्त तक जमा करने को कहा। उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, सेवा सेतु तथा लोक सेवा गांरटी के प्रकरणों को भी समय-सीमा में सक्रियता से निराकृत करने के निर्देश दिए। उन्होंने जनसुविधा और नागरिकों की आवश्यकता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अगले पांच वर्षों में सड़कों की जरूरत का आकलन कर प्रस्ताव तैयार करने को कहा।लोक निर्माण विभाग के सचिव ने निर्माण कार्यों के लिए निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद तत्काल अनुबंध कर कार्यादेश जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने निविदा में कार्यपूर्णता के लिए उपयुक्त समय-सीमा के निर्धारण के लिए एसओपी तैयार करने के निर्देश प्रमुख अभियंता को दिए। उन्होंने वर्षा ऋतु, पोल शिफ्टिंग, पाइपलाइन शिफ्टिंग तथा अन्य यूटिलिटीज की शिफ्टिंग की जरूरत को ध्यान में रखते हुए कार्यपूर्णता के लिए समयावधि निर्धारित करने को कहा। उन्होंने निर्माण कार्यों के पूर्ण होने के बाद तीन महीनों के भीतर फाइनल बिल तैयार करने तथा ठेकेदारों को भुगतान के लिए भी एसओपी बनाने के निर्देश प्रमुख अभियंता को दिए।श्री बंसल ने कार्यपालन अभियंताओं को विभिन्न आयोजनों के बिलों के भुगतान ठेकेदारों को तत्परता से एक महीने के भीतर करने के निर्देश दिए। उन्होंने चालू मानसून सीजन में सड़कों की पेच रिपेयरिंग और गड्ढा भरने के काम तत्काल करने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों को नोटिस देकर परफॉर्मेंस गारंटी की सड़कों की भी मरम्मत तत्काल सुनिश्चित करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के अपर सचिव श्री एस.एन. श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ सड़क एवं अधोसंरचना विकास निगम के अतिरिक्त प्रबंध संचालक श्री शशांक पाण्डेय, अधीक्षण अभियंता श्री वी.के. बेदिया और श्री सुरेश भूपल तथा रायपुर परिक्षेत्र के सभी 9 संभागों के कार्यपालन अभियंता और अनुविभागीय अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।
- -'आजादी की धुन' में इतिहास का गौरव, वर्तमान का कर्तव्य और भविष्य का संकल्प : मुख्यमंत्री श्री साय-मुख्यमंत्री श्री साय संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित ‘आजादी की धुन’ समारोह में हुए शामिल-100 युवा कलाकारों की एक साथ लाइव बैंड प्रस्तुति बनी आकर्षण का केंद्र, देशभक्ति के गीतों ने बांधा समांरायपुर। राजधानी रायपुर की शाम आज देशभक्ति के सुरों से गूंज उठी। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में संस्कृति विभाग के सहयोग से आयोजित ‘आजादी की धुन’ समारोह में प्रदेश के अलग-अलग अंचलों से आए 100 युवा कलाकारों ने विभिन्न वाद्ययंत्रों के साथ एक साथ लाइव बैंड प्रस्तुति देकर देशभक्ति का अनुपम वातावरण निर्मित किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय समारोह में शामिल हुए और युवा कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। स्वतंत्रता दिवस से पूर्व आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में देशभक्ति के गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को राष्ट्रप्रेम के भाव से सराबोर कर दिया।मुख्यमंत्री श्री साय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ‘आजादी की धुन’ देशभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाने और स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, तपस्या एवं बलिदान को स्मरण करने का सुनहरा अवसर है। 'आजादी की धुन’ हमें इतिहास के गौरव का स्मरण, वर्तमान के कर्तव्यों का बोध और उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का संकल्प दिलाती है। छत्तीसगढ़ में पहली बार 100 युवा कलाकारों द्वारा एक साथ अलग-अलग वाद्ययंत्रों पर देशभक्ति की धुनों की प्रस्तुति अपने आप में अनूठा प्रयास है। उन्होंने इस अभिनव आयोजन के लिए संस्कृति विभाग और सभी कलाकारों को बधाई दी।मुख्यमंत्री ने कहा कि संगीत में भावनाओं को जागृत करने और लोगों को एक सूत्र में जोड़ने की अद्भुत शक्ति होती है। भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में भी गीतों, कविताओं और नारों ने देशवासियों के भीतर स्वाधीनता की चेतना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। देशभक्ति के गीतों ने कठिन से कठिन परिस्थितियों में हमारे क्रांतिकारियों और सेनानियों का मनोबल बढ़ाया तथा करोड़ों भारतीयों को स्वतंत्रता के लक्ष्य के लिए एकजुट किया। आज भी जब देशभक्ति की धुनें सुनाई देती हैं, तो मन में राष्ट्र के प्रति गर्व और समर्पण का भाव स्वतः जागृत हो उठता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानियों का स्मरण करते हुए कहा कि देश की स्वतंत्रता हमें असंख्य बलिदानों के बाद प्राप्त हुई है। अनेक क्रांतिकारियों ने मातृभूमि के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए, हजारों सेनानियों ने कारावास की कठोर यातनाएं सहीं और लाखों देशवासियों ने अपना सर्वस्व राष्ट्र को समर्पित कर दिया। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, सरदार वल्लभभाई पटेल, वीर सावरकर, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित असंख्य राष्ट्रनायकों और स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष ने स्वतंत्र भारत की नींव रखी। आज हम स्वतंत्र वातावरण में अपने सपनों को साकार कर पा रहे हैं, तो इसके पीछे हमारे पूर्वजों की तपस्या, संघर्ष और बलिदान है।उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता हमारे लिए केवल अधिकारों का उत्सव नहीं है, बल्कि राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों और दायित्वों को निभाने का संकल्प भी है। हमें यह सदैव स्मरण रखना चाहिए कि करोड़ों देशवासियों के संघर्ष से प्राप्त इस बहुमूल्य आजादी की रक्षा करना, लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत बनाना और राष्ट्र को निरंतर प्रगति के पथ पर आगे ले जाना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ के गौरवशाली योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की धरती ने भी अनेक वीर सपूतों को जन्म दिया, जिन्होंने अन्याय और अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष किया। अमर शहीद वीर नारायण सिंह ने गरीबों और जरूरतमंदों के अधिकारों के लिए ब्रिटिश शासन को चुनौती दी और मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। बस्तर के जननायक वीर गुण्डाधुर ने भूमकाल आंदोलन का नेतृत्व कर अंग्रेजी शासन के विरुद्ध आदिवासी समाज की आवाज बुलंद की। ऐसे महान सेनानियों का शौर्य और बलिदान छत्तीसगढ़ की गौरवशाली विरासत है।मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आजादी की धुन’ जैसे आयोजन विशेष रूप से युवा पीढ़ी को स्वतंत्रता के संघर्ष और उसके मूल्यों से जोड़ते हैं। नई पीढ़ी को यह जानना आवश्यक है कि जिस स्वतंत्र भारत में वे आज अपने सपनों को उड़ान दे रहे हैं, उसके पीछे कितने ही ज्ञात-अज्ञात सेनानियों का संघर्ष और त्याग है। स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने वर्ष 2047 में स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प देश के सामने रखा है। यह संकल्प केवल सरकार का नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों का सामूहिक संकल्प है। इसे साकार करने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर युवाओं को अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और सामर्थ्य के साथ आगे आना होगा।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी ‘विकसित भारत’ के निर्माण में ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि विकास की रोशनी प्रदेश के प्रत्येक गांव, प्रत्येक परिवार और प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचे तथा छत्तीसगढ़ अपनी सामर्थ्य और संभावनाओं के अनुरूप देश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने समारोह में शामिल कलाकारों एवं युवाओं को हरेली पर्व की शुभकामनाएं देते हुए स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम बधाई दी। उन्होंने कहा कि आजादी का यह उत्सव हमें अपने गौरवशाली अतीत का स्मरण कराने के साथ ही उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का संकल्प लेने की प्रेरणा देता है।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला, स्काउट-गाइड के चेयरमैन श्री इंद्रजीत सिंह खालसा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, कलाकार और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।
- ड्रोन दीदियों ने ड्रोन की पूजा कर लगाया गुड़-चीले का भोगबालोद । छत्तीसगढ़ के पावन पर्व हरेली पर इस बार बालोद जिले में लोक-संस्कृति और आधुनिक तकनीक का एक बेहद खूबसूरत और अनूठा नजारा देखने को मिला। सावन अमावस्या के अवसर पर जहां एक ओर किसानों ने अपने पारंपरिक कृषि औजारों हल, नांगर, कुदाली और फावड़े की पूजा कर अच्छी फसल की कामना की, वहीं जिले की ड्रोन दीदियों ने आधुनिक कृषि यंत्र ड्रोन का धूप-दीप से पूजन कर उस पर पारंपरिक गुड़-चीला और नारियल चढ़ाकर हरेली तिहार को एक नया आयाम दिया।शासन की ड्रोन दीदी योजना के तहत प्रशिक्षित जिले की तीन ड्रोन दीदियों श्रीमती भुनेश्वरी साहू, श्रीमती चित्ररेखा साहू और सुश्री रूचि साहू ने पारंपरिक त्यौहार को आधुनिकता से जोड़कर कृषि क्षेत्र में आ रहे बदलाव को नई पहचान दी है। ड्रोन दीदी भुनेश्वरी साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ी संस्कृति हमें कृषि यंत्रों का सम्मान करना सिखाती है। आज के दौर में ड्रोन भी किसानों का एक आधुनिक साथी और यंत्र बन चुका है, जो फसलों में नैनो उर्वरक और दवाइयों का छिड़काव मिनटों में कर देता है। चित्ररेखा साहू ने बताया कि ड्रोन तकनीक ने खेती को आसान बना दिया है। इस हरेली पर उन्होंने जिले के अधिक से अधिक किसानों को इस आधुनिक तकनीक से जोड़ने का संकल्प लिया है। सुश्री रूचि साहू ने कहा कि उनका सपना है कि बालोद के हर खेत तक ड्रोन पहुंचे, जिससे किसानों की लागत घटे, फसल उत्पादन दोगुना हो और जीवन सुगम बने। ड्रोन दीदियों ने इस नवाचार का श्रेय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के विशेष प्रयासों को दिया। उन्होंने कहा कि इस योजना ने महिलाओं को न केवल आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाया है, बल्कि उनमें आत्मबल भी भरा है। अपनी आय और जीवन में आए सकारात्मक बदलाव के लिए आभार जताते हुए ड्रोन दीदियों ने प्रधानमंत्री जी और मुख्यमंत्री जी को हरेली तिहार की शुभकामनाएं प्रेषित की है।
- -उत्पादक समूह से मिला गुणवत्तापूर्ण धान बीज, लाइन विधि और तकनीकी मार्गदर्शन से खेती को मिल रही नई दिशारायपुर / छत्तीसगढ़ शासन की राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ ग्रामीण महिलाओं को संगठित कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को कृषि, पशुपालन एवं अन्य आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के साथ-साथ कृषि आदान, गुणवत्तापूर्ण बीज, तकनीकी मार्गदर्शन और बाजार से जुड़ाव उपलब्ध कराया जा रहा है। इसका सकारात्मक परिणाम अब ग्रामीण महिलाओं की आय और आत्मविश्वास में दिखाई दे रहा है।सरगुजा जिले के झूमरपारा की श्रीमती शकुंतला राजवाड़े इसकी प्रेरक मिसाल हैं। गायत्री स्व-सहायता समूह से जुड़कर वे कृषि गतिविधियों को नई तकनीक और बेहतर प्रबंधन के साथ आगे बढ़ा रही हैं। उत्पादक समूह के माध्यम से उन्हें बाजार मूल्य की तुलना में कम लागत पर धान बीज उपलब्ध हुआ, जिसका उपयोग उन्होंने एक एकड़ खेत में किया है।शकुंतला राजवाड़े बताती हैं कि उत्पादक समूह के माध्यम से उन्हें 20 रुपये से कम की दर पर धान बीज प्राप्त हुआ। इससे खेती की प्रारंभिक लागत कम हुई और गुणवत्तापूर्ण बीज की उपलब्धता सुनिश्चित हुई। कृषि सखी एवं पशु सखी के मार्गदर्शन से उन्होंने खेती में नई पद्धतियों को अपनाते हुए उत्पादन और आय बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।शकुंतला ने एक एकड़ क्षेत्र में धान की खेती के लिए लाइन विधि अपनाई है। इस पद्धति से खेत में फसल का बेहतर प्रबंधन, पौधों की उचित दूरी और कृषि कार्यों को व्यवस्थित तरीके से करने में सुविधा मिल रही है। उनका कहना है कि नई कृषि पद्धतियों और तकनीकी मार्गदर्शन से खेती को अधिक लाभकारी बनाने का अवसर मिला है।अम्बिकापुर विकासखंड में बिहान के अंतर्गत 25 गांवों की 19 ग्राम पंचायतों के 505 स्व-सहायता समूहों से 5,540 परिवार जुड़े हुए हैं। स्व-सहायता समूहों को केवल बचत और ऋण तक सीमित न रखते हुए उन्हें आयवर्धक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 16 उत्पादक समूह गठित किए गए हैं, जिनसे लगभग 300 सदस्य सक्रिय रूप से जुड़े हैं।इसी क्रम में 22 उत्पादक समूहों ने एफपीसी के माध्यम से धान बीज का व्यवसाय किया। इन समूहों ने किसानों की मांग के अनुसार धान बीज की खरीद, भंडारण और बिक्री की व्यवस्था की। इससे किसानों को उचित दर पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध हुआ, वहीं महिला समूहों को कृषि आधारित व्यवसाय और बाजार से सीधे जुड़ने का अवसर मिला।कृषि सखी और पशु सखी के माध्यम से महिलाओं को आधुनिक एवं बेहतर कृषि पद्धतियों की जानकारी दी जा रही है। शकुंतला राजवाड़े भी इसी मार्गदर्शन का लाभ लेकर अपनी खेती को व्यवस्थित कर रही हैं। उनका कहना है कि बिहान से जुड़ने के बाद उनके सामने आजीविका के नए अवसर खुले हैं। पहले वे घर तक सीमित थीं, लेकिन समूह से जुड़ने के बाद कृषि गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने और स्वयं निर्णय लेने का आत्मविश्वास बढ़ा है।बिहान से जुड़कर शकुंतला राजवाड़े ने न केवल अपनी कृषि गतिविधियों को मजबूत किया, बल्कि आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में भी आगे बढ़ी हैं। वे ‘लखपति दीदी’ अभियान से जुड़ी हैं और इस उपलब्धि को अपने लिए गर्व का विषय मानती हैं। अब वे अन्य ग्रामीण महिलाओं को भी स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर कृषि एवं अन्य आजीविका गतिविधियों को अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं।शकुंतला राजवाड़े ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने वाली इस पहल के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बिहान ने ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनने और समाज में अपनी नई पहचान बनाने का अवसर दिया है। प्रदेश में बिहान के माध्यम से स्व-सहायता समूहों को कृषि, पशुपालन, लघु उद्यम और अन्य आयवर्धक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहा है। शकुंतला राजवाड़े जैसी महिलाएं इस बदलाव की प्रेरक बनकर अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता की राह आसान कर रही हैं।
- -प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर का पलटवार : कांग्रेस ने हमेशा आदिवासियों को शोषित और वंचित रखने का काम किया; भाजपा ने देश को दिया आदिवासी राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री; आदिवासी समाज को मुख्यधारा से जोड़ारायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने दो टूक कहा है कि तथाकथित 'विश्व आदिवासी दिवस' एक विदेशी अवधारणा है, इसका भारत के जनजातीय समाज से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा से भारत की अपनी माटी के वीर सपूतों को नमन करने और उनके सम्मान में दिवस मनाने की परम्परा में विश्वास रखती है।श्री ठाकुर ने कांग्रेस पार्टी पर आदिवासी समाज की उपेक्षा और उनके वीर सपूतों के अपमान का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा भगवान बिरसा मुण्डा, शहीद वीर नारायण सिंह, शहीद गेंद सिंह नायक और वीर गुण्डाधुर जैसे महान देशभक्तों को नमन करती आई है। स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी समाज के इन वीर सपूतों का योगदान अतुलनीय रहा है, लेकिन दशकों तक सत्ता में रही कांग्रेस ने केवल गांधी परिवार के महिमामण्डन के चक्कर में इन महान शहीदों के बलिदान को इतिहास के पन्नों से दूर रखा। कांग्रेस की मानसिकता हमेशा आदिवासी समाज के स्वर्णिम इतिहास को दबाने की रही है। श्री ठाकुर ने कांग्रेस की सोच पर प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस कभी नहीं चाहती थी कि आदिवासी समाज के लोग शिक्षित हों या आगे बढ़ें। कांग्रेस की नीति हमेशा आदिवासी समाज को मुख्यधारा से काट कर उनके नाम पर केवल राजनीतिक रोटी सेंकने की रही है। कांग्रेस ने आदिवासी भाइयों-बहनों को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया और उन्हें विकास के मूलभूत अधिकारों से वंचित रखा।भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री ठाकुर ने कहा कि इसके विपरीत, भाजपा ने आदिवासी समाज के सशक्तीकरण के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। भाजपा सरकार ने आदिवासी युवाओं को शिक्षित कर उन्हें डॉक्टर, इंजीनियर, कलेक्टर, और एसपी बनाने का मार्ग प्रशस्त किया। भाजपा ने आदिवासी समाज को न केवल प्रशासनिक और सामाजिक मुख्यधारा से जोड़ा, बल्कि उन्हें देश का सर्वोच्च राजनीतिक सम्मान भी दिया। भाजपा ने सर्वसमावेशी सोच का परिचय देते हुए देश को श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के रूप में पहली बार आदिवासी समाज से राष्ट्रपति देने का ऐतिहासिक कार्य किया। भाजपा ने देश के राज्यों में आदिवासी समाज के योग्य नेताओं को मुख्यमंत्री बनाकर नेतृत्व की कमान सौंपी। श्री ठाकुर ने कहा कि आदिवासी समाज अब जागृत हो चुका है। वह जान चुका है कि कौन उनका सच्चा हितैषी है और किसने उन्हें सिर्फ राजनीतिक इस्तेमाल के लिए अंधेरे में रखा? भाजपा आगे भी आदिवासी समाज के मान-सम्मान, उनकी संस्कृति और उनके सर्वांगीण विकास के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करती रहेगी। श्री ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अनेक नवाचारों के द्वारा हमारे गौरव की पुनर्स्थापना का कार्य किया है। जनजातीय गौरव दिवस सच्चे अर्थों में जनजातीय अस्मिता और गौरव का प्रतीक है।
- बालोद ।कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी के मार्गदर्शन में जिला मुख्यालय बालोद स्थित स्व. सरयु प्रसाद अग्रवाल स्टेडियम में 13 अगस्त को सुबह 8.30 बजे राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस समारोह के सफल एवं गरिमामय आयोजन सुनिश्चित करने हेतु अंतिम अभ्यास का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर संबंधित अधिकारियों को निर्धारित तिथि एवं समय में उपस्थित होने को कहा गया है।
- -हर घर तिरंगा अभियान के तहत जिलेभर में तिरंगा रैली, शहीद जवानों के परिजनों को तिरंगा भेंट कर किया सम्मानरायपुर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हर घर तिरंगा अभियान के तहत बीजापुर जिले में देशभक्ति से ओतप्रोत कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिला मुख्यालय और सभी ब्लॉक मुख्यालयों में भव्य तिरंगा रैली निकाली गई। रैली में स्कूली बच्चों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने उत्साह के साथ भाग लिया। “भारत माता की जय” और देशभक्ति के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।बीजापुर जिला लंबे समय तक माओवाद से प्रभावित रहा है। 31 मार्च 2026 को जिले के नक्सल मुक्त होने के बाद यह पहला स्वतंत्रता दिवस है, इसलिए इस बार का उत्सव जिले के लिए विशेष महत्व रखता है।जिले को नक्सलवाद से मुक्त कराने के दौरान शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए संबंधित क्षेत्रों के एसडीएम और अन्य अधिकारी उनके घर पहुंचे। अधिकारियों ने शहीद जवानों के परिजनों से मुलाकात की, उन्हें तिरंगा भेंट किया और उनके साहस व बलिदान को नमन किया स अधिकारियों ने कहा कि देश की रक्षा के लिए जवानों का बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा। उनका साहस और समर्पण आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा और देशभक्ति की प्रेरणा देता रहेगा। जिलेभर में निकली तिरंगा रैली में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों ने हाथों में तिरंगा लेकर हिस्सा लिया। रैली के दौरान बच्चों और नागरिकों ने राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और गर्व की भावना व्यक्त की। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने जिलेवासियों से अपने-अपने घरों में तिरंगा फहराने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस को राष्ट्रीय एकता, गौरव और देशभक्ति की भावना के साथ मनाएं। हर घर तिरंगा अभियान का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक तक तिरंगे के सम्मान और राष्ट्रप्रेम का संदेश पहुंचाना है।बीजापुर में इस वर्ष का स्वतंत्रता दिवस केवल आजादी का उत्सव नहीं, बल्कि शांति की स्थापना और देश के लिए अपना सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करने का भी महत्वपूर्ण अवसर है।
- दुर्ग / स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर आम नागरिकों में देशभक्ति और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान जागृत करने के उद्देश्य से जिले में 9 अगस्त से 17 अगस्त 2026 तक 'हर घर तिरंगा' अभियान का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ शासन, संस्कृति विभाग से प्राप्त निर्देशों के परिपालन में तथा राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में दुर्ग शहर में एक भव्य 'तिरंगा यात्रा' निकाली जाएगी। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में इस भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन 13 अगस्त 2026 को दोपहर 2:00 बजे से किया जाएगा। यह यात्रा शासकीय झाडूराम देवांगन विद्यालय (हिन्दी भवन के सामने) मैदान से प्रारंभ होकर इंदिरा मार्केट रोड होते हुए शहीद चौक, दुर्ग तक जाएगी। प्राप्त जानकारी अनुसार, इस कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन और जनसामान्य की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां की गई हैं। अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक भारतीय नागरिक को अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने और वंदे मातरम गायन के प्रति प्रेरित करना है, जिससे आमजनों में राष्ट्रप्रेम की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। जिला प्रशासन द्वारा इस आयोजन को गरिमामय एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने हेतु जिला स्तर पर विभिन्न दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
- -बोरी क्षेत्र में 15 दुकानदारों पर हुई चालानी कार्रवाई, 2150 रु. का जुर्माना भी वसूलादुर्ग । खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग तथा पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा बोरी थाना क्षेत्र में कोटपा अधिनियम 2003 के तहत बड़ी चालानी कार्रवाई की गई है। उक्त कार्रवाई कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार विगत 11 अगस्त 2026 को संचालित की गई। कार्रवाई के दौरान विद्यालयों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध संबंधी कानूनी प्रावधानों का कड़ाई से निरीक्षण किया गया। इसके तहत शासकीय हिंदी मीडियम पीएम श्री स्कूल बोरी, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला पथरिया तथा शासकीय हाई स्कूल अंजोरा ढाबा (तहसील धमधा) के समीप तंबाकू उत्पाद बेचने वाले दुकानदारों के विरुद्ध कोटपा अधिनियम 2003 की धारा 4 एवं 6 के तहत कार्रवाई की गई। टीम ने कुल 15 दुकानदारों पर चालान बनाते हुए 2,150 रुपये का अर्थदंड अधोरोपित किया।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने दुकानदारों को 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को तंबाकू उत्पाद बेचने तथा सार्वजनिक स्थानों पर तंबाकू सेवन पर लगे प्रतिबंध की जानकारी दी। साथ ही तंबाकू सेवन से स्वास्थ्य पर होने वाले जानलेवा दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए तंबाकू-मुक्त समाज के निर्माण में सहयोग की अपील की। इस विशेष कार्रवाई में खाद्य एवं औषधि प्रशासन से सहायक औषधि नियंत्रक श्री संजय सिंह झड़ेकार, औषधि निरीक्षक जागेश्वरी साहू तथा पुलिस विभाग से आरक्षक मोहम्मद समीम, जितेंद्र धीवर और प्रशांत साहू उपस्थित रहे।
- दुर्ग / खरीफ सीजन 2026 को ध्यान में रखते हुए किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार कृषि विभाग के जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल द्वारा सतत निगरानी की जा रही है। निरीक्षण दल एवं उर्वरक निरीक्षक द्वारा 13 जून 2026 और 16 जून 2026 को मैसर्स विद्या कृषि केन्द्र बोरी का आकस्मिक निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान दुकान में कई अनियमिताओं जैसे उर्वरकों के दर एवं पॉस अनुसार स्कंध का सही उल्लेख न होना, कैश/क्रेडिट मेमो जारी न करना, बिना अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) में प्रविष्ट उर्वरक का भण्डारण, जांच में सहयोग न करना, भौतिक स्टॉक व पॉस स्टॉक में अंतर तथा जांच दल की कार्यवाही में बाधा पहुंचाना पाया गया। जिस हेतु विक्रय क्रेन्द्र को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए जप्ती की कार्यवाही की गई। संबंधित प्रतिष्ठान द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण के उपरांत यह पाया गया कि निरीक्षण तिथि में नियम विरुद्ध उर्वरकों का भण्डारण व विक्रय किया जा रहा था, जो उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985, के खण्ड 4, 5, 8(3), 28(4), उर्वरक (संचलन नियंत्रण) आदेश 1973 खण्ड 3(ए), व डीबीटी पद फर्टीलाइजर तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 का स्पष्ट उल्लंघन है। आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 6(ए)(1) के तहत रसायनिक खाद 514 बोरी, जैविक खाद 311 बोरी एवं जैव उत्प्रेरक 1.8 कि.ग्रा. जब्ती कर राजसात करते हुए संबंधित प्रतिष्ठान के उर्वरक प्राधिकार पत्र (लाइसेंस) को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है।कृषि विभाग के उप संचालक श्री संदीप भोई ने बताया गया कि किसानों को खाद/कीटनाशक की किल्लत पैदा करने वाले, कालाबाजारी करने वाले या बिना वैध दस्तावेजों के अमानक उर्वरक/कीटनाशक औषधि विक्रय करने वाले कृषि केन्द्रों पर उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 एवं कीटनाशक अधिनियम 1968 के तहत कड़ी कार्यवाही की जाएगी। साथ ही सभी उर्वरक/कीटनाशक विक्रेताओं एवं समितियों को निर्देशित किया है कि किसानों को निर्धारित दर पर ही कृषि आदान सामग्री उपलब्ध कराएं तथा अधिक मूल्य वसूली की स्थिति में संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। विभाग द्वारा खरीफ सीजन में उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की सतत निगरानी की जा रही है। किसान भाई किसी भी प्रकार की कृषि आदान सामग्री वितरण में अनियमितता पाये जाने पर इसकी शिकायत नजदीकी कृषि विभाग के कार्यालय में कर सकते हैं।
- - दुर्ग विधानसभा में निकाली गई तिरंगा यात्रा में उमड़ा राष्ट्रभक्ति का जनसैलाबदुर्ग / दुर्ग विधानसभा के विभिन्न क्षेत्रों में आज आयोजित भव्य तिरंगा यात्रा में कैबिनेट मंत्री एवं दुर्ग शहर विधायक श्री गजेन्द्र यादव शामिल हुए। उन्होंने तिरंगा यात्रा में सहभागी बनकर राष्ट्रभक्ति के इस उत्सव का हिस्सा बने।तिरंगा यात्रा के दौरान हाथों में लहराता तिरंगा, हृदय में भारत माता के प्रति सम्मान और कदमों में राष्ट्रसेवा का संकल्प नजर आया। यात्रा में बड़ी संख्या में युवा एवं नागरिक उत्साहपूर्वक शामिल हुए। पूरे मार्ग में देशभक्ति का वातावरण बना रहा और भारत माता के जयकारों से माहौल गुंजायमान रहा।तिरंगा यात्रा में युवाओं ने विजयी विश्व तिरंगा प्यारा, झंडा ऊंचा रहे हमारा जैसे राष्ट्रभक्ति के जयकारों के साथ तिरंगे के प्रति अपना सम्मान और देश के प्रति समर्पण व्यक्त किये। तिरंगा यात्रा ने देश की एकता, अखंडता और गौरव का जीवंत संदेश दिया।कैबिनेट मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि तिरंगा केवल हमारा राष्ट्रीय ध्वज नहीं, बल्कि भारत की गौरवशाली विरासत, बलिदान, एकता और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक है। देश की स्वतंत्रता और अखंडता के लिए असंख्य वीरों ने अपना सर्वस्व न्योछावर किया है। आज हमारा दायित्व है कि हम उनके बलिदान को स्मरण करते हुए राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।मंत्री श्री यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश निरंतर विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है। हमें तिरंगे की आन-बान-शान को सर्वाेच्च रखते हुए राष्ट्र की एकता, अखंडता और संप्रभुता को और मजबूत बनाने का संकल्प लेना चाहिए।मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि तिरंगा यात्रा का उद्देश्य केवल राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान प्रकट करना नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के मन में राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यबोध और देशसेवा की भावना को और मजबूत करना है। आज युवाओं में जिस तरह राष्ट्रभक्ति का उत्साह देखने को मिला, वह विकसित और सशक्त भारत के निर्माण की मजबूत नींव है।उन्होंने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे राष्ट्रहित को सर्वाेपरि रखते हुए देश की प्रगति में अपना योगदान दें और एक भारत, श्रेष्ठ भारत के संकल्प को साकार करने में सहभागी बनें।
- -तिरंगा दौड़ एवं मैराथन, भारत विभाजन विभीषिका दिवस, तिरंगा बाइक रैली और तिरंगा यात्रा का होगा आयोजनबिलासपुर / हर घर तिरंगा अभियान एवं स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 14 अगस्त को बिलासपुर में देशभक्ति से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। जिला प्रशासन द्वारा नागरिकों में राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना को और मजबूत करने के उद्देश्य से दिनभर विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुबह 7.30 बजे तिरंगा दौड़ एवं मैराथन का आयोजन नेहरू चौक से पंडित लाल बहादुर शास्त्री स्कूल तक किया जाएगा। इसके पश्चात सुबह 8.30 बजे भारत विभाजन विभीषिका दिवस कार्यक्रम पंडित देवकीनंदन दीक्षित सभागार में आयोजित होगा। इसी क्रम में सुबह 11 बजे सीएमडी चौक से तिरंगा बाइक रैली निकाली जाएगी। दोपहर 3 बजे मिनी स्टेडियम दयालबंद से रिवर व्यू तक तिरंगा यात्रा आयोजित होगी। शाम 6 बजे रिवर व्यू में वंदेमातरम् बैंड की प्रस्तुति दी जाएगी। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने जिलेवासियों से इन सभी आयोजनों में उत्साहपूर्वक सहभागिता करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान राष्ट्रीय गौरव और देशभक्ति की भावना से जुड़ा अभियान है। उन्होंने नागरिकों से अभियान में सक्रिय सहभागिता कर स्वतंत्रता दिवस के आयोजनों को सफल बनाने का आह्वान किया है। file photo
- -गौमाता और कृषि औजारों की पूजा-अर्चना कर अच्छी फसल व खुशहाली का कामना कीरायपुर। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज छत्तीसगढ़ के पहले त्योहार हरेली पारंपरिक तरीके से पूजा-पाठ कर मनाई। उन्होंने नवा रायपुर स्थित अपने शासकीय निवास मे गौमाता एवं कृषि औजारों नांगर, गैती, कुदारी इत्यादि की विधिवत पूजा-अर्चना की। घर के प्रवेश द्वार पर आरोग्य और हरियाली के प्रतीक नीम की डाली लगाई। उन्होंने हरेली पर ईश्वर से प्रदेश में अच्छी बारिश, खुशहाली और खेतों में लहलहाती फसल की कामना की।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने प्रदेशवासियों को हरेली की बधाई देते हुए कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की माटी, खेती-किसानी और लोक संस्कृति से जुड़ा पर्व है। इसमें गेड़ी सहित छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं की झलक देखने को मिलती है। हरेली हमारी संस्कृति और ग्रामीण जीवन की आत्मीयता को दर्शाता है। यह पर्व प्रकृति और अन्नदाता के प्रति सम्मान का भाव भी प्रकट करता है। हमारी लोक परंपराएं और त्योहार हमारी सांस्कृतिक पहचान हैं। इनका संरक्षण और संवर्धन हम सभी की जिम्मेदारी है।
- -हर घर तिरंगा अभियान के तहत स्वतंत्रता दिवस के पूर्व रंगारंग कार्यक्रम-वंदे मातरम गीत के 150 वीं वर्षगांठ पर आयोजित हुआ कार्यक्रम-रिवर व्यू में आरपीएफ के बैंड ग्रुप ने दी अपनी प्रस्तुति,देश भक्ति गानों से सजी महफिल-जिला प्रशासन,पुलिस,नगर निगम और आरपीएफ का संयुक्त आयोजनबिलासपुर /हर घर तिरंगा अभियान के तहत स्वतंत्रता दिवस के उत्सव के उपलक्ष्य में आज रिवर व्यू में रेलवे सुरक्षा बल के बैंड ग्रुप की प्रस्तुति ने सबका मन मोह लिया। एसके पाॅल की अगुवाई में बैंड ग्रुप ने देश भक्ति गीतों की धुन पर इंस्ट्रूमेंट के ज़रिए अपनी प्रस्तुति दी। कार्यक्रम की शुरूआत वंदे मातरम गीत से की गई,उसके बाद दिल दिया है, जान भी देंगे ऐ वतन तेरे लिए,ऐ मेरे वतन के लोगों जैसे गीतों से समा बांधा गया। देशभक्ति से सराबोर इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।कार्यक्रम में महापौर श्रीमती पूजा विधानी ने कहा कि यह तिरंगा हमें उन स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानी और संघर्ष की याद दिलाता है, जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।आजादी हमारे लिए केवल अधिकार नहीं, बल्कि वीर शहीदों के बलिदान से मिली एक अनमोल विरासत है।आइए, तिरंगे का सम्मान करते हुए देश की एकता, अखंडता और गौरव को बनाए रखने का संकल्प लें,हम अपने छोटे छोटे प्रयासों से अपने शहर और राष्ट्र के विकास में योगदान दे सकते हैं और राष्ट्र सेवा कर सकते हैं,स्वच्छता के प्रति खुद भी और दूसरों जागरूक कर शहर को साफ रखने में अपने कर्तव्य निभाना भी राष्ट्र सेवा है, पानी के बचाव और सदुपयोग भी राष्ट्र सेवा है। जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें उन वीर स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान का स्मरण कराता है, जिनके संघर्ष से हमें आजादी मिली।आज हम जिस स्वतंत्र और लोकतांत्रिक भारत में सांस ले रहे हैं, उसके पीछे अनगिनत वीरों की कुर्बानी है।हर घर तिरंगा अभियान हमें अपने राष्ट्र और तिरंगे के प्रति सम्मान एवं जिम्मेदारी का संदेश देता है। आइए, स्वतंत्रता के महत्व को समझते हुए राष्ट्रहित में अपना योगदान देने का संकल्प लें। नगर निगमसभापति श्री विनोद सोनी ने कहा कि तिरंगा देश की शान है,असंख्य कुर्बानियों के बाद आजादी मिली है,हर घर में तिरंगा शान से लहराना चाहिए,वीर जवानों की शहादत को कभी नहीं भुलाया जा सकता,देश ॠणी है उन सभी क्रांतिकारियों का सेनानियों का।कार्यक्रम में मौजूद एसएसपी श्री रजनेश सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमारी आजादी अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष, साहस और बलिदान से प्राप्त हुई है, जिसे सदैव याद रखना हमारा कर्तव्य है। तिरंगा उन वीर शहीदों के सपनों और देश की एकता एवं अखंडता का प्रतीक है।हर घर तिरंगा अभियान हमें आजादी के महत्व को समझने और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने की प्रेरणा देता है। हमारी आज की पीढ़ी आने वाले कल का भविष्य है,इसलिए इस यह पीढ़ी देश के महापुरुषों को अपना आदर्श मानकर उनसे प्रेरणा लें, सच्चाई के रास्ते पर चलें, मेहनत और लगन से अपना कैरियर बनाएं,कानून का पालन करें और नशे से दूर रहकर देश के विकास में अपनी सहभागिता दें। जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल ने कहा कि आजादी हमारे देश के वीर सपूतों के लंबे संघर्ष, त्याग और बलिदान का परिणाम है, इसलिए स्वतंत्रता दिवस हमारे लिए गौरव का पर्व है। स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानी हमें देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की प्रेरणा देती है।हर घर तिरंगा अभियान इसी राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम है। आइए, तिरंगे के सम्मान के साथ जिम्मेदार नागरिक बनकर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें। आज के कार्यक्रम में एसडीएम श्री मनीष साहू, नगर निगम के अपर आयुक्त श्री खजांची कुम्हार,आरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट श्री सैयद निहाल अधिकारी- कर्मचारी,नागरिक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहें।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई, IIT भिलाई एवं केंद्रीय भूजल बोर्ड (CGWB) के संयुक्त सहयोग से “जल रक्षा भिलाई” एकीकृत जल संरक्षण एवं प्रबंधन पहल को प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में प्रथम समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य भिलाई में विज्ञान एवं तकनीक आधारित जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण, शहरी जल निकासी व्यवस्था, जलभराव की रोकथाम तथा जल गुणवत्ता में सुधार के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करना है।बैठक में निगम क्षेत्र में ग्रीष्म ऋतु के दौरान जल की कम उपलब्धता, वर्षा ऋतु में जलभराव, पेयजल में सीवेज के पानी के मिश्रण जैसी गंभीर समस्याओं तथा जल के पुनः उपयोग की कम दर पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में बोरवेल रिचार्ज शाफ्ट के तत्काल निर्माण तथा संबंधित प्राक्कलनों के आदान-प्रदान के बाद आवश्यक स्वीकृति की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने पर जोर दिया गया।परियोजना के अंतर्गत जी आई एस एवं आधुनिक तकनीकों के माध्यम से भिलाई के प्राकृतिक जल निकासी तंत्र की पहचान, जलभराव की रोकथाम के लिए कम लागत वाले वैज्ञानिक समाधान, सीवेज एवं जलापूर्ति लाइनों का अध्ययन तथा समस्या-ग्रस्त क्षेत्रों की पहचान की जाएगी। इसके साथ ही जी आई एस आधारित भूजल मानचित्रण कर अधिकतम भूजल पुनर्भरण क्षमता वाले क्षेत्रों में कम लागत की संरचनाओं के निर्माण के उपाय सुझाए जाएंगे।बैठक में सतही जल पर निर्भरता बढ़ाने, रासायनिक प्रदूषण से प्रभावित क्षेत्रों की पहचान एवं वैज्ञानिक उपचार, मौजूदा रूफटॉप रेनवॉटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं में आवश्यक सुधार, प्रशिक्षण एवं हैंड-होल्डिंग सहायता तथा परियोजना से संबंधित समस्त आवश्यक दस्तावेजीकरण पर भी चर्चा की गई।“जल रक्षा भिलाई” के अंतर्गत तैयार की जाने वाली कार्ययोजना को समयबद्ध रूप से लागू करने पर विशेष बल दिया गया। लक्ष्य रखा गया है कि आवश्यक जल संरक्षण एवं पुनर्भरण संरचनाओं का निर्माण वर्ष 2027-28 के मानसून से पूर्व पूर्ण कर लिया जाए। इसके लिए डी पी आर तैयार करने, स्वीकृति प्रदान करने तथा निर्माण कार्य प्रारंभ करने की प्रक्रिया तत्काल शुरू की जाएगी।इस पहल का ध्येय वाक्य है—“जल रक्षा भिलाई — सतत भविष्य के लिए विज्ञान-आधारित जल सुरक्षा।”नगर पालिक निगम भिलाई, IIT भिलाई एवं CGWB के समन्वित प्रयास से यह पहल भिलाई में दीर्घकालिक जल सुरक्षा, बेहतर जल प्रबंधन और पर्यावरणीय स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
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भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र में निवासरत 50 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को हरेली त्यौहार के अवसर पर श्री रामलला दर्शन के लिए अयोध्या धाम रवाना किया गया। इस अवसर पर निगम मुख्य कार्यालय परिसर से तीर्थयात्रियों को तिलक लगाकर सम्मान के साथ रवाना किया गया। इसके बाद निगम के वाहन से सभी श्रद्धालुओं को दुर्ग रेलवे स्टेशन पहुंचाया गया।
श्री रामलला दर्शन के लिए अयोध्या धाम रवाना होने वाले सात तीर्थयात्रियों में अलका ताम्रकार, बेन कुमार, मंतराम यादव, थनेन्द्र कुमार साहू, लक्ष्मी साहू, गणेश सोनी एवं प्रीति लता सोनी शामिल हैं। वरिष्ठ नागरिकों में अयोध्या धाम जाकर भगवान श्री रामलला के दर्शन को लेकर उत्साह और खुशी का माहौल रहा। निगम परिसर में विदाई के दौरान श्रद्धालुओं के माथे पर तिलक लगाया गया तथा आरती कर उनकी मंगलमय एवं सुखद यात्रा की कामना की गई। निगम द्वारा सभी तीर्थयात्रियों को आवश्यक सहयोग प्रदान करते हुए उन्हें सुरक्षित रूप से दुर्ग रेलवे स्टेशन तक पहुंचाया गया, जहां से वे अयोध्या धाम के लिए रवाना हुए।हरेली पर्व के अवसर पर आयोजित यह तीर्थयात्रा वरिष्ठ नागरिकों के लिए धार्मिक आस्था और उत्साह से जुड़ा विशेष अवसर रहा। तीर्थयात्रियों ने अयोध्या धाम में श्री रामलला के दर्शन को लेकर प्रसन्नता व्यक्त की। - -‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत शहीद परिवार का किया सम्मान, राष्ट्रभक्ति और एकता का दिया संदेशरायपुर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बीजापुर जिले में चलाए जा रहे ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत एसडीएम श्री जागेश्वर कौशल ने एक शहीद के घर पहुंचकर तिरंगा भेंट किया और उनकी शहादत को श्रद्धापूर्वक नमन किया। एसडीएम श्री कौशल ने शहीद के परिजनों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। उन्होंने राष्ट्र की रक्षा के लिए शहीद द्वारा दिए गए सर्वाेच्च बलिदान को याद करते हुए परिवार के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वीर जवानों का त्याग, समर्पण और बलिदान पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है।शहीद के घर तिरंगा भेंट कर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के माध्यम से राष्ट्रभक्ति, एकता और राष्ट्रीय गौरव की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने भी तिरंगे के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए अभियान में सक्रिय भागीदारी का संकल्प लिया।जिला प्रशासन ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिलेवासियों से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में शामिल होने, अपने घरों में राष्ट्रीय ध्वज फहराने और देश की आजादी के लिए अपना सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन करने की अपील की है।
















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