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- बिलासपुर. जनदर्शन कार्यक्रम में आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण जिला प्रशासन द्वारा संवेदनशीलता और तत्परता से किया जा रहा है। इसी क्रम में आज आयोजित जनदर्शन में दिव्यांग वृद्ध श्री मेधूराम खांडे की समस्या का तत्काल समाधान करते हुए मौके पर ही कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल द्वारा श्री खांडे को व्हीलचेयर प्रदान की गई।जिला कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में इमलीभाटा अंबेडकर आवास, सरकंडा निवासी श्री मेधू राम खांडे को त्वरित लाभ मिला। वे अपनी समस्या लेकर कलेक्टर जनदर्शन में पहुंचे थे। उन्होंने अपनी शारीरिक स्थिति को देखते हुए व्हीलचेयर की मांग करते हुए आवेदन प्रस्तुत किया। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आवेदन पर तत्काल संज्ञान लिया और बिना किसी देरी के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। निर्देश मिलते ही श्री मेधू राम खांडे को व्हीलचेयर प्रदान किया गया। इस दौरान एडीएम श्री शिवकुमार बनर्जी एवं समाज कल्याण विभाग के संयुक्त संचालक श्री टीपी भावे भी मौजूद थे। इस सहायता से लाभार्थी मेधू राम खांडे के चेहरे पर संतोष और खुशी के भाव देखे
- 0- विद्युत लोड़ की सही जानकारी देकर बिजली संकट से बचें - ईडी अम्बस्थ0- छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कम्पनी लिमिटेड, बिलासपुरबिलासपुर. प्रदेश के साथ ही जिले में गर्मी बढ़ने के कारण घरों तथा विभिन्न संस्थानों में कूलर और एसी का उपयोग बहुत अधिक बढ़ गया है। कई बार उपभोक्ताओं द्वारा बिजली कनेक्शन में जितना लोड रिकार्ड है उससे कई गुना अधिक उपयोग किया जा रहा है, जिसके कारण ट्रांसफार्मर के डीओ गिर रहे हैं साथ ही बार-बार फ्यूज उडने की शिकायत भी प्राप्त हो रही है परिणामस्वरूप लोगों को कई बार बिजली आपूर्ति संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।राज्य में बिजली उत्पादन तथा उसकी आपूर्ति पर्याप्त मात्रा में हो रही है, परंतु समस्या स्थानीय स्तर पर है विद्युत उपभोक्ताओं द्वारा घरों के बिजली कनेक्शन में जितना लोड ले रखा है उससे कहीं अधिक खपत किया जा रहा है, जिन घरों में कूलर और पंखे चला करते थे वहां पर अब एक नहीं दो और तीन एसी चल रहे हैं, जहां कूलर हैं वहां पर एक के स्थान पर तीन या उससे अधिक उपयोग किया जा रहा है। इस क्षमता के अनुरूप ट्रांसफार्मर स्थापित नहीं होने के कारण ट्रांसफार्मरों का फ्यूज उड़ने और उनका डीओ गिरने से लोगों को बार-बार विद्युत आपूर्ति में कठिनाईयों का सामना पड़ता है। इस समस्या से निपटने के लिए विभाग ने प्रत्येक जोन कार्यालय में कर्मचारियों को तैनात रखा है, जैसे ही सूचना मिलती है वे वहां पहुंचकर ट्रांसफार्मर में सुधार कार्य करते हैं। कई बार लोड ज्यादा होने तथा हुकिंग के माध्यम से बिजली चोरी रोकने के लिए अनेक स्थानों पर लगाए गए केबलों मंे अत्याधिक गर्मी और धूप के कारण केबल आपस में चिपककर शार्ट होने लगे हैं। जिसकी वजह से कई स्थानों पर केबल पर शार्ट सर्किट की वजह से तार टूट जाते हैं, परिणामस्वरूप विद्युत प्रवाह बाधित हो जाती है।बिलासपुर क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक श्री ए.के.अम्बस्थ ने कहा कि आम जनता अगर अपने घरों के खपत की सही जानकारी विभाग को दे तो उसकी क्षमता के अनुसार ट्रांसफार्मर लगाकर समस्या को कम किया जा सकता है। इस संबंध में श्री अम्बस्थ ने बताया कि उपभोक्ताओं के घर के स्वीकृत लोड का आकलन हर माह किया जाता है। लगातार 3 माह तक स्वीकृत भार से अधिक बिजली बिल की खपत होने पर स्वतः ही अधिकतम बिजली भार (लोड) के अनुसार बिल जारी किया जाता है और अधिकतम भार को ही मान्य किया जाता है।
- बिलासपुर. जिले के नवागांव कोटा में महिला उद्यमियों को बाजार से जोड़ने और उनके उत्पादों की बिक्री व ब्रांडिंग को मजबूत करने के उद्देश्य से मार्केट डेवलपमेंट असिस्टेंस (एमडीए) कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) सदस्यों एवं महिला संचालित सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को बाजार विस्तार के लिए सक्षम बनाना रहा।कार्यक्रम का शुभारंभ ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर कोटा श्री ओंकार जायसवाल, पीआरपी ललिता सिंह और दीपा मरावी द्वारा किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि महिला उद्यमिता आर्थिक सशक्तिकरण के साथ-साथ सामाजिक बदलाव का भी महत्वपूर्ण माध्यम है। एमडीए जैसी योजनाएं महिला उद्यमियों को बड़े बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद करती हैं। कार्यशाला में प्रतिभागियों को विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई, जिनमें बाजार विकास सहायता योजनाएं, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के मेले-प्रदर्शनी में भागीदारी की प्रक्रिया, उत्पाद ब्रांडिंग व पैकेजिंग सुधार, गुणवत्ता प्रमाणन, बी2बी और बी2सी मार्केट लिंकज, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए बिक्री बढ़ाने के तरीके तथा सरकारी अनुदान प्राप्त करने की प्रक्रिया शामिल रहे। विशेषज्ञों ने सफल महिला उद्यमियों के उदाहरण साझा करते हुए प्रतिभागियों को व्यावहारिक सुझाव दिए और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। कार्यक्रम में जिलेभर से करीब 30 महिला उद्यमियों, एसएचजी प्रतिनिधियों एवं महिला संचालित उद्यमों ने सक्रिय भागीदारी की।प्रतिभागियों ने कार्यशाला को प्रेरणादायक और उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की अपेक्षा जताई। कार्यक्रम में एएफसी इंडिया लिमिटेड से युनुस तंवर भी उपस्थित रहे। छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम एवं एएफसी इंडिया लिमिटेड द्वारा सभी प्रतिभागियों, अधिकारियों एवं अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया।
- बिलासपुर. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सक्ती जिले के जैजेपुर नगर पंचायत में 6 कार्यों के लिए एक करोड़ 48 लाख 85 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने संचालनालय से इनकी मंजूरी के आदेश जारी कर दिए हैं। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने सभी कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए समय-सीमा में काम पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।नगरीय प्रशासन एवं विकास विकास ने जैजेपुर नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक-10, वार्ड क्रमांक-14 और वार्ड क्रमांक-15 में सांस्कृतिक भवन से बंधवा तालाब की ओर सीसी रोड के निर्माण के लिए 23 लाख दो हजार रुपए स्वीकृत किए हैं। वार्ड क्रमांक-13 में संतोषी मंदिर से अड़बंधा तालाब की ओर सीसी रोड के लिए 23 लाख दो हजार रुपए, वार्ड क्रमांक-3 में मेन रोड से गोठान की ओर सीसी रोड के लिए 30 लाख 62 हजार रुपए तथा वार्ड क्रमांक-12 और वार्ड क्रमांक-15 में पुराना गोदाम से धरसा की ओर सीसी रोड के लिए 20 लाख 56 हजार रुपए मंजूर किए गए हैं।विभाग ने जैजेपुर नगर पंचायत में वार्ड क्रमांक-6 में फुलवारी चौक के पास सामुदायिक भवन के लिए 25 लाख 42 हजार रुपए और वार्ड क्रमांक-14 में कबीर मंदिर के पास सामुदायिक भवन के लिए 26 लाख 21 हजार रुपए भी स्वीकृत किए हैं।
- बिलासपुर. भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी), सेंदरी में आज एक विशेष एवं प्रेरणादायक सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें महर्षि यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी के कुलपति श्री नरेश तिवारी एवं रजिस्ट्रार श्री विजय गारूडिक का आगमन हुआ। इस अवसर पर कुलपति श्री तिवारी ने प्रशिक्षणार्थियों को स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं।रिमोट सेंसिंग एवं सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विशेषज्ञता रखने वाले श्री तिवारी ने अपने 36 वर्षों से अधिक के अनुभव साझा करते हुए युवाओं को कौशल विकास, शिक्षा और निरंतर सीखने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता, बल्कि सफलता के लिए दृढ़ संकल्प और निरंतर परिश्रम आवश्यक है। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को दक्षता के साथ कार्य करने, अपने लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने के लिए सतत प्रयासरत रहने की प्रेरणा दी। साथ ही, शिक्षा के मूल्यों और कौशल ज्ञान के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के उपायों को सरल और प्रभावी तरीके से समझाया।सत्र के दौरान प्रशिक्षणार्थियों की काउंसलिंग करते हुए उन्होंने उन्हें बिना संकोच प्रश्न पूछने के लिए प्रोत्साहित किया और हर विषय में जिज्ञासा बनाए रखने की बात कही। संकाय सदस्यों ने इस सत्र को अत्यंत उपयोगी बताते हुए अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ संकाय सदस्य श्रीमती दीप्ति मंडल द्वारा किया गया। इस अवसर पर संस्थान के प्रशिक्षक एवं समस्त स्टाफ उपस्थित रहे तथा आरसेटी के कार्यों की सराहना की गई।
- 0- कलेक्टर के निर्देश पर दवा दुकानों पर कार्रवाई, नमूने जांच हेतु भेजे गएबिलासपुर. राज्य शासन के निर्देशानुसार “सही दवा-शुद्ध आहार” अभियान के तहत जिला बिलासपुर में औषधि प्रतिष्ठानों की सघन जांच की जा रही है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर आज जिले के तेलीपारा, सकरी, नेहरू नगर एवं मुंगेली नाका क्षेत्रों में तीन अलग-अलग टीमों द्वारा संयुक्त रूप से निरीक्षण अभियान चलाया गया।अभियान के दौरान कुल 15 थोक औषधि प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान 02 औषधि नमूनों को गुणवत्ता परीक्षण हेतु संग्रहित कर जांच के लिए भेजा गया है। वहीं एक औषधि क्रीम को संदेहास्पद पाए जाने पर फॉर्म-15 के तहत फ्रिज कर विक्रय के लिए अनुपलब्ध किया गया। जांच में एक औषधि प्रतिष्ठान में फॉल्स सीलिंग का अभाव पाया गया, जिसके कारण औषधियों का भंडारण निर्धारित तापमान में नहीं हो रहा था। इसके अतिरिक्त 02 प्रतिष्ठानों में औषधियों के सुरक्षित भंडारण हेतु रैक एवं पैलेट की व्यवस्था नहीं पाई गई। टीम द्वारा औषधियों के क्रय-विक्रय से संबंधित बिलों की भी जांच की गई, जिसमें एक प्रतिष्ठान में औषधियों का विक्रय एवं वितरण नियमानुसार नहीं पाया गया। सहायक औषधि नियंत्रक भीष्म देव सिंह ने बताया कि निरीक्षण के दौरान जिन प्रतिष्ठानों में अनियमितताएं पाई गई हैं, उन्हें नोटिस जारी कर नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। ओषधि प्रशासन विभाग द्वारा यह अभियान आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से निरंतर जारी रखा जाएगा।--
- 0- खेल कौशल का परीक्षण, पंजीयन, दस्तावेज सत्यापन, मेडिकल और शारीरिक दक्षता का हुआ परीक्षणबिलासपुर. राज्य शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित आवासीय खेल अकादमी में प्रवेश के लिए 28 अप्रैल से 1 मई तक चयन ट्रायल का आयोजन किया गया है। चयन ट्रायल के पहले दिन आज रायपुर के कोटा स्थित स्वामी विवेकानंद स्टेडियम में तीरंदाजी, फुटबॉल और वेटलिफ्टिंग के खिलाड़ी शामिल हुए। इसमें छत्तीसगढ़ एवं अन्य राज्यों के तीरंदाजी में 68 बालक और 27 बालिका, फुटबॉल में 91 बालिका, वेटलिफ्टिंग में 7 बालक और 11 बालिका सहित कुल 204 खिलाड़ियों ने हिस्सेदारी की।चयन ट्रायल के पहले दिन आज खिलाड़ियों का पंजीयन, दस्तावेज सत्यापन, मेडिकल और शारीरिक दक्षता का परीक्षण किया गया। ट्रायल के दूसरे दिन 29 अप्रैल को खिलाड़ियों के खेल कौशल का परीक्षण किया जाएगा। यह चयन ट्रायल 13 वर्ष से 17 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों के लिए आयोजित है। इसमें चयनित खिलाड़ी खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा संचालित आवासीय खेल परिसर में निःशुल्क प्रशिक्षण हासिल करेंगे। प्रशिक्षण के दौरान अकादमी में खिलाड़ियों को निःशुल्क आवास, भोजन, शैक्षणिक व्यय, खेल परिधान, प्लेइंग किट और दुर्घटना बीमा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती है।--
- जांजगीर. जांजगीर-चांपा जिले में हुए सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई तथा तीन अन्य घायल हो गए। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि जिले के चांपा–फरसवनी मार्ग पर सड़क दुर्घटना में मोंगरा सोनी (45), देवेंद्र सोनी (22) और ढाई वर्षीय बालक प्रियांश की मौत हो गई तथा तीन अन्य घायल हो गए। उन्होंने बताया कि कोरबा शहर के निहारिका क्षेत्र निवासी सोनी परिवार के सदस्य विवाह समारोह में शामिल होने चांपा शहर पहुंचे थे। वापसी में सोमवार—मंगलवार रात लगभग दो बजे जब वह चांपा–फरसवनी मार्ग पर फरसवनी टोल नाका के करीब पहुंचे तब उनकी कार डिवाइडर से टकरा गई और अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे खड़े एक वाहन से जा भिड़ी। अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई तथा पांच अन्य घायल हो गए।उन्होंने बताया कि पुलिस को जब घटना की जानकारी मिली तब घटनास्थल के लिए पुलिस दल रवाना किया गया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने शव और घायलों को अस्पताल भेजा। रास्ते में दो घायलों ने दम तोड़ दिया। अधिकारियों ने बताया कि तीन अन्य घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से दो की हालत गंभीर है। उन्होंने बताया कि पुलिस मामला दर्ज कर जांच कर रही है।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पांडेय ने आज जोन 02 कुरूद क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सुंदर विहार में निर्माणाधीन सीसी रोड, खेल मैदान, कृष्णकुंज उद्यान और क्षेत्र के तालाबों की जलभराव स्थिति का जायजा लिया। आयुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनहित के कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।आयुक्त ने सड़क निर्माण की मोटाई और प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता की जांच की। उन्होंने संबंधित ठेकेदार और इंजीनियरों को निर्देशित किया कि कार्य को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण करें ताकि स्थानीय नागरिकों को आवागमन में असुविधा न हो।कृष्ण कुंज उद्यान के रखरखाव और पौधों के संरक्षण हेतु आयुक्त ने सिंचाई व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम को देखते हुए पौधों को नियमित पानी मिलना सुनिश्चित किया जाए। विद्युत संबंधी कनेक्शन करने जोन आयुक्त को निर्देशित किया गया है ।जल संकट की स्थिति को देखते हुए क्षेत्र के तालाबों को नहर के पानी से भरने के कार्य की समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि क्षेत्र के सभी प्रमुख तालाबों में पर्याप्त जल स्तर बनाए रखें ताकि निस्तारी कार्य सुचारू रूप से चल सके।"निगम क्षेत्र के अंतर्गत चल रहे विकास कार्यों की मॉनिटरिंग लगातार की जा रही है। हमारा लक्ष्य है कि मानसून से पहले बुनियादी ढांचे और जल संचयन से संबंधित सभी कार्य पूर्ण कर लिए जाएं।"— राजीव कुमार पांडेय, आयुक्त, नगर पालिक निगम भिलाईनिरीक्षण के दौरान जोन क्रमांक 02 के प्रभारी जोन आयुक्त अरविन्द शर्मा, सहायक अभियंता स्वेता वर्मा, जोन स्वास्थ्य अधिकारी शंकर साहनी, स्वच्छता निरीक्षक अंजनी सिंह एवं अन्य निगम अधिकारी उपस्थित रहे।--
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जांजगीर-जांजगीर/ चांपा जिले में हुए सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई तथा तीन अन्य घायल हो गए। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि जिले के चांपा–फरसवनी मार्ग पर सड़क दुर्घटना में मोंगरा सोनी (45), देवेंद्र सोनी (22) और ढाई वर्षीय बालक प्रियांश की मौत हो गई तथा तीन अन्य घायल हो गए। उन्होंने बताया कि कोरबा शहर के निहारिका क्षेत्र निवासी सोनी परिवार के सदस्य विवाह समारोह में शामिल होने चांपा शहर पहुंचे थे। वापसी में सोमवार—मंगलवार रात लगभग दो बजे जब वह चांपा–फरसवनी मार्ग पर फरसवनी टोल नाका के करीब पहुंचे तब उनकी कार डिवाइडर से टकरा गई और अनियंत्रित होकर सड़क के किनारे खड़े एक वाहन से जा भिड़ी। अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई तथा पांच अन्य घायल हो गए।
उन्होंने बताया कि पुलिस को जब घटना की जानकारी मिली तब घटनास्थल के लिए पुलिस दल रवाना किया गया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने शव और घायलों को अस्पताल भेजा। रास्ते में दो घायलों ने दम तोड़ दिया। अधिकारियों ने बताया कि तीन अन्य घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से दो की हालत गंभीर है। उन्होंने बताया कि पुलिस मामला दर्ज कर जांच कर रही है। - रायपुर / छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल, रायपुर द्वारा आयोजित हाईस्कूल एवं हायर सेकण्डरी मुख्य परीक्षा वर्ष 2026 के परीक्षा परिणाम कल 29 अप्रैल 2026 को अपरान्ह 02.30 बजे मंत्रालय, महानदी भवन, अटल नगर, रायपुर के कक्ष क्रमांक S -2-12 में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव द्वारा घोषित किया जाएगा। मण्डल द्वारा परीक्षार्थियों की सुविधा हेतु विभिन्न अधिकृत वेबसाइटों के माध्यम से ऑनलाइन परीक्षा परिणाम देखने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। माध्यमिक शिक्षा मंडल के अधिकारियों ने बताया कि परीक्षार्थी अपना अनुक्रमांक (Roll Number) दर्ज कर निम्नलिखित वेबसाइटों— https://cg.results.nic.in, https://cgbse.nic.in, https://results.cg.nic.in, https://results.digilocker.gov.in, https://timesofindia.indiatimes.com, www.tv9hindi.com, https://education.indianexpress.com, www.jagranjosh.com एवं www.ndtv.in — पर अपना परीक्षा परिणाम देख सकते हैं।
- 6 गायों से शुरू हुआ डेयरी का सफर, आज 25 उन्नत पशुओं के साथ लिख रहे सफलता की इबारतरायपुर / दंतेवाड़ा जिले में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में हो रही अभूतपूर्व वृद्धि बस्तर संभाग में एक नई 'श्वेत क्रांति' का संकेत दे रही है। कभी संघर्षों के लिए पहचाने जाने वाले इस अंचल में अब पशुपालन और डेयरी व्यवसाय ग्रामीण आत्मनिर्भरता का मुख्य आधार बन रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों से न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है, बल्कि यह पहल स्थानीय स्तर पर कुपोषण के विरुद्ध लड़ाई में भी एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो रही है।मजदूरी से 'मल्टी-फार्मिंग' तक का प्रेरणादायक सफरदंतेवाड़ा के गीदम विकासखंड के ग्राम गुमड़ा के रहने वाले 36 वर्षीय ललित यादव की कहानी अटूट साहस और संघर्ष की मिसाल है। एक समय था जब ललित अपनी आजीविका के लिए दूसरों के खेतों और निर्माण कार्यों में मजदूरी करने को विवश थे। वर्ष 2013 में उन्होंने महज 6 गायों के साथ पशुपालन की शुरुआत की। आज उनके वैज्ञानिक दृष्टिकोण और कड़ी मेहनत का परिणाम है कि उनके पास 25 गायों का एक विशाल और आधुनिक डेयरी फार्म है।तकनीक और आधुनिक नस्लों से आया बड़ा बदलावललित की सफलता का मुख्य आधार पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीक का समावेश है:• उन्नत नस्लें: पशुपालन विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने जर्सी और एचएफ (HF) क्रॉस जैसी उन्नत नस्लों को अपनाया।• उत्पादन: वर्तमान में उनके फार्म से प्रतिदिन 70 से 80 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है, जो ₹70 प्रति लीटर की दर से बाजार में बिक रहा है।• लागत में कमी: चारे की समस्या से निपटने के लिए उन्होंने नेपियर घास की खेती शुरू की, जिससे पशुओं को साल भर पौष्टिक चारा उपलब्ध रहता है और बाहरी खर्चों में भारी कटौती हुई है।'मल्टी-फार्मिंग' मॉडल: आय के विविध स्रोतललित ने केवल डेयरी तक सीमित न रहकर 'मल्टी-फार्मिंग' का एक सफल मॉडल तैयार किया है:• विविधता: डेयरी के साथ-साथ वे कुक्कुट (मुर्गी) पालन और सब्जी उत्पादन भी कर रहे हैं, जिससे उन्हें नियमित नकद आय प्राप्त होती है।• मूल्य संवर्धन (Value Addition): दूध की अधिकता होने पर वे उच्च गुणवत्ता वाला पनीर तैयार करते हैं, जो 400 प्रति किलो की दर से हाथों-हाथ बिक जाता है।• जैविक खाद: उनके फार्म के गोबर की इतनी मांग है कि अन्य जिलों के किसान 3000 से 3500 प्रति ट्रैक्टर की दर से जैविक खाद खरीदने उनके घर तक पहुँचते हैं।शासन की योजनाओं और पारिवारिक संस्कारों का संगमललित की इस प्रगति में शासन की कल्याणकारी योजनाओं और बैंकिंग सुविधाओं का विशेष योगदान रहा। उन्होंने डेयरी शेड और फेंसिंग के लिए लिए गए 3 लाख के बैंक ऋण को समय से पूर्व चुकाकर अपनी विश्वसनीयता और व्यावसायिक कुशलता का परिचय दिया है।ललित अपनी सफलता का श्रेय अपनी माँ के संघर्षों और संस्कारों को देते हैं। उनकी माँ ने एक आंगनबाड़ी सहायिका के रूप में विपरीत परिस्थितियों में उन्हें शिक्षा दिलाई। आज ललित न केवल स्वयं आत्मनिर्भर हैं, बल्कि पूरे क्षेत्र के किसानों के लिए एक 'प्रेरक प्रकाश स्तंभ' बनकर उभरे हैं। उनकी कहानी इस बात का जीवंत प्रमाण है कि सही मार्गदर्शन, ईमानदारी और मेहनत से ग्रामीण अंचलों में भी खुशहाली का नया अध्याय लिखा जा सकता है।
- रायपुर / छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग द्वारा मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले के विकासखण्ड-अम्बागढ़ चौकी की रेगाकठेरा जलाशय जीर्णोद्धार एवं नहर लाईनिंग कार्य के लिए 2 करोड़ 7 लाख 82 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। प्रस्तावित कार्यों के पूर्ण होने के उपरांत रूपांकित सिंचाई क्षमता 80 हेक्टेयर के विरुद्ध 60 हेक्टेयर की हो रही कमी की पूर्ति सहित पूर्ण रूपांकित क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। मुख्य अभियंता महानदी गोदावरी कछार जल संसाधन विभाग रायपुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
- रायपुर / छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग द्वारा, बलरामपुर रामानुजगंज जिले के विकासखण्ड-बलरामपुर जलाशय (बांध) निर्माण कार्य के लिए 6 करोड़ 33 लाख 89 हजार रुपये की राशि स्वीकृत किये गये हैं। योजना के निर्माण से 150 हेक्टेयर में खरीफ और 50 हेक्टेयर में रबी सहित कुल 200 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। मुख्य अभियंता हसदेव गंगा कछार जल संसाधन विभाग अम्बिकापुर को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।
- -मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान अंतिम व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान और आंखों में बेहतर भविष्य की उम्मीद जगा रहा हैरायपुर / छत्तीसगढ़ का सुकमा जिला, जो कभी अपनी भौगोलिक दुर्गमता के लिए जाना जाता था, आज स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नई इबारत लिख रहा है। “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान” के तहत वनांचल के उन हिस्सों तक डॉक्टर और दवाइयां पहुँच रही हैं, जहाँ पहुँचना कभी नामुमकिन सा लगता था। यह अभियान केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि बस्तर की पहाड़ियों में बसने वाले आदिवासियों के लिए जीवन का नया उजाला बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान आज सुकमा के अंतिम व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान और आंखों में बेहतर भविष्य की उम्मीद जगा रहा है।इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता इसकी पहुँच है। स्वास्थ्य कर्मी अब केवल अस्पतालों में मरीजों का इंतज़ार नहीं करते, बल्कि खुद पैदल चलकर दुर्गम गांवों तक पहुँच रहे हैं। मलेरिया, टीबी और कुष्ठ जैसी बीमारियों की मौके पर जांच कर रहे हैं। जीवनशैली बीमारियां, बीपी, शुगर, सिकलसेल और कैंसर जैसे गंभीर रोगों की पहचान कर उपचार के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।हाल ही में पुटेपढ़ गांव से एक मरीज को जिला अस्पताल तक पहुँचाने की घटना स्वास्थ्य विभाग के समर्पण का जीवंत उदाहरण है। कलेक्टर सुकमा के मार्गदर्शन में पोटकपल्ली की टीम ने मरीज को किस्टाराम से होते हुए सुकमा जिला अस्पताल पहुँचाया। 310 किलोमीटर की यह चुनौतीपूर्ण यात्रा केवल एक रेफरल नहीं था, बल्कि प्रभावी काउंसलिंग, समय पर निर्णय और मजबूत फॉलो-अप का परिणाम था, जिसने एक अनमोल जीवन बचा लिया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के अनुसार आयुष्मान भारत योजना गरीब परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। 5 लाख रूपए तक का मुफ्त इलाज अब ग्रामीणों को इलाज के लिए जमीन बेचने या कर्ज लेने की जरूरत नहीं पड़ती। हाल ही में किस्टाराम और मरईगुड़ा के 14 मरीजों के आयुष्मान कार्ड मौके पर ही बनाकर दिए गए, ताकि इलाज में एक क्षण की भी देरी न हो।छत्तीसगढ़ का 44 प्रतिशत वनाच्छादित क्षेत्र औषधीय गुणों का खजाना है। मुख्यमंत्री ने श्री साय ने पद्मश्री हेमचंद मांझी के योगदान को रेखांकित करते हुए बताया कि कैसे पारंपरिक आयुर्वेद से कैंसर जैसी बीमारियों का उपचार संभव हो रहा है। राज्य सरकार अब आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ इन प्राकृतिक संसाधनों को भी बढ़ावा दे रही है।अभियान के अंतर्गत केवल गंभीर रोगों का ही नहीं, बल्कि सामान्य विकारों का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है कोंटा क्षेत्र के 11 मरीजों को निःशुल्क चश्मा वितरण और मोतियाबिंद का परामर्श, अस्थमा और पैरों में सूजन जैसी समस्याओं के लिए विशेष जांच शिविर आयोजित कर उपचार किया गया। पोटकपल्ली और मरईगुड़ा जैसे अंदरूनी इलाकों से आती सफलता की ये कहानियाँ इस बात का प्रमाण हैं कि जब प्रशासन और स्वास्थ्य कर्मी सेवा भाव से जुटते हैं, तो भूगोल की बाधाएं छोटी पड़ जाती हैं।
- रायपुर ।आधुनिक कृषि पद्धति अपनाकर एक किसान अपनी आमदनी में बढ़ोत्तरी कर रहा है।मुंगेली जिले के ग्राम कलारजेवरा (विकासखंड पथरिया) के कृषक ईश्वरी प्रसाद ने आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर सफलता की नई मिसाल पेश की है। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने ड्रिप इरिगेशन सिस्टम और प्लास्टिक मल्चिंग जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग कर अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है। ईश्वरी प्रसाद के पास कुल 1.20 हेक्टेयर भूमि है, जिसमें से 01 एकड़ क्षेत्र में उन्होंने उन्नत किस्म के टमाटर (साहो) की खेती की। यह कार्य उन्होंने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना वर्ष 2025-26 के तहत प्राप्त मार्गदर्शन और सहयोग से शुरू किया।आधुनिक तकनीकों के उपयोग से उन्हें प्रति एकड़ लगभग 150 क्विंटल टमाटर का उत्पादन प्राप्त हुआ। बाजार में 25 से 30 रुपये प्रति किलो के थोक भाव से बिक्री कर उन्होंने कुल 03 लाख 75 हजार रुपये की आय अर्जित की। वहीं, खेती में कुल लागत 85 हजार रुपये आई, जिससे उन्हें लगभग 02 लाख 90 हजार रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। उद्यानिकी विभाग से 30 हजार रुपये का अनुदान मिलने से लागत कम करने में भी सहायता मिली। इस पहल ने न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी आगे बढ़ाया। ईश्वरी प्रसाद ने बताया कि आधुनिक तकनीकों और शासन की योजनाओं का सही उपयोग कर किसान कम भूमि में भी अधिक उत्पादन और बेहतर आय प्राप्त कर सकते हैं। उनकी यह सफलता आसपास के किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है।
- -हर पात्र संग्राहक से खरीदी होगी सुनिश्चितरायपुर। तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य व्यापक स्तर पर सुचारू रूप से जारी है। कुछ स्थानों पर संग्रहण बंद होने की भ्रामक खबरों के बीच वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में तेंदूपत्ता की खरीदी पूरी तरह चालू है और संग्राहकों से लगातार पत्ते लिए जा रहे हैं।सुकमा जिले के वनमंडलाधिकारी श्री अक्षय भोंसले ने जानकारी दी कि जिले में कुल 727 तेंदूपत्ता फड़ संचालित हैं। इनमें से लगभग 350 फड़ों में संग्रहण और खरीदी शुरू हो चुकी है, जबकि शेष केंद्रों में भी जल्द ही यह कार्य प्रारंभ किया जाएगा। अब तक जिले में 35 हजार से अधिक मानक बोरे तेंदूपत्ता का संग्रहण हो चुका है। उन्होंने बताया कि किस्ताराम, गोलापल्ली, कोंटा और जगरगुंडा जैसे क्षेत्रों में प्राकृतिक और भौगोलिक कारणों से तेंदूपत्ता देर से तैयार होता है। इन क्षेत्रों में भी अगले एक सप्ताह के भीतर संग्रहण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।वन विभाग का उद्देश्य अधिक से अधिक संग्राहकों से अच्छी गुणवत्ता का तेंदूपत्ता खरीदना और उन्हें उचित मूल्य दिलाना है। यह कार्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत पारदर्शिता और व्यवस्थित तरीके से किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों और वनवासियों की आय में वृद्धि हो सके।विभाग ने यह भी बताया कि हाल ही में हुई ओलावृष्टि और खराब मौसम के कारण कुछ स्थानों पर पत्तों की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। ऐसे पत्तों को नियमानुसार अलग किया गया है, जबकि अच्छी गुणवत्ता वाले तेंदूपत्तों की खरीदी लगातार जारी है।वन विभाग ने पुनः आश्वस्त किया है कि तेंदूपत्ता संग्रहण और खरीदी का कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ जारी रहेगा और सभी पात्र संग्राहकों को इसका लाभ मिलेगा।
- -समारोह में युवाओं को दी सफलता की सीख मैं’ से ’हम’ की यात्रा ही कामयाबी की कुंजी- राज्यपाल श्री डेका-युवाओं को प्रदान किया गया जॉब लेटररायपुर ।प्रदेश़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका आज दुर्ग और भिलाई के एक दिवसीय प्रवास पर रहे। इस दौरान राज्यपाल ने रूंगटा इंटरनेशनल स्किल यूनिवर्सिटी, भिलाई में आयोजित भव्य कार्यक्रम ’सच हुए सपने’ में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। यह कार्यक्रम युवाओं के लिए आयोजित किए गए विशाल रोजगार मेले ’प्लेसमेंटनामा’ के गौरवशाली समापन का प्रतीक था। इस दौरान राज्यपाल श्री डेका ने प्लेसमेंट के द्वारा चयनित युवाओं को जॉब लेटर प्रदान किया।समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि सपने वे नहीं होते जो हम सोते समय देखते हैं, बल्कि सपने वे हैं जो हमें सोने नहीं देते। उन्होंने इस बात पर हर्ष व्यक्त किया कि ’सच हुए सपने’ के माध्यम से 1,702 मेधावी युवाओं को सम्मानजनक रोजगार प्राप्त हुआ है, जो राज्य के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है।राज्यपाल ने अपने संबोधन में ’प्लेसमेंटनामा’ की सफलता के आंकड़ों की सराहना करते हुए बताया कि इस पांच दिवसीय आयोजन में 10,842 युवाओं ने पंजीयन कराया और लगभग 7,000 साक्षात्कार हुए। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज का युग केवल डिग्री का नहीं, बल्कि दक्षता, आत्मविश्वास और व्यावहारिक सोच का है। युवाओं को सफलता का मंत्र देते हुए राज्यपाल ने तीन महत्वपूर्ण बातें साझा कीं- निरंतर सीखने की जिज्ञासा बनाए रखना, ईमानदारी व स्पष्टता को अपनाना और ’मैं’ से ’हम’ की टीम भावना को विकसित करना। उन्होंने कहा कि जब संस्थान, उद्योग और सरकार मिलकर काम करते हैं, तो ऐसे ही असाधारण परिणाम प्राप्त होते हैं।राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि इस आयोजन में तकनीकी और गैर-तकनीकी दोनों क्षेत्रों की कंपनियों का उत्साहजनक सहयोग रहा। आईटी सेक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और कोर इंडस्ट्री की समान भागीदारी ने यह साबित कर दिया है कि छत्तीसगढ़ का युवा हर क्षेत्र में नेतृत्व करने के लिए तैयार है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में एचआर प्रतिनिधियों की उम्मीदें बदल चुकी हैं। अब केवल हाँ में हा मिलाने से नौकरी नहीं मिलती, बल्कि विषय का गहन ज्ञान और व्यक्तित्व में झलकने वाला आत्मविश्वास ही आपकी असली पहचान है। युवाओं को भविष्य के लिए तैयार रहने का आह्वान करते हुए राज्यपाल ने कहा कि रिक्रूटर्स बेहद स्मार्ट होते हैं जो चंद मिनटों में आपकी क्षमता को परख लेते हैं। इसलिए आपकी आंखों का आत्मविश्वास और भाषा की स्पष्टता ही आपका भविष्य तय करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि डिग्री केवल एक शुरुआत है, असली शिक्षा जीवन के अनुभवों से आती है। जो व्यक्ति सीखना बंद कर देता है, उसके विकास के द्वार बंद हो जाते हैं।राज्यपाल ने जोर देकर कहा कि ईमानदारी और स्पष्टता सबसे बड़ी ताकत है; जो नहीं आता उसे स्वीकार करना कमजोरी नहीं, बल्कि एक मजबूत व्यक्तित्व की निशानी है। उन्होंने इस बात की सराहना की कि "प्लेसमेंटनामा" का यह मॉडल पूरे देश के लिए एक उदाहरण बन सकता है, जहाँ शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रहकर सीधे रोजगार और राष्ट्र निर्माण से जुड़ती है। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आपकी सफलता ही ’नए छत्तीसगढ़’ और ’नए भारत’ की नींव है। स्वयं पर अटूट भरोसा रखें, क्योंकि आज का आपका सपना ही कल के भारत का गौरव बनेगा।इस अवसर पर विधायक रिसाली श्री रिकेश सेन, विधायक भिलाई नगर श्री देवेन्द्र यादव, कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल, चांसलर श्री संतोष रूंगटा एवं श्री संजय रूंगटा, वाइस चांसलर श्री जवाहर सुनील सेट्ठी, रूंगटा यूनिवर्सिटी के फेकल्टी सहित बड़ी संख्या में अभिभावक व युवा उपस्थित थे।
- -लापरवाह अधिकारी-कर्मचारी पर होगी सख़्त कार्रवाईरायपुर । राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने आज विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों को विस्तृत दिशा निर्देश दिए। बैठक में मुख्य रूप से सुशासन, पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से जनहितैषी कार्यों को पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में उन्होंने राजस्व प्रकरणों के निराकरण, आपदा प्रबंधन की तैयारियों और विभागीय आधुनिकीकरण पर विशेष चर्चा की।बैठक में नामांतरण, बंटवारा, त्रुटि सुधार और सीमांकन जैसे राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की जिलेवार समीक्षा की गई। मंत्री श्री वर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि त्रुटि सुधार संबंधी प्रकरणों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया जाए। यदि समय-सीमा में कार्य नहीं होता है, तो लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रावधानों के तहत संबंधितों पर कार्यवाही की जाएगी। इसी तरह मंत्री श्री वर्मा ने कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता लाने के लिए एग्रीस्टेक के तहत जियोरिफ्रेसिंग, डिजिटल क्रॉप सर्वे और फार्मर रजिस्ट्री के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए । साथ ही, नक्शा प्रोजेक्ट और जियोरिफ्रेसिंग के कार्यों में हो रहे विलंब को अगले 03 महीनों के भीतर पूरा करने के कड़े निर्देश दिए।मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में आबादी पट्टा वितरण हेतु दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इस संबंध में राजस्व अधिकारी 31 जुलाई तक सभी लाभान्वित हितग्राहियों की जानकारी उपलब्ध कराएं। इसी तरह आगामी समय को देखते हुए आपदा प्रबंधन की तैयारी में किसी प्रकार की कोई कमी नही होना चाहिए।आकाशीय बिजली से बचाव और स्कूल तथा अस्पताल भवनों की सुरक्षा के लिए निर्देश दिए। इसके साथ ही, अग्निशमन सेवाओं के आधुनिकीकरण के लिए प्राप्त राशि का समुचित व्यय सुनिश्चित करने हेतु चिन्हित जिलों में अतिशीघ्र कार्यवाही के भी निर्देश दिए।बैठक में मंत्री श्री वर्मा ने हितग्राही मूलक योजनाओं दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना और स्वामित्व योजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्वामित्व कार्ड वितरण में तेजी लाने हेतु आगामी 03 महीनों का लक्ष्य निर्धारित किया। इसी तरह राजस्व निरीक्षकों के कार्यभार और तहसीलदारों के लिए वाहन क्रय संबंधी प्रस्तावों पर चर्चा की गई। नायब तहसीलदारों की परिवीक्षा अवधि एवं तहसीलदारों की पदोन्नति की प्रक्रिया हर साल नियमित समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने ऑटो डायवर्सन पोर्टल और विभिन्न राजस्व वसूलियों की समीक्षा करते हुए रायपुर जिले में राजस्व वसूली की धीमी गति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्यवाही करने के निर्देश दिए। बैठक में विभागीय बजट वर्ष 2025-26 एवं आगामी बजट 2026-27 के संबंध में भी विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।
- -स्थानीय मंच से राष्ट्रीय पहचान: छात्र का चयन आईटी कंपनी में-AI वर्कशॉप का परिणाम: 12वीं के छात्र को बेंगलुरु में इंटर्नशिपरायपुर । धमतरी में 24-25 अप्रैल को आयोजित युवा फेस्ट 2026 के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। यह आयोजन युवाओं के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलने वाला साबित हो रहा है। इसी क्रम में आयोजित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) वर्कशॉप से एक प्रेरणादायक सफलता कहानी सामने आई है।अभनपुर निवासी कक्षा 12वीं के छात्र प्रतीक ताम्रकार का चयन बेंगलुरु स्थित TEKNIKOZ Software Private Limited में समर इंटर्नशिप हेतु किया गया है। यह अवसर उन्हें युवा फेस्ट के दौरान आयोजित AI वर्कशॉप में सक्रिय सहभागिता, तकनीकी समझ और उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर प्राप्त हुआ है। वे आगामी दो माह (अप्रैल से जून 2026) तक कंपनी के साथ कार्य करते हुए व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे।कार्यक्रम के दौरान बेंगलुरु से आई विशेषज्ञ टीम द्वारा युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल स्किल्स, स्टार्टअप इकोसिस्टम एवं आधुनिक तकनीकों की व्यवहारिक जानकारी दी गई। वर्कशॉप में प्रतिभागियों को हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग, प्रोजेक्ट आधारित सीखने और करियर मार्गदर्शन का भी अवसर मिला। प्रतीक ने अपनी जिज्ञासा, नवाचार की सोच और सीखने की प्रतिबद्धता से प्रशिक्षकों को प्रभावित किया, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें यह महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त हुआ।कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने प्रतीक ताम्रकार को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि युवा फेस्ट का उद्देश्य केवल आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं की प्रतिभाओं को पहचान कर उन्हें सही दिशा और मंच उपलब्ध कराना है। प्रतीक की सफलता इस बात का प्रमाण है कि उचित मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर ग्रामीण एवं छोटे शहरों के युवा भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।कलेक्टर ने जिले के अन्य युवाओं से भी इस प्रकार के नवाचार एवं कौशल आधारित कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की, ताकि वे आधुनिक तकनीकों से जुड़कर अपने करियर को नई दिशा दे सकें।समग्र रूप से “युवा फेस्ट-2026” केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि युवाओं के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम सिद्ध हुआ। इसने शिक्षा, संस्कृति, खेल और तकनीक के समन्वय के माध्यम से युवाओं को आत्मविश्वास, नवाचार और नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। सीमित समय और चुनौतियों के बावजूद उत्कृष्ट टीम वर्क, समर्पण और योजनाबद्ध प्रयासों के चलते यह आयोजन पूरी तरह सफल रहा।यह फेस्ट इस बात का सशक्त उदाहरण है कि यदि युवाओं को उचित मंच, मार्गदर्शन और अवसर मिले, तो वे अपनी प्रतिभा से समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। “युवा फेस्ट-2026” ने न केवल प्रतिभाओं को मंच दिया, बल्कि सीख, प्रेरणा और आत्मविकास का ऐसा वातावरण भी निर्मित किया, जिसकी स्मृतियाँ लंबे समय तक युवाओं के मन में जीवित रहेंगी और उन्हें अपने सपनों को साकार करने के लिए निरंतर प्रेरित करती रहेंगी।प्रतीक ताम्रकार ने अपनी सफलता का श्रेय अपने चाचाजी पवन कुमार ताम्रकार, प्राध्यापक, शासकीय महाविद्यालय कुरूद को दिया, जिनके मार्गदर्शन और प्रेरणा से उन्होंने युवा फेस्ट में भाग लिया और इस अवसर तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि युवा फेस्ट जैसे मंच युवाओं के लिए सीखने, आगे बढ़ने और अपने सपनों को साकार करने का सशक्त माध्यम हैं।उल्लेखनीय है कि युवा फेस्ट 2026 के अंतर्गत जिले में विभिन्न क्षेत्रों—तकनीक, खेल, कला, नवाचार एवं उद्यमिता—से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनका उद्देश्य युवाओं की प्रतिभा को निखारना और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करना है। जिले में इस प्रकार के आयोजन न केवल कौशल विकास को बढ़ावा दे रहे हैं, बल्कि स्थानीय युवाओं को राष्ट्रीय एवं वैश्विक अवसरों से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
- - भरा ऑनलाइन स्व-गणना पत्रक, नागरिकों से सहभागिता की अपीलरायपुर । वन एवं जलवायु परिवर्तन, सहकारिता, परिवहन तथा संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप ने आज अपने निवास पर मोबाइल के माध्यम से ऑनलाइन स्व-गणना पत्रक भरकर जनगणना में नागरिक भागीदारी का संदेश दिया। उन्होंने प्रदेशवासियों से भी इस महत्वपूर्ण कार्य में सक्रिय रूप से जुड़ने की अपील की।मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि जनगणना देश की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से शासन को जनसंख्या, सामाजिक स्थिति और आर्थिक स्थिति से जुड़ी आवश्यक जानकारी प्राप्त होती है। यह जानकारी विभिन्न शासकीय योजनाओं के निर्माण और प्रभावी क्रियान्वयन में सहायक होती है। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन स्व-गणना की सुविधा से नागरिक घर बैठे आसानी से अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इससे समय की बचत होती है और पूरी प्रक्रिया अधिक सरल व पारदर्शी बनती है। मंत्री श्री कश्यप ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे स्व-गणना पोर्टल का अधिक से अधिक उपयोग करें और अपनी सही एवं पूर्ण जानकारी दर्ज करें, ताकि विकास योजनाओं के लिए सटीक आंकड़े उपलब्ध हो सकें और सभी वर्गों तक योजनाओं का लाभ पहुंच सके।
- -वैवाहिक सीजन में गन्ना किसानों को मिली बड़ी राहतरायपुर। वैवाहिक सीजन एवं आगामी फसल की तैयारियों के बीच गन्ना किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के विशेष प्रयासों से भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना, राम्हेपुर (कवर्धा) द्वारा किसानों को 13.80 करोड़ की राशि जारी की गई है। इसके साथ ही चालू पेराई सत्र में अब तक कुल 71.29 करोड़ का भुगतान किसानों को किया जा चुका है।कलेक्टर एवं कारखाने के प्राधिकृत अधिकारी श्री गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में भुगतान प्रक्रिया लगातार जारी है। समयबद्ध भुगतान से सहकारी व्यवस्था में किसानों का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है। चालू पेराई सत्र में कारखाने ने उपलब्धि हासिल की है, जिसमें 2,55,818 मीट्रिक टन गन्ना पेराई एवं 3,09,120 क्विंटल शक्कर उत्पादन किया गया है। यह सफलता किसानों के सहयोग, प्रशासनिक मार्गदर्शन और कारखाने की कुशल कार्यप्रणाली का परिणाम है। भोरमदेव शक्कर कारखाना किसानों और श्रमिकों के हित में निरंतर कार्य कर रहा है। इसमें एफआरपी के अतिरिक्त रिकवरी आधारित भुगतान, शासन द्वारा प्रदत्त बोनस वितरण, रियायती दर पर शक्कर उपलब्धता, उन्नत बीज एवं कृषि मार्गदर्शन, नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम जैसी सुविधाएं शामिल हैं। साथ ही सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत किसानों के लिए सर्वसुविधायुक्त “बलराम सदन” तथा मात्र 5 रूपए में गरम भोजन की कैंटीन सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना जिले की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनकर उभरा है। यह किसानों को न्यूनतम मूल्य की गारंटी, फसल विविधता को बढ़ावा, हजारों लोगों को रोजगार तथा पीडीएस के लिए सस्ती दर पर शक्कर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। समय पर भुगतान, बेहतर प्रबंधन और किसान-केंद्रित योजनाओं के चलते यह कारखाना सहकारी मॉडल की सफलता का उत्कृष्ट उदाहरण बन गया है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ-साथ जिले के समग्र विकास को भी गति मिल रही है।
- -सभी स्कूलों में शौचालय की सुविधा और स्वच्छता सुनिश्चित करने के दिए निर्देशरायपुर । राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज दुर्ग जिले के प्रवास के दौरान ब्लॉक स्तरीय प्रशासनिक अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के प्रांगण में एक पेड़ मां के नाम के तहत वृक्षारोपण भी किया।बैठक के दौरान राज्यपाल ने निर्देश दिए कि अधिकारी हितग्राहियों से व्यक्तिगत रूप से मिलें और विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का फीडबैक ले। सभी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए निरंतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जल संरक्षण से जुड़े प्रयासों का आकलन करना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए प्री-मानसून और पोस्ट-मानसून दोनों अवधियों में भूजल स्तर का नियमित और व्यवस्थित मापन किया जाए। उन्होंने कहा कि इन दोनों समयावधियों के आंकड़ों की तुलना करने से यह स्पष्ट रूप से पता चल सकेगा कि वर्षा के साथ-साथ जिले में चलाए गए जल संवर्धन अभियानों जैसे सोखपीट निर्माण और अन्य संरचनाओं का भूजल स्तर पर कितना सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि इस प्रक्रिया को नियमित रूप से अपनाया जाता है, तो न केवल जल स्तर में हो रही वास्तविक वृद्धि का सही आंकलन संभव होगा, बल्कि जल संरक्षण के प्रयासों को और बेहतर दिशा भी दी जा सकेगी।राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक संख्या में पौधारोपण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्कूलों, कॉलेजों, शासकीय भवनों, सड़कों के किनारे तथा सिविल क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कराने को कहा, ताकि पर्यावरण संतुलन बनाए रखा जा सके। राज्यपाल ने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रयासों से आम लोगों की सहभागिता बढ़ेगी और वे वृक्षारोपण के प्रति अधिक जागरूक एवं प्रेरित होंगे।राज्यपाल ने जैविक खेती को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि राज्य में धान की खेती अधिक मात्रा में होती है, जिससे पानी की खपत भी काफी बढ़ जाती है। ऐसे में किसानों को अन्य कम पानी वाली फसलों की ओर भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, ताकि जल संरक्षण को बढ़ावा मिल सके। इसके साथ ही राज्यपाल ने आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने पर बल देते हुए हाइड्रोपोनिक्स खेती को प्रोत्साहित करने की बात कही। उन्होंने बताया कि हाइड्रोपोनिक्स एक उन्नत तकनीक है, जिसमें फसलों को बिना मिट्टी के केवल पानी और पोषक तत्वों के घोल के माध्यम से उगाया जाता है, जिससे पानी की बचत होती है और उत्पादन भी बेहतर मिलता है। बैठक में कृषि अधिकारी ने जानकारी दी कि “नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग” के तहत जिले में 500 किसानों को जैविक खेती से जोड़ा गया है और वे जैविक फसलों का उत्पादन कर रहे हैं।राज्यपाल श्री डेका ने सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों से स्कूलों में शौचालय की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक स्कूल में शौचालय की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा वे साफ-सुथरे और उपयोग योग्य स्थिति में हों। उन्होंने ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र के स्कूलों के शौचालयों का निरीक्षण करने के लिए कहा। राज्यपाल ने यह भी जोर दिया कि शौचालयों की नियमित सफाई और रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसके साथ ही राज्यपाल ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि ड्रॉपआउट हुए बच्चों और उनके अभिभावकों की बैठकें आयोजित करने को कहा। उन्होंने कहा कि जिन विद्यार्थियों ने अपनी पढ़ाई पूरी कर ली है और वर्तमान में किसी अच्छे संस्थान में कार्य कर रहे हैं या किसी क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है, उन्हें स्कूलों में आमंत्रित कर सम्मानित किया जाए। ऐसे कार्यक्रमों से वर्तमान विद्यार्थियों को प्रेरणा मिलेगी और वे भी आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित होंगे।बेहतर स्वास्थ्य के लिए नियमित योग और व्यायाम को बढ़ावा देने पर राज्यपाल ने जोर दिया। जिले के 28 संस्थानों में नियमित रूप से योग का अभ्यास किया जा रहा है, जिसकी उन्होंने सराहना की। राज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन संस्थानों में नियमित योग करने वाले प्रतिभागियों की सूची तैयार कर भेजी जाए, ताकि उन्हें राजभवन में आमंत्रित कर सम्मानित किया जा सके।राज्यपाल ने सभी विकासखंड अधिकारियों से विभिन्न योजनाओं और गतिविधियों की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने जल संरक्षण के कार्यों, प्रधानमंत्री आवास योजना में वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था, स्कूलों में शौचालयों की स्थिति तथा “लखपति दीदी” योजना के तहत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। इसके साथ ही उन्होंने प्रत्येक ब्लॉक में किए जा रहे किसी भी नवाचार (इनोवेटिव कार्य) की जानकारी भी ली, ताकि अच्छे प्रयासों को प्रोत्साहित किया जा सके।राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि स्थानीय उत्पादों के वेल्यू एडिशन पर विशेष ध्यान दिया जाए, जिससे उनकी गुणवत्ता और बाजार मूल्य दोनों में वृद्धि हो सके। साथ ही इन उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए। राज्यपाल ने सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम को लेकर भी गंभीरता जताई और अधिकारियों को इसके लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा। उन्होंने सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने और आवश्यक सुधारात्मक उपाय लागू करने पर जोर दिया, जिससे दुर्घटनाओं को कम किया जा सके। इसके साथ ही राज्यपाल ने इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी में अधिक से अधिक सदस्यों को जोड़ने पर जोर दिया।बैठक में जिला कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल सहित जिले के सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
- -श्रमिकों के सशक्तिकरण की दिशा में तेज़ कदम, “ई-श्रम साथी” एप से मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री-श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी : मुख्यमंत्रीरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में श्रम विभाग के कार्यों और योजनाओं की उच्च स्तरीय समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि मैदानी अमला पूरी प्रतिबद्धता के साथ श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि योजनाओं का वास्तविक प्रभाव तभी दिखाई देगा, जब उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और जमीनी स्तर पर उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो। इस अवसर पर श्रम मंत्री श्री लखन देवांगन उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में श्रमिकों के हित में व्यापक पहल हुई है और चार नई श्रम संहिताएं लागू की गई हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ में मजदूरी संहिता 2019, औद्योगिक संबंध संहिता 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य दशाएं संहिता 2020 का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि श्रमिकों को सुरक्षित, संरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण मिल सके।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रम विभाग एक अत्यंत महत्वपूर्ण विभाग है, जो बड़े पैमाने पर श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ औद्योगिक इकाइयों का औचक निरीक्षण भी तकनीक के माध्यम से किया जाए, ताकि श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। राज्य सरकार के इन प्रयासों से छत्तीसगढ़ में श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा मिल रही है।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रमिकों को घर बैठे रोजगार की जानकारी सहज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से "ई-श्रम साथी" मोबाईल एप्लीकेशन छत्तीसगढ़ डिजिटल लेबर चौक का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की मेहनत देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार है, इसलिए उनके योगदान का सम्मान और उनके हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।समीक्षा बैठक में श्रम विभाग की संरचना, श्रमायुक्त संगठन, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा व्यवस्था तथा तीनों प्रमुख मंडलों के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। प्रदेश के सभी जिलों में श्रम कार्यालयों के माध्यम से योजनाओं के क्रियान्वयन और समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि श्रमिकों को योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ दोनों सुनिश्चित हो सके।उल्लेखनीय है कि भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के तहत 5 सितंबर 2008 से अब तक 33 लाख 14 हजार से अधिक श्रमिक पंजीकृत किए जा चुके हैं। मंडल द्वारा 26 योजनाएं संचालित की जा रही हैं तथा 60 श्रमिक वर्ग अधिसूचित हैं। एक प्रतिशत उपकर (सेस) से वर्ष 2025-26 में 315 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जबकि मंडल गठन से अब तक कुल 2,808 करोड़ रुपये का उपकर संग्रहित हुआ है। मार्च 2026 तक 2,558 करोड़ रुपये विभिन्न योजनाओं में व्यय किए जा चुके हैं।छत्तीसगढ़ में श्रमिक कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित हैं, जिनमें मिनीमाता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना, नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता, सियान सहायता, नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता, आवास सहायता योजना, निःशुल्क कोचिंग सहायता तथा दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना प्रमुख हैं। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत कक्षा 6वीं में हर वर्ष 100 बच्चों का चयन मेरिट के आधार पर किया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश के 31 जिलों के 95 विद्यार्थी 8 जिलों के 14 विद्यालयों में अध्ययनरत हैं, जिसे इस शैक्षणिक सत्र से सीटें बढ़ाकर 200 कर दिया गया है।छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल और श्रम कल्याण मंडल द्वारा भी विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।श्रम कल्याण मंडल के तहत 14 योजनाएं संचालित हैं और वर्ष 2025-26 में 5.21 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। शहीद वीरनारायण सिंह श्रम अन्न योजना, श्रम सम्मेलन कार्यक्रम और मोबाइल कैंप के माध्यम से श्रमिकों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है।डिजिटल सेवाओं के विस्तार पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने ई-केवाईसी के माध्यम से हितग्राहियों की सही पहचान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वर्तमान में 55 प्रतिशत सत्यापन पूरा हो चुका है और शेष कार्य प्रगति पर है। उन्होंने “मुख्यमंत्री श्रमिक सहायता केंद्र” जैसे नवाचारों को और प्रभावी बनाने पर भी बल दिया। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, श्रम विभाग सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल सहित श्रम विभाग के वरिष्ठ अधिकारी गण उपस्थित थे।
- रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद् (कैबिनेट) की बैठक बुधवार, 29 अप्रैल को सवेरे 11.30 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में होगी।











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