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- -समुचित वित्तीय प्रबंधन के लिए हमारी सरकार दृढ़ संकल्पित : वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी-जीएसटी 2.0 से आम जनता को राहत, कर राजस्व में भी रिकॉर्ड वृद्धि-पंजीयन विभाग में बड़े सुधार, रजिस्ट्री प्रक्रिया हुई सरल और पारदर्शीरायपुर / छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु 11 हजार 470 करोड़ 62 लाख 50 हजार रुपए की अनुदान मांगें पारित कर दी गईं। इनमें वित्त विभाग के लिए 9 हजार 630 करोड़ 30 लाख 20 हजार रुपए, आवास एवं पर्यावरण विभाग के लिए 01 हजार 247 करोड़ रुपए, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के लिए 82 करोड़ 49 लाख 60 हजार रुपए तथा वाणिज्यिक कर विभाग के लिए 510 करोड़ 82 लाख 70 हजार रुपए शामिल हैं।अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता, तकनीकी सुधार और समावेशी विकास के माध्यम से राज्य को मजबूत आर्थिक आधार देना है।आवास, पर्यावरण और नवा रायपुर के विकास पर सरकार का फोकसछत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में आवास एवं पर्यावरण विभाग की मांगों पर चर्चा के दौरान मंत्री श्री ओपी चौधरी ने विभागीय उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज के विकास की मजबूत नींव सुरक्षित और सम्मानजनक आवास पर टिकी होती है, इसलिए राज्य सरकार नागरिकों को बेहतर आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के समय गृह निर्माण मंडल की 442 करोड़ रुपये की 3219 संपत्तियां लंबे समय से अविक्रित थीं और मंडल पर शासकीय कॉलोनी निर्माण के लिए 735 करोड़ रुपये का ऋण था। राज्य शासन ने ऋण के एकमुश्त भुगतान के लिए बजट में व्यवस्था कर मंडल की वित्तीय स्थिति में सुधार किया।मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि लंबे समय से अविक्रित संपत्तियों के विक्रय के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना लागू की गई है। इसके तहत अब तक 1410 संपत्तियों का लगभग 210 करोड़ रुपये में विक्रय किया जा चुका है। भविष्य की परियोजनाओं के लिए मंडल ने मांग आधारित निर्माण प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत पर्याप्त बुकिंग मिलने के बाद ही नए आवासों का निर्माण शुरू किया जाएगा।मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल का उद्देश्य केवल मकान बनाना नहीं है, बल्कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित, सम्मानजनक और सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराना है। मंडल द्वारा बेहतर वित्तीय स्थिति में आने उपरांत प्रदेश भर में नवीन प्रोजेक्ट प्रारंभ किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि विगत दो वर्षों में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मण्डल द्वारा प्रदेश के 33 में से 27 जिलों में 3069 करोड़ के 78 नवीन प्रोजेक्ट की लॉचिंग की गई है जिसके अंतर्गत 16782 नवीन प्रापर्टी निर्माण का लक्ष्य है। जल्द ही मंडल द्वारा शेष जिलों में भी नवीन प्रोजेक्ट प्रारंभ किया जावेगा। मंडल के इस प्रयास को जनता का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। बुकिंग प्रारंभ करने के लिए राज्य स्तरीय आवास मेला का आयोजन नवम्बर 2025 में किया गया, जिस दौरान 305 करोड़ की 1477 संपत्ति की बुकिंग केवल तीन दिनों में प्राप्त हुई।पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए गए प्रयासों की जानकारी देते हुए मंत्री श्री ओपी चौधरी ने बताया कि विगत दोे वर्ष में पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। परिवहन के दौरान कच्चे माल, फ्लाई ऐश एवं अन्य ठोस अपशिष्ट के उड़ने एवं गिरने से होने वाले प्रदूषण की रोकथाम के लिये छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा मानक संचालन प्रक्रिया (एस.ओ.पी.) जारी किया गया है, जिसमें फ्लाई ऐश के समुचित प्रकार से ढककर परिवहन किये जाने का प्रावधान है। उक्त एस.ओ.पी. 01 अगस्त 2024 से प्रभावशील है। एस.ओ.पी. के उल्लंघन की लगातार मानिटरिंग की जा रही है तथा उल्लंघन की स्थिति में पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित की जाती है।उद्योगों द्वारा जनित फ्लाई ऐश के निष्पादन के मानिटरिंग हेतु जी.पी.एस. तथा जियोटैगिंग के साथ फ्लाई ऐश के परिवहन/भू-भराव की मानिटरिंग हेतु इण्डस्ट्रीयल वेस्ट मैनेजमेंट एण्ड मानिटरिंग सिस्टम (आई.डब्ल्यू.एम.एम.एस.) विकसित किया गया है। आई.डब्ल्यू.एम.एम.एस. प्रारंभ होने के पश्चात् प्रदेश में कुल 1 लाख 44 हजार 291 ट्रीप की गई है।छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा राज्य में स्थापित होने वाले उत्सर्जन और प्रदूषण की रियल-टाईम निगरानी करना और पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से CG Nigrani पोर्टल विकसित किया गया है। इस पोर्टल पर कुल 124 उद्योगों को इस सिस्टम से जोड़ा गया है। इन उद्योगों में IoT आधारित डिवाइस लगाये गये हैं, जो Continuous Emission Monitoring System (CEMS), Effluent Quality Monitoring Systems और Continuous Ambient Air Quality Monitoring System के माध्यम से डेटा एकत्रित करते हैं। यह सिस्टम 17 प्रकार के अत्यधिक प्रदूषणकारी उद्योगों में स्थापित किया गया है।मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि CG Nigrani सिस्टम की मदद से उद्योगों के उत्सर्जन और प्रदूषण के स्तर की लगातार ऑनलाईन निगरानी प्रारंभ की गई है। यदि किसी उद्योग का उत्सर्जन निर्धारित अनुमेय सीमा (Permissible Limit) से अधिक हो जाता है तो यह सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी करता है। इसके अलावा यदि प्रदूषण मानकों का उल्लंघन होता है तो इस सिस्टम के माध्यम से उद्योगों को नोटिस जारी किया जाता है। उन्होंने कहा कि हमारा राज्य केवल आधुनिक विकास की दिशा में ही नहीं बढ़ रहा है, बल्कि अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और विकास के लिए भी प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के माध्यम से सिरपुर क्षेत्र के विकास के लिए लगभग 36 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि नवा रायपुर में HNLU, IIIT, IIM, जैसे प्रतिष्ठित संस्थान संचालित हो रहे हैं। हमने यह प्रयास किया कि नवा रायपुर को न केवल राज्य का बल्कि देश के शैक्षणिक केन्द्र के रूप में विकसित किया जाये। यह बताते हुए मुझे गर्व हो रहा है कि NIFT] NIELIT] NFSU जैसे राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों की स्थापना भी नवा रायपुर में होने जा रहा है। उन्होंने बताया कि नरसी मोनजी प्रबंधन अध्ययन संस्थान (NMIMS) की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो चुका है और बहुत शीघ्र इसके कार्य प्रारंभ हो जायेंगे। इस तरह के संस्थान आने से न केवल राज्य के छात्रों को लाभ मिलेगा बल्कि पूरे देश में नवा रायपुर शैक्षणिक केन्द्र के रूप में अपनी उपस्थिति मजबूती से दर्ज करायेगा।मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि हमने अपने संकल्प पत्र में राज्य राजधानी क्षेत्र स्थापित करने का उल्लेख किया था। यह हमारे लिये हर्ष और गर्व दोनों का विषय है कि हमने राज्य राजधानी क्षेत्र अधिनियम बनाकर इस सदन के माध्यम से उसे पारित कराया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ राज्य राजधानी क्षेत्र का गठन भी हो चुका है। जिसका आज विधानसभा में मुख्यमंत्री के नेतृत्व में पहली बैठक हुई है।वाणिज्यिक कर (जी.एस.टी) विभागछत्तीसगढ़ विधानसभा में वाणिज्यिक कर (जीएसटी) विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि आम जनता को राहत देने के उद्देश्य से जीएसटी 2.0 लागू कर, कर की दरों का युक्तियुक्तकरण किया गया है।मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि जीएसटी राजस्व संग्रह के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय प्रगति की है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य के जीएसटी राजस्व में 18 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज कर छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर रहा। उन्होंने बताया कि व्यापार को सुगम बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। 1 अप्रैल 2025 से पेट्रोल पर 1 रुपये प्रति लीटर की कमी की गई है। वहीं राज्य में आंतरिक ई-वे बिल की सीमा 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है, जिससे लगभग 26 प्रतिशत व्यापारियों को लाभ होगा और अनुपालन लागत में करीब 54 प्रतिशत की कमी आएगी।मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि करदाताओं की सुविधा के लिए राज्य के सभी 33 जिलों में जीएसटी कार्यालय स्थापित किए गए हैं, जिनमें 6 नए क्षेत्रीय कार्यालय और 3 नई सर्किल शाखाएं शामिल हैं। इसके अलावा व्यापारियों को जीएसटी संबंधी मार्गदर्शन और सहायता प्रदान करने के लिए राज्य स्तरीय जीएसटी कॉल सेंटर भी स्थापित किया गया है।मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि जीएसटी के आठ वर्ष पूरे होने पर सरकार ने जीएसटी 2.0 के रूप में व्यापक कर सुधार लागू किए हैं, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिली है। खाने-पीने की वस्तुओं पर जीएसटी शून्य कर दिया गया है, कपड़ों पर टैक्स 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किया गया है और सीमेंट पर जीएसटी 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे 1000 वर्गफुट का घर बनाने पर लगभग 1.5 लाख रुपये की बचत हो रही है। इसके अलावा मोटरसाइकिल, कार, फ्रिज, टीवी और एसी जैसे उपभोक्ता उत्पादों पर भी जीएसटी 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दी गई है। इससे मोटरसाइकिल पर 8 से 12 हजार रुपये, छोटी कार पर 60 हजार से 1 लाख रुपये और टीवी-एसी पर 3 हजार से 25 हजार रुपये तक की बचत संभव हुई है।मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि दैनिक उपयोग की वस्तुओं जैसे टूथपेस्ट, साबुन, साइकिल, रसोई गैस, डिटरजेंट और बर्तनों पर टैक्स घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे एक मध्यमवर्गीय परिवार को सालाना 25 से 40 हजार रुपये तक की बचत हो रही है। कृषि प्रधान छत्तीसगढ़ को ध्यान में रखते हुए किसानों के लिए भी राहत दी गई है। ट्रैक्टर पर करीब 1.20 लाख रुपये और हार्वेस्टर पर लगभग 1.90 लाख रुपये की राहत दी गई है, वहीं कृषि उपकरण, खाद और बीजों पर जीएसटी 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है।मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि जीएसटी 2.0 का उद्देश्य केवल कर व्यवस्था को सरल बनाना नहीं है, बल्कि आम जनता के खर्च को कम करना, किसानों और कारीगरों को सशक्त बनाना और छत्तीसगढ़ के आर्थिक विकास को नई गति देना है।पंजीयन विभाग में बड़े सुधार, रजिस्ट्री प्रक्रिया हुई सरल और पारदर्शी: वित्त मंत्री ओपी चौधरीछत्तीसगढ़ विधानसभा में पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग की मांगों पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि पंजीयन विभाग राज्य का तीसरा सबसे बड़ा राजस्व अर्जक विभाग है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक यह विभाग जटिल प्रक्रियाओं, पुरानी व्यवस्थाओं और तकनीकी पिछड़ेपन से प्रभावित रहा, जिसके कारण आम नागरिकों को रजिस्ट्री कराने के लिए कई कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे और बिचौलियों की भूमिका बढ़ जाती थी। कई स्थानों पर रजिस्ट्री कार्यालयों में नागरिकों के बैठने तक की समुचित व्यवस्था नहीं थी। उन्होंने कहा कि नागरिक सुविधा के लिए रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर जैसे जिलों में रजिस्ट्री कार्यालयों की संख्या बढ़ाई गई है। साथ ही वीजा सेंटर की तर्ज पर 10 स्मार्ट रजिस्ट्री ऑफिस स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें नवा रायपुर, तिल्दा और रायगढ़ में कार्यालय प्रारंभ हो चुके हैं। आम जनता को राहत देने के लिए पारिवारिक दान पत्र, हकत्याग पत्र और बंटवारा नामे में पंजीयन शुल्क घटाकर मात्र 500 रुपये कर दिया गया है। साथ ही गाइडलाइन दर से अधिक मूल्य पर सौदा होने की स्थिति में अतिरिक्त पंजीयन शुल्क समाप्त किया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि सुधार की प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी और पारदर्शिता, प्रौद्योगिकी तथा जनसुविधा के माध्यम से छत्तीसगढ़ को सुशासन का आदर्श राज्य बनाने का लक्ष्य है।वित्त विभागछत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में वित्त विभाग की अनुदान मांगों पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार सुशासन, वित्तीय अनुशासन और दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही है।राज्य के दीर्घकालिक विकास को ध्यान में रखते हुए “छत्तीसगढ़ ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड” का गठन किया गया है। इस फंड में वर्तमान में 50 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है तथा आगामी वर्ष के लिए 250 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में संचित शोधन निधि का आकार 8 हजार 875 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, जो कुल अवशेष ऋणों का लगभग 7 प्रतिशत है। इसी तरह राज्य सरकार की गारंटी वाले ऋणों की देनदारियों के प्रबंधन के लिए गारंटी मोचन निधि में अब तक 1 हजार 32 करोड़ रुपये निवेशित किए गए हैं तथा बजट में 125 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है।वित्त मंत्री ने बताया कि विभाग के बजट में मुख्य रूप से शासकीय सेवकों को पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों के भुगतान के लिए प्रावधान किया गया है। इसमें पेंशन, परिवार पेंशन, पेंशन कम्यूटेशन, ग्रेच्युटी, अवकाश नकदीकरण और एनपीएस में नियोक्ता अंशदान शामिल हैं।वित्त मंत्री ने बताया कि भविष्य के पेंशन दायित्वों के बेहतर प्रबंधन के लिए राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ पेंशन निधि अधिनियम 2025 लागू कर पेंशन फंड की स्थापना की है। वर्तमान में इस निधि में 1 हजार 121 करोड़ रुपये निवेशित हैं और आगामी वर्ष के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। अंत में वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सकारात्मक सोच के साथ हर क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के संकल्प के साथ कार्य किया जा रहा है।
- -महा जन सुनवाई में दुर्ग संभाग के सभी जिलों से महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, संरक्षण अधिकारी, सखी केन्द्र प्रशासिका, विधिक प्राधिकरण एवं पुलिस प्रशासन का रहा सहयोग-आयोग की समझाईश पर अनावेदक 12 लाख रूपये बैंक कर्ज पटाने हुआ तैयार-अनावेदक शिक्षक ने अपनी पत्नी शिक्षिका से आयोग सुनवाई के दौरान सार्वजनिक रूप से माफी मांगी और कहा कि उन्हें दोबारा छेड़छाड़ या परेशान नहीं करेंगेदुर्ग / छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक एवं प्रभारी सदस्य श्रीमती ओजस्वी मंडावी, सदस्य श्रीमती दीपिका सोरी, सदस्य सरला कोसरिया द्वारा राज्य की महिलाओं को त्वरित राहत पहुँचाने के उद्देश्य से एक वृहद और संवेदनशील निर्णय लिया गया है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोग द्वारा आगामी 11 मार्च 2026 को दुर्ग संभाग के लिए महाजन-सुनवाई सप्ताह का आयोजन प्रेरणा सभा कक्ष, बालगृह परिसर पांच बिल्डिंग महिला एवं बाल विकास कार्यालय जिला-दुर्ग (छ.ग.) में किया जा रहा है। आज दुर्ग संभाग में 01 महाजन-सुनवाई व प्रदेश स्तर पर 384 वी एवं जिला स्तर पर 15 वी सुनवाई हुई। जिसमे दुर्ग संभाग के अंतर्गत आने वाले जिले दुर्ग/बालोद/बेमेतरा/कबीरधाम/मोहला-मानपुर-अंचौकी/खैरागढ़-छुईखदान-गंडई/राजनांदगांव (छ.ग.) के कुल 113 प्रकरणों की एक साथ सुनवाई की गई।इस महा जन-सुनवाई में दुर्ग संभाग के जिला दुर्ग प्रस्तुत 62 प्रकरण में से 30 नस्तीबद्ध, जिला बालोद के 04 प्रकरण में से 01 नस्तीबद्ध, जिला बेमेतरा के 17 प्रकरण में से 04 नस्तीबद्ध, जिला कबीरधाम 04 प्रकरण में से 01 नस्तीबद्ध, जिला राजनांदगांव 14 प्रकरण में से 04 नस्तीबद्ध एवं जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ चौकी 07 प्रकरण में से 01 नस्तीबद्ध तथा जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडाई 05 प्रकरण में से 0 नस्तीबध्द किया गया। कुल 113 प्रकरण में से 41 प्रकरण नस्तीबद्ध किये गये। दोनो पक्षों के कुल 155 पक्षकारों ने पंजीयन कराया था बाकी पक्षकार अनुपस्थित रहें, जिसमें आगामी निराकरण हेतु प्रकरण प्रस्तुत किया जायेगा।सुनवाई के दौरान एक प्रकरण में आवेदिका उपस्थित रहीं। अनावेदकगण अनुपस्थित रहें। पिछली सुनवाई में आवेदिकागण ने बताया था कि कुछ देवार जाति की महिलाएं नकली किनर बनकर दुर्ग जिला में आंतक मचा रही है जो भटगांव में रहती है। भटगांव के अटल आवास बाम्बे आवास में रहती है जिसे आवेदिकागण पहचानती है, और उनको पहचान चिन्हांकित, शनाख्ती करने के लिए तैयार है। इन सभी नकली किनर का मेडिकल परीक्षण कराकर उनके खिलाफ कडी प्रतिबांधत्मक कार्यवाही करें। और सभी का फोटो समाचार पत्रो में प्रकाशित करे ताकि आम जनता को नकली किनर बनकर लूटपाट बंद करें। इस हेतु महिला थाना प्रभारी नीता राजपूत आवेदिकागण के साथ मिलकर काम करेगी। महिला थाना इंजार्ज नीता राजपूत व उनके साथ रक्षा टीम जोड़कर कार्यवाही करने का आदेश एस.पी. दुर्ग जारी करे। आर्डर शीट की छायाप्रति महिला थाना प्रभारी को निःशुल्क दिया जाता है। ताकि वह एक माह के अंदर जांच कर नकली किनर के खिलाफ कडी कार्यवाही करें अपनी रिपार्ट आयोग को प्रस्तुत करें ताकि प्रकरण नस्ती बध्द किया जा सके। इस हेतु एस.पी. दुर्ग मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान करें। एसीपी उन्हें उचित मार्गदर्शन प्राप्त करें।आवेदिका एवं अनावेदकगण उपस्थित। आगामी सुनवाई में थाना बेमेतरा में पत्र भेजा जाए। आगामी सुनवाई 6 अपै्रल को है। माननीय उच्च न्यायालय में प्रकरण विचाराधीन है। आनावेदक शादी में दिए गए सभी समान को देने को तैयार है। इस हेतु बेमेतरा के संरक्षण अधिकारी का नियुक्त किया जाता है दो दिन के अंदर समान दिलाकर उनका पंचनामा बनाकर व विडियों ग्राफी बनाकर रिपोर्ट आयोग प्रेषित करें। महिला आरक्षक का भी सहयोग ले सकती है। ऑर्डर शीट की कापी निशुल्क प्रदाय की जायेगी। अनोवदकगण के व्दारा लगातार आवेदिका को दबाव डालकर हस्ताक्षर कराकर उस पत्र का दुर्पयोग आवेदिका के खिलाफ किया जा रहा है। और उसके नाबालिक बच्चे का छीनकर अनावेदगण ने रखा है। आवेदिका के मूल आवेदन की प्रति भी संरक्षण अधिकारी को दिया जाता है। जिसके आधार पर व आवेदिका का दहेज का समान वापस कराए अन्यथा प्रेषित करें। जिसके पश्चात आवेदिका के लिए आयोग की ओर से अनुशंसा पत्र दिया जाऐगा। आवेदिका समस्त अनावेदक के खिलाफ शारीरिक मानसिक प्रताड़ना का प्रकरण थाना बेमेतरा में एफ.आई.आर. दर्ज करा सकती है। इस प्रकरण को संरक्षण अधिकारी को दिया जाता है।एक और प्रकरण में उभय पक्ष उपस्थित अना. क्र. 1 उप. शासकीय उ.मा.वि. तारम्मटोला, अंम्बागढ चौकी में शिक्षक वर्ग-2 में पदस्थ है, जिसकी मासिक वेतन 60000 रू. है। शेष अनावेदकगण 2 से 5 समाज के पदाधिकारी है। आवेदिका ने बताया है कि आवेदिका एवं अनावेदक के दो बच्चे है, जिसे मिलने को अनावेदक नही देतो है। अनावेदक दूसरी विवाह करने की तैयारी कर रहा है, शादी का कार्ड भी छपा रखा है। इस आधार पर अना.क्र. 1 की सेवा समाप्ति की अनुशंसा की जाती है। अना.क्र. 1 व उनके पिता ने आवेदिका के नाम पर ग्राम मुरेठी टोला में 10 डिसमील जमीन खरीदा था जिसकी वैधानिक उत्तराधिकारी केवल आवेदिका है उसे छीने का प्रयास अना. क्र. 1 व्दारा किया जा रहा है। तथा उसी घर पर घरेलू समान स्कूटी सहित अना.क्र. 1 ने अन्य अनावेदगण के साथ मिलकर ताला लगाकर आपने पास रखा है। आयेाग के व्दारा समझाईश देने पर इस बात पर सहमत है कि आवेदिका के नाम पर पुरा समान व स्कूटी को आवेदिका को सुपर्द करेंगे। मोहला मानपुर की संरक्षरण अधिकारी करेगी और अपना रिपार्ट आयोग में प्रेषित करेंगी। आवेदिका व अना. क्र 1 के आपसी राजीनामा से तलाक का प्ररकण न्यायालय मंे लगाया जायेगा और दो नाबालिक बच्चे है जिसे महीने में 02 बार मिल सकती है। जिस पर अना.क्र. 1 सहमत है इसका विस्तृत इकारनामा संरक्षण अधिकारी व्दारा बनाया जाऐगा इसका जो भी खर्च होगा जिसका खर्च दोनो पक्ष वहन करेंगे। आज की ऑर्डर शीट की छायाप्रति निशुल्क दिया जा रहा है। आपसी समझौता करने को तैयार नही होते है तो आयोग व्दारा सेवा समाप्ति हेतु अनुशंसा किया जायेगा।उभय पक्ष उपस्थित दोनो आपसी तलाक लेने के लिए तैयार है। आवेदिका का सोने की अंगूठी गुम जाने के कारण सोने की अंगूठी एवं 16000/- रू. अनावेदक व्दारा दिया जायेगा। इस प्रक्रिया में आपसी राजीनामा से तलाक बेमेतरा की संरक्षण अधिकारी उभय पक्ष का सहयोग करेंगी और इकारानामा तैयार करावेगी और तलाक का प्रकरण तैयार करवायेगी और अपना रिपोर्ट आयोग का प्रस्तुत करेंगी। इस निर्देश के साथ प्रकरण नस्तीबध्द किया जाता है। संरक्षण अधिकारी को आज की ऑर्डर शीट की प्रति निःशुल्क दिया जाता है।अना. परमेश्वर उपस्थित। आवेदिका उपस्थित। शेष अनावेदकगण को थाने के माध्यम से नोटिस तामिल करावाकर प्रकरण रायपुर में 6 अपै्रल को रखा गया है। उभय पक्ष उपस्थित आवेदिका व अना. क्र. 1 आपस में मां बेटी है आवेदिका के पिता के जमीन का मुआवजा 1 करोड 80 हजार की पहली किश्त मिले है जिसमें आवेदिका 1/4 की हिस्सेदार है। अनावेदकगण व्दारा हिस्सा नही देना चाहते है ऐसी स्थिति में कलेक्टर दुर्ग को एक विस्तृत पत्र प्रेेेषित किया जायेगा जिसमें भूमि की शेष राशि का रोक लगाया जायेगा । अनावेदक क्र. 1 का खाता बैक ऑफ बडोदा में है। बैंक का ट्राजेक्शन रोकने के लिए मैनेजर को पत्र लिखकर रोक लगाई जाए। प्रकरण आगामी सुनवाई 6 अपै्रल को रायपुर में।अनावेदक प्राचार्य ने स्कूल छोड दिया है जिसके स्थान पर राजेश वर्मा उपस्थित। उन्होंने के सीएसबी रिजनल ऑफिस के अंतर्गत आता है। आवेदिका को समझाईश दिया गया कि इन सभी जगह पर आवेदिका तीनो स्थानों पर लिखित शिकायत करे और तीनों को पार्टी बनाते हुए आवेदन प्रस्तुत करेंगी। उभय पक्ष उपस्थित। अनावेदक क्र. 1 व 2 का अवैध संबंध में जिसका प्रमाण आवेदिका के पास है। अनावेदक क्र. 1 ने स्वीकार किया कि 52 हजार रूपये कमताा है। 30 लाख का कार व कॉम्लेक्स है तथा एक स्कूटी और बाईक है। आयेाग के समक्ष 5000 रूपये भरण पोषण देने को स्वीकार करता है। आवेदिका को दोनो अना.गण के विरूध्द अपराध दर्ज कराना चाहती है। लेकिन इसके पूर्व अना. क्र. 2 को उपस्थित होनेा अति आवश्यक है, जिसके लिए थाना भिलाई-3 को पत्र लिखा जाऐगा।एक प्रकरण न्यायालय में प्रचलित होने के कारण नस्तीबध्द किया गया। उभय पक्ष उपस्थित। प्रधानमंत्री आवास से संबंधित शिकायत पर यह ममाला यहां पर पहुंचा है कि दोनो पक्षों को अपना दस्तावेज फोटो ग्राफ्स साथ लेकर आयोग में दिनांक 6.4.2026 को उपस्थित होना है। उभय पक्ष उपस्थित दोनो पति पत्नि है। दोनो 2 वर्ष से अलग-अलग रह रहे है। अनावेदक प्रधान आरक्षक 597 है, जो गुंडरदेही थाना में पदस्थ है। जिसका मासिक वेतन 55000/- रू. है। 02 वर्षाे से अपने बच्चों को कोई भरण पोषण नही दिया है। इस पूरे मामले में बालोद की संरक्षण अधिकारी को नियुक्त किया जाता हैं वह पहले अगल अलग दोनो पक्षों की कांउसलिंग करेंगे और उनकी 5 शर्ताे लिखलाए । उभय पक्ष का पुत्र मयंक भी उपस्थित रहेंगा। दोनो पक्ष की सहमति बनने पर उनका विस्तृत इकारार नामा बालोद में शपथ पत्र तैयार कर महिला आयेाग रायपुर में 6 अपै्रल 2026 को बालोद की संरक्षण अधिकारी लेकर उपस्थित होंगी। आज की ऑर्डर शीट की छायाप्रति संरक्षण अधिकारी को दी गई।एक प्रकरण में ’’समय बढ़ाने की अनुशंसा की जाती है। 03 साल की अनुशंसा बढ़ाई जाती है। आवेदिका अपने 02 बच्चों के साथ, बी एड की परीक्षा उत्तीर्ण है। सहानुभुति पूर्वक इनके प्रकरण में उसे टीईटी अनिवार्यता की स्थील करते हुए अनुकंपा नियुक्ति की अनुशंसा करती है, टीईटी परीक्षा उत्तीर्ण किये जाने हेतु 03 वर्ष का समय दिये जाने की आयोग अनुशंसा करती है ताकि आवेदिका अपने 02 बच्चों के पालन पोषण के लिए अपने अनुकंपा नियुक्ति के अधिकार का लाभ ले सके।’’ आज के आर्डर शीट की कॉपी उभय पक्ष को दिया जाता है। आवेदिका को उनका पूरा समान अनावेदक के व्दारा दिया जा चुका है। दोनो के सहमति से तलाक का प्रकरण कुटुम्ब न्यायालय में लगाने के लिए तैयार है इसलिए प्रकरण नस्तीबध्द किया गया। उभय पक्ष उपस्थित। दोनो के 02 वर्ष के बच्चें है। बच्ची की हित में उभय पक्ष ने यह तय किया है दिनांक 16.03.2026 को अनावेदकगण आयोग कार्यालय रायपुर में आयेगें और वहां आवेदिका व बच्चे को अनावेदक अपने साथ लेकर जाऐगा। आवेदिका के खाना बनाना अनावेदकगण को पंसंद नहीं है होने के कारण आवेदिका की सास व्दारा खाना बनाएगी और आवेदिका अपने व बच्चें के लिए अपनी पंसद की खाना बनाऐगी। आवेदिका को प्रतिमाह 10000/- रूपये अनावेदक व्दारा दिया जाऐगा। इस प्रकरण की निगराणी मंजु हिरवानी के व्दारा किया जाऐगा।एक प्रकरण में आयोग में उपस्थित अनावेदक एक माह के अंदर आवेदिका के नाम पर जमीन की रजिस्ट्री करने को तैयार है 06 अप्रैल को रजिस्ट्री के लिए रायपुर उपस्थित होगी। उभय पक्ष उपस्थित। आवेदिका अपनी बहु अना. क्र 1 को तीन वर्ष बच्चे के साथ रहकर हर माह 8 हजार देने को तैयार है परन्तु आनवेदिका अपने पति के साथ और आवेदिका सास के साथ रहने के लिए तैयार नही है और तलाक लेना चाहती है। इसके लिए अनावेदक न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत कर सकती है लेकिन आवेदिका के पोते से मिलने के लिए नही रोक सकती है। आवेदिका अपने पुत्र के साथ मिलकर हर माह 02 बार अपने पोते से मिल सकती है। अगर अनावेदकगण व्दारा मिलने से मना करेगे तो आवेदिका न्यायालय में प्रकरण लगा सकती है। इस निर्देश के साथ प्रकरण नस्तीबध्द किया जाता है। उभय पक्ष उपस्थित। आवेदिका ने अपना विस्तृत आवेदन दिया है और आज आयोग के समक्ष एक दस्तावेज प्रस्तुत किया है जिसमें इन अनावेदकगणों का हस्ताक्षर है इस आवेदिका को खिलाफ दिया गया शिकायत पत्र दिनंाक 17.9.2025 के मध्यम भाग में अंडरलाईन मार्किक में लिखा है कि महिला का चरित्र ठीक नही होने के कारण पूरा मोहल्ला आक्रोशित है। इस लाईन का लिखा जाना ही उपरोक्त लाईन को अपने शिकायत पत्र में लिखा गया है उसे अनावेदगकण व्दारा स्वीकार किया गया है। जिस पर इन सभी अनावेदकगणों के खिलाफ दीवानी व अपराधिक मामाला पंजीबध्द किया जा सकता है। क्योंकि सभी निर्वाचित सदस्यों है, इस स्तर पर अनावेदकगणों ने आयोग के समक्ष आवेदिका से माफी मांगी गया कि आवेदिका के चरित्र के खिलाफ लगाया था उसके लिए अनावेदकगण ने माफी मांगा।एक प्रकरण में आंगनबाडी के बाजू मंे आवेदिका ने मकान बनाया थां। जिसमें किसी भी अनावेदकगण ने मना नहीं किया था। अनावेदकगण आज भी इस बात को स्वीकर कर रहे है कि आवेदिका को प्रधानमंत्री आवास के लिए राशि प्राप्त हुआ है। अनावेदकगणों ने आं.बा. की दीवार से चिपककर बनाया गया है उसका शिकायत किया था। जिसके कारण प्रशासन के व्दारा मकान तोडा गया था। इससे स्पष्ट है कि अनावेदकगण ने मिलकर षडयंत्र रचकर आवेदिका के मकान तोडवाया है। और शासन के लगभग 2 लाख राशि आवेदिका व उनकी बहन को मिला था जो अनावेदकगणों के कारण नष्ट हो गया है, जिसके लिए सभी अनावेदकगणों दोषी है। आवेदिका सभी के खिलाफ अनुसूचित जाति जनजाति थाने में एफ.आई.आर. दर्ज करा सकती है । स्तर पर अनावेदकगण व्दारा आवेदिका के मकान निमार्ण करवाने में सहयोग राशि देंगे यदि राशि 15 दिन के अंदर नही देते व अनावेदकगण सहमति नामा देकर नहीं कार्यवाही करते है तो आवेदिका को यह अधिकार को कि अनावेदकगण के खिलाफ जिला कबीर धाम के थाने में एफ.आई.आर. दर्ज करवा सकती है। आवेदिका गण उपस्थित। अनावेदक ने लिपिक के माध्यम से पत्र भेजा गया है कि वह रायपुर गया हुआ है। आवेदिका ने कहा कि अनावेदक रायपुर नहीं गया है वह दुर्ग जेडी कार्यालय में उपस्थित है। आनावेदक के उपस्थिति हेतु एस.पी. दुर्ग को एक पत्र भेजा जाऐगा जिसमें एक पुलिस कर्मचारी के साथ अनावेदक को आगामी सुनवाई तिथि में उपस्थिति हो । थाना प्रभारी जामुल अनावेदक को सुनवाई तिथि में उपस्थिति नही होते तो थाना प्रभारी को शोकास पत्र जारी किया जायेगा। उभय पक्ष उपस्थित। वर्तमान में अनावेदक रिटार्यट हो चुके है उनका घर का पता अभिलेख में दर्ज किया गया। आवेकिदा पक्ष की शिकायत गाली गलौच अभद्र व्यवहार का है क्योंकि इस माामलें में आंतरिक समिति की जांच नही हो सकती। आवेदिका को अधिकार है कि अनावेदक के खिलाफ थाना पुलगांव मंे जाकर अभद्र व्यवहार, गाली गलौच का एफ.आई.आर. दर्ज करा सकती है। उभय पक्ष उपस्थित अनावेदक ने बताया कि उसने जमीन के बटवारे के न्यायालय में प्रकरण दर्ज किया है। आयोग के निर्णय के पश्चात आवेदिका को जो पास बुक मिली थी उसे 500000 रू. मिल चुका है। प्रकरण नस्तीबध्द किया गया। उभय पक्ष उपस्थित इस प्रकरण में महिला थाना प्रभारी उभय पक्ष का कांउसलिंग किया है और आवेदिका को समझाईश दिया गया है आवेदिका के बच्चों व उनके परिवार का छेडछाड करता है तो आवेदिका थाने में प्रकरण दर्ज करा करा सकती है। आवेदिका उपस्थित। अनावेदिका लगातार अनुपस्थित के कारण प्रकरण नस्तीबध्द किया जाता है। उभय पक्ष उपस्थित। एक वर्श से पूर्व इस प्रकारण को विस्तार से सुना गया था लेकिन आनावेदक अपीनी चाल बाजी से बाज नही आ रहा है। अनावेदक को अनुमानित 1 करोड रूपये मिलने वाला है। अनावेदक अपने पत्नी को 10000 रू. मासिक देता है जिससे स्पष्ट होता है कि अनावेदक अपनी पत्नि को भरण पोषण देने की नियत नही रखता है।
- दुर्ग /दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय जल महोत्सव 2026 में दुर्ग जिले के ग्राम चिरपोटी की सरपंच पूजा चंद्राकर को गांव में नल-जल प्रबंधन में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। सरपंच पूजा चंद्राकर ने अपने गांव में हर घर तक नल के माध्यम से स्वच्छ जल पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने प्रभावी रूप से जलकर लागू करते हुए गांव के लोगों को जल संरक्षण और जल प्रबंधन के प्रति जागरूक किया। उनके प्रयासों से गांव में जल जीवन मिशन का संचालन सुचारू रूप से किया जा रहा है। सरपंच द्वारा लगातार ग्रामीणों को इस योजना के महत्व के बारे में समझाया गया, जिससे गांव के सभी परिवारों तक नल के माध्यम से पानी पहुंचाने का लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा हो सका।
- -शिकायत या जानकारी के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-233-3555 पर करें संपर्कदुर्ग /जिले में घरेलू एलपीजी गैस तथा डीजल-पेट्रोल की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा के लिए कलेक्टर अभिजीत सिंह ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में ऑयल कंपनियों के अधिकारियों, डिस्ट्रीब्यूटरों और गैस एजेंसियों की बैठक ली। बैठक में उन्होंने घरेलू गैस की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की विस्तृत जानकारी ली।बैठक में ऑयल कंपनियों के अधिकारियों ने बताया कि जिले में घरेलू एलपीजी गैस की पर्याप्त उपलब्धता है और इसकी आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। ऑयल कंपनियों के अधिकारियों ने बताया कि जिले के सभी एलपीजी वितरक के पास गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।कलेक्टर ने बताया कि उज्ज्वला योजना के कनेक्शन को मिलाकर जिले में लगभग 4 लाख गैस कनेक्शन हैं। वर्तमान में प्रतिदिन करीब 9750 गैस सिलेंडरों की रिफिलिंग की जा रही है। कलेक्टर ने अधिकारियों को एलपीजी गैस की दैनिक आपूर्ति और वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि वितरण प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता या कालाबाजारी न होने दी जाए।ऑयल कंपनी के अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि वर्तमान में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर केवल विशेष अत्यावश्यक संस्थानों जैसे अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को ही सप्लाई किए जा रहे हैं। बैठक में जिले में डीजल और पेट्रोल की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में डीजल-पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और इसकी आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है।जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि जिन उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी नहीं हुआ है, वे संबंधित गैस एजेंसी में जाकर जल्द से जल्द ई-केवाईसी करा लें, ताकि भविष्य में परेशानी न हो। इस प्रक्रिया में फेस स्कैन और अंगूठे का सत्यापन किया जाएगा, जिसमें केवल एक मिनट का समय लगता है। जिला प्रशासन एवं ऑयल कंपनियों के अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि घबराने या पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि जिले में घरेलू गैस की पर्याप्त उपलब्धता है। त्यौहार के बाद बुकिंग की संख्या बढ़ने के कारण कुछ स्थानों पर प्रतीक्षा हो सकती है, लेकिन आपूर्ति नियमित रूप से जारी है।कलेक्टर अभिजीत सिंह ने उपभोक्ताओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि जिले में एलपीजी गैस तथा डीजल-पेट्रोल की पर्याप्त उपलब्धता है और किसी प्रकार की कमी नहीं है। गैस सिलेंडरों की आपूर्ति गैस एजेंसियों के माध्यम से नियमानुसार नियमित रूप से की जा रही है। उन्होंने बताया कि आपूर्ति से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत या जानकारी के लिए उपभोक्ता टोल-फ्री कॉल सेंटर नंबर 1800-233-3555 पर संपर्क कर सकते हैं। इस अवसर पर खाद्य नियंत्रक श्री अनुराग सिंह भदौरिया एवं आयल कंपनी के अधिकारी सहित खाद्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
- दुर्ग / कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजनांतर्गत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए विधानसभा क्षेत्र पाटन एवं विधानसभा क्षेत्र दुर्ग शहर अंतर्गत दो विकास कार्य के लिए 29 लाख 99 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। जिले के प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा अनुशंसित उक्त कार्याे का संपादन हेतु निर्धारित क्रियान्वयन एजेंसी क्रमशः मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर पंचायत पाटन तथा कार्यपालन अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग दुर्ग द्वारा किया जाएगा।जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार विकासखण्ड पाटन अंतर्गत वार्ड क्र. 07 में विप्र भवन के पास सामुदायिक भवन के प्रथम तल में भवन निर्माण कार्य के लिए 20 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इसी तरह विख दुर्ग अंतर्गत वार्ड क्रमांक 28 पचरीपारा यादव छात्रावास के पास स्थित सामुदायिक भवन में रसोई कक्ष एवं शौचालय निर्माण हेतु 09 लाख 99 हजार रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
- -कातुलबोड़ और उरला में अतिक्रमण साफ, राहगीरों को मिली राहतदुर्ग / कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देश पर कलेक्टर जनदर्शन में मिली शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आज शहर के विभिन्न क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाया गया। जिसके अंतर्गत वार्ड क्रमांक 60 कातुलबोड़ क्षेत्र में सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को हटाया गया। जनदर्शन में प्रस्तुत आवेदन में बताया गया था कि पुष्पक नगर मार्ग में फल-सब्जी के ठेले एवं अस्थायी दुकानों द्वारा सड़क किनारे अतिक्रमण कर लिया गया है, जिससे मार्ग संकरा हो गया था और आवागमन में बाधा उत्पन्न हो रही थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने नगर पालिक निगम दुर्ग के संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। निर्देश प्राप्त होते ही नगर निगम की टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर सड़क किनारे लगाए गए ठेले एवं अन्य अस्थायी अतिक्रमण को हटवाया गया, जिससे मार्ग को पुनः व्यवस्थित किया गया और आवागमन सुचारू हुआ। इसी प्रकार जनदर्शन में उरला क्षेत्र से प्राप्त एक अन्य शिकायत में शासकीय सार्वजनिक मार्ग पर अवैध निर्माण कर प्लेटफॉर्म एवं सीढ़ी बनाए जाने की जानकारी दी गई थी, जिसके कारण मार्ग प्रभावित हो रहा था। इस प्रकरण में भी कलेक्टर के निर्देश पर संबंधित विभाग द्वारा आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की गई। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय भूमि एवं सार्वजनिक मार्गों पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसी शिकायतों पर तत्परता से संज्ञान लेते हुए आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
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उपमुख्यमंत्री अरूण साव, महापौर मीनल चौबे ने 75 महिलाओं को छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस से रवाना किया
रायपुर - आज रायपुर रेल्वे स्टेशन मुख्य प्लेटफार्म नंबर 1 में छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री अरूण साव ने नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे सहित दिनांक 13 मार्च 2026 को भारत मंडपम नई दिल्ली में भारत सरकार द्वारा केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में आयोजित अमृत मित्र महोत्सव में सम्मिलित होने छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न नगरीय निकायो की स्वसहायता समूहो की 75 महिलाओ को छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उपमुख्यमंत्री श्री अरूण साव एवं महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने बुके देकर स्वसहायता समूहो की 75 महिलाओ को छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस की विशेष बोगी से नई दिल्ली के लिए अमृत मित्र महोत्सव आयोजन में सम्मिलित होने रवाना किया। इस अवसर पर रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप, छत्तीसगढ़ राज्य शहरी विकास अभिकरण के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री दुष्यंत रायस्त सहित छत्तीसगढ़ राज्य शहरी विकास अभिकरण के उप मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील अग्रहरी, नगर पालिक निगम रायपुर के अपर आयुक्त श्री विनोद पाण्डेय, उपायुक्त अमृत मित्र योजना श्री जसदेव सिंह बाबरा सहित छत्तीसगढ़ राज्य शहरी विकास अभिकरण एवं नगर पालिक निगम रायपुर के अन्य संबंधित अधिकारियों, रेल्वे अधिकारियों, रेल्वे पुलिस अधिकारियों की रायपुर रेल्वे स्टेशन प्लेटफार्म नंबर 1 पर उपस्थिति रही।प्रदेश के उपमुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री अरूण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के लिये यह गौरव का विषय है कि, अमृत मित्र महोत्सव में छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों से 75 स्व-सहायता समूहों के महिलाओं द्वारा भाग लिया जा रहा है। इनमें रायपुर नगर पालिक निगम से 15 महिलाएं, बिलासपुर नगर पालिक निगम से 15 महिलाएं, लोरमी नगर पालिका से 15 महिलाएं, मुंगेली नगर पालिका से 15 महिलाएं, रतनपुर नगर पालिका से 7 महिलाएं एवं कोटा नगर पंचायत से 8 महिलाएं भाग लेंगी। आज समस्त महिलाएं नई दिल्ली के लिये रवाना हो रही है। दिनांक 13 मार्च 2026 को कार्यक्रम समाप्त होने के पश्चात महिलाओं को दिल्ली भ्रमण कराया जाना भी प्रस्तावित है। महिलाओं के लिये समस्त आवश्यक व्यवस्थाएं नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग छत्तीसगढ़ शासन द्वारा की गयी है।उपमुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने बताया कि अमृत मित्र महोत्सव में देश के सभी प्रदेशों से कुल 1000 स्व-सहायता समूह की महिलाएं भाग लेंगी। उक्त कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शहरी सेवाओं में सामुदायिक भागीदारी को सशक्त बनाना, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को राष्ट्रीय मंच देना, महिलाओं का सम्मान करना, राज्यों में स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा किये जा रहे उत्कृष्ट कार्यों का प्रस्तुतिकरण करना है।उपमुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने समस्त 75 महिलाओ को शुभ यात्रा हेतु हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए बताया कि भारत सरकार द्वारा वूमन फॉर ट्री अमृत मित्र योजना प्रारंभ की गयी है। जिसके अंतर्गत स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा वृक्षारोपण का कार्य किया गया है एवं 1 वर्ष तक रोपित पौधों के संचालन एवं संधारण का कार्य किया जा रहा है, जिस हेतु प्रति माह प्रति महिला को 8 हजार रूपये मानदेय प्रदान किया जा रहा है। वूमन फॉर ट्री योजनांतर्गत कुल 444 परियोजनाएं राशि रु. 27.48 करोड़ की स्वीकृत की गयी है। योजनांतर्गत 1701 महिलाओं द्वारा कुल 1 लाख 61 हजार पौधे रोपित किये गये हैं। - रायपुर - आज रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला और रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह के आदेशानुसार और रायपुर नगर पालिक निगम आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देशानुसार रायपुर नगर निगम मुख्यालय नगर निवेश विभाग उड़न दस्ता द्वारा रायपुर नगर निगम जोन क्रमांक 4 के क्षेत्र के अंतर्गत छत्तीसगढ़ कॉलेज, संत कँवरराम स्कूल, हिन्दू हाई स्कूल आदि भिन्न शिक्षण संस्थाओं के आसपास संचालित पान दुकानों का औचक निरीक्षण कर सम्बंधित पान दुकान संचालकों के पास से दुकान में विक्रय हेतु रखे गए गुटखा, तम्बाकू, सिगरेट, पान मसाला आदि नशे से सम्बंधित वस्तुओं के अनेक पाउच पैकेटस को स्थल पर तत्काल जप्त करने की कार्यवाही शासन के कोटपा एक्ट के प्रावधान अनुसार नगर निगम जोन 4 नगर निवेश विभाग की टीम और निगम मुख्यालय नगर निवेश विभाग उड़न दस्ता की टीम द्वारा मिलकर की गयी और कोटपा एक्ट प्रावधान के अनुसार सम्बंधित पान दुकान संचालकों को भविष्य के लिए नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की चेतावनी नगर निगम जोन 4 जोन कमिश्नर डॉ दिव्या चंद्रवंशी के मार्गनिर्देशन और कार्यपालन अभियंता श्री शेखर सिंह और सहायक अभियंता श्री दीपक देवांगन, श्री गुलाबचंद कर्ष एवं अन्य सम्बंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति में दी गयी.दोबारा स्कूलों के आसपास नशे की वस्तुओं को विक्रय किये जाने पर शासन के कोटपा एक्ट के प्रावधान अनुसार नियमानुसार कड़ी कार्यवाही करने की स्पष्ट चेतावनी स्कूलों के आसपास लगाए जा रहे समस्त पान ठेलों के सम्बंधित संचालकों को दी गयी है.
- -प्रेस क्लब के लीगल सेल का गठन-तीन सदस्यीय लीगल टीम देगी विधिक सहायतारायपुर। पत्रकार हित में एक और महत्वपूर्ण पहल करते हुए रायपुर प्रेस क्लब ने पत्रकार साथियों पर होने वाली यातायात चालान की असंगत एवं अन्यायपूर्ण कार्रवाई के मामलों में कानूनी सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से प्रेस क्लब लीगल सेल का गठन किया है।इस संबंध में रायपुर प्रेस क्लब में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम में शहर के वरिष्ठ अधिवक्ता नाथू राम मानिकपुरी, भगवानू नायक , राम प्रसाद जायसवाल को लीगल सेल की जिम्मेदारी सौंपी गई। प्रेस क्लब द्वारा उन्हें औपचारिक पत्र प्रदान कर इस दायित्व से अवगत कराया गया।अब पत्रकार साथियों के यातायात चालान से जुड़े मामलों को लोक अदालत सहित अन्य वैधानिक प्रक्रियाओं के माध्यम से निराकरण कराने का कार्य अधिवक्ता नाथू राम मानिकपुर,भगवानू नायक और उनकी टीम द्वारा किया जाएगा।इसके अलावा प्रेस क्लब के सदस्यों से जुड़े आपराधिक मामलों की लीगल एडवाइस देने के लिए भी नाथूराम मानिकपुर और उनकी टीम उपलब्ध रहेगी, इस संबंध में प्रेस क्लब के माध्यम से सदस्य संपर्क कर सकेंगेरायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी ने बताया कि प्रेस क्लब की कोशिश है कि पत्रकार साथियों पर यातायात चालान के मामलों में यदि कहीं असंगत या अन्यायपूर्ण कार्रवाई हुई है तो उसे वैधानिक प्रक्रिया के तहत समझौता कराते हुए पत्रकारों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम किया जाए। उन्होंने बताया कि यह लीगल सेल वर्ष 2025 के बाद से हुए यातायात चालानों से जुड़े मामलों में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर सहयोग प्रदान करेगी।प्रेस क्लब ने अपने सदस्यों से अनुरोध किया है कि जिन पत्रकार साथियों के यातायात चालान हुए हैं, वे इसकी सूचना प्रेस क्लब कार्यालय में दें तथा आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराएं, ताकि लीगल सेल के माध्यम से आगे की वैधानिक कार्यवाही की जा सके।साथ ही रायपुर प्रेस क्लब ने सभी पत्रकार साथियों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और सुरक्षित व जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं।रायपुर प्रेस क्लब द्वारा लीगल सेल के गठन कर सदस्यों को विधिक सहायता उपलब्ध कराने की इस प्रयास का महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु , सयुक्त सचिव निवेदिता साहू, भूपेश जांगड़े ने स्वागत किया,
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय के प्रातः भ्रमण के दौरान दिये गये निर्देशानुसार अवैध अतिक्रमण तत्काल हटाने की कार्यवाही की गई।निगम आयुक्त के प्रातः निरीक्षण के दौरान देखा गया कि अज्ञात व्यक्ति द्वारा निगम स्वामित्व की जमीन पर अवैध अतिक्रमण कर क्रिकेट कोर्ट बनाया जा रहा था। इस पर निगम आयुक के निर्देशानुसार तत्काल कार्यवाही करते हुए जोन-3 आयुक्त, राजस्व विभाग एवं बेदखली टीम द्वारा बेदखली की कार्रवाई की गई है। टीम ने अवैध अतिक्रमण हटाकर निगम की जमीन को मुक्त कराया। आयुक्त ने कहा कि निगम भूमि का अतिक्रमण किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा और इस प्रकार की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। ऐसे अज्ञात लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। नगर निगम भिलाई की इस कार्यवाही से यह संदेश गया है कि शहर की जमीन और संपत्ति का संरक्षण प्राथमिकता है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जायेगें। कार्यवाही के दौरान कार्यपालन अभियंता अनिल सिंह, सहायक अभियंता नितेश मेश्राम, उप अभियंता दीपक देवांगन, जोन स्वास्थ्य अधिकारी बीरेन्द्र बंजारे एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -राज्य शासन ने सभी निकायों को जारी किया परिपत्र-ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन, बेहतर स्वास्थ्य तथा स्वच्छता रैंकिंग सुधारने नगरीय प्रशासन विभाग की नई पहल-क्यूसीआई करेगी निकायों में साफ-सफाई का सर्वेक्षण और मूल्यांकनबिलासपुर. । ठोस व तरल अपशिष्ट के बेहतर प्रबंधन, नागरिकों के अच्छे स्वास्थ्य तथा शहरों की स्वच्छता रैंकिंग सुधारने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की नई पहल के तहत छत्तीसगढ़ स्वच्छता लीग प्रारंभ किया गया है। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा 10 मार्च को रायपुर में आयोजित नारी शक्ति सम्मान समारोह में इसका शुभारंभ किया। इसके शुभारंभ के साथ ही राज्य शासन ने शहरों में स्वच्छता के नियमित मूल्यांकन हेतु छत्तीसगढ़ स्वच्छता लीग के क्रियान्वयन के लिए सभी नगरीय निकायों को परिपत्र जारी किया है।नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने मंत्रालय से सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को जारी परिपत्र में कहा है कि राज्य शासन द्वारा सभी नगरीय निकायों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने सतत् प्रयास किए जा रहे हैं। इस हेतु सतत् सफाई व्यवस्था एवं ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन के प्रस्तुत दावों के मूल्यांकन एवं सत्यापन के लिए "छत्तीसगढ़ स्वच्छता लीग 2025-26" के अंतर्गत निकायों में सर्वेक्षण प्रारंभ किया जा रहा है।परिपत्र में बताया गया है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा पिछले वर्ष 12 अगस्त को बिलासपुर में आयोजित स्वस्छता समागम समारोह में राज्य में "छत्तीसगढ़ स्वच्छता लीग 2025-26" शुरू करने की घोषणा की गई थी। विगत 17 सितम्बर को इस सर्वेक्षण के टूलकिट का अंग्रेजी संस्करण और 29 सितम्बर को हिन्दी संस्करण जारी किया गया है।"छत्तीसगढ़ स्वच्छता लीग 2025-26" में सर्वेक्षण एवं मूल्यांकन कार्य के लिए क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (QCI) को अधिकृत किया गया है। एजेंसी द्वारा इस साल 5 जनवरी को नियुक्त मूल्यांकनकर्ता नगरीय निकायों का स्थल निरीक्षण प्रारंभ करेंगे, स्वच्छता के लिए मौजूदा सुविधाओं का अवलोकन करेंगे तथा आवश्यक दस्तावेजी प्रमाण एकत्रित करेंगे। संपूर्ण मूल्यांकन प्रक्रिया निर्धारित प्रोटोकॉल, जारी दिशा-निर्देशों एवं जारी टूलकिट के अनुरूप क्रियान्वित की जाएगी।नगरीय प्रशासन विभाग ने सर्वेक्षण अंतर्गत प्रस्तावित स्थल निरीक्षण के प्रभावी संचालन के लिए सभी नगरीय निकायों को अपने-अपने क्षेत्र में सभी हितधारकों-नागरिकों, स्वच्छता कर्मियों, पर्यवेक्षकों, अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों एवं प्रबंधकों को सर्वेक्षण के पहले ही अवगत कराने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने सभी सक्षम प्राधिकारियों को अपने-अपने निकायों में सर्वेक्षण से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने को कहा है जिससे मूल्यांकन कार्य सरल, पारदर्शी एवं निर्बाध रूप से संपादित हो सके। विभाग ने स्वच्छता लीग के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के साथ ही नगरीय निकायों को राज्य स्तरीय सर्वेक्षण के सुचारू एवं प्रभावी संचालन के लिए पूर्ण सहयोग प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।
- बिलासपुर /शासकीय उद्यान रोपणी करगीकलॉ विकासखण्ड कोटा में स्थित आम के मातृ वृक्षों में लगे फलों की नीलामी 15 मार्च 2026 को दोपहर 11.30 बजे से 2 बजे तक होगी। उद्यान अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी सूचना के अनुसार नीलामी प्रक्रिया बंद लिफाफा पद्धति से संपन्न होगी। नीलामी में भाग लेने के इच्छुक व्यक्ति नीलामी की तिथि के पूर्व किसी भी दिवस आम के पौधों में लगे फलों का अवलोकन कर सकते हैं। नीलामी शर्तों की विस्तृत जानकारी उद्यान अधीक्षक कार्यालय करगीकलॉ, विकासखण्ड कोटा से प्राप्त की जा सकती है।
- -जयंती स्टेडियम के सामने मैदान में होगा भव्य आयोजन-शासन-प्रशासन की सहभागिता से सजेंगे विकास के स्टाल, स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बढ़ावादुर्ग / छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा राज्य के विभिन्न शहरों में स्वदेशी मेलों का आयोजन किया जा रहा है, इसी कड़ी में दुर्ग-भिलाई क्षेत्र के जयंती स्टेडियम के सामने मैदान में स्वदेशी मेले का आयोजन 13 मार्च से 19 मार्च 2026 के मध्य किया जा रहा है। भारतीय विपणन विकास केंद्र (सीबीएमडी), जो कि स्वदेशी जागरण फाउंडेशन की एक इकाई है, के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना और शासन की विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुँचाना है। प्राप्त निर्देशों के परिपालन में, राज्य के सभी प्रमुख विभागों को इस मेले में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार मेले में शासन के सभी प्रमुख विभागों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है। इस भव्य आयोजन में छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम, खनिज साधन विभाग, ग्रामोद्योग विभाग, समाज कल्याण विभाग, कृषि, छत्तीसगढ़ राज्य पर्यटन मंडल, वन विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (जल जीवन मिशन), जल संसाधन विभाग, लोक निर्माण विभाग, ऊर्जा विभाग, और आयुष, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग मुख्य रूप से शामिल होंगे। इनके साथ ही महिला एवं बाल विकास, जेल विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, आवास एवं पर्यावरण विभाग, जनसंपर्क विभाग, छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण/शहर), वाणिज्य एवं उद्योग विभाग (जिला व्यापार उद्योग केन्द्र), नगरीय निकाय परियोजना, स्कूल शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, परिवहन विभाग, कौशल विकास योजना तथा सहकारिता विभाग भी अपने स्टालों के माध्यम से जनमानस को विभागीय योजनाओं से अवगत कराएंगे। जिला प्रशासन इस सात दिवसीय मेले के सफल संचालन हेतु अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है।
- दुर्ग / छत्तीसगढ़ शासन की महत्त्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। इस योजना के माध्यम से महिलाओं को प्रतिमाह मिलने वाली आर्थिक सहायता से वे अपने परिवार की छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ भविष्य के लिए बचत भी कर पा रही हैं। यह योजना न केवल महिलाओं के हाथों में आर्थिक ताकत दे रही है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी प्रदान कर रही है।योजना से लाभान्वित दुर्ग जिले के बघेरा की हितग्राही अश्विनी दीदी भी आज अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव महसूस कर रही हैं। अश्विनी दीदी बताती हैं कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि उनके लिए किसी ‘गुल्लक’ से कम नहीं है। वे इस राशि का उपयोग घर के छोटे-मोटे खर्चों को पूरा करने में करती हैं और साथ ही उसमें से थोड़ा-थोड़ा बचाकर भविष्य के लिए सुरक्षित भी रखती हैं। उनका कहना है कि पहले अचानक किसी जरूरत के समय परेशानी हो जाती थी, लेकिन अब महतारी वंदन की राशि से उन्हें एक आर्थिक सहारा मिल गया है। यह राशि भले ही छोटी लगे, लेकिन जरूरत के समय यह काफी मददगार साबित होती है। इससे उन्हें अपने परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने में भी आत्मविश्वास मिला है। अश्विनी दीदी मानती हैं कि सरकार की यह योजना महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। वे इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि इस योजना ने महिलाओं को आत्मसम्मान और आर्थिक सुरक्षा की नई ताकत दी है। महतारी वंदन योजना प्रदेश की लाखों महिलाओं के लिए छोटी-छोटी खुशियों और सुरक्षित भविष्य की उम्मीद बन रही है।
- -राज्य की चिन्हांकित 43 जनजातियों और उपजातियों की संस्कृति, परिधान और चित्रकला का प्रदर्शन-छत्तीसगढ़ सहित मध्यप्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र और झारखंड के जनजातीय कलाकार होंगे शामिल-सजेगा आदि रंग, परिधान और हाटरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की परिकल्पना और निर्देश पर 13 और 14 मार्च 2026 को नवा रायपुर स्थित आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में ’परम्परा से पहचान तक’ - आदि परब - 2026 का भव्य आयोजन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, कला और परंपराओं को राष्ट्रीय मंच देने के उद्देश्य से ‘आदि परब-2026’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है।भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के सहयोग से आदिम जाति विकास विभाग के अंतर्गत आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। उक्त आशय की जानकारी आज टीआरटीआई में आयोजित पत्रकारवार्ता के दौरान आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा और प्रशिक्षण संस्थान के संचालक श्रीमती हिना अनिमेष नेताम ने दी।आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा और आदिवासी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के संचालक श्रीमती हिना अनिमेष नेताम ने प्रेसवार्ता में बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की परिकल्पना और निर्देश पर ‘आदि परब-2026’ का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आदिम जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में विभाग इस आयोजन को सफल बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।प्रमुख सचिव श्री बोरा ने बताया कि दो दिवसीय इस आयोजन में छत्तीसगढ़ की 43 जनजातियों के साथ-साथ मध्यप्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, महाराष्ट्र और झारखंड के जनजातीय समुदाय भी शामिल होंगे l आयोजन का उद्देश्य जनजातीय पहचान, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा पारंपरिक ज्ञान के संवर्धन को बढ़ावा देना है।प्रमुख सचिव श्री बोरा ने बताया कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत “आदि-परिधान जनजातीय अटायर शो” का आयोजन 13 मार्च को सुबह 10.30 बजे से शाम 8 बजे तक और 14 मार्च को शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक किया जाएगा। इस आयोजन में राज्य की 43 जनजातीय समुदायों की पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक विशेषताओं को पहली बार एक ही मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा। प्राकृतिक रंगों, स्थानीय संसाधनों और हाथों से बने वस्त्रों से तैयार ये परिधान जनजातीय जीवन शैली और प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व का संदेश देंगे। इसमें भाग लेने के लिए 120 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन पंजीयन कराया है।प्रमुख सचिव श्री बोरा ने प्रेसवार्ता में बताया कि आदि परब के तहत “आदि रंग - जनजातीय चित्रकला महोत्सव” भी आयोजित होगा। इस महोत्सव में जनजातीय कलाकार अपनी पारंपरिक चित्रकला के माध्यम से जल, जंगल और जमीन के संरक्षण, जनजातीय जीवन दर्शन और पर्यावरणीय चुनौतियों को प्रस्तुत करेंगे। इस कार्यक्रम में 155 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन पंजीयन कराया है। चित्रकला प्रतियोगिता 18-30 वर्ष और 30 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की दो श्रेणियों में होगी।दोनों श्रेणी में प्रथम पुरस्कार 20 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार 15 हजार रुपये और तृतीय पुरस्कार 10 हजार रुपये दिए जाएंगे। साथ ही दोनों आयु वर्गों के 10-10 प्रतिभागियों को 2000 रुपये का सांत्वना पुरस्कार भी दिया जाएगा।श्री बोरा ने बताया कि आयोजन के दौरान “आदि-हाट जनजातीय शिल्प मेला” भी लगाया जाएगा, जिसमें छत्तीसगढ़ के जनजातीय हस्तशिल्प, वनोपज और पारंपरिक उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय किया जाएगा। यहां 14 समूहों द्वारा हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां आगंतुक प्रदेश के पारंपरिक स्वाद का आनंद ले सकेंगे।प्रमुख सचिव श्री बोरा ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान संघ लोक सेवा आयोग परीक्षा 2025 में छत्तीसगढ़ से आदिम जाति विकास विभाग की योजनाओं के सहयोग से चयनित अनुसूचित जनजाति वर्ग के अभ्यर्थी श्री डायमंड सिंह ध्रुव और श्री अंकित साकनी का सम्मान किया जाएगा। साथ ही इस मौके पर ‘प्रयास’ संस्थान के विद्यार्थियों को विभागीय योजनाओं के तहत लैपटॉप भी वितरित किए जाएंगे।
- -खाद्य सचिव रीना कंगाले ने आयल कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक कर दिए आवश्यक दिशानिर्देश-शिकायतों के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-3663 जारीरायपुर /छत्तीसगढ़ में घरेलू एलपीजी गैस तथा डीजल-पेट्रोल की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा के लिए आज मंत्रालय महानदी भवन में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले ने सभी ऑयल कंपनी के अधिकारियों के साथ बैठक कर राज्य में घरेलू एलपीजी गैस तथा डीजल-पेट्रोल की उपलब्धता एवं आपूर्ति व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की।बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य में संचालित सभी 5 एलपीजी बॉटलिंग प्लांटों में एलपीजी गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और घरेलू गैस की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। इस अवसर पर संचालक खाद्य एवं ऑयल कंपनी के अधिकारियों को राज्य में एलपीजी गैस की दैनिक आपूर्ति और वितरण व्यवस्था पर नियमित निगरानी रखने के निर्देश दिए गए, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।बैठक में ऑयल कंपनी के अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि कमर्शियल एलपीजी सिलेण्डर वर्तमान में केवल विशेष अत्यावश्यक संस्थाओं, जैसे अस्पतालों एवं शैक्षणिक संस्थाओं को ही सप्लाई किए जा रहे हैं। इस पर खाद्य सचिव श्रीमती रीना कंगाले ने निर्देशित किया कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों की परीक्षाएँ चल रही हैं, इसलिए शैक्षणिक संस्थाओं एवं छात्रावासों को गैस सिलेण्डर की आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाए।बैठक के दौरान सचिव श्रीमती कंगाले ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों के आधार पर 15 प्रतिशत कमर्शियल सप्लाई होटलों आदि को भी दिए जाने पर विचार किया जाए, ताकि आवश्यक सेवाओं से जुड़े प्रतिष्ठानों को भी सीमित स्तर पर आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही जिलों में एलपीजी गैस के दुरुपयोग तथा अवैध गैस रिफिलिंग की रोकथाम के लिए भी कड़े निर्देश दिए गए। इस संबंध में जिला प्रशासन को आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता या कालाबाजारी को रोका जा सके।बैठक में राज्य में डीजल, पेट्रोल एवं सीएनजी गैस की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। ऑयल कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि राज्य के तीनों डीजल-पेट्रोल डिपो में पर्याप्त मात्रा में स्टॉक उपलब्ध है। इस पर संचालक खाद्य एवं ऑयल कंपनी के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि डीजल और पेट्रोल की दैनिक आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था पर भी नियमित निगरानी रखी जाए।खाद्य सचिव श्रीमती कंगाले ने राज्य के उपभोक्ताओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि प्रदेश में एलपीजी गैस तथा डीजल-पेट्रोल की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में है और इन पेट्रोलियम पदार्थों की किसी प्रकार की कमी या शॉर्टेज नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं को गैस एजेंसियों के माध्यम से गैस सिलेण्डर की आपूर्ति नियमानुसार नियमित रूप से की जा रही है। उन्होंने कहा कि आपूर्ति से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत या जानकारी के लिए उपभोक्ता टोल फ्री कॉल सेंटर नंबर 1800-233-3663 पर संपर्क कर सकते हैं।
- -राजीव नगर वार्ड क्रमांक 29 के वार्डवासियों ने बेदखली से पूर्व प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराने की मांग की-जनदर्शन में आज 136 आवेदन प्राप्त हुएदुर्ग / जिला कार्यालय के सभाकक्ष में कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने जनदर्शन कार्यक्रम में पहंुचे जनसामान्य लोगांे से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन मंे पहंुचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा। जनदर्शन मंे डिप्टी कलेक्टर श्री हितेश पिस्दा भी उपस्थित थे। जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन कराने, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार, आर्थिक सहायता राशि दिलाने सहित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आज 136 आवेदन प्राप्त हुए।जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने प्राप्त अनेक आवेदनों पर त्वरित संज्ञान लिया। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को फोन कर प्रकरणों की जानकारी ली और तत्काल आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।इसी कड़ी में संयोजक हुडको संघर्ष समिति ने पेयजल पाइपलाइन में लीकेज को सुधारने आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि वार्ड क्रमांक 69,70 (हुडको) में पेयजल आपूर्ति की एमडीपी पाइपलाइन में लगातार लीकेज की समस्या आ रही है। वर्ष 2014-15 में बिछाई गई एमडीपी पाइपलाइन से 2021 में पानी की आपूर्ति शुरू हुई, लेकिन लंबे समय तक खाली रहने के कारण पाइप की गुणवत्ता कमजोर हो गई है, जिससे करीब दो दर्जन जगहों पर पाइप फटने की शिकायते मिली है। समिति ने स्थायी समाधान के लिए एमडीपी की जगह डीआई पाइप लगाने की मांग की। इस पर कलेक्टर ने नगर निगम आयुक्त भिलाई को निरीक्षण कर तत्काल आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।दीक्षित कालोनीवासियों ने कोसानगर भिलाई में किए गए अतिक्रमण को हटाने की मांग की। कालोनीवासियों ने बताया कि 15 फीट की कच्ची सड़क पर टीन शेड लगाकर कब्जा कर लिया गया है और आगे जाने वाले मार्ग पर लोहे का गेट, पानी की टंकी व बोरिंग कर रास्ता बंद कर दिया गया है, जिसके कारण असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। इस पर कलेक्टर ने नगर निगम आयुक्त भिलाई को निरीक्षण कर तत्काल आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।ग्राम नगपुरा के ग्रामवासियों ने रेबीज टीका उपलब्ध कराने आवेदन दिया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नगपुरा सहित जिले के कई स्वास्थ्य केंद्रों में रेबीज (कुत्ता काटने) का टीका उपलब्ध नहीं होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंनेे बताया कि टीका नहीं मिलने के कारण पीड़ितों को उपचार के लिए सीधे जिला अस्पताल दुर्ग जाना पड़ता है। उन्होंने नगपुरा सहित सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में रेबीज टीका उपलब्ध कराने की मांग की । इस पर कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।राजीव नगर वार्ड क्रमांक 29 वार्डवासियों ने बेदखली के पूर्व प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराने आवेदन दिया। नगर पालिक निगम भिलाई-चरोदा के वार्ड क्रमांक 29 राजीव नगर में रेलवे भूमि पर बसे लगभग 150 परिवारों ने संभावित बेदखली को लेकर चिंता जताई। बस्तीवासियों ने बताया कि वे कई दशकों से यहां रह रहे हैं और वर्ष 2003 से बिजली कनेक्शन सहित नगर निगम की कई बुनियादी सुविधाएं भी मिल रही हैं। रेलवे विभाग द्वारा बेदखली की कार्रवाई की जाती है तो उससे पहले सभी प्रभावित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत आवास उपलब्ध कराया जाने की मांग की, ताकि गरीब परिवारों को बेघर होने की स्थिति का सामना न करना पड़े।
- रायपुर।धान के कटोरे कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ में अब एक नई फसल अपनी पहचान बना रही है - सुपर फूड मखाना, जिसे काला हीरा भी कहा जाता है। स्वास्थ्यवर्धक गुणों से भरपूर मखाने की खेती अब राज्य में आधुनिक तकनीक और नवाचार के साथ हो रही है।मखाना उत्पादन पर एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं भ्रमण कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर एवं अध्यक्ष जनपद सदस्य आरंग, श्री रिंकू चंद्राकर ने की. मध्य प्रदेश के किसानो सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्री चंद्रहास चंद्राकर ने कहा की केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार छत्तीसगढ़ के किसानों के आर्थिक उन्नति के लिए विशेष रूप से कार्य कर रही है केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान जी के प्रयासों से छत्तीसगढ़ मखाना बोर्ड सेन्ट्रल सेक्टर स्कीम में शामिल हुआ है इसके लिए हम उनका आभार व्यक्त करते हैं.हमारे मुख्य मंत्री श्री विष्णु देव साय कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम जी के द्वारा मखाना उत्पादन को बढ़ावा देने विशेष प्रयास किया जा रहा है श्री चंद्राकर ने कहा की छत्तीसगढ़ में सर्वप्रथम व्यवसायिक उत्पादन आरंग ब्लॉक के ग्राम लिंगाडीह के किसान स्व. श्री कृष्ण कुमार चंद्राकर द्वारा प्रारंभ किया गया था। राज्य का प्रथम मखाना प्रसंस्करण केंद्र का उद्घाटन 5 दिसंबर 2021 को ग्राम लिंगाडीह में तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा किया गया । अब मखाना उत्पादन में प्रदेश में आरंग का नाम अपनी अलग पहचान बना चुका है. कार्यक्रम के अध्यक्ष जनपद सदस्य श्री रिंकू चंद्राकर ने कहा किया हमारे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश का प्रथम मखाना उत्पादन एवं संस्करण केंद्र हमारे क्षेत्र ग्राम लिंगाडीह में स्थापित हुआ है.छटेरा, निसदा एवं अन्य गांव में भी इसके विस्तार हेतु प्रयास किया जा रहे हैं हमारे इस केंद्र में न केवल हमारे प्रदेश के बल्कि अन्य प्रदेश के लोग भी यहां मखाना की खेती सीखने आ रहे हैं जो हमारे प्रदेश के लिए गर्व की बात है.मध्य प्रदेश के उमरिया जिला से 50 किसानों का एक भ्रमण दल कृषि विभाग के द्वारा मखाना की खेती के भ्रमण हेतु रायपुर जिला के आरंग ब्लॉक स्थित ओजस फॉर्म का भ्रमण किया। इस दौरान किसानों ने मखाना की खेती के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की और अपने अनुभव साझा किए।राष्ट्रीय मखाना महोत्सव 2024 एवं 2025 में सम्मानित मखाना उत्पादक किसान एवं ओजस फार्म दाऊजी मखाना के प्रबंधक श्री संजय नामदेव ने मखाना की खेती के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि प्रति एकड़ में 20 किलो बीज की आवश्यकता होती है और उत्पादन लगभग 10 क्विंटल के आसपास प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि 6 माह की अवधि वाले फसल में किसी भी प्रकार का कीट व्याधि का प्रकोप नहीं होता है और न ही किसी प्रकार की चरी और चोरी की समस्या रहती है। इंदिरा गाँधी कृषि विश्व विद्यालय के सब्जी विज्ञान के पी एच डी छात्र डॉ योगेंद्र चंदेल ने किसानों को मखाना की खेती के लिए आवश्यक तकनीक और संसाधनों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मखाना की खेती तालाब एवं खेत दोनों विधि से की जाती है अधिकतम उत्पादन के लिए धान की तरह खेत की मताई 1 मीटर की दुरी पर 55 दिन के नर्सरी की 4000 पौधो की रोपाई एक मीटर पौधा से पौधा एवं कतार से कतार की दुरी पर रोपाई समय समय पर नींदाई खाद प्रबंधन वैज्ञानिक तरीके से करने पर अधिकतम उत्पादन मिलता है मखाना की खेती प्रसंसकरण एवं विपणन के लिए हमारे द्वारा किसानों को प्रशिक्षण और सहायता प्रदान की जाती है।ICAR-CIPHET (केंद्रीय कटाई उपरांत अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान), लुधियाना, पंजाब से प्रशिक्षण प्राप्त शिव नारायण साहू ने मखाना के प्रोसेसिंग की जानकारी देते हुए बताया कि 1 किलो मखाना के बीज से लगभग 200 से 250 ग्राम पॉप प्राप्त होता है, जिसकी बाजार में कीमत ₹700 से लेकर ₹1000 तक होती है। उन्होंने बताया कि यदि किसान मखाना का उत्पादन कर स्वयं प्रसंस्करण कर पैकेजिंग करके भेजते हैं तो प्रति एकड़ अधिकतम लाभ प्राप्त हो सकता है।इस भ्रमण के दौरान किसानों ने मखाना की खेती के बारे में श्री शिव साहू से विस्तृत जानकारी प्राप्त की और अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि मखाना की खेती से उन्हें अच्छा मुनाफा हो सकता है और यह उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार कर सकता है।कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मखाना बोर्ड से इसकी खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि किसानों को मखाना की खेती के लिए प्रशिक्षण और सहायता प्रदान की जाती है, और उन्हें इसके लिए सब्सिडी भी दी जाती है।इस भ्रमण में मध्य प्रदेश के किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग से भ्रमण दल प्रभारी श्री दहायत एवं भ्रमण दल में शामिल किसानों ने बताया कि वे मखाना की खेती के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए उत्साहित हैं और इसे अपने खेतों में अपनाने के लिए तैयार हैं।
- -राज्यपाल ने संत शदाराम साहिब भाषा भवन का शिलान्यास कियारायपुर / राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज संत शदाराम साहिब भाषा भवन का शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय अंतर्गत इनोवेशन एवं इन्क्यूबेशन सेंटर के तहत आयोजित आइडियाथॉन का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि अपनी भावनाओं, दुख और खुशी को व्यक्त करने का सबसे सरल और सशक्त माध्यम हमारी मातृभाषा होती है। उन्होंने मातृभाषा की समृद्धि और विकास पर बल देते हुए कहा कि मातृभाषा से हम सब का आत्मीय जुड़ाव होता है। किसी अनजान जगह पर जब हम किसी मातृभाषी से मिलते है तो उनसे तुरंत एक स्नेह के बंधन मे बंध जाते हैं।हमारा देश अपनी समृद्ध संस्कृति और विविध भाषाओं के लिए जाना जाता है। हमारा देश बहुभाषी होते हुए भी आपस में एकता के सूत्र में बंधा हुआ है। इसमें संस्कृत भाषा का महत्वपूर्ण योगदान है। हमारी प्राचीनतम भाषा संस्कृत है। अगर बारीेकी से अध्ययन किया जाए तो आप देखेंगे कि संस्कृत भाषा शब्द सभी भारतीय भाषाओं-हिन्दी, तमिल, तेलूगु, बंगाली, असमिया आदि में सम्मिलित है। हमारी सांस्कृतिक विविधता ही हमारी सबसे बड़ी विशेषता है।श्री डेका ने कहा कि संत शदाराम साहिब भाषा भवन का शिलान्यास करते समय उन्हें प्रसन्नता हो रही है, सिंधी भाषा संवर्धन की दिशा में यह उल्लेखनीय कदम है। पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविधालय में सिंधी भाषा में एक वर्ष का डिप्लोमा एवं स्नातकोत्तर (एम.ए.) पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं, जो भाषा को जीवित रखने की दिशा में सराहनीय प्रयास है। उन्होेंने कहा कि भारत में अनेक भाषाएं एवं बोलियां बोली जाती है। इनमें से एक सिंधी भाषा है, जिसमें साहित्य और संस्कृति निरंतर प्रवाहमान है। उन्होंने कहा कि विभाजन के बाद सिंधी समाज के लोग भारत देश का हिस्सा बनकर रह रहे है, सिंधी समाज के लोगों ने अपनी मेहनत के दम पर आज संपन्नता हासिल की और समाज ने देश के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश का ऐसा कोई राज्य नहीं होगा जहां सिंधी भाषी न रहते हांे। छत्तीसगढ़ में भी बड़ी संख्या में सिंधी समाज के लोग रहते हैं। उन्होंने कहा कि अपनी भाषा और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए प्रयास करना अच्छी बात है लेकिन जिस प्रदेश में हम रहते है। वहां की भाषा और संस्कृति का सम्मान करना चाहिए। तभी समाज में समरसता आती है।उन्होंने कहा कि भारतीय भाषाओं का इतिहास अत्यंत प्राचीन एवं समृद्ध रहा है। भारतीय भाषाएं हमारी सांस्कृतिक अस्मिता हैं। राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। सभी भाषाएं मिलकर सांस्कृतिक सम्पन्नता को अभिव्यक्त करती हैं। इनका संरक्षण एवं संवर्धन करना हमारा कर्तव्य है। हमें मातृभाषाओं तथा भारतीय भाषाओं का सम्मान करना चाहिए। इनका प्रचार-प्रसार करना चाहिए। आधुनिक तकनीकी से जोड़ने का प्रयास भी आवश्यक है, जिससे आने वाली पीढ़ियों तक इन भाषाओं में समाहित ज्ञान-विज्ञान, इतिहास-विरासत, साहित्य एवं कला-संस्कृति आदि को सहज रूप में हस्तांतरित किया जा सके ।उन्होंने कार्यक्रम मंें गत वर्ष के आइडियाथॉन विजेताओं को पुरस्कार वितरण किया गया।इस अवसर पर शदाणी दरबार के पीठाधीश संत श्री युधीष्ठीर लाल जी महाराज, राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद नई दिल्ली से प्रोफेसर सुनील बाबूराव कुलकर्णी, रायपुर शहर के विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविधालय के कुलपति प्रोफेसर सच्चिदानंद शुक्ला और कुलसचिव डॉ. शैलेन्द्र कुमार पटेल सहित विश्वविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं छात्र-छात्राएं और सिंधी समाज के पदाधिकारी उपस्थित थे।
- -सायरा बानो ई-रिक्शा चलाकर बनीं आत्मनिर्भरता की मिसालरायपुर /धमतरी जिले की सायरा बानो ने यह साबित कर दिया है कि यदि मन में दृढ़ इच्छाशक्ति और आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़ने का जज़्बा हो, तो कोई भी कठिन परिस्थिति सफलता की राह नहीं रोक सकती। शारीरिक दिव्यांगता और अत्यंत कमजोर आर्थिक स्थिति के बावजूद सायरा बानो आजआत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल बनकर सामने आई हैं।कुछ समय पहले तक सायरा बानो का जीवन आर्थिक तंगी में गुजर रहा था। रोजगार के अभाव में उनके लिए रोज़मर्रा की जरूरतों को पूरा करना भी बड़ी चुनौती बन गया था। लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया और रोजगार के लिए जिला प्रशासन से सहायता की मांग की।सायरा बानो की परिस्थितियों और उनके मजबूत इरादों को देखते हुए प्रशासन ने उनकी समस्या को गंभीरता से लिया। उनके मार्गदर्शन में सायरा बानो को बड़ौदा आरसेटी, धमतरी में ई-रिक्शा संचालन का प्रशिक्षण दिलाया गया। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने पूरी लगन और मेहनत के साथ ई-रिक्शा चलाने की तकनीक सीखी। साथ ही उन्हें स्व-रोजगार से जुड़ी जरूरी जानकारी भी दी गई तथा पुलिस विभाग द्वारा यातायात नियमों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद समाज कल्याण विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से सक्षम प्रोजेक्ट के अंतर्गत सायरा बानो को ई-रिक्शा उपलब्ध कराया गया। आज सायरा बानो धमतरी शहर में आत्मविश्वास के साथ ई-रिक्शा चलाकर सम्मानजनक आजीविका कमा रही हैं। इस कार्य से उन्हें प्रतिदिन लगभग 300 से 500 रुपये तक की आय हो रही है, जिससे वे अपनी आवश्यकताओं को सम्मानपूर्वक पूरा कर पा रही हैं। सरकार का उद्देश्य शासन की विभिन्न योजनाओं से जरूरतमंद लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है। यदि लाभार्थी दृढ़ संकल्प और मेहनत के साथ आगे बढ़ें, तो वे अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।सायरा बानो की यह सफलता की कहानी न केवल दिव्यांगजनों के लिए प्रेरणादायक है, बल्कि समाज के हर उस व्यक्ति के लिए एक संदेश है कि कठिन परिस्थितियाँ कभी भी आगे बढ़ने की राह में बाधा नहीं बन सकतीं, यदि व्यक्ति के भीतर आगे बढ़ने का साहस और संकल्प हो।
- -जगदलपुर में 3.29 करोड़ के इनामी 108 सशस्त्र माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण, 44 महिला कैडर भी शामिलरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बस्तर क्षेत्र में माओवादी हिंसा के खिलाफ चल रही मुहिम को एक बड़ी सफलता बताते हुए कहा है कि अब बस्तर में बंदूक नहीं, बल्कि विश्वास की जीत हो रही है। उन्होंने कहा कि जगदलपुर में ₹3.29 करोड़ के इनामी 108 सशस्त्र माओवादी कैडरों द्वारा हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय इस बात का स्पष्ट संकेत है कि बस्तर में शांति, सुशासन और विकास की दिशा में सकारात्मक परिवर्तन हो रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले इन माओवादी कैडरों में 44 महिला माओवादी भी शामिल हैं। यह दर्शाता है कि बस्तर के लोगों में अब विकास और शांति के मार्ग पर आगे बढ़ने का विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की पुनर्वास नीति, सुरक्षा बलों के समन्वित प्रयासों तथा बस्तर क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास कार्यों के कारण बड़ी संख्या में माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं। इससे बस्तर में शांति का वातावरण मजबूत हो रहा है और आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस सफलता के लिए सुरक्षा बलों के साहस, प्रशासन के प्रयासों तथा स्थानीय लोगों के सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि बस्तर के लोग अब भय और हिंसा से मुक्त होकर विकास और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व और केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की जा रही है। छत्तीसगढ़ सरकार केंद्र सरकार के साथ समन्वय करते हुए नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे की दिशा में दृढ़ता से आगे बढ़ रही है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ को भयमुक्त, शांतिपूर्ण और विकसित बनाना है। इसके लिए सुरक्षा, विकास और विश्वास—इन तीनों मोर्चों पर लगातार कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि भयमुक्त और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण सरकार का अटल संकल्प है।
- जगदलपुर । जगदलपुर में बुधवार को पूना मारगेम पुनर्वास से पुनर्जीवन पहल के तहत दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (डीकेएसजेडसी) के 108 नक्सली कैडरों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। समर्पित नक्सलियों में 44 महिला और 64 पुरुष नक्सली शामिल हैं। इन सभी पर 3.29 करोड़ का इनाम घोषित हैँ.।आत्मसमर्पण कार्यक्रम राज्य के डीजीपी अरुण देव गौतम, एडीजी विवेकानंद सिन्हा, बस्तर आईजी सुंदरराज पी सहित सीआरपीएफ, बीएसएफ और जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में आयोजित किया गया। इस दौरान नक्सलियों द्वारा जमा किए गए हथियारों और अन्य सामग्री की भी प्रदर्शनी लगाई गई। अधिकारियों ने बताया कि 101 घातक हथियार जिनमें, एके47, इंसास, एलएमजी, बीजीएल बरामद किये गये हैं। देश के नक्सल इतिहास में पहली बार 3.61 करोड़ रुपये नकद, 1.64 करोड़ मूल्य के एक किलो सोना बरामद किया गया है। अन्य सामग्री बरामद की गई है। इसे अब तक के नक्सल विरोधी अभियानों में सबसे बड़ी डंप बरामदगी माना जा रहा है।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह सभी डंप और सामग्री बस्तर रेंज के अलग-अलग जिलों बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, नारायणपुर, कांकेर, कोंडागांव और बस्तर में चलाए गए अभियानों के दौरान बरामद की गई थी। इन सभी को जगदलपुर स्थित रेंज मुख्यालय में आयोजित आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास कार्यक्रम के दौरान सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया गया।अधिकारियों का कहना है कि सरकार की पुनर्वास नीति और लगातार चल रहे सुरक्षा अभियानों के चलते बड़ी संख्या में नक्सली हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौट रहे हैं। यह आत्मसमर्पण बस्तर में शांति और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
- -निजी क्षेत्र के 396 पदों पर भर्तीकोण्डागांव ।कोण्डागांव एवं अन्य जिलों के शिक्षित बेरोजगार युवक-युवतियों के लिए रोजगार का अवसर उपलब्ध कराने कार्यालय जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र, कोण्डागांव द्वारा 13 मार्च 2026 दिन शुक्रवार को एक दिवसीय प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। यह प्लेसमेंट कैम्प कलेक्टर परिसर, जिला पंचायत के सामने स्थित आशा सिलाई सेंटर के बाजू, कोण्डागांव में पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न 3 बजे तक आयोजित होगा।इस प्लेसमेंट कैम्प के माध्यम से निजी क्षेत्र की विभिन्न कंपनियों द्वारा कुल 396 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। इसमें स्काई ऑटोमोबाइल कोण्डागांव द्वारा रिलेशनशीप मैनेजर 6 पद एवं रिसेप्शनिष्ट के 2 पद, सेल्फ इंटिलिजेण्ट सिक्यूरिटी सर्विसेस भिलाई में सिक्यूरिटी गार्ड के 100 पद, सिक्यूरिटी सुपर वाइजर के 50 पद, फील्ड ऑफिसर, ट्रेनिंग ऑफिसर, मार्केटिंग मैनेजर और अकॉउंटेट के 02-02 पद, लेबर के 200 पद, स्वतंत्र माइक्रोफिन प्रा. लि. के फील्ड ऑफिसर के 30 पद शामिल है।प्लेसमेंट कैम्प में भाग लेने के इच्छुक युवक-युवतियों को अपने समस्त शैक्षणिक प्रमाण पत्र, रोजगार पंजीयन, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो सहित सभी मूल दस्तावेज एवं छायाप्रति के साथ निर्धारित तिथि एवं समय पर उपस्थित होने का आग्रह किया गया है। जिला रोजगार कार्यालय द्वारा युवाओं से अपील की गई है कि वे इस अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाकर निजी क्षेत्र में रोजगार प्राप्त कर सकते हैं।
- -चेकर्ड प्लेट्स के फिर से उत्पादन शुरू करने के साथ, उत्पाद पोर्टफोलियो का किया विस्तारदुर्ग। देश के सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे बड़ी इस्पात उत्पादक महारत्न कंपनी, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने वित्त वर्ष 2025-26 की अप्रैल-फरवरी (11 महीने) की अवधि के दौरान अब तक की अपनी सर्वश्रेष्ठ बिक्री दर्ज की है। कंपनी ने 18.24 मिलियन टन (MT) की रिकॉर्ड कुल बिक्री हासिल की, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 14% की वृद्धि दर्शाती है।इसी अवधि के दौरान, सेल ने 1.11 लाख करोड़ रुपये का अब तक का सर्वाधिक नकद संग्रह (Cash Collection) भी हासिल किया, जिसमें वार्षिक आधार पर 10% की वृद्धि देखी गई। इस दौरान रिटेल बिक्री, स्टॉकयार्ड बिक्री और डोर डिलीवरी (door deliveries) में महत्वपूर्ण सुधार हुआ, जो कंपनी के मजबूत ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण को रेखांकित करता है।फरवरी 2026 की उपलब्धियां:कंपनी ने 1.58 मिलियन टन की कुल बिक्री दर्ज की।जनवरी 2026 की तुलना में इन्वेंट्री में 1.05 लाख टन की कमी आई।कंपनी ने अपने कर्ज (borrowings) को 1000 करोड़ रुपये कम किया।बाजार की विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करते हुए, सेल ने संबंधित क्षेत्रों की मांग को देखते हुए चेकर्ड प्लेट्स (chequered plates) का उत्पादन फिर से शुरू कर दिया है। पहली बार, झारखंड स्थित सेल के बोकारो स्टील प्लांट से चेकर्ड प्लेट्स का उत्पादन किया जा रहा है।इस प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए, निदेशक (वित्त) एवं निदेशक (वाणिज्यिक ) का कार्यभार भी संभाल रहे डॉ. ए.के. पांडा ने कहा: "हम बाजार के अनुरूप ढलने और आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं। इन्वेंट्री और वर्किंग कैपिटल का कुशलतापूर्वक प्रबंधन करके, हम उस वित्तीय अनुशासन का प्रदर्शन कर रहे हैं जो कंपनी की नींव को मजबूत करता है। साथ ही, हमारी रिकॉर्ड बिक्री और नकद संग्रह हमारे ग्राहकों द्वारा हम पर जताए गए भरोसे का प्रमाण है।"
- -राजधानी क्षेत्र के योजनाबद्ध विकास से छत्तीसगढ़ को मिलेगा नया ग्रोथ इंजन: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय-महानगरों की तर्ज पर विकसित होगा स्टेट कैपिटल रीजन, आधुनिक अधोसंरचना और कनेक्टिविटी को मिलेगी गति-एससीआर में व्यवस्थित आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार-वाणिज्य, कनेक्टिविटी और आधुनिक अधोसंरचना का होगा तेजी से विकास-निर्धारित योजना और समयसीमा के अनुरूप पूरे किए जाएं एससीआर के काम, मुख्यमंत्री ने प्रगति की नियमित रूप से उच्चस्तरीय समीक्षा के दिए निर्देशरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज विधानसभा परिसर स्थित उनके कार्यालय में छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (स्टेट कैपिटल रीजन – SCR) की पहली बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्राधिकरण के उद्देश्य, कार्यप्रणाली, गतिविधियों तथा राजधानी क्षेत्र के समग्र और योजनाबद्ध विकास की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।मुख्यमंत्री श्री साय ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण की परिकल्पना शहर की बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थित आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार-वाणिज्य और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की पहली बैठक अत्यंत सार्थक रही है और विभिन्न विषयों पर हुई विस्तृत चर्चा के सकारात्मक परिणाम आने वाले समय में स्पष्ट रूप से दिखाई देंगे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राजधानी रायपुर और आसपास के शहर तेजी से विकसित होते हुए एक बड़े शहरी क्षेत्र का रूप ले रहे हैं, इसलिए महानगरों की तर्ज पर इनके संतुलित और योजनाबद्ध विकास की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि स्टेट कैपिटल रीजन की घोषणा से जनता की अपेक्षाएँ भी बढ़ी हैं और इन अपेक्षाओं को पूरा करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित योजना और समयसीमा के अनुरूप पूरे किए जाएं तथा प्रगति की नियमित रूप से उच्चस्तरीय समीक्षा सुनिश्चित की जाए।बैठक में बताया गया कि राजधानी रायपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों को स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें रायपुर, दुर्ग-भिलाई, नवा रायपुर अटल नगर और आसपास के क्षेत्र शामिल होंगे। यह क्षेत्र बड़े महानगरों की तर्ज पर विकसित किया जाएगा और भविष्य में छत्तीसगढ़ के विकास का एक प्रमुख ग्रोथ इंजन बनेगा।बैठक में राजधानी क्षेत्र में क्षेत्रीय मोबिलिटी और लॉजिस्टिक्स के विकास, मेट्रो संचालन के लिए टेक्नो-इकोनॉमिक फिजिबिलिटी स्टडी, सर्वेक्षण कार्यों के संचालन तथा इसके लिए विशेषज्ञ सलाहकारों की नियुक्ति पर विचार किया गया। साथ ही प्राधिकरण के प्रशासकीय और वित्तीय अधिकारों के प्रत्यायोजन, ऑडिट सेवाओं के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट की नियुक्ति और प्लानिंग प्रभाग के लिए विशेषज्ञ सलाहकारों की सेवाएं लेने के प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई।बैठक में राजधानी क्षेत्र विकास एवं निवेश योजना तैयार करने की कार्ययोजना पर भी विचार किया गया। इसके अंतर्गत निवेश क्षेत्रों का विधिवत चिन्हांकन, आवश्यक सर्वेक्षण, अनुसंधान एवं अध्ययन तथा चरणबद्ध रूप से परियोजनाओं के क्रियान्वयन की रणनीति तैयार की जाएगी। साथ ही राजधानी क्षेत्र में भूमि विकास और आबंटन की प्रक्रिया को सरल बनाने के संबंध में भी आवश्यक निर्देश जारी करने पर सहमति बनी। बैठक में प्राधिकरण की प्रारंभिक गतिविधियों के लिए 27 करोड़ रुपये के प्रावधान की जानकारी भी दी गई।बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अंकित आनंद, नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., एनआरडीए के सीईओ श्री चंदन कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।उल्लेखनीय है कि भौगोलिक दृष्टि से देश के मध्य में स्थित छत्तीसगढ़ व्यापार, वाणिज्य और उद्योग के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है। स्टेट कैपिटल रीजन के विकास से राजधानी और आसपास के शहरों में योजनाबद्ध शहरी विस्तार, बेहतर परिवहन कनेक्टिविटी, आधुनिक अधोसंरचना और निवेश के नए अवसर उपलब्ध होंगे।

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