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- मोहला/सेना भर्ती कार्यालय, जबलपुर (मध्य प्रदेश) द्वारा भारतीय सेना में महिला सेना पुलिस पद हेतु भर्ती रैली का आयोजन 23 फरवरी 2026 को किया जाएगा। यह भर्ती रैली पुलिस ग्राउंड झिन्झारी, कटनी (म. प्र.) में संपन्न होगी।इस भर्ती प्रक्रिया में सेना भर्ती कार्यालय, रायपुर (छत्तीसगढ़) के अंतर्गत आने वाले सभी 33 जिलों की वे महिला अभ्यर्थी भाग लेंगी, जिन्होंने कॉमन एंट्रेंस एग्जाम (सीईई) में सफलता प्राप्त की है।गौरतलब है कि भारतीय सेना द्वारा 30 जून 2025 से 10 जुलाई 2025 के बीच ऑनलाइन सामान्य प्रवेश परीक्षा (सीईई) का आयोजन किया गया था। इस परीक्षा में उत्तीर्ण महिला उम्मीदवारों को ही शारीरिक दक्षता परीक्षण, दस्तावेज सत्यापन एवं अन्य भर्ती प्रक्रियाओं में सम्मिलित होने की अनुमति दी जाएगी। शारीरिक दक्षता परीक्षा और दस्तावेज सत्यापन में सफल महिला उम्मीदवारों की चिकित्सा जांच 24 फरवरी 2026 को सेना अस्पताल, जबलपुर में आयोजित की जाएगी। भर्ती रैली में भाग लेने वाली योग्य महिला उम्मीदवारों के प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइटwww.joinindianarmy.nic.in(JIA Website) पर उपलब्ध करा दिए गए हैं तथा अभ्यर्थियों के पंजीकृत ई-मेल पते पर भी भेजे गए हैं। सेना भर्ती में सम्मिलित होने के लिए उम्मीदवारों को एडमिट कार्ड, रैली अधिसूचना में उल्लेखित सभी आवश्यक दस्तावेज, तथा आधार कार्ड से लिंक मोबाइल फोन साथ लाना अनिवार्य होगा।
- मोहला/जिले के आकांक्षी विकासखंड अंबागढ़ चौकी में नीति आयोग के संपूर्णता अभियान 2.0 का भव्य शुभारंभ बुधवार 28 जनवरी को किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ नगर पंचायत अध्यक्ष श्री अनिल मानिकपुरी, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री पुनऊ राम फूलकंवर एवं जिला अध्यक्ष श्री दिलीप वर्मा के करकमलों से हुआ।कार्यक्रम की शुरुआत स्कूली बच्चों, नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा निकाली गई संपूर्णता रैली से की गई। इसके पश्चात आकांक्षी विकासखंड नोडल अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मोहला द्वारा अभियान की रूपरेखा एवं उद्देश्यों की जानकारी दी गई। संपूर्णता अभियान 2.0 के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पूरक पोषक आहार, पशुधन विकास विभाग द्वारा गौवंश का टीकाकरण, स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी मुक्त अभियान, तथा शिक्षा विभाग द्वारा बालिका शौचालय जैसे प्रमुख विषयों पर विभागीय अधिकारियों ने अपने-अपने लक्ष्य एवं योजनाओं की जानकारी साझा की।मुख्य अतिथि एवं नोडल अधिकारी द्वारा ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को संपूर्णता मशाल सौंपकर निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु संकल्प दिलाया गया। इसके बाद संपूर्णता शपथ ली गई तथा विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन कर हितग्राहियों को सामग्री का वितरण किया गया। अभियान के प्रति प्रतिबद्धता दर्शाते हुए अतिथियों एवं अधिकारियों ने सिग्नेचर वॉल पर हस्ताक्षर किए तथा अंत में संपूर्णता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।एसडीएम एवं प्रभारी अधिकारी डॉ. हेमेंद्र भूआर्य ने बताया कि नीति आयोग द्वारा संचालित यह अभियान 28 जनवरी से 14 अप्रैल तक चलेगा। अभियान के अंतर्गत अंबागढ़ चौकी आकांक्षी विकासखंड में स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा एवं पशुपालन से जुड़े 6 प्रमुख संकेतकों में शत-प्रतिशत संतृप्ति प्राप्त करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इन संकेतकों में आईसीडीएस अंतर्गत 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों को नियमित पूरक पोषण, आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की मापन दक्षता, कार्यरत आंगनबाड़ी केंद्रों एवं विद्यालयों में शौचालय सुविधा, तथा खुरपका-मुंहपका रोग के विरुद्ध गौवंशीय पशुओं का टीकाकरण शामिल है। संपूर्णता अभियान 2.0 के माध्यम से अंबागढ़ चौकी ब्लॉक में समग्र एवं सतत विकास की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्री नेहरू रजक, जनपद उपाध्यक्ष श्री शंकर तिवारी, मंडल अध्यक्ष श्री आशीष द्विवेदी, श्री संदीप साहू, सरपंच संघ अध्यक्ष श्री बीरेन्द्र कड़ियाम, जनपद सीईओ श्रीमती प्रियंवदा रामटेके, आकांक्षी ब्लॉक फेलो सविता साहू, ब्लॉक स्तरीय अधिकारी, फ्रंटलाइन वर्कर्स, बिहान समूह की महिलाएं, समस्त ग्रामों के सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
- मोहला/छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 की कण्डिका 4(ख) के अंतर्गत ग्राम पंचायत में संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकान गोर्राटोला, अंबागढ़ चौकी (शहरी) की संचालन एजेंसी द्वारा दुकान का संचालन नहीं करने संबंधी समर्पण पत्र प्रस्तुत किया गया है। वहीं, शासकीय उचित मूल्य दुकान चिखली वर्तमान में निलंबित है, जिसे अस्थायी रूप से अन्य दुकान से संलग्न कर संचालित किया जा रहा है। इन परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए, समर्पित एवं निलंबित शासकीय उचित मूल्य दुकानों के नियमित संचालन हेतु वृहत्ताकार आदिम जाति बहुउद्देशीय सहकारी समितियाँ (लैम्प्स), प्राथमिक कृषि साख समितियाँ, वन सुरक्षा समितियाँ, महिला स्व-सहायता समूह, ग्राम पंचायतें एवं अन्य उपभोक्ता सहकारी समितियाँ जो उचित मूल्य दुकान संचालन के लिए इच्छुक हों, उनसे आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस संबंध में 23 जनवरी 2026 को प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई है। इच्छुक संस्थाएँ विहित प्रारूप में समस्त आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपना आवेदन पत्र विज्ञप्ति जारी दिनांक से 15 दिवस के भीतर, अर्थात 06 फरवरी 2026 तक कार्यालयीन समय में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), मोहला के कार्यालय में जमा कर सकती हैं।- अनुभाग मोहला अंतर्गत शासकीय उचित मूल्य दुकानेंशासकीय उचित मूल्य दुकान, अंबागढ़ चौकी (शहरी) – आईडी क्रमांक 421007001, शासकीय उचित मूल्य दुकान गोर्राटोला – आईडी क्रमांक 422007007, शासकीय उचित मूल्य दुकान सांगली – आईडी क्रमांक 422008001, शासकीय उचित मूल्य दुकान चिखली – आईडी क्रमांक 422007050 उक्त शासकीय उचित मूल्य दुकानों का आवंटन छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 के प्रावधानों के अंतर्गत किया जाएगा। इस संबंध में विस्तृत जानकारी खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की वेबसाइटfcs.cg.gov.inतथा अनुविभागीय अधिकारी (रा.), मोहला कार्यालय के सूचना पटल पर उपलब्ध है।
- • एल. डी. मानिकपुरीरायपुर/कभी-कभी जीवन की दिशा बदलने के लिए किसी बड़े मंच, बड़े अवसर या बड़े संसाधन की आवश्यकता नहीं होती। कभी-कभी एक डस्टबिन में पड़ा काग़ज़ का टुकड़ा भी जीवन की करवट बदल देता है। कोरिया जिले के बैकुंठपुर विकासखण्ड के ग्राम तोलगा की अंजना उरांव की कहानी इसी सच्चाई को सशक्त रूप से सामने रखती है, जो कड़ी मेहनत और लगन से ही स्थायी सफलता हासिल की।अंजना उरांव कोई उद्योगपति परिवार से नहीं आतीं, न ही उनके पास पूंजी, सिफ़ारिश या विशेष प्रशिक्षण था। वे जनपद पंचायत खड़गवां में एक अंशकालिक डाटा एंट्री ऑपरेटर हैं। स्नातकोत्तर डिग्री होने के बावजूद मात्र चार हजार रुपये मासिक मानदेय पर कार्यरत हैं। जीवन एक तयशुदा सीमित दायरे में चल रहा था, तभी एक दिन कार्यालय के डस्टबिन में उन्हें एक फटा हुआ पन्ना मिला। उस पन्ने पर लिखा था प्रधानमंत्री सृजन स्वरोजगार योजना वह पन्ना कचरा नहीं था, वह संभावना थी। अंजना ने उसे पढ़ा, समझा और उसी क्षण मन में यह निश्चय किया कि वे सिर्फ़ नौकरी करने वाली नहीं, बल्कि कुछ सृजित करने वाली बनेंगी।विरोध, संदेह और संघर्ष का दौरयोजना की जानकारी लेने जब उन्होंने जनपद कार्यालय में चर्चा की तो अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ मिलीं। किसी ने जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र जाने की सलाह दी, तो किसी ने यह कहकर हतोत्साहित किया कि बैंक और योजनाओं के चक्कर में पड़ना बेवकूफी है। लेकिन अंजना ने हार नहीं मानी। उन्होंने एक रोचक बात भी बताई कि एक बार मोबाइल व अखबार में जिला कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी का बयान आया था कि महिलाएं किसी से कम नहीं है, अपने हिम्मत से आगे बढ़ सकती हैं। यह वाक्य उनके दिमाग बसा था, इसी जुनून ने आगे बढ़ने के लिए भी प्रेरित किया।अंजना ने जब जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र से जानकारी लेने के बाद जब पोड़ी-बचरा क्षेत्र में फ्लाईऐश ईंट निर्माण इकाई देखी, तो उनके भीतर एक उद्यमिता जन्म लेने लगा। उन्होंने तय किया कि वे भी फ्लाईऐश ईंट उद्योग स्थापित करेंगी।इसके बाद शुरू हुआ असली संघर्षदस्तावेज़ों की लंबी सूची, बैंकों के बार-बार चक्कर, ऋण अस्वीकृतियाँ और सामाजिक दबाव। मायके और ससुराल दोनों ओर से एक ही सलाह मिली यह लफड़ा मत पालो। अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखें कि आप अपने सपनों को पूरा कर सकते हैं।अंजना की जुनून के आगे बढ़ने में पति का रहा साथऐसे समय में उनके पति अनिल कुमार उनके सबसे बड़े संबल बना। दसवीं तक पढ़े अनिल कुमार को उद्योग का अनुभव नहीं था, लेकिन मेहनत, खेती और परिवार की जिम्मेदारी निभाने का जज्बा भरपूर था। उन्होंने अंजना के सपने को अपना सपना बना लिया। अंततः बैकुंठपुर स्थित एचडीएफसी बैंक से 30 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। कटघोरा से मशीनें मंगाई गईं, शेड का निर्माण हुआ, कोरबा से फ्लाईऐश और स्थानीय स्तर से रेत-सीमेंट की व्यवस्था की गई।सपना बना हकीकतअगस्त 2025 में इकाई का लोकार्पण हुआ और अक्टूबर 2025 से उत्पादन शुरू हुआ है। आज अंजना उरांव की अंजना इंटरप्राइजेज फ्लाईऐश ब्रिक्स इकाई लगातार उत्पादन कर रही है। अब तक लगभग 80 हजार ईंटों का निर्माण हो चुका है। वे प्रतिमाह 60 हजार रुपये की बैंक किश्त नियमित रूप से जमा कर रही हैं, बिना किसी चूक के। संयुक्त परिवार, खेती, बच्चों की परवरिश और उद्योग, सब कुछ संतुलन के साथ चल रहा है। चार एकड़ भूमि पर धान और गेहूं की खेती भी जारी है। अब ईंटों की मांग बढ़ती जा रही है। जल्द ही वे ईंट रखने की लकड़ी की ट्रॉली (पीढ़ा) खरीदने वाली हैं। उनका लक्ष्य है प्रतिदिन 15 हजार ईंट उत्पादन और प्रतिमाह 6 से 7 लाख रुपये का कारोबार ।डस्टबिन से मिली पहचानआज वही परिवार और समाज, जिसने कभी उन्हें रोका था, उनके साहस की सराहना करता है। अंजना उरांव स्वयं कहती हैं, श्लोग जिस डस्टबिन को कचरा समझते हैं, उसी डस्टबिन ने मुझे मेरी पहचान दी। इसलिए जहाँ से भी ज्ञान मिले, उसे अपनाइए। मेहनत, जुनून और लगन से कोई भी बाधा पार की जा सकती है।सकारात्मक और प्रेरणादायक लोगों के साथ रहें, जो आपको आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें। कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी का कहना है कि अंजना उरांव निश्चित ही उन महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं, जो साधनों और संसाधनों के अभाव का हवाला देकर आगे बढ़ने से रुक जाती हैं। सरकारी योजनाओं का समुचित लाभ लेकर एक सफल उद्यमी बनने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही अंजना पर गर्व किया जाना चाहिए।यह एक कहानी नहीं, बल्कि एक संदेशअंजना उरांव की यह कहानी सिर्फ़ एक महिला उद्यमी की सफलता नहीं है। यह कहानी है सरकारी योजनाओं के सही उपयोग, ग्रामीण महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भर भारत की जमीनी तस्वीर और उस सोच की, जो अवसर को कचरे में भी खोज लेती है। डस्टबिन से उद्योग तक का यह सफ़र बताता है कि सपनों को हकीकत में बदलने के लिए दृढ़ निश्चय, कड़ी मेहनत और अटूट आत्मविश्वास की आवश्यकता होती है, तभी मजिल को हासिल किया जा सकता है।
- मां महामाया के आशीर्वाद से रतनपुर को कॉरीडोर के रूप में करेंगे विकसित : अरुण सावरायपुर/उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने 1 फरवरी को रतनपुर में माघी पूर्णिमा एवं आदिवासी विकास मेला वर्ष-2026 का शुभारंभ किया। श्री साव ने इस अवसर पर ऑडिटोरियम निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपए और नगर पालिका भवन में बाउंड्रीवाल के लिए 20 लाख रुपए देने की घोषणा की।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यक्रम में कहा कि रतनपुर पवित्र और पौराणिक नगरी है, इसकी ख्याति दुनिया भर में है। इस ख्याति के अनुरूप यहां बहुत कुछ किया जाना बाकी है। यह कभी छत्तीसगढ़ की राजधानी रही है। इसके अनुरूप गरिमा बढ़ाने का काम करेंगे।श्री साव ने बताया कि रतनपुर को कॉरीडोर के रूप में विकसित करने का काम करेंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के धार्मिक स्थलों को सजाने और संवारने का काम हुआ है। मां महामाया की कृपा से रतनपुर को भी संवारेंगे। रतनपुर के तालाबों के सौंदर्यीकरण का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इसे सुंदर बनाने पूरे मन से कार्य करेंगे। विधायक श्री सुशांत शुक्ला, जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी और नगर पालिका के अध्यक्ष श्री लवकुश कश्यप सहित पार्षदगण एवं नगरवासी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।
- -प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने केन्द्रीय बजट को राज्य के वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के लिए एक बड़ा आर्थिक संबल बतायारायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने कहा है कि केंद्रीय बजट में तेंदूपत्ता पर लगने वाले टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (टीसीएस) को 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत करने के फैसले स्वागत योग्य है। श्री ठाकुर ने इस निर्णय को राज्य के वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के लिए एक बड़ा आर्थिक संबल बताया है।भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार ने तेंदूपत्ता पर टीसीएस की दर में 3 प्रतिशत की कटौती की है, जिससे अब यह 5 फीसद के बजाय केवल 2 फीसद रह गई है। छत्तीसगढ़ में लगभग 13 लाख परिवार तेंदूपत्ता संग्रहण के कार्य से जुड़े हैं। इस कटौती का सीधा लाभ इन परिवारों की आय में वृद्धि के रूप में मिलेगा। तेंदूपत्ता संग्रहण में मुख्य रूप से आदिवासी और जनजातीय समाज के लोग शामिल हैं। यह निर्णय उनके आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। श्री ठाकुर ने इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के दूरदर्शी निर्णय तथा राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रयासों के लिए छत्तीसगढ़ के संग्राहक परिवारों की ओर से आभार व्यक्त किया।भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय सदैव जनजातीय परिवारों और तेंदूपत्ता संग्राहकों की आर्थिक उन्नति के लिए समर्पित रहे हैं। केंद्र सरकार द्वारा टीसीएस में की गई यह कटौती उसी प्रतिबद्धता का परिणाम है। इससे हमारे प्रदेश के लाखों परिवारों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा। यह निर्णय छत्तीसगढ़ की ग्रामीण और जनजातीय अर्थव्यवस्था को नई गति देने वाला साबित होगा।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, विधायक और प्रदेश के पूर्व वित्त मंत्री अमर अग्रवाल ने केंद्रीय बजट 2026 का स्वागत करते हुए कहा है कि यह बजट देश को चौथी बड़ी वैश्विक अर्थ-शक्ति के अगले सोपान को तय करेगा। श्री अग्रवाल ने कहा कि विकसित भारत की अवधारणा को साकार करने और देश के समक्ष मौजूद रोजगार और आर्थिक असमानता जैसी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए यह बजट प्रस्तुत किया गया है। श्री अग्रवाल ने कहा कि उत्पादकता में वृद्धि और विदेशी पूंजी का अधिकतम निवेश राष्ट्र की आर्थिक प्रगति का आधार माने जाते हैं और इस कसौटी पर यह बजट पूरी तरह खरा उतर रहा है। इसके अलावा तकनीकी विषयों को भी बजट में समाविष्ट कर विविधताओं वाले इस देश के ताजा बजट में सर्व समावेशी विकास की चुनौती से पार पाने की अदम्य इच्छाशक्ति दिखाई दे रही है। कुल मिलाकर, यह बजट रोजगार के अवसर बढ़ाने वाला, आर्थिक असमानता दूर करने वाला है। छत्तीसगढ़ के लिए इस बजट में किए गए प्रावधानों का स्वागत करते हुए श्री अग्रवाल ने कहा कि इससे छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में यकीनन उछाल आएगा और विकसित छत्तीसगढ़ का हमारा विजन धरातल पर उतरेगा।
- बजट प्रतिक्रिया/सुश्री लता उसेण्डी, भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्षरायपुर। भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व विधायक लता उसेण्डी ने कहा कि बजट में केंद्र सरकार ने देश के हर जिले में महिला छात्रावास खोलने की घोषणा की है, जिसका सीधा लाभ छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिले की बेटियों व मातृशक्ति को मिलेगा। कैंसर के इलाज के लिए 17 नई दवाओं पर कस्टम ड्यूटी घटाई गई है, जिससे राज्य के मरीजों के लिए इलाज सस्ता होगा। देश में 3 नए आयुर्वेद कॉलेज खोले जाएंगे, जिसमें छत्तीसगढ़ की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। 3 नए फार्मास्युटिकल शिक्षा संस्थान स्थापित करने की घोषणा की गई है। इसी प्रकार छत्तीसगढ़ के लिए रेलवे बजट में भारी बढ़ोतरी जारी रखी गई है। राज्य में खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा (278 किमी) और रावघाट-जगदलपुर (140 किमी) जैसी महत्वपूर्ण रेल लाइनों के काम में तेजी लाने के लिए पर्याप्त फंड दिया गया है।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चन्देल ने संसद में केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत किए गए आम बजट की सराहना करते हुए इसे 'गांव, गरीब और किसान' का बजट बताया है। श्री चन्देल ने कहा कि यह बजट न केवल आम जनता के हितों को सुरक्षित करता है बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'विकसित भारत' के संकल्प को भी मजबूती प्रदान करता है।भाजपा नेता श्री चन्देल ने बजट का स्वागत करते हुए कहा कि इसमें समाज के सभी वर्गों का विशेष ध्यान रखा गया है। यह "सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय" की भावना पर आधारित है। यह बजट भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण 'विजन दस्तावेज' है और 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य का स्पष्ट मार्ग प्रशस्त करता है। श्री चन्देल ने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट आर्थिक विकास की गति को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगा। इस बजट में विकसित भारत की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। यह एक दूरदर्शी प्रस्तुतिकरण है जो देश के हर नागरिक के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ताओं ने केन्द्रीय बजट को ऐतिहासिक बताते हुए केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा सदन में प्रस्तुत बजट की सराहना की है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने कहा कि केन्द्रीय बजट में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय योजना में जनजातीय क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए स्कूलों के निर्माण और शिक्षकों की भर्ती में तेजी लाने का लक्ष्य। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता नलिनीश ठोकने ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बजट देश के हर पहलू को ध्यान में रख कर बनाया गया है। आधुनिकता के साथ भारत के प्राचीन पद्धति, योग व आयुर्वेद के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है जो बताता है कि भारत को 2047 तक विकसित बनाने के लिए कार्य होगा।भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने कहा कि राज्य की नई नीति और केंद्रीय बजट का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को 10 लाख करोड़ रुपए की जीएसडीपी (2030 तक) तक पहुँचाना है। बजट में फार्मास्युटिकल, टेक्सटाइल, एग्रो-प्रोसेसिंग और एआई/रोबोटिक्स को विशेष प्रोत्साहन दिया गया है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता शिवनारायण पाण्डेय ने कहा कि बजट में बस्तर जैसे पिछड़े क्षेत्रों में निवेश करने वाले उद्योगों को 30 से 45 प्रतिशत तक की पूंजीगत सब्सिडी मिलेगी। औद्योगिक विकास के लिए गति (गुड गवर्नेंस, एक्सेलरेटिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर, टेक्नॉनॉजी, इडण्स्ट्रीयल ग्रोथ) मॉडल अपनाया गया है। भजपा प्रदेश प्रवक्ता प्रमोद शर्मा ने कहा कि रायपुर-दुर्ग मेट्रो लाइन के लिए सर्वे बजट और नए औद्योगिक पार्कों के निर्माण से लॉजिस्टिक्स लागत कम होगी। मुख्यमंत्री मोबाइल टावर योजना के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में नेटवर्क पहुँचाया जा रहा है, जो डिजिटल उद्योगों और आईटी/आईटीज के लिए आधार तैयार करेगा। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता टेकेश्वर जैन ने कहा कि बजट 2026 और राज्य की नीतियां मिलकर छत्तीसगढ़ को केवल एक श्खनिज राज्यश् से बदलकर एक विनिर्माण और सेवा हब बनाने की दिशा में काम कर रही हैं।भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजय शंकर मिश्रा ने कहा कि कैंसर के इलाज के लिए 17 नई दवाओं पर कस्टम ड्यूटी घटाई गई है, जिससे राज्य के मरीजों के लिए इलाज सस्ता होगा। देश में 3 नए आयुर्वेद कॉलेज खोले जाएंगे, जिसमें छत्तीसगढ़ की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। 3 नए फार्मास्युटिकल शिक्षा संस्थान स्थापित करने की घोषणा की गई है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. किरण बघेल ने कहा कि बजट में केंद्र सरकार ने देश के हर जिले में महिला छात्रावास खोलने की घोषणा की है, जिसका सीधा लाभ छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिले की छात्राओं को मिलेगा। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता वेदराम जांगड़े ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए रेलवे बजट में भारी बढ़ोतरी जारी रखी गई है। राज्य में खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा (278 किमी) और रावघाट-जगदलपुर (140 किमी) जैसी महत्वपूर्ण रेल लाइनों के काम में तेजी लाने के लिए पर्याप्त फंड दिया गया है।भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती शताब्दी पांडेय ने कहा कि बजट 2026 में स्वयं सहायता समूहों की 3 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल के निर्माण और शिशु गृहों की स्थापना के लिए राज्यों को विशेष अनुदान दिया गया है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता के.एल. चौहान ने कहा कि यह बजट समग्र रूप से तात्कालिक लोकलुभावन निर्णयों के बजाय, दीर्घकालिक स्थिरता, पारदर्शिता और विश्वास आधारित कर प्रणाली की दिशा में एक सशक्त कदम है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक ने कहा कि भारत को ग्लोबल क्लाउड हब बनाने का प्रावधान प्रस्तुत बजट में रखा गया है जिससे भारत में बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर निवेश को आकर्षित करेगा और देश को दुनिया का भरोसेमंद डिजिटल और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर हब बनाएगा।
- रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि आज कुशाभाऊ ठाकरे भाजपा प्रदेश कार्यालय, रायपुर में केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026–27 भाषण का श्रवण किया। यह ऐतिहासिक बजट कर्तव्य भवन में तैयार किया गया पहला बजट है।यह बजट जन-आकांक्षाओं की पूर्ति करते हुए सार्वजनिक निवेश, सुदृढ़ वित्तीय तंत्र, कृषि-ग्रामीण सशक्तिकरण, उद्योग और रोज़गार सृजन को गति देकर आर्थिक विकास को नई दिशा देगा। जब आम नागरिकों को अधिक सुविधाएँ, अवसर और आधारभूत संरचना मिलेगी, तब विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक समान रूप से पहुँचेगा और निश्चित ही हमारे छत्तीसगढ़ को विकास की नई संभावनाएँ मिलेंगी।*माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के दृढ़ नेतृत्व और दूरदर्शी सोच का ही परिणाम है कि भारत की अर्थव्यवस्था लगभग 7% की दर से सतत प्रगति कर रही है। सबका साथ, सबका विकास की भावना के साथ तैयार यह बजट आयुष, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, जलमार्ग, हाई-स्पीड रेल, मेडिकल टूरिज्म, बायोफार्मा निवेश तथा शहरी-ग्रामीण आधारभूत ढाँचे के विस्तार से छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में सशक्त कदम है।**यह बजट छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश के लोगों के लिए समावेशी विकास सुनिश्चित करेगा।**छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से मैं यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण जी को इस ऐतिहासिक, विकासशील और जनकल्याणकारी बजट के लिए हार्दिक धन्यवाद देता हूं।*
- बजट प्रतिक्रिया/ श्री किरणदेव, प्रदेशाध्यक्षरायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने संसद में रविवार को प्रस्तुत वर्ष 2026-27 के बजट प्रस्ताव को विकास को आगे बढ़ाने और मध्यम वर्ग की क्षमता बढ़ाने के लिए समर्पित बताया है। श्री देव ने कहा कि यह बजट विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में एक अहम कदम है जिसमें समावेशी विकास पर विशेष जोर दिया गया है।भाजपा प्रदेशाध्यक्ष श्री देव ने बजट प्रस्ताव के प्रावधानों की चर्चा करते हुए कहा कि इस बजट में सरकार ने मुख्य रूप से कर सुधारों, विनिर्माण और तकनीक पर जोर दिया है। मध्यम वर्ग के लिए व्यक्तिगत आयकर स्लैब में बदलाव कर नई आयकर व्यवस्था को और अधिक आकर्षिक बनाने पर जोर दिया गया है। 12 लाख रूपए तक की सालाना आमदनी पर अब कोई कर नहीं लगेगा। वेतनभोगी कर्मचारियों की मानक कटौती की सीमा बढ़ाकर 75 हजार रूपए करने का प्रस्ताव भी स्वागतेय है। उसी प्रकार वरिष्ठ नागरिकों के लिए कर कटौती की सीमा दुगुनी कर 1 लाख रूपए कर दी गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि लिथियम आयरन बैटरी समेत 12 महत्वपूर्ण खनिजों पर सीमा शुल्क समाप्त किए जाने से ईवी औ इलेक्ट्रानिक्स सस्ते होंगे। राज्यों को बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 1.5 लाख करोड़ रूपए का 50 साल तक के लिए पूर्व घोषित ब्याज मुक्त ऋण जारी रखा जाएगा। छत्तीसगढ़ के लिए बजट में किए गए प्रावधानों का जिक्र करते हुए कहा कि केन्द्रीय बजट 2026-27 में छत्तीसगढ़ के विकास के लिए कई रणनीतिक प्रावधान किए गए हैं। चूँकि छत्तीसगढ़ एक खनिज संपन्न और जनजातीय बहुल राज्य है, इसलिए केंद्र सरकार का ध्यान यहाँ की कनेक्टिविटी, जनजातीय कल्याण और औद्योगिक विकास पर केंद्रित है।
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बजट 2026 : छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी की प्रतिक्रिया
रायपुर। बजट-2026 पर प्रतिक्रिया देते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी ने कहा कि मेडिकल टूरिज्म के लिए 5 क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्रों का प्रस्ताव एक अच्छी पहल है, खासकर छत्तीसगढ़ के लिए। राज्य सरकार को न्यू रायपुर में मेडिसिटी को क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्र में बदलना चाहिए। बायोफार्मा, छत्तीसगढ़ निश्चित रूप से इसका लाभ उठा सकता है क्योंकि यहां फार्मा और मेडिकल टेक्नोलॉजी उद्योग के लिए उपयुक्त स्थान और वातावरण है। फार्मा के लिए अधिक परीक्षण सुविधाएं एक अच्छा कदम है। सोसाइटी ने कहा कि स्वास्थ्य के लिए बजट आवंटन अभी भी जीडीपी का 2% से कम है, जो निराशाजनक है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और बुनियादी स्वास्थ्य ढांचे के लिए आवंटन का समाधान नहीं किया गया है। आयुष्मान योजना के लिए आवंटन उम्मीदों से कम है। - -राजिम छत्तीसगढ़ की आस्था का प्रतीक - राज्यपाल डेकारायपुर । त्रिवेणी संगम राजिम के पावन तट पर नवीन मेला मैदान राजिम में आयोजित राजिम कुंभ कल्प मेला के शुभारंभ अवसर पर छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका, पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल सहित अतिथियों एवं संत-महात्माओं ने भगवान श्री राजीवलोचन की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया और प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि राजिम की यह पावन भूमि, जहां महानदी, पैरी और सोंढूर नदियों का संगम होता है, अत्यंत पुण्य और ऐतिहासिक महत्व रखती है। उन्होंने कहा कि इस पवित्र स्थल पर आयोजित मेला जिसे श्रद्धालु ‘कल्प कुंभ’ के नाम से जानते हैं, हमारी समृद्ध सांस्कृतिक एवं धार्मिक धरोहर का प्रतीक है।राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प के अवसर पर आप सभी के बीच उपस्थित होकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता और गौरव का अनुभव हो रहा है। मुझे छत्तीसगढ़ की पवित्र नगरी राजिम के कुंभ मेला में आकर अत्यंत शांति महसूस होती है। धर्म, आस्था और संस्कृति के इस संगम राजिम कुंभ मेले में देश के विभिन्न प्रांतों से आए साधु-संतों, श्रद्धालुजनों का मैं हार्दिक अभिनंदन करता हूं। मैं कुलेश्वर महादेव तथा राजीव लोचन भगवान, राजिम भक्तिन माता से प्रार्थना करता हूं कि हमारे देश और प्रदेश पर अपना आशीर्वाद बनाये रखें जिससे यहां हमेशा सुख-शांति और खुशहाली कायम रहे।राजिम छत्तीसगढ़ की आस्था का प्रतीकराज्यपाल ने आगे कहा कि राजिम माघी पुन्नी मेला छत्तीसगढ़ की आस्था का प्रतीक है। यह एक ऐसा पावन आयोजन है जिसमें छत्तीसगढ़ के लोगों के साथ-साथ देश भर के विभिन्न भागों से भी श्रद्धालुओं का आगमन होता है। राजिम प्राचीन समय से ही शैव और वैष्णव धर्म के केंद्र के रूप में विख्यात एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यहां राजीवलोचन मंदिर में भगवान विष्णु चतुर्भुज स्वरूप में विराजमान है। यहां भगवान शिव कुलेश्वर महादेव के रूप में विराजमान हैं।पंचकोशी यात्रा विश्व प्रसिद्धराज्यपाल श्री डेका ने कहा कि कुलेश्वरनाथ महादेव, पटेश्वर नाथमहादेव, चंपेश्वर नाथ महादेव, ब्रम्ह्केश्वर नाथ, फनीकेश्वर नाथ महादेव, करपूरेश्वर महादेव की पंचकोशी यात्रा विश्व प्रसिद्ध है। प्राचीन मंदिरों की बहुलता राजिम को पुरातात्विक, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता प्रदान करती हैं। इन मंदिरों में मूर्ति कला के गौरवशाली इतिहास के दर्शन होते हैं। शास्त्रों में माघ के माह पुण्य माह माना गया है। माघ माह के इस पावन अवधि में सदियों से ही पवित्र नदियों एवं त्रिवेणी संगमों में पुण्य स्नान की परंपरा रही है। इस माह छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्थानों में मेले का आयोजन की प्राचीन परंपरा रही है। मेलों का विशेष सामाजिक और सामुदायिक महत्व हैै। इनमें विभिन्न संस्कृतियों का मिलन होता है। इनके माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से परिचित होने का अवसर मिलता है। आज यहां राजिम मेेले में पधारे समस्त संतों, विद्वानों और धर्मगुरूओ को प्रणाम करता हूं। भारत साधु संतों की भूमि रही है। कहा जाता है जब किसी स्थान पर साधु संतों के चरण पड़ते हैं तो वह स्थान पवित्र हो जाता है। संतों के दिखाये मार्ग पर चलने से ज्ञान की प्राप्ति होती है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है। जहां संतों का सम्मान होता है वहां सुख समृद्धि, शांति और खुशहाली रहती है। उनका जीवन सदैव परोपकार के लिए समर्पित रहता है। संतों के समागम से हम एक बेहतर मनुष्य बनते हैं।राजिम कुंभ मेला जैसे अद्भुत आयोजनों से पर्यटकों को भी विशेष आनंद आता हैं। मेले में कलाकारों का संगम, श्रद्धालुओं की अनगिनत आस्था और संतों के आशीर्वाद से राजिम मेले ने देश में अपनी विशेष पहचान बनाई है। आधुनिक युग में हमें अपनी कला, साहित्य और संस्कृति को आरक्षित और उन्नत करने की आवश्यकता है।हमें इस प्रकार के कला, संस्कृति और धार्मिक आयोजनों के लिए अपने प्रयासों को बढ़ाने की आवश्यकता है, जिससे छत्तीसगढ़ पर्यटन मानचित्र में और उभर कर सामने आ सके। मुझे यह देखकर विशेष प्रसन्नता हो रही है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इस कुंभ को स्वच्छता, सुरक्षा और आधुनिक सुविधाओं के साथ भव्य रूप में आयोजित किया जाता है। यह आयोजन न केवल आध्यात्मिक चेतना को जागृत करेगा, बल्कि पर्यटन, लोक संस्कृति को भी नई दिशा देगा। हमारे पूर्वजों ने नदियों, सरोवरों और वृक्षों की महत्ता और उनके संरक्षण पर विशेष बल दिया। आज आवश्यकता है कि हम अपने पूर्वजों द्वारा दिखाए राह पर चलें और अपने प्राकृतिक वातावरण को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाए रखें, नए पौधों का रोपण करें और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें। हम सभी माइक्रो प्लास्टिक के हानिकारक प्रभावों के प्रति जागरूक बनें तथा इसकी रोेेेकथाम के उपाय करें। मैं इस पवित्र मेले में पधारे सभी साधु-संतों, धार्मिक गुरूओं का पुनः स्वागत करता हूं और कामना करता हूं कि राजिम कुंभ कल्प 2026 का आयोजन छत्तीसगढ़ को आध्यात्मिक मानचित्र पर और अधिक सशक्त रूप से स्थापित करें।राजिम कुंभ ने बनाई विश्व स्तर पर पहचानसंस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने भगवान श्री राजीवलोचन एवं कुलेश्वर महादेव को श्रद्धापूर्वक प्रणाम किया और कहा कि राजिम कुंभ कल्प पर्व हमारी सांस्कृतिक उत्सव परंपरा और लोक संस्कृति का जीवंत उत्सव है, जो समाज के मूल्यों को और अधिक प्रगाढ़ बनाता है। मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराएं आज विश्व स्तर पर अपनी अलग पहचान बना रही हैं। अपने स्थानीय परंपरा का सम्मान करना अत्यंत जरूरी है। आप सबके सहयोग से कुंभ कल्प पर्व सफल होगा। संभाग आयुक्त महादेव कावरे ने स्वागत भाषण में कहा कि त्रिवेणी संगम केवल नदियों की धाराओं का संगम नहीं, बल्कि आस्था, विश्वास और सनातन संस्कृति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राजिम कुंभ कल्प मेला मात्र एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह सामाजिक समरसता, एकता का संदेश देता है। संत राजीव लोचन महाराज ने कहा कि वर्ष 2006 से छत्तीसगढ़ के प्रयाग के रूप में पहचान बना चुके राजिम कुंभ कल्प मेला की यह पावन श्रृंखला वर्ष 2026 में पहुंची चुकी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोजित राजिम कुंभ कल्प मेला आज पूरे देश को जोड़ने का कार्य कर रहा है और यह आयोजन भव्यता एवं दिव्यता के साथ निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है।पं. युवराज पांडेय ने कहा कि कुंभ पर्व नासिक, हरिद्वार, प्रयागराज एवं उज्जैन जैसे पावन तीर्थों पर आयोजित होता है। राजिम कुंभ कल्प आज सम्पूर्ण भारतवर्ष में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। महानदी त्रिवेणी संगम के पावन तट पर आयोजित यह कुंभ कल्प मेला छत्तीसगढ़ की पहचान बन गया है। इस अवसर पर राज्य गृह भंडार निगम के अध्यक्ष श्री चंदूलाल साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल , नगर पालिका राजिम अध्यक्ष श्री महेश यादव, नगर पालिका गोबरा नवापारा की अध्यक्षा श्रीमती ओमकुमारी साहू, गरियाबंद कलेक्टर श्री भगवान सिंह उईके, जिला पंचायत सीईओ श्री प्रखर चंद्राकर सहित साधु-संत, जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ रही।
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- ग्राम कुटुलबोड़-भाठागांव में शत-प्रतिशत यूजर चार्ज संग्रहण के लिए सराहना की
राजनांदगांव । मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने जनपद पंचायत राजनांदगांव के ग्राम टेड़ेसरा स्थित प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट (पीडब्ल्यूएम) यूनिट का निरीक्षण किया। उन्होंने निरीक्षण के दौरान यूनिट के संचालन व्यवस्था, उपलब्ध संसाधनों तथा प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन की वर्तमान स्थिति का गहन अवलोकन किया तथा प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट के प्रभावी एवं सतत संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सीईओ जिला पंचायत ने प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट (पीडब्ल्यूएम) के तहत जिले के सभी ग्राम पंचायतों के एसएलआरएम शेड से प्लास्टिक अपशिष्ट का संग्रहण तत्काल प्रारंभ करने कहा। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए प्लास्टिक कचरे का समयबद्ध संग्रहण, पृथक्करण एवं वैज्ञानिक निस्तारण अनिवार्य है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह ने जनपद पंचायत डोंगरगांव के ओडीएफ प्लस मॉडल ग्राम कुटुलबोड़-भाठागांव का दौरा किया। ग्राम कुटुलबोड़-भाठागांव में शत-प्रतिशत यूजर चार्ज संग्रहण के लिए पंचायत के सरपंच, सचिव, स्वच्छग्राहियों एवं ग्रामवासियों की सराहना की और सभी को बधाई दी। सीईओ जिला पंचायत ने पंचायत प्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं स्वच्छता कर्मियों को स्वच्छता के क्षेत्र में और अधिक प्रभावी कार्य करने, नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने तथा प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट को पूर्ण क्षमता से संचालित करने कहा। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान जनप्रतिनिधि, जिला समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन- ग्रामीण, सीईओ जनपद पंचायत राजनांदगांव एवं सीईओ जनपद पंचायत डोंगरगांव, ब्लॉक समन्वयक एवं ग्रामीण उपस्थित थे। - -छत्तीसगढ़ में MSME, मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल इंडस्ट्री को मिलेगी गति-स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर होंगे सृजितरायपुर। , वाणिज्य, उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने केंद्रीय बजट 2026-27 पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट छत्तीसगढ़ के औद्योगिक, कृषि और ग्रामीण विकास को नई गति देने वाला सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के अनुरूप औद्योगिक क्लस्टरों को पुनर्जीवित करने के लिए 2 हजार करोड़ रुपये के प्रावधान से राज्य में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSME) को सशक्त किया जाएगा, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।श्री देवांगन ने कहा कि बजट में MSMEऔर बायोफार्मा सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये तथा सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए 40 हजार करोड़ रुपये के प्रावधान से छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों में माइनिंग आधारित औद्योगिक कॉरिडोर, टेक्सटाइल और केमिकल पार्क की स्थापना से राज्य का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर मजबूत होगा।मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में सुधार, आर्थिक ऋण गारंटी और कर प्रक्रियाओं के सरलीकरण से राज्य के उद्यमियों, व्यापारियों और स्टार्टअप्स को पूंजी तक आसान पहुंच मिलेगी, जिससे उद्योग-हितैषी वातावरण बनेगा। मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहित करने के लिए स्पोर्ट्स गुड्स सहित अन्य प्रमुख क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ाने के प्रावधान से स्थानीय इकाइयों को सीधा लाभ मिलेगा।मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि बजट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और कंटेंट इकोनॉमी पर विशेष जोर दिया गया है। एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (ABGC) के लिए कंटेंट क्रिएटर लैब की स्थापना से डिजिटल उद्योग, स्टार्टअप्स और युवाओं के लिए नए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर खुलेंगे। वहीं, बेहतर इंटरनेट और डिजिटल नेटवर्क के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये के प्रावधान से औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह बजट छत्तीसगढ़ की कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन आधारित अर्थव्यवस्था को भी सशक्त करेगा। छोटे किसानों की उद्यमशीलता, पशुधन विकास में निजी क्षेत्र की भागीदारी, पशु चिकित्सा सेवाओं के विस्तार और 500 अमृत जलाशयों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में आय और रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे।श्री देवांगन ने कहा कि महिला स्व-सहायता समूहों को बाजार से जोड़ने, हैंडलूम और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने तथा धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास के लिए किए गए प्रावधानों से राज्य की सामाजिक-आर्थिक प्रगति को बल मिलेगा। कुल मिलाकर यह बजट औद्योगिक विस्तार, रोजगार सृजन और समग्र विकास के माध्यम से विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को मजबूती प्रदान करेगा।
- - राजनांदगांव जिले में विभिन्न वर्गों ने केन्द्रीय बजट पर अपनी प्रतिक्रिया की जाहिर- सरकार का यह बजट दूरदर्शी एवं दूरगामी बजट : व्यापारी श्री राधेश्याम गुप्ता- डिजिटल, क्रिएटिव और तकनीकी कौशल सीखने के नए अवसर : विद्यार्थी भौतिकी शोधकर्ता डॉ. घमेन्द्र कुमार साहू- किसानों की आमदनी बढ़ाने की दिशा में यह बजट होगा लाभकारी : कृषक श्री एनेश्वर वर्मा- देश में तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित होने से आयुर्वेद चिकित्सा एवं ज्ञान को मिलेगा बढ़ावा : आयुर्वेदिक डॉ. निलेश गढ़ेवाल- 7 उच्च गति वाले रेल कार्रिडोर विकसित होने पर आवागमन में मिलेगी सुविधा : युवा श्री विनय साहू- मेगा टेक्सटाईल्स पार्क की स्थापना होने से खादी, हथकरघा, हस्तशिल्प को मिलेगी मजबूती : श्री लक्ष्मी बुनकर सहकारी समिति मर्यादित मेढ़ा डोंगरगढ़ के प्रबंधक श्री चन्द्रकुमार देवांगन- स्वसहायता उद्यम शी मार्ट स्थापित होने से समूह की महिलाएं होंगी आर्थिक रूप से सक्षम : लखपति दीदी श्रीमती दिव्या निषाद- सरकार द्वारा स्टार्टअप को प्रोत्साहित करना प्रशंसनीय : व्यापारी श्री करण साहूराजनांदगांव । केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज संसद में वर्ष 2026-27 के लिए केंद्रीय बजट प्रस्तुत किया। कर्तव्य भवन में तैयार यह बजट कर्तव्यों से प्रेरित है। जिनमें देश में आर्थिक विकास को तेज करना और उसकी गति बनाए रखना, भारत की समृद्धि के पथ में सशक्त साझेेदार बनाने के लिए लोगों की आकांक्षाएं पूरी करना और उनकी क्षमता बढ़ाना तथा सरकार की सबका साथ सबका विकास के दृष्टिकोण से संसाधनों, सुविधाओं और अवसरों तक पहुंच सुनिश्चित करना है। केन्द्रीय बजट की जिले में चर्चा रही और विभिन्न वर्गों के लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की। जिले के व्यापारी श्री राधेश्याम गुप्ता ने कहा कि सरकार का यह बजट दूरदर्शी एवं दूरगामी बजट है। उन्होंने कहा कि उन्हें 500 जलाशयों एवं अमृत सरोवरों के एकीकृत विकास की पहल बहुत अच्छी लगी। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण एवं जल संवर्धन के लिए सरकार की यह पहल बहुत अच्छी प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि वृद्धों की चिकित्सा और संबद्ध देखभाल सेवाओं को शामिल करते हुए मजबूत देखभाल सेवा परिवेश बनाया जाएगा। अगले कुछ वर्षों में डेढ़ लाख देखभाल सेवा प्रदाताओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। यह बहुत प्रशंसनीय हैं।विद्यार्थी भौतिकी शोधकर्ता डॉ. घमेन्द्र कुमार साहू ने कहा कि केन्द्रीय बजट 2026 से छात्रों व युवाओं को मदद मिलेगी। इसमें डिजिटल, क्रिएटिव और तकनीकी कौशल सीखने के नए अवसर मिलेंगे। जिले स्तर पर हॉस्टल खुलने से महिलाओं की शिक्षा तक पहुंच बढ़ेगी। रोजगार क्षमताएं और स्टार्टअप सोच को बढ़ावा मिलेगा। छात्रों को नीति-निर्माण प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय बजट 2026 में युवा वर्ग के लिए कई प्रावधान किए गए हंै, जो निश्चित रूप से भविष्य में विशेष फायदेमंद साबित होगा। देश भर में 15000 से अधिक सरकारी स्कूलों और 500 कॉलेजों में एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित किए जाएंगे। इससे क्रिएटिव और डिजिटल स्किल्स सीखने को प्रोत्साहन मिलेगा।कृषक श्री एनेश्वर वर्मा ने कहा कि किसानों की आमदनी बढ़ाने की दिशा में यह बजट लाभकारी होगा। उन्होंने कहा कि उद्यमिता विकास अंतर्गत पशुपालन क्षेत्र में ऋण आधारित सब्सिडी कार्यक्रम, पशुधन उद्यमों का संवर्धन एवं आधुनिकीकरण, पशुधन उत्पादक संगठनों की स्थापना को प्रोत्साहन देने जैसी पहल के सार्थक परिणाम होंगे। उन्होंने कहा कि कृषि के क्षेत्र में नवीन तकनीक को अपनाने से कार्य सरलता एवं सुगमता से हो रहे हंै। एग्रीस्टेक पोर्टल के माध्यम से कृषकों के बैंक खाता, ऋण, आधार, बैंकिंग एवं अन्य जानकारी डिजिटल फार्म में मिल रही है। इसके साथ ही सब्सिडी की पूरी जानकारी मिल रही है।युवा श्री विनय साहू ने कहा कि बजट में 7 उच्च गति वाले रेल कार्रिडोर विकसित किए जाएंगे। जिससे आवागमन में सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि सभी वर्गों को ध्यान में रखते हुए बजट में प्रावधान किए गए हैं। व्यक्तिगत उपयोग के लिए आयात की जाने वाली वस्तुओं पर लगने वाले टैरिफ दर को 20 प्रतिशत से 10 प्रतिशत किया जाएगा। यह एक सराहनीय पहल है।आयुर्वेदिक डॉ. निलेश गढ़ेवाल कहा कि देश में तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित किए जाएंगे। आयुष फार्मेसी एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं का उन्नयन करने, कुशल कार्मिक उपलब्धता कराने और पारंपरिक दवाओं के लिए रिसर्च किया जाएगा, जो सराहनीय है। इससे देश में आयुर्वेद, पारंपरिक योग, आयुर्वेद चिकित्सा एवं ज्ञान को बढ़ावा मिलेगा।श्री लक्ष्मी बुनकर सहकारी समिति मर्यादित मेढ़ा डोंगरगढ़ के प्रबंधक श्री चन्द्रकुमार देवांगन ने कहा कि बजट में हथकरघा एवं हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रावधान किए गए हंै, जो सराहनीय है। जिसमें मेगा टेक्सटाईल्स पार्क की स्थापना होने से खादी, हथकरघा, हस्तशिल्प को मजबूती मिलेगी और देश के बुनकरों और युवाओं को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि मेगा टेक्सटाईल्स पार्क की स्थापना होने से बुनकरों के हुनर को प्रोत्साहन मिलेगा और उन्हें अपने उत्पाद के लिए एक मार्केट मिलेगा।लखपति दीदी श्रीमती दिव्या निषाद ने कहा कि केन्द्रीय बजट में लखपति दीदी कार्यक्रम के लिए बढ़ावा देने हेतु प्रावधान किया गया है और उनके लिए स्वसहायता उद्यम शी मार्ट स्थापित किया जाएगा। जिससे स्वसहायता समूह की महिलाओं को मदद मिलेगा और वे आर्थिक रूप से सक्षम बनेंगी। उन्होंने कहा कि शी मार्ट के माध्यम से समूह की महिलाओं को अपने स्थानीय उत्पादों के लिए मार्केट मिलेगा तथा उन्हें प्रोत्साहन मिलेगा। जिसके लिए उन्होंने खुशी जाहिर की।व्यापारी श्री करण साहू ने कहा कि केन्द्रीय बजट में देश के आर्थिक विकास को तेज करने के लिए अच्छी पहल की गई है। उन्होंने कहा कि शहर आर्थिक क्षेत्र विकसित किए जा रहे हंै। जिससे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही विकसित भारत के लिए बैंकिंग जैसे प्रावधान से मदद मिलेगी। नए बजट में जनमानस को टीडीएस एवं टीसीएस में राहत मिली है और सरकार द्वारा स्टार्टअप को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जो एक बहुत अच्छी बात है। इसके साथ ही निर्यात को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
- -राजिम कुंभ कल्प मेला का भव्य शुभारंभ, राज्यपाल रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में हुए शामिलरायपुर । त्रिवेणी संगम राजिम के पावन तट पर राजिम में आयोजित राजिम कुंभ कल्प मेला के शुभारंभ अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। राज्यपाल श्री डेका, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल सहित अतिथियों एवं संत-महात्माओं ने भगवान श्री राजीवलोचन की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि राजिम की यह पावन भूमि, जहां महानदी, पैरी और सोंढूर नदियों का संगम होता है, अत्यंत पुण्य और ऐतिहासिक महत्व रखती है। उन्होंने कहा कि इस पवित्र स्थल पर आयोजित मेला, जिसे श्रद्धालु ‘कल्प कुंभ’ के नाम से जानते हैं, हमारी समृद्ध सांस्कृतिक एवं धार्मिक धरोहर का प्रतीक है।राज्यपाल ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प के अवसर पर आप सभी के बीच उपस्थित होकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता और गौरव का अनुभव हो रहा है। मुझे छत्तीसगढ़ की पवित्र नगरी राजिम के कुंभ मेला में आकर अत्यंत शांति महसूस होती है। धर्म, आस्था और संस्कृति के इस संगम राजिम कुंभ मेले में देश के विभिन्न प्रांतों से आए साधु-संतों, श्रद्धालुजनों का मैं हार्दिक अभिनंदन करता हूं। मैं कुलेश्वर महादेव तथा राजीव लोचन भगवान, राजिम भक्ति माता से प्रार्थना करता हूं कि हमारे देश और प्रदेश पर अपना आशीर्वाद बनाये रखें जिससे यहां हमेशा सुख-शांति और खुशहाली कायम रहे।राज्यपाल ने आगे कहा कि राजिम माघी पुन्नी मेला छत्तीसगढ़ की आस्था का प्रतीक है। यह एक ऐसा पावन आयोजन है जिसमें छत्तीसगढ़ के लोगों के साथ-साथ देश भर के विभिन्न भागों से भी श्रद्धालुओं का आगमन होता है। राजिम प्राचीन समय से ही शैव और वैष्णव धर्म के केंद्र के रूप में विख्यात एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यहां राजीवलोचन मंदिर में भगवान विष्णु चतुर्भुज स्वरूप में विराजमान है। यहां भगवान शिव कुलेश्वर महादेव के रूप में विराजमान हैं।राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि कुलेश्वरनाथ महादेव, पटेश्वर नाथमहादेव, चंपेश्वर नाथ महादेव, ब्रम्ह्केश्वर नाथ, फनीकेश्वर नाथ महादेव, करपूरेश्वर महादेव की पंचकोशी यात्रा विश्व प्रसिद्ध है। प्राचीन मंदिरों की बहुलता राजिम को पुरातात्विक, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता प्रदान करती हैं। इन मंदिरों में मूर्ति कला के गौरवशाली इतिहास के दर्शन होते हैं।उन्होंने कहा किशास्त्रों में माघ के माह पुण्य माह माना गया है। माघ माह के इस पावन अवधि में सदियों से ही पवित्र नदियों एवं त्रिवेणी संगमों में पुण्य स्नान की परंपरा रही है। इस माह छत्तीसगढ़ के विभिन्न स्थानों में मेले का आयोजन की प्राचीन परंपरा रही है। मेलों का विशेष सामाजिक और सामुदायिक महत्व हैै। इनमें विभिन्न संस्कृतियों का मिलन होता है। इनके माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से परिचित होने का अवसर मिलता है।श्री डेका ने कहा कि भारत साधु संतों की भूमि रही है। कहा जाता है जब किसी स्थान पर साधु संतों के चरण पड़ते हैं तो वह स्थान पवित्र हो जाता है। संतों के दिखाये मार्ग पर चलने से ज्ञान की प्राप्ति होती है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है। जहां संतों का सम्मान होता है वहां समृद्धि, शांति और खुशहाली रहती है। उनका जीवन सदैव परोपकार के लिए समर्पित रहता है। संतो के समागम से हम एक बेहतर मनुष्य बनते है।राजिम कुंभ मेला जैसे अद्भुत आयोजनों से पर्यटकों को भी विशेष आनंद आता हैं। मेले में कलाकारों का संगम, श्रद्धालुओं की अनगिनत आस्था और संतो के आशीर्वाद से राजिम मेले ने देश में अपनी विशेष पहचान बनाई है। आधुनिक युग में हमे अपनी कला, साहित्य और संस्कृति को आरक्षित और उन्नत करने की आवश्यकता है। हमें इस प्रकार के कला, संस्कृति और धार्मिक आयोजनों के लिए अपने प्रयासों को बढ़ाने की आवश्यकता है, जिससे छत्तीसगढ़ पर्यटन मानचित्र में और उभर कर सामने आ सके।यह आयोजन न केवल आध्यात्मिक चेतना को जागृत करेगा, बल्कि पर्यटन, लोक संस्कृति और को भी नई दिशा देगा। हमारे पूर्वजों ने नदियों, सरोवरों और वृक्षों की महत्ता और उनके संरक्षण पर विशेष बल दिया। आज आवश्यकता है कि हम अपने पूर्वजों द्वारा दिखाए राह पर चलें और अपने प्राकृतिक वातावरण को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाए रखें, नए पौधों का रोपण करें और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें। माइक्रो प्लास्टिक के हानिकारक प्रभावों के प्रति जागरूक बनें तथा इसकी रोेेेकथाम के उपाय करें।संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि राजिम कुंभ कल्प पर्व हमारी सांस्कृतिक उत्सव परंपरा और लोक संस्कृति का जीवंत उत्सव है, जो समाज के मूल्यों को और अधिक प्रगाढ़ बनाता है।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराएं आज विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना रही है। आयुक्त श्री कावरे ने स्वागत उद्बोधन दिया।इस अवसर पर राज्य गृह भंडार निगम के अध्यक्ष चंदूलाल साहू, क्षेत्र के अन्य जनप्रतिनिधि , गरियाबंद कलेक्टर भगवान सिंह उईके, सहित देशभर से आए हुए साधु-संत, एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
- रायपुर । केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारामण द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 को छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने राज्य के विकास के लिए मील का पत्थर बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट पर्यटन को रोजगार इंजन बनाने और सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक पटल पर उजागर करने की दिशा में क्रांतिकारी कदम है, जो छत्तीसगढ़ जैसे समृद्ध सांस्कृतिक राज्य के लिए वरदान सिद्ध होगा। बजट में पर्यटन क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए राष्ट्रीय आतिथ्य संस्थान की स्थापना, प्रमुख पर्यटन हबों में गाइड प्रशिक्षण पायलट योजना और इकोलॉजिकल माउंटेन ट्रेल्स का विकास शामिल है। इसके अलावा, 15 पुरातात्विक स्थलों को सांस्कृतिक पर्यटन गंतव्यों में बदलने तथा अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर टीसीएस दर 2% घटाने से सस्ती यात्रा संभव होगी।छत्तीसगढ़ के इको-एथनिक पर्यटन, जनजातीय संस्कृति और राजिम कुंभ जैसे आयोजनों को इससे अपार लाभ मिलेगा। श्री अग्रवाल ने कहा कि "केंद्र सरकार का यह प्रयास छत्तीसगढ़ की पर्यटन संभावनाओं को साकार करेगा। हमारी राज्य सरकार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में पहले ही पर्यटन नीति 2026 के तहत 350 करोड़ से अधिक निवेश आकर्षित कर चुकी है, और यह बजट इसे गति प्रदान करेगा। केंद्र की मदद से पहले ही पर्यटन स्थलों का विकास तेज हो चुका है।" राज्य में चित्रकोट, बस्तर की जनजातीय संस्कृति और सरगुजा के धार्मिक स्थलों को इको-टूरिज्म और सांस्कृतिक सर्किट के रूप में विकसित करने का सुनहरा अवसर मिला है।बजट से उत्पन्न रोजगार अवसर स्थानीय युवाओं के लिए वरदान होंगे, जबकि छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल का राजस्व 5 गुना बढ़कर 10 करोड़ पहुंच चुका है। मंत्री श्री अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री की सराहना करते हुए कहा कि यह 'विकसित भारत' का सशक्त कदम है। श्री अग्रवाल ने राज्य स्तर पर भी कमर कसने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि "यह बजट न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत करेगा," ।
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रायपुर। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में अर्थशास्ञ के प्रोफेसर डॉ. रविन्द्र के ब्रम्हे ने रविवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लोकसभा में प्रस्तुत किए गए केंद्रीय बजट को रोजगार और संरचना, विनिर्माण विकसित करने वाला बजट बताया है।
उन्होंने कहा कि चुनौतियों और अनिश्चितताओं के समय में वित्त मंत्री के लिए बजट बनाना है इतना आसान नहीं था। वित्त मंत्री ने वृद्धि को सतत रूप से बनाए रखने के लिए संरचनात्मक सुधारों के माध्यम से आधारभूत संरचना, विनिर्माण और रोजगार की क्षमता को विकसित करने वाले आधार को मजबूत किया है। लगभग 53.47 लाख करोड़ के बजट में राजकोषीय अनुशासन को बनाए रखते हुए एक ओर राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 4.3 प्रतिशत पर रखा है वहीं ऋण को जीडीपी के 55.6 प्रतिशत पर रखने का लक्ष्य रखा है।अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य आकांक्षा को उपलब्धि में और क्षमता को निष्पादन में परिवर्तित करना है और यह सुनिश्चित करना है कि विकास का लाभ हर किसी तक पहुंचे।श्री ब्रम्हे ने कहा कि बजट में सबसे अधिक प्रावधान आधारभूत संरचना के लिए 12.02 लाख करोड़ का रखा गया है। साथ ही रणनीतिक और फ्रंटियर क्षेत्र के विनिर्माण उद्योगों के लिए अनेक प्रावधान किए गए हैं। विनिर्माण उद्योग के लिए अनेक कर सुधार भी बजट में है। मध्य और लघु उद्योगों को इक्विटी सपोर्ट एक महत्वपूर्ण कदम है।श्री ब्रम्हे ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र का जीडीपी निर्यात और रोजगार में महत्वपूर्ण योगदान है। इसी को देखते हुए टूरिज्म, स्वास्थ्य, शिक्षा और वित्तीय क्षेत्र के लिए अनेक अभिनव प्रावधान बजट में किए गए हैं। बजट के साथ ही आज 16 में वित्त आयोग की रिपोर्ट भी सदन में रखी गई और जिसके सुझावों को सरकार ने स्वीकार कर लिया । वित्त आयोग के अनुसार केंद्रीय करों में से 41 प्रतिशत हिस्सा राज्यों को वितरित किया जाएगा। बजट में टायर टू और टायर 3 सिटीज के लिए और मंदिर वाले शहरों के लिए उनकी आधारभूत संरचनाओं और मूलभूत सुविधाओं के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। - -उप मुख्यमंत्री ने केन्द्रीय बजट को बताया आम आदमी का जीवन सरल बनाने वाला तथा हर वर्ग को ध्यान में रखकर तैयार किया गया बजट-आर्थिक सुधारों की निरंतरता से भारत तेजी से आगे बढ़ेगा चौथी से शीर्ष अर्थव्यवस्था बनने की ओररायपुर ।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट का स्वागत करते हुए इसे “विकसित भारत के निर्माण की दिशा में ऐतिहासिक और दूरदर्शी बजट” बताया है। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत यह बजट आम नागरिक के जीवन को सरल और सुगम बनाने वाला है, जिसमें देश के हर क्षेत्र और हर वर्ग की जरूरतों को धरातल पर जाकर समझते हुए प्रावधान किए गए हैं।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि वर्ष 2014 से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू हुए आर्थिक सुधारों की श्रृंखला को यह बजट और मजबूती देता है। योजनाबद्ध तरीके से देश की ताकत और क्षमताओं के अनुरूप अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने का जो क्रम शुरू हुआ, उसी का परिणाम है कि वैश्विक महामारी जैसी कठिन चुनौतियों के बावजूद भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। यह बजट उसी मजबूत नींव पर भविष्य की तेज रफ्तार तय करने वाला है।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्थिक सुधारों का सीधा लाभ आम जनता को मिला है। करोड़ों गरीब परिवारों को पक्का आवास, आयुष्मान भारत के माध्यम से स्वास्थ्य सुरक्षा, प्रधानमंत्री किसान समृद्धि योजना, बुनियादी ढांचे का अभूतपूर्व विस्तार, उत्पादन बढ़ाकर निर्यात को प्रोत्साहन—ये सभी प्रयास देश की अर्थव्यवस्था को लगातार मजबूत कर रहे हैं। आज प्रस्तुत बजट इन सभी पहलों को आगे बढ़ाने वाला है।श्री साव ने स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रावधानों को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया। रांची और तेजपुर के मानसिक चिकित्सालयों को अपग्रेड करने, वहां शोध सुविधाएं विकसित करने तथा मधुमेह, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाईयों की कीमत कम करने के निर्णय को आमजन के हित में बड़ा कदम बताया। इसके साथ ही खादी, ग्रामोद्योग और हैंडलूम को बढ़ावा देकर ग्रामीण और घरेलू स्तर पर काम करने वाले लोगों को सशक्त करने की योजना को रोजगार सृजन की दिशा में प्रभावी बताया।श्री साव ने कहा कि माइनिंग कॉरिडोर, अधोसंरचना विकास और निर्यात बढ़ाने वाले प्रावधान देश की आर्थिक गति को और तेज करेंगे। महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए लखपति दीदी अभियान और महिला स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को सी-मार्ट के माध्यम से बाजार उपलब्ध कराने की पहल से आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना साकार होगी।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कुल मिलाकर यह बजट जनोन्मुखी, विकासपरक और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत करने वाला है। 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने की दिशा में यह बजट देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाला सिद्ध होगा।
- -विकसित भारत 2047 की दिशा में ऐतिहासिक बजट, गांव होंगे आत्मनिर्भर – उपमुख्यमंत्री-सस्ती खाद, बढ़ा कृषि बजट और फसल विविधीकरण से किसानों को सीधी राहतरायपुर। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने आज प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 का स्वागत करते हुए इसे ऐतिहासिक, अभूतपूर्व और विकसित भारत की दिशा में निर्णायक बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रस्तुत यह बजट गांव, गरीब, किसान, महिला और युवा देश की प्राथमिक आवश्यकताओं को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को नई मजबूती देता है।श्री शर्मा ने कहा कि किसानों के हित में बड़ा उर्वरक सब्सिडी का प्रावधान खेती की लागत घटाने वाला बड़ा कदम है। इससे सस्ता खाद-उर्वरक उपलब्ध होगा, उत्पादन लागत कम होगी और किसानों को सीधी राहत मिलेगी। साथ ही कृषि बजट को में समुचित प्रावधान किए जाने से कृषि अनुसंधान, नवाचार और आधुनिक तकनीकों को गति मिलेगी।ग्रामीण विकास पर 21 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि का उल्लेख करते हुए श्री शर्मा ने कहा कि यह बजट गांवों के समग्र विकास का स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करता है।पंचायतों को दोगुनी सीधी सहायता, और विकसित ग्राम-स्वावलंबी ग्राम की परिकल्पना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलेगी। लखपति दीदी और SHE-मार्ट जैसी पहलों से स्वयं सहायता समूहों की बहनें आजीविका से आगे बढ़कर उद्यमी बनेंगी।उन्होंने कहा कि आज पेश केंद्रीय बजट 2026 यह स्पष्ट करता है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार देश को मजबूत फैसलों और ठोस परिणामों के साथ आगे ले जा रही है। यह बजट तुष्टिकरण नहीं, बल्कि विकास और राष्ट्रनिर्माण की राजनीति का दस्तावेज है। किसान, गरीब, मध्यम वर्ग और युवाओं सभी वर्गों के लिए किए गए प्रावधान दर्शाते हैं कि सरकार की सोच वोट बैंक की नहीं, बल्कि भारत के भविष्य की है। विपक्षी दलों ने सरकार द्वारा मनरेगा को कमजोर करने का आरोप लगाया जाता है जबकि सरकार ने केंद्रीय बजट में मनरेगा के लिए अधिक राशि का प्रावधान कर अपनी मंशा को स्पष्ट कर दिया है कि सरकार देश की जनता के लिए मनरेगा को सशक्त एवं वीबी जी राम जी के द्वारा अधिक प्रभावी बनाने के लिए संकल्पित हैं।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने विश्वास जताया कि बुनियादी ढांचे, रोजगार, शिक्षा और आत्मनिर्भर भारत पर मजबूत निवेश के साथ यह बजट अगले 25 वर्षों के सशक्त, समृद्ध और विकसित भारत की नींव को और मजबूत करेगा तथा देश को विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करने की दिशा में निर्णायक सिद्ध होगा।
- -डबल इंजन की सरकार से लोगों को मिल रहा है फायदा, विकसित प्रदेश बनने छत्तीसगढ़ तेजी से अग्रसर-संत समागम समारोह की राशि 50 लाख से बढाकर 75 लाख करने की घोषणा-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सतगुरु कबीर संत समागम समारोह दामाखेड़ा में हुए शामिलरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय रविवार को कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा में माघ पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित सतगुरु कबीर संत समागम समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने पंथ श्री उदित मुनि नाम साहेब,पंथ श्री प्रकाश मुनि नाम साहब को चादर श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद लिया और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। उन्होंने इस दौरान संत समागम समारोह की राशि 50 लाख रूपये से बढाकर 75 लाख रूपये करने की घोषणा की।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय माघ पूर्णिमा की शुभकामनायें देते हुए कहा कि कबीर धर्म नगर दामाखेड़ा का संत समागम समारोह हर साल भव्य होते जा रहा है जो लोगों में बढ़ते आस्था का प्रतीक है।कबीरपंथ का छत्तीसगढ़ के जनजीवन में व्यापक प्रभाव है इसलिए यहां के लोग शांति प्रिय है।श्री साय ने कहा कि वे बचपन से ही कबीर पंथ से परिचित है और उनके गांव बगिया में भी 8-10 कबीर पंथी परिवार है। उन्होंने दामाखेड़ा का नाम कबीर धर्मनगर करने के संबंध में बताया कि राजपत्र में प्रकाशन हेतु अंतिम प्रक्रिया जारी है।श्री साय ने कहा कि डबल इंजन की सरकार से लोगों को सीधा फायदा मिल रहा है। अब छत्तीसगढ़ तेजी से विकसित प्रदेश बनने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छतीसगढ़ के विकास की बाधा की नक्सलवाद अब जल्द ही जड़ से समाप्त होने वाला है।31 मार्च 2026 तक प्रदेश से समूल नष्ट होग़ा। हमने जनता से किया वादा को तेजी से पूरा किया है। डबल इंजन की सरकार का फायदा लोगों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को बहुत आगे ले जाना है और विकसित प्रदेश के रूप में खड़ा करना है।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि पंथ श्री उदित मुनि नाम साहब का चादर तिलक अद्भुत और अलौकिक रहा। पंथ श्री ने वृक्षारोपण, समाज सेवा, नशामुक्ति एवं युवा उत्थान के क्षेत्र में कार्य कर रहे है। आज के कार्यक्रम में पंथ श्री का दर्शन कर प्रदेश की सुख समृद्धि का आशीर्वाद लिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कबीर आश्रम के विभिन्न विकास कार्यों को लेकर हमेशा चिंतित रहते है और शीघ्र पूरा करने के निर्देश देते है। कार्यक्रम को खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, भाटापारा विधायक श्री इंद्र साव ने भी सम्बोधित किया।समारोह में पंथश्री प्रकाश मुनि नाम साहब ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का कबीरपंथी समाज की ओर से आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष माघ मेला के प्रथम दिन बसंत पंचमी के अवसर पर कबीर पंथ के नये संवाहक 16 वें वंशाचार्य पंथीश्री उदित मुनि नाम साहेब का चादर तिलक संपन्न हुआ। उन्होंने बताया की इस वर्ष देश के विभिन्न प्रांतो के साथ ही विदेशो से भी कबीरपंथी संत समागम मेला में आये हैं। समारोह को शासन प्रशासन का भरपूर सहयोग मिला है। उन्होंने मेला संत समागम समारोह की राशि 50 लाख रूपये से 75 लाख रूपये करने पर मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर पंथश्री उदित मुनि नाम साहब, गुरूगोसांई भानुप्रताप साहब, विधायक श्रीमती भावना बोहरा, श्री ईश्वर साहु, पूर्व सांसद श्री अभिषेक सिंह, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा सहित सदगुरू कबीर धर्मदास साहेब वंशावली प्रतिनिधि सभा के प्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में कबीरपंथी उपस्थित थे।
- -छत्तीसगढ़ निषाद केवट समाज द्वारा आयोजित महाराजा श्री गुहा निषादराज जयंती एवं राज्य स्तरीय युवक युवती परिचय सम्मेलन मे मंत्री श्री देवांगन और महापौर श्रींमती संजू देवी राजपूत हुए सम्मिलितरायपुर ।प्रदेश के कैबिनेट मंत्री श्री लखन लाल देवांगन आज कोरबा के बुधवारी स्थित छग़ निषाद (केवट) समाज द्वारा आयोजित महाराजा गुहा निषादराज जयंती एवं राज्य स्तरीय युवक - युवती परिचय सम्मेलन में सम्मिलित होकर महाराजा गुहा निषादराज की पूजा अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया।इस अवसर पर मंत्री श्री लखन लाल देवांगन क़े मुख्य आतिथ्य और महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत की अध्यक्षता में समाज को 30 लाख क़े विकास कार्यों की सौगात मिली। मंत्री श्री देवांगन ने पिछले वर्ष समाज क़े कार्यक्रम में उक्त कार्यों का भूमिपूजन किया था। रविवार को समाज क़े भवन का बाउंड्रीवाल, किचन शेड, अतिरिक्त कक्ष, बोर निर्माण कार्य का लोकार्पण सम्पन्न हुआ।उक्त कार्यों की सौगात क़े अवसर पर समाज ने मंत्री श्री देवांगन का गज माला से विशेष अभिनंदन करते हुए आभार जताया। अपने सम्बोधन मे मंत्री श्री देवांगन ने कहा की निषाद केवट समाज का अपार स्नेह और आशीर्वाद प्रारम्भ से मिलता रहा है, भगवान महाराजा श्री गुहा निषादराज जी से मिले आशीर्वाद का ही फल है की आज समाज को इतने बड़े विकास कार्यों की सौगात देने का सौभाग्य मिल रहा है।इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने कहा की ये भाजपा की विष्णुदेव की सरकार है। कैबिनेट मंत्री श्री लखन लाल देवांगन आज शहर और जिले क़े विकास क़े साथ साथ हर समाज को बड़े बड़े विकास कार्यों की सौगात दे रहे हैं।इस अवसर पर पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष श्री नेहरू राम निषाद, सभापति नूतन सिंह, पार्षद श्री नरेंद्र देवांगन , पार्षद श्री युगल कैवर्त , पार्षद श्री किशन कैवर्त , भाजपा मछुआरा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक प्रदीप कैवर्त , समाज के जिला अध्यक्ष श्री ललित कैवर्त कोषाध्यक्ष श्री संतोष कैवर्त , महिला अध्यक्ष श्री पूनम कैवर्त , युवा अध्यक्ष श्री जितेंद्र कुमार समेत अधिक संख्या में समाज क़े सम्मानीय भाई बहनों की गरिममय उपस्थिति रही।
- -भारत के संकल्प को साकार करने वाला, जनकल्याणकारी और विकासोन्मुखी बजटरायपुर।, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में तथा वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026 देश के समग्र, समावेशी एवं सतत विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। यह बजट शिक्षा, रोजगार, तकनीक, स्वास्थ्य, ग्रामोद्योग, पर्यटन एवं आधारभूत संरचना जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में देश को नई ऊँचाइयों तक ले जाने वाला सिद्ध होगा। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने कहा कि यह बजट आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने वाला, जनकल्याणकारी और विकासोन्मुखी है।केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने बजट का स्वागत किया और कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत यह बजट शिक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने वाला है। उन्होंने कहा कि यह बजट बच्चों के उज्ज्वल भविष्य, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समान अवसर की मजबूत नींव रखता है।मंत्री श्री यादव ने कहा कि केंद्रीय बजट में स्कूल शिक्षा के लिए किए गए प्रावधान अत्यंत सराहनीय हैं। शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ-साथ बच्चों के ड्रॉप-आउट को रोकने हेतु प्रत्येक जिला मुख्यालय में छात्रावास भवनों के निर्माण का प्रावधान किया गया है। इससे दूरस्थ, ग्रामीण एवं वंचित वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त होगी और शिक्षा से वंचित रहने की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा।स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि बजट में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), नई तकनीक एवं स्किल डेवलपमेंट को प्राथमिकता देकर युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करने का सशक्त रोडमैप प्रस्तुत किया गया है। साथ ही एआई आधारित स्वास्थ्य इनोवेशन को बढ़ावा देने से तकनीकी शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं-दोनों को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह बजट समावेशी विकास का सशक्त उदाहरण है। हथकरघा एवं हस्तशिल्प क्षेत्र को दिए गए विशेष प्रोत्साहन से छत्तीसगढ़ के 7 लाख से अधिक हथकरघा श्रमिकों एवं उनके परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्राप्त होगी।मंत्री श्री यादव ने बताया कि केंद्रीय बजट में 20 हजार नए पर्यटन केंद्रों के विकास, 10 हजार टूरिस्ट गाइडों को हाई-टेक प्रशिक्षण, सात नए जलमार्गों, सात रेल कॉरिडोर तथा पाँच आयुर्वेद आधारित एम्स की स्थापना का प्रावधान किया गया है। इन योजनाओं से छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में आर्थिक, सामाजिक एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक विकास होगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने इस ऐतिहासिक बजट के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश को प्रगति के नए शिखर तक ले जाएगा।





















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