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राजनांदगांव । छत्तीसगढ़ की प्रतिभाशाली वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव ने सीनियर एशियाई वेटलिफ्टिंग चौंपियनशिप में 53 किलोग्राम वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर एवं कांस्य पदक जीतकर प्रदेश एवं देश का नाम गौरवान्वित किया है। ज्ञानेश्वरी यादव ने स्नैच में 88 किलोग्राम एवं क्लीन एण्ड जर्क में 106 किलोग्राम वजन उठाकर कुल 194 किलोग्राम का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। इस शानदार उपलब्धि पर जिला प्रशासन, कोच श्री अजय लोहार विश्वकर्मा, स्टेडियम समिति, जिला भारोत्तोलन संघ के संरक्षक श्री अजय श्रीवास्तव, अध्यक्ष श्री अमित आजमानी, संघ के समस्त पदाधिकारियों, जय भवानी व्यायाम शाला एवं समस्त खेल प्रेमियों ने हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
- - महाराष्ट्र मंडल के साथ रंगभूमि ने अपनी 10वीं सालगिरह पर आयोजित किया 'रंग यानिकी'रायपुर। सीता सा है मेरा चरित्र और उर्मिला सा है मेरा समर्पण। मेरा प्रेम, त्याग, किसी भी तरह कम नहीं। मैं मन दो धरी, इसलिए कहलाई मंदोदरी। इस बेहतरीन डायलॉग डिलीवरी के साथ रंजना ध्रुव ने मंदोदरी की व्यथा को इतनी संवेदनशीलता से मंच पर प्रस्तुत किया कि रंगप्रेमी दर्शक बस देखते ही रह गए। बात हो रही है सिविल लाइंस स्थित वृंदावन हाॅल में रंगभूमि की 10वीं सालगिरह पर आयोजित कार्यक्रम रंग यानिकी की। इस मौके पर वरिष्ठ रंगसाधक आचार्य रंजन मोड़क के निर्देशन में हिंदी और छत्तीसगढ़ी में अपनी संस्कृति, परंपरा और आध्यात्म से जुड़ी कविताओं व लघु नाटिकाओं की प्रभावशाली प्रस्तुतियां हुईं।‘मैं हूं शकुनि, क्योंकि जब मेरे स्वजनों को कुचला गया, तब मैंने धर्म की किताब पहनकर अपने बदलों की चालों में निपटा दिया। मेरी सबसे बड़ी जीत क्या थी? कौरवों की हार? पांडवों का विनाश? नहीं मेरी सबसे बड़ी जीत थी धर्म की भाषा बोलकर अधर्म करना।‘ चैतन्य मोड़क ने शकुनि के किरदार को इतनी जीवंतता से मंच पर उतारा कि लगा हमारे आसपास, समाज में ऐसे शकुनियों की कमी नहीं है। बिल्कुल इसी तीखे और आक्रामक अंदाज में सुषमा गायकवाड़ ने ‘मैं हूं और मैं ही रहूंगी’ की जानदार प्रस्तुति दी। सुषमा ने कहा कि लोग कहते है कि तुम राधा बनो, सीता बनो, मीरा बनो, तुम उर्मिला बनो, यशोधरा बनो, पर मैं हूं... मैं कोई और क्यों बनूं।इधर प्रभात साहू ने छत्तीसगढ़ी कविता 'सुरता', ट्विंकल परमार ने 'तन्हाई', दीप्ति त्यागी ने 'ईस्कूल', रिया परमार ने 'कजरी', भारती पलसोदकर ने 'बचपन', क्षितिज महोबिया ने 'दादाजी', आकाश वरठी ने 'पापी पेट' और जयप्रकाश साहू ने कविता 'गाय' पर सुंदर प्रस्तुति दी। इस बीच अनुष्का टेंबे, प्रार्थना दंडवते और नन्हीं सी मानवी साहू की रवींद्र नृत्य से सधी हुई प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को और ऊंचाई मिली। इस मौके पर वरिष्ठ लोक कलाकार नरेंद्र यादव को लोकरंग पुरोधा सम्मान से नवाजा गया। डॉ. सीमा श्रीवास्तव वरिष्ठ कवयित्री को निरंतर साहित्य साधना के लिए सम्मानित किया गया। बजरंगी भाई के नाम से प्रसिद्ध गौ सेवक लितेश साहू को गौ सेवा के लिए सम्मानित किया गया। इनके अलावा 25 वर्षों से निर्धन विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा देकर उनका भविष्य संवार रहे एम. राजीव को शिक्षा के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।वहीं नरेंद्र यादव ने अपने लोक रंग के सफर में महाराष्ट्र मंडल की यादों को साझा किया और कहा कि इतनी पुरानी संस्था आज भी कला की सेवा के लिए समर्पित है, यह अपने आप में बड़ी बात है। इस मौके पर महाराष्ट्र मंडल के सचिव चेतन दंडवते ने लोकरंग की 10 वर्षों की रंगभूमि की यात्रा का स्मरण करते हुए कहा कि रंजन मोड़क की इस संस्था की स्थापना से लेकर आज तक महाराष्ट्र मंडल खड़ा रहा और आगे भी इसी तरह रंगभूमि का साथ निभा रहेगा। कार्यक्रम का संचालन अक्षदा मातुरकर ने किया।
- दुर्ग / छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए आयोजित 'सुशासन तिहार' अभियान धरातल पर सकारात्मक परिवर्तन ला रहा है। इसी कड़ी में दुर्ग निगम अंतर्गत विवेकानंद सभागार में जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें राशनकार्ड बनवाने पहुंची वार्ड क्रमांक 17 की निवासी रीना देवांगन की कहानी शासन की सजगता का एक प्रत्यक्ष उदाहरण बनी है। रीना देवांगन अपने परिवार के लिए राशन कार्ड बनवाने को लेकर प्रयासरत थीं। जब उन्हें ’सुशासन तिहार’ (1 मई से 10 जून) के अंतर्गत आयोजित होने वाले शिविरों की जानकारी मिली, उन्होंने पूरे विश्वास के साथ अपना आवेदन प्रस्तुत किया। रीना बताती हैं कि सुशासन तिहार शिविर में उनकी समस्या को न केवल गंभीरता से सुना गया, बल्कि प्रशासनिक तत्परता के साथ तुरंत कार्यवाही भी की गई। उन्हें शिविर स्थल पर ही बीपीएल राशन कार्ड उपलब्ध करा दिया गया। रीना बताती है ’’मैं राशन कार्ड बनवाने के लिए सोच ही रही थी, सुशासन तिहार के शिविर में आवेदन दिया और शिविर में ही तुरंत मेरा बीपीएल राशन कार्ड मिल गया। इसके लिए मैं माननीय मुख्यमंत्री जी और प्रधानमंत्री जी को हृदय से धन्यवाद देती हूँ।’’ शासन अब जनता के द्वार तक पहुँच रहा है। ’संवाद से समाधान तक’ के मंत्र के साथ आयोजित ये शिविर सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाते हुए पात्र हितग्राहियों को उनके अधिकारों से जोड़ रहे हैं।
- दुर्ग। दुर्ग जिले के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र को नई दिशा देने की दिशा में बुधवार को एक महत्वपूर्ण पहल हुई। कचांदूर स्थित चंदूलाल चंद्राकर शासकीय मेडिकल कॉलेज के पास नवीन फिजियोथेरेपी कॉलेज निर्माण हेतु भूमिपूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव शामिल हुए और विधिवत पूजा-अर्चना कर निर्माण कार्य का शुभारंभ किये।केबिनेट मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि फिजियोथेरेपी चिकित्सा पद्धति आज स्वास्थ्य सेवाओं का अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। बदलती जीवनशैली, दुर्घटनाओं, खेल संबंधी चोटों, लकवा, कमर एवं जोड़ों के दर्द जैसी समस्याओं के उपचार में फिजियोथेरेपी की भूमिका लगातार बढ़ रही है। दुर्ग जिले में इस कॉलेज की स्थापना से आम नागरिकों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक उपचार सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी।केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि यह संस्थान केवल उपचार केंद्र ही नहीं बल्कि दुर्ग जिले के चिकित्सा शिक्षा और प्रशिक्षण का भी प्रमुख केंद्र बनेगा, जहां विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक तकनीक आधारित प्रशिक्षण तथा बेहतर करियर अवसर प्राप्त होंगे। इससे जिले सहित पूरे संभाग के युवाओं को स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।केबिनेट मंत्री श्री यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और चिकित्सा शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। प्रदेश के विभिन्न जिले में फिजियोथेरेपी कॉलेज बनाने बजट में स्वीकृति प्रदान किये थे जिसका आज भूमिपूजन किया गया। स्थापना से स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी तथा मरीजों को बिना ऑपरेशन और कम दवाइयों के माध्यम से उपचार की प्रभावी सुविधा मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में यह संस्थान दुर्ग जिले की पहचान बनेगा और बड़ी संख्या में मरीजों को लाभान्वित करेगा।कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं मेडिकल कॉलेज स्टॉफ ने भी इस पहल को जिले के लिए ऐतिहासिक कदम बताया। भूमिपूजन अवसर पर विधायक श्री डोमनलाल कोर्सवाड़ा, जिला पंचायत सदस्य श्री जीतेन्द्र यादव, मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकगण, स्टॉफ एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
- -मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण लेने राज्य के सभी जिलों से एडल्ट लीडर्स का हुए शामिलबिलासपुर /मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन के अंतर्गत “तारुण्य वार्ता एवं पीरियड्स पर खुलकर” अभियान के साथ ही दो दिवसीय मास्टर ट्रेनर्स प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।यूनिसेफ और भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में इसका आयोजन श्री बालाजी विद्या मंदिर देवेंद्र नगर, रायपुर में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के राज्य मुख्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह खालसा के निर्देशन में 11 से 12 मई 2026 तक होगा। कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण प्राप्त करने राज्य के सभी जिलों से तीन-तीन संस्था से भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के जिला संगठन आयुक्त एवं लीडर्स जुटे हैं।कार्यकम में जिला शिक्षा अधिकारी पदेन जिला आयुक्त स्काउट विजय कुमार टांडे, डॉ पूनम सिंह, व्याख्याता एवं जिला संगठन आयुक्त (गाइड), गाइडर- श्रीमती रश्मि तिवारी एवं श्रीमती मिंदू सांडे सम्मिलित हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए मुख्य अतिथि की आसंदी से छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि मासिक धर्म पर चुप्पी नहीं, जागरूकता और संवाद की आवश्यकता है। हर बेटी को सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक माहवारी प्रबंधन का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने यूनिसेफ और भारत स्काउट्स एवं गाइड्स द्वारा प्रारंभ किए गए अभियान की प्रशंसा की।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राज्य मुख्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह खालसा ने कहा कि यूनिसेफ के साथ शुरू की गई मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन की इस मुहिम को पूरे छत्तीसगढ़ में हर वर्ग तक पहुंचाने का कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 28 मई को अभियान का समापन मुख्यमंत्री के मुख्य आतिथ्य में होगा। यूनिसेफ छत्तीसगढ़ हेड सीमा कुमार ने कहा कि यह गर्व की बात है कि आज हम लड़कियों को गरिमा, सम्मान और स्वास्थ्य सुरक्षा का अभियान शुरू कर रहे हैं। यह बालिकाओं के सशक्तिकरण का भी अभियान है। उन्होंने कहा कि यह अभियान माहवारी के मिथकों और अनावश्यक पाबंदियों को तोड़ने का कार्य करेगा।यह अभियान लड़कियों तक ही सीमित नहीं रहेगा, यह लड़कों को भी माहवारी के प्रति जागरूक करेगा और उनकी समझ को बढ़ाएगा तथा झिझक को दूर करेगा। सीमा कुमार ने मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन जैसे विषय को स्कूलों के पाठ्यक्रम के माध्यम से अभियान तक पहुंचाने की मांग रखी। यूनिसेफ के व्यवहार परिवर्तन विशेषज्ञ अभिषेक सिंह ने अभियान के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस अभियान से माहवारी को लेकर किशोरों में स्वास्थ्य एवं स्वच्छता जागरूकता में वृद्धि होगी। मासिक धर्म स्वच्छता व्यवहार में सुधार आएगा और इस विषय पर बात करने की झिझक दूर होगी तथा भ्रांतियों में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि यह अभियान बालिकाओं के सशक्तिकरण पर भी जोर देगा। शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान यूनिसेफ की बाल संरक्षण विशेषज्ञ चेतना देसाई, तथा सोशलिस्टर बीना पटेल, भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राष्ट्रीय मुख्यालय आयुक्त जी स्वामी, रेड क्रॉस सोसायटी के उपाध्यक्ष रूपेश पाणिग्रही, राज्य मुख्यालय आयुक्त रविश गुप्ता, स्टेट कोऑर्डिनेटर मंथरिश गोरेगो माहवारी सार्थक समूह भी मंचासीन रहे।कार्यक्रम का संचालन राज्य प्रशिक्षण आयुक्त (स्काउट) पूनम साहू ने किया तथा आभार राज्य संयुक्त सचिव बीना यादव द्वारा जताया गया। पहले दिवस का प्रशिक्षण यूनिसेफ के एमवीसी कंसल्टेंट अभिषेक त्रिपाठी द्वारा पॉवर विजन की सहभागिता से प्रारंभ किया गया। दो दिवसीय मास्टर ट्रेनर्स प्रशिक्षण कार्यक्रम का संयोजन दिलीप पटेल द्वारा किया गया। शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान भारत स्काउट्स एवं गाइड्स की राज्य प्रशिक्षण आयुक्त (गाइड्स) श्रीमती सरिता पाण्डेय, राज्य संगठन आयुक्त द्वय अमित क्षत्रिय एवं जलवती साहू सहित अन्य की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान राज्य मुख्य आयुक्त इंद्रजीत सिंह खालसा ने मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन का संकल्प भी दिलाया। अतिथियों द्वारा पोस्टर का विमोचन भी किया गया।--00--
- -मकान सूचीकरण एवं मकान गणना में उल्लेखनीय योगदान देने वालों को मिले प्रशस्ति पत्ररायपुर । भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकान गणना कार्य में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कर्मचारियों को आज कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।कलेक्ट्रेट स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में आयोजित सम्मान समारोह में कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में कर्मचारियों की निष्ठा और मेहनत सराहनीय है। उनके योगदान से ही प्रथम चरण का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।कलेक्टर के समक्ष अपना अनुभव साझा करते हुए धरसीवां ब्लाक के ग्राम तिवरैया निवासी सहायक शिक्षक श्री संजय कुमार बंजारे ने बताया कि मुझे मेरे ही गांव में कार्य करने का अवसर मिला एवं ग्रामीणों द्वारा मुझे सम्मान भी मिला।जोन 6 में कार्य करने वाले श्री पुरुषोत्तम सिंह श्याम ने बताया कि मैं 2011 में जनगणना का कार्य किया था उसे वक्त सारा चीज कागज में करना पड़ता था लेकिन अब सब डिजिटल होने से हम सभी को आसानी हो रही है। डिजिटल तरीके से कार्य करना हम सभी के लिए एक अच्छा अनुभव हाथ और हमें बहुत कुछ सीखने मिला।अभनपुर ब्लॉक की शिक्षिका श्रीमती श्वेता ठाकुर ने बताया कि खेतों में एक घर होता था उसके बाद दूसरा घर 15 एकड़ के बाद होता था जहां टू व्हीलर से पहुंचना संभव नहीं था तो मैं पैदल जाकर जनगणना का कार्य पूरा की ग्राम रावली ब्लॉक 25 एवं 26 में 200 से अधिक मकान का सूचीकरण किया ।तिल्दा ब्लॉक के ग्राम सर्पोंगा के शिक्षक श्री बिपिन प्रबल तिर्की ने बताया कि मैं खुद के गांव में जनगणना कर रहा था जहां मुझे आदर सत्कार मिला एवं लोगों ने भोजन करने का भी आग्रह किया। मुझे जनगणना कार्य करने में बहुत कुछ सीखने को भी मिला।सम्मानित होने वालों में तहसील रायपुर के 4, तहसील धरसीवां के 8, तहसील तिल्दा के 11, तहसील मंदिर हसौद के 7, तहसील खरोरा के 1, तहसील अभनपुर के 4 तथा तहसील गोबरा नवापारा के 15, सीएमओ तिल्दा-नेवरा के 2, सीएमओ गोबरा नवापारा के 1, सीएमओ अभनपुर के 1, सीईओ एनआरडीए के 08, रायपुर नगर निगम के 6 तथा नगर निगम बीरगांव के 26 कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार बिश्वरंजन, अपर कलेक्टर श्री मनीष मिश्रा सहित अन्य अधिकारी से उपस्थित रहे।
- -ब्रिटिश कालीन राजस्व दस्तावेजों का सुशासन तिहार में हुआ अवलोकन-पूर्व मालगुजार के वंशज राकेश सिंह ठाकुर ने संभाल रखी है धरोहर, ज्ञान भारतम ऐप में दर्जरायपुर । ज्ञानभारतम मिशन के तहत रायपुर जिले के तिल्दा विकासखंड की ग्राम पंचायत ख़ौना में ऐतिहासिक महत्व की 5 पांडुलिपियां प्राप्त हुई हैं। ये सभी पांडुलिपियां 100 वर्ष से अधिक पुरानी हैं और ब्रिटिश काल की हैं।गांव के निवासी श्री राकेश सिंह ठाकुर के घर पर ये दस्तावेज संरक्षित हैं। उनके पूर्वज गांव के मालगुजार थे। इन पांडुलिपियों में तत्कालीन राजस्व प्रकरण, राजस्व वसूली एवं अन्य प्रशासनिक कार्यों से संबंधित महत्वपूर्ण ब्यौरे दर्ज हैं।ग्राम खौना में आयोजित सुशासन तिहार के समाधान शिविर में धरसीवां विधायक श्री अनुज शर्मा, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन एवं क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में इन पांडुलिपियों का अवलोकन किया गया। इस अवसर पर श्री राकेश सिंह ठाकुर को इस अमूल्य धरोहर को पीढ़ियों से संरक्षित रखने के लिए सम्मानित किया गया और बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं। इन सभी पांडुलिपियों को ज्ञान भारतम ऐप में अपलोड कर दर्ज किया गया है, जिससे यह राष्ट्रीय डिजिटल संग्रह का हिस्सा बन गई हैं।
- रायपुर / कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित Constable (GD) in Central Armed Police Forces (CAPFS) एवं SSF तथा Rifleman (GD) in Assam Rifles Examination-2026 की कंप्यूटर आधारित परीक्षा 31 मई 2026 तक आयोजित की जाएगी।यह परीक्षा जिले में स्थित Professional Institute of Engineering and Technology State highway 7, Vidhansabha road Mura Bangoli, Raipur परीक्षा केंद्र में संपन्न होगी। परीक्षा के सुचारू संचालन हेतु श्री सूर्यकांत कुम्भकार, अतिरिक्त तहसीलदार, खरोरा रायपुर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
- रायपुर । छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ‘सुशासन तिहार 2026’ के तहत आयोजित समाधान शिविर ग्रामीणों और श्रमिकों के लिए त्वरित राहत का माध्यम बन रहे हैं। तिल्दा विकासखंड के ग्राम खौना में आयोजित सुशासन तिहार जन समस्या निवारण शिविर में ग्राम खौना निवासी श्रीमती कल्याणी कुर्रे के आवेदन पर तत्काल राशन कार्ड बनाया गया। धरसींवा विधायक पद्मश्री अनुज शर्मा द्वारा श्रीमती कुर्रे को राशन कार्ड दिया गया|श्रीमती कुर्रे ने कहा कि मैं आज सुशासन तिहार में अपने राशन कार्ड के लिए आवेदन किया था जिसके बाद तत्काल मुझे राशन कार्ड प्रदान किया गया अब मुझे और मेरे परिवार को राशन से संबंधित कोई समस्या नहीं होगी।इस अवसर पर कलेक्टर डॉ गौरव सिंह एवं जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
- -सभी आवेदनों का अधिकारी एक महीने में गुणवत्तापूर्ण तरीके से करें निराकरण :- कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह-खौना शिविर में 186 आवेदनों का मौके पर निराकरणरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप आयोजित ‘सुशासन तिहार 2026’ आमजन की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी और संवेदनशील निराकरण का प्रभावी माध्यम बनता जा रहा है। इसी कड़ी में रायपुर जिले के तिल्दा विकासखंड अंतर्गत खौना ग्राम पंचायत में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया, जहां विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एक ही स्थान पर उपस्थित रहकर लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान कर रहे हैं।शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में धरसीवां विधायक श्री अनुज शर्मा एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह उपस्थित रहें।विधायक श्री अनुज शर्मा ने कहा कि सभी विभाग आपके गांव में आए हैं जिससे आप लोगों को भड़काने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी आपको किसी कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं है सभी एक स्थान पर उपलब्ध है आप सभी अपना राजस्व से संबंधित या स्वास्थ्य विभाग का जांच हो सभी चीज आसानी से करवा सकते हैं। पात्र हितग्राहियों को ही योजनाओं का लाभ मिलेगा। धरसीवां विधानसभा क्षेत्र में पिछले दो सालों में हमारी सरकार 400 करोड़ से अधिक का विकासकार्य हुआ है। हमारी सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, किसान एवं श्रमिकों के लिए कार्य कर रही है।कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी के मंशानुरूप आप सभी को कार्यालय न जाना पड़े इसके लिए आपके गांव में सभी विभाग आ रहें आप सभी अपना ड्राइविंग लाइसेंस, श्रम कार्ड, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड सहित अन्य सुविधाओं का लाभ ले सकते हैं। 1 महीने के अंदर आप सभी के समस्याओं का निवारण किया जाएगा। सभी विभागीय अधिकारी 1 महीने में पर्याप्त समय लेकर समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण निवारण करें ।जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन ने कहा कि सुशासन तिहार जन समस्या निवारण शिविर के माध्यम से आप सभी ग्राम वासियों की समस्या का निवारण किया जा रहा है। सभी अधिकारी आवेदनों के निराकरण के पश्चात आवेदक को सूचित करें कि आपका संबंधित आवेदन का निराकरण कर दिया गया है ताकि आवेदक कार्यालय के चक्कर न लगाएं। एवं सभी प्राप्त आवेदनों का एक माह के अंदर निराकरण किया जाना सुनिश्चित करें।शिविर के दौरान विधायक श्री अनुज शर्मा एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टाल में 4 बच्चे हिमांशी कोसरिया, सुशांत वर्मा, काव्या वर्मा एवं देवीशा टंडन का अन्नप्राशन करवाया ।कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर में कुल 1010 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 186 आवेदनों का तत्काल निराकरण किया गया। शिविर में मनरेगा जॉब कार्ड, श्रम कार्ड एवं नवीनीकरण, लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस, आयुष्मान कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड सहित विभिन्न योजनाओं से संबंधित सेवाएं प्रदान की गईं। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा अन्नप्राशन और गोदभराई कार्यक्रम आयोजित किए गए, वहीं समाज कल्याण विभाग द्वारा हितग्राहियों को साइकिल एवं ट्राइसाइकिल वितरित की गई। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राहियों को आवास की चाबियां भी सौंपी गईं। कार्यक्रम में एसडीएम अभनपुर श्री आशुतोष देवांगन, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुश्री शैल ठाकुर, जनपद पंचायत सीईओ श्री रवि कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -150 से अधिक आवेदनों का किया गया निराकरणरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप आयोजित ‘सुशासन तिहार 2026’ आमजन की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी और संवेदनशील निराकरण का प्रभावी माध्यम बनता जा रहा है। इसी कड़ी में रायपुर जिले के नगर पालिका निगम बीरगांव अंतर्गत आडवाणी ऑरलिकॉन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया, जहां मुख्य अतिथि के रूप में महापौर श्री नंदलाल देवांगन उपस्थित रहे।शिविर में मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान निधि योजना के अंतर्गत समयपूर्व प्रधानमंत्री आवास निर्माण पूर्ण करने वाले पांच हितग्राहियों को कुल 32 हजार 850 रुपए की सम्मान निधि प्रदान की गई एवं 7 हितग्राहियों को आय प्रमाण पत्र, 2 हितग्राहियों को निवास प्रमाण पत्र तथा 74 हितग्राहियों का लर्निंग लाइसेंस तत्काल प्रदान किया गया।साथ ही विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एक ही स्थान पर उपस्थित रहकर लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान कर रहे हैं।इस शिविर में कुल 386 आवेदन प्राप्त हुए जिनमें 150 से अधिक आवेदनों का निराकरण किया गया| शिविर में मनरेगा जॉब कार्ड, श्रम कार्ड एवं नवीनीकरण, लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस, आयुष्मान कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड सहित विभिन्न योजनाओं से संबंधित सेवाएं प्रदान की गईं।कार्यक्रम में अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर, नगर निगम कमिश्नर युगल किशोर उर्वशा, एसडीएम श्री नंदकुमार चौबे सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -अब रात 8 बजे तक मिलेगी डाक सेवाएंबिलासपुर /भारतीय डाक विभाग द्वारा बिलासपुर प्रधान डाकघर को 10 मई 2026 से “नाइट पोस्ट ऑफिस (NPO)” के रूप में संचालित किया जा रहा है। विभाग का उद्देश्य नागरिकों को विस्तारित समयावधि में डाक सेवाएं उपलब्ध कराना तथा ग्राहक सुविधाओं का विस्तार करना है, जिससे आम नागरिक कार्यालयीन समय के अतिरिक्त भी आवश्यक डाक सेवाओं का लाभ ले सकें। सामान्य काउंटर समय प्रातः 9.30 बजे से सायं 4.30 बजे तक रहेगा, जिसमें डाक बुकिंग, बचत बैंक सेवाएं, बीमा सेवाएं, कैश रेमिटेंस, आधार एवं जन केन्द्रित सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। वहीं विस्तारित एवं नाइट पोस्ट ऑफिस सवेरे 8 बजे से 10 बजे तक तथा सायं 4.30 बजे से रात्रि 8 बजे तक संचालित किया जाएगा। जिसमें डाक बुकिंग, स्पीड पोस्ट, स्पीड पोस्ट पार्सल, इंडिया पोस्ट पार्सल, अन्य अकाउंटेबल आर्टिकल बुकिंग, आईपीओ बिक्री एवं सीमित सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अतिरिक्त रविवार एवं अवकाश के दिनों में भी सवेरे 10 बजे से सायं 5 बजे तक सेवाएं उपलब्ध रहेंगी।डाक विभाग ने नागरिकों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों एवं ग्राहकों से विस्तारित समयावधि में उपलब्ध डाक सेवाओं का अधिकाधिक उपयोग करने तथा इंडिया पोस्ट की जनोपयोगी सेवाओं का लाभ उठाने की अपील की है।
- फेफड़े में पस भरने की जटिल समस्या का ऑपरेशन कर डॉक्टरों ने बचाई जानबिलासपुर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर के जनरल सर्जरी विभाग ने गंभीर रूप से घायल एक मरीज का सफल उपचार कर उसे नया जीवन प्रदान किया है। तखतपुर निवासी 45 वर्षीय उषा दिवाकर पति मोहनी दिवाकर पर 06 अप्रैल 2026 को चापड़ से जानलेवा हमला किया गया था। हमले में उनके शरीर पर गंभीर चोटें आई थीं, जिसके बाद उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई।घटना के बाद मरीज को गंभीर अवस्था में सिम्स अस्पताल लाया गया, जहां जांच में पाया गया कि चोट और संक्रमण के कारण मरीज के दाएं फेफड़े के बाहर पस जमा हो गया है। लगातार संक्रमण बढ़ने से मरीज को सांस लेने में तकलीफ होने लगी तथा स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई थी। चिकित्सकों के अनुसार मरीज का दायां फेफड़ा लगभग पूरी तरह संक्रमित हो चुका था और लगातार पस का स्राव हो रहा था।मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए सिम्स के जनरल सर्जरी विभाग की टीम ने तत्काल ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. ओ. पी. राय के नेतृत्व में डॉ. विनोद ताम्रकार, डॉ. कमलेश प्रसाद देवांगन एवं डॉ. सुनील पात्रे की टीम ने जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। वहीं एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ मधुमिता मूर्ति के मार्गदर्शन मे डॉ. मुनीता जायसवाल, डॉ. नेहा दुबे एवं डॉ. शीतल दास ताम्रकार ने ऑपरेशन के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।ऑपरेशन के दौरान चिकित्सकों ने फेफड़े के बाहर जमा पस को निकाला तथा संक्रमित हिस्से का उपचार किया। लंबे समय तक चले इस जटिल ऑपरेशन के बाद मरीज को पोस्ट ऑफ़ आईसीयू में डॉ मधुमिता मूर्ति एवं डॉक्टर के टीम के द्वारा भर्ती कर इलाज किया गया, जहां करीब 15 दिनों तक वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखकर उसका उपचार किया गया। डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और तकनीकी कर्मचारियों की लगातार निगरानी एवं देखभाल से मरीज की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हुआ और अब वह स्वस्थ होकर घर लौट गया है। मरीज के परिजनों ने सिम्स अस्पताल के चिकित्सकों एवं पूरे स्टाफ के प्रति आभार व्यक्त किया है।सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. ओ. पी. राय ने बताया कि मरीज की स्थिति अत्यंत गंभीर थी और संक्रमण तेजी से फैल रहा था। समय पर सर्जरी एवं सतत निगरानी के कारण मरीज को बचाया जा सका। उन्होंने कहा कि सिम्स में अब जटिल सर्जरी भी सफलतापूर्वक की जा रही हैं।सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि संस्थान में गंभीर एवं जटिल बीमारियों के उपचार हेतु विशेषज्ञ चिकित्सकों की अनुभवी टीम निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि समय पर सही निर्णय, आधुनिक उपचार पद्धति और चिकित्सकों की सतर्कता के कारण मरीज को नया जीवन मिल सका। उन्होंने पूरी टीम को इस सफलता के लिए बधाई देते हुए कहा कि सिम्स आमजन को बेहतर एवं भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा कि यह सफलता सिम्स के चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और तकनीकी कर्मचारियों की सामूहिक मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि गंभीर अवस्था में पहुंचे मरीज का सफल उपचार यह दर्शाता है कि सिम्स में अब जटिल सर्जरी और आपातकालीन उपचार की सुविधाएं प्रभावी रूप से उपलब्ध हैं। उन्होंने मरीज के शीघ्र स्वस्थ होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए पूरी चिकित्सा टीम की सराहना की।
- - बुजुर्ग ने कहा- रावण ज्ञानी पर अहंकार में किया माता सीता का अपहरण- रोचक पहेलियों के दिए बुजुर्गों ने जवाब, जीवन में हो राम जैसा व्यवहाररायपुर। वरिष्ठ नागरिकों के सियान गुड़ी में आध्यात्म और वर्तमान परिदृश्य को लेकर जोरदार चर्चा हुई। चर्चा में भगवान राम, रावण, कृष्ण, महर्षि वाल्मिकी और वर्तमान पर बुजुर्गों ने खुलकर विचार रखे। वहीं रोचक पहेलियों का जवाब भी बुजुर्गों ने उत्सुकता के साथ दिया।समाज कल्याण विभाग की ओर से अनुदानित और महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित सियान गुड़ी के प्रभारी और महाराष्ट्र मंडल के मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन ने बताया परिचय के दौरान लखनलाल साहू ने बताया कि वे घर पर अकेले रहते हैं। वहीं अन्य बुजुर्गों ने बताया कि वे परिवार के साथ रहते हैं, पर दोपहर में अकेले होने के कारण वे यहां आते हैं। खंगन ने बुजुर्गों से कहा कि यह सिर्फ पुरुषों के लिए नहीं, अपितु महिलाओं के लिए भी है। उन्होंने सभी से अपनी पत्नियों को भी लाने की आग्रह किया।आध्यात्मिक चर्चा के दौरान कैलाश अग्रवाल ने कहा कि रावण के आगे विद्वान जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन क्या वह वाकई में ज्ञानी थे, अगर थे तो आखिर क्यों उन्होंने माता सीता का अपहरण किया। दरअसल उन्होंने अहंकार में आकर सीता माता का अपहरण किया था।महर्षि वाल्मिकी के बारे में कहते हुए अग्रवाल ने कहा कि राम नाम की महिमा कितनी अपार है कि मरा-मरा कहते हुए डाकू रत्नाकर महर्षि वाल्मिकी बन गया और रामायण जैसे महाग्रंथ की रचना कर डाली। उन्होंने कहा कि जीवन में हमारा व्यवहार राम की तरह होना चाहिए।सियान गुड़ी आने वाले लखनलाल साहू ने बताया कि वह अकेले रहते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चे आजकल किसी की बात नहीं सुनते। बच्चे ही क्या, कोई किसी का कहना मानता नहीं है। बच्चों ने किसी भी चीज की मांग की और वह नहीं पूरी हुई, तो वह मारपीट पर उतर आते हैं। मां-बाप के ऊपर हाथ उठाते है। हमें समाज को इस दिशा में जाने से रोकने का प्रयास करना होगा।बुजुर्ग केके पाठक ने एक बहस के दौरान भावनाओं में बहकरर कहा कि प्रधानमंत्री गो हत्या बंद करने को लेकर संसद में बिल क्यों नहीं लाते। दूसरे वरिष्ठ नागरिक ने कहा कि भाषणों में कहना, वादा करना आसान होता है। परंतु जब किसी पद पर हम बैठते हैं, तब योजना और कार्य को धरातल में उतारना उतना ही मुश्किल होता है। सामने बैठकर किसी को भी बोल सकते हैं कि ऐसा नहीं किया, वैसा नहीं किया। यह करना चाहिए था, वह नहीं। लेकिन इसमें कितनी परेशानी होती है, यह वही जान सकते हैं, जो उससे जूझ रहे होते हैं। इस अवसर पर आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले, सह समिति मालती मिश्रा और सभासद अभय काले उपस्थित रहे।
- दुर्ग/ पीएम गति शक्ति पोर्टल के संबंध में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन, वनमण्डलाधिकारी श्री दीपेश कपिल सहित विभागीय अधिकारी मौजूद थे।कार्यशाला में उद्योग संचालनालय की मास्टर ट्रेनर श्रीमती मौसमी राहा, उप संचालक कुमुद मिश्रा, सहायक संचालक अनुभूति श्रेया एवं सलाहकार प्रिया ने अधिकारियों को पोर्टल की उपयोगिता और कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी।उन्होंने बताया कि पीएम गति शक्ति एक राष्ट्रीय डिजिटल मास्टर प्लान है जिसे उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT), भारत सरकार के मार्गदर्शन में भास्कराचार्य नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस एप्लीकेशन एंड जिओ इन्फॉर्मेटिक्स (BISAG-N) द्वारा तैयार एवं विकसित किया गया है तथा छत्तीसगढ़ में इसके नोडल विभाग के रूप में वाणिज्य एवं उद्योग विभाग कार्यरत है। सरल शब्दों में कहें तो यह एक स्मार्ट इंटरेक्टिव मानचित्र (Map) है जिसमें सड़कें, रेलवे, नदियाँ, जंगल, गाँव, अस्पताल, स्कूल, खदाने, बिजली लाइनें इत्यादि सरकारी डेटा लेयर जैसी सभी महत्वपूर्ण जानकारियाँ एक ही स्क्रीन पर देखी जा सकती हैं। इससे जिला स्तर के अधिकारी पोर्टल के माध्यम से सीधे यह पता लगा सकते हैं कि किसी गाँव से निकटतम अस्पताल कितनी दूर है, किसी खदान के 10 किलोमीटर के दायरे में कौन-कौन से गाँव आते हैं, या किसी आदिवासी बस्ती को मुख्य सड़क से जोड़ने के लिए क्या योजना बनाई जाए। इस पोर्टल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि जो विश्लेषण (Analysis) पहले हफ्तों के क्षेत्र सर्वेक्षण में होता था, वह अब कुछ ही घंटों में डेटा-आधारित और सटीक निर्णय के रूप में सामने आ जाता है।
- - जिलेभर से 394 आवेदन प्राप्त, 217 आवेदनों का त्वरित निराकरण- लंबित आवेदनों के शीघ्र निराकरण हेतु विभागों को दिया गया निर्देशमोहला । कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति के निर्देशन एवं सीईओ जिला पंचायत श्रीमती भारती चंद्राकर के मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में ग्रामीण सचिवालयों के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याओं एवं मांगों के निराकरण हेतु विशेष अभियान संचालित किया गया। अभियान के दौरान जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों से कुल 394 मांग एवं शिकायतें संबंधी आवेदन प्राप्त हुईं, जिनमें से 217 प्रकरणों का त्वरित निराकरण किया गया। साथ ही 39 शिकायतों पर आवश्यक कार्यवाही की गई।ग्रामीण सचिवालयों में प्राप्त आवेदनों में प्रमुख रूप से राशन कार्ड, व्यक्तिगत शौचालय, पेंशन, नवीन जॉब कार्ड, गैस कनेक्शन, आवास, पेयजल, बोर खनन, नाम जोड़ने एवं प्रमाण पत्र संबंधी मांगें शामिल रहीं। अंबागढ़ चौकी विकासखंड के ग्राम पंचायतरेंगाकठेरा में सर्वाधिक 42 आवेदन प्राप्त हुए, जबकि ग्राम पंचायत बिटाल में 20 आवेदन प्राप्त हुए। इन आवेदनों में व्यक्तिगत शौचालय, राशन कार्ड, गैस कनेक्शन एवं पेंशन संबंधी मांगें प्रमुख रहीं। इसी प्रकार विकासखंड मानपुर के विभिन्न ग्राम पंचायतों में राशन कार्ड में नाम जोड़ने, पेंशन स्वीकृति एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए। वहीं विकासखंड मोहला के कुंजामटोला एवं धोबेदंड ग्राम पंचायतों में बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें पेंशन, उज्ज्वला योजना एवं शौचालय निर्माण से संबंधित मांगें प्रमुख रहीं।प्रशासन द्वारा ग्रामीण सचिवालय आयोजन के माध्यम से ग्रामीणों को शासन की योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। संबंधित विभागों को लंबित आवेदनों के शीघ्र निराकरण हेतु निर्देशित किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन एवं आमजन को त्वरित सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।
- - 1312 आवेदन प्राप्त, पात्र हितग्राहियों को मौके पर विभागीय योजनाओं से किया गया लाभान्वितमोहला । सुशासन तिहार के अंतर्गत शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने तथा ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से विकासखंड अंबागढ़ चौकी के ग्राम पंचायत हांडीटोला में 13 मई को गरीबी उन्मूलन एवं सामाजिक न्याय की थीम पर दिव्यांगजनो को समर्पित जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा आमजन की समस्याएं सुनी गईं तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से लाभान्वित किया गया।शिविर में हांडीटोला क्लस्टर के हांडीटोला, सिंघाभेड़ी, आमाटोला, लाताकोड़ों, रेंगाकटेरा, डोंगरगांव, रैनुटोला, बिटाल, जोरातराई, जादूटोला, कौडूटोला, चिखली, ढाढूटोला, खुर्शीपार, मांगाटोला, बांधाबाजार एवं गुंडरदेही सहित 17 ग्राम पंचायतों से बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं जनप्रतिनिधि पहुंचे। इस दौरान मांग एवं शिकायत से संबंधित कुल 1312 आवेदन प्राप्त हुए, जिन पर त्वरित निराकरण की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।दिव्यांगजनों को समर्पित जनसमस्या निवारण शिविर में समाज कल्याण विभाग द्वारा 18 हितग्राहियों को ट्राय साइकिल, बैसाखी, छड़ी एवं मोटराइज्ड सहायक उपकरण वितरित किए गए। शिक्षा विभाग द्वारा हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी कक्षाओं में प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों तथा दिव्यांग छात्रों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत 10 हितग्राहियों को सामुदायिक तालाब गहरीकरण कार्य की स्वीकृति प्रदान की गई। वहीं 19 हितग्राहियों को राशन कार्ड, 11 हितग्राहियों को वृद्धावस्था, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन स्वीकृति पत्र, 11 हितग्राहियों को लखपति दीदी सम्मान पत्र तथा 19 हितग्राहियों को मनरेगा जॉब कार्ड वितरित किए गए। इसके अलावा 5 हितग्राहियों को आवास पूर्णता प्रमाण पत्र एवं आवास की चाबी सौंपी गई। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 2 हितग्राहियों को महिला कोष ऋण योजना अंतर्गत मछली पालन हेतु ऋण स्वीकृत किया गया। राजस्व विभाग द्वारा 9 हितग्राहियों को डिजिटल ऋण पुस्तिका वितरित की गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 5 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड तथा 13 नवविवाहित दंपत्तियों को दांपत्य श्रृंगार पेटी प्रदान की गई। साथ ही 2 हितग्राहियों को निश्चय मित्र योजना से लाभान्वित किया गया।उद्यानिकी विभाग द्वारा 20 हितग्राहियों को फलदार पौधों का वितरण किया गया, वहीं मत्स्य विभाग द्वारा 2 हितग्राहियों को आइस बॉक्स एवं जल पात्र प्रदान कर लाभान्वित किया गया।कार्यक्रम में भूतपूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गीता गांधी साहू, जनपद अध्यक्ष पुनाऊ राम फुलकावरे, उपाध्यक्ष श्री शंकर प्रसाद तिवारी, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शांति बाई त्रिपुरे, श्री पवन तुलावी, श्री नेहरू रजक, श्री श्याम लाल चंद्रवंशी, श्री शत्रुघ्न चुरेंद्र, कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती भारती चंद्राकर, अपर कलेक्टर जीआर मरकाम, श्री गुलाब गोस्वामी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्राम पंचायतों के सरपंच-पंच, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।- नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नशामुक्ति का दिया संदेशआयोजित शिविर में समाज कल्याण विभाग द्वारा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नशा मुक्त समाज निर्माण हेतु लोगों को जागरूक किया गया। ग्रामीणों ने नुक्कड़ नाटक की सराहना करते हुए नशामुक्ति अभियान में सहभागिता का संकल्प लिया।- विभागीय योजनाओं की दी गई जानकारीशिविर में राजस्व विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, शिक्षा विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, लोक निर्माण विभाग, जल संसाधन, कृषि, उद्यानिकी, विद्युत, सहकारिता, स्वास्थ्य, परिवहन, वन, मत्स्य तथा खाद्य विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने ग्रामीणों को शासन की योजनाओं की जानकारी दी एवं आवेदन प्राप्त किए।
- महासमुंद / जिले के 4 उर्वरक विक्रेताओं को अनियमित रूप से यूरिया उर्वरक वितरण करने के कारण उप संचालक कृषि श्री एफ.आर. कश्यप ने उर्वरक निरीक्षक बागबाहरा एवं उर्वरक निरीक्षक सरायपाली को संबंधित फर्मों मेसर्स राजेश अग्रवाल सरायपाली, मेसर्स ओम फर्टिलाइजर सरायपाली, आर. एस. ट्रेडर्स बागबाहरा एवं जय मां भीमेश्वरी ट्रेडर्स सुनसुनिया के प्रोपराइटर के विरूद्ध प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने के निर्देश दिये है। उक्त फर्मों द्वारा अनियमित रूप से 16 मार्च 2026 से 29 मार्च 2026 तक यूरिया उर्वरक का वितरण किया गया था। पूर्व में भी अनियमित रूप से यूरिया उर्वरक वितरण करने के कारण जिले के 26 निजी उर्वरक विक्रेताओं के लाईसेंस 21 दिवस के लिये निलंबित किया गया था। कलेक्टर श्री विनय लंगेह के निर्देशानुसार जिले में पॉस मशीन से ही उर्वरक वितरण के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा है कि गड़बड़ी करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उप संचालक कृषि एफ.आर. कश्यप ने कृषको से अपील की है, कि वे अपने रकबे के अनुसार एवं पॉस मशीन के माध्यम से ही उर्वरकों की खरीदी करे एवं उर्वरक क्रय करते समय दुकानदार से बिल अवश्य ले तथा जो निजी विक्रेता ज्यादा कीमत पर यूरिया, डी.ए.पी. एवं अन्य उर्वरकों का विक्रय करे उसकी शिकायत संबंधित विकासखण्ड के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) तहसीलदार, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी से करें।
- -15 मई को ग्राम मोंगरा, मुढ़ीपार, गढ़फुलझर एवं नगरपालिका सरायपाली में शिविर आयोजितमहासमुंद/ प्रदेशव्यापी सुशासन तिहार के अंतर्गत जिले के पिथौरा विकासखंड के ग्राम सलडीह में गत दिवस जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष श्रीमती ऊषा धृतलहरे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर जनपद उपाध्यक्ष ब्रह्मानंद पटेल, जिला पंचायत सदस्य रामदुलारी सीताराम सिन्हा, जिला पंचायत सदस्य जगमोती भोई, सांसद प्रतिनिधि मनमीत सिंह छाबड़ा, जनपद सदस्य पुरुषोत्तम धृतलहरे उपस्थित थे।शिविर मंे जनपद अध्यक्ष श्रीमती ऊषा धृतलहरे ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप राज्य में सुशासन व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया गया है तथा योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने शासन प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सुशासन शिविरों के माध्यम से प्रशासन सीधे गांवों तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहा है, जिससे ग्रामीणों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं।जनपद उपाध्यक्ष ब्रह्मानंद पटेल ने कहा कि जनसमस्या निवारण शिविर शासन और जनता के बीच सेतु का कार्य कर रहे हैं। जिससे ग्रामीणों को अपने क्षेत्र में ही त्वरित समाधान उपलब्ध हो रहा है। जिला पंचायत सदस्य रामदुलारी सिन्हा ने कहा कि शासन की योजनाएं अब सीधे गांव-गांव तक पहुंच रही हैं तथा पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ मिल रहा है। सांसद प्रतिनिधि मनमीत सिंह छाबड़ा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं आम जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। शासन का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। इसी तरह अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी ग्रामीणों को शासन की योजनाओं के प्रति जागरूक रहने तथा योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। शिविर में श्री सतपाल सिंह छाबड़ा, भारती अग्रवाल, कंवलजीत छाबड़ा, मथामणी बढ़ई, विधायक प्रतिनिधि हरप्रसाद पटेल, श्री नरेंद्र बोरे, श्री कृष्ण कुमार साहू, श्री हलधर साव, सरपंच हेमंत ठाकुर, कमलेश डड़सेना, विजय चौधरी सहित एसडीएम बजरंग वर्मा, तहसीलदार मनीषा देवांगन, जनपद पंचायत सीईओ योगेश्वरी बर्मन एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, सरपंच-सचिव तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा हितग्राहियों को शासन की योजनाओं से लाभान्वित किया गया तथा ग्रामीणों को जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित होकर अपनी समस्याओं और मांगों से संबंधित आवेदन दिए। शिविर में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा मनरेगा के अंतर्गत 5 श्रमिकों को जॉब कार्ड, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 5 लखपति दीदी को सम्मान पत्र एवं 2 स्व-सहायता समूहों को 4 लाख रुपए का ऋण वितरित किया गया। इसी तरह शिक्षा विभाग द्वारा 2 दिव्यांग विद्यार्थियों को सहायक उपकरण, महिला एवं बाल विकास विभाग ने 7 गर्भवती महिलाओं को प्रोटीन किट एवं राजस्व विभाग द्वारा हितग्राहियों को स्वामित्व प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इसी तरह आज पिथौरा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत बरनईदादर, ग्राम पंचायत आंवराडबरी बागबाहरा एवं ग्राम पंचायत केना सरायपाली में भी शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में ग्रामीणजनों की समस्याओं का निराकरण एवं हितग्राहियों को योजनाओं से लाभान्वित किया गया।उल्लेखनीय है कि 15 मई 2026 को महासमुंद विकासखंड अंतर्गम ग्राम पंचायत मोंगरा में, पिथौरा अंतर्गत ग्राम पंचायत मुढ़ीपार, बसना अंतर्गत ग्राम गढ़फुलझर एवं सरायपाली नगरपालिका परिषद् में शिविर का आयोजन किया जाएगा।
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महासमुंद / महतारी वंदन योजना अंतर्गत महिला हितग्राहियों का ई-केवायसी कार्य सी.एस.सी. संचालकों के माध्यम से किया जा रहा है। मीडिया एवं अन्य माध्यमों से सी.एस.सी. संचालकों द्वारा ई-केवायसी के एवज में शुल्क लिये जाने संबंधी खबरें प्रकाशित हो रही थी।
इस संबंध में कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर प्रोजेक्ट मैनेजर रायपुर की टीम द्वारा पहुंचकर जांच की गई तथा आज दिनांक तक विभिन्न माध्यम से प्राप्त शिकायत अनुसार जिला महासमुंद में ई-केवायसी कार्य हेतु शुल्क की मांग करने वाले 04 सी.एस.सी. संचालकों की सी.एस.सी. आईडी को महतारी वंदन योजना के कार्य हेतु ब्लॉक किया गया है।
कलेक्टर श्री विनय लंगेह से मिलकर प्रोजेक्ट मैनेजर की टीम ने बताया कि यह पूरी तरह निःशुल्क है। साथ ही कहा कि जिन ग्राम पंचायतों, वार्ड कार्यालयों अथवा अन्य माध्यमों से ई-केवाईसी कार्य हेतु किसी भी प्रकार का शुल्क लिए जाने संबंधी शिकायतें प्राप्त होती है, तो उन शिकायतों की सूची उपलब्ध कराने का कष्ट करें। ताकि संबंधित सी.एस.सी. संचालकों के विरुद्ध आवश्यक एवं त्वरित कार्यवाही करते हुए उनकी सी.एस.सी. आईडी निरस्त/बंद करने की कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके। जिन सी.एस.सी. सेंटर की आईडी ब्लॉक की गई है, इनमें सरायपाली के 03 जिसमें परशुराम रात्रे, राजू बरिहा, नरहरि कुमार एवं बसना से वृंदावती भोई की आईडी शामिल है। - -द्वितीय बालिका के जन्म पर मिली खुशियों की सौगातमहासमुंद / केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं के स्वास्थ्य संरक्षण और पोषण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए संबल साबित हो रही है। जिला मुख्यालय महासमुंद के बजरंग चौक वार्ड क्रमांक 11, नयापारा निवासी श्रीमती आरती जगत भी इस योजना से लाभान्वित होकर बेहद खुश हैं। द्वितीय बालिका के जन्म पर उन्हें शासन की ओर से 6000 रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई, जिससे परिवार को राहत मिली और घर में खुशियों का माहौल बन गया।श्रीमती आरती जगत ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा उन्हें प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना की जानकारी दी गई। आवश्यक दस्तावेज एवं पंजीयन प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें योजना का लाभ मिला। शासन से प्राप्त सहायता राशि नवजात बालिका एवं माता के पोषण, स्वास्थ्य जांच तथा आवश्यक देखभाल में उपयोग हुआ।उन्होंने कहा कि आर्थिक सहयोग मिलने से परिवार को काफी सहारा मिला है। साथ ही बालिका के जन्म को लेकर परिवार में उत्साह का माहौल है। आरती जगत कहती है कि शासन की यह जनकल्याणकारी योजना महिलाओं के स्वास्थ्य संरक्षण के साथ-साथ बेटियों के प्रति समाज में सकारात्मक संदेश भी दे रही है। आरती जगत ने केंद्र एवं राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना गर्भवती एवं धात्री माताओं के लिए लाभदायक है। इससे महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान बेहतर पोषण एवं स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त करने में सहायता मिल रही है। उन्होंने अन्य महिलाओं से भी इस योजना का लाभ लेने की अपील की।उल्लेखनीय है कि जिले में प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 7968 हितग्राहियों को 39 करोड़ 84 लाख रुपए का लाभ प्राप्त हुआ है।
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- विधानसभा अध्यक्ष ग्राम मुड़पार में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में हुए शामिल
- विधानसभा अध्यक्ष ने 4 करोड़ 50 लाख 59 हजार रूपए के 115 विभिन्न विकास कार्यों का किया लोकार्पण
- ग्राम मुड़पार से खरखरा नदी तक 2 किलोमीटर सड़क निर्माण की घोषणा की
राजनांदगांव । विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह बुधवार को सुशासन तिहार 2026 अंतर्गत राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम मुड़पार में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में शामिल हुए। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने 4 करोड़ 50 लाख 59 हजार रूपए के 115 विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया। उन्होंने ग्राम मुड़पार से खरखरा नदी तक 2 किलोमीटर सड़क निर्माण की घोषणा की। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 1 मई से 10 मई 2026 तक चलने वाले सुशासन तिहार अंतर्गत गांव-गांव में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों में हेलीकॉप्टर से पहुंच कर ग्रामीणों का हालचाल पूछ रहे हैं। शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में जानकारी ले रहे हैं और जनमानस की समस्याओं का समाधान कर रहे हंै। जनसमस्या निवारण शिविर में विभिन्न विभागों से संबंधित आवेदन प्राप्त हो रहे है। जिसका एक माह में निराकरण कर आवेदक को सूचित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य शासन द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत प्रदेश में 18 लाख से अधिक नए आवास की स्वीकृति दी गई। जिसमें से 30 हजार 46 आवास निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। राजनांदगांव जिले में 10 हजार 304 आवास स्वीकृत किए गए। जिसमें से 6447 आवास पूर्ण हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार अंतर्गत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों में जिला स्तरीय अधिकारी पहुंचकर समस्याओं का निराकरण कर रहे है। उन्होंने ग्रामीणों से शिविर में अपनी मांग एवं शिकायतों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत करने की अपील की। उन्होंने बताया कि मंडी बोर्ड से 12 करोड़ रूपए एवं राजस्व विभाग से 11 करोड़ रूपए से ज्यादा कार्य स्वीकृत हुए हैं। उन्होंने कहा कि आगे भी विकास के कार्य निरंतर जारी रहेंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत तथा विकसित छत्तीसगढ़ बनाने की दिशा में कार्य करेंगे और राजनांदगांव जिले को आगे बढ़ाएंगे। प्रदेश को अग्रणी राज्य बनाएंगे।
कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने प्रशासकीय प्रतिवेदन का वाचन किया। उन्होंने बताया कि सुशासन तिहार अंतर्गत जिले में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 10 क्लस्टर में जनसमस्या निवारण शिविर लगाएं जा रहे है। जहां शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी जा रही है तथा जनमानस को अधिक से अधिक लाभान्वित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 62 शिविर लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि मांग के 5 हजार तथा शिकायत के 115 आवेदन प्राप्त हुए है। उन्होंने बताया कि राजनांदगांव जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 29 हजार आवास बने हैं तथा राजनांदगांव जिला प्रदेश में अव्वल रहा है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना 3.5 अंतर्गत 7119 गैस कनेक्शन प्रदान किए गए हैं तथा समूह की 42 हजार महिलाएं लखपति दीदी बनी हंै।
शिविर में 4 करोड़ 50 लाख 59 हजार रूपए के 115 कार्यों का लोकार्पण किया। जिसमें मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास अंतर्गत 76 लाख 57 हजार रूपए के 16 कार्य, विधायक निधि अंतर्गत 91 लाख 60 हजार रूपए के 22 कार्य, जिला खनिज न्यास संस्थान अंतर्गत 38 लाख 65 हजार रूपए के 14 कार्य, हाट बाजार विकास कार्य अंतर्गत 29 लाख 68 हजार रूपए के 2 कार्य, प्रभारी मंत्री अंतर्गत 17 लाख रूपए के 3 कार्य, राज्य माध्यमिक शिक्षा मिशन अंतर्गत 10 लाख 72 हजार रूपए के 4 कार्य, स्कूल जतन योजना अंतर्गत 3 लाख 18 हजार रूपए के 3 कार्य, सांसद निधि अंतर्गत 5 लाख रूपए के 1 कार्य, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण विकास प्राधिकरण अंतर्गत 82 लाख 36 हजार रूपए के 18 कार्य, एससीए-एलडब्ल्यूई अंतर्गत 21 लाख रूपए के 3 कार्य, जनपद पंचायत विकास निधि अंतर्गत 18 लाख 9 हजार रूपए के 15 कार्य, अधोसंरचना उपकर निधि अंतर्गत 47 लाख 80 रूपए के 8 कार्य, लोक शिक्षण मद अंतर्गत 1 लाख 94 हजार रूपए के 4 कार्य, धार्मिक न्यास अंतर्गत 5 लाख रूपए के 1 कार्य, 15वें वित्त अंतर्गत 2 लाख रूपए के 1 कार्य शामिल है।
इस दौरान आरबीसी 6-4 के तहत ग्राम सोमनी निवासी श्रीमती सरोज निषाद एवं श्री ईश्वरदास को आर्थिक सहायता हेतु 4-4 लाख रूपए का चेक प्रदान किया गया। शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला अंडी में कक्षा 10वीं व 12वीं में प्रथम व द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा गोद भराई एवं अन्नप्राशन कार्यक्रम आयोजित हुए। पोट्ठ लईका पहल अंतर्गत 4 बच्चों को सुपोषण किट प्रदान किया गया। दो आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को शाल-श्रीफल प्रदान कर सम्मानित किया गया। दिव्यांगजनों को ट्रायसायकल का वितरण किया गया। ग्राम धामनसरा स्वच्छता समिति को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती किरण साहू, अध्यक्ष जनपद पंचायत राजनांदगांव श्रीमती प्रतिमा चंद्राकर, श्री संतोष अग्रवाल, श्री सौरभ कोठारी, श्री रोहित चंद्राकर, श्री सुमीत उपाध्याय, श्री भावेश बैद, पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा, डीएफओ श्री आयुष जैन, जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, एसडीएम राजनांदगांव श्री गौतम पाटिल, सीईओ जनपद पंचायत राजनांदगांव श्री मनीष साहू सहित ग्राम पंचायतों के सरपंच, अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। - -पीएमश्री तुमगांव एवं बृजराज पाठशाला का किया अवलोकन,- विद्यालयों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने दिए निर्देशमहासमुंद / पीएम श्री योजना अंतर्गत जिले के चयनित विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता, अधोसंरचना एवं नवाचार आधारित शिक्षण व्यवस्था के अवलोकन हेतु पीएम श्री के सेंट्रल नोडल अधिकारी श्रीमती अलरमेलमंगई डी ने बुधवार को पीएमश्री तुमगांव एवं बृजराज पाठशाला का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय परिसर, कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, कंप्यूटर कक्ष एवं अन्य व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह, जिला शिक्षा अधिकारी श्री बी.एल. देवांगन, डीएमसी श्री रेखराज शर्मा, शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षकगण एवं विद्यालय स्टाफ उपस्थित थे।पीएम श्री के सेंट्रल नोडल अधिकारी श्रीमती अलरमेलमंगई डी ने कहा कि पीएम श्री विद्यालय केवल सामान्य स्कूल नहीं बल्कि भविष्य की शिक्षा व्यवस्था के मॉडल संस्थान हैं, जिन्हें सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाना है। इसके लिए विद्यालयों में उच्च गुणवत्ता की शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक एवं मानक अनुरूप अधोसंरचना विकसित करना आवश्यक है।निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय भवनों की गुणवत्ता, स्वच्छता, सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, स्मार्ट क्लास, खेल मैदान एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने निर्देशित किया कि पीएम श्री स्कूलों में सभी सुविधाएं राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित की जाएं ताकि विद्यार्थियों को बेहतर एवं प्रेरणादायी शिक्षण वातावरण मिल सके।श्रीमती मंगई ने शिक्षकों से संवाद कर शिक्षण पद्धति की जानकारी ली। उन्होंने शिक्षकों को खेल-खेल में शिक्षा, गतिविधि आधारित शिक्षण एवं नवाचार आधारित अध्यापन पद्धति अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 (एनईपी 2020) के अनुरूप विद्यार्थियों में रचनात्मकता, तार्किक क्षमता एवं व्यवहारिक ज्ञान का विकास किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी शिक्षक नियमित रूप से प्रशिक्षित हों तथा आधुनिक शिक्षण तकनीकों का उपयोग करें। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं समग्र शिक्षा प्रदान करना पीएम श्री योजना का मुख्य उद्देश्य है।निरीक्षण के दौरान उन्होंने विज्ञान एवं कंप्यूटर लैब में उपलब्ध संसाधनों का भी अवलोकन किया तथा निर्देश दिए कि प्रयोगशालाओं में आधुनिक उपकरण एवं सभी आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने पुस्तकालय व्यवस्था को और समृद्ध बनाने पर जोर देते हुए कहा कि विद्यार्थियों की रुचि एवं विभिन्न विषयों से संबंधित पर्याप्त पुस्तकें उपलब्ध हों। साथ ही प्रत्येक विद्यार्थी का पुस्तकालय कार्ड बनाकर उन्हें नियमित रूप से पुस्तकें इश्यू करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि पीएम श्री विद्यालयों को तकनीकी रूप से सक्षम, नवाचार आधारित एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए ताकि ये विद्यालय अन्य स्कूलों के लिए मॉडल बन सकें।
- -कॅरिअर काउंसलिंग, ड्रॉप आउट रोकने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष जोर-पीएमश्री स्कूल बच्चों के जीवन में बदलाव का नया अवसर - श्रीमती अलरमेलमंगई डीमहासमुंद / पीएम श्री योजना अंतर्गत संचालित विद्यालयों की प्रगति एवं गतिविधियों की समीक्षा हेतु बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बैठक आयोजित की गई। बैठक में पीएम श्री के सेंट्रल नोडल अधिकारी श्रीमती अलरमेलमंगई डी ने जिले में संचालित पीएम श्री स्कूलों की व्यवस्थाओं, अधोसंरचना, शिक्षण गुणवत्ता एवं विभिन्न मानकों की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह एवं पुलिस अधीक्षक श्री प्रभात कुमार मौजूद थे।बैठक में सेंट्रल नोडल अधिकारी ने कहा कि पीएम श्री स्कूल भारत सरकार की अत्यंत महत्वपूर्ण एवं दूरदर्शी योजना है। यह बच्चों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का बड़ा अवसर है। उन्होंने कहा कि सभी स्कूल निर्धारित पैरामीटर के अनुरूप कार्य करें तथा प्रत्येक मानक को गंभीरता से लागू किया जाए। उन्होंने विद्यालयों में कैरियर काउंसलिंग एवं मेंटल हेल्थ पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। विद्यार्थियों को उनके भविष्य, रोजगार एवं उच्च शिक्षा के संबंध में उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए ताकि वे अपने लक्ष्य निर्धारित कर सकें। साथ ही बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक एवं सहयोगात्मक वातावरण विकसित करने पर जोर दिया गया।बैठक में ड्रॉप आउट विद्यार्थियों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। सेंट्रल नोडल अधिकारी ने निर्देशित किया कि कोई भी बच्चा पढ़ाई से वंचित न हो। यदि किसी कारणवश विद्यार्थी ड्रॉप आउट हो रहे हैं तो उन्हें पुनः शिक्षा से जोड़ने के प्रयास किए जाएं तथा आवश्यकतानुसार उन्हें व्यावसायिक एवं ऑकेशनल ट्रेनिंग उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप विद्यालयों में नवाचार आधारित शिक्षण व्यवस्था लागू की जाए। सभी स्कूलों में योग गतिविधियों को नियमित रूप से संचालित करने के निर्देश भी दिए गए।बैठक में विज्ञान प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय एवं कम्प्यूटर लैब की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी कम्प्यूटर चालू हालत में हों तथा प्रयोगशालाएं उच्च गुणवत्ता एवं आधुनिक सुविधाओं से युक्त हों। विद्यालयों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य करने के निर्देश भी दिए गए।सेंट्रल नोडल अधिकारी ने कहा कि जिले में संचालित सभी 12 पीएम श्री स्कूलों का नियमित निरीक्षण किया जाए तथा बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाए ताकि विद्यार्थी अपने विद्यालय पर गौरव महसूस कर सकें। उन्होंने अधिकारियों एवं शिक्षकों से पूरी प्रतिबद्धता एवं मन लगाकर कार्य करने कहा। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी श्री बी.एल. देवांगन, जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा श्री रेखराज शर्मा एवं शिक्षा विभाग, महिला बाल विकास, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद थे।उल्लेखनीय है कि जिले में भारत सरकार द्वारा प्रारम्भ की गई प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया पीएमश्री योजना अंतर्गत 12 स्कूल संचालित है। जिनमें से 8 प्राथमिक शाला एवं 4 हायर सेकेण्डरी स्कूल है। इन स्कूलों में 4 हजार 411 बच्चे अध्ययनरत है। योजना का उद्देश्य विद्यालयों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नवाचार एवं समग्र विकास के मॉडल के रूप में विकसित किया जाना है।
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राजनांदगांव । भारत सरकार की प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) योजना अंतर्गत जिले में दलहन एवं तिलहन फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीदी का कार्य निरंतर जारी है। अब तक जिले में चना, मसूर, सरसों, अरहर एवं सोयाबीन फसलों का उपार्जन केन्द्रों में विक्रय किया जा चुका है। जिसमें 428 कृषकों को लगभग 1.86 करोड़ रूपए की राशि उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। शेष राशि के भुगतान की प्रक्रिया जारी है।
उप संचालक कृषि श्री टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि जिले में प्रधानमंत्री आशा योजना के तहत प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों के 15 उपार्जन केन्द्रों तथा एक एफपीओ स्वर्ण उपज महिला किसान उत्पादक प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड सुकुलदैहान द्वारा दलहन-तिलहन फसलों की खरीदी की जा रही है। जिले में चना के पंजीकृत 8942 हेक्टेयर रकबे से 10717.50 क्विंटल, मसूर के 2238 हेक्टेयर रकबे से 1510 क्विंटल, सरसों के 830 हेक्टेयर रकबे से 490 क्विंटल, अरहर के 127 हेक्टेयर रकबे से 413 क्विंटल तथा सोयाबीन के 399 हेक्टेयर रकबे से 7350 क्विंटल उपज की खरीदी की जा चुकी है। राज्य सरकार द्वारा नाफेड के माध्यम से दलहन एवं तिलहन फसलों की खरीदी की जा रही है। इसके लिए समर्थन मूल्य सोयाबीन हेतु 5328 रूपए प्रति क्विंटल, अरहर हेतु 8000 रूपए प्रति क्विंटल, चना हेतु 5875 रूपए प्रति क्विंटल, मसूर हेतु 7000 रूपए प्रति क्विंटल तथा सरसों हेतु 6200 रूपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
उप संचालक कृषि श्री टीकम सिंह ठाकुर ने जिन कृषकों ने अब तक अपनी दलहन-तिलहन फसलों का विक्रय नहीं किया है। वे 31 मई 2026 तक अपने निकटतम उपार्जन केन्द्र में पहुंचकर शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ उठाएं तथा अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त करने की अपील की है।




















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