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- -कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने छात्रों का किया उत्साहवर्धनबिलासपुर /शैक्षणिक सत्र 2024-25 में बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पीएम श्री स्कूलों के मेधावी छात्रों को राज्य से बाहर शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत दिल्ली एवं आगरा के विभिन्न पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया गया। भ्रमण के बाद छात्रों ने कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल से भेंट कर अपने अनुभव साझा किए। श्री अग्रवाल ने छात्रों का उत्साह बढ़ाते हुए उन्हें आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। छात्रों ने इस अनुभव को यादगार बताया।बिलासपुर जिले से चयनित छात्रों में पीएमश्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कन्या सरकंडा की छात्रा दिव्या साहू, चकरभाठा से हर्षवर्धन साहू, डी.के.पी. कोटा से दियांशु टंडन, तखतपुर से विनायक दुबे एवं मस्तूरी ब्लॉक से दिव्यांशी शामिल रहे। इस 5 दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण में 5 शिक्षकों ने भी सहभागिता की। विद्यार्थियों को विश्व के सात अजूबों में से एक ताजमहल स का भ्रमण कराया गया, जहां गाइड द्वारा इसके निर्माण इतिहास और संरक्षण की जानकारी दी गई। इसके साथ ही धार्मिक नगरी वृंदावन के विभिन्न मंदिरों के दर्शन कराए गए। नई दिल्ली में छात्रों ने राज घाट, लाल किला,प्रधानमंत्री संग्रहालय, राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र, इंडिया गेट और राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का भ्रमण कर इन केंद्रों की ऐतिहासिक जानकारी प्राप्त की। साथ ही छात्रों को राष्ट्रपति भवन के आंतरिक भागोंकृअशोका हॉल, दरबार हॉल, बैंक्वेट हॉल, म्यूजियम, जनजातीय संग्रहालय एवं अमृत उद्यान का भी अवलोकन कराया गया। भ्रमण के अंतिम दिन छात्रों को मेट्रो ट्रेन की सवारी कराकर आधुनिक भारत की झलक दिखाई गई।भ्रमण के बाद छात्रों ने कलेक्टर संजय अग्रवाल से मिलकर अपने अनुभव साझा किए। कलेक्टर ने छात्रों की पारिवारिक पृष्ठभूमि की जाकारी की और छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें मेहनत और लगन से आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि अपने जीवन में भटकाव न आने दें और लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़े और अपने परिवार देश का नाम रोशन करें। छात्रों ने इस यात्रा को बेहद ज्ञानवर्धक और मनोरंजक बताया। छात्रों ने बताया कि उनके माता पिता भी बेहद खुश हैं कि उन्हें शासन द्वारा इस तरह पुरस्कृत किया गया जो उनके लिए जीवन भर के लिए अविस्मरणीय है। छात्रों ने इस कार्यक्रम के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताया। शिक्षकों के दल में शामिल डॉक्टर शोभा तिवारी ने बताया कि पांच दिनों की इस यात्रा में बच्चों ने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों का अवलोकन किया, जो उनके लिए बेहद ज्ञानवर्धक और मनोरंजक रहा। भ्रमण कार्यक्रम जिला मिशन समन्वयक श्री ओम पांडे के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस अवसर पर एपीसी श्री अमित श्रीवास्तव सहित भ्रमण कार्यक्रम में शामिल शिक्षक मौजूद रहे।
- -माता दुर्गा, मंकिनम्मा और राजराजेश्वरी का विशेष रूप से श्रृंगार कर आरती की गईटी सहदेवभिलाई नगर। सेक्टर 07 स्थित माताधाम मंदिर में मंगलवार को मां मंकिनम्मा जनकल्याण सेवासमिति के तत्वावधान में महिलाओं ने अखंड सुहाग और संतानों की दीर्घायु के लिए सुबह कुमकुम पूजा की। इससे पहले पंडित साईं प्रसाद शर्मा के नेतृत्व में माताओं दुर्गा, मंकिनम्मा और राजराजेश्वरी का विशेष रूप से श्रृंगार कर आरती की गई। उसके बाद मुख्य कलश को पूजा स्थल पर दुर्गा माता के समक्ष स्थापित कर घट पूजा की गई। घट पूजा के दौरान पंडित ने माता दुर्गा की षोडशोपचार पूजा कर श्री दुर्गा अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्र का पठन किया। जिसमें देवी भगवती के 108 नामों का पाठ किया गया, ऐसी मान्यता है कि इस स्तोत्र के श्रवण से देवी भगवती उस व्यक्ति पर प्रसन्न हो जाती हैं और उसका कल्याण करती हैं।सनातन विधि से कुमकुम पूजाकुमकुम पूजा के लिए महिलाओं ने श्रद्धाभाव से पूजा की थाली में अक्षत, कलश और उसके ऊपर श्रीफल, कुमकुम और हल्दी से निर्मित भगवान गणेश की प्रतीकात्मक प्रतिमा रखकर माता से अखंड सुहाग तथा संतानों की दीर्घायु की कामना की। हिंदू मान्यता के अनुसार पूजा के अलावा मांगलिक कार्यों में भी कुमकुम का विशेष महत्व है। इसलिए पूजा की थाली में यह सबसे जरूरी सामग्रियों में से एक है। इसका लाल रंग प्रेम, उत्साह, उमंग, साहस और शौर्य का प्रतीक है, साथ ही साथ पति-पत्नी के बीच प्रेम का संचार भी करता है। इसलिए सुहागिनें थाली में कुमकुम रखना नहीं भूलतीं।नवमी को ज्योत जवारा विसर्जनकुमकुम पूजा के उपरांत दोपहर को महिलाओं ने भोग ग्रहण किया। शाम को पुनः आरती की गई और उसके बाद प्रसाद वितरण किया गया। सेवासमिति के अध्यक्ष नीलम चन्ना केशवलु ने बाकी दिनों के कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार को सुबह हर दिन की तरह माताओं का श्रृंगार कर पूजा अर्चना की जाएगी और शाम को माताओं को छप्पन भोग लगाया जाएगा। अष्टमी को सुबह नित्य की भांति पूजा और शाम को महा आरती जाएगी। अंतिम दिन सुबह रामनवमी पूजा होगी तथा दोपहर को कन्या पूजन के बाद कन्या भोग होगा और संध्या को ज्योत जवारा विसर्जन होगा।
- -उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने 10 समूहों को सौंपी मैजिक वाहन की चाबी, परिवहन व्यवसाय में महिलाओं की एंट्री-महिला समूहों के रोजगार की दिशा में कबीरधाम जिले में नवाचारी पहलरायपुर। कबीरधाम जिले में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अभिनव और प्रेरणादायक पहल सामने आई है, जहां अब तक पुरुष प्रधान माने जाने वाले परिवहन व्यवसाय में महिलाओं की भागीदारी का नया अध्याय शुरू हुआ है। इस अवसर पर स्व सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने जब स्टीयरिंग संभाली तो उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा भी उनके पैसेंजर बन गए। पहले परिवहन व्यवसाय केवल पुरूष प्रधान कार्य माना जाता था, जिस मिथक को तोड़ अब समूह की महिलाएं स्टेयरिग थामकर आजीविका का सशक्त साधन तैयार करने के साथ ग्रामीण परिवहन व्यवस्था को भी नई गति देने जा रही हैं।सरस मेले के शुभारंभ के अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने जिले की 10 महिला समूहों को 'आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस' योजना के तहत सीएलएफ मैजिक वाहन वितरित किए। इस दौरान उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि इन वाहनों का वितरण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रत्येक वाहन की लागत लगभग 7.50 लाख रुपये है, जिसमें से 5 लाख रुपये केंद्र सरकार द्वारा अनुदान के रूप में दिए गए हैं। शेष राशि का प्रबंधन संबंधित समूहों द्वारा किया गया है, जिससे महिलाओं में आत्मनिर्भरता और जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होगी।उन्होंने कहा कि अब स्व सहायता समूह की महिलाएं अपने क्षेत्रों में यात्रियों को परिवहन सुविधा उपलब्ध कराकर आय का स्रोत विकसित करेंगी। विशेष रूप से दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में यह पहल आमजन के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी, जहां अब तक परिवहन की कमी एक बड़ी समस्या रही है। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि यह पहल केवल शुरुआत है। यदि महिलाएं इस अवसर का पूरी लगन और समर्पण से उपयोग करें, तो वे “लखपति दीदी” बनने के लक्ष्य को भी प्राप्त कर सकती हैं। यह योजना महिलाओं की आय में वृद्धि के साथ-साथ उन्हें आत्मसम्मान और समाज में नई पहचान दिलाने का माध्यम बनेगी।वाहन संचालन के लिए महिलाओं को ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान से ट्रेनिंग दी गई है। यह वाहन 10 अलग अलग संकुल के महिला समूहों 10 विभिन्न ग्रामीण रूट पर संचालन हेतु प्रदान किया गया है। इस पहल के तहत महिला समूह की सदस्य अब टाटा मैजिक वाहन संचालित कर परिवहन व्यवसाय से जुड़ेंगी। यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ सामाजिक स्तर पर उनकी भूमिका को भी सशक्त करेगा। योजना के तहत ये महिलाएं जिले के वनांचल एवं मैदानी क्षेत्रों में, जहां आवागमन के साधन सीमित हैं, वहां यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराने का कार्य करेंगी। इससे न केवल दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में परिवहन सुविधा सुलभ होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
- -जिला मजिस्ट्रेट और रायपुर एसएसपी को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगीरायपुर।राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में एक निजी अस्पताल में 17 मार्च 2026 को सेप्टिक टैंक की सफाई करते समय जहरीली गैस से तीन सफाई कर्मचारियों की मृत्यु होने की मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया है। रिपोर्ट के अुनसार मृतकों के परिजनों ने आरोप लगाया है कि न तो अस्पताल प्रबंधन और न ही निजी ठेकेदार ने उन्हें सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए थे।मानवाधिकार आयोग ने कहा कि समाचार रिपोर्ट सही है, तो यह जान गंवाने वाले लोगों के मानवाधिकार के गंभीर उल्लंघन का मुद्दा है। आयोग ने इस सिलसिले में जिला मजिस्ट्रेट और रायपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट में जांच की मौजूदा स्थिति बताने को भी कहा गया है।
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मरवाही। गौरैला पेंड्रा मरवाही जिले में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संविदा के रिक्त पदों पर भर्ती हेतु 8 अप्रैल तक आवेदन पत्र आमंत्रित किया गया है। विकासखण्ड परियोजना प्रबंधक के दो पद और क्षेत्रीय समन्वयक एवं लेखापाल के एक-एक पद पर संविदा भर्ती हेतु विज्ञापन जारी किया गया है। भर्ती हेतु आवेदन पत्र का प्रारुप एवं नियम निर्देश जिले की वेबसाइट www.gaurela-pendra-marwahi.cg.gov.in पर उपलब्ध है।
- रायपुर। मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की अपेक्स कमेटी की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की गतिविधियों, वित्तीय वर्ष 2025-26 की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति, वित्तीय वर्ष 2026-27 के एक्शन प्लान, स्वच्छता के लिए नवाचार तथा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) हेतु अंतर्विभागीय अभिसरण पर व्यापक चर्चा हुई। बैठक में अधिकारियों को अपशिष्ट प्रबंधन अधोसंरचना के तहत गांवों में कम्पोस्ट पिट, सोखता गडड्ा और प्लास्टिक कचरा प्रबंधन के लिए ठोस कार्यवाही सुनिश्चित करने कहा गया है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत ग्रामों की स्वच्छता के कार्यों की सर्टिफिकेशन ग्राम सभा द्वारा कराया जाना चाहिए।मुख्य सचिव ने भारत स्वच्छ मिशन के अंतर्गत राज्य के सभी ग्रामों में स्वच्छता के कार्यों को नियमित रूप से मॉनिटरिंग कराने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए है। गांवों के हाट-बाजारों में सामूहिक शौचालय का उपयोग एवं स्वच्छता के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इसी तरह से आवश्यकतानुसार सामूहिक शौचालय की उपयोगिता एवं रखरखाव सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक स्थलों पर करीब 14 हजार 279 सामुदायिक शौचालयोें का निर्माण किया जा चुका है। इसी तरह से वर्ष 2026-27 में 2014 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट के सुचारू संचालन हेतु आवश्यक कार्ययोजना के निर्माण के संबंध में व्यापक विचार-विमर्श किया गया।मुख्य सचिव ने इस हेतु देश के अन्य राज्यों के सफल प्लास्टिक वेस्ट मैंनेजमेंट के मॉडल को अपनाने की बात कही। अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ में प्लास्टिक वेस्ट से सशक्त सड़कों के निर्माण करने की अभिनव एवं सतत् पहल की जा रही है। राज्य के बस्तर, महासमुंद, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में प्लास्टिक मिक्स डामर रोड निर्माण किए जा रहे हैं। रोड निर्माण में करीब 3000 किलोग्राम से अधिक प्लास्टिक का उपयोग किया गया है। राज्य में ग्राम पंचायत स्तर पर स्वच्छता, जल प्रबंधन एवं प्रशासनिक व्यवस्था की मॉनिटरिंग एवं मूल्यांकन करने हेतु स्वच्छ पंचायत पोर्टल की शुरूआत की गई है। ग्राम पंचायत सरपंच द्वारा ग्राम की स्वच्छता, जल आपूर्ति एवं प्रशासन की ऑनलाइन प्रविष्टि की जा रही है। सभी ग्रामों की ब्लॉक स्तर, जिला स्तर एवं राज्य स्तर पर रैंकिंग की जाएगी। इसके लिए सभी ग्रामों की ऑनलाईन एंट्री का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, मिशन संचालक राज्य स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) श्री अश्वनी देवांगन सहित स्कूल शिक्षा, वित्त, जनसम्पर्क, आवास एवं पर्यावरण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, महिला एवं बाल विकास, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, यूनिसेफ के अधिकारी सहित अन्य विभागीय अधिकारी शामिल हुए।
- रायपुर ।राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहां लोकभवन में छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने सौजन्य भेंट की।
- -यह प्रणाली 16 विभागों की 136 से अधिक सेवाओं को जोड़ती हैरायपुर / वन क्लिक सिंगल विंडो (OneClick) एक एकीकृत डिजिटल पोर्टल है, जो निवेशकों को छत्तीसगढ़ में व्यवसाय स्थापित करने के लिए आवश्यक सभी अनुमतियां, मंजूरी, भूमि आवंटन और ऑनलाइन भुगतान की सुविधा एक ही जगह प्रदान करता है। यह प्रणाली 16 विभागों की 136 से अधिक सेवाओं को जोड़ती है, जिससे समय की बचत होती है, पारदर्शिता बढ़ती है और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business) को बढ़ावा मिलता है।उद्योग विभाग से पाप्त जानकारी के अनुसार वन क्लिक सिंगल विंडोका मूल विचार सरल है विभाग के साथ काम करने वाले सभी लोगों के लिए प्रक्रिया को आसान बनाना। चाहे आप एक स्थापित व्यवसाय हों, संभावित निवेशक हों, स्टार्टअप हों या निर्यातक हों, अब आपको सब कुछ एक ही स्थान पर मिलेगा। अनुमोदन के लिए वन क्लिक सिंगल विंडो से लेकर सब्सिडी कैलकुलेटर के साथ प्रोत्साहन का अनुमान लगाने तक, प्रक्रिया अब अधिक पारदर्शी और कुशल है।छत्तीसगढ़ के व्यापार को आसान बनाएं के व्यापक वादे के तहत, वनक्लिक राज्य का नया सिंगल-विंडो पोर्टल है जो व्यापारिक वातावरण में गति, सरलता और पारदर्शिता लाता है। अनुमोदन और मंजूरी से लेकर बिल भुगतान, भूमि आवंटन और अनुपालन तक - एक उद्यमी या निवेशक को जो कुछ भी चाहिए, वह अब सिर्फ एक क्लिक दूर है।वनक्लिक नाम सहज, यादगार है और पोर्टल के मूल कार्य को स्पष्ट रूप से दर्शाता है एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सुगमता और दक्षता प्रदान करना। टैगलाइन - सीजी इसे आसान बनाता है - शासन को एक सहज अनुभव में बदलने के लिए छत्तीसगढ़ की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जहां उद्यमी कागजी कार्रवाई में कम समय और महत्वपूर्ण कार्यों के निर्माण में अधिक समय व्यतीत करते हैं।
- कांकेर। प्रदेश में गर्मी की अधिकता के कारण बच्चों के स्वास्थ्य को दृष्टिगत रखते हुए ग्रीष्मकाल की अवधि में आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन के समय में परिवर्तन किया गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग ने बताया कि आगामी 01 अप्रैल से 30 जून तक जिले के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों के संचालन की समयावधि 6 घण्टे से घटाकर 4 घण्टे की गई है। समयावधि में उक्त परिवर्तन करने पर आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन प्रातः 07 से 11 बजे तक किया जाएगा। ग्रीष्मकाल समाप्ति के उपरांत 01 जुलाई से पुनः आंगनबाड़ी केन्द्रों का संचालन सुबह 9.30 से अपराह्न 3.30 बजे तक 6 घण्टे के लिए किया जाएगा।
- -टीबी उन्मूलन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को किया गया सम्मानितमहासमुंद / राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत जिले में कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार विश्व क्षय दिवस के अवसर पर टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत 100 दिवसीय निक्षय निरामय अभियान (द्वितीय चरण) का विधिवत शुभारंभ किया गया। साथ ही जिले में टीबी जांच को और अधिक सुलभ बनाने के लिए हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन का उद्घाटन भी किया गया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेवर राव, जिला क्षय उन्मूलन अधिकारी डॉ. विकास चन्द्राकर एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक (एनएचएम) श्रीमती नीलू धृतलहरे उपस्थित रहे। जिला मुख्यालय के साथ-साथ सभी विकासखंड मुख्यालयों एवं जन आरोग्य मंदिरों में जन-जागरूकता रैली एवं शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिससे आमजन में टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके।इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ आई नागेश्वर राव ने टीबी उन्मूलन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया। प्रत्येक विकासखंड से दो मितानिन एवं दो मितानिन प्रशिक्षकों को प्रमाण पत्र, ट्रॉफी एवं उपहार देकर सम्मानित किया गया। इसी तरह जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में जिला एवं ब्लॉक स्तर पर वर्ष 2025 में टीबी मुक्त घोषित सभी 305 ग्राम पंचायतों को भी इस अवसर पर गांधीजी की प्रतिमा, स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम में श्री ओंकार पाठक कार्यक्रम सहायक, पीपीएम कोऑर्डिनेटर, श्री घनश्याम देशमुख पीएमडीटी कोऑर्डिनेटर, श्री विनय नाग (एसटीएस) एवं श्री अरविंद सिदार (एसटीएलएस) एवं अधिकारी, स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं मितानिन उपस्थित रहे।कार्यक्रम के अंतर्गत शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय महासमुंद में टीबी रोग के प्रति जागरूकता हेतु विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। इसमें टीबी रोग की जानकारी प्रदान की गई तथा पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित कर प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। सभी प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह, ट्रॉफी एवं प्रमाण पत्र वितरित किए गए।इस अवसर पर जिला क्षय उन्मूलन अधिकारी डॉ. विकास चन्द्राकर ने टीबी बीमारी, उसके लक्षण, उपचार एवं रोकथाम के बारे में विस्तार से जानकारी दी तथा जिले की उपलब्धियों को साझा किया। उन्होंने बताया कि जिले में टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान के तहत उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है। जिसमें वर्ष 2023 में 292 ग्राम पंचायत, वर्ष 2024 में 278 ग्राम पंचायत एवं वर्ष 2025 में 305 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है।
- -सड़क सुरक्षा से जुड़े निर्देशों का गंभीरता से पालन सुनिश्चित करने तथा समन्वय के साथ कार्य करने के दिए निर्देशमहासमुंद / कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशन में जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार ने आज सड़क सुरक्षा समिति की बैठक ली। बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय सीमा की बैठक के पश्चात आयोजित की गई। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने एवं आमजन में जागरूकता बढ़ाने के संबंध में संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।बैठक में सीईओ श्री नंदनवार द्वारा शिक्षा विभाग के अंतर्गत जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि वे विद्यार्थियों के माध्यम से पालकों से संपर्क स्थापित कर यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाएं, ताकि सड़क सुरक्षा के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी विकसित हो सके। श्री नंदनवार ने यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए यातायात विभाग को निर्देशित किया गया कि हेलमेट न पहनने एवं अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर ई-चालान की प्रभावी कार्यवाही हेतु आवश्यक स्थानों पर कैमरे स्थापित किए जाएं।रात्रि के समय सड़कों पर विचरण करने वाले मवेशियों से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु एनएचआई, पशुपालन विभाग, यातायात विभाग तथा नगरीय निकायों को संयुक्त रूप से अभियान चलाकर मवेशियों को सड़कों से हटाने की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट) का चिन्हांकन कर वहां आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग तथा नगरीय एवं ग्रामीण निकायों को निर्देशित किया गया। सीईओ श्री नंदनवार ने सभी संबंधित विभागों को सड़क सुरक्षा से जुड़े दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन सुनिश्चित करने तथा समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
- -राज्य के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मिलेगा बड़ा बढ़ावा- उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव-खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 गेम-चेंजर, खेलों में करियर बनाने का बड़ा मंच ओलंपियन-करीब 3,800 प्रतिभागी लेंगे हिस्सा; छत्तीसगढ़ सहित चार राज्यों के 100 से अधिक खिलाड़ी-प्रतियोगिताएं रायपुर, जगदलपुर और सरगुजा में आयोजित होंगी- कुल 106 स्वर्ण पदक दांव पररायपुर। बुधवार 25 मार्च से शुरू हो रहे पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी के लिए छत्तीसगढ़ पूरी तरह तैयार है और राज्य के उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव का मानना है कि यह “राज्य के खेल पारिस्थितिकी तंत्र को बड़ा बढ़ावा देगा।” खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री साव ने मंगलवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स भारतीय खेल इतिहास में एक “मील का पत्थर” साबित होगा।श्री साव ने बताया कि, “हमने पहले सरगुजा ओलंपिक और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन छोटे स्तर पर किए हैं। अब खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी कर हम एक बड़े मंच पर कदम रख रहे हैं, जो हमारी क्षमताओं की परीक्षा भी लेगा और उन्हें नई ऊंचाई देगा।”उन्होंने कहा, “यह छत्तीसगढ़ के लिए निस्संदेह एक ऐतिहासिक और यादगार आयोजन है। यह हमारे खेल प्रतिभा और बुनियादी ढांचे को बड़ी मजबूती देगा। साथ ही, यह राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के आयोजन का प्रत्यक्ष अनुभव भी प्रदान करेगा।”श्री साव ने बताया कि, “राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने वाले खिलाड़ियों के साथ खेलने और उन्हें देखने का अनुभव छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों के लिए बेहद समृद्ध करने वाला होगा। इसमें कोई संदेह नहीं कि यह आयोजन राज्य के खेल तंत्र और खिलाड़ियों दोनों के लिए बड़ी ताकत साबित होगा।”खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में 30 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हिस्सा लेंगे और कुल नौ खेलों का आयोजन होगा। तीरंदाजी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, तैराकी, वेटलिफ्टिंग और कुश्ती में पदक दिए जाएंगे, जबकि मल्लखंब और कबड्डी प्रदर्शन खेल के रूप में शामिल होंगे।करीब 3,800 प्रतिभागी इन खेलों में हिस्सा लेंगे, जो 3 अप्रैल तक चलेंगे। प्रतियोगिताएं रायपुर, जगदलपुर और सरगुजा में आयोजित की जाएंगी। कुल 106 स्वर्ण पदक दांव पर होंगे। एथलेटिक्स में सर्वाधिक 34 स्वर्ण पदक दिए जाएंगे। तैराकी (24), कुश्ती (18), वेटलिफ्टिंग (16) और तीरंदाजी (10) में भी दो अंकों में स्वर्ण पदक होंगे। हॉकी और फुटबॉल टीम खेल हैं, जिनका आयोजन रायपुर में होगा। एथलेटिक्स जगदलपुर में और कुश्ती सरगुजा में आयोजित की जाएगी।भारत के शीर्ष खिलाड़ी, हॉकी ओलंपियन दिलीप तिर्की, सलीमा टेटे और शीर्ष धावक अनिमेष कुजूर ने कहा, “खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स खेलों में करियर बनाने और आदिवासी समुदाय से निकले दिग्गज खिलाड़ियों से प्रेरणा लेने का एक शानदार मंच है।”हॉकी इंडिया के अध्यक्ष और पूर्व ओलंपियन दिलीप तिर्की ने साई मीडिया से कहा, “मेरे लिए और हम सभी के लिए यह गर्व की बात है कि देश में पहली बार इस तरह की चौंपियनशिप शुरू हो रही है। यह युवाओं और आदिवासी खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने और खेलों में आगे बढ़ने, तथा देश के लिए खेलने का एक बेहतरीन अवसर है। हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का विज़न है कि भारत एक खेल राष्ट्र बने। वे चाहते हैं कि हर युवा किसी न किसी खेल से जुड़ा रहे।”मेजबान राज्य छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और असम से 100 से अधिक खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। पुरुष और महिला खिलाड़ियों का अनुपात लगभग 50-50 रहेगा, जो ओलंपिक चार्टर में लैंगिक समानता के सिद्धांत के अनुरूप है।दिलीप तिर्की ने बताया कि, “केन्द्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया भी चाहते हैं कि खेलों के माध्यम से हमारे खिलाड़ी, खासकर आदिवासी खिलाड़ी, बेहतर करियर बना सकें, अपने जीवन को सुधार सकें और देश का प्रतिनिधित्व कर सकें। मैं स्वयं एक आदिवासी परिवार से आता हूं और खेलों, विशेषकर हॉकी के माध्यम से आज यहां तक पहुंचा हूं। मुझे विश्वास है कि इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी आदिवासी बच्चों का भविष्य उज्ज्वल है। पहले भी कई आदिवासी खिलाड़ियों ने देश का प्रतिनिधित्व किया है और वे हमारे समाज के प्रेरणास्रोत बने हैं।”राष्ट्रीय 100 मीटर और 200 मीटर रिकॉर्ड धावक और भारत के उभरते एथलेटिक्स स्टार अनिमेष कुजूर ने साई मीडिया से कहा, “भारत में अभी भी कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां खेल पूरी तरह नहीं पहुंचे हैं। ऐसे में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन और भी खास बन जाता है। मैं सरकार के इस प्रयास की सराहना करता हूं, जिसने देशभर के आदिवासी युवाओं को एक मंच पर लाने का काम किया है।”खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के इस उद्घाटन संस्करण में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों का चयन राष्ट्रीय खेल महासंघों द्वारा आयोजित ट्रायल्स के माध्यम से किया गया है। खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भारतीय खेल प्राधिकरण (सांई) द्वारा नियुक्त कोच नजर रखेंगे। श्री तिर्की ने कहा, “हमारे सभी आदिवासी खिलाड़ी और बच्चे खेलों के माध्यम से अपनी प्रतिभा दिखाएं, देश के लिए खेलें और अपना करियर बनाएं। प्रधानमंत्री का 2036 ओलंपिक और विकसित भारत का विज़न है कि हमारा देश एक युवा और खेल राष्ट्र बने। मुझे पूरा विश्वास है कि एक दिन हमारा देश एक सशक्त खेल राष्ट्र के रूप में उभरेगा।”
- रायपुर/नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर नगर निगम जोन 7 राजस्व विभाग की टीम के सभी राजस्व कर्मचारियों की टीम जोन 7 जोन कमिश्नर श्री अरुण ध्रुव के निर्देश पर नगर निगम जोन 7 जोन सहायक राजस्व अधिकारी श्री विजय शर्मा के मार्गनिर्देशन में जोन 7 अंतर्गत सभी 7 वार्डों के समस्त बकायादारों को मोबाइल पर फोन और मैसेज कर उन्हें नगर निगम रायपुर राजस्व विभाग को सम्पूर्ण बकाया तत्काल अदा करने लगातार नगर निगम हित में प्रेरित कर रही है और अन्यथा की स्थिति में नियमानुसार कड़ी कार्यवाही अधिनियम प्रावधान अनुसार करने की स्पष्ट चेतावनी से उन्हें अवगत करवा रही है.
- बिलासपुर/ग्रीष्म ऋतु के दौरान चलने वाली हीट वेव (लू) से बचाव के लिए राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा आमजनों के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। जारी एडवाइजरी में हीट वेव के समय आमजनों, नियोक्ता और श्रमिकों, पुलिस एवं यातायात कार्मिक एवं वरिष्ठ नागरिकों को इससे बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।लू के दौरान क्या करें और क्या न करें -जितना हो सके पर्याप्त पानी पिए, भले ही प्यास न लगी हो। मिर्गी, हृदय, गुर्दे या लीवर से संभावित रोग वाले जो तरल प्रतिबंधित आहार लेते हों, तरल पदार्थ लेने से पहले डॉक्टर से परामर्श ले। हल्के, हल्के रंग के, ढीले सूती कपडे पहने। ओआरएस घोल, घर का बना पेय लस्सी, (बोरे बासी) चावल का पानी, नीबू का पानी, छाछ, आदि का उपयोग करें। बाहर जाने से बचें। यदि बाहर जाना आवश्यक है, तो अपने सिर (कपडे/टोपी या छाता) और चेहरे को ढकें। जहा तक संभव हो किसी भी सतह को छूने से बचे।अन्य सावधानियां -जितना हो सके घर के अंदर रहे। अपने घर को ठंडा रखें-धूप से बचाव के लिए पर्दे, शटर का उपयोग करें और खिड़किया खोले। निचली मंजिलो पर बने रहने का प्रयास करे। पखो का उपयोग करें, कपड़ों को नम करें और अधिक गर्मी में ठंडे पानी में ही स्नान करें। यदि आप बीमार महसूस करते है उच्च बुखार, लगातार सिरदर्द, चक्कर आना, मतली या भटकाव, लगातार खांसी, सांस की तकलीफ है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाये। जानवरों को छाया में रखें और उन्हें पीने के लिए भरपूर पानी दे। उल्टी, सर दर्द, तेज बुखार की दशा में निकट के अस्पताल अथवा स्वास्थ्य केन्द्र से जरूरी सलाह लिया जाये।लू लगने पर किये जाने वाला प्रारंभिक उपचार -बुखार पीड़ित व्यक्ति के सर पर ठण्डे पानी की पट्टी लगायें। अधिक पानी व पेय पदार्थ पिलावे जैसे कच्चे आम का पना, जल जीरा आदि। पीड़ित व्यक्ति को पंखे के नीचे हवा में लिटा देखें। शरीर पर ठण्डे पानी का छिडकाव करते रहे। पीड़ित व्यक्ति को यथाशीघ्र किसी नजदीकी चिकित्सा केन्द्र में उपचार हेतु ले जायें। मितानिन, ए.एन.एम से ओआरएस के पैकेट हेतु सपर्क करें।क्या न करें -गर्मी के दौरान बाहर न जाएं। यदि आपको आवश्यक कार्य के लिए बाहर जाना है, तो दिन के शीतलन घंटो के दौरान अपनी सारणी निर्धारित करने का प्रयास करें। अत्यधिक गर्मी के घंटों के दौरान बाहर जाने से बचे विशेष रूप से दोपहर 12.00 बजे से 3.00 बजे के बीच। नंगे पैर या बिना चेहरे को ढके और बिना सिर ढककर बाहर न जाएं। व्यस्थतम समय (दोपहर) के दौरान खाना पकाने से बचें। खाना पकाने वाले क्षेत्रों (रसोई घरों) में दरवाजे और खिडकिया खोल कर रखें, जिससे पर्याप्त रूप से हवा आ सकें। शराब, चाय, कॉफी और कार्बाेनेटेड पेय, पीने से बचें जो शरीर को निर्जलित करते हैं। उच्च प्रोटीन, मसालेदार और तेलीय भोजन खाने से बचें, बासी खाना न खाएं। बीमार होने पर बाहर धूप में न जाएं, घर पर रहे।नियोक्ता और श्रमिक के लिए सलाह -कार्यस्थल पर स्वच्छ और ठंडा पेयजल प्रदान करें। श्रमिकों को सीधे धूप से बचने के लिए सावधानी बरते। यदि उन्हें खुले में काम करना पड़ता है जैसे कि तो सुनिश्चित करें कि वे हर समय अपना सिर और चेहरा ढके रहे। दिन के समय निर्धारित समय सारणी निश्चित करें। खुले में काम करने के लिए विश्राम गृह की अवधि और सीमा बढ़ाएं। गर्भवती महिलाओं या कामगारों की चिकित्सकीय स्थिति पर विशेष ध्यान दें। यदि कोई बीमार है तो उसे डयूटी पर्यवेक्षक को सूचित किया जाना चाहिए। कार्यस्थल पर, धूम्रपान या तंबाकू न ही थूके और न ही चबाएं। जो लोग बीमार है उनके निकट संपर्क से बचे। बीमार होने पर काम पर न जाए, घर पर ही रहे।पुलिस एवं यातायात पुलिस कार्मिक के लिए सलाह -दिन में ड्यूटी पर रहते हुए ठंड वाली जैकेट पहनें। पर्याप्त पानी पीएं, जितनी बार संभव हो पानी पीएं, भले ही प्यास न लगी हो। सुरक्षात्मक साधनों का उपयोग करें - छाया में रहने का प्रयास करे, धूप का चश्मा और सनस्क्रीन का प्रयोग करे। जहां तक संभव हो युवा कर्मियों को दिन में यातायात ड्यूटी पर रखा जाना चाहिए।वरिष्ठ नागरिकों के लिए सलाह -जितना हो सके घर के अंदर रहे। पार्क, बाजारों और धार्मिक स्थानों जैसे भीड-भाड़ वाले स्थानों पर न जाएँ। अपने घर को ठंडा रखे, पर्दे और पंखे या कूलर का उपयोग करें। यदि आप बीमार महसूस करते है और उच्च शरीर का तापमान, शरीर में दर्द लगे। सिरदर्द, चक्कर आना, मतली या भटकाव लगना। सांस की तकलीफ होना। असामान्य रूप से भूख लगे तो तुरंत डॉक्टर को बुलाएँ। यदि आप एक वरिष्ठ नागरिक की देखरेख कर रहे है तो नियमित रूप से हाथ धोने में उनकी मदद करें। समय पर भोजन और पानी का सेवन सुनिश्चित करे। उनके पास जाते समय अपनी नाक और मुंह ढकने के लिए फेस कवर का इस्तेमाल करे। यदि आप बुखार, खाँसी, साँस लेने जैसे चीजों से पीड़ित है. तो आपको वरिष्ठ नागरिक के पास नहीं जाना चाहिए। उस दौरान किसी और को उसके पास जाने के लिए कहे वो भी पूरी सावधानी के साथ।
- आवेदन की अंतिम तिथि 25 मार्च तकबिलासपुर/राज्य व्यावसायिक परीक्षा (एससीव्हीटी) एवं हायर सेकेण्डरी व आईटीआई की संयुक्त अध्यापन योजना में कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों की आईटीआई ट्रैड की परीक्षा (पुरानी प्रणाली एवं नई परीक्षा प्रणाली) माह अप्रैल 2026 की प्रायोगिक एवं सैध्दांतिक परीक्षाएं 1 अप्रैल से 10 अप्रैल 2026 तक संपन्न होनी है। उक्त परीक्षा हेतु छः माही व्यवसाय के नियमित पात्र प्रशिक्षणार्थी एवं अन्य व्यवसाय के पूरक पात्र प्रशिक्षणार्थी जिनके प्रयास शेष हैं आवेदन कर सकते है। सभी पात्र प्रशिक्षणार्थी अपनी संस्था में स्वयं उपस्थित होकर परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते है। आवेदन की अंतिम तिथि 25 मार्च 2026 तक है।
- बिलासपुर/जिला शिक्षा अधिकारी ने कार्यालय में अनुकंपा नियुक्ति के लिए प्राप्त 2 आवेदकों के आवेदन के छानबीन के क्रम में 15 दिवस के भीतर आमजनता से दावा आपत्ति मंगाई है। यदि आवेदक के परिवार के कोई भी सदस्य शासकीय सेवा में कार्यरत हो अथवा किसी प्रकार के अपराधिक या न्यायालीन मामले उनके विरूद्ध लंबित हो तो इसकी जानकारी उक्त समयावधि में बंद लिफाफे में या स्वयं कार्यालय में उपस्थित होकर जानकारी दे सकते है।डीईओ ने आगे बताया कि मस्तुरी ब्लॉक के शासकीय प्राथमिक शाला तेंदुवा में सहायक शिक्षक एलबी के पद पर कार्यरत स्व. श्री लक्ष्मीनारायण टंडन के परिवार से उनके पुत्र श्री शरद टंडन एवं जनपद पंचायत कोटा में सहायक आन्तरिक लेखा परीक्षण एवं करारोपण अधिकारी के पद पर कार्यरत स्व. भागवत सिंह ध्रुव के पुत्र श्री लोकेश कुमार ध्रुव ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन दिया है। आवेदकों के संबंध में जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, कक्ष क्रमांक 25 पुरानी कम्पोजिट बिल्डिंग प्रथम तल में निर्धारित अवधि में दिया जा सकता है। विलंब से प्राप्त दावा आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा।
- संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्यवाही के निर्देशबिलासपुर/जिला कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में आज कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने भी लोगों की समस्याएं सुनी। शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आए सैकड़ों लोगों ने कलेक्टर से मिलकर निजी एवं सामुदायिक शिकायत संबंधी आवेदन दिया। कलेक्टर ने अधिकांश मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस दौरान नगर निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे एवं जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल ने भी लोगों की समस्याएं सुनी।जनदर्शन में ग्राम कछार के सुरेश कुमार बंजारे ने आवेदन देकर बताया कि गांव के ही राधेश्याम द्वारा घर के सामने गली में दीवार खड़ी कर रास्ता संकीर्ण कर दिया गया है, जिससे आवागमन के लिए काफी परेशानी हो रही है। कलेक्टर ने एसडीओ को प्रकरण भेजते हुए परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। बिलासपुर की उत्तरा यादव के द्वारा विधवा पेंशन का लाभ दिलाने की मांग कलेक्टर के समक्ष रखी गई। इस संबंध में संयुक्त संचालक समाज कल्याण विभाग को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। ग्राम जरोंधा निवासी परमानंद कौशिक ने कलेक्टर से मुलाकात कर आवेदन दिया कि उनकी निजी भूमि पर गांव के ही गोपाल मेहर द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर दीवार खड़ी कर दी गई है और रास्ते में कीचड़युक्त पानी बहाकर आवागमन में बाधा उत्पन्न कर रहा है। इससे खेती-किसानी के कार्यों में भारी परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पहले भी शिकायत की जा चुकी है और न्यायालय से कब्जा हटाने का आदेश भी मिला था, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने प्रशासन से पुनः हस्तक्षेप कर अवैध कब्जा हटाने की मांग की है। देवरीखुर्द निवासी पुरुषोत्तम दास ने प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के तहत स्वामित्व कार्ड जारी करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि वे पिछले 50 वर्षों से निवास कर रहे हैं और उनकी पत्नी के नाम पर पट्टा भी है, लेकिन अब तक उन्हें स्वामित्व कार्ड नहीं मिला है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र कार्ड जारी करने की अपील की है ताकि उन्हें अपने अधिकारों का लाभ मिल सके। कलेक्टर ने एसडीओ मस्तुरी को मामले पर उचित कार्यवाही के निर्देश दिए।सकरी तहसील अंतर्गत ग्राम चिचिरदा निवासी धनीराम कौशि ने कलेक्टर को दिए आवेदन में बताया कि उन्होंने अपनी भूमि के सीमांकन के लिए आवेदन किया था। तहसीलदार द्वारा राजस्व निरीक्षक को सीमांकन करने का आदेश भी जारी किया गया, लेकिन आज तक सीमांकन नहीं किया गया है। इससे उन्हें लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कलेक्टर ने एसडीओ तखतपुर को प्रकरण की जांच कर निराकरण करने के निर्देश दिए है। बिल्हा ब्लॉक के ग्राम नगपुरा निवासी रूचि नेताम ने बताया कि उन्होंने जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए वर्ष 2024-25 में आवेदन किया था। काफी समय बीत जाने के बाद भी प्रमाण पत्र जारी नहीं हुआ। दस्तावेज की कमी के अभाव में उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारी को मामले को सौंपा।
- सभी सम्पतिकरदाता नागरिक तत्काल अपना सम्पतिकर अदा करें और अंतिम तिथि 31 मार्च 2026 के बाद नियमानुसार 17 प्रतिशत अधिभार सहित वसूली की कार्यवाही से सुरक्षित रहेंरायपुर/ रायपुर नगर पालिक निगम के राजस्व विभाग द्वारा एक बार पुनः सभी बड़े बकायादारों को अवगत करवाया गया है कि बकाया अदा नहीं किये जाने पर सम्बंधित बड़े बकायादारों पर कुर्की और सीलबंदी करने की नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जाएगी. कार्यवाही की परेशानी से बचमे सम्बंधित बड़े बकायादार नगर निगम राजस्व विभाग को तत्काल अपना सम्पूर्ण बकाया अदा कर दें. सभी सम्पतिकरदाता नागरिक अपना देय सम्पतिकर तत्काल नगर निगम रायपुर के राजस्व विभाग को अदा कर दें और अंतिम नियत तिथि दिनांक 31 मार्च 2026 तक करों की अदायगी नहीं होने पर नियमानुसार 17 प्रतिशत अधिभार सहित बकाया राजस्व की वसूली की नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की परेशानी के तनाव और परेशानी से बचें.नगर निगम रायपुर के समस्त 10 जोन कार्यालय के राजस्व विभाग और समस्त सदर काउंटर अंतिम देय तिथि दिनांक 31 मार्च 2026 तक दिनांक 26 मार्च 2026 को श्रीरामनवमी, 28 मार्च को शनिवार, 29 मार्च को रविवार और दिनांक 31 मार्च 2026 को महावीर जयन्ती के अवकाश दिवसों में प्रत्येक शनिवार और रविवार के शासकीय अवकाश दिवसों में जनसुविधा हेतु राजस्व वसूली के लिए सामान्य कार्यालयीन दिवसों की तरह खुले रहेंगे. सम्पतिकरदाता नागरिक जोन कार्यालय जाकर अपना देय सम्पतिकर अदा कर सकते हैँ. साथ ही नगर पालिक निगम रायपुर के मोर रायपुर एप को प्ले स्टोर से डाउनलोड करके और ऑनलाइन लिंक https://mcraipur.in/ से ऑनलाइन सम्पतिकर भुगतान की सुविधाकी निरन्तर उपलब्धता है. जिससे कोई भी सम्पतिकरदाता नागरिक अपने सम्पतिकर सहित सभी निगम करों का घर बैठे एक क्लिक पर आसानी से नगर निगम राजस्व विभाग को भुगतान कर सकता है.सभी सम्पतिकरदाता नागरिकों को इस सहज सुविधा का लाभ अधिक से अधिक संख्या में अवश्य उठाना चाहिए..
- रायपुर/ जिले के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए संचालित पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति (कॉलेज स्तर) के आवेदन हेतु ऑनलाइन पंजीयन की तिथि में वृद्धि की गई है।जिले के समस्त शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक एवं आईटीआई संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थी पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए निर्धारित वेबसाइट http://postmatric-scholarship.cg.nic.in/ पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।विद्यार्थियों द्वारा ऑनलाइन आवेदन/पंजीयन (नवीन/नवीनीकरण) की अंतिम तिथि 23 मार्च 2026 से बढ़ाकर 27 मार्च 2026 तक कर दी गई है। वहीं संस्थाओं द्वारा प्रस्ताव लॉक करने की अंतिम तिथि 29 मार्च 2026, तथा शासकीय संस्थाओं/जिला कार्यालय द्वारा सैंक्शन ऑर्डर लॉक करने की अंतिम तिथि 30 मार्च 2026 निर्धारित की गई है। जिला कार्यालय द्वारा भुगतान प्रस्ताव राज्य कार्यालय को 31 मार्च 2026 तक भेजा जाएगा।छात्रवृत्ति हेतु अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विद्यार्थियों के पालक की आय-सीमा 2.50 लाख रुपये प्रतिवर्ष, अन्य पिछडा वर्ग हेतु आय-सीमा 1.00 लाख रुपये प्रतिवर्ष, सक्षम अधिकारी द्वारा स्थाई जाति प्रमाणपत्र, छत्तीसगढ़ का मूल निवास प्रमाण पत्र एवं विद्यार्थी के अध्ययनरत पाठ्यक्रम के विगत वर्ष का परीक्षा परिणाम इत्यादि दस्तावेज अनिवार्य है |निर्धारित तिथि के पश्चात ऑनलाइन आवेदन पोर्टल बंद कर दिया जाएगा। वर्ष 2025-26 से संस्थानों के लिए जियो-टैगिंग अनिवार्य कर दी गई है। जियो-टैगिंग नहीं करने पर संबंधित संस्था के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिलेगा। साथ ही विद्यार्थियों को NSP पोर्टल के माध्यम से वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) करना भी अनिवार्य होगा। साथ ही नई संस्थाओं के संस्था प्रमुख एवं संस्था के छात्रवृत्ति प्रभारी का बायोमेट्रिक ऑथेन्टिकेशन किया जाना अनिवार्य है।
- बिलासपुर. जिले के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के ऐसे विद्यार्थी जो पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति की पात्रता रखते है, वे 27 मार्च 2026 तक छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाईन आवेदन कर सकते है। इसी प्रकार संस्थाओं द्वारा प्रोपोजल लॉक करने की अंतिम तिथि 29 मार्च 2026 तक एवं सेक्शन ऑर्डर लॉक करने की अंतिम तिथि 30 मार्च 2026 तक है। यह पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति जिले में संचालित सभी शासकीय, अशासकीय महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग, मेडिकल एवं नर्सिंग कॉलेजों, आईटीआई, पालीटेक्निक के विद्यार्थियों के लिए है। शिक्षा सत्र 2025-26 हेतु ऑनलाईन पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति (कक्षा 12वीं से उच्चतर) के पंजीयन, स्वीकृति एवं वितरण की कार्यवाही https://postmatric-scholarship.cg.nic.in/ वेबसाइट पर की जा रही है।छात्रवृत्ति हेतु एससी एवं एसटी विद्यार्थियों के पालक की आय सीमा 2.50 लाख प्रतिवर्ष, ओबीसी वर्ग हेतु आय सीमा 1 लाख प्रतिवर्ष होनी आवश्यक है। साथ ही सक्षम अधिकारी द्वारा जारी स्थाई जाति प्रमाण पत्र, छ.ग. राज्य का मूल निवास प्रमाण पत्र एवं विद्यार्थी के अध्ययरत पाठ्यक्रम के विगत वर्ष का परीक्षा परिणाम संलग्न करना अनिवार्य होगा। निर्धारित तिथि के पश्चात शिक्षा सत्र 2025-26 की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति ऑनलाईन आवेदन हेतु पोर्टल बंद कर दिया जाएगा। निर्धारित तिथि तक कार्यवाही पूर्ण नहीं करने पर यदि संबंधित संस्थाओं के विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित रह जाते है, तो इसके लिए संस्था प्रमुख स्वतः जिम्मेदार होंगें। पीएफएमएस के माध्यम से आधार सीडेड बैंक खाते में पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति का भुगतान किया जा रहा है। विद्यार्थी अपने सक्रिय एवं आधार सीडेड बैंक खाते की प्रविष्टि ऑनलाईन आवेदन करते समय सुनिश्चित करें। विद्यार्थियों को एनएसपी पोर्टल से ओटीआर (वन टाइम रजिस्ट्रेशन) प्राप्त करना आवश्यक है। नवीन संस्था के संस्था प्रमुख एवं छात्रवृत्ति प्रभारी का बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन किया जाना अनिवार्य है।--
- बिलासपुर. कुमार साहब स्व. श्री दिलीप सिंह जूदेव जी शासकीय सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, कोनी द्वारा 27 मार्च से तीन दिवसीय निःशुल्क मधुमेह जांच शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन 27, 28 एवं 29 मार्च 2026 को प्रतिदिन सवेरे 9.30 बजे से दोपहर 1 बजे तक किया जाएगा। प्रत्येक दिन लगभग 75 मरीजों की जांच की जाएगी जिसके लिए पूर्व पंजीयन अनिवार्य रखा गया है। पंजीयन 24 एवं 25 मार्च को सवेरे 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक होगी। मरीज अस्पताल के पंजीयन काउंटर पर उपलब्ध क्यूआर कोड के माध्यम से ऑनलाईन पंजीयन कर सकेंगे, जिससे उन्हें जांच हेतु दिनांक आबंटित किया जा सके। सभी जांच उपरांत मरीजों की रिपोर्ट 1 अप्रैल 2026 के बाद उनके पंजीकृत वाट्सअप नंबर पर भेजी जाएगी।अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. भानु प्रताप सिंह ने बताया कि शिविर में मरीजों के लिए लीवर स्वास्थ्य का आकलन करने हेतु सोनोग्राफी (फैटी लीवर जांच) एवं लीवर स्टिफनेस जांच हेतु फाइब्रोस्केन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। शिविर में लीवर जांच के साथ-साथ शारीरिक परीक्षण, ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर, लीवर फंक्शन टेस्ट एवं किडनी फंक्शन टेस्ट भी किए जाएंगे। उचित जीवनशैली हेतु आहार परामर्श भी प्रदान किया जाएगा। मधुमेह मरीजों के लिए सभी जांच निःशुल्क प्रदान की जाएगी। डॉ. सिंह ने मरीजों से अपील की है कि वे इस शिविर का अधिक से अधिक लाभ उठाएं एवं समय पर पंजीयन कराएं। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए 9425581851 पर सवेरे 9 बजे से 2 बजे तक संपर्क किया जा सकता है।-0-
- 0- प्रथम चरण 25 मार्च तक और द्वितीय चरण 27 से 29 मार्च तकदुर्ग. जिले में आगामी जनगणना 2027 की तैयारियां जोरों पर हैं। इसी कड़ी में आज बीआईटी कॉलेज में फील्ड ट्रेनर्स के लिए प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। प्रथम चरण में भिलाई क्षेत्र के नगर निगम भिलाई चरोदा, रिसाली एवं भिलाई नगर के कुल 36 फील्ड ट्रेनर्स को 23 मार्च से 25 मार्च तक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके बाद दूसरे चरण में नगर निगम दुर्ग सहित सभी नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत एवं तहसीलों के 43 फील्ड ट्रेनर्स को 27 मार्च से 29 मार्च तक प्रशिक्षण दिया जाएगा। फील्ड ट्रेनर्स ही प्रगणक-पर्यवेक्षक को प्रशिक्षण देंगे। प्रगणक-पर्यवेक्षक ही घर-घर जाकर मकानों का सूचीकरण व अन्य जानकारी एकत्रित करेंगे।प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर श्री हरेन्द्र सिंग भुवाल ने जनगणना की संरचना और विषय वस्तु पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनगणना दो चरणों में आयोजित होगी-पहला चरण 1 मई से 30 मई 2026 तक मकान सूचीकरण और गणना का होगा, जबकि दूसरा चरण फरवरी 2027 में परिवारों की व्यक्तिगत जानकारी एकत्रित करने के लिए किया जाएगा। कलेक्टर अभिजीत सिंह ने सभी फील्ड ट्रेनर्स प्रशिक्षण के प्रत्येक बिंदु को गंभीरता से समझने को कहा, ताकि प्रगणक-पर्यवेक्षकों को सही और प्रभावी प्रशिक्षण दिया जा सके। इस दौरान अपर कलेक्टर श्री विरेन्द्र सिंह भी उपस्थित थे।
- 0- जिले में ग्रामीण और खण्ड स्तरीय सचिवालयों का संचालन0- सचिवालयों की प्रगति रिपोर्ट प्रत्येक माह की 05 और 20 तारीख को जिला कार्यालय में होगी प्रस्तुतदुर्ग. ग्रामीण प्रशासन को अधिक जनोन्मुख, पारदर्शी और संवेदनशील बनाने के लिए कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इस पहल के तहत जिले की ग्राम पंचायतों में ’ग्रामीण सचिवालय’ और जनपद पंचायत स्तर पर ’खण्ड सचिवालय’ की स्थापना की जा रही है, ताकि ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित निराकरण स्थानीय स्तर पर ही संभव हो सके। यह व्यवस्था छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा वर्ष 2004 में जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप पुनः प्रभावी की गई है। ग्रामीण स्तर पर आयोजित होने वाले ग्रामीण सचिवालय के लिए सप्ताह के विभिन्न दिन जैसे सोमवार, मंगलवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार निर्धारित किए गए हैं। इन सचिवालयों में 11 महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है, जिनमें ग्राम पंचायत सचिव, पटवारी, सहायक विकास विस्तार अधिकारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, लाइनमेन, पंप मैकेनिक, सहकारिता समिति सेवक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, प्रधान पाठक, स्वास्थ्य कार्यकर्ता और पशु चिकित्सा क्षेत्र सहायक शामिल हैं।इसी क्रम में जनपद स्तर पर खण्ड सचिवालय की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। जनपद पंचायत दुर्ग में खण्ड सचिवालय का आयोजन प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय बुधवार को जनपद पंचायत भवन दुर्ग में किया जाएगा। जनपद पंचायत धमधा के लिए प्रत्येक माह का प्रथम एवं तृतीय सोमवार निर्धारित किया गया है और इसका आयोजन जनपद पंचायत भवन धमधा में होगा। वहीं, जनपद पंचायत पाटन में यह आयोजन माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को जनपद पंचायत भवन पाटन में संपन्न होगा। इन खण्ड सचिवालयों में सम्बन्धित जनपद क्षेत्र के ’खण्ड स्तर’ के समस्त अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी। कलेक्टर श्री सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इन सचिवालयों की प्रगति रिपोर्ट प्रत्येक माह की 05 और 20 तारीख को अनिवार्य रूप से अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के माध्यम से जिला कार्यालय को प्रस्तुत की जाएगी ताकि विकास कार्यों और जन-शिकायतों की समीक्षा प्रभावी ढंग से की जा सके।--
- 0-ऑनलाईन आवेदन करने के पूर्व रोजगार कार्यालय में पंजीयन कराना अनिवार्यदुर्ग. भारतीय थल सेना में अग्निवीर भर्ती हेतु 13 फरवरी 2026 से 01 अप्रैल 2026 तक वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in पर ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किया गया है। सेना भर्ती कार्यालय रायपुर द्वारा दिनांक 01 जून 2026 से 15 जून 2026 तक पंजीकृत अभ्यर्थियों के लिए ऑनलाइन परीक्षा (सीईई) आयोजित किया जाना संभावित है। भारतीय थल सेना में अग्निवीर भर्ती हेतु पंजीकृत अभ्यर्थियों को छ.रा. रोजगार विभाग द्वारा निःशुल्क कोचिंग प्रदान किया जायेगा। जो आवेदक लिखित परीक्षा हेतु निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग प्राप्त करना चाहते है वे भारतीय थल सेना में अग्निवीर भर्ती हेतु पंजीयन पश्चात् रोजगार विभाग के वेबसाईट www.erojgar.cg.gov.in पर अग्निवीर भर्ती 2026 की लिखित परीक्षा की तैयारी हेतु निःशुल्क प्रशिक्षण के ऑनलाईन आवेदन पर क्लिक कर अपनी व्यक्तिगत जानकारी सहित आवेदन छ.ग. रोजगार विभाग को प्रेषित कर सकतें है। आवेदक को लिखित परीक्षा हेतु प्रशिक्षण के लिए ऑनलाईन आवेदन करने के पूर्व ’रोजगार कार्यालय में पंजीयन’ करवाना अनिवार्य होगा।--
- दुर्ग. जिले में अध्ययनरत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति सत्र 2025-26 हेतु ऑनलाइन आवेदन की तिथि बढ़ा दी गई है। अब विद्यार्थी 27 मार्च 2026 तक ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं। जिले में संचालित मान्यता प्राप्त समस्त शासकीय/अशासकीय विश्वविद्यालय, महाविद्यालय, मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, पॉलीटेक्निक, आईटीआई में अध्ययनरत अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थी जो विभाग द्वारा संचालित पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति की पात्रता रखते हैं वे पोस्ट मेैट्रिक छात्रवृत्ति हेतु ऑनलाईन पंजीयन, प्रस्ताव लॉक, स्वीकृति लॉक करने की कार्यवाही postmatric-scholarship.cg.nic.in वेबसाइट पर ऑनलाईन कर सकते हैं।सहायक आयुक्त आदिवासी विकास द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार 27 मार्च तक विद्यार्थियों द्वारा ऑनलाइन आवेदन किया जाएगा, इसके बाद 29 मार्च तक संस्थाएं प्रपोजल लॉक कर सहायक आयुक्त आदिवासी विकास को भेजेंगी। 30 मार्च तक जिला कार्यालय द्वारा सेक्शन लॉक की कार्यवाही पूर्ण की जाएगी, वहीं 31 मार्च तक राज्य कार्यालय को भुगतान हेतु प्रस्ताव भेज दिया जाएगा। निर्धारित तिथि के बाद पोर्टल बंद कर दिया जाएगा और विलंब की स्थिति में जिम्मेदारी संबंधित संस्था प्रमुख की होगी।छात्रवृत्ति के लिए पात्रता संबंधी प्रावधानों के तहत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के अभिभावकों की वार्षिक आय सीमा 2 लाख रुपये तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 1 लाख रुपये निर्धारित की गई है। साथ ही विद्यार्थियों के पास स्थायी जाति प्रमाण पत्र, छत्तीसगढ़ का मूल निवासी प्रमाण पत्र तथा पिछले वर्ष का परीक्षा परिणाम होना आवश्यक है।छात्रवृत्ति का भुगतान PFMS के माध्यम से आधार लिंक्ड बैंक खाते में किया जाएगा, इसलिए विद्यार्थियों को आवेदन करते समय अपना सक्रिय एवं आधार से जुड़ा बैंक खाता दर्ज करना होगा। इसके अलावा, संस्थाओं के लिए जियो टैगिंग अनिवार्य किया गया है। जिन संस्थाओं द्वारा यह प्रक्रिया पूर्ण नहीं की जाएगी, उनके विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिलेगा विद्यार्थियों को एनएसपी पोर्टल से वन टाईम रजिस्ट्रेशन प्राप्त करना भी अनिवार्य होगा। साथ ही, संस्था प्रमुख एवं छात्रवृत्ति प्रभारी का बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण भी जरूरी किया गया है।--




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