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- 0- विभागों द्वारा की गयी कार्यों के अद्यतन प्रगति की समीक्षादुर्ग. जिले में यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने और सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में बुधवार 10 जून को जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गयी। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में वरिष्ट पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल भी शामिल हुए। बैठक के प्रारंभ में विगत बैठक के पालन प्रतिवेदन की विभागवार समीक्षा की गयी। जिसमें अधिकारियों ने कार्य पूर्ण होने, अद्यतन प्रगति एवं की गयी विभागीय कार्यवाहियों की जानकारी दी। साथ ही जिले की सड़कों में यातायात सुरक्षा को और सुदृढ़ बनाने के लिए विभिन्न सुझावों पर विचार-विमर्श कर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गए। कलेक्टर श्री सिंह ने यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने तथा सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए प्रभावी उपाय अपनाने के निर्देश दिए।उन्होंने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में आवश्यकता अनुसार अधिकारियों को सौंपे गए विभागीय कार्य, रिफ्लेक्टर, स्पीड ब्रेकर एवं स्ट्रीट लाईट लगवाने के निर्देश दिए। उन्होंने एनएचएआई, लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग संभाग, लोक निर्माण विभाग (भ./स. एवं वि./या.) को दुर्घटनाजन्य स्थलों का निरीक्षण कर आवश्यक त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इसके अलावा भिलाई इस्पता संयंत्र वाहनों के लिए भारतमाला सड़क से जोड़ने, भारतमाला सड़क पर पुरई के पास बोगदा की हाइट बढ़ाने, भिलाई में केनाल रोड निर्माण तथा बारिश के पूर्व सभी अण्डरब्रिजों की सफाई एवं आवश्यक मरम्मत पर भी चर्चा की गयी। बैठक में एडीएम श्री वीरेन्द्र सिंह, एएसपी यातायात सुश्री ऋचा मिश्रा, नगर निगम आयुक्त भिलाई श्री राजीव पाण्डेय, नगर निगम आयुक्त दुर्ग श्री सुमीत अग्रवाल, एसडीएम दुर्ग श्री हरवंश सिंह मिरी, एसडीएम भिलाई/भिलाई-03 श्री महेश राजपूत, एसडीएम धमधा श्री सोनल डेविड सहित लोक निर्माण विभाग, परिवहन, विद्युत विभाग, एनएचएआई, एनएचआई, पुलिस विभाग और बीएसपी के अधिकारीगण उपस्थित थे।
- दुर्ग. छत्तीसगढ़ शासन के आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा छुआछूत निवारणार्थ संचालित ’अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना’ के तहत जिले के कुल 65 दंपत्तियों के लिए 1 करोड़ 62 लाख 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की गई है। सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास से मिली जानकारी के अनुसार, इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र दंपत्ति को कुल ₹2.50 लाख की नकद प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। इस राशि में से ₹1.00 लाख सीधे हितग्राही के खाते में हस्तांतरित (डीबीटी) कर दिए जाते हैं, जबकि शेष ₹1.50 लाख की राशि को तीन वर्ष के लिए संयुक्त सावधि जमा (फिक्स डिपोजिट) के रूप में सुरक्षित रखा जाता है। दंपत्ति के तीन वर्ष का सफल वैवाहिक जीवन पूर्ण करने के उपरांत इस शेष राशि का भुगतान भी उन्हें कर दिया जाता है।
- दुर्ग. किर्गिस्तान के इसिक-कुल में आयोजित प्रतिष्ठित 'एशियन पैरा-आर्मरेसलिंग चैंपियनशिप 2026' में छत्तीसगढ़ के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी श्रीमंत झा ने भारत के लिए रजत पदक (सिल्वर मेडल) जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्होंने यह सफलता 08 से 13 जून तक चलने वाली इस प्रतियोगिता की अत्यंत कड़े मुकाबले वाली 'पीआईयूएच-85 किलोग्राम' श्रेणी में कजाकिस्तान के मजबूत खिलाड़ी जानिबेक राखातोव को शिकस्त देकर हासिल की। इस नए पदक के साथ श्रीमंत झा के अंतरराष्ट्रीय मेडलों की कुल संख्या अब 65 हो गई है, जो वैश्विक मंच पर उनकी खेल क्षमता को प्रमाणित करती है। अपनी इस ऐतिहासिक कामयाबी पर भावुक होते हुए श्रीमंत झा ने इस रजत पदक को देश की सुरक्षा में प्राण न्योछावर करने वाले वीर शहीद जवानों को समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि देश के सैनिक ही उनकी प्रेरणा हैं और उनका अगला लक्ष्य आगामी प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीतना है। श्रीमंत झा की इस गौरवशाली उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ प्रदेश आर्म रेसलिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष जी. सुरेश बाबू, सचिव श्रीकांत और कृष्ण साहू सहित खेल विभाग के अधिकारियों ने उन्हें बधाई दी है तथा भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
- दुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में कृषि विभाग द्वारा जिले में किसान भाईयों को उनकी आवश्यकता के अनुसार रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराने हेतु सतत् भंडारण एवं वितरण की कार्यवाही की जा रही है। जिले में खरीफ 2026 हेतु कुल 67880 मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में सहकारी एवं निजी क्षेत्र को मिलाकर जिले में 19842 मीट्रिक टन यूरिया, 3781 मीट्रिक टन डीएपी, 3331 मीट्रिक टन एनपीके, 5248 मीट्रिक टन एमओपी तथा 7187 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फॉस्फेट कुल 39390 मीट्रिक टन उर्वरक भंडारण किया गया है एवं सेवा सहकारी समितियों एवं निजी विक्रेताओं के माध्यम से किसानों को लगातार उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है। अब तक 7778 मीट्रिक टन यूरिया, 2416 मीट्रिक टन डीएपी, 2496 मीट्रिक टन एनपीके, 2521 मीट्रिक टन एमओपी तथा 4473 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फॉस्फेट कुल 19683 मि.टन उर्वरक का वितरण किया जा चुका है तथा वर्तमान में जिले में 12064 मीट्रिक टन यूरिया, 1365 मीट्रिक टन डीएपी, 1026 मीट्रिक टन एनपीके, 2727 मीट्रिक टन एमओपी तथा 2714 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फॉस्फेट कुल 19707 मि.टन उर्वरक शेष है। जिले में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है तथा किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है।उप संचालक कृषि से प्राप्त जानकारी अनुसार जिले की सहकारी समितियों में धान एवं अन्य खरीफ फसलों के प्रमाणित बीजों का भण्डारण एवं वितरण सुचारू रूप से जारी है। वर्तमान में जिले के सहकारी संस्था के लिए 29827 क्वि. प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य है। बीज निगम (सहकारी) एवं निजी संस्थाओं में 35758.35 क्वि. बीज की उपलब्धता है, एवं 29845.80 क्वि. बीज का भण्डारण किया गया है जिसमें से 19078.02 क्वि. बीज वितरण किया जा चुका है। सहकारी समितियों में केवल वही बीज भंडारण और वितरण के लिए भेजे जाते हैं जो पूर्णतः प्रमाणित होते हैं और प्रयोगशालाओं में गुणवत्ता परीक्षण में मानक स्तर के होते हैं। किसानों की मांग अनुरुप सरना के अलवा अन्य धान के किस्म महामया, स्वर्णा सब 1, विक्रम टी.सी.आर., एमटीयू-1001, एमटीयू-1153, एमटीयू-1156 एवं अन्य किस्मों का भी सहकारी समितियों में भण्डारण किया गया है, साथ ही भण्डारण एवं वितरण कार्य जारी है। विभाग द्वारा नकली एंव घटिया खाद-बीज की बिक्री को रोकने के लिये उड़नदस्ता टीम का गठन किया गया है जो निजी विक्रेताओं और समितियों की निरंतर जांच कर रही है, ताकि कृषकों को गुणवत्ता युक्त बीज/उर्वरक उपलब्ध कराया जा सके। कृषि विभाग द्वारा किसान भाईयों से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों या अफवाहों पर ध्यान न दें। जिले की सहकारी समितियों में खाद एंव प्रमाणित बीज की कोई कमी नहीं है। किसान अपनी आवश्यकता अनुसार सुगमता से समितियों में जाकर खाद-बीज प्राप्त कर सकते है।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने जोन-4 खुर्सीपार अंतर्गत सिवरेज लाइन संधारण, नाला सफाई, पेयजल आपूर्ति, स्ट्रीट लाइट एवं प्रस्तावित विकास कार्यों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने तथा नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।निगम आयुक्त, स्थानीय पार्षद सह उप नेता प्रतिपक्ष दया सिंह के साथ वार्ड क्रमांक-44 लक्ष्मी नारायण वार्ड में चल रहे सिवरेज लाइन संधारण कार्य का जायजा लेने पहुंचे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। साथ ही जिन घरों के समीप से सिवरेज लाइन गुजर रही है और मरम्मत की आवश्यकता है, उसे तत्काल ठीक कराने कहा। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि यदि संबंधित पक्ष स्वयं कार्य नहीं कराते हैं तो निगम द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान हाल ही में कराई गई नाला सफाई व्यवस्था का भी अवलोकन किया गया। आयुक्त ने सफाई कार्यों को नियमित रूप से जारी रखने तथा बरसात के मौसम को देखते हुए जलभराव की स्थिति से बचने के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। केनाल रोड क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए आयुक्त ने प्रस्तावित सर्विस रोड निर्माण स्थल का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण से क्षेत्र के नागरिकों को सुगम एवं सुरक्षित यातायात सुविधा उपलब्ध होगी तथा आवागमन में होने वाली परेशानियां कम होंगी।आयुक्त ने वार्ड स्थित सामुदायिक भवन का भी निरीक्षण किया। लगभग तीन वर्ष पूर्व निर्मित इस भवन को निगम के अधीन लेकर स्थानीय नागरिकों के सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए उपयोग में लाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने स्थानीय रहवासियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को नियमित एवं शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को तत्काल दुरुस्त कर क्षेत्र में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया। इस अवसर पर जोन आयुक्त अमरनाथ दुबे, कार्यपालन अभियंता संजय वर्मा, सहायक अभियंता चंद्रकांत साहू, उप अभियंता बसंत साहू, सहायक राजस्व अधिकारी बालकृष्ण नायडू, जोन स्वास्थ्य अधिकारी हेमंत मांझी, राजस्व निरीक्षक विजेंद्र परिहार, स्वच्छता निरीक्षक अतुल यादव सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी एवं वार्डवासी उपस्थित रहे।
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नगर पालिका परिषद कार्यालय बालोद के परिसर में स्थित टाउन हाल में 12 से 14 जून तक आयोजित किया जाएगा छायाचित्र प्रदर्शनी
बालोद/ देश में मोदी सरकार के सफलतापूर्वक 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जनसंपर्क विभाग द्वारा नगर पालिका परिषद कार्यालय बालोद के परिसर में स्थित टाउन हाॅल में 12 से 14 जून तक 03 दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। इस तीन दिवसीय प्रदर्शनी का शुभारंभ शुक्रवार 12 जून को सुबह 11 बजे अतिथियों के द्वारा किया जाएगा। -
विभिन्न पदों पर की जाएगी नियोजकों द्वारा भर्ती
बालोद/जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र बालोद में 12 जून 2026 को प्लेसमंेट कैंप का आयोजन किया जाएगा। जिला रोजगार अधिकारी बालोद ने बताया कि प्लेसमंेट में कुल 04 नियोजकों द्वारा विभिन्न पदों पर भर्ती की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्लेसमंेट कैंप में स्वतंत्र माइक्रो फायनेंस लिमिटेड रायपुर द्वारा फील्ड आॅफिसर के 30 एवं कलेक्शन आॅफिसर के 10 पदों पर भर्ती की जाएगी। जिसमें फील्ड आॅफिसर के पद हेतु शैक्षणिक योग्यता 10वीं एवं 12वीं पास तथा आयु 18 से 30 वर्ष निर्धारित की गई है तथा कलेक्शन आॅफिसर के लिए शैक्षणिक योग्यता 12वीं एवं ग्रेजुएट तथा आयु 18 से 35 वर्ष निर्धारित की गई है। इसी तरह नियोजक श्रम इन टैलेंट प्रायवेट लिमिटेड नोएडा द्वारा इलेक्ट्रिक मेट्रो टेक्निशियन के 50 पद हेतु शैक्षणिक योग्यता 12वीं, आईटीआई एवं स्नातक उत्तीर्ण तथा अभ्यर्थी की आयु 18 से 30 वर्ष निर्धारित की गई है।
इसी तरह सेफ इंटेलीजेंट सिक्यूरीटी सर्विसेस भिलाई के द्वारा सिक्यूरिटी गार्ड पुरूष के 150 पद हेतु शैक्षणिक योग्यता पांचवी एवं आठवीं तथा आयु 20 से 40 वर्ष निर्धारित है। इसी तरह मार्केटिंग मैनेजर के 02 पद हेतु हेतु शैक्षणिक योग्यता ग्रेजुएट एवं एमबीए तथा आयु 20 से 40 वर्ष निर्धारित है। सिक्यूरिटी सुपरवाईजर पुरूष के 50 पद हेतु 02 वर्ष कार्य अनुभव के साथ शैक्षणिक योग्यता 12वीं या ग्रेजुएट तथा आयु 25 से 40 वर्ष निर्धारित है। इसी तरह सिक्यूरिटी ट्रेनिंग के 03 पद हेतु साथ शैक्षणिक योग्यता ग्रेजुएट तथा आयु 20 से 40 वर्ष निर्धारित है।
इसी तरह नियोजक ग्लोबल एचआर साॅल्यूशन विराट नगर बोरसी दुर्ग में सिक्यूरिटी गार्ड के 100 पद हेतु शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास एवं आयु 18 से 45 वर्ष निर्धारित है। जिला रोजगार अधिकारी ने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी मूल प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, रोजगार पंजीयन एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित हो सकते हंै। इसके साथ ही उक्त संबंध में अधिक जानकारी वेबसाईट ई रोजगार सीजी डाॅट जीओवी डाॅट इन या जिला रोजगार कार्यालय बालोद अथवा कार्यालय के दूरभाष क्रमांक 07749-299509 पर प्राप्त की जा सकती है। -
कलेक्टर ने घोषित किया "नो-फ्लाई जोन"
बिलासपुर/ केंद्रीय जेल बिलासपुर की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी संजय अग्रवाल ने केंद्रीय जेल परिसर तथा उसकी परिधि से 500 मीटर की सीमा तक के क्षेत्र को तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक "नो-फ्लाई जोन" घोषित कर दिया है। इस क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति अथवा संस्था द्वारा ड्रोन संचालन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार केंद्रीय जेल बिलासपुर एक अत्यंत संवेदनशील एवं सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण शासकीय संस्थान है। जेल परिसर एवं उसके आसपास अनाधिकृत ड्रोन संचालन से जेल सुरक्षा, बंदियों की निगरानी व्यवस्था तथा सार्वजनिक सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। यह कार्रवाई जेल प्रशासन के अनुरोध एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की सहमति के आधार पर की गई है।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि विशेष परिस्थितियों में सक्षम प्राधिकारी से पूर्व अनुमति प्राप्त होने पर ही ड्रोन संचालन की अनुमति दी जा सकेगी। बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने अथवा आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर तथा केंद्रीय जेल अधीक्षक को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। -
फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने राज्य सरकार की बड़ी पहल
किसानों की आय बढ़ाने और जल संरक्षण में मिलेगी मदद
बिलासपुर/ राज्य सरकार ने खरीफ 2026 से किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब धान के स्थान पर दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास जैसी वैकल्पिक फसलों की खेती करने वाले किसानों को 15 हजार रुपये प्रति एकड़ की आदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इस निर्णय से किसानों को अधिक लाभकारी खेती अपनाने का अवसर मिलेगा तथा कृषि क्षेत्र में संतुलित विकास को बढ़ावा मिलेगा।
कृषि विभाग के उप संचालक पीडी हाथेश्वर के अनुसार योजना का उद्देश्य धान पर अत्यधिक निर्भरता को कम करना, किसानों की आय में वृद्धि करना तथा जल संरक्षण को प्रोत्साहित करना है। प्रदेश में लगातार फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिसके तहत अब वैकल्पिक फसलों को अपनाने वाले किसानों को सीधा आर्थिक प्रोत्साहन दिया जाएगा। योजना के अंतर्गत किसानों को एकीकृत किसान पोर्टल एवं एग्रीस्टैक में पंजीयन कराने के साथ डिजिटल क्रॉप सर्वे में अपनी फसल की जानकारी दर्ज करानी होगी। पात्रता की पुष्टि के बाद सहायता राशि सीधे किसानों को उपलब्ध कराई जाएगी।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि दलहन एवं तिलहन फसलें न केवल किसानों को बेहतर आर्थिक प्रतिफल देती हैं, बल्कि भूमि की उर्वरा शक्ति बनाए रखने में भी सहायक होती हैं। वहीं मोटे अनाज एवं अन्य वैकल्पिक फसलें कम पानी में भी बेहतर उत्पादन देने में सक्षम हैं। इससे भूजल संरक्षण और टिकाऊ कृषि व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे धान के स्थान पर दलहन, तिलहन, मक्का, कपास तथा पोषक अनाज (मिलेट्स) की खेती अपनाकर शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना का अधिकतम लाभ उठाएं। विभाग का विश्वास है कि इस पहल से जिले में वैकल्पिक फसलों का रकबा बढ़ेगा, किसानों की आमदनी में वृद्धि होगी और कृषि अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बन सकेगी। -
- नए मेडिकल कॉलेज की मान्यता में कोई दिक्कत नहीं
- सभी पत्राचार केवल प्रक्रियाओं का एक हिस्सा मात्र
रायपुर। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजय शंकर मिश्रा ने राज्य के पांच नए मेडिकल कॉलेज की मान्यता को लेकर कांग्रेस द्वारा एनएमसी के रोक के दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि एनएमसी ने पांच मेडिकल कॉलेज के निरीक्षण के दौरान दिसंबर माह में कुछ कमियां पाई थी, इसमें भवन और उपकरण शामिल है। राज्य शासन को पहले से यह मालूम था कि कमियां मिलेगी, इसलिए उन कमियों को अब दूर कर लिया गया है। यह संस्थागत प्रक्रिया का एक हिस्सा हैं। डॉ. मिश्रा ने कहा कि हर बार नए कॉलेज के निरीक्षण के दौरान इस तरह की कठिनाईयां आती है, जिसे समय रहते सरकार ने दूर कर लिया है,बुधवार को एनएमसी का जो पत्र आया है,उसमें केवल कमियां बताई गई है और उन कमियों को दूर करने के लिए कहा गया है,ऐसे में यह कहना उचित नहीं है कि एनएमसी ने नए मेडिकल कॉलेज की मान्यता पर रोक लगा दी है, जबकि अभी नीट का एक्जाम भी नहीं हुआ है और न ही नतीजे घोषित हुए है। डॉ. मिश्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं को इस बात की खुशी हैं कि एनएमसी मान्यता पर रोक लगा रही है,जबकि भाजपा नए मेडिकल कॉलेज राज्य में खोलने के लिए लगातार काम कर रही है। अधूरी जानकारी में कांग्रेस के नेता बेबुनियाद आरोप लगाते हैं, इसे प्रदेश की जनता भलीभांति समझती है। -
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई देते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का यह कार्यकाल भारत के इतिहास में 'सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण' के स्वर्णिम युग के रूप में दर्ज हो चुका है। साल 2014 से शुरू हुई यह विकास यात्रा आज भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा रही है।
भाजपा प्रदेश महामंत्री श्री सोनी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने बुनियादी ढाँचे के क्षेत्र में क्रांतिकारी प्रगति देखी है। आज देश के गाँवों तक पक्की सड़कें, 24 घंटे बिजली और डिजिटल कनेक्टिविटी पहुँच चुकी है। 'डिजिटल इंडिया' अभियान ने देश के अन्तिम व्यक्ति को बैंकिंग और सरकारी सेवाओं से सीधे जोड़ा है, जिससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है और पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है। आयुष्मान भारत योजना के तहत करोड़ों गरीबों को मुफ्त इलाज, पीएम आवास योजना से पक्के मकान और जल जीवन मिशन के जरिए हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुँचाना मोदी सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। मोदी सरकार की नीतियां केवल कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनका सीधा लाभ धरातल पर जनता को मिल रहा है। आने वाले समय में यह विकास यात्रा भारत को एक पूर्ण 'विकसित राष्ट्र' बनाने के संकल्प को सिद्ध करेगी। श्री सोनी ने कहा कि आज अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की आवाज को सम्मान से सुना जाता है। पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत न केवल आत्मनिर्भर बना है, बल्कि वैश्विक संकटों में एक संकटमोचक की भूमिका निभा रहा है। -
निगम आयुक्त एवं जिला पंचायत सीईओ पहुंचे घटना स्थल लिया जायजा : स्थिति सामान्य, कोई जनहानि नहीं
रायपुर। एमजी रोड स्थित जया आटोमोबाइल्स में आज सुबह आग लग गई। सूचना मिलते ही दमकल और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और त्वरित कार्रवाई कर आग पर काबू पा लिया गया।
नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा एवं जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि समय रहते आग पर नियंत्रण पा लिया गया है और अब स्थिति पूरी तरह सामान्य है।
बचाव कार्य में एडीएम श्री उमाशंकर बंदे, अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर, एसडीएम श्री नंद कुमार चौबे, जिला सेनानी नगर सेना श्री पुष्पराज सिंह, अतिरिक्त तहसीलदार श्री राकेश देवांगन एवं नायब तहसीलदार श्री सौरभ कश्यप सहित संबंधित अधिकारी भी सक्रिय थे। - भिलाईनगर । नेहरू नगर पश्चिम स्थित एक सूने मकान में लाखों रुपये की चोरी के मामले का दुर्ग पुलिस ने खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह के छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी गए सोने-चांदी के आभूषण, नगदी रकम, वाहन, मोबाइल फोन तथा वारदात में इस्तेमाल किए गए औजार बरामद किए हैं।पुलिस के अनुसार नेहरू नगर पश्चिम निवासी विनय कुमार अग्रवाल ने थाना सुपेला में शिकायत दर्ज कराई थी कि 4 मई 2026 को वे अपने परिवार के साथ घर में ताला लगाकर एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। अगले दिन लौटने पर मकान का मुख्य ताला और अलमारी के लॉक टूटे मिले। अज्ञात चोर घर से सोना, हीरा, चांदी के आभूषण तथा करीब 3.40 लाख रुपये नकद चोरी कर ले गए थे।मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना सुपेला पुलिस ने विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की। घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए तथा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी हारिम और मोहम्मद नासिर हुसैन अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर सूने मकानों की रेकी करते थे और मौका मिलते ही चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि चोरी के आभूषणों को मेरठ के एक ज्वेलर्स को बेच दिया गया था तथा प्राप्त रकम को आपस में बांट लिया गया था। इसके बाद पुलिस टीम ने उत्तर प्रदेश और दिल्ली सहित विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तार आरोपीहारिम, निवासी मेरठ (उत्तर प्रदेश)मोहम्मद नासिर हुसैन, निवासी नई दिल्लीमोहम्मद कासिम, निवासी मेरठ (उत्तर प्रदेश)सलीम, निवासी मेरठ (उत्तर प्रदेश)मोहम्मद बिलाल, निवासी मेरठ (उत्तर प्रदेश)दिन मोहम्मद, निवासी मेरठ (उत्तर प्रदेश)पुलिस ने किया यह सामान बरामदचोरी के सोने, हीरे और चांदी के आभूषणनगदी रकमजुपिटर वाहनसेल्टोस कारमोबाइल फोनताला तोड़ने के औजारअन्य दस्तावेज एवं साक्ष्य सामग्रीरेकी कर बनाते थे निशानापुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी पहले सूने मकानों की रेकी करते थे और परिवार के बाहर जाने की जानकारी मिलने पर चोरी की योजना बनाते थे। इसके बाद सुनियोजित तरीके से ताला तोड़कर नकदी और कीमती सामान लेकर फरार हो जाते थे।सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस मामले में अन्य संभावित वारदातों और आरोपियों की संलिप्तता की भी जांच कर रही है।दुर्ग पुलिस की अपीलदुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि घर को लंबे समय तक खाली छोड़ने की स्थिति में पड़ोसियों या विश्वसनीय व्यक्तियों को इसकी जानकारी दें, सीसीटीवी और सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि संपत्ति संबंधी अपराधों में शामिल आरोपियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।
- -स्वस्थ छत्तीसगढ़ परामर्श में विशेषज्ञों ने सुझाए ठोस कदम; स्वास्थ्य तंत्र सुदृढ़ीकरण, मानव संसाधन और तकनीक आधारित सेवाओं को मिलेगी नई गतिरायपुर । छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी, सुलभ और जनकेंद्रित बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने नई पहल शुरू की है। इसी कड़ी में गुरुवार को स्वास्थ्य भवन, नवा रायपुर में आयोजित ‘स्वस्थ छत्तीसगढ़ परामर्श’ में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने राज्य की स्वास्थ्य चुनौतियों और संभावनाओं पर मंथन किया। बैठक में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी, दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर पहुंच, स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को प्रमुख प्राथमिकताओं के रूप में चिन्हित किया गया।बैठक की अध्यक्षता स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया ने की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। इसके लिए स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को और मजबूत बनाने तथा सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार पर काम किया जा रहा है। इस दौरान आयुक्त सह संचालक स्वास्थ्य सेवाएं श्री संजीव कुमार झा भी उपस्थित थे।बैठक में विशेषज्ञों ने बताया कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में और कमी लाने के लिए गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान, नियमित जांच, सुरक्षित प्रसव और प्रभावी रेफरल व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है। विशेष रूप से दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उपायों पर चर्चा की गई।सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों के पास बर्थ वेटिंग होम स्थापित करने, आपातकालीन परिवहन सेवाओं को और मजबूत करने तथा प्रसूति सेवाओं से जुड़े स्वास्थ्यकर्मियों के कौशल विकास पर भी जोर दिया गया।बाल स्वास्थ्य से जुड़े सत्रों में नवजात मृत्यु, निमोनिया, डायरिया और कुपोषण जैसी चुनौतियों पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने जन्म के तुरंत बाद स्तनपान, नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल और समुदाय स्तर पर स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने को महत्वपूर्ण बताया।बैठक में यह भी बताया गया कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए आंकड़ों और तकनीक का बेहतर उपयोग किया जाना चाहिए। स्वास्थ्य योजनाओं की निगरानी, संसाधनों के प्रभावी उपयोग और जरूरत के अनुसार सेवाओं के विस्तार के लिए डेटा आधारित निर्णयों पर जोर दिया गया। दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए भर्ती, प्रशिक्षण और स्वास्थ्यकर्मियों को लंबे समय तक सेवाएं देने के लिए प्रोत्साहन संबंधी उपायों पर भी चर्चा हुई।बैठक के दौरान मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान की उपलब्धियों को भी साझा किया गया। बताया गया कि व्यापक स्वास्थ्य जांच, गांव-गांव तक पहुंच और तकनीक के उपयोग से बस्तर क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में सकारात्मक परिणाम मिले हैं।डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी व्यापक चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने ई-संजीवनी, डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड, ABHA आधारित सेवाओं और ऑनलाइन रेफरल व्यवस्था के विस्तार को भविष्य की महत्वपूर्ण आवश्यकता बताया। इससे मरीजों को बेहतर और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।परामर्श के अंत में स्वास्थ्य क्षेत्र की प्रमुख प्राथमिकताओं पर व्यापक सहमति बनी। विशेषज्ञों ने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार, स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने, मानव संसाधनों को मजबूत करने और डिजिटल तकनीकों के अधिक उपयोग से छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल कर सकता है। बैठक से प्राप्त सुझावों के आधार पर राज्य के लिए एक सशक्त स्वास्थ्य रोडमैप तैयार किया जाएगा, जो बेहतर स्वास्थ्य संकेतकों और सभी नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में मार्गदर्शक बनेगा।
- बासीन ग्राम में मनरेगा का असर: 99% पौधे जीवित, किसानों के लिए नई उम्मीदरायपुर / महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत नारायणपुर जिले के ओरछा जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत कुंदला के आश्रित ग्राम बासीन में किसानों की आय बढ़ाने और हरित विकास को बढ़ावा देने की एक उल्लेखनीय पहल सामने आई है। यहां किसानों के खेतों में लगाए गए फलदार वृक्षों में लगभग 99 प्रतिशत पौधे जीवित एवं स्वस्थ पाए गए हैं, जो योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का सफल उदाहरण बनकर उभरा है। मनरेगा के अंतर्गत स्वीकृत नर्सरी में उद्यान विभाग द्वारा उच्च गुणवत्ता वाले ग्राफ्टेड आम के पौधे तैयार किए गए और वित्तीय वर्ष 2025-26 में चयनित किसानों के खेतों में उनका रोपण कराया गया। इस पहल का उद्देश्य किसानों को दीर्घकालिक आर्थिक लाभ उपलब्ध कराना, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना और ग्रामीण क्षेत्रों में फलदार वृक्षों का विस्तार करना है। योजना के तहत केवल पौधारोपण ही नहीं, बल्कि पौधों के संरक्षण और संवर्धन के लिए एक वर्ष तक रखरखाव की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई। साथ ही उद्यान विभाग द्वारा किसानों को सामूहिक फेंसिंग (बाड़बंदी) का लाभ दिया गया, जिससे पौधों को नुकसान से बचाया जा सका। किसानों ने भी सिंचाई और देखभाल में सक्रिय भूमिका निभाई। हाल ही में किए गए क्षेत्रीय निरीक्षण में लगाए गए पौधों की 99 प्रतिशत जीवितता दर दर्ज की गई, जो किसानों की भागीदारी, विभागीय समन्वय और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन का परिणाम माना जा रहा है। इस पहल से आने वाले वर्षों में किसानों को आम उत्पादन के माध्यम से अतिरिक्त आय प्राप्त होगी, वहीं क्षेत्र में हरित आवरण बढ़ने से पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी। ग्राम बासीन का यह मॉडल अब अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है। “रोजगार के साथ हरियाली और आय वृद्धि” की अवधारणा को साकार करती यह पहल ग्रामीण विकास का एक सफल मॉडल बनकर उभर रहा है।
- -राजस्व मंत्री का कड़ा रुख : 15 अगस्त तक पूरा करें नगरीय पट्टा वितरण सर्वे-3 साल से जमे तहसीलदारों व पटवारियों की सूची तलबरायपुर / राजस्व एवं आपदा प्रबंधन तथा पुनर्वास मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने आज अपने निवास कार्यालय में विभाग के आला अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में आम जनता को राहत देने और शासकीय योजनाओं में तेजी लाने के लिए मंत्री श्री वर्मा ने कड़े तेवर दिखाते हुए कई बड़े फैसले किए। इस बैठक में सचिव सुश्री शम्मी आबिदी, संचालक श्री विनीत नंदनवार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। जमीन संबंधी रिकॉर्ड में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या साइबर खतरे को रोकने के लिए सरकार अब सख्त कदम उठाने जा रही है। बैठक में मंत्री श्री वर्मा ने डिजिटल भू-अभिलेखों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के लिए एक अभेद्य कार्ययोजना तैयार करने की बात कही, जिससे जनता का डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहे। राजस्व विभाग के समस्त अधिकारी-कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को ट्रैक करने के लिए EHRMS(इलेक्ट्रॉनिक ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम) पोर्टल बनाया जाएगा। इस पोर्टल पर उनकी पदस्थापना, अवकाश, विभागीय जांच, गोपनीय प्रतिवेदन और अचल संपत्ति की पूरी जानकारी हर वक्त अपडेट रहेगी।राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता लाने के लिए मंत्री श्री वर्मा ने प्रदेश भर के जिलों में 3 वर्ष या उससे अधिक समय से एक ही स्थान पर पदस्थ तहसीलदार, नायब तहसीलदार, अधीक्षक/सहायक अधीक्षक (भू-अभिलेख) और राजस्व निरीक्षकों की सूची तलब की है. इसके साथ ही, एक ही हल्का में 3 साल से ज्यादा समय से जमे पटवारियों का भी पूरा ब्यौरा तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। नगरीय क्षेत्रों में रहने वाले गरीब और पात्र हितग्राहियों को पट्टा देने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने समय-सीमा तय कर दी है। उन्होंने कड़े निर्देश दिए हैं कि नगरीय क्षेत्रों में पात्र हितग्राहियों को पट्टा वितरण करने हेतु सभी आवश्यक सर्वे कार्य आगामी 15 अगस्त तक अनिवार्य रूप से पूरे कर लिए जाएं, ताकि समय पर उन्हें मालिकाना हक मिल सके।बैठक में राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने शासकीय जमीनों के प्रबंधन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन शासकीय भूमियों की लीज समाप्त हो चुकी है, तत्काल नवीनीकरण की प्रकिया हेतु संबंधित को सूचित किया जाए। इसके साथ ही, शासन द्वारा लीज पर दी गई जमीनों की समीक्षा कर नियमों के तहत उचित शुल्क निर्धारण करने को कहा गया, जिससे राज्य के राजस्व में वृद्धि होगी। इसके साथ ही एजेंडे में जमीन आबंटन, आकाशीय बिजली से बचाव, रायगढ़ के घरघोड़ा में SECL भू-अर्जन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने प्रदेश में जियोरिफ्रेसिंग, डिजिटल क्रॉप सर्वे और फार्मर रजिस्ट्री के कार्यों को तेजी से निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व अदालतों एसडीएम और तहसीलदार कोर्ट में लंबित नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और त्रुटि सुधार के मामलों को जिलेवार समीक्षा कर जल्द सुलझाने को कहा। बैठक में दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना और स्वामित्व योजना के तहत कार्ड वितरण की स्थिति की भी गहन समीक्षा की गई।
- -श्रम सचिव ने मृत्यु क्लेम और निष्क्रिय खातों पर तेज कार्रवाई करने के निर्देश दिएरायपुर / केंद्रीय न्यासी बोर्ड, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन, छत्तीसगढ़ की क्षेत्रीय 27वीं बैठक आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता श्रम विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता ने की। श्री गुप्ता ने निर्देश दिए है कि मृत्यु प्रकरणों में तेजी से ईएसआईसी के साथ समन्वय कर उद्योगों में होने वाले आकस्मिक मृत्यु प्रकरणों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देकर तत्काल निपटाया जाए। सचिव ने कहा कि निष्क्रिय भविष्य निधि खातों के लाभार्थियों की पहचान कर उनका भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में प्रत्येक माह की 27 तारीख को आयोजित निधि आपके निकट कार्यक्रम में जिला कलेक्टर, ईएसआईसी सहायक श्रम आयुक्त, उप श्रम आयुक्त एवं संबंधित राज्य सरकार के विभागों को अनिवार्य रूप से सम्मिलित किया जाए।बैठक का संचालन सदस्य सचिव एवं क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त श्री जयवदन इंगले द्वारा किया गया। क्षेत्रीय भ.नि. आयुक्त श्री जयवदन इंगले ने बैठक में संगठन की व्याप्ति, न्यायालयीन प्रकरणों, प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना, कर्मचारी पंजीकरण योजना 2025, प्रयास, तत्पर, कन्वर्जेंस बैठक तथा नवीन साइट्स प्रोजेक्ट की प्रगति पर जानकारी दी। उन्होंने सभी सदस्यों से अपील की कि वे नियोक्ताओं एवं पीएफ सदस्यों को निधि आपके निकट कार्यक्रम में भाग लेकर समस्याओं का समाधान कराने हेतु प्रोत्साहित करें।उल्लेखनीय है कि कर्मचारी भविष्य निधि क्षेत्रीय समिति प्रत्येक राज्य में सांविधिक प्रावधानों के तहत गठित एक महत्वपूर्ण परामर्शदात्री समिति है। बैठक में छत्तीसगढ़ में ईपीएफ अधिनियम के अनुपालन, सामाजिक सुरक्षा लाभों के विस्तार तथा कार्यालय की उपलब्धियों एवं चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा हुई।बैठक में उप केंद्रीय श्रमायुक्त श्री बिधान चंद्र नायक, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के उप निदेशक श्री एन.के. पटनायक एवं श्री रत्नेश राजन्या उपस्थित रहे। नियोक्ता पक्ष से छ.ग. उद्योग महासंघ के अध्यक्ष श्री महेश कक्कड़ और उरला इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री अश्विन गर्ग सम्मिलित हुए। कर्मचारी प्रतिनिधि के रूप में श्री राधेश्याम जायसवाल, श्री ईश्वर चंदेल, श्री शंख ध्वनि सिंह एवं श्री एच.एस. मिश्रा ने भाग लिया। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर की ओर से क्षेत्रीय भ.नि. आयुक्त- श्री जयवदन इंगले, क्षेत्रीय भ.नि. आयुक्त श्री गौरव डोगरा एवं श्री देबाशीष चांद तथा सहायक भ.नि. आयुक्त श्री आकाश अग्रवाल उपस्थित थे। पॉवर प्वाइंट प्रस्तुति श्री गौरव डोगरा ने दी।
- रायपुर / राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज लोकभवन में छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी के महानिदेशक श्री सुब्रत साहू के नेतृत्व में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के परिवीक्षाधीन अधिकारियों ने सौजन्य भेंट की।राज्यपाल श्री डेका ने परिवीक्षाधीन अधिकारियों को उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी और कहा कि अपना कर्तव्य भली-भांति निभाते हुए देश और समाज की सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहें और मानवीय संवेदनाओं के साथ कार्य करें। आम आदमी को न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर वर्ग के कल्याण को प्राथमिकता दें साथ ही अपने अधीनस्थों के प्रति भी संवेदनशील रहें।इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, संचालक छत्तीसगढ प्रशासनिक अकादमी श्री टी सी महावर, प्रशिक्षण निदेशक श्री प्रणव सिंह सहित परिवीक्षाधीन आईएएस अधिकारी श्री गोकुल आर. के., श्री वदथ्यवथ यशवंत नाइक एवं श्री इशांत जायसवाल उपस्थित थे।
- -श्री साव के बस्तर प्रवास के दौरान ग्रामीणों ने की थी शिकायत, अधिकारियों पर जताई थी नाराजगीरायपुर। जल जीवन मिशन के तहत संचालित नल जल योजनाओं से पानी नहीं मिलने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री अरुण साव के निर्देश पर विभाग ने कोंडागांव और दंतेवाड़ा के कार्यपालन अभियंताओं से स्पष्टीकरण मांगा है। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के हाल ही में बस्तर प्रवास के दौरान कोंडागांव जिले के ग्राम बेड़मा तथा दंतेवाड़ा जिले के टेकनार में जल अर्पण कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री से ग्रामीणों ने पानी नहीं आने की शिकायत की थी। इस पर श्री साव ने अधिकारियों पर नाराजगी जताते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए थे।लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता श्री के.के. मरकाम ने कोडांगांव के कार्यपालन अभियंता श्री वीरेन्द्र पाण्डेय से स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के लिए जारी नोटिस में कहा है कि विगत 5 जून को ग्राम बेड़मा, विकासखण्ड केशकाल, जिला कोण्डागांव में उप मुख्यमंत्री तथा विभागीय मंत्री श्री अरुण साव के प्रवास के दौरान जल जीवन मिशन के अंतर्गत जल अर्पण समारोह का आयोजन किया गया था। समारोह के दौरान उप मुख्यमंत्री द्वारा गांववालों से नवनिर्मित योजना के संचालन-संधारण के संबंध में चर्चा के दौरान ग्रामवासियों ने शिकायत की थी कि योजना के सुचारू रूप से कार्यरत नहीं होने के कारण नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है एवं योजना का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है।विभाग ने ग्रीष्म ऋतु के दौरान नवनिर्मित योजना से जलापूर्ति नहीं होने की शिकायत को गंभीर मानते हुए कार्यपालन अभियंता को शासकीय कार्यों के प्रति घोर लापरवाही बरतने व गुणवत्तापरक कार्य संपादन नहीं होना माना है। कार्यपालन अभियंता की कार्यप्रणाली से तत्समय अप्रिय एवं असहज़ स्थिति निर्मित हुई, जिससे विभाग की छवि पर विपरीत प्रभाव पड़ा है।प्रमुख अभियंता ने दंतेवाड़ा के कार्यपालन अभियंता श्री एस.पी. मण्डावी को भी स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के लिए जारी नोटिस में कहा है कि विगत 7 जून को दंतेवाड़ा जिले के ग्राम टेकनार में उप मुख्यमंत्री के प्रवास के दौरान आयोजित जल अर्पण समारोह में उप मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित नल जल योजना के संचालन-संधारण के संबंध में ग्रामीणों से चर्चा की थी। इस दौरान ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि योजना के सुचारू रूप कार्यरत नहीं होने के कारण गांव के एक मोहल्ले के कुछ घरों में जलापूर्ति नहीं हो रही है जिससे मोहल्लेवासियों को योजना का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। प्रमुख अभियंता ने नोटिस में कहा है कि ग्रीष्म ऋतु के दौरान नवनिर्मित योजना से समग्र रूप से तकनीकी रूपांकन अनुसार जलापूर्ति नहीं होना कार्यों के तकनीकी मापदण्ड अनुसार क्रियान्वयन नहीं किया जाना दर्शाता है। कार्यपालन अभियंता की कार्यप्रणाली से तत्समय अप्रिय एवं असहज स्थिति निर्मित हुई, जिससे विभाग की छवि पर विपरीत प्रभाव पड़ा है।लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने दोनों कार्यपालन अभियंताओं से 7 दिनों में अपना स्पष्टीकरण उचित माध्यम से प्रमुख अभियंता कार्यालय को प्रेषित करना सुनिश्चित करने को कहा है। स्पष्टीकरण विलंब से या प्राप्त नहीं होने की स्थिति में या समाधान कारक न होने पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी जिसके लिए वे स्वयं उत्तरदायी होंगे।
- रायपुर । छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, भारत के संविधान के अनुच्छेद 243-क के खंड (2) के तहत प्रदत्त शक्तियों तथा छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयुक्त (सेवा शर्ते) नियम, 2002 के नियम 5 के द्वितीय परंतुक के प्रावधानों के अंतर्गत राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह (सेवानिवृत्त आईएएस, 1983 बैच) की सेवा अवधि में वृद्धि की गई है। श्री सिंह को विभागीय अधिसूचना 01 जून 2024 के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग में राज्य निर्वाचन आयुक्त नियुक्त किया गया था। आगामी निर्वाचन को दृष्टिगत रखते हुए उनकी सेवा अवधि फरवरी 2027 तक अथवा राज्य निर्वाचन आयुक्त के पद पर नियमित पदस्थापना होने तक, जो भी पहले हो, के लिए बढ़ाई गई है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 11 जून 2026 को आदेश जारी किया गया है।
- -घर के समीप मिली परिवहन विभाग की सुविधा, समय और धन दोनों की हुई बचत-सुशासन तिहार के माध्यम से आम नागरिकों तक पहुंच रही शासकीय सेवाएंरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आयोजित सुशासन तिहार 2026 शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं को आम नागरिकों तक सरल, सुगम और प्रभावी ढंग से पहुंचाने का सशक्त माध्यम बन रहा है।राजनांदगांव जिले में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों के माध्यम से विभिन्न विभागों की सेवाएं नागरिकों को उनके घर के समीप उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे लोगों को त्वरित लाभ मिल रहा है। इसी क्रम में राजनांदगांव शहर के मोहड़ वार्ड निवासी श्री घनश्याम दास साहू को जनसमस्या निवारण शिविर के माध्यम से नि:शुल्क लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस की सुविधा प्राप्त हुई।श्री घनश्याम दास साहू ने बताया कि वे मोहड़ स्कूल परिसर में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी प्राप्त करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्हें परिवहन विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की जानकारी मिली। उन्होंने वहीं पर लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। आवेदन प्राप्त होने के बाद संबंधित अधिकारियों द्वारा आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए उनका नि:शुल्क लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस तत्काल जारी कर दिया गया। श्री साहू ने बताया कि सामान्य परिस्थितियों में लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए परिवहन विभाग के जिला कार्यालय जाना पड़ता, जिसमें समय और अतिरिक्त खर्च दोनों लगते। लेकिन सुशासन तिहार के अंतर्गत मोहड़ वार्ड में आयोजित शिविर के माध्यम से यह सुविधा उन्हें स्थानीय स्तर पर ही प्राप्त हो गई। इससे न केवल उनके समय की बचत हुई, बल्कि अनावश्यक आवागमन एवं खर्च से भी राहत मिली। उन्होंने कहा कि एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध होने से उनका कार्य शीघ्रता एवं सहजता से पूर्ण हो गया। श्री घनश्याम दास साहू ने कहा कि शासन की यह पहल आम नागरिकों के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हो रही है। सुशासन तिहार के माध्यम से लोगों को विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ आसानी से मिल रहा है और छोटे-छोटे कार्यों के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है। उन्होंने कहा कि जनसमस्या निवारण शिविरों के माध्यम से प्रशासन जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान कर रहा है, जिससे शासन-प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।श्री घनश्याम दास साहू ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तथा जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन तिहार जैसी पहल से आम नागरिकों को बड़ी राहत मिल रही है तथा शासकीय सेवाएं सहज, सरल और पारदर्शी तरीके से लोगों तक पहुंच रही हैं। सुशासन तिहार के माध्यम से शासन की मंशा के अनुरूप अंतिम व्यक्ति तक सेवाओं और सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित हो रही है।
- -308 करोड़ की लागत से बन रहा केशकाल घाट बायपास, उप मुख्यमंत्री श्री साव ने 5 जून को रुट का निरीक्षण कर कार्यों में तेजी लाने के दिए थे निर्देशरायपुर । उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बस्तर दौरे के दौरान अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए थे। उन्होंने केशकाल बायपास के कार्यों में तेजी लाने को लेकर अधिकारियों को तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए थे। उनके निर्देश पर लोक निर्माण विभाग ने त्वरित कार्यवाही करते हुए आज राष्ट्रीय राजमार्ग-30 रायपुर-जगदलपुर मार्ग पर बहुप्रतीक्षित केशकाल घाट फोरलेन बायपास रुट के निर्माण के लिए चयनित निर्माण एजेंसी को कार्यादेश जारी कर दिया है। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने अपने बस्तर प्रवास के दौरान 5 जून को विभागीय अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के साथ बायपास के दोनों छोरों का निरीक्षण कर इसके काम में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। उनके निरीक्षण के बाद विभाग ने आवश्यक कार्यवाहियां तेजी से पूर्ण कर आज निर्माण एजेंसी को कार्यादेश जारी कर दिया है।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने अधिकारियों और निर्माण एजेंसी से निर्माण सामग्री एवं निर्माण की पूर्ण गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए समय-सीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि बस्तर और छत्तीसगढ़ के लिए यह बायपास अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसका तेजी से निर्माण कर आवाजाही शुरू करना सरकार की प्राथमिकता में है।11.38 किमी का है बायपास, 2 वृहद और 2 मध्यम पुल भी बनेंगेलोक निर्माण विभाग दवारा 308 करोड़ रुपए की लागत से 11.38 किमी लंबे केशकाल घाट बायपास का निर्माण किया जा रहा है। इस बायपास में दो वृहद और दो मध्यम पुल भी बनाए जाएंगे।
- -फाफाडीह शराब दुकान में अनियमितता मिलने पर कार्रवाई-विक्रेता के खिलाफ भी आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्जरायपुर / राजधानी रायपुर की फाफाडीह स्थित विदेशी मदिरा दुकान में निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर शराब बिक्री का मामला पकड़ में आने पर विक्रेता के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है, और संबंधित क्षेत्र के आबकारी उप निरीक्षक कौशल किशोर सोनी को कर्तव्य में लापरवाही एवं उदासीनता बरतने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।राज्य स्तरीय उड़नदस्ता दल द्वारा किए गए आकस्मिक निरीक्षण के दौरान फाफाडीह विदेशी मदिरा दुकान में कार्यरत विक्रेता अश्वन कुमार मेरिया द्वारा दो पाव ऑल सीजन गोल्डन कलेक्शन रिजर्व व्हिस्की निर्धारित मूल्य 240 रुपये प्रति पाव की दर से 480 रुपये के स्थान पर 500 रूपए में बेची जा रही है। इस प्रकार उपभोक्ता से कुल 20 रुपये अधिक वसूले जाने की पुष्टि हुई। इसी आधार पर आबकारी आयुक्त, छत्तीसगढ़ द्वारा आबकारी उपनिरीक्षक कौशल किशोर सोनी को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय उप आयुक्त आबकारी, संभागीय उड़नदस्ता रायपुर रहेगा। इस मामले में मदिरा दुकान में कार्यरत विक्रयकर्ता के विरूद्ध अधिक दर पर मदिरा विक्रय का प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।
- -गंडई शराब दुकान में ओवररेटिंग मामले में कार्रवाईरायपुर / खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के गंडई स्थित कम्पोजिट मदिरा दुकान में शासन द्वारा निर्धारित दर से अधिक कीमत पर शराब बिक्री का मामला सामने आने के बाद आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। आबकारी आयुक्त ने गंडई वृत्त प्रभारी आबकारी उप निरीक्षक प्रभाकर सिरमौर को कर्तव्य में लापरवाही, उदासीनता और कमजोर निगरानी के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मामले में शराब विक्रेता के खिलाफ भी आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।कार्यालय आबकारी आयुक्त द्वारा जारी आदेश के अनुसार राज्य स्तरीय उड़नदस्ता की संयुक्त टीम ने गंडई शराब दुकान का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान छद्म ग्राहक के माध्यम से शराब की बिक्री दर का सत्यापन कराया गया। जांच में पाया गया कि दुकान में कार्यरत विक्रेता वेदप्रकाश निर्मलकर ने तीन पाव देशी मदिरा प्लेन, जिसकी निर्धारित कीमत 240 रुपये थी, उसे 250 रुपये में बेच दिया। यानी ग्राहक से 10 रुपये अधिक वसूले गए। इस अनियमितता को गंभीर मानते हुए विक्रयकर्ता वेदप्रकाश निर्मलकर के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 39 (ग) के तहत अधिक दर पर मदिरा विक्रय का प्रकरण दर्ज किया गया है।
- -नीति आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रखा विकसित छत्तीसगढ़ का विजन-बस्तर में आमदनी दोगुनी करने का बड़ा संकल्प: तीन साल में हर परिवार की आय 30 हजार रुपये प्रतिमाह तक पहुंचाने का लक्ष्यरायपुर । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 11वीं बैठक में नक्सलवाद से मुक्त बस्तर की नई तस्वीर देश के सामने रखी। उन्होंने कहा कि दशकों तक हिंसा की मार झेलने वाला बस्तर अब आर्थिक पुनरुत्थान, रोजगार, शिक्षा, पर्यटन और कृषि आधारित विकास का मॉडल बनेगा।मुख्यमंत्री ने बैठक में बस्तर के आदिवासी परिवारों की आय दोगुनी करने, दुग्ध क्रांति लाने, 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने, पर्यटन को बड़े उद्योग के रूप में विकसित करने तथा एआई और सेमीकंडक्टर जैसे आधुनिक क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने की व्यापक कार्ययोजना प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 के विजन के अनुरूप छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस बैठक में केंद्रीय मंत्री, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल, नीति आयोग के उपाध्यक्ष, सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर अब नई पहचान की ओर बढ़ रहा है। वहां दूध उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है, खेतों तक पानी पहुंचाने की योजनाएं बनाई जा रही हैं, गांवों में डिजिटल स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंच रही हैं और युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।उन्होंने बताया कि अगले तीन वर्षों में बस्तर के परिवारों की मासिक आय बढ़ाकर 30 हजार रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में बस्तर के लगभग 85 प्रतिशत परिवारों की मासिक आय 15 हजार रुपये से कम है। सरकार खेती, पशुपालन, वन उपज, छोटे उद्योग और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने पर काम कर रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में “डेयरी मॉडल” को तेजी से लागू किया जा रहा है। इसके तहत आदिवासी परिवारों को दुधारू गाय और भैंस उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। इसका उद्देश्य गांवों में स्थायी आय का स्रोत तैयार करना है। इस पहल से महिलाओं और युवाओं को रोजगार मिलेगा तथा गांवों में डेयरी केंद्र, दूध संग्रहण, परिवहन और स्थानीय बाजार जैसी नई आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।उन्होंने बताया कि सिंचाई सुविधा बढ़ाने के लिए 2,000 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले दो बड़े प्रोजेक्ट शुरू किए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं से 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इंद्रावती नदी क्षेत्र में सालभर पानी उपलब्ध होने से खेती बेहतर होगी, उत्पादन बढ़ेगा और किसान धान के साथ-साथ सब्जियां, फल तथा अन्य नकदी फसलें भी उगा सकेंगे।मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए लगभग 36 लाख लोगों की डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार की जा रही है। इससे मरीजों के इलाज, बीमारी और दवाओं का रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा तथा डॉक्टरों को समय पर सही जानकारी मिल सकेगी। इसका सबसे अधिक लाभ ग्रामीण क्षेत्रों, महिलाओं और बुजुर्गों को मिलेगा।उन्होंने बताया कि बस्तर में बने लगभग 200 सुरक्षा शिविरों को अब “सेवा डेरा” के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को राशन, पेंशन, आयुष्मान कार्ड, बैंकिंग, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित केंद्र एवं राज्य सरकार की 371 योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चित्रकोट और बौद्ध धर्म से जुड़े तीर्थस्थल सिरपुर को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित कर रही है। बस्तर में वॉटर स्पोर्ट्स, एडवेंचर स्पोर्ट्स और जंगल सफारी जैसी गतिविधियों का विस्तार किया जा रहा है, जबकि सिरपुर में ग्लोबल मेडिटेशन सेंटर, संग्रहालय और महानदी तट के विकास पर कार्य जारी है।उन्होंने कहा कि पर्यटन रोजगार का बड़ा माध्यम बन सकता है। पर्यटकों के आने से होटल, परिवहन, गाइड, हस्तशिल्प, दुकानदारों और स्थानीय उद्यमियों को रोजगार मिलता है। बस्तर को वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने से हजारों युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार निवेश, सुशासन और तकनीक आधारित विकास को तेजी से आगे बढ़ा रही है। राज्य में 435 सुधार लागू किए गए हैं और सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत बनाकर निवेश के लिए बेहतर वातावरण तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में सेमीकंडक्टर क्षेत्र की दो आधुनिक इकाइयां स्थापित की जा रही हैं।उन्होंने कहा कि बस्तर में शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और डिजिटल तकनीक के जरिए विकास का नया मॉडल तैयार किया जा रहा है। अबूझमाड़ और जगरगुंडा में 100 करोड़ रुपये की लागत से एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है। इसके साथ ही 341 पीएमश्री स्कूल, 5,857 स्मार्ट क्लासरूम और 16 स्थानीय भाषाओं में द्विभाषी पुस्तकों के माध्यम से बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।मुख्यमंत्री ने बताया कि एग्रीस्टैक योजना के तहत 33 लाख से अधिक किसानों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ा गया है। डिजिटल द्वार प्लेटफॉर्म और अटल मॉनिटरिंग पोर्टल के माध्यम से सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी और सरल बनाया गया है।उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए सरकार ने एआई मिशन, पर्यटन मिशन, खेल मिशन, अधोसंरचना मिशन और स्टार्टअप-निपुण मिशन शुरू किए हैं। इन मिशनों से युवाओं को रोजगार, तकनीक और उद्यमिता के नए अवसर मिलेंगे तथा छत्तीसगढ़ को नवाचार और निवेश के अग्रणी राज्यों में शामिल किया जाएगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के तहत छत्तीसगढ़ में उद्योग, निवेश और निर्यात को नई गति मिली है। खेल सामग्री, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, बायो-एथेनॉल, गारमेंट और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिए ग्रीन इंडस्ट्रीज को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ओडीओपी) योजना से राज्य के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार मिल रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में फरवरी 2026 तक 761.76 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ, जिसमें खुशबूदार चावल का सबसे बड़ा योगदान रहा। इससे किसानों, कारीगरों और उद्यमियों की आय में वृद्धि हो रही है।



























