- Home
- छत्तीसगढ़
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप आयोजित सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत अभनपुर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत उपरवारा में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों ने पहुंचकर अपनी समस्याओं एवं आवश्यक सेवाओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। शिविर में कुल 1555 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 995 आवेदनों का तत्काल निराकरण किया गया। इनमें मुख्य रूप से राशन कार्ड, आधार कार्ड, श्रम कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस सहित विभिन्न दस्तावेजों से जुड़े प्रकरण शामिल रहे। मौके पर ही समाधान मिलने से ग्रामीणों में उत्साह और संतोष का माहौल देखने को मिला।कार्यक्रम में विधायक श्री इंद्रकुमार साहू ने विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत हितग्राहियों को लाभान्वित किया। इस दौरान मनरेगा जॉब कार्ड, श्रम कार्ड एवं उनके नवीनीकरण, ड्राइविंग लाइसेंस वितरण की प्रक्रिया संपन्न हुई। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा अन्नप्राशन एवं गोदभराई कार्यक्रम आयोजित किए गए। कृषि विभाग द्वारा किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा प्रदान की गई, वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयुष्मान कार्ड बनाए गए। समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांग हितग्राहियों को साइकिल एवं ट्राइसाइकिल वितरित की गई। इसके अलावा पीएम आवास योजना के हितग्राहियों को उनके नए आवास की चाबियां भी सौंपी गईं।इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री नवीन कुमार ठाकुर, एसडीएम श्री रवि सिंह, अभनपुर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री दीपक ठाकुर, अभनपुर तहसीलदार श्रीमती सीता शुक्ला सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
- रायपुर. जिला प्रशासन रायपुर द्वारा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रोजेक्ट वंदन की शुरूआत की गई है। इसके तहत टाउन हॉल में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मुख्य आतिथ्य में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। आज सेवानिवृत्त होने वाले सभी शासकीय कर्मचारियों को कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने श्रीफल, शॉल, प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया साथ ही तत्काल उनके सभी सत्वों का आज ही भुगतान किया गया।आज स्कूल शिक्षा विभाग से 21, स्वास्थ्य विभाग से 03, राजस्व विभाग से 02, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से 02, जल संसाधन विभाग से 11, उच्च शिक्षा विभाग के 07, पशुधन विकास विभाग से 02, वन विभाग से 03, लोक निर्माण विभाग से 02, जेल विभाग से 03, उद्यानिकी विभाग से 01, संस्कृति विभाग से 01 कर्मचारी सहित कुल 68 सेवानिवृत्त हुए।इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने संबोधित करते हुए कहा कि सभी शासकीय कर्मचारी सदैव प्रशासन की सेवा करते हैं उनके पूरे सेवाकाल की समाप्ति पर सहसम्मान विदाई हो इसके लिए प्रोजेक्ट वंदन की शुरूआत की गई है। उन्होंने कहा कि अब से किसी भी विभाग के कर्मचारी रिटायर होंगे, उन्हें सम्मान के साथ विदाई दी जाएगी। कलेक्टर ने कहा कि रिटायरमेंट के पश्चात् अपने पेंशन तथा अन्य सत्वों के भुगतान के लिए भटकना पड़ता है, इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन लेकिन जिला प्रशासन ने प्रोजेक्ट सेकेण्ड इनिंग की शुरूआत की गई है। सेवानिवृत्ति के पश्चात् अधिकारी व कर्मचारी अपना समय शिक्षण या अन्य कार्यों देकर सहभागी हो सकते हैं।इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, सीएमएचओ डॉ मिथिलेश चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी श्री हिमांशु भारती, जिला कोषालय अधिकारी श्री गजानन पटेल सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
- 0- योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री एवं प्रमाण पत्र वितरित, सुशासन तिहार शिविर में 706 आवेदन प्राप्तरायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत तिल्दा विकासखंड के ग्राम पंचायत भुरसुदा के ग्राम गुजरा में जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन अपनी समस्याओं एवं मांगों के निराकरण हेतु उपस्थित हुए। शिविर में कुल 706 आवेदन प्राप्त हुए।शिविर में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं जिला पंचायत सभापति श्रीमती स्वाति वर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुईं।शिविर के दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की त्रैमासिक पत्रिका "दीदी मन के गोठ" का विमोचन मुख्य अतिथि एवं कलेक्टर द्वारा किया गया।शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा हितग्राहियों को सामग्री, प्रमाण पत्र एवं लाभ वितरित किए गए। पशु चिकित्सा विभाग द्वारा 5 हितग्राहियों को मिनरल मिक्चर प्रदान किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत 2 हितग्राहियों को आवास की चाबी एवं प्रमाण पत्र वितरित किए गए। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 5 लखपति दीदियों को प्रमाण पत्र तथा 5 हितग्राहियों को चेक वितरित किए गए। साथ ही 3 महिला सदस्यों को इंटरप्राइज फाइनेंस के चेक प्रदान किए गए।स्वास्थय विभाग द्वारा 5 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड एवं 3 हितग्राहियों को ग्रीन पालना वितरित किया गया। कृषि विभाग द्वारा 5 किसानों को ढेंचा एवं मूंग बीज तथा 5 हितग्राहियों को मृदा स्वास्थय कार्ड दिए गए। मनरेगा अंतर्गत 12 हितग्राहियों को जॉब कार्ड प्रदान किए गए।राजस्व विभाग द्वारा आय, जाति प्रमाण पत्र एवं स्वामित्व कार्ड वितरित किए गए। श्रम विभाग ने 10 हितग्राहियों को श्रम कार्ड प्रदान किए। खाद्य विभाग द्वारा 5 राशन कार्ड तथा उज्ज्वला योजना अंतर्गत 2 हितग्राहियों को रसोई गैस कनेक्शन वितरित किए गए। समाज कल्याण विभाग द्वारा 3 हितग्राहियों को छड़ी प्रदान की गई।इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि श्री महेंद्र साहू, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, एसडीएम तिल्दा श्री आशुतोष देवांगन सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
- 0- आरंग विकासखण्ड के ग्राम पंचायत जरौद (क) में जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन 1210 आवेदन में से 995 आवेदनों का मौके पर हुआ निराकरणरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आरंग विकासखण्ड के ग्राम पंचायत जरौद (क) में जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया।शिविर में कुल 1210 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 995 आवेदनों का अधिकारियों ने मौके पर ही निराकरण किया। निराकृत आवेदनों में राशन कार्ड, आधार कार्ड, श्रम कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस सहित अन्य जरूरी दस्तावेज शामिल हैं।कार्यक्रम में मनरेगा जॉबकार्ड, श्रम कार्ड नवीनीकरण और ड्राइविंग लाइसेंस बनाए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा अन्नप्राशन और गोदभराई के कार्यक्रम संपन्न हुए। कृषि विभाग ने किसान क्रेडिट कार्ड, स्वास्थ्य विभाग ने आयुष्मान कार्ड वितरित किए। समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांग हितग्राहियों को साइकिल व ट्राईसिकल प्रदान की गई। प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को आवास की चाबी सौंपी गई।इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य गुरु श्री सौरभ साहेब, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन, जिला पंचायत सदस्य श्री वतन चंद्राकर, एडीएम श्री उमाशंकर बंदे एवं एसडीएम श्रीमती अभिलाषा पैकरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित थे।
- 0- डेयरी व्यवसाय हुआ सक्षम, आर्थिक स्थिति में हुआ सुधाररायपुर. पारंपरिक पशु पालन कर दूध उत्पादन करने वाले श्री घनाराम यादव आज शासन के कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम के जरिए रोजाना लगभग 1 क्विंटल दूध का उत्पादन कर रहे हैं, जिससे न केवल उनका मुनाफा बढ़ा है बल्कि शहर में दूध की मांग की पूर्ति करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। श्री यादव जिले के डगनिया क्षेत्र में निवारत हैं। उनके पास गाय एवं भैंस दोनों थीं, लेकिन उनकी नस्ल उन्नत नहीं थी, जिसके कारण दूध उत्पादन कम होता था जबकि उनके पालन-पोषण में खर्च उतना ही था। दूध विक्रय से आय कम होने के कारण उनके परिवार का जीवन संघर्षों से भर गया।इस दौरान पशुधन विकास विभाग के डॉक्टर और एवीएफओ उनके डेयरी आए और शासन के महत्वपूर्ण कार्यक्रम कृत्रिम गर्भाधान से नस्ल सुधार और इसके आर्थिक उन्नति के बारे में जानकारी दी एवं गाय- भैंस के गर्भाधान कराने की सलाह दी। शुरूआत में श्री यादव को इस पर विश्वास नहीं हुआ लेकिन अधिकारियों द्वारा समझाने और इसके लाभ बताने पर वे कृत्रिम गर्भाधान कराने के लिए तैयार हो गए एवं उच्च नस्ल वाले गाय एवं भैंस के वीर्य से कृत्रिम गर्भाधान कराना शुरू किया।इस तकनीक से प्राप्त उन्नत बछड़े और दुग्धोत्पादन में उन्हें उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली। अब वे अपने सभी पशुओं में सुनियोजित अंतराल में कृत्रिम गर्भाधान कराने लगे। इसके पश्चात् उन्होंने रोजाना लगभग 1 क्विंटल दूध उत्पादन प्राप्त किया। इसके विक्रय से होने वाली आय से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति काफी सुदृढ़ हुई है एवं दूध वितरण के लिए उन्होंने एक मोटर-सायकिल भी ली।इस बीच उन्हें किसान क्रेडिट कार्ड की जानकारी दी गई। इसके तहत उन्होंने लगभग 2 वर्ष पहले 1 लाख 60 हजार रूपए केसीसी ऋण लिया। इस राशि का उपयोग उन्होंने अपने डेयरी व्यवसाय को और सक्षम बनाने में किया और निर्धारित समय पर ऋण का भुगतान कर उचित छूट का भी लाभ प्राप्त किया।आज श्री यादव अपने व्यवसाय और आर्थिक विकास से बहुत प्रसन्न हैं जिसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया।
- 0- सेक्टर छटेरा में पालक बैठक और बालसभा से बढ़ रही सहभागितारायपुर. जिला प्रशासन रायपुर की अभिनव पहल ‘प्रोजेक्ट आंगन’ के अंतर्गत विकासखंड आरंग के सेक्टर छटेरा में बच्चों के समग्र विकास हेतु उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। यह पहल पालकों को आंगनबाड़ी केंद्रों से जोड़ते हुए बच्चों के पोषण, स्वास्थय और प्रारंभिक शिक्षा को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।सेक्टर छटेरा में नियमित रूप से पालक बैठक एवं बालसभा का आयोजन किया जा रहा है। पालक बैठकों के माध्यम से माता-पिता को बच्चों के पोषण, स्वास्थय, टीकाकरण एवं प्रारंभिक शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया जा रहा है।वहीं बालसभा के माध्यम से बच्चों को खेल-खेल में सीखने का अवसर प्रदान किया जा रहा है। गीत, कविता, कहानी एवं विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों के जरिए बच्चों के बौद्धिक, मानसिक और सामाजिक विकास को प्रोत्साहित किया जा रहा है। आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति में भी सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई है।सेक्टर छटेरा में ‘प्रोजेक्ट आंगन’ की यह सफलता कहानी दर्शाती है कि सामुदायिक सहभागिता और सही मार्गदर्शन के माध्यम से बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखी जा सकती है।
- 0- लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण एवं स्वीकृति प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देशरायपुर. कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की प्रगति की समीक्षा हेतु मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत श्री कुमार बिश्वरंजन की अध्यक्षता में ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई। बैठक में सीएसपीडीसीएल के अधिकारी एवं विभिन्न बैंकों के नोडल अधिकारियों ने सहभागिता की।बैठक में योजना अंतर्गत प्राप्त आवेदनों, स्वीकृत प्रकरणों एवं लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने योजना की प्रगति में तेजी लाने के निर्देश देते हुए बैंकों को स्वयं सोर्स किए गए आवेदनों की संख्या बढ़ाने तथा अधिक से अधिक हितग्राहियों को योजना से लाभान्वित करने के निर्देश दिए।उन्होंने लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण एवं स्वीकृति प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए तथा सभी बैंकों को समय-सीमा में कार्यवाही सुनिश्चित करने कहा। बैठक में अनुपस्थित रहे अधिकारियों से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए गए। साथ ही केनरा बैंक को पिछली बैठक में अनुपस्थित रहने एवं वर्तमान बैठक में विलंब से जुड़ने पर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने हेतु कहा गया।मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने सभी संबंधित विभागों एवं बैंकों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के लक्ष्यों की शीघ्र पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
- 0- कलेक्टर के निर्देश पर समय पर धान उठाव हेतु युद्ध स्तर पर किए जा रहे कार्य, धान के उचित रखरखाव हेतु की गई है समुचित व्यवस्था0- जिले के सभी 04 धान संग्रहण केन्द्रों में धान का उठाव कार्य निरंतर जारीबालोद. खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य के अंतर्गत संग्रहण केन्द्रों से धान उठाव में बालोद जिला पूरे राज्य में प्रथम स्थान पर है। जिला विपणन अधिकारी ने बताया कि इसके अंतर्गत बालोद जिले के जगतरा, धोबनपुरी, फुण्डाभाठा एवं मालीघोरी सहित जिले के सभी चारों धान संग्रहण केन्द्रों से धान उठाव का कार्य निरंतर जारी है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले के सभी चारों धान संग्रहण केन्द्रों से समय पर धान का उठाव सुनिश्चित करने संबंधित विभागों के द्वारा युद्ध स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा के निर्देशानुसार मिलर्स एवं क्रेताओं के द्वारा नियमित रूप से सभी चारों संग्रहण केन्द्रों से धान का उठाव किया जा रहा है।उल्लेखनीय है कि बालोद जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान में से कुल 02 लाख 38 हजार 152 मेट्रिक टन से अधिक धान का भण्डारण जगतरा, धोबनपुरी, फुण्डाभाठा एवं मालीघोरी सहित जिले के सभी चार संग्रहण केन्द्रों में किया गया है। जिसमें से अब तक कुल 01 लाख 49 हजार 173 मेट्रिक टन से अधिक धान का उठाव कर लिया गया है। इसके साथ ही उठाव हेतु शेष 88 हजार 979 मेट्रिक टन धान का उठाव का कार्य निरंतर जारी है। जिला विपणन अधिकारी ने बताया कि जिले के सभी चारों संग्रहण केन्द्रों से मिलर्स एवं क्रेताओं के द्वारा प्रतिदिन लगभग 05 हजार मेट्रिक टन धान का उठाव किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उन्होंने बताया कि जिले के सभी संग्रहण केन्द्रों में उठाव हेतु शेष रह गए बचत भण्डारित धान की उचित रखरखाव की भी समुचित व्यवस्था की गई है। इसके अंतर्गत संग्रहण केन्द्रों में शेष बचत भण्डारित धान के स्टेकों को सुरक्षित रखने के लिए अच्छी तरह से कैप कव्हर में ढककर रखा गया है। इसके साथ ही जल निकासी हेतु स्टेकों के पास नाली भी बनाया गया है। जिससे कि बारिश से स्टेको के पास जल भराव न हो। इसके अलावा धान के स्टेकों को दीमक एवं चुहे से बचाने के लिए दीमक नाशक एवं चुहा नाशक दवाईयों का भी छिड़काव किया जा रहा है।
- 0- शिविर के सफल आयोजन हेतु सभी तैयारी पूर्ण, हितग्राहियों को किया जाएगा शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वितबालोद. राज्य शासन द्वारा जन शिकायतों का समयबद्ध एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने तथा आम जनता को सुगम, पारदर्शी एवं त्वरित सेवाओं का उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के रेंगाडबरी में 02 जून 2026 को सुबह 10 बजे से दोपहर 03 बजे तक जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जाएगा। रेंगाडबरी में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्राम भीमपुरी, खैरकट्टा, चिलमगोटा, रेंगाडबरी, भीमाटोला, जुन्नापानी, मंगचुवा, तुरमुड़ा, करूतटोला, दल्ली कु, बंजारी, अरजपुरी, भंवरमरा, तुमडीकसा, बगईकोन्हा, मडियाकट्टा, खोलझर और पिंगाल के ग्रामीण शामिल होंगे। शासकीय हायर सेकण्डरी स्कूल रेंगाडबरी में आयोजित शिविर के सफल संचालन हेतु कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग श्रीमती पूर्णिमा चन्द्राकर (मो. 7987355849) को नोडल अधिकारी एवं जनपद पंचायत डौण्डीलोहारा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री पंकज देव और वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी श्री कंुजीलाल कोठारी को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
- बालोद. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार भारत सरकार द्वारा लागू किए गए साॅलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2026 देश में स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। नए नियमों के तहत घरों, संस्थानों, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों एवं सरकारी कार्यालयों में कचरे का स्रोत स्तर पर पृथक्करण अनिवार्य किया गया है। अब गीला, सूखा, सैनिटरी एवं विशेष देखभाल वाले कचरे को अलग-अलग रखना आवश्यक होगा।जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चन्द्रवंशी बालोद ने बताया कि नए नियमों में पाॅल्यूटर पेय प्रिंसिपल को भी शामिल किया गया है। जिसके तहत नियमों का पालन नहीं करने वालों पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति एवं दंड का प्रावधान किया गया है।ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 में ग्राम स्तर पर सरपंच एवं अन्य जन प्रतिनिधियों की भूमिका भी स्पष्ट की गयी है। एसडब्ल्यूएम 2026 केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से ही सफल हो सकते हैं। यदि प्रत्येक परिवार एवं संस्था घर से ही कचरे का सही पृथक्करण प्रारंभ करे, तो शहरों एवं गांवों में स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होगी, प्रदूषण कम होगा तथा बीमारियों पर नियंत्रण संभव होगा। प्रशासन द्वारा नियमित रूप से ठोस अपशिष्ट नियम 2026 के प्रचार-प्रसार हेतु जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। स्वच्छ पर्यावरण एवं आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए एसडब्ल्यूएम 2026 का पालन समय की आवश्यकता है। स्वच्छता को जनआंदोलन बनाकर ही स्वच्छ भारत के लक्ष्य को सफल बनाया जा सकता है।--
- 0- कृषि विभाग द्वारा किसानों को दी जा रही है सामयिक सलाहबालोद. मौजूदा खरीफ वर्ष के आगमन के मद्देनजर कृषि विभाग जिला बालोद द्वारा जिले के कृषकों को खाद, बीज की महत्ता एवं इसके समुचित उपयोग सुनिश्चित कराने हेतु निरंतर समसामयिक सलाह दी जा रही है। इसके अंतर्गत कृषि विभाग के उप संचालक श्री आशीष चन्द्राकर ने जिले के कृषकों को हरी खाद के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि आज के दौर में टिकाऊ खेती की ओर बढ़ना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि रसायनों के बोझ तले दबती मिट्टी को राहत देने के लिए हरी खाद एक बेहतरीन समाधान बनकर उभरी है। यह न केवल फसलों की पैदावार बढ़ाती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जमीन की उर्वरता को भी सुरक्षित रखती है। मिट्टी बचेगी, तो किसान बचेगा और किसान बचेगा, तो आय में वृद्धि होगा। श्री चंद्राकर ने कहा कि हरी खाद वह सहायक फसल है जिसे मुख्य फसल बोने से पहले खेत में उगाया जाता है और फूल आने की अवस्था में ही उसे हल चलाकर मिट्टी में दवा दिया जाता है।ढैंचा, सनई, लोबिया, मूंग और उड़द जैसी फसलें हरी खाद के लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती हैं। हरी खाद के तहत कई फसलों का उपयोग किया जाता है जिनमें दलहनी और बिना दलहनी फसलें शामिल होती हैं। हरी खाद के लिए झाड़ियों और पेड़ों की पत्तियों, टहनियों को भी उपयोग में ला सकते हैं, लेकिन इसके लिए विशेष रूप से ढैंचा फसलों का उपयोग किया जाता है। इन फसलों को खेतों में लगाकर भूमि में सुधार किया जाता है। हरी खाद का सबसे बड़ा प्रभाव मिट्टी की भौतिक और रासायनिक संरचना पर पड़ता है। यह मिट्टी में नाइट्रोजन और कार्बनिक पदार्थों (ह्यूमस) की मात्रा को तेजी से बढ़ाती है। हरी खाद मिट्टी को भुरभुरा बनाती है, जिससे हवा का संचार बढ़ता है और पौधों की जड़े गहराई तक जा पाती हैं। इसके उपयोग से मिट्टी की पानी सोखने की शक्ति बढ़ जाती है, जो सूखे के समय फसलों के लिए जीवन रक्षक साबित होती है। जब मिट्टी स्वस्थ होती है, तो उत्पादन का बढ़ना निश्चित है। हरी खाद के प्रयोग से पैदावार में 15 प्रतिशत से 20 प्रतिशत तक की वृद्धि देखी जा सकती है। यूरिया और अन्य रासायनिक खादों पर निर्भरता कम हो जाती है, जिससे किसान की फसल की लागत घटती है। मित्र कीटों से फसल का संरक्षण करता है। यह जमीन के भीतर लाभकारी सूक्ष्मजीवों और केंचुओं की संख्या बढ़ाने में मदद करती है।वर्तमान समय में रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक प्रयोग से मिट्टी की उपजाऊ शक्ति कम हो रही है, ऐसे में हरी खाद प्राकृतिक तरीके से मिट्टी को पुनर्जीवित करने का सबसे सुलभ विकल्प है। हरी खाद केवल एक उर्वरक नहीं है, बल्कि यह मिट्टी का उपचार है। यदि किसान हर दूसरे या तीसरे साल अपने खेत में हरी खाद का प्रयोग करें, तो न केवल उनकी आय बढ़ेगी, बल्कि हम समाज को रसायनों से मुक्त, शुद्ध और पौष्टिक अनाज भी उपलब्ध करा पाएंगे। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग द्वारा खरीफ फसल से पूर्व छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड के माध्यम से हरी खाद हेतु ढेंचा 116 क्विंटल एवं मूंग 58 क्विंटल कुल 174 क्विंटल बीज जिले के प्रत्येक विकासखण्डों के कार्यालय वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी में ढेंचा 23.20 व मूंग 11.60 क्विंटल बीज 50 प्रतिशत अनुदान पर भण्डारण कराया गया है। इच्छुक किसान क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों के माध्यम से या सीधे वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय से सम्पर्क कर बीज प्राप्त कर सकते है।
- 0- जिले में पर्याप्त उर्वरक, वैज्ञानिक अनुशंसा के आधार पर वितरणबालोद. भारत सरकार एवं राज्य शासन के निर्देशानुसार कृषकों को गुणवत्तायुक्त एवं पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। कृषि विभाग के उप संचालक श्री आशीष चन्द्राकर ने बताया कि जिले के सहकारी समितियों में गतवर्ष पूर्ति के 80 प्रतिशत यूरिया एवं 60 प्रतिशत डी.ए.पी. का भण्डारण कराया जा रहा है। जिले को प्राप्त लक्ष्य (46300 मीट्रिक टन सहकारी क्षेत्र में) के विरूध्द अब तक सहकारी समितियों में करने हेतु 33580 मीट्रिक टन (72.50 प्रतिशत) उर्वरकों का भण्डारण किया जा चुका है। सहकारी समितियों से अबतक 20259 मीट्रिक टन उर्वरकों का उठाव किया जा चुका है एवं 13300 मीट्रिक टन सहकारी समितियों में शेष है। जिले के प्रत्येक कृषक को उवरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु कृषक के रकबा के के आधार पर वैज्ञानिक अनुशंसा अनुसार उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है।यूरिया एवं डीएपी के अतिरिक्त अन्य वैकल्पिक उर्वरक के रूप में एस.एस.पी., एन.पी.के, का उपयोग कर कृषक पोषक तत्वों की पूर्ति कर रहे है। उर्वरकों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिये उर्वरक निरीक्षको द्वारा लगातार जिले में संचालित उर्वरक विक्रय केन्द्रों का निरीक्षण किया जा रहा है। खरीफ वर्ष 2026 में 01 अप्रैल 2026 से अब तक 95 उर्वरक विक्रय केन्द्रों का निरीक्षण किया गया है एवं अनियमितता पाये जाने पर 36 विक्रय केन्द्रों को कारण बताओ नोटिस, 08 विक्रय केन्द्रों को विक्रय प्रतिबंध एवं 01 विक्रय केन्द्र का लायसेन्स निलंबन की कार्यवाही की गई है। उन्होंने बताया कि कृषकों को निर्धारित दर पर गुणवत्तायुक्त उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से निरीक्षण लगातार चलता रहेगा एवं उर्वरक विक्रय केन्द्रों में उर्वरकों के भण्डारण एवं वितरण में किसी भी प्रकार से अनियमितता पाये जाने पर संबंधित उर्वरक विक्रेता के विरूध्द उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के प्रावधानों के तहत कठोर एवं दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी।
- 0- हितग्राहियों के लिए सौगातों भरा रहा नगर पंचायत अर्जुंदा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर0- जनप्रतिनिधि एवं जिला प्रशासन के आला अधिकारी हुए शामिलबालोद. सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जनता के बीच पहुँचकर उनके मांगों एवं समस्याओं की जानकारी लेने तथा उन्हें शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु बालोद जिले में लगातार जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत आज नगर पंचायत अर्जुंदा में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में गुण्डरदेही विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री कुंवर सिंह निषाद, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के उपाध्यक्ष श्री नरेश यदु, नगर पंचायत अर्जुंदा के अध्यक्ष श्री प्रणेश जैन, नगर पंचायत गुण्डरदेही के अध्यक्ष श्री प्रमोद जैन एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के अलावा अधिकारी-कर्मचारीगण उपस्थित थे।इस दौरान अतिथियों के द्वारा हितग्राहियों को श्रम कार्ड वितरण, मत्स्य पालन प्रचार योजना हितग्राहियों को मछली जाल, दिव्यांग जनों को छड़ी एवं श्रवण यंत्र भी प्रदान किया गया। इसके अलावा शिविर में राज्य शासन के निर्देशानुसार दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने हेतु मेडिकल बोर्ड लगाया गया था। शिविर में अतिथियों के द्वारा नन्हें-मुन्हें बच्चों को स्वादिष्ट खीर खिलाकर उनका अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। इसके अलावा गर्भवती माताओं को सुपोषण किट भेंटकर उनके गोदभराई के रस्म को पूरा किया गया। नगर पंचायत अर्जुंदा में आयोजित शिविर में आज विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 338 आवेदन प्राप्त हुए थे।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक श्री कुंवर सिंह निषाद ने सभी विभाग के अधिकारियों को शिविर में आम जनता से प्राप्त आवेदनों का पूरी संवदेनशीलता एवं प्राथमिकता के साथ निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष श्री प्रमोद जैन ने कहा कि “संवाद से संपूर्ण समाधान” केवल एक नारा नहीं बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास का मजबूत माध्यम है। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत अर्जुंदा वार्ड स्तर पर लोगों की समस्याओं को सुनकर उनका त्वरित निराकरण करने के लिए प्रतिबद्ध है और शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही मुख्य उद्देश्य है। शिविर में प्राप्त आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया, जिससे लोगों में संतोष और उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी शिविर को संबोधित करते हुए सुशासन तिहार के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों को आम जनता से प्राप्त आवेदनों को पूरी संवदेनशीलता के साथ निराकरण हेतु त्वरित कार्यवाही करने को कहा।
- 0- किसान चोवाराम एवं बेनीराम ने खाद, बीज के वितरण की व्यवस्था की सराहना कीबालोद. केन्द्र व राज्य सरकार के द्वारा खरीफ वर्ष 2026 के लिए किसानों को समुचित मात्रा में खाद, बीज की उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु की गई व्यवस्था के तहत बालोद जिले के सहकारी समितियों में नियमित रूप से जिले के कृषकों को नियमित रूप से खाद, बीज का वितरण किया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले के सभी सहकारी समितियों में शासन द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों के आधार पर किसानों को समुचित मात्रा में खाद, बीज की भण्डारण के साथ-साथ वितरण हेतु भी पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए गए हैं। बालोद जिले में खाद, बीज की समुचित वितरण हेतु की गई व्यवस्था की सराहना जिले के कृषकों ने भी की है। आगामी खरीफ सीजन हेतु समुचित मात्रा में खाद, बीज उपलब्ध होने पर गुरूर विकासखण्ड के ग्राम फागुनदाह निवासी कृषक श्री चोवाराम एवं ग्राम पेण्डरवानी निवासी श्री बेनीराम साहू ने व्यवस्था की सराहना करते हुए इसे किसानों के लिए हितकर बताया है।समय पर खाद, बीज मिलने से बहुत ही प्रसन्नचित नजर आ रहे किसान श्री चोवाराम ने बताया कि कुल 02 एकड़ भूमि वाले एक लघु कृषक है। श्री चोवाराम ने कहा कि उन्होंने एक सप्ताह पहले अपने ग्राम फागुनदाह के सहकारी समिति में पहुँचकर दो बाॅटल नैनो डीएपी, एक बाॅटल युरिया के साथ-साथ दो बोरी युरिया एवं एक बोरी सुपरफास्फेट खाद प्राप्त किया है। उन्होंने बताया कि सहकारी समितियों में की गई बेहतर व्यवस्था के फलस्वरूप उन्हें खाद, बीज प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की असुविधा नही हुई। इसी तरह जिले में खाद, बीज की वितरण की व्यवस्था की सराहना गुरूर विकासखण्ड के ग्राम पेण्डरवानी के कृषक श्री बेनीराम ने भी किया है। किसान श्री बेनीराम ने बताया कि वे कुल 20 एकड़ जमीन वाले बड़े कृषक है। किसान बेनीराम ने बताया कि सहकारी समिति ग्राम पेण्डरवानी में पहुँचकर उन्होंने 05 बोरी स्वर्णा और स्वर्णा सब 1 तथा मांग के अनुरूप अन्य धान, बीज उन्होंने प्राप्त किया है। सहकारी समिति में धान, बीज के प्राप्त करने में उन्हें एवं अन्य कृषकों को किसी भी प्रकार की असुविधा नही हुई। जिससे हम सभी कृषक प्रसन्नचित होने के साथ-साथ भविष्य में भी समय पर खाद, बीज प्राप्त करने के लिए पूरी तरह आशान्वित है।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने निगम अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर नागरिकों से प्राप्त शिकायतों एवं मांगों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा करते हुए आम जनता की समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने कहा गया।आयुक्त ने सुशासन तिहार, आयुक्त टी.एल. , कलेक्टर जनदर्शन, सारथी पोर्टल एवं डायल 1100 के माध्यम से प्राप्त शिकायतों और मांग संबंधी आवेदनों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण कर आवेदकों को राहत प्रदान की जाए। बैठक में आयुक्त ने कहा कि शासन की मंशानुसार नागरिकों को बेहतर एवं त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराना निगम की प्राथमिकता है। उन्होंने विशेष रूप से सुशासन तिहार शिविर को प्रथम प्राथमिकता देते हुए शिविरों में प्राप्त आवेदनों का गंभीरता से निराकरण करने कहा। बैठक में उपायुक्त, अधीक्षण अभियंता, जोन आयुक्त, कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता, उप अभियंता, सहायक राजस्व अधिकारी, स्वास्थ्य अधिकारी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- दुर्ग. राज्य शासन के निर्देशानुसार ’सुशासन तिहार 2026’ के अंतर्गत आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला स्तरीय विशेष समाधान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित होने वाला यह शिविर 31 मई 2026 (रविवार) को पूर्वान्ह 11.00 बजे से झाडूराम देवांगन शासकीय स्कूल के मैदान में आयोजित किया जाएगा। शिविर का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराना और उनकी जनसमस्याओं का त्वरित समाधान करना है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगर पालिक निगम दुर्ग के आयुक्त श्री सुमित अग्रवाल को इस शिविर के सफल आयोजन, विभागीय समन्वय और मूलभूत व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। शिविर में जिले के सभी जिला स्तरीय एवं खण्ड स्तरीय अधिकारियों को अपने अधीनस्थ अमले, आवश्यक अभिलेखों, आवेदन प्रपत्रों और योजनाओं की संपूर्ण जानकारी के साथ अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन को सुशासन तिहार 2026 का मुख्य नोडल अधिकारी तथा डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम ध्रुव को सहायक नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कलेक्टर श्री सिंह ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि शिविर में प्राप्त होने वाली शिकायतों और आवेदनों का पूरी गंभीरता से निराकरण किया जाए ताकि आम जनता को शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ मिल सके।
- 0- शासकीय कार्य में बाधा और तोड़फोड़ के आरोप प्रमाणितदुर्ग. संभाग आयुक्त श्री एस.एन. राठौर ने 29 मई 2026 को छ.ग. नगर पालिक निगम अधिनियम 1996 की धारा-19(1)(अ) के तहत अनावेदक विनय नेताम पार्षद वार्ड क्र. 16 बी.आर.पी. कालोनी, नगर पालिक निगम रिसाली को पार्षद पद से हटाने का न्यायालयीन आदेश पारित किया है। ज्ञात हो कि यह प्रकरण आवेदक आयुक्त, नगर पालिक निगम रिसाली द्वारा पार्षद विनय नेताम के विरूद्ध पद से हटाने के लिए प्रस्तुत किए गए आवेदन के बाद शुरू हुआ। इस संबंध में निगम आयुक्त द्वारा 19 मार्च 2026 को एक विस्तृत प्रतिवेदन (रिपोर्ट) भी सौंपा गया था। मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों द्वारा प्रस्तुत जवाब, साक्ष्य, तर्कों और संबंधित दस्तावेजों का गहन अध्ययन किया गया।उल्लेखनीय है कि प्रस्तुत सभी विधिक तथ्यों, दस्तावेजों से उत्तरवादी पार्षद के विरूद्ध पदीय दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन नहीं करने, नगर पालिक निगम रिसाली के मुख्यालय परिसर में संचालित आधार कक्ष में प्रवेश कर तोड़फोड़ कर शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने तथा अनावश्यक दबाव व अभ्रद तरीके से व्यवहार किए जाने एवं कार्यालयीन समय पर निगम कार्यालय में आयुक्त कक्ष एवं अन्य अधिकारियों के कक्ष को बंद कर बंधक बना लेने तथा आम जनता को निगम अधिकारियों से मिलने से रोकने और कार्यालयीन कार्य में व्यवधान उत्पन्न करने का आरोप प्रमाणित होता है, जिससे कि उनका पार्षद के रूप बना रहना नगर पालिक निगम एवं सार्वजनिक हित में वांछनीय नहीं है। उक्त प्रमाणित आरोपों और विधिक तथ्यों के आधार पर संभाग आयुक्त श्री राठौर ने विनय नेताम को पार्षद पद से हटाने का अंतिम आदेश जारी किया है।
- 0- कलेक्टर एवं एसएसपी ने किया तैयारियों का निरीक्षण0- अधिकारियों को दिये आवश्यक-दिशा निर्देशदुर्ग. जिला मुख्यालय दुर्ग स्थित जे.आर.डी. शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ग्राउण्ड में 31 मई 2026 को सुशासन तिहार-2026 के अंतर्गत भव्य जिला स्तरीय समाधान शिविर आयोजित किया जाएगा। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह और एसएसपी श्री विजय अग्रवाल ने आज स्थल निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिये। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को समय पूर्व सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण करने आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। इस अवसर पर एडीएम श्री वीरेन्द्र सिंह, नगर निगम दुर्ग के आयुक्त श्री सुमीत अग्रवाल, अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन, एएसपी श्री सुखनंदन राठौर, एसडीएम श्री हरवंश सिंह मिरी सहित लोक निर्माण विभाग, पीएचई, आरईएस, वन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
- 0- महाराष्ट्र मंडल के शिवाजी महाराज सभागृह में आयोजित गरिमामय कार्यक्रम में पद्मश्री डॉ. सुनीता गोडबोले ने कहा- वनवासियों को हम समझें, उन्हें हमारी जरूरत हैरायपुर। अपना ऐश्वर्य, सुख- सुविधाओं को छोड़कर बस्तर के बीहड़ जंगलों में आदिवासियों की चिकित्सा व सामाजिक सेवा कर रहे डाॅ. गोडबोले दंपती आज के समय के वीर सावरकर से कम नहीं है। विनायक दामोदर सावरकर ने भी अपनी विदेश की ली हुई शिक्षा, ऐशो आराम को छोड़कर देश को स्वतंत्र कराने का बीड़ा उठाया था। स्वतंत्रता आंदोलन में ब्रिटिश हुकूमत से टकराने के लिए उन्होंने काला पानी की सजा सुनाई गई। अंडमान के सेल्यूलर जेल में उन्हें अकल्पनीय यातानाएं दी गईं। पद्मश्री डॉ. रामचंद्र त्र्यंबक गोडबोले व उनकी पत्नी डॉ. सुनीता रामचंद्र गोडबोले के सम्मान समारोह में इस आशय के प्रेरक विचार महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने व्यक्त किए।वीर सावरकर जयंती के उपलक्ष्य पर आयोजित इस समारोह में काले ने कहा कि आज की तनावग्रस्त युवा पीढ़ी यदि एक बार विनायक दामोदर सावरकर की जीवनी को पढ़ ले, तो उनके दिमाग से तनाव निकल जाएगा। बात- बात तनावग्रस्त होकर अवसाद में चले जाने वाले हमारे युवा, जल्दी ही आक्रोशित होकर कुछ कर बैठने को लालायित हमारी जेन जी को चाहिए कि वे सावरकर के बारे में अधिक से अधिक पढ़ने और जानने की कोशिश करें। क्योंकि सार्थक व उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने की जो सीख सावरकर के व्यक्तित्व से मिल सकती है, वह किसी और से नहीं।इधर पद्मश्री डॉ. सुनीता गोडबोले ने कहा कि पूरा बस्तर राजधानी रायपुर की ओर से बड़ी आशाभरी नजरों से देखता है क्योंकि रायपुर में हर तरह की सुविधाएं हैं, जबकि वहां सुविधाओं का अभाव है। अब राजधानीवासी यदि वनवासियों को, उनकी अपेक्षाओं व आकांक्षाओं को नहीं समझेंगे, तो दोनों के बीच का अंतर बढता चला जाएगा। सुदूर वनांचल में रह रहे आदिवासी आज भी पढ़े लिखे, सूट- बूट पहनने वालों से बात करने में हिचकते हैं, संकोच करते हैं। लेकिन उन लोगों को हमारी जरूरत है। राष्ट्रीय सेवा योजना, माय भारत के युवा या अन्य कोई सेवाभावी संगठन को उनकी सेवा के लिए वनांचल तक पहुंचना चाहिए।डा. सुनीता ने कहा कि वनांचल ही नहीं, शहरों में भी संवेदनशील लोग रहते हैं। आज उन्हें सही दिशा दिखाने की जरूरत है। अभावग्रस्त, वंचितों की सहायता के लिए हमेशा आगे रहना चाहिए। 36 साल पहले वनवासी कल्याण आश्रम के माध्यम से जब वे अपने पति के साथ बस्तर के बारासुर, अबूझमाड़ में अपनी सेवाएं देने पहुंचीं, तो उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वनवासियों में यह भावना जगाने के लिए कि हम उनके शुभचिंतक हैं, उन्हें मडिया बोली सीखनी पड़ी। स्थानीय बोली के कारण वनवासियों को हमारे साथ अपनापन महसूस हुआ और फिर उन्होंने हमें भरपूर सहयोग भी दिया।इस मौके पर बृहन्महाराष्ट्र मंडल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शेखर राव साहेब अमीन, छत्तीसगढ़ प्रभारी सुबोध टोले ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। सावरकर जयंती पर आयोजित समारोह का संचालन उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल और सचिव चेतन गोविंद दंडवते ने किया। आभार प्रदर्शन महाराष्ट्र मंडल की साहित्यिक समिति की प्रभारी कुमुद लाड की ओर से किया गया। इस मौके पर उपस्थित बड़ी संख्या में लोगों ने डॉक्टर गोडबोले दंपती के साथ सेल्फी लेते हुए, फोटो खिंचवाते हुए गौरवान्वित महसूस किया।
- 0- मतदान दिवस 1 जून को संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में रहेगा सामान्य अवकाशदुर्ग. छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग, नवा रायपुर की समय-अनुसूची के अनुसार जिले के जनपद पंचायत दुर्ग, धमधा एवं पाटन में पंच व जनपद सदस्य के पद हेतु त्रिस्तरीय पंचायत उप-निर्वाचन 2026 के लिए निर्वाचन की अधिसूचना जारी की गई है, जिसके साथ ही संबंधित क्षेत्रों में आदर्श आचरण संहिता प्रभावशील हो गई है। छत्तीसगढ़ सामान्य प्रशासन विभाग से मिले अधिकारों और ’निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट 1881’ के नियमों के तहत कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अभिजीत सिंह ने मतदान के दिन यानी 01 जून 2026 (सोमवार) को संबंधित चुनाव क्षेत्रों के सभी सरकारी कार्यालयों और संस्थानों में सामान्य छुट्टी घोषित किया है। यह अवकाश ग्राम पंचायत के पंच पद हेतु संबंधित वार्ड में तथा जनपद सदस्य पद हेतु संबंधित ग्राम पंचायत क्षेत्र में ही प्रभावी रहेगा।प्राप्त जानकारी के अनुसार, जनपद पंचायत दुर्ग के अंतर्गत ग्राम पंचायत भोथली के वार्ड क्रमांक 11 तथा उमरपोटी के वार्ड क्रमांक 19 में पंच पद चुनाव के लिए यह अवकाश रहेगा। इसी तरह जनपद पंचायत धमधा के ग्राम पंचायत रूहा के वार्ड क्रमांक 05 व जनपद पंचायत पाटन अंतर्गत ग्राम पंचायत गोंडपेण्ड्री के वार्ड क्रमांक 11 में तथा ग्राम पंचायत भनसुली (के) के वार्ड क्रमांक 17 में पंच पद के लिए सामान्य अवकाश रहेगा। इसके अतिरिक्त जनपद पंचायत पाटन अंतर्गत जनपद सदस्य क्षेत्र क्रमांक 04 के तहत आने वाले ग्राम पंचायत पांहदा (अ) एवं सांकरा क्षेत्र में भी 01 जून को यह सामान्य अवकाश प्रभावशील रहेगा। कलेक्टर श्री सिंह ने जिले के सभी कार्यालय प्रमुखों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
- दुर्ग. कृषकों को समय पर एवं पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराना कृषि विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वर्तमान में जिले में यूरिया एवं अन्य उर्वरकों का वितरण शासन के निर्देशानुसार किया जा रहा है। फसलों की अवस्थाओं के आधार पर यूरिया आवश्यकता 3 किस्तों में वितरण की जाएगी। जिसमें दीर्घ श्रेणी के कृषकों को केवल यूरिया दो किस्तों में उर्वरकों का वितरण और लघु श्रेणी के कृषकों को यूरिया का वितरण उनके रकबे के आधार पर एकमुश्त की जा रही है।उप संचालक कृषि से प्राप्त जानकारी अनुसार जिले में किसान भाईयों को उनकी आवश्यकता के अनुसार रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराने हेतु कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में सतत् भंडारण एवं वितरण की कार्यवाही की जा रही है। जिले में खरीफ 2026 हेतु कुल 67880 मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में सहकारी एवं निजी क्षेत्र को मिलाकर जिले में 15910 मीट्रिक टन यूरिया, 2643 मीट्रिक टन डीएपी, 2919 मीट्रिक टन एनपीके, 4544 मीट्रिक टन एमओपी तथा 6956 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फॉस्फेट कुल 32970 मीट्रिक टन उर्वरक भंडारण किया गया है। सेवा सहकारी समितियों एवं निजी विक्रेताओं के माध्यम से किसानों को लगातार उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है। अब तक 6054 मीट्रिक टन यूरिया, 2195 मीट्रिक टन डीएपी, 2042 मीट्रिक टन एनपीके, 2016 मीट्रिक टन एमओपी तथा 3575 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फॉस्फेट कुल 15882 मि.टन उर्वरक का वितरण किया जा चुका है तथा वर्तमान में जिले में 9856 मीट्रिक टन यूरिया, 447 मीट्रिक टन डीएपी, 877 मीट्रिक टन एनपीके, 2528 मीट्रिक टन एमओपी तथा 3381 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फॉस्फेट कुल 17089 मि.टन उर्वरक शेष है। जिले में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है तथा किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है।जिले की सहकारी समितियों में धान एंव अन्य खरीफ फसलों के प्रमाणित बीजों का उठाव और वितरण सुचारू रूप से जारी है। वर्तमान में जिले को सहकारी क्षेत्र के लिए 29827 क्वि. प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य है। जिसके विरूद्ध 31134 क्वि. बीज की उपलब्धता है और समितियों में 17013.40 क्वि. बीज का भण्डारित किया गया है जिसमें से 11066.40 क्वि. बीज वितरण किया जा चुका है। विभाग द्वारा नकली एंव घटिया खाद-बीज की बिक्री को रोकने के लिये उड़नदस्ता टीम का गठन किया गया है जो निजी विक्रेताओं और समितियों की निरंतर जांच कर रही है, ताकि कृषकों को गुणवत्ता युक्त बीज/उर्वरक उपलब्ध कराया जा सके।कृषि विभाग द्वारा सभी किसान भाईयों से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों या अफवाहों पर ध्यान न दें। जिले की सहकारी समितियों में खाद एंव प्रमाणित बीज की कोई कमी नहीं है। किसान अपनी आवश्यकता अनुसार सुगमता से समितियों में जाकर खाद-बीज प्राप्त कर सकते है।
- दुर्ग. कार्यालय आयुक्त, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास, इंद्रावती भवन, नवा रायपुर द्वारा जारी पत्र के अनुसार ’मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना’ (पूर्व में जवाहर उत्कर्ष योजना) के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया को स्थगित कर दिया गया है। योजना के तहत कक्षा 6वीं में प्रवेश के लिए आगामी 26 जुलाई 2026 (दिन रविवार) को चयन परीक्षा आयोजित होना निर्धारित था। परंतु वर्तमान में संस्था इम्पैनलमेंट और कक्षा 6वीं में प्रवेश से जुड़ी अन्य जरूरी प्रक्रियाओं में हो रहे विलंब के कारण शासन द्वारा इस सत्र की प्रवेश प्रक्रिया को फिलहाल रोकने का निर्णय लिया गया है। आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त द्वारा विद्यार्थी व अभिभावकों से अपील की गई है कि इस योजना के तहत परीक्षा से संबंधित आवेदन पत्र अभी जमा न करें। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि परीक्षा और प्रवेश प्रक्रिया को पुनः प्रारंभ करने के संबंध में राज्य शासन से जैसे ही कोई नवीन दिशा-निर्देश या जानकारी प्राप्त होगी, उसकी सूचना पृथक से साझा की जाएगी।
- दुर्ग. जल जनित मौसमी बीमारियों से बचाव व रोकथाम के संबंध में कार्यालय नगर पालिका निगम भिलाई में आज अन्तर्विभागीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर निगम भिलाई के आयुक्त श्री राजीव पांडे की उपस्थिति में स्वास्थ विभाग से जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. सीबीएस बंजारे द्वारा जल जनित मौसमी बीमारियों के बारे में बताया गया। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. रश्मि ग्लैड द्वारा राष्ट्रीय वैक्टर जनित रोग डेंगू मलेरिया से बचाव व नियंत्रण के संबंध में बताया गया। बैठक में नगर पालिक निगम भिलाई के स्वास्थ अधिकारी श्री जावेद अली, वरिष्ठ स्वाच्छत निरीक्षक श्री केके सिंह, जिला महामारी विशेषज्ञ श्रीमती रितिका सोनवानी, सर्विलांस इंस्पेक्टर श्री विवेक कपरे, वीबीडीटीएस श्री लकी दूबे, समस्त जोन आयुक्त, बीएसपी प्रतिनिधि आदि उपस्थति रहे।सीएमएचओ डॉ. मनोज दानी से प्राप्त जानकारी अनुसार निगम क्षेत्र अंतर्गत आगामी वर्षा ऋतु के पूर्व जल जनित रोग (मौसमी बीमारियों) के रोकथाम बचाव हेतु प्रारंभिक तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में आयुक्त द्वारा निर्देशित किया गया हैं कि वर्षा ऋतु के आगमन के पूर्व बड़े या चौड़े नालियों का चिन्हांकन कर सफाई का कार्य किया जाये। विगत वर्षों में डायरिया/ पीलिया से प्रभावित क्षेत्रों को विभिन्न पेयजल स्रोतों का जोन स्तर पर एवं पेयजल कार्य विभाग द्वारा जांच हेतु नमुना लिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा ज्ञात कराया गया कि नगर निगम कर्मचारी एवं जिला मलेरियां विभाग के सर्विलेंस कार्यकर्ताओं द्वारा समुदाय में जनजागरूकता लाने जैसे मच्छर लार्वा प्रजनन स्त्रोत कूलर, टंकी, ड्रम आदि का पानी सप्ताह में एक बार खाली किया जाये।
-
कृषि विभाग द्वारा किसानों को दी जा रही है सामयिक सलाह
बालोद/मौजूदा खरीफ वर्ष के आगमन के मद्देनजर कृषि विभाग जिला बालोद द्वारा जिले के कृषकों को खाद, बीज की महत्ता एवं इसके समुचित उपयोग सुनिश्चित कराने हेतु निरंतर समसामयिक सलाह दी जा रही है। इसके अंतर्गत कृषि विभाग के उप संचालक श्री आशीष चन्द्राकर ने जिले के कृषकों को हरी खाद के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि आज के दौर में टिकाऊ खेती की ओर बढ़ना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि रसायनों के बोझ तले दबती मिट्टी को राहत देने के लिए हरी खाद एक बेहतरीन समाधान बनकर उभरी है। यह न केवल फसलों की पैदावार बढ़ाती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जमीन की उर्वरता को भी सुरक्षित रखती है। मिट्टी बचेगी, तो किसान बचेगा और किसान बचेगा, तो आय में वृद्धि होगा। श्री चंद्राकर ने कहा कि हरी खाद वह सहायक फसल है जिसे मुख्य फसल बोने से पहले खेत में उगाया जाता है और फूल आने की अवस्था में ही उसे हल चलाकर मिट्टी में दवा दिया जाता है। ढैंचा, सनई, लोबिया, मूंग और उड़द जैसी फसलें हरी खाद के लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती हैं। हरी खाद के तहत कई फसलों का उपयोग किया जाता है जिनमें दलहनी और बिना दलहनी फसलें शामिल होती हैं। हरी खाद के लिए झाड़ियों और पेड़ों की पत्तियों, टहनियों को भी उपयोग में ला सकते हैं, लेकिन इसके लिए विशेष रूप से ढैंचा फसलों का उपयोग किया जाता है। इन फसलों को खेतों में लगाकर भूमि में सुधार किया जाता है। हरी खाद का सबसे बड़ा प्रभाव मिट्टी की भौतिक और रासायनिक संरचना पर पड़ता है। यह मिट्टी में नाइट्रोजन और कार्बनिक पदार्थों (ह्यूमस) की मात्रा को तेजी से बढ़ाती है। हरी खाद मिट्टी को भुरभुरा बनाती है, जिससे हवा का संचार बढ़ता है और पौधों की जड़े गहराई तक जा पाती हैं। इसके उपयोग से मिट्टी की पानी सोखने की शक्ति बढ़ जाती है, जो सूखे के समय फसलों के लिए जीवन रक्षक साबित होती है। जब मिट्टी स्वस्थ होती है, तो उत्पादन का बढ़ना निश्चित है। हरी खाद के प्रयोग से पैदावार में 15 प्रतिशत से 20 प्रतिशत तक की वृद्धि देखी जा सकती है। यूरिया और अन्य रासायनिक खादों पर निर्भरता कम हो जाती है, जिससे किसान की फसल की लागत घटती है। मित्र कीटों से फसल का संरक्षण करता है। यह जमीन के भीतर लाभकारी सूक्ष्मजीवों और केंचुओं की संख्या बढ़ाने में मदद करती है।वर्तमान समय में रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक प्रयोग से मिट्टी की उपजाऊ शक्ति कम हो रही है, ऐसे में हरी खाद प्राकृतिक तरीके से मिट्टी को पुनर्जीवित करने का सबसे सुलभ विकल्प है। हरी खाद केवल एक उर्वरक नहीं है, बल्कि यह मिट्टी का उपचार है। यदि किसान हर दूसरे या तीसरे साल अपने खेत में हरी खाद का प्रयोग करें, तो न केवल उनकी आय बढ़ेगी, बल्कि हम समाज को रसायनों से मुक्त, शुद्ध और पौष्टिक अनाज भी उपलब्ध करा पाएंगे। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग द्वारा खरीफ फसल से पूर्व छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड के माध्यम से हरी खाद हेतु ढेंचा 116 क्विंटल एवं मूंग 58 क्विंटल कुल 174 क्विंटल बीज जिले के प्रत्येक विकासखण्डों के कार्यालय वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी में ढेंचा 23.20 व मूंग 11.60 क्विंटल बीज 50 प्रतिशत अनुदान पर भण्डारण कराया गया है। इच्छुक किसान क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों के माध्यम से या सीधे वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय से सम्पर्क कर बीज प्राप्त कर सकते है। -
बिलासपुर/भारतीय डाक विभाग, बिलासपुर संभाग द्वारा आम नागरिकों की सुविधा के लिए कल 30 मई शनिवार को सुबह 10 बजे से विशेष आधार शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर विभिन्न क्षेत्रों के सामुदायिक भवन सुखापाली डभरा, ग्राम मिरोनी लतेसरा चंद्रपुर, ग्राम पंचायत मदनपुर कटघोरा, ग्राम पंचायत भवन बगाबुडा भैसमा और बरखदान देवरीखुर्द बिलासपुर में आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में नागरिक अपना नया आधार कार्ड बनवा सकते हैं, साथ ही पुराने आधार कार्ड में किसी भी प्रकार का सुधार या अपडेशन जैसे पता, मोबाइल नंबर, जन्म तिथि, नाम, ईमेल और बायोमेट्रिक अपडेट आदि का कार्य आसानी से करवा सकते हैं।
प्रवर अधीक्षक डाकघर, बिलासपुर संभाग ने बताया कि बच्चों की 5 वर्ष और 15 वर्ष की आयु पूरी होने पर उनका अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेशन कराना अति आवश्यक है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस विशेष अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और समय पर पहुंचकर स्वयं का और अपने बच्चों का आधार एनरोलमेंट व अपडेशन का कार्य जरूर कराएं।



























