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- ग्रामीणों को मिल रहा है समुचित मात्रा में शुद्ध पेयजल एवं निस्तारी हेतु पर्याप्त पानीबालोद/ विकासखण्ड डौंडी के ग्राम पंचायत सिंघोला के अंतर्गत आने वाले आश्रित ग्राम सुकड़ीगुहान में ग्रामीणों को स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन और पंचायत द्वारा लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। लगभग 70 परिवारों की 250 की आबादी वाले इस क्षेत्र में पीने के पानी की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया की ग्रामीणों को पानी के लिए किसी परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए गांव में एक अत्याधुनिक सोलर पैनल आधारित पेयजल प्रणाली संचालित की जा रही है। इसके साथ ही एक बड़ी सिन्टेक्स टंकी और एक आईआरपी भी क्रियाशील है. पंचायत द्वारा क्षेत्र में अतिरिक्त व्यवस्था के तौर पर दो अन्य बोरवेल में मोटर पंप स्थापित किए गए हैं, जिससे सुचारू रूप से पानी की आपूर्ति हो रही है. अधिकारियों और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की टीम द्वारा किए गए निरीक्षण में गांव में पेयजल के पर्याप्त स्रोत पाए गए है। उन्होंने बताया कि पेयजल स्रोतों के बेहतर प्रबंधन के लिए प्रशासन अब नलों में नई टोंटियाँ (टैप) लगाने की तैयारी कर रहा है,जिससे पानी की हर बूंद का सही उपयोग हो सके और बर्बादी को रोका जा सके। इसके साथ ही, ग्रामीणों की रोजमर्रा की जरूरतों और निस्तारी कार्यों के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग द्वारा एक नए स्टॉपडैम का निर्माण कराया जा रहा है। जिसका कार्य वर्तमान में तेजी से प्रगति पर है। क्षेत्र के विकास और पानी की उपलब्धता की निगरानी के लिए स्थानीय सरपंच श्रीमती कौशिल्या बाई ठाकुर ग्रामीणों के साथ सतत संपर्क में हैं। पंचायत स्तर पर भविष्य की किसी भी विशेष या आकस्मिक जरूरत से निपटने के लिए एक पानी का टैंकर भी सिंघोला मुख्यालय में आरक्षित रखा गया है, जिसे आवश्यकता पड़ने पर तुरंत सुकड़ीगुहान भेजा जा सकता है। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के आपसी समन्वय से गांव में बुनियादी सुविधाओं को और मजबूत किया जा रहा है।
- परंपरा और तकनीक का संगम23 एकड़ में विविध खेती, ड्रिप सिंचाई और जी-9 केले की उन्नत खेती से लिखी सफलता की नई कहानी-कृषि छात्र संजना धीरज की रिपोर्टबिलासपुर/ जिले के मोपका ग्राम के किसान श्री भरत क्षेत्रपाल आज उन प्रगतिशील किसानों में गिने जाते हैं, जिन्होंने अपने अनुभव, नवाचार और मेहनत के बल पर खेती को लाभकारी एवं टिकाऊ व्यवसाय का स्वरूप दिया है। लगभग 30 से 35 वर्षों के कृषि अनुभव के साथ उन्होंने अपनी 23 एकड़ भूमि को विविधतापूर्ण और आधुनिक कृषि का सफल मॉडल बना दिया है।खेती के प्रति समर्पण और दूरदर्शिता ने उन्हें क्षेत्र के किसानों के बीच एक अलग पहचान दिलाई है। वर्षों से खेती करते हुए उन्होंने विभिन्न फसलों के उत्पादन में दक्षता हासिल की है। अरबी (जिमीकंद) और हल्दी उनकी प्रमुख फसलें हैं, जिनकी खेती में उन्हें विशेष सफलता मिली है। इन फसलों के साथ उन्होंने केले की उन्नत खेती को भी अपनाया और उल्लेखनीय परिणाम प्राप्त किए।वर्तमान में श्री क्षेत्रपाल अपनी 8 एकड़ भूमि पर जी-9 किस्म के केले की खेती कर रहे हैं। उनके खेत में केले की दूसरी फसल सफलतापूर्वक तैयार हो रही है, जो उनकी वैज्ञानिक खेती और बेहतर प्रबंधन क्षमता का प्रमाण है। आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की उनकी सोच ने उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में वृद्धि की है। श्री क्षेत्रपाल अपने खेतों में ड्रिप सिंचाई प्रणाली का उपयोग करते हैं। इस तकनीक से पानी की बचत होने के साथ-साथ फसलों को आवश्यकतानुसार नमी प्राप्त होती है। इससे उत्पादन लागत कम होती है और फसल की गुणवत्ता बेहतर होती है। जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन की दिशा में भी यह तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।उनकी कृषि उपलब्धियों को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है। वर्ष 2006 और 2011 में भारत सरकार द्वारा उन्हें प्रतिष्ठित “कृषिरत्न” पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनकी लगन, नवाचार और कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान का प्रतीक है।विपणन के क्षेत्र में भी वे सजग और जागरूक किसान हैं। वे अपनी उपज का विक्रय मंडी के माध्यम से करते हैं, जिससे उन्हें उचित मूल्य प्राप्त होता है और आय में स्थिरता बनी रहती है। खेती के साथ बाजार की समझ ने उन्हें आर्थिक रूप से भी सशक्त बनाया है। श्री भरत क्षेत्रपाल की सफलता यह संदेश देती है कि यदि पारंपरिक कृषि ज्ञान को आधुनिक तकनीकों के साथ जोड़ा जाए, तो खेती को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और समृद्ध बनाया जा सकता है। उनकी उपलब्धियां न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। आज वे इस बात का जीवंत उदाहरण हैं कि मेहनत, अनुभव, नवाचार और वैज्ञानिक सोच के बल पर खेती में नई ऊंचाइयां हासिल की जा सकती हैं।
- रायपुर/छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री अरुण साथ के मार्गदर्शन में नगरीय निकाय क्षेत्र अंतर्गत रायपुर नगर पालिक निगम के सभी 10 जोनों के विभिन्न 10 स्थानों पर सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर लगाये जायेंगे। इस हेतु छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ शासन नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग और रायपुर जिला प्रशासन के मार्गनिर्देशन में रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र अंतर्गत सभी 10 जोनों में सुशासन विहार 2026 अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर आयोजन की प्रशासनिक कार्यवाही जोनवार निरन्तर प्रगति पर है।यहां उल्लेखनीय है कि सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र के अंतर्गत रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में रायपुर नगर पालिक निगम जोन 7 अंतर्गत वार्ड कमांक 22, 23, 24, 25, 36, 37 एवं 38 क्षेत्र हेतु दिनांक 8 जून 2026 को रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र में अंतिम और दसवां जनसमस्या निवारण शिविर पंडित दीनदयाल उपाध्याय आडिटोरियम में लगाया जायेगा।सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत रायपुर ग्रामीण एवं रायपुर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में नगर निगम जोन 10 के वार्ड क्रमांक 49, 50, 52, 53, 54, 55 एवं 56 में दिनांक 5 जून 2026 को देवपुरी धर्मशाला (गुरुद्वारा) कमल विहार (कौशल्या विहार ) गेट के पास रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र में नवें जनसमस्या निवारण शिविर का सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र में जोनवार क्रमानुसार आयोजन रखा गया है।रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र में जोनवार जनसमस्या निवारण शिविर आयोजन हेतु संबंधित जोन क्षेत्र के जोन कमिश्नर को सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। जोन कमिश्नर नोडल अधिकारी शिविर के आयोजन हेतु उत्तरदायी होंगे। आम जनता से उनकी समस्याओं के संबंध में शिविर स्थलों में प्रातः 11 बजे से अपरान्ह 1 बजे तक आवेदन प्राप्त किये जायेंगे। जनसमस्या निवारण शिविर में रायपुर नगर पालिक निगम सहित ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, राजस्व, विद्युत, खाद्य, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य पालन, पशु धन विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, महिला एवं बाल विकास, ईडीएम, श्रम विभाग आदि हितग्राहीमूलक योजनाओं से संबंधित सर्व विभाग भी उपस्थित रहेंगे।निर्देश दिये गये है कि सुशासन तिहार के सफाई और सुव्यवस्थित संचालन हेतु आवश्यक अग्रिम तैयारी सुनिश्चित की जाये और अभियान को जन आंदोलन का रूप देते हुए अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित की जाये। जिससे शासन की योजनाओं का व्यापक लाभ नागरिको को प्राप्त हो सके। विभिन्न शासकीय योजनाओं के संबंध में व्यापक जनजागरूकता सुनिश्चित करने शिविर में पात्र हितग्राहियों को लाभवितरण किये जाने, शिविरों में प्राप्त आवेदन पत्रों का अधिकतम 1 माह में निराकरण सुनिश्चित किये जाने, प्रत्येक आवेदक को उनके आवेदन के निराकरण की सूचना अनिवार्य रूप से प्रदान किया जाना सुनिश्चित करने संबंधित शिविर से जुड़े क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों को आवश्यक सूचना उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने, शिविर स्थल पर अनुशांगिक व्यवस्था जैसे छाया, कुर्सी टेबल, पेयजल हेतु घडे आदि की व्यवस्था एवं पानी पिलाने वाले कर्मचारी सहित अन्य की व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने, सुशासन तिहार अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविरो का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये है।
- -- ‘मैं अनिकेत हूं’ के सफलतम मंचन के बाद मुख्य अतिथि एसएसपी शशि मोहन ने कहा- नाटकों के प्रति लोगों का प्रेम अभी भी जिंदा हैरायपुर। महाराष्ट्र मंडल के सुपरहिट हिंदी नाटक ‘मैं अनिकेत हूं’ ने रायगढ़ में भयंकर आंधी, बारिश और ब्लैक आउट के बीच रायगढ़ के पांच सौ से अधिक रंगप्रेमी दर्शकों के दिलों में जगह बनाई। हाल ही में रायगढ़ के जिंदल ऑडिटोरियम में मंचित नाटक ‘मैं अनिकेत हूं’ ने दर्शकों के मन में यह सवाल छोड़ दिया कि कोर्ट रूम में अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा सामने खडे हुआ जले चेहरे वाला वह व्यक्ति आखिर कौन है? अनिकेत है या शशिकांत जाधव।नाटक ‘मैं अनिकेत हूं’ के निर्देशक शशि वरवंडकर ने अनिकेत की केंद्रीय भूमिका में जान फूंक दी है। कोर्ट रूम में जज के सामने अनिकेत अपने पहले ही संवाद ‘ये मेरी जिंदगी को बर्बाद करने की यह सुनियोजित और घृणित साजिश है। दो महीने पहले हुई ट्रेन दुर्घटना में बुरी तरह घायल होने के कारण मैं अपने ही लोगों के लिए करीब-करीब लापता था। इस वाक्या का फायदा उठाते हुए, जो लोग मुझे जिंदा नहीं देखना चाहते थे, उन्होंने मेरे अस्तित्व की संभावनाओं को नकारते हुए यह अफवाह फैलाई कि अब मैं इस दुनिया में नहीं रहा। मैं अनिकेत शर्मा, अगर लौट आने पर अपने ही घर में जाता हूं तो इसमें मेरा अपराध क्या है’ से दर्शकों पूरी तरह नाटक से जोड़ लेते हैं। सबसे महत्वपूर्ण और बड़ी भूमिका में शशि वरवंडकर अपनी अभिनय क्षमता से दर्शकों को पूरे 80 मिनट तक नाटक के हर एक फ्रेम में बांधे रखते हैं।वकील भारद्वाज के रोल में चेतन दंडवते, अनिकेत की पत्नी मीनाक्षी के रोल में डॉ. अनुराधा दुबे, जज के किरदार में दिलीप लांबे और डॉ. गजानन ब्रह्रमानंद शिरोडकर के रूप में रंजन मोड़क अपने सधे व संतुलित अभिनय से अनिकेत के साथ नाटक में अपनी सामूहिक पकड़ को मजबूत करते हैं। रविंद्र ठेंगड़ी, भारती पलसोदकर, प्रकाश खांडेकर, समीर टल्लू, डॉ. प्रीता लाल, डॉ. अभया जोगलेकर, डॉ. शुचिता देशमुच, श्याम सुंदर खंगन, पंकज सराफ और विनोद राखुंडे अपने पात्रों के साथ न्याय करते हुए नाटक की गति को लगातार बनाए रखते हैं। मंच सज्जा से लेकर प्रकाश व ध्वनि व्यवस्था में अजय पोतदार, प्रवीण क्षीरसागर, प्रकाश गुरव की मेहनत नाटक में दिखाई देती है।नाटक शुरू होने से पहले रायगढ़ के एसएसपी शशिमोहन सिंह, विशिष्ट अतिथि और रोटरी स्टील सिटी के अस्टिटेंट गवर्नर विजय अग्रवाल, डिस्ट्रिक 3261 के डीएसजी सुशील रामदास अग्रवाल, जिंदल स्कूल के प्राचार्य आरके त्रिवेदी, जिंदल स्टील के ईवीपी संजीव चौहान ने दीप प्रज्ज्वलन और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम शुरू किया। कार्यक्रम के पूर्व दर्शकों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि एसएसपी शशिमोहन सिंह ने कहा कि तेज अंधड़ और बारिश के चलते पूरे शहर की लाइट गुल है। उसके बाद भी आडिटोरियम में लोगों की इतनी अधिक उपस्थिति यह बता रही है कि रायगढ़ में रंगमंच और नाटकों के प्रति लोगों का प्रेम अभी भी जिंदा है। तमाम विशिष्ट अतिथियों ने भी नाटक ‘मैं अनिकेत हूं’ की जमकर प्रशंसा करते हुए इसे अभूतपूर्व और अकल्पनीय बताया। उन्होंने कहा कि यह नाटक स्थानीय नाट्य प्रतिभाओं को भी प्रेरित कर रंगमंच की ओर लौटने में सहायक होगा।
- 0- सहकारी समितियों एवं निजी दुकानों में कालाबाजारी पाए जाने पर होगी कड़ी कार्यवाहीरायपुर। जिले में किसी भी प्रकार के खाद की कमी नहीं है एवं किसान जिले के सहकारी समितियों और निजी दुकानों से यूरिया प्राप्त कर सकते हैं। यह जानकारी कृषि विभाग के उप संचालक श्री सतीश अवस्थी द्वारा दी गयी| श्री अवस्थी ने बताया कि रायपुर जिले के प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों पर्याप्त मात्रा में यूरिया का भंडारण किया गया है एवं कृषि विभाग द्वारा सभी सहकारी समितियों और निजी दुकानों में पीओएस मशीन के माध्यम से उर्वरकों के विक्रय के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही निजी दुकानों में अवैध भंडारण पाए जाने पर जब्ती की कार्रवाई के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। इस हेतु लगातार उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण की निगरानी की जा रही है|जिले में 31 हजार 600 मीट्रिक टन यूरिया के लक्ष्य के विरुद्ध 32 हजार 549 मीट्रिक टन यूरिया का भंडारण किया जा चुका है, जो लक्ष्य का 103 प्रतिशत है एवं भंडारित यूरिया में से 31 हजार 123 मीट्रिक टन का वितरण किसानों को किया जा चुका है, जो कुल भंडारण का 96 प्रतिशत है।विभाग द्वारा किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर हरी खाद के लिए ढैंचा एवं मूंग के बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जिले में 1000 एकड़ क्षेत्र में हरी खाद के उपयोग का लक्ष्य निर्धारित किया गया है तथा इसके लिए किसानों के बीच प्रचार-प्रसार कर बीज वितरण किया जा रहा है।उर्वरकों की कालाबाजारी और अधिक मूल्य पर बिक्री रोकने के लिए निजी उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर विभागीय अधिकारियों की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों से अपील की गई है कि यदि कहीं भी उर्वरकों की कालाबाजारी या निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री की शिकायत मिले तो इसकी जानकारी विभागीय अधिकारियों को दें, ताकि उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के तहत आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा सके।
- 0- खाते में कर रहीं नियमित बचत, मिला बेटी के उज्जवल भविष्य का भरोसारायपुर. सुकन्या समृद्धि योजना ग्रामीण क्षेत्रों में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने और उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस योजना के तहत श्रीमति फनिता साहू की बेटी लेकिशा के उज्जवल भविष्य हेतु खाता खुलवाया गया। श्रीमति साहू आरंग विकासखण्ड के ग्राम रानीसागर की रहने वाली हैं। उन्हें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से इस योजना की जानकारी मिली। खाता खुलने के पश्चात् उन्होंने आपनी बेटी के खाते में नियमित रूप से बचत करना शुरू किया। इस योजना से उनके परिवार को यह भरोसा मिला है कि भविष्य में उनकी बेटी की शिक्षा और अन्य आवश्यक जरूरतों के लिए आवश्यक जरूरतों के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध रहेगी।
- रायपुर. आर्थिक रूप से कमजोर श्री ईश्वर साहू की बेटी लीलीमा का भविष्य अब सुरक्षित है, क्योंकि छत्तीसगढ़ शासन की योजना नोनी सुरक्षा योजना के तहत उनकी बेटी का बीमा किया गया है।श्री साहू एवं उनका परिवार आरंग विकासखण्ड के ग्राम बनरसी में निवारत हैं। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्हें अपनी बेटी के भविष्य की चिंता रहती थी। इसी बीच आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से उन्हें इस योजना के बारे में पता चला और आपनी बेटी के नाम से बीमा कराया। अब उनकी बेटी विद्यालय में पढ़ाई और उज्जवल भविष्य को लेकर बहुत उत्साहित है। इस योजना से उन्हें आर्थिक सुरक्षा के साथ-साथ यह विश्वास भी मिला है कि उनकी बेटी आगे चलकर अपनी शिक्षा पूरी करेगी और अपने सपने को साकार करेगी।उल्लेखनीय है कि नोनी सुरक्षा योजना छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य, उनकी शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार तथा भ्रूण हत्या रोकने के लिए शुरू की गई एक महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजना है| इस योजना के तहत बीपीएल परिवारों में जन्मी बेटियों के नाम पर राज्य सरकार भारतीय जीवन बीमा निगम के माध्यम से 5 वर्षों तक हर साल ₹5,000 जमा करती है|
- बालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकरा ने आज संयुक्त जिला कार्यालय के जनदर्शन कक्ष में जिले के विभिन्न स्थानों से पहुँचे लोगों से मधुर एवं आत्मीय बातचीत कर उनकी मांगों एवं समस्याओं की जानकारी ली। इस अवसर पर उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को तलब कर आवेदकों के मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। जनदर्शन में आज गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम सिकोसा के श्री चंद्रकुमार ने पीएम विश्वकर्मा योजना का लाभ दिलाने, ग्राम तमोरा की याचिका ने आधार कार्ड में सुधार कराने हेतु आवेदन प्रस्तुत किए। इसी तरह डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के आदिमजाति सहकारी समिति मर्यादित खेरथा ने विद्युत पोल का स्थानांतरण करने, डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम बिटाल के श्री राम सिंह कोठारी ने भूमि पट्टा दिलाने एवं सुरडोंगर के बसंती साहू ने बोर खनन की अनुमति प्रदान करने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया।--
- 0- सहकारी समिति में खाद बीज लेने पहुंचे बहुर सिंह ने मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री का जताया आभारबालोद. छत्तीसगढ़ सरकार की किसान हितैषी योजनाओं और जिले में कृषि की सुचारू व्यवस्था से किसानों का जीवन सँवर रहा है। बालोद जिले में इस वर्ष खरीफ सीजन के लिए खाद और बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, जिससे किसानों को समय पर अपनी सहकारी समितियों से उच्च गुणवत्ता वाले बीज और खाद मिल रहे हैं। शासन की किसान हितैषी योजनाओं का लाभ उठाकर जिले के किसान अब आधुनिक खेती की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। जिले के गुरूर विकासखंड के ग्राम अरमरीकला के प्रगतिशील किसान श्री बहुर सिंह की कहानी अन्य किसानों के लिए एक मिसाल बनकर उभरी है। किसान श्री बहुर सिंह ने शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का भरपूर लाभ उठाया है। धान बेचने के बाद समय पर मिले भुगतान और कृषक उन्नति योजना की राशि के सही प्रबंधन से उन्होंने अपनी खेती को और मजबूत करने का फैसला किया। इसी का परिणाम है कि उन्होंने खेती के कार्यों को आसान और आधुनिक बनाने के लिए स्वयं का नया ट्रैक्टर खरीद लिया है।श्री बहुर सिंह कुल 07 एकड़ भूमि पर धान की खेती करते हैं। अपनी मेहनत, आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग और उन्नत किस्म के बीजों की बदौलत वे हर साल बंपर पैदावार ले रहे हैं। समय पर सोसायटी से खाद-बीज मिलने के कारण उन्हें कभी भी खेती के सीजन में परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ा। आज वे अपने क्षेत्र में एक उन्नत और जागरूक किसान के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। किसान श्री बहुर सिंह ने बताया कि पहले खेती के लिए दूसरों के ट्रैक्टर और संसाधनों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे समय और पैसा दोनों का नुकसान होता था। लेकिन सरकार की नीतियों और समय पर मिलने वाली सुविधाओं के कारण आज मेरा खुद का ट्रैक्टर लेने का सपना पूरा हो सका है।बालोद जिला प्रशासन और सहकारिता विभाग के प्रयासों से इस बार सोसायटियों में खाद-बीज का अग्रिम उठाव तेजी से हुआ है। किसानों को लाइनों में नहीं लगना पड़ रहा है, जिससे वे बिना किसी समस्या के अपनी बोआई और थरहा की तैयारी में जुटे हैं। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग के सहयोग से उन्हें धान की खेती में भरपूर सहयोग मिल रहा है। किसान श्री बहुर सिंह ने कृषक उन्नति योजना और किसान सम्मान निधि जैसी किसान हितैषी योजनाओं के संचालन के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र अंतर्गत एक गार्डन परिसर में अवैध रूप से भैंस खटाल संचालित किए जाने की सूचना प्राप्त होने पर निगम प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई की गई। जांच के दौरान पाया गया कि खटाल संचालक द्वारा गार्डन परिसर का उपयोग पालतू पशुओं को रखने एवं खटाल संचालन के लिए किया जा रहा था, जिससे सार्वजनिक स्थल की स्वच्छता एवं सौंदर्य प्रभावित हो रहा था।निगम अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर संबंधित खटाल संचालक के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया तथा गार्डन परिसर से सभी पालतू पशुओं को तत्काल हटवाया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक उद्यानों एवं शासकीय परिसरों का उपयोग निजी व्यवसाय अथवा पशुपालन गतिविधियों के लिए करना नियमों के विरुद्ध है और भविष्य में ऐसी गतिविधियां पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम द्वारा नागरिकों से भी अपील की गई है कि सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता एवं सौंदर्य बनाए रखने में सहयोग करें तथा किसी भी प्रकार के अवैध अतिक्रमण या नियम विरुद्ध गतिविधि की जानकारी निगम प्रशासन को दें। कार्रवाई के दौरान सहायक राजस्व अधिकारी बसंत देवांगन, जोन स्वास्थ्य अधिकारी वीरेन्द्र बंजारे, अतिक्रमण प्रभारी हरिओम गुप्ता एवं उनकी टीम उपस्थित रही।
- फाइल फोटोरायपुर. विशेष रोजगार कार्यालय, रायपुर द्वारा अस्थिबाधित, बौने, कम सुनने (श्रवणयंत्र की सहायता से) एवं देखने में कठिनाई (चश्मे की सहायता से) वाले दिव्यांगजनों के लिए 5 जून 2026 को रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। यह रोजगार मेला प्रातः 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक शासकीय कन्या पॉलिटेक्निक कॉलेज, बैरन बाजार, रायपुर में आयोजित होगा।उपसंचालक रोजगार डॉ. शशी अतुलकर ने बताया कि यंग इंडिया के तत्वाधान में आयोजित इस रोजगार मेले में विभिन्न निजी प्रतिष्ठानों द्वारा दिव्यांगजनों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। रोजगार मेले में क्रेडालिस केपिटल प्रा. लि., आई. ट्रेड टेलिमेटिक्स निगरानी जीपीएस रामा उद्योग प्रा. लि., बारबर्रिक ट्रांसफॉर्मर्स, अविनाश डेवलपर्स प्रा. लि. एवं स्काई ऑटोमोबाइल (मारुति नेक्सा) तथा विश्वभारती ऑटोमोबाइल प्रा. लि. रायपुर आदि प्रतिष्ठान शामिल होंगे। चयनित आवेदकों को उनकी योग्यता एवं पद के अनुसार प्रतिमाह लगभग 11 हजार रुपये से 30 हजार रुपये तक का वेतन प्रदान किया जाएगा एवं उनका कार्यक्षेत्र रायपुर एवं सिलतरा क्षेत्र रहेगा।ऐसे दिव्यांगजन, जिनकी आयु 18 से 40 वर्ष के बीच हो तथा जो बिना व्हीलचेयर के चलने-फिरने में सक्षम हों, रोजगार मेले में भाग ले सकते हैं। रोजगार मेले में शामिल होने के लिए अभ्यर्थियों द्वारा erojgar.cg.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया जाना अनिवार्य है।इच्छुक दिव्यांगजन अपने प्रमाण-पत्र, 10वीं, 12वीं, स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, बी.ई., आईटीआई, डीसीए, पीजीडीसीए आदि उत्तीर्ण की अंकसूची, तकनीकी योग्यता प्रमाण-पत्र दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, स्थानीय निवासी प्रमाण-पत्र, रोजगार पंजीयन प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड के मूल एवं फोटोकॉपी की एक प्रति, दो पासपोर्ट साइज फोटो के साथ रोजगार मेले में उपस्थित हो सकते हैं।अधिक जानकारी के लिए erojgar.cg.gov.in पोर्टल पर अथवा कार्यालयीन समय में दूरभाष क्रमांक 0771-4044081 पर संपर्क कर सकते हैं।
- 0- मजदूर से व्यवसायी बनी सुशीला, 10 हजार के ऋण से खड़ा किया फल का व्यवसाय, आज 50 हजार तक पहुंचा टर्नओवररायपुर। कोरोना महामारी संक्रमण काल में जब पूरा देश आर्थिक तंगी से जूझ रहा था, तब संत कबीर दास वार्ड क्रमांक 3 डबरापारा सूर्यानगर गोगांव की महिला श्रमवीर श्रीमती सुशीला जंघेल के लिए पीएम स्वनिधि योजना जीवन बदलने वाली साबित हुई। इस योजना से उन्हें न सिर्फ रोजगार मिला, बल्कि आत्मनिर्भरता और सकारात्मक सोच की नई राह भी मिली।लॉकडाउन से पहले श्रीमती सुशीला जंघेल रोजी-मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करती थीं। कोरोना काल में काम बंद होने से परिवार के सामने दो वक्त की रोटी का संकट आ गया। घर की जमा पूंजी धीरे-धीरे खत्म हो गई। ऐसे समय में नगर पालिक निगम रायपुर की टीम ने उन्हें पीएम स्वनिधि योजना की जानकारी दी। चॉइस सेंटर के माध्यम से आवेदन करने के कुछ ही दिनों बाद बैंक ऑफ बड़ौदा गुढियारी शाखा से उन्हें 10,000 रुपये का ऋण मिला। इसी पूंजी से उन्होंने सड़क किनारे फल का ठेला लगाया। मेहनत, ईमानदारी और ग्राहक सेवा के बल पर उनका व्यवसाय तेजी से बढ़ा।पहले चरण का ऋण समय पर चुकाने पर उन्हें द्वितीय चरण में 20,000 रुपये और तृतीय चरण में 50,000 रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। आज वे फल व्यवसाय के साथ जूता-चप्पल का व्यापार भी शुरू करने की तैयारी में हैं।श्रीमती सुशीला जंघेल ने बताया कि पहले सिर्फ मजदूरी का इंतजार करती थी। पीएम स्वनिधि योजना ने मुझे अपने पैरों पर खड़ा होना सिखाया। आज मैं अपने परिवार की जिम्मेदारी खुद उठा रही हूं। बच्चों की पढ़ाई बिना रुकावट चल रही है। इस योजना ने मेरे विचार बदल दिए और जिंदगी में आगे बढ़ने का हौसला दिया।महिला उद्यमी श्रीमती सुशीला जंघेल ने समय पर सहायता पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया।
- 0- हर महीने 1500 रुपये की पेंशन से श्रीमती बेला जयंती का आसान हुआ जीवन यापनरायपुर. मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक पेंशन सहायता योजना वरिष्ठ नागरिकों के लिए राहत का कारण बनता जा रहा है। इसी क्रम में 60 वर्ष पूर्ण कर चुकी श्रीमती बेला जयंती ठाकुर के खाते में डीबीटी के माध्यम से प्रतिमाह 1500 रूपए प्राप्त हो रहे हैं, जिससे उन्हें अपनी दैनिक जरूरतें पूर्ण करने में आसानी हो रही है।श्रीमती ठाकुर पुरानी बस्ती की निवासी हैं। वे छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत पंजीकृत सदस्य हैं एवं पूर्ण में वे रेजा का कार्य करती थीं। उनकी उम्र 60 वर्ष होने के बाद उन्हें जीवन यापन करने में कठिनाई आने लगी। इसके पश्चात् उन्हें श्रम विभाग द्वारा इस योजना के बारे में जानकारी प्राप्त हुई।बिना देर किए श्रीमती ठाकुर ने जिला कार्यालय रायपुर में संपर्क कर योजना का लाभ लेने हेतु ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत किया एवं श्रम विभाग से जांच उपरांत जुलाई 2025 से उन्हें पेंशन सहायता प्राप्त हो रही है।श्रीमती ठाकुर ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं श्रम विभाग का धन्यवाद करना चाहती हूँ जो हम मजदूर वर्ग के वरिष्ठ नागरिकों को श्रमिक पंजीयन कार्ड की वैधता समाप्त होने के बाद भी पेंशन सहायता से लाभान्वित कर रहे हैं।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक पेंशन सहायता योजना के तहत 60 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके पंजीकृत निर्माण श्रमिक जिनका छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत 10 वर्ष पूर्व पंजीकृत हितग्राहियों को लाभ दिया जाता है। योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु श्रम विभाग के वेब पोर्टल shramevjayate.cg.gov.in या श्रमेव जयते मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं एवं समस्या आने पर जिला कार्यालय सहायक श्रमायुक्त रायपुर छ.ग. में संपर्क कर सकते हैं।
- 0- राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने की 2 करोड़ की लागत की विद्युत सब स्टेशन के निर्माण की घोषणारायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत तिल्दा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत भूमिया में जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विशिष्ट अतिथि राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा एवं मुख्य अतिथि राजस्व एवं आपदा पुर्नवास एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा, सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।मंत्री श्री टंकराम वर्मा द्वारा ग्राम पंचायत भुमिया में लो वोल्टेज की समस्या को देखते हूए ग्रामीण जनता की मांग अनुसार 2 करोड़ रुपये लागत की विद्युत सब स्टेशन निर्माण करने की घोषणा की गई।शिविर में कुल 973 आवेदन प्राप्त हुए। जिसमें से 165 आवेदनों का तत्काल निराकरण किया गया एवं शेष लंबित आवेदनों का आगामी 1 माह के भीतर निराकरण किया जायेगा| निराकृत आवेदनों में राशन कार्ड, आधार कार्ड, श्रम कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस सहित अन्य जरूरी दस्तावेज शामिल हैं।कार्यक्रम में मनरेगा जॉबकार्ड, श्रम कार्ड नवीनीकरण और ड्राइविंग लाइसेंस बनाए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा अन्नप्राशन और गोदभराई के कार्यक्रम संपन्न हुए। कृषि विभाग ने किसान क्रेडिट कार्ड, स्वास्थय विभाग ने आयुष्मान कार्ड वितरित किए। समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांग हितग्राहियों को साइकिल व ट्राईसिकल प्रदान की गई। प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को आवास की चाबी सौंपी गई।इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, एसडीएम श्री आशुतोष देवांगन, सीईओ जनपद श्री रवि कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप आयोजित सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आरंग विकासखण्ड के नगर पालिका परिषद मंदिर हसौद में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों ने पहुंचकर अपनी समस्याओं एवं आवश्यक सेवाओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। शिविर में कुल 381 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 78 आवेदनों का तत्काल निराकरण किया गया। इनमें मुख्य रूप से राशन कार्ड, आधार कार्ड, श्रम कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस सहित विभिन्न दस्तावेजों से जुड़े प्रकरण शामिल रहे।मौके पर ही समाधान मिलने से ग्रामीणों में उत्साह और संतोष का माहौल देखने को मिला।कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत हितग्राहियों को लाभान्वित किया। इस दौरान मनरेगा जॉब कार्ड, श्रम कार्ड एवं उनके नवीनीकरण, ड्राइविंग लाइसेंस वितरण की प्रक्रिया संपन्न हुई। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 14 हितग्राही, कृषि विभाग द्वारा 03 किसानों को खाद बीज वितरण किया गया, परिवहन विभाग द्वारा 03 लोगों को लर्निंग लाइसेंस, समाज कल्याण विभाग द्वारा 22 लोगों का पेंशन प्रकरण निपटाया गया, खाद्य विभाग द्वारा 50 राशन कार्ड एवं 03 उज्जवला कनेक्शन वितरण किए गया, वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा 05 आयुष्मान कार्ड बनाए गए एवं 12 प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के हितग्राहियों को आवास की चाबी दी गई।इस अवसर पर एडीएम श्री उमाशंकर बंदे, एसडीएम श्रीमती अभिलाषा पैकरा, मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्रीमती पूजा पिल्ले सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के सभागार कक्ष में 62 वर्ष की आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हुए नियमित अधिकारी एवं कर्मचारियों के सम्मान में विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शाल, श्रीफल एवं प्रशस्ति पत्र भेंट कर उनके दीर्घ एवं उत्कृष्ट सेवाकाल के लिए सम्मानित किया गया।इस कार्यक्रम में निगम मुख्य अभियंता अजीत कुमार तिग्गा, उपायुक्त डी के कोसरिया एवं उद्यान सह जनसंपर्क अधिकारी तिलेश्वर साहू सहित निगम के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। निगम के सम्मानित कर्मचारी वामन राव, शशिकांत साहू, ईमान सिंह कन्नौजे, मंत राम यादव सहित गणेश राम वर्मा अपना शासकीय सेवा अवधि पूर्ण कर सेवा निवृत हुए । सभी ने सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यनिष्ठा, समर्पण और निगम के विकास में उनके महत्वपूर्ण योगदान की सराहना करते हुए उनके स्वस्थ, सुखमय एवं सफल जीवन की कामना की। आयुक्त ने कहा कि किसी भी संस्था की प्रगति में उसके कर्मचारियों की मेहनत और अनुभव की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।सेवानिवृत्त अधिकारी एवं कर्मचारियों ने अपने सेवाकाल में पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ दायित्वों का निर्वहन किया है, जिसके लिए निगम परिवार सदैव उनका ऋणी रहेगा। इस अवसर पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने भी अपने सेवाकाल के अनुभव साझा करते हुए निगम परिवार के सहयोग और स्नेह के लिए आभार व्यक्त किया। समारोह भावनात्मक माहौल के बीच संपन्न हुआ, जिसमें कार्यालय अधीक्षक शालिनी गुरुव, श्रवण ठाकुर शशिभूषण मोहन्ती, राज सच्चर, सागर दुबे, हेमचंद बंजारे, गिरधर वर्मा, नलनीश मिश्रा सहित निगम के अन्य सम्मानित कर्मचारी गण उपस्थित रहे ।सभी ने सेवानिवृत्त साथियों को उनके जीवन के नए अध्याय के लिए शुभकामनाएं दीं।
- 0- समय-सीमा की बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश0- सीएम हेल्पलाईन के प्रभावी संचालन हेतु राज्य स्तरीय प्रशिक्षण दल के अधिकारियों ने दी जिले के अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षण0- प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों को विशेष प्राथमिकता के साथ निर्धारित समयावधि में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के दिए निर्देशबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि राज्य में आम जनता को अपनी शिकायत दर्ज कराने सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी प्राप्त करने तथा उनके शिकायतों का समयबद्ध निराकरण करने हेतु शीघ्र ही सीएम हेल्पलाईन की शुरूआत होने वाली है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को सीएम हेल्पलाईन के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों विशष्ेा प्राथमिकता के साथ निर्धारित समयावधि में गुणवत्तापूर्ण ढंग से निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में उक्ताशय के निर्देश दिए हैं।इस मौके पर आज राज्य स्तरीय प्रशिक्षण दल के प्रमुख श्री अशोक चैबे एवं अन्य अधिकारियों के द्वारा जिले के अधिकारी-कर्मचारियों को सीएम हेल्पलाईन के माध्यम से प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों के निराकरण के संपूर्ण प्रक्रिया के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने सीएम हेल्पलाईन की शुरूआत को आम जनता के शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने हेतु एकीकृत, सुलभ और विश्वसनीय माध्यम प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा शुरू किए जा रहे अत्यंत महत्वाकांक्षी एवं दूरदर्शी कदम बताया। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी-कर्मचारियों को सीएम हेल्पलाईन के माध्यम से प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों का गुणवत्तायुक्त ढंग से त्वरित निराकरण सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री योगेश पटेल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकरा एवं श्री नूतन कंवर सहित राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।इस मौके पर राज्य स्तरीय प्रशिक्षण दल के प्रमुख श्री अशोक चैबे ने सीएम हेल्पलाईन के अंतर्गत शिकायत प्रबंधन प्रणाली के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने आॅनलाईन शिकायतों का पंजीयन, विभिन्न स्तर पर इसकी माॅनिटरिंग के साथ-साथ चरणबद्ध प्रक्रिया के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाईन का उद्देश्य आम नागरिकों को शासकीय योजनाओं और सेवाओं की समुचित जानकारी उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाना है। इसके साथ ही सीएम पोर्टल के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं का निर्धारित समयावधि में लाभ उपलब्ध कराने के साथ-साथ प्राप्त आवेदनों एवं शिकायतों का गुणवत्तायुक्त ढंग से निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। श्री चैबे ने बताया कि सीएम हेल्पलाईन सेंटर सप्ताह के सातों दिन एवं 24 घण्टा संचालित रहेगा। इसके माध्यम से प्रदेश का कोई भी नागरिक टोल फ्री नंबर 1076 एवं 18002333300 के अलावा वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप और व्हाट्सएप जैसे आधुनिक माध्यमों में से किसी भी एक माध्यम से किसी भी समय आसानी से अपना शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि सीएम पोर्टल में शिकायत दर्ज होने के साथ ही उन्हें एक विशिष्ट पहचान संख्या मिलेगी। जिसके माध्यम से शिकायतकर्ता को उनके शिकायत से संबंधित विभाग, अधिकारी के पास लंबित होने की जानकारी तथा कार्यवाही की प्रक्रिया के अलावा समाधान में लगने वाले समय आदि से संबंधित संपूर्ण जानकारी प्राप्त हो जाएगी।उन्होंने कहा कि इसी पूरी तकनीक आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम से जुड़ी होगी, जिसमें हर स्तर पर अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी और शिकायतों के अनावश्यक लंबित रहने की संभावना बिल्कुल भी नहीं होगी। श्री चैबे ने कहा कि इसमें नागरिकों का फीडबैक की भी सुविधा होगी। इसके साथ ही आवेदकों के समस्याओं के समाधान होने के बाद संबंधित आवेदक से सीधे संपर्क कर उसकी प्रतिक्रिया ली जाएगी। उन्होंने कहा कि इसके अंतर्गत यदि आवेदक समाधान से पूरी तरह से संतुष्ट होता है, तभी शिकायत का पूर्ण निराकरण माना जाएगा। लेकिन यदि कोई असंतुष्ट है तो शिकायत स्वतः सक्रिय हो जाएगी। इस पूरी व्यवस्था की निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जाएगी। रियल टाइम मॉनिटरिंग की इस व्यवस्था से प्रशासन अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और सक्रिय बनेगा। जिससे आम नागरिकों की समस्याओं का तेजी से निराकरण सुनिश्चित होगा सकेगा। इसके साथ ही श्री चैबे ने बताया कि जिले मे हर सप्ताह होने वाले जनदर्शनो मे प्राप्त आवेदनों को भी सीएम हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली मे शामिल किए जाएंगे।
- बिलासपुर. शासकीय आईटीआई पचपेड़ी (मस्तूरी) में सत्र अगस्त 2026 के लिए एनसीव्हीटी व्यवसाय कोपा, मैकेनिक डीजल, फिटर एवं विद्युतकार तथा एससीव्हीटी व्यवसाय सोलर टेक्नीशियन (इलेक्ट्रिकल) में प्रवेश हेतु इच्छुक अभ्यर्थी 15 जून 2026 की रात्रि 11. 59 बजे तक वेबसाइट cgiti.admissions.nic.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी अपने निकटतम शासकीय आईटीआई से संपर्क कर मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।
- बिलासपुर. एकीकृत बाल विकास परियोजना कोटा अंतर्गत ग्राम पंचायत कोनचरा के आंगनबाड़ी केंद्र कोनचरा 01 में सहायिका के रिक्त पद के लिए 13 जून तक ऑनलाइन आवेदन वेबसाइट http://aww.e-bhart.in/ में जाकर किये जा सकते है।
- 0- गनियारी जिला स्तरीय समाधान शिविर में जल संरक्षण, जैविक खेती और नशामुक्ति का दिया गया संदेशबिलासपुर. सुशासन तिहार के तहत आज तखतपुर विकासखंड के ग्राम गनियारी में जिला स्तरीय समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में क्षेत्रीय विधायक श्री धर्मजीत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती माधवी वस्त्रकार, जिला पंचायत सभापति श्रीमती भारती माली, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मधुलिका सिंह, एसडीएम श्री नितिन तिवारी, श्री संतोष कौशिक सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे। आज शिविर में कुल 683 आवेदन प्राप्त हुए।मुख्य अतिथि विधायक श्री धर्मजीत सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि सुशासन तिहार शासन की संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही का प्रतीक बनकर उभरा है। इस अभियान के माध्यम से शासन स्वयं गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रहा है और उनका त्वरित निराकरण सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने कहा कि शासन और जनता के बीच संवाद जितना मजबूत होगा, विकास की गति उतनी ही तेज होगी। सुशासन तिहार ने शासन और जनता के बीच विश्वास का संबंध और अधिक मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार आमजन की समस्याओं के समाधान और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने ग्रामीणों से शासन की योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने, बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने तथा गांव के विकास कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती माधवी वस्त्रकार ने कहा कि सुशासन तिहार ग्रामीणों को शासन से सीधे जोड़ने का प्रभावी माध्यम बना है। इससे लोगों की समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर हो रहा है और शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंच रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से विकास कार्यों में सहभागिता निभाने की अपील की। जिला पंचायत सदस्य श्रीमती भारती माली ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गांवों के विकास में जनभागीदारी की महत्वपूर्ण भूमिका है। ग्रामीणों के सहयोग से ही विकास कार्यों को स्थायित्व मिलता है। उन्होंने महिलाओं, युवाओं और किसानों से शासन की योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनने तथा अपने गांव को स्वच्छ, समृद्ध और विकसित बनाने में योगदान देने का आह्वान किया।कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने अपने संबोधन में जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए कहा कि पानी की प्रत्येक बूंद को बचाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि गनियारी में इंजेक्शन वेल निर्मित किया जा रहा है, जो भू-जल संवर्धन की दिशा में एक अभिनव पहल है। उन्होंने ग्रामीणों से श्रमदान के माध्यम से सोखता गड्ढे बनाने और वर्षा जल संरक्षण के लिए आगे आने की अपील की। कलेक्टर ने किसानों से रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर जैविक खाद के उपयोग को बढ़ावा देने तथा नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के इस्तेमाल को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने प्रत्येक परिवार से वर्षाकाल में पौधरोपण कर उसके संरक्षण का संकल्प लेने का भी आह्वान किया।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह ने कहा कि नशा समाज और परिवार दोनों के लिए घातक है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए लोगों को जागरूक रहने की सलाह दी तथा कहा कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी एवं बैंक संबंधी जानकारी किसी से साझा न करें और किसी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें।शिविर में 11 हितग्राहियों को राशनकार्ड, 9 को पेंशन स्वीकृति हेतु पात्र, 10 को मनरेगा जॉब कार्ड, 19 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड, 55 हितग्राहियों को लर्निंग ड्राईविंग लाइसेंस, 189 लोगों ने बी.पी. एवं शुगर जांच कराया। 89 लोगों ने सिकल सेल जांच एवं 389 ने अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराया। इसी प्रकार 15 हितग्राहियों को आवास स्वीकृति प्रदान की गई। 7 समूहों को 22 लाख का चेक वितरण, 8 शिशुओ का अन्न प्रासन एवं 8 महिलाओं की गोद भराई रस्म संपन्न हुई। वहीं 2 हितग्राहियों को 40 हजार का चेक वितरण किया गया, 3 हितग्राहियों को केसीसी वितरण एवं अन्य हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से शासन की योजनाओं की जानकारी दी गई।--
- 0- कलेक्टर रोज कर रहे समीक्षा, 114 सहकारी समितियों सहित निजी दुकानों से हो रहा खाद का उठावबिलासपुर. खरीफ सीजन 2026 के मद्देनजर जिले में किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। कलेक्टर संजय अग्रवाल द्वारा प्रतिदिन खाद-बीज की उपलब्धता, भंडारण एवं वितरण की समीक्षा की जा रही है। जिले की 114 सहकारी समितियों तथा निजी उर्वरक विक्रेताओं के माध्यम से किसानों को खाद उपलब्ध कराया जा रहा है। कृषि विभाग के अनुसार जिले में वर्तमान में खाद का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है और मांग के अनुरूप निरंतर वितरण किया जा रहा है।उप संचालक कृषि से प्राप्त जानकारी के अनुसार खरीफ 2026 के लिए जिले को 68,950 टन रासायनिक उर्वरकों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इसके विरुद्ध अब तक 46,780 टन से अधिक उर्वरकों का भंडारण किया जा चुका है, जो लक्ष्य का लगभग 60.28 प्रतिशत है। वहीं किसानों को अब तक 19,912 टन से अधिक उर्वरकों का वितरण किया जा चुका है।जिले में वर्तमान में कुल 41,560 टन उर्वरक का भंडार उपलब्ध है। इनमें यूरिया 22,996 टन, डीएपी 5,621 टन, एनपीके 6,808 टन, एसएसपी 4,981 टन तथा एमओपी 1,155 टन शामिल है। कृषि विभाग द्वारा लगातार उर्वरक कंपनियों से अतिरिक्त रैक प्राप्त कर भंडारण बढ़ाया जा रहा है ताकि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।कृषि विभाग के अधिकारियों को समितियों एवं निजी विक्रेताओं के यहां नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी एवं अनियमित वितरण पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। कलेक्टर श्री अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि किसानों को निर्धारित दर पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराया जाए तथा मांग और आपूर्ति की दैनिक मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे अधिकृत सहकारी समितियों एवं लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही उर्वरक खरीदें तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता की जानकारी तत्काल कृषि विभाग को दें। जिले में खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता होने से खरीफ सीजन की तैयारियां सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं।
- बिलासपुर. सामान्य प्रशासन विभाग नवा रायपुर द्वारा वर्ष 2027 हेतु पद्य विभूषण, पद्य भूषण एवं पद्य श्री पुरस्कार के लिए 15 जुलाई 2026 तक नामांकन प्रस्ताव मंगाये गये है। इन पुरस्कारों की घोषणा प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है। यह पुरस्कार कला, साहित्य एवं शिक्षा, खेल, चिकित्सा, समाज सेवा, विज्ञान एवं इंजीनियरी, लोक कार्य, सिविल सेवा, व्यापार एवं उद्योग आदि में विशिष्ट और असाधारण उपलब्धियों एवं सेवा के लिए प्रदान किया जाता है। ऑनलाइन प्रक्रिया पोर्टल https://awards.gov.in पर बताई गई है एवं इन पुरस्कारों से संबंधित विधान और नियमावली वेबसाइट https://awards.gov.in पर उपलब्ध है।
- 0- नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा स्वनिधि महोत्सव और लोक कल्याण मेले का आयोजन0- स्ट्रीट वेंडर्स की आर्थिक सहायता, डिजिटल सशक्तीकरण और सामाजिक सुरक्षा के लिए स्वनिधि महोत्सव और लोक कल्याण मेला - अरुण सावबिलासपुर. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा मेहनतकश स्ट्रीट वेंडर्स के जीवन में बदलाव लाने 1 जून से 30 जून तक प्रदेशभर में स्वनिधि महोत्सव और लोक कल्याण मेला आयोजित किए जा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव की पहल पर प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (PM SVANidhi) योजना के तहत यह विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य केवल ऋण उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि सड़क किनारे रोजी-रोटी कमाने वाले परिवारों को सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता से जोड़ना है।नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव श्रीमती शंगीता आर. ने बताया कि प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में लोक कल्याण मेले लगाए जाएंगे, जबकि जिला मुख्यालयों में विशेष रूप से स्वनिधि महोत्सव आयोजित होगा। इन आयोजनों में बैंक प्रतिनिधि मौके पर उपस्थित रहेंगे, ताकि छोटे व्यापारियों को ऋण स्वीकृति, वितरण, यूपीआई (UPI) पंजीयन, क्यू-आर (QR) कोड सुविधा और डिजिटल भुगतान से संबंधित सेवाएं तत्काल मिल सकें। स्वनिधि महोत्सव और लोक कल्याण मेला छोटे व्यापारियों को आर्थिक मजबूती के साथ सामाजिक सम्मान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।संघर्ष से सम्मान तक का अभियानछत्तीसगढ़ के शहरों में बड़ी संख्या में ऐसे परिवार हैं जिनकी आजीविका फुटपाथ, ठेले और छोटी दुकानों पर निर्भर हैं। कोरोना काल के बाद आर्थिक संकट से जूझ रहे इन परिवारों के लिए पीएम स्वनिधि योजना संजीवनी साबित हुई है। अब सरकार इस अभियान के माध्यम से उन लाभार्थियों तक भी पहुंचना चाहती है जो अब तक इस योजना से नहीं जुड़ पाए हैं।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि योजना का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचे। इसी उद्देश्य से बैंकों को लंबित ऋण प्रकरणों का त्वरित निराकरण करने और फास्ट ट्रैक प्रक्रिया के माध्यम से नए आवेदनों पर शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। शासन का मानना है कि जब एक रेहड़ी लगाने वाले व्यक्ति को समय पर पूंजी मिलती है, तो केवल उसका व्यवसाय ही नहीं बढ़ता, बल्कि उसके बच्चों की पढ़ाई, परिवार की सुरक्षा और जीवन की उम्मीद भी मजबूत होती है।डिजिटल भारत से जुड़ेंगे छोटे व्यापारीइस विशेष अभियान में डिजिटल सशक्तीकरण पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव श्रीमती शंगीता आर. के निर्देश पर पेटीएम, फोनपे, भीम और भारतपे जैसी डिजिटल पेमेंट एजेंसियों के प्रतिनिधि मेले में मौजूद रहेंगे। व्यापारियों के यूपीआई और क्यू-आर कोड ऑन-बोर्डिंग का कार्य मौके पर ही किया जाएगा। साथ ही साइबर सुरक्षा और सुरक्षित डिजिटल भुगतान को लेकर जागरूकता सत्र भी आयोजित होंगे, ताकि छोटे कारोबारी डिजिटल लेन-देन को बिना डर और आत्मविश्वास के साथ अपना सकें।महिलाओं और दिव्यांग व्यापारियों को मिलेगा विशेष सम्मानअभियान के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यापारियों को मेले में सम्मानित किया जाएगा। विशेष रूप से महिला स्ट्रीट वेंडर्स और दिव्यांग व्यापारियों को मंच पर सम्मान देकर उनकी मेहनत और संघर्ष को पहचान दी जाएगी। इतना ही नहीं, व्यापारियों के बच्चों की शिक्षा, खेल और कला में उपलब्धियों को भी सम्मानित करने की तैयारी है।जनकल्याण योजनाओं से भी जोड़े जाएंगे हितग्राहीअभियान के दौरान पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री जनधन योजना, आयुष्मान भारत, सामाजिक सुरक्षा बीमा और श्रमिक पंजीयन जैसी योजनाओं से भी जोड़ा जाएगा। शासन का प्रयास है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को केवल ऋण ही नहीं, सुरक्षा और सम्मान से भरा जीवन भी मिले।माहव्यापी स्वनिधि महोत्सव और लोक कल्याण मेला का आयोजन केवल एक प्रशासनिक अभियान नहीं, बल्कि उन मेहनतकश लोगों के सपनों को नई उड़ान देने की पहल है, जो हर दिन संघर्ष करते हैं, लेकिन हार नहीं मानते। यह अभियान हजारों परिवारों के जीवन में बदलाव की नई कहानी लिख सकता है।नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा 1 जून से 30 जून तक आयोजित स्वनिधि महोत्सव और लोक कल्याण मेला रेहड़ी-पटरी व्यावसायियों को आर्थिक सहायता, डिजिटल सशक्तीकरण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ेगा। मेले में ऋण वितरण, यूपीआई-क्यूआर सुविधा, जनधन, आयुष्मान और बीमा योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। सरकार छोटे व्यापारियों को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन देने के लिए प्रतिबद्ध है। हर पात्र हितग्राही तक योजना का लाभ पहुंचाया जाएगा। प्रदेश का हर मेहनतकश नागरिक आत्मनिर्भर बने, यही सरकार की प्राथमिकता है। - श्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री--
- बिलासपुर. कक्षा 5वीं एवं 8वीं केन्द्रीकृत वार्षिक परीक्षा सत्र 2025-26 की पूरक परीक्षाओं की समय सारणी जारी कर दी गई है। जारी समय सारणी के अनुसार कक्षा 5वीं की परीक्षाएं 6 जून से 12 जून 2026 तक आयोजित होंगी। इसमें 6 जून को हिन्दी, 8 जून को गणित, 10 जून को पर्यावरण तथा 12 जून को अंग्रेजी विषय की परीक्षा होगी। सभी परीक्षाएं प्रातः 8 बजे से 10 बजे तक संचालित की जाएंगी। इसी प्रकार कक्षा 8वीं की पूरक परीक्षाएं 6 जून से 12 जून 2026 तक आयोजित होंगी। परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार 6 जून को हिन्दी, 8 जून को गणित, 9 जून को सामाजिक विज्ञान, 10 जून को अंग्रेजी, 11 जून को संस्कृत एवं उर्दू तथा 12 जून को विज्ञान विषय की परीक्षा आयोजित की जाएगी। कक्षा 8वीं की परीक्षाएं प्रातः 8 बजे से 11 बजे तक संपन्न होंगी।
- 0- राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत खजुरी में ‘खेती बचाओ अभियान’ आयोजितबिलासपुर. राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के अंतर्गत विकासखंड तखतपुर के ग्राम पंचायत खजुरी में "खेती बचाओ अभियान" के तहत एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में किसानों को प्राकृतिक खेती, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों की जानकारी दी गई। मुख्य अतिथि संयुक्त संचालक कृषि संभाग बिलासपुर श्री आर.के. राठौर ने कहा कि प्राकृतिक खेती से उत्पादन लागत कम होती है, मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है तथा पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य की सुरक्षा होती है। उन्होंने किसानों को नील हरित काई (बीजीए) उत्पादन एवं उपयोग का प्रशिक्षण दिया तथा 10 पैकेट निःशुल्क वितरित किए।कृषि विज्ञान केंद्र बिलासपुर की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. गीत शर्मा ने जीवामृत, घनजीवामृत, बीजामृत, आच्छादन एवं वाफसा जैसी तकनीकों की जानकारी देते हुए प्राकृतिक खेती के वैज्ञानिक लाभ बताए। विषय वस्तु विशेषज्ञ श्रीमती एकता ताम्रकार ने नीमास्त्र निर्माण एवं उपयोग की विधि समझाई।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उपसंचालक कृषि श्री पी.डी. हथेश्वर ने बताया कि अभियान के माध्यम से किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने, मृदा परीक्षण आधारित उर्वरक उपयोग तथा रासायनिक आदानों की खपत कम करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। कार्यक्रम में किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया तथा उन्हें प्राकृतिक खेती के विभिन्न मॉडल अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में कृषि विभाग एवं कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारियों, जन प्रतिनिधियों तथा बड़ी संख्या में किसानों की सहभागिता रही। संचालन श्री विनोद साहू ने किया।



























