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- रायपुर / मेसर्स अरिहंत स्टील नारायणपुर जिला नारायणपुर के व्यवसाय स्थल पर स्टेट जीएसटी विभाग जगदलपुर द्वारा 31 मई को जांच की कार्यवाही की गई है। जब मौके पर जांच टीम पहुंची तो, देखा कि उनके व्यवसाय स्थल पर व्यवसाय से संबंधित कोई भी लेखा पुस्तक या सॉफ्टवेयर जैसे कि टैली का संधारण नहीं पाया गया, जबकि जीएसटी के प्रावधानों के अनुरूप व्यवसाय स्थल पर समस्त लेखा पुस्तकें रखा जाना अनिवार्य है। व्यवसायी ने बताया कि समस्त बिल, कर सलाहकार द्वारा जारी किया जाता है। इस कारण कर अपवंचन की संभावना और भी प्रबल हो गई। आगे जांच में पाया गया कि वर्ष 2021-22 से वर्ष 2024-25 तक कुल टर्न ओव्हर लगभग 16 करोड़ रुपये से अधिक किन्तु उस पर कर का नगद भुगतान मात्र 43 हजार रुपये का वर्तमान अवधि तक किया गया है।साथ ही साथ जब ई-वे बिल की जांच की गई तो पता चला कि वर्ष 2021-22 से वर्ष 2024-25 तक माल की खरीदी 8.21 करोड़ रुपये की गई किंतु माल की सप्लाई के लिए कोई ई-वे बिल जारी नही किया गया। जिससे यह पता चलता है कि माल का विक्रय आम उपभोक्ता को किया गया है किन्तु बिल को अन्य व्यवसायियों को बेचकर बोगस इनपुट टैक्स का लाभ दिया गया है, जिससे कि केन्द्र सरकार के साथ राज्य सरकार को कर राजस्व की अत्यधिक हानि हुई है। जांच के दौरान व्यवसायी के द्वारा अपनी गलती / त्रुटि स्वीकार करते हुए स्वैच्छिक रूप से 10लाख रुपये का कर भुगतान करने की मंशा जाहिर की, किंतु जीएसटी विभाग के अधिकारियों ने व्यवसाय स्थल पर उपलब्ध स्टॉक की मात्रा (अनुमानित कीमत 90 लाख रुपये ) के समर्थन में व्यवसायी से लेखा पुस्तकें एवं अन्य दस्तावेज प्रस्तुत करने की मांग की। व्यवसायी की ओर से कोई भी जानकारी एवं दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। व्यवसायी द्वारा अपने परिचित कुछ मीडियाकर्मियों एवं व्यवसायियों को एकत्रित कर जांच टीम पर दबाव डालने का प्रयास किया गया। व्यवसायी के असहयोगात्मक रवैये एवं कर अपवंचन की विस्तृत जांच हेतु स्थानीय पुलिस की उपस्थिति में आगामी कार्यवाही तक व्यवसाय स्थल सील बंद किया गया है।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में केन्द्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्री चिराग पासवान ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान श्री साय ने श्री पासवान को कोसा वस्त्र एवं बेल मेटल से बने स्मृति चिन्ह भेंटकर आत्मीय स्वागत किया। गौरतलब है कि केन्द्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्री चिराग पासवान आज एक दिवसीय प्रवास पर छत्तीसगढ़ पहुंचे थे।
- -अब बच्चों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएंरायपुर, ।राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अनुरूप राज्य में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर और समावेशी बनाने के उद्देश्य से शालाओं के युक्तियुक्तकरण की दिशा में एक सार्थक पहल की जा रही है। इस पहल के तहत बस्तर संभाग के सात जिलों में कुल 1611 शालाओं का युक्तियुक्तकरण किया जा रहा है। इससे विद्यालयों की गुणवत्ता, संसाधनों की उपलब्धता और शैक्षणिक वातावरण में व्यापक सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।बस्तर संभाग के संयुक्त संचालक शिक्षा से प्राप्त जानकारी के अनुसार बस्तर संभाग के बस्तर, बीजापुर, कोंडागांव, नारायणपुर, दंतेवाड़ा, कांकेर और सुकमा जिलों में ऐसी शालाओं को चिन्हित किया गया, जहाँ या तो छात्र संख्या बहुत कम थी या एक ही परिसर में अथवा निकट में दो से अधिक शालाएं संचालित हो रही हैं, इन शालाओं को एकीकृत कर उन्हें बेहतर सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। संयुक्त संचालक शिक्षा ने बताया कि बस्तर संभाग के बस्तर जिले में 274, बीजापुर जिले की 65, कोण्डागांव जिले की 394, नारायणपुर की 80, दंतेवाड़ा जिले की 76, कांकेर जिले की 584 तथा सुकमा जिले की 138 शालाओं का युक्तियुक्तकरण किया जा रहा है। इससे शिक्षक विहीन एकल शिक्षकीय एवं आवश्यकता वाली अन्य शालाओं मेें अतिशेष शिक्षकों की पदस्थापना हो सकेगी। इससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा। साथ ही बच्चों को बेहतर शैक्षणिक संसाधन जैसे पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशाला, कम्प्यूटर लैब और खेल सामग्री भी उपलब्ध हो सकेंगी।संयुक्त संचालक, शिक्षा, बस्तर संभाग, जगदलपुर ने बताया कि एकीकृत शालाओं में एक ही परिसर में पढ़ाई होने से बच्चों को नियमित स्कूल आना आसान होगा, जिससे छात्रों की उपस्थिति दर में वृद्धि और ड्रॉपआउट दर में कमी आएगी। इसके अलावा, प्रशासनिक खर्च में भी कमी आएगी और बचत को शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने में उपयोग किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया नियोजित और चरणबद्ध रूप से संपन्न की जा रही है, जिसका उद्देश्य बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना और विद्यालय परिसरों को संसाधनयुक्त बनाना है। इस पहल को शिक्षा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है, जिससे बस्तर संभाग के हजारों बच्चों को लाभ मिलेगा और छत्तीसगढ़ शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान बना सकेगा।
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- एक वर्ष के लिए खंड कार्यालय राजनांदगांव में कार्य करने हेतु किया गया प्रतिबंधित
राजनांदगांव । कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने जिले में जल जीवन मिशन के अंतर्गत चल रहे कार्यों के तहत विभागीय तकनीकी जांच के बाद कार्यरत ठेकेदार मेसर्स सिंग एसोसिएट भिलाई एवं ठेकेदार मेसर्स दास कंस्ट्रक्शन राजनांदगांव के अनुबंध को निरस्त कर दिया है। कलेक्टर डॉ. भुरे ने डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम झंडातलाब, नवागांव में कार्यरत ठेकेदार मेसर्स सिंग एसोसिएट भिलाई द्वारा कार्य पूर्ण नहीं करने और कार्य में किसी प्रकार की रूचि नहीं प्रदर्शित करने पर कार्य को निरस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने अनुबंध निरस्त कर अनुबंध की कंडिका 3 के तहत निविदा के लिए जमा अमानत राशि को शासन के पक्ष में राजसात करते हुये आगामी 1 वर्ष के लिये खंड कार्यालय राजनांदगांव में कार्य करने हेतु प्रतिबंधित किया है।
इसी तरह कलेक्टर डॉ. भुरे ने डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम पैरीटेका में कार्यरत ठेकेदार मेसर्स दास कंस्ट्रक्शन राजनांदगांव को बारम्बार पत्राचार पश्चात भी कार्य करने में कोई रूचि नहीं दिखाने के कारण निरस्तीकरण के निर्देश दिए। निरस्तीकरण के पहले ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने कार्य में अनियमितता पाए जाने और ठेकेदार द्वारा प्रस्तुत पत्र को अमान्य करते हुये अनुबंध निरस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने अनुबंध की कंडिका 3 के तहत निविदा हेतु जमा अमानत राशि को शासन के पक्ष में राजसात करते हुये आगामी 1 वर्ष के लिये खंड कार्यालय राजनांदगांव में कार्य करने हेतु प्रतिबंधित करते हुये निरस्तीकरण के निर्देश दिए। - रायपुर।, छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) ने रियल एस्टेट क्षेत्र में उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में एक अहम फैसला सुनाया है। रेरा ने आशीर्वाद अपार्टमेंट परियोजना (कोहका, जिला दुर्ग) से जुड़े एक मामले में प्रमोटर को निर्देश दिया है कि वह आवंटी को 28.71 लाख रुपये की राशि ब्याज सहित तत्काल लौटाए।यह मामला उस समय प्रकाश में आया जब यह पाया गया कि आवंटी और प्रमोटर के बीच अनुबंध होने के दो साल बाद भी फ्लैट का पजेशन नहीं दिया गया। निर्माण कार्य लंबे समय तक अधूरा रहा, जिससे आवंटी को मानसिक, सामाजिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा।रेरा के आदेशानुसार, प्रमोटर द्वारा मूलधन 23 लाख 71 हजार रुपये और उस पर 5 लाख रुपये ब्याज सहित कुल 28 लाख 71 हजार रुपये की राशि लौटाई जाएगी। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि प्रमोटर की लापरवाही ने उपभोक्ता का विश्वास तोड़ा है और साथ ही रेरा कानून का उल्लंघन किया है ।रेरा रजिस्ट्रार ने इस संदर्भ में कहा कि रेरा का उद्देश्य है कि प्रत्येक होमबायर को समय पर उसका अधिकार मिले। यह आदेश उसी दिशा में एक मजबूत संदेश है कि कोई भी प्रमोटर उपभोक्ता के साथ धोखाधड़ी या देरी नहीं कर सकता। रेरा के इस निर्णय से न केवल पीड़ित उपभोक्ता को राहत मिली है, बल्कि यह अन्य खरीदारों के लिए भी एक सकारात्मक संदेश बनेगा। रेरा ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे सजग रहें और समय पर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए इस मंच पर शिकायत दर्ज करें।
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राजनांदगांव । कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे के मार्गदर्शन में प्रत्येक शनिवार स्वच्छता त्यौहार अभियान के अंतर्गत जिले के सभी ग्रामों में व्यापक स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाया गया। सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह के निर्देश पर विश्व पर्यावरण दिवस की थीम को समर्पित करते हुए शरिवार को स्वच्छता त्यौहार का आयोजन किया गया। स्वच्छता त्यौहार के अंतर्गत गांवों में नालियों की सफाई, तालाबों एवं सरोवरों की सफाई तथा सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई की गई। ग्रामीणों को पर्यावरण की सुरक्षा और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया।
स्वच्छता त्यौहार कार्यक्रम के अंतर्गत घर-घर जाकर कचरा संग्रहण की प्रक्रिया को सुदृढ़ किया गया और लोगों को नियमित रूप से यूजर चार्ज जमा करने के लिए जागरूक किया गया, ताकि यह प्रणाली आत्मनिर्भर और सतत बनी रहे। इस दौरान स्वच्छता मित्रों एवं स्वच्छग्राहियों का सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया। उन्हें प्रतीक चिन्ह एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। स्वच्छता त्यौहार में पंच-सरपंच, स्व-सहायता समूह की महिलाएं, ग्रामवासियों तथा जनप्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर इस अभियान को जनांदोलन का रूप दे दिया। स्वच्छता रैलियों, जन संवाद और दीवार लेखन के माध्यम से स्वच्छता के संदेश को घर-घर तक पहुँचाया गया। स्वच्छता के प्रति सकारात्मक सोच को बल दिया गया। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और सामुदायिक सहभागिता जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं के संबंध में जानकारी दी। -
राजनांदगांव । जिले के किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने एवं खेती को लाभप्रद बनाने के उद्देश्य से 29 मई से 12 जून 2025 तक विकसित कृषि संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने जिले के किसानों से विकसित कृषि संकल्प अभियान में सक्रिय सहभागिता कर उन्नत खेती अपनाने और शासन की योजनाओं का लाभ लेते हुए अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने की अपील की है। विकसित कृषि संकल्प अभियान अंतर्गत कृषि एवं संबंधित समवर्गी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जिले के गांव-गांव तक पहुंच रही है, जहां वैज्ञानिकों एवं कृषि के जानकारों के तीन दल अलग-अलग विकासखंडों में किसानों के उन्नयन हेतु उन्नत कृषि तकनीक, आधुनिक कृषि उपकरणों, केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न लाभकारी योजनाओं की जानकारी दे रहे है। साथ ही अभियान के दौरान खरीफ मौसम की प्रमुख फसलों की उन्नत एवं वैज्ञानिक तकनीक, प्राकृतिक खेती के विभिन्न घटकों का जीवंत प्रदर्शन, बीज उपचार, धान की सीधी बुआई विधि, पशुपालन एवं उन्नत पशु नस्ल की जानकारी, कृषि ड्रोन तकनीक, मत्स्य पालन, मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार फसल में संतुलित पोषक तत्वों का उपयोग एवं नवाचारों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। जिले के किसान अभियान का लाभ पूर्ण सहभागिता के साथ ले रहे हैं। अभियान प्रारम्भ होने के पूर्व जिले के सभी ग्राम पंचायतों मे इस कार्यक्रम का प्रचार-प्रसार किया गया था एवं मुनादी के माध्यम से अधिक से अधिक किसान विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत आयोजित शिविर में पहुंच रहे है।
जिले में विकसित कृषि संकल्प अभियान के सफल संचालन वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों के दल के साथ एक कृषि रथ एवं पशुधन विकास रथ भी गांव-गांव में चलाए जा रहे है। जिनमें नवाचारी तकनीकी जानकारी वीडियो के माध्ये से भी दी जा रही है। दल प्रति दिन 6 ग्राम पंचायतों में आयोजित शिविरों में किसानों के साथ सीधा संवाद कर रहे है। 12 जून तक जिले के कुल 156 ग्राम पंचायतों में यह अभियान निरंतर चलाया जाएगा। प्रत्येक दल में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक, कृषि विभाग, बैंक, उद्यानिकी महाविद्यालय के प्राध्यापक, मत्स्य पालन, उद्यानिकी एवं पशुपालन विभाग के अधिकारियों के साथ- साथ जनप्रतिनिधि, प्रगतिशील कृषक, एफपीओ कार्यकर्ता, कृषि सखियों का समूह एवं गणमान्य नागरिक भी उपस्थित हो रहे है। अभियान के प्रभावी निगरानी हेतु उप संचालक कृषि कार्यालय में नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। जिसके माध्यम से अभियान की जानकारी केंद्र एवं राज्य शासन को प्रेषित की जाती है। -
- सोलर प्लांट लगाने के लिए 30 हजार से 78 हजार रूपए तक का अनुदान
- योजना से लाभान्वित होने ऑनलाईन कर सकते हैं आवेदन
राजनांदगांव । प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से अपने घर के छत पर ही 300 यूनिट प्रतिमाह मुफ्त बिजली उत्पादन किया जा सकता हैं। इसके लिए उपभोक्ताओं को सस्ते ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध किया जा रहा है। इसके साथ ही अधिकतम 78 हजार रूपए का अनुदान भी किया जाता है। हमारे सौर मंडल में ऊर्जा का सबसे बड़ा स्त्रोत सूर्य है। सौर ऊर्जा को ग्रीन एनर्जी भी कहते हैं, क्योंकि इससे बिजली उत्पादन में प्रदूषण नहीं होता। यदि लोगों के घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाकर सौर ऊर्जा का उत्पादन किया जाए तो यह बिजली आम जनता को नि:शुल्क मिलेगी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना शुरू की है। जिसके तहत मार्च 2027 तक देश के एक करोड़ घरों में रूफ टॉप सोलर प्लांट लगवाने का संकल्प लिया गया है। इस संकल्प को पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ में 5 लाख रूफ टॉप सोलर प्लांट लगाने का लक्ष्य रखा है। एक से तीन किलोवॉट तक का सोलर प्लांट लगाने के लिए 30 हजार से 78 हजार रूपए तक का अनुदान दे रही है। तकनीकी रूप से तीन किलोवॉट के सोलर प्लांट में हर माह औसतन 300 यूनिट बिजली का उत्पादन होगा। छत पर उत्पादित पूरी बिजली, यदि आपके घर में उसी माह उपयोग नहीं होती तो वह सीएसपीडीसीएल के ग्रिड में संरक्षित कर आगामी माह के उपयोग हेतु उपलब्ध रहेगी। जिसका फायदा लाभार्थी घरेलू उपभोक्ता को निरंतर प्राप्त होता रहेगा। उपभोक्ता पीएम सूर्यघर योजना के पोर्टल या मोबाइल ऐप में जाकर पंजीयन कराएं और इस योजना के सभी लाभ ले सकते हैं। यह योजना बिजली बिल हाफ नहीं बल्कि बिजली बिल समाप्त कर देगी। यानी आपको 3 किलोवॉट के सोलर प्लांट पर 300 यूनिट बिजली हर माह मुफ्त मिलेगी। आप खुद बिजली के उत्पादक भी हैं और उपभोक्ता भी।
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना अंतर्गत लाभार्थियों को 78 हजार रूपए तक अनुदान सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाएगा। इस योजना से बिजली बिल कम और नवीन रोजगार सृजन होगा तथा अक्षय ऊर्जा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। योजनांतर्गत औसत मासिक विद्युत खपत 0-105 यूनिट के लिए 1-2 किलो वॉट के रूफटॉप सोलर प्लांट क्षमता हेतु 30 हजार रूपए से 60 हजार रूपए तक का अनुदान दिया जाएगा। औसत मासिक विद्युत खपत 150-300 यूनिट के लिए 2-3 किलो वॉट के रूफटॉप सोलर प्लांट क्षमता हेतु 60 हजार रूपए से 78 हजार रूपए तक का अनुदान। औसत मासिक विद्युत खपत 300 से अधिक यूनिट के लिए 3 किलो वॉट से अधिक रूफटॉप सोलर प्लांट क्षमता हेतु 78 हजार रूपए तक का अनुदान। ग्रुप हाऊसिंग सोयायटी एवं निवासी कल्याण संघ के लिए 18 हजार रूपए प्रति किलोवाट अनुदान का प्रावधान है।
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से लाभान्वित होने आवेदन करने की प्रक्रिया -
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया 5 स्टेप में की जा सकती है। पहले स्टेप में सबसे पहले पोर्टल 222.श्चद्वह्यह्वह्म्4ड्डद्दद्धड्डह्म्.द्दश1.द्बठ्ठ पर रजिस्टर व पंजीयन कराना होगा। अपने राज्य का चुनाव कर इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी, इलेक्ट्रिसिटी कन्ज्यूमर नंबर का चुनाव करना होगा। अपना मोबाईल नंबर और मेल आईडी प्रविष्ट करना होगा। स्टेप-2 में कन्ज्यूमर नंबर और मोबाईल नंबर से लाग-इन कर रूफटॉप सोलर के लिए आवेदन कर सकते हैं। स्टेप-3 में अब अपू्रवल के लिए इंतजार करना होगा एवं विद्युत विभाग में पंजीकृत वेंडर से ही सौर संयंत्र लगवायें। स्टेप-4 में एक बार इंस्टालेशन पूरा हो जाने पर प्लांट का विवरण जमा करना होगा और नेट मीटर के लिए ओवदन करना होगा। स्टेप 5 में नेट मीटर की स्थापना और डिस्कॉम द्वारा निरीक्षण के बाद पोर्टल से प्रमाण पत्र प्रदान किया जायेगा। स्टेप-6 में कमिशनिंग रिपोर्ट प्राप्त कर, अपना बैंक खाता विवरण तथा निरस्त चेक पोर्टल के माध्यम से जमा करना होगा। इसके बाद तीन दिनों के भीतर आपको सब्सिडी प्राप्त हो जायेगी। -
- शिविर में कृषि समसामयिक विषय पर किसानों को किया गया जागरूक
राजनांदगांव । भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की सहभागिता से विकसित कृषि संकल्प अभियान खरीफ पूर्व राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे के मार्गदर्शन में आज विकसित कृषि संकल्प अभियान अंतर्गत जिले के विभिन्न स्थानों में किसानों को जागरूक करने के लिए शिविर का आयोजन किया गया। राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम गठुला एवं भेड़ीकला में शिविर का आयोजन किया गया। इसी तरह छुरिया विकासखंड के ग्राम जोब, पंडरापानी तथा डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम खैरा एवं सहसपुर में विकसित कृषि संकल्प अभियान अंतर्गत शिविर का आयोजन किया गया। विकसित कृषि संकल्प अभियान शिविर में किसानों को बीज उपचार, जैविक उत्पाद निर्माण की जानकारी दी गई। इसके साथ ही मृदा स्वास्थ्य कार्ड एवं विभिन्न प्रकार के प्रचार-प्रसार सामग्री का वितरण किया गया। शिविर में कृषि जागरूकता के संबंध में प्रचार-प्रसार सामग्री का वितरण करते हुए कृषि की समसामयिक विषय पर चर्चा कर किसानों की समस्याओं का निराकरण किया गया। किसानों को 17 प्रतिशत नमक घोल से धान बीज उपचार जैविक उत्पाद निर्माण एवं कृषि तकनीक की जानकारी दी गई। रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर अन्य जैविक उर्वरकों तथा सूक्ष्म तत्वों के उपयोग को बढ़ावा देने के संबंध में किसानों को जागरूक किया गया। जैविक खाद से मृदा उर्वरता बढ़ती और बनी रहती है। इससे किसानों की आर्थिक एवं सामाजिक दशा में सुधार आता है। फसलों की उत्पादकता बढ़ती है। पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाया जा सकता है। शिविर में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती हीरम बाई मंडावी, जनपद सदस्य श्रीमती सुनीता दुग्गा, श्रीमती राधिका सहित कृषि विभाग, केवीके, उद्यानिकी विभाग, पशुधन विभाग एवं मत्स्य पालन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, सरपंच, सचिव एवं बड़ी संख्या में किसान तथा ग्रामीणजन उपस्थित थे। - -खाद्य एवं औषधि प्रशासन की कार्रवाई, 249 दुकानदारों पर कोटपा एक्ट के तहत जुर्माना-अमानक औषधियां बेचने या वितरित करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी: स्वास्थ्य मंत्रीरायपुर। छत्तीसगढ़ में आमजन को गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे निरीक्षण अभियान के तहत राज्य के विभिन्न जिलों से एकत्र किए गए औषधि नमूनों की जांच में पांच दवाएं अमानक पायी गई हैं।विभागीय जानकारी के अनुसार, रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, सक्ति, राजनांदगांव, कोंडागांव, सूरजपुर सहित अन्य जिलों से कुल 34 औषधि नमूनों को एकत्र कर रायपुर स्थित राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया था। मई 2025 में जांच उपरांत इनमें से 03 दवाएं गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरीं।अमानक घोषित दवाएं:विल्डमेड टैबलेट (बैच नं. VGT 242068A) – निर्माता: वृंदावन ग्लोबल, सोलन (हि.प्र.)रिफलीवे एम टैबलेट (बैच नं. HG 24080598) – निर्माता: आई हील फार्मास्युटिकल्स, बद्दी (हि.प्र.)डोंलोकैर डी एस सस्पेंशन (बैच नं. DCN-002) – निर्माता: क्विक्सोटिक फार्मा, मोहाली (पंजाब)इन दवाओं का उपयोग मधुमेह, बुखार व संक्रमण जैसे रोगों के उपचार में किया जाता है। विभाग द्वारा संबंधित उत्पादकों एवं वितरकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा, "जनस्वास्थ्य के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अमानक औषधियां बेचने या वितरित करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हमारी सरकार राज्य में उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने हेतु प्रतिबद्ध है। सभी औषधि विक्रेताओं को निर्देशित किया गया है कि वे केवल मान्यता प्राप्त व प्रमाणित दवाएं ही विक्रय करें।"नशीली दवाओं के विरुद्ध सख्ती:राज्यभर में नशीली दवाओं के दुरुपयोग की रोकथाम के लिए औषधि निरीक्षकों की टीमों द्वारा मेडिकल स्टोर्स पर लगातार छापेमारी की जा रही है। शासन के निर्देश पर सभी मेडिकल प्रतिष्ठानों को सीसीटीवी कैमरे से युक्त किए जाने की दिशा में भी तेजी से कार्य जारी है।तंबाकू निषेध दिवस पर विशेष अभियान:विश्व तंबाकू निषेध दिवस (31 मई) के अवसर पर राज्य में विशेष अभियान चलाया गया। औषधि निरीक्षकों द्वारा कोटपा अधिनियम, 2003 की धारा 4 व 6 के तहत शिक्षण संस्थानों के समीप पान दुकानों और सार्वजनिक स्थलों पर 249 चालान जारी किए गए। प्रत्येक पर ₹100 की दर से जुर्माना लगाया गया।खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे दवाओं की खरीद करते समय गुणवत्ता और वैधता की जांच अवश्य करें तथा संदिग्ध औषधियों की सूचना विभाग को दें।
- रायपुर ।राज्यपाल श्री रमेन डेका ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में जान गंवाने वाले रायपुर निवासी स्वर्गीय श्री दिनेश अग्रवाल के परिजनों को आज यहां राजभवन में 2 लाख रूपए की सहायता राशि संबंधी चेक प्रदान किया। इस अवसर पर विधायक श्री सुनील सोनी एवं श्री पुरंदर मिश्रा उपस्थित थे।
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रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहां राजभवन में छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्प कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन ने सौजन्य भेंट की।
- रायपुर । राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहां राजभवन में अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ के जिला अध्यक्ष श्री सतीश कन्हैया लाल छुगानी ने सौजन्य भेंट की।
- -वन अल्फाबेट फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने की सौजन्य भेंटरायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहां राजभवन में वन अल्फाबेट फाउंडेशन (आईएटीएसएटी) के संस्थापक श्री रविंद्र दत्त, श्री अभिषेक वर्मा और सुश्री दीक्षा सेट्टी ने सौजन्य भेंट की। उन्होंने आगामी 26 से 28 जुलाई तक इंडोर स्टेडियम रायपुर में आयोजित होने वाले टेक्सटाइल एक्सपो फेयर में बतौर मुख्य अतिथि श्री डेका को आमंत्रित किया। उन्होंने श्री डेका को बताया कि इस एक्सपो में देश भर के लगभग 100 वस्त्र निर्माता कंपनियों के साथ-साथ विदेशी कंपनियां भी भाग लेंगी। श्री डेका ने इस प्रयास की सराहना की और कहा कि इससे लोकल फॉर वोकल को बढ़ावा मिलेगा। श्री डेका ने इसके लिए राज्य की ओर से हर संभव सहायता की बात भी कही।
- रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहां राजभवन में छत्तीसगढ़ राज्य बेवरेज कॉर्पोरेशन रायपुर के अध्यक्ष श्री श्रीनिवास राव मद्दी ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर श्री मद्दी गिरधर राव, श्री अनमोल मद्दी भी उपस्थित थे।
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टी सहदेव
भिलाई नगर। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने रविवार को अपने आवास में दृष्टिबाधित दिव्यांग बच्चों पर केंद्रित ब्रेललिपि पुस्तक 'आपदा से सबक' का विमोचन किया। राज्य के तीन शिक्षकों राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त के शारदा, धर्मानंद गोजे तथा प्रीति शांडिल्य ने यह पुस्तक लिखी, जो प्राकृतिक आपदाओं जैसे भूकंप, बाढ़, आग, चक्रवात के दौरान सुरक्षा उपायों, प्राथमिक चिकित्सा, आपदा प्रभावितों के पुनर्वास जैसे विषयों पर केंद्रित है। साथ ही पुस्तक में कोविड-19 जैसी जैविक आपदाओं से सुरक्षा के उपाय भी सम्मिलित किए गए हैं। पुस्तक का विमोचन शिक्षकों और विद्यार्थियों की मौजूदगी में किया गया।इस मौके पर उप मुख्यमंत्री साव ने पुस्तक को जीवन रक्षक मार्गदर्शिका करार देते हुए कहा कि यह दृष्टिबाधित बच्चों के लिए महज पठन सामग्री नहीं, बल्कि जीवन रक्षक उपकरण है। आपदा की घड़ी में यह उन्हें आत्मरक्षा, सूझबूझ और सुरक्षित रहने की दिशा में प्रशिक्षित करेगी। उन्होंने पुस्तक के रचयिता शिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि उनका प्रयास निश्चित रूप से मील का पत्थर सिद्ध होगा। संपादक मंडल की यह पहल न केवल दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण की दिशा में कदम है, वरन समावेशी शिक्षा के लिए सार्थक प्रयास भी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार भविष्य में इस तरह के प्रयासों को सहयोग और प्रोत्साहन प्रदान करेगी।संपादक मंडल ने रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर, कांकेर, कबीरधाम, जशपुर, आमाखेड़ा, मनेंद्रगढ़, राजनांदगांव, कुनकुरी, पामगढ़, कोरबा, भिलाई के कैंप 01, हीरापुर, रायगढ़, धमतरी, बैहामुंडा, बागबहरा के 20 दृष्टिबाधित विद्यालयों में पुस्तक की सौ प्रतियों के निःशुल्क वितरण का भी फैसला किया है। संपादक मंडल ने भविष्य की योजनाओं पर रोशनी डालते हुए बताया कि आने वाले वर्षों में सड़क सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, आत्मरक्षा एवं कानून, वित्तीय साक्षरता पर आधारित ब्रेललिपि पुस्तकें प्रकाशित की जाएंगी। इस अवसर पर पुस्तक की संपादक के शारदा, सह संपादक धर्मानंद गोजे तथा प्रभारी प्रीति शांडिल्य ने भी अपने विचार रखे - -*बेलतरा में आयोजित समाधान शिविर में ग्रामीणों की समस्या का हुआ त्वरित निराकरण*बिलासपुर / सुशासन तिहार के तहत बेलतरा में आयोजित समाधान शिविर में हितग्राहियों को त्वरित सहायता प्राप्त हुई। शिविर में हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिला। शिविर में तुरंत प्राथमिक राशनकार्ड बनने पर हितग्राहियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताया।छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सुशासन तिहार के तहत प्रदेश भर में चलाए गए रहे समाधान शिविरों का समापन हो गया है समाधान शिविर के अंतिम दिन बेलतरा में आयोजित शिविर में क्षेत्रीय विधायक श्री सुशांत शुक्ला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखी,जिस पर त्वरित रूप से संज्ञान लेते हुए समाधान किया गया।समाधान शिविर में विभिन्न विभागों की मौजूदगी में अनेक जनसमस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया,और हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के तहत सामग्री वितरण किया गया। विशेष रूप से राशनकार्ड के लिए आवेदन करने वाली महिलाओं को त्वरित राहत मिली।समाधान शिविर में ग्रामीण महिलाओं श्रीमती मनीषा सूर्यवंशी, अंजली सूर्यवंशी और आरती साहू को प्राथमिक राशनकार्ड तुरंत प्रदान किए गए। इससे इन परिवारों को अब नियमित रूप से सरकारी राशन की सुविधा मिल सकेगी।हितग्राही श्रीमती मनीषा सूर्यवंशी ने कहा,"हम कई महीनों से राशनकार्ड के लिए चक्कर लगा रहे थे। समाधान शिविर सेमें आकर जब तुरंत कार्ड बना तो बहुत खुशी हुई। अब हमें समय पर अनाज मिलेगा। मुख्यमंत्री जी और प्रशासन का बहुत धन्यवाद।" बेलतरा की श्रीमती अंजलि सूर्यवंशी ने कहा,"हम गरीब लोग हैं, राशनकार्ड न होने से बहुत परेशानी थी। आज पहली बार किसी शिविर में इतनी जल्दी काम होते देखा। सरकार की ये योजना हम जैसे लोगों के लिए बहुत सहारा है।" ग्राम लिमहा की श्रीमती आरती साहू ने बताया कि उन्होंने "पिछले दो साल से प्राथमिक राशनकार्ड के लिए आवेदन दिया था, लेकिन कार्ड नहीं बन पाया था। सुशासन तिहार में आवेदन करने पर आज समाधान शिविर में तुरंत ही राशनकार्ड हमें मिल गया।हितग्राहियों और ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि समाधान शिविर उनके जीवन में नई उम्मीद लेकर आया ,शिविर में न केवल उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया गया, बल्कि उन्हें शासन कई कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी मिला है।
- - *झलमला दुग्ध उत्पादन सहकारी समिति का शुभारंभ*-*पहले ही दिन 196 लीटर दूध का संग्रहण, किसानों को होगा फायदा*बिलासपुर /मस्तूरी विकास खण्ड के सीपत में आज विश्व दुग्ध दिवस समारोह पूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन पशुधन विकास विभाग और छत्तीसगढ़ राज्य दुग्ध सहकारी महासंघ मर्यादित देवभोग द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।किसानों और पशुपालकों को अधिक दूध उत्पादन के तौर तरीकों की जानकारी दी गई। झलमला दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति का शुभारंभ भी किया गया l पहले ही दिन 196 लीटर दूध 11 किसानों से संग्रहित किया गया। इस अवसर पर पशुधन विकास विभाग से संयुक्त संचालक डॉ जी एस एस तंवर, अतिरिक्त उप संचालक डॉ टी डी सरजाल, वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ यशवंत डहरिया, सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी श्रीमती झूमारानी वैष्णव, तथा छत्तीसगढ़ राज्य दुग्ध सहकारी संघ मर्यादित कोनी देवभोग से रामेश्वर ठाकुर उपस्थित थे l झलमला दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर साहू, उपाध्यक्ष राजाराम साहू, सचिव श्रीमती वसुंधरा साहू और मीडिया प्रभारी एवं पंच प्रदीप पांडे, दुग्ध उत्पादक पशुपालक, ग्रामवासी एवं विभागीय अधिकारी कर्मचारी भी मौजूद थे।कार्यक्रम के प्रारंभ में दुग्ध महासंघ से आए रामेश्वर ठाकुर के द्वारा विश्व दुग्ध दिवस के आयोजन एवं दुग्ध की उपयोगिता के संबंध में पशुपालकों एवं उपस्थित नागरिकों को जानकारी दी गई l डॉ यशवंत डहरिया विकास खंड प्रभारी के द्वारा उन्नत पशुपालन के बारे में जानकारी दी गई l डॉ टी डी सरजाल अतिरिक्त संचालक के द्वारा विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं एन एल एम योजना अंतर्गत पशुधन बीमा की जानकारी प्रदान की गई l संयुक्त संचालक डॉ. तवर के द्वारा उपस्थित पशुपालकों एवं ग्राम वासियों को विभाग की विभिन्न गतिविधियों से अवगत कराते हुए अधिक से अधिक योजनाओं का लाभ लेने के लिए आग्रह किया गया l कार्यक्रम के दौरान झलमला दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति के 11 सदस्यों के द्वारा 196 लीटर दूध प्रदाय किया गया जिसका सैंपल लेकर दुग्ध संकलन पश्चात दुग्ध शीत केंद्र कोनी हेतु रवाना किया गया l। कार्यक्रम को सफल बनाने में राजाराम साहू उपाध्यक्ष का अत्यधिक सहयोग रहा एवं कार्यक्रम के अंत में उनके द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गयाl
- महासमुंद / पशुधन विकास विभाग एवं छत्तीसगढ़ राज्य दुग्ध सहकारी महासंघ मर्यादित देवभोग के द्वारा आज विश्व दुग्ध संघ के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन संयुक्त रूप से किया गयाl कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ पूजा अर्चना कर किया गयाइस अवसर पर पशुधन विकास विभाग से उपसंचालक डॉ अंजना नायडू के मार्गदर्शन में वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ आर जी यादव, डॉ जगमोहन चंद्राकर, डॉ श्रीमती अंजू शर्मा, डॉ प्रमोद कोसरिया तथा छिलपावन दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति के अध्यक्ष श्री पुरुषोत्तम पटेल सचिव श्री भागवत पटेल सरपंच श्री राधेश्याम पटेल दुग्ध उत्पादक पशुपालक, ग्रामवासी एवं विभागीय अधिकारी कर्मचारी भी उपस्थित रहेlकार्यक्रम के प्रारंभ में डॉ. आर जी यादव के द्वारा विश्व दुग्ध दिवस के आयोजन एवं दुग्ध की उपयोगिता के संबंध में पशुपालकों एवं उपस्थित नागरिकों को जानकारी दी गई l डॉ जगमोहन चंद्राकर के द्वारा उन्नत पशुपालन, हरे चारे के महत्व के बारे में जानकारी दी गईl डॉ प्रमोद कोसरिया के द्वारा ऑन स्पॉट थनैला बीमारी के पहचान हेतु सी एम टी टेस्ट किया गया, समिति द्वारा लैक्टोमीटर से फैट प्रतिशत निकाले जाने की विधि का प्रदर्शन किया गया, शासकीय योजनाओं एवं एन एल एम योजना अंतर्गत पशुधन बीमा की जानकारी प्रदान की गईl कार्यक्रम के अंत में श्री भागवत पटेल समिति सचिव के द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गयाl
- =काउंसलिंग के पहले दिन 256 अतिशेष शिक्षकों की हुई काउंसलिंग=काउंसलिंग के पश्चात कलेक्टर ने दिया तत्काल पदस्थापना आदेशमहासमुंद / महासमुंद जिले में शासन के निर्देशानुसार विद्यालयों का युक्तियुक्तकरण के तहत समायोजन किया जा रहा है। आज काउंसलिंग के पहले दिन कलेक्टर से विनय लंगेह की मौजूदगी में पूर्णतः पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से काउंसलिंग की प्रक्रिया संपन्न हुआ ।आज कुल 256 शिक्षकों का काउंसलिंग होना था जिसमें से 241 शिक्षकों की काउंसलिंग की गई तथा उन्हें तत्काल पदस्थापना आर्डर जारी कर दिया गया । कलेक्टर ने पहला आदेश की कापी व्याख्याता निधि तिवारी को स्वयं प्रदान किया।अनुपस्थित शिक्षकों को जिला स्तरीय समिति के सर्वानुमति से पदस्थापना आदेश जारी किया जाएगा।कलेक्टर श्री विनय लंगेह काउंसलिंग के दौरान स्वयं मौजूद रहे। साथ ही जिला पंचायत सीईओ एस आलोक,अपर कलेक्टर श्री रवि कुमार साहू, जिला शिक्षा अधिकारी श्री विजय लहरे सहित जिला स्तरीय समिति के सभी सदस्य मौजूद थे ।पूर्णतः पारदर्शी तरीके से हुई काउंसलिंगकाउंसलिंग प्रक्रिया के दौरान अतिशेष शिक्षकों को सबसे पहले कंप्यूटरिकृत प्रोजेक्टर के माध्यम से रिक्त स्थानों की सूची प्रदर्शित की गई , जिसमें उन्हें यह पूर्ण अवसर दिया गया कि वे अपने इच्छा अनुसार स्कूल का चयन कर ले । सहमति पत्र जमा करने के पश्चात उन्हें तत्काल पद स्थापना आदेश भी जारी किया गया ।इस अवसर पर कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने कहा कि शासन के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए पूर्णतः पारदर्शी तरीके से और शिक्षकों को संतुष्ट करते हुए काउंसलिंग की प्रक्रिया की गई ।किसी भी प्रकार की यदि शिक्षकों की शिकायत प्राप्त होती है तो उसे सुलझा लिया जाएगा।आज हुए काउंसलिंग में कुल 110 अतिशेष शिक्षक हाई स्कूल/ हायर सेकेण्डरी शाला अंतर्गत हुआ जिसमें 102 उपस्थित रहे, वही अनुपस्थित 08 रहे। जबकि उच्च प्राथमिक शाला अतिशेष शिक्षक कुल 146 जिसमें उपस्थित 139 एवं अनुपस्थित 07 रहे।उल्लेखनीय है कि युक्तियुक्तकृत एवं अन्य विद्यालयों में दर्ज संख्या के अनुपात में बसना विकासखण्ड में कुल अतिशेष शिक्षक 126, सरायपाली में 152, पिथौरा 139, महासमुंद में 211, बागबाहरा में 75 इस तरह कुल 703 शिक्षकों का नियमानुसार कांउसलिंग के माध्यम से रिक्त पदों पर समायोजन किया जायेगा। जिसमें प्राथमिक शाला अंतर्गत प्रधान पाठक के कुल 12 एवं सहायक शिक्षक के 433 अतिशेष पद हैं। इसी तरह उच्च प्राथमिक शाला अंतर्गत शिक्षकों के कुल 146, हाई स्कूल हायर सेकेण्ड्री अंतर्गत व्याख्याताओं के 101, व्यायाम शिक्षक के एक एवं सहायक शिक्षक विज्ञान के 10 अतिशेष पद है।जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि प्रधान पाठक प्राथमिक शाल/सहायक शिक्षकों का 02 जून को जिला पंचायत सभाकक्ष में उपलब्ध रिक्त पद पर कांउसलिंग जारी रहेगा।उक्त काउंसलिंग में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। काउंसलिंग दिनांक को अनुपस्थित पाए जाने पर पृथक से अवसर प्रदान नहीं किया जाएगा एवं रिक्त पद पद जिला स्तरीय समिति द्वारा पदस्थापना की जाएगी जा मान्य होगा।
- बिलासपुर /कलेक्टर बिलासपुर द्वारा गठित कमिटी की अनुशंसा के आधार पर खनिजों के नये बाजार मूल्यों का निर्धारण किया गया है l नई दरें 1 जून 2025 से प्रभावशील हो गई हैं। अब रॉयल्टी अथवा जब्त खनिजों का जुर्माना नई दरों के आधार पर लगाया जाएगा।गौरतलब है की जिला बिलासपुर में वर्ष 2019 के पश्चात् खनिजों की नई दरों का निर्धारण नहीं हुआ था l समान्यतः जब खनिजो की रॉयल्टी या अन्य करों में राज्य शासन कोई वृद्धि किया जाता है,तो उसी अनुपात में सभी दरों में बढ़ोतरी होती है और उक्त आधार पर ही बाजार मूल्यों का निर्धारण किया जाता है l वर्ष 2018 के पश्चात् रॉयल्टी अथवा किसी भी करो में बढ़ोतरी नहीं हुई है । किन्तु खनिजों के खनन में उपयोग किये वाले मशीनों, डीजल की दरों, बिजली की दरों, भूमि के किराये की दरों, मजदूरी की दरों इत्यादि में व्यापक वृद्धि होने के कारण बाजार में खनिज शासकीय दरों के मुकाबले कहीं अधिक दरों में बेचा जा रहा है l शासकीय बाजार मूल्य कम होने के कारण अवैध खनिजो के परिवहन, उत्तखनन और भंडारण में जप्त खनिजो पर जुर्माना भी कम लग रहा था lकलेक्टर द्वारा गठित कमिटी द्वारा खनिजों के बाजार मूल्य वृद्धि के सभी कारणों पर विचार- विमर्श कर तथा बाजार में वर्तमान में चल रही दरों के आधार पर खनिजों के लिए नया बाजार मूल्य निर्धारित किया है। कलेक्टर द्वारा सभी निर्माण विभागों को भी नये दरों पर राशि काटने हेतु पत्र जारी कर निर्देशित किया गया है l निर्माण विभागों में नई दर 1 जून 2025 से जारी होने वाले टेंडर में लागू होगा l 1 जून 2025 से दर्ज होने वाले सभी अवैध खनिज उत्तखनन, परिवहन एवं भंडारण में जब्त खनिज मात्रा पर ये दर लागू होगा l खनिज चूना पत्थर 251 रु प्रति टन से बढ़ा कर 416 रु प्रति टन, डोलोमाईट 265 प्रति टन से बढाकर 430 रु प्रति टन, साधारण पत्थर 401 रु प्रति घन मीटर से बढ़ाकर 671 रु प्रति घन मीटर, रेत और मिट्टी, मूरम 184 रु प्रति घनमीटर से बढ़ा कर 360 रु प्रति घन मीटर किया गया है।
- - महापौर मीनल चौबे ने किया पुरस्कार वितरण-आशीष शर्मा स्मृति राज्य स्तरीय ओपन शतरंज प्रतियोगिता का हुआ समापनरायपुर। विप्र महाविद्यालय में आयोजित आशीष शर्मा स्मृति राज्य स्तरीय शतरंज प्रतियोगिता का आज समापन हो गया।सचिव रायपुर जिला शतरंज संघ के सचिव नवीन शुक्ला ने बताया कि इस स्पर्धा के ओपन वर्ग में 7 अंकों के साथ भिलाई के यशद बाम्बेश्वर चैंपियन बने । उन्होंने टॉप टेबल पर राजनांदगाँव के रजनीकांत बक्शी के साथ बाजी खेली और कड़े संघर्ष में शिकस्त देकर विजेता बने। उन्हें 21 हजार रु नगद और मोमेंटो प्रदान किया गया।द्वितीय स्थान पर बिलासपुर के संजय भारद्वाज रहे उन्हें 15 हजार रु नगद एवम मोमेंटो प्रदान किया गया। तृतीय स्थान पर रजनीकांत बक्शी रहे जिन्हें 10 हजार रु नगद एवं मोमेंटो पुरस्कार के रूप में दिया गया।प्रतियोगिता आठ चक्रों में खेली गई और विजेता का निर्णय कुल अंक और बुकहोल्ज़ पॉइंट के आधार पर किया गया।""महिला वर्ग में कबीरधाम की स्वाति बंजारे विजेता बनी उन्हें 5100रु नगद एवम मोमेंटो प्रदान किया गया । दुर्ग की हिमानी देवांगन उपविजेता बनीं जिन्हें 3100 रु नगद और मोमेंटो प्रदान किया गया ।ं तीसरे स्थान पर दुर्ग की परिधि लिल्हारे रहीं, जिन्हें 2100 रु नगद एवम मोमेंटो प्रदान किया गया।""विभिन्न कैटेगरी मे स्वस्तिक शर्मा,धारा नागेश्वर, सर्वेश लिल्हारे,अनिका रेड्डी,भव्यम झंवर,शावी गौरी,शासिन्द्र सिंग,इशिका मदके बने चैंपियन।8 चक्रों में सम्पन्न हुई आशीष शर्मा स्मृति शतरंज स्पर्धा के सभी 155 प्रतिभागियों के परिणाम इस प्रकार रहे--अंडर 7 ओपन वर्ग में प्रथम स्वस्तिक शर्मा द्वितीय शास्वत श्रीवास् रहे।-अंडर 7 बालिका वर्ग में प्रथम धारा नागेश्वर रही।-अंडर 9 ओपन वर्ग में प्रथम सर्वेश लिल्हारे द्वितीय अथर्व शर्मा रहे।-अंडर 9 बालिका वर्ग में प्रथम अनिका रेड्डी व द्वितीय धानवी मिश्रा रही।-अंडर 11 ओपन वर्ग में प्रथम भव्यम झंवर ,द्वितीय अक्ष मिंज रहे।-अंडर 11 बालिका वर्ग में प्रथम स्थान शावी गौरी, द्वितीय स्थान अनिका पटेल ने प्राप्त किया।-अंडर 13 ओपन वर्ग में प्रथम शशिन्द्र सिंग ,द्वितीय अद्वित पाण्डे रहे।-अंडर 13 बालिका वर्ग में प्रथम स्थान इशिका मदके, द्वितीय आराध्या तिवारी ने प्राप्त किया।-इसके अतिरिक्त स्पर्धा में प्रथम 10 स्थान पर आने वाले प्रतिभागियों को मेडल और नगद इनाम से सम्मानित किया गया।समापन और पुरस्कार वितरण कार्यक्रम रायपुर महापौर मीनल चौबे के मुख्य आतिथ्य ,ऑल इंडिया चैस फेडरेशन के पूर्व जॉइंट सेक्रेटरी रंजन मोहंती की अध्यक्षता एवं ,छत्तीसगढ़ वॉच के प्रधान संपादक रामअवतार तिवारी ,विश्वविद्यालय शिक्षण विभाग के पूर्व अध्यक्ष अविनाश शुक्ला के विशेष आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। इस मौके पर मितान के अध्यक्ष आशुतोष शर्मा एवं ग्रीन आर्मी के अमिताभ दुबे विशेष रूप से उपस्थित रहे विशिष्ट अतिथियों ने विजेता प्रतिभागियों को कुल 70 हजार 300 रु की नगद ईनामी राशि एवं 16 कैटेगरी ट्रॉफी , 8 विशेष आशीष शर्मा स्मृति मोमेंटो तथा 73 उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विशेष ट्रॉफी एवं 150 मैडल से सम्मानित किया ।इस स्पर्धा मं भाग लेने वाले 155 खिलाडिय़ों में से 53 अंतरराष्ट्रीय वरीयता प्राप्त थे। इसमें 37 महिला प्रतिभागियों ने भी हिस्सा लिया। इसमें रायपुर के अलावा दुर्ग, राजनांदगांव, भिलाई, बस्तर, महासमुंद, रायगढ़,, सक्ती ,कोरबा, बिलासपुर, बस्तर ,सरगुजा, कबीरधाम, सहित प्रदेश के सुदूर इलाकों के खिलाडिय़ों ने हिस्सा लिया।इस टूर्नामेंट के मुख्य निर्णायक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी,प्रशिक्षक एवम फिडे आर्बिटर रोहित यादव ,डिप्टी चीफ ऑर्बिटर फिडे ऑर्बिटर पाटन के रॉकी देवांगन तथा सहायक निर्णायक मुंगेली के सीनियर नेशनल ऑर्बिटर ओमप्रकाश वन्दे,महासमुंद के चंदन साहू,रायपुर की हेमा नागेश्वर और अनूप झा थे। टूर्नामेंट डायरेक्टर नवीन शुक्ला एवं आनंद अवधिया थे।आज के कार्यक्रम में मितान एवं रायपुर जिला शतरंज संघ के अध्यक्ष आशुतोष शर्मा ,जिला शतरंज संघ के सचिव नवीन शुक्ला,शिवांश शुक्ला ,गौरव दीवान,संदीप दीवान समेत ग्रीन आर्मी मितान एवम शहर के खेल प्रेमी उपस्थित थे।
- बिलासपुर /एकीकृत बाल विकास परियोजना बिलासपुर शहरी अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्रों में सहायिका के पदों रिक्त पदों पर भरती हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस संबंध में वार्ड क्रमांक 40 के आंगनबाड़ी केंद्र 225 सोनकर मोहल्ला दयालबंद एवं वार्ड क्रमांक 69 के आंगनबाड़ी केंद्र 258 वायरलेस कॉलोनी तारबहार में आंगनबाड़ी सहायिकाओं की नियुक्त होनी है। इच्छुक आवेदिका 2 जून से 16 जून 2025 तक कार्यालयीन समय में एकीकृत बाल विकास परियोजना बिलासपुर शहरी में सीधे अथवा पंजीकृत डाक के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं।
- - जिला पंचायत बालोद के सभागार में 02 और 03 जून को की जाएगी काउंसलिंगबालोद। बालोद जिले के अंतर्गत युक्तियुक्तकरण के तहत चिन्हांकित अतिशेष सहायक शिक्षक, प्रधानपाठक प्राथमिक शाला, शिक्षक, उच्च वर्ग शिक्षक एवं प्रधानपाठक माध्यमिक शाला के अलावा व्याख्याता नियमित तथा एल.बी. ई एवं टी संवर्ग का काउंसलिंग जिला पंचायत के सभागार में 02 और 03 जून 2025 को किया जाएगा। प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी श्री डी.पी. कोसरे ने समस्त शिक्षकों को निर्देशित किया है कि वे निर्धारित समय व तिथि में जिला पंचायत के सभागार में उपस्थित होना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि बालोद जिला में युक्तियुक्तकरण के तहत 02 जून 2025 को प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक ई संवर्ग के समस्त व्याख्याताओं, दोपहर 12 बजे से 01 बजे तक टी संवर्ग के व्याख्याताओं, दोपहर 01.30 बजे से शाम 03 बजे तक माध्यमिक शालाओं के प्रधान पाठकों तथा ई संवर्ग के शिक्षकों तथा दोपहर 03 बजे शाम 04 बजे तक टी संवर्ग के शिक्षकों का काउंसलिंग किया जाएगा। इसी तरह 03 जून 2025 के प्राथमिक शालाओं के प्रधान पाठकों और सहायक शिक्षक ई संवर्ग का प्रातः 10 बजे से दोपहर 01.30 बजे तक तथा सहायक शिक्षक टी संवर्ग का दोपहर 02 बजे से काउंसलिंग किया जाएगा। श्री कोसरे ने बताया कि समस्त अतिशेष शिक्षकों को काउंसलिंग स्थल में अपना पहचान पत्र अनिवार्य रूप से लाना होगा।
- - ‘खुला मंच’ में महाराष्ट्र मंडल के सभासदों ने नए सिरे से जागरूकता अभियान चलाने पर दिया जोररायपुर। ‘हम दो हमारा एक’ वाली अवधारणा अब बीते दिनों की बात हो गई है। अब विशेषत: महानगरों में ‘हम दो हमारा क्यों? ’ वाली मानसिकता प्रबल होने लगी है। इससे समूचे समाज का अस्तित्व ही खतरे में पड़ने लगेगा। इस आशय के विचार सचिव चेतन गोविंद दंडवते ने महाराष्ट्र मंडल के कार्यक्रम ‘खुला मंच’ में व्यक्त किए।दंडवते ने कहा कि दो-तीन दशकों में युवाओं की मानसिकता 'हम दो हमारा एक' के परिणाम स्वरूप ज्यादातर परिवार के बच्चे के जीवन में भाई- बहन नहीं है। भविष्य् में अब उन्हें मौसा- मौसी, बुआ- फुफा, भाई- भाभी, चाचा- चाची, मामा- मामी रिश्तेे जीने को ही नहीं मिलेंगे। उन्होंने कहा कि हम ही अपने बच्चों को अपेक्षित संस्कार नहीं दे पा रहे हैं। अपनी परंपराओं से अवगत नहीं करवा पा रहे है। इससे भी बड़ा दुर्भाग्य पैसे कमाने और कैरियर गढ़ने की होड़ में बिना सोचे- समझे हम बच्चों को अपने से दूर महानगरों की अनजान भीड़ में झोंक रहे हैं। ऐसे में हम उनसे यह कैसे उम्मीद करें कि वो हमारी संस्कृति व परंपराओं को अपने जीवन में आत्मसात करेंगे और एक अच्छे परिवार के साथ सुखद भविष्य की ओर अग्रसर होंगे।दंडवते ने इस बात पर जोर दिया कि हमें आज के अभिभावकों के साथ युवाओं को भी जागरूक करने की जरूरत है। खासकर 16 से 24 साल तक के आयु वर्ग के युवाओं को कार्यशाला लेकर पारिवारिक और सामाजिक जिम्मेदारियों का अहसास कराने की जरूरत है। परिवार परामर्श समिति की प्रमुख शताब्दी पांडे ने दिखावे की शादी में होने वाले लाखों- करोड़ों रुपये के आडंबर से समाज को जागरूक करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हैसियत से आगे बढ़कर की गई शादियों में वधू का पिता ऋण लेकर अथवा घर- खेत खलिहान बेचकर केवल सामाजिक प्रतिष्ठा के लिए भव्य शादी करता है। इन सबसे बचने के लिए समाज को जागरूक करना और मितव्ययी शादी करने का वातावरण बनाना जरूरी है।बृहन्न महाराष्ट्र मंडल के छत्तीसगढ़ कार्यवाह सुबोध टोले ने कहा कि मराठी भाषी समाज के व्यवसायियों और उद्यमियों का एक ऑनलाइन ग्रुप बनना चाहिए। इससे हमें नया मार्केट तलाशने में सुविधा होगी। साथ ही नए कांटेक्ट भी मिलेंगे। टोले ने कहा कि अब वो पुरानी बात हो गई है कि मराठी व्यक्ति मराठी व्यापारी से खरीदारी नहीं करता या काम नहीं करवाता।स्वावलंबन समिति की प्रभारी शताब्दी पांडे ने कहा कि समाज के नए उद्यमी समाज के लिए अनुभवी उद्यमियों व व्यापारियों के अनुभवों का लाभ लेकर अपने नए कारोबार को स्थापित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि परिवार परामर्श समिति के सदस्य समाज के हर वर्ग को हर तरह का नि:शुल्क व नि:स्वार्थ परामर्श देने के लिए तैयार हैं। ऐसे में नई दंपती या युवा वर्ग एक ही बच्चे या नि:संतान रहकर जीवन गुजारने की सोचते हैं, तो उनकी परिवार परामर्श समिति के माध्य्म से काउंसिलिंग की जा सकती है। उन्हें, उनके अभिभावकों को इसके बारे में जागरूक किया जा सकता है और भविष्य में होने वाली दिक्कतों से भी अवगत कराया जा सकता है।खुला मंच में सिटकॉन के पूर्व राज्य प्रमुख व दिव्यांग बालिका विकास गृह के प्रभारी प्रसन्न विजय निमोणकर, सह सचिव सुकृत गनोदवाले, डॉ. कमल वर्मा सहित अनेक सभासदों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए सुझाव भी दिए।

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