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- शिविर में 49 ग्रामीणों का किया गया स्वास्थ्य परीक्षण
राजनांदगांव । जिला प्रशासन राजनांदगांव एवं बाल्को मेडिकल सेंटर नवा रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में राजनांदगांव विकासख्ंाड के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सुकुलदैहान में सुरक्षा चक्र के तहत नि:शुल्क कैंसर जांच एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य जांच कर आवश्यक परामर्श दिया गया। शिविर में मुख के कैंसर, स्तन कैंसर, गर्भाशय कैंसर सहित अन्य प्रकार के कैंसरों की जांच की गई। शिविर में 49 लोगों से स्वास्थ्य परीक्षण कराया। जिसमें 40 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 31 एवं 40 वर्ष से कम आयु वर्ग के 18 लोगों शामिल हुए। जांच के दौरान शरीर कोई असामान्य लक्षण, गांठ, असाध्य लक्षण दिखाई देने पर कैंसर जांच किया गया। शिविर में 19 मरीजों का मैमोग्राफी, 14 मरीजों का पैप स्मीयर, 3 मरीजों का रिफ्यूज फॉर मैमोग्राफी, 4 मरीजों का लो डेंसिटी ब्रेस्ट, 5 मरीजों का पहले ओर मैमोग्राफी परीक्षण, 2 मरीजों का ब्रेस्ट लंप सस्पेेक्टेड किया गया। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. राजेन्द्र प्रसाद पटेल एवं शिविर प्रबंधक श्री विजेन्द्र साहु द्वारा सेवाएं दी गई। इस दौरान संयुक्त कलेक्टर श्रीमती शीतल बंसल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री संदीप ताम्रकार, जिला एनसीडी सलाहकार डॉ. विकास राठौर, खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. उषा विंध्यराज, विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक श्री शेखर नागवंशी, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी श्री आनंद बंसोड़, बीईटीओ श्री हेमन्त ठाकुर, सुपरवाइजर श्री कौशल शर्मा एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। -
- जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, स्कूली बच्चों, युवाओं एवं नागरिकों ने फोटो प्रदर्शनी की प्रशंसा की
- जनसंपर्क विभाग की पत्रिका छत्तीसगढ़ जनमन एवं शासन की योजनाओं से संबंधित पाम्पलेट्स तथा किताबों का किया गया नि:शुल्क वितरण
राजनांदगांव । जनसंपर्क विभाग द्वारा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हर घर तिरंगा, वंदे मातरम् एवं भारत विभाजन की विभीषिका स्मरण दिवस थीम पर नगर पालिक निगम राजनांदगांव के टाऊन हाल में विशेष फोटो प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। फोटो प्रदर्शनी में वंदेमातरम् का उद्घोष करने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की गाथा एवं उपलब्धियों को संजोया गया। अध्यक्ष नगर पालिक निगम राजनांदगांव श्री पारस वर्मा ने फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि वन्देमातरम् पर आधारित यह प्रदर्शनी बहुत अच्छी है। प्रदर्शनी के माध्यम से वन्देमातरम् एवं राष्ट्र ध्वज तिरंगे के गौरवशाली इतिहास एवं इसके विकास को जानने का अवसर मिला। पार्षद श्री अरूण साहू ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर प्रशंसा की। पूर्व पार्षद श्री किशुन यदु ने कहा कि तिरंगे के इतिहास और स्वरूप में हुए बदलावों के बारे में जानने का अवसर मिला। श्री संतोष निर्मलकर ने कहा कि फोटो प्रदर्शनी देखकर अच्छा लगा। प्रदर्शनी के माध्यम से आमजनों को वन्देमातरम् एवं राष्ट्र ध्वज तिरंगे के इतिहास को करीब से जानने का अवसर मिला है। फोटो प्रदर्शनी में जनसंपर्क विभाग की पत्रिका छत्तीसगढ़ जनमन एवं शासन की योजनाओं से संबंधित पाम्पलेट्स एवं किताबों का नि:शुल्क वितरण किया गया। ग्राम गठुला निवासी श्रीमती दुर्गा बाई ने फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा शासकीय योजनाओं से संबंधित पाम्पलेट्स एवं किताबें नि:शुल्क प्राप्त कीं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी के माध्यम से वंदे मातरम् एवं राष्ट्रध्वज तिरंगे के बारे में रोचक जानकारी मिली। साथ ही जनकल्याणकारी योजनाओं एवं राज्य के विभिन्न स्थलों की जानकारी भी प्राप्त हुई।
उल्लेखनीय है कि विशेष फोटो प्रदर्शनी में हर घर तिरंगा अभियान के तहत वंदेमातरम् की भावना का आह्वान करते हुए देश के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के साहस एवं बलिदान का स्मरण करते हुए वंदेमातरम् के गौरवशाली 150 वर्षों की झांकी प्रस्तुत की गई है। प्रदर्शनी में जानकारी देते हुए बताया गया कि कलकत्ता ध्वज जिसे वंदेमातरम् ध्वज के नाम से भी जाना जाता है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान कई रूपों में बनाया गया और संस्करण में वंदेमातरम् अंकित किया गया। देश का भाग्य बदलने वाले वीर गीत वंदेमातरम् की रचना 7 नवम्बर 1875 को अक्षय नवमी को हुई थी। आजादी के लिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के संघर्ष एवं देशवासियों में आजादी के लिए अलख जगाने वाले राष्ट्रगीत वंदेमातरम् की अक्षुण्य कथा को फोटो प्रदर्शनी मेें सहेजा गया। फोटो प्रदर्शनी में हर घर तिरंगा अभियान तथा वंदेमातरम् के उत्साह एवं ऊर्जा को चिर स्मरणीय बनाएं रखने के लिए सेल्फी जोन भी बनाया गया, जहां नागरिक अपनी सेल्फी ली। विशेष फोटो प्रदर्शनी का पार्षद श्री शिव वर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री जीआर मरकाम सहित अन्य पार्षदों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, स्कूली बच्चों, युवाओं एवं नागरिकों ने अवलोकन किया और प्रदर्शनी की प्रशंसा की। -
दृश्य संवाद 2026 : तस्वीरों में उतरा छत्तीसगढ़, फोटो जर्नलिस्टों का हुआ सम्मान
विश्व फोटोग्राफी दिवस पर फोटो प्रदर्शनी का मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया शुभारंभ
रायपुर। विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित तीन दिवसीय फोटो जर्नलिस्ट फेस्ट ‘दृश्य संवाद 2026’ का शुभारंभ आज स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया। प्रदर्शनी में रायपुर के प्रेस फोटो जर्नलिस्टों के साथ-साथ प्रोफेशनल और शौकिया फोटोग्राफरों की तस्वीरें प्रदर्शित की गई हैं। प्रदर्शनी में तस्वीरों के जरिए प्रकृति, छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपरा तथा जनसरोकार से जुड़े विषयों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया है।
चार कैटेगरी में आयोजित प्रदर्शनी की ‘प्रकृति एवं पर्यावरण’ कैटेगरी में प्रदर्शित तस्वीरों ने प्रदर्शनी स्थल पर प्राकृतिक सौंदर्य को साकार कर दिया। वहीं ‘संस्कृति एवं परंपरा’ कैटेगरी की तस्वीरों में छत्तीसगढ़ की लोककला, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत की महक महसूस की जा सकती है। ‘समाचार एवं जनसरोकार’ कैटेगरी में फोटो जर्नलिस्टों की नजर से महत्वपूर्ण घटनाओं और सामाजिक सरोकारों को एक क्लिक में जीवंत रूप दिया गया है।
इस वर्ष रायपुर प्रेस क्लब ने प्रदर्शनी को और व्यापक स्वरूप देते हुए प्रेस क्लब के गैर सदस्य प्रोफेशनल और शौकिया फोटोग्राफरों के लिए भी ओपन कैटेगरी में भागीदारी का अवसर दिया। इस श्रेणी में 35 से अधिक प्रतिभागियों की तस्वीरें प्रदर्शित की गई हैं।
फोटोग्राफी चुनौतीपूर्ण और जिम्मेदारी वाला काम : श्याम बिहारी जायसवाल
प्रदर्शनी का अवलोकन करने के बाद मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने फोटो जर्नलिस्टों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि फोटोग्राफी केवल कैमरे से तस्वीर खींचने का काम नहीं, बल्कि एक पल को इतिहास के लिए सुरक्षित कर देने की कला और जिम्मेदारी है। खासतौर पर फोटो जर्नलिज्म में परिस्थितियां हमेशा अनुकूल नहीं होतीं। फोटो जर्नलिस्ट को घटनास्थल पर मौजूद रहकर बेहद कम समय में यह तय करना होता है कि कौन-सा क्षण महत्वपूर्ण है और उसे किस एंगल से कैमरे में कैद किया जाए।
उन्होंने कहा कि एक अच्छी तस्वीर के पीछे तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ त्वरित निर्णय लेने की क्षमता, सही समय की पहचान, सही एंगल और परिस्थितियों को समझने की दृष्टि भी जरूरी है। कई बार पत्रकार घटना को शब्दों में विस्तार से बताते हैं, लेकिन एक तस्वीर वही बात एक क्षण में लोगों तक पहुंचा देती है। यही फोटो जर्नलिज्म की ताकत है।
मंत्री ने कहा कि रायपुर प्रेस क्लब द्वारा विश्व फोटोग्राफी दिवस पर इस तरह की प्रदर्शनी का आयोजन सराहनीय पहल है। इससे वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्टों के अनुभव नई पीढ़ी तक पहुंचेंगे और युवा तथा शौकिया फोटोग्राफरों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच मिलेगा। उन्होंने सभी फोटो जर्नलिस्टों और फोटोग्राफरों को विश्व फोटोग्राफी दिवस की शुभकामनाएं दीं।
वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट गोकुल सोनी ने साझा किए अनुभव
इस अवसर पर वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट गोकुल सोनी ने फोटोग्राफी से जुड़े अपने लंबे अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि फोटो जर्नलिज्म में कई बार ऐसी परिस्थितियों में काम करना पड़ता है, जहां न समय का इंतजार किया जा सकता है और न ही दोबारा मौका मिलता है। घटनास्थल पर मौजूद रहकर सही क्षण को पहचानना और उसे कैमरे में कैद करना ही फोटो जर्नलिस्ट की सबसे बड़ी चुनौती और उसकी पहचान है। उन्होंने इस प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ की योजनाओं से संबंधित तस्वीरों को भी शामिल कर प्रदर्शनी को विस्तार देने का सुझाव रखा ,
तस्वीर पत्रकारिता की अधूरी खबर को पूरा करती है : मोहन तिवारी
रायपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी ने सभी फोटो जर्नलिस्टों और फोटोग्राफरों को विश्व फोटोग्राफी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ‘दृश्य संवाद’ केवल एक फोटो प्रदर्शनी नहीं, बल्कि तस्वीरों के माध्यम से समाज और समय से संवाद करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता, फोटो जर्नलिस्ट साथियों के बिना अधूरी है। खबर को जीवंतता और प्रभाव देने में एक तस्वीर की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
उन्होंने कहा कि एक सशक्त तस्वीर के लिए कई बार लंबे कैप्शन की जरूरत नहीं होती। बिना किसी कैप्शन के भी तस्वीर अपने आप में पूरी खबर कहने की ताकत रखती है। फोटो जर्नलिस्ट जिस क्षण को कैमरे में कैद करता है, वह आने वाले समय में उस घटना का दस्तावेज बन जाता है। उन्होंने कहा कि रायपुर प्रेस क्लब आने वाले वर्षों में भी विश्व फोटोग्राफी दिवस पर इस तरह की प्रदर्शनी और फोटो जर्नलिस्ट गतिविधियों की परंपरा को आगे बढ़ाएगा।
होटल सेलिब्रेशन की ओर से विशेष सम्मान
विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर होटल सेलिब्रेशन की ओर से रायपुर प्रेस क्लब को स्नेह और सम्मान के रूप में आकर्षक केक भेंट किया गया। होटल संचालक कवलजीत हीरा ने फोटोग्राफरों के लिए विशेष घोषणा करते हुए कहा कि ‘प्रकृति एवं वन्यप्राणी’ श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले फोटोग्राफर को 1+1 यानी दो लोगों के लिए कान्हा में एक दिन के ठहरने और भोजन की निःशुल्क सुविधा प्रदान की जाएगी।
कार्यक्रम में रायपुर प्रेस क्लब के महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव निवेदिता साहू, भूपेश जांगड़े, वरिष्ठ पत्रकार प्रशांत शर्मा, वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट गोकुल सोनी, राजकुमार चतुर्वेदी, नरेंद्र बंगाले, प्रदीप डडसेना, पंकज चौहान, फोटो जर्नलिस्ट प्रकोष्ठ के संयोजक दीपक पांडे,, वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र निगम,दीपेंद्र सोनी, रमन हलवाई, जय गोस्वामी , सागर फारीकार, पंकज सिंह,विजय देवांगन मनोज देवांगन विनय घाटगे ,हेमंत गोस्वामी किशन लोखंडे त्रिलोचन मानिकपुरी,राजेश सोनकर
सहित बड़ी संख्या में फोटो जर्नलिस्ट एवं पत्रकार उपस्थित रहे।
तीन दिवसीय ‘दृश्य संवाद 2026’ फोटो प्रदर्शनी में दर्शक इन तस्वीरों का अवलोकन कर सकेंगे, घासीदास संग्रहालय आर्ट गैलरी में फोटोग्राफी की दृष्टि से छत्तीसगढ़ की प्रकृति, संस्कृति, समाज और घटनाक्रम को एक अलग नजरिए से देख सकेंगे। - -45 अन्वेषण परियोजनाओं को दिया गया अंतिम रूपरायपुर / छत्तीसगढ़ की राजधानी में राज्य भूवैज्ञानिक प्रोग्रामिंग बोर्ड (SGPB) की 26वीं बैठक खनिज साधन विभाग के सचिव श्री पी. दयानंद की अध्यक्षता में रायपुर स्थित पुराना सर्किट हाउस में भूवैज्ञानिक प्रोग्रामिंग बोर्ड (SGPB) की 26वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के अन्वेषण कार्यों की समीक्षा की गई और आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए खनिज खोज कार्यक्रमों व प्राथमिकताओं को अंतिम रूप दिया गया। इस दौरान विशेष सचिव एवं संचालक भौमिकी-खनिकर्म श्री रजत बंसल और भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) के उप महानिदेशक श्री अमित धरवाड़कर सहित प्रमुख केंद्रीय, राज्य एजेंसियों व निजी उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।राज्य में कुल 45 नई व जारी अन्वेषण परियोजनाओं को अंतिम रूप दिया गया है। इनमें 35 क्रिटिकल व स्ट्रेटेजिक खनिज ब्लॉक, 4 डीप-सीटेड (गहन स्तर) खनिज ब्लॉक तथा 6 बल्क मिनरल परियोजनाएं शामिल हैं।GSI की प्रमुख भूमिका महत्वपूर्ण है, इनमें से 25 अन्वेषण परियोजनाओं का संचालन भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (रायपुर इकाई) द्वारा किया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 2,590 मिलियन टन चूना पत्थर तथा 32.26 मिलियन टन लौह अयस्क के संसाधनों की पहचान व स्थापना की गई। उन्होंने आगे बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 की चार अन्वेषण परियोजनाएं चालू वित्तीय वर्ष में भी जारी रहेंगी। इसके अतिरिक्त, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए संचालनालय, भौमिकी एवं खनिकर्म द्वारा राज्य में 11 अन्वेषण प्रस्तावों को अंतिम रूप दिया गया है। इनमें 1 ग्रेफाइट, 2 चूना पत्थर, 4 लौह अयस्क, 2 ग्लॉकोनाइट, 1 आरईई एवं रेयर मेटल्स तथा 1 बॉक्साइट एवं एल्युमिनस लेटराइट युक्त महत्वपूर्ण एवं सामरिक खनिज ब्लॉक शामिल हैं।सचिव श्री पी. दयानंद ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य को खनन रॉयल्टी एवं राजस्व से लगभग 16,738 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। उन्होंने यह भी बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत एनपीईए की 9 अन्वेषण परियोजनाएं चालू वर्ष में भी जारी रहेंगी। इससे राज्य में महत्वपूर्ण एवं सामरिक खनिजों के अन्वेषण को निरंतर गति मिलने के साथ-साथ राज्य के खनिज संसाधन आधार को और मजबूत करने में सहायता मिलेगी। विशेष सचिव श्री रजत बंसल ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025 26 के दौरान संचालनालय, भौमिकी एवं खनिकर्म, छत्तीसगढ द्वारा 2,590 मिलियन टन चूना पत्थर संसाधन तथा 32.26 मिलियन टन लौह अयस्क संसाधन स्थापित किए गए हैं। उन्होंने इसे राज्य में खनिज अन्वेषण गतिविधियों की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए स्वीकृत प्रस्तावों में लिथियम, ग्रेफाइट, टिन-टैंटलम-नियोबियम, आरईई (REE) एवं रेयर मेटल्स, ग्लॉकोनाइट और बॉक्साइट जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के ब्लॉकों को शामिल किया गया है।बैठक में दक्षिण बस्तर क्षेत्र में खनिज अन्वेषण को तेज करने तथा अधिक गहराई में मौजूद (Deep-seated) खनिजों के सटीक आकलन के लिए उन्नत तकनीकों को अपनाने का आग्रह किया गया।इस अवसर पर GSI द्वारा छत्तीसगढ़ के पांच जिलों के खनिज संसाधन मानचित्र खनिज साधन विभाग को सौंपे गए। बैठक में खनिज खोज की संभावनाओं को बढ़ाने, विभिन्न केंद्रीय व राज्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और राज्य में खनिज-आधारित उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुसार एक मजबूत रोडमैप तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया।बैठक में प्रमुख भूवैज्ञानिक एवं खनिज क्षेत्र से संबंधित केंद्रीय एवं राज्य स्तरीय संस्थाओं और शासकीय एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, भारतीय खान ब्यूरो, परमाणु खनिज अन्वेषण एवं अनुसंधान निदेशालय, मिनरल एक्सप्लोरेशन एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड, राष्ट्रीय खनिज विकास निगम, सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ माइनिंग एंड फ्यूल रिसर्च, केंद्रीय भूजल बोर्ड, सीएमपीडीआईएल, एमओआईएल, हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड तथा छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन शामिल थे। इसके अतिरिक्त सीजीसीओएसटी, अधिसूचित निजी अन्वेषण एजेंसियों तथा उद्योग जगत से जिंदल स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट, मां कुदरगढ़ी स्टील प्राइवेट लिमिटेड, डेक्कन गोल्ड एवं माइकी साउथ माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधियों तथा डीजीएम की एमसीटीए टीम ने भी बैठक में भाग लिया।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित प्रदेश कार्यालय में बुधवार को 'सहयोग केंद्र' का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने उपस्थित रहकर कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद कर आवेदनों पर सार्थक व समाधानकारी पहल की।सहयोग केंद्र में 100 से अधिक कार्यकर्ता पहुंचे। इस दौरान 40 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। मंत्री श्री चौधरी ने आवेदन के तत्काल निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को इन आवेदनों के त्वरित व पारदर्शी निराकरण के निर्देश दिए। इस दौरान भाजपा प्रदेश सह कार्यालय मंत्री प्रीतेश गांधी एवं सहयोग केंद्र प्रभारी सच्चिदानंद उपासने विशेष रूप से मौजूद रहे।
- -विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमनसिंह ने किया सम्मानितरायपुर। प्रदेश के वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ डॉ दिनेश मिश्र को राजधानी रायपुर में आयोजित समारोह में चिकित्सा एवं समाजसेवा में दीर्घ कालीन योगदान के लिए लाइफ टाइम एचीवमेंट अवार्ड प्रदान किया गया . पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने डॉ. दिनेश मिश्र को एवार्ड देकर सम्मानित किया. कार्यक्रम में बृजमोहन अग्रवाल सांसद रायपुर, राजेश मूणत पूर्व मंत्री एवं विधायक रायपुर, पुरन्दर मिश्रा, विधायक, मोतीलाल साहू विधायक, मीनल चौबे महापौर रायपुर, डॉ विद्याकांत त्रिवेदी, डॉ उपेन्द त्रिवेदी, डॉ . उत्कर्ष त्रिवेदी उपस्थित रहे.डॉ दिनेश मिश्र सन् 1995 से प्रदेश में सामाजिक अंधविश्वास एवं कुरीतियों के खिलाफ जनजागरण अभियान चला रहे हैं डॉ मिश्र के प्रयासों से प्रदेश में टोनही प्रताड़ना के विरोध में कानून बना .वे प्रताड़ित महिलाओं के कल्याण, पुनर्वास के लिए भी प्रयत्नशील हैं साथ ही सामाजिक बहिष्कार से पीड़ित परिवारों के लिए कार्य कर रहे है साथ ही इस संबंध में कानून बनाने किए संघर्षरत हैं.डॉ दिनेश मिश्र पिछले 30 वर्षों से जादू टोने के संदेह में महिला प्रताड़ना, डायन (टोनही)प्रताड़ना, उनके मानवाधिकार विभिन्न अंधविश्वासो और सामाजिक कुरीतियों तथा महिला के खिलाफ लगातार कार्य कर रहे है जिसके तहत देश भर में 5 हजार से अधिक सभाएं कर चुके है स्कूल,कॉलेजो ,सामाजिक संगठनों के साथ कार्यशालाओं में 3 लाख से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षित कर चुके हैडॉ दिनेश मिश्र ने2016 में यूनाइटेड नेशन्स द्वारा जिनेवा में डायन के संदेह में महिला प्रताड़ना और मानव अधिकार विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला व्याख्यान, साथ 2014 में बेल्जियम ब्रसेल्स में आयोजित संगोष्ठी में व्याख्यान, अनेक विश्वविद्यालयों में व्याख्यान दे चुके हैं .छत्तीसगढ़ के अलावा मध्यप्रदेश ,आसाम आंध्रप्रदेश ,ओडिसा,झारखण्ड ,महाराष्ट्र ,दिल्ली,हरियाणा,राजस्थान ,बिहार ,उत्तरप्रदेश ,कर्नाटक,में अभियान संचालित कर चुके हैछत्तीसगढ़ में जादू टोने के आरोप में महिला प्रताड़ना टोनही प्रताड़ना के खिलाफ जन जागरण तथा प्रदेश में कानून बनाने केलिए किये गए कार्यो केलिए राज्य अलंकरण पण्डित रविशंकर शुक्ल सम्मान 2006 मे, देश भर में वैज्ञानिक दृष्टिकोण के विकास एवं अंधविश्वास निर्मूलन के लिए किए गए कार्यों के लिये 2007 में भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा नेशनल एवार्ड प्रदान किया जा चुका है वहीछत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग द्वारा 2006 में महिला उत्पीड़न के लिए किए गए कार्यों के लिए सम्मानित किया जा चुका है.
- -वन मंत्री केदार कश्यप ने किया 24.38 लाख रूपए की लागत से तैयार वुडन ब्रिज का लोकार्पणरायपुर ।छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित कोनी में बने बिलासा ताल में हाल ही में एक आकर्षक नवनिर्मित वुडन ब्रिज (लकड़ी का पुल) से पर्यटन स्थल की सुंदरता और आकर्षण में काफी वृद्धि हुई है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने आज बिलासपुर के बिलासा ताल में 24.38 लाख रुपए की लागत से तैयार वुडन ब्रिज का लोकार्पण किया। प्राकृतिक और मनोरम वातावरण के बीच बनाए गए इस आकर्षक ब्रिज से बिलासा ताल की सुंदरता बढ़ी है। यह ब्रिज पर्यटकों और शहरवासियों के लिए नया आकर्षण बनेगा।बिलासा ताल के प्राकृतिक परिवेश और पर्यटन की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वुडन ब्रिज का निर्माण किया गया है। इसके माध्यम से पर्यटकों को ताल परिसर में घूमने और प्राकृतिक वातावरण का आनंद लेने के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी। ब्रिज के आसपास का क्षेत्र पर्यटकों के लिए आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा।वुडन ब्रिज के निर्माण से बिलासा ताल की पर्यटन सुविधाओं में एक नया आयाम जुड़ा है। इससे यहां आने वाले पर्यटकों की सुविधा बढ़ने के साथ पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय नागरिकों के लिए भी यह स्थान मनोरंजन और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने का बेहतर विकल्प बनेगा।बिलासा ताल में विकसित यह वुडन ब्रिज प्रकृति और पर्यटन विकास के सुंदर समन्वय का उदाहरण है। शासन द्वारा पर्यटन स्थलों पर सुविधाओं के विस्तार और प्राकृतिक स्थलों को आकर्षक बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों से क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाएं और मजबूत हो रही हैं।लोकार्पण कार्यक्रम में विधायक श्री सुशांत शुक्ला, पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष श्री राजा पांडे, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव एवं जिले के प्रभारी सचिव श्री मनोज पिंगुआ, पीसीसीएफ श्री अरुण पाण्डेय, सीसीएफ श्री मनोज पांडे, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह, वन मंडलाधिकारी श्री नीरज सिंह, नगर निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे, श्री मोहित जायसवाल सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
- -नई सहकारी समितियों में बुनियादी सुविधाएं विकसित करने के निर्देश-सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के कामकाज की समीक्षा कीरायपुर। सहकारी संस्थाओं को मजबूत करने और किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध कराने के लिए प्राथमिक कृषि साख समितियां (PACS) का कंप्यूटरीकरण किया जा रहा है। इससे पारदर्शिता बढ़ती है, ब्याज मुक्त या कम ब्याज पर फसल ऋण समय पर मिलते हैं और किसानों को डिजिटल सेवाएं आसानी से मिलने लगती हैं। वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन एवं सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने आज बिलासपुर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के सभाकक्ष में बैठक लेकर जिला सहकारी बैंक के कामकाज एवं किसानों के हित में संचालित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की।मंत्री श्री केदार कश्यप ने सहकारी संस्थाओं को मजबूत बनाने के साथ किसानों को समय पर ऋण एवं अन्य सुविधाओं का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों के हित में संचालित केंद्र एवं राज्य शासन की योजनाओं का शत प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करने कहा। बैठक में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष श्री रजनीश सिंह, उपाध्यक्ष श्रीमती रजनी साहू, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रभात मिश्रा, नोडल अधिकारी श्री आशीष दुबे सहित सहकारिता विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।सहकारिता मंत्री श्री कश्यप ने बताया कि पांच जिलों में नई 47 सहकारी समितियां खोली गई हैं, जिनमें अकेले बिलासपुर जिले में 16 समितियां शामिल हैं। उन्होंने इन समितियों में आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि संबंधित क्षेत्रों के किसानों को स्थानीय स्तर पर सहकारिता से जुड़ी सेवाओं का बेहतर लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि नई समितियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए आवश्यक संसाधन और सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।बैठक में बताया गया कि वर्ष 2026 में किसानों को 73,207.17 लाख रुपये का नगद ऋण तथा 17,273.35 लाख रुपये का वस्तु ऋण वितरित किया गया है। इस प्रकार किसानों को 904 करोड़ 80 लाख रुपये से अधिक की ऋण सुविधा उपलब्ध कराई गई है। मंत्री श्री कश्यप ने ऋण वितरण की समीक्षा करते हुए पात्र किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध कराने तथा सहकारी बैंक की सेवाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए।बैठक में प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) की कार्यप्रणाली की समीक्षा की गई। कुछ समितियों में डेटा एंट्री का कार्य अभी पूर्ण नहीं हुआ है। इस पर मंत्री श्री कश्यप ने 31 अगस्त तक सभी पैक्स में डेटा एंट्री एवं कंप्यूटराइजेशन का कार्य शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।मंत्री श्री कश्यप ने ‘सहकार से समृद्धि’ योजना की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने सहकारिता के माध्यम से किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही कॉमन सर्विस सेंटर की स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी केंद्रों में आईडी बनाने के निर्देश दिए। बैठक में अन्न भंडारण योजना की भी समीक्षा की गई। योजना का शत-प्रतिशत एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गोदाम निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए मंत्री श्री कश्यप ने अधूरे गोदामों की जानकारी ली। उन्होंने हाउसिंग बोर्ड एवं संबंधित अधिकारियों को अधूरे निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि इनका उपयोग किसानों और सहकारी समितियों के हित में किया जा सके। मंत्री श्री कश्यप ने किसान क्रेडिट कार्ड की प्रगति की समीक्षा करते हुए व्यापक प्रचार-प्रसार और अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक पात्र किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ा जाए, ताकि उन्हें कृषि कार्यों के लिए समय पर ऋण सुविधा मिल सके।बैठक में ऋण वितरण समितियों की स्थिति, वर्तमान एवं लंबित अल्पकालीन कृषि ऋण, ब्याज अनुदान, माइक्रो एटीएम की उपलब्धता एवं संचालन तथा सीएम हेल्पलाइन से संबंधित प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। मंत्री श्री कश्यप ने लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण करने तथा किसानों को सहकारिता विभाग की सेवाओं का लाभ सुगमता से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
- -आत्मसमर्पण और पुनर्वास से बदली जिंदगी, अब सब इंस्पेक्टर बनकर संभाल रहे सुरक्षा की जिम्मेदारी-चेन्नई के मीडिया प्रतिनिधियों ने डीआरजी और एसटीएफ जवानों से जाना नक्सल मुक्त बीजापुर का बदलावरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल और वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के साथ विकास और पुनर्वास को भी प्राथमिकता दी जा रही है। आत्मसमर्पण करने वाले लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़कर सम्मानजनक जीवन का अवसर देने के प्रयासों से अनेक जिंदगियां बदल रही हैं। बीजापुर के डीआरजी में पदस्थ सब इंस्पेक्टर अर्जुन की कहानी इसका प्रेरक उदाहरण है। अर्जुन ने बताया कि माओवादी हिंसा के दौर में ग्रामीण परिवारों पर संगठन से जुड़ने का दबाव रहता था। इसी भय और दबाव के कारण उन्हें भी बचपन में माओवादी संगठन में शामिल होना पड़ा। समय के साथ उन्होंने माओवादी गतिविधियों और हिंसक विचारधारा को करीब से देखा और उनका मोहभंग हो गया।इसके बाद उन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। पुनर्वास का लाभ मिलने के बाद उन्हें पुलिस विभाग में सेवा का अवसर मिला।अर्जुन ने बताया कि आत्मसमर्पण के बाद उन्हें नई जिंदगी शुरू करने का अवसर मिला। उन्होंने पुलिस विभाग में जिम्मेदारी संभाली और अपनी मेहनत तथा बेहतर कार्य के बल पर आगे बढ़ते गए। शुरुआत में उन्होंने गोपनीय सैनिक के रूप में सेवा की और बाद में पदोन्नति प्राप्त करते हुए सब इंस्पेक्टर बने।आज अर्जुन उसी क्षेत्र में पुलिस की वर्दी पहनकर कानून और संविधान की रक्षा तथा आम नागरिकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उनका जीवन बताता है कि सही अवसर और पुनर्वास का सहारा मिलने पर हिंसा के रास्ते से लौटकर सम्मानजनक जीवन की शुरुआत की जा सकती है।पीआईबी के डायरेक्टर श्री अरुण कुमार पी. के नेतृत्व में चेन्नई से आए मीडिया प्रतिनिधियों ने 17 अगस्त को बीजापुर प्रवास के दौरान पुलिस अधीक्षक कार्यालय में डीआरजी और एसटीएफ के जवानों से चर्चा की। इस दौरान जवानों ने बस्तर में माओवाद के प्रभाव, नक्सली हिंसा, सुरक्षा अभियानों, आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास तथा नक्सल मुक्त बीजापुर में हो रहे बदलावों के बारे में अपने अनुभव साझा किए।डीएसपी श्री विनीत साहू ने मीडिया प्रतिनिधियों को नक्सल विरोधी अभियानों और सुरक्षा बलों के सामने आने वाली चुनौतियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नक्सलवाद के खिलाफ रणनीति में केवल सुरक्षा कार्रवाई ही नहीं, बल्कि ग्रामीणों का विश्वास मजबूत करना, आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास को प्रोत्साहित करना और विकास कार्यों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना भी शामिल है।डीआरजी और एसटीएफ के जवानों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों और कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में लगातार अपनी जिम्मेदारी निभाई है। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के साथ अब विकास कार्यों को भी गति मिल रही है।31 मार्च 2026 के बाद नक्सल मुक्त बीजापुर में बदलाव की नई तस्वीर सामने आ रही है। जिन क्षेत्रों में कभी माओवादी हिंसा के कारण सामान्य जनजीवन और विकास कार्य प्रभावित होते थे, वहां अब सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यों को गति मिल रही है।सुरक्षा बलों के जवानों ने बताया कि आज ग्रामीणों में विश्वास बढ़ रहा है और विकास गतिविधियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं। यह बदलाव सुरक्षा, पुनर्वास और विकास के समन्वित प्रयासों का परिणाम है।अर्जुन की कहानी नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बदलाव की मानवीय तस्वीर सामने लाती है। जिस व्यक्ति को कभी परिस्थितियों और दबाव के कारण माओवादी संगठन से जुड़ना पड़ा, वही आज पुलिस की वर्दी पहनकर कानून, संविधान और समाज की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभा रहा है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास की नीति के माध्यम से लोगों को हिंसा छोड़कर विकास और सम्मान की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास जारी हैं। अर्जुन का सफर इसी बदलाव का प्रेरक उदाहरण है। माओवाद के साये से निकलकर वर्दी की जिम्मेदारी तक पहुंचने का सफर।
- रायपुर। मिनीमाता हसदेव बांगो बांध में पानी की आवक कम होने के कारण जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। स्थिति को देखते हुए उच्चाधिकारियों से चर्चा एवं उनके निर्देशानुसार बांध के दो जलद्वार बंद किए गए हैं। अब कुल 7 जलद्वारों के माध्यम से अतिरिक्त पानी की निकासी की जा रही है।जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री एस.के. भारती ने बताया कि 19 अगस्त 2026 को शाम 4.30 बजे से 7.30 बजे के बीच बांध में पानी की आवक कम होने के कारण पिछले तीन घंटे में जलस्तर में करीब 3 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई। बांध के जलभराव को नियंत्रित करने के लिए जलद्वारों की कुल ओपनिंग 6.00 मीटर से घटाकर 5.00 मीटर कर दी गई है।वर्तमान में बांध से अतिरिक्त पानी की निकासी 7 जलद्वारों एवं पावर हाउस के माध्यम से की जा रही है। शाम 7.30 बजे की स्थिति में बांध का जलस्तर 358.24 मीटर (91.54 प्रतिशत) दर्ज किया गया। बांध में पानी का इनफ्लो 23,732 क्यूसेक तथा आउटफ्लो 35,807 क्यूसेक है।जल संसाधन विभाग द्वारा बांध के जलस्तर, पानी की आवक एवं निकासी की सतत निगरानी की जा रही है तथा परिस्थितियों के अनुसार जलद्वारों के संचालन का निर्णय लिया जा रहा है। इसी तरह दर्री बांध के 4 गेट खोले गए हैं।
- -पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाना प्राथमिकता: केंद्रीय राज्यमंत्री श्री साहू-जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक आयोजितरायपुर ।केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने आज मुंगेली जिला कलेक्टोरेट स्थित मनियारी सभाकक्ष में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक लेकर केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पात्र हितग्राहियों तक समय पर लाभ पहुंचाने तथा विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में मुंगेली विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले, बिल्हा विधायक श्री धरमलाल कौशिक, कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार, अतिरिक्त कलेक्टर श्रीमती निष्ठा पाण्डेय तिवारी, जिला पंचायत सीईओ श्री गोकुल रावटे, जनपद पंचायत मुंगेली के अध्यक्ष श्री रामकमल सिंह परिहार, जिला अध्यक्ष श्री दीनानाथ केशरवानी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।केंद्रीय राज्य मंत्री ने वीबी जी राम जी अंतर्गत श्रमिकों के पंजीयन की जानकारी ली। उन्होंने सक्रिय श्रमिकों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि अधिक से अधिक श्रमिकों का पंजीयन होने से उन्हें शासन की योजनाओं और रोजगार के अवसरों का लाभ मिलेगा। उन्होंने वीबी जी राम जी अंतर्गत जल संरक्षण से जुड़े कार्यों की कार्ययोजना एवं स्वीकृति की भी जानकारी ली तथा आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता से स्वीकृत कराने के निर्देश दिए। केंद्रीय राज्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण एवं पीएम जनमन योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए पूर्ण हो चुके आवासों का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने पीएम जनमन के अंतर्गत स्वीकृत आवासों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण कराने के निर्देश दिए। जर्जर स्कूल एवं आंगनबाड़ी भवनों की जानकारी लेते हुए आवश्यक निर्माण एवं मरम्मत कार्य सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। बिहान योजना के बैंक लिंकेज, सामुदायिक शौचालयों की स्वच्छता, सामाजिक सहायता योजनाओं के अंतर्गत पेंशन भुगतान तथा विशिष्ट दिव्यांगता आईडी की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उन्होंने सभी पात्र हितग्राहियों को समय पर योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए।केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री साहू ने कृषि विभाग अंतर्गत मृदा स्वास्थ्य कार्ड, जैविक खेती, खाद-बीज की उपलब्धता एवं पीएम किसान सम्मान निधि केवाईसी की जानकारी ली गई और जैविक खेती का रकबा बढ़ाने तथा किसानों को इसके लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को खाद और बीज के लिए किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। पशुपालन एवं मत्स्य विभाग की समीक्षा में पशु रोग नियंत्रण, टीकाकरण, राष्ट्रीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम तथा मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत कार्ययोजना एवं प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने खाद्य विभाग अंतर्गत पीएम उज्ज्वला योजना एवं राशन कार्ड से संबंधित लंबित प्रकरणों की जानकारी ली और शत-प्रतिशत पात्र हितग्राहियों का राशन कार्ड बनाने के निर्देश दिए। बैठक में जिंदा व्यक्ति को मृत घोषित कर राशन कार्ड से नाम काटे जाने की शिकायत का मामला भी सामने आया, जिस पर उन्होंने जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने तथा भविष्य में नाम काटने से पहले विधिवत जांच एवं सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।बैठक में महिला बाल विकास विभाग अंतर्गत रेडी-टू-ईट, वजन तिहार, आंगनबाड़ी भवनों की स्थिति एवं सुकन्या समृद्धि योजना की प्रगति की जानकारी ली गई और आंगनबाड़ी केंद्रों की बेहतर मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत गर्भवती महिलाओं का पंजीयन, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम, आयुष्मान कार्ड एवं जनऔषधि केंद्रों के संचालन की जानकारी ली और जिले को टीबी मुक्त बनाने तथा स्वास्थ्य योजनाओं में लक्षित प्रगति हासिल करने के लिए प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए। नगरीय निकायों के अंतर्गत अटल कायाकल्प एवं अमृत 2.0, खुड़िया समूह जल प्रदाय योजना, पीएम आवास योजना-शहरी एवं एसबीएम 2.0 की समीक्षा की गई। लंबित आवासों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।केंद्रीय राज्य मंत्री ने पीएमजीएसवाई के अंतर्गत सड़कों की स्थिति की समीक्षा करते हुए 05 से 10 वर्ष पुरानी सड़कों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए। जिन सड़क कार्यों के टेंडर हो चुके हैं, उन्हें शीघ्र चलने योग्य बनाने पर जोर दिया गया। मनियारी जलाशय योजना के कमांड क्षेत्र के विकास, जल प्रबंधन एवं जलाशयों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। केंद्रीय राज्य मंत्री ने राजस्व विभाग अंतर्गत सीमांकन, नामांतरण एवं बंटवारा सहित विभिन्न प्रकरणों का संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ निराकरण करने के निर्देश दिए। छात्रावासों में ट्रांसफार्मर की व्यवस्था तथा विद्युत विभाग के कार्यों के लिए कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध पूर्णता सुनिश्चित करने को कहा। केंद्रीय राज्य मंत्री ने शिक्षा विभाग अंतर्गत स्कूलों में मध्यान्ह भोजन योजना को बेहतर बनाने, शैक्षणिक व्यवस्था का उन्नयन करने तथा सभी अधिकारियों को नियमित रूप से स्कूलों का भ्रमण एवं निरीक्षण करने के निर्देश दिए। आदिवासी विकास विभाग अंतर्गत पीएम आदर्श ग्राम योजना, पीएम अजय योजना, पीएम कौशल विकास योजना तथा सीएसआर के अंतर्गत संचालित कार्यों की भी समीक्षा की गई। उन्होंने वन विभाग अंतर्गत जंगलों में अवैध कटाई पर प्रभावी रोक लगाने, सर्चिंग एवं कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिए।बिल्हा विधायक श्री कौशिक ने कहा कि दिशा की बैठक केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को दिशा प्रदान करती है। उन्होंने जिले में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे बेहतर कार्यों और बढ़ी हुई रैंकिंग की सराहना करते हुए स्वास्थ्य सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं में भी बेहतर प्रगति की बात कही। उन्होंने ई-श्रम पोर्टल पर शत-प्रतिशत श्रमिकों का पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जहां कहीं भी कोई कमी या समस्या सामने आती है, उसे दूर कर योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया जाएगा। विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी।
- -बच्चों के जरूरी काम को मिला समय पर सहारा, जाति, निवास एवं आय प्रमाण-पत्र पाकर प्रसन्न हुए जग्गू राठियारायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में सेवा सेतु केंद्र नागरिकों के लिए शासकीय सेवाओं को सरल, सहज और सुगम बनाने की दिशा में प्रभावी माध्यम बन रहा है। एक ही स्थान पर विभिन्न सेवाओं के लिए आवेदन की सुविधा और निर्धारित समय-सीमा में सेवाओं की उपलब्धता से नागरिकों को अपने आवश्यक कार्यों को पूरा करने में सुविधा मिल रही है।इसके माध्यम से जाति, निवास एवं आय प्रमाण-पत्र सहित विभिन्न शासकीय सेवाओं का लाभ नागरिकों को समय पर उपलब्ध कराया जा रहा है। यह पहल शासन की सेवाओं को नागरिकों के करीब लाने के साथ ही उनके समय और प्रयास की बचत में सहायक बन रही है। सेवा सेतु की सफलता उन नागरिकों के अनुभवों में भी दिखाई दे रही है, जिन्हें आवश्यक दस्तावेज समय पर प्राप्त हो रहे हैं और उनके कार्य आसानी से पूरे हो रहे हैं।इसी क्रम में कोरबा जिले के ग्राम ढेंगूरडीह, तहसील भैंसमा निवासी श्री जग्गू राठिया के लिए अपने बच्चों उमा और हेमलता से जुड़े जरूरी कार्यों के लिए जाति, निवास एवं आय प्रमाण-पत्र की आवश्यकता थी। बच्चों के आवश्यक कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए इन प्रमाण-पत्रों की जरूरत को देखते हुए श्री राठिया ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित सेवा सेतु केंद्र का रुख किया। उन्होंने केंद्र में पहुंचकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपना आवेदन प्रस्तुत किया।सेवा सेतु केंद्र में आवेदन प्राप्त होने के बाद संबंधित प्रक्रिया के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की गई। आवेदन के निराकरण के लिए निर्धारित प्रक्रिया को पूरा करते हुए श्री राठिया के बच्चों उमा और हेमलता के जाति, निवास एवं आय प्रमाण-पत्र समय-सीमा के भीतर तैयार कर उपलब्ध कराए गए। समय पर प्रमाण-पत्र प्राप्त होने से श्री राठिया को अपने बच्चों से संबंधित आवश्यक कार्यों को आगे बढ़ाने में सुविधा मिली।प्रमाण-पत्र प्राप्त होने के बाद श्री जग्गू राठिया ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि सेवा सेतु केंद्र में आवेदन करने के बाद उनका काम समय पर पूरा हो गया और आवश्यक प्रमाण-पत्र भी निर्धारित अवधि में मिल गए। उन्होंने बताया कि बच्चों के लिए जरूरी दस्तावेज समय पर मिलने से उन्हें काफी सुविधा हुई। श्री राठिया ने नागरिकों को सरकारी सेवाएं आसानी से उपलब्ध कराने की इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया।
- -’पिछले ढाई सालों में 12,666 करोड़ के 1572 कार्यों को मिली प्रशासकीय स्वीकृति, इनमें सड़कों के 1285, पुलों के 247 और भवन निर्माण के 42 कार्य शामिल’-उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने प्रेस-कॉन्फ्रेंस में लोक निर्माण विभाग के कार्यों की दी जानकारीरायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने आज प्रेस-कॉन्फ्रेंस में लोक निर्माण विभाग के कार्यों, उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस-कॉन्फ्रेंस में कहा कि राज्य का सबसे बड़ा निर्माण विभाग लोक निर्माण विभाग छत्तीसगढ़ के विकास का आधार है। सड़कों, पुलों और भवनों के निर्माण के साथ विभागीय कार्यों में तेजी और प्रशासनिक कसावट लाने के लिए विभाग लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि दिसम्बर-2023 में सरकार बनने के बाद से अब तक लोक निर्माण विभाग को निर्माण कार्यों के लिए बड़े पैमाने पर प्रशासकीय स्वीकृतियां मिली हैं। लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल, प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी और अपर सचिव श्री एस.एन. श्रीवास्तव भी प्रेस-कॉन्फ्रेंस में मौजूद थे।उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने प्रेस-कान्फ्रेंस में बताया कि पिछले ढाई वर्षों में विभाग को 12 हजार 666 करोड़ रुपए से अधिक के लागत के कुल 1572 कार्यों के लिए प्रशासकीय स्वीकृतियां मिली हैं। इसमें सड़क निर्माण के 1285, पुलों के 247 और भवन निर्माण के 42 कार्य शामिल हैं। वित्तीय वर्ष 2023-24 में दिसम्बर-2023 से मार्च-2024 तक 80 कार्यों के लिए 551 करोड़ 42 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। इनमें 374 किमी लंबाई की 72 सड़कें, 6 पुल और दो भवन शामिल हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 2590 करोड़ 70 लाख रुपए लागत के कुल 438 कार्यों के लिए की स्वीकृति दी गई। इनमें 1465 किमी लंबाई की 400 सड़कें, 37 पुल और एक भवन शामिल हैं।उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 लोक निर्माण विभाग के लिए ऐतिहासिक रहा। विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए इस वर्ष 9129 करोड़ 18 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति मिली, जो राज्य निर्माण के बाद पिछले 25 वर्षों के इतिहास में विभाग को मिली सर्वाधिक स्वीकृति है। इस वित्तीय वर्ष में 5129.60 किमी लंबाई की 754 सड़कों, 200 पुलों और 39 भवनों सहित कुल 993 कार्यों को मंजूरी दी गई। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में 10 अगस्त तक विभाग को 608 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है। इसमें 608.20 किमी लंबाई की 59 सड़कें और दो पुलों के निर्माण शामिल हैं।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में विभाग में कार्यों की गति बढ़ाने के साथ-साथ प्रशासनिक ढांचे को भी मजबूत किया गया है। बेहतर संचालन और प्रशासनिक कसावट के लिए सात नए संभागीय कार्यालय और 12 नए उप संभागीय कार्यालय शुरू किए गए हैं। इससे निर्माण कार्यों की निगरानी और स्वीकृत कार्यों के क्रियान्वयन में तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि विभाग की प्राथमिकताओं में लंबित अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों का निराकरण भी शामिल है।श्री साव ने बताया कि लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक सरल, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए जल्द ही ‘वमिस’ (WAMIS - Work and Accounts Monitoring Integration System) लागू किया जाएगा। इस प्रणाली से डीपीआर तैयार करने से लेकर कार्य की स्वीकृति और अन्य प्रक्रियाएं ऑनलाइन और एकीकृत प्रणाली से संचालित होंगी। इससे वर्तमान में विभागीय प्रक्रियाओं में लगने वाले लंबे समय को कम किया जा सकेगा और निर्माण कार्यों को तेजी से धरातल पर उतारा जा सकेगा।उन्होंने कहा कि तकनीक के उपयोग से विभागीय कामकाज में सुगमता के साथ गुणवत्ता और निगरानी में भी सुधार होगा। हम राज्य में “लोक निर्माण से छत्तीसगढ़ निर्माण” के मूलमंत्र के साथ अधोसंरचना विकास को नई गति देने लगातार सक्रियता से काम कर रहे हैं।
- रायपुर। मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अंतर्गत छत्तीसगढ़ शहरी गैस वितरण नीति (सीजीडी) के तहत गठित राज्य स्तरीय निगरानी समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्य के शहरी क्षेत्र में पाइपलाइन आधारित प्राकृतिक गैस वितरण को विकसित करने के लिए अधोसंरचना निर्माण के लिए कार्ययोजना के तहत कार्य करने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में प्रदेश में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन व्यवस्था को प्रभावी रूप से विकसित करने तथा नीति के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा हुई।मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पाईप लाईन से प्राकृतिक गैस के घरेलू, औद्योगिक और वाणिज्यक उपयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रक्रिया में तेजी लाएं। उन्होंने शासकीय आवासीय कॉलोनियों, स्कूलों, कॉलेजों, छात्रावासों, अस्पतालों, हाऊसिंग कॉम्पलेक्स, शासकीय संस्थानों, टाउनशिप, केंद्रीय रसोई, गैस और केंटिनों में पीएनजी अधोसरंचना विकसित करने की कार्य योजना बनाकर काम करने के निर्देश दिए है। पीएनजी सिस्टम से प्रदेश में प्राकृतिक गैस वितरण व्यवस्थाओं को बढ़ावा मिलेगा। इससे प्रदूषण में कमी लाने तथा घरेलू औद्योगिक और परिवहन क्षेत्र में स्वच्छ ईंधन के उपयोग का विस्तार होगा।बैठक के दौरान प्रदेश में गैस वितरण नेटवर्क के विस्तार, आवश्यक अधोसंरचना के विकास, संबंधित विभागों के बीच समन्वय तथा उपभोक्ताओं को सुरक्षित, सुगम और बेहतर गैस आपूर्ति उपलब्ध कराने से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को नीति के क्रियान्वयन से जुड़े सभी पहलुओं का समुचित परीक्षण करते हुए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ कार्य करते हुए प्रदेश में गैस वितरण व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर दिया। मानव संसाधन और तकनीकी क्षमता बढ़ाने के लिए प्रत्येक भौगोलिक क्षेत्र में प्लंबर एवं फील्ड टेक्नीशियन के प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और कौशल विकास कार्यक्रमों पर भी जोर दिया जा रहा है। बैठक में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव सुश्री रीना बाबा साहेब कंगाले, परिवहन विभाग के सचिव श्री एस.प्रकाश, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, राजस्व विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह सहित जल संसाधन, लोक निर्माण, नगरीय विकास, पर्यावरण संरक्षण मंडल, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारी मौजूद थे। बैठक में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड, पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन एवं सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल कंपनी के प्रतिनिधि और प्राधिकृत इकाई के प्रतिनिधि शामिल हुए।
- रायपुर । प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के अंतर्गत खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले ने खरीफ 2026 में शानदार प्रदर्शन किया है। पिछले वर्ष की तुलना में जिले में फसल बीमा कराने वाले किसानों की संख्या के साथ-साथ बीमित क्षेत्रफल में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। विशेष रूप से गैर-ऋणी किसानों की भागीदारी में बड़ी बढ़ोतरी हुई है।खरीफ 2025 में जिले से 11,338 गैर-ऋणी किसान आवेदन प्राप्त हुए थे। खरीफ 2026 में यह संख्या बढ़कर 21,186 किसान आवेदन हो गई है। इस प्रकार गैर-ऋणी किसानों की संख्या में 186 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। यह वृद्धि किसानों में फसल बीमा योजना के प्रति बढ़ते विश्वास और जागरूकता को दर्शाती है।इसी प्रकार गैर-ऋणी किसानों के बीमित क्षेत्रफल में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। खरीफ 2025 में जहां 2,972 हेक्टेयर क्षेत्र का बीमा हुआ था, वहीं खरीफ 2026 में यह बढ़कर 5,399 हेक्टेयर हो गया है। इस प्रकार बीमित क्षेत्रफल में लगभग 181 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। फसल बीमा योजना में ऋणी किसानों की भागीदारी भी बढ़ी है। खरीफ 2025 में 3,12,493 ऋणी किसान आवेदन प्राप्त हुए थे, जो खरीफ 2026 में बढ़कर 3,15,857 किसान आवेदन हो गए। इसी प्रकार ऋणी किसानों का बीमित क्षेत्रफल 71,874 हेक्टेयर से बढ़कर 72,270 हेक्टेयर हो गया है। ऋणी किसानों की एंट्री अभी जारी है जिसमें बढ़ोत्तरी संभावित है।जिले में फसल बीमा योजना के प्रति किसानों में बढ़ती जागरूकता से प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले फसल नुकसान के जोखिम को कम करने में मदद मिलेगी। फसल बीमा में किसानों की बढ़ती भागीदारी यह दर्शाती है कि किसान अब अपनी फसल को प्राकृतिक आपदाओं के जोखिम से सुरक्षित रखने के लिए फसल बीमा को महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच के रूप में अपना रहे हैं। प्राकृतिक आपदा की स्थिति में फसल को हुए नुकसान के कारण किसानों को होने वाली आर्थिक क्षति की भरपाई में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जिले में किसानों की बढ़ती भागीदारी से कृषि क्षेत्र को अधिक सुरक्षित और जोखिम-प्रतिरोधी बनाने की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
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रायपुर/श्रृंगार में अध्यात्म का दर्शन अगर किसी ने कराया है तो वह श्री रामचरित मानस के रचियता बाबा तुलसी दास जी ही हैं उक्त बातें डॉ विजय दुबे प्रख्यात लेखक एवं रामचरित मानस के टीकाकार ने सरयू पारीण ब्राह्मण सभा के द्वारा आयोजित तुलसी जयंती पर कही।
सरयूपारीण ब्राह्मण सभा द्वारा प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी समाज भवन के तुलसी कक्ष में स्थापित बाबा तुलसी दास जी की जयंती पर आज पूजा अर्चना कर व्याख्यान का आयोजन किया गया था, जिसमें अंचल के प्रसिद्ध रामायण के टीकाकार एवं अनेक धार्मिक पुस्तकों के लेखक डॉ विजय दुबे, पंखिड़ा ओ पंखिड़ा फेम गीतकार राजेश हनुमान मिश्रा, सरयू पारीण समाज राज्य अलंकरण से सम्मानित डॉ दादू भाई त्रिपाठी प्रमुख वक्ता के तौर पर उपस्थित थे।
डॉ दादूभाई ने कहा कि तुलसी दास जी का जीवन को देखें तो भगवान कृष्ण के जीवन से बहुत कुछ मेल खाता है।पूरे जीवन भर संघर्ष किया उन्होंने।उनकी रचित राम चरित मानस में आपके पूरे जीवन चक्र को बताया गया है।आत्मसात करें। श्री राजेश हनुमान मिश्रा पंखिड़ा फेम संगीत मय छंदएवं दोहों के माध्यम से व्याख्या की, उन्होंने बताया कि उन्होंने बाबा तुलसी की हस्त लिखित रामायण की मूल प्रति का पाठ किया है,जो उनकी ससुराल राजापुर में सुरक्षित है।
डॉ सुरेश शुक्ला अध्यक्ष सरयूपरिण ब्राह्मण सभा छत्तीसगढ़ ने स्वागत भाषण में बताया कि सरयू पारीण ब्राह्मण समाज के कुलपुरुष बाबा तुलसी दास ने राम चरित मानस के माध्यम से भगवान राम को घर घर तक पहुंचाया है, भगवान राम को मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में। पूर्व अध्यक्ष प्रो जी पी कुरारिया ने कहा कि रामिचरित मानस हमको जीने का रास्ता दिखाती है, समस्या का समाधान बताती है। वी एन मिश्राएवं ,राजेश त्रिपाठी, त्रिपाठी ने संचालन किया। इस अवसर पर सर्व श्री राम मूरत तिवारी, कोषाध्यक्ष राजेन्द्र शर्मा सहसचिव राजेश त्रिपाठी डी एस परोहा मित्रेश दुबे, सुरेन्द्र तिवारी,श्री लक्षमण प्रसाद मिश्रा,यूवा मंडल प्रभारी बैजनाथ मिश्रा ध्रुवनाथ तिवारी जी,डा नागेन्द्र शुक्ला यदुवंश मणि त्रिपाठी जी,ब्रिसनेन्द्र मिश्रा,मदन मोहन उपाध्याय,परवेश उपाध्याय गंगेश द्विवेदी,पंडित श्रीराम शर्मा,प्रदीप पाठक, गोमती पाठक,के एस शुक्ला, सन्दीप दुबे अवधेश मिश्रा सत्यनारायण शर्मा, शिवकुमार मिश्रा अंकुश शुक्ला शिवम् त्रिपाठी चंद्र शेखर द्विवेदी नागेन्द्र तिवारी संजीव गौतम, प्रवीण चौबे सुभाष तिवारी अरुण मिश्रा भागवत तिवारी डा अरुणा ओझा, कुसुम त्रिपाठी, बृजेश त्रिपाठी, अपर्णा तिवारी, शशि मिश्रा सीमा मिश्रा आदि उपस्थित थे। - -आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन कार्यशाला: छत्तीसगढ़ में 2.63 करोड़ नागरिकों के बने ABHA, 12 हजार स्वास्थ्य संस्थान जुड़ेरायपुर ।राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन कार्यशाला का शुभारंभ किया। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में आयोजित आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) की मॉडल डिस्ट्रिक्ट इनिशिएटिव कार्यशाला में राज्य की डिजिटल हेल्थ प्रगति की विस्तृत जानकारी साझा की गई।कार्यशाला में बताया गया कि ABDM का सबसे नागरिक-केंद्रित हिस्सा ABHA (आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट) है, जिसके ज़रिए नागरिक अपनी जांच रिपोर्ट, प्रिस्क्रिप्शन और अन्य स्वास्थ्य रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रख सकते हैं और अपनी सहमति से डॉक्टरों के साथ साझा कर सकते हैं। राज्य में अब तक 2.63 करोड़ नागरिकों के ABHA बनाए जा चुके हैं।स्वास्थ्य पेशेवरों के पंजीकरण के लिए बनी हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री (HPR) से राज्य में 34 हजार से अधिक स्वास्थ्य पेशेवर जुड़ चुके हैं, जबकि हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री (HFR) के माध्यम से अस्पताल, क्लिनिक, लैब और ब्लड बैंक जैसे 12 हजार से अधिक स्वास्थ्य संस्थान नेटवर्क से जुड़ गए हैं।कार्यशाला में कहा गया कि ABDM-सक्षम HMIS के प्रभावी उपयोग से मरीज़ों का पूरा रिकॉर्ड — पंजीयन से लेकर उपचार और डिस्चार्ज तक — डिजिटल रूप में दर्ज होगा। इससे मेडिकल रिकॉर्ड की जांच आसान होगी, क्लेम प्रोसेसिंग में लगने वाला समय घटेगा और ऑडिट-वेरिफिकेशन अधिक व्यवस्थित होगा।छत्तीसगढ़ के बड़े भौगोलिक क्षेत्र और दुर्गम इलाकों को देखते हुए कार्यशाला में इस बात पर बल दिया गया कि डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ केवल शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि गांव, गरीब और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि ABDM को केवल एक IT प्रोजेक्ट के रूप में नहीं, बल्कि पूरे स्वास्थ्य तंत्र को बेहतर बनाने के माध्यम के रूप में देखा जाना चाहिए। नागरिकों की स्वास्थ्य जानकारी की सुरक्षा, गोपनीयता और सहमति-आधारित उपयोग को प्राथमिकता बताया गया।कार्यशाला में सात प्रमुख लक्ष्य तय किए गए — शेष स्वास्थ्य संस्थानों को HFR से जोड़ना, अधिक डॉक्टरों-नर्सों को HPR से जोड़ना, ABHA के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, HMIS का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना, रिकॉर्ड की गुणवत्ता बढ़ाना, सरकारी-निजी संस्थानों में समन्वय मजबूत करना, और ग्रामीण क्षेत्रों तक सेवाएं पहुंचाना।समापन में कहा गया कि लक्ष्य एक ऐसी स्वास्थ्य व्यवस्था बनाना है, जो हर नागरिक के लिए सरल, तेज़, पारदर्शी और उसके पुराने स्वास्थ्य रिकॉर्ड से जुड़ी हो।इस मौक़े पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग निरंतर प्रयासरत है कि हम समय के अनुसार चलें और नई तकनीकों को अपनाएं। क्योंकि जब तक हम स्वयं जानकार नहीं होंगे, तब तक बेहतर मॉनिटरिंग संभव नहीं हो पाएगी। हमारा विभाग सतत रूप से इस दिशा में काम कर रहा है और अधिकारी-कर्मचारी लगातार मेहनत कर रहे हैं। हमारी कोशिश है कि सारे इलाज आभा के ज़रिए लिंक हो जाए, इसके लिए निजी अस्पतालों से भी डाटा शेयर होना बहुत ज़रूरी है । डिजिटल सिस्टम इस्तेमाल करने से हमारी कार्यक्षमता में वृद्धि होगी ।स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के नए कार्ड में अब आभा आईडी को शामिल कर दिया गया है, जिससे मरीज़ों का डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड सुरक्षित और सुलभ बनेगा। अटल आरोग्य लैब की रिपोर्ट अब मरीज़ के मोबाइल पर सीधे भेजी जा रही है, ताकि उन्हें त्वरित जानकारी मिले। यह हमारी प्राथमिकता है और हमें यह करना ही है। उन्होंने कहा कि एक जनवरी से सभी कार्यों को ऑनलाइन करने के लक्ष्य को लेकर कार्य चल रहा है और इसके लिए हम मिशन मोड पर काम कर रहे हैं। हम काफ़ी हद तक इसमें सफल भी हो रहे हैं, और यह प्रयास आगे भी निरंतर जारी रहेगा।कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, एनएचए भारत सरकार के संचालक श्री विक्रम पगारिया, राज्य के स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त सह संचालक श्री संजीव झा सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
- -योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और हितग्राहियों तक समयबद्ध लाभ पहुंचाने के निर्देश-सियान गुड़ी एवं वृद्धाश्रमों में बेहतर सुविधाओं और नियमित मॉनिटरिंग पर जोररायपुर। समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज मंत्रालय में समाज कल्याण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक लेकर विभागीय योजनाओं की प्रगति एवं क्रियान्वयन की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचाना सुनिश्चित करें।बैठक में दिव्यांगजनों को सहायक उपकरणों के वितरण, सियान गुड़ी एवं वृद्धाश्रमों में उपलब्ध सुविधाओं तथा हितग्राहीमूलक योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। मंत्री ने सहायक उपकरणों के वितरण में तेजी लाने तथा सियान गुड़ी एवं वृद्धाश्रमों में भोजन, स्वास्थ्य, स्वच्छता और सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं की नियमित निगरानी के निर्देश दिए।श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि सुशासन सरकार समाज के प्रत्येक जरूरतमंद, दिव्यांगजन एवं वरिष्ठ नागरिक को सम्मानपूर्ण जीवन और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ नियमित निरीक्षण एवं मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।बैठक में समाज कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती शहला निगार, संचालक श्री रणवीर शर्मा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
- -ई-केवायसी प्रक्रिया के तहत किसी भी श्रमिक का आवेदन लंबित न रहे, दिए निर्देशरायपुर / श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने आज मंत्रालय महानदी भवन में श्रम विभाग के काम-काज की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ई-केवायसी प्रक्रिया के तहत किसी भी श्रमिक का आवेदन लंबित न रहे और सभी पात्र श्रमिकों को शासन की योजनाओं का समय पर लाभ मिले।मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनों की बेहतरी के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं के माध्यम से श्रमिकों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति में सुधार हो रहा है। राज्य में संगठित, असंगठित और निर्माण श्रमिकों के हितों के संरक्षण के लिए विभिन्न श्रम कल्याण मंडलों के माध्यम से 67 कल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि सभी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को मिले, इसे सुनिश्चित करने के लिए विभागीय अधिकारी आवश्यक कार्यवाही करें।श्रम मंत्री ने कहा कि भारत सरकार द्वारा चार नए श्रम संहिताएं बनाई गई हैं। सभी श्रम अधिकारी इन कानूनों का अध्ययन कर लें। उन्होंने कहा कि नए जिलों के श्रम कार्यालयों में जल्द ही सेटअप अनुसार अधोसंरचना का विस्तार किया जाएगा।बैठक में उन्होंने श्रमिकों के पंजीयन के लिए प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। ठेकेदार को जितने श्रमिकों का लाइसेंस प्राप्त है, उतने ही श्रमिक कार्यरत हैं या नहीं, यह सुनिश्चित करने तथा कारखानों की नियमित जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए।बैठक में ऑनलाईन रेण्डम निरीक्षण, अभियोजन एवं निराकरण की कार्यवाही, छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना अधिनियम अंतर्गत पंजीयन की समीक्षा सहित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई। इनमें मिनी माता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना, शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना, असंगठित कर्मकार छात्रवृत्ति योजना, ई-रिक्शा सहायता योजना, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना, असंगठित कर्मकार महतारी जतन योजना और बस्तर मुन्ने पोर्टल (नियद नेल्ला नार 2.0) शामिल हैं।सचिव सह श्रमायुक्त श्री हिमशिखर गुप्ता ने जिलों के श्रम पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि इस योजना में अपात्र व्यक्ति को लाभ मिलता है अथवा किसी प्रकार की शिकायत मिलती है तो संबंधित जिलों के श्रम अधिकारी जवाबदेह होंगे और उनके विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।सचिव श्री गुप्ता ने बताया कि 24 अगस्त मुख्यमंत्री के मुख्य आतिथ्य में राजधानी रायपुर में अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के अंतर्गत सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री की पहल पर चालू शैक्षणिक सत्र से इस योजना में सीटों की संख्या 100 से बढ़ाकर 200 की गई है। इसके तहत निर्माण श्रमिकों के बच्चों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक श्रेष्ठ आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है, जिसका पूरा खर्च श्रम विभाग द्वारा वहन किया जाएगा।बैठक में अपर श्रमायुक्त द्वय श्री एस.एल. जांगड़े एवं श्रीमती सविता मिश्रा, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार मण्डल के सचिव श्री गिरीश रामटेके सहित विभिन्न जिलों से आए श्रम विभाग के मैदानी अधिकारी उपस्थित थे।
- -सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी की अधिसूचनारायपुर। प्रदेश सरकार ने रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर शुक्रवार 28 अगस्त 2026 को राज्य में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार इस दिन सभी शासकीय कार्यालयों, संस्थाओं के साथ-साथ कोषालय एवं बैंकों में अवकाश रहेगा।नेगोशिएबल इंस्टूमेंट्स एक्ट, 1881 की धारा 25 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य शासन ने 28 अगस्त 2026 को प्रदेश के सभी कोषालय एवं बैंकों के लिए भी सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है।
- -नवा रायपुर में ई-बसों के संचालन, कार्यालय भवन निर्माण सहित सड़क परियोजनाओं के प्रस्तावों पर हुआ विचार-विमर्शरायपुर / मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में परियोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में नवा रायपुर अटल विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) एवं लोक निर्माण विभाग से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं के प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा एवं विचार-विमर्श किया गया। बैठक में एनआरडीए के अंतर्गत कंप्लायंट बैटरी ऑपरेटेड मोटर एसी-ई बसों के डिजाइन, प्रोक्योरमेंट, सप्लाई, परिचालन एवं संधारण के लिए ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर निविदा आमंत्रित किए जाने के प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा हुई। परियोजना के विभिन्न तकनीकी एवं क्रियान्वयन संबंधी पहलुओं की समीक्षा की गई।इसी क्रम में छत्तीसगढ़ राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण के कार्यालय सहित अन्य कार्यालय भवनों के निर्माण कार्य से संबंधित प्रस्ताव पर भी विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने परियोजना की आवश्यकताओं एवं निर्माण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी समिति के समक्ष प्रस्तुत की।लोक निर्माण विभाग द्वारा जिला रायगढ़ के अंतर्गत रायगढ़-पूंजीपथरा-घरघोड़ा फोरलेन मार्ग के निर्माण संबंधी प्रस्ताव पर भी बैठक में विस्तार से चर्चा हुई। लगभग 37 किलोमीटर लंबाई वाले इस मार्ग के निर्माण से संबंधित तकनीकी पहलुओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों द्वारा परियोजना के लिए प्रभावित भूमि के अर्जन, भूमि व्यपवर्तन तथा निर्माण कार्य की तैयारियों की जानकारी दी गई।बैठक में जिला जांजगीर-चांपा के अंतर्गत लगभग 6.70 किलोमीटर लंबाई वाले अकलतरा बायपास मार्ग के निर्माण कार्य के प्रस्ताव पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। परियोजना से संबंधित तकनीकी एवं निर्माण संबंधी पहलुओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक प्रक्रिया के संबंध में चर्चा की गई।बैठक में लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव श्री भूवनेश यादव, ऊर्जा विभाग के सचिव श्री सारांश मित्तर, एनआरडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री चंदन कुमार सहित लोक निर्माण, वित्त एवं अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- -एम्स रायपुर के दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे उपराष्ट्रपति, व्यवस्थाओं को लेकर दिए निर्देशरायपुर। मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन के 2 सितंबर को प्रस्तावित छत्तीसगढ़ प्रवास की तैयारियों के संबंध में राज्य स्तरीय अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपराष्ट्रपति के प्रवास के दौरान सुरक्षा, प्रोटोकॉल, यातायात, चिकित्सा, स्वागत एवं कार्यक्रम स्थल पर आवश्यक व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।उल्लेखनीय है कि उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन 2 सितंबर को रायपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे।मुख्य सचिव श्री विकासशील ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन के प्रवास के दौरान सभी व्यवस्थाएं निर्धारित प्रोटोकॉल एवं मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम के अनुरूप सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने एयरपोर्ट से लेकर कार्यक्रम स्थल तक तथा वापसी के दौरान एंट्री एवं एग्जिट प्लान सहित सभी व्यवस्थाओं को बेहतर समन्वय के साथ अंतिम रूप देने के निर्देश दिए।मुख्य सचिव ने एयरपोर्ट पर स्वागत व्यवस्था, रिसेप्शन लाइन, एम्स में रिसेप्शन एवं अन्य प्रोटोकॉल संबंधी व्यवस्थाओं के लिए रायपुर कलेक्टर को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने एयरपोर्ट एवं कार्यक्रम स्थल पर पुलिस की समुचित तैनाती तथा सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा।मुख्य सचिव ने उपराष्ट्रपति के प्रवास के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए गृह विभाग को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही ठहरने की व्यवस्था, प्रकाश एवं विद्युत व्यवस्था, चिकित्सा सुविधाएं तथा आकस्मिक चिकित्सा सहायता की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर आवश्यक व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखते हुए सभी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने को कहा।बैठक में कार्यक्रम की बैठक व्यवस्था भारत सरकार द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल एवं प्राप्त डायस प्लान के अनुरूप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कार्यक्रम के प्रारंभ में वंदे मातरम् एवं राष्ट्रगान सहित निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया।मुख्य सचिव ने एम्स प्रबंधन एवं अधिकारियों को भी दीक्षांत समारोह के आयोजन से संबंधित सभी व्यवस्थाओं को बेहतर ढंग से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।बैठक में गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री अविनाश चंपावत, मुख्यमंत्री के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल, रायपुर कमिश्नर श्री श्याम धावड़े, सुशासन एवं अभिसरण विभाग के संयुक्त सचिव मयंक अग्रवाल, सामान्य प्रशासन विभाग की उप सचिव श्रीमती अंशिका पांडेय, कलेक्टर रायपुर, आईजी रायपुर, एम्स रायपुर के चिकित्सा अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- -समाज कल्याण विभाग की त्वरित एवं संवेदनशील पहल से जरूरतमंद को समय पर मिली सहायताएमसीबी/ हुए विभाग ने आवेदन प्राप्त होते ही तत्काल संज्ञान लिया और प्रकरण के त्वरित निराकरण की दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी। विभाग की तत्परता से आवेदक को उसी दिन आवश्यक सहायता उपलब्ध हो सकी।आवेदन प्राप्त होने के बाद सहायक संचालक, समाज कल्याण विभाग ने संबंधित अधिकारियों एवं विभागीय अमले को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। निर्देशों के अनुपालन में विभागीय कर्मचारियों ने बिना विलंब आवश्यक प्रक्रिया पूरी की और मोहम्मद नजीर खान को उनकी आवश्यकता के अनुरूप वॉकर उपलब्ध कराते हुए तत्काल वितरण सुनिश्चित किया। विभाग की इस त्वरित कार्रवाई से आवेदक को सहायक उपकरण के लिए अनावश्यक प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ी।वॉकर मिलने पर मोहम्मद नजीर खान ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि आवेदन करने के तुरंत बाद उनकी आवश्यकता को समझते हुए जिस तरह से कार्रवाई की गई और उसी दिन वॉकर उपलब्ध कराया गया, उससे उन्हें काफी राहत मिली है।समाज कल्याण विभाग द्वारा जिले में जरूरतमंद, दिव्यांग एवं पात्र नागरिकों को शासन की विभिन्न योजनाओं एवं कल्याणकारी सुविधाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। विभागीय स्तर पर प्राप्त आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर देखते हुए पात्र हितग्राहियों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।विभाग का उद्देश्य केवल योजनाओं का संचालन करना ही नहीं, बल्कि पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ सहज, पारदर्शी, संवेदनशील एवं त्वरित तरीके से पहुंचाना है। मोहम्मद नजीर खान को आवेदन के तुरंत बाद वॉकर उपलब्ध कराया जाना इसी संवेदनशील कार्यप्रणाली का उदाहरण है। विभाग द्वारा भविष्य में भी जरूरतमंद नागरिकों की समस्याओं और आवश्यकताओं का प्राथमिकता के साथ निराकरण सुनिश्चित करने का प्रयास जारी रहेगा।
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दुर्ग/ जिले में अवैध शराब के विनिर्माण, विक्रय एवं परिवहन पर प्रभावी रोकथाम हेतु चलाए जा रहे अभियान के तहत आबकारी विभाग दुर्ग ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में तथा प्रभारी सहायक आयुक्त आबकारी श्री क्रिस्टोफर खलखो के नेतृत्व में विभाग की टीम ने गश्त के दौरान 144 पाव देशी मदिरा और एक दोपहिया वाहन जब्त कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 13 अगस्त 2026 को गश्त के दौरान थाना मोहन नगर अंतर्गत एन.एच. 53 टोल प्लाजा जाने वाले मार्ग पर आरोपी लक्की देवार (निवासी ग्राम करहीडीह) के कब्जे से 40 पाव देशी मदिरा मसाला शोले तथा परिवहन में प्रयुक्त होंडा सी.बी. शाइन डीएक्स वाहन (क्रमांक सीजी-04-केपी-0299) जब्त किया गया। इसी क्रम में 14 अगस्त 2026 को गश्त के दौरान आरोपी संजना पारधी (निवासी ग्राम सांकरा पारधी डेरा, थाना अमलेश्वर) के कब्जे से 54 पाव देशी मदिरा मसाला एवं आरोपी सुधीर नायक (निवासी 32 बंगला के पास, भिलाई) के कब्जे से 50 पाव देशी मदिरा मसाला शोले जब्त की गई। विभाग द्वारा कुल 25.920 बल्क लीटर देशी मदिरा तथा दोपहिया वाहन जब्त किया गया है, जिसकी कुल बाजार कीमत ₹34,400 आंकी गई है। छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) का उल्लंघन पाए जाने पर तीनों आरोपियों के विरुद्ध गैर-जमानती प्रकरण दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया और न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। उक्त मामलों की विवेचना सहायक जिला आबकारी अधिकारी श्री पंकज कुजूर, अरविन्द साहू एवं आबकारी उप निरीक्षक अनामिका टोप्पो द्वारा की जा रही है। इस सफल कार्रवाई में आबकारी आरक्षक संदीप तिर्की, ऋषिकेश मण्डावी, पुष्पा हिडको, गौरव सिंह, अनुरंजन टोप्पो, सौरभ नेताम, कोमल प्रिया तिर्की, कुलदीप यादव, जय कुमार भैना, कविता तथा ड्राइवर दीपक राजू, नोहर एवं दुर्गेश का विशेष योगदान रहा। -
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के अधिकारियों ने दी बाढ़ एवं आपदा के समय में राहत एवं बचाव के उपायों के संबंध में विस्तृत जानकारी
बालोद/राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के अधिकारियों के द्वारा वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आज राज्य के सभी जिलों के बाढ़ एवं आपदा प्रबंधन के कार्य से जुड़े अधिकारियों को बाढ़ एवं आपदा के दौरान राहत एवं बचाव के उपायों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। आज आयोजित वर्चुअल प्रशिक्षण के दौरान राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव श्रीमती शमी आबिदी के अलावा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं राष्ट्रीय आपदा मोचन बल में शामिल अधिकारीगण उपस्थित थे। इस मौके पर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के अधिकारियों के द्वारा सभी जिलों को बाढ़ एवं आपदा के कार्य से जुड़े अधिकारियों को राहत एवं बचाव के कार्य के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। इस दौरान संयुक्त जिला कार्यालय बालोद के एनआईसी कक्ष में अपर कलेक्टर एवं राहत एवं आपदा प्रबंधन शाखा प्रभारी अधिकारी श्री अजय किशोर लकरा, अपर कलेक्टर श्री नूतन कंवर, एडिशनल एसपी श्री चंद्रकांत गवर्ना, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर एवं श्री आशीष पेंद्रो सहित राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा संबंधित विभागों के अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।




























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