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रायपुर । कोरबा जिले के कटघोरा थाना अंतर्गत ग्राम जुराली के डिपरा पारा में कुएं में गिरे ग्रामीण को बचाने की जद्दोजहद में एक ही परिवार के 4 लोगों की मृत्यु पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संवेदना व्यक्त की है। श्री साय ने कोरबा कलेक्टर को मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए देने के निर्देश दिए हैं।
सीएम साय ने अपने सोशल मीडिया हैंडल X पर लिखा है कि - कटघोरा के ग्राम जुराली में कुएं में गिरे ग्रामीण को बचाने की जद्दोजहद में एक ही परिवार के 4 लोगों की मृत्यु की खबर अत्यंत दुःखद है।मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए की सहायता राशि देने के निर्देश कोरबा कलेक्टर को दिए हैं।ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और शोक संतप्त परिजनों को संबल प्रदान करने की प्रार्थना करता हूं।गौरतलब है कि कटघोरा थानांतर्गत ग्राम जुराली के डिपरा पारा में चार लोगों की कुएं में डूबने से मृत्यु हो गयी। बताया जा रहा है कि कुएं में जहरू नामक ग्रामीण के गिरने के बाद उसे बचाने के लिए उसकी बेटी भी कुएं में कूद गयी। इसके बाद परिवार के ही दो अन्य लोग कुएं में नीचे उतरे। लेकिन एक के बाद एक सभी की कुएं में उतरने के बाद मृत्यु हो गयी। जिस पर मुख्यमंत्री ने दुःख व्यक्त किया है। - रायपुर /प्रदेश की शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं (आईटीआई) में छात्रावास अधीक्षक एवं छात्रावास अधीक्षिका के पदों पर सातवें चरण के दस्तावेज सत्यापन हेतु अभ्यर्थियों को सोमवार 08 जुलाई 2024 को समय प्रातः 09.30 बजे शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था, विधान सभा रोड, सड्डू, रायपुर में बुलाया गया है। इस हेतु संबंधित अभ्यर्थियों को एसएमएस, व्हाट्सएप्प पर भी सूचना भेजी जा रही है। कट ऑफ मार्क्स संचालनालय की वेबसाइट पर देखा जा सकता है। उक्त चरण में रिक्त पदों के विरूद्ध 03 गुना या सामान प्राप्तांक होने पर उक्त प्राप्तांक धारक सभी अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन हेतु बुलाया गया है। सभी अभ्यर्थी अद्यतन जानकारी हेतु निरंतर संचालनालय की वेबसाइट https://cgiti.cgstate.gov.in तथा अपने लॉगिन आईडी का नियमित अवलोकन करते रहें। दस्तावेज सत्यापन उपरांत संबंधित अभ्यर्थी आगामी दिवस को दोपहर 01.00 बजे तक उसी स्थल पर पंजीयन प्रभारी के पास अपना दावा-आपत्ति भी प्रस्तुत कर सकते हैं।
- रायपुर। जांजगीर-चांपा जिले में शुक्रवार को कुएं में कथित तौर पर जहरीली गैस के रिसाव के कारण पिता और दो पुत्रों समेत पांच लोगों की मौत हो गई है। पुलिस अधिकारियों ने यह जानकारी दी।अधिकारियों ने बताया कि घटना जिले के बिर्रा थाना क्षेत्र के अंतर्गत किकिरदा गांव की है।आस-पास के लोगों को घटना की जानकारी मिली तो पूरे इलाके में हडकंप मच गया। घटनास्थल पर लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गर्ई। मामले की जानकारी मिलने पर तहसीलदार और बिर्रा पुलिस मौके पर पहुंची। एसडीआरएफ की टीम को भी बुलाया गया। अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच की जा रही है।बिलासपुर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक संजीव शुक्ला ने बताया कि ग्रामीणों के मुताबिक रामचंद्र जायसवाल (60) के कुएं में लकड़ी का टुकड़ा गिर गया था, जिसे निकालने के लिए वह कुएं में उतरे लेकिन बाहर नहीं निकल सके।शुक्ला ने बताया कि परिजनों ने पड़ोस के पटेल और चंद्रा परिवार से मदद मांगी, जिसके बाद रमेश पटेल (50), उनके बेटे जितेंद्र पटेल (25), एक अन्य बेटे राजेंद्र पटेल (20) और पड़ोसी टिकेश्वर चंद्रा (25) भी कुएं में उतर गये लेकिन वे भी बाहर नहीं निकल पाये।अधिकारी ने बताया कि परिवार के सदस्यों और अन्य ग्रामीणों से सूचना प्राप्त होने के बाद पुलिस दल को मौके पर भेजा गया।उन्होंने बताया कि राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) को भी घटनास्थल पर भेजा गया है और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं।पुलिस महानिरीक्षक ने बताया कि आशंका है कि कुएं में जहरीली गैस के रिसाव के कारण उन सभी की मौत हुई। जांच के बाद ही इस संबंध में अधिक जानकारी मिल सकेगी।
- रायपुर / महिलाएं अपनी मेहनत और लगन से आगे बढ़ रही है। और कामयाबी का परचम लहरा रही है। मेहनत करने वालों की राह स्वयं ही खुल जाती है। इस बात को दूरस्थ अंचल जिला मुख्यालय दंतेवाड़ा के गीदम विकासखंड अंतर्गत 30 से 35 किलोमीटर दूरी पर स्थित हिड़पाल ग्राम पंचायत में माँ गौरी स्व-सहायता समूह की महिलाएं चरितार्थ कर रहीं हैं। सुदूर वनक्षेत्र में निवासरत ये ग्रामीण महिलाएं आज सीमेंट ईट बनाने जैसा श्रम साध्य कार्य को अंजाम देने में जुटी हैं। ईंट बनाने के काम में 5 पुरूष मिस्त्रियों ने महिलाओं को इस काम में सहयोग करते हुए तैयारी के संबंध में समझाया फिर उन्हें ईट बनाने की मशीन संचालन करना, रेत, डस्ट में सीमेंट की मात्रा की मिलावट के बारे में जानकारी दी। इस तरह 10 महिलाओं ने शुरूआती दौर में 500 ईंट निर्माण की तैयारी की।ईंट निर्माण की प्राथमिक जानकारी मिलने से महिलाओं को सबसे बड़ा लाभ यह हुआ कि आने वाले समय पर वे स्वयं मशीन ऑपरेट कर रही हैं। इस संबंध में मॉ गौरी स्व सहायता समूह की महिलाओं ने इसे अब अपनी आजीविका का साधन बनाने का मन बना लिया हैं। ज्ञात है कि राज्य सरकार की ओर से प्रधानमंत्री आवास निर्माण को प्राथमिकता दिए जाने से ग्रामीण क्षेत्रों में ईंट की मांग बढ़ गई है। ईंट निर्माण से जुड़ी मॉ गौरी स्व-सहायता समूह की श्रीमती कमला कोर्राम का इस संबंध मे कहना है कि ईंट निर्माण कार्य से जुड़ कर उन्हें बहुत अच्छी लग रही है और काफी खुशी भी हो रही है क्योंकि हमें कुछ नया सीखने को मिल रहा है।अन्य सदस्य श्रीमती तुलसी कश्यप ने बताया कि शुरूआत में निःशुल्क डस्ट एवं सीमेंट जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराया गया। ईंट बनाने के सांचे भी उन्हे राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत प्राप्त हुए हैं। साथ ही ईंट बनाने के लिए प्रशासन की ओर से उन्हें निःशुल्क प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन के प्रति अभार व्यक्त किया।आने वाले समय पर रेती, डस्ट एवं सीमेंट की खरीदी का पूरा दारोमदार समूह पर रहेगा। समूह की अन्य महिला श्रीमती मंगलदई ने आगे और जानकारी देते हुए कहा कि मॉ गौरी स्व सहायता समूह के द्वारा बैंक से 3 लाख रूपये का ऋण भी लिया गया है। पहले हम सभी महिलाएं लाल ईंट निर्माण कार्य से जुड़ी हुई थी जिसमें मिट्टी को अच्छे से मिलाकर ईंट बनाया जाता था। अभी इसमें फर्क इतना ही है कि मशीन के रेती, डस्ट, सीमेंट तीनों पदार्थों को एक साथ मिक्सर मशीन में डाल कर घुमाया जाता है और जिससे मिक्स होने के बाद उसे ईंट बनाने वाले मशीन में डाला जाता है। जिससे एक बार में 10 ईंट बन कर निकलती है। ईंट निर्माण के माध्यम से महिलाओं के लिए स्वरोजगार की एक और राह खुल गई है। इस प्रकार अब जिले की हर एक ग्रामीण महिला शासन की महत्वाकांक्षी लखपति दीदी योजना के तहत लखपति दीदी बनने का सपना साकार कर सकती है।
- जशपुर। बच्चों की मोहक मुस्कान से प्रसन्नचित्त मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय बच्चों को दुलार करते हुए, बच्चों ने अपनी कल्पनाशीलता से और अपने हुनर से सुंदर चीजें बनाई थीं। मुख्यमंत्री ने इन्हें अपने हाथों में लिया और बच्चों की प्रशंसा करते हुए कहा कि आप लोगों ने इतना सुंदर कैसे बनाया। जशपुर के बच्चे डिजिटल इंडिया से भी जुड़े हैं उनके हाथ कंप्यूटर और लैपटाप के माउस पर हैं। इन पर अपने हुनर का उन्होंने कमाल भी मुख्यमंत्री को दिखाया। मुख्यमंत्री ने इन्हें प्रोत्साहित किया। साथ ही इस मौके पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय भी मौजूद रहीं।
- -सीएम साय ने कहा - हमारी सरकार हर संभव मदद के लिए तत्पर*रायपुर / जांजगीर-चांपा के बिर्रा थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम किकिरदा में 5 लोगों की दम घुटने से हुई मौत के मामले में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मृतक के परिजनों को पांच - पांच लाख रुपए आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की है।मुख्यमंत्री ने अपने X हैंडल पर इसकी जानकारी देते हुए कहा है कि जांजगीर के ग्राम किकिरदा में कुंए की जहरीली गैस की चपेट में आने से 5 लोगों की दु:खद मौत की सूचना मिली थी। इस घटना में मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दिए जाने की घोषणा करता हूं।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लिखा है कि हमारी सरकार पीड़ित परिजनों के हर संभव मदद के लिए तत्पर है। हादसे में मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं।गौरतलब है कि जांजगीर जिला स्थित बिर्रा क्षेत्र के किकिरदा गांव में एक पुराना कुआं है। जिसे काफी समय से उपयोग में नहीं लाया जा रहा था। गांव के ही लोगों ने पुरानी लकड़ियों का छप्पर बनाकर कुएं को ढंक दिया था। बीते कुछ दिनों से क्षेत्र में बारिश और तेज हवा चलने के कारण कुएं के ऊपर बना लकड़ी का छप्पर कुएं के अंदर गिर गया था। जिसे निकालने गांव का एक आदमी कुएं के अंदर गया, जो काफी देर तक वापस नहीं आया। इसके बाद एक-एक कर 4 लोग और कुएं में उतरे और वापस बाहर नहीं आ सके। आशंका जताई जा रही है कि काफी दिनों से बंद रहने के कारण कुएं में जहरीली गैस निकलने लगी है, जिसकी चपेट में आने से 5 लोगों की मौत हो गई।
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- पुलिस ने आरोपी महिला को किया गिरफ्तार
सक्ती । जिले की डभरा पुलिस ने सिरीयागढ़ गांव में बुजुर्ग महिला मोहनमती तेंदुलकर की हत्या करने के आरोप में एक अन्य महिला जयश्री भारद्वाज को गिरफ्तार किया है । पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार टुल्लू पम्प लगाने को लेकर दोनों महिलाओं के बीच में विवाद हुआ था। सिरीयागढ़ गांव के रेशम कुमार ने पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि आरोपी जयश्री भारद्वाज के आंगन में पुस्तैनी कुंआ है। उसमें टुल्लू पंप लगाने के नाम पर आरोपी महिला जयश्री भारद्वाज और मोहनमती तेंदुलकर के बीच वाद- विवाद हुआ। इसी बीच आरोपी जयश्री भारद्वाज ने बुजुर्ग महिला मोहनमती तेंदुलकर से मारपीट की और उसे जोरदार धक्का दे दिया, जिसके बाद बुजुर्ग महिला जमीन पर गिर गई । उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।इस शिकायत के आधार पर डभरा पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। - -कहा एक पेड़ मां के नाम अभियान अंतर्गत लगाए जा रहे पौधे जननी और जन्मभूमि के रिश्ते को नई पहचान देंगे-सभी से इस मुहिम में जुड़ने की अपील कीरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत अपनी जन्मभूमि बगिया में अपनी माताजी के सम्मान में पौधरोपण किया। उन्होंने शासकीय हाईस्कूल बगिया परिसर में रुद्राक्ष का पौधा रोपा। उन्होंने कहा कि इस अभियान अंतर्गत लगे पौधे जननी और जन्मभूमि के रिश्ते को एक नई पहचान देंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव में शामिल होने यहां पहुंचे थे। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय ने भी रुद्राक्ष का पौधा लगाया। वहीं प्रदेश के वित्त मंत्री और जशपुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री ओ पी चौधरी ने आंवले का पौधा लगाया।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि मां के साथ रिश्ता अनमोल होता है। जिस प्रकार मां हमे जीवन देती है, हमारा पालन पोषण करती है, वैसे ही प्रकृति भी हमारे लिए जीवनदायिनी है। इसकी सुरक्षा और संवर्धन हमारी जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई इस मुहिम से हम सभी को जुड़ते हुए पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान जरूर देना चाहिए। इस दौरान उन्होंने सभी से "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत पेड़ लगाने आग्रह किया। साथ ही सभी से पौधों का संरक्षण हेतु संकल्प लेने कहा।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस मानसून में ज्यादा से ज्यादा पौधरोपण करें। अपने घर, आसपास के परिवेश, गांव और शहरों और जंगलों को खूब हरा-भरा बनाएं। इस अवसर पर रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री राधेश्याम राठिया, विधायक जशपुर श्रीमती रायमुनी भगत, विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय, विधायक आरंग गुरु खुशवंत साहेब सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
- - वृक्षारोपण के लिए जनसामान्य में रहा अभूतपूर्व उत्साहराजनांदगांव। अब जो बारिश की इनायत हुई, तो लगा कि जैसे कुदरत की मेहरबानी हुई। बारिश के साथ ही राजनांदगांव शहर की हरीतिमा मुग्ध कर रही है। शासन की मंशा के अनुरूप शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में मिशन जल रक्षा अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के लिए वृक्षारोपण महाभियान अंतर्गत जिला प्रशासन द्वारा उद्योगों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं जनसहभागिता से सघन पौधरोपण किया गया और जिले भर में 40 हजार से अधिक पौधे लगाए गए। ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकायों के तालाबों, शासकीय स्कूलों, चारागाह, पशु आश्रय स्थल, आंगनबाड़ी, धान खरीदी केंद्र, विभिन्न सड़कों में पौधरोपण किया गया। कहते हैं कि प्रकृति रक्षति रक्षित: अर्थात् प्रकृति उसकी रक्षा करती हैं जो प्रकृति की रक्षा करते हैं। ऐसी ही एक बानगी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिले भर में दिखाई दी। जैव विविधता के संरक्षण एवं प्रकृति के प्रति तादात्म्य बनाये रखने के लिए जिलेवासियों का जज्बा एवं जूनून एक अलग ही रूप में प्रगट हुआ। इस बारिश में विभिन्न तरह के पौधे पुष्पित एवं पल्लिवत होंगे। शहर की यह फिजां देखकर निदा फाजली कि यह पंक्तियां प्रासंगिक लगती है-शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए तथा पर्यावरण प्रदूषण को दूर करने के लिए सभी सहभागी बने। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल के नेतृत्व में जिले में संचालित वृक्षारोपण महाभियान में सभी दिल से जुड़कर शामिल हुए। पौधरोपण के साथ ही पौधों की सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड लगाए गए। पौधरोपण के लिए मिशन मोड में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया गया। मिशन जल रक्षा अंतर्गत जल संरक्षण अंतर्गत सबके सहयोग से कारगर कदम उठाये जा रहे हैं। जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह के निर्देशन में टीम ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण के लिए जागरूकता लाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। लगातार समन्वय एवं मेहनत का सुखद परिणाम यह रहा कि एक ही दिन व्यापक पैमाने पर इतनी बड़ी संख्या में पौधरोपण किया गया। वन, जिला पंचायत, नगर निगम, कृषि, उद्यानिकी, शिक्षा विभाग, कृषि विज्ञान केन्द्र, जिले के सभी उद्योग एवं स्वयं सेवी संस्थाएं द्वारा जनसहभागिता से वृहद रूप से कार्य किया गया। एक साथ इतने पैमाने पर पौधों की व्यवस्था की जिम्मेदारी ली गई। अमरूद, जामुन, आम, आंवला, कटहल, बादाम, पीपल, बरगद, नीम, अनार, चीकू, नींबू, बेर, केला सहित विभिन्न वेरायटी के पौधों का रोपण किया गया। सेन्ट्रल ग्राऊण्ड वाटर बोर्ड के सर्वे के अनुसार डोंगरगांव, डोंगरगढ़ एवं राजनांदगांव क्रिटिकल जोन में आ गए हैं। लगातार बोर एवं पंप से भू-जल दोहन के कारण भू-जल स्तर में गिरावट आयी है। जिले में मिशन जल रक्षा के तहत विभिन्न जलीय संरचनाओं के माध्यम से भू-जल स्तर को बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।वृक्षारोपण महाभियान में स्वयं सेवी संस्थान अंतर्गत उद्याचल, ब्लू बर्ड फाउंडेशन, वृक्ष गंगा ग्रुप तथा उद्योगों में एबीस एक्सपोर्ट, कमल फुड्स प्राईवेट लिमिटेड, राजाराम मेज प्रोड्क्टस, सिम्पलेक्स इंजीनियरिंग एण्ड फाउंड्री वक्र्स, खेतान केमिकल्स, नाद नानवूवन प्राईवेट लिमिटेड, सनटेक जियो टेक्सटाईल्स प्राईवेट लिमिटेड, आरबी रूंगटा स्टील्स एण्ड फुड प्रोड्क्टस प्राईवेट लिमिटेड, के्रस्ट स्टील एण्ड पावर लिमिटेड, कमल साल्वेट एक्स्ट्रक्शन, जया स्पेशिलिटी केमिकल्स प्राईवेट लिमिटेड, हीरा स्टील्स लिमिटेड, एलेक्सर कार्बो प्राईवेट लिमिटेड, यूनीवेब्स स्लीपर्स प्राईवेट लिमिटेड, थर्मोकेयर रॉकवुल (आई) प्राईवेट लिमिटेड, रामदेव रिफाईनरी प्राईवेट लिमिटेड, वर्धमान रोप्स प्राईवेट लिमिटेड, जयसवाल निक्को इण्डस्ट्रीज लिमिटेड, अम्बाभवानी फेब इंजीनियरिंग वक्र्स एलसीपी, आदर्श इस्पात उद्योग प्राईवेट लिमिटेड, ओरियेन्ट इस्पात प्राईवेट लिमिटेड एण्ड पीएस स्टील ट्यूब्स प्राईवेट लिमिटेड, पॉलीब्राण्ड रॉक फाईबर प्राईवेट लिमिटेड, विक्रांत रोप्स प्राईवेट लिमिटेड, एमजी रिकलेम्स, ग्रेबटेक फेब्रीक्स एलएलपी, कनक प्लास्टिक इंडस्ट्रीज, एमजी रबर, डेकॉस बायो प्रोडक्टस प्राईवेट लिमिटेड, जैन इंडस्ट्रीयल, सांई प्लास्टिक इंडस्ट्रीज, प्लांट नर्सरी, जिला तीरंदाजी संघ, युगांतर पब्लिक स्कूल, नीरज पब्लिक स्कूल, जेएलएम गायत्री विद्यापीठ, शिला थीजन मेमोरियल स्कूल, एलडीएम ऑफिस, एसकेएस केयर, सनातन धर्म, पीआरएडीएएन, आरकेएचएस स्कूल, नीरज बाजपेयी स्कूल, एनजीओ, सनातन धर्म महासभा द्वारा पौधरोपण किया गया।
- मरवाही। गौरेला पेंड्रा मरवाही जिला जेल में बंद कैदी की मौत का मामला सामने आया है। कैदी के परिजनों ने जिला जेल प्रशासन पर समय पर इलाज न करने का आरोप लगाया है।गौरतलब है कि ज्योतिपुर निवासी अशोक सोनकर, चोरी के आरोप में पेंड्रारोड के जिला जेल गोरखपुर में बीती 23 दिसंबर 2023 से बंद था। उल्टी की शिकायत के बाद उसे जिला अस्पताल लाया गया था, जहां रात में ही उसका इलाज कर उसे जेल में वापस ले जाया गया। गुरुवार को सुबह फिर उसे जांच के लिए जिला अस्पताल लाया गया , जहाँ अचानक फिर से उसकी तबीयत बिगड़ गई। जिसके बाद उसे बिलासपुर रेफर किया गया, लेकिन बिलासपुर पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। मामले की खबर लगते ही मृतक कैदी के परिजन अस्पताल पहुंच गए और उन्होंने काफी हंगामा मचाया। परिजनों ने जेल प्रशासन पर मारपीट, समय पर इलाज ना कराने और लापरवाही का आरोप लगाया और अस्पताल परिसर में ही नारेबाजी की। .इस मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ओम चंदेल ने बताया कि अशोक सोनकर की जेल में रात को तबीयत खराब हो गई थी, रात में ही अस्पताल लाकर उसका इलाज कराया गया। जांच के लिए पुन: जिला अस्पताल लाने के बाद उसकी तबीयत बिगडऩे लगी और इसी दौरान उसकी मौत हे गई। आज पंचनामा, पोस्टमार्टम और अन्य कार्रवाई की जाएगी।वहीं, पेंड्रारोड के जिला जेल अधीक्षक सेवक राम सोनकर ने मृतक कैदी के परिजनों के आरोपी को निराधार बताया है।
- -श्री रामप्रसाद के सपने हुएं पूरे, टपकती छत से मिली राहतबिलासपुर. प्रधानमंत्री आवास योजना : हितग्राहियों को मिल रहा अपना पक्का आशियाना जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हितग्राहियों के खुद के पक्के आशियाने का सपना अब साकार हो रहा है। पक्का आवास मिलने से वे काफी उत्साहित है साथ ही कच्चे आवास में गुजर-बसर की चिंता से भी अब राहत मिली है। आर्थिक स्थिति से कमजोर ग्रामीणों के लिए यह योजना एक वरदान साबित हो रही है। पक्का आवास बन जाने से हितग्राहियों को जीवन की एक नई राह मिल रही है।मस्तूरी विकासखण्ड के ग्राम पंचायत खुदूभाठा निवासी श्री रामप्रसाद डांडे का भी सपना प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत साकार हुआ। श्री डांडे बताते है कि वे और उनका परिवार मिट्टी से बने कच्ची दीवारों वाले पुराने घर में अपना जीवन यापन करते थे। बारिश के दिनों में जब बहुत तेज बारिश होती थी तब उनके घर के चारों तरफ पानी का जमाव होने से जहरीले जीवों सांप, बिच्छु के आने का भय लगा रहता था। साथ ही कच्ची दीवारों के होने से घर में पानी का रिसाव होता रहता था। श्री डांडे बताते है कि ग्राम पंचायत के सचिव उनके गांव पहुंचे तब उन्होंने उनका आधार कार्ड और बैंक पासबुक मंगाया और उनका आवास योजना के लिए रजिस्ट्रेशन किया। कुछ दिनों बाद श्री डांडे को आवास स्वीकृत होने की सूचना प्राप्त हुई तो वे तुरन्त बैंक पहुंचे और अपना खाता चेक कराया। उनके खाते में आवास के लिए स्वीकृत राशि आ गई थी। वे स्वीकृत राशि एवं मनरेगा से प्राप्त मजदूरी राशि से अपना मकान बनाना शुरू करवाया। ब्लॉक के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने भी उनकी बखूबी मदद की। श्री डांडे का पक्का आवास का सपना अब साकार हो गया है। वे अब अपने परिवार के साथ अपने पक्के आवास में रहते है। उन्होंने इस कल्याणकारी योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का धन्यवाद दिया और पक्के मकान के साथ ही अन्य योजनाओं से लोगों के सपनों को पूरा करने के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
- बिलासपुर. ।कलेक्टर श्री अवनीश शरण की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक 9 जुलाई को दोपहर 12 बजे से जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में होगी। बैठक में जिले में सड़क सुरक्षा क्रिया-कलापों की निगरानी, सड़क दुर्घटनाओं के आकड़ों की निगरानी, सड़क दुर्घटनाओं के कारणों को पहचानना और उसका अध्ययन, राष्ट्रीय एवं राज्य सड़क सुरक्षा परिषद को सुझाव प्रदान करना, सड़क सुरक्षा मानकों का क्रियान्वयन सुनिश्चित करना, दुर्घटना में कमी लाने के लिए कार्ययोजना, गति सीमा और यातायात को सुचारू बनाने के उपायों की समीक्षा एवं सड़क सुरक्षा से संबंधित अन्य मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
- बिलासपुर, /एसडीएम तखतपुर ने लंबे समय से नदारद पटवारी श्री राजेश सिंह को उपस्थिति के लिए अल्टीमेटम दिया है। एसडीएम ने बताया कि तहसील तखतपुर में कार्यरत पटवारी श्री राजेश सिंह 4 अगस्त 2013 से बिना किसी सूचना के अनुपस्थित है। पटवारी श्री सिंह को तीन दिवस के भीतर एसडीएम कार्यालय में उपस्थित होने कहा गया है। उपस्थित नहीं होने की स्थिति में छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियत 07 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
- बिलासपुर /कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने गुरुवार को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के काम-काज की बारीकी से सिलसिलेवार समीक्षा की। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास निर्माण के कामों में तेजी लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि कार्ययोजना बनाकर इसे समय सीमा में पूर्ण किया जाएं। इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं में धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी जाहिर की। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री आर पी चौहान, एडीशनल सीईओ श्रीमती वंदना गवेल, परियोजना अधिकारी श्री रिमन सिंह सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना के सभी कामों को पूरी गुणवत्ता के साथ कार्ययोजना बनाकर जल्द पूरा करने कहा। बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत अब तक 53 हजार 806 काम पूरे कर लिए गए है। 5 हजार 317 कार्य प्रगति पर है। मैदानी स्तर के अधिकारियों द्वारा छत स्तर तक बन गए आवासों की लगातार मॉनिटरिंग कर जल्द से जल्द पूर्ण कराने हितग्राहियों से संपर्क कर उन्हें प्रेरित किया जा रहा है। कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना में प्रगति की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार पीएम जनमन योजना के तहत आदिवासी बहुल बसाहटों मंे मूलभूत सुविधाओं सहित पीव्हीटीजी को आवास योजना से भी लाभान्वित करें।कलेक्टर ने ‘‘एक पेड़ मां के नाम‘‘ अभियान के तहत जिले में व्यापक पैमाने पर पौधरोपण अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जनपद सीईओ को निर्देश दिए कि प्रत्येक ग्राम पंचायतों में कम से कम 1 हजार पौधे लगाए जाएं। मनरेगा योजना की समीक्षा करते हुए मानव दिवस सृजन हेतु रणनीति बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने ब्लॉक प्लांटेशन करवाने पर भी जोर दिया। कलेक्टर ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत अपूर्ण कार्यों को भी तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने एनआरएलएम के तहत समूह की दीदियों को अधिक से अधिक आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के निर्देश दिए ताकि उनकी आमदनी बढ़ सके। बैंक में किसी भी स्थिति में प्रकरण लंबित न रहे। इसके अलावा लखपति दीदियों के प्रशिक्षण, स्व सहायता समूह की महिलाओं को न्यूनतम दर पर ऋण आदि कार्यो की समीक्षा की।
- दुर्ग / जिले में कृषि विभाग द्वारा मौसम खरीफ 2024 में कृषकों को उच्च गुणवत्तायुक्त आदान सामग्री तथा यथा-उर्वरक, बीज एवं कीटनाशक दवाई की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए सघन अभियान चलाया जा रहा है। जिले में इस वर्ष खरीफ 2024 में बीज वितरण का 28696 क्विंटल लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसकी तुलना में अद्यतन निजी एवं सहकारी प्रतिष्ठानों में 33259.21 क्विंटल बीज का भण्डारण किया गया है। भण्डारित बीज में से 32809.86 क्विंटल बीज का वितरण कृषकों को किया जा चुका है। इसी प्रकार इस वर्ष खरीफ 2024 में उर्वरक वितरण का 62300 मि.टन लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसकी तुलना में अद्यतन निजी एवं सहकारी प्रतिष्ठानों में 52317 मि.टन उर्वरक का भण्डारण किया गया है। जिसमें 39312 मि.टन उर्वरक वितरण कृषकों को किया जा चुका है।जिला विपणन अधिकारी से प्राप्त जानकारी अनुसार सहकारी समितियों में मांग अनुसार उर्वरकों का भण्डारण कार्य प्रगतिरत् है। वर्तमान में 2967 मि.टन उर्वरक के आर.ओ. पेंडिंग है, जिसकी आपूर्ति प्रगतिरत् है। उर्वरक का शासन स्तर पर कृषकों के लिए निर्धारित दर प्रति बोरी क्रमशः यूरिया 266.50 रूपए, डी.ए.पी. 1350 रूपए, एन.पी.के. 12ः32ः16-1470 रूपए, एन.पी.के. 20ः20ः0ः13-1200 रूपए, एम.ओ.पी. 1625 रूपए, एस.एस.पी. पाउडर 469 रूपए, एस.एस.पी. दानेदार 510 रूपए जिंकेटेड एस.एस.पी. पाउडर 490 रूपए है। किसान भाइयों से अपील की गई है कि शासन स्तर से निर्धारित दर पर ही निजी एवं सहकारी प्रतिष्ठानों से उर्वरक का त्वरित गति से उठाव किया जाए ताकि जिले स्तर पर उर्वरक की कमी होने पर जिला विपणन अधिकारी कार्यालय से मांग की जा सके। जिले में वर्तमान में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक भण्डारित है। कृषि विभाग के मैदानी अधिकारियों को ग्राम स्तर पर सतत् भ्रमण करने व निजी एवं सहकारी प्रतिष्ठानों में सतत् निगरानी के निर्देश दिये गये हैं। साथ ही कृषकों की मांग अनुसार तत्काल आदान सामग्रियों का भण्डारण एवं वितरण सुनिश्चित करने कहा गया है।
- - 21 वाहनों पर चालानी कार्यवाही करते हुए 75 हजार रूपए शमन शुल्क वसूल की गईदुर्ग / दुर्ग जिले के अंतर्गत संचालित स्कूलों में स्कूली बच्चों को सुरक्षित यातायात को ध्यान रखते हुए स्कूली बच्चों को लाने ले जाने हेतु संचालित आटो रिक्शा, वेन आदि की परिवहन विभाग एवं यातायात विभाग दुर्ग द्वारा संयुक्त रूप से जांच 04 जुलाई से प्रारंभ किया गया, जिसमें क्षमता से अधिक व असुरक्षित बच्चों को बिठाते हुए पाया गया है। अवैधानिक रूप से संचालित 21 वाहनों पर चालानी कार्यवाही करते हुए 75 हजार रूपए शमन शुल्क वसूल की गई है। विद्यालयों में आटो-रिक्शा का संचालन को तत्काल बंद करने स्कूल प्रबंधनों को नोटिस जारी किया गया है। इस संबध्ंा में पालकों सेे अपील की गई है कि सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अपने बच्चों को आटो-रिक्शा व वेन से स्कूल न भेजें। आगामी दिनों में भी सतत् रूप से बिना परमिट, फिटनेश व बीमा के चलने वाले ऑटो रिक्शा, स्कूली वेन एवं स्कूल बसों आदि पर कार्यवाही किया जाएगा। उक्त जांच क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी श्री एस.एल. लकड़ा, श्रीमती प्रभा तिवारी, परिवहन उप निरीक्षक एवं यातायात विभाग के उप पुलिस अधीक्षक श्री सतीश ठाकुर एवं उनकी सहयोगी द्वारा किया गया।
- बिलासपुर /कलेक्टर श्री अवनीश शरण के निर्देश पर कोटा अनुविभाग अंतर्गत कोटा, रतनपुर एवं बेलगहना तहसील के विभिन्न ग्रामों में राजस्व प्रकरणों का निराकरण करने के लिए राजस्व शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों में ग्रामीण, किसानों सहित अन्य लोगों की समस्याओं का यथासंभव मौके पर ही निराकरण किया गया। एक ही जगह पर राजस्व संबंधित मामलों का निराकरण होने से ग्रामीण खुश है।कोटा एसडीएम श्री युगल किशोर उर्वशा ने बताया कि बेलगहना तहसील अंतर्गत लगाए गए राजस्व शिविरों में 1 हजार 47 आवेदन प्राप्त हुए, जिसमें से 970 आवेदनों का निराकरण कर दिया गया। इसी प्रकार कोटा तहसील अंतर्गत प्राप्त 553 आवेदनों में से 422 आवेदनों का निराकरण, रतनपुर तहसील में आयोजित शिविर में प्राप्त 422 आवेदनों में से 330 आवेदनों का निराकरण कर दिया गया है। शेष लंबित आवेदनों को एक सप्ताह के भीतर निराकृत कर दिया जाएगा। राजस्व समाधान शिविर में प्रमुख रूप से बंटवारा, अभिलेख सुधार, आय, जाति, निवास, त्रुटि सुधार, फौती नामांतरण, किसान किताब की प्रति, खसरे का ऑनलाईन रिकॉर्ड करना, नक्शा बटांकन, सीमांकन एवं अवैध कब्जा, आपसी जमीन विवाद संबधी मामले प्राप्त हुए, जिसके जल्द निराकरण होने से ग्रामीणों को काफी राहत मिली।कोटा एसडीएम ने बताया कि कोटा अनुविभाग अंतर्गत विभिन्न ग्रामों में शिविर के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याओं को सुना तथा राजस्व अमलों को प्राप्त आवेदनों का निराकरण एक सप्ताह के भीतर करने को कहा गया है। शिविर के दौरान एसडीएम सहित अन्य अधिकारी अस्पताल, पेयजल संबंधी व्यवस्था तथा राशन दुकानों का भी निरीक्षण कर रहे हैं। राजस्व शिविर में प्रमुख रूप से एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, हल्का पटवारी, सरपंच, सचिव एवं कोटवार सहित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित होकर राजस्व संबंधी मामलों का निराकरण कर रहे हैं।
- -समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देशबालोद । कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने ’उल्लास नवभारत साक्षरता’ कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु सभी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर श्री चन्द्रवाल गुरुवार को जिला पंचायत के सभाकक्ष में ’उल्लास नवभारत साक्षरता’ कार्यक्रम का जिले में सफल क्रियान्वयन हेतु आयोजित समीक्षा बैठक में शिक्षा विभाग के अधिकारियों को उक्ताशय के निर्देश दिए हैं। बैठक में श्री चन्द्रवाल ने सभी के लिए शिक्षा हेतु प्रारंभ की गई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत अनुसंशित ’उल्लास नवभारत साक्षरता’ कार्यक्रम के जिले में सफल क्रियान्वयन हेतु किए जा रहे उपायों की भी विस्तृत समीक्षा की। उल्लेखनीय है कि केन्द्र परिवर्तित योजना ’उल्लास नवभारत साक्षरता’ कार्यक्रम के अंतर्गत 15 वर्ष से अधिक उम्र के असाक्षरों को शत प्रतिशत साक्षर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे, जिला शिक्षा अधिकारी श्री पीसी मरकले, ’उल्लास नवभारत साक्षरता’ कार्यक्रम के जिला स्तरीय नोडल अधिकारी श्री राधेश्याम साहू एवं विकासखण्ड नोडल अधिकारियों के अलावा विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयक, संकुल समन्वयक एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने जिले में ’उल्लास नवभारत साक्षरता’ कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु निर्धारित लक्ष्य एवं रणनीति के संबंध में जिला स्तरीय नोडल अधिकारी के अलावा विकासखण्ड स्तरीय नोडल अधिकारियों से बारी-बारी से जानकारी ली। बैठक में कलेक्टर ने विकासखण्ड नोडल अधिकारियों से ’उल्लास नवभारत साक्षरता’ कार्यक्रम के सर्वे ’उल्लास एप्प’ में एंट्री कार्य के संबंध में बारी-बारी से जानकारी ली। उन्होंने सभी विकासखण्ड स्तरीय नोडल अधिकारियों को 01 सप्ताह के भीतर एंट्री के कार्य को अनिवार्य रूप से पूरा करने के निर्देश दिए। श्री चन्द्रवाल ने विकासखण्ड स्तरीय नोडल अधिकारियांे से एंट्री कार्य से आ रही परेशानियों के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को आम जनता को ’उल्लास नवभारत साक्षरता’ कार्यक्रम के संबंध में जानकारी प्रदान कर तथा अभियान चलाकर एंट्री कार्य को पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने ’उल्लास केंद्र’ तथा शिक्षार्थियों एवं स्वयं सेवी शिक्षकों का चिन्हांकन, उल्लास कार्यक्रम हेतु वातावरण निर्माण, प्रवेशिका निर्माण, पठन-पाठन सामग्रियों की व्यवस्था, ’उल्लास नवभारत साक्षरता’ कार्यक्रम मंे स्वयं सेवी संस्थाओं एवं अन्य संस्थाओं की व्यवस्थाओं, कुशल प्रशिक्षकों एवं स्वयं सेवी प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण तथा उल्लास केन्द्रों का संचालन आदि की विस्तृत समीक्षा की। श्री चन्द्रवाल ने बैठक में उपस्थित विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयकों एवं संकुल समन्वयकों को भी ’उल्लास नवभारत साक्षरता’ कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा।जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे ने अधिकारियों से जिले में ’उल्लास नवभारत साक्षरता’ कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु की गई तैयारियों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने इस कार्य को अभियान चलाकर पूरा करने को कहा।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के महापौर नीरज पाल की अध्यक्षता में अपील समिति के समक्ष सुनवाई हुई। भू-खण्ड आबंटन से संबंधित प्रथम प्रोजेक्ट आटो मोबाईल्स् प्रा.लि. एवं द्वितीय अपील भिलाई आटो मोबाईल्स् प्रा.लि. के प्रकरण पर विचार किया गया। विचार विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया की निगम भिलाई के अधीवक्ता से विधी समत्त उल्लेख करवाया जाये। जिसमें भविष्य में किसी भी प्रकार के न्यायालयीन कार्यवाही में निगम का पक्ष मजबूत रहे।तृतीय अपील विनय शर्मा स्वच्छता निरीक्षक जगदलपुर के सर्विस मेटर से संबंधित आवेदन को अपील समिति के समक्ष सुनवाई हेतु प्रस्तुत किया गया। जिसकी सुनवाई करते हुए अपील समिति ने बताया की अपीली प्रकरण नगर निगम अधिनियम 1956 की धारा 403 के अंतर्गत अपीली समिति को 35 बिन्दुओ पर सुनवाई का अधिकार दिया गया है। विनय शर्मा द्वारा प्रस्तुत आवेदन से संबंधित जो विषय वस्तु है, पर विचार कर निर्णय हेतु ग्राह किया गया।अपीली समिति में प्रमुख रूप से महापौर नीरज पाल, अपीली समिति सदस्य नेता प्रतिपक्ष भोज राज (भोजू), श्रीमती अंजू सिन्हा, राजेन्द्र कुमार, सहायक अधीक्षक दशरथ राम ध्रुव, संतोष पाण्डेय, स्थापना अधीक्षक बसंत देवांगन, सचिव शरद दुबे, देवराज सिंह राजपूत आदि उपस्थित रहे।
- -विभिन्न प्रजातियों के 1.25 लाख पौधे रोपे गए, देखभाल का संकल्परायपुर । जिले में महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत गांव-गांव में वृक्षारोपण किया गया। स्कूल, आंगनबाड़ी व अन्य शासकीय भवनों में वृक्ष लगाए गए। इस अभियान में ग्रामीण, छात्रों व जनप्रतिनिधियों ने सहभागिता निभाई। जिले में 1 लाख 25 हजार पौधे रोपे गए। साथ ही पंजीकृत श्रमिकों से गड्ढा खुदाई का कार्य कराया गया।
उल्लेखनीय है कि पौधारोपण के लिए पौधे भी महात्मा गांधी नरेगा योजना अंतर्गत वनविभाग व उद्यानिकी विभाग की नर्सरी से तैयार किये गए हैं। वर्तमान में जिले की नर्सरियों मे 10 लाख पौधे विभिन्न प्रजाति के पौधा वृक्षारोपण के लिए निःशुल्क प्राप्त कर नर्सरी में मुख्य रूप से पायी जाने वाली प्रजाति आॅवला, आम, जामुन, इमली, करंज, मुनगा, कचनार आदि फलदार व छायादार पौधो का वृक्षारोपण कर उसकी देख-भाल के संकल्प के लिए प्रेरित किया गया। गुरुवार को
- -सड़क दुर्घटना से मृतक पक्ष द्वारा किया जा रहा प्रदर्शन राजस्व एवं पुलिस प्रशासन के पहल से हुए शांत-सड़क दुर्घटना से मिलने वाले आर्थिक सहायता राशि का मौके पर ही भुगतानरायपुर /कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के मार्गदर्शन से गुरुवार को ग्राम चपरीद में लगभग 150 लोगों की भीड़ को तत्काल समझाईश देकर प्रदर्शन को समाप्त करवाया गया। मौके पर ही आर्थिक सहायता राशि प्रदान किया गया। मौके पर राजस्व एवं पुलिस प्रशासन द्वारा अप्रिय स्थिति निर्मित होने से रोकी गयी। गौरतलब है आज सुबह 11 बजे ग्राम चपरीद निवासी महेश साहू अपनी पत्नी उत्तरा बाई साहू और बेटी आरती साहू के साथ बाइक से देवरी जा रहे थे। ग्राम चपरीद में सड़क दुर्घटना से श्रीमती उत्तरा साहू एवं पुत्री आरती साहू की मौके पर ही मृत्यु हो गयी थी। हल्का पटवारी से घटना की सूचना मिलते ही राजस्व अमला एवं पुलिस प्रशासन द्वारा घटना स्थल पर पहुँच कर चक्काजाम करती हुई भीड़ को समझाईश दी गई। हल्का पटवारी द्वारा तत्काल नज़री नक़्शा, स्थल पंचनामा बनाया गया एवं सड़क दुर्घटना के तहत दी जाने वाली सहायता राशि तत्काल प्रदान की गई।इस पूरे घटनाक्रम से ग़ुस्साए हुए ग्रामीण शांत हुए एवं प्रशासन की तत्पर्ता से परिजन संतुष्ट हुए। मौके पर तहसीलदार श्रीमती सीता शुक्ला, नायब तहसीलदार श्री सृजल साहू, सीएसपी श्री लंबोदर पटेल, थाना प्रभारी आरंग श्री राजेश सिंह, थाना प्रभारी ख़रोरा श्री दीपक पासवान उपस्थित रहे।
- रायपुर । एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत गुरुवार को विभिन्न स्थानों पर पौधे रोपे गए। जल संसाधन उपसंभाग अभनपुर के अधिकारी व कर्मचारियों के द्वारा इस अभियान के तहत अभनपुर के काॅलोनी में अलग-अलग प्रजातियों के 500 पौधे रोपे गए। साथ ही रायपुर ट्रेनिंग सेंटर में 125 पौधे लगाए गए।
- रायपुर । एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत जिले में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के द्वारा सेजबहार समिति में विभिन्न प्रजातियों के फलदार व छायादार पौधे रोपे गए और सुरक्षा का संकल्प लिया गया। पौधा रोपण उपायुक्त सहकारिता के द्वारा किया गया। इस अवसर पर अधिकारी व कर्मचारियों ने भी पौधे रोपण कर सुरक्षा का संकल्प लिया।
- -विभिन्न प्रजातियों के लगभग 1500 पौधे रोपे गए-हर पौधे को बड़े होने में रखेंगे पूरा ख्याल, सभी ने मिलकर लिया संकल्परायपुर / परियोजना कार्यालय, मंदिर हसौद में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान तहत गांव-गांव में वृक्षारोपण किया गया। स्कूल, आंगनबाड़ी व अन्य शासकीय भवनों में वृक्ष लगाए गए। इस अभियान में ग्रामीण, आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चें, किशोरी बालिका, जनप्रतिनिधियों, सहायिका और कार्यकर्ता ने सहभागिता निभाई, जहाँ लगभग 1500 पौधे रोपे गए। उल्लेखनीय है कि पौधारोपण के लिए पौधे महात्मा गांधी नरेगा योजना अंतर्गत वनविभाग व उद्यानिकी विभाग की नर्सरी से तैयार किये गए हैं। वर्तमान में जिले की नर्सरियों मे 10 लाख पौधे विभिन्न प्रजाति के पौधा वृक्षारोपण के लिए निःशुल्क प्राप्त कर नर्सरी में मुख्य रूप से पायी जाने वाली प्रजाति आंवला, आम, जामुन, इमली, करंज, मुनगा, कचनार आदि फलदार व छायादार पौधो का वृक्षारोपण कर उसकी देख-भाल के संकल्प के लिए प्रेरित किया गया।
- -विद्यालय का निरीक्षण कर अध्ययन-अध्यापन की व्यवस्थाओं का लिया जायजाबालोद । कलेक्टर श्री इंद्रजीत चंद्रवाल ने आज जिले में चलाए जा रहे सघन वृक्षारोपण अभियान अंतर्गत स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय लाटाबोड़ में पौधरोपण किया। इस अवसर पर श्री चंद्रवाल ने मौके पर उपस्थित विद्यार्थियों को संपूर्ण जीव-जगत के लिए पेड़-पौधों का महत्व एवं उसके उपयोगिता के संबंध में जानकारी ली। विद्यार्थियों ने कलेक्टर श्री चंद्रवाल को नीम, मुनगा आदि वृक्षों के औषधि गुणों के संबंध में जानकारी दी। श्री चंद्रवाल ने विद्यार्थियों एवं उपस्थित लोगों को अनिवार्य रूप से पौधरोपण करने तथा उसका समुचित देखभाल भी सुश्चित करने कहा। इस दौरान कलेक्टर ने स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय लाटाबोड़ का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। श्री चंद्रवाल ने स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय के क्लास रूम के अलावा आईसीटी लैब, अटल टिंकरिंग लैब सहित विभिन्न कक्षों का निरीक्षण किया। कलेक्टर श्री चंद्रवाल ने क्लास रूम में पहुंचकर विद्यार्थियों से गणित एवं विज्ञान विषय से संबंधित प्रश्र भी पूछे। कलेक्टर द्वारा पूछे गए प्रश्रों का विद्यार्थियों ने सही-सही उत्तर दिया। जिससे कलेक्टर श्री चंद्रवाल बहुत ही प्रसन्नचीत नजर आ रहे थे। कलेक्टर ने विद्यार्थियों को खूब मेहनत कर जीवन में उपलब्धि हासिल कर अपने माता-पिता, परिवार एवं संस्थान का नाम रौशन करने कहा। श्री चंद्रवाल ने मौके पर उपस्थित श्री सीएल सिन्हा एवं अन्य शिक्षकों से विद्यालय के अध्ययन-अध्यापन व्यवस्था के संबंध में जानकारी दी और इस कार्य में विद्यार्थियों की भी अनिवार्य सहभागिता सुनिश्चित करने कहा। इस अवसर पर पद्मश्री डोमार सिंह कुंवर, एसडीएम श्रीमती शीतल बंसल, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी श्री बीके बाघ, श्री नवीन यादव, श्री हिमांशु मिश्रा, एपीसी श्री लेखराम साहू सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे।


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