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- -मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा - केंद्र सरकार की पहल पीवीटीजी समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में ऐतिहासिक कदम, छत्तीसगढ़ सरकार करेगी कार्यों का शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयनरायपुर । प्रधानमंत्री जनमन योजना (PM-JANMAN) के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को 375.71 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 6,569.56 मीटर लम्बाई के कुल 100 पुलों की स्वीकृति प्रदान की गई है। यह स्वीकृति 2025–26 बैच–II के अंतर्गत दी गई है। इस ताज़ा स्वीकृति के साथ अब तक राज्य को कुल 715 सड़कें (2,449.108 किलोमीटर) और 100 पुल प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत स्वीकृत किए जा चुके हैं।इस स्वीकृति पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि जन-मन योजना के माध्यम से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) को सशक्त बनाने की जो दूरदर्शी पहल केंद्र सरकार द्वारा की गई है, वह छत्तीसगढ़ जैसे आदिवासी बहुल राज्य के लिए महत्वपूर्ण है। हम इस स्वीकृति को केवल पुलों और सड़कों की स्वीकृति नहीं, बल्कि विकास, विश्वास और समावेश की नई राह के रूप में देखते हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार केंद्र सरकार की भावना के अनुरूप इन सभी स्वीकृत कार्यों को फास्ट ट्रैक मोड पर, पूर्ण गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ पूरा करेगी, ताकि इसका प्रत्यक्ष लाभ पीवीटीजी आबादी को शीघ्र मिल सके। इन सड़कों और पुलों के निर्माण से न केवल इन दुर्गम क्षेत्रों में जीवन सुगम होगा, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा, बाजार और शासन से जुड़ाव भी सुनिश्चित हो सकेगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल माननीय प्रधानमंत्री जी के ‘विकसित भारत @2047’ के संकल्प की एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जो यह सुनिश्चित करती है कि कोई भी नागरिक, चाहे वह देश के कितने ही सुदूर या वंचित क्षेत्र में क्यों न हो, विकास की मुख्यधारा से वंचित न रहे।मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि वे स्वीकृत पुलों और सड़कों का निर्माण कार्य प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र प्रारंभ करें और सभी कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग, स्थानीय जनसुनवाई, एवं समयबद्ध प्रगति रिपोर्टिंग सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के पीवीटीजी समुदायों के जीवन में ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिलेगा।
- -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री व केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय का जताया आभार, कहा – यह राशि वंचित अंचलों के लिए विकास, विश्वास और शांति की सशक्त आधारशिला बनेगीरायपुर, /छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दुर्गम और वनवासी अंचलों में ग्रामीण संपर्क और आधारभूत संरचना को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए भारत सरकार ने सड़क संपर्क परियोजना "RCPLWEA (Road Connectivity Project for Left Wing Extremism Affected Areas)" के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए छत्तीसगढ़ को 195 करोड़ रुपए की केंद्रीय सहायता राशि स्वीकृत की है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस महत्वपूर्ण स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह स्वीकृति छत्तीसगढ़ के उन सुदूर अंचलों में विकास का नया प्रकाश लेकर आएगी, जो दशकों से नक्सल हिंसा और भौगोलिक दुर्गमता से जूझते रहे हैं। यह राशि वहां के लोगों के लिए विकास, विश्वास और स्थायी शांति की सशक्त आधारशिला सिद्ध होगी। हमारी सरकार इस निधि का उपयोग पूर्ण पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ करेगी।यह स्वीकृति वित्त मंत्रालय की “जस्ट-इन-टाइम” फंड रिलीज़ प्रणाली के अंतर्गत सिंगल नोडल एजेंसी स्पर्श मॉडल के माध्यम से दी गई है। मदर सैंक्शन सक्षम प्राधिकरण की अनुमति से तैयार किया गया है और यह PFMS (Public Financial Management System) पर अपलोड किया गया है।
- - बिजली के बिल से मिली राहत- प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना से अपने घर की छत पर ऊर्जा का उत्पादन करने से बिजली बिल से मिली मुक्ति, ऊर्जा संरक्षण की दिशा में बन रहा कारगर- सोलर पैनल लगाने के लिए आसानी से बैंक से मिल रहा ऋणराजनांदगांव । शासन की प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना बहुत किफायती एवं उपयोगी है। सौर ऊर्जा पर्यावरण मित्र है तथा भविष्य के लिए इसका उपयोग महत्वपूर्ण साबित होगा। राजनांदगांव शहर में इस योजना के प्रति जनसामान्य में रूझान बढ़ा है। सौर ऊर्जा का उपयोग करते हुए अपने बिजली के बिल में कमी लाने के लिए उपभोक्ता अपने घरों में सोलर पैनल लगाकर विद्युत की बचत कर रहे हंै। राजनांदगांव शहर के कमला कॉलेज रोड निवासी श्री गगन गुप्ता ने बताया कि उन्होंने अपने घर में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत 5 लाख रूपए की लागत से 10 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल लगाया है। शासन की ओर से 78 हजार रूपए की अनुदान राशि प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि पहले 10 से 15 हजार रूपए बिजली बिल आता था। जिससे वह परेशान थे। जब से इस योजना के तहत सोलर पैनल लगाए हैं, तब से बिजली के बिल से राहत मिली है और अब तो बिजली का बिल शून्य हो गया है। वहीं अतिरिक्त बिजली का उत्पादन होने के बाद जमा भी हो रहा है। उन्होंने कहा कि शासन की यह योजना बहुत उपयोगी है और इस योजना के तहत सोलर पैनल लगाने के लिए आसानी से बैंक से ऋण भी मिल रहा है। इस योजना का लाभ लेने के लिए सभी को अधिक से अधिक प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर पैनल लगाना चाहिए। इस योजना का लाभ लेते हुए बिजली उपभोक्ता से ऊर्जादाता बन सकते है। सौर ऊर्जा अक्षय ऊर्जा का स्रोत है, जिससे पर्यावरण के दृष्टिकोण से भी यह बहुत अच्छा है। उन्होंने शासन की इस महत्वपूर्ण योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद दिया।उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत अपने घर की छत पर ही ऊर्जा का उत्पादन करने की यह पहल बिजली के बिल से मुक्ति दिलाने तथा ऊर्जा संरक्षण की दिशा में कारगर साबित हो रही है। प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत स्थापित प्लांट नेट मीटरिंग द्वारा विद्युत ग्रिड से संयोजित होगा, जिससे उपभोक्ता द्वारा अपनी खपत से अधिक उत्पादित बिजली ग्रिड में सप्लाई हो जाती है। इससे न केवल उपभोक्ता के घर का बिजली बिल शून्य हो जाता है, बल्कि ग्रिड में दी गई बिजली के एवज में अतिरिक्त आय भी प्राप्त होती है। शासन द्वारा प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत 30 हजार रूपए से 78 हजार रूपए तक की सब्सिडी प्रति प्लांट दिए जाने का प्रावधान है। रूफटॉप सोलर संयंत्र की क्षमता अनुसार लागत राशि एवं सब्सिडी अलग-अलग है। उपभोक्ता द्वारा सोलर प्लांट के ब्रांड चयन कर सकते हंै। 3 किलोवाट से अधिक क्षमता का प्लांट लगाने पर अधिकतम 78 हजार रूपए तक सब्सिडी का प्रावधान है। प्रधानमंत्री सूर्यघर-मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को वेबसाईट pmsuryaghar.gov.in या PMSuryaGhar मोबाईल एप पर पंजीयन कर लॉग इन आईडी प्राप्त करना होगा। इसके बाद वेब पोर्टल पर उपलब्ध वेंडर का चुनाव कर बिजली कर्मचारी की मदद से वेब पोर्टल पर पूर्ण आवेदन करना होगा। निर्धारित अनुबंध हस्ताक्षरित होने के पश्चात वेंडर द्वारा छत पर प्लांट की स्थापना एवं डिस्कॉम द्वारा नेट मीटर स्थापित किया जाता है। स्थापित प्लांट के सत्यापन पश्चात शासन द्वारा सब्सिडी ऑनलाईन जारी कर दी जाती है। इस दौरान यदि उपभोक्ता इच्छुक हो तो शेष राशि का प्रकरण 7 प्रतिशत ब्याज दर पर बैंक ऋण हेतु बैंकों को जनसमर्थन पोर्टल द्वारा ऑनलाईन प्रेषित किया जाता है।
- -अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण का बजट 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ किया गया-अनुसूचित जाति वर्ग के पांच युवाओं को हर साल पायलट बनाने दी जाएगी आर्थिक सहायता-गिरौधपुरी धाम के विकास के लिए 2 करोड़, अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के कोचिंग के लिए 50 लाख रुपए की दी गई स्वीकृतिरायपुर।, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज जांजगीर-चांपा जिले के जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की बैठक में प्राधिकरण के बजट को 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ रुपये करने की स्वीकृति दी गई। मुख्यमंत्री श्री साय ने निर्देश दिए कि प्राधिकरण मद से स्वीकृत कार्यों को सभी कलेक्टर्स गंभीरता से लें और उन्हें उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अब प्राधिकरण की बैठक हर वर्ष समय पर आयोजित होगी और कार्यों की गहन समीक्षा की जाएगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि संविधान की मंशा के अनुरूप अनुसूचित जाति समुदाय के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक उत्थान के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा प्रदत्त संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करते हुए हम बाबा गुरु घासीदास जी के ‘मनखे-मनखे एक समान’ के संदेश को आत्मसात कर समाज में सम्मान और समानता की भावना को सशक्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचे, यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जांजगीर-चांपा जिले को इस बैठक के लिए विशेष रूप से इसलिए चुना गया क्योंकि यह अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य अपनी स्थापना के 25वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है, और अब समय आ गया है कि हम विकास की दिशा में नए कीर्तिमान स्थापित करें।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की संकल्पना के अनुरूप राज्य में विकास के कार्य हुए हैं। अनुसूचित जाति समाज के समुचित विकास के लिए प्राधिकरण एक सशक्त माध्यम है, जिसके माध्यम से सरकार ठोस प्रयास कर रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने गिरौधपुरी धाम के विकास के लिए 2 करोड़ रुपये, अजा वर्ग के विद्यार्थियों हेतु कोचिंग व्यवस्था के लिए 50 लाख रुपये, प्रत्येक वर्ष अनुसूचित जाति वर्ग के 5 युवाओं को पायलट प्रशिक्षण हेतु सहायता, तथा जोड़ा जैतखंभ के निर्माण में सीमेंट के साथ-साथ लकड़ी के उपयोग हेतु राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। साथ ही, दिल्ली में संचालित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीट संख्या बढ़ाकर 200 करने की जानकारी दी और विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु इसका लाभ लेने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने आगामी समय में सभी जिला मुख्यालयों में 'नालंदा परिसर' के निर्माण की भी बात कही।मुख्यमंत्री श्री साय ने बैठक के दौरान प्राधिकरण मद से स्वीकृत कार्यों के वर्षों से लंबित रहने पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि भले ही प्राधिकरण के कार्यों की राशि कम हो, लेकिन उनका सामाजिक महत्व अत्यंत बड़ा है। इन कार्यों का समय पर पूर्ण न होना चिंता का विषय है।बैठक को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में अनुसूचित जाति समाज के उत्थान के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री की सोच समाज के वंचित वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में स्पष्ट है। उन्होंने सभी लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए और सभी समाज को साथ लेकर छत्तीसगढ़ के समग्र विकास का संकल्प दोहराया।अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष गुरु खुशवंत साहेब ने मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में समाज के विकास के लिए किए जा रहे कार्यों हेतु आभार प्रकट किया। उन्होंने गिरौधपुरी धाम में रोपवे निर्माण, मेला आयोजन के दौरान बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, जोक नदी के पास स्नान हेतु आवश्यक व्यवस्था, ठहरने की सुविधा, जोड़ा जैतखंभ में लकड़ी के उपयोग, बाराडेरा धाम में ऐतिहासिक तालाब का संरक्षण और सौंदर्यीकरण, विद्यार्थियों के लिए स्मार्ट क्लास की व्यवस्था जैसी मांगें बैठक में रखीं। उन्होंने बजट वृद्धि और मांगों की स्वीकृति के लिए भी आभार व्यक्त किया।बैठक में प्राधिकरण के स्वरूप, कार्यक्षेत्र, अनुमोदित कार्यों की समीक्षा, बजट प्रावधानों की जानकारी, एवं वित्तीय वर्ष 2020 से 2025 तक स्वीकृत कार्यों की प्रगति सहित नागरिक सुविधाओं, सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों, और शैक्षणिक सुविधा विस्तार जैसे विषयों पर गहन चर्चा की गई। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं प्राधिकरण सदस्यों के प्रस्तावों के आधार पर 49 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के विकास एवं हितग्राही मूलक कार्यों का अनुमोदन किया गया।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, उपाध्यक्ष गुरु खुशवंत साहेब, मंत्री श्री दयाल दास बघेल, श्री लखन लाल देवांगन, श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, श्री टंकराम वर्मा, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले, श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा, श्री दिलीप लहरिया, श्रीमती शेषराज हरवंश, श्रीमती उतरी गणपत जांगड़े, श्रीमती कविता प्राण लहरे, श्रीमती हर्षिता स्वामी बघेल सहित रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग संभाग के आयुक्त, आईजी, एवं 17 जिलों के कलेक्टर उपस्थित थे।उल्लेखनीय है कि अनुसूचित जाति प्राधिकरण का कार्यक्षेत्र संपूर्ण राज्य है जिसमें प्रदेश के 17 अनुसूचित जाति बाहुल्य जिले – जांजगीर-चांपा, सक्ती, बिलासपुर, मुंगेली, रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, गरियाबंद, रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, दुर्ग, बेमेतरा, बालोद, महासमुंद, राजनांदगांव, खैरागढ़ सहित अन्य वे जिले भी शामिल हैं, जिनमें अनुसूचित जाति जनसंख्या 25 प्रतिशत से अधिक है।बैठक में जांजगीर-चांपा जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सत्यलता आनंद मिरी, बिलासपुर से श्री राजेश सूर्यवंशी, गरियाबंद से श्री गौरीशंकर कश्यप, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद एवं श्री बसव राजू, पुलिस महानिदेशक श्री अरुणदेव गौतम, विभागीय सचिव श्रीमती शहला निगार, श्री रोहित यादव, श्री कमलप्रीत सिंह, श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले, श्री आर. प्रसन्ना, श्रीमती शम्मी आबिदी सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर/ रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू ने रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नगर पालिक निगम रायपुर के जोन क्रमांक 9 अंतर्गत लाल बहादुर शास्त्री वार्ड क्रमांक 51 के क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना संकल्प सोसायटी फेस 2 में सुन्दरस्ता निखारने हेतु 7 लाख 76 हजार रू. की स्वीकृत लागत से पेवर लगाने का नवीन विकास कार्य वार्ड 51 की पार्षद श्रीमती रेणु जयंत साहू सहित जोन 9 जोन कमिश्नर श्री संतोष पाण्डेय, कार्यपालन अभियंता श्री अशुल शर्मा सीनियर, सहायक अभियंता श्री सैयद जोहेब, उप अभियंता श्री अतुल बंसल सहित प्रधानमंत्री आवास योजना सकल्प सोसायटी फेस 2 परिसर के रहवासियों के मध्य श्रीफल फोडकर और कुदाल चलाकर भूमिपूजन करते हुए प्रारंभ किया।रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू ने कार्य का भूमिपूजन कर जोन 9 कमिश्नर एवं कार्यपालन अभियता को स्वीकृति अनुरूप शीघ्र नया विकास कार्य वार्ड 51 के संकल्प सोसायटी फेस 2 क्षेत्र में प्रारंभ कर पेवर लगाने एवं समय सीमा में कार्य मॉनिटरिंग कर गुणवत्ता सहित पूर्ण करने के निर्देश दिये। वार्ड पार्षद श्रीमती रेणु जयत साहू ने पेवर लगाने का नया विकास कार्य वार्ड क्षेत्र मे प्रारंभ करवाने पर संकल्प सोसायटी फेस 2 के सभी रहवासियों की ओर से रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू को धन्यवाद दिया।
- रायपुर - माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के पालन में राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग और रायपुर जिला प्रशासन द्वारा दिए गए दिशा - निर्देश के अनुरूप महापौर श्रीमती मीनल चौबे, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर, आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर रायपुर नगर पालिक निगम के सभी 10 जोनो की टीमो द्वारा अभियान चलाकर जोन क्षेत्र के विभिन्न मुख्य मार्गों में गॉनिटरिंग करके सड़को पर आवारा पशुओ की धरपकड़ कर उन्हें गौठानो में काउकेचर वाहन से भेजे जाने की कार्यवाही प्रतिदिन निरंतर प्रगति पर है।अभियान के अंतर्गत रायपुर नगर पालिक निगम द्वारा सभी 10 जोनों में दिन भर अभियान चलाकर राजधानी शहर रायपुर निगम क्षेत्र में तीन दिन में विभिन्न सड़क मार्गो से 161 आवारा पशुओं की धरपकड़ कर उन्हें गौठानों में भेजा गया है.विगत दिनांक 4 अगस्त को 65 आवारा पशुओं और विगत दिवस 5 अगस्त को 57 आवारा पशुओं और आज 6 अगस्त 2025 को 39 आवारा पशुओं की धरपकड़ की गयी है.दिन भर चले अभियान की सतत मॉनिटरिंग महापौर, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष, आयुक्त के निर्देश पर निगम अपर आयुक्त स्वास्थ्य श्री विनोद पाण्डेय और निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर प्रीति सिंह द्वारा की जा रही है और सभी जोन कमिश्नरों ने जोन स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ मिलकर आवारा पशुओं को काऊकैचर वाहनों की सहायता से गौठानों में भिजवाने की व्यवस्था दी जा रही है. अभियान निरंतर जारी रहेगा।
- महापौर मीनल चौबे के निर्देश पर होटलों में मांस - मटन विक्रय करने पर जप्ती की कार्यवाही कर सम्बंधित व्यक्ति के विरुद्ध यथोचित कार्यवाही भी की जाएगी0*रायपुर -रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे के निर्देश पर नगर पालिक निगम रायपुर के सम्पूर्ण परिक्षेत्र में स्वतंत्रता दिवस दिनांक 15 अगस्त, कृष्ण जन्माष्टमी दिनांक 16 अगस्त, पर्युषण पर्व का प्रथम दिवस दिनांक 19 अगस्त, श्रीगणेश चतुर्थी दिनांक 26 अगस्त,, पर्युषण पर्व का अंतिम दिवस दिनांक 27 अगस्त 2025 को मांस - मटन का विक्रय पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा।इस सम्बन्ध में छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आदेश के परिपालन में रायपुर नगर पालिक निगम के स्वास्थ्य विभाग की ओर से नगर पालिक निगम स्वास्थ्य अधिकारी श्री प्रीति सिंह ने स्वतंत्रता दिवस दिनांक 15 अगस्त, कृष्ण जन्माष्टमी दिनांक 16 अगस्त, पर्युषण पर्व का प्रथम दिवस दिनांक 19 अगस्त, श्रीगणेश चतुर्थी दिनांक 26 अगस्त, पर्युषण पर्व का अंतिम दिवस दिनांक 27 अगस्त 2025 को रायपुर नगर पालिक निगम के सम्पूर्ण परिक्षेत्र में स्थित पशुवध गृह एवं समस्त मांस - मटन विक्रय की दुकानों को बंद रखे जाने का आदेश जारी किया है।स्वतंत्रता दिवस दिनांक 15 अगस्त, कृष्ण जन्माष्टमी दिनांक 16 अगस्त, पर्युषण पर्व का प्रथम दिवस दिनांक 19 अगस्त, श्रीगणेश चतुर्थी दिनांक 26 अगस्त, पर्युषण पर्व का अंतिम दिवस दिनांक 27 अगस्त 2025 को नगर पालिक निगम रायपुर के जोन स्वास्थ्य अधिकारीगण, जोन स्वच्छता निरीक्षकगण मांस- मटन के विक्रय पर प्रतिबन्ध के आदेश का व्यवहारिक पालन सुनिश्चित करवाएंगे और इस हेतु अपने - अपने सम्बंधित जोन क्षेत्रों में मांस - मटन की दुकानों का सतत निरन्तर पर्यवेक्षण करेंगे.रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे के निर्देश पर प्रतिबंध आदेश का व्यवहारिक पालन करवाने होटलों में उक्त पावन पर्व दिवसों पर मांस- मटन विक्रय करने पर जप्ती की कार्यवाही कर सम्बंधित व्यक्ति के विरूद्ध यथोचित कार्यवाही भी की जाएगी।
- किचन में गन्दगी मिली, 10 हजार रूपये जुर्माना कियारायपुर / रायपुर नगर पालिक निगम में प्राप्त गन्दगी सम्बंधित जनशिकायत को तत्काल संज्ञान में लेकर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप द्वारा दिए गए आदेशानुसार और जोन 7 जोन कमिश्नर श्री राकेश शर्मा द्वारा दिए गए निर्देशानुसार नगर निगम जोन 7 स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री आत्मानंद साहू की उपस्थिति में प्राप्त जनशिकायत की वस्तुस्थिति की जानकारी लेने जोन 7 क्षेत्र अंतर्गत शहीद चूड़ामणि नायक वार्ड क्रमांक 37 क्षेत्र अंतर्गत जीई मार्ग में वन्दना ऑटो के समीप सिटी प्लस बार की स्वच्छता व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान किचन में गन्दगी पायी गयी और प्राप्त जनशिकायत सही पायी गयी इस पर निगम जोन 7 जोन कमिश्नर के निर्देश पर जोन स्वास्थ्य अधिकारी ने भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी देते हुए सिटी प्लस बार के संचालक पर तत्काल 10000 रूपये का जुर्माना किया और नगर निगम को गन्दगी सम्बंधित प्राप्त जनशिकायत का जोन के स्तर पर त्वरित निदान किया गया.
- *प्रोजेक्ट धड़कन के तहत आडवाणी आर्लिकन स्कूल, बीरगांव में 433 बच्चों की स्वास्थ्य जांच*रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिला प्रशासन रायपुर की नवाचार पहल “प्रोजेक्ट धड़कन” के अंतर्गत, आज शासकीय आडवाणी आर्लिकन स्कूल, बीरगांव में विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया।शिविर में जन्मजात हृदय रोग की प्रारंभिक पहचान हेतु जांच की गई। कुल 433 बच्चों (212 छात्र एवं 221 छात्राएं) की स्क्रीनिंग की गई, जिनमें से 1 बच्चा संदिग्ध पाया गया। उक्त बच्चे को आगे की विशेष जांच हेतु श्री सत्य साईं हॉस्पिटल, नवा रायपुर भेजा जाएगा।जिले में कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के नेतृत्व में चलाए जा रहे प्रोजेक्ट धड़कन का उद्देश्य आंगनबाड़ी और शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों में हृदय रोग के लक्षणों की समय रहते पहचान कर, उनका निःशुल्क उपचार सुनिश्चित करना है। जांच के दौरान तेज धड़कन, वजन न बढ़ना, शरीर में नीलापन, बार-बार सर्दी-खांसी, सांस लेने में परेशानी और स्तनपान के समय पसीना आने जैसे संभावित लक्षणों पर विशेष ध्यान दिया गया।
- रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप, जिला प्रशासन रायपुर ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल "ग्रीन पालना अभियान" की शुरुआत की है। इस अनूठी पहल के अंतर्गत, सरकारी अस्पतालों में प्रसव उपरांत माताओं को 5 फलदार पौधों :- आम, अमरूद, जामुन, पपीता और मुनगा की सौगात दी जा रही है। आज इस अभियान के तहत धरसींवा ब्लॉक 02, तिल्दा ब्लॉक 02, आरंग ब्लॉक 02, अभनपुर ब्लॉक 05, बिरगांव रायपुर 01 और शहरी रायपुर 02, कुल 14 प्रसूताओं को यह पौधे भेंट किए गए।यह पहल न केवल नवजात शिशु के जीवन की नई शुरुआत का प्रतीक है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हरियाली और स्वच्छ पर्यावरण का संदेश भी देती है।
- *प्रोजेक्ट दक्ष: कर्मचारियों को मिल रहा डिजिटल दक्षता का प्रशिक्षण*रायपुर। प्रोजेक्ट दक्ष: हम होंगे स्मार्ट" अब एक नई दिशा और पहचान बना रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा अनुरूप और कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में इस परियोजना के माध्यम से जिले के शासकीय अधिकारी और कर्मचारी डिजिटल सशक्तिकरण की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। प्रोजेक्ट दक्ष के अंतर्गत आज जनपद के इंजीनियर एवं जिला सांख्यिकी के कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया |इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, गति और प्रभावशीलता लाना है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में कर्मचारियों को कंप्यूटर और मोबाइल के मूल उपयोग, साइबर सुरक्षा, डेटा गोपनीयता, डिजिटल डॉक्यूमेंट मैनेजमेंट, ईमेल और MS Office जैसे उपयोगी टूल्स की व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है।मास्टर ट्रेनर्स की मदद से यह प्रशिक्षण चरणबद्ध तरीके से कलेक्टोरेट स्थित बीपीओ सेंटर मल्टीलेवल पार्किंग में संचालित किया जा रहा है। प्रतिदिन दो पाली में 25-25 बैच में प्रशिक्षण दिया रहा है। जिसमें ऑन-हैंड प्रैक्टिकल सेशन शामिल हैं। प्रशिक्षण के अंत में प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया जाएगा और सफल प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया जाएगा।
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*हाफ बिल से मुफ्त बिजली बिल की ओर कदम*
बिलासपुर के तिफरा स्थित कल्याण भवन में शिविर का आयोजन
बिलासपुर / छत्तीसगढ़ में उपभोक्ता हाफ बिजली से मुफ्त बिजली बिल की योजना की ओर ले जाने तिफरा स्थित कल्याण भवन में ऑनस्पॉट रजिस्ट्रेशन किया गया । छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी इस योजना के प्रचार-प्रसार के लिए विशेष अभियान चला रही है, जिसके तहत रूफटॉफ सोलर पॉवर प्लांट लगाने के लिए रजिस्ट्रेशन आरंभ किया गया। बिलासपुर क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक ए. के. अम्बष्ट ने बिलासपुर रीजन में भी इस शिविर का आगाज किया। वहां 60 से अधिक आवेदकों ने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत अपने आवास में रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया। साथ ही कोरबा में आयोजित में 22 से अधिक आवेदकों ने इस योजना के अन्तर्गत अपना रजिस्ट्रेशन कराया है।
इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक श्री अम्बष्ट ने कहा कि हमें स्वच्छ और हरित ऊर्जा के मामले में कदम बढ़ाना है। इसके लिए प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना लागू की गई है, जो हर उपभोक्ता को बिजली उत्पादक बना देगी। इस योजना की शुरुआत पॉवर कंपनी के अधिकारी-कर्मचारियों से किया गया, ताकि आस-पड़ोस व मोहल्ले के लोग उसे देखकर प्रेरित हों और वे भी सोलर प्लांट लगवाने आवेदन करें, जिसमें स्थानीय अधिकारी-कर्मचारियो ने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया।
कार्यक्रम में कार्यपालक निदेशक श्री अम्बष्ट ने बताया कि इस योजना के तहत राज्य सरकार ने भी भारी अनुदान की घोषणा की है, जिसके तहत अब एक किलोवाट क्षमता के प्लांट लगाने पर 45 हजार रुपए की छूट मिलेगी। दो किलोवाट पर 90 हजार और तीन किलोवाट पर एक लाख आठ हजार रुपए की सब्सिडी मिलेगी। रजिस्ट्रेशन के बाद सोलर पैनल लगाने वाले तकनीकी अधिकारी उनके आवास पर जाकर ड्राइंग-डिजाइन और प्राक्कलन तैयार करेंगे और उपभोक्ता के घर पर रूफटॉप सोलर पॉवर प्लांट की स्थापना करेंगे। पहले चरण में बिजली कंपनियों के अधिकारी-कर्मचारियों ने इस योजना के लिए बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री डी. के. भोजक ने कहा कि इस योजना में आप अपनी मासिक बिजली बिल जितना ईएमआई देकर अपना बिजली बिल शून्य कर सकते हैं। इस अवसर पर अधीक्षण अभियंता सर्वश्री सुरेश जांगड़े, श्री पी. आर. साहू श्री व्ही. बी. एस. कंवर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
- *एक लीटर पानी में 5 मिली नैनो डीएपी- आसान और प्रभावी खेती का तरीका**नैनो डीएपी: किसानों के लिए लाभकारी और पर्यावरण अनुकूल उर्वरकरायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप "प्रोजेक्ट नैनो" के तहत ड्रोन और नैनो के प्रयोग के संबंध में श्री राजेश गोले इफको द्वारा जिले के अधिकारी एवं कर्मचारियों को तकनीकी जानकारी प्रदान की गई एवं प्रचार प्रसार के लिए प्रेरित किया गया | उन्होंने कहा की नैनो डीएपी का उपयोग बेहद आसान है :- एक लीटर पानी में 5 मिली नैनो डीएपी मिलाकर इसका छिड़काव किया जाता है। एक सामान्य घरेलू ढक्कन (25 मिली) की मात्रा 5 लीटर पानी के लिए पर्याप्त होती है।कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित प्रशिक्षण में श्री गोले ने बताया की वैज्ञानिकों ने भी नैनो डीएपी को किसानों के लिए लाभकारी बताया है। यह उर्वरक पौधों को आवश्यक नाइट्रोजन और फास्फोरस प्रदान करता है, जिससे उनकी बेहतर वृद्धि, विकास और उत्पादन में मदद मिलती है। साथ ही, यह मिट्टी के स्वास्थ्य को भी बेहतर करता है और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प के रूप में पारंपरिक डीएपी का स्मार्ट विकल्प है।नैनो डीएपी का उपयोग बीज उपचार, मिट्टी में मिलाने और पत्तों पर छिड़काव — तीनों रूपों में किया जा सकता है। यह सभी प्रकार की फसलों के लिए उपयुक्त है और किसानों को उत्पादन बढ़ाने में मदद कर रहा है।
- दुर्ग/ तकनीकी शिक्षा संस्थाओं में संचालित सत्र 2025-26 में विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु तीन चरणों की काउंसिलिंग के पश्चात् रिक्त सीटों पर एक अतिरिक्त चतुर्थ चरण हेतु संचालनालय तकनीकी शिक्षा रायपुर द्वारा सूचना जारी की गई है। इसके अनुक्रम में छात्र-छात्राएं 09 अगस्त 2025 को रात्रि 11.59 बजे तक ऑनलाईन पंजीयन वेबसाईट https://cgdte.admissions.nic.in एवं www.cgdteraipur.cgstate.gov.in पर कर सकेंगे। जिसकी मेरिट सूची 11 अगस्त 2025 को दोपहर 04 बजे जारी होगी। तत्पश्चात् मेरिट के अनुसार संस्था स्तर पर आबंटन हेतु अवसर लेने के लिए विद्यार्थियों को संस्था में 12 अगस्त 2025 को प्रातः 10 बजे उपस्थित होना होगा। संस्था द्वारा आबंटित सीटों पर प्रवेश लेने का कार्य 12 अगस्त 2025 को अपरान्ह 01 बजे से 14 अगस्त 2025 को दोपहर 01 बजे तक रहेगा।उदय प्रसाद उदय शासकीय पॉलीटेक्निक दुर्ग के प्राचार्य से मिली जानकारी अनुसार यदि संस्था में सीट रिक्त हुई तो मेरिट सूची के अनुसार जो विद्यार्थी अवसर लेने के लिए 12 अगस्त 2025 को उपस्थित नहीं हो पाए उन्हें 14 अगस्त 2025 को दोपहर 1.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक मेरिट क्रम में प्रवेश की कार्यवाही की जाएगी।
- दुर्ग/ एकीकृत बाल विकास परियोजना भिलाई-01 में आंगनगाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका के रिक्त पदों पर भर्ती हेतु नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र अंतर्गत 02 आंगनबाड़ी सहायिका तथा नगर पालिक निगम रिसाली अंतर्गत 02 आंगनबाड़ी सहायिका कुल 04 आंगनबाड़ी सहायिकाओं के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु आवेदन एकीकृत बाल विकास परियोजना भिलाई-01 कार्यालय (जुनवानी चिखली मुख्य मार्ग जुनवानी) में कार्यलयीन समय में सीधे अथवा पंजीकृत डाक द्वारा जिस वार्ड में कार्यकर्ता व सहायिका के पद रिक्त है, उसी वार्ड अंतर्गत स्थानीय आवेदिकाओं से आवेदन आमंत्रित किया गया था।परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना श्रीमती पदमजा सिन्हा से मिली जानकारी अनुसार नगर पालिक निगम भिलाई अंतर्गत आंगनबाड़ी सहायिका के लिए आंगनबाड़ी केन्द्र वार्ड क्रमांक 06 पाण्डेपारा सुपेला, वार्ड क्रमांक 22 कुरूद 01, नगर पालिक निगम रिसाली अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्र वार्ड क्रमांक 35 डुन्डेरा-अ और वार्ड क्रमांक 36 डुन्डेरा-स में रिक्त पदों की पूर्ति की जाएगी। उक्त केन्द्रों में प्राप्त आवेदनों के मूल्यांकन पश्चात् समिति द्वारा अनंतिम मूल्यांकन पत्रक का प्रकाशन किया गया है। उक्त मूल्यांकन पर दावा आपत्ति 10 अगस्त तक एकीकृत बाल विकास परियोजना भिलाई 01 (चिखली मुख्य मार्ग जुनवानी भिलाई) में कार्यालयीन समय प्रातः 10 बजे से शाम 5.30 बजे तक प्रस्तुत कर सकते हैं।
- 12 अगस्त को प्रातः 09 बजे स्वतंत्रता दिवस समारोह की अंतिम रिहर्सल*दुर्ग/ प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन जिले में गरिमामयी एवं हर्षाेल्लास के साथ जिला मुख्यालय स्थित प्रथम बटालियन दुर्ग में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन प्रातः 9ः00 बजे से किया जाएगा। सभी शासकीय कार्यालयों में सुबह 8ः00 बजे ध्वजारोहण किया जाएगा। स्वतंत्रता दिवस समारोह के सफल आयोजन के लिए कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने अधिकारियों को विभागवार जिम्मेदारी सौंपी है। जिसके अनुसार अपर कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी दुर्ग को संपूर्ण कार्यक्रम हेतु प्रभारी अधिकारी का दायित्व दिया गया है। ध्वजारोहण उपरांत जिला मुख्यालय में परेड की सलामी ली जायेगी। जिसके लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दुर्ग, कमाण्डेंट होमगार्ड दुर्ग एवं कमाण्डेंट केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल भिलाई को दायित्व सौंपा गया है। 15 अगस्त के पूर्व नगर में सभी जगह, सभी महत्वपूर्ण स्मारकों की साफ सफाई सुनिश्चित कराने के लिए आयुक्त नगर निगम दुर्ग, आयुक्त नगर निगम भिलाई, महाप्रबंधक नगर प्रशासन बीएसपी भिलाई तथा समस्त नगरीय निकाय प्रमुख को दायित्व दिया गया है। पंचायत स्तर पर निर्मित जय स्तंभों की साफ-सफाई की व्यवस्था अपने-अपने क्षेत्रों में उप संचालक पंचायत दुर्ग एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सर्व द्वारा कराई जायेगी। सर्व कार्यालय प्रमुख, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सर्व जिला दुर्ग तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सर्व जिला दुर्ग को जिले के सभी तहसील, विकासखण्ड, ग्राम स्तर पर सामान्य प्रशासन विभाग छत्तीसगढ़ शासन से प्राप्त दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए समारोह का आयोजन सुनिश्चित कराने का दायित्व दिया गया है। अतिथियों, अधिकारी/कर्मचारियों तथा दर्शकों के वाहनों की समुचित पार्किंग व्यवस्था उप पुलिस अधीक्षक यातायात तथा पुलिस अधीक्षक जिला दुर्ग करेंगे। कार्यक्रम स्थल में एम्बुलेंस एवं प्राथमिक उपचार हेतु मेडिकल टीम की व्यवस्था मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दुर्ग द्वारा तथा अग्नि शमन यंत्र की व्यवस्था कमाण्डेंट होमगार्ड दुर्ग द्वारा की जाएगी।अतिथिगण, प्रेस, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, आम जनता, महिला एवं पुरुष के लिए अलग-अलग सेक्टर का निर्माण कार्यपालन अभियंता, लोक निर्माण विभाग एवं आयुक्त नगर पालिक निगम, दुर्ग के द्वारा की जायेगी। बेरिकेटिंग के लिए आवश्यकता अनुसार बांस, बल्लियां वनमण्डलाधिकारी दुर्ग के द्वारा प्रथम बटालियन दुर्ग में उपलब्ध करायी जाएंगी। बेरिकेटिंग का कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा अनुविभागीय अधिकारी दुर्ग एवं नगर पुलिस अधीक्षक, दुर्ग के साथ समन्वय कर किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान उत्पन्न गडढों की मरम्मत लोक निर्माण विभाग दुर्ग द्वारा की जायेगी। नगर पालिक निगम दुर्ग द्वारा कार्यक्रम स्थल एवं प्रथम बटालियन दुर्ग की साफ-सफाई, पेयजल हेतु टेंकर, मोबाईल टायलेट इत्यादि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। वाटरप्रुफ शामियाना एवं कुर्सियों, सोफासेट, माईक, लाउडस्पीकर आदि की व्यवस्था आयुक्त, नगर नगर पालिक निगम भिलाई-चरोदा एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत धमधा अहिवारा द्वारा की जाएगी। कार्यक्रम स्थल में ध्वजदण्ड, चबुतरे का निर्माण, कार्यक्रम में उपस्थित वी.आई.पी. एवं विशिष्ट अतिथियों के लिए पेयजल एवं जलपान की व्यवस्था कार्यपालन अभियंता, लोक निर्माण विभाग, दुर्ग के द्वारा की जायेगी। कार्यक्रम स्थल पर प्लास्टिक गिलास का उपयोग नहीं करने कहा गया है। सूर्यास्त के पूर्व इसे उतारने की समुचित व्यवस्था, ध्वजारोहण की सम्पूर्ण व्यवस्था रक्षित निरीक्षक, पुलिस लाईन दुर्ग के द्वारा की जायेगी। समारोह स्थल, मुख्य मंच एवं प्रवेश द्वार में कार्यपालिक दण्डाधिकारी एवं पुलिस अधिकारी तैनात होगें, कार्यपालिक दण्डाधिकारी की नियुक्ति अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी दुर्ग एवं पुलिस अधिकारियों की नियुक्तियां पुलिस अधीक्षक दुर्ग के द्वारा की जायेगी। समारोह स्थल प्रथम बटालियन दुर्ग में आमंत्रित अतिथियों के प्रवेश एक निश्चित द्वार से ही अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) दुर्ग द्वारा करायी जावेगी तथा अतिथियों की बैठक व्यवस्था प्रभारी अधिकारी (प्रोटोकाल शाखा) दुर्ग द्वारा की जाएगी। मुख्य अतिथि द्वारा ध्वजारोहण पश्चात् छोड़े जाने वाले गुब्बारे की व्यवस्था महाप्रबंधक, जिला उद्योग दुर्ग के द्वारा तथा मुख्य अतिथि हेतु टोपी की व्यवस्था नाजरात शाखा के प्रभारी अधिकारी द्वारा की जायेगी।इसी प्रकार सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए समिति बनाने तथा स्कूली बच्चों का सांस्कृतिक कार्यक्रम कराने तथा कार्यक्रम स्थल में रंगोली की व्यवस्था करने जिला शिक्षा अधिकारी को कहा गया है। मंच सजावट के लिए फूल माला, पेन्ट किए हुए एवं गुणवत्ता पूर्ण गमले की व्यवस्था, उद्यानिकी विभाग को, निर्बाध विद्युत कनेक्शन, जनरेटर आदि की व्यवस्था के लिए कार्यपालन अभियंता छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी मर्यादित दुर्ग को दायित्व दिया गया है। मुख्य अतिथि द्वारा संबोधन एवं मुख्यमंत्री का संदेश का वाचन किया जायेगा। संदेश पुस्तिका उप संचालक, जनसम्पर्क दुर्ग के द्वारा उपलब्ध करायी जायेगी। कार्यक्रम स्थल में उद्घोषक श्रीमती ममता ध्रुव, शिक्षा विभाग, अनिता सावंत पर्यावरण विभाग दुर्ग एवं श्रीमती उर्मिला ओझा ट्राईबल विभाग रहेगें। 15 अगस्त 2025 के अवसर पर विभागीय उत्कृष्ठ कार्य करने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों को मुख्य अतिथि द्वारा मंच से सम्मानित किया जावेगा। जिसकी कार्यवाही सहायक आयुक्त आदिवासी विकास दुर्ग एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग दुर्ग द्वारा की जाएगी। मंच से प्रशस्ति पत्र वितरण हेतु प्रभारी अधिकारी श्री हितेश पिस्दा डिप्टी कलेक्टर रहेंगे। स्वतंत्रता दिवस समारोह पर आयोजित होने वाले समस्त कार्यक्रम का रेडियो एवं टीव्ही में प्रसारण की व्यवस्था सहायक आयुक्त आबकारी दुर्ग के द्वारा तथा दैनिक समाचार पत्र, इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मिडिया में प्रचार-प्रसार की व्यवस्था का दायित्व उप संचालक जनसम्पर्क दुर्ग एवं नगर पालिक निगम दुर्ग/भिलाई का होगा। शहर में प्रमुख स्थानो एवं चौक चौराहों पर राष्ट्रीय देशभक्ति गीत/संगीत के प्रसारण की व्यवस्था आयुक्त, नगर पालिक निगम, दुर्ग/भिलाई के द्वारा की जायेगी। कार्यक्रम की विडियोग्राफी एवं फोटोग्राफी का कार्य सहायक संचालक, जनसम्पर्क एवं खनिज अधिकारी, दुर्ग के द्वारा कराया जायेगा। प्रथम बटालियन दुर्ग में जिला स्तर पर मुख्य अतिथि के द्वारा ध्वजारोहण किया जाकर परेड की सलामी ली जायेगी। सलामी के लिए चूने की लाईन से मार्किंग अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) तथा कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग (भ./स.) दुर्ग द्वारा की जाएगी। स्थानीय निकायों के सर्व विभाग प्रमुख को 15 अगस्त की रात्रि को संबंधित शासकीय सार्वजनिक भवनों में एवं राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों में रोशनी किया जाना सुनिश्चित करने कहा गया है। स्वतंत्रता दिवस समारोह का अंतिम रिहर्सल 12 अगस्त 2025 को प्रातः 09 बजे किया जाएगा।
- दुर्ग/ कलेक्टर अभिजीत सिंह ने प्रशासनिक व्यवस्था को दृष्टिगत रखते हुए तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों के हड़ताल अवधि में तहसीलों में कार्यालयीन कार्यों के सुचारू संपादन तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिले के अंतर्गत भू-अभिलेख शाखा में पदस्थ सहायक अधीक्षक भू-अभिलेखों को तहसीलवार प्रशासनिक प्रभार सौंपा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सहायक अधीक्षक, भू-अभिलेख श्री अजय कुमार मेरावी को तहसील दुर्ग का, श्री आलोक शुक्ला को तहसील बोरी का तथा श्री श्याम लाल साहू को तहसील पाटन का प्रशासकीय प्रभार दिया गया है। इसी प्रकार सहायक अधीक्षक, भू-अभिलेख श्री शंकर प्रसाद तिवारी को तहसील अहिवारा का, श्रीमती प्रभा चन्द्राकर को तहसील भिलाई-3 का तथा श्री संतोेष कुमार नागरे को तहसील धमधा का प्रभार दिया गया है। आदेश तत्काल प्रभावशील हो गया है।
- ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ की 16 से 30 वर्ष की आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को मिलेगा लाभ, आवेदन की अंतिम तिथि 16 अगस्त 2025रायपुर/ जिन्दल स्टील की सामाजिक इकाई जिन्दल फाउंडेशन ने अपनी प्रमुख योजना "यशस्वी" के चौथे संस्करण की शुरुआत की है। इस योजना के अंतर्गत ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ की 5,000 से अधिक महिलाओं और युवतियों को उच्च शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।"यशस्वी" योजना के चौथे संस्करण की घोषणा करते हुए जिन्दल फाउंडेशन की चेयरपर्सन श्रीमती शालू जिन्दल ने कहा: "हम मानते हैं कि सशक्त महिलाएं किसी भी प्रगतिशील समाज की रीढ़ की हड्डी होती हैं। ‘यशस्वी’ कार्यक्रम के माध्यम से हम उन महिलाओं और युवतियों को प्रोत्साहित कर रहे हैं जो अपने एक बड़े सपने को साकार करने के लिए दृढ़संकल्पित हैं।ये महिलाएं और युवतियां शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से न केवल अपने जीवन को बदल सकती हैं, बल्कि समाज में भी बदलाव की अग्रदूत बन सकती हैं। हमें गर्व है कि यह पहल अब तक 11,000 से अधिक महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला चुकी है। इस वर्ष हम और अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य करेंगे।”योजना की मुख्य विशेषताएं:लाभार्थी संख्या: 5,000 से अधिकराज्य: ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़आयु सीमा: 16 से 30 वर्षवार्षिक पारिवारिक आय: ₹2,00,000 से कमसहायता: दाखिला शुल्क, ट्यूशन फीस, परीक्षा शुल्क एवं अन्य आवश्यक खर्चलाभार्थी चयन: शैक्षणिक योग्यता, आर्थिक स्थिति, मान्यता प्राप्त संस्थानों में प्रवेश का प्रमाण आदिआवेदन की अंतिम तिथि: 16 अगस्त 2025आवेदन वेबसाइट: https://jindalfoundation.com/Yashasviयशस्वी कार्यक्रम की पृष्ठभूमि:साल 2022 में शुरू हुए यशस्वी कार्यक्रम के माध्यम से जिन्दल फाउंडेशन अब तक 11,000 से अधिक महिलाओं और युवतियों को शिक्षा और कौशल विकास में सहायता प्रदान कर चुका है। इनमें से लगभग 8,000 महिलाएं आज रोजगार, स्वरोजगार या उद्यमिता के जरिए आत्मनिर्भर बन चुकी हैं।अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें:डॉ. संजय कुमार साहूमहाप्रबंधक – कॉरपोरेट कम्युनिकेशन, जिन्दल स्टील, भुबनेश्वर – 751009मेल आईडी [email protected]संपर्क +91 97774 45540
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रायपुर। पोला पर्व के अवसर पर महाराष्ट्र मंडल में 23 अगस्त को शाम पांच बजे मिट्टी अथवा लकड़ी के बैल सजाने की स्पर्धा का आयोजन किया गया है। मंडल की सांस्कृतिक समिति की ओर से आयोजित यह प्रतियोगिता दो आयु वर्गों चार से नौ वर्ष और 10 से 14 वर्ष में होगी। समिति की प्रमुख प्रिया बक्षी के अनुसार बैल सजाओ स्पर्धा में हिस्सा लेने के लिए अभिभावकों को 15 अगस्त से पहले महाराष्ट्र मंडल में प्रतिभागी बच्चों का पंजीयन कराना आवश्यक होगा। बताते चले कि इस पारंपरिक स्पर्धा के विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार देने की घोषणा पहले ही की जा चुकी है। इस आयोजन का उद्देश्य बच्चों को तीज- त्योहार, संस्कृति और परंपरा से अवगत कराते हुए उन्हें जोड़कर रखना है।
- गौरेला पेण्ड्रा मरवाही/कलेक्टर श्रीमती लीना कलेश मंडावी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट के अरपा सभा कक्षा में अयोजित जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक में विभिन्न कार्यों एवं देयकों के भुगतान का अनुमोदन किया गया। कलेक्टर ने पूर्ण हो चुके नल जल योजनाओं में सुचारू रूप से जल आपूर्ति सुनिश्चित करने कार्यपालन अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी को निर्देश दिए। बैठक में समिति द्वारा जल जीवन मिशन के कवरेज मद एवं सपोर्ट मद में लंबित देयकों के भुगतान, जिला जल परीक्षण प्रयोगशाला में एयर कंडिशनर एवं कम्प्यूटर के लिए प्रिंटर क्रय करने, जल स्रोत निर्माण हेतु नलकूप खनन के लिए ग्रामों के परिवर्तन, निर्माणाधीन कार्यों को पूर्ण करने के लिए अतिरिक्त समय वृद्धि एवं अतिरिक्त पाइप लाइन विस्तार के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत मुकेश रावटे सहित समिति के सदस्य के रूप में वन, स्वास्थ्य, शिक्षा, जल संसाधन, महिला एवं बाल विकास, कृषि एवं जनसंपर्क विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
- खुशबू जैसे बच्चों को मिला सीखने का सुनहरा अवसरधमधा के तुमाखुर्द गांव में बच्चों को अब खेल, कविता और कहानियों के माध्यम से मिल रही गुणवत्तापूर्ण शिक्षारायपुर/ राज्य शासन द्वारा प्रारंभ की गई शैक्षणिक युक्तियुक्तकरण नीति का असर अब सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में भी देखने को मिल रहा है। दुर्ग जिले के धमधा विकासखंड के ग्राम तुमाखुर्द स्थित सरकारी प्राथमिक शाला में हाल ही तक एकमात्र शिक्षक के भरोसे स्कूल संचालित हो रहा था। विद्यालय में पहली से पांचवीं तक की कक्षाएं संचालित थी, लेकिन शिक्षक की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी।एक ही शिक्षक के भरोसे पांचों कक्षाओं का संचालन असंभव था। बच्चों की पढ़ाई नियमित नहीं हो पाती थी और धीरे-धीरे उपस्थिति भी घटने लगी थी। परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही थी, खासकर खुशबू जैसी छात्राओं के माता-पिता बेहद चिंतित थे, जो अपनी बच्ची को पढ़ाना चाहते थे लेकिन हालात साथ नहीं दे रहे थे।ऐसे में शिक्षा विभाग द्वारा युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत इस विद्यालय में एक योग्य शिक्षक की पदस्थापना की गई, जिसने विद्यालय की तस्वीर ही बदल दी। अब बच्चों को नियमित कक्षाएँ, खेल, कविताएं और कहानियों के माध्यम से पढ़ाई का आनंद मिल रहा है। खुशबू बताती है कि अब स्कूल आना अच्छा लगता है, नई-नई चीजें सीखने को मिलती हैं और शिक्षक ढेर सारे खेल-कविताएं सिखाते हैं।बदलते माहौल का असर बच्चों की उपस्थिति पर भी पड़ा है। अब यहां शत-प्रतिशत उपस्थिति देखी जा रही है। शिक्षक के समर्पण और बच्चों की जिज्ञासा ने मिलकर विद्यालय में एक नया उत्साह और उमंग भर दिया है। जो स्कूल कभी वीरान सा लगता था, वहां अब बच्चों की किलकारियां और सीखने की चहल-पहल साफ झलक रही है।अभिभावकों को भी अब भरोसा है कि उनके बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और नियमित शिक्षा मिल रही है। राज्य शासन की यह नीति केवल शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की पुनर्रचना नहीं, बल्कि ग्रामीण शिक्षा प्रणाली को मजबूती देने की दिशा में एक दूरदर्शी कदम है। खुशबू जैसी नन्हीं छात्राओं की मुस्कान इस बात की गवाही दे रही है कि शिक्षा अब हर गांव और हर बच्चे तक पहुँच रही है।
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बीजापुर. नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में 24 लाख रुपये के छह इनामी नक्सलियों समेत कुल नौ नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में बक्सू ओयाम (27), बुधराम पोटाम (36), हिड़मा ऊर्फ हिरिया (26), मंगू उईका ऊर्फ टोग्गी (38), रोशन कारम ऊर्फ सोनू (24), मंगलों पोड़ियाम (23), कमलू हेमला ऊर्फ कुम्मा (28), बुधराम हेमला (47) और पण्डरू पूनेम (38) शामिल हैं। उन्होंने बताया कि नक्सली बक्सू ओयाम माड़ डिवीजन के अंतर्गत कंपनी नंबर एक में पार्टी सदस्य है और उस पर आठ लाख रुपये का इनाम घोषित है। एरिया कमेटी सदस्य बुधराम पोटाम और हिड़मा ऊर्फ हिरिया पर पांच—पांच लाख रुपये का इनाम है।
अधिकारियों ने बताया कि मंगू उईका, चिन्नापल्ली एरिया कमेटी पार्टी सदस्य रोशन कारम और भैरमगढ एरिया कमेटी पार्टी सदस्य मंगलों पोड़ियाम पर दो-दो लाख रुपये का इनाम घोषित है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा बलों का ग्रामीणों के साथ हो रहा सकारात्मक संवाद, सामुदायिक पुलिसिंग के तहत दी जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और छत्तीसगढ़ सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के व्यापक प्रचार प्रसार से नक्सलियों का माओवादी संगठन से मोहभंग हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि संगठन के भीतर बढ़ते आंतरिक मतभेद और समाज की मुख्यधारा से जुड़कर पारिवारिक जीवन जीने की चाह के कारण नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को छत्तीसगढ़ सरकार की संबंधित नीति के तहत 50-50 हजार रुपये के चेक प्रदान किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि जिले में इस साल एक जनवरी से अब तक 310 नक्सलियों को गिरफ्तार किया जा चुका है तथा 277 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। जिले में अलग-अलग मुठभेड़ में कुल 131 माओवादी मारे गए हैं। - बिलासपुर। सीपत स्टेशन के यूनिट 5 के ओवरहाउलिंग के दौरान मेसर्स गोरखपुर कन्स्ट्रकशन प्राइवेट लिमिटेड के अंतर्गत कार्यरत संविदा श्रमिकों के द्वारा प्लेटफॉर्म पर कार्य करने के दौरान प्लेटफॉर्म के गिरने से 5 संविदा श्रमिक घायल हो गए| जिनमें से 3 घायलों को सीपत स्टेशन के अस्पताल में भर्ती किया गया , जहां उन्हें इलाज के उपरांत अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया| घायल श्री प्रताप सिंह का इलाज अपोलो अस्पताल में चल रहा है| इस ईलाज में होने वाले संपूर्ण व्यय का वहन सीपत स्टेशन द्वारा किया जाएगा| जबकि घायल श्री श्याम कुमार को सिम्स अस्पताल भेजा गया, जहां उसे सिम्स प्राधिकारी द्वारा मृत घोषित किया गया।जिला प्रशासन व जन प्रतिनिधियों की उपस्थिति में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया कि दिवंगत के आश्रितों को सीपत तथा ठेकेदार के द्वारा 5-5 लाख रुपये मुवाजा के तौर पर दिये जायेंगे तथा ईएसआई के तहत मिलने वाली सारी सुविधाए प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त संविदा पर अकुशल या अर्धकुशल श्रेणी में उनकी पत्नी को रोजगार दिया जाएगा| मृतक के अंतिम संस्कार हेतु उनके परिजनों को ठेकेदार द्वारा तत्काल रुपये 50,000/- नकद दिया गया।सीपत प्रबंधन दिवंगत आत्मा के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता है तथा उनके आश्रितों को हर संभव मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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-करियर मार्गदर्शिका के बैनर तले जे आर दानी शासकीय कन्या उत्कृष्ट हिंदी विद्यालय में हुआ आयोजन- कार्यक्रम में सुरेश अवस्थी ,डॉ उर्मिला पांडे,,डॉ रामलाल पेडरिया, अनुरिमा शर्मा, माधवी नदेशवर, निवेदिता वर्मा, अंजू तिर्की तथा अन्य शिक्षक रहे उपस्थितरायपुर। जिला प्रशासन की अभिनव पहल के अंतर्गत करियर मार्गदर्शिका के बैनर तले 6 अगस्त को सी एस नेहा अग्रवाल ने जे आर दानी शासकीय कन्या उत्कृष्ट हिंदी विद्यालय में स्वयं के कंपनी सेक्रेटरी बनने का सफर छात्राओं के साथ साझा किया | उन्होंने बताया कि सी एस की पढ़ाई करने से हमें अपने नाम के आगे सी एस लगाने का लाइसेंस मिल जाता है| यह संसद के अधिनियम में पारित कोर्स है जिसका रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन होता है |इस कोर्स में इंटर्नशिप के दौरान स्टाइपेंड भी मिलता है | सी एस बनने के लिए बेसिक कंप्यूटर की जानकारी विशेष रूप से टैली सीखना लाभदायक होता है| उन्होंने छात्राओं को राष्ट्रीय स्तर की कंपनी से पहले रायपुर जिले में ही प्रमुख स्थापित कंपनियों को जानने के लिए कहा| प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना की जानकारी भी उन्होंने छात्राओं को दी और कहा की किस तरह छोटे-छोटे कोर्से करके कौशल उन्नयन किया जा सकता है | पैसा कमाना और खर्च करने के बीच की स्थिति बचत का जिक्र करते हुए उन्होंने इसका महत्व छात्राओं से ही पूछा| साथ ही जीएसटी, इनकम टैक्स इन सब का व्यावहारिक अर्थ भी बताया| इस अवसर पर प्राचार्य डॉ हितेष दीवान ने छात्राओं को विषय अनुसार कैरियर चयन के लिए अवसर की पहचान और महत्व जानने हमेशा प्रयत्नशील रहने कहा| कार्यक्रम के अंत में संस्था की वरिष्ठ व्याख्याता श्रीमती मंजू शर्मा ने क सीएस नेहा अग्रवाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा की आज इस महत्वपूर्ण जानकारी से छात्राओं को सी एस बनने का सपना पूरा करने में सहायता मिलेगी| उन्होंने छात्राओं से अपना लक्ष्य निर्धारित कर इसे पाने के लिए कड़ी मेहनत और लगन को हमेशा जीवन शैली में अपनाने कहा | इस दौरान श्री सुरेश अवस्थी ,डॉ उर्मिला पांडे,,डॉ रामलाल पेडरिया,श्रीमती अनुरिमा शर्मा, श्रीमती माधवी नदेशवर, श्रीमती निवेदिता वर्मा, श्रीमती अंजू तिर्की तथा अन्य शिक्षक गण उपस्थित थे | - - हाफ बिल से मुफ्त बिजली बिल की ओर कदम- प्रदेशभर के विद्युत क्षेत्रीय कार्यालयों में शिविर का आयोजनरायपुर, । छत्तीसगढ़ में उपभोक्ता हाफ बिजली से मुफ्त बिजली बिल की योजना ओर ले जाने क्षेत्रीय कार्यालयों में ऑनस्पॉट रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी इस योजना के प्रचार-प्रसार के लिए विशेष अभियान चला रही है, जिसके तहत आज प्रदेश के सात क्षेत्रीय मुख्यालयों में रूफटॉफ सोलर पॉवर प्लांट लगाने के लिए रजिस्ट्रेशन आरंभ किया गया। डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री भीम सिंह कंवर ने राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी में इस शिविर का आगाज किया। वहां 70 से अधिक आवेदकों ने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत अपने आवास में रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया।इस अवसर पर प्रबंध निदेशक श्री कंवर ने कहा कि हमें स्वच्छ और हरित ऊर्जा के मामले में कदम बढ़ाना है, इसके लिए प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना लागू की गई है, जो हर उपभोक्ता को बिजली उत्पादक बना देगी। भारत सरकार से 1 लाख 30 हजार प्लांट लगाने का लक्ष्य मिला है, इसे पूरा करने में सबसे पहले पॉवर कंपनी के अधिकारी-कर्मचारी आगे आएं, ताकि आपके आस-पड़ोस व मोहल्ले के लोग उसे देखकर प्रेरित हों और वे भी सोलर प्लांट लगवाने आवेदन करें। हमें जितना लक्ष्य मिला है, उससे अधिक प्लांट लगाना है। इसके लिए विभिन्न स्थान पर शिविर आयोजित किये जा रहे हैं। पहले दिन रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, जगदलपुर, बिलासपुर, रायगढ़, अंबिकापुर क्षेत्रीय कार्यालयों में शिविर की शुरूआत की गई है। जिसमें स्थानीय अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा आम लोगों ने भी पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया।गुढ़ियारी में आयोजित कार्यक्रम में कार्यपालक निदेशक (आरएपीएम) श्री एसके गजपाल ने बताया कि इस योजना के तहत राज्य सरकार ने भी भारी अनुदान की घोषणा की है, जिसके तहत अब एक किलोवाट क्षमता के प्लांट लगाने पर 45 हजार रुपए की छूट मिलेगी। दो किलोवाट पर 90 हजार और तीन किलोवाट पर एक लाख आठ हजार रुपए की सब्सिडी मिलेगी।मुख्य अभियंता श्री संजीव सिंह ने कहा कि इस योजना में बैंक से छह प्रतिशत की ब्याज दर पर ऋण की सुविधा मिल रही है। आप अपनी मासिक बिजली बिल जितना ईएमआई देकर अपना बिजली बिल शून्य कर सकते हैं।अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री केएस भारती ने कहा कि आने वाली पीढ़ी को बेहतर पर्यावरण मिले इसके लिए हरित ऊर्जा का इस्तेमाल करना होगा। इस दिशा में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना कारगर है। अधीक्षण अभियंता श्री एन बिंबीसार योजना की उपलब्धियों की जानकारी दी। रजिस्ट्रेशन के बाद सोलर पैनल लगाने वाले तकनीकी अधिकारी उनके आवास पर जाकर ड्राइंग-डिजाइन और प्राक्कलन तैयार करेंगे और उपभोक्ता के घर पर रूफटॉप सोलर पॉवर प्लांट की स्थापना करेंगे। पहले चरण में बिजली कंपनियों के अधिकारी-कर्मचारियों ने इस योजना के लिए बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।इस अवसर पर अधीक्षण अभियंता सर्वश्री महेश ठाकुर, बीपी जायसवाल, तरूण ठाकुर, कार्यपालन अभियंता श्री एसके गुप्ता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन प्रबंधक (जनसंपर्क) श्री गोविन्द पटेल एवं आभार प्रदर्शन अधीक्षण अभियंता श्री महावीर विश्वकर्मा ने किया।








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