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भिलाईनगर। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी पहल ’’सुशासन तिहार 2026’’ के अंतर्गत जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण एवं शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक पहुंचाने हेतु आज दिनांक 22 मई 2026, शुक्रवार को वार्ड क्रमांक 37 शीतला मंदिर डोम शेड में ’’जन समस्या निवारण शिविर’’ का आयोजन किया गया है। जिसमें नागरिकों द्वारा मांग 498 शिकायत 123 इस प्रकार कुल 621 आवेदन जमा किया गया है।
इस शिविर में वार्ड क्रमांक 30 प्रगति नगर, 31 मदर टेरेसा नगर, 32 बैकुण्ठधाम सुन्दर नगर, 33 संतोषी पारा केम्प-2, 34 वीर शिवाजी नगर, 35 शारदा पारा, 36 श्याम नगर, 32 संत रविदास नगर, 52 सेक्टर-3, 53 सेक्टर-1 उत्तर, 54 सेक्टर-1 दक्षिण, 55 सेक्टर-2 पूर्व एवं 56 सेक्टर-2 पश्चिम के नागरिक शामिल होकर विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याओं का निराकरण तथा योजनाओं का लाभ प्राप्त करने आवेदन भी जमा किये हैं । शिविर में राष्ट्रीय आयुष मिशन, मेडिकल स्वास्थ्य विभाग, एम.एम.यू. चलित स्वास्थ्य शिविर, महिला एवं बाल विकास विभाग, उज्ज्वला योजना, पशुधन विभाग, राशन कार्ड, पेयजल एवं जल कार्य, लोक कर्म विभाग, नामांतरण एवं लीज डीड फ्री-होल्डए राष्ट्रीय पेंशन योजना, जन स्वास्थ्य विभाग, प्रधानमंत्री आवास योजना, समाज कल्याण विभाग, आदिम जाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विभाग, श्रम विभाग, ई-श्रमिक कार्ड, पुलिस सहायता केन्द्र तथा जन मित्र योजना सहित विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए। सुशासन शिविर में नागरिक अपनी समस्या को लेकर संबंधित काउंटर पर जाकर आवेदन भरकर जमा किये है, जिसका जल्द निराकरण किया - रायपुर /पश्चिम एशिया में उत्पन्न परिस्थितियों के बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। खाद्य विभाग के अनुसार प्रदेश के 2516 पेट्रोल-डीजल पंपों पर 22 मई 2026 की स्थिति में 4.35 करोड़ लीटर पेट्रोल और 8.15 करोड़ लीटर डीजल का स्टॉक मौजूद है।राज्य को प्रतिदिन आपूर्ति जारी है। 21 मई को ही 32.52 लाख लीटर पेट्रोल और 57.60 लाख लीटर डीजल की प्राप्ति हुई है। लखौली, मंदिर हसौद और गोपालपुर स्थित ऑयल कंपनी डिपो से जिलों को मांग के अनुसार सप्लाई की जा रही है। रबी फसल कटाई और खरीफ की तैयारी के कारण डीजल की मांग में बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिसे ध्यान में रखकर आपूर्ति बढ़ाई गई है।राज्य शासन ने 22 मई को जारी आदेश में सभी पेट्रोल-डीजल पंपों पर ड्रम, बोतल और जेरीकेन में ईंधन की बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी है। उल्लंघन पर मोटर स्पिरिट और उच्च वेग डीजल आदेश 2005 के तहत ‘अप्राधिकृत विक्रय’ मानकर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कार्रवाई होगी।हालांकि रबी-खरीफ सीजन के लिए किसानों, कलेक्टर द्वारा चिन्हांकित शासकीय निर्माण कार्यों और अस्पताल, मोबाइल टावर जैसी अत्यावश्यक सेवाओं को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। इनके लिए अनुविभागीय अधिकारी के परीक्षण के बाद सुरक्षा मानकों के अनुरूप बिक्री की अनुमति होगी।सचिव खाद्य ने 20 मई को सभी ऑयल कंपनियों के साथ समीक्षा बैठक कर ड्राई आउट होने वाले पंपों को तत्काल स्टॉक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। सरकार ने आम उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अफवाहों से प्रभावित होकर पैनिक खरीदारी या संग्रहण न करें। राज्य में ईंधन की आपूर्ति सुगम बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।
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-छत्तीसगढ़ ने विकास की दिशा में रचा नया कीर्तिमान
-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दी बधाई, कहा - आकांक्षी क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध
-सेंट्रल इंडिया ज़ोन में उत्कृष्ट प्रदर्शन, अक्टूबर–दिसंबर 2025 तिमाही में हासिल की बड़ी उपलब्धि
रायपुर / नीति आयोग के मार्गदर्शन में संचालित “चैंपियंस ऑफ चेंज" कार्यक्रम के अंतर्गत बीजापुर जिले के उसूर विकासखण्ड ने अक्टूबर–दिसंबर 2025 तिमाही में सेंट्रल इंडिया ज़ोन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि राज्य सरकार की जनकेंद्रित विकास सोच, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, सतत मॉनिटरिंग तथा विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर मिली महत्वपूर्ण मान्यता है।यह सफलता केवल बीजापुर जिले तक सीमित नहीं, बल्कि समूचे छत्तीसगढ़ के विकास मॉडल की प्रभावशीलता को भी रेखांकित करती है। विशेष रूप से आकांक्षी और दूरस्थ क्षेत्रों में शासन की योजनाओं की प्रभावी पहुंच, सेवा प्रदायगी में सुधार तथा विकास संकेतकों में सकारात्मक परिवर्तन को इस उपलब्धि ने राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दी है।उल्लेखनीय है कि नीति आयोग द्वारा संचालित “Champions of Change” कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं संबद्ध सेवाएं, आधारभूत संरचना तथा सामाजिक विकास जैसे महत्वपूर्ण मानकों पर विकासखण्डों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाता है। उसूर विकासखण्ड ने विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, बेहतर परिणामों तथा विभागीय समन्वय के आधार पर यह उल्लेखनीय उपलब्धि अर्जित की है।इस उपलब्धि के पीछे बीजापुर जिले द्वारा अपनाया गया “3C मॉडल” — Convergence (अभिसरण), Collaboration (सहयोग) एवं Competition (प्रतिस्पर्धा) महत्वपूर्ण आधार बनकर उभरा है। इस मॉडल के माध्यम से योजनाओं के अभिसरण, जनभागीदारी, विभागीय तालमेल तथा सकारात्मक प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित कर परिणाम आधारित कार्य संस्कृति विकसित की गई।Convergence (अभिसरण) के अंतर्गत स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, पंचायत, शिक्षा, कृषि सहित अन्य विभागों की योजनाओं को समेकित रूप से क्रियान्वित किया गया। Collaboration (सहयोग) के माध्यम से मैदानी अमले, जनप्रतिनिधियों तथा समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई, वहीं Competition (प्रतिस्पर्धा) के जरिए विकासखण्ड स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिए सकारात्मक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दिया गया।"नीति आयोग के ' चैंपियंस ऑफ चेंज' कार्यक्रम में बीजापुर के उसूर विकासखण्ड का राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त करना पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व और विश्वास का क्षण है।यह उपलब्धि बताती है कि हमारा छत्तीसगढ़ अब आकांक्षी क्षेत्रों में भी विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए मानक स्थापित कर रहा है। कभी चुनौतियों के लिए पहचाने जाने वाले दूरस्थ अंचल आज स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, आधारभूत सुविधाओं और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। \यह सफलता हमारी जनकेंद्रित विकास सोच, विभागीय समन्वय, सतत मॉनिटरिंग और अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने की प्रतिबद्धता का परिणाम है। - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय - -जनजातीय विकास में एआई और नई तकनीकों की भूमिका पर हुआ मंथन-जनजातीय गरिमा उत्सव 2026 के तहत राज्य स्तरीय ऑनलाइन संगोष्ठी संपन्नरायपुर /जनजातीय गरिमा उत्सव 2026 अंतर्गत आदिम जाति विकास विभाग अंतर्गत आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा शुक्रवार को राज्य स्तरीय एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में पद्मश्री श्री अजय मंडावी की गरिमामयी उपस्थिति रही। आदिम जाति विकास विभाग के तत्वाधान में आयोजित इस कार्यशाला में विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने कहा कि प्रशासन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) एवं प्रौद्योगिकी के प्रयोग से पारदर्शिता, समय की बचत एवं घर बैठे समस्या का शीघ्र निदान संभव हुआ है। छत्तीसगढ़ जनजाति संग्रहालय एवं शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय में बड़े पैमाने पर डिजिटल टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया गया है। बड़े पैमाने पर डिजिटल तकनीक के प्रयोग में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी राज्य है।प्रमुख सचिव श्री बोरा ने कहा कि एआई का प्रयोग पारंपरिक ज्ञान को संजोने, रिमोट एरिया में स्वास्थ्य सुधार, लघु वनोपजों एवं कृषि मंडियों के डिजिटलीकरण, स्थानीय भाषाओं में शिक्षा, कौशल विकास, सरकारी योजनाओं की अधिक सुगमता से जानकारी एवं लाभ इत्यादि में किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जनजातीय विकास में एआई का प्रयोग बहुत तेजी से बढ़ रहा है। परन्तु एआई मनुष्य की संवेदनशील मानसिकता की प्रतिकृती नहीं कर सकती है। अतः आवश्यकता एवं उपयोगिता के आधार पर जनजातीय क्षेत्र में एआई का प्रयोग किए जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सबसे दूर, सबसे पहले के ध्येय वाक्य को सार्थक करना है। संगोष्ठी में पद्मश्री श्री अजय मंडावी ने कांकेर जेल मे बंद नक्सल आदिवासियों पर किए जा रहे उनके कौशल विकास के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इनमें से 08 कैदियों द्वारा वंदे मातरम पर किए गए कार्य को लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में शामिल किया गया है। उन्होंने सरकार को इनकी प्रतिभा पर ध्यान देने का आग्रह किया और कहा कि यदि ईमानदारी के साथ कार्य किया जाए तो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी से जनजातीय विकास के क्षेत्र में क्रांति लाई जा सकती है। टीआरटीआई के संचालक श्रीमती हीना अनिमेष नेताम ने कार्यशाला के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी। इस अवसर अपर संचालक श्री संजय गौढ़, संयुक्त संचालक श्रीमती गायत्री नेताम मौजूद रही। वहीं वीडियों कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेशभर के सहायक आयुक्त आदिम जाति विकास तथा परियोजना प्रशासक जुड़े थे।एनआईसी डायरेक्टर के श्री सत्येश शर्मा ने संगोष्ठी में बताया कि यूज ऑफ टेक्नेलॉजी और सर्विस डिलवरी देना दोनों अलग-अलग तथ्य है और चुनौती भी है। उन्होंने बताया कि टेक्नेलॉजी के क्ष़्ोत्र में गुणवत्तायुक्त डाटा संग्रहण प्रमुख पहलु है। उन्होंने डेटा का वेरिफिकेशन करने के साथ-साथ डेटा की कमी को पूरा करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि डेटा का सलेक्शन सही नहीं होने पर सर्विस डिलवरी में भी समस्या आएगी। उन्होंने बताया कि अगर डेटा का इनपुट सही नहीं होने से परिणाम बायस्ड् आती हैं। उन्होंने कहा कि यदि एआई मशीन में आएगा तो सारा डिसीजन मशीन ही लेने लगेगा और हमें रिप्लेस करने की कोशिश करना होगा।आईआईएम के श्री अमित कुमार जनजातीय उद्यमिता एवं र्स्टाटअप में एआई का उपयोग करने के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने एआई के प्रयोग में स्थानीय लेग्वेंज को सबसे बढ़ी बाधा बताया। उन्होंने वास्तविक परिणाम के लिए बोली-भाषा के ज्ञान पर बल दिया। उन्होंने स्थानीय लोगों में टेक्नोलॉजी के प्रति जागरूक तथा अनेक स्तर पर डिजिटल प्लेटफॉर्म की उपलब्धता हेतु शासकीय स्तर पर भी अभियान चलाने के सुझाव दिए। समर्थन संस्था से श्री देवीदास निम्जे ने कहा कि यदि हम स्थानीय स्तर पर एक गांव की बात करें तो किसान को खेती के संबंध में सब कुछ पता होता है, किन्तु नई तकनीकी की जानकारी के अभाव में गांव के दो-तीन लोगों पर ही केन्द्रित होना पड़ता है। उन्होंने जनजातीय समुदाय के लोगों विशेषकर टेक्नोलॉजी के प्रति जागरूक करते हुए नेटवर्क बढ़ने पर बल दिया।एनआईटी के डॉ. राकेश त्रिपाठी ने संगोष्ठी में एआई से स्थानीय ज्ञान को बढ़ाने, ज्ञान सैद्धान्तिक इस्तेमाल करने के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्थानीय भाषा ज्ञान को सुदृढ़ कर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ एआई के माध्यम से अंतिम छोर के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा सकता है।आईआईआईटी नवा रायपुर के डॉ. रामाकृष्ण ने ड्रॉपआउट और पास पर्सनल, क्वालिटी ऑफ टीचिंग और लर्निंग के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने डेटा मेनटेन करने साथ-साथ आम आदमी तक टेक्नोलॉजी की पहंुच पर जोर दिया। उन्होंने एआई युजर को प्रोटेक्ट करने बायस्ड् इंफॉरमेशन न मिले इस पर भी अपना विचार व्यक्त किया।जनजातीय विशेषज्ञ श्री अश्वनी कांगे ने “जनजातीय नेतृत्व आधारित सतत विकास में कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं प्रौद्योगिकी की भूमिका” विषय पर अपना वक्तव्य दिया गया। श्री कांगे अंदरूनी क्षेत्रों में भी टेक्नोलॉजी की पहुंच पर जोर दिया उन्होंने कहा कि जनजातीय पारंपरिक ज्ञान को एक टूल में बाधंना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि जनजातीय वर्ग के हर पहलु जैसे बीजा पण्डुम, कृषि रस्मों-रिवाज में ज्ञान समाहित है, जिस पर वृहद रूप से चर्चा करने की आवश्कता है। संगोष्ठी अंतर्गत विशेषज्ञों के द्वारा मुख्य रूप से गुणवत्तायुक्त डॉटा के संकलन पर जोर दिया। विशेषज्ञों को मानना है कि किसी विषय पर जितना ज्यादा डेटा उपलब्ध होगा, उतनी ही विश्वसनीयता और सहजता के साथ एआई को डाटा विश्लेषण कर सही प्रमाण देने में ज्यादा सक्षम होगा।साथ ही एआई की मदद से जनजातीय समुदाय के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक विकास तथा स्वास्थ्यगत समस्याओं के निवारण में बेहतर कार्य होगा। क्योंकि अंतिम छोर में माने जाने वाले जनजातीय समुदाय से विकास की गति को प्रारंभ करने की आवश्यकता है। विशेषज्ञों ने कहा कि जनजातीय क्षेत्र में उनके ज्ञान को मूल रूप में सहेजते हुए उनकेे विचारों को ध्यान में रखना चाहिए, ताकि उनके सामाजिक मूल्यों और आधुनिक तकनीकों में सामंजस्य बना रहे। संगोष्ठी में शामिल अन्य विषय-विशेषज्ञों ने भी अपने विचार व्यक्त किये।
- -सुशासन तिहार के समाधान शिविर में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने हितग्राही से किया संवादरायपुर /प्रधानमंत्री आवास योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए नई उम्मीद बनकर सामने आ रही है। इस योजना के माध्यम से अनेक परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास मिल रहा है, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहे हैं।सुशासन तिहार के अंतर्गत शुक्रवार को बलौदाबाजार जिले के करहीबाजार में आयोजित समाधान शिविर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना की हितग्राही श्रीमती अनीता निषाद से संवाद किया। आवास श्रीमती निषाद की सास श्रीमती सुकलहीन निषाद के नाम से स्वीकृत हुआ है।श्रीमती अनीता निषाद ने मुख्यमंत्री को बताया कि पहले उनका परिवार कच्चे मकान में रहता था। बारिश और मौसम की मार के कारण घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके चलते उन्हें कुछ समय तक आंगनबाड़ी केंद्र में रहना पड़ा। उन्होंने कहा कि उस समय परिवार के सामने रहने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई थी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान मिलने के बाद अब उनका परिवार सुरक्षित और सम्मानपूर्वक जीवन जी रहा है। उन्होंने कहा कि अब बारिश और अन्य मौसम की चिंता नहीं रहती तथा बच्चों के लिए भी बेहतर वातावरण मिला है।श्रीमती अनीता निषाद ने मुख्यमंत्री श्री साय एवं सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनके परिवार को नया जीवन और नई उम्मीद दी है।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य हर जरूरतमंद परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराना है ताकि कोई भी परिवार असुरक्षित परिस्थितियों में रहने को मजबूर न हो।
- -कमरौद में ग्रामीणों से आत्मीय संवाद, योजनाओं की जमीनी स्थिति का लिया फीडबैकरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को सुशासन तिहार-2026 के अंतर्गत महासमुंद जिले के विकासखंड बागबाहरा स्थित ग्राम कमरौद पहुंचकर विशाल बरगद के पेड़ के नीचे चौपाल लगाई और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति की जानकारी ली। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने मां दुर्गा मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।बरगद के पेड़ की छांव में आयोजित चौपाल में मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि सरकार गांव-गांव पहुंचकर यह सुनिश्चित कर रही है कि लोगों को राशन, बिजली, प्रधानमंत्री आवास, महतारी वंदन योजना सहित अन्य योजनाओं का लाभ सही तरीके से मिल रहा है या नहीं। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन और प्रशासन को जनता के द्वार तक पहुंचाकर समस्याओं का त्वरित समाधान करना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वे अब तक प्रदेश के 16 जिलों का दौरा कर लोगों से सीधे संवाद कर चुके हैं।मुख्यमंत्री ने महिलाओं से महतारी वंदन योजना की जानकारी ली, जिस पर महिलाओं ने बताया कि उन्हें नियमित रूप से राशि मिल रही है। ग्राम की श्रीमती देव कुमारी साहू ने बताया कि वह योजना से मिलने वाली राशि अपनी बेटी के भविष्य के लिए बचा रही हैं।चौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने पांचवीं कक्षा के छात्र पूर्वांश साहू से मुस्कुराते हुए पूछा—“सेल्फी लेंगे क्या?” जिसके बाद छात्र ने उत्साहपूर्वक मुख्यमंत्री के साथ सेल्फी ली।यह आत्मीय क्षण चौपाल का विशेष आकर्षण बना।मुख्यमंत्री ने बिजली बिल समाधान योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना तथा पंचायत स्तर पर संचालित अटल डिजिटल सेवा केंद्रों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं और अतिरिक्त 10 लाख आवासों का निर्माण भी प्रारंभ हो गया है। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर नागरिक सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए अब तक लगभग 6000 अटल डिजिटल सेवा केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य सरकार शीघ्र ही ऑनलाइन शिकायत समाधान व्यवस्था शुरू करने जा रही है, जिसके माध्यम से नागरिक घर बैठे मोबाइल फोन से अपनी समस्याएं दर्ज कर सकेंगे। इसके लिए टोल फ्री नंबर भी प्रारंभ किया जाएगा।किसानों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने नैनो यूरिया के उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही।सिंचाई सुविधाओं के विस्तार का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सिरपुर बैराज तथा सिकासेर से कोडार परियोजना महासमुंद जिले के लिए जीवनदायिनी साबित होगी। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उल्लेखनीय है कि जिले में सिंचाई क्षमता विस्तार के लिए सिकासेर बांध (गरियाबंद) से शहीद वीर नारायण सिंह जलाशय कोडार तक पानी पहुंचाने की लगभग 3200 करोड़ रुपये की परियोजना पर कार्य किया जा रहा है।राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि सरकार गांव-गांव पहुंचकर जनता की बात सुन रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय स्वयं गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं और त्वरित समाधान सुनिश्चित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार पारदर्शी और जनहित में कार्य करने वाली सरकार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना और अन्य योजनाओं से प्रदेश के गरीब और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में बड़ा बदलाव आया है। बस्तर जैसे क्षेत्रों में जहां पहले हिंसा का माहौल था, वहां अब खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित हो रही हैं।चौपाल के दौरान ग्राम की श्रीमती लता साहिस ने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास, महतारी वंदन योजना तथा गैस सिलेंडर का लाभ मिला है। वहीं श्रीमती मधु साहू ने मछली पालन से जुड़ाव और गर्मी के दौरान पानी की समस्या बताई, जिस पर मुख्यमंत्री ने सोलर आधारित बोर सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बिहान योजना से जुड़ी परी साहू ने बताया कि स्व-सहायता समूह से जुड़कर वे आत्मनिर्भर बनी हैं और अब फैंसी एवं किराना दुकान संचालित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद वे “लखपति दीदी” कहलाने लगी हैं। ग्रामीण श्री मोहन कुलदीप ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का अनुभव साझा करते हुए बताया कि दिसंबर 2025 में सोलर पैनल लगवाने पर उन्हें एक लाख आठ हजार रुपये की सब्सिडी मिली और पहले जहां उनका बिजली बिल लगभग 3500 रुपये आता था, अब शून्य हो गया है। मुख्यमंत्री ने उपस्थित ग्रामीणों को इस योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।दिव्यांग हितग्राहियों के चेहरे पर खिली मुस्कानचौपाल के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने तीन दिव्यांग हितग्राहियों को सहायक उपकरण प्रदान किए। भारती मारकण्डेय को व्हीलचेयर तथा रवि कुमार पटेल और यादराम साहू को ट्रायसिकल प्रदान की गई। हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे उनके दैनिक जीवन और आवागमन में काफी सुविधा होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दिव्यांगजनों के जीवन को सहज, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है तथा अधिकारियों को जरूरतमंद हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ प्राथमिकता से पहुंचाने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मातृशक्ति के लिए सर्वसुविधायुक्त भवन निर्माण की घोषणा की, जहां सामाजिक, सांस्कृतिक एवं स्व-सहायता समूहों की गतिविधियां संचालित की जा सकेंगी। मुख्यमंत्री ने कमरौद से चरोदा तक लगभग चार किलोमीटर सड़क निर्माण तथा ग्राम में मुक्ति धाम निर्माण की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री की इन घोषणाओं से ग्रामीणों में खुशी का माहौल देखा गया और ग्रामीणों ने उनका आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
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भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने जोन-5 अंतर्गत शहीद उद्यान सहित वृक्षारोपण स्थल का गहन निरीक्षण किये। अधिकारियों को उद्यान में आवश्यक सुधार कराने निर्देशित किये है।
निगम आयुक्त ने शहीद उद्यान का निरीक्षण करते हुए साफ-सफाई एवं प्रकाश व्यवस्था में सुधार लाने कहा गया है, जिससे आने वाले नागरिको एवं बच्चों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। साथ ही आवश्यक संधारण भी समय पर कराने निर्देशित किये हैं। शहिद उद्यान के अन्य व्यवस्थाओं को बारीकी से निरीक्षण किया गया यथाशीघ्र व्यवस्था सुधार हेतु निर्देशित किए हैं। जोन कार्यालय समीपस्थ रिक्त स्थल का अवलोकन किये और आगामी बरसात में हरियाली को दृष्टिगत करते हुए सघन वृक्षारोपण कराने कहा गया है, जिससे पर्यावरण संरक्षण एवं वायु प्रदुषण में सुधार लाया जा सके। निरीक्षण के दौरान जोन आयुक्त अजय गौर, सहायक अभियंता श्वेता महेश्वर, उप अभियंता शंकर सुमन मरकाम, सहायक राजस्व अधिकारी अनिल मेश्राम, जोन स्वास्थ्य अधिकारी सागर दुबे, स्वच्छता निरीक्षक सूर्यादास उपस्थित रहे। -
भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्रांतर्गत शहर के सुव्यवस्थित विकास एवं कर व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से जी.आई.एस. (जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम) सर्वे का कार्य प्रारंभ किया गया है। सर्वे के माध्यम से निगम क्षेत्र की सभी संपत्तियों, भवनों, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों एवं अन्य परिसंपत्तियों का डिजिटल डाटा तैयार किया जाएगा।
निगम प्रशासन द्वारा नियुक्त सर्वे टीम वार्डों में घर-घर जाकर जानकारी एकत्रित कर रही है। सर्वे के दौरान संपत्ति का माप, उपयोग, निर्माण की स्थिति एवं अन्य आवश्यक जानकारियां संकलित की जा रही हैं। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि सर्वे कार्य में सहयोग प्रदान करें तथा सही जानकारी उपलब्ध कराएं। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार जी.आई.एस. सर्वे पूर्ण होने के बाद संपत्ति कर निर्धारण में पारदर्शिता आएगी तथा शहर की विकास योजनाओं को बेहतर ढंग से तैयार करने में सहायता मिलेगी। इसके साथ ही अवैध निर्माण एवं अतिक्रमण पर भी नियंत्रण किया जा सकेगा। निगम प्रशासन ने बताया कि सर्वे कार्य चरणबद्ध तरीके से सभी जोन एवं वार्डों में कराया जा रहा है तथा कार्य पूर्ण होने के बाद निगम की सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं डिजिटल बनाया जाएगा। - -औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने विभिन्न पहलुओं पर हुई विस्तार से चर्चा-दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रशिक्षण, मॉक ड्रिल और सुरक्षा ऑडिट अत्यंत आवश्यक- कलेक्टर श्री अभिजीत सिंहदुर्ग / जिले के खतरनाक एवं अति खतरनाक कारखानों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कला मंदिर में उद्योगों के अधिकारियों हेतु औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला की अध्यक्षता कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने की। इस दौरान पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल, भिलाई इस्पात संयंत्र के मुख्य महाप्रबंधक श्री पीआर भल्ला, औद्योगिक एवं सुरक्षा के उप संचालक श्री मनीष कुंजाम, भिलाई इस्पात संयंत्र के अधिकारियों सहित जिले के विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यशाला में कारखानों में होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम, श्रमिकों की सुरक्षा तथा औद्योगिक सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने कहा कि औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने सभी उद्योग प्रबंधन को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने तथा श्रमिकों को सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रशिक्षण, मॉक ड्रिल और सुरक्षा ऑडिट अत्यंत आवश्यक हैं। विभागीय अपेक्षाओं, उद्योगों को दिए जाने वाले सहयोग तथा औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। भिलाई इस्पात संयंत्र में सुरक्षा इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी श्री संजय अग्रवाल ने बताया कि भिलाई इस्पात संयंत्र अलग-अलग फैक्टियों में विभाजित है। संयंत्र परिसर में लौह एवं इस्पात निर्माण की कई उत्पादन इकाइयों के साथ सहायक विभाग भी संचालित हैं। इस दौरान विभिन्न उद्योगों से पहुंचे अधिकारियों ने अपने-अपने संस्थानों में किए जा रहे कार्यों, औद्योगिक सुरक्षा के लिए अपनाए जा रहे उपायों तथा सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के संबंध में अपने विचार साझा किए। साथ ही औद्योगिक सुरक्षा को लेकर किए जा रहे विभिन्न नवाचारों और पहलों की जानकारी भी दी। कार्यशाला में एजेंडावार विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई तथा उन्हें प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने पर जोर दिया गया।
- - दो हितग्राहियों के खाते में राष्ट्रीय परिवार सहायता की राशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित, 05 हितग्राहियों को मिला प्रधानमंत्री आवास की चॉबीदुर्ग / सुशासन तिहार के अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन आज जनपद पंचायत दुर्ग क्षेत्र के ग्राम पंचायत बेलौदी स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला में किया गया। शिविर में ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न समस्याओं एवं मांगों से संबंधित कुल 501 आवेदन प्राप्त हुए। विभागीय अधिकारियों द्वारा 283 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया, शेष आवेदनों के निराकरण की प्रक्रिया समय-सीमा में पूरी की जाएगी।शिविर में नगपुरा, बोरई, खुरसुल, दमोदा, अंजोरा ढा, ढाबा, भेंड़सर, डांडेसरा, पीपरछेड़ी, गनियारी, चिखली, कोटनी, मोहलई एवं बेलौदी के गांवों के ग्रामीणों ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों में पहुंचकर आवेदन जमा किए। शिविर में दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चंद्राकर उपस्थित हुए। विधायक श्री चंद्राकर ने कहा कि एक ही छत के नीचे सभी विभागों के स्टॉल लगाए गए हैं, ताकि ग्रामीणों को विभागों के चक्कर न लगाने पड़ें और उनकी समस्याओं का समाधान हो सके। शिविर के माध्यम से जिन आवेदनों का तत्काल निराकरण संभव है, उनका तुरंत निराकरण किया जा रहा है। वहीं जिन आवेदनों के निराकरण में समय लगेगा, उन्हें निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाएगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि आवेदकों को समय-सीमा की जानकारी देना सुनिश्चित करें।शिविर में दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री चंद्राकर ने हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया गया। विधायक श्री चंद्राकर ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 05 हितग्राहियों दुखित राम, केशव, गायत्री, लता बाई, पार्वती को आवास की चॉबी सौंपी गई। मनरेगा के तहत 12 हितग्राहियों संध्या पारकर, कविता, किरण, उमा पारकर, चम्पा, सुनीता यादव, बिसेलाल देशमुख, सुरेखा साहू, प्रीति साहू, विमला साहू, जितेन्द्र साहू, उमेश्वरी साहू को जॉबकार्ड प्रदान किया गया। इसके साथ ही राष्ट्रीय परिवार सहायता अंतर्गत 2 हितग्राहियों श्रीमती शीला बाई भारती एवं श्रीमती तुलसी ढीमर के खाते में 20-20 हजार की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे हस्तांतरित की गई।इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती बंजारे, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कुलेश्वरी देवांगन, पंचायत सदस्य श्री जितेन्द्र यादव व सुश्री प्रिया साहू, सरपंच श्री होमेश्वर यादव एवं अन्य जनप्रतिनिधि, एसडीएम श्री हरवंश सिंह मिरी, जनपद पंचायत सीईओ श्री रूपेश पाण्डे सहित समस्त विभाग के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
- दुर्ग। दुर्ग शहर के आर्य नगर क्षेत्र में एक ही परिवार के चार सदस्यों के असामयिक निधन का अत्यंत दुःखद समाचार प्राप्त होने पर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव पीड़ित परिवार के निवास पहुंचे और शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी।थाना मोहन नगर क्षेत्र अंतर्गत आर्य नगर पहुंचकर मंत्री श्री यादव ने परिवारजनों से चर्चा की तथा इस कठिन समय में हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि यह घटना अत्यंत पीड़ादायक और हृदय विदारक है।मंत्री श्री यादव ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति एवं शोक संतप्त परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की। उन्होंने कहा कि दुःख की इस घड़ी में पूरा समाज एवं शासन-प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है।
- -मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सुशासन तिहार के समाधान शिविर में हुए शामिल-बलौदबाजार जिले के करहीबाजार में हितग्राहियों से की आत्मीय बातचीत-सुशासन तिहार के समाधान शिविर में महिलाओं ने साझा किए अपने अनुभवरायपुर / राज्य शासन की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। योजना के माध्यम से मिलने वाली आर्थिक सहायता महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उनके परिवार और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने में सहायक सिद्ध हो रही है।सुशासन तिहार के अंतर्गत बलौदबाजार जिले के करहीबाजार में आयोजित समाधान शिविर में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने योजना की हितग्राहियों से संवाद कर उनके अनुभव जाने।हितग्राही श्रीमती रुखमनी पाल ने बताया कि उनके पति श्री दिलेश्वर पाल मजदूरी कार्य करते हैं और परिवार की आय सीमित है। महतारी वंदन योजना के तहत प्राप्त होने वाली राशि को वे अपनी दो बेटियों के भविष्य के लिए जमा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि योजना से मिलने वाली सहायता ने उन्हें आर्थिक संबल दिया है तथा बच्चों की पढ़ाई और आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है।इसी तरह योजना की एक अन्य हितग्राही श्रीमती धनमता पाल ने भी बताया कि उन्हें प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता राशि प्राप्त हो रही है। उनके पति श्री होरीलाल पाल मजदूरी का कार्य करते हैं। धनमता पाल ने बताया कि वे इस राशि को अपने दो बच्चों के नाम पर जमा कर रही हैं ताकि भविष्य में उनकी शिक्षा और जरूरतों के लिए आर्थिक परेशानी न हो।उन्होंने कहा कि पहले छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी चिंता बनी रहती थी, लेकिन अब योजना से मिलने वाली राशि ने परिवार को राहत दी है। बच्चों के भविष्य को लेकर उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है और वे बचत की दिशा में भी आगे बढ़ रही हैं। हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का माध्यम बन रही है।
- -सुशासन तिहार शिविर में स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल का किया निरीक्षणरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज बलौदाबाजार जिले के करहीबाजार में आयोजित सुशासन तिहार समाधान शिविर में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर योजनाओं और सेवाओं की जानकारी ली।स्वास्थ्य विभाग के स्टॉल में मुख्यमंत्री ने 76 वर्षीय श्री गोवर्धन ध्रुव, 65 वर्षीय श्रीमती अनुपकुंवर पाल तथा कक्षा छठवीं के छात्र संजय चक्रधारी एवं जयसेन को अपने हाथों से नजर का चश्मा पहनाया। हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें अब पढ़ने-लिखने और दैनिक कार्यों में काफी सुविधा होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य सुविधाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, ताकि जरूरतमंद लोगों को समय पर उपचार और आवश्यक सहायता मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।
- -सुशासन तिहार में भावुक पल: मुख्यमंत्री से मिलकर बच्चों और अभिभावकों की आंखों में छलकी खुशी-गरीब परिवारों के लिए वरदान बनी चिरायु योजना: निःशुल्क उपचार से बच्चों को मिला नया जीवनरायपुर / सुशासन तिहार के दौरान आज बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम करहीबाजार में एक भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जब चिरायु योजना से लाभान्वित बच्चों समीरा जांगड़े और नितिन पटेल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आत्मीय मुलाकात कर उन्हें थैंक यू कार्ड भेंट किया। बच्चों और उनके परिजनों ने निःशुल्क उपचार के लिए मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उनके परिवार को नई उम्मीद और बच्चों को नई जिंदगी दी है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दोनों बच्चों से स्नेहपूर्वक बातचीत की, उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक संवेदनशीलता के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा और जरूरी सुविधाएं पहुंचाना है, ताकि कोई भी परिवार आर्थिक अभाव के कारण उपचार से वंचित न रहे।मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों को स्वस्थ जीवन और बेहतर भविष्य के लिए प्रेरित करते हुए उनके परिवारजनों का भी उत्साहवर्धन किया।उल्लेखनीय है कि विकासखंड बलौदाबाजार के ग्राम पंडरिया निवासी 6 वर्षीय नितिन पटेल तथा ग्राम लच्छनपुर निवासी 9 वर्षीय समीरा जांगड़े ने अपने माता-पिता के साथ मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उपचार के बाद जीवन में आए सकारात्मक बदलाव साझा किए। समीरा के पिता श्री जीवन लाल जांगड़े ने बताया कि इलाज से पहले समीरा अत्यंत कमजोर रहती थी और स्कूल आने-जाने में भी सांस फूलने लगती थी। शिक्षकों की सलाह पर चिरायु टीम से संपर्क किया गया। टीम ने घर पहुंचकर जांच की और उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की। इसके बाद 14 मई 2025 को रायपुर में सफल ऑपरेशन हुआ।इसी प्रकार नितिन पटेल का उपचार चिरायु योजना के माध्यम से 22 नवंबर 2025 को रायपुर में हुआ।परिजनों ने बताया कि जिस इलाज की कल्पना लाखों रुपये खर्च होने के कारण संभव नहीं लगती थी, वह चिरायु योजना के माध्यम से निःशुल्क और सहज रूप से संभव हो सका। उन्होंने कहा कि यह योजना गरीब परिवारों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है।सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा आमजन से सीधे संवाद, योजनाओं के हितग्राहियों से मुलाकात और उनके जीवन में आए बदलावों को जानने की पहल शासन की संवेदनशीलता और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस अवसर पर राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, विशेष सचिव श्री रजत बंसल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।
- रायपुर । नर्मदा प्रसाद यादव कभी एक प्लास्टिक कंपनी में काम कर पूरे सम्मान के साथ अपने परिवार की आजीविका चला रहे थे। वे अपने परिवार की उम्मीदों का मुख्य आधार थे। लेकिन एक दुर्भाग्यपूर्ण दिन, कार्यस्थल पर काम करने के दौरान वे एक भीषण विद्युत दुर्घटना (तगड़ा करंट लगने) का शिकार हो गए। इस हादसे ने न केवल उन्हें गंभीर रूप से शारीरिक क्षति पहुँचाई, बल्कि उनके जीवन में पूर्ण विकलांगता की स्थिति उत्पन्न कर दी।नर्मदा जी का चलना-फिरना पूरी तरह बंद हो गया। इस हादसे के बाद मानो उनके पूरे परिवार पर अंधकार छा गया और अचानक आए इस गंभीर आर्थिक व मानसिक संकट से पूरा परिवार हताश हो गया। अचानक उनके जीवन की रफ्तार थम गई। जब नर्मदा जी और उनका परिवार भविष्य को लेकर पूरी तरह चिंतित और असहाय महसूस कर रहा था, तब शासन की संवेदनशीलता और जनकल्याणकारी योजनाएं उनके जीवन में एक नई सुबह बनकर आईं। शासन का मूल मंत्र ही अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति की मदद करना है, और यही संबल नर्मदा जी को भी मिला। निराशा के दौर से उबरने के लिए नर्मदा प्रसाद ने शासन की योजना के तहत ग्राम पंचायत में ट्राई साइकिल के लिए आवेदन किया। शासन के संवेदनशील प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए पूरी तत्परता दिखाई और बिना किसी कागजी देरी के नर्मदा जी को तुरंत एक ट्राई साइकिल प्रदान की। इस ट्राई साइकिल ने नर्मदा जी के जीवन की रुकी हुई रफ्तार को दोबारा पटरी पर ला दिया। अब उन्हें अपनी दैनिक गतिविधियों या कहीं आने-जाने के लिए परिवार के अन्य सदस्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। शासन के इस छोटे से सहयोग ने उनके भीतर खोए हुए आत्मविश्वास को दोबारा जगा दिया है। इसके साथ ही, परिवार को स्थाई आर्थिक मजबूती देने के लिए विभाग द्वारा उनकी विकलांगता पेंशन के आवेदन को भी त्वरित गति से आगे बढ़ाया गया है। यह प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में है और बहुत जल्द उनके बैंक खाते में पेंशन की राशि नियमित रूप से आने लगेगी, जिससे उनके घर का खर्च आसानी से चल सकेगा।नर्मदा प्रसाद ने कहा कि ये सिर्फ योजना नहीं, जीवन जीने की नई उम्मीद है। हादसे के बाद मुझे लगा था कि अब मेरी जिंदगी दूसरों के भरोसे ही कटेगी। लेकिन शासन की योजनाओं ने मुझे फिर से अपने पैरों पर खड़ा होने की हिम्मत दी है। ट्राई साइकिल मिलने से मैं अब खुद कहीं भी आ-जा सकता हूँ और पेंशन शुरू होने से मेरे परिवार का आर्थिक बोझ भी कम हो जाएगा। संकट के इस समय में हमारे साथ खड़े रहने के लिए मैं शासन और प्रशासन का सहृदय आभार व्यक्त करता हूँ।
- -उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा का औचक निरीक्षण-व्यवस्था सुधारने के कड़े निर्देश, छात्रों के लिए बनेगा ‘हेल्प डेस्क’रायपुर । राज्य में उच्च शिक्षा के स्तर को सुधारने और आगामी शिक्षा सत्र से पहले व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने के लिए सरकार पूरी तरह मुस्तैद है। इसी कड़ी में उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने मोपका निपनिया महाविद्यालय का औचक निरीक्षण किया। मंत्री के इस कदम से जहां लापरवाह कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है, वहीं छात्र हित में सरकार की संवेदनशीलता एक बार फिर खुलकर सामने आई है।निरीक्षण के दौरान महाविद्यालय की प्राचार्य अनुपस्थित पाई गईं। साथ ही, स्टाफ की उपस्थिति में भी भारी कमी देखने को मिली; वहां केवल 03 सहायक प्राध्यापक और कार्यालयीन स्टाफ के महज 02 कर्मचारी ही उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त, मौके पर महाविद्यालय के वित्तीय लेखा-जोखा (एकाउंट्स) की जानकारी भी उपलब्ध नहीं हो सकी, जिस पर मंत्री श्री वर्मा ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा किसरकार का साफ संदेश है शासकीय संस्थाओं में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक शिथिलता या अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।महाविद्यालय परिसर में स्वच्छता का अभाव दिखने पर मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़े शब्दों में फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक स्टाफ अनिवार्य रूप से निर्धारित समय पर महाविद्यालय में उपस्थित रहें। इसके साथ ही छात्र-छात्राओं को एक स्वस्थ और स्वच्छ वातावरण मिले, इसके लिए साफ-सफाई की व्यवस्था तुरंत दुरुस्त की जाए।नवीन शिक्षा सत्र जल्द ही प्रारंभ होने वाला है, इसलिए सरकार का पूरा ध्यान इस बात पर है कि नए प्रवेश लेने वाले और पुराने छात्रों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। कॉलेज में आने वाले छात्र-छात्राओं की समस्याओं के त्वरित निराकरण और मार्गदर्शन के लिए तत्काल एक 'हेल्प डेस्क' (Help Desk) स्थापित करने के निर्देश दिए हैं।इसके साथ ही, उन्होंने आगामी सत्र के मद्देनजर कॉलेज में पेयजल, बैठक व्यवस्था और अन्य सभी आवश्यक छात्र-सुविधाओं को समय सीमा के भीतर पूर्ण करने की कड़ी हिदायत दी है।उच्च शिक्षा मंत्री का यह औचक निरीक्षण केवल कागजी दावों पर नहीं, बल्कि धरातल पर उतरकर काम करने में विश्वास रखती है। सरकार का संकल्प है कि प्रदेश के सुदूर और ग्रामीण क्षेत्रों के महाविद्यालयों में भी शहरी क्षेत्रों की तरह उच्च स्तरीय सुविधाएं और कड़ा प्रशासनिक अनुशासन सुनिश्चित किया जाए, ताकि छत्तीसगढ़ के युवाओं का भविष्य उज्ज्वल हो सके।
- -ठेकेदारों को हर महीने भुगतान करने को कहारायपुर ।लोक निर्माण विभाग ने अपने सभी अनुविभागीय अधिकारियों (एसडीओ) से लेकर प्रमुख अभियंता (ईएनसी) तक सभी को मुख्यालय में रहने के निर्देश दिए हैं। निर्माणाधीन कार्यों की गुणवत्ता व समयबद्धता सुनिश्चित करने, कार्यों की गहन मॉनिटरिंग और स्वीकृत कार्यों को तत्काल प्रारंभ करने के लिए विभाग ने ये निर्देश जारी किए हैं।लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने निर्माण एजेंसियों एवं ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों के आधार पर उन्हें हर महीने भुगतान सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने ठेकेदारों को समय पर भुगतान के लिए प्रमुख अभियंता को एक-एक देयक (बिल) के स्थान पर संबंधित कार्यपालन अभियंताओं को हर तीन महीने के भुगतान के लिए जरूरी राशि आबंटित करने के निर्देश दिए हैं।
- -सुशासन तिहार 2026 के समाधान शिविर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हितग्राहियों से किया सीधा संवादरायपुर /सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत बलौदबाजार जिले के करहीबाजार में आयोजित समाधान शिविर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों से संवाद कर योजनाओं से मिल रहे लाभों की जानकारी ली।शिविर में मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 के तहत अनेक उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत प्रदान की गई। हितग्राहियों ने बताया कि योजना से उन्हें आर्थिक राहत मिली है और लंबित बिजली बिल की चिंता काफी हद तक कम हुई है।बालोदबाजार जिले के ग्राम बिटकुली निवासी श्री आशाराम को 11 हजार 625 रुपये, श्री बाबूलाल को 14 हजार 922 रुपये, श्री जगदीश को 9 हजार 832 रुपये, श्रीमती बुधयारिन को 8 हजार 467 रुपये तथा श्री चोवाराम को 13 हजार 325 रुपये की छूट प्राप्त हुई।हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान बताया कि पहले बढ़े हुए बिजली बिल के कारण आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता था, लेकिन मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना से उन्हें बड़ी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि अब वे बिना किसी अतिरिक्त बोझ के नियमित रूप से बिजली बिल का भुगतान कर पा रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य आम जनता को राहत पहुंचाना और उनकी समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान करना है। उन्होंने कहा कि सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के हर वर्ग तक सहायता पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री एवं राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी सहायता साबित हो रही है।
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कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा का किसानों के हित में आदेश जारी
बालोद/कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जिले में रबी सीजन के धान की कटाई हेतु किसानों को हार्वेस्टर के संचालन में आ रही दिक्कत को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। इसके तहत जिले के पेट्रोल पंपों में सुरक्षित रखे गए 4000 लीटर रिजर्व डीजल स्टॉक से अब सीधे उन किसानों को डीजल दिया जाएगा, जो हार्वेस्टर मशीनों के जरिए धान की कटाई कर रहे हैं।जारी आदेश के अनुसार रबी सीजन के धान की कटाई लगभग 5 से 10 जून 2026 तक पूर्ण की जाती है। वर्तमान में किसानो के द्वारा धान की कटाई हेतु डीजल नही मिलने की जानकारी दी जा रही है। जिले मे सभी पेट्रोल पंप संचालको को पेट्रोल 2000 लीटर एवं डीजल 4000 लीटर आवश्यक कार्य हेतु रिजर्व स्टॉक रखे जाने हेतु आदेश जारी किया गया है। विगत एक सप्ताह से पेट्रोल, डीजल की आपूर्ति मांग के अनुरूप नहीं होने के कारण पम्प मे ड्राई की स्थिति निर्मित हो रही है। जिससे किसानो को धान की कटाई हेतु डीजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।बालोद जिले में धान कटाई के लिए कुल 656 हार्वेस्टर मशीनें’ उपलब्ध हैं। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने सभी अनुविभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि इन हार्वेस्टर किसानों को प्राथमिकता के आधार पर रिजर्व स्टॉक से डीजल उपलब्ध कराया जाए ताकि कटाई का काम समय पर पूरा हो सके। यह विशेष व्यवस्था 10 जून 2026 तक प्रभावी रहेगी, ताकि रबी सीजन के समापन तक किसानों को ईंधन की कोई कमी न हो। धान कटाई हेतु चैन हार्वेस्टर एवं बड़े हार्वेस्टर का उपयोग किया जाता है जिसमे क्रमशः प्रति एकड़ धान की कटाई हेतु लगभग डीजल 10-12 लीटर एवं 06-08 लीटर की आवश्यकता होती है। जारी आदेश के अनुसार प्रभार क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के सत्यापन उपरान्त सम्बन्धित किसानों को डीजल प्रदाय सुनिश्चित किया जाएगा। प्रशासन के इस संवेदनशील फैसले से जिले के हजारों किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। - 0- हुआ समस्या का समाधान, बनाई गई फ्लोरिंगरायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशन में सुशासन तिहार के अंतर्गत जनससमया निवारण शिविर में समस्याओं का समाधान हो रहा है। तिल्दा विकासखण्ड के ग्राम ताराशिव में 06 मई 2026 को आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में जीवनधारा स्व-सहायता समूह ने उनके द्वारा संचालित कैंटिन के परिसर में फ्लोरिंग कराने की मांग की थी। जिसका समाधान करते हुए फ्लोरिंग का निर्माण कर दिया गया है।गौरतलब है कि ग्राम ताराशिव निवासी श्रीमती उमा साहू द्वारा जीवनधारा स्व-सहायता समूह की ओर से कैंटीन परिसर के सामने फ्लोरिंग कराने की मांग की गई थी। श्रीमती साहू ने बताया कि पहले परिसर के सामने मुरूम वाली सड़क थी, जिससे कीचड़ की समस्या हो रही थी, जिसके पश्चात् हमने आवेदन किया। संबंधित विभाग द्वारा आवेदन पर कार्रवाई करते हुए फ्लोरिंग का कार्य पूर्ण कर दिया गया। श्रीमती साहू ने कहा कि समूह की दीदीयों को एवं ग्राहकों को आने जाने में सुविधा मिलेगी।
- 0- शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हुए हितग्राही0- मौके पर 1428 आवेदनों का किया गया निराकरणबालोद. सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम राहुद में आज जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। ग्राम राहुद में आज आयोजित शिविर में ग्राम पंचायत राहुद सहित राहुद कलस्टर में शामिल आसपास के ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया।इसके अंतर्गत आज राहुद में आयोजित शिविर में गुण्डरदेही विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री कुंवर सिंह निषाद, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, पूर्व विधायक श्री वीरेन्द्र साहू, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, एसडीएम श्रीमती प्रतिमा ठाकरे झा, जनपद अध्यक्ष श्री पुरूषोत्तम चंद्राकर, जनपद उपाध्यक्ष श्री नीतेश मोंटी यादव, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती कांति सोनेश्वरी, जनदप सदस्य श्री गुलशन साहू, श्री ठाकुर राम चंद्राकर एवं अन्य अतिथियों के द्वारा ग्रामीणों एवं हितग्राहियों को कृषि विभाग अंतर्गत मृदा स्वास्थ्य कार्ड, मत्स्य पालन प्रसार योजना अंतर्गत जाल एवं आईस बाॅक्स का वितरण किया गया। इसी तरह समाज कल्याण विभाग अंतर्गत श्रवण यंत्र एवं छड़ी, स्वामित्व योजना अंतर्गत अधिकार अभिलेख पत्र का वितरण किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास निर्माण पूर्णता प्रमाण पत्र एवं केसीसी कार्ड का वितरण किया।इसके अलावा शिविर में राज्य शासन के निर्देशानुसार दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने हेतु मेडिकल बोर्ड लगाया गया था। इस दौरान मेडिकल बोर्ड में शामिल विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा शिविर में दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने पहुँचे दिव्यांगजनों का दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी बनाया गया। शिविर में अतिथियों के द्वारा नन्हें-मुन्हें बच्चों को स्वादिष्ट खीर खिलाकर उनका अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। इसके अलावा गर्भवती माताओं को सुपोषण किट भेंटकर उनके गोदभराई के रस्म को पूरा किया गया। ग्राम राहुद में आयोजित शिविर में आज विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 1838 आवेदन प्राप्त हुए थे जिसमें से 1428 आवेदनों को मौके पर निराकरण सुनिश्चित किया गया।शिविर को संबोधित करते हुए विधायक श्री कुंवर सिंह निषाद ने मई माह के इस भीषण गर्मी में भी राहुद में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति पर सराहना व्यक्त की। श्री निषाद ने विभिन्न विभाग के अधिकारियों को सुशासन तिहार के दौरान आम जनता से प्राप्त आवेदनों का समुचित निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। जिससे कि सुशासन तिहार का आयोजन सार्थक हो सके। इस मौके पर श्री कुंवर सिंह निषाद ने शिविर में उपस्थित लोगों को बाल विवाह के दुष्प्रभावों के संबंध में जानकारी देते हुए इसके रोकथाम के कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की शपथ भी दिलाई। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर ने आम नागरिकों को सुशासन तिहार के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केेन्द्र व राज्य सरकार द्वारा समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। सुशासन तिहार के दौरान शासन-प्रशासन के लोग आम जनता के बीच पहुँचकर इनके वास्तविक समस्याओं का पड़ताल कर रहे हैं। इसके अलावा सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित शिविरों में ग्रामीणों एवं हितग्राहियों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित कराने के अलावा उनके मांगों एवं समस्याओं का समुचित निराकरण भी सुनिश्चित किया जा रहा है। पूर्व विधायक श्री वीरेन्द्र साहू ने राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए इस सुशासन तिहार की भूरी-भूरी सराहना करते हुए केन्द्र व राज्य सरकार को जनहितैषी सरकार बताया। उन्होंने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार समाज के सभी वर्गों के विकास के लिए कृतसंकल्पित है। जनपद अध्यक्ष श्री पुरूषोत्तम चंद्राकर ने ग्राम राहुद में सुशासन तिहार के अंतर्गत आज आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर के बेहतर आयोजन की सराहना की।उन्होंने आम नागरिकों से शिविर में अनिवार्य रूप से उपस्थित शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने की भी अपील की। जनपद उपाध्यक्ष श्री नीतेश मोंटी यादव ने राज्य शासन द्वारा शुरू किए गए इस सुशासन तिहार के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी देते हुए आयोजन की सराहना की। जिला पंचायत सदस्य श्रीमती कांति सोेनेश्वर ने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार लोक हितैषी एवं जनहितैषी सरकार है। सरकार के द्वारा आम जनता के कल्याण हेतु अनेक जन कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। इस अवसर पर शिविर में उपस्थित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी सुशासन तिहार के उद्देश्यों के संबंध में सभी विभाग के अधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता के साथ आम जनता से प्राप्त आवेदनों का समुचित निराकरण भी सुनिश्चित करने को कहा। इस मौके पर विभिन्न विभागों के द्वारा शिविर में आज अपने-अपने विभागों से संबंधित कुल आवेदन एवं उनके निराकरण की स्थिति के अलावा आम नागरिकों को शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में जानकारी दी। शिविर में आज ग्रामीण महिलाओं द्वारा नीर चेतना अभियान के अंतर्गत पानी के महत्व के संबंध में आम जनता को जानकारी प्रदान करने हेतु नुक्कड़ नाटक की भी प्रस्तुति दी।उल्लेखनीय है कि राहुद में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्राम भाठागांव आर, रनचिरई, जरवाय, जोरातराई, मुंदेरा, खलारी, खुटेरी, भटगांव, डोंगीतराई, किलेपार, परसाही, रूदा, तवेरा, राहुद, सक्रौद, भेंडरा, सिरी और तिलोदा ग्राम पंचायतों के बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। राहुद शिविर में आज पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 1115 आवेदन, ऊर्जा विभाग के 111 आवेदन, राजस्व विभाग के 99 आवेदन, महिला एवं बाल विकास विभाग के 58 आवेदन, खाद्य विभाग के 161, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के 40, स्वास्थ्य विभाग के 12, समाज कल्याण विभाग के 103, कृषि के 26, शिक्षा विभाग के 14 सहित विभिन्न विभागों से कुल 1838 आवेदन प्राप्त हुए थे। जिसमें से कुल 1428 आवेदनों का निराकरण किया गया।
- 0- राहुद में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में नीर चेतना अभियानबालोद. सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम राहुद में आज जनसमस्या निवारण शिविर में नीर चेतना अभियान के तहत नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ग्रामीणों को जल संरक्षण का संदेश दिया गया। ग्राम पंचायत राहुद में ‘‘नीर चेतना अभियान’’ के तहत् ग्रामीणों से जल संरक्षण एवं जनभागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नुक्कड़ नाटक एवं जल संचयन शपथ का आयोजन किया गया। शिविर में जागृति स्व-सहायता समूह के नेमिन साहू, पदमा साहू, धनेश्वरी साहू, लिलेश्वरी, रोहिणी साहू एवं सोमिन साहू द्वारा जल संचय और जल संरक्षण के महत्व को समझाने हेतु नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। इस नाटक के माध्यम से ग्रामीणों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता और व्यवहारिक समझ विकसित की गई।
- बालोद. राज्य शासन द्वारा जन शिकायतों का समयबद्ध एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने तथा आम जनता को सुगम, पारदर्शी एवं त्वरित सेवाओं का उपलब्धता सुनिश्चित कराने हेतु सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत नगर पंचायत डौण्डीलोहारा एवं डौण्डी विकासखण्ड के ढोर्रीठेमा में 22 मई 2026 को सुबह 10 बजे से दोपहर 03 बजे तक जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जाएगा। नगर पंचायत डौण्डीलोहारा में सभी 15 वार्डों के लिए मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री राजेश कुमार बंजारा (मो. 8839088152) को नोडल अधिकारी एवं उप अभियंता श्री भानुप्रकाश भोस को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। ढोर्रीठेमा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्राम कुंजकन्हार, भर्रीटोला, ढोर्रीठेमा, पेण्डरी, पचेड़ा, पटेली, कंुआगोंदी, बोरगांव, उकारी, कांडे, टेकाढोडा, सिंगनवाही, कारूटोला और धोबनी ब के ग्रामीण शामिल होंगे।
- 0- दावा आपत्ति की अंतिम तिथि 30 मईबालोद. मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजनांतर्गत प्रदेश में संचालित प्रयास आवासीय में सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 9वीं में प्रवेश हेतु प्राक्चयन परीक्षा 10 मई 2026 को आयोजित की गई थी। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग ने बताया कि प्रयास आवासीय में सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 9वीं में प्रवेश हेतु प्राक्चयन परीक्षा का मॉडल उत्तर विभागीय वेबसाईट https://eklavya.cg.nic.in/ पर जारी कर दी गई है। उन्होने बताया कि आवेदक 30 मई 2026 तक अपने गृह जिले के संबंधित सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कार्यालय में स्वयं उपस्थित होकर दावा आपत्ति के संबंध में दस्तावेज जमा कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि बिना प्रमाण के दावा आपत्ति को पूर्णतः अमान्य किया जाएगा। इसके साथ ही डाक द्वारा दावा आपत्ति स्वीकार नहीं किया जाएगा।
- रायपुर. प्रशासन द्वारा कुपोषण मुक्ति एवं पोषण सुदृढ़ीकरण के उद्देश्य से संचालित “हर घर मुनगा योजना” के अंतर्गत ग्राम पंचायत देवरी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा श्रीमती रेवती साहू के घर मुनगा का पौधा रोपित किया गया। रोपण के दौरान उन्हें मुनगा के पोषण महत्व, औषधीय गुणों तथा पौधे की नियमित देखभाल के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।श्रीमती साहू ने पूरे उत्साह एवं जिम्मेदारी के साथ पौधे की नियमित देखभाल की। उन्होंने समय-समय पर पौधे को पानी देना, खाद डालना एवं उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की। लगातार आठ महीनों तक समुचित देखरेख के परिणामस्वरूप पौधा तेजी से विकसित होकर हरा-भरा वृक्ष बन गया।समय के साथ मुनगा की पत्तियों एवं फलियों का उपयोग परिवार के भोजन में किया जाने लगा। श्रीमती साहू ने अपने दैनिक आहार में मुनगा की पत्तियों एवं सब्जी को शामिल किया, जिससे परिवार के सदस्यों विशेषकर बच्चों एवं महिलाओं के स्वास्थय में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिला। पौष्टिक आहार मिलने से बच्चों की सेहत में सुधार हुआ तथा परिवार को घर पर ही ताजी एवं पोषणयुक्त सब्जी उपलब्ध होने लगी।रेवती साहू की इस प्रेरणादायक पहल से ग्राम के अन्य ग्रामीण भी प्रभावित हुए और उन्होंने भी अपने घरों में मुनगा के पौधे लगाने का संकल्प लिया। इस प्रकार “हर घर मुनगा योजना” ग्राम पंचायत देवरी में जनभागीदारी आधारित सफल एवं प्रेरणादायक अभियान के रूप में उभरकर सामने आई है।


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