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- भिलाई नगर । कोसा नगर गोठान में आयुक्त राजीव कुमार पांडेय के उपस्थिति में नगर निगम भिलाई टीम एवं गौ सेवकों के द्वारा संयुक्त रूप से वृक्षारोपण किया गया है।विधायक रिकेश सेन और महापौर नीरज पाल के अत्यावश्यक कार्यों में व्यवस्तता के कारण उनके मंशानुरूप नीम और आम का पेड़ लगाया गया।नगर निगम उद्यान विभाग एवं श्री राधा कृष्णा गौ सेवा संघ द्वारा सुरक्षा का पूर्णतः इंतजाम करते हुए 8 से 10 फीट के बड़े पौधों का रोपण किया गया है। सुरक्षा हेतु सीमेंट पोल स्थापित कर चैन लिंक फेंसिंग कराया गया है । वृक्षारोपण हेतु वातावरण एवं क्षेत्र के अनुकूल प्रजातियों का चयन किया गया है । 80 रोपित पौधों में मुख्य रूप से पीपल, आम, नीम, बादाम, गुलमोहर, कदंब एवं महोगनी है। पशुओं को छाया प्रदान करने के लिए यह पेड़ बहुत फायदेमंद रहेगा और वातावरण भी अनुकूल रखेगा । श्री राधा कृष्ण गौ सेवा संघ विगत 10 वर्ष से दुर्ग जिला के विभिन्न गोठानो में अपना सेवाएं दे रहे हैं । गौ सेवा संघ का सेवाभाव जैसे कार्य सराहनीय एवं अनुकरणीय है। गोठान के वृक्षारोपण में महापौर परिषद के सदस्य केशव चौबे, संदीप निरंकारी, जोन 1 आयुक्त अजय राजपूत, जोन 4 आयुक्त अमरनाथ दुबे, उद्यान अधिकारी तिलेश्वर साहू, वरिष्ठ स्वच्छता निरीक्षक के के सिंह, सहायक राजस्व अधिकारी अजय शुक्ला, सहायक उद्यान अधिकारी संजय शर्मा, विनोद गौतम, श्री राधा कृष्ण गौ सेवा संघ के संरक्षक प्रदीप लेखवानी, अध्यक्ष विजय जसवानी, उपाध्यक्ष जगदीश केवलतानी, सचिव हरीश केवलतानी, गौसेवक संजय तिवारी सहित अन्य गौ सेवक एवं समाजसेवी उपस्थित रहे ।
- टी सहदेवभिलाई नगर। रागमंजरी कराओके ग्रुप द्वारा शनिवार को आयोजित संगीत संध्या एक अविस्मरणीय संगीतमय अनुभव में तब्दील हो गई, जब मंच पर स्वर गूंजे और दर्शक सुरों की दुनिया में डूबते चले गए। अवसर था ‘रफ़ी–किशोर को नमन’ – दो कालजयी गायकों, मोहम्मद रफ़ी और किशोर कुमार, को समर्पित कराओके संध्या का। कार्यक्रम का आयोजन सेक्टर 5 के दुर्गा मंडप, सत–विजय ऑडिटोरियम (महापौर निवास के पास) में किया गया, जिसमें शहर के संगीत प्रेमियों की भरपूर उपस्थिति रही। 31 जुलाई को मोहम्मद रफ़ी की पुण्यतिथि और 4 अगस्त को किशोर कुमार के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में यह विशेष संध्या आयोजित की गई थी। इस भावपूर्ण संध्या में नवीन शासकीय संगीत महाविद्यालय, दुर्ग के छात्रों द्वारा 28 गीतों की प्रस्तुति दी गई, जिनमें रफ़ी–किशोर के सदाबहार गीतों ने दर्शकों की स्मृतियों को जीवंत कर दिया।कार्यक्रम की शुरुआत 'बने चाहे दुश्मन ज़माना हमारा' जैसे जोशीले युगल गीत से हुई और 'छू कर मेरे मन को' जैसे रूमानी गीतों तक श्रोताओं को भावनाओं की यात्रा पर ले जाया गया। कलाकारों में तपन नाथ, ऋषभ साहू, सन्ध्या सरकार, जीवनदान वर्मा, प्रमोद ताम्रकार, तिलक वर्मा, जगदीश बमणिया, रोशनी निर्वाण, तथा तमेश्वर साहू आदि की भागीदारी उल्लेखनीय रही। रागमंजरी ग्रुप ने यह दिखा दिया कि कराओके भी एक गंभीर और सजीव मंच हो सकता है, जहाँ संजीदा प्रस्तुति के साथ-साथ भावनात्मक जुड़ाव भी होता है। कार्यक्रम के अंत में दर्शकों की भारी तालियों और प्रशंसा ने इस शाम को यादगार बना दिया।
- - महाराष्ट्र मंडल के केंद्रों में गीता पाठ और सुंदरकांड पाठ से पहले श्री हनुमान का हरित श्रृंगार भीरायपुर। महाराष्ट्र मंडल के तात्यापारा महिला केंद्र की सदस्यों ने शनिवार शाम को तात्यापारा चौक स्थित श्री हनुमान मंदिर में श्री हनुमान प्रतिमा का हरित श्रृंगार किया गया। उसके बाद हनुमान चालीसा व रामरक्षा स्तोत्र का सामूहिक पाठ किया गया। इससे पूर्व हनुमान मंदिर महिला समिति के सदस्यों ने हरि पाठ और गीता का 12वां अध्याय का भी पठन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थीं। इधर महाराष्ट्र मंडल के अनेक महिला केंद्रों में आध्यात्मिक समिति की ओर से शनिवारीय रामरक्षा स्तोत्र और हनुमान चालीसा का एक साथ पाठ किया गया।आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि तात्यापारा में हुए पाठ के दौरान प्रभा हिशीकर, निशा रहाटगांवकर, कुमुद कान्हे, स्नेहल मोडक, अलका लेले, सुरेखा हिशीकर, आराधना शेष, मीनाक्षी शेष, सुरभि शेष, नमिता शेष, संध्या खंगन, वर्षा डांगे, मालती डोनगांवकर, माधुरी शिंगवेकर, हर्षा कुसरे, रश्मि महावदी, रिया खानखोजे, गीता आगलावे, उषा, प्रदन्या कुसरे, स्वाति परमानंद, मीना परमानंद सहित अनेक महिलाओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज की।इसी तरह चौबे कालोनी महिला केंद्र ने महाराष्ट्र मंडल भवन में ही पाठ किया। इस दौरान अपर्णा कालेले, मनीषा वरवंडकर, अक्षता पंडित, प्रीति शेष, अनुराधा चौधरी, चारुशीला देव, नीलिमा डोनगांवकर, स्वाति डोनगांवकर, रंजना काठोटे, सुनंदा बेंद्रे, सजल शाह, संध्या पांडे, मालविका राजिमवाले और अवंती अग्निहोत्री उपस्थित रहीं। वल्लभ नगर केंद्र की महिलाओं ने प्रियदर्शिनी नगर स्थित हनुमान मंदिर में राम रक्षा स्तोत्र व हनुमान चालीसा का एक साथ मिलकर पाठ किया। इस दौरान अपर्णा देशमुख, प्रीति केसकर, माधुरी गाडगिल, मनीषा सदन, वंदना पाटिल, शोभा पाटिल, सुवर्णा कस्तूरे सहित अनेक महिलाएं उपस्थित रहीं।डंगनिया केंद्र की महिलाओं ने श्रद्धा देशमुख के घर एकत्रित होकर राम रक्षा स्त्रोत और हनुमान चालीसा पाठ किया। इस दौरान अनुभा जाऊलकर, श्रद्धा देशमुख, दीपांजलि भालेराव, नमिता शेष, सौम्या इंगले, रुद्रजवार, भाले, रंजना राजिमवाले, श्रद्धा मरघडे, प्रिया जोगलेकर, शैला गायधनी, रश्मी डांगे सहित अनेक महिलाएं उपस्थित रहीं। वहीं बूढ़ापारा केंद्र की महिलाओं ने बूढ़ापारा स्थित हनुमान मंदिर में सामूहिक पाठ किया। इस दौरान भारती घाटगे, ज्योति पवार, सुषमा घाटगे, अंजलि नलगुंडवार, प्रणिता नलगुंडवार, संजू मैत्री, उपस्थित रहीं।रोहिणीपुरम महिला केंद्र की टीम ने दीनदयाल उपाध्याय नगर के सेक्टर वन स्थित शिव धाम में राम रक्षा स्त्रोत और हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया। इस दौरान श्यामल जोशी, संयोजिका साधना बहिरट, मंगला कुलकर्णी, सोनाली कुलकर्णी और अपर्णा वराडपांडे, जयश्री भुरे, चित्रा बल्की सहित अनेक महिला सभासदों की सहभागिता रही।
- बालोद। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा कल 04 जुलाई को बालोद जिले के दौरे पर रहेंगे। दौरे के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मंत्री श्री शर्मा कल 04 अगस्त को प्रातः 7.30 बजे रायपुर से प्रस्थान कर प्रातः 10.30 बजे बालोद जिले के पाटेश्वर धाम पहुंचेंगे। वे दोपहर 12 बजे पाटेश्वर धाम से प्रस्थान कर 01 बजे बालोद पहुंचेंगे। श्री शर्मा दोपहर 02.15 बजे से 06 बजे तक कलेक्टोरेट बालोद में आगमन एवं प्रशासनिक बैठक में शामिल होंगे। जिसके पश्चात वे रायपुर के लिए रवाना होंगे।
- -शिक्षा राष्ट्र निर्माण का आधार है – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय-शिक्षा के क्षेत्र में बड़े सुधारों की झलक – 5000 नए शिक्षकों की होगी नियुक्ति, 2047 तक ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का संकल्परायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर में हरिभूमि और आईएनएच मीडिया समूह द्वारा आयोजित ‘ज्ञान धारा – शिक्षा संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार शिक्षा को राष्ट्र निर्माण की बुनियाद मानती है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जब से मैंने शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभाली, उसी क्षण से मेरी प्राथमिकता रही कि विभाग को गहराई से समझते हुए उसमें सुधार की ठोस पहल की जाए। सबसे पहले एक गहन समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें यह पाया गया कि राज्य में शिक्षक और छात्रों का अनुपात राष्ट्रीय औसत से बेहतर होने के बावजूद वितरण असमान है।ग्रामीण क्षेत्रों में छात्रों की संख्या अधिक है, लेकिन शिक्षक अपेक्षाकृत कम हैं, जबकि शहरी क्षेत्रों में शिक्षक अधिक संख्या में पदस्थ हैं। इस असंतुलन को दूर करने हेतु राज्य में युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया आरंभ की गई। इसके परिणामस्वरूप आज छत्तीसगढ़ का कोई भी स्कूल शिक्षक विहीन नहीं है। इस प्रभाव का विस्तार इतना व्यापक रहा कि इरकभट्टी जैसे गांवों में वर्षों से बंद पड़े विद्यालय पुनः प्रारंभ हो गए हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अब भी शिक्षकों की आवश्यकता बनी हुई है, जिसे ध्यान में रखते हुए 5000 नए शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया शीघ्र आरंभ की जाएगी।नई शिक्षा नीति का प्रभावी क्रियान्वयनमुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में लागू किया गया है, और राज्य में हमारी सरकार ने इसे तत्परता से अपनाया है। छत्तीसगढ़ में अब 18 स्थानीय भाषाओं एवं बोलियों में प्राथमिक शिक्षा प्रदान की जा रही है। इससे न केवल स्थानीय भाषाओं के संरक्षण को बल मिला है, बल्कि बच्चों की सीखने की क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।मुख्यमंत्री ने बताया कि पीएम-श्री स्कूल योजना के अंतर्गत छात्रों को हाई-टेक सुविधाएँ मिल रही हैं। विद्यालय भवनों के रखरखाव हेतु ₹133 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है। साथ ही, छात्रावासों की स्थिति सुधारने के लिए भी ठोस कदम उठाए गए हैं।नक्सलवाद से विकास की ओर – बस्तर की नई दिशामुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज, वन, उपजाऊ भूमि और जैव विविधता से परिपूर्ण एक समृद्ध प्रदेश है, किंतु यह भी सत्य है कि यह राज्य वर्षों से नक्सलवाद की पीड़ा झेलता आया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के साथ हुई समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया कि नक्सल समस्या से दोहरे मोर्चे—सुरक्षा और विकास—पर समन्वित रणनीति से निपटा जाएगा। सरकार ने नक्सलियों से हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की, और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। अब तक 1500 से अधिक नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं।साथ ही, सुरक्षा बलों के द्वारा चलाए जा रहे अभियान में कई सक्रिय नक्सली न्यूट्रलाइज किए गए हैं। पुनर्वास हेतु ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के माध्यम से विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद का स्थायी समाधान केवल सुरक्षा बलों से नहीं, बल्कि शिक्षा, सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से संभव है। सरकार इन क्षेत्रों में विशेष रूप से कार्य कर रही है।मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर के धुड़मारास गांव को विश्व के 20 प्रमुख पर्यटन ग्रामों में स्थान मिला है, जो प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। पर्यटन को उद्योग का दर्जा प्रदान किया गया है, और बस्तर में बोधघाट परियोजना के माध्यम से 7 लाख हेक्टेयर सिंचाई सुविधा और 200 मेगावॉट बिजली उत्पादन के लक्ष्य पर कार्य प्रगति पर है।मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में अद्वितीय प्रगति हुई है। एक समय था जब राज्य में मात्र 1 मेडिकल कॉलेज था, आज 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। राज्य में अब तक 19 निजी विश्वविद्यालय स्थापित हो चुके हैं और 3 नए विश्वविद्यालयों की स्थापना प्रक्रिया में है।उन्होंने कहा कि भारत प्राचीन काल से ही विश्वगुरु रहा है और आज पुनः वह स्थान प्राप्त करने की दिशा में अग्रसर है। विदेशों से छात्र भारत में शिक्षा ग्रहण करने आ रहे हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा का केंद्र बने।2047 का लक्ष्य: विकसित भारत, विकसित छत्तीसगढ़मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2047 तक "विकसित छत्तीसगढ़" के लिए एक विस्तृत विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है। डॉक्यूमेंट में शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।सरकार का उद्देश्य है कि राज्य के विद्यालयों और महाविद्यालयों की गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो तथा राज्य की जीएसडीपी में शिक्षा का योगदान सशक्त और प्रभावशाली बने।उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मानकार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को “उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान” से अलंकृत किया गया। सम्मान प्राप्त करने वाले शिक्षकों में सुश्री के. शारदा, श्री बी. आर. साहू, श्री भरत किशोर यादव,डॉ. धनंजय पाण्डेय, श्री बलदाऊ सिंह श्याम शामिल हैं।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं खेल एवं राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम में विधायकगण श्री पुरंदर मिश्रा, श्री मोतीलाल साहू, गुरु खुशवंत साहेब, प्रदेश के शिक्षाविद्, विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।
- -बिहान योजना से ग्रामीण महिलाएं बनीं आत्मनिर्भररायपुर ।छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित बिहान योजना के माध्यम से सरगुजा जिले के लूण्ड्रा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत करौली की महिलाएं आज आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की नई कहानी लिख रही हैं। बिहान योजना के तहत गठित हिग्लेश्वरी स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने तेल प्रोसेसिंग इकाई स्थापित कर आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है।समूह की अध्यक्ष श्रीमती सरोज के नेतृत्व में 5 स्व-सहायता समूहों की 28 महिलाओं को एकजुट कर प्रोड्यूसर ग्रुप का गठन किया गया। इस समूह ने सरसों तेल निर्माण की फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित कर स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार का प्रभावी मॉडल प्रस्तुत किया है। वर्तमान में समूह द्वारा सरसों तेल निर्माण की सम्पूर्ण प्रक्रिया - बीज की सफाई, प्रोसेसिंग, भंडारण, पैकिंग एवं विपणन स्वयं संचालित की जा रही है।इस इकाई में कार्यरत प्रत्येक महिला को प्रतिदिन 200 रूपए की मजदूरी प्राप्त हो रही है। तेल बिक्री से समूह को प्रतिमाह औसतन 50-60 हजार रूपए की शुद्ध बचत भी हो रही है। शासन द्वारा प्रोसेसिंग इकाई के लिए शेड एवं मशीनरी की सुविधा प्रदान की गई है। तेल को स्टील ड्रम में संग्रहित कर दो दिनों तक स्थिर रखने के उपरांत बोतलों में भरकर बाज़ार में विक्रय हेतु भेजा जाता है। उच्च गुणवत्ता एवं शुद्धता के कारण स्थानीय बाज़ार में इन उत्पादों की मांग निरंतर बढ़ रही है।श्रीमती सरोज ने बताया कि बिहान योजना से पहले गांव की महिलाएं घरेलू कार्यों तक सीमित थीं, परंतु अब उन्हें आर्थिक संबल के साथ-साथ समाज में नई पहचान मिली है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं ने ग्रामीण महिलाओं की जीवनशैली को सकारात्मक रूप से परिवर्तित किया है। बिहान योजना के प्रभावी संचालन से सरगुजा जिले की स्व-सहायता समूहों की महिलाएं आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत कड़ी बनकर उभर रही हैं। करौली का हिग्लेश्वरी समूह महिला सशक्तिकरण और सामुदायिक आजीविका विकास का प्रेरणादायी उदाहरण बन गया है, जिसकी सफलता ने यह सिद्ध किया है कि यदि अवसर और संसाधन उपलब्ध हों, तो ग्रामीण महिलाएं भी आर्थिक प्रगति एवं सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।
- -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने किया नवीन विधानसभा भवन का निरीक्षण-विधानसभा भवन निर्माण कार्य अंतिम चरण में, निर्धारित समय पर होगा विधिवत लोकार्पणरायपुर। नवा रायपुर में निर्माणाधीन छत्तीसगढ़ विधानसभा भवन का कार्य तीव्र गति से अपने अंतिम चरण में पहुँच रहा है। आज मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह तथा उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने विधानसभा भवन स्थल पर पहुँचकर निर्माणकार्य की प्रगति का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्य को निर्धारित समय-सीमा, सितम्बर 2025 तक हर हाल में पूर्ण किया जाए, ताकि राज्योत्सव (1 नवम्बर) के अवसर पर इसे जनता को समर्पित किया जा सके।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का यह रजत जयंती वर्ष है, जिसे पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। नवीन विधानसभा भवन का निर्माण कार्य अब पूर्णता की ओर अग्रसर है। रजत जयंती वर्ष पर राज्य को एक नया, भव्य विधानसभा भवन प्राप्त होगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को राज्योत्सव कार्यक्रम हेतु आमंत्रित किया गया है, और उनके करकमलों से इस नवीन विधानसभा भवन का लोकार्पण प्रस्तावित है।विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि नए विधानसभा भवन का निर्माण अब अंतिम चरण में पहुँच चुका है। आज विधानसभा सदन, विधानसभा अध्यक्ष का कक्ष, मुख्यमंत्री का कक्ष तथा सम्पूर्ण परिसर का अवलोकन कर निर्माण की प्रगति का निरीक्षण किया गया। निर्धारित समय पर नवीन विधानसभा भवन का विधिवत लोकार्पण किया जाएगा।नवीन विधानसभा भवन में छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान, पारंपरिक वास्तुकला और आधुनिक सुविधाओं का समुचित समावेश किया गया है। भवन में तीन प्रमुख विंग निर्मित किए जा रहे हैं – विंग-ए में विधानसभा सचिवालय, विंग-बी में मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष के कार्यालय सहित विधानसभा सदन व सेंट्रल हॉल, तथा विंग-सी में उप मुख्यमंत्रियों एवं अन्य मंत्रियों के कार्यालय स्थित होंगे।उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि नया विधानसभा भवन केवल एक शासकीय संरचना नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक भव्यता एवं वैभव का प्रतीक बनेगा।52 एकड़ क्षेत्रफल में निर्मित यह नवीन विधानसभा भवन आधुनिक तकनीकी विशेषताओं और सांस्कृतिक सौंदर्य से युक्त एक भव्य परिसर होगा। सदन में 200 विधायकों के बैठने की क्षमता के साथ-साथ 500 दर्शकों की क्षमता वाला अत्याधुनिक ऑडिटोरियम भी होगा। परिसर में 700 वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था की जा रही है तथा दो प्रस्तावित सरोवर, प्रत्येक डेढ़ एकड़ क्षेत्र में, विकसित किए जाएँगे। निर्माण पूर्ण होने के पश्चात यह भवन न केवल छत्तीसगढ़ की प्रतिष्ठा को नई ऊँचाइयाँ प्रदान करेगा, बल्कि देशभर में अपनी विशिष्ट स्थापत्य शैली और उन्नत सुविधाओं के कारण एक मिसाल के रूप में स्थापित होगा।निरीक्षण के दौरान श्री अजय जामवाल, श्री पवन साय, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी उपस्थित थे।
- रायपुर। सावन मास में शिव मंदिरों में भक्तों की अत्यधिक भीड़ उमड़ती है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के नगर पंचायत खरौद स्थित लक्ष्मणेश्वर महादेव मंदिर अपनी ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्ता के कारण श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए प्रमुख आस्था केन्द्र बना हुआ है। त्रेतायुगीन मान्यता वाले इस मंदिर का संबंध भगवान श्रीराम के कालखंड से जुड़ा है। लोककथाओं के अनुसार, खर एवं दूषण के वध के पश्चात भगवान श्रीराम के अनुज लक्ष्मण जी ने इस मंदिर की स्थापना की थी, जिसके कारण इसे लक्ष्मणेश्वर महादेव कहा जाता है।लक्ष्मणेश्वर महादेव मंदिर, धार्मिक नगरी शिवरीनारायण से लगभग 3 किलोमीटर, रायपुर से 120 किलोमीटर तथा बिलासपुर से 60 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। प्राचीन मंदिरों की बहुलता के कारण खरौद को ‘छत्तीसगढ़ की काशी’ भी कहा जाता है। मंदिर के गर्भगृह में स्थापित शिवलिंग को ‘लक्षलिंग’ कहा जाता है। जनश्रुति के अनुसार इसमें एक लाख सूक्ष्म छिद्र हैं, जिनमें से एक छिद्र को पातालगामी कहा जाता है, जिसमें डाला गया जल अंतर्ध्यान हो जाता है, जबकि एक अन्य अक्षय छिद्र में सदैव जल भरा रहता है। श्रद्धालु मानते हैं कि जलाभिषेक का जल मंदिर परिसर स्थित कुण्ड में पहुँचता है, जो कभी सूखता नहीं। यह शिवलिंग लगभग 30 फीट ऊँचे चबूतरे पर स्थापित है और इसे स्वयंभू लिंग माना जाता है।केवल श्रावण मास ही नहीं यहां वर्षभर लाखों श्रद्धालु दर्शनार्थ यहाँ पहुँचते हैं। अमरनाथ एवं बारह ज्योतिर्लिंग की तर्ज पर यह मंदिर भी धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से लोकप्रिय हो रहा है। प्रभु श्रीराम की पावन कथा से जुड़ा लक्ष्मणेश्वर महादेव मंदिर इतिहास, संस्कृति और आस्था का अनूठा संगम है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्राचीन धरोहरों के संरक्षण एवं धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में यह स्थल छत्तीसगढ़ राज्य के मानचित्र पर एक विशेष पहचान बना रहा है।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत जरूरतमंद एवं कमजोर वर्ग के परिवारों को सुरक्षित आवास एवं मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में जशपुर जिले के बगीचा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत पंडरापाठ निवासी श्री बुचूराम को प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत पक्का आवास प्रदान किया गया है।श्री बुचूराम लकड़ी और पैरा से निर्मित कच्चे घर में परिवार सहित निवास करते थे, जहाँ वर्षा, धूप एवं जीव-जंतुओं से उन्हें अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। दैनिक मजदूरी कर जीवनयापन करने वाले श्री बुचूराम आर्थिक रूप से इतने सक्षम नहीं थे कि स्वयं पक्का मकान बनवा सकें। प्रधानमंत्री जनमन योजना उनके लिए आशा की किरण बनकर आई, जिसके अंतर्गत उन्हें सुरक्षित, स्थायी एवं पक्का आवास उपलब्ध कराया गया।श्री बुचूराम ने बताया कि अब उनके पास प्रधानमंत्री जनमन योजना के आवास के साथ-साथ आधार कार्ड, राशन कार्ड एवं आयुष्मान कार्ड जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएँ भी उपलब्ध हैं, जिनकी सहायता से वे शासकीय योजनाओं का नियमित लाभ प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पक्का मकान मिलने से अब उनका परिवार सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन जी रहा है।उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के परिवारों को प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से आवासीय सुविधा के साथ-साथ स्वास्थ्य, राशन एवं अन्य मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। इससे ऐसे परिवारों को मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सक्षम बनाया जा रहा है।
- रायपुर। बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर से लगे ग्राम तिरिया ने सामुदायिक प्रयासों के माध्यम से प्राकृतिक पर्यटन एवं आजीविका संवर्धन का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। वन अधिकार अधिनियम 2006 के अंतर्गत सामुदायिक वन संसाधनों पर अधिकार प्राप्त होने के पश्चात् ग्राम सभा तिरिया द्वारा पर्यावरण संरक्षण तथा ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।इसी क्रम में बीते 27 जुलाई को ग्राम सभा एवं सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन समिति के संयुक्त तत्वावधान में तिरिया संगम पिकनिक स्पॉट में व्यापक पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्राकृतिक पर्यटन स्थल ग्राम सभा द्वारा संचालित है, जहाँ ग्रामीणों द्वारा पर्यटकों के लिए बाँस से निर्मित नौका (बैम्बू राफ्टिंग) एवं पिकनिक जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं।वन अधिकार पत्र प्राप्त होने से पूर्व भी ग्रामवासी जंगल की सुरक्षा हेतु 23-23 सदस्यों की गश्ती टीमों का गठन कर सक्रिय रहते थे, किन्तु इससे ग्रामीणों को स्थायी आय का साधन उपलब्ध नहीं हो पा रहा था। ऐसी स्थिति में ग्राम सभा की बैठक में सर्वसम्मति से तिरिया संगम को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों का सृजन करना था।पिछले दो वर्षों से पर्यटकों से संग्रहित शुल्क का उपयोग वर्ष 2025 में आम, जामुन, आँवला, बेर, नारियल, बादाम, कचनार, बांस, कदम्ब, नीम एवं विभिन्न फूल तथा औषधीय पौधों सहित मिश्रित प्रजातियों के पौधे क्रय एवं रोपण हेतु किया गया। यह पौधरोपण केवल पर्यटन स्थल तक सीमित न रहकर नालों के किनारे-किनारे भी किया गया है। इससे आगामी वर्षों में हरित आवरण में वृद्धि के साथ-साथ फलों एवं औषधीय पौधों के माध्यम से अतिरिक्त आय उपलब्ध होने की संभावना है। ग्राम सभा की इस अभिनव पहल की प्रशंसा करते हुए वन विभाग द्वारा भी विभिन्न प्रकार के पौधे प्रदान किए गए, जिनका रोपण उसी पर्यटन परिसर में ग्रामवासियों द्वारा किया गया।ग्राम तिरिया का यह सामुदायिक प्रयास न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है, बल्कि इस बात का सशक्त प्रमाण भी है कि जब स्थानीय समुदायों को अधिकार एवं संसाधन प्रदान किए जाते हैं, तो वे क्षेत्रीय विकास तथा प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। यह मॉडल निश्चित रूप से अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अनुकरणीय है।
- -नगर पालिका परिषद गौरेला में 172.86 लाख रुपए की लागत निर्माण कार्यों का करेेंगे लोकार्पणगौरेला ।उप मुख्यमंत्री तथा नगरी प्रशासन, लोक निर्माण, विधि एवं विधायी कार्य व लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री अरुण साव 4 अगस्त सोमवार को जीपीएम जिले के प्रवास पर रहेेंगे वे। नगर पालिका परिषद बस स्टैंड गौरेला में सुबह 11बजे 1 करोड़ 72 लख 86 हजार रुपए की लगत के विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं प्रतिमा का अनावरण करेेंगे। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय श्री तोखन साहू, जिले के प्रभारी एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक मरवाही श्री प्रणव कुमार मरपची एवं विधायक कोटा श्री अटल श्रीवास्तव, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद गौरेला श्री मुकेश दुबे साहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक अपस्थित रहेेंगे। लोकार्पण कार्यों में रानी दुर्गावती चौक उन्नयन कार्य लागत 6.86 लाख, डॉ भंवर सिंह पोरते प्रतिमा अनावरण लागत 10 लाख, विभिन्न वार्डों में अधोसंरचना मद अंतर्गत कार्य 77.76 लाख, 15वें वित्त अंतर्गत कार्य लागत 48.41 लाख, सांसद निधि अंतर्गत कार्य लागत 13.50 लाख और तीन स्थानों मैं हाई मास्ट लाइट स्थापना कार्य लागत 16.33 लाख रुपए शामिल है।
- -रायपुर-जबलपुर नई एक्सप्रेस ट्रेन सेवा का हुआ भव्य शुभारंभ-मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष ने रायपुर-जबलपुर नई रेलसेवा को दिखाई हरी झंडी-रायपुर से जबलपुर तक का आरामदायक सफर 08 घंटे में होगा पूरा-छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के बीच बढ़ेगी संपर्क सुविधा-पिछले एक दशक में रेलवे बजट में 21 गुना वृद्धि, 32 स्टेशनों का हो रहा कायाकल्प-छत्तीसगढ़ में 47 हजार करोड़ रुपए से अधिक की रेल परियोजनाएं संचालित-रायपुर-जबलपुर ट्रेन से पर्यटन, व्यापार और शिक्षा को मिलेगा बढ़ावारायपुर,। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने आज राजधानी रायपुर रेलवे स्टेशन से रायपुर-जबलपुर नई एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और नई सेवा के लिए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी। शुभारंभ के खास मौके पर गुजरात के भावनगर में आयोजित मुख्य समारोह से केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव और मनसुख मांडविया तथा मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वर्चुअली उपस्थित रहे। मुख्य समारोह में रीवा-पुणे (हड़पसर) एक्सप्रेस एवं भावनगर टर्मिनस-अयोध्या एक्सप्रेस का भी रीवा एवं भावनगर से शुभारंभ किया गया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव की विशेष पहल से आज तीन नई ट्रेन सेवाओं का शुभारंभ हुआ है और इसमें छत्तीसगढ़ को भी रायपुर-जबलपुर नई ट्रेन सेवा की बड़ी सौगात मिली है। उन्होंने नई रेल सेवा के लिए प्रदेश की 3 करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री और रेल मंत्री का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में छत्तीसगढ़ का रेल का बजट 21 गुना बढ़ा है और इस साल 6 हजार 900 करोड़ की राशि मिली है। श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 47 हजार करोड़ रुपए से अधिक की रेल परियोजनाएं संचालित है, जो छत्तीसगढ़ में रेलवे नेटवर्क और यात्री सुविधाओं को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशनों को 680 करोड़ की लागत से सर्वसुविधायुक्त बनाने के साथ ही पूरा कायाकल्प जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा बस्तर क्षेत्र नक्सलवाद से पीड़ित और वहां भी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने नई रेल परियोजनाओं की सौगात दी है। रावघाट-जगदलपुर रेल परियोजना सहित अन्य महत्वपूर्ण रेल परियोजनाएं भी हमारे छत्तीसगढ़ को मिली है, इसके लिए भी उन्होंने विशेष रूप से आभार जताया। श्री साय ने कहा कि रायपुर से जबलपुर के लिए वैकल्पिक रेल सेवा मिलने से पर्यटन, शैक्षणिक गतिविधियों के साथ ही व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।नई रेल सेवा मिलने से छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के आस्था और पर्यटन के प्रमुख केंद्र जैसे मां बमलेश्वरी की भूमि डोंगरगढ़ और भेड़ाघाट सीधे इन बड़े शहरों से जुड़ पाएंगे।पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने रायपुर-जबलपुर एक्सप्रेस के शुभारंभ को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह रेलसेवा छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के बीच बेहतर संपर्क का सशक्त माध्यम बनेगी। उन्होंने बताया कि यह गाड़ी रायपुर से जबलपुर तक लगभग 410 किलोमीटर की दूरी को केवल 8 घंटे में तय करेगी। डॉ. सिंह ने कहा कि प्रदेश के यात्री अब सुगमता के साथ गोंदिया, बालाघाट और जबलपुर की यात्रा कर पाएंगे और इससे क्षेत्रीय व्यापार व पर्यटन को भी गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि 'अमृत भारत स्टेशन योजना’ के माध्यम से प्रदेश के 32 स्टेशन का पुनर्विकास हो रहा है और रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग जैसे बड़े स्टेशनों में यात्री सुविधाएं लगातार बढ़ रही है। उन्होंने नई कनेक्टिविटी के लिए बधाई देते हुए कहा कि निश्चित रूप से आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ के रेलवे नेटवर्क का और अधिक सशक्त विस्तार होगा।इस अवसर पर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, महाप्रबंधक दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे श्री तरुण प्रकाश, डीआरएम रायपुर श्री दयानंद सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।गौरतलब है कि यह नई एक्सप्रेस ट्रेन सेवा छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश तीन राज्यों को जोड़ रही है। यह ट्रेन रायपुर, गोंदिया और जबलपुर के बीच यात्रियों को तेज़, वैकल्पिक और सुगम मार्ग उपलब्ध कराएगी। इस नई सेवा से यात्रियों को न केवल आरामदायक सफर मिलेगा, बल्कि व्यापार, शिक्षा और पर्यटन की दृष्टि से भी यह अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि नियमित सेवा के तहत गाड़ी संख्या 11701 रायपुर से दोपहर 2:45 बजे प्रस्थान करेगी और रात 10:45 बजे जबलपुर पहुंचेगी। वहीं, वापसी में गाड़ी संख्या 11702 जबलपुर से सुबह 6:00 बजे चलकर दोपहर 1:50 बजे रायपुर पहुंचेगी। इस ट्रेन में कुल 15 कोच होंगे, जिनमें एक एसी चेयर कार, चार चेयर कार, आठ सामान्य कोच, एक पावर कार और एक एसएलआरडी कोच शामिल हैं। यह सेवा व्यापारियों, विद्यार्थियों, पर्यटकों और दैनिक यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी होगी। रायपुर, डोंगरगढ़, बालाघाट, नैनपुर और जबलपुर जैसे शहर सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक महत्व से समृद्ध हैं। नंदनवन जूलॉजिकल पार्क, माँ बमलेश्वरी मंदिर, कान्हा नेशनल पार्क, भेड़ाघाट और धुआंधार जलप्रपात जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुँच अब और आसान हो सकेगी। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने इस नई रेलसेवा की शुरुआत कर यात्रियों के लिए यात्रा को और अधिक सुलभ, सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यह सेवा क्षेत्रीय संपर्क को सशक्त बनाएगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देगी।
- रायपुर/ इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के अंतर्गत संचालित बी.टेक (कृषि अभियांत्रिकी) एवं बी.टेक (फूड टेक्नोलॉजी) पाठ्यक्रमों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 हेतु रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए तृतीय चरण की काउंसलिंग प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है।इच्छुक अभ्यर्थी 1 अगस्त से 7 अगस्त 2025 के मध्य विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.igkv.ac.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 7 अगस्त 2025 है, अतः सभी पात्र अभ्यर्थियों से अनुरोध है कि वे समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूर्ण करें। कॉलेज विकल्प भरते समय विशेष सावधानी बरतें, क्योंकि एक बार विकल्प सबमिट करने के पश्चात उनमें परिवर्तन संभव नहीं होगा। केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को आवेदन करना चाहिए जिन्होंने 12वीं कक्षा गणित समूह (Mathematics group) से उत्तीर्ण की है। बायोलॉजी (Biology group) से 12वीं उत्तीर्ण अभ्यर्थी आवेदन के पात्र नहीं हैं।प्रोविजनल मेरिट सूची दिनांक 9 अगस्त 2025 को विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएगी। इसके पश्चात दस्तावेज सत्यापन, सीट आवंटन एवं शुल्क जमा कर प्रवेश की प्रक्रिया निम्नानुसार आयोजित की जाएगी• 11 अगस्त 2025: छत्तीसगढ़ राज्य के मूल निवासी, जिन्होंने PET-2025 अथवा JEE Mains-2025 के माध्यम से आवेदन किया है।• 12 अगस्त 2025: छत्तीसगढ़ राज्य के 12वीं गणित समूह आधारित अभ्यर्थी तथा अन्य राज्यों के गणित समूह से पंजीकृत अभ्यर्थी।प्रत्येक दिवस की काउंसलिंग प्रक्रिया इस प्रकार होगी:• प्रातः 10:00 बजे से अपराह्न 1:00 बजे तक – दस्तावेज सत्यापन• अपराह्न 1:30 बजे से सायं 5:00 बजे तक – सीट आवंटन एवं शुल्क जमास्थान: स्वामी विवेकानंद कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, गेट नंबर-03, रायपुर।प्रत्येक चरण के अंत में "कैटेगरी कन्वर्ज़न राउंड" आयोजित किया जाएगा, जिसमें रिक्त सीटों के आधार पर अभ्यर्थियों को उनकी पसंदीदा कॉलेज प्राथमिकता अनुसार बेहतर विकल्प प्रदान किया जाएगा। यह प्रक्रिया मेरिट वरीयता एवं विकल्पों की उपलब्धता के आधार पर स्वचालित रूप से की जाएगी। सभी चयनित अभ्यर्थियों से अनुरोध है कि वे निर्धारित तिथि एवं समय पर मूल दस्तावेज एवं उनकी छायाप्रतियाँ सहित उपस्थित हों। विलंब अथवा अनुपस्थिति की स्थिति में प्रवेश का अवसर निरस्त किया जा सकता है। प्रवेश से संबंधित विस्तृत जानकारी एवं दिशा-निर्देश विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.igkv.ac.in पर उपलब्ध हैं।
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-टी सहदेव
भिलाई। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले 'एट होम' स्वागत समारोह में भाग लेने के लिए महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से तालपुरी में रहने वाली भिलाई की होनहार छात्रा अस्मी खरे को आमंत्रण मिला है। उन्हें यह विशेष आमंत्रण अपनी टीम कोडिंग विजार्ड का नेतृत्व करते हुए स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2024 में जीत हासिल करने के लिए दिया गया है। यह सम्मान देश भर के उन चुनिंदा प्रतिभागियों को दिया जाता है, जिन्होंने तकनीकी क्षेत्र में असाधारण नेतृत्व और नवाचार का परिचय दिया हो। उल्लेखनीय है कि यह हैकाथॉन एनआईटी श्रीनगर में आयोजित हुआ था।
वर्तमान में भिलाई इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (बीआईटी) दुर्ग से कंप्यूटर साइंस में स्नातक की पढ़ाई कर रहीं अस्मी खरे के मार्गदर्शन में उनकी टीम ने गेल इंडिया के लिए एक जियो लोकेशन आधारित उपस्थिति प्रणाली विकसित की, जिससे बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के जीपीएस के माध्यम से उपस्थिति दर्ज हो सके। साथ ही जहां इंटरनेट की उपलब्धता सीमित है, ऐसे क्षेत्रों के लिए ऑफलाइन उपस्थिति को सपोर्ट करते वाला उपकरण भी विकसित किया, जो गेल साइट के कर्मचारियों को मोबाइल एप के माध्यम से आपात स्थितियों की तुरंत रिपोर्ट करने में मदद करता है, जिससे त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। इस टीम में यशवर्धन सिंह, विपिन कुमार गौतम, प्रथम साहू, मयंक देशलहरा और जतिन कुंजाम शामिल हैं।राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर हैकाथॉन पुरस्कार प्राप्त कर चुकीं, अनिल खरे और स्मिता खरे की बेटी अस्मी देश की श्रेष्ठ सात टीम लीडर्स में एक हैं, जिन्हें इस विशेष आमंत्रण के लिए चुना गया है। इस उपलब्धि पर उत्साहित अस्मी ने राष्ट्रपति का आभार जताते हुए कहा कि यह जीवन में एक बार मिलने वाला अवसर है और मैं अपने शहर और प्रदेश का प्रतिनिधित्व करके गर्व महसूस कर रही हूं। इस समारोह में अस्मी देश के उन उत्कृष्ट और क्रिएटिव व्यक्तियों के साथ शामिल होंगी, जिन्हें भारत की राष्ट्रपति से मिलने का मौका मिलेगा। यह अवसर न केवल उनकी शैक्षणिक यात्रा का एक मील का पत्थर है, बल्कि प्रदेश के युवाओं की क्रिएटिव विरासत में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ता है। -
रायपुर/ छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद द्वारा संचालित शिक्षा का मन्दिर, स्पीच थेरेपी सेन्टर , बालगृह बालिका एवं बालक माना कैम्प रायपुर के समस्त स्टाफ , बच्चे एवं बच्चों के पालकों हेतु सावन उत्सव का आयोजन 2 अगस्त शनिवार को दोपहर सप्रे शाला परिसर आडिटोरियम में किया गया । कार्यक्रम में विधायक सुनील सोनी जी ने अपने उद्बोधन में कहा भारतीय परंपरा के अनुसार जैसे ही सावन का महीना शुरू होता है अनेक त्यौहार हरियाली के साथ आते है और खास कर महिलाएं सभी का भरपूर आनंद लेती है सावन के झूले का वर्णन कहानी साहित्य और फ़िल्मों में भी किया जाता है इसलिए सावन उत्सव महिलाओं को समर्पित है। इस अवसर पर डॉ अनामिका सिंह ने भी महिलाओं से संबंधित विभिन्न प्रकार की बीमारियों से बचाव पर अपना सारगर्भित व्याख्यान दिया। कार्यक्रम की शुरुआत में मां सरस्वती जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन किया गया साथ ही अतिथियों का शाल श्रीफल , पुष्पगुच्छ और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। सावन उत्सव में सभी ने गीत , संगीत के साथ झूले का आनंद लिया और विभिन्न प्रतियोगिता का आयोजन किया गया । जिसका परिणाम इस प्रकार है।
1/ बैलून में नाम लिखना - अभिभावकों में प्रथम महिनूर की मां आसमा खान, द्वितीय आरुष की मां राजेश्वरी कर्मचारियों में प्रथम देवयानी सेन , द्वितीय लेखा यदू2/ टूथपिक से सिक्का उठाना- अभिभावकों में प्रथम अद्विक की मां निधि सिंह , द्वितीय आरुष की मां राजेश्वरी कर्मचारियों में प्रथम विमल यादव , द्वितीय संजीत घोष3/ मेहंदी प्रतियोगिता- अभिभावकों में प्रथम छायांश की मां शारदा निषाद द्वितीय विवान की मां सोलन कर्मचारियों में प्रथम लेखा यदु , द्वितीय आंचल4/. रैंप वॉक - अभिभावकों में प्रथम ओशिमा की मां सीमा ठाकुर, द्वितीय दक्ष की मां विभा मित्रा कर्मचारियों में प्रथम नीलू अग्रवाल , द्वितीय सुनीता वर्मा5/ बेस्ट ड्रेसअप - प्रथम पूजा मिसालावर , द्वितीय श्वेता सिंह रही।कार्यक्रम में परिषद के उपाध्यक्ष डॉ अशोक त्रिपाठी, डॉ कमल वर्मा, महासचिव चंद्रेश शाह, कोषाध्यक्ष इंदिरा जैन, संयुक्त सचिव प्रकाश अग्रवाल, राजेंद्र कुमार निगम, कार्यकारिणी सदस्य छगनभाई पटेल, सुनीता चंसोरिया, हर्षा जोशी, शताब्दी पांडे, सुभाष बुंदेला, प्रीति निगम उपस्थित रहे। -
रायपुर/ आज राष्ट्रकवि डॉक्टर मैथिली शरण गुप्त का उनकी जयन्ती पर नमन करने रायपुर नगर पालिक निगम के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में नगर निगम जोन 3 के सहयोग से राजधानी शहर के जलविहार कॉलोनी के डॉक्टर मैथिली शरण गुप्त की प्रतिमा स्थल पर रखे गए पुष्पांजलि आयोजन में रायपुर नगर निगम संस्कृति विभाग के अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी, मण्डल अध्यक्ष श्री सुनील कुकरेजा सहित गणमान्यजनों, सामाजिक कार्यकर्त्ताओं, नवयुवकों,आमजनों ने नमन किया.
- -जिला स्तरीय कार्यक्रम कृषि विज्ञान केन्द्र भलेसर में हुआ आयोजनमहासमुंद, / प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज वाराणसी से किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त जारी की। जिसके तहत देशभर किसानों को योजना का लाभ मिलेगा। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सबसे पहले किसानों के हित में 20वीं किस्त जारी किया। आज महासमुंद जिले के किसानों को भी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि राशि का लाभ मिला। जिले के एक लाख 30 हजार से अधिक किसानों के खाते में लगभग 30 करोड़ 31 लाख रूपए डीबीटी के माध्यम से पहुंचा। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केन्द्र भलेसर महासमुंद में आयोजित कार्यक्रम में महासमुंद सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा एवं छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर विशेष रूप से उपस्थित थे।इस अवसर पर कलेक्टर श्री विनय लंगेह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष भीखम सिंह ठाकुर, श्री संदीप घोष, हितेश चंद्राकर, विक्रम ठाकुर, श्री देवेंद्र चंद्राकर सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, कृषि उपसंचालक एफ आर कश्यप, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक एवं बड़ी संख्या में अंचल के किसान उपस्थित थे।इस अवसर पर महासमुंद सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने सभी किसानों को किसान सम्मान निधि योजना की 20वीं किस्त जारी होने पर बधाई दिए। उन्होंने कहा कि पहले के समय में किसान का वजूद सबसे ऊपर रहा है, पहले नौकरी को उतना महत्व नहीं दिया जाता था। आज किसानों का सम्मान फिर से वापस लौट रहा है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जो वादा किया था उसे तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के पश्चात तत्काल पूर्ण किया है। आज देश के किसान खुशहाल है और आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। इस कारण से पढ़े लिखे लोग भी वापस अपने खेतों की ओर लौट रहे हैं और कृषि में उन्नत तकनीक के साथ नए नए प्रयोग कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने सभी किसानों से प्रधानमंत्री जन-धन खाते के अंतर्गत केवाईसी करवाने का आग्रह किया। इसके अलावा आवारा मवेशियों पर नियंत्रण हेतु किसानों से अनुरोध किया ताकि सार्वजनिक सड़कों, बाजारों और अन्य प्रमुख स्थानों पर घूमते व बैठते आवारा मवेशी जो यातायात में बाधा बनते हैं और दुर्घटनाओं का कारण भी बनते हैं उससे उनकी रक्षा हो सके।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि किसानों के हित में लगातार हमारी सरकार अलग-अलग योजनाओं के माध्यम से कार्य कर रही है और विकसित भारत की ओर हम बढ़ रहे हैं। और विकसित भारत का यह सपना देश के अर्थव्यवस्था की रीढ़ जो की किसान हैं, उनके विकास के बिना संभव नहीं है।बीज निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर ने कहा कि प्रधानमंत्री के भाषण का सार यह रहा कि हमें स्वदेशी की ओर बढ़ना है, हमें चाहिए कि हमारा पैसा हमारे देश में रहना चाहिए है। साथ ही उन्होंने कहा कि इसी तरीके से हमें स्वावलंबन की ओर बढ़ना है, आत्मनिर्भर बनना है।इस अवसर पर किसानों को कृषि आधारित विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई।
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- प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त के रूप में जिले के 1 लाख 5 हजार 252 किसानों को 22 करोड़ 61 लाख रूपए का आधार बेस्ट प्रणाली के माध्यम से किया भुगतान
- किसानों को शासन की किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी देने के लिए लगाए गए स्टॉल
- ग्राहक सेवा केन्द्र में किसानों का जीरो बैंलेर्स पर प्रधानमंत्री जनधन खाता खोला गया
- किसानों को एग्री स्टेक पोर्टल फार्मर रजिस्ट्री की दी गई जानकारी
- ऑर्गेनिक फुड प्लाजा के स्टॉल में बेल, शर्बत, ज्वार लड्डू, बाजरा लड्डू, ज्वार-बाजरा-रागी लड्डू, मल्टी ग्रेन भाखर बड़ी रहे उपलब्ध
- ड्रोन के माध्यम से नैनो उर्वरक के छिड़काव का किया गया प्रदर्शन
राजनांदगांव । प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वाराणसी उत्तर प्रदेश से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त के रूप में जिले के 1 लाख 5 हजार 252 किसानों को 22 करोड़ 61 लाख रूपए का भुगतान आधार बेस्ट प्रणाली के माध्यम से किया। यह दिन जिले में पीएम किसान दिवस के रूप में मनाया गया। कृषि विज्ञान केन्द्र सुरगी में आयोजित कार्यक्रम में आज किसानों को शासन की किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी देने के लिए स्टॉल लगाए गए। इस अवसर पर सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने किसानों को जानकारी देने के लिए लगाए गए स्टॉल का अवलोकन किया तथा किसानों को अरहर मिनी किट, केसीसी कार्ड एवं स्वाईल हेल्थ कार्ड का वितरण किया।
प्रधानमंत्री किसान दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के स्टॉल में ग्राहक सेवा केन्द्र में किसानों को जीरो बैंलेर्स पर प्रधानमंत्री जनधन खाता खोलने, अटल पेंशन योजना का लाभ लेने तथा तुरंत खाता खोलने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया गया। उद्यानिकी विभाग के स्टॉल में एफपीओ, हिन्दुस्तान फामर्स कंपनी लिमिटेड के परंपरागत देशी चना, ग्रीन राईस, मसुर, धनिया पत्ती, कोदो, चावल, कुटकी जैसे उत्पाद उपलब्ध थे। फसल बीमा पाठशाला अंतर्गत किसानों को शिक्षा से फसल सुरक्षा तथा फसल बीमा कराओ, सुरक्षा कवच पाओ के संबंध में जानकारी दी गई। जिसके अंतर्गत प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के संबंध में जानकारी दी गई। किसानों को एग्री स्टेक पोर्टल फार्मर रजिस्ट्री करना के बारे में बताया गया। धान में समन्वित कीट-रोग प्रबंधन, मक्का के महत्व एवं वैज्ञानिक खेती, लघु धान्य फसल, नैनो उर्वरक, पशु स्वास्थ्य एवं रोग नियंत्रण कार्यक्रम के संबंध में जानकारी दी गई। किसानों को बैकयार्ड कुक्कुट पालन योजना, अनुदान पर डेयरी उद्यमिता विकास योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। स्वसहायता समूह की महिलाओं ने ऑर्गेनिक फुड प्लाजा के स्टॉल में बेल, शर्बत, ज्वार लड्डू, बाजरा लड्डू, ज्वार-बाजरा-रागी लड्डू, मल्टी ग्रेन भाखर बड़ी भी उपलब्ध थे। इसके साथ ही मसुर, चना, छत्तीसगढ़ सरसों -1, इंदरा मटर-01, राजीव लोचन अरहर, गेहूं जीडब्ल्यू 451, धान महामाया सहित विभिन्न किस्में उपलब्ध थी। इस अवसर पर ड्रोन के माध्यम से नैनो उर्वरक के छिड़काव का प्रदर्शन किया गया तथा शासन की विभिन्न जानकारी से अवगत कराया गया।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रतिमा चंद्राकर, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती देवकुमारी साहू, जनपद पंचायत सदस्य श्रीमती हर्षी चंद्राकर, जनपद पंचायत सदस्य श्रीमती पूर्णिमा साहू, सरपंच श्री सुग्रीव साहू, श्री बिसेसर दास साहू, डॉ. विनम्रता जैन, श्री सौरभ कोठारी, श्री रविन्द्र वैष्णव, श्री खिलेश्वर साहू, श्री लीलाधर साहू, श्री रोहित चंद्राकर, श्री कृष्णा तिवारी, श्रीमती मधुसुकृत साहू, जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह, उप संचालक कृषि श्री टीकम सिंह ठाकुर, वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. गुंजन झा, अनुविभागीय अधिकारी श्री संतलाल देशलहरे, सहायक संचालक कृषि श्री विरेन्द्र अनंत, सहायक मृदा परीक्षण अधिकारी श्रीमती रूपलता गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में कृषकगण उपस्थित थे। - - प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि अन्नदाता किसानों को सम्मान देने का कार्य : सांसद श्री संतोष पाण्डेय- किसानों की मेहनत के कारण बना छत्तीसगढ़ धान का कटोरा- कृषि कार्य में विभिन्न आधुनिक कृषि यंत्रों का किया जा रहा उपयोग- जिले में आधुनिक तरीके से जल संरक्षण के लिए रिचार्ज सॉफ्ट एवं इंजेक्टशन वेल की तकनीक को अपनाने के लिए प्रशंसा की- किसानों को अरहर मिनी किट, केसीसी कार्ड एवं स्वाईल हेल्थ कार्ड का किया गया वितरणराजनांदगांव । प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वाराणसी उत्तर प्रदेश से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त के रूप में जिले के 1 लाख 5 हजार 252 किसानों को 22 करोड़ 61 लाख रूपए का भुगतान आधार बेस्ट प्रणाली के माध्यम से किया। यह दिन जिले में पीएम किसान दिवस के रूप में मनाया गया। कृषि विज्ञान केन्द्र सुरगी में आयोजित कार्यक्रम से सांसद श्री संतोष पाण्डेय वर्चुअल माध्यम से जुड़े।सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से अन्नदाता किसानों को सम्मान देने का कार्य प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किया है। प्रधानमंत्री ने किसानों को फायदा एवं राहत देने के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त के रूप में जिले के 1 लाख 5 हजार 252 किसानों को 22 करोड़ 61 लाख रूपए का भुगतान आधार बेस्ट प्रणाली के माध्यम से किया है। उन्होंने कहा कि इस अच्छी बात की चर्चा हर घर एवं गली-महोल्ले में होनी चाहिए। उन्होंने सभी किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत राशि मिलने पर सभी किसानों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि खेती किसानी के परंपरागत तरीकों से लेकर आज के आधुनिक दौर में तेजी से बदलाव आए है। फसल जोताई, फसल कटाई, मिसाई, बोनी सहित अन्य कार्यों में खेत-खलिहानों में आधुनिक कृषि यंत्र, ट्रेक्टर, हार्वेस्टर, स्प्रिंकलर सहित विभिन्न आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग किया जा रहा है। अन्नदाता किसानों के उन्नति के लिए शासन द्वारा प्रााथमिकता देते हुए कार्य किया जा रहा है। किसानों की मेहनत के कारण छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा गया है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों से 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर और प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से धान खरीदी की जा रही है, जिससे किसान आर्थिक दृष्टिकोण से सशक्त हो रहे है। उन्होंने किसानों को आह्वान करते हुए कहा कि जल संरक्षण के लिए सभी किसान कार्य करें। उन्होंने जिले में आधुनिक तरीके से जल संरक्षण के लिए रिचार्ज सॉफ्ट एवं इंजेक्टशन वेल की तकनीक को अपनाने के लिए प्रशंसा की। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम को अवश्य सुने। यह कार्यक्रम मार्गदर्शक, प्रेरणादायक एवं मनोबल बढ़ाने वाला है। इस अवसर पर उन्होंने किसानों को जानकारी देने के लिए लगाए गए स्टॉल का अवलोकन किया तथा किसानों को अरहर मिनी किट, केसीसी कार्ड एवं स्वाईल हेल्थ कार्ड का वितरण किया।जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ विकास पथ की ओर अग्रसर है। मेहनतकश अन्नदाताओं के कारण हमें अन्न मिलता है। उनकी मेहनत तथा धान की फसल के कारण छत्तीसगढ़ धान का कटोरा कहलाता है। उन्होंने सभी किसानों से आग्रह करते हुए कहा कि ग्रीष्म ऋतु में धान की फसल नहीं लगाएं। ऐसे किसानों ने जिन्होंने ग्रीष्म ऋतु में धान की फसल लगाई थी, उनके धान की फसल को पानी की कमी के कारण नुकसान तो हुआ ही और बोरवेल का पानी भी समाप्त हो गया। जिले में पानी की कमी की समस्या को दूर करने के लिए हम सभी को जल संरक्षण करना है। जल है, तो कल है। उन्होंने सभी किसानों को प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना के तहत राशि मिलने पर शुभकामनाएं दी।उप संचालक कृषि श्री टीकम सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि एक खास योजना है। जिसके अंतर्गत किसानों को उनकी खेती किसानी के दिनों में अप्रैल, अगस्त एवं दिसम्बर में राशि प्रदान की जाती है। पहली किस्त जब किसान खेती की तैयारी के समय व्यस्त रहते है, दूसरी किस्त अगस्त में निदाई, गुड़ाई के समय तथा तीसरी किस्त फसल कटाई के समय प्रदान की जाती है। आज जिले के 1 लाख 5 हजार 252 किसानों को 22 करोड़ 61 लाख रूपए का भुगतान आधार बेस्ट प्रणाली के माध्यम से किया गया है। इस दौरान ड्रोन के माध्यम से नैनो उर्वरक छिड़काव का प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रतिमा चंद्राकर, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती देवकुमारी साहू, जनपद पंचायत सदस्य श्रीमती हर्षी चंद्राकर, जनपद पंचायत सदस्य श्रीमती पूर्णिमा साहू, सरपंच श्री सुग्रीव साहू, श्री बिसेसर दास साहू, डॉ. विनम्रता जैन, श्री सौरभ कोठारी, श्री रविन्द्र वैष्णव, श्री खिलेश्वर साहू, श्री लीलाधर साहू, श्री रोहित चंद्राकर, श्री कृष्णा तिवारी, श्रीमती मधुसुकृत साहू, जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह, वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. गुंजन झा, अनुविभागीय अधिकारी श्री संतलाल देशलहरे, सहायक संचालक कृषि श्री विरेन्द्र अनंत, सहायक मृदा परीक्षण अधिकारी श्रीमती रूपलता गुप्ता सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में कृषकगण उपस्थित थे।उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत केवल कृषि फार्म पर अपनी आजीविका के लिए निर्भर रहने वाले देश के लघु, सीमांत तथा दीर्घ कृषकों को हर 3 माह में 2000 रूपए के साथ सालाना 6000 रूपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इस अवसर पर कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केन्द्र एवं कृषि उपज मंडी के समन्वय से जिला, ब्लाक एवं पंचायत स्तर पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के हितग्राहियों की उपस्थिति में कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण वेबकास्ट के माध्यम से किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में जिले के किसान एवं नागरिक जुड़े तथा आयोजित कार्यक्रम स्थलों में किसान एवं नागरिकों सहभागिता रही।
- बलौदाबाजार, / कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्चों क़ो जूठा भोजन परोसने वाली महिला स्व सहायता समूह क़ो मध्यान्ह भोजन संचालन कार्य से पृथक कर दिया गया हैएस डीएम पलारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला लच्छनपुर में 28 जुलाई 2025 क़ो मध्यान्ह भोजन की पकी हुई सब्जी क़ो आवारा कुत्ते द्वारा जूठा कर देने तथा उक्त घटना की जानकारी बच्चों के द्वारा दिये जाने तथा शिक्षकों द्वारा भोजन नहीं परोसने हेतु कहने के बावजूद उक्त भोजन बच्चों क़ो परोस देने की घटना की शिकायत मिली। इस शिकायत की जाँच हेतु अनुविभागीय अधिकारी की अध्यक्षता में जांच टीम गठित कर जाँच किया गया। प्रारंभिक जांच में पाए गए तथ्य के आधार पर जय लक्ष्मी स्व सहायता समूह क़ो शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला लच्छनपुर में मध्यान्हभोजन संचालन से अस्थायी रूप से पृथक कर दिया गया है तथा शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला लच्छनपुर में मध्यान्ह भोजन संचालन अस्थायी रूप से संस्था प्रमुख क़ो सौंपा गया है। सभी बच्चों का ऐहतिहात के लिए वैक्सीनेशन भी कराया गया है। साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रधान पाठक को और संकुल समन्वय को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। file photo
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बलौदाबाजार-भाटापारा, /नगर पालिका परिषद बलौदाबाजार अंतर्गत गार्डन चौक में भारत रत्न स्व. अटल बिहारी बाजपेयी (पूर्व प्रधानमंत्री) की नवनिर्मित प्रतिमा का लोकार्पण तथा नालंदा परिसर के निर्माण कार्य का भूमिपूजन समारोह 03 अगस्त को नगर भवन बलौदाबाजार में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा करेंगे।
इस अवसर पर रायपुर लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल अति विशिष्ट अतिथि तथा नगर पालिका परिषद बलौदाबाजार के अध्यक्ष श्री अशोक जैन विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इसके साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भी उपस्थिति रहेगी।यह कार्यक्रम नगर के विकास एवं जनसुविधाओं के उन्नयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। - रायपुर- आज रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर जोन, 9 जोन कमिश्नर श्री संतोष पाण्डेय के मार्गनिर्देशन और कार्यपालन अभियंता श्री अंशुल शर्मा सीनियर, जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री उमेश नामदेव, श्री बारोन बंजारे, स्वच्छता निरीक्षक श्री भोला तिवारी की उपस्थिति में दलदलसिवनी आवासीय क्षेत्र से लगातार गन्दगी और प्रदूषण डेयरी द्वारा फैलाये जाने से सम्बंधित प्राप्त जन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए वस्तुस्थिति की जानकारी लेने गोपाल यादव की आवासीय क्षेत्र में संचालित डेयरी की स्वच्छता व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान डेयरी में भारी गन्दगी मिली और प्राप्त जन शिकायतें सही पायी गयीं. इस पर जोन कमिश्नर के निर्देश पर आवासीय क्षेत्र दलदलसिवनी में संचालित गोपाल यादव की डेयरी को वहाँ 7 पशुओं को जप्त कर डेयरी को ताला लगाकर सीलबंद कर दिया गया और डेयरी को डेयरी संचालक द्वारा निगम सीमा क्षेत्र के बाहर शिफ्ट कर दिया गया. इस प्रकार रहवासियों की जन शिकायतों का नगर निगम रायपुर द्वारा त्वरित निदान किया गया.
- -मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर रायपुर में शुरू प्रोजेक्ट 'छाँव' के तहत आज एक हजार से अधिक अधिकारी, कर्मचारी एवं उनके परिवार ने कराया स्वास्थ्य जांच-स्वस्थ जीवन जीना ही, खुशहाल जीवन जीना है- श्री सोनमणि बोरा, प्रमुख सचिवरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए प्रोजेक्ट "छाँव" की शुरुआत की गई है। इसके तहत आज सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम रायपुर में पशुधन विभाग, लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, जल संसाधन, उद्यानिकी, मत्स्य, खाद्य, आबकारी, सहकारिता, नाप तौल, खनिज, जिला मार्केटिंग, आदिम जाति विकास विभाग के अधिकारी, कर्मचारी एवं परिवारजनों ने स्वास्थ्य जांच करवाया।प्रोजेक्ट छांव कार्यक्रम में आदिम जाति, अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा शामिल हुए। उन्होंने कहा यह प्रोजेक्ट छांव सभी शासकीय कर्मचारियों के परिवार के सदस्यों के लिए एक अच्छी पहल है जिसके माध्यम से उनका मुफ्त इलाज एवं टेस्ट एक छत के नीचे मुमकिन है। पूरा जिला प्रशासन लगातार कार्य करता जिसके चलते उन्हें अपने परिवार के लिए समय नहीं मिल पाता। जिसके लिए मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के प्रयास से यह स्वास्थ्य शिविर संभव हो पा रहा है, जिसका लाभ आप सभी शासकीय कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्य ले रहे हैं | स्वस्थ्य जीवन जीना ही खुशहाल जीवन है, हमको अपने तथा अपने परिवारजनों का ख्याल रखना चाहिए़, इसलिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। जिला प्रशासन को मैं इस अद्भुत प्रोजेक्ट के लिए धन्यवाद देता हूं एवं बधाई देता हूं। इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. सिंह ने अपने कहा कि प्रोजेक्ट "छाँव" शासकीय कर्मचारियों एवं उनके परिवारजनों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए प्रारंभ किया गया है। मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार सभी का स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज 8 विभाग के अधिकारी कर्मचारी एवं उनके परिजनों की स्वास्थ्य जांच की गई।कलेक्टर डॉ. सिंह ने बताया कि प्रोजेक्ट छांव के सभी लाभार्थियों को हमारे कॉल सेंटर से फीडबैक कॉल जाता है जिसके माध्यम से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली जाती है। एक छत के नीचे सभी प्रकार के इलाज संभव है। अब तक स्मृति पुस्तकालय में 1500 से अधिक किताब और पांच लैपटॉप मिल चुका है। प्रोजेक्ट धड़कन के बाद अब स्कूली छात्र-छात्राओं के लिए प्रोजेक्ट दृष्टि की शुरुआत होने जा रही है जिसके तहत बच्चों के आंख का मुफ्त इलाज किया जाएगा। अंत्योदय तक पहुंचना हमारा लक्ष्य है | सुशासन तिहार समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी द्वारा 4 सुशासन रथ को रवाना किया था जो सभी गांव एवं ब्लॉकों में जाकर लोगों का त्वरित आयुष्मान कार्ड, श्रम कार्ड, राशन कार्ड, आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र सहित अन्य शासकीय आवेदनों को त्वरित बनकर दिया जाता है। अब तक इस सुशासन रथ के माध्यम से हम रायपुर जिले के 312 गांवों तक पहुंच चुके हैं एवं इस योजना का 58354 लोग लाभ उठा चुके हैं। यह सभी प्रोजेक्ट जनता के हित में कार्य कर रहे हैं।इस स्वास्थ्य शिविर में स्वास्थ्य परीक्षण के साथ-साथ आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, श्रम कार्ड जैसी आवश्यक सेवाएँ भी उपलब्ध कराई गईं। कलेक्टर डॉ सिंह ने कहा कि इस प्रोजेक्ट के माध्यम से हम एक स्वस्थ और सशक्त समुदाय का निर्माण करना चाहते हैं।इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री बोरा एवं कलेक्टर डॉ. सिंह ने सभी हेल्थ काउंटरों, बालको मेडिकल सेंटर की मोबाइल कैंसर डिटेक्शन वैन एवं बालाजी डेंटल हॉस्पिटल की मोबाइल डेंटल क्लिनिक का अवलोकन किया। इस दौरान श्री बोरा ने अपना हृदय तथा कैल्शियम टेस्ट भी करवाया।शिविर के दौरान मुख्य अतिथि द्वारा ऑर्गन डोनेशन करने वालों का सम्मान भी किया। आज कार्यक्रम में 6 लोगों ने प्रोजेक्ट दधीचि के तहत देहदान तथा अंगदान का संकल्प लिया। ताकि ये मानवता के काम आ सके।स्वास्थ्य जांच में आए परिजनों ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन द्वारा हमारे लिए इस शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें उन्होंने बीपी, शुगर सहित अन्य स्वास्थ्य जाँचें कराईं। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार प्रकट किया।इस शिविर में विशेष रूप से मैमोग्राफी, सोनोग्राफी, टीबी जांच, बोन डेंसिटी चेक, ईसीजी, इको, ब्लड टेस्ट किया गया | इस अवसर पर बोर्न न्यू हॉस्पिटल, साईबाबा हॉस्पिटल, smc हॉस्पिटल, itsa हॉस्पिटल,रामकृष्ण, श्री नारायणा, , बालाजी हॉस्पिटल, ममता, बालको, लोटस, ग्लोबल, जिला अस्पताल के प्रोफेशनल डॉक्टर एवं स्टाफ ने प्रोजेक्ट छांव में अपनी सेवाएं दी।सीजी कॉलेज ऑफ नर्सिंग स्टॉफ ने सी पी आर ट्रेनिंग दी। रेडक्रॉस सोसाइटी जिला शाखा के तरफ से सदस्यता फॉर्म भरने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही कैम्प स्थल में ब्लड डोनेशन करने के लिए भी व्यवस्था की गई थी। जिसमें आयुक्त नगर निगम श्री विश्वदीप सहित शासकीय अधिकारी के परिजन श्रीमती अलका सक्सेना एवं कबीर सक्सेना ने रक्तदान किया।महिलाओं के लिए मैमोग्राफी जांच :- मैमोग्राफी (Mammography) एक विशेष प्रकार की एक्स-रे जांच है जो महिलाओं की स्तनों (ब्रेस्ट्स) की जांच के लिए की जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य स्तन कैंसर की प्रारंभिक अवस्था में पहचान करना होता है, जब लक्षण अभी दिखाई नहीं देते हैं।सोनोग्राफी (Sonography) एक गैर-विकिरण आधारित जांच है जिसमें ध्वनि तरंगों का उपयोग कर शरीर के अंदरूनी अंगों की छवि बनाई जाती है। जिससे बीमारी का पता लगाया जा सके।इको हार्ट की सोनोग्राफी है।इसमें हाई-फ्रीक्वेंसी साउंड वेव्स का उपयोग कर दिल की धड़कन, वाल्व्स, चेम्बर्स और ब्लड फ्लो को देखा जाता है।ECG मशीन आपके शरीर पर लगाए गए इलेक्ट्रोड्स के माध्यम से दिल की धड़कनों को रिकॉर्ड करती है। इससे पता चलता है कि आपका दिल कितनी नियमितता से और कितनी तेज़ी से धड़क रहा है, और क्या उसमें कोई रुकावट या गड़बड़ी है।आज शिविर में ECG, सोनोग्राफी, ECO, ब्लड सैंपल, साथ ही RFT, LFT, Vitamin D3, B12, HbA1, Sugar Random सहित अन्य जांच किया गया |ओपीडी में शिशु रोग, दंत रोग, नेत्र रोग, कैंसर रोग, मेडिसिन, किडनी रोग, न्यूरोलॉजी, मेंटल हेल्थ, गैस्ट्रो लॉजी, स्त्री रोग, कार्डियोलॉजी, जनरल एंड लेप्रोस्कोपिक सर्जरी परामर्श, BMD टेस्ट, अस्थि रोग, प्रधान मंत्री डायलिसिस कार्यकम सहित अन्य विभाग के परामर्श किया गया |इसके अतिरिक्त, आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड, श्रम कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस जैसी विभिन्न शासकीय योजनाओं का पंजीयन और आवेदन की सुविधा एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गई। शिविर में जरूरतमंदों को आवश्यक दवाएँ भी निःशुल्क वितरित की जाएंगी, जिससे यह पहल एक समग्र, सुलभ और उपयोगी सेवा मंच के रूप में कार्य करेगी। 8 विभाग के 1000 अधिकारी-कर्मचारी एवं परिवारजनों ने अपना स्वास्थ्य जांच कराया एवं अन्य सुविधाओं का लाभ लिया |जिले में चलाए जा रहे स्मृति पुस्तकालय के माध्यम से आज 6 दानदाताओं ने 46 पुस्तकें दान दी। ये पुस्तकें जरूरतमंदों को उनके भविष्य गढ़ने में मदद करेगी।आज के इस स्वास्थ्य शिविर में एसएसपी डॉ लाल उम्मेद सिंह, निगम कमिश्नर श्री विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, अपर कलेक्टर सुश्री नम्रता जैन, सीएमएचओ डॉ मिथिलेश चौधरी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- - दुर्ग जिले में पी.एम. किसान दिवस का आयोजन- जिले के 80230 किसानों के बैंक खाते में 16.75 करोड़ रूपए की राशि हस्तांतरितदुर्ग, / प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत 02 अगस्त 2025 को वाराणसी उत्तर प्रदेश से किसान सम्मान निधि की 20वीं किश्त की राशि प्रधानमंत्री जी द्वारा जारी की गई। इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण पूरे देश में किया गया। जिले में कार्यक्रम का आयोजन जिला, विकासखण्ड, सहकारी समिति एवं ग्राम पंचायत पर आयोजन किया गया।जिले में मुख्य कार्यक्रम कृषि विज्ञान केन्द्र अंजोरा एवं पाहंदा (अ) में किया गया। उक्त कार्यक्रम में ‘‘पी.एम. किसान दिवस‘‘ के रूप में प्रधानमंत्री जी के उद्बोधन का प्रसारण वेब कास्ट के माध्यम से किया गया। कृषि विज्ञान केन्द्र अंजोरा में मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्षा श्रीमती सरस्वती बंजारे, जनपद पंचायत सदस्य श्रीमती संगीता साहू, कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, सरपंच ग्राम पंचायत अंजोरा (ख) श्री संतोष सारथी, निदेशक विस्तार सेवाएं दाऊ वासूदेव कामधेनू विश्वविद्यालय डॉ. संजय साक्य, उप संचालक कृषि श्री संदीप कुमार भोई, प्रमुख एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केन्द्र डॉ. विकास खुंणे, सहायक संचालक कृषि श्रीमती सुचित्रा दरबारी, वैज्ञानिकगण, कृषि विभाग के अधिकारीगण एवं कृषकगण उपस्थित हुए। इसी अनुक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र पाहंदा (अ) में मुख्य अतिथि सभापति कृषि स्थायी समिति जिला पंचायत श्रीमती नीलम राजेश चंद्राकर, वरिष्ठ वैज्ञानिक श्री विजय जैन, सहायक संचालक कृषि श्रीमती पुष्पा राजेन्द्रन, वैज्ञानिकगण, कृषि विभाग के अधिकारीगण एवं कृषकगण उपस्थित हुए।उक्त कार्यक्रम में समस्त जनों ने प्रधानमंत्री जी के किसानों के नाम संदेश को ध्यानपूर्वक सुना एवं इस कार्यक्रम के तहत डी.बी.टी. के माध्यम से 2000 रूपए की 20वीं किश्त जारी करने की प्रक्रिया को देखा। इसके तहत जिले के 80230 कृषकों को 20वीं किश्त की राशि 16.75 करोड़ रूपए जारी की गई। उक्त कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों द्वारा किसानों से सीधा संवाद कर खेती किसानी से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की। कार्यक्रम में कलेक्टर श्री सिंह द्वारा धान के साथ अन्य फसलों को भी लगाने तथा खाद्यान्न के साथ दलहन-तिलहन इत्यादि क्षेत्र में भी देश को आत्मनिर्भर बनाने की अपील की गई। साथ ही किसानों को जैविक खेती, बीजोपचार, पोषक तत्व प्रबंधन तथा डी.ए.पी. के वैकल्पिक उर्वरक नैनो डी.ए.पी. इत्यादि के लिए मार्गदर्शन किया गया है। कई किसानों ने इस योजना से मिल रही आर्थिक सहायता को खेती में उपयोगी बताते हुए अभार व्यक्त किया। इस योजना से उन्हें बीज, खाद एवं अन्य कृषि कार्यों के लिए समय पर सहायता मिलती है जिससे उनकी उत्पादकता एवं आत्मनिर्भरता में वृद्धि हुई है।ग्राम स्तर पर नियुक्त ग्राम नोडल अधिकारी द्वारा उक्त आयोजन में कृषकों की सक्रिय सहभागिता हेतु प्रत्येक क्षेत्रीय सेवा सहकारी समिति एवं ग्राम पंचायत पर फामर्स मीट का आयोजन किया जाकर कृषकों को आधार सीडेड बैंक खाते के माध्यम से पी.एम. किसान योजना अंतर्गत लाभ के बारे में प्रशिक्षण तथा पी.एम. किसान पोर्टल पर उपलब्ध केवायसी मॉडूल के माध्यम से बैंक खाता सत्यापन के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान किया गया। जिले के कृषि विज्ञान केन्द्र पाहंदा में 104 कृषक, कृषि विज्ञान केन्द्र अंजोरा में 101 कृषक, विकासखण्ड स्तर पर 267 कृषक तथा ग्राम स्तर पर 4898 कृषक उपस्थित हुए।
- -प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज किसानों के खाते में 20वीं किस्त की राशि का किया अंतरण-बालोद जिले के 01 लाख 21 हजार से अधिक किसान हुए लाभान्वित-केवीके अरौद में किसान सम्मान समारोह का हुआ आयोजनबालोद।, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से देशभर के किसानों सहित बालोद जिले के किसानों के चेहरों पर मुस्कार आई है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा आज प्रातः 11 बजे उत्तरप्रदेश के वाराणसी में आयोजित किसान सम्मान समारोह से पीएम किसान सम्मान निधि की 20 वीं किश्त की राशि का हस्तांतरण किसानों के बैंक खाते में किया गया है। इसके तहत लगभग 9.70 करोड़ पात्र किसानों को 20 हजार पांच सौ करोड़ रूपए राशि का भुगतान डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके खाते में की गई है। जिसमें बालोद जिले के 1.21 लाख से अधिक किसान लाभान्वित हुए, जिन्हें लगभग 25.28 करोड़ रूपए से अधिक राशि जारी हुआ है। आज का यह दिन पी-एम किसान उत्सव दिवस के रूप में मनाया गया। महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्याल, कैम्प कार्यालय रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, केन्द्रीय राज्यमंत्री (शहरी विकास) श्री तोखन साहू, कृषि मंत्री रामविचार नेताम सम्मिलित हुए। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण वेबकॉस्ट के माध्यम से कृषि विज्ञान केन्द्र ग्राम अरौद) में बालोद जिले के किसानों को कृषि विभाग एवं कृषि विज्ञान केन्द्र व कृषि उपजमंडी के सहयोग से दिखाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों की भागीदारी रही। कार्यक्रम में पीएम किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों व प्रगतिशील कृषकों ने अपनी-अपनी अभिव्यक्ति के माध्यम से कृषि योजनाओं से हो रही लाभों के संबंध में चर्चा की। साथ ही कुछ किसानों ने कृषि विभाग के विभिन्न योजनाओं की जानकारी ली। कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा कृषकों को तिल बीज एवं कृषि विभाग द्वारा मृदा स्वास्थ्य कार्ड का वितरण किया गया। ड्रोन दीदी द्वारा ड्रोन का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में ट्रैक्टर चलित कृषि उपकरणों, प्राकृतिक खेती, उन्नत कृषि यंत्रों एवं उन्नत बीजों की जीवंत प्रदर्शनी प्रदर्शित किया गया साथ ही समूह अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन से लाभान्वित किसान जिन्हें उन्नत किस्मों के तिलहनी फसलों के लाभ के बारे में बताया गया। इस अवसर पर अतिथि गणों द्वारा केन्द्र परिसर में पौधरोपण किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, उपाध्यक्ष जिला पंचायत श्री तोमन साहू, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती टेमरिया, जिला पंचायत सदस्यगण श्रीमती चुन्नी मानकर, श्रीमती लक्ष्मी अशोक साहू श्रीमती प्रभा रामलाल नायक, श्रीमती पूजा वैभव साहू व श्रीमती भगवती उईके, नगर पालिका बालोद के पूर्व अध्यक्ष श्री यज्ञदत्त शर्मा व श्री राकेश यादव, गणमान्य नागरिक श्री के.सी. पवार, श्री प्रेमलाल साहू, श्री सौरभ लुनिया, ग्राम पंचायत अरौद के सरपंच श्री ओमप्रकाश भुआर्य, श्री हरीश कटझरे एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे। कार्यक्रम में कृषि संबंधित विभागों के अधिकारीगण, पी.एम. किसान सम्मानिधि के हितग्राहीगण, उन्नतशील कृषकगण, कृषक संगवारी, कृषि मित्र, पशु मित्र एवं केन्द्र के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे। केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. के. आर साह,ू श्री आशीष चंद्राकर, उपसंचालक कृषि, उपसंचालक पशु चिकित्सा एम.एस. मंडावी, सहायक संचालक मत्स्यिकी श्री महेन्द्र पाटले, सहायक संचालक कृषि श्री एस.एन. ताम्रकार एवं श्री जे. आर. नेताम, श्री के. आर. पिस्दा, श्रीमती श्यामा ठाकर वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी,




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