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- -स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा, छात्र स्टार्टअप एवं नवाचार नीति के लिए 5 करोड़ का प्रावधान-नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तकनीकी शिक्षा का विस्तार, जगरगुंडा और ओरछा में नए आईटीआई-145 शासकीय आईटीआई में आधुनिक मशीन और उपकरणों के लिए 25 करोड़ रुपये-35 आईटीआई में भवन निर्माण और मरम्मत कार्यों के लिए 25 करोड़ का प्रावधान-लाईवलीहुड कॉलेज योजना के लिए 33 करोड़, युवाओं को मिलेगा कौशल प्रशिक्षण-नवा रायपुर में बनेगा अंतर्राष्ट्रीय स्तर का लाईवलीहुड सेंटर ऑफ एक्सीलेंसी, छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण को 38 करोड़ का बजटरायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र फरवरी-मार्च 2026 में कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने विभागीय बजट प्रस्तुत किया। मंत्री ने कहा कि राज्य के आर्थिक विकास के लिए कृषि, उद्योग, शिक्षा, सेवाएं और प्रौद्योगिकी प्रमुख क्षेत्र हैं। इन क्षेत्रों के विकास के लिए कुशल इंजीनियरों और तकनीकी कौशल से युक्त मानव संसाधन का निर्माण अत्यंत आवश्यक है। राज्य सरकार तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के समुचित विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है।मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने बताया कि प्रदेश के 33 जिलों में वर्तमान में 4 छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, 2 शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय, 1 सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी रायपुर, 1 विश्वविद्यालय शिक्षण विभाग (छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई) तथा 20 निजी इंजीनियरिंग महाविद्यालय संचालित हैं। वहीं पॉलीटेक्निक क्षेत्र में 3 सीजीआईटी (पॉलीटेक्निक), 35 शासकीय पॉलीटेक्निक, 1 विश्वविद्यालय शिक्षण विभाग तथा 14 निजी पॉलीटेक्निक संस्थान संचालित हैं। इंजीनियरिंग महाविद्यालयों में 11 हजार 528 तथा पॉलीटेक्निक संस्थानों में 8,408 सीटें उपलब्ध हैं। तकनीकी शिक्षा विभाग का बजट वर्ष 2018 में 265.49 करोड़ रुपये था, जो बढ़कर वर्ष 2026-27 में 372.35 करोड़ रुपये हो गया है।मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने बताया कि राज्य में विश्वस्तरीय तकनीकी मानव संसाधन तैयार करने के उद्देश्य से रायगढ़, जगदलपुर, कबीरधाम, जशपुर, रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की स्थापना के लिए 12.02 करोड़ रुपये तथा मशीन और उपकरणों की खरीद के लिए 98 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि सीजीआईटी रायगढ़ में अतिरिक्त कक्ष निर्माण और ऑडिटोरियम जीर्णाेद्धार के लिए 2.50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।नया रायपुर स्थित अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान के लिए स्थापना अनुदान के रूप में 15 करोड़ रुपये तथा 18 नए पदों के सृजन के लिए 50 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। श्री गुरु खुशवंत साहेब ने बताया कि छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय भिलाई के अधोसंरचना विकास हेतु 41.90 करोड़ रुपये की परियोजना में से वर्ष 2026-27 में 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त मशीन एवं उपकरण क्रय के लिए 10 करोड़ रुपये तथा स्थापना अनुदान के लिए 20 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। शासकीय पॉलीटेक्निक संस्थान रायपुर (कन्या), दुर्ग, रायगढ़ और धमतरी में मशीन एवं उपकरणों की खरीद के लिए 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। शासकीय कन्या पॉलीटेक्निक रायपुर में 150 सीटर छात्रावास और वाहन स्टैंड निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ऋण ब्याज अनुदान योजना के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को 4 लाख रुपये तक के शिक्षा ऋण पर ब्याज में राहत प्रदान की जाएगी। इसके लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। छात्र स्टार्टअप और नवाचार नीति के क्रियान्वयन के लिए 5 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, जिससे छात्रों को स्टार्टअप और नवाचार गतिविधियों में सहायता मिलेगी। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल रायपुर के स्थापना अनुदान एवं परीक्षा प्रतिपूर्ति के लिए 30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।राज्य में वर्तमान में 201 शासकीय तथा 113 निजी आईटीआई संचालित हैं, जिनमें लगभग 61 हजार प्रशिक्षण सीटें उपलब्ध हैं। वर्ष 2025-26 में आईटीआई में प्रवेश के लिए लगभग 76 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिससे युवाओं में व्यावसायिक प्रशिक्षण के प्रति बढ़ती रुचि स्पष्ट होती है। नक्सल प्रभावित ओरछा विकासखंड में नवीन आईटीआई की स्थापना की गई है, जिससे अब राज्य के सभी विकासखंडों में आईटीआई संचालित हो रहे हैं। आईटीआई में मैकेनिक इलेक्ट्रिक व्हीकल, सोलर टेक्नीशियन तथा ड्रोन टेक्नीशियन जैसे आधुनिक और रोजगारोन्मुख कोर्स शुरू किए जा रहे हैं।जगरगुंडा (सुकमा) और ओरछा (नारायणपुर) में एजुकेशन सिटी के अंतर्गत नवीन आईटीआई स्थापना, पद सृजन, छात्रावास एवं भवन निर्माण के लिए 3 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा 145 शासकीय आईटीआई में मशीन, औजार और उपकरणों की व्यवस्था के लिए 25 करोड़ रुपये तथा 35 आईटीआई में भवन निर्माण एवं विशेष मरम्मत कार्यों के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने बताया कि प्रदेश के 33 जिलों में जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र संचालित हैं। वर्ष 2025-26 में 372 प्लेसमेंट कैम्प आयोजित कर 9 हजार 756 युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए। वर्ष 2026-27 में रोजगार मेलों के आयोजन के लिए 3 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण के लिए वर्ष 2026-27 में 38 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत अब तक 4 लाख 91 हजार 543 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 2 लाख 72 हजार 754 युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ है। वर्तमान में 366 संस्थाएं कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर रही हैं, जिनमें 212 लघु अवधि के कोर्स संचालित हैं। युवाओं को आधुनिक क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण देने के लिए महिंद्रा एंड महिंद्रा, साइरोनिक्स टेक्नोलॉजी, नांदी फाउंडेशन, द लॉन्ड्री बैग तथा श्री सत्य साई हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ अनुबंध किए गए हैं।राज्य परियोजना लाईवलीहुड कॉलेज सोसायटी के लिए वर्ष 2026-27 में 33 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। योजना के तहत अब तक 67 हजार 118 युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। नवा रायपुर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कौशल प्रशिक्षण संस्थान के रूप में लाईवलीहुड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी, जिसके लिए भूमि लीज अनुबंध हेतु 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि राज्य सरकार तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में व्यापक सुधार एवं विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। इन योजनाओं और बजट प्रावधानों से प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक कौशल प्रशिक्षण और बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
- -स्वास्थ्य मंत्री का मनेन्द्रगढ़ सिविल अस्पताल में औचक निरीक्षणरायपुर ।प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने रविवार को शासकीय सिविल अस्पताल मनेन्द्रगढ़ का औचक निरीक्षण कर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना तथा उन्हें मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल में उपचार व्यवस्था, दवाइयों की उपलब्धता, साफ-सफाई तथा अन्य व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने डॉक्टरों एवं अस्पताल प्रबंधन से आवश्यक जानकारी लेते हुए मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया कि मरीजों को समय पर इलाज और आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल का औपचारिक निरीक्षण किया। रविवार होने के कारण ओपीडी बंद थी, इसके बावजूद उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली और साफ-सफाई को लेकर संतोष व्यक्त किया।सीएचएमओ डॉ. खरे ने बताया कि अस्पताल परिसर में अनावश्यक रूप से आने वाले अवांछनीय तत्वों की रोकथाम के लिए सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है। ऐसे लोगों पर निगरानी रखने के लिए अस्पताल में सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था की गई है, जो दो शिफ्टों में तैनात रहते हैं। उन्होंने बताया कि भविष्य में जब मेडिकल कॉलेज प्रारंभ होगा, तब सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाएगा। इस दौरान सीएचएमओ डॉ. अविनाश खरे, स्वप्निल तिवारी, मंडल अध्यक्ष रवि वर्मा सहित अस्पताल के चिकित्सक, अधिकारी एवं स्टाफ उपस्थित रहे।
- -बलरामपुर की श्रीमती शशि को मिला पोषण और स्वास्थ्य जांच का सहारारायपुर। गर्भावस्था के दौरान माताओं को पोषण, स्वास्थ्य सेवाएं और आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने में प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना प्रभावी साबित हो रही है। योजना के माध्यम से प्रदेश की हजारों महिलाओं को सहायता मिल रही है, जिससे सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा मिल रहा है।इसी कड़ी में बलरामपुर जिले के विकासखंड राजपुर अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्र कोडाकुपारा की निवासी श्रीमती शशि को योजना से बड़ी राहत मिली। सीमित आय वाले परिवार से संबंध रखने वाली श्रीमती शशी के लिए गर्भावस्था के दौरान पोषण और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करना आसान नहीं था। मजदूरी पर निर्भर रहने के कारण अतिरिक्त खर्च की चिंता बनी रहती थी।प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत उन्हें कुल 5000 रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई, जिसमें पहली किश्त के रूप में 3000 रुपये और दूसरी किश्त के रूप में 2000 रुपये उनके खाते में जमा किए गए। इस सहायता राशि से उन्होंने पौष्टिक आहार लिया और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराई। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मार्गदर्शन और बेहतर देखभाल के परिणामस्वरूप उन्होंने एक स्वस्थ बालिका को जन्म दिया, जिसका जन्म के समय वजन 2.8 किलोग्राम रहा। वर्तमान में नियमित स्तनपान और संतुलित देखभाल से शिशु का विकास स्वस्थ रूप से हो रहा है और परिवार में खुशी का माहौल है।प्रदेश में प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि फरवरी 2026 की स्टेट-वाइज राष्ट्रीय रैंकिंग में छत्तीसगढ़ ने बड़े राज्यों की श्रेणी में देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। जारी आंकड़ों के अनुसार राज्य ने 93.37 प्रतिशत नामांकन, 83.87 प्रतिशत स्वीकृति दर और 93.95 प्रतिशत शिकायतों के त्वरित समाधान के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक राज्य में 1 लाख 86 हजार 586 गर्भवती महिलाओं का पंजीयन किया जा चुका है और 72 करोड़ 24 लाख 89 हजार रुपये की राशि सीधे हितग्राही महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित की जा चुकी है।
- जगदलपुर। बस्तर जिले की बेटियों को भविष्य की गंभीर बीमारियों से सुरक्षित करने की दिशा में सोमवार को एक ऐतिहासिक और आधुनिक अध्याय जुड़ गया। जिला चिकित्सालय महारानी अस्पताल में सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। शहर के प्रथम नागरिक और महापौर श्री संजय पांडेय ने मुख्य अतिथि के रूप में इस अभियान की शुरुआत की, जहाँ कलेक्टर श्री आकाश छिकारा के कुशल मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम ने इस मिशन को धरातल पर क्रियान्वयन शुरू किया। यह अभियान न केवल स्वास्थ्य सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि तकनीकी रूप से भी बेहद उन्नत है, क्योंकि इसमें यू-विन पोर्टल का व्यापक उपयोग किया जा रहा है।इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह और किशोरियों को संबोधित करते हुए महापौर श्री संजय पांडेय ने कहा कि यह दिन बस्तर की बेटियों के उज्ज्वल और स्वस्थ भविष्य के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि सर्वाइकल कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से बचाव का यह टीका बाजार में महंगा है, इसके बावजूद बेटियों के अनमोल स्वास्थ्य की रक्षा हेतु शासन द्वारा इसे पूरी तरह से निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि यह टीका हमारी बेटियों के लिए एक अभेद्य सुरक्षा कवच है क्योंकि सरकार और प्रशासन का लक्ष्य केवल इलाज करना नहीं, बल्कि बीमारी को जड़ से रोकना है। महापौर ने सभी अभिभावकों से भावुक अपील करते हुए कहा कि वे अपनी 14 से 15 वर्ष की बेटियों का टीकाकरण अवश्य कराएं, क्योंकि यह न केवल एक स्वास्थ्य अभियान है, बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक डिजिटल क्रांति भी है, जहाँ टीकाकरण के तुरंत बाद उन्हें ई-सर्टिफिकेट प्राप्त हो रहा है। उन्होंने शासन के इस महत्वपूर्ण योजना की जानकारी घर-घर तक उपलब्ध कराने पर जोर दिया।शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान किशोरियों का सफलतापूर्वक टीकाकरण किया गया, जिसमें पूरी प्रक्रिया का डिजिटल प्रबंधन यू-विन पोर्टल के माध्यम से किया गया। पंजीकरण से लेकर टीकाकरण के पश्चात डिजिटल ई-सर्टिफिकेट प्रदान करने तक की पारदर्शी व्यवस्था ने इस अभियान को और भी प्रभावी बना दिया है। स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति ने इस मिशन की गंभीरता को और पुख्ता किया। कार्यक्रम में नगर निगम सभापति श्री खेमसिंह देवांगन, महापौर परिषद के सदस्य श्री निर्मल पाणीग्राही, पार्षद स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त संचालक डॉ. महेश सांडिया, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक, सिविल सर्जन डॉ. संजय प्रसाद, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री रीना लक्ष्मी, शहरी स्वास्थ्य मिशन के पीडी बस्तिया मौजूद रहे। साथ ही अन्य समर्पित स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं पैरामेडिकल कर्मचारियों की देखरेख में टीकाकरण प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हुई। प्रशासन का अब यह साझा संकल्प है कि जिले की हर पात्र किशोरी तक इस जीवन रक्षक और बहुमूल्य टीके को पहुँचाकर बस्तर की बेटियों को सर्वाइकल कैंसर मुक्त बनाया जाए।
- -ग्राम मटका की ज्योति वैष्णव बनीं ‘लखपति दीदी’रायपुर । मेहनत, आत्मविश्वास और सही मार्गदर्शन मिलने पर साधारण परिस्थितियों में जी रही महिलाएं भी सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकती हैं। कबीरधाम जिले के जनपद पंचायत कवर्धा अंतर्गत ग्राम मटका की निवासी श्रीमती ज्योति वैष्णव ने स्व-सहायता समूह से जुड़कर दोना-पत्तल निर्माण का व्यवसाय शुरू किया और आज अपने परिवार की आय बढ़ाने के साथ-साथ गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई हैं। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि स्व-सहायता समूह से जुड़कर महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकती हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकती हैं।श्रीमती ज्योति वैष्णव पहले गांव में मजदूरी का कार्य करती थीं। परिवार की आय का कोई स्थायी साधन नहीं होने के कारण उन्हें कई प्रकार की आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और घर के खर्च को संभालना भी मुश्किल हो जाता था। इसी दौरान उन्हें गांव में संचालित “जय माँ वैभव लक्ष्मी महिला स्व-सहायता समूह” के बारे में जानकारी मिली। समूह की गतिविधियों और महिलाओं को मिल रहे आर्थिक अवसरों को देखकर उन्होंने समूह से जुड़ने का निर्णय लिया। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने नियमित बचत करना शुरू किया और आजीविका गतिविधियों के लिए उन्हें विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आर्थिक सहायता भी मिली। समूह को चक्रीय निधि के रूप में 4 हजार रुपये तथा सामुदायिक निवेश कोष के रूप में 15 हजार रुपये की सहायता प्राप्त हुई। इसके अलावा बैंक से 1 लाख ऋण सुविधा मिलने से उन्हें स्वयं का व्यवसाय शुरू करने का अवसर मिला।ज्योति वैष्णव ने प्राप्त राशि का उपयोग करते हुए दोना-पत्तल निर्माण और किराना दुकान का कार्य शुरू किया। आज दोना-पत्तल निर्माण उनका प्रमुख व्यवसाय बन चुका है। धीरे-धीरे उनका व्यवसाय बढ़ने लगा और गांव के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में भी उनके उत्पादों की मांग बढ़ गई। मेहनत और लगन के बल पर उन्होंने अपने व्यवसाय को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया। समूह से जुड़ने से पहले उनके परिवार की आय सीमित थी, लेकिन आज उनके परिवार की वार्षिक आय में वृद्धि हुई है। खेती, दोना-पत्तल निर्माण, किराना दुकान और मजदूरी जैसे विभिन्न स्रोतों से उनकी कुल वार्षिक आय लगभग 1 लाख 35 हजार रुपये तक पहुंच गई है। ज्योति वैष्णव बताती हैं कि स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है। अब उन्हें अपने व्यवसाय के साथ-साथ परिवार का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। आत्मविश्वास बढ़ा है और गांव में उन्हें सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है। आज श्रीमती ज्योति वैष्णव न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई हैं।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी श्री रामजीवन देवांगन ने आज माना कैम्प, रायपुर स्थित कार्यालय में राज्य आयुक्त दिव्यांगजन, छत्तीसगढ़ के पद का कार्यभार ग्रहण किया।श्री देवांगन न्यायिक क्षेत्र में लंबे समय तक विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं और उन्हें प्रशासनिक तथा न्यायिक कार्यों का व्यापक अनुभव है। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने न्यायिक दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करते हुए न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।कार्यभार ग्रहण करने के पश्चात श्री देवांगन ने कहा कि राज्य में दिव्यांगजनों के अधिकारों की सुरक्षा, सम्मान और उन्हें समान अवसर उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा तथा दिव्यांगजनों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाएगा।उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से संबंधित योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए राज्य आयुक्त कार्यालय सक्रिय रूप से कार्य करेगा। साथ ही दिव्यांगजनों से प्राप्त शिकायतों और समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए भी विशेष पहल की जाएगी।कार्यभार ग्रहण करने के पश्चात श्री देवांगन ने छत्तीसगढ़ शासन के समाज कल्याण विभाग के सचिव श्री भुवनेश यादव तथा संचालक समाज कल्याण श्रीमती रोक्तिमा यादव से भेंट कर दिव्यांगजन हित से संबंधित योजनाओं और विभागीय गतिविधियों पर चर्चा की। इस अवसर पर कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके नेतृत्व में दिव्यांगजन हित से जुड़े कार्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने का विश्वास व्यक्त किया।
- -चिकित्सक संगठन एवं मेडिकल छात्राओं ने मुख्यमंत्री का सम्मान कर जताया आभार-छत्तीसगढ़ को मिली डीएम कार्डियोलॉजिस्ट की 2 सीट, लोगों को मिलेगा बेहतर इलाज का लाभ--चिकित्सक संगठन एवं मेडिकल छात्राओं ने मुख्यमंत्री का सम्मान कर जताया आभाररायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में चिकित्सक संगठन एवं मेडिकल छात्राओं ने सौजन्य मुलाकात की और प्रदेश को डीएम कार्डियोलॉजिस्ट की 2 सीट मिलने पर उनका आभार व्यक्त किया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में हमारी सरकार लगातार प्राथमिकता के साथ बेहतर कार्य कर रही है, ताकि प्रदेशवासियों को सहज और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य केंद्रों में बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि एक समय प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज हुआ करता था, जिसमें लगभग 100 से 150 सीटें थीं। आज प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर 14 मेडिकल कॉलेज स्थापित हो चुके हैं, जिनमें लगभग 1400 सीटें उपलब्ध हैं। इसके साथ ही फिजियोथेरेपी, नर्सिंग सहित अन्य उच्च शैक्षणिक संस्थान भी स्थापित हुए हैं, जिनका लाभ प्रदेश के विद्यार्थियों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में मेडिको सिटी की स्थापना की जा रही है, जहां बड़े-बड़े सुपरस्पेशलिटी अस्पताल स्थापित किए जाएंगे, जिससे प्रदेश के लोगों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ को डीएम कार्डियोलॉजिस्ट की 2 सीट प्रदान किए जाने पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा के प्रति भी आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर श्री तुलसी कौशिक, डॉ. देवेंद्र कश्यप सहित जूडो और मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
- -प्रशिक्षु अधिकारियों ने जल, मृदा संरक्षण और वन प्रबंधन का लिया प्रशिक्षणरायपुर। छत्तीसगढ़ के जंगलों में भारतीय वन सेवा (IFS) के वर्ष 2025-26 बैच के 133 प्रशिक्षु अधिकारियों ने मृदा संरक्षण, जल संरक्षण, वन प्रबंधन तथा लघु वनोपज के उत्पादन, प्रसंस्करण से जुड़ी तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त किया। यह चार दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।वन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव के सहयोग तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) श्री अरुण कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में आयोजित इस प्रशिक्षण में अधिकारियों को छत्तीसगढ़ की वन प्रबंधन प्रणाली और जल संरक्षण कार्यों का व्यावहारिक अध्ययन कराया गया।इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी, देहरादून से आए प्रशिक्षु अधिकारियों ने 8 से 15 मार्च 2026 तक धमतरी वनमंडल के विभिन्न क्षेत्रों में फील्ड प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने पम्पारनाला, कांसानाला और साजापानी नाला जैसे क्षेत्रों में मृदा एवं जल संरक्षण तथा वाटरशेड प्रबंधन से जुड़े कार्यों का अध्ययन किया। प्रशिक्षण के अंतिम चरण में अधिकारियों को वैज्ञानिक पद्धति से वृक्षों के सीमांकन, मार्किंग और कटाई की तकनीकी प्रक्रिया से अवगत कराया गया। साथ ही यह भी बताया गया कि किस प्रकार इमारती लकड़ी तैयार कर ई-ऑक्शन के माध्यम से शासन को अधिकतम राजस्व प्राप्त किया जा सकता है।मैदानी प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों ने दुगली स्थित वन धन विकास केंद्र का भी अवलोकन किया। यहां उन्होंने हर्रा, बहेड़ा और अश्वगंधा जैसे लघु वनोपजों से उत्पाद बनाने की प्रक्रिया देखी। अधिकारियों को यह भी बताया गया कि स्थानीय महिला स्व-सहायता समूह किस प्रकार जड़ी-बूटियों का सतत उपयोग कर आजीविका के अवसर बढ़ा रहे हैं और वनों के संरक्षण में योगदान दे रहे हैं।धमतरी वनमंडल के डीएफओ श्री जाधव श्रीकृष्ण ने प्रशिक्षु अधिकारियों को वन प्रबंधन, प्रशासनिक कार्यों तथा लघु वनोपज प्रसंस्करण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। प्रशिक्षण के सफल आयोजन में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) श्री अरुण कुमार पाण्डेय, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्रीमती शालिनी रैना, मुख्य वन संरक्षक रायपुर वृत्त श्री मणिवासगन एस., मुख्य वन संरक्षक दुर्ग वृत्त श्रीमती एम. मर्सीबेला सहित विभिन्न वनमंडलों के अधिकारियों ने मार्गदर्शन प्रदान किया।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल संचालन में संयुक्त वनमंडलाधिकारी, वन परिक्षेत्र अधिकारी, पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, एनआरएम इंजीनियर्स तथा वन विभाग के फील्ड स्टाफ ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया। विभाग द्वारा सभी सहयोगी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
- -खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव ने नेशनल ट्राइबल गेम्स की तैयारियों की समीक्षा की-आयोजन की व्यवस्थाओं में लगे विभागों को दिए आवश्यक निर्देश, समय से पहले कर लें सभी इंतजाम-छत्तीसगढ़ की संस्कृति और पर्यटन स्थलों से भी रू-ब-रू होंगे देशभर के खिलाड़ी व अधिकारी-30 राज्यों के 2500 खिलाड़ी, प्रशिक्षक एवं अधिकारी होंगे शामिलरायपुर ।खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार ने छत्तीसगढ़ की मेजबानी में देश में पहली बार हो रहे खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने आज रायपुर के साइंस कॉलेज परिसर स्थित खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संचालनालय में आयोजित बैठक में आयोजन की व्यवस्थाओं में लगे विभिन्न विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने पर्याप्त समय रहते सभी इंतजाम पुख्ता रूप से सुनिश्चित करने को कहा।खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार ने बैठक में कहा कि खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स राष्ट्रीय महत्व और छत्तीसगढ़ की प्रतिष्ठा से जुड़ा आयोजन है। इससे संबंधित सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त, पुख्ता एवं चौक-चौबंद होने चाहिए। उन्होंने सभी विभागों को कार्यों में तेजी लाते हुए पर्याप्त समय रहते सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आयोजन के लिए चिन्हांकित सभी खेल स्थलों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार करने को कहा।विभागीय सचिव श्री कुमार ने खेल मैदानों, खिलाड़ियों के ठहरने की जगहों, विमानतल और रेल्वे स्टेशन पर पर्याप्त संख्या में स्टॉफ तैनात करने के निर्देश दिए, ताकि आयोजन में भाग लेने पहुंचने वाले खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं अधिकारियों को किसी भी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के अधिकारियों को ट्राइबल गेम्स में हिस्सेदारी के लिए विभिन्न राज्यों से छत्तीसगढ़ आने वाले प्रतिभागियों को यहां की संस्कृति, पुरातत्व एवं कला की जानकारी देने के साथ ही पर्यटन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं करने को कहा। श्री कुमार ने आयोजन में विभिन्न भाषाओं वाले राज्यों की भागीदारी को देखते हुए उन भाषाओं के जानकार अधिकारियों-कर्मचारियों की पर्याप्त संख्या में ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती तनूजा सलाम और उप संचालक श्रीमती रश्मि ठाकुर सहित रायपुर जिला प्रशासन, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, अनुसूचित जनजाति विकास विभाग, परिवहन, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, संस्कृति, पर्यटन, जनसंपर्क, स्वास्थ्य विभाग, आकाशवाणी और दूरदर्शन के अधिकारी बैठक में मौजूद थे। अंबिकापुर और जगदलपुर के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से बैठक में शामिल हुए।छत्तीसगढ़ की मेजबानी में रायपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर में 25 मार्च से 3 अप्रैल तक नेशनल ट्राइबल गेम्स की 7 खेलों की प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इसमें दो अन्य खेलों, कबड्डी और मलखंब को डेमो के रूप में शामिल किया गया है। हॉकी, फुटबॉल, तैराकी, वेटलिफ्टिंग और तीरंदाजी की स्पर्धाएं रायपुर में होंगी। वहीं जगदलपुर में एथलेटिक्स और अंबिकापुर में कुश्ती की प्रतियोगिताएं होंगी। डेमो खेलों में कबड्डी का रायपुर में और मलखंब का प्रदर्शन अंबिकापुर में किया जाएगा। देश में पहली बार हो रहे खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स में 30 राज्यों के 2500 खिलाड़ी, प्रशिक्षक एवं अधिकारी शामिल होंगे।
- -सिंधी समाज का इतिहास पुरुषार्थ, साहस और आत्मसम्मान का प्रतीक : मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर स्थित बीटीआई मैदान में छत्तीसगढ़ सिंधी सेवा महापंचायत द्वारा आयोजित ‘चन्ड्र जी रात, सिंधिन जो मेलो – आनंद मेलो’ में शामिल हुए।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सिंधी समाज का इतिहास पुरुषार्थ और साहस का इतिहास है। विभाजन की विभीषिका की पीड़ा सबसे अधिक सिंधी समाज ने झेली। उस कठिन समय में आपके पूर्वजों ने अपनी संपत्ति छोड़ी, अपना घर छोड़ा, लेकिन अपना आत्मसम्मान और परिश्रम करने का स्वभाव कभी नहीं छोड़ा। शून्य से शिखर तक कैसे पहुँचा जाता है, यह सिंधी समाज ने आज पूरी दुनिया को सिखाया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की तरक्की में सिंधी समाज की प्रमुख भूमिका रही है। चाहे वह चेंबर ऑफ कॉमर्स हो या प्रदेश का छोटा-बड़ा व्यापार, आपकी मेहनत से राज्य की अर्थव्यवस्था को गति मिलती है। आप केवल व्यापार ही नहीं करते, बल्कि हजारों लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराते हैं।भविष्य में हमने विकसित छत्तीसगढ़ 2047 का जो सपना देखा है, उसमें सिंधी समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहेगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने लगभग ढाई वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की गारंटी के तहत किए गए अधिकांश वादों को पूरा कर लिया है और लगातार इस दिशा में कार्य कर रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज बी.टी.आई. ग्राउंड में जो उत्साह दिखाई दे रहा है, वह बताता है कि सिंधी समाज अपनी जड़ों से कितना गहराई से जुड़ा हुआ है। ‘सिंधियत जो मेलो’ जैसे आयोजन हमारी नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, खान-पान और सिंधी भाषा से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अभी कुछ दिन पहले ही उन्हें पवित्र शदाणी दरबार में संतों का आशीर्वाद लेने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। वहाँ जो स्नेह और आत्मीयता उन्हें मिली, वही अपनापन आज यहाँ भी महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा कि सिंधी समाज की यही एकजुटता उसकी सबसे बड़ी ताकत है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सभी प्रदेशवासियों को चेट्रीचंड्र पर्व की अग्रिम बधाई और शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर मुख्य मंच से सिंधु दर्शन यात्रा का भी विमोचन किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ सिंधी सेवा महापंचायत को इस शानदार आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, धमतरी महापौर श्री रामू रोहरा, छत्तीसगढ़ सिंधी सेवा महापंचायत अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, श्रीचंद सुंदरानी सहित सिंधी समाज के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
- छत्तीसगढ़ को मिली डीएम कार्डियोलॉजिस्ट की 2 सीट, लोगों को मिलेगा बेहतर इलाज का लाभचिकित्सक संगठन एवं मेडिकल छात्राओं ने मुख्यमंत्री का सम्मान कर जताया आभाररायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में चिकित्सक संगठन एवं मेडिकल छात्राओं ने सौजन्य मुलाकात की और प्रदेश को डीएम कार्डियोलॉजिस्ट की 2 सीट मिलने पर उनका आभार व्यक्त किया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में हमारी सरकार लगातार प्राथमिकता के साथ बेहतर कार्य कर रही है, ताकि प्रदेशवासियों को सहज और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य केंद्रों में बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि एक समय प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज हुआ करता था, जिसमें लगभग 100 से 150 सीटें थीं। आज प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर 14 मेडिकल कॉलेज स्थापित हो चुके हैं, जिनमें लगभग 1400 सीटें उपलब्ध हैं। इसके साथ ही फिजियोथेरेपी, नर्सिंग सहित अन्य उच्च शैक्षणिक संस्थान भी स्थापित हुए हैं, जिनका लाभ प्रदेश के विद्यार्थियों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में मेडिको सिटी की स्थापना की जा रही है, जहां बड़े-बड़े सुपरस्पेशलिटी अस्पताल स्थापित किए जाएंगे, जिससे प्रदेश के लोगों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ को डीएम कार्डियोलॉजिस्ट की 2 सीट प्रदान किए जाने पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा के प्रति भी आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर श्री तुलसी कौशिक, डॉ. देवेंद्र कश्यप सहित जूडो और मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ओडिशा के कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा केयर आईसीयू में आग लगने की दुर्घटना में हुई जनहानि पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक और हृदयविदारक बताया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुखद घड़ी में छत्तीसगढ़ की जनता उनके साथ खड़ी है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।मुख्यमंत्री श्री साय ने महाप्रभु जगन्नाथ स्वामी से प्रार्थना करते हुए कहा कि वे दिवंगत पुण्यात्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवारों को इस कठिन समय को सहने की शक्ति प्रदान करें।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर स्थित जगन्नाथ मंदिर पहुँचकर भगवान जगन्नाथ महाप्रभु की भव्य महाआरती में शामिल हुए और विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, समृद्धि, शांति और निरंतर प्रगति की मंगलकामना की। इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि और श्रद्धालुजन उपस्थित थे।
- सिंधी समाज का इतिहास पुरुषार्थ, साहस और आत्मसम्मान का प्रतीक : मुख्यमंत्रीरायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर स्थित बीटीआई मैदान में छत्तीसगढ़ सिंधी सेवा महापंचायत द्वारा आयोजित ‘चन्ड्र जी रात, सिंधिन जो मेलो – आनंद मेलो’ में शामिल हुए।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सिंधी समाज का इतिहास पुरुषार्थ और साहस का इतिहास है। विभाजन की विभीषिका की पीड़ा सबसे अधिक सिंधी समाज ने झेली। उस कठिन समय में आपके पूर्वजों ने अपनी संपत्ति छोड़ी, अपना घर छोड़ा, लेकिन अपना आत्मसम्मान और परिश्रम करने का स्वभाव कभी नहीं छोड़ा। शून्य से शिखर तक कैसे पहुँचा जाता है, यह सिंधी समाज ने आज पूरी दुनिया को सिखाया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की तरक्की में सिंधी समाज की प्रमुख भूमिका रही है। चाहे वह चेंबर ऑफ कॉमर्स हो या प्रदेश का छोटा-बड़ा व्यापार, आपकी मेहनत से राज्य की अर्थव्यवस्था को गति मिलती है। आप केवल व्यापार ही नहीं करते, बल्कि हजारों लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराते हैं।भविष्य में हमने विकसित छत्तीसगढ़ 2047 का जो सपना देखा है, उसमें सिंधी समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहेगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने लगभग ढाई वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की गारंटी के तहत किए गए अधिकांश वादों को पूरा कर लिया है और लगातार इस दिशा में कार्य कर रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज बी.टी.आई. ग्राउंड में जो उत्साह दिखाई दे रहा है, वह बताता है कि सिंधी समाज अपनी जड़ों से कितना गहराई से जुड़ा हुआ है। ‘सिंधियत जो मेलो’ जैसे आयोजन हमारी नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, खान-पान और सिंधी भाषा से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अभी कुछ दिन पहले ही उन्हें पवित्र शदाणी दरबार में संतों का आशीर्वाद लेने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। वहाँ जो स्नेह और आत्मीयता उन्हें मिली, वही अपनापन आज यहाँ भी महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा कि सिंधी समाज की यही एकजुटता उसकी सबसे बड़ी ताकत है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सभी प्रदेशवासियों को चेट्रीचंड्र पर्व की अग्रिम बधाई और शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर मुख्य मंच से सिंधु दर्शन यात्रा का भी विमोचन किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ सिंधी सेवा महापंचायत को इस शानदार आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, धमतरी महापौर श्री रामू रोहरा, छत्तीसगढ़ सिंधी सेवा महापंचायत अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, श्रीचंद सुंदरानी सहित सिंधी समाज के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
- छत्तीसगढ़ को मिली डीएम कार्डियोलॉजिस्ट की 2 सीट, लोगों को मिलेगा बेहतर इलाज का लाभचिकित्सक संगठन एवं मेडिकल छात्राओं ने मुख्यमंत्री का सम्मान कर जताया आभाररायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में चिकित्सक संगठन एवं मेडिकल छात्राओं ने सौजन्य मुलाकात की और प्रदेश को डीएम कार्डियोलॉजिस्ट की 2 सीट मिलने पर उनका आभार व्यक्त किया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में हमारी सरकार लगातार प्राथमिकता के साथ बेहतर कार्य कर रही है, ताकि प्रदेशवासियों को सहज और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य केंद्रों में बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि एक समय प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज हुआ करता था, जिसमें लगभग 100 से 150 सीटें थीं। आज प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर 14 मेडिकल कॉलेज स्थापित हो चुके हैं, जिनमें लगभग 1400 सीटें उपलब्ध हैं। इसके साथ ही फिजियोथेरेपी, नर्सिंग सहित अन्य उच्च शैक्षणिक संस्थान भी स्थापित हुए हैं, जिनका लाभ प्रदेश के विद्यार्थियों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में मेडिको सिटी की स्थापना की जा रही है, जहां बड़े-बड़े सुपरस्पेशलिटी अस्पताल स्थापित किए जाएंगे, जिससे प्रदेश के लोगों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ को डीएम कार्डियोलॉजिस्ट की 2 सीट प्रदान किए जाने पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा के प्रति भी आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर श्री तुलसी कौशिक, डॉ. देवेंद्र कश्यप सहित जूडो और मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
- रायपुर /छत्तीसगढ़ में कान्यकुब्ज ब्राह्मण समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है और यह समाज प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के आशीर्वाद भवन में आयोजित कान्यकुब्ज शिक्षा मंडल के होली मिलन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को एक सूत्र में जोड़ने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं से जोड़ने का अवसर प्रदान करते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले लोगों को सम्मानित भी किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश में गोधन संरक्षण और गौसेवा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसी कड़ी में राज्य में गौधाम योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत प्रदेश के सभी जिलों में चरणबद्ध रूप से गौधाम स्थापित किए जाएंगे, जहां बेसहारा और घुमंतू गौवंश को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया जाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में शासकीय भूमि पर स्थापित सभी गौधाम अब “सुरभि गौधाम” के नाम से जाने जाएंगे। इन गौधामों में पशुपालन, हरा चारा उत्पादन तथा गोबर से उपयोगी उत्पाद तैयार करने से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे, जिससे स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का प्रभु श्रीराम से विशेष संबंध है। छत्तीसगढ़ माता कौशल्या का मायका और प्रभु श्रीराम का ननिहाल है। उन्होंने कहा कि श्री रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक 42 हजार से अधिक रामभक्तों को अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दर्शन कराए जा चुके हैं। वहीं मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के अंतर्गत बुजुर्गों को विभिन्न तीर्थस्थलों का दर्शन कराया गया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा “बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026” की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत 28 लाख 42 हजार उपभोक्ताओं को 757 करोड़ रुपये से अधिक की राहत मिलेगी। योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ता मोर बिजली ऐप के माध्यम से पंजीयन कर सकते हैं। इसके लिए राज्यभर में समाधान शिविरों का आयोजन भी किया जाएगा।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला तथा कान्यकुब्ज सभा शिक्षा मंडल के पदाधिकारियों सहित सभी आयोजकों को आयोजन के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, कान्यकुब्ज सभा-शिक्षा मंडल के अध्यक्ष श्री सुरेश मिश्रा, पत्रकार शिरीष मिश्रा, राजेश मिश्रा अरविन्द अवस्थी, मोहन तिवारी, गौरव शर्मा सहित बड़ी संख्या में कान्यकुब्ज समाज के गणमान्यजन उपस्थित थे।
- -पुरोधा पत्रकार स्व. रमेश नैयरजी, स्व. सत्येन्द्र गुमास्ता जी, स्व. देवेन्द्र कर जी और स्व. योगेश यदु जी के नाम से होंगे इंडोर गेम्स-स्व. कुलदीप निगम के नाम से हुई थी इंटरप्रेस क्रिकेट स्पर्धा- प्रेस क्लब खेल मंडई-1रायपुर। रायपुर प्रेस क्लब खेल मंडई - क्रिकेट स्पर्धा का आगाज जहां वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय कुलदीप निगम की स्मृति से हुआ, वहीं अब इंडोर गेम्स भी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में अपनी निडर, निष्पक्ष और अनुकरणीय पत्रकारिता से अमिट छाप छोडऩे वाले पुरोधा पत्रकारों को समर्पित किए जा रहे हैं। इस बार स्व. रमेश नैयरजी , स्व. सत्येन्द्र गुमास्ताजी, स्व. देवेन्द्र कर जी और स्व. योगेश यदु जी के नाम से इंडोर गेम्स की स्पर्धाएं होंगी।खेल मंडई 2- के अंतर्गत कैरम, टेबल टेनिस, बैडमिंटन और शतरंज के मुकाबले होंगे। प्रतियोगिताएं एकल एवं युगल वर्ग में कराई जाएंगी।आगामी प्रतियोगिता की तैयारियों को लेकर रविवार को रायपुर प्रेस क्लब की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी और खेल समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें आयोजन की रूपरेखा, नियमों और व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी ने बताया कि खेल मंडई 2 को लेकर भी प्रेस क्लब के सदस्यों में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। अब तक विभिन्न स्पर्धाओं में भाग लेने के लिए सौ से अधिक प्रतिभागी आवेदन कर चुके हैं, जिससे इस बार प्रतियोगिता के और भी रोचक होने की उम्मीद है।मोहन तिवारी ने बताया कि इस बार1. कैरम स्पर्धा (एकल एवं युगल) स्व. रमेश नैयर की स्मृति में होगी।2. टेबल टेनिस स्पर्धा (एकल एवं युगल) स्व. सत्येंद्र गुमास्ता की स्मृति में आयोजित की जाएगी।3. बैडमिंटन स्पर्धा (एकल एवं युगल) - स्व. देवेंद्र कर की स्मृति में आयोजित होगी।4. शतरंज स्पर्धा स्व. योगेश यदु को समर्पित रहेगी।आज की बैठक में प्रतियोगिता के नियमों पर भी चर्चा की गई। तय किया गया कि सभी स्पर्धाओं में केवल रायपुर प्रेस क्लब के सदस्य ही भाग ले सकेंगे। प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले सभी प्रतिभागियों को प्रेस क्लब की ओर से प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। वहीं प्रतियोगिता के विजेताओं के लिए आकर्षक पुरस्कार राशि एवं ट्रॉफी भी प्रदान की जाएगी।प्रतिभागियों की संख्या अधिक होने के कारण स्पर्धाएं निर्धारित समय पर ही प्रारंभ की जाएंगी। निर्धारित समय के 10 मिनट तक प्रतिभागी के उपस्थित नहीं होने पर विरोधी खिलाड़ी को वॉकओवर दिया जाएगा। सभी मुकाबले निर्धारित खेल नियमों के अनुसार होंगे तथा किसी भी विवाद की स्थिति में निर्णायक एवं प्रेस क्लब कार्यकारिणी का निर्णय अंतिम माना जाएगा।बैठक में रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव भूपेश जांगड़े, खेल समिति के संयोजक विजय मिश्रा, सह संयोजक शंकर चंद्राकर सहित खेल समिति के सदस्य कमलेश गोगिया, दिनेश कुमार, राजेंद्र निगम, संतोष साहू, पी. रामाराव नायडू, लविंदर पाल सिंह, तिलक साहू, स्टार जैन, लक्ष्मण लेखवानी और हेमंत डोंगरे उपस्थित रहे।
- महिला दिवस और होली मिलन समारोह आयोजित-टी सहदेवभिलाई नगर। तालपुरी महिला समिति के तत्वावधान में रविवार को क्लब हाउस में विश्व महिला दिवस और होली मिलन समारोह का रंगारंग आयोजन किया गया। जिसमें महिलाओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अलावा हाउजी का भरपूर लुत्फ लिया। सबसे खास आकर्षण लघु नाटिका थी, जिसमें महिलाओं ने मातृ शक्ति के विविध रूपों को भाव-भंगिमाओं के जरिये खूबसूरती से अभिनीत किया। इसकी सूत्रधार मनोरमा सिंह थी तथा आशा जानी ने नेपथ्य से आवाज देकर इसे जीवंत बनाया। वहीं होली गाने की धुन पर महिलाओं ने नृत्य के माध्यम से जमकर धमाल मचाया।मातृ शक्ति के विविध रूप प्रदर्शितलघु नाटिका में माला यादव ने नन्हें शिशुओं की भाग्य विधात्री माता, सरला श्रीवास्तव ने माता लक्ष्मी, रेखा मालवीय ने देवी पार्वती, सुशीला सूर्यवंशी ने देवी सरस्वती, कृतिका साव ने माता अनुसूया, भावना राव ने माता शबरी, ममता शुक्ला ने मां गंगा तथा सरोज तिवारी ने आधुनिकता, कैरियर और परिवार के बीच बेहतरीन तालमेल बिठाने वाली आज की नारी की भूमिका निभाई। नाटिका के अंत में सभी देवियों ने मिलकर आधुनिक माता को आशीर्वाद दिया। इनके अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करने वाली महिलाओं में नीतू साहू, अनीता सिंह, ममता वर्मा, विजया राव तथा लीना जांगड़े भी शामिल हैं।राष्ट्र निर्माण में नारी की अहम भूमिकाइससे पहले समिति की आध्यक्ष एवं अधिवक्ता रेखा सिंह और पदाधिकारियों ने दीप प्रज्वलन कर समारोह की विधिवत शुरुआत की। रेखा सिंह ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि नारी शब्द मात्र नहीं है, वह शक्ति, सम्मान, त्याग और प्रेम की प्रतिमूर्ति है। यदि आप अपने बच्चों का लालन-पालन, तालीम-तीमारदारी बेहतरीन ढंग से कर रही हैं, तो इसका अर्थ है आप राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभा रही हैं। इस समिति का उद्देश्य महिलाओं को ऐसा मंच प्रदान करना है, जहां वे अपनी प्रतिभा, विचार और संस्कार व्यक्त कर सकें। इस मौके पर अध्यक्ष रेखा सिंह, उपाध्यक्ष महिमा धोबले, कोषाध्यक्ष धनेश्वरी शर्मा एवं कार्यकारिणी सदस्य श्यामली मुखर्जी सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।
- -जन्मजात विकृति से जूझ रहे बच्चे को मिला नया जीवनबिलासपु /छह महीने पहले जन्मे एक नन्हे बच्चे के चेहरे पर मुस्कान लाना उसके माता-पिता के लिए किसी सपने से कम नहीं था। जन्म से ही कटा-फटा होंठ और तालू (क्लैफ्ट लिप एवं पैलेट) की समस्या के कारण वह अपनी माँ का दूध भी ठीक से नहीं पी पा रहा था। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लिए यह चिंता और बेबसी का समय था। ऐसे में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की चिरायु टीम उनके लिए उम्मीद बनकर सामने आई और आज उसी बच्चे के चेहरे पर सामान्य मुस्कान लौट आई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैय्या कराई जा रही है।लगभग छह माह पूर्व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सीपत में जन्मे इस बच्चे को जन्मजात विकृति के कारण स्तनपान करने में कठिनाई हो रही थी। आरबीएसके टीम ने बच्चे और उसके माता-पिता से लगातार संपर्क बनाए रखा और उन्हें इस बीमारी के उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दी। करीब छह महीनों तक टीम द्वारा बच्चे का नियमित फॉलो-अप लिया गया। इस दौरान उसके वजन, ऊँचाई और सामान्य स्वास्थ्य की जांच की जाती रही तथा आवश्यक दवाइयाँ भी उपलब्ध कराई गईं। टीम ने परिवार को भरोसा दिलाया कि ऑपरेशन के माध्यम से बच्चे का उपचार संभव है। बाद में आरबीएसके टीम के सहयोग से स्माइल ट्रेन संस्था के माध्यम से बिलासपुर के लाडिगर अस्पताल में बच्चे का ऑपरेशन कराया गया, जो सफल रहा। ऑपरेशन के बाद बच्चा स्वस्थ है और परिवार अपने बच्चे को सामान्य रूप से देखकर बेहद खुश है।राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत आरबीएसके मोबाइल हेल्थ टीम द्वारा स्कूलों, आंगनबाड़ियों, मदरसों और छात्रावासों में जाकर 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। प्रत्येक बच्चे का हेल्थ कार्ड बनाया जाता है, जिसमें उसकी पूरी स्वास्थ्य जानकारी दर्ज रहती है। कार्यक्रम के अंतर्गत सामान्य बीमारियों के लिए दवाइयाँ उपलब्ध कराई जाती हैं, जबकि जटिल बीमारियों वाले बच्चों को उच्च चिकित्सा केंद्र में रेफर कर उपचार कराया जाता है। इसके लिए चिरायु वाहन की सुविधा भी उपलब्ध है। छत्तीसगढ़ में वर्ष 2014 से संचालित यह कार्यक्रम “चिरायु” नाम से भी जाना जाता है। यह योजना बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। अपने बच्चे को स्वस्थ देखकर परिवार ने राहत की सांस ली है। माता-पिता का कहना है कि यदि समय पर चिरायु टीम का सहयोग नहीं मिलता तो उनके लिए इलाज कराना संभव नहीं था। आज उनके बच्चे के चेहरे पर लौटी मुस्कान ही उनके लिए सबसे बड़ी खुशी है।
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-महाराष्ट्र मंडल में महिला दिवस पर हुई स्पर्धा, डा. वंदना उप विजेता और श्रुति तीसरे स्थान पर
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित तात्कालिक भाषण स्पर्धा में तात्यापारा केंद्र की डॉ. रक्षा वैद्य विजेता घोषित की गईं। डॉ. रक्षा ने कहा एक उद्यमी खुद को नहीं, बल्कि अन्य को आगे बढ़ाता है। उसका आत्मविश्वास कार्य के प्रति जीवटता उस पर आश्रित अन्य लोगों को रोजगार उपलब्ध कराता है। उद्यमी महिलाएं आर्थिक के साथ मानसिक रूप से भी मजबूत होती हैं।उप विजेता रोहिणीपुरम केंद्र की डॉ. वंदना काले और तीसरे स्थान पर बूढ़ापारा केंद्र की श्रुति करकशे रहीं। डा. वंदना ने कहा कि मंजिल उन्हीं को मिलती है, जो आत्मविश्वास से भरा हो। किसी भी कार्य को करने के लिए आत्मविश्वास का होना जरूरी है। कई बार लोगों को हमारे इस कान्फिडेंस में ओवर कान्फिडेंस नजर आता है। खुद कोई काम आत्मविश्वास के साथ करें और लोगों में आत्मविश्वास जगाएं भी। स्वयं सहायता समूह और महिलाओं का विकास विषय पर श्रुति करकशे ने कहा कि जब एक महिला सशक्त होती है, तो वह परिवार और समाज का विकास करती है। स्व. सहायता समूहों को सुदृढ़ बनाने के लिए हरसंभव मदद कर सकती है। इन समूहों के माध्यम से आगे बढ़ सकती है। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. अनुपमा आनंद जोशी ने तीनों विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर प्रोत्साहित किया और उनके प्रखर संभाषण की प्रशंसा की। तात्कालिक भाषा स्पर्धा में 10 केंद्रों की महिला प्रतिभागियों ने भाग लिया था।
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-कलेक्टर के निर्देश पर कांदूल में शासकीय भूमि से हटाया गया अवैध कब्जा
रायपुर ।कलेक्टर रायपुर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार एवं एसडीएम रायपुर श्री नंदकुमार चौबे के मार्गदर्शन में आज तहसील रायपुर अंतर्गत ग्राम कांदूल में शासकीय भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की गई।प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम कांदूल के खसरा नंबर 141/1 की शासकीय भूमि पर अवैध रूप से अतिक्रमण किया गया था। उक्त भूमि पर ग्राम कांदूल से मुरा तक सड़क निर्माण का प्रस्ताव है। प्रस्तावित सड़क के दोनों ओर किए गए अतिक्रमण को प्रशासन की टीम द्वारा बुलडोजर की सहायता से हटाया गया।प्रशासन ने बताया कि शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने तथा प्रस्तावित सड़क निर्माण कार्य को सुचारु रूप से आगे बढ़ाने के लिए यह कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान अतिरिक्त तहसीलदार रायपुर राकेश कुमार देवांगन, अनुविभागीय अधिकारी लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), हल्का पटवारी उमा प्रधान तथा ग्राम कोटवार सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। - -कांदूल, भाठागांव, डोमा और दतरेंगा में अवैध प्लाटिंग पर प्रशासन का प्रहाररायपुर । कलेक्टर रायपुर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश एवं एसडीएम रायपुर के मार्गदर्शन में आज तहसील रायपुर अंतर्गत विभिन्न ग्रामों में अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध कार्रवाई की गई। प्रशासन द्वारा बिना वैध अनुमति के की जा रही प्लाटिंग पर बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माणों को हटाया गया।ग्राम कांदूल में लगभग 2-2 एकड़ क्षेत्र में की गई अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई करते हुए निर्मित प्लिंथ को तोड़ा गया तथा बनाए गए अवैध रोड-रास्तों को काटा गया। इस दौरान अतिरिक्त तहसीलदार श्री राकेश कुमार देवांगन सहित अन्यहल्का पटवारी, कोटवार एवं नगर निगम की टीम मौजूद रही।इसी क्रम में ग्राम भाठागांव स्थित खसरा नंबर 940/1, 940/4 एवं 944/1 की लगभग 5 एकड़ भूमि में की जा रही अवैध प्लाटिंग पर भी कार्रवाई की गई। इस दौरान राजस्व विभाग की ओर से नायब तहसीलदार प्रवीण परमार, हल्का पटवारी, कोटवार एवं नगर निगम की टीम मौजूद रही।इसके अलावा ग्राम डोमा में एक एकड़ तथा ग्राम दतरेंगा में 3 एकड़ से अधिक भूमि में की जा रही अवैध प्लाटिंग पर भी प्रशासन द्वारा कार्रवाई की गई। इस दौरान तहसीलदार राममूर्ति दीवान, हल्का पटवारी एवं ग्राम कोटवार उपस्थित रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध इस प्रकार की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
- रायपुर । छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) रायपुर द्वारा सहायक मानचित्रकार (सिविल) के रिक्त पदों पर भर्ती हेतु लिखित परीक्षा का आयोजन आज जिले के 11 परीक्षा केंद्रों में किया गया। परीक्षा प्रथम पाली में सुबह 11:00 बजे से दोपहर 01:15 बजे तक आयोजित हुई।परीक्षा के लिए आवश्यक गोपनीय परीक्षा सामग्री का वितरण सुबह 09:00 बजे जिला कोषालय, कलेक्ट्रेट रायपुर से किया गया। परीक्षा में कुल 3728 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 1773 परीक्षार्थी उपस्थित हुए।परीक्षा समाप्ति के पश्चात सभी केंद्रों से गोपनीय परीक्षा सामग्री को समन्वयक केंद्र शासकीय नागार्जुन पी.जी. विज्ञान महाविद्यालय, जी.ई. रोड रायपुर में जमा कराया गया। इसके बाद समन्वयक केंद्र से संबंधित सामग्री को दोपहर 03:30 बजे जिला कोषालय, कलेक्ट्रेट रायपुर में सुरक्षित रूप से जमा किया गया। प्रशासनिक व्यवस्था एवं निगरानी के बीच परीक्षा का आयोजन शांतिपूर्ण एवं नियमों के अनुसार संपन्न हुआ।
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- मुख्यमंत्री श्री साय ने द ग्रेट इंडिया सैनिक स्कूल के छात्रों को दी बधाई और शुभकामनाएं
रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज शाम राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में द ग्रेट इंडिया सैनिक स्कूल रायपुर के छात्रों ने सौजन्य मुलाकात की।मुख्यमंत्री श्री साय ने छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की मिलिट्री पाइप बैंड प्रतियोगिता में तृतीय पुरस्कार प्राप्त करने पर बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि आपकी इस उपलब्धि से न केवल आपके विद्यालय, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। यह राज्य के लिए गर्व का विषय और एक बड़ी उपलब्धि है।इस अवसर पर स्कूल के संचालक श्री सिद्धार्थ सिंह, कमांडेंट (सेवानिवृत्त) कर्नल श्री आर.के. वर्मा सहित विद्यालय के अन्य शिक्षक एवं छात्र उपस्थित थे।उल्लेखनीय है कि प्रतिवर्ष शिक्षा मंत्रालय एवं रक्षा मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर मिलिट्री पाइप बैंड प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है, जिसमें देशभर के सैनिक स्कूल भाग लेते हैं। छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार द ग्रेट इंडिया सैनिक स्कूल, रायपुर ने इस प्रतियोगिता में राष्ट्रीय स्तर पर तृतीय स्थान प्राप्त किया है।यह प्रतियोगिता जिला स्तर से प्रारंभ होकर राज्य स्तरीय, जोन स्तरीय और राष्ट्रीय स्तर तक आयोजित की जाती है।छत्तीसगढ़ दक्षिण जोन का हिस्सा है, जिसमें केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों के सैनिक स्कूल शामिल होते हैं। - -पुरोधा पत्रकार स्व. रमेश नैयरजी, स्व. सत्येन्द्र गुमास्ता जी, स्व. देवेन्द्र कर जी और स्व. योगेश यदु जी के नाम से होंगे इंडोर गेम्सरायपुर। रायपुर प्रेस क्लब खेल मंडई - क्रिकेट स्पर्धा का आगाज जहां वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय कुलदीप निगम की स्मृति से हुआ, वहीं अब इंडोर गेम्स भी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ में अपनी निडर, निष्पक्ष और अनुकरणीय पत्रकारिता से अमिट छाप छोडऩे वाले पुरोधा पत्रकारों को समर्पित किए जा रहे हैं। इस बार स्व. रमेश नैयरजी , स्व. सत्येन्द्र गुमास्ताजी, स्व. देवेन्द्र कर जी और स्व. योगेश यदु जी के नाम से इंडोर गेम्स की स्पर्धाएं होंगी।खेल मंडई 2- के अंतर्गत कैरम, टेबल टेनिस, बैडमिंटन और शतरंज के मुकाबले होंगे। प्रतियोगिताएं एकल एवं युगल वर्ग में कराई जाएंगी।आगामी प्रतियोगिता की तैयारियों को लेकर रविवार को रायपुर प्रेस क्लब की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी और खेल समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें आयोजन की रूपरेखा, नियमों और व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी ने बताया कि खेल मंडई 2 को लेकर भी प्रेस क्लब के सदस्यों में गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। अब तक विभिन्न स्पर्धाओं में भाग लेने के लिए सौ से अधिक प्रतिभागी आवेदन कर चुके हैं, जिससे इस बार प्रतियोगिता के और भी रोचक होने की उम्मीद है।मोहन तिवारी ने बताया कि इस बार1. कैरम स्पर्धा (एकल एवं युगल) स्व. रमेश नैयर की स्मृति में होगी।2. टेबल टेनिस स्पर्धा (एकल एवं युगल) स्व. सत्येंद्र गुमास्ता की स्मृति में आयोजित की जाएगी।3. बैडमिंटन स्पर्धा (एकल एवं युगल) - स्व. देवेंद्र कर की स्मृति में आयोजित होगी।4. शतरंज स्पर्धा स्व. योगेश यदु को समर्पित रहेगी।आज की बैठक में प्रतियोगिता के नियमों पर भी चर्चा की गई। तय किया गया कि सभी स्पर्धाओं में केवल रायपुर प्रेस क्लब के सदस्य ही भाग ले सकेंगे। प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले सभी प्रतिभागियों को प्रेस क्लब की ओर से प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। वहीं प्रतियोगिता के विजेताओं के लिए आकर्षक पुरस्कार राशि एवं ट्रॉफी भी प्रदान की जाएगी।प्रतिभागियों की संख्या अधिक होने के कारण स्पर्धाएं निर्धारित समय पर ही प्रारंभ की जाएंगी। निर्धारित समय के 10 मिनट तक प्रतिभागी के उपस्थित नहीं होने पर विरोधी खिलाड़ी को वॉकओवर दिया जाएगा। सभी मुकाबले निर्धारित खेल नियमों के अनुसार होंगे तथा किसी भी विवाद की स्थिति में निर्णायक एवं प्रेस क्लब कार्यकारिणी का निर्णय अंतिम माना जाएगा।बैठक में रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव भूपेश जांगड़े, खेल समिति के संयोजक विजय मिश्रा, सह संयोजक शंकर चंद्राकर सहित खेल समिति के सदस्य कमलेश गोगिया, दिनेश कुमार, राजेंद्र निगम, संतोष साहू, पी. रामाराव नायडू, लविंदर पाल सिंह, तिलक साहू, स्टार जैन, लक्ष्मण लेखवानी और हेमंत डोंगरे उपस्थित रहे।























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