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- -समापन कार्यक्रम मे किया कौशल प्रदर्शन,खेल प्रतियोगिता के प्रतिभागियो क़ो किया गया पुरस्कृतबलौदाबाजार / ग्रामीण युवाओं क़ो सशक्त बनाने जिला प्रशासन द्वारा सुशासन तिहार समर कैम्प का 10 दिवसीय आयोजन किया जा रहा है जिसमें ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं क़ो निःशुल्क सेल्फ डिफेंस, योगा, साइबर क्राइम एवं कैरियर काउंसिलिंग की जानकारी दी जा रही है। इसी कड़ी मे सोमवार क़ो ग्राम पंचायत गुडेलिया मे समर कैम्प का समापन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कलेक्टर दीपक सोनी, सरपंच संकेत अग्रवाल सहित अतिथियों के द्वारा भारत माता के छायाचित्र मे पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। इस अवसर पर युवाओं ने 10 दिवसीय समर कैम मे सीखे हुनर जिसमें जुम्बा डांस, सेल्फ डिफेन्स, योगा आदि का बेहतरीन प्रदर्शन किया।कार्यक्रम मे समर कैम्प के दौरान आयोजित खेल प्रतियोगिता के प्रतिभागियों क़ो मैडल से सम्मानित किया गया।कार्यक्रम क़ो सम्बोधित करते हुए कलेक्टर दीपक सोनी ने कहा कि ग्रामीण युवाओं क़ो मंच देने तथा उनका आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सुशासन तिहार समर कैम का आयोजन किया जा रहा है । प्रथम चरण मे 6 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया जिसमें गुडेलिया भी शामिल है। उन्होंने कहा कि युवाओ के रूचि के अनुसार इस समर कैम का अन्य पंचायतों मे विस्तार किया जाएगा। उन्होने कहा कि समर कैम्प मे बच्चों ने गर्मी की छुट्टी का अच्छा सदुपयोग किया है। भले ही यह 10 दिन का प्रशिक्षण था लेकिन इससे बहुत सीखने का मौका मिला हैं। युवा अपनी शक्ति सही दिशा मे लगाएंगे तों स्वयं सफल होंगे इसके साथ ही समाज, गांव व प्रदेश का अच्छा नागरिक भी बनेंगे। उन्होंने आदर्श ग्राम पंचायत गुडेलिया की सराहना करते हुए पंचायत के विकास कार्यों क़ो अनुकरणीय बताया।इस अवसर पर डीईओ हिमांशु भारतीय, जनपद सीईओ हिमांशु वर्मा, सीईओ एवं सलाहकार डॉ. मयूर गुप्ता,सुश्री सुप्रिया कुकरती सहित अन्य अधिकारी, स्कूली बच्चे एवं बड़ी संख्या मे ग्रामवासी उपस्थित थे।
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- डीएपी की कमी को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर अन्य उर्वरकों का उपयोग करने के लिए किसानों हेतु परामर्श जारी करने कहा
- चौपाल लगाकर उर्वरक के संबंध में किसानों को दी जा रही जानकारी
- 29 मई से 12 जून 2025 तक खरीफ पूर्व राष्ट्रव्यापी विकसित कृषि संकल्प अभियान की तैयारी करने के दिए निर्देश
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने खाद-बीज की उपलब्धता के संबंध में कृषि विभाग, डीएमओ एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों की संयुक्त बैठक ली। कलेक्टर ने कहा कि खेती-किसानी को ध्यान में रखते हुए किसानों के लिए खाद एवं बीज की पर्याप्त उपलब्धता होनी चाहिए। डीएपी की कमी को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर अन्य उर्वरकों का उपयोग करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के माध्यम से चौपाल लगाकर उर्वरक के संबंध में किसानों को जानकारी प्रदान करें। उन्होंने ऐसे स्थानों का चिन्हांकन करने के निर्देश दिए जहां खाद एवं बीज का भण्डारण नहीं हो पाया है। कलेक्टर ने भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् की सहभागिता से 29 मई से 12 जून 2025 तक खरीफ पूर्व राष्ट्रव्यापी विकसित कृषि संकल्प अभियान के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि किसानों को इस अभियान के तहत अधिक से अधिक लाभान्वित करना है। इस अभियान के अंतर्गत खरीफ फसलों की नवीनतम तकनीकों के संबंध में कृषकों को जागरूक करना, विभिन्न कृषकोन्मुखी शासकीय योजनाओं एवं नीतियों के संबंध में प्रचार-प्रसार करना, मृदा स्वास्थ्य पत्रक की अनुशंसा के आधार पर उर्वरक तथा सूक्ष्म तत्वों की आवश्यक मात्रा के निर्धारण के लिए कृषकों को जागरूक करते हुए संतुलित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा देना है। उन्होंने कृषि विभाग को इसके लिए व्यापक तौर पर तैयारी करने के निर्देश दिए। विकसित कृषि संकल्प अभियान के क्रियान्वयन के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद्, कृषि विज्ञान केन्द्र एवं कृषि विश्वविद्यालयों के वैज्ञानिकों तथा कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मछली पालन विभागों के मैदानी अमला कार्य करेंगे।
उप संचालक कृषि श्री नागेश्वर लाल पाण्डेय ने बताया कि डीएपी के विकल्प के रूप में एनपीके के लिए 20:20:0:13 तथा एसएसपी के लिए 12:32:16 का उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि एसएसपी के तीन बैग के साथ 20 किलोग्राम यूरिया का उपयोग करने पर डीएपी की आपूर्ति हो पाएंगी। इस अवसर पर जिला विपणन अधिकारी सुश्री हीना खान एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। - राजनांदगांव । मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार इस वर्ष 11 जून 2025 को मानसून के छत्तीसगढ़ पहुंचने की संभावना है। इस दृष्टि से कृषकों द्वारा खरीफ फसल की तैयारी हेतु खेत की जुताई, बीज, उर्वरक, जैविक खाद की व्यवस्था की जा रही है। जिले में खरीफ फसल का रकबा 184400 हेक्टेयर है, जिसमें धान्य फसल का 174215 हेक्टेयर, मक्का 2100 हेक्टेयर, दलहन फसल 1295 हेक्टेयर एवं तिलहन 3340 हेक्टेयर का लक्ष्य रखा गया है। फसलों के उत्पादन में रासायनिक उर्वरकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, चूंकि राज्य स्तर पर डीएपी उर्वरक की कमी की आशंका व्यक्त की गई है। पौधों के फास्फोरस एवं नत्रजन पोषक तत्वों की पूर्ति हेतु अन्य उर्वरकों की वैकल्पिक व्यवस्था करना आवश्यक है। कृषकसेवा सहकारी समितियों के माध्यम से अधिकांश मात्रा में उर्वरकों का अग्रिम उठाव कर रहे हैं। कृषि विभाग द्वारा इस परिप्रेक्ष्य में किसानों को यदि डीएपी की कमी होने पर अन्य उर्वरकों का उपयोग कर फसलों का अधिकतम उपज प्राप्त करने तकनीकी सलाह दी गई है।धान की जल्दी पकने वाली व देशी किस्म हेतु 24 किलोग्राम नत्रजन, 16 किलोग्राम स्फूर एवं 8 किलोग्रामे म्यूरेट ऑफ पोटाश की प्रति एकड़ आवश्यकता होती है। जिसकी पूर्ति 52 किलोग्राम यूरिया, 100 किलोग्राम सुपर फास्फेट, 13 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश या 50 किलोग्राम एनकेपीके (12 : 32 : 16), 39 किलोग्राम यूरिया या 80 किलोग्राम कॉम्प्लेक्स कॉम्प्लेक्र उर्वरक एनपीकेएस (20 : 20 : 0 : 13), 18 किलोग्राम यूरिया एवं 13 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश की जा सकती है।धान की बौनी किस्में 141 दिन से अधिक हेतु 32 किलोग्राम नत्रजन, 20 किलोग्राम स्फूर एवं 12 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश की प्रति एकड़ आवश्यकता होती है। जिसकी पूर्ति 70 किलोग्राम यूरिया, 125 किलोग्राम सुपर फास्फेट, 20 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश या 62 किलोग्राम एनकेपीके (12 : 32 : 16), 54 किलोग्राम यूरिया व 4 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश या 100 किलोग्राम कॉम्प्लेक्स उर्वरक एनपीकेएस (20 : 20 : 0 :13), 26 किलोग्राम यूरिया एवं 20 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश की जा सकती है।धान की बौनी किस्में मध्यम अवधि 126-140 दिन हेतु 40 किलोग्राम नत्रजन, 24 किलोग्राम स्फूर एवं 16 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश की प्रति एकड़ आवश्यकता होती है। जिसकी पूर्ति 87 किलोग्राम यूरिया, 150 किलोग्राम सुपर फास्फेट, 27 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश या 75 किलोग्राम एनकेपीके (12 : 32 : 16), 67 किलोग्राम यूरिया व 7 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश या 120 किलोग्राम कॉम्प्लेक्स उर्वरक एनपीकेएस (20 : 20 : 0 : 13), 35 किलोग्राम यूरिया एवं 27 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश की जा सकती है।इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर में नैनो उर्वरकों पर किये गये प्रयोग के आधार पर धान की फसल में नैनो डीएपी 5 मिली प्रति किलो बीज से बीज उपचार या जड़ उपचार तथा बोवाई व रोपाई के 30 दिन बाद एक बार 2 मिली प्रति लीटर पानी की दर से पत्तियों पर छिड़काव करने से पारम्परिक डीएपी की अनुशंसित मात्रा में 25 प्रतिशत की बचत की जा सकती है। धान फसल में नैनो यूरिया 4 मिली प्रति लीटर पानी की दर से दो बार बोवाई व रोपाई के 30 से 35 दिन एवं 55 से 60 दिन की अवस्था में छिड़काव करने से पारम्परिक यूरिया की अनुशंसित मात्रा में 25 प्रतिशत की बचत की जा सकती है।मक्का संकुल किस्में हेतु 32 किलोग्राम नत्रजन, 16 किलोग्राम स्फूर एवं 12 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश की प्रति एकड़ आवश्यकता होती है। जिसकी पूर्ति 70 किलोग्राम यूरिया, 100 किलोग्राम सुपर फास्फेट, 20 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश या 50 किलोग्राम एनकेपीके (12 : 32 : 16), 56 किलोग्राम यूरिया 7 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ म्यूरेट ऑफ पोटाश या 80 किलोग्राम कॉम्प्लेक्स उर्वरक एनपीकेएस (20 : 20 : 0 : 13), 35 व 7 किलोग्राम यूरिया एवं 20 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश की जा सकती है।मक्का संकर किस्में हेतु 40 किलोग्राम नत्रजन, 24 किलोग्राम स्फूर एवं 16 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश की प्रति एकड़ आवश्यकता होती है। जिसकी पूर्ति 87 किलोग्राम यूरिया, 150 किलोग्राम सुपर फास्फेट, 27 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश या 75 किलोग्राम एनकेपीके (12 : 32 : 16), 67 किलोग्राम यूरिया व 7 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश या 120 किलोग्राम कॉम्प्लेक्स उर्वरक एनपीकेएस (20 : 20 : 0 : 13), 35 किलोग्राम यूरिया एवं 27 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश की जा सकती है।सोयाबीन, मूंगफली हेतु 8 किलोग्राम नत्रजन, 32 किलोग्राम स्फूर एवं 8 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश की प्रति एकड़ आवश्यकता होती है। जिसकी पूर्ति 17 किलोग्राम यूरिया, 200 किलोग्राम सुपर फास्फेट, 13 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश या 100 किलोग्राम एनकेपीके (12 : 32 : 16) या 160 किलोग्राम कॉम्प्लेक्स उर्वरक एनपीकेएस (20 : 20 : 0 : 13), 13 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश की जा सकती है।अरहर, मूंग एवं उड़द हेतु 10 किलोग्राम नत्रजन, 20 किलोग्राम स्फूर एवं 4 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश की प्रति एकड़ आवश्यकता होती है। जिसकी पूर्ति 63 किलोग्राम एनकेपीके (12 : 32 : 16), 5 किलोग्राम यूरिया या 100 किलोग्राम कॉम्प्लेक्स उर्वरक एनपीकेएस (20 : 20 : 0 : 13), 7 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश की जा सकती है।रागी, कोदो हेतु 20 किलोग्राम नत्रजन, 16 किलोग्राम स्फूर एवं 8 किलोग्राम म्यूरेट ऑप पोटाश की प्रति एकड़ आवश्यकता होती है। जिसकी पूर्ति 50 किलोग्राम एनकेपीके (12 : 32 : 16), 30 किलोग्राम यूरिया या 80 किलोग्राम कॉम्प्लेक्स उर्वरक एनपीकेएस (20 : 20 : 0 : 13), 9 किलोग्राम यूरिया व 13 म्यूरेट ऑफ पोटाश की जा सकती है।
- -2047 तक विकसित भारत के निर्माण हेतु सामूहिक प्रयास आवश्यक - विधायक श्री सिन्हा-विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से हितग्राही हुए लाभान्वितमहासमुंद / सुशासन तिहार के तृतीय चरण अंतर्गत जिले में समाधान शिविर का आयोजन 30 मई तक जारी रहेगा। यह शिविर नागरिकों की समस्याओं के निराकरण के साथ ही शासन की योजनाओं और सेवाओं की जानकारी सीधे ग्रामीणों तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभा रहा है। इसी क्रम में आज महासमुंद विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत रायतुम हाई स्कूल में समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्य अतिथि विधायक श्री सिन्हा एवं जनप्रतिनिधियां द्वारा विभागीय स्टॉलों का अवलोकन किया गया। साथ ही मुख्य अतिथि द्वारा हितग्राहियों को मनरेगा जॉब कार्ड, पेंशन स्वीकृति पत्र, राशन कार्ड, आवास अभिनन्दन पत्र प्रदान किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती देवकी पटेल, जनपद सदस्य श्रीमती रूपकुमारी ध्रुव, श्रीमती कौशल्या ठाकुर एवं अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा ने समाधान शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप यह शिविर आम जनता को एक ही स्थान पर विभिन्न सरकारी सेवाएं और योजनाओं का लाभ प्रदान करने का प्रभावी माध्यम बन रहा है। सरकार की यह प्राथमिकता है कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं से वंचित न रहे और उन्हें सीधे योजनाओं का लाभ मिले। उन्होंने कहा कि भारत को वर्ष 2047 तक एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करना हमारा साझा लक्ष्य है। इस लक्ष्य की प्राप्ति केवल तभी संभव है जब प्रशासन, अधिकारी, कर्मचारी और जनप्रतिनिधि मिलकर एकजुटता और समर्पण के साथ कार्य करें। विधायक श्री सिन्हा ने यह भी कहा कि सरकार की योजनाओं और नीतियों का लाभ आम जनता तक तभी पहुंच पाएगा जब सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय और पारदर्शिता होगी। उन्होंने सभी अधिकारियों से कहा कि वे जनसमस्याओं का तत्परता से समाधान करें और विकास कार्यों को प्राथमिकता दें, ताकि ‘विकसित भारत’ का सपना साकार हो सके।उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना, जिसका वादा हमारी सरकार ने किया था, आज उनके खातों में एक हजार रुपए की राशि हर माह पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि हमारी बहन-बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण के लिए सरकार महतारी सदन का निर्माण कर रहे हैं। झलप में भी इसका निर्माण कार्य जारी है और पटेवा में भी बनना जल्दी शुरू होगा। यह सदन सिर्फ एक भवन नहीं, बल्कि एक मंच है, जिसके कोरा में बैठकर बहनें अपनी समस्याओं और सामाजिक विषयों पर खुलकर चर्चा कर सकेंगी। यह नारी स्वावलंबन की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।विधायक श्री सिन्हा ने जिले में चल रहे विकास कार्यां की जानकारी देते हुए बताया कि महासमुंद क्षेत्र में लहंगर से पीढ़ी मार्ग की स्वीकृति हो गई है। जल्दी ही टेंडर लगेगा और भूमि पूजन किया जाएगा। इसी तरह पटेवा से रायतुम मार्ग, ग्राम साराडीह, बनसिवनी मार्ग, नवापारा से अछरीडीह आदि की स्वीकृति के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पटेवा से खल्लारी मार्ग और पतई माता रोड की स्वीकृति से हमारे ग्रामीण अंचल को बेहतर संपर्क सुविधा मिलेगी। जल्द ही टेंडर की प्रक्रिया शुरू होगी और निर्माण कार्य प्रारम्भ होगा।शिविर में पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष श्री पवन पटेल, श्री संदीप घोष, श्री मुन्ना साहू, श्री सुनील पटेल, सरपंच श्रीमती सोनिया ठाकुर, श्रीमती चम्पाबाई पटेल, श्री दिनेश्वर साहू, श्री संतोष चंद्राकर, श्रीमती उषा सोनी, श्रीमती पार्वती पटेल, श्रीमती इंदिरा बाई सिन्हा, श्रीमती कुमारी बंजारे, श्रीमती आशा ठाकुर, श्रीमती नूतन दीवान, श्रीमती सिया बाई नंदे, श्री पप्पू गजेन्द्र, श्री निशेन्द्र गजेन्द्र, एसडीएम श्री हरिशंकर पैकरा, जनपद सीईओ श्री बरन सिंह मंडावी, अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।रायतुम समाधान शिविर में 13 ग्राम पंचायतों इनमें बनपचरी, कछारडीह, कोलपदर, नवागांव, पटेवा, रायतुम, रूमेकेल, सिंधोरी, तोरेंगा, तोरला, बोदरा, जोगीडीपा एवं भावा के ग्रामीणजन बड़ी संख्या में शामिल हुए और अपनी विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए आवेदन भी प्रस्तुत किए। सुशासन तिहार में कुल 3472 आवेदन प्राप्त हुए। जिसमें 3466 आवेदनों का निराकरण कर लिया गया है। शेष आवेदनों का निराकरण किया जा रहा है। शिविर में संबंधित विभागों द्वारा मौके पर ही लोगों को संबंधित आवेदनों के निराकरण की जानकारी दी गई।इस अवसर पर लाभार्थियों को मौके पर ही योजनाओं से संबंधित सेवाएं प्रदान की गईं। जिसमें समाज कल्याण विभाग द्वारा 68 हितग्राहियों को पेंशन स्वीकृति पत्र, पंचायत विभाग द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत 02 लाभार्थियों को अभिनन्दन पत्र, 11 लोगों को जॉब कार्ड, खाद्य विभाग द्वारा 06 हितग्राहियों को राशन कार्ड, राजस्व विभाग द्वारा 30 हितग्राहियों को स्वामित्व कार्ड, 03 कृषकों को किसान किताब एवं छत्तीसगढ़ निक्षय निरामय अंतर्गत 03 ग्राम पंचायत को टीबी मुक्त प्रमाण पत्र का वितरण किया गया। शिविर में जनसम्पर्क विभाग द्वारा प्रकाशित बहुउद्देशीय एवं ज्ञान व योजना परख जनमन पत्रिका का वितरण किया गया। इसी तरह आज पिथौरा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत भुरकोनी हाई स्कूल, बागबाहरा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत नर्रा एवं सरायपाली विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत पाटसेंदरी हाई स्कूल में समाधान शिविर का आयोजन हुआ।
- -राज्य में किसान तेजी से कर रहे हैं खाद एवं बीज का उठाव-कृषि मंत्री ने 28 नवीन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना-कृषि विभाग के योजनाओं के क्रियान्वयन में आएगी तेजीरायपुर, / कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने आज छत्तीसगढ़ बीज एवं कृषि विकास निगम परिसर, तेलीबांधा रायपुर में आयोजित एक संक्षिप्त कार्यक्रम में राज्य के 28 जिलों को नवीन बोलेरो वाहन की सौगात देने की साथ ही उन्हें हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन नवीन वाहनों का उपयोग विभागीय अधिकारियों द्वारा विभागीय योजनाओं का फील्ड में प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के साथ ही किसान हितैषी कार्यक्रमोें की मॉनिटरिंग के लिए किया जाएगा। इस अवसर पर संचालक कृषि श्री राहुल देव सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।मंत्री श्री नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों के हित में कई योजनाएं एवं कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसका लाभ किसानों को मिले इसके लिए किसानों को विभागीय योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही उनको इसका लाभ उठाने के लिए जागरूक किए जाने का काम विशेष रूप से किया जाएगा। किसान जागरूकता शिविरों में इस वाहन के माध्यम से विशेषज्ञ अधिकारियों की टीम गांव-गांव पहुंचेगी और किसानों को उन्नत तकनीक और आधुनिक खेती की जानकारी देगी। जिलों को वाहन की उपलब्धता सुनिश्चित होने से विभागीय कामकाज में तेजी आएगी।मंत्री श्री नेताम ने इस मौके पर मौजूद मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए कहा कि खरीफ सीजन 2025 के लिए कृषि विभाग द्वारा व्यापक तैयारी की जा रही है। खरीफ के लिए खाद-बीज का पर्याप्त भण्डारण कराए जाने के साथ ही किसानों को इसका तेजी से वितरण भी किया जा रहा है। मंत्री श्री नेताम ने बताया कि खरीफ सीजन 2025 के लिए रासायनिक उर्वरकों का लक्ष्य 14 लाख 62 हजार मेट्रिक टन है, जिसके विरूद्ध अब तक 8 लाख 48 हजार 604 मेट्रिक टन रासायनिक उर्वरकों का भण्डारण तथा एक लाख 68 हजार 255 मेट्रिक टन का वितरण किसानों को किया जा चुका है, जो कि भण्डारण की मात्रा का 20 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि उर्वरक कंपनियों से विभिन्न प्रकार की खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विभाग द्वारा सतत् संपर्क एवं समन्वय किया जा रहा है, ताकि राज्य की डिमांड अनुरूप उर्वरकों की रैक निर्धारित सेड्यूल के अनुरूप उपलब्ध हो सके।मंत्री श्री नेताम ने बताया कि राज्य में मार्कफेड के डबल लॉक, सहकारी समितियों एवं निजी क्षेत्र को मिलाकर वर्तमान में कुल 3 लाख 90 हजार 840 मेट्रिक टन यूरिया, 86,046 मेट्रिक टन डीएपी, 1,14,539 मेट्रिक टन एनपीके, 67,640 मेट्रिक टन पोटाश तथा 1,89,539 मेट्रिक टन सुपर फॉस्फेट उपलब्ध है। किसानों को समितियों और निजी क्षेत्रों के माध्यम से खाद का वितरण लगातार किया जा रहा है। अब तक किसानों को 84,661 मेट्रिक टन यूरिया, 27,045 मेट्रिक टन डीएपी, 18,809 मेट्रिक टन एनपीके, 10,359 मेट्रिक टन पोटाश तथा 27,381 मेट्रिक टन सुपर फॉस्फेट का वितरण किया जा चुका है। वर्तमान में विभिन्न प्रकार की 6,80,350 मेट्रिक टन रासायनिक खाद राज्य में किसानों के वितरण हेतु उपलब्ध है।मंत्री श्री नेताम ने बताया कि खरीफ सीजन की विभिन्न फसलों के लिए 4 लाख 95 हजार 57 क्विंटल बीज की डिमांड को ध्यान में रखते हुए विभाग द्वारा 4 लाख 29 हजार 535 क्विंटल बीज की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई हैै। समितियों में 2 लाख 31 हजार क्विंटल से अधिक बीज का भण्डारण कराया गया है। समितियों के माध्यम से किसानों को अब तक 47 हजार 881 क्विंटल बीज का वितरण किया जा चुका है। राज्य में खाद एवं बीज का भण्डारण एवं उठाव की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
- -माओवाद से मुक्ति की जमीन पर रखी जा रही है विकास की मजबूत नींव - मुख्यमंत्रीरायपुर / जिस पामेड़ को कभी माओवादियों की बटालियन नंबर-1 का गढ़ माना जाता था, आज वहां बैंक खुल रहे हैं, कन्या आश्रम बन रहे हैं और लोग खुले मन से सुशासन शिविरों में भाग ले रहे हैं। यह बदला हुआ बस्तर है — आत्मविश्वास, विकास और लोकतंत्र का प्रतीक। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बीजापुर जिले के सुदूरवर्ती और पूर्व में माओवादी प्रभाव से ग्रस्त रहे पामेड़ क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की शाखा का शुभारंभ करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री श्री साय ने इसे विकास और विश्वास की नई सुबह बताते हुए कहा कि अब ग्रामीणों को बैंकिंग सेवाओं के लिए 100 किलोमीटर दूर आवापल्ली नहीं जाना पड़ेगा। यह पहल सरकार के सुशासन और समावेशी विकास के विजन को दर्शाती है।मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बैंक शाखा से पामेड़ और आसपास के 50 गांवों को सीधे लाभ मिलेगा, जहां अब खाता खोलने, पैसा निकालने और महतारी वंदन योजना जैसी योजनाओं की राशि लेने में सुविधा होगी। उन्होंने विशेष रूप से माताओं-बहनों को आश्वस्त किया कि अब उन्हें योजना की राशि के लिए लंबी यात्रा नहीं करनी पड़ेगी।इस मौके पर मुख्यमंत्री ने पामेड़ में 50-सीटर आदिवासी कन्या आश्रम का भी लोकार्पण किया, जिसकी लागत 1.62 करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि कन्या आश्रम के माध्यम से आने वाले समय में बस्तर की बेटियां शिक्षा और विकास की मुख्यधारा से जुड़कर बस्तर को नया नेतृत्व प्रदान करते हुए क्षेत्र को विकास की नई ऊंचाईयां प्रदान करेंगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि पामेड़ में अब पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) की स्थापना की जा रही है, ताकि आसपास के कुपोषित बच्चों को इलाज के लिए भटकना न पड़े। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे बच्चों को समय पर पोषण पुनर्वास केंद्र में लाएं और स्वास्थ्य लाभ लें।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि तालपेरू नदी पर धर्मावरम ब्रिज का निर्माण तेजी से चल रहा है, जिससे अब तेलंगाना के चेरला होकर 200 किलोमीटर लंबा सफर तय करके बीजापुर जाने की बाध्यता समाप्त हो जाएगी। यह पुल न केवल पामेड़ को जोड़ने वाला होगा, बल्कि क्षेत्रीय विकास का मुख्य द्वार भी बनेगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि आवागमन की सुविधा बढ़ाते हुए सरकार ने पामेड़ से बीजापुर के बीच सीधी बस सेवा शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अब सुबह जाकर शाम को लौटना संभव हो गया है। लोगों की दिनचर्या सरल हुई है और व्यापार-सेवा गतिविधियां तेज़ी से बढ़ी हैं।इस मौके पर 'सुशासन तिहार' के तहत समाधान शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्रीय जनसमस्याओं का त्वरित निराकरण किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान छत्तीसगढ़ में लोगों को उनके द्वार पर प्रशासन देने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।समाधान शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। इस मौके पर श्री महेश गागड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी कोरसा, कलेक्टर श्री संबित मिश्रा, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव, स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
- बलौदाबाजार / कलेक्टर दीपक सोनी के मार्गदर्शन मे जिले में विकसित कृषि संकल्प अभियान 29 मई 2025 से 12 जून तक चलेगा जिसके तहत कृषकों क़ो समृद्धि बनाने हेतु अभियान चलाकर कृषकों को शिविर के माध्यम से कृषि एवं संबंधित विभागों द्वारा उन्नत तकनीक एवं आवश्यक जानकारी प्रदान की जा रही है। शासन द्वारा किसानों को आर्थिक रूप से मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से विकसित कृषि संकल्प अभियान की शुरूआत की गई है। इस दौरान कृषि एवं समवर्गीय विभागों तथा कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक गाव-गांव पहुंचकर खेती के उन्नत तरीकों की जानकारी भी किसानों को देंगे।उप संचालक कृषि दीपक कुमार नायक द्वारा कृषि एवं समवर्गीय विभागों तथा कृषि विज्ञान केन्द्र, भाटापारा के साथ बैठक कर अभियान को सफल बनाने हेतु विस्तृत चर्चा किया गया, जिसमें कि अभियान के सम्मिलित किये जाने वाले मुख्य गतिविधियों पर चर्चा किया गया। जिले के अन्तर्गत 03 विकासखण्डों के 06 स्थानों पर 3 रथ संचालित होगा। विभाग में संचालित सभी योजनाओं तथा खरीफ पूर्व तैयारी की विस्तृत जानकारी किसानों को दिया जायेगा। पशुपालन विभाग द्वारा मोबाईल वेटनरी यूनिट (डटन्) का प्रदर्शन होगा। कृषकों को कृषि विज्ञान केन्द्र मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण, एग्री स्टेक अन्तर्गत फार्मर रजिस्ट्रेशन, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की जानकारी, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की जानकारी, आधुनिक कृषि ड्रोन का प्रदर्शन, किसान क्रेडिट कार्ड हेतु ईच्छुक कृषकों का आवेदन, सिंचाई विस्तार हेतु ड्रिप एवं स्प्रिंकलर के बारे में जानकारी, ईडिबल ऑयल सीड योजना की जानकारी, कतार बोनी से कृषकों को लाभ के संबंध में जानकारी, डी.ए.पी. के स्थान पर अन्य विकल्प उर्वरक (एसएसपी एवं एनपीके) के संबंध में, फसल अपशिष्ट प्रबंधन के संबंध में जानकारी, कृषि यंत्रों की जानकारी, प्रमुख खरीफ फसलों की नवीनतम् तकनीकों के संबंध में कृषकों के मध्य जागरूकता का निर्माण, विभिन्न कृषकोन्मुखी शासकीय योजनाओं एवं नीतियों के संबंध में प्रचार-प्रसार, मृदा स्वास्थ्य पत्रक की अनुशंसा के आधार पर उर्वरक तथा सूक्ष्म तत्वों की आवश्यक मात्रा के निर्धारण हेतु कृषकों को जागरूक करते हुए संतुलित उर्वरक को बढावा, कृषकों से प्राप्त सुझाव एवं समस्याओं तथा कृषकों द्वारा किये गये नवाचारों के संबंध में जानकारी संकलन तथा इसके आधार पर आवश्यक अनुसंधान प्राथमिकताओं का निर्धारण, उर्वरक, बीज भण्डारण एवं वितरण के बारे में विस्तृत जानकारी तथा अन्य विषयों पर चर्चा कर जानकारी दी जायेगी। साथ ही अभियान के तहत किसानों से फीडबैक लेकर उनके द्वारा किये गए नवाचार के सबंध में वैज्ञानिक नवीन जानकारी प्राप्त करेंगे एवं अनुसंधान में आवश्यक दिशा निर्धारित करेंगे।उप संचालक कृषि श्री नायक ने बताया कि जिले के 5 विकासखण्डों में कुल 78 शिविरों का आयोजन किया जायेगा, जिसमें कि प्रत्येक शिविरों में कम से कम 200 कृषकों की सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केन्द्र, भाटापारा, संबंधित सहकारी समिति, पशुपालन विभाग, उद्यानिकी विभाग एवं मत्स्य विभाग को लक्ष्य प्रदाय किया गया है। कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु उक्त समस्त विभागों के मैदानी अमलों को भी कार्य आबंटन कर दायित्वों का निर्वहन करने हेतु निर्देशित किया गया है। जिले में तीन टीम गठित की गई है. जो प्रत्येक दिन दो-दो ग्रामों में, कुल 6 ग्रामों में (13 दिवस में कुल 78 स्थल) खरीफ में कृषि कार्य के लिए किसानों के साथ वैज्ञानिक परिचर्चा कर सलाह दी जायेगी।
- बलौदाबाजार, /श्रम विभाग द्वारा संचालित विभिन्न मंडल के अंतर्गत योजनाओं की राशि 17 सितंबर 2024 से डीबीटी के माध्यम से श्रमिकों के खाते में स्थानांतरित किया जा रहा है।बहुत से ऐसे श्रमिक जिनका आधार एवं बैंक खाता पंजीयन में उपलब्ध नही होने तथा बैंक खाता आधार से लिंक नही होने के कारण डीबीटी (प्रत्यक्ष अंतरण) होने में असूविधा हो रही है। श्रम विभाग में पंजीकृत ऐसे श्रमिक जिनका पंजीयन कार्ड में बैंक खाता नंबर एवं आधार दर्ज नही हैं बैंक खाता आधार से लिंक कराकर व अपने आश्रितो जैसे- पिता/पति, पत्नि, पुत्र-पुत्री के बैंक खाते में आधार लिंक कराना जरुरी है।अधिक जानकारी हेतु कार्यालय श्रम पदाधिकारी, जिला-बलौदाबाजार-भाटापारा, समस्त विकासखंड में संचालित श्रम संसाधन केन्द्र,श्रमेव जयते मोबाईल एप्प, विभागीय वेबसाईट https://shramevjayate.cg.gov.in एवं लोक सेवा केन्द्र के माध्यम श्रमिक पंजीयन कार्ड में जाकर संशोधन करवा सकते है।
- बलौदाबाजार, / जिला रोेजगार कार्यालय से प्राप्त जानकारी अनुसार जिले के शिक्षित युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार का अवसर प्रदान करने हेतु लाईवलीहुड कॉलेज सकरी, बलौदाबाजार में सोमवार क़ो निजी क्षेत्र के नियोजकों के माध्यम से प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया गया। कैम्प मे कुल 179 आवेदक उपस्थित हुए, 120 आवेदकों ने साक्षात्कार में भाग लिया । साक्षात्कार में भाग लेने वाले आवेदकों में से 27 आवेदकों को कैम्प स्थल पर ज्वांनिग लेटर प्रदान किया गया एवं 51 आवेदकों को चयनित कर 2 दिवस के भीतर अपने अपने संस्थानों में उपस्थित होने निर्देशित किया गया है।
- -कलेक्टर ने कार्यपालिक दण्डाधिकारियों की लगाई मजिस्ट्रीयल ड्यूटीकांकेर । छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका आगामी 27 एवं 28 मई को कांकेर जिले के प्रवास पर रहेंगे। श्री डेका के दो दिवसीय प्रवास के दौरान कानून एवं शांति-सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने कार्यपालिक दण्डाधिकारियों की मजिस्ट्रीयल ड्यूटी लगाई है। उन्होंने हेलीपेड स्थल में अनुविभगीय दण्डाधिकारी राजस्व चारामा श्री नरेन्द्र कुमार बंजारा की ड्यूटी लगाई है। इसी प्रकार जिला पंचायत प्रवेश द्वार हेतु नायब तहसीलदार कांकेर श्री अभिषेक देवांगन, जिला पंचायत मीटिंग हॉल में डिप्टी कलेक्टर सुश्री रानू मैथ्यूज और तहसीलदार कांकेर श्री पुष्पराज पात्र की ड्यूटी लगाई गई है। कलेक्टर श्री क्षीरसागर ने सर्किट हाउस, विश्राम गृह के लिए डिप्टी कलेक्टर श्री मनीष देव साहू, तहसीलदार नरहरपुर श्री पौरस बेताल एवं नायब तहसीलदार सरोना श्री संजय कुमार राय की ड्यूटी। इसी प्रकार तहसीलदार सरोना श्री मोहित साहू का पुराना कचहरी परिसर लाइब्रेरी भवन तथा जंगलवारफेयर कॉलेज भ्रमण के दौरान डिप्टी कलेक्टर सुश्री रानू मैथ्यूज की ड्यूटी लगाई गई है। उक्त अवसर पर अपर कलेक्टर एवं एसडीएम श्री अरूण कुमार वर्मा कांकेर कानून व्यवस्था के सम्पूर्ण कार्यप्रभार पर रहेंगे।
- -क्षेत्र के प्रत्येक विकास कार्य को प्राथमिकता से किया जाएगा : कलेक्टरकांकेर । प्रदेश सरकार की मंशानुसार आम जनता की समस्याओं के समयबद्ध निराकरण, शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन हेतु आज विकासखंड अंतागढ़ के दूरस्थ अतिसंवेदनशील तथा सरहदी ग्राम बण्डापाल में जिला स्तरीय समाधान शिविर आयोजित किया गया, जहां ग्रामीणों को विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई, साथ ही प्राप्त आवेदनों पर संबंधित विभागों के द्वारा की गई कार्यवाही के बारे में भी बताया गया। माओवाद प्रभावित सुदूरवर्ती अतिसंवेदनशील ग्राम बण्डापाल में आयोजित समाधान शिविर में ग्रामीणों के द्वारा अपनी समस्याओं और मांगों से संबंधित आवेदनों पर हुई कार्यवाही के बारे प्रत्येक आवेदक को अवगत कराया गया।बीहड़ क्षेत्र में स्थित ग्राम पंचायत बण्डापाल में आयोजित समाधान शिविर में पहुंचकर कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ इस क्षेत्र के ग्रामीणों को शतप्रतिशत प्राथमिकता के साथ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में मूलभूत सुविधाएं जैसे- सड़क, बिजली, पानी, पुल-पुलिया, मोबाइल टॉवर से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिसमें कुछ निर्माणाधीन कार्य प्रगतिरत हैं जिसका यथाशीघ्र निराकरण किया जाएगा। इसके लिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित भी किया। कलेक्टर श्री क्षीरसागर ने कहा कि ग्राम बण्डापाल में स्कूल भवन निर्माण की स्वीकृति मिल गई है, जल्द ही एक सप्ताह के भीतर निर्माण कार्य भी चालू हो जाएगा। इसके अलावा उन्होंने वहां उपस्थित विभागीय अधिकारियों को इस क्षेत्र के प्रत्येक गांवों में विकास कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। ग्राम तुमसनार, बड़ेपिंजोड़ी और मातला ‘ब’ में पोटाकेबिन जर्जर स्थिति होने के कारण वहां पर दो-दो अतिरिक्त कक्ष की स्वीकृति मिली है, वहां भी जल्द निर्माण कार्य प्रारंभ होगा। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र को विकास की धारा से जोड़ते हुए पेंशन प्रकरण तथा महतारी वंदन योजना और स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली तथा मोबाइल टावर की समस्या को जल्द से जल्द पूर्ण करने की बात कही। इस दौरान जिला पंचायत के सीईओ श्री हरेश मंडावी ने अपने उद्बोधन में ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि इस दूरस्थ क्षेत्र के वंचितों और पिछड़े हुए लोगों को कल्याणकारी योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ मिल सके, इसीलिए संवेदनशील क्षेत्र में शिविर आयोजित किया गया।शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से ग्रामीणों को लाभान्वित किया गया। सहकारिता विभाग द्वारा 05 ग्रामीणों को किसान क्रेडिट कार्ड वितरित किए गए। खाद्य विभाग द्वारा 05 ग्रामीणों को राशन कार्ड प्रदान किए गए। कृषि विभाग द्वारा 10 किसानों को मक्का बीज किट का वितरण किया गया। मनरेगा के अंतर्गत 03 ग्रामीणों को जॉब कार्ड तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 02 हितग्राहियों को आवास की चाबी और 03 को आवास स्वीकृति पत्र प्रदान की गई। इसके अलावा महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 01 बच्चे का अन्नप्राशन कराया गया और 01 गर्भवती महिला को सुपोषण किट प्रदान की गई।इस अवसर पर एसडीएम अंतागढ़ श्री राहुल रजक, डिप्टी कलेक्टर सुश्री रानू मैथ्यूज, जिला पंचायत सदस्य श्री गुप्तेश उसेंडी, जनपद पंचायत अंतागढ़ की अध्यक्ष श्रीमती मनोरमा मंडावी, उपाध्यक्ष कुबल भूसाखरे, बंडापाल के सरपंच श्री शिवशंकर कावड़े एवं आश्रित ग्रामों के सरपंच, पंच समेत बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
- -नागरिकों को सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तायुक्त खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए शासन प्रतिबद्ध: स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवालरायपुर। राज्य में गर्मी के मौसम के आगमन के साथ ही खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा उपभोक्ताओं को सुरक्षित, शुद्ध एवं गुणवत्तायुक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने हेतु व्यापक स्तर पर सघन निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। बालोद, बेमेतरा, राजनांदगांव, दुर्ग एवं कबीरधाम जिलों में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीमों ने खाद्य प्रतिष्ठानों, होटल-रेस्टोरेंट, पेय जल कंपनियों एवं निर्माण इकाइयों का निरीक्षण कर बड़ी संख्या में नमूने संकलित किए हैं। अभियान के अंतर्गत जहां अवमानक एवं मिथ्याछाप उत्पादों पर कार्रवाई की गई है, वहीं खाद्य कारोबारियों को नियमों के पालन हेतु स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।नियमित निरीक्षण व कानूनी कार्रवाईखाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सभी जिलों में पदस्थ अधिकारियों ने खाद्य कारोबारियों को लाइसेंस/पंजीयन अनिवार्यता, समय पर नवीनीकरण एवं स्वच्छता नियमों का पालन करने हेतु निर्देशित किया। बालोद जिले में बीबी फूड्स एंड बेवरेजेस सहित कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर प्लास्टिक पैकेजिंग सामग्री व पेयजल के नमूने संकलित किए गए। बेमेतरा में मिठाई दुकान, किराना दुकान, दूध उत्पाद एवं बर्फ फैक्ट्रियों की जांच की गई। यहां सात प्रतिष्ठानों पर कुल 17 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया तथा बिना पंजीयन व मिथ्याछाप उत्पाद विक्रय के दो प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किए गए।मिलावटी पेय पदार्थों पर निगरानीराजनांदगांव जिले में गर्मी के मौसम में पेयजल उत्पादों में मिलावट की संभावनाओं को देखते हुए सघन जांच की गई। ग्रामीण अंचलों में बिकने वाले ‘अज्जु’, ‘पोपो एक्वा’, ‘पोम्पी मैंगो’, ‘पेप्सी’ जैसे ब्रांड्स के पैक्ड ड्रिंकिंग वाटर के नमूने संकलित कर परीक्षण हेतु भेजे गए। इसके अतिरिक्त होटल व भोजनालयों से आलू मसाला, बिरयानी राइस, कटहल आदि के नमूने लिए गए। अप्रैल 2025 से अब तक यहां 211 नमूने संकलित किए गए हैं, जिनमें 06 अवमानक, 03 मिथ्याछाप एवं 03 असुरक्षित पाए गए, जिन पर विधिक कार्रवाई जारी है।दुर्ग जिले में खाद्य पदार्थों एवं पैकेजिंग सामग्री की गुणवत्ता जांच हेतु 18 विधिक नमूने तथा 20 पैकिंग सामग्री के नमूने लिए गए हैं। पूर्व में संकलित नमूनों में मिठाई, खोवा, मसाले, बेकरी उत्पाद एवं पेयजल में गंभीर गुणवत्ता दोष पाए गए हैं। चलित खाद्य प्रयोगशाला द्वारा लिए गए 121 नमूनों में 09 अवमानक पाए जाने पर उन्हें मौके पर नष्ट किया गया।कबीरधाम जिले में 08 नमूने संकलित किए गए, जिनमें 08 प्रकरण अवमानक तथा 01 मिथ्याछाप पाए जाने पर उन्हें माननीय एडीएम न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय द्वारा ‘बादशाही द ढाबा’ को ₹20,000 एवं ‘न्यू कल्पना रेस्टोरेंट’ को ₹5,000 का अर्थदंड अधिरोपित किया गया है।स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अभियान की सराहना करते हुए कहा, “राज्य सरकार नागरिकों को सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तायुक्त खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा चलाया जा रहा यह सघन निरीक्षण अभियान जनस्वास्थ्य की रक्षा की दिशा में एक सराहनीय पहल है। विभागीय अधिकारी तत्परता से कार्य कर रहे हैं और किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”प्रदेश में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की यह सघन कार्रवाई न केवल उपभोक्ता स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि खाद्य कारोबारियों को भी नियमों के पालन हेतु जागरूक कर रही है। राज्य खाद्य प्रयोगशालाओं में नमूनों की रिपोर्ट प्राप्त होते ही दोषी प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई की जा रही है। विभाग द्वारा यह अभियान निरंतर जारी रहेगा ताकि नागरिकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा सके।
- -देश की हर उपलब्धि से कांग्रेस को तकलीफ:अमित चिमनानी-केवल 20 कॉर्पोरेट की संपति बढ़ने का भूपेश बघेल का बयान पूरी तरह सस्ती राजनीति वाला बयान,भूपेश जी अपनी ,सोनिया जी की और राहुल जी की आय के आंकड़े चेक करे :अमित चिमनानी-पिछले 11 वर्षों में 40 लाख करोड़ रु से ज्यादा सीधे किसानों युवाओं, महिलाओं के खाते में गए ,25 करोड़ से ज्यादा लोग गरीबी रेखा से बाहर आए,विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था बनने में पूरे भारत का योगदान:अमित चिमनानीरायपुर। भारत के जापान को पीछे छोड़कर विश्व की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने पर भूपेश बघेल के नकारात्मक बयान ,जिसमें उन्होंने दावा किया कि केवल 20 कॉरपोरेट लोगों की संपत्ति बढ़ी है इस पर पलट वार करते हुए भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी एवं महालेखाकार छत्तीसगढ़ के पूर्व सलाहकार सीए अमित चिमनानी ने कहा कि कांग्रेस को देश की हर उपलब्धि से तकलीफ है एवं वह देश की हर उपलब्धि से चिढ़ते हैं। जब-जब देश आगे बढ़ता है देश का डंका विश्व में बजता है तब तक कांग्रेस के खेमे में मायूसी छा जाती है और वह ऊलजुल बयान देने लगते हैं जिनका कोई तथ्य नहीं होता। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का भी बयान इसी श्रृंखला में दिया हुआ एक बयान है।अमित ने कहा कि मोदी जी के नेतृत्व वाली सरकार ने केवल 11 वर्षों में 40 लाख करोड रुपए से ज्यादा तो किसानों के, युवाओं के महिलाओं के, खाते में सीधे डाले हैं देश के 25 करोड लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए हैं जनता का पैसा सीधा जनता के पास पहुंच रहा है अब यहां पर 85% भ्रष्टाचार करने वाली कांग्रेस को खदेड़ा जा चुका हैं। देश के बजट का आकार भी 16 लाख करोड रुपए से बढ़कर 50 लाख करोड़ हो गया है देश में प्रति व्यक्ति आय भी बढ़ गई है देश में अब हर व्यक्ति पहले की तुलना में बेहतर जीवन जी रहा है उनके जीवन में मिलने वाली सुविधाओं में भी वृद्धि हुई है ऐसे में भारत का चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बनना भारतवासियों के लिए गौरव का विषय है और यह सभी की योगदान से ही संभव हो पाया है।अमित ने कहा श्री भूपेश बघेल को सार्वजनिक करना चाहिए कि पिछले 11 वर्षों में उनकी आय कितनी बढ़ी है सोनिया गांधी और राहुल गांधी की आय कितनी बढ़ी? निश्चित तौर पर उनकी आय में भी कुछ वृद्धि हुई होगी ,जैसे पूरे देशवासियों की आय में हुई है ऐसे में उनका राजनीतिक बयान उनके स्वयं के आंकड़े से ही गलत साबित हो जाएगा। देश में जब-जब खुशी मनाने का अवसर होता है जब-जब देश को मिल रही उपलब्धियों पर गर्व करने का विषय रहता है तब कांग्रेस नकारात्मक बयान बाजी कर कर, अपने ही देश के मान सम्मान को ठेस पहुंचाने का काम करती है, जो की एक अक्षम्य में अपराध है।
- -इसके क्रियाशील हो जाने से 1150 उपभोक्ताओं को मिलेगी उच्च गुणवत्ता की विद्युत आपूर्तिकुमरदा । छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड द्वारा मुख्यमंत्री विद्युत अधोसंरचना विकास योजना के अन्तर्गत राजनांदगांव जिले के ग्रामीण अंचलों में समुचित वोल्टेज पर निर्बाध व गुणावत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विद्यमान उपकेन्द्रों में स्थापित पॉवर ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि का कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता से किया जा रहा है। इसी कड़ी में डोंगरगांव उपसंभाग के ग्राम कुमरदा में विद्यमान 33/11 के0व्ही0 उपकेन्द्र में 1.60 एम0व्ही0ए0 के पॉवर ट्रांसफार्मर का क्षमता वृद्धि करते हुए 3.15 एम0व्ही0ए0 का अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्थापित कर राजनांदगांव क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक श्री शिरीष सेलट के करकमलों द्वारा ऊर्जीकृत किया गया। इस अवसर पर अधीक्षण अभियंता राजनांदगांव वृत्त श्री एस. कंवर, कार्यपालन अभियंता, श्री बी.के.उइके, श्री एम.के. साहू, श्री ए.डी. टण्डन, सहायक अभियंता श्री आर0 पी0 ठाकुर, श्री राजेन्द्र साहू, कनिष्ठ अभियंता श्रीमती धनेश्वरी चन्द्रवंशी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित हुए।डोंगरगांव संभाग के कार्यपालन अभियंता श्री बीरबल उइके ने बताया कि कुमरदा उपकेन्द्र में 1 करोड़ 35 लाख रूपये की लागत से स्थापित अतिरिक्त 3.15 एम0व्ही0ए0 का पॉवर ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकरण से ग्राम लाटमेटा, चारभांटा, मोतीपुर, कुलहाड़ी, नादिया एवं घुपसाल के 1150 उपभोक्ताओं को फायदा होगा। अब कुमरदा उपकेन्द्र की क्षमता 6.60 एम0व्ही0ए0 से बढ़कर 8.15 ए0व्ही0ए0 हो गया है। विद्युत कंपनी के उच्चाधिकारियों के अथक प्रयासों से विद्युत विकास के लिए स्वीकृत इस कार्य से कुमरदा उपकेन्द्र के परिधि में आने वाले अनेक गांवों के किसानों तथा उपभोक्ताओं को उच्चगुणवत्ता की विद्युत सेवा लाभ मिलेगा।
- बिलासपुर / कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देशानुसार जिला बिलासपुर में खनिज विभाग द्वारा खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन पर लगातार कार्यवाही की जा रही है। दिनांक 25 मई को को खनिज अमला बिलासपुर द्वारा जोंधरा, गोपालपुर, अमलडीहा, उदइबंद एंव अन्य क्षेत्रों में खनिज परिवहन कर रहे वाहनों की लगातार जांच की गई। जोंधरा क्षेत्र से खनिज रेत का उतखनन करते 01 जेसीबी को जप्त कर थाना पचपेड़ी को सुपुर्द किया गया। खनिजों के अवैध खनन,परिवहन,भण्डारण पर खनिज विभाग द्वारा कार्यवाही लगातार जारी है।
- रायपुर । छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा बालोद जिले के विकासखण्ड-डौण्डीलोहारा के अंतर्गत ग्राम बड़ाजुंगेरा में स्थित स्थानीय नाले पर तटबंध निर्माण कार्य के लिए 77 लाख 35 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से मुख्य अभियंता महानदी गोदावरी कछार, जल संसाधन विभाग रायपुर को तटबंध निर्माण कार्य कराने प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।
- -भारत स्काउट्स गाइड्स के अलंकरण समारोह में शामिल हुए राज्यपाल-सर्वश्रेष्ठ रोवर, रेंजर, स्काउट्र, गाइडर एवं स्काउट-गाइड को दिया गया राज्यपाल पुरस्काररायपुर / राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में आज राजभवन में स्काउट्स और गाइड्स छत्तीसगढ़ राज्यस्तरीय अलंकरण समारोह आयोजित किया गया। समारोह में राज्यपाल श्री डेका ने राज्य के सर्वश्रेष्ठ स्काउटर, गाइडर, रोवर, रेंजर, एवं स्काउट-गाइड को राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन की समस्या को देखते हुए प्रकृति और पर्यावरण को सुरक्षित रखना हम सबकी सबसे बड़ी जवाबदारी है। स्काउट्स एवं गाइड्स को इसमें अपना सक्रिय योगदान देना चाहिए। उन्होंने सभी से एक पेड़ मां के नाम पर लगाने और दोस्तों एवं परिजनों को भी इसकेे लिए प्रेरित करने को कहा।श्री डेका ने सम्मान प्राप्त होने पर स्काउट्स एवं गाइड्स को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत स्काउट्स एवं गाइड्स अपने आदर्श वाक्य ‘‘तैयार हो‘‘ के अनुरूप हमेशा अपने कर्तव्य और जिम्मेदारी के साथ देश और समाज की मदद हेतु तत्पर रहते हैं। देश के युवाओं को अच्छे नागरिक बनने, आत्मनिर्माण करने और सेवा कार्य हेतु सदा तैयार रहने की प्रेरणा देते हैं। आज भारत के युवा, अपने लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए उसी दिशा में कदम बढ़ाते हैं जहां उन्हें अपना करियर बनाना है। उसके लिए कठिन परिश्रम और लगन के साथ समय प्रबंधन बहुत जरूरी है। अगर एक बार, दो बार अपने लक्ष्य से चूक भी गए तो निराश मत हो बल्कि उन असफलताओं और पिछले अनुभवों से सीख कर आगे बढ़ें। हार नहीं मानते हुए पुनः अपने आप को तैयार करें और लक्ष्य की ओर बढें, सफलता जरूर मिलेगी। अनुशासन, दृढ़ संकल्प और स्वयं पर विश्वास, सफलता की ओर ले जाता है।श्री डेका ने छत्तीसगढ़ के स्काउट्स, गाइड्स, रोवर्स, रेंजर्स द्वारा आपदा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, पेड़ लगाने और उन्हें संरक्षित रखने, साइबर अपराध, जाति भेदभाव जैसे अन्य विषयों पर विभिन्न माध्यमों से समाज को जागरूक करने के कार्य की सराहना की और राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में रोवर्स, रेंजर्स दलों का पंजीयन और गठन होने पर प्रसन्नता जाहिर की।समारोह में सर्वश्रेष्ठ स्काउट श्री दीपक सिंह, श्री नितिश कुमार यादव, श्री लोमेश कुमार सर्वश्रेष्ठ गाइड कु. दीक्षा पटेल, कुु. हंसनी, कु. झरना साहू सर्वश्रेष्ठ रोवर श्री अनुज साहू, सर्वश्रेष्ठ रेंजर कु. नेहा सेन व कु. प्रियंका यादव को राज्यपाल ने पुरस्कृत किया। इसी तरह सर्वश्रेष्ठ स्काउटर श्री गोपाल राम वर्मा व श्री मिलन सिंह सिन्हा एवं सर्वश्रेष्ठ गाइडर श्रीमती पुष्पा शांडिल्य व सुश्री रजनीकला पाटकर सम्मानित हुए। दीर्घ सेवा अलंकरण स्काउटर श्री रोमन लाल साहू व गाइडर श्रीमती बीना यादव को प्रदान किया गया।कार्यक्रम में स्वागत भाषण भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के राज्य आयुक्त डॉ. सोमनाथ यादव एवं आभार प्रदर्शन राज्य सचिव श्री कैलाश सोनी ने दिया।कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर प्रसन्ना, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, छत्तीसगढ़ स्काउट गाइड के कार्यकारी अध्यक्ष श्री राजेश अग्रवाल, राज्य के अन्य पदाधिकारी, विभिन्न जिलों से आये हुए स्काउट्र, गाइडर, रोवर, रेंजर एवं स्काउट-गाइड उपस्थित थे।
- -नक्सल पीड़ित परिवारों एवं आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए शासन प्रतिबद्ध-अब इन परिवारों को मिलेगा स्थायित्व और सम्मान-विधायक श्री अटामी-विकास की मुख्यधारा में जुड़ने का महत्वपूर्ण अवसर, मिलेगा सभी सरकारी योजनाओं का त्वरित लाभ-कलेक्टर श्री दुदावतदंतेवाड़ा । गीदम विकासखंड के ग्राम पंचायत झोडि़याबाड़म में आज एक ऐतिहासिक पहल के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत 38 आत्मसमर्पित, नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए पक्के मकानों का भूमिपूजन समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर स्थानीय विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, नगर पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सरपंच सहित कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ एवं अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि पंचायत झोडि़याबाड़म अन्तर्गत 11 हेक्टेयर की भूमि में आत्मसमर्पित नक्सली एवं नक्सली पीड़ित परिवारों के लिए मूलभूत सुविधा युक्त मॉडल स्वरूप में आवासीय पक्के मकान बनाए जाएगें।इस अवसर पर आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम में क्षेत्र के विधायक श्री चैतराम अटामी द्वारा विधि विधान से भूमि की पूजा कर निर्माण कार्य की शुरुआत की गई। इस अवसर पर विभिन्न वक्ताओं ने अपनी बात रखते हुए इस योजना को क्षेत्र के विकास और शांति स्थापना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। कार्यक्रम में स्थानीय विधायक ने कहा, “यह हम सबके लिए खुशी का अवसर है कि बांगापाल और कारली ग्रामों के आत्मसमर्पित नक्सली एवं नक्सली पीड़ित परिवारों के 38 परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत पक्के मकान मिल रहे हैं। यह न सिर्फ एक घर है, बल्कि उनके जीवन में स्थायित्व और सुरक्षा का प्रतीक भी है। मौके पर ”विधायक ने सभी लाभार्थियों को इस योजना का लाभ मिलने पर शुभकामनाएं देते हुए सरकार का आभार प्रकट किया। इसके साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नंदलाल मुड़ामी ने कहा कि “देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री का यह सपना है कि हर गरीब को उसका पक्का घर मिले। आज जो मकान इन पीड़ित परिवारों को दिए जा रहे हैं, वह उनके जीवन में स्थिरता, सम्मान और सुरक्षा की भावना को और मजबूत करेंगे।”कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने इस दौरान कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार, आत्मसमर्पित नक्सल पीड़ित परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए यह पहल की गई है। उन्होंने बताया,“जिस दिन कोई व्यक्ति आत्मसमर्पण करता है, उसी दिन से उसे शासन की समस्त योजनाओं का लाभ देने की व्यवस्था की जा रही है। इनमें राशन कार्ड, आधार कार्ड, मनरेगा कार्ड, बस पास, श्रम कार्ड पंजीयन, कौशल विकास, आयुष्मान कार्ड जैसी आवश्यक सुविधाएं शामिल हैं। ” कलेक्टर ने यह भी बताया कि इन 38 पक्के मकानों को ग्राम झोडि़याबाड़म में एक मॉडल क्लस्टर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन मकानों के साथ-साथ आजीविका के साधनों के लिए मुर्गी पालन, बकरी पालन, सूकर पालन एवं सब्जी उत्पादन हेतु अलग से भूमि प्रदान की जाएगी। इस मौके पर जिला पंचायत सीईओ श्री जयंत नाहटा, जनपद पंचायत सीईओ श्री बलराम ध्रुव सहित अन्य अधिकारी ओर प्रधानमंत्री आवास के हितग्राही मौजूद थे।
- -300 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्ताव-छत्तीसगढ़ से होगा अब पूरे देश को ट्रांसफॉर्मर सप्लाईनई दिल्ली। विकसित भारत के सपने को साकार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ एक और बड़ी छलांग लगाने जा रहा है। देश की प्रतिष्ठित कंपनी करमवीर इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड ने रायपुर में अत्याधुनिक ट्रांसफॉर्मर निर्माण इकाई स्थापित करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के समक्ष प्रस्तुत किया। इस इकाई में 300 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा, जिससे छत्तीसगढ़ का नाम देश के सबसे बड़े ट्रांसफॉर्मर निर्माण केंद्रों में शामिल हो जाएगा।इस अवसर पर कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री विवेक जैन ने मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ सदन, नई दिल्ली में मुलाकात की। बैठक में प्रस्तावित परियोजना की रूपरेखा, निवेश संभावनाएं और रोजगार सृजन के आयामों पर विस्तार से चर्चा हुई। श्री जैन ने बताया कि यह यूनिट तकनीकी दृष्टि से देश की सबसे उन्नत ट्रांसफॉर्मर निर्माण इकाई होगी, जो भविष्य में ऊर्जा क्षेत्र की ज़रूरतों को पूरा करने में मील का पत्थर साबित होगी।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निवेश प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा, “हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़, विकसित भारत 2047 के निर्माण में एक मजबूत स्तंभ बने। यह निवेश सिर्फ एक औद्योगिक इकाई नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत कदम है। राज्य सरकार इस परियोजना को हरसंभव सहायता प्रदान करेगी।”यह परियोजना राज्य में बिजली क्षेत्र के आधुनिकीकरण, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, और उद्योग आधारित विकास को गति देगी। विशेष रूप से यह पहल “मेक इन छत्तीसगढ़” के नारे को मजबूती देती है, जहां अब अत्याधुनिक तकनीक से बने ट्रांसफॉर्मर पूरे देश को रोशन करने का कार्य करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ के इनवेस्टमेंट कमिश्नर ऋतु सेन भी उपस्थित थी ।
- गौरेला पेण्ड्रा मरवाही। शैक्षणिक सत्र 2025-26 में 12वीं से उच्चतर कक्षाओं के लिए ऑनलाइन पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति का पंजीयन, स्वीकृति एवं वितरण की कार्रवाई वेबसाइटpostmatric-scholarship.cg.nic.inपर ऑनलाइन किया जा रहा है। छात्रवृत्ति हेतु प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों से ऑनलाइन आवेदन तीन चरणों में आमंत्रित किया गया है। नवीनीकरण के लिए विद्यार्थियों द्वारा आवेदन प्राप्ति की तिथि 31 मई, 31 अगस्त और 30 नवम्बर 2025 तक तथा नवीन विद्यार्थियों द्वारा आवेदन प्राप्ति की तिथि 31 अगस्त, 30 सितम्बर और 30 नवम्बर 2025 तक निर्धारित हैं। विद्यार्थियों को उनके आधार सीडेड बैंक खाते में भुगतान 7 कार्य दिवस में प्राप्त होगा। निर्धारित तिथि के पश्चात शिक्षा सत्र 2025-26 की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति ऑनलाइन आवेदन हेतु पोर्टल बंद कर दिया जावेगा एवं ड्रॉफ्ट प्रपोजल एवं सेंक्शन ऑर्डर लॉक करने का अवसर भी प्रदान नहीं किया जावेगा। निर्धारित तिथि तक कार्यवाही पूर्ण नहीं करने पर यदि संबंधित संस्थाओं के विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित रह जाते हैं तो इसके लिए संस्था प्रमुख जिम्मेदार होंगे।सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ने बताया है कि जिले में संचालित सभी सरकारी और निजी महाविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, पॉलीटेक्निक कॉलेज और आईटीआई में अध्यनरत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थी, जो विभाग द्वारा संचालित पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए पात्रता रखते हैं, वे निर्धारित समय तक आवेदन कर सकते हैं। छात्रवृत्ति हेतु पात्रता के लिए अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विद्यार्थियों के पालक की आय-सीमा 2.5 लाख रूपए प्रतिवर्ष, अन्य पिछड़ा वर्ग हेतु आय-सीमा 1 लाख रूपए प्रतिवर्ष, सक्षम अधिकारी द्वारा जारी स्थाई जाति प्रमाण पत्र, छत्तीसगढ़ का मूल निवास प्रमाण पत्र, विद्यार्थी के अध्ययनरत पाठ्यक्रम के विगत वर्ष का परीक्षा परिणाम संलग्न करना होगा। छात्रवृत्ति का भुगतान पीएफएमएस के माध्यम से आधार सीडेड बैंक खाते में पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति का भुगतान किया जा रहा है। इसलिए सभी विद्यार्थी अपने सक्रिय एवं आधार सीडेड बैक खाते की प्रविष्टि ऑनलाइन करते समय सुनिश्चित कर लें। वर्ष 2025-26 में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को एनएसपी पोर्टल से ओटीआर (वन टाइम रजिस्ट्रेशन) प्राप्त करना आवश्यक है। इसके लिए राज्य छात्रवृत्ति पोर्टल में प्रदाय निर्देशों का अवलोकन किया जा सकता है। वर्ष 2025-26 में नवीन संस्था के संस्था प्रमुख एवं छात्रवृत्ति प्रभारी का बायोमेट्रिक अथेंटिकेशन किया जाना अनिवार्य है।
- नक्सल पीड़ित परिवारों एवं आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए शासन प्रतिबद्धअब इन परिवारों को मिलेगा स्थायित्व और सम्मान-विधायक श्री अटामीविकास की मुख्यधारा में जुड़ने का महत्वपूर्ण अवसर, मिलेगा सभी सरकारी योजनाओं का त्वरित लाभ-कलेक्टर श्री दुदावतदंतेवाड़ा/ गीदम विकासखंड के ग्राम पंचायत झोडि़याबाड़म में आज एक ऐतिहासिक पहल के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत 38 आत्मसमर्पित, नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए पक्के मकानों का भूमिपूजन समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर स्थानीय विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, नगर पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सरपंच सहित कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ एवं अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि पंचायत झोडि़याबाड़म अन्तर्गत 11 हेक्टेयर की भूमि में आत्मसमर्पित नक्सली एवं नक्सली पीड़ित परिवारों के लिए मूलभूत सुविधा युक्त मॉडल स्वरूप में आवासीय पक्के मकान बनाए जाएगें।इस अवसर पर आयोजित भूमिपूजन कार्यक्रम में क्षेत्र के विधायक श्री चैतराम अटामी द्वारा विधि विधान से भूमि की पूजा कर निर्माण कार्य की शुरुआत की गई। इस अवसर पर विभिन्न वक्ताओं ने अपनी बात रखते हुए इस योजना को क्षेत्र के विकास और शांति स्थापना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। कार्यक्रम में स्थानीय विधायक ने कहा, “यह हम सबके लिए खुशी का अवसर है कि बांगापाल और कारली ग्रामों के आत्मसमर्पित नक्सली एवं नक्सली पीड़ित परिवारों के 38 परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत पक्के मकान मिल रहे हैं। यह न सिर्फ एक घर है, बल्कि उनके जीवन में स्थायित्व और सुरक्षा का प्रतीक भी है। मौके पर ”विधायक ने सभी लाभार्थियों को इस योजना का लाभ मिलने पर शुभकामनाएं देते हुए सरकार का आभार प्रकट किया। इसके साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नंदलाल मुड़ामी ने कहा कि “देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री का यह सपना है कि हर गरीब को उसका पक्का घर मिले। आज जो मकान इन पीड़ित परिवारों को दिए जा रहे हैं, वह उनके जीवन में स्थिरता, सम्मान और सुरक्षा की भावना को और मजबूत करेंगे।कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने इस दौरान कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार, आत्मसमर्पित नक्सल पीड़ित परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए यह पहल की गई है। उन्होंने बताया,“जिस दिन कोई व्यक्ति आत्मसमर्पण करता है, उसी दिन से उसे शासन की समस्त योजनाओं का लाभ देने की व्यवस्था की जा रही है। इनमें राशन कार्ड, आधार कार्ड, मनरेगा कार्ड, बस पास, श्रम कार्ड पंजीयन, कौशल विकास, आयुष्मान कार्ड जैसी आवश्यक सुविधाएं शामिल हैं। कलेक्टर ने यह भी बताया कि इन 38 पक्के मकानों को ग्राम झोडि़याबाड़म में एक मॉडल क्लस्टर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन मकानों के साथ-साथ आजीविका के साधनों के लिए मुर्गी पालन, बकरी पालन, सूकर पालन एवं सब्जी उत्पादन हेतु अलग से भूमि प्रदान की जाएगी। इस मौके पर जिला पंचायत सीईओ श्री जयंत नाहटा, जनपद पंचायत सीईओ श्री बलराम ध्रुव सहित अन्य अधिकारी ओर प्रधानमंत्री आवास के हितग्राही मौजूद थे।
- भिलाई। वर्ष 2007-08 का गरीबी रेखा सत्यापन प्रमाण पत्र के आधार पर पालको द्वारा अपने बच्चों का बड़े स्कूल में शिक्षा के अधिकार के तहत दाखिला करवा रहे है। इससे उन्हे नियमानुसार छूट की सुविधा प्राप्त होती है। जिसके माध्यम से नर्सरी से लेकर बारहवीं तक निःशुल्क शिक्षा दी जाती है। कुछ अविभावक जो गरीबी रेखा में नहीं है, उनके द्वारा कुट रचित कृत करके दुसरे के बीपीएल सर्वे सूची क्रमांक पर अपना नाम दर्ज करके स्कूलों में पेश किया जा रहा है। उसके आधार पर बच्चों को दाखिला मिल जा रहा है। इसी प्रकार के कुछ प्रकरण संज्ञान में आया, जाॅच करने पर पता चला कि नगर निगम भिलाई द्वारा बीपीएल प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया है। वह गलत ढंग से बनाकर स्कूलोें में प्रस्तुत किया गया है। बीपीएल सर्वे सूची सत्यापन के लिंक में जाने पर वहां दुसरे व्यक्ति का नाम दिखा रहा है।निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय के निर्देश पर जोन सहायक राजस्व अधिकारी प्रशन्न तिवारी द्वारा सुपेला एवं स्मृति नगर थाने में जाकर प्राथमिकी दर्ज करायी गई। कि जिस दस्तावेज के आधार पर स्कूल में दाखिला लिया गया है, वह निगम द्वारा जारी नहीं किया गया है। ऐसे पालकों के खिलाफ कार्यवाही किया जाए। कुछ ऐसे बिचैलिए है जो निगम के द्वारा जारी पूर्व दस्तावेजो के आधार पर उसी के समान बीपीएल सर्वे क्रमांक डालकर नाम दुसरे का अंकित करके बीपीएल प्रमाण पत्र बनवाकर दे-दे रहे है। स्कूलों द्वारा भी निगम से प्रमाण पत्र सत्यापन नहीं कराया जा रहा है।जोन आयुक्त अजय सिंह राजपूत द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर सूचित किया गया है कि जितने भी बच्चों का बीपीएल प्रमाण पत्र के आधार पर प्राईवेट स्कूलो में दाखिला हुआ है, उनका बीपीएल सत्यापन प्रमाण पत्र नगर निगम भिलाई के जोन कार्यालयों से कराया जाना अनिवार्य हो। जिससे उन्ही बच्चों को बीपीएल श्रेणी के आधार पर प्राईवेट स्कूलो में दाखिला मिले, जो उसके पात्र हो। गलत लोगो के खिलाफ सक्त कार्यवाही किया जाना चाहिए।
- आयुक्त विश्वदीप और संस्कृति विभाग अध्यक्ष गिदवानी के निर्देश पर व्यापक अभियान प्रारम्भरायपुर। नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त विश्वदीप और पण्डित भगवती चरण शुक्ल वार्ड क्रमांक 57 के पार्षद और संस्कृति विभाग के अध्यक्ष अमर गिदवानी के निर्देश पर नगर निगम जोन 4 स्वास्थ्य विभाग द्वारा जोन 4 जोन कमिश्नर अरुण ध्रुव और जोन स्वास्थ्य अधिकारी वीरेन्द्र चंद्राकर के मार्गनिर्देशन में पण्डित भगवती चरण शुक्ल वार्ड क्रमांक 57 के अंतर्गत पुराना राजेन्द्र नगर क्षेत्र में सतबहनिया तालाब को जलकुम्भी से मुक्त करवाने हेतु समाजहित में पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से 10 स्थानीय मछुआरों की सहायता से व्यापक अभियान प्रारम्भ किया गया है. मछुआरों की सहायता से सतबहनिया तालाब के भीतर से जलकुम्भी को खींचकर बाहर निकाला जा रहा है और जोन 4 स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा जेसीबी मशीन की सहायता से जलकुम्भी को तत्काल उठवाकर स्वच्छता कायम करने कार्य किया जा रहा है. आयुक्त श्री विश्वदीप और संस्कृति विभाग अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी ने सतत मॉनिटरिंग कर सतबहनिया तालाब को शीघ्र समाज हित में पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से अभियानपूर्वक जलकुम्भी से मुक्त करवाने जोन 4 जोन कमिश्नर और जोन स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किया है.
- रायपुर। राज्य नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के निर्देश के परिपालन में राजमाता अहिल्या बाई होल्कर की 300वीं जयन्ती 31 मई 2025 के परिपेक्ष्य में नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देशानुसार और जोन 4 जोन कमिश्नर के मार्गदर्शन में नगर निगम जोन 4 की टीम द्वारा आज जोन 4 के अंतर्गत पण्डित रविशंकर शुक्ल वार्ड नम्बर 34 के क्षेत्र के अंतर्गत राजातालाब कैनाल लींकिंग रोड के किनारे लोटस अस्पताल के समीप स्थित राजमाता अहिल्या बाई होल्कर की मूर्ति स्थल की विशेष सफाई अभियानपूर्वक करवाते हुए उनकी मूर्ति पर ससम्मान माल्यार्पण किया.
- भिलाई। नगर निगम भिलाई क्षेत्र में बहुत से ऐसे क्षेत्र है, जहां पर बरसात के समय जल भराव की स्थिति निर्मित हो जाती है। आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय नियमित भ्रमण के दौरान जोन आयुक्त अजय सिंह राजपूत, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली को लेकर माॅडल टाउन उड़िया बस्ती, पंडित दिनदयाल उपाध्याय आवासीय कालोनी, पुष्पक नगर, आनंद नगर, कोसा नगर, रैश्ने आवास, कैलाश नगर, आर्य नगर कोहका, साकेत नगर, कृष्णा ग्रैण्ड सिटी, आनंद पुरम का अंदर का भाग आदि क्षेत्रों का निरीक्षण करने पहुंचे। वहां पर नालों एवं नालियों का सफाई किया जा रहा है। मूल रूप से इन स्थानों पर यह समस्या आ रही है कि ज्यादातर प्राईवेट कालोनिया डवलप हो गई है। जहां पर जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक सेवक, पुलिस विभाग, डाॅक्टर, इंजीनियर, अधिवक्ता एवं व्यापारीगणों के बड़े-बड़े मकान बन गये है, लेकिन वहां पर सीवरेज पानी एवं बरसात के पानी का पर्याप्त निकासी की व्यवस्था नहीं की गई है। भू-माफियाओं के संपर्क में आकर बड़े-बड़े प्लाट लेकर करोड़ो का मकान एवं फ्लैट बनया गया है। शुरू में कच्ची एवं पक्की नाली बनाकर दुसरे के प्लाट में पानी गिरा दिया जाता है। यही क्रम बढ़ रहा है और अंत में जाकर जो निचली बस्ती है, वहां पर पानी का दबाव बढ़ते जा रहा है। कही-कहीं पर ऐसी भी स्थिति है, जहां पुरा का पुरा नाली एवं सड़क ब्लाक हो गया है। वहां पर बड़े मकान बन गए है, जल निकासी हो तो कहां से हो।नगर निगम भिलाई द्वारा लोगो के मांग पर जहां तक हो सकता है नाली का निर्माण कर दिया गया है। लेकिन बड़े नाले से जोड़ने के लिए सामने बड़े-बड़े लोगो का मकान आ जाता है, नाली जाए तो कैसे जाए। इस समस्या का सामना स्थानीय निवासियों के साथ-साथ वार्ड पार्षद एवं नगर निगम भी कर रहा है। वर्तमान में नाली एवं नालो की सफाई गैंग लगाकर कराई जा रही है। आयुक्त ने निर्देश दिया है कि जो भी कचरा नाली से निकलता है, उसे उसी दिन हटा दिया जाए। जिससे बारिश होने पर वह कचरा पुनः नाली में न जाए। नगर निगम भिलाई द्वारा बार-बार मकान निर्माताओ से अपील की जाती है कि अपना मकान खरीदने से पहले निगम के भवन अनुज्ञा शाखा, टाउन एण्ड कंट्री प्लानिंग दुर्ग, शासकीय पटवारी कार्यालय आदि से भूखण्ड के वास्तविकता का पता लगा लें कि उसके द्वारा खरीदे गए प्लाट पर मकान बनाने के लायक है कि नहीं पता चल जाएगा। रोड़, नाली, एप्रोच रोड की समुचित व्यवस्था है कि नहीं की जानकारी लेकर ही मकान बनाना शुरू करें। किसी भी दलाल, भू-माफिया आदि के बहकावे में मत आवे। भविष्य की परेशानी उन्हे एवं उनके परिवार को उठानी पड़ सकती है।निरीक्षण के दौरान उपअभियंता पुरूषोत्तम सिन्हा, चंदन निर्मलकर, बसंत साहू, जोन स्वास्थ्य अधिकारी अंकित सक्सेना आदि उपस्थित रहे।







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