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- बलौदाबाजार /प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत जिले में खरीफ वर्ष 2025-26 के लिये राजस्व निरीक्षक मण्डल स्तर पर उद्यानिकी फसलों टमाटर, बैगन, फूलगोभी, पत्तागोभी, प्याज एवं आलू फसलों को अधिसूचना जारी किया गया है। ऋणी एवं अऋणी रूप से फसल बीमा कराने के अंतिम तिथि 31 दिसम्बर 2025 निर्धारित की गई है।सहायक संचालक उद्यान आभा पाठक ने बताया कि जिले के समस्त किसान इस योजना का लाभ उठाकर अपने फसलों का बीमा करवा सकते है। किसान अपने नजदीक़ी बैंक सहकारी समिति अथवा लोक सेवा केन्द्र एवं बीमा से जुड़ी जानकारी एवं समस्याओं के समाधान हेतु बीमा कंपनी के जिला समन्वयक पालेश्वर वर्मा मोबाईल नंबर 9827981368 से संपर्क कर सकते है।विकासखण्डवार अधिकारियों में विकासखण्ड सिमगा अंतर्गत ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी अमन राठौर मोबाईल नंबर- 8827814234, भाटापारा ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी बालकृष्ण राठौर मोबाईल नंबर 9589574685, बलौदाबाजार उद्यान अधीक्षक हीरासिंह पैकरा मोबाईल नंबर- 9993321127, पलारी उद्यान अधीक्षक पुकराम टैगर मोबाईल नंबर 7000412324 एवं कसडोल से ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी रवि कुमार बघेल मोबाईल नंबर- 7000087548 से संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकते है।
- बलौदाबाजार / जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग बलौदाबाजार अंतर्गत आयोग के अध्यक्ष छमेश्वर पटेल को प्रथम अपीलीय अधिकारी एवं सदस्य हरजीत सिंह चांवला को जनसूचना अधिकारी नियुक्ति किया गया है। यह नियुक्ति सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के उद्देश्यों के अनुरूप पारदर्शिता एवं नागरिको के लिए व्यावहारिक शासन पद्धति स्थापित करने हेतु सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 5 (1) के प्रावधानों के अनुरूप तथा छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता आयोग रायपुर से प्राप्त निर्देशो के अनुपालन में किया गया है।कोई भी आम नागरिक जो सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के अंतर्गत जानकारी प्राप्त करना चाहता है वह निर्धारित शुल्क के साथ जनसूचना अधिकारी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर सकता है।
- -पुनर्वास केंद्र में 35 आत्मसमर्पित नक्सली बने राजमिस्त्री-मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल से सुकमा में पुनर्वास नीति बनी मिसालरायपुर ।कभी जिन हाथों में बंदूकें थीं, आज उन्हीं हाथों में औज़ार हैं। कभी जिन रास्तों पर हिंसा और डर का साया था, आज वहीं विकास और भरोसे की नींव रखी जा रही है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील सोच और स्पष्ट मंशा के अनुरूप सुकमा जिले में आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास की एक नई और सकारात्मक तस्वीर उभरकर सामने आई है। वहाँ पुनर्वास केंद्र में रह रहे 35 आत्मसमर्पित नक्सलियों को राजमिस्त्री (मेसन) का व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस पहल की गई है।पुनर्वास केंद्र में 35 आत्मसमर्पित नक्सली बने राजमिस्त्रीयह प्रशिक्षण जिला प्रशासन और एसबीआई आरसेटी के संयुक्त सहयोग से संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में 15 महिलाएं और 20 पुरुष शामिल हैं। इन्हें भवन निर्माण से जुड़े सभी आवश्यक तकनीकी और व्यावहारिक कौशल—जैसे नींव निर्माण, ईंट चिनाई, प्लास्टर कार्य, छत ढलाई, गुणवत्ता मानक का व्यवस्थित और चरणबद्ध प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि ये किसी भी निर्माण कार्य में दक्षता के साथ काम कर सकें।यह पहल केवल रोजगार प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मसमर्पित युवाओं के जीवन को नई दिशा देने का सशक्त माध्यम बन रही है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये युवा प्रधानमंत्री आवास योजना(ग्रामीण )के तहत जिले में अधूरे और नए आवासों के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। इससे एक ओर उन्हें स्थायी और सम्मानजनक रोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी ओर नक्सल प्रभावित और दुर्गम क्षेत्रों में लंबे समय से चली आ रही कुशल राजमिस्त्रियों की कमी भी दूर होगी।कलेक्टर श्री देवेश ध्रुव ने इस पहल को सामाजिक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि आत्मसमर्पण का वास्तविक अर्थ केवल हथियार छोड़ना नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनकर समाज की मुख्यधारा में सम्मान के साथ लौटना है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि पुनर्वास केंद्र में रह रहे युवाओं को कौशल, रोजगार और सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि वे सम्मान के साथ जीवन जी सकें।जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकुन्द ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण सहित विभिन्न शासकीय निर्माण कार्यों के सफल क्रियान्वयन के लिए कुशल मानव संसाधन अत्यंत आवश्यक है। यह प्रशिक्षण आत्मसमर्पित युवाओं को रोजगार और सामाजिक सरोकार से जोड़ेगा।पोलमपल्ली निवासी पुनर्वासित पोड़ियम भीमा बताते हैं कि वे लगभग 30 वर्षों तक संगठन से जुड़े रहे, लेकिन आत्मसमर्पण के बाद उनका जीवन पूरी तरह बदल गया है। “यहाँ रहने और खाने की अच्छी व्यवस्था है। हमें राजमिस्त्री का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पहले इलेक्ट्रीशियन मैकेनिक का प्रशिक्षण भी मिला। अब मैं सम्मान के साथ काम कर सकूंगा।पुवर्ती निवासी मुचाकी रनवती बताती हैं कि वे 24 वर्षों तक संगठन से जुड़ी रहीं। पुनर्वास के बाद मुझे सिलाई का प्रशिक्षण मिला। अब राजमिस्त्री का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हम अपने परिवार से मिल पाए, बस्तर ओलंपिक में भाग लिया और प्रथम पुरस्कार भी जीता। शासन की योजनाओं का पूरा लाभ मिल रहा है।डब्बमरका निवासी गंगा वेट्टी ने कहा कि पुनर्वास के बाद उनका जीवन पूरी तरह बदल गया है। जिला प्रशासन ने मोबाइल और राजमिस्त्री किट दी है। शिविर लगाकर आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड और जॉब कार्ड बनाए गए हैं। कोई समस्या होती है तो कलेक्टर और एसपी तुरंत सुनवाई करते हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस पहल को लेकर कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार संवाद, संवेदना और विकास के माध्यम से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। आत्मसमर्पित युवाओं को हुनर, रोजगार और सम्मान देकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना राज्य की पुनर्वास नीति का मूल उद्देश्य है।सुकमा जिले में चल रहा आत्मसमर्पित युवाओं को रोजगार मूलक कार्यों से जोड़ने का यह प्रयास इस बात का प्रमाण है कि संवेदनशील प्रशासन, भरोसे और विकासपरक योजनाओं के जरिए हिंसा के रास्ते पर भटके युवाओं को नई पहचान और बेहतर भविष्य दिया जा सकता है। यही पुनर्वास की असली सफलता है और यही स्थायी शांति की मजबूत नींव।
- -महासमुंद जिले में अभिनव पहल, पीएमजीएसवाय सड़कों में प्लास्टिक का उपयोगमहासमुंद / महासमुंद जिला पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ विकास की दिशा में एक अभिनव उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। जिले में अब प्लास्टिक कचरे को सड़क निर्माण में उपयोग समुचित ढंग से उपयोग किया जा रहा है। इससे सड़कों की गुणवत्ता बढ़ाई जा रही है, और पर्यावरण के लिए गंभीर समस्या बन चुके प्लास्टिक कचरे का भी सार्थक समाधान निकाला जा रहा है।कलेक्टर श्री विनय लंगेह के मार्गदर्शन में जिले में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन का अभिनव प्रयोग करते हुए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। इस प्रयोग से सड़कों की टिकाऊ क्षमता में औसतन दो से तीन वर्षों की अतिरिक्त वृद्धि होगी ,आमतौर पर डामर से बनी सड़कों का औसत 4 से 5 साल टिकाऊ अवधि होती है, लेकिन प्लास्टिक मिश्रण से यह 6 से 7 साल तक चलेगी। इसके साथ ही प्रति किलोमीटर निर्माण लागत में भी उल्लेखनीय बचत होती है और लागत अपेक्षाकृत कम आती है।प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यपालन अभियंता श्री आशीष कुलदीप ने बताया कि वर्ष 2024-25 में जिले की 14 सड़कों, जिनकी कुल लंबाई लगभग 21 किलोमीटर है, में प्लास्टिक का मिश्रण उपयोग किया गया है। इसके सकारात्मक परिणामों को देखते हुए आने वाले समय में जिले की 44 सड़कों (लगभग 100 किलोमीटर) का निर्माण भी इसी तकनीक से किया जाएगा। इस प्रक्रिया के अंतर्गत जिले के अपशिष्ट प्रबंधन तंत्र एवं मनीकंचन केंद्र बागबाहरा से एकत्रित प्लास्टिक कचरे को मशीन से छोटे-छोटे टुकड़ों में काटा जाता है। इस कार्य में दो महिला समूहों को भी रोजगार मिला है। इसके पश्चात पूरी सावधानी के साथ इसे गर्म डामर के मिश्रण में मिलाकर सड़क निर्माण में उपयोग किया जाता है। इस तकनीक से बनी सड़कें सामान्य सड़कों की तुलना में अधिक मजबूत, टिकाऊ और मौसम प्रतिरोधी होती है। पर्यावरण के लिए सबसे बड़ी चुनौती बने प्लास्टिक का इस तरह का उपयोग करना स्वच्छता, संरक्षण और विकासकृतीनों का संतुलित उदाहरण है। जिले के ग्राम झालखमरिया से कमार डेरा तक निर्मित सड़क तथा ग्राम जोरातराई से कमार डेरा तक निर्माणाधीन सड़क में भी प्लास्टिक मिश्रण का सफलतापूर्वक उपयोग किया गया है।
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महासमुंद / आयुक्त, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के आदेशानुसार जिला स्तर पर लोककला नर्तक दलों की प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। प्रतियोगिता में प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले चयनित लोककला दलों को राज्य स्तरीय कार्यक्रम हेतु भेजा जाएगा। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ने बताया कि गुरू घासीदास लोककला नर्तक दलों की जिला स्तरीय प्रतियोगिता रविवार 21 दिसंबर 2025 को पूर्व माध्यमिक शाला खैरा महासमुन्द के मैदान में आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिता का आयोजन प्रातः 11ः30 बजे से गठित निर्णायक मंडल की उपस्थिति में किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक लोककला नर्तक दलों को 21 दिसम्बर 2025 को प्रातः 10ः30 बजे तक अपना आवेदन प्रस्तुत करना होगा। साथ ही, सभी प्रविष्टिकर्ता लोककला नर्तक दलों को नियत तिथि एवं स्थल पर कम से कम 01 घंटा पूर्व अनिवार्य रूप से उपस्थित होना आवश्यक होगा। आयोजन के माध्यम से जिले की समृद्ध लोककला एवं सांस्कृतिक विरासत को मंच प्रदान करते हुए उत्कृष्ट नर्तक दलों का चयन किया जाएगा, जिन्हें आगे राज्य स्तरीय कार्यक्रम में सहभागिता का अवसर मिलेगा। file photo - महासमुंद / अनुसूचित जातियों के हित में शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य से अस्पृश्यता निवारणार्थ सद्भावना शिविर का आयोजन किया जा रहा है।सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्रीमती शिल्पा साय ने बताया कि यह शिविर 30 दिसम्बर 2025 को महासमुंद विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम घोड़ारी में प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होगा। शिविर में जिले के विभिन्न विभागों द्वारा सहभागिता करते हुए अपने-अपने विभागीय योजनाओं, सुविधाओं एवं लाभों की विस्तृत जानकारी आम नागरिकों को प्रदान की जाएगी। शिविर के दौरान अनुसूचित जाति वर्ग के लिए संचालित छात्रवृत्ति योजनाएं, आवास, स्वरोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। साथ ही पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों एवं आवेदन संबंधी मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र के नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक संख्या में शिविर में उपस्थित होकर शासन की योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें एवं इसका लाभ उठाएं।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा जिले के विकासखण्ड-सक्ती के अंतर्गत हसदेव बांयी तट नहर के 49.77 किलोमीटर में स्थित हेड रेग्यूलेटर हेतु मरम्मत, पेटिंग, पोताई सहित अन्य कार्यों के लिए एक करोड़ 30 लाख 7 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों को कराने मुख्य अभियंता मिनीमाता (हसदेव) बांगो परियोजना जल संसाधन विभाग बिलासपुर को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।
- -पेंशनबाड़ा स्थित शासकीय अनुसूचित जाति–अनुसूचित जनजाति छात्रावास की क्षमता बढ़कर होगी 300 सीटररायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय विगत दिवस राजधानी रायपुर के पेंशनबाड़ा स्थित शासकीय आदर्श पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति बालक छात्रावास परिसर में आयोजित परमपूज्य बाबा गुरु घासीदास जी की 269वीं जयंती समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने छात्रावास के विद्यार्थियों के बीच पहुंचकर बाबा गुरु घासीदास जी को श्रद्धापूर्वक नमन किया और उनके आदर्शों को स्मरण किया।समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी ने “मनखे-मनखे एक समान” का अमर संदेश देकर पूरी मानवजाति को सामाजिक समरसता, समानता और भाईचारे का मार्ग दिखाया। उनका विचार आज भी समाज को जोड़ने और भेदभाव रहित व्यवस्था की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पेंशनबाड़ा स्थित शासकीय पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति छात्रावास की क्षमता बढ़ाकर 300 सीटर किए जाने की घोषणा की।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विधायक, सांसद, केंद्रीय राज्य मंत्री और अब मुख्यमंत्री के रूप में उन्हें हर वर्ष बाबा गुरु घासीदास जयंती समारोह में शामिल होने का सौभाग्य मिलता रहा है, लेकिन विद्यार्थियों के बीच यह आयोजन मनाना उनके लिए विशेष आनंद और संतोष का विषय है। उन्होंने कहा कि जब समाज ऊँच-नीच और असमानता से जूझ रहा था, तब छत्तीसगढ़ की धरती पर बाबा गुरु घासीदास जी का अवतरण हुआ—यह प्रदेश के लिए गौरव की बात है। बाबा जी ने सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर समाज को नई दिशा दी।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार बाबा गुरु घासीदास जी के संदेशों को आत्मसात करते हुए प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विगत 25 वर्षों में राज्य ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। आज प्रदेश के विद्यार्थी आईआईटी, एम्स और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसी राष्ट्रीय संस्थाओं में शिक्षा प्राप्त कर अपना भविष्य गढ़ रहे हैं। नई औद्योगिक नीति में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पीएससी में भ्रष्टाचार के दोषियों पर कार्रवाई की गई है और अब पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से युवाओं को योग्यता के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती तभी सार्थक होगी, जब हम उनके उपदेशों को अपने जीवन में उतारें। उन्होंने युवाओं से सत्य के मार्ग पर अडिग रहते हुए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार युवाओं की स्किलिंग पर विशेष ध्यान दे रही है। रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नीशियन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण देकर युवाओं को भविष्य के लिए तैयार किया जा रहा है।समारोह में शासकीय आदर्श पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति बालक छात्रावास के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक पंथी नृत्य ने सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम में राजमहंत श्री बंशी लाल कुर्रे, श्री संदीप सूर्यवंशी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- रायपुर ।संत शिरोमणि परम पूज्य बाबा गुरु घासीदास जी की 269 जयंती गुरु पर्व के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य उद्योग, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने गुरुवार को बालको नगर और टीपी नगर स्थित सतनाम प्रांगण में जैतखाम में पूजा-अर्चना कर राज्य एवं नगरवासियों की खुशहाली एवं समृद्धि की कामना की।सतनाम कल्याण समिति बालको नगर द्वारा आयोजित परम पूज्य बाबा गुरु घासीदास की जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर मंत्री श्री देवांगन सम्मिलित हुए। इस दौरान मंत्री श्री देवांगन ने संबोधित करते हुए कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी एक महान संत थे। उन्होंने मनखे-मनखे एक समान का संदेश दिया। आज उनका यह संदेश मानव को एक दूसरे से जोड़ने का काम कर रहा है।बाबा घासीदास के संदेश ‘मनखे-मनखे एक समान’ से समाज को मिल रही एकता की प्रेरणा : मंत्री देवांगनइसी तरह टीपी नगर में सतनाम प्रांगण में मंत्री श्री देवांगन ने जैतखाम की पूजा अर्चना कर सभी समाज जनों को गुरु पर्व की बधाई और शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर श्री देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सुशासन सरकार बाबा गुरु घासीदास के आशीर्वाद और सभी के सहयोग से छत्तीसगढ़ को विकसित छत्तीसगढ़ बनाने तेजी से जनकल्याणकारी योजनाएं और विकास कार्य कराए जा रहे हैं। गुरू घासीदास बाबा जी का संदेश एकता और शांति का मूलमंत्र है। जिस तरह गुरू घासीदास जी ने समाज के सबसे अंतिम व्यक्ति के उत्थान को अपना लक्ष्य बनाया, उसी तरह सरकार भी अंत्योदय को अपना लक्ष्य बनाकर कार्य कर रही है।इस दौरान कार्यक्रम में महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, समिति के अध्यक्ष श्री नारायण लाल कुर्रे, सुनीता पाटले, श्री सत्येंद्र डहरिया, श्री आर डी भारद्वाज, श्री योगेश मिश्रा, पार्षद श्री लक्ष्मण श्रीवास, प्रेमलता बंजारे, धनकुमारी गर्ग और बालको नगर में समिति के अध्यक्ष श्री रमेश जाटवर ,उपाध्यक्ष श्री मंगल घृत लहरे, श्री संतोष बंजारे, श्री डायमंड बंजारे, सहित बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।बाबा घासीदास के आशीर्वाद से विभिन्न सतनाम प्रांगण में 1.69 करोड़ के विकास कार्यइस अवसर पर मंत्री श्री देवांगन ने कहा की बाबा गुरु घासीदास जी के आशीर्वाद और आप सभी के सहयोग से कोरबा विधानसभा अंतर्गत विभिन्न सतनाम प्रांगण के विकास हेतु बीते दो वर्षों में 1 करोड़ 69 लाख की लागत से कार्य स्वीकृत कर कार्य कराए जा रहे हैं। इनमें वार्ड क्रमांक 16 टीपी नगर स्थित सतनाम प्रांगण डोम शेड का निर्माण 64 लाख, वार्ड क्रमांक 55 सुमेधा सतनामी पारा में अहाता युक्त भवन निर्माण 15 लागत, वार्ड पांच इंदिरा नगर दुरपा में सामुदायिक भवन निर्माण 15 लाख, वार्ड क्रमांक 39 बालकों में सतनाम भवन का जीर्णोद्धार एवं अन्य विकास कार्य 15 लाख, वार्ड 4 राताखार में सतनाम भवन विस्तार कार्य एवं किचन सेट का निर्माण15 लाख, वार्ड क्रमांक 65 बलगी स्थित गुरु घासीदास परिसर में सतनामी समाज के मांग अनुरूप अहाता निर्माण 5 लाख, वार्ड क्रमांक 58 श्याम नगर साडा कॉलोनी में सतनामी समाज के मांग अनुरूप सामुदायिक भवन एवं अहाता निर्माण कार्य 25 लाख, वार्ड क्रमांक 28 एमड़ी कॉलोनी स्थित सतनाम प्रांगण में सामुदायिक भवन एवं मंच निर्माण कार्य 15 लाख के कार्य विभिन्न मद से कार्य तेजी से जल्द पूर्ण होंगे।
- 0- ग्राफ्टेड बैंगन से आय में उल्लेखनीय वृद्धिरायपुर। उद्यानिकी विभाग की योजनाओं से किसान आधुनिक तकनीक अपनाकर अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर रहे हैं। सक्ती जिले के विकासखण्ड मालखरौदा अंतर्गत ग्राम छोटे रबेली निवासी किसान श्री राजू मधुकर परंपरागत रूप से धान की खेती करते थे। वर्ष 2024-25 में उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन एवं तकनीकी सहयोग से उन्होंने नवाचार अपनाते हुए ग्राफ्टेड बैंगन की खेती प्रारंभ की, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में वृद्धि हुई है।किसान श्री मधुकर ने बताया कि पूर्व में 5 एकड़ भूमि में धान की खेती से लगभग 105 क्विंटल उत्पादन होता था। इसमें करीब 1.10 लाख रुपये की लागत के मुकाबले लगभग 3.15 लाख रुपये की आमदनी प्राप्त होती थी, जिससे शुद्ध आय लगभग 2.05 लाख रुपये ही रह जाती थी। इसके विपरीत, ग्राफ्टेड बैंगन की खेती से उसी भूमि पर लगभग 600 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ। इस फसल में लगभग 3.50 लाख रुपये की लागत आई, जबकि विक्रय से 10.80 लाख रुपये की आय हुई। इस प्रकार किसान को लगभग 7.30 लाख रुपये की शुद्ध आय प्राप्त हुई। श्री राजू मधुकर की सफलता अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है।
- 0- पीएम आवास योजना व मनरेगा में तेजी लाने के निर्देश0- ग्रामीण रोजगारमूलक कार्यों के प्रस्ताव तैयार कर ग्रामीणों को करें लाभान्वित0- पंचायत एवं ग्रामीण विकास कार्यों की समीक्षा बैठक सम्पन्नमोहला। कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने जिला कार्यालय के सभा कक्ष में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत विभिन्न कार्यों की योजना-वार प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन सहित अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने तथा गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती भारती चंद्राकर सहित संबंधित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत स्वीकृत आवासों की विकासखंडवार प्रगति की समीक्षा की। धीमी प्रगति वाले विकासखंडों को शीघ्र सुधार लाने के निर्देश देते हुए तकनीकी सहायकों से शीघ्र सुधार लाने वाले कार्ययोजना की जानकारी ली। उन्होंने सभी तकनीकी सहायकों को आवास मित्रों की निरंतर मॉनिटरिंग एवं रिपोर्टिंग करने के निर्देश दिए।साथ ही आवास निर्माण में आने वाली समस्याओं को चिन्हित कर उनके त्वरित समाधान के निर्देश दिए गए। श्रमिकों एवं मिस्त्रियों की कमी को देखते हुए ट्रेनिंग के माध्यम से स्थानीय लोगों को प्रशिक्षित कर आवास निर्माण कार्यों में लगाने के निर्देश दिए गए। साथ ही जिन हितग्राहियों को आवास स्वीकृत होने के बावजूद निर्माण प्रारंभ या पूर्ण नहीं किया गया है, उनकी जानकारी उपलब्ध कराने एवं नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए। आत्मसमर्पित नक्सली एवं नक्सल पीड़ित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का अधिकतम लाभदिलाने पर भी विशेष बल दिया गया।कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने मनरेगा अंतर्गत डबरी, नया तालाब, गहरीकरण, मुर्गी सेट, पशु शेड जैसे ग्रामीण रोजगारमूलक कार्यों के प्रस्ताव तैयार कर ग्रामीण क्षेत्रों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने एनआरएलएम योजनाओं की समीक्षा करते हुए बैंक क्रेडिट लिंकेज की प्रगति की समीक्षा की। कलेक्टर ने अधिक से अधिक लोगों को लखपति दीदी, महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना, कृषक उत्पादक संगठन जैसी योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए। बैंक में लंबित प्रकरणों की सूचीकरण कर जानकारी प्रस्तुत करने तथा आगामी कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा की।कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने बैठक में व्यक्तिगत एवं सामुदायिक शौचालयों की स्वीकृति एवं पूर्णता, जियोटेक प्रविष्टि की समीक्षा की गई। सभी पात्र परिवारों को शौचालय निर्माण का लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए। प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन यूनिट की क्रियाशीलता की समीक्षा करते हुए उसके प्रभावी संचालन हेतु कार्ययोजना बनाने के निर्देश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र, अटल डिजिटल भवन निर्माण एवं महतारी सदन से संबंधित जानकारी भी ली। कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने निर्देशित किया कि जिले में सभी विकास कार्य गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध तरीके से पूर्ण किए जाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
- मोहला। छत्तीसगढ़ मछलीपालन विभाग ने मोहला-मानपुर-अं.चौकी जिले के मोगरा जलाशय में स्थापित केजों को 10 वर्षीय पट्टे पर आबंटन करने हेतु द्वितीय संक्षिप्त विज्ञप्ति जारी की है। इसके तहत 16 नग 4m x 6m x 4m आकार केज और 4 नग 20m x 20m x 4.5m आकार केज मत्स्य पालन, मत्स्याखेट और मत्स्य विक्रय हेतु उपलब्ध होंगे। लीज राशि प्रति दो वर्षों में 10 प्रतिशत वृद्धि के आधार पर निर्धारित की जाएगी।आवेदन सहायक संचालक मछलीपालन विभाग, जिला मोहला-मानपुर-अं.चौकी के कार्यालय में 19 दिसंबर 2025 अपराह्न 1.00 बजे तक आमंत्रित किए जा रहे हैं। आवेदन के लिए शुल्क रु. 2 हजार नगद, बैंक ड्राफ्ट या बैंकर्स चेक के माध्यम से जमा किया जा सकता है। आवेदन प्रपत्र विक्रय की अंतिम तिथि 19 दिसंबर 1 बजे, आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 19 दिसंबर 3 बजे, मुहरबंद आवेदन खोलने की तिथि 19 दिसंबर 5.00 बजे हैं। विस्तृत जानकारी और आवेदन प्रपत्र संबंधित कार्यालय में कार्यालयीन समय में प्राप्त किए जा सकते हैं।
- रायपुर। मनेंद्रगढ़ भरतपुर चिरमिरी जिले के अंतर्गत ग्राम पंचायत पिपरिया में महात्मा गांधी नरेगा के तहत स्वीकृत पिपरिया मिनी तालाब निर्माण कार्य ने ग्रामीण विकास, जल संरक्षण और किसानों की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव की एक सशक्त मिसाल पेश की है। व्यक्तिगत लाभार्थी केषेलाल सिंह के नाम पर स्वीकृत यह कार्य वित्तीय वर्ष 2024-25 में 3 लाख रुपये की स्वीकृत राशि से ग्राम पंचायत द्वारा सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया। यह परियोजना न केवल एक निर्माण कार्य रही, बल्कि ग्रामीण जीवन में स्थायित्व, आत्मनिर्भरता और समृद्धि का आधार भी बनी।इस परियोजना का मूल उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर निस्तार और सिंचाई की स्थायी एवं भरोसेमंद व्यवस्था सुनिश्चित करना था। ग्राम पिपरिया जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में खेती लंबे समय से वर्षा पर निर्भर रही है, जिसके कारण अनिश्चित मौसम और जल की कमी का सीधा असर फसल उत्पादन पर पड़ता था। पानी की अनुपलब्धता के कारण खेतों में समय पर सिंचाई नहीं हो पाती थी, जिससे फसलों की गुणवत्ता और मात्रा दोनों प्रभावित होती थीं। ऐसे में मिनी तालाब का निर्माण जल संरक्षण की दिशा में एक दूरदर्शी पहल साबित हुआ। तालाब में वर्षा जल का संग्रह होने से न केवल जल का संरक्षण हुआ, बल्कि जरूरत के समय खेतों तक सिंचाई जल की उपलब्धता भी सुनिश्चित हुई। इस पहल ने खेती को जोखिम से निकालकर स्थायित्व की ओर अग्रसर किया।कार्य की मांग और लाभार्थी की योग्यता के अनुरूप तकनीकी दृष्टिकोण अपनाते हुए निर्माण प्रक्रिया को विभागीय मार्गदर्शन में सुनियोजित ढंग से क्रियान्वित किया गया। स्थल चयन से लेकर खुदाई, जलभराव क्षमता और संरचना की मजबूती तक प्रत्येक चरण में तकनीकी मानकों का पूरी तरह पालन किया गया, जिससे तालाब वर्ष भर उपयोगी बना रहे। इस कार्य में किसी अन्य योजना का अभिसरण नहीं किया गया और संपूर्ण क्रियान्वयन ग्राम पंचायत द्वारा किया गया। मिनी तालाब निर्माण से पूर्व लाभार्थी मुख्यतः मनरेगा आधारित कृषि कार्यों पर निर्भर थे, किंतु पानी की कमी के कारण फसलों की सिंचाई समय पर नहीं हो पाती थी और उत्पादन सीमित रह जाता था। तालाब निर्माण के पश्चात खेतों को नियमित रूप से पानी मिलने लगा, जिससे सिंचाई की समस्या पूरी तरह दूर हुई। इसका प्रत्यक्ष परिणाम यह हुआ कि लाभार्थी अब एक फसल के स्थान पर दो फसलों का उत्पादन करने लगे हैं, जिससे उनकी कृषि आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।आज इस परियोजना के प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। ग्राम पिपरिया के हितग्राही द्वारा लगभग 4 से 4.40 एकड़ कृषि भूमि में धान की अच्छी और गुणवत्तापूर्ण फसल के साथ-साथ आलू और अरहर जैसी अतिरिक्त फसलों का सफल उत्पादन किया गया है। इससे न केवल कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी हुई है, बल्कि खेती में विविधीकरण को भी बढ़ावा मिला है। अतिरिक्त फसलों से प्राप्त आय ने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया है और आजीविका संवर्धन की दिशा में एक मजबूत आधार प्रदान किया है। यह मिनी तालाब निर्माण कार्य ग्राम पंचायत पिपरिया में जल संरक्षण आधारित विकास की एक प्रेरक कहानी बनकर उभरा है। सीमित संसाधनों में किए गए इस प्रयास ने यह सिद्ध कर दिया है कि सही योजना, तकनीकी मार्गदर्शन और स्थानीय सहभागिता के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में स्थायी और सकारात्मक परिवर्तन संभव है। यह सफलता कहानी न केवल ग्राम पिपरिया के लिए गौरव का विषय है, बल्कि अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी एक प्रेरणास्रोत है, जहाँ जल संरक्षण को केंद्र में रखकर कृषि और ग्रामीण जीवन को नई दिशा दी जा सकती है।--
- 0- वन विभाग द्वारा अवैध काष्ठ व फर्नीचर जब्तमहासमुंद. सरायपाली वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम बंसुला स्थित जगदम्बा फर्नीचर मार्ट में वन विभाग द्वारा अवैध काष्ठ के विरुद्ध कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई वनमंडलाधिकारी श्री मयंक पाण्डे एवं संयुक्त वनमंडलाधिकारी सरायपाली श्री यू.आर. बंसत के निर्देशन में की गई।मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर वन परिक्षेत्र अधिकारी सरायपाली श्री प्रत्युष टाण्डेय द्वारा कर्मचारियों की टीम गठित कर योजनाबद्ध तरीके से फर्नीचर मार्ट में तलाशी वारंट के माध्यम से नियमानुसार जांच की गई। तलाशी के दौरान अवैध सागौन चिरान 334 नग एवं साल चिरान 140 नग (लगभग 1.540 घन मीटर) बरामद किया गया। इसके अतिरिक्त फर्नीचर मार्ट के पीछे लगभग 700 मीटर क्षेत्र में अवैध सागौन लट्ठा 84 नग (4.000 घन मीटर) एवं अवैध साल लट्ठा 31 नग (2.350 घन मीटर) जब्त किया गया। कुल अवैध काष्ठ की मात्रा लगभग 7.890 घन मीटर पाई गई।कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में तैयार फर्नीचर भी जब्त किया गया, जिसमें डायनिंग चेयर, सोफा, मंदिर, दरवाजा, खिड़की फ्रेम, टी-टेबल, झूला, दिवान फ्रेम एवं बस्तर आर्ट से निर्मित फर्नीचर शामिल हैं। साथ ही बढ़ईगिरी के विभिन्न औजार एवं विद्युत चलित मशीनें भी जब्त की गईं। जब्त काष्ठ एवं फर्नीचर की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 7 से 8 लाख रुपये बताई गई है। प्रकरण में संबंधित मशीनों सहित फर्नीचर मार्ट को सील कर भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 72(1)(ग) एवं छत्तीसगढ़ वनोपज (व्यापार विनियमन) अधिनियम 1969 की धारा 15(1) के अंतर्गत वन अपराध प्रकरण के तहत पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। इस कार्रवाई में वनपाल एवं वनरक्षकों सहित सुरक्षा श्रमिकों का सराहनीय योगदान रहा।
- 0- धान विक्रय में चौकी के किसान आगे, 6 हजार 108 किसानों ने किया धान विक्रयमोहला। राज्य सरकार की पारदर्शी धान खरीदी प्रक्रिया, सुदृढ़ व्यवस्थाओं और किसान हितैषी नीतियों के चलते जिले में किसानों का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है। सुचारु टोकन प्रणाली, केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं और समय पर भुगतान की व्यवस्था के कारण बड़ी संख्या में किसान समर्थन मूल्य पर धान विक्रय कर रहे हैं। इसी कड़ी में विकासखंडवार धान विक्रय के आंकड़ों पर नजर डाले तो चौकी विकासखंड के किसान सबसे आगे नजर आ रहे हैं, जबकि मानपुर विकासखंड अपेक्षाकृत पीछे है।खाद्य विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार चौकी विकासखंड से 18 दिसंबर तक 6 हजार 108 किसानों ने धान विक्रय किया है, जिनसे कुल 2,84,049 क्विंटल धान की खरीदी की गई है। यह जिले में सर्वाधिक है। इसी प्रकार मानपुर विकासखंड में अब तक 3 हजार 132 किसानों द्वारा 1,86,271 क्विंटल धान का विक्रय किया गया है। वहीं मोहला विकासखंड में 4376 किसानों ने धान विक्रय किया है और कुल 2,11,845 क्विंटल धान की खरीदी दर्ज की गई है। आगामी दिनों में इसमें और वृद्धि की संभावना है।विभागीय अधिकारी से प्राप्त जानकारी अनुसार जिले के सभी धान उपार्जन केंद्रों में व्यवस्था सुव्यवस्थित है। किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए लगातार निगरानी की जा रही है। सरकार का उद्देश्य है कि हर पात्र किसान को समर्थन मूल्य का लाभ मिले और धान खरीदी का कार्य समय-सीमा में पूर्ण किया जा सके। सरकार की किसान हितैषी सोच और पारदर्शी प्रणाली के परिणामस्वरूप जिले में धान विक्रय सुचारु रूप से जारी है, जिसमें चौकी विकासखंड अग्रणी बना हुआ हैं आने वाले दिनों में मोहला एवं मानपुर के किसानों द्वारा धान विक्रय में तेजी आने की संभावना हैं।
- 0- मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी जिले के तीनों जनपद पंचायतों में होगा पंजीयनमोहला। कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति एवं जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती भारती चंद्राकर ने जिले के आम नागरिकों से अपील की है कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत जिले में निर्धारित वृहद आवास निर्माण लक्ष्य एवं बड़ी संख्या में स्वीकृत निर्माण कार्यों को दृष्टिगत रखते हुए, राजमिस्त्रियों की कमी को दूर करने हेतु शासन द्वारा स्थानीय युवाओं को राजमिस्त्री प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।हितग्राहियों से चर्चा के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में कुशल राजमिस्त्रियों की कमी की समस्या सामने आने पर यह निर्णय लिया गया हैं। कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने बताया कि जिले में इस वर्ष जिला खनिज न्यास मद से जनपद मानपुर के मदनवाड़ा एवं सीतागांव में 25-25 प्रशिक्षुओं को तथा जनपद मोहला के सांगली, मड़ियानवाड़वी, राणाटोला एवं मंडावीटोला में 25-25 प्रशिक्षुओं को राजमिस्त्री प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। इसी प्रकार जनपद पंचायत मोहला के देवरसुर में 35 प्रशिक्षुओं को आरएसईटीआई के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों के अकुशल व्यक्तियों को प्रशिक्षित कर कुशल राजमिस्त्री बनाया गया है। सभी प्रशिक्षित राजमिस्त्री वर्तमान में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास निर्माण कार्यों में संलग्न हैं, जिससे जिले में आवास निर्माण कार्यों में अभूतपूर्व प्रगति दर्ज की गई है। साथ ही प्रशिक्षण उपरांत प्रशिक्षुओं को रोजगार प्राप्त हुआ है एवं उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।प्रशिक्षित राजमिस्त्री सांगली निवासी गैंदलाल यादव, श्रवण साहू एवं सोमलाल ने बताया कि प्रशिक्षण से पूर्व उन्हें निर्माण कार्यों में मजदूरी के रूप में प्रतिदिन 200 से 250 रुपये प्राप्त होते थे, जबकि प्रशिक्षण उपरांत राजमिस्त्री के रूप में कार्य मिलने से उन्हें प्रतिदिन 500 से 600 रुपये तक की आय हो रही है। उन्होंने नि:शुल्क राजमिस्त्री प्रशिक्षण उपलब्ध कराने हेतु जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने आगे बताया कि योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत स्तर पर राजमिस्त्री प्रशिक्षण हेतु प्रत्येक 4 से 5 ग्राम पंचायतों से 25-25 युवाओं एवं महिलाओं का एक बैच तैयार किया जाएगा। चयनित प्रतिभागियों को आवास निर्माण से संबंधित आवश्यक तकनीकी एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे वे कुशल राजमिस्त्री के रूप में कार्य कर सकें। इस योजना के अंतर्गत जिले के इच्छुक युवक-युवतियां एवं महिलाएं अपने संबंधित जनपद पंचायत कार्यालय में जाकर पंजीयन करा सकते हैं। प्रशिक्षण पूर्ण होने के पश्चात प्रतिभागियों को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे, साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत आवास निर्माण कार्यों में भी तेजी आएगी। कलेक्टर ने कहा कि यह पहल न केवल स्थानीय युवाओं को आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि जिले में आवास निर्माण की गुणवत्ता एवं गति बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।--
- 0- सभाकक्ष में विभागीय अधिकारियों से ली परिचयात्मक जानकारीदंतेवाड़ा। दंतेवाड़ा जिले के नवनियुक्त कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव ने गुरुवार 18 दिसंबर को संयुक्त जिला कार्यालय में अपने पद का कार्यभार ग्रहण किया। भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2018 बैच के अधिकारी श्री ध्रुव पूर्व में बिलासपुर जिले में सहायक कलेक्टर के रूप में पदस्थ रहे। इसके बाद वे बलौदाबाजार- भाटापारा और बीजापुर जिले में एसडीएम रहे। इसके अलावा उन्होंने नारायणपुर जिले में सीईओ जिला पंचायत के रूप में सेवाएं दी। तत्पश्चात उनकी भिलाई नगर निगम कमिश्नर के रूप में पोस्टिंग हुई। इसके बाद उन्हें सुकमा जिले में बतौर कलेक्टर पदस्थ किया गया था। इसके साथ ही कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव ने कार्यभार ग्रहण के उपरांत सभाकक्ष में सभी जिला प्रमुख अधिकारियों से परिचयात्मक जानकारी लेकर उनसे कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और दिए गए लक्ष्यों को प्राथमिकता देते हुए उनसे अपने दायित्वबोध और कर्तव्यों का भली भांति निर्वहन अपेक्षित रहेगा। इस मौके पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जयंत नाहटा, अपर कलेक्टर श्री राजेश पात्रे सहित अन्य विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।
- बीजापुर। खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड ग्रामोद्योग द्वारा शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में कुटरी उद्योग की स्थापना हेतु बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जाता हैं। जिसमें शासन द्वारा 35 प्रतिशत प्रतिशत अनुदान का लाभ दिया जाता है। अतः वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु छत्तीसगढ़ राज्य के सभी 33 जिलों के माध्यम से आवेदन जमा कर योजना का लाभ लिया जा सकता हैं।प्रधानमंत्री रोजगार सजून कार्यकम (PMEGP) केन्द्र शासन की इस योजना के तहत शहरी एवं ग्रामीण अजा, अजजा अपिव, सामान्य वर्ग के लिए सेवा क्षेत्र सायकल रिपेयरिंग, मोबाईल रिपेयरिंग, इलेक्ट्रानिक, इलेक्ट्रिक रिपेयरिंग, ब्यूटी पार्लर, फोटोकापी, वीडियोग्राफी इत्यादि के लिए 20.00 लाख एवं विनिर्माण क्षेत्र दोना पत्तल निर्माण, फेबिकेशन, दूध डयेरी प्रोडक्ट, साबुन निर्माण, मसाला निर्माण, दलिया निर्माण पशुचारा निर्माण, फ्लाई ऐश ब्रिक्स निर्माण नूडल्स निर्माण इत्यादि के लिए 50.00 लाख तक का लोन (ऋण) बैंक के माध्यम से प्रदाय किया जाता हैं। जिसमें ग्रामीण क्षेत्र के हितग्राही को 35 प्रतिशत तथा शहरी क्षेत्र के हितग्राही का 25 प्रतिशत तथा शहरी हितग्राही को 15 प्रतिशत अनुदान का लाभ दिया जाता हैं। इस योजनांतर्गत ऑनलाईन आवेदन पीएमईजीपी पोर्टल (kviconline.in/pmegp portal) में किया जा सकता है।मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यकम (CMEGP) राज्य शासन की इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र के अजा, अजजा एवं अपिव वर्ग को सेवा क्षेत्र सायकल रिपेयरिंग, मोबाईल रिपेयरिंग, इलेक्ट्रानिक, इलेक्ट्रिक रिपेयरिंग, ब्यूटी पार्लर, फोटोकापी, वीडियोग्राफी, इत्यादि के लिए 1.00 लाख एवं विनिर्माण क्षेत्र दोना पत्तल निर्माण, फेबिकेशन, दूध डयेरी प्रोडक्ट, साबुन निर्माण, मसाला निर्माण, दलिया निर्माण पशुचारा निर्माण, फ्लाई ऐश ब्रिक्स निर्माण नूडल्स निर्माण इत्यादि के लिए 3.00 लाख तक का लोन बैंक के माध्यम से प्रदाय किया जाता हैं जिसमें 35 प्रतिशत अनुदान दिया जाता हैं। इस योजना में हितग्राही को परियातना लागत का 5 प्रतिशत स्वयं लगाना होता हैं। यह योजना ऑफलाईन है अतः सहायक संचालक प्रभारी प्रबंधक, जिला पंचायत बीजापुर खादी ग्रामोद्योग शाखा से आवेदन प्राप्त कर योजना का लाभ ले सकते हैं। अथवा अधिक जानकारी के लिए मोबाईल नम्बर +91 8770939505, +91 9406358095 पर संपर्क किया जा सकता है।आवेदन हेतु वांछित दस्तावेज पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड, स्थायी निवास एवं जाति प्रमाण पत्र, शैक्षणिक प्रमाण पत्र पांचवी, आठवी अंकसूची, ग्राम पंचायत अनापत्ति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, 50, स्टाम पर शपथ पत्र, बैंक पासबुक छायाप्रति पेन कार्ड एवं अन्य दस्तावेज आवश्यकतानुसार।--
- 0- 2.80 एकड़ में धान और बाड़ी में सब्जी की खेती कर बने आत्मनिर्भररायपुर। राज्य सरकार की मनरेगा योजना ने एक बार फिर ग्रामीण जीवन को नई दिशा दी है। गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही जिले के मरवाही जनपद के ग्राम पंचायत रटगा निवासी महाबीर के परिवार की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। पहले मजदूरी पर निर्भर यह परिवार अब अपनी 2.80 एकड़ जमीन पर धान और सब्जी-भाजी की खेती कर आत्मनिर्भर बन गया है। 2 लाख 99 हजार रुपये की स्वीकृति से बने कुएं ने न केवल सिंचाई की समस्या हल की, बल्कि आसपास के परिवारों को भी पीने के पानी की सुविधा प्रदान की है।महाबीर ने बताया कि ग्राम सभा में मनरेगा योजना की जानकारी मिलने पर उन्होंने अपनी जमीन में कुएं के निर्माण के लिए आवेदन किया। वर्ष 2025-26 में उन्हें 2 लाख 99 हजार रुपये की मंजूरी मिली। कुआं बनने के बाद वे 2.80 एकड़ क्षेत्र में धान की फसल उगा रहे हैं, जबकि बाड़ी में सब्जी-भाजी की खेती से नियमित आय हो रही है। राज्य सरकार की इस योजना ने उनकी कृषि संबंधी सभी समस्याओं को दूर कर दिया है।पहले सिंचाई की कमी से महाबीर कृषि कार्य नहीं कर पाते थे और मनरेगा मजदूरी से ही घर चलाते थे। अब उसी योजना ने उनकी स्थिति उलट दी है। कुएं से न केवल उनका परिवार लाभान्वित हो रहा है, बल्कि आसपास के लोग भी पीने के पानी के लिए इसका उपयोग कर रहे हैं। महाबीर का कहना है कि मनरेगा ने हमें आत्मनिर्भर बनाया, अब मजदूरी की मजबूरी नहीं रही।छत्तीसगढ़ सरकार की मनरेगा जैसी योजनाएं ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाओं से जोड़ रही हैं, जिससे आजीविका के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। महाबीर की कहानी राज्य भर में हो रहे विकासगाथा की जीवंत मिसाल है। यह पहल न केवल गरीबी उन्मूलन में सहायक है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। राज्य सरकार की ऐसी योजनाओं से छत्तीसगढ़ के लाखों परिवार आत्मनिर्भरता की राह पर अग्रसर हैं।
- 0- कमार बस्ती तक पहुंचना हुआ आसानरायपुर। महासमुन्द जिले अंतर्गत ग्राम बांसकुड़ा कमार बस्ती लंबे समय तक सड़क जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित रहा। आदिवासी बाहुल्य एवं विलुप्त प्रजाति कमार जनजाति की बसाहट होने के कारण यहां के परिवार सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों से कटे हुए थे। वर्षा ऋतु में कच्ची सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाती थी, जिससे स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता था। इस चुनौती को दूर करने हेतु वर्ष 2023-24 में ग्राम बांसकुड़ा को प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान के अंतर्गत सड़क निर्माण हेतु चयनित किया गया। योजना के अंतर्गत 79.23 लाख रुपये की लागत से 1.60 किलोमीटर मीटर लंबाई की पक्की सड़क निर्माण की स्वीकृति दी गई। विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार कर तकनीकी स्वीकृति प्राप्त की गई तथा विभागीय अभियंताओं द्वारा सतत निगरानी एवं गुणवत्ता नियंत्रण के साथ कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया गया। प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान के अंतर्गत निर्मित यह सड़क ने सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक परिवेश में व्यापक परिवर्तन लाकर ग्राम को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा है।बांसकुड़ा कमार बस्ती में सड़क निर्माण पूर्ण होते ही ग्राम के जीवन में उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिले। अब एम्बुलेंस और स्वास्थ्य सेवाएं बिना किसी बाधा के गांव तक पहुंचने लगी हैं। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और आपातकालीन रोगियों को समय पर उपचार मिलने लगा है। टीकाकरण एवं स्वास्थ्य अभियान भी नियमित रूप से गांव तक पहुंच रहे हैं, जिससे मातृ-शिशु स्वास्थ्य में सुधार की संभावनाएं प्रबल हुई हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी सकारात्मक बदलाव आया है। बच्चों और युवाओं को स्कूल, कॉलेज एवं उच्च शिक्षा संस्थानों तक पहुंचने में अब कठिनाई नहीं होती। विद्यार्थियों की उपस्थिति दर में वृद्धि हुई है और शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ी है। कृषि एवं आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिली है। किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में समय और लागत की बचत हो रही है। कमार जनजाति द्वारा तैयार किए जाने वाले बांस शिल्प उत्पादों को अब आसानी से बाजार में बेचा जा रहा है, जिससे उनकी आय में वृद्धि हुई है। दूध, सब्जी और दैनिक आवश्यक वस्तुओं की नियमित आपूर्ति संभव हुई है तथा रोजगार व स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। सड़क निर्माण से गांव का सामाजिक-आर्थिक एकीकरण भी सुदृढ़ हुआ है। मुख्य सड़क से जुड़ाव के कारण सामाजिक आयोजनों, मेलों और सामूहिक गतिविधियों में सहभागिता बढ़ी है। बाहरी क्षेत्रों से संपर्क मजबूत होने के साथ-साथ ग्राम में विकास कार्यों की गति भी तेज हुई है।ग्राम के एक कमार परिवार ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, पहले सड़क न होने से रोजमर्रा के काम बहुत कठिन थे। बच्चों की पढ़ाई, मरीजों का इलाज और फसल का बाजार तक पहुंचाना बड़ी समस्या थी। पीएम जनमन योजना से सड़क बन जाने के बाद अब स्कूल, अस्पताल और बाजार तक पहुंचना आसान और सुरक्षित हो गया है। हमारी आय और जीवन स्तर में बहुत ही सुधार हुआ है। जनजातीय क्षेत्र एवं यहां के निवासियों के लिए शुरू की इस योजना के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्य मंत्री श्री विष्णु देव साय के सराहनीय पहल है।
- रायपुर। रायगढ़ जिला जल संरक्षण और ग्रामीण आजीविका सशक्तिकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत डबरी निर्माण को राज्य शासन के महत्वाकांक्षी “मोर गांव-मोर पानी” महा अभियान से जोड़ते हुए जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीण विकास को स्थायी आधार प्रदान किया जा रहा है। यह पहल वर्षा जल संरक्षण के साथ-साथ कृषि, रोजगार और आय का अवसर उपलब्ध करा रही है।इस अभियान का उद्देश्य जल संकट से प्रभावित क्षेत्रों में सिंचाई सुविधा और किसानों की आय बढ़ाना है। मनरेगा के अंतर्गत निर्मित डबरियों से किसानों को वर्ष भर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे खरीफ के साथ रबी और जायद फसलों की खेती हो सकेगी। इससे कृषि उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आर्थिक बेहतर होगी।डबरियों में मछली पालन को प्रोत्साहित कर ग्रामीणों के लिए आय के अतिरिक्त अवसर सुलभ कराए जा रहे हैं। जिले में 500 से अधिक डबरियों के निर्माण का लक्ष्य है। इन कार्यों से हजारों ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार प्राप्त होगा। “मोर गांव-मोर पानी” महा अभियान के अंतर्गत चेक डेम, फार्म पॉन्ड, कंटूर ट्रेंच, परकुलेशन टैंक, सोक पिट, वृक्षारोपण एवं ग्रे वाटर प्रबंधन जैसे कार्य किए जा रहे हैं। अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप देने हेतु ग्राम सभाओं, जल शपथ कार्यक्रमों, रैलियों और दीवार लेखन के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है।स्व-सहायता समूहों तथा “बिहान” योजना से जुड़ी दीदियों की सहभागिता से जल संरक्षण के साथ आजीविका गतिविधियों को भी सशक्त किया जा रहा है। जीआईएस तकनीक के माध्यम से कार्यों की पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा रही है। जिला प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे ग्राम पंचायतों के माध्यम से आवेदन कर इस अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाएं और जल संरक्षण को जन आंदोलन का रूप दें।
- रायपुर। राज्य सरकार द्वारा किसानों को उनकी मेहनत और पसीने की कमाई का उचित मूल्य सुनिश्चित किए जाने से ग्रामीण अंचलों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की सुव्यवस्थित व्यवस्था से किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है और वे अपनी जरूरतों को सहजता से पूरा कर पा रहे हैं।कांकेर विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पीढ़ापाल निवासी युवा कृषक श्री कौशल कुमार नाग अपनी 10 एकड़ कृषि भूमि में धान की खेती करते हैं। खरीफ सीजन में उन्होंने पहले चरण में लगभग 90 क्विंटल धान का समर्थन मूल्य पर विक्रय किया है। उन्होंने बताया कि शेष धान को सुखाने के लिए रखा गया है, जिसे टोकन कटने के उपरांत बेचेंगे।युवा किसान श्री कौशल नाग ने बताया कि धान विक्रय से प्राप्त राशि से उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर हुई है। धान विक्रय से हुए लाभ की राशि वह बचाकर रखेंगे और जो अगले साल उन्हें स्वयं के विवाह के लिए काम आएगी। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा समय पर और उचित मूल्य पर धान खरीदी से किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिल रही है।श्री नाग ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की व्यवस्था को किसान हितैषी बताते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि शासन की इस पहल से किसानों का आत्मविश्वास बढ़ा है और वे भविष्य की योजनाओं एवं सपनों को साकार करने की दिशा में अग्रसर हो रहे हैं।
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- विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने 10 लाख रूपए की लागत से निर्मित होने वाले सामाजिक भवन का किया भूमिपूजन
- विधानसभा अध्यक्ष नंदई चौक में आयोजित गुरूघासीदास बाबा जयंती के कार्यक्रम में हुए शामिल
राजनांदगांव । विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह गुरुवार को राजनांदगांव शहर के गुरूघासीदास धर्मशाला गुरूघासीदास चौक नंदई रोड में आयोजित सत्यमूर्ति परम पूज्य बाबा गुरूघासीदास जयंती समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने 10 लाख रूपए की लागत से निर्मित होने वाले सामाजिक भवन का भूमिपूजन किया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि आज बाबा गुरूघासीदास जी के अवतरण दिवस है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि बाबा गुरूघासीदास जी की आशीर्वाद से देश एवं प्रदेश में समरसता, शांति, सद्भावना एवं प्रेम है। श्रद्धापूर्वक बाबा जी के प्रतीक के रूप में सफेद ध्वज फहराते है। सफेद ध्वज शांति, प्रेम, सद्भावना, एकात्मता, सबको एक साथ मिलाने, सादगी और बाबा जी के विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि गुरूघासीदास बाबा जी के जन्मस्थली गिरौदपुरी पूरे देश-दुनिया में विख्यात है। बाबा जी की प्रतीक एवं गरिमा के अनुरूप गिरौदपुरी में देश का अनूठा, सबसे ऊंचा और भव्य जैतखाम का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि बाबा जी के आशीर्वाद से ही जैतखाम को निर्माण कराने का अवसर मिला है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि ने कहा कि शासन द्वारा प्रदेश के लगभग सभी ग्रामों में समाज के लिए मंगल भवन का निर्माण किया गया है। सभी ग्रामों में कांक्रीट रोड का निर्माण किया गया है। शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई है। साथ ही नवोदय विद्यालय की स्थापना, नि:शुल्क कोचिंग और बच्चों के प्राथमिक शिक्षा के लिए बेहतर व्यवस्था की गई है।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि समाज के लिए शिक्षा सबसे ज्यादा जरूरी है। शिक्षित समाज ही नेतृत्व करते है और आगे बढ़ते है। उन्होंने कहा कि बालक हो या बालिका सभी के लिए शिक्षा जरूरी है और बाबा जी का पंथी के माध्यम से यही संदेश है। बाबा जी का हिंसा छोडऩे, मांस-मदिरा छोडऩे का उपदेश किसी एक समाज के लिए नहीं है, यह मानवता एवं सभी समाज के लिए है। मनुष्य में सतगुण, सद्भाव, सादगी होने और हिंसा छोडऩे पर दुनिया आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में शानदार नया विधानसभा बनकर तैयार हो गया है। उन्होंने समाज के नागरिकों को नए विधानसभा भवन में विधानसभा की कार्यवाही और विधानसभा को देखने के लिए आमंत्रित किया।
पूर्व विधायक श्री रामजी भारती ने सभी को गुरूघासीदास जयंती की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आज बाबा के संदेश मनखे-मनखे एक समान हैं के उपदेश को लेकर समाज चल रहा है। उन्होंने कहा कि गुरूघासीदास बाबा का आशीर्वाद पूरे समाज सहित सभी लोगों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि आज सतनामी समाज अग्रणी समाज के रूप में आगे आ रहा है। इस अवसर पर अध्यक्ष शहर सतनामी समाज सेवा समिति राजनांदगांव श्री नरेन्द्र राय ने स्वागत उद्बोधन दिया। इस अवसर पर महापौर श्री मधुसूदन यादव, श्री कोमल सिंह राजपूत, श्री रमेश पटेल, पार्षद श्रीमती केवरा रॉय, पूर्व पार्षद श्री विजय राय, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, एसडीएम श्री गौतम पाटिल एवं अन्य जनप्रतिनिधि तथा अधिकारी तथा सतनामी समाज के नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। -
सुकमा. जिले में बृहस्पतिवार को सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ में एक महिला माओवादी समेत तीन माओवादी मारे गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के गोलापल्ली थाना क्षेत्र के जंगल और पहाड़ी में माओवादियों की मौजूदगी की सूचना के आधार पर सुकमा जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के दल को माओवादी विरोधी अभियान में रवाना किया गया था। उन्होंने बताया कि आज सुबह से सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर गोलीबारी जारी है और इस मुठभेड़ में अभी तक एक महिला माओवादी समेत तीन माओवादियों के मारे जाने की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि अभियान पूरा होने के बाद इस संबंध में अधिक जानकारी दी जाएगी।
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- रायपुर /छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी विनिर्माण को नई गति देते हुए केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-22 में प्रस्तावित कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) परियोजना के लिए ₹22.50 करोड़ की पहली किश्त जारी करने की स्वीकृति प्रदान की है। यह राशि माडिफाइड इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर्स (EMC 2.0) योजना के अंतर्गत दी गई है।इस परियोजना का क्रियान्वयन नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRANVP) द्वारा किया जाएगा। परियोजना के मूल्यांकन एवं निगरानी की जिम्मेदारी सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) को सौंपी गई है, जिसने इस पहली किश्त की अनुशंसा की थी।इस स्वीकृति से नवा रायपुर को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और आईटी हार्डवेयर हब के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी। कॉमन फैसिलिटी सेंटर के माध्यम से उद्योगों को साझा अधोसंरचना, तकनीकी सुविधाएं, परीक्षण एवं नवाचार से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध होंगी, जिससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि केंद्र सरकार का यह निर्णय छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास और तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में मील का पत्थर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘मेक इन इंडिया’ और ‘डिजिटल इंडिया’ के विजन को साकार करने में छत्तीसगढ़ तेजी से आगे बढ़ रहा है। नवा रायपुर को अत्याधुनिक औद्योगिक एवं तकनीकी शहर के रूप में विकसित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि ईएमसी 2.0 योजना के अंतर्गत स्थापित होने वाला यह कॉमन फैसिलिटी सेंटर न केवल निवेशकों का भरोसा बढ़ाएगा, बल्कि विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को सशक्त आधार भी प्रदान करेगा। उन्होंने इसके लिए केंद्र सरकार और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय का आभार व्यक्त किया।

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