- Home
- छत्तीसगढ़
- -एग्रीस्टेक पंजीयन के लिए खाता विभाजन जैसे प्रकरणों को तत्काल निराकरण करें - कलेक्टरमहासमुंद, / कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने आज सुबह 10ः00 बजे आयोजित समय-सीमा की बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ सुश्री अनुपमा आनंद, अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा, श्री रवि साहू सहित सभी एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायत सीईओ, सीएमओ एवं जिला स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।बैठक में कलेक्टर श्री लंगेह ने सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कहा कि सीएम हेल्पलाइन के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जाए। सभी विभागीय अधिकारियों को नियमित रूप से पोर्टल में लॉगिन कर लंबित शिकायतों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में 626 प्रकरणों का फीडबैक सहित निराकरण किया गया है। जिले में सीएम हेल्पलाइन अंतर्गत 3041 शिकायत प्राप्त हुए हैं। कलेक्टर ने आगामी स्वतंत्रता दिवस की तैयारी के लिए निर्देश दिए हैं, उन्होंने कहा कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी गरिमापूर्ण तरीके से स्वतंत्रता दिवस समारोह मनाया जाएगा।कलेक्टर श्री लंगेह ने वर्षा की स्थिति को देखते हुए कृषि विभाग को निर्देशित किया कि किसानों को खरीफ सीजन में धान के बदले दलहन, तिलहन फसलों को प्राथमिकता देने प्रोत्साहित करें। साथ ही प्राकृतिक खेती, जैविक खेती तथा हरी खाद के उपयोग को व्यापक रूप से प्रोत्साहित करने को कहा। उन्होंने किसानों को रासायनिक उर्वरकों के संतुलित एवं वैज्ञानिक उपयोग के प्रति जागरूक करने तथा यूरिया एवं डीएपी के संतुलित उपयोग के साथ नैनो यूरिया एवं प्राकृतिक खाद के उपयोग को भी बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने शेष किसानों एवं वनाधिकार पट्टाधारकों का एग्रीस्टैक पंजीयन शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी एसडीएम, तहसीलदार, राजस्व एवं कृषि विभाग के मैदानी अमले को विशेष ध्यान देते हुए शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने कहा।कलेक्टर ने खाद की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए कहा कि शासन के निर्देशानुसार किसानों को यूरिया का आवश्यकतानुसार एकमुश्त मात्रा में प्रदान किया जाए, शेष खाद निर्देशानुसार प्रदान करें। कृषि विभाग के अधिकारी ने बताया कि जिले में कुल 81 हजार 574 मीट्रिक टन खाद का भण्डारण किया गया है, जिसमें 63 हजार मीट्रिक टन का वितरण किया गया है। वहीं धान के बदले अन्य फसल के मामले में 7 हजार 700 हेक्टेयर रकबे का चिन्हांकन कर लिया गया है। कलेक्टर ने कहा कि एग्रीस्टेक पंजीयन किसानों के लिए महत्वपूर्ण है, इसमें खाता विभाजन के प्रकरणों को विशेष महत्व दें। संस्थागत पंजीयन के मामले को भी प्राथमिकता से समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को समसामयिक सलाह देते रहें। कलेक्टर ने खाद के वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को समय-समय में खाद वितरण की मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान जिला पंचायत सीईओ अनुपमा आनंद द्वारा वीबी-जी राम जी, एनआरएलएम आदि की समीक्षा की गई।कलेक्टर ने मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं के अनुरूप स्वीकृत कार्याें के क्रियान्वयन की समीक्षा की। कलेक्टर ने शासन के निर्देशानुसार सभी विभागों को ई-ऑफिस एवं ई-फाइल प्रणाली का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने कहा है। बैठक में राजस्व विभाग को खाता विभागजन के निर्देश दिए। साथ ही सेवा सेतु पोर्टल, नक्शा बटांकन, नामांकन, कलेक्टर जनदर्शन, पीजी पोर्टल, लोक सेवा गारंटी अधिनियम, पेयजल व्यवस्था, प्रधानमंत्री आवास योजना तथा जन शिकायतों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
- बिलासपुर. शासकीय आईटीआई नेवरा में व्यवसाय कोपा तथा शासकीय आईटीआई कोटा में व्यवसाय कोपा, स्टेनोग्राफर हिन्दी, फिटर एवं इलेक्ट्रिशयन के रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए पुनः 24 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन पंजीयन कर आवेदन कर सकते हैं। अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट https://cgiti.admissions.nic.in पर जाकर निर्धारित अवधि में पंजीयन कर सकते हैं। जो अभ्यर्थी पूर्व से पंजीकृत हैं और अगले चरण (राउंड) में भाग लेना चाहते हैं, वे अपनी लोगिन आईडी एवं पासवर्ड के माध्यम से लॉगिन कर कोनसेंट प्रदान करते हुए निर्धारित शुल्क का भुगतान कर सकते हैं। आवश्यकता होने पर अभ्यर्थी च्वाईस फिलिंग में संशोधन अथवा परिवर्तन भी कर सकेंगे। अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी संबंधित आईटीआई संस्थान अथवा वेबसाइट पर उपलब्ध हेल्पलाइन के माध्यम से संपर्क कर मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।
- 0- जय हरितिमा महिला समिति द्वारा महिला स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजनरायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर की ’’जय हरितिमा महिला समिति के तत्वावधान में विगत दिवस कृषि विज्ञान केंद्र, रायपुर के सभागार में ’’महिला स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम’’ का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समिति की सदस्याओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एवं वक्ता ’’डॉ. शुचिता गौर’’, एम.डी. (माइक्रोबायोलॉजी), सीनियर रेजिडेंट, सूक्ष्मजीव विज्ञान विभाग, पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर थीं। उन्होंने महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों पर सरल एवं वैज्ञानिक जानकारी प्रदान की। अपने व्याख्यान में उन्होंने ’’पॉलीसिस्टिक ओवरी डिजीज (PCOD), रजोनिवृत्ति (Menopause), सर्वाइकल कैंसर, UTI तथा ’’स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के महत्व’’ पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम एवं जागरूकता को महिलाओं के उत्तम स्वास्थ्य की आधारशिला बताया।कार्यक्रम का ’ड्रेस कोड नीला’ रखा गया था। इस अवसर पर आयोजित प्रतियोगिता में डॉ. सुनीता रॉय ने प्रथम तथा श्रीमती क्षमा अग्रवाल ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। साथ ही आयोजित मनोरंजक खेल में ’’समिति की अध्यक्षा श्रीमती ममता चंदेल’’ एवं डॉ. सुनीता रॉय विजेता रहीं, जिससे कार्यक्रम का वातावरण और अधिक आनंदमय एवं उत्साहपूर्ण बन गया। कार्यक्रम के अंत में मुख्य वक्ता ’’डॉ. शुचिता गौर’’ को उनके प्रेरणादायी व्याख्यान एवं बहुमूल्य मार्गदर्शन के लिए ’’स्मृति-चिह्न एवं उपहार भेंट कर सम्मानित’’ किया गया। तत्पश्चात प्रतिभागियों के साथ ’’प्रश्नोत्तर एवं परिचर्चा सत्र’’ आयोजित किया गया, जिसमें महिलाओं ने स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।यह कार्यक्रम ’’जय हरितिमा महिला समिति की अध्यक्षा श्रीमती ममता चंदेल’’ के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का प्रभावी मंच संचालन ’’समिति की सचिव डॉ. सविता तिवारी’’ द्वारा किया गया, जबकि ’’धन्यवाद ज्ञापन डॉ. स्वाति बिसेन’’, खेल प्रभारी, जय हरितिमा महिला समिति द्वारा प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में समिति की कार्यकारिणी सदस्य ’’डॉ. नीता खरे कोषाध्यक्ष, श्रीमती तृप्ति शर्मा’’ उपाध्यक्ष तथा श्रीमती जागृति राणा’संयुक्त सचिव ’का विशेष मार्गदर्शन एवं सहयोग उल्लेखनीय रहा। उपस्थित सभी सदस्याओं ने इस प्रकार के स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों को समय-समय पर आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया तथा कार्यक्रम की उपयोगिता की सराहना की।
- बिलासपुर. मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, नेहरू चौक ने कार्यालय में अनुकंपा नियुक्ति के लिए प्राप्त 2 आवेदकों के आवेदन के छानबीन के क्रम में 7 दिवस के भीतर आमजनता से दावा आपत्ति मंगाई है। यदि आवेदक के परिवार के कोई भी सदस्य शासकीय सेवा में कार्यरत हो अथवा किसी प्रकार के अपराधिक या न्यायालीन मामले उनके विरूद्ध लंबित हो तो इसकी जानकारी उक्त समयावधि में बंद लिफाफे में या स्वयं कार्यालय में उपस्थित होकर जानकारी दे सकते है।सीईओ ने आगे बताया कि बैंक में कार्यरत स्व. छतराम सिदार, निवासी वार्ड नं. 12 गौरा चौक, मालखरौदा जिला सक्ती के पुत्र श्री जितेन्द्र कुमार सिंदार एवं स्व. कृष्ण कुमार मैत्री, निवासी कुसुमझर, पोस्ट डभरा, जिला सक्ती के पुत्र श्री देवनारायण मैत्री ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन दिया है। आवेदकों के संबंध में जानकारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, नेहरू चौक बिलासपुर पिन 495001 में निर्धारित अवधि में दिया जा सकता है। विलंब से प्राप्त दावा आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा।
- बिलासपुर. शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम 2009 के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए निजी विद्यालयों में कक्षा पहली में प्रवेश हेतु तृतीय एवं अंतिम चरण की प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आरटीई पोर्टल के माध्यम से ऑनलाईन आवेदन 22 जुलाई से 5 अगस्त 2026 तक किये जा सकते है। 25 जुलाई से 7 अगस्त तक नोडल प्राचार्यों द्वारा प्राप्त आवेदनों का परीक्षण एवं सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद 10 अगस्त से 14 अगस्त तक ऑनलाइन लॉटरी एवं काउंसिलिंग के माध्यम से चयनित बच्चों की सूची जारी की जाएगी। लॉटरी में चयनित विद्यार्थियों का संबंधित निजी विद्यालयों में प्रवेश 17 अगस्त से 25 अगस्त 2026 तक सुनिश्चित किया जाएगा। वहीं 20 अगस्त से 27 अगस्त तक नोडल प्राचार्यों द्वारा प्रवेशित विद्यार्थियों की अंतिम प्रविष्टि आरटीई पोर्टल पर दर्ज की जाएगी।
- बिलासपुर. जिले के तखतपुर विकासखंड के ग्राम सैदा निवासी प्रगतिशील किसान अक्षय कुमार सूर्यवंशी पिछले दो वर्षों से अपनी खेती में नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया का नियमित उपयोग कर रहे हैं। उनका अनुभव है कि इन उर्वरकों के उपयोग से फसलों की गुणवत्ता में सुधार हुआ है, पौधों का विकास बेहतर हुआ है तथा उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली है। बेहतर पैदावार के कारण उन्हें आर्थिक रूप से भी लाभ प्राप्त हुआ है, जिससे खेती के प्रति उनका उत्साह और बढ़ा है।किसान अक्षय कुमार सूर्यवंशी ने बताया कि पहले पारंपरिक उर्वरकों का अधिक मात्रा में उपयोग करना पड़ता था, जिससे लागत भी अधिक आती थी। लेकिन पिछले दो वर्षों से नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया अपनाने के बाद कम मात्रा में उर्वरक का उपयोग करते हुए भी फसलों को आवश्यक पोषण मिल रहा है। इसका सकारात्मक प्रभाव फसल की बढ़वार, हरियाली और दानों की गुणवत्ता पर स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। साथ ही उर्वरकों के संतुलित उपयोग से खेती अधिक वैज्ञानिक और लाभकारी बनी है। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा समय-समय पर दी गई तकनीकी सलाह और आधुनिक कृषि पद्धतियों की जानकारी से उन्हें नैनो उर्वरकों के सही उपयोग में काफी मदद मिली। इससे उनकी खेती की उत्पादकता बढ़ी और बेहतर उत्पादन प्राप्त हुआ।किसान अक्षय कुमार सूर्यवंशी ने कहा कि राज्य सरकार एवं कृषि विभाग द्वारा किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के लिए किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों के हित में संचालित योजनाएं और नवाचार आधारित कृषि तकनीकों का प्रसार किसानों की आय बढ़ाने तथा खेती को अधिक लाभकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने अन्य किसानों से भी अपील की कि वे कृषि विशेषज्ञों की सलाह लेकर नैनो उर्वरकों का उपयोग करें, ताकि कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर अपनी आय में वृद्धि कर सकें।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा शहर में भू-जल स्तर को संरक्षित एवं बढ़ाने के उद्देश्य से रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को लेकर लगातार जागरूकता एवं प्रोत्साहन अभियान चलाया जा रहा है। निगम द्वारा भवन एवं भूमि मालिकों से अपने परिसरों में वर्षाजल संरक्षण के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य रूप से स्थापित करने की अपील की जा रही है, ताकि आने वाले समय में जल संकट से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।निगम अधिकारियों ने बताया कि लगातार गिरते भू-जल स्तर को संतुलित बनाए रखने के लिए वर्षा जल का संचयन सबसे प्रभावी और वैज्ञानिक उपाय है। वर्षा के पानी को सीधे जमीन में पहुंचाकर जलभृत को पुनर्भरित किया जा सकता है, जिससे भू-जल की उपलब्धता में वृद्धि होती है और प्राकृतिक जल स्रोत लंबे समय तक सुरक्षित बने रहते हैं। नगर निगम के अनुसार रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को सरकारी भवनों, निजी संस्थानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, सामाजिक संस्थाओं तथा आवासीय परिसरों में आसानी से स्थापित किया जा सकता है। यह प्रणाली अपेक्षाकृत कम लागत वाली, टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल तकनीक है, जो भविष्य की जल आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।विशेषज्ञों के अनुसार वर्षा जल स्वाभाविक रूप से अपेक्षाकृत स्वच्छ एवं बैक्टीरिया रहित होता है, इसलिए इसके उपयोग के लिए अत्यधिक जल शुद्धिकरण की आवश्यकता नहीं पड़ती। इसके माध्यम से भू-जल का पुनर्भरण होने से सूखे की स्थिति का प्रभाव कम होता है, नदियों और अन्य प्राकृतिक जल स्रोतों के प्रवाह को बनाए रखने में सहायता मिलती है तथा जल प्रदूषण की समस्या में भी कमी आती है। निगम ने बताया कि सतही जल की तुलना में भू-जल स्वास्थ्य की दृष्टि से अधिक सुरक्षित माना जाता है। रेन वाटर हार्वेस्टिंग के माध्यम से जल का वाष्पीकरण भी कम होता है, जिससे जल का संरक्षण बेहतर तरीके से हो पाता है और जलभृत की उत्पादक क्षमता में भी वृद्धि होती है। नगर पालिक निगम भिलाई ने शहरवासियों से अपील की है कि वे वर्षा ऋतु का अधिकतम लाभ उठाते हुए अपने घरों, भवनों और संस्थानों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करें। नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से ही जल संरक्षण का यह अभियान सफल होगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए पर्याप्त भू-जल संसाधन सुरक्षित रखे जा सकेंगे।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई की आयुक्त सुश्री सुरूचि सिंह के निर्देशानुसार शहर में नागरिकों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों के संधारण और मरम्मत का कार्य तेज गति से किया गया। निगम द्वारा विभिन्न प्रमुख मार्गों पर खराब लाइटों को सुधारकर पुनः चालू कर दिया गया है, जिससे रात के समय रोशनी की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित हुई है।निगम द्वारा किए गए कार्यों के तहत मनसा आईटीआई से कुरूद स्थित राधारानी वाटिका तक स्ट्रीट लाइटों को सुचारू रूप से चालू कर दिया गया है। इस मार्ग पर हाई टेंशन पोल एवं कुछ रिक्त पोल होने के कारण जहां तकनीकी आवश्यकता है, वहां आगे भी आवश्यक कार्य किए जाएंगे। इसी प्रकार सीएम कॉलेज रोड, कुरूद में नया टाइमर और मेन स्विच केबल लगाकर स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को पुनः प्रारंभ किया गया है, जिससे क्षेत्र में रात के समय पर्याप्त प्रकाश उपलब्ध हो रहा है। इसके अलावा शहर के कई प्रमुख मार्गों पर भी बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों का संधारण कर उन्हें चालू किया गया है। इनमें सुपेला घड़ी चौक से गदा चौक, सुपेला फ्लाईओवर, नेहरू नगर से भिलाई नगर रेलवे स्टेशन जाने वाला मार्ग, सुपेला थाना से सुपेला फ्लाईओवर, गदा चौक से अवंति बाई चौक तथा अवंति बाई चौक से इंदु आईटीआई नाला तक का मार्ग शामिल है। इन सभी स्थानों पर अब स्ट्रीट लाइटें सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं।नगर निगम ने बताया कि शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइटों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है और जहां भी खराबी की सूचना मिल रही है, वहां प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कार्य कराया जा रहा है। निगम का उद्देश्य नागरिकों को सुरक्षित, प्रकाशयुक्त और सुविधाजनक सड़कें उपलब्ध कराना है ताकि रात्रिकालीन आवागमन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। निगम आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शहर के सभी वार्डों में स्ट्रीट लाइटों का नियमित निरीक्षण किया जाए तथा खराब लाइटों को तत्काल सुधारकर चालू किया जाए, जिससे पूरे शहर में बेहतर प्रकाश व्यवस्था बनी रहे और नागरिकों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।
- रायपुर. टीम प्रहरी अभियान अंतर्गत रायपुर पुलिस कमिश्नर श्री संजीव शुक्ला और रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह के आदेशानुसार और नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देशानुसार नगर निगम मुख्यालय भवन महात्मा गांधी सदन के सामने नगर निगम उद्यान परिसर में नगर निगम उद्यान विभाग की टीम ने नगर निगम मुख्यालय नगर निवेश उडनदस्ता की टीम के सहयोग से वहां स्थित 14 दुकानों द्वारा नगर निगम लाईसेस फीस का बकाया भुगतान नहीं करने पर सीलबंद करने की कार्यवाही उपायुक्त उद्यान श्रीमती जागृति साहू के मार्ग निर्देशन एवं उप अभियंता उद्यान सुश्री रूचिका मिश्रा की उपस्थिति में की।प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर निगम मुख्यालय भवन के सामने निगम उद्यान परिसर में गणपति इंफ्रा को 14 दुकानें 5 वर्ष के लिए संचालित करने का लाईसेंस दिया गया है, जो अगस्त 2026 को समाप्त हो रहा है। सबंधित एजेंसी द्वारा दुकानों का संचालन नगर निगम उद्यान परिसर में किया जा रहा था किंतु उनके द्वारा नियमानुसार लाईसेंस फीस का बकाया भुगतान नहीं किया जा रहा था। इसे देखते हुए निर्देशानुसार नगर निगम उद्यान विभाग द्वारा नगर निवेश उडनदस्ता सहित यातायात पुलिस बल पुलिस की उपस्थिति में टीम प्रहरी अभियान के अंतर्गत नगर निगम को लाईसेस फीस के बकाये की अदायगी नहीं किये जाने पर नगर निगम मुख्यालय भवन के सामने उद्यान परिसर में 14 दुकानों को सीलबंद करने की कड़ी नियमानुसार कार्यवाही की है।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई की आयुक्त सुश्री सुरूचि सिंह के निर्देशानुसार नागरिकों की शिकायतों के त्वरित निराकरण एवं शहर में स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से निगम द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में सीएम पोर्टल पर प्राप्त शिकायत के आधार पर निगम के जोन-3 राजस्व विभाग एवं बेदखली शाखा की संयुक्त टीम ने 18 नंबर रोड, कैम्प-01 क्षेत्र में खुले में संचालित मांस-मटन दुकान के विरुद्ध कार्रवाई की।निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि संबंधित दुकान खुले में मांस-मटन का विक्रय कर रही थी, जिससे आसपास के क्षेत्र में गंदगी फैलने के साथ-साथ आम नागरिकों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। खुले में मांस विक्रय किए जाने से स्वच्छता एवं स्वास्थ्य संबंधी नियमों का भी उल्लंघन हो रहा था। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई करते हुए संबंधित संचालक को नियमों का पालन करने के निर्देश दिए। निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थानों पर खुले में मांस-मटन का विक्रय करना न केवल स्वच्छता व्यवस्था को प्रभावित करता है, बल्कि इससे संक्रमण एवं दुर्गंध जैसी समस्याएं भी उत्पन्न होती हैं। ऐसे मामलों में निगम द्वारा नियमानुसार कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सीएम पोर्टल सहित विभिन्न माध्यमों से प्राप्त नागरिक शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शहर में स्वच्छ, व्यवस्थित एवं स्वस्थ वातावरण बनाए रखना नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों एवं प्रतिष्ठानों के विरुद्ध बिना किसी भेदभाव के कठोर कार्रवाई की जाएगी। नगर पालिक निगम भिलाई ने शहरवासियों से भी अपील की है कि वे स्वच्छता नियमों का पालन करें तथा किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, अतिक्रमण अथवा सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े मामलों की जानकारी सीएम पोर्टल अथवा निगम के संबंधित जोन कार्यालय में दें, ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
- दुर्ग. जिले में 1 जून 2026 से 20 जुलाई 2026 तक 351.1 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। कार्यालय कलेक्टर भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 जून से अब तक सर्वाधिक वर्षा 477.6 मिमी तहसील बोरी में तथा न्यूनतम 247.5 मिमी. तहसील धमधा में दर्ज की गई है। इसके अलावा तहसील दुर्ग में 391.9 मिमी, तहसील पाटन में 381.4 मिमी, तहसील भिलाई-3 में 316.7 मिमी और तहसील अहिवारा में 291.3 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। 20 जुलाई 2026 को तहसील दुर्ग में 28.2 मिमी, तहसील धमधा में 16.8 मिमी, तहसील पाटन में 5.8 मिमी, तहसील बोरी में 15.5 मिमी, तहसील भिलाई 3 में 12.6 मिमी और तहसील अहिवारा में 8.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।
- 0- आवेदकों के मांगों एव समस्याओं के निराकरण हेतु त्वरित कार्रवाई करने के दिए निर्देशबालोद. संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आज आयोजित कलेक्टर जनदर्शन कार्यक्रम में जिले के विभिन्न स्थानों से अपने मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु पहुँचे आम नागरिकों के लिए राहत भरा साबित हुआ। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जिले के विभिन्न स्थानों से पहुँचे लोगों से मधुर एवं आत्मीय बातचीत कर उनकी मांगों एवं समस्याओं की जानकारी ली। इस अवसर पर उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को तलब कर आवेदकों के मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। जनदर्शन में आज डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम खपरी के श्री तारण कुमार ने किसान सम्मान निधि का लाभ दिलाने, गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम कचांदुर के लक्ष्मी बाई ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने, ग्राम नवागांव के श्री खेमलाल ने श्रम कार्ड बनाने, गुरूर विकासखण्ड के ग्राम पलारी के शकुंतला ने राशन कार्ड में नाम जोड़ने, ग्राम हड़गहन के श्री कोमल ने ऋण पुस्तिका में सुधार कराने, ग्राम अंगारी के सरपंच ने मुक्तिधाम में सोलर लाईट लगाने हेतु आवेदन प्रस्तुत किए।जनदर्शन में आज जिले के विभिन्न स्थानों से बड़ी संख्या मंे लोग कलेक्टर से मुलाकात करने पहुँचे थे। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जनदर्शन में पहुँचे लोगों से बारी-बारी से मुलाकात कर पूरी आत्मीयता से उनके मांगों एवं समस्याओं को सुना। श्रीमती मिश्रा ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों से जनदर्शन में पहुँचे लोगों के मांगों एवं समस्याओं के समुचित निराकरण हेतु त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
- 0- पीएमश्री शासकीय प्राथमिक शाला शिकारीपारा ने पेश की अनूठी मिसालबालोद. जहाँ शिक्षा और संगीत का मिलन होता है, वहाँ बच्चों का सर्वांगीण विकास अपने आप सुनिश्चित हो जाता है। बालोद जिले के संकुल केन्द्र पाररास में स्थित पीएमश्री शासकीय प्राथमिक शाला शिकारीपारा आज इसी सोच के साथ पूरे जिले में शिक्षा और संगीत के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना चुका है। सत्र 2022-23 स्कूल के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हुई है, जब इस शाला को केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ’पीएमश्री’ के रूप में चिन्हित किया गया। इस योजना का मुख्य उद्देश्य बच्चों का सर्वांगीण विकास करते हुए स्कूल को एक मॉडल स्कूल के रूप में स्थापित करना है। शाला प्रबंधन और शिक्षकों ने इस उद्देश्य को सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे धरातल पर उतारकर दिखाया।म्यूजिक बैंड ग्रुप बच्चों के भीतर छुपी प्रतिभा को निखारने और उन्हें स्कूल के प्रति आकर्षित करने के लिए शाला में एक अनूठा प्रयोग किया गया। स्कूल म्यूजिक बैंड ग्रुप के गठन में समावेशी भागीदारी है। इस बैंड ग्रुप में किसी एक कक्षा के नहीं, बल्कि शाला की सभी कक्षाओं के बच्चे शामिल हैं। शाला के सभी नन्हे बच्चे सभी प्रकार के वाद्य यंत्रों का कुशलतापूर्वक उपयोग करते हैं। दैनिक प्रार्थना सभा से लेकर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में जब इन बच्चों का गायन एवं वादन गूंजता है, तो हर कोई मंत्रमुग्ध हो जाता है। बैंड ग्रुप के बच्चों के लिए यहां की प्रधान पाठिका श्रीमती वर्षा यादव जी द्वारा विशेष गणवेश तैयार किया गया है, जो बच्चों में अनुशासन एवं गर्व की भावना भरता है।स्कूल की सफलता केवल चारदीवारी के भीतर तक सीमित नहीं रही। स्कूल के नन्हे बच्चों ने खुद आगे बढ़कर सामाजिक जिम्मेदारी उठाई, शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने तथा बच्चों के पालकों के बीच जाकर यह अपील करते हैं कि वे अपने बच्चों को प्रतिदिन साफ-सुथरे गणवेश में और सही समय पर स्कूल भेजें। बच्चों के इस प्रयास की पालकों ने न केवल सराहना की, बल्कि इसका बड़ा सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। आज स्कूल एवं समुदाय के बीच नियमित संवाद स्थापित हो चुका है। शाला के प्रत्येक कार्य में पालकों की भागीदारी देखने को मिलती है, यह प्रेरणादायक वातावरण अब पूरे समुदाय के लिए गर्व का विषय बन गया है। इस अभूतपूर्व बदलाव और सुखद वातावरण को तैयार करने में प्रधान पाठिका श्रीमती वर्षा यादव, संगीत प्रशिक्षक रानू निषाद और शाला के समस्त शिक्षकों की टीम भावना एवं कड़ी मेहनत का विशेष योगदान है। पीएमश्री शासकीय प्राथमिक शाला शिकारीपारा ने यह साबित किया कि अगर सही दिशा, उद्देश्य, नवाचार और लगन हो, तो सरकारी स्कूल को भी एक आदर्श मॉडल के रूप में खड़ा किया जा सकता है। आज यह विद्यालय जिले के सभी स्कूलों के लिए प्रेरणा का जीता-जागता केन्द्र बन चुका है।
- 0- एग्रीस्टैक पोर्टल में शत प्रतिशत पंजीयन एवं बैकेटिंग के कार्य को विशेष प्राथमिकता के साथ पूरा करने के दिए निर्देशबालोद. कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक में राजस्व विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने सभी राजस्व अधिकारियों को एग्रीस्टैक पोर्टल में जिले के शत प्रतिशत कृषकों का पंजीयन एवं बैकेटिंग के कार्य को विशेष प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। इस मौके पर उन्होंने राजस्व विभाग के अंतर्गत सुशासन तिहार एवं राजस्व पखवाड़ा में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की समीक्षा के अलावा राजस्व प्रकरणों के अंतर्गत अविवादित, विवादित नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, व्यपवर्तन एवं अवैध वृक्ष कटाई की रोकथाम के उपाय तथा त्रुटि सुधार तथा ई-कोर्ट के प्रकरणों के निराकरण की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की।इसके अलावा उन्होंने स्वामीत्व योजना, बटांकन आदि के कार्यों की प्रगति के अलावा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। श्रीमती मिश्रा ने एग्रीस्टैक पोर्टल में किसानों के पंजीयन के कार्य को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए इस कार्य को विशेष प्राथमिकता के साथ निर्धारित समयावधि में पूरा कराने के निर्देश दिए। इसके लिए उन्होंने सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों को कोटवार आदि के माध्यम से मुनादी कराने के अलावा अन्य सभी माध्यमों से इसका समुचित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने राजस्व अधिकारियों को सहकारी समितियों में किसानों के साथ बैठक आयोजित कर इसके संबंध में उन्हें जानकारी देने को कहा।कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने एग्रीस्टैक पोर्टल में किसानों के पंजीयन एवं बैकेटिंग के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि एग्रीस्टैक भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया कृषि क्षेत्र का एक डिजिटल इकोसिस्टम (पहचान पत्र) है। इसमें हर किसान को एक विशिष्ट किसान आईडी दी जाती है, जो उनके आधार कार्ड, बैंक खाते और जमीन के रिकॉर्ड (खेत का ब्यौरा) को एक साथ जोड़ती है। उन्होंने एग्रीस्टैक से जुड़े मुख्य बिंदुओं के संबंध जानकारी देते हुए बताया कि एग्रीस्टैक आईडी के माध्यम से पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा और खाद, बीज सब्सिडी का पैसा सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुँचता है। किसानों को हर सरकारी सुविधा के लिए बार-बार कागज (खसरा-खतौनी) जमा करने की जरूरत नहीं पड़ती, क्योंकि सारा डेटा डिजिटल होता है। बैंकों को किसानों की जमीन और फसल की सटीक जानकारी मिलने से किसान क्रेडिट कार्ड और कृषि ऋण मिलना आसान हो जाता है। किसान अपने खेत और पहचान का एग्रीस्टैक पंजीयन कराने हेतु अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) पर जा सकते हैं।
- 0- कलेक्टर ने सभी विभाग प्रमुखों को दिए निर्देशबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जिले के सभी विभाग एवं कार्यालय प्रमुखों को समय-सीमा से संबंधित प्रकरणों का निराकरण निर्धारित समयावधि में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिससे कि शासन के मंशानुरूप आम जनता को जनकल्याणकारी योजनाओं का समुचित लाभ मिल सके। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में उक्ताशय के निर्देश दिए हैं। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने सुशासन तिहार, सीएम हेल्पलाईन, पीजी आॅनलाईन पोर्टल, कलेक्टर जनदर्शन तथा उच्च न्यायालय से संबंधित प्रकरणों के निराकरण की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी अधिकारियों को सभी प्रकरणों का निर्धारित समयावधि में अनिवार्य रूप से निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री नूतन कंवर, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष सहित राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।बैठक में श्रीमती मिश्रा ने बालोद जिले में सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति की भी सराहना की। इसके लिए उन्होंने जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को हार्दिक बधाई दी। इस मौके पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने भारत सरकार के पीजी आॅनलाईन पोर्टल में प्राप्त आवेदनों की निराकरण की स्थिति की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने सभी विभाग प्रमुखों को विशेष प्राथमिकता के साथ पीजी आॅनलाईन पोर्टल में प्राप्त आवेदनों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों के आधार बेस्ड बायोमैट्रिक उपस्थिति की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी अधिकारी-कर्मचारियों को सुबह 10 बजे से शाम 05.30 बजे तक अनिवार्य रूप से कार्यालय में उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा उन्होंने सुबह 10 बजे कार्य में उपस्थिति के दौरान तथा शाम 05.30 बजे कार्यालय छोड़ते वक्त अनिवार्य रूप से अपनी बायोमैट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को शिक्षा विभाग के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए। श्रीमती मिश्रा ने इस संबंध में किसी प्रकार की लापरवाही बरते जाने पर संबंधित विभाग के अधिकारी-कर्मचारी के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की भी चेतावनी दी।बैठक में श्रीमती मिश्रा ने मुख्यमंत्री घोषणा के कार्यों के अंतर्गत गुरूर विकासखण्ड के ग्राम कर्रेझर के देवस्थल राजाराव पठार में किचन शेड निर्माण एवं विद्युतीकरण के कार्य के संबंध में भी संबंधित विभाग के अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को इस कार्य को विशेष प्राथमिकता के साथ पूरा कराने के निर्देश भी दिए। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने बालोद जिला प्रशासन द्वारा जिले में आयोजित की जाने वाली वृहद वृक्षारोपण अभियान के तैयारियों की भी समीक्षा की। इसके अंतर्गत उन्होंने इस दौरान पौधरोपण हेतु विभागवार निर्धारित लक्ष्य के अलावा पिछले वर्ष रोपे गए पौधों की स्थिति के संबंध में भी विस्तारपूर्वक जानकारी ली। कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी को इस वर्ष आयोजित वृहद वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत महतारी वंदन योजना से लाभान्वित जिले के सभी हितग्राहियों को अनिवार्य रूप से पौधरोपण कराने हेतु सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने जिला विपणन एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों से मौजूदा खरीफ वर्ष के लिए समुचित मात्रा में खाद, बीज की उपलब्धता के संबंध में भी जानकारी ली।उन्होंने जिले के कृषकों को समय पर खाद, बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु पूर्ण तैयारी करने को कहा। इसके अलावा उन्होंने सभी विभाग प्रमुखों से जीएसटी रिटर्न फाइलिंग के संबंध में भी जानकारी ली। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा मुख्य अस्पताल अधीक्षक से जिला चिकित्सालय बालोद में रेडियो लाॅजिस्ट की नियुक्ति के संबंध में भी जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने 14 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके बालिकाओं के सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु टीकाकरण के कार्य के संबंध में जानकारी लेते हुए इस आयु वर्ग के सभी बालिकाओं का शत प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने सड़कों में विचरण करने वाले घुमन्तु पशुओं की समस्या की रोकथाम हेतु किए जा रहे उपायों के संबंध में राष्ट्रीय राजमार्ग के अनुविभागीय अधिकारी, मुख्य नगर पालिका अधिकारियों एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने सभी अधिकारियों को इसके लिए जरूरी उपाय सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
- बालोद. एकीकृत बाल विकास परियोजना गुण्डरदेही के परियोजना अधिकारी ने बताया कि कार्यालय परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना गुण्डरदेही द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र भरदाकला एवं सिब्दी में 01-01 आंगनबाड़ी सहायिका के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए 28 जुलाई 2026 तक ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित की गई है। उन्होंने बताया कि इच्छुक आवेदक वेबसाईट https://aww.e-bharti.in/ पर 28 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।
- बालोद. छत्तीसगढ़ शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा वर्ष 2025-26 के उत्कृष्ट खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं निर्णायकों को राज्य खेल अलंकरण से सम्मानित करने हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सहायक जिला खेल अधिकारी ने बताया कि इसके अंतर्गत शहीद राजीव पांडे पुरस्कार, शहीद कौशल यादव पुरस्कार, पंकज विक्रम सम्मान, वीर हनुमान सिंह पुरस्कार, शहीद विनोद चैबे सम्मान, मुख्यमंत्री ट्रॉफी, नगद राशि पुरस्कार तथा खेलवृत्ति (डाइटमनी) हेतु पात्र अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित की गई है। उन्होंने बताया कि इच्छुक एवं पात्र खिलाड़ी गत वित्तीय वर्ष 01 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के अपनी खेल उपलब्धियों के आधार पर 05 अगस्त 2026 तक वेबसाईट http//sportsyw.cg.gov.in आवेदन कर सकते हैं। जबकि नगद राशि पुरस्कार एवं डाइटमनी के आवेदन सीधे संचालनालय, खेल संघों अथवा जिला कार्यालय में जमा किए जा सकते हैं।
- बालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा द्वारा संयुक्त जिला कार्यालय परिसर में मछली पालन विभाग के अंतर्गत मत्स्य पालक श्री खिलुराम कोठारी को ई-रिक्शा की चाबी भेंट कर वाहन प्रदान किया गया। मछली पालन विभाग के तहत डौण्डीलोहारा विकासखंड के ग्राम गड़ईनडीह के मत्स्य पालक श्री खिलू राम कोठारी को ’प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना’ अंतर्गत 03 व्हीलर (ई-रिक्शा) सह आइस-बाक्स हेतु सहायता प्रदान की गई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत स्वीकृत इस इकाई की कुल लागत 03 लाख रुपये है, जिस पर शासन द्वारा 1.80 लाख रुपये का अनुदान दिया गया है। इस ई-वाहन के मिलने से हितग्राही को मछली परिवहन और व्यवसाय संचालन में बड़ी सुविधा मिलेगी।
- 0- छत्रपति शिवाजी महाराज 30 जनवरी 2027 को होगी प्रतियोगितारायपुर। हिंदवी स्वराज के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज आज हमारी पाठ्य पुस्तकों में नहीं है, शिवाजी महाराज ने अटक से कटक तक विजय हासिल तक मुगलों को कई युद्धों में परास्त किया। इसके बाद संभाजी महाराज, राजाराम महाराज, तारा रानी और शाहू जी महाराज ने करीब 27 सालों तक मुगलों के साथ संघर्ष किया और शिवाजी महाराज के हिंदवी स्वराज के स्वपन का आकार दिया। श्री शिवाजी रायगढ़ स्मारक मंडल के कार्यवाह सुधीर थोरात ने महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के बच्चों के समक्ष इस आशय के विचार रखे।थोरात ने कहा कि श्री शिवाजी स्मारक मंडल रायगढ़ लोगों को शिवाजी महाराज के बारे में बताने के लिए स्कूलों, कालेजों और समाज के बीच में कार्यशालाओं का आयोजन किया जाता है। बच्चों के लिए छत्रपति शिवाजी महाराज प्रतियोगिता भी आयोजित की जाती है। इसके विजेताओं को आयोजन समिति की ओर से शिवाजी महाराज की राजधानी रायगढ़ किले का भ्रमण कराया जाएगा। उन्होंने बच्चों से शिवाजी महाराज की माता का नाम, पिता का नाम सहित कई प्रश्न किए।सुधीर थोरात ने बच्चों को बताया कि आप सभी ने कुछ दिनों पहले संभाजी महाराज की फिल्म देखी होगी। जिसमें उन्होंने वीरता के साथ मुगलों से युद्ध किया। उनकी मौत के बाद उनके भाई राजाराम महाराज के हिंदवी स्वराज की कमान संभाली। करीब 11 साल उन्होंने मुगलों से संघर्ष किया। उनकी मृत्यु के बाद उनकी पत्नी तारारानी से हिंदवी स्वराज की कमान संभाली। फिर करीब 10-11 सालों तक संभाजी महाराज के पुत्र शाहूजी महाराज ने इस दायित्व को आगे बढ़ाया, यानी शिवाजी महाराज की मृत्यु के बाद करीब 27 सालों तक मुगलों के खिलाफ मराठों ने युद्ध किया।थोरात के अनुसार श्री शिवाजी रायगढ़ स्मारक मंडल बच्चों को शिवाजी महाराज के बारे में बताने के लिए तीन पुस्तकों को प्रकाशन किया गया है। जिसमें स्वराज की स्थापना से साम्राज्य के विस्तार और मुगलों से युद्ध के कई रोचक घटनाओं का वर्णन किया गया है। इन पुस्तकों के आधार पर बच्चों के लिए 30 जनवरी 2027 को प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इसमें विजयी प्रतिभागियों को द्वितीय राउंड की प्रतियोगिता के लिए श्री शिवाजी रायगढ़ स्मारक मंडल द्वारा रायगढ़ पुणे ले जाया जाएगा, जिसका पूरा खर्चा संस्थान वहन करेगी। उन्होंने बच्चों को बताया कि यहां शिवाजी महाराज का सिंहासन और उनका विशाल किला देखने का मौका बच्चों को मिलेगा। यहां करीब 1600 सीढ़ियां चढ़कर किला तक पहुंचा होता है।इस अवसर पर पुणे से पहुंचे शिवाजी महाराज के सर सेनापति हंबीर राव मोहिते के वंशज और भारतीय विद्या पारंगत पुणे के विक्रम सिंह मोहिते, संत ज्ञानेश्वर स्कूल के प्रभारी परितोष डोनगांवकर, शिव शंभू विचार दर्शन कार्यशाला के छत्तीसगढ़ संयोजक पवन बोंदरे, महाराष्ट्र मंडल के शिवाजी महाराज कार्यक्रम आयोजन समिति के प्रमुख गणेशा जाधव पाटिल, कैरियर काउंसलर डॉ. वर्षा वरवंडकर और स्कूल के उप प्राचार्य राहुल वोड़ितेलवार प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
- 0- गीत-गजल की प्रस्तुतियों के साथ भरपूर मनोरंजनरायपुर। महाराष्ट्र मंडल में गुरुवार, 23 जुलाई को कांदे नवमी का उत्सव आयोजित किया गया है। शाम छह बजे शुरू होने वाले संस्कृति समिति के इस उत्सव में पहले 26 जुलाई को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियों को लेकर पदाधिकारियों की बैठक होगी। उसके तत्काल बाद कार्यकारिणी सदस्यों, पदाधिकारियों सहित सभासदों की व्यक्तिगत संगीतमय प्रस्तुतियां होंगी। साथ ही अन्य कुछ सभासद स्टैंडअप कामेडी भी करेंगे। उत्सव का समापन प्याज से बने सुस्वाद व्यंजनयुक्त रात्रिभोज से होगा।सचिव चेतन गोविंद दंडवते ने बताया कि हिंदू पंचांग के अनुसार, आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को 'कांदे नवमी' (या भड़ली नवमी) कहा जाता है, जो मुख्य रूप से महाराष्ट्र में पारंपरिक रूप से मनाई जाती है। चार्तुमास शुरू होने से दो दिन के बाद आषाढ़ी एकादशी मनाई जाती है। महाराष्ट्र में आषाढ़ी एकादशी में आमतौर पर गीतों, भजनों का संगीतमय कार्यक्रम होता है। यही परंपरा महाराष्ट्र मंडल में भी निभाई जाती है। जहां से चातुर्मास (चार पवित्र महीने) शुरू हो जाता है। इस दौरान प्याज, लहसुन, बैंगन और मांसाहार पूरी तरह वर्जित माना जाता है।दंडवते के अनुसार छत्रपति शिवाजी महाराज सभागृह में आयोजित इस कार्यक्रम में मजेदार चुटकुलों, गानों और मनोरंजक किस्सों के बाद रात्रिभोज में प्याजी पकौड़े, प्याजी झुनका, प्याज-ककड़ी कचूंबर सहित अनेक व्यंजन विशेष रूप रात्रिभोज की विशेषता होंगे। वैसे कांदे नवमी पर प्याजी पोहे, प्याजी थालीपीठ और भरवां बैंगन, बैंगन का भरता जैसे व्यंजन भी अनेक मराठी परिवारों में आमतौर पर विशेष रूप से बनाए जाते हैं।मंडल सचिव ने बताया कि चार्तुमास में प्याज, लहसुन और बैंगन और मांसाहार को वर्जित माने जाने की बड़ी वजह मानसून के दौरान पाचन क्रिया कमजोर होना है। आयुर्वेद में भी माना गया है कि मानसून यानी चातुर्मास के दौरान शरीर में वात और पाचन क्रिया कमजोर होती है। प्याज और बैंगन जैसे भारी (वातवर्धक) भोजन से पेट संबंधी रोग हो सकते हैं, इसलिए अगले चार महीने इन्हें न खाने की सलाह विशेषज्ञ आयुर्वेदिक डॉक्टर्स देते हैं।
- बिलासपुर. प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के प्रभावी एवं पारदर्शी क्रियान्वयन के उद्देश्य से आज कलेक्टर श्री संजय कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संदीप कुमार अग्रवाल तथा जिला पंचायत सभापति श्री गोविन्द राम यादव उपस्थित रहे।बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के वर्ष 2024-26 अंतर्गत ग्राम सभाओं के अनुमोदन उपरांत अपात्र पाए गए हितग्राहियों के विलोपन संबंधी प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। समिति द्वारा जिले में कुल 5,873 अपात्र हितग्राहियों के नाम योजना की सूची से विलोपित करने का अनुमोदन प्रदान किया गया।विकासखंडवार विलोपित अपात्र हितग्राहियों में बिल्हा के 1,059, कोटा के 2,101, मस्तूरी के 962 तथा तखतपुर के 1,751 हितग्राही शामिल हैं। बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ केवल पात्र एवं वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक ही पहुंचे। इसके लिए पात्रता का सत्यापन पूरी पारदर्शिता एवं शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।बैठक में जिले के सभी विकासखंडों के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, अनुविभागीय अधिकारी (ग्रामीण यांत्रिकी सेवा), एनआरएलएम, उज्ज्वला योजना, वीबी-जी रैम-जी (VB-G RAM G) तथा प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण से जुड़े जिला एवं जनपद स्तर के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
-
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के माध्यम से हजयात्रा पर जाने के इच्छुक आवेदकगण अब 24 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के चेयरमेन मिर्ज़ा एजाज़ बेग ने आज जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि हज कमेटी ऑफ़ इंडिया मुंबई के सर्कुलर नंबर-03 से प्राप्त सूचना के अनुसार हज 2027 के लिए ऑनलाइन हज आवेदन करने की अंतिम तिथि 20 जुलाई को बढ़ा कर 24 जुलाई कर दिया गया है । अब 24 जुलाई 2026 रात्रि 11:59 बजे तक ऑनलाइन फॉर्म भरने की समय सीमा निर्धारित की गई है। इसके पश्चात अंतिम तिथि नहीं बढ़ाई जावेगी। उन्होंने कहा कि, अंतिम तिथि के पश्चात हाजियों के चयन हेतु दिनांक 30जुलाई 2026 को कुर्राह का आयोजन हज कमेटी आफ इंडिया मुम्बई में प्रातः 11:00 बजे से आयोजित किया जावेगा। कुर्राह में चयनित होने वाले हज आवेदकों द्वारा हजयात्रा की पहली क़िश्त राशि 1,52,300/- प्रति आवेदक दिनांक 10 अगस्त 2026 तक जमा कराई जावेगी। अधिक जानकारी के लिए कार्यालय छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी बैरन बजार मुखर्जी बड़ा रायपुर दूरभाष क्रमांक 0771-4266646 पर संपर्क किया जा सकता है।
-
पक्षी प्रेमियों ने कैमरे में कैद किया प्रकृति का मनोहारी दृश्य
रायपुर। रायपुर जिले के धरसींवा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गोढ़ी की गधीया आर्द्रभूमि इन दिनों पक्षी प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। हाल ही में यहां स्पॉट-बिल्ड डक और लेसर व्हिस्लिंग डक को एक साथ आर्द्रभूमि के किनारे विचरण करते हुए देखा गया।
पक्षी प्रेमियों ने सुबह के शांत वातावरण में दोनों प्रजातियों को बिना किसी हलचल के प्राकृतिक परिवेश में विश्राम और भोजन की तलाश करते हुए कैमरे में कैद किया। यह दृश्य आर्द्रभूमि की शांति और जैव विविधता को दर्शाता है।
पक्षी विशेषज्ञों के अनुसार, एक ही आर्द्रभूमि में विभिन्न पक्षी प्रजातियों की उपस्थिति इस बात का संकेत है कि यहां का प्राकृतिक वातावरण पक्षियों के लिए अनुकूल है। गधीया आर्द्रभूमि में उपलब्ध प्राकृतिक वनस्पति, जल और सुरक्षित परिवेश स्थानीय पक्षियों को आश्रय एवं भोजन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
ऐसे दृश्य स्थानीय आर्द्रभूमियों के संरक्षण की आवश्यकता को भी रेखांकित करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समुदाय के सहयोग से इन आर्द्रभूमियों का संरक्षण जारी रहा, तो भविष्य में यहां और भी अनेक स्थानीय एवं प्रवासी पक्षियों की उपस्थिति देखने को मिल सकती है।
गधीया आर्द्रभूमि में दिखाई देने वाले यह दुर्लभ दृश्य जिले की पारिस्थितिकी समृद्धि को दर्शाते हैं और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को बल देते हैं। -
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में राम-नामी सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री घोषित, संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने बताया पूरे प्रदेश के लिए गर्व का क्षण
श्री अग्रवाल ने निर्देशक श्री भरतबाला गणपति एवं पूरी टीम को दी शुभकामनाएं, कहा - प्रदेश की लोक विरासत को मिली नई पहचान
रायपुर। 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में डॉक्यूमेंट्री फिल्म ’’राम-नामी’’ को ’’सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री फिल्म’’ का सम्मान प्राप्त होने पर छत्तीसगढ़ में हर्ष का वातावरण है। इस उपलब्धि को प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और आध्यात्मिक धरोहर के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने डॉक्यूमेंट्री के निर्देशक श्री भरतबाला गणपति एवं पूरी टीम को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी है।
संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में डॉक्यूमेंट्री फिल्म राम-नामी को सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री का सम्मान प्राप्त होना छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए अत्यंत गर्व और हर्ष का विषय है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल एक फिल्म की उपलब्धि नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं, सांस्कृतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान है।
उन्होंने कहा कि रामनामी समाज अपनी विशिष्ट परंपराओं, भगवान श्रीराम के प्रति अटूट आस्था, सादगीपूर्ण जीवन शैली तथा लोक संस्कृति के संरक्षण के लिए पूरे देश में विशिष्ट पहचान रखता है। शरीर पर श्रीराम नाम अंकित कराने की अद्वितीय परंपरा, भक्ति, समरसता और आध्यात्मिक जीवन मूल्यों का संदेश देने वाला यह समाज छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर का अमूल्य हिस्सा है। डॉक्यूमेंट्री राम-नामी ने इन परंपराओं और जीवन मूल्यों को अत्यंत संवेदनशील एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत कर देश-दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है।
संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह सम्मान छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं और सांस्कृतिक अस्मिता को राष्ट्रीय पटल पर नई प्रतिष्ठा प्रदान करेगा। साथ ही यह उपलब्धि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रचार-प्रसार को नई गति देगी तथा आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस उपलब्धि से छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति, जनजातीय एवं पारंपरिक विरासत, लोककलाओं और आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति देश-विदेश में लोगों की रुचि और बढ़ेगी। इससे प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर नई प्रतिष्ठा मिलेगी तथा सांस्कृतिक पर्यटन को भी प्रोत्साहन प्राप्त होगा।
संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने निर्देशक श्री भरतबाला गणपति तथा पूरी निर्माण टीम को इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि उनकी यह सफलता छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाली प्रेरणादायी उपलब्धि है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी प्रदेश की लोक संस्कृति और परंपराओं पर आधारित ऐसे उत्कृष्ट रचनात्मक प्रयास निरंतर होते रहेंगे, जिससे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सशक्त होकर उभरेगी। -
मुख्यमंत्री की पहल से महतारी वंदन योजना बनी महिलाओं की आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार
महतारी वंदन योजना से बढ़ा आत्मविश्वास और आर्थिक संबल, नियमित आर्थिक सहायता ने छोटे व्यवसाय को दी नई गति
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देने के उद्देश्य से संचालित महतारी वंदन योजना प्रदेश की लाखों महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित इस महत्वाकांक्षी योजना से महिलाओं को न केवल नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है, बल्कि वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। गौरेला विकासखंड के ग्राम तवाडबरा की श्रीमती ज्ञानवती बैगा इसकी प्रेरणादायक मिसाल है।
श्रीमती ज्ञानवती बैगा अपने परिवार की आजीविका को मजबूत करने के लिए अमलेश्वर महादेव मंदिर के सामने नारियल की छोटी दुकान संचालित करती हैं। इस व्यवसाय से होने वाली आय से वे परिवार की दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति करने के साथ-साथ घरेलू जिम्मेदारियों का भी सफलतापूर्वक निर्वहन कर रही हैं। सीमित संसाधनों के बीच परिवार का पालन-पोषण करने वाली ज्ञानवती बैगा के लिए महतारी वंदन योजना आर्थिक संबल बनकर सामने आई है।
उन्होंने बताया कि उन्हें योजना की 29वीं किस्त प्राप्त हो चुकी है। इस राशि का उपयोग उन्होंने अपने नारियल व्यवसाय के लिए आवश्यक सामग्री खरीदने में किया, जिससे उनके छोटे व्यवसाय को निरंतर गति मिली। नियमित आर्थिक सहायता मिलने से अब उन्हें व्यवसाय चलाने के लिए पूंजी की चिंता कम हो गई है और वे पहले की तुलना में अधिक आत्मविश्वास के साथ अपना काम कर पा रही हैं।
श्रीमती ज्ञानवती बैगा का कहना है कि महतारी वंदन योजना ने उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनने का विश्वास दिया है। अब वे घर के खर्च और अपने व्यवसाय दोनों का बेहतर ढंग से संचालन कर पा रही हैं। योजना से मिलने वाली नियमित सहायता ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दिया है और भविष्य के प्रति उनका विश्वास भी मजबूत हुआ है।
उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई महतारी वंदन योजना वास्तव में महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है। यह योजना परिवारों की आर्थिक मजबूती के साथ-साथ महिलाओं के आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाई प्रदान कर रही है।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रभावी ढंग से संचालित महतारी वंदन योजना प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। नियमित आर्थिक सहायता के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने, छोटे व्यवसायों को आगे बढ़ाने तथा परिवार की आय में भागीदारी निभाने का अवसर मिल रहा है। ज्ञानवती बैगा जैसी अनेक महिलाओं की सफलता की कहानियां इस बात का प्रमाण हैं कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के जीवन में आत्मविश्वास, सम्मान और स्वावलंबन का नया अध्याय भी लिख रही है।



























.jpg)