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-जल भराव से निपटने बनेगा स्थायी एक्शन प्लान
-बाढ़ पीड़ित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने के निर्देश
बिलासपुर /लगातार हो रही बारिश के मद्देनजर कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल एवं एसएसपी श्री रजनेश सिंह ने पुलिस, प्रशासनिक एवं नगर निगम के अधिकारियों के साथ शहर के जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान नगर निगम आयुक्त श्री प्रकाश कुमार सर्वे तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संदीप अग्रवाल भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने विजयापुरम, बंधवापारा, तोरवा, रेलवे कॉलोनी सहित अन्य क्षेत्रों का जायजा लेकर जल निकासी व्यवस्था की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने पीड़ित परिवारों से चर्चा कर उन्हें दिलासा दिया कि प्रशासन इस मुश्किल घड़ी में उनके साथ है। उन्हें हर संभव सुरक्षा और सहायता दी जाएगी।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शहर के सभी नालों और नालियों की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि वर्षा का पानी बिना किसी बाधा के निकल सके। उन्होंने कहा कि जहां आवश्यकता हो, वहां नालों का चौड़ीकरण कराया जाए तथा नालों के मोड़ों पर जल निकासी में बाधा बन रहे अतिक्रमणों को प्राथमिकता के आधार पर हटाने की कार्रवाई की जाए। कलेक्टर श्री अग्रवाल ने जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल निकासी तंत्र का वैज्ञानिक अध्ययन कर ऐसे उपाय किए जाएं, जिससे भविष्य में शहर में जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो और नागरिकों को राहत मिल सके। निरीक्षण के दौरान बंधवापारा क्षेत्र में जलभराव की गंभीर स्थिति को देखते हुए कलेक्टर ने वहां निवासरत लगभग 55 परिवारों को एहतियातन सेंट्रल लाइब्रेरी के समीप स्थित सामुदायिक भवन में आज रात सुरक्षित रूप से शिफ्ट करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभावित परिवारों के लिए भोजन, पेयजल, बिजली, शौचालय सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भारी बारिश की संभावना को देखते हुए राहत एवं बचाव कार्यों के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी रखें। नगर निगम, राजस्व, पुलिस तथा अन्य संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखें। उन्होंने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक और पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। - जिला एवं विकासखंड स्तर पर कॉम्बेट टीम से तत्काल संपर्क की सुविधाबिलासपुर / भारी बारिश के मद्देनजर मौसमी बीमारियों की रोकथाम और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने स्वास्थ्य विभाग ने आपातकालीन संपर्क नंबर जारी किए हैं। जिले में किसी भी विशेष आपातकालीन स्थिति अथवा स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकता पर नागरिक जिला एवं विकासखंड स्तर की कॉम्बेट टीम से संपर्क कर सकते हैं।जिला सर्विलेंस अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार तिवारी से 8770664365 पर संपर्क किया जा सकता है। बिलासपुर शहर के लिए खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. रक्षित जोगी का मोबाइल नंबर 9009727934 जारी किया गया है। इसी प्रकार बिल्हा विकासखंड के खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्रीकेश गुप्ता (9009731426), कोटा के डॉ. निखिलेश गुप्ता (9770146540), मस्तूरी के डॉ. अनिल कुमार (9827505957) तथा तखतपुर के डॉ. उमेश साहू (9407728300) से संपर्क किया जा सकता है।शहरी स्तर पर शहरी कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. टार्ज़न आदिले का मोबाइल नंबर 7241133198 तथा जिला स्तर पर डिस्ट्रिक्ट एपिडेमियोलॉजिस्ट श्री पंकज सिंह का मोबाइल नंबर 7587038622 जारी किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान बुखार, उल्टी-दस्त अथवा अन्य मौसमी बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करें और समय पर उपचार लें।
- -अध्यक्ष अनुराग सिंह देव एवं आयुक्त श्री अवनीश कुमार शरण ने निर्माण ठेकेदारों के साथ की समीक्षा बैठकरायपुर। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समयबद्ध क्रियान्वयन तथा ठेकेदारों की समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव एवं आयुक्त श्री अवनीश कुमार शरण की अध्यक्षता में निर्माण ठेकेदारों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों से 50 से अधिक निर्माण ठेकेदारों ने भाग लिया।बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने कहा कि पिछले डेढ़ वर्षों से मंडल द्वारा सभी निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा कर गुणवत्ता एवं प्रगति सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के नेतृत्व में मंडल के कार्यक्षेत्र का विस्तार करते हुए आवास निर्माण के साथ-साथ नगर विकास, रि-डेवलपमेंट, सड़क, पुल-पुलिया सहित अधोसंरचना विकास की महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी भी मंडल को सौंपी है।उन्होंने कहा कि निर्माण एजेंसियों एवं ठेकेदारों की भागीदारी इन योजनाओं की सफलता का महत्वपूर्ण आधार है। मंडल इन-हाउस, पीपीपी मॉडल तथा बीओटी के माध्यम से विभिन्न परियोजनाओं का प्रभावी संचालन कर रहा है और ठेकेदार मंडल की विकास यात्रा के अभिन्न सहयोगी हैं।अध्यक्ष श्री सिंह देव ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि हितग्राहियों के लिए बनाए जाने वाले प्रत्येक घर का निर्माण उसी गुणवत्ता और संवेदनशीलता के साथ होना चाहिए, जैसी गुणवत्ता कोई व्यक्ति अपने स्वयं के घर के निर्माण में सुनिश्चित करता है।बैठक में आयुक्त श्री अवनीश कुमार शरण ने कहा कि समीक्षा बैठक का मुख्य उद्देश्य तीन महत्वपूर्ण विषयोंकृनिर्माण कार्यों की गुणवत्ता, समय-सीमा में कार्य पूर्ण करना तथा ठेकेदारों के देयकों का समयबद्ध भुगतानकृपर प्रभावी कार्ययोजना तैयार करना है। उन्होंने कहा कि सभी अभियंताओं एवं ठेकेदारों की सामूहिक जिम्मेदारी है कि आबंटित कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तथा तय समय-सीमा में पूरे किए जाएं। कार्यस्थलों पर आने वाली वास्तविक समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर मुख्यालय से भी तत्काल मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।आयुक्त श्री शरण ने बताया कि बैठक के दौरान ठेकेदारों द्वारा भूमि चयन, ले-आउट प्लान, प्राक्कलन तैयार करने एवं निविदा प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए। इन सुझावों के परीक्षण एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए सभी अपर आयुक्तों, उपायुक्तों एवं कार्यपालन अभियंताओं को निर्देश जारी किए गए हैं।उन्होंने लेखा एवं तकनीकी शाखा के अधिकारियों को ठेकेदारों के सभी प्रकार के देयकों के त्वरित भुगतान हेतु चेकलिस्ट आधारित प्रणाली अपनाने तथा भुगतान प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने के निर्देश भी दिए। बैठक में मंडल की आगामी अधोसंरचना परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, निर्माण गुणवत्ता में निरंतर सुधार तथा निर्माण एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
- -मुख्यमंत्री श्री साय एवं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री यादव होंगे शामिलदुर्ग / छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 20 जुलाई 2026 को राज्य स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह गरिमामयी कार्यक्रम दुर्ग जिले के पाटन विकासखण्ड के अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला जामगांव (एम) के प्रांगण में आयोजित होगा। इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री एवं अतिथियों द्वारा शाला में प्रवेश लेने वाले नवप्रवेशी बच्चों का आत्मीय स्वागत किया जाएगा।
- दुर्ग / सेवा सेतु केन्द्र नागरिकों को विभिन्न शासकीय सेवाएं सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध करा रहा है। इसका लाभ नगर निगम भिलाई निवासी श्री सुकेश सागर को भी मिला। श्री सुकेश सागर के विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र में उनका नाम गलती से सुकेश डागर दर्ज हो गया था। नाम में इस त्रुटि के कारण उन्हें विभिन्न शासकीय एवं व्यक्तिगत कार्यों में लगातार असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा था। सीमित आय के साथ छोटा-मोटा रोजगार कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले श्री सागर के लिए प्रमाण पत्र में नाम का संशोधन कराना अत्यंत आवश्यक था। उन्होंने 7 जुलाई 2026 को सेवा सेतु केन्द्र के माध्यम से विवाह प्रमाण पत्र में नाम संशोधन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया। सभी औपचारिकताएं पूर्ण होने के बाद उसी दिन उनका संशोधित विवाह प्रमाण पत्र स्वीकृत कर जारी कर दिया गया।संशोधित प्रमाण पत्र प्राप्त होने पर श्री सुकेश सागर ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सेवा सेतु के माध्यम से पूरी प्रक्रिया बेहद सरल और सुविधाजनक रही। उन्हें किसी भी कार्यालय के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़े और समय पर संशोधित प्रमाण पत्र मिल गया। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तथा जिला प्रशासन की जनहितैषी पहल सेवा सेतु की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। सेवा सेतु केन्द्र के माध्यम से नागरिकों को विवाह प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, जन्म-मृत्यु पंजीयन सहित अन्य ऑनलाइन शासकीय सेवाएं एक ही स्थान पर सहजता से उपलब्ध हो रही हैं। इससे शासन की सेवाएं अधिक सुलभ, पारदर्शी और प्रभावी बन रही हैं।
- -1.26 करोड़ रूपए से अधिक की प्रशासनिक स्वीकृतिदुर्ग / जिले के शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत बालिकाओं की सुविधा और स्वच्छता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह द्वारा एक बड़ी प्रशासनिक पहल की गई है। जिले के विभिन्न विकासखंडों में स्थित ऐसे 29 शासकीय विद्यालयों को चिन्हित किया गया था, जहाँ पुराने शौचालय पूर्णतः जर्जर और अनुपयोगी हो चुके थे। इन स्थानों पर अब स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) तथा अन्य संबद्ध मदों के समन्वय से नए एवं सर्वसुविधायुक्त बालिका शौचालयों के निर्माण की मंजूरी दे दी गई है।मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दुर्ग श्री बी.के. दुबे द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस समेकित परियोजना के अंतर्गत प्रत्येक शौचालय के निर्माण पर कुल 4.37 लाख रूपए की लागत आएगी। इस प्रकार सभी 29 स्कूलों के लिए कुल 1 करोड़ 26 लाख 73 हजार की तकनीकी एवं प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी गई है। सभी निर्माण कार्यों को उच्च गुणवत्ता के साथ समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। ब्लॉकवार स्वीकृत शालाओं में दुर्ग विकासखंड के अंतर्गत कुल 05 स्कूलों में नए बालिका शौचालयों के निर्माण की स्वीकृति मिली है, जिसकी कुल लागत 21.85 लाख रूपए है। जिनमें शासकीय प्राथमिक शाला चंदखुरीभाटा, शासकीय उच्च प्राथमिक शाला ननकठी, शासकीय प्रोन्न्त प्राथमिक शाला थनौद, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय आरएमएसए बीरेझर और शासकीय हाई स्कूल गनियारी शामिल हैं। इसी प्रकार धमधा विकासखंड के अंतर्गत कुल 16 स्कूलों में नए निर्माण की स्वीकृति दी गई है, जिसकी कुल लागत 69.92 लाख रूपए है। इस ब्लॉक के अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला तुमाकला, शासकीय प्राथमिक शाला पेण्ड्रावन, शासकीय प्राथमिक शाला सहगांव, शासकीय प्राथमिक शाला सांकरा, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला एसएसए सांकरा, शासकीय प्राथमिक शाला बीरझापुर, शासकीय प्राथमिक शाला जटागर्रा, शासकीय प्राथमिक शाला दरगांव, शासकीय पूर्व माध्यमिक उन्नत माध्यमिक शाला माटरा, शासकीय हाई स्कूल सिलतरा, शासकीय प्राथमिक शाला मंदिर खिलोरा, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला एसएसए बिरेझर, शासकीय हाई स्कूल बीरेझर धमधा, शासकीय प्राथमिक शाला देवरीझाल, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला बरहापुर तथा शासकीय प्राथमिक शाला नरधा शामिल हैं। इसी क्रम में पाटन विकासखंड के अंतर्गत कुल 08 स्कूलों में नवीन शौचालयों की स्वीकृति दी गई है, जिसकी कुल लागत 34.96 रूपए लाख है। इस ब्लॉक में शासकीय प्राथमिक शाला पण्डर, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला गोड़पेन्ड्री, शासकीय हाई स्कूल फेकारी, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला करेला, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला असोगा, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला औंधी, शासकीय प्राथमिक शाला पहंदा (अ) और शासकीय पूर्व माध्यमिक उन्नत माध्यमिक शाला पातोरा शामिल हैं। जिला प्रशासन की इस महत्वपूर्ण पहल से ग्रामीण अंचल की छात्राओं को शाला परिसर में ही एक स्वच्छ, सुरक्षित और गरिमापूर्ण वातावरण उपलब्ध होगा, जिससे स्कूलों में स्वास्थ्य व स्वच्छता के मानकों में गुणात्मक सुधार देखने को मिलेगा।
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राजनांदगांव । कृषि विज्ञान केन्द्र राजनांदगांव द्वारा एलनीनो के फसल में प्रभाव एवं बचाव हेतु विशेष सलाह दी गई है। किसानों को खेतों में पर्याप्त पानी की उपलब्धता होने पर मचाई कर नर्सरी उपलब्ध होने पर रोपाई करने अथवा नर्सरी की अनुपलब्धता पर लेही विधि से अंकुरित बीजों को मचाई किए हुए खेतों में ड्रम सीडर एवं छिटकवा विधि से बुवाई करने कहा गया है। साथ ही नर्सरी एवं बीजों को कवकनाशी (कार्बेन्डाजिम) एवं जैव उर्वरकों से उपचारित कर रोपाई एवं बुवाई करें।
इस वर्ष अषाढ़ माह 1 जुलाई से प्रारंभ हुआ है। अषाढ़ माह से प्रारंभ होकर सावन मास की हरियाली अमावस्या अर्थात हरेली तिहार तक हम खरीफ फसल की बुआई एवं रोपाई कर सकते हैं। इस वर्ष हरेली 12 अगस्त को मनाई जाएगी। जो किसान धान की सीधी बुआई करते हैं, उन्हें जमीन में बतर की स्थिति में 15 जुलाई तक धान की बुआई करने का परामर्श दिया गया है। रोपाई एवं बियासी पद्धति से धान की खेती करने वाले किसान 30 जुलाई तक रोपाई एवं बियासी का कार्य कर ले। किसी असामान्य परिस्थिति के कारण विलंब होने से यदि किसान हरेली तक भी बुआई रोपाई का कार्य करते हैं, तो फसल के उत्पादन में ज्यादा नुकसान नहीं होगा। किसानों को इस वर्ष मानसून विलंब के कारण धान की शीघ्र एवं मध्यम अवधि में पकने वाली प्रजातियां एमटीयू 1010, एमटीयू 1153, एमटीयू 1156, एमटीयू 1001, विक्रम टीसीआर, छत्तीसगढ़ धान 1919, छत्तीसगढ़ तेजस्वी धान, महामाया सहित 125-130 दिन तक पकने वाले धान का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
एक एकड़ में सीधी बुआई एवं बियासी के लिए 30 किलोग्राम, रोपा पद्धति में 20 किलोग्राम तथा हाइब्रिड प्रजाति के लिए 6 किलोग्राम बीज का उपयोग करें। जिन खेतों में अधिक जल भराव हो गया है तथा वर्षा रूक नहीं रही हो तो लेही पद्धति से धान की बोआई करें। इस विधि में धान के अंकुरित बीजों की खेत में बुआई की जाती है। वर्तमान परिपे्रक्ष्य में उन क्षेत्रों में लगातार वर्षा की स्थिति निर्मित होने के कारण धान की लेही विधि से बुवाई करना उपयुक्त रहेगा। इस हेतु धान के खेत में पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध होने पर खेत की रोपा पद्धति की ही तरह अच्छी तरह से मचाई कर अंकुरित बीजों को ड्रम सीडर अथवा छिटकवा विधि से बुवाई करें। इस विधि में मध्यम अवधि में पकने वाली लगभग 120-130 दिन वाली विक्रम टीसीआर, छत्तीसगढ़ धान 1919, छत्तीसगढ़ तेजस्वी धान, महामाया, एमटीयू 1001 किस्म का चयन करें एवं इसके लिए बीज दर 40 किलोग्राम प्रति एकड़ उपयोग करते हुए बीजों को 8-10 घंटे पानी में भिगोना चाहिए। इन भीगे हुए बीजों का पानी निथार ले। इसके बाद इन बीजों को पक्के फर्श पर रखकर बोरे से ठीक से ढक देना चाहिए। लगभग 24-30 घंटे में बीज अंकुरित हो जायेंगे। अब बोरे को हटाकर बीज को छाया में फैलाकर रखें एवं इन अंकुरित बीजों को ड्रम सीडर यंत्र उपलब्ध होने पर पंक्ति में बोवाई करें अथवा छिटकवा विधि से बुवाई करें।
बुआई के पूर्व बीज को कार्बेन्डाजिम या किसी अन्य कवकनाशी दवा से उपचारित कर लें। एक किलो बीज के लिए ढाई ग्राम दवा का प्रयोग करें। भूमि में नाइट्रोजन फास्फोरस एवं पोटेशियम की पूर्ति के लिए जैव उर्वरकों का उपयोग करना चाहिए। धान में एजोस्पाइरिलम, पीएसबी, केएसबी का उपयोग करना चाहिए। इन तीनों तरल जैव उर्वरकों की 2-2 मिली मात्रा अर्थात 6 मिली तरल पदार्थ 4 मिली पानी में मिला लें। इस प्रकार तैयार 10 मिली के घोल से 1 किग्रा धान बीज को उपचारित कर दें। यह उपचार पौधों को लगभग 12 किलोग्राम नाइट्रोजन 8 किलोग्राम फास्फोरस एवं 5 किलोग्राम पोटेशियम प्रति एकड़ प्रदान करेगा।
रासायनिक दवाई से भी संकरी पत्ती एवं चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों का प्रभावकारी निंदा नियंत्रण किया जा सकता है। अंकुरण पूर्व निंदानाशक व्यवसायिक नाम- पेन्डीमेथीलीन स्टाम्प, पेंडीगोल्ड, पेंडीलीन, धानुटांप, पेनिडा, पेंडीहबे अन्य की 1000 मिली मात्रा को 150 लीटर पानी में घोलकर एक एकड़ में बुआई के 0 से 3 दिन के बीच छिड़काव करें। पाइरेजोसल्फूरान व्यवसायिक नाम- साथी, सेवक, पाइरोसल्फ, लाठी अन्य 80 मिली मात्रा को 150 लीटर पानी में मिलाकर बोने के 0 से 3 दिन बाद तक एक एकड़ खेत में छिड़काव करें। बिसपायरी बेक सोडियम व्यवसायिक नाम- नोमीनी गोल्ड, एडोरा, स्ट्राइडर, बिसफोर्स अन्य 100 मिली मात्रा को 150 लीटर पानी में मिलाकर 1 एकड़ खेत में बोने अथवा रोपाई के 20 से 25 दिन के बाद छिड़काव करें। क्लोरीम्यूरान इथाइल $ मेटसल्फ्यूरान मिथाइल व्यवसायिक नाम- आलमिक्स, धारमिक्स, दिग्गज आदि की 8 मिली दवा को 150 लीटर पानी मिलाकर 1 एकड़ खेत में बोने अथवा रोपाई के 20 से 25 दिन के बाद छिड़काव करें। - - अव्यवस्थित लैब को देखकर जताई नाराजगी, व्यवस्थित करने के दिए निर्देश- बच्चों के साथ किया मध्याह्न भोजन, पढ़ाई की ली जानकारीमोहला । कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने गुरुवार को जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने स्कूलों का भी निरीक्षण किया। मौके पर उन्होंने मध्याह्न भोजन से लेकर अध्ययन-अध्यापन कार्यों का अवलोकन किया। इस दौरान सीएमएचओ श्री विजय खोब्रागड़े सहित संबंधित विभागीय अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहें।कलेक्टर श्रीमती प्रजापति सर्वप्रथम उप स्वास्थ्य केंद्र पाण्डरवानी पहुंचीं। यहां उन्होंने ओपीडी, स्टाफ, दवाइयों की उपलब्धता, प्रसव एवं टीकाकरण की जानकारी ली। कलेक्टर ने कहा कि टीकाकरण में आवश्यक प्रगति लाए। उन्होंने दवाइयों के पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए। बिजली की समस्या से अवगत होने पर उन्होंने इन्वर्टर हेतु प्रस्ताव बनाने तथा बेबी वार्मर के लिए सीएमएचओ को निर्देशित किया।निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रसूता माता एवं उनके परिजनों से मिलकर मां और बच्चों के स्वास्थ्य तथा स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। मितानिनों से चर्चा के दौरान उन्होंने दूरस्थ ग्रामों में आवश्यक दवाइयां पहले से पहुंचाने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीणों को किसी प्रकार की समस्या न हो।इसके पश्चात कलेक्टर श्रीमती प्रजापति प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र वासडी एवं चिल्हाटी पहुंचीं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र वासडी के निरीक्षण के दौरान उन्होंने दवाइयों की उपलब्धता के संबंध में फार्मासिस्ट से चर्चा कर पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए। प्रसव संबंधी जानकारी लेते हुए उन्होंने गर्भवती महिलाओं का नियमित फॉलोअप करने के निर्देश दिए। बारिश के मद्देनजर एंटीवेनम की उपलब्धता की जानकारी लेने पर संबंधित कर्मचारियों ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र में एंटीवेनम एवं एंटी रेबीज दवाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने टेलीमेडिसिन कक्ष को बेहतर बनाने तथा कर्मचारियों को स्वास्थ्य केंद्र परिसर में ही रहने के निर्देश दिए। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिल्हाटी के निरीक्षण के दौरान उन्होंने दवाइयों की उपलब्धता एवं औसत प्रसव संख्या की जानकारी ली। लैब के निरीक्षण के दौरान अव्यवस्थित लैब को देखकर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई और उसे व्यवस्थित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी एवं अंग्रेजी विद्यालय, विचारपुर में चल रहे एचपीवी टीकाकरण के अवलोकन हेतु भी पहुंचीं। उन्होंने टीकाकरण की प्रगति की जानकारी ली।- स्कूल पहुंचीं कलेक्टर, बच्चों के साथ किया मध्याह्न भोजननिरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्रीमती प्रजापति प्राथमिक विद्यालय पाण्डरवानी भी पहुंचीं। यहां उन्होंने बच्चों की संख्या एवं पढ़ाई की स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने बच्चों के साथ मध्याह्न भोजन भी किया। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता में सुधार करने के निर्देश देते हुए कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में पौष्टिक भोजन की भूमिका महत्वपूर्ण है। कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी एवं अंग्रेजी विद्यालय, विचारपुर के निरीक्षण के दौरान कम्प्यूटर लैब को सुव्यवस्थित करने के निर्देश दिए। साथ ही स्टोर रूम को व्यवस्थित कर कक्षा के रूप में उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यालय की लाइब्रेरी का निरीक्षण करते हुए उसकी सराहना की। मौके पर उन्होंने निर्माणाधीन चिल्हाटी महाविद्यालय का भी अवलोकन कर समय- सीमा की जानकारी ली।
- दुर्ग /जिला पंचायत सामान्य सभा की बैठक 22 जुलाई को दोपहर 12 बजे जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित की गई है। बैठक में शिक्षा, कृषि, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, महिला एवं बाल विकास और खाद्य विभाग के कार्यों की समीक्षा की जाएगी। संबंधित अधिकारियों को आवश्यक जानकारी के साथ उक्त बैठक में समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने कहा गया है।
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महासमुंद / राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव के निर्देशन में बिरकोनी क्षेत्र में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस विभाग के संयुक्त प्रवर्तन दल द्वारा कोटपा अधिनियम, 2003 (सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम, 2003) के तहत चालानी कार्रवाई की गई। चालानी कार्रवाई जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्रीमती नीलू घृतलहरे के मार्गदर्शन तथा जिला नोडल अधिकारी एनटीसीपी डॉ. छत्रपाल चंद्राकर के सहयोग से किया गया।
कार्रवाई के दौरान औषधि निरीक्षक श्री अवधेश भारद्वाज एवं श्री अखिलेश पाण्डे द्वारा शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे तथा अन्य सार्वजनिक स्थानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान कोटपा अधिनियम, 2003 की धारा 4 (सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान निषेध), धारा 6(क) (18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को तंबाकू उत्पादों की बिक्री एवं उनके द्वारा उपयोग पर प्रतिबंध) तथा धारा 6(ख) (शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध) के उल्लंघन पाए जाने पर कुल 16 चालान बनाए गए। इस संयुक्त प्रवर्तन कार्यवाही में खाद्य एवं औषधि प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग तथा पुलिस विभाग के अधिकारी एवं पुलिस विभाग से आरक्षक भी उपस्थित रहे। - -पैक्स कम्प्यूटरीकरण एवं वित्तीय समावेशन पर दिया विशेष बलमहासमुंद / राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के उप प्रबंध निदेशक श्री गोवर्धन सिंह रावत ने गुरूवार को महासमुंद जिले का दौरा किया। उनके साथ नाबार्ड छत्तीसगढ़ क्षेत्रीय कार्यालय से मुख्य महाप्रबंधक श्री डी.के. गवली, महाप्रबंधक श्री शीतांशु शेखर, उप महाप्रबंधक श्री ब्रजेन्द्र किशोर सामंतराय, उप महाप्रबंधक श्री अजय थुटे तथा जिला विकास प्रबंधक, महासमुंद श्री प्रियब्रत साहू भी उपस्थित रहे।दौरे के प्रारंभ में श्री रावत ने ग्राम भोरिंग स्थित नवगठित बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति (पैक्स) पहुंचकर समिति के व्यवसाय संचालन की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने सुझाव दिया कि तुमगांव पैक्स से इस नवगठित समिति के पृथक्करण की प्रक्रिया सुगमतापूर्वक सम्पन्न की जाए। उन्होंने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक (डीसीसीबी), रायपुर को निर्देशित किया कि समिति के कम्प्यूटरीकरण कार्य में समुचित सहयोग प्रदान किया जाए तथा किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) संबंधी दिशा-निर्देशों के अनुरूप किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध कराया जाए।तत्पश्चात श्री रावत ने रायतुम पैक्स का भ्रमण किया, जो पैक्स कम्प्यूटरीकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए किसानों के ऋण संबंधी विवरणों की वास्तविक समय में प्रविष्टि कर रही है। उन्होंने समिति की इस उपलब्धि की सराहना की तथा पैक्स कर्मचारियों से कम्प्यूटरीकरण में आ रही कठिनाइयों एवं विभिन्न गतिविधियों से जुड़े एकाधिक पोर्टलों को सरल बनाए जाने के संबंध में विचार-विमर्श किया। दोनों पैक्स परिसरों में श्री रावत ने पौधरोपण भी किया। इस दौरान डीसीसीबी रायपुर से श्री चंद्राकर एवं श्री अविनाश शर्मा उपस्थित रहे।इसके पश्चात श्री रावत सिरपुर पहुंचे, यहां छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक द्वारा आयोजित वित्तीय साक्षरता शिविर में उन्होंने शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के महत्व पर बल दिया तथा स्वीकृत ऋणों का वितरण किया। जिसमें ड्रोन, कंबाइन हार्वेस्टर, केसीसी एवं स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) ऋण की वित्तीय सहायता शामिल थी। श्री रावत ने छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की सिरपुर स्थित नवीन शाखा भवन का लोकार्पण भी किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक के अध्यक्ष श्री विनोद कुमार अरोरा भी उपस्थित रहे।
- -ऑनलाइन प्रक्रिया से समय और श्रम की बचत, ग्रामीणों को मिल रही त्वरित सुविधामहासमुंद / शासन की जनहितकारी पहल सेवा सेतु पोर्टल आम नागरिकों को विभिन्न शासकीय सेवाएं सरल और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसी कड़ी में बसना विकासखंड के ग्राम पंचायत गनेकेरा निवासी श्रीमती मुकुटा, पति लोकनाथ को सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से नया राशन कार्ड सहजता से प्राप्त हुआ।ग्राम पंचायत गनेकेरा के मनीष सोनी ने श्रीमती मुकुटा के राशन कार्ड के लिए सेवा सेतु पोर्टल पर आवेदन किया था। आवेदन की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद उनका राशन कार्ड आसानी से बन गया। राशन कार्ड मिलने से श्रीमती मुकुटा ने खुशी व्यक्त करते हुए शासन और प्रशासन का आभार जताया।जिला तकनीकी प्रबंधक अमित कुमार ने बताया कि सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से नए राशन कार्ड बनाए जा रहे हैं। पोर्टल की प्रक्रिया बेहद सरल, पारदर्शी और नागरिकों के अनुकूल है। इससे लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समयबद्ध तरीके से सेवाओं का लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि सेवा सेतु पोर्टल शासन की विभिन्न सेवाओं को डिजिटल माध्यम से आमजन तक पहुंचाने का प्रभावी मंच बन चुका है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी घर के नजदीक ही आवश्यक शासकीय सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं। सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से राशन कार्ड सहित कई महत्वपूर्ण सेवाओं का लाभ आसानी से लिया जा सकता है, जिससे आम नागरिकों का समय और खर्च दोनों बच रहे हैं।
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नर्रा के शासकीय कुलदीप निगम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 260 छात्राओं ने लिया प्रशिक्षणमहासमुंद, / महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित मिशन शक्ति महिला सशक्तिकरण केंद्र के तत्वावधान में 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' योजना के अंतर्गत आज शासकीय कुलदीप निगम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, नर्रा में छात्राओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्री टिक्वेंद्र जटवार के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण में विद्यालय की लगभग 260 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञ प्रशिक्षकों ने छात्राओं को आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों का व्यावहारिक अभ्यास कराया। साथ ही उन्हें विपरीत परिस्थितियों में आत्मविश्वास के साथ स्वयं की सुरक्षा करने, सतर्क रहने तथा महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी भी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ विभिन्न गतिविधियों में भाग लेकर आत्मरक्षा के प्रभावी गुर सीखे। विद्यालय के प्राचार्य ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान समय में छात्राओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है। ऐसे कार्यक्रम बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ साथ व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास और साहस को भी नई दिशा प्रदान करते हैं।कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय परिवार, मिशन शक्ति महिला सशक्तिकरण केंद्र, महिला एवं बाल विकास विभाग महासमुंद तथा प्रशिक्षण दल का योगदान रहा। - - 2 किलोवॉट सोलर संयंत्र से बिजली बिल हुआ शून्य, अब बिजली बेचकर भी होगी आयराजनांदगांव । प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ग्रामीण परिवारों के लिए आर्थिक बचत और ऊर्जा आत्मनिर्भरता का प्रभावी माध्यम बन रही है। जिले के ग्राम जंगलेसर निवासी किसान श्री रामेश्वर प्रसाद चंद्राकर ने योजना के तहत अपने घर में 2 किलोवॉट क्षमता का रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किया है। संयंत्र लगने के बाद उनका बिजली बिल पूरी तरह शून्य हो गया है और अब वे अतिरिक्त बिजली विद्युत वितरण कंपनी को देकर आय अर्जित करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। श्री रामेश्वर ने बताया कि उन्होंने लगभग तीन-चार माह पहले फरवरी 2026 में बैंक वित्तीय सहायता से सोलर संयंत्र लगवाया। इस पर उन्हें शासन की ओर से 90 हजार रूपए की सब्सिडी प्राप्त हुई। उन्होंने बताया कि पहले उनके घर का बिजली बिल 1000 रूपए से लेकर 1500 रूपए प्रतिमाह तक आता था, लेकिन अब बिजली बिल पूरी तरह समाप्त हो गया है।श्री रामेश्वर ने बताया कि वर्तमान में उनका संयंत्र प्रतिदिन औसतन 5 से 8 यूनिट अतिरिक्त बिजली का उत्पादन कर रहा है। गर्मी के मौसम में यह उत्पादन 12 से 14 यूनिट प्रतिदिन तक पहुंच जाता है। मोबाइल एप के माध्यम से वे प्रतिदिन बिजली उत्पादन और खपत की जानकारी देखते हैं। घर में प्रतिदिन 2 से 5 यूनिट बिजली की खपत होने के बाद शेष बिजली ग्रिड में जमा हो जाती है, जिसका भुगतान वार्षिक समायोजन के बाद उनके बैंक खाते में किया जाएगा।श्री रामेश्वर ने कहा कि पहले मैं बिजली का उपभोक्ता था, अब बिजली बनाकर विद्युत कंपनी को बिक्री कर रहा हूँ। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से मुझे आर्थिक बचत के साथ अतिरिक्त आय का अवसर भी मिला है। श्री रामेश्वर ने बताया कि उनके घर में सोलर संयंत्र लगने के बाद गांव के लोग उनसे जानकारी लेने आने लगे। उनके अनुभव से प्रेरित होकर ग्राम जंगलेसर में लगभग 40 से 50 परिवारों ने भी सोलर संयंत्र स्थापित कर लिया है। वे ग्रामीणों को मोबाइल एप पर बिजली उत्पादन की जानकारी दिखाकर योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित करते हैं। श्री रामेश्वर ने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना आम नागरिकों के लिए अत्यंत लाभकारी है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में योजना का लाभ उठाकर बिजली बचत के साथ अतिरिक्त आय अर्जित करने कहा।
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- राजनांदगांव जिले में 14686 क्विंटल बीज का भंडारण
- किसानों को 13700.82 क्विंटल बीज का किया गया वितरण
राजनांदगांव । राजनांदगांव जिले में खरीफ 2026 अंतर्गत धान, मक्का, सोयाबीन, अरहर, उड़द, मूंग सहित अन्य फसलों की बुवाई का कार्य प्रगतिरत है। किसानों के लिए खाद-बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कहा कि किसानों को किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को किसानों को खाद-बीज उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। जिले में खरीफ 2026 हेतु 14331 क्विंटल बीज की मांग के विरूद्ध 14686 क्विंटल बीज भंडारण कराकर 13700.82 क्विंटल बीज किसानों को समिति एवं कृषि विभाग के माध्यम से वितरण कराया गया है। बीजों का भंडारण वर्तमान लक्ष्य के विरूद्ध 102 प्रतिशत हैं एवं भंडारण के विरूद्ध वितरण 93 प्रतिशत है। अद्यतन 112884.92 हेक्टेयर रकबा में खरीफ फसलों की बुवाई का कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जिसमें धान फसल की 111339 हेक्टेयर रकबा में की बुवाई व रोपाई का कार्य पूर्ण हो चुका है।
खरीफ फसलों के लिए रासायनिक उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु इस वर्ष सहकारी क्षेत्र में 45650 मीट्रिक टन एवं निजी क्षेत्र में 23310 मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लक्ष्य के विरूद्ध 45144 मीट्रिक टन उर्वरक सहकारी समितियों में एवं निजी क्षेत्र में लक्ष्य के विरूद्ध 18589 मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण किया जा चुका है, जो निर्धारित लक्ष्य का 92 प्रतिशत है। जिले में लक्ष्य की तुलना में सहकारी एवं निजी क्षेत्रों से यूरिया 23561 मीट्रिक टन, एसएसपी 8570 मीट्रिक टन, एमओपी 3259 मीट्रिक टन, डीएपी 4704 मीट्रिक टन एवं एनपीके 11443 मीट्रिक टन किसानों को वितरण किया जा चुका है, जो कि भंडारण की तुलना में 80 प्रतिशत हैं। उप संचालक कृषि श्री टीकम सिंह ठाकुर ने सभी समितियों एवं निजी उर्वरक विक्रेताओं से अपील की है कि किसानों को उर्वरकों के उठाव में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो तथा किसानों को खाद एवं बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। - रायपुर । आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम महिलाओं के जीवन में नए बदलाव ला रहे हैं। महतारी वंदन योजना भी ऐसी ही एक पहल बनकर सामने आई है, जिसने ग्रामीण महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता देकर उनके आत्मविश्वास को मजबूत किया है। राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम बांटगांव की निवासी श्रीमती मीना बाई यादव इसकी एक मिसाल हैं।मीना बाई बताती हैं कि योजना के तहत उन्हें हर माह नियमित आर्थिक सहायता मिल रही है। शुरुआत में यह राशि एक सहारे के रूप में मिली, लेकिन अब यह उनके परिवार के मासिक बजट का अहम हिस्सा बन गई है। इस सहायता से वे बच्चों की पढ़ाई के लिए कॉपी, किताबें और अन्य शैक्षणिक सामग्री खरीदती हैं। साथ ही घर की रोजमर्रा की जरूरतें भी आसानी से पूरी हो जाती हैं। पहले छोटे-छोटे घरेलू खर्चों के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब महतारी वंदन योजना ने उन्हें आर्थिक आत्मविश्वास दिया है। नियमित मिलने वाली राशि से परिवार की आवश्यकताओं का बेहतर प्रबंधन हो रहा है और बच्चों की शिक्षा भी बिना किसी बाधा के जारी है।मीना बाई का कहना है कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को सम्मान और आत्मनिर्भरता का एहसास भी कराती है। वे कहती हैं कि जब महिलाओं के हाथ में नियमित आय आती है तो उसका सबसे अधिक लाभ पूरे परिवार, विशेषकर बच्चों की शिक्षा और पोषण को मिलता है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है।
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- फार्मर लैंड आईडी में छूटे खसरे एवं रकबे जोडऩे के लिए जिला प्रशासन की विशेष पहल
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के मार्गदर्शन में एग्रीस्टेक परियोजना के अंतर्गत जिले में गुरुवार को विशेष अभियान चलाकर 5 हजार से अधिक किसानों को फार्मर लैंड आईडी (एग्रीस्टेक) पंजीयन एवं सत्यापन के लिए सेवा सहकारी समितियों, लोक सेवा केन्द्रों तथा चॉइस सेंटरों द्वारा किया गया। कृषि विभाग, राजस्व विभाग एवं पंचायत विभाग के समन्वित प्रयास से किसानों को आवश्यक सहयोग प्रदान करते हुए उनकी भूमि संबंधी जानकारी का सत्यापन एवं सुधार कराया गया। यह अभियान आगामी धान खरीदी, डिजिटल गिरदावरी तथा कृषि योजनाओं में पारदर्शिता एवं किसानों को सुविधा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
विशेष अभियान के तहत जिले की सभी ग्राम पंचायतों में कृषि विभाग के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, राजस्व विभाग के पटवारी, पंचायत विभाग के ग्राम सचिव तथा अन्य मैदानी अधिकारियों ने किसानों से सीधे संपर्क कर उन्हें निकटतम सेवा सहकारी समिति अथवा लोक सेवा केन्द्र तक पहुंचाया। यहां किसानों की फार्मर लैंड आईडी में छूटे हुए खसरों एवं भूमि के रकबे को जोडऩे तथा आवश्यक सुधार की कार्रवाई की गई। इसके लिए सभी सेवा सहकारी समितियों में ऑपरेटरों की जिम्मेदारी तय की गई थी, वहीं लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से भी किसानों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया गया।
कृषि विभाग ने बताया कि किसानों की फार्मर लैंड आईडी में सभी खसरे अथवा भूमि का पूरा रकबा दर्ज नहीं है, उनके भूमि संबंधी डिजिटल रिकॉर्ड अपूर्ण माने जाएंगे। ऐसी स्थिति में आगामी डिजिटल क्रॉप सर्वे (डिजिटल गिरदावरी) के दौरान फसल का सही रिकॉर्ड दर्ज कराने में तकनीकी कठिनाइयां आ सकती हैं। साथ ही भविष्य में विभिन्न कृषि योजनाओं, डिजिटल भूमि अभिलेखों एवं अन्य ऑनलाइन सेवाओं का लाभ प्राप्त करने में भी परेशानी हो सकती है। जिला प्रशासन ने सभी किसानों से अपील की है कि यदि उनकी फार्मर लैंड आईडी में किसी भी प्रकार का खसरा अथवा भूमि का रकबा दर्ज होने से छूट गया है, तो वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपने निकटतम सेवा सहकारी समिति, लोक सेवा केन्द्र अथवा चॉइस सेंटर पहुंचकर अपनी भूमि आईडी का सत्यापन एवं आवश्यक सुधार कराने की अपील की गई है। -
- जिले में अब तक 4 हजार से अधिक हितग्राहियों के घरों में सोलर पैनल स्थापित
- प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की दी गई जानकारी, विशेष अभियान जारी
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार गुरुवार को जिले में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जनजागरूकता के उद्देश्य से एक ही दिन में 100 से अधिक प्रधानमंत्री सूर्य सभाओं का आयोजन किया गया। जिले के सभी जनपद पंचायतों की विभिन्न ग्राम पंचायतों तथा नगरीय निकायों में आयोजित इन सभाओं में नागरिकों को योजना के लाभ, सोलर रूफटॉप स्थापना की प्रक्रिया, प्राप्त होने वाली सब्सिडी तथा बिजली बिल में होने वाली बचत के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। जिले में अब तक 4 हजार से अधिक हितग्राहियों के घरों में सोलर पैनल स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे वे ऊर्जा उत्पादक बनने के साथ अतिरिक्त बिजली उत्पादन से आर्थिक लाभ भी प्राप्त कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री सूर्य घर सभाओं में विद्युत विभाग, विभिन्न बैंकों तथा अधिकृत वेंडर्स के प्रतिनिधियों ने योजना से संबंधित पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, वित्तीय सहायता, ऋण सुविधा एवं तकनीकी पहलुओं की जानकारी देते हुए उपस्थित नागरिकों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। इस दौरान अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों से योजना का लाभ उठाने की अपील भी की गई। उल्लेखनीय है कि जिले में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं अधिकाधिक लोगों को योजना से जोडऩे के लिए विशेष जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके अंतर्गत लगातार प्रधानमंत्री सूर्य सभाओं एवं हितग्राही संपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को योजना की जानकारी प्रदान की जा रही है। - -वन, आर्द्रभूमि और पारंपरिक ज्ञान पर शोध की अपार संभावनाओं की दी गई जानकारीरायपुर । जैव विविधता अनुसंधान में नई तकनीकों से स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को परिचित कराया जा रहा है, ताकि वे पारिस्थितिकी संरक्षण और प्रजातियों की पहचान में आधुनिक उपकरणों का उपयोग कर सकें। छात्र ग्लोबल जैव विविधता सूचना सुविधा और आई-नेचुरलिस्ट मंच जैसे डेटाबेस का उपयोग करना सीख रहे हैं।छत्तीसगढ़ राज्य जैव विविधता बोर्ड एवं छत्तीसगढ़ राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में संत गुरु घासीदास शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कुरूद जिला धमतरी में जैव विविधता अनुसंधान पर विशेष जागरूकता एवं प्रेरक व्याख्यान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्राणीशास्त्र (एम.एससी.) के स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को ‘जैव विविधता अनुसंधान के विविध आयाम एवं भविष्य की संभावनाएं’ विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य जैव विविधता बोर्ड के वैज्ञानिक ने विद्यार्थियों को जैव विविधता संरक्षण और अनुसंधान के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ वन, आर्द्रभूमि, नदियों, पर्वतीय क्षेत्रों, वन्यजीवों, जनजातीय समुदायों और पारंपरिक ज्ञान की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध राज्य है। ये सभी क्षेत्र वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए महत्वपूर्ण हैं। विद्यार्थियों को वन जैव विविधता, वन्यजीव एवं पक्षी अध्ययन, आर्द्रभूमि पारिस्थितिकी, जलीय जैव विविधता, पारंपरिक ज्ञान, जैव संसाधन और जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों पर शोध की संभावनाओं के बारे में विस्तार से बताया गया।आधुनिक तकनीकों से जैव विविधता संरक्षण को मिलेगी नई दिशाव्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों को जैव विविधता के अध्ययन और संरक्षण में आधुनिक तकनीकों के उपयोग की जानकारी दी गई। इनमें रिमोट सेंसिंग, भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस), जीपीएस, ड्रोन आधारित सर्वेक्षण, डीएनए बारकोडिंग, पर्यावरणीय डीएनए (ई-डीएनए), जैव सूचना विज्ञान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), मशीन लर्निंग और डिजिटल डेटा विश्लेषण जैसी तकनीकें शामिल हैं। बताया गया कि इन तकनीकों के माध्यम से जैव विविधता का वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण, निगरानी और संरक्षण कार्य अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।शोध कार्य के हर चरण की दी गई जानकारीविद्यार्थियों को शोध विषय के चयन, अनुसंधान प्रस्ताव तैयार करने, वैज्ञानिक फील्ड सर्वेक्षण, नमूना संग्रहण, डेटा विश्लेषण और शोध पत्र लेखन के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया। साथ ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में शोध कार्य प्रकाशित करने तथा अनुसंधान में नैतिक मूल्यों के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।स्थानीय जैव विविधता और पारंपरिक ज्ञान पर आधारित शोध को समाज, नीति निर्माण और संरक्षण कार्यक्रमों से जोड़ने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक पूछे सवालकार्यक्रम के संवादात्मक सत्र में विद्यार्थियों और प्राध्यापकों ने जैव विविधता अनुसंधान, शोधवृत्ति, उच्च शिक्षा, आधुनिक अनुसंधान उपकरणों और करियर की संभावनाओं से जुड़े सवाल पूछे। वैज्ञानिक ने सभी सवालों का विस्तारपूर्वक समाधान किया। महाविद्यालय के प्राचार्य और प्राणीशास्त्र विभाग के प्राध्यापकों ने कार्यक्रम को विद्यार्थियों के लिए उपयोगी और प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के वैज्ञानिक जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों में अनुसंधान की संस्कृति विकसित करने के साथ ही उन्हें पर्यावरण और जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करते हैं।कार्यक्रम में शामिल स्नातकोत्तर विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों ने छत्तीसगढ़ की जैव विविधता, आधुनिक अनुसंधान तकनीकों और शोध की संभावनाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। यह पहल विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने और उन्हें जैव विविधता संरक्षण एवं अनुसंधान के क्षेत्र में योगदान देने के लिए प्रेरित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हुई।
- -उप मुख्यमंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद प्राविधिक स्वीकृति आदेश जारीरायपुर । नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने दुर्ग जिले के धमधा नगर पंचायत में सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए 25 लाख रुपए की प्राविधिक स्वीकृति दी है। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने संचालनालय से इसकी मंजूरी के आदेश जारी कर दिए हैं। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव द्वारा विगत मई माह में धमधा में सामुदायिक भवन के निर्माण की घोषणा के अनुपालन में विभाग द्वारा अधोसंरचना मद से यह राशि स्वीकृत की है।
- -धमतरी में खुला सामूहिक सोलर प्लांट का नया अध्याय-खपरैल मकान वाले गाँवों के लिए वरदान बनी पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना-शून्य खर्च, शत-प्रतिशत लाभ- 71 परिवारों को बिना एक भी रुपया खर्च किए मिलेगी मुफ़्त बिजली-142 किलोवॉट क्षमता का सामूहिक प्लांट तैयार, जिले के 55 और गाँवों में विस्तार की तैयारीरायपुर ।सामूहिक सोलर पावर प्लांट स्थापित करना न केवल पर्यावरण संरक्षण के लिए फायदेमंद है, बल्कि यह निरंतर आय, सस्ती बिजली और आत्मनिर्भरता का एक बेहतरीन माध्यम है। आप सरकार के माध्यम से आवासीय समूह की सहायता से आसानी से प्लांट लगवा सकते हैं। जो इलाका कभी नक्सल प्रभावित होने के कारण विकास की मुख्यधारा से दूर छूट रहा था, आज वह देश की सबसे आधुनिक हरित ऊर्जा क्रांति की अगुवाई कर रहा है। धमतरी जिले का सुदूर वनांचल गाँव ठेनही (नगरी विकासखंड) जिले का ऐसा पहला गाँव बन गया है, जहाँ सामूहिक सोलर पावर प्लांट स्थापित कर 71 परिवारों के जीवन को रोशन किया गया है। यह सफलता केवल बिजली आने की कहानी नहीं है, बल्कि यह अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाने की प्रशासनिक प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण है।ग्राम ठेनही के अधिकांश घरों की छतें पक्की नहीं बल्कि खपरैल की हैं, जिसके कारण छतों पर व्यक्तिगत सोलर पैनल लगाना संभव नहीं था। इस चुनौती का समाधान विद्युत विभाग और प्रशासन ने मिलकर निकाला। गाँव से महज 50-75 मीटर की दूरी पर उपलब्ध खाली जमीन पर 142 किलोवॉट क्षमता का एक बड़ा सामूहिक सोलर प्लांट खड़ा किया गया। वेंडरों द्वारा सब्सिडी की राशि से ही गाँव के सभी 71 परिवारों का 2-2 किलोवॉट के लिए पंजीयन किया गया। ग्रामीणों को इसके लिए जेब से एक भी पैसा नहीं देना पड़ा। घरों में कनेक्शन का काम तेजी से जारी है। जल्द ही ग्रिड कनेक्टिविटी के साथ बिजली उत्पादन शुरू होगा, जिससे ग्रामीणों को भारी-भरकम बिजली बिलों से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में यह ऐतिहासिक पहल धमतरी को हरित और सतत विकास का अग्रणी जिला बनाएगी। ठेनही की सफलता के बाद अब नगरी विकासखंड के फरसियां, रतावा, दुगली सहित करीब 25 अन्य गाँवों और पूरे जिले में ऐसे 55 चयनित गाँवों में इस मॉडल को लागू करने की कार्ययोजना तैयार है।स्थानीय निवासी श्री छात्र सिंह यादव ने कहा कि पहले हर महीने बिजली बिल की चिंता सताती थी। अब गाँव में ही सोलर प्लांट लग जाने से हमें बहुत बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी। यह हमारे बच्चों के भविष्य के लिए भी लाभकारी है। उप सरपंच रूपेश्वर नाग कहते है कि सबसे अच्छी बात यह है कि किसी भी ग्रामीण से कोई राशि नहीं ली गई है। पूरा गाँव इस सामूहिक प्रयास से आत्मनिर्भर बनने जा रहा है। इसी तरह ग्रामीण श्री इंदर सिंह नेताम एवं श्री उमेंद्र नागेश ने कहा कि हमने कभी नहीं सोचा था कि हमारे सुदूर गाँव में इतनी आधुनिक तकनीक आएगी। यह पर्यावरण को बचाने के साथ-साथ हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल बनेगा। पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के तहत स्थापित यह प्लांट न केवल कार्बन उत्सर्जन को कम करेगा, बल्कि जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाकर पर्यावरण का संरक्षण करेगा। इस प्लांट को मुख्य विद्युत ग्रिड से जोड़ा जा रहा है, जिससे आवश्यकता से अधिक बनी बिजली ग्रिड में जाएगी और भविष्य में ग्रामीणों के लिए अतिरिक्त आय के रास्ते भी खुलेंगे। ठेनही आज छत्तीसगढ़ के उन सुदूर अंचलों के लिए एक प्रेरक उदाहरण (रोल मॉडल) बनकर उभरा है, जो साबित करता है कि सही नीति और प्रशासनिक इच्छाशक्ति से दुर्गम क्षेत्रों को भी आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।
- -राज्य शासन ने जारी किए स्वतंत्रता दिवस आयोजन संबंधी विस्तृत दिशा-निर्देशरायपुर / छत्तीसगढ़ शासन ने स्वतंत्रता दिवस 2026 को पूरे प्रदेश में गरिमामय, भव्य और प्रेरणादायी ढंग से मनाने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इस वर्ष का स्वतंत्रता दिवस विशेष होने जा रहा है, क्योंकि इस मौके पर राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पूरे होने का ऐतिहासिक उत्सव भी मनाया जाएगा। शासन द्वारा सभी जिलों के कलेक्टरों और विभागीय प्रमुखों को आयोजनों की समुचित निगरानी के कड़े निर्देश दिए गए हैं। राजधानी रायपुर के स्थानीय पुलिस परेड ग्राउंड में मुख्य राज्य स्तरीय समारोह 15 अगस्त की प्रातः 9:00 बजे आयोजित किया जाएगा। इस भव्य समारोह में माननीय मुख्यमंत्री जी ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेंगे।ऐतिहासिक अवसर वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए सभी शासकीय कार्यक्रमों में वंदे मातरम् का सामूहिक गायन अनिवार्य किया गया है। परेड में बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (पुरुष व महिला), नगर सेना, एनसीसी तथा बैंड प्लाटून की टुकड़ियाँ भाग लेंगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री जी प्रदेश की जनता के नाम संदेश देंगे।जिला मुख्यालयों में शासन द्वारा नामित मंत्रीगण ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेंगे और मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे। यहाँ स्कूली बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। जनपद पंचायत मुख्यालयों में जनपद पंचायत अध्यक्ष, नगर पालिकाओं व पंचायतों में उनके अध्यक्ष व सरपंच तथा बड़े गांवों में ग्राम प्रमुख ध्वजारोहण करेंगे। इन स्थलों पर राष्ट्रीय गान, भाषण तथा देश की एकता एवं अखण्डता का संदेश प्रसारित किया जाएगा।जिला कलेक्टरों को निर्देशित किया गया है कि जिला स्तरीय समारोह में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और नक्सली हिंसा में शहीद हुए जवानों के परिजनों को विशेष व सम्मानपूर्वक रूप से आमंत्रित कर सम्मानित किया जाए।स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जारी होने वाले सरकारी विज्ञापन स्वतंत्रता संग्राम के नायकों और छत्तीसगढ़ के शहीदों को समर्पित होंगे। इन विज्ञापनों का प्रकाशन 15 अगस्त के दिन समाचार पत्रों में सुनिश्चित किया जाएगा। स्वतंत्रता दिवस की रात्रि को प्रदेश के सभी शासकीय भवनों, कार्यालयों और राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों को आकर्षक रोशनी (लाइटिंग) से सजाया जाएगा, जिसका खर्च संबंधित विभाग स्वयं वहन करेंगे। आम नागरिकों और निजी संस्थाओं से भी अपने भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने और रात्रि में रोशनी करने की अपील की जाएगी।शासकीय एवं शिक्षण संस्थाओं में प्रातः 9:00 बजे से पहले ध्वजारोहण, राष्ट्रगान, प्रभात फेरी, सांस्कृतिक, साहित्यिक, खेलकूद और वृक्षारोपण जैसे कार्यक्रम संपन्न कराने होंगे। लाउडस्पीकर के प्रयोग हेतु जिला कलेक्टर से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। लाउडस्पीकर पर केवल मर्यादित और देशभक्ति से ओतप्रोत गीत ही बजाए जा सकेंगे।
- -रायपुर सेंट्रल जेल में तैयार हो रहा स्वादिष्ट अचाररायपुर / केंद्रीय जेल रायपुर में महिला बंदियों के सर्वांगीण सुधार और समाज की मुख्यधारा में उनके सम्मानजनक पुनर्वास के लिए एक अनूठी पहल की शुरुआत की गई है। जेल प्रशासन द्वारा संचालित निश्चय कार्यक्रम के अंतर्गत महिला बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे जेल के भीतर ही उनके रोजगार की राह आसान हुई है।केन्द्रीय जेल रायपुर में विभिन्न अपराधों के तहत बंद 60 महिला बंदियों को बेसिक ऑफ पिकल (अचार) एवं मसाला निर्माण के व्यावसायिक उत्पादन का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य महिला बंदियों को स्वयं की व्यावसायिक इकाई स्थापित करने के योग्य बनाना है।प्रशिक्षण के दौरान इन बंदियों को खाद्य उत्पादों के निर्माण और उनकी उत्तम गुणवत्ता नियंत्रण, स्वच्छता, पैकेजिंग एवं सुरक्षित भंडारण से संबंधित व्यावहारिक जानकारियां दी गईं। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद महिला बंदियों ने जेल के महिला प्रकोष्ठ में ही नियमित रूप से अचार का निर्माण शुरू कर दिया है। महिला बंदियों द्वारा जेल के भीतर पूरी स्वच्छता के साथ आम, नींबू, गाजर और लहसुन जैसी विभिन्न वैरायटियों के स्वादिष्ट और हाइजीनिक अचार तैयार किए जा रहे हैं। इन गुणवत्तापूर्ण उत्पादों की बिक्री के लिए व्यवस्था की गई है। तैयार उत्पादों को केंद्रीय जेल परिसर स्थित आस्था मुंगोडी सेंटर (आस्था गृह उद्योग स्टॉल) और जेल कैंटीन के माध्यम से आम नागरिकों के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है। इस बिक्री से होने वाली आय का एक हिस्सा सीधे इन महिला बंदियों के खातों में जमा किया जा रहा है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बन रही हैं। इस सराहनीय पहल को लेकर केंद्रीय जेल रायपुर के अधीक्षक श्री योगेश सिंह क्षत्री ने कहा कि जेल केवल दंड देने का स्थान नहीं है, बल्कि यह जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का भी एक केंद्र है। जेल महानिदेशक श्री हिमांशु गुप्ता के मार्गदर्शन में जेलों में चलाए जा रहे निश्चय कार्यक्रम के माध्यम से महिला बंदियों को रोजगारपरक कौशल प्रदान किए जा रहे हैं। यह कौशल उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ रिहाई के बाद समाज में सम्मानपूर्वक जीने और आजीविका अर्जित करने में सहायक सिद्ध होगा। जेल प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि बंदियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए इस प्रकार के रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रम आगे भी निरंतर संचालित किए जाते रहेंगे।
- -शैली गुप्ता ने अंतरराष्ट्रीय मत्सोगी-डो चैंपियनशिप में जीता स्वर्ण पदकरायपुर । कभी नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में पहचाना जाने वाला सुकमा आज खेल, शिक्षा और युवा प्रतिभाओं के दम पर अपनी नई पहचान गढ़ रहा है। जिले की होनहार खिलाड़ी शैली गुप्ता इस परिवर्तन की मिसाल बनी है, जिन्होंने नई दिल्ली के तालकटोरा इंडोर स्टेडियम में 24 जून से 26 जून तक आयोजित अंतरराष्ट्रीय मत्सोगी-डो चैंपियनशिप में 49 किलोग्राम सीनियर महिला वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर भारत, छत्तीसगढ़ और सुकमा का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर गौरवान्वित किया है।नेपाल, भूटान और बांग्लादेश के खिलाड़ियों के बीच शानदार प्रदर्शन करते हुए शैली ने फाइनल मुकाबले में एकतरफा जीत दर्ज कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव और सुकमा जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने शैली की इस शानदार सफलता पर उन्हें बधाई दी है।राज्य शासन द्वारा सुकमा में खेल अधोसंरचना के विकास, खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं में भागीदारी के अवसर तथा सरकार की खेल प्रोत्साहन योजनाओं का प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। दूरस्थ और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद जिले के युवा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। शैली गुप्ता की उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि सही मार्गदर्शन, प्रशासनिक सहयोग और दृढ़ संकल्प से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। अंतरराष्ट्रीय सफलता के बाद शैली गुप्ता ने अपने माता-पिता के साथ सुकमा के कलेक्टर श्री अमित कुमार से मुलाकात की। कलेक्टर ने उन्हें बधाई देते हुए उच्च शिक्षा में प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।शैली गुप्ता का स्वर्ण पदक केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि बदलते हुए सुकमा की नई तस्वीर का प्रतीक है। यह सफलता जिले के युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने की प्रेरणा देगी। शासन-प्रशासन द्वारा प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने की प्रतिबद्धता ने युवाओं में नया आत्मविश्वास जगाया है। राज्य शासन शिक्षा, खेल और युवा विकास के क्षेत्र में निरंतर कार्य करते हुए सुकमा सहित प्रदेशभर की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं वैश्विक मंच तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार के इन कार्यों से बस्तर में विकास और उपलब्धियों को नई पहचान मिल रही है।
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रायपुर ।राज्यपाल श्री रमेन डेका रथ यात्रा पर्व के अवसर पर आज गायत्री नगर रायपुर स्थित जगन्नाथ मंदिर में आयोजित महाप्रभु श्री जगन्नाथ के रथ यात्रा महोत्सव में शामिल हुए। राज्यपाल श्री डेका एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भगवान जगन्नाथ की पूजा अर्चना कर ‘छेरा-पहरा‘ की रस्म निभाई। राज्य की प्रथम महिला श्रीमती रानी डेका काकोटी ने श्री जगन्नाथ जी की विधि-विधान से पूजा अर्चना की। इस दौरान सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।






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