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- -खिलाड़ियों को उत्कृष्ट सुविधाएं देने में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, कार्यों में तेजी लाकर 15 दिनों में दें प्रगति रिपोर्ट - श्री अरुण साव-खेल प्रशिक्षण केंद्र का औचक निरीक्षण कर अधिकारियों को दिए विस्तृत दिशा-निर्देशरायपुर ।उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने बुधवार को बिलासपुर में स्वर्गीय बी.आर. यादव राज्य खेल प्रशिक्षण केन्द्र बहतराई का औचक निरीक्षण कर निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की धीमी प्रगति पर अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों के प्रति कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निरीक्षण के दौरान कार्यों को जल्दी पूरा करने, सुविधाएं बढ़ाने तथा प्रशिक्षण केंद्र की अधोसरंचना को मजबूत करने जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने निरीक्षण के दौरान मैपलवुड फ्लोरिंग, तीरंदाजी मैदान, हॉकी गैलरी एवं फ्लड लाइट, कबड्डी इण्डोर व आउटडोर मैदान, एच.व्ही.ए.सी. कार्य तथा आउटडोर स्टेडियम के कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से हॉस्टल के रखरखाव की जानकारी लेते हुए नाराजगी व्यक्त की कि जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से राशि उपलब्ध होने के बावजूद आवश्यक मेंटेनेंस कार्य समय पर नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि संसाधनों की उपलब्धता के बाद भी काम में देरी स्वीकार्य नहीं है।उप मुख्यमंत्री ने कार्यों की धीमी गति पर नाखुशी जाहिर करते हुए अधिकारियों से कहा कि बिलासपुर प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा मुख्यालय है। यहां खिलाड़ियों की सुविधा बढ़ाने किए जा रहे कार्यों की गति बहुत धीमी है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के उप अभियंता, एसडीओ, कार्यपालन अभियंता एवं अन्य अधिकारियों को बेहतर समन्वय के साथ सभी कार्यों में तेजी लाते हुए इन्हें योजनाबद्ध तरीके से शीघ्र पूर्ण करने को कहा। उन्होंने संयुक्त बैठक कर लंबित कार्यों को जल्दी पूरा करने की कार्ययोजना बनाने तथा 15 दिनों के भीतर सभी निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की वस्तुस्थिति के बारे में उप मुख्यमंत्री कार्यालय आकर प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश कार्यपालन अभियंता श्री बी.बी.एस. गौतम को दिए।श्री साव ने इण्डोर स्टेडियम में मैपलवुड फ्लोरिंग के लिए वर्ष 2017 में कार्यादेश जारी होने के बावजूद इसके अब तक अधूरे रहने पर लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता, अनुविभागीय अधिकारी तथा उप अभियंता पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए शीघ्र कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय तक कार्यों का लंबित रहना गंभीर विषय है। सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं और उनकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने इण्डोर स्टेडियम में एच.व्ही.ए.सी. कार्य के लिए अतिरिक्त राशि की जरूरत पर लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को प्राक्कलन तैयार करने के पहले स्थल का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने एच.व्ही.ए.सी. कार्य तेजी से पूर्ण करने तथा डक्टिंग की पूर्ण रूप से सफाई करने को कहा। उन्होंने एस.ई.सी.एल. द्वारा दो करोड़ की लागत से बनाए जा रहे तीरंदाजी मैदान के निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा के दौरान इसका निर्माण आगामी जुलाई तक पूर्ण कराने के निर्देश खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सहायक संचालक श्री ए. एक्का को दिए। उन्होंने आउटडोर स्टेडियम में स्थापित हाई मास्ट लाइट के तत्काल मरम्मत के भी निर्देश दिए।श्री साव ने निर्माणाधीन कबड्डी इण्डोर एवं आउटडोर मैदान की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति के लिए लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता को प्रमुख अभियंता कार्यालय में स्वयं उपस्थित होकर जानकारी प्रस्तुत करने तथा मंत्रालय से समन्वय कर पुनरीक्षित स्वीकृति प्राप्त करने को कहा। उन्होंने लोक निर्माण विभाग तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों को संयुक्त रूप से स्टेडियम परिसर का निरीक्षण कर अन्य आवश्यक कार्यों के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने हॉकी मैदान में बन रहे पैवेलियन में अधिकारियों के लिए टॉयलेट बनाने के साथ ही दर्शकों के लिए टॉयलेट की संख्या में बढ़ोतरी के भी निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने निरीक्षण के दौरान कहा कि बहतराई खेल प्रशिक्षण केन्द्र को उत्कृष्ट खेल प्रशिक्षण केन्द्र के रूप में विकसित करने खेल एवं युवा कल्याण विभाग खेल अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण, आधुनिक सुविधाओं के विस्तार और खिलाड़ियों के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को सभी कार्यों में तेजी लाते हुए समयबद्ध ढंग से पूरा करने को कहा, ताकि खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और खेल सुविधाओं का लाभ यथाशीघ्र मिल सके। विधायक श्री सुशांत शुक्ला, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, नगर निगम के आयुक्त श्री प्रकाश कुमार सर्वे और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संदीप अग्रवाल भी श्री साव के निरीक्षण के दौरान मौजूद थे।
- रायपुर / मुख्य सचिव श्री विकासशील ने बुधवार को यहां मंत्रालय महानदी भवन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में टीवी मुक्त भारत के तहत छत्तीसगढ़ को टीवी मुक्त बनाने के लिए किए जा रहे कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम एवं प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत किए जा रहे स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की।मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत छत्तीसगढ़ में कार्य करने वाले स्वास्थ्य अधिकारियों को कहा है कि राज्य में टीबी के मरीजों की जांच के लिए व्यापक स्तर पर जांच शिविर लगाये जायें। जिसमें जांच के दौरान मिलने वाले टीबी के मरीजों का त्वरित ईलाज किया जाए। इसके लिए प्रत्येक गांव और शहरों में विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने टीबी मरीजों के जांच के लिए सभी जरूरी उपकरणों एक्स-रे मशीन एवं रेडियोग्राफरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने कहा है।श्री विकासशील ने मरीजों की शीघ्र पहचान कर ईलाज शुरू किया जाना चाहिए एवं मरीजों को स्वास्थ्य कार्यक्रमों के तहत पोषण आहार एवं पौष्टिक सामग्री हेतु निर्धारित राशि तुरंत उपलब्ध कराया जाना चाहिए। टीबी मुक्त अभियान के अंतर्गत जो गांव और ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त होती है। इसके बारे में गांव में होने वाली ग्राम सभा में लोगों को बताया जाना चाहिए। इसी तरह से प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं की घर-घर जाकर जांच की जाए। महिलाओं के बीपी, वजन, हिमोग्लोबिन इत्यादि की जांच की जाए। आवश्यकता पड़ने पर गर्भवती महिलाओं को एफआरयू में रेफर किए जाए।मुख्य सचिव ने बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बच्चों की स्क्रीनिंग की जाए। सभी आंगनबाड़ी, स्कूलों में हर बच्चें की जांच अनिवार्य रूप से की जाए। रोग युक्त पाए जाने बच्चों को बड़े अस्पतालों में ईलाज के लिए भेजा जाए। अस्पतालों में ईलाज करा रहे बच्चों की टैªकिंग की जाकर उनके स्वास्थ्य की लगातार मॉनिटरिंग कर समुचित उपचार दिया जाए। सभी शिशुओं को जरूरी टीके लगाए जाये। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अधिकारियों ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के अंतर्गत राज्य में किए जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी दी।
- -विकसित छत्तीसगढ़ एवं बस्तर अंजोर को मिला अंतरराष्ट्रीय समर्थनरायपुर / राज्य नीति आयोग, छत्तीसगढ़ के उपाध्यक्ष श्री गणेश शंकर मिश्रा से बुधवार को यूनिसेफ इंडिया के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने नीति भवन नवा रायपुर में सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व यूनिसेफ इंडिया की फील्ड सेवा प्रमुख सुश्री सोलेदाद हेरेरो ने किया। इस अवसर पर यूनिसेफ छत्तीसगढ़ फील्ड कार्यालय की प्रमुख श्रीमती सीमा कुमार एवं सामाजिक नीति प्रमुख डॉ. बाल परितोष दाश भी उपस्थित रहे।बैठक में विकसित छत्तीसगढ़ प्रगति फ्रेमवर्क, बाल कल्याण सूचकांक, बच्चों के लिए सार्वजनिक वित्त, सामुदायिक जागरूकता एवं सामाजिक व्यवहार परिवर्तन और बस्तर अंजोर कार्यक्रम पर विस्तृत चर्चा हुई।बैठक में राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री मिश्रा ने स्पष्ट किया कि विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना में बच्चे केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि राज्य के विकास की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि जब तक राज्य के प्रत्येक बच्चे को स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और संरक्षण सुनिश्चित नहीं होता, तब तक विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य अधूरा है। राज्य नीति आयोग ने विकसित छत्तीसगढ़ प्रगति फ्रेमवर्क के अंतर्गत 50 से अधिक विभागों के लिए प्रमुख प्रदर्शन संकेतक विकसित किए हैं, जिसमें बाल कल्याण को एक स्वतंत्र एवं समर्पित विषयक्षेत्र के रूप में सम्मिलित किया गया है।राज्य नीति आयोग एवं यूनिसेफ के संयुक्त प्रयास से स्थापित विकसित छत्तीसगढ़ सामाजिक नीति सहयोग इकाई (VC-SPS Unit) राज्य में साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण संस्थागत पहल है। यह इकाई विकसित छत्तीसगढ़ प्रगति फ्रेमवर्क, बाल कल्याण सूचकांक, बच्चों के लिए बजट विश्लेषण और सामाजिक संरक्षण को सुदृढ़ करने के लिए राज्य के विभागों को निरंतर तकनीकी सहयोग प्रदान करती है। बैठक में इस इकाई के कार्यों की सराहना की गई और इसे और अधिक सशक्त बनाने पर सहमति व्यक्त की गई।राज्य नीति आयोग देश में पहली बार एक राज्य-विशिष्ट बाल कल्याण मापन पद्धति एवं बाल वंचना सूचकांक विकसित करेगा। यह सूचकांक राज्य के विभागों को बच्चों तक सेवा वितरण की कमियों की पहचान करने और बाल-केंद्रित नीतियों को सुदृढ़ करने में सहायक होगा। साथ ही बच्चों के लिए बजट का एक मानक ढांचा भी तैयार किया जाएगा। यूनिसेफ प्रतिनिधिमंडल ने इस प्रस्तावित पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय स्तर पर एक अनुकरणीय मॉडल सिद्ध होगा।बैठक में बस्तर अंजोर को आदिवासी समुदायों और बच्चों के कल्याण के लिए एक अभूतपूर्व अवसर के रूप में रेखांकित किया गया। राज्य नीति आयोग द्वारा प्रवर्तित यह अभिनव समन्वय पहल बस्तर संभाग के सातों जिलों को आच्छादित करती है। 3+4 मॉडल पर आधारित यह कार्यक्रम तीन कलेक्टर नेतृत्व वाली जिला पहलों -नियद नेल्ला नार, बस्तर मुन्ने और स्वस्थ बस्तर को चार राष्ट्रीय एवं राज्य मिशनों से जोड़ता है। इस कार्यक्रम के 90 प्रतिशत से अधिक हस्तक्षेप क्षेत्र बाल स्वास्थ्य, पोषण एवं सामाजिक संरक्षण से संबंधित हैं। यूनिसेफ ने इस कार्यक्रम को संघर्ष प्रभावित क्षेत्र में विकास की रोशनी पहुँचाने का एक दुर्लभ एवं महत्वपूर्ण अवसर बताया और बस्तर अंजोर के औपचारिक लोकार्पण में मुख्य अतिथि एवं रणनीतिक भागीदार के रूप में सहभागिता की सहर्ष स्वीकृति दी।बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि सरकारी योजनाओं की सफलता केवल नीति एवं बजट से नहीं, बल्कि समुदाय के विश्वास और व्यवहार परिवर्तन से भी निर्धारित होती है। बस्तर जैसे आदिवासी एवं संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक जागरूकता और जन विश्वास का निर्माण विकास की पूर्वशर्त है।यूनिसेफ की सामाजिक व्यवहार परिवर्तन विशेषज्ञता को बस्तर अंजोर और विकसित छत्तीसगढ़ के जमीनी क्रियान्वयन से जोड़ने पर सहमति व्यक्त की गई। इसके अंतर्गत पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा और बाल संरक्षण के क्षेत्रों में समुदाय स्तर पर जागरूकता अभियान, स्थानीय नेतृत्व का सुदृढ़ीकरण और परिवारों में सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा देने की दिशा में संयुक्त प्रयास किए जाएंगे।यूनिसेफ इंडिया की फील्ड सेवा प्रमुख सुश्री सोलेदाद हेरेरो ने कहा कि यूनिसेफ वर्ष 2019 से छत्तीसगढ़ सरकार का विश्वसनीय रणनीतिक भागीदार रहा है और यह साझेदारी आगे और सुदृढ़ होगी। उन्होंने विकसित छत्तीसगढ़, बस्तर अंजोर, बाल कल्याण सूचकांक, सामुदायिक जागरूकता और बच्चों के लिए सार्वजनिक वित्त के क्षेत्रों में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय तकनीकी विशेषज्ञता के माध्यम से सहयोग विस्तार का आश्वासन दिया।बैठक के अंत में राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री मिश्रा ने यूनिसेफ की पूरी टीम के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी छत्तीसगढ़ के बच्चों के उज्जवल भविष्य और विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने की दिशा में एक सशक्त एवं प्रेरणादायी कदम है।
- -हाउसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड द्वारा जारी की गई निविदाएंरायपुर /छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल राज्य के विभिन्न शहरों में पाँच प्रमुख रिडेवलपमेंट परियोजनाओं की शुरुआत करने जा रहा है। यह पहल छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शहरी विकास, शासकीय परिसंपत्तियों के बेहतर उपयोग तथा आधुनिक नागरिक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। इन परियोजनाओं का विकास राज्य की रिडेवलपमेंट नीति के तहत किया जाएगा। इसके लिए आवास एवं पर्यावरण विभाग को नोडल विभाग तथा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल को क्रियान्वयन एजेंसी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।रिडेवलपमेंट परियोजनाओं के लिए मंडल द्वारा प्रिलिमिनरी प्रोजेक्ट रिपोर्ट (पीपीआर) एवं विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार किए गए हैं। साथ ही निजी डेवलपर्स के चयन हेतु पारदर्शी निविदा प्रक्रिया तथा परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की व्यवस्था की गई है।मंत्रिपरिषद द्वारा प्रस्तावित परियोजनाओं को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इसके पश्चात 27 मई 2026 को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पाँचों परियोजनाओं के अंतिम स्वरूप पर विस्तृत चर्चा कर उन्हें अनुमोदित किया गया।प्रस्तावित परियोजनाओं का कुल क्षेत्रफल लगभग 19.14 एकड़ है तथा वर्ष 2025-26 की संशोधित गाइडलाइन दरों के अनुसार इनका अनुमानित मूल्य लगभग 250.30 करोड़ रुपये है। ये परियोजनाएं बी.टी.आई. रोड शंकर नगर (रायपुर), क्लब पारा (महासमुंद), कैलाश नगर (राजनांदगांव), कटघोरा (कोरबा) तथा चांदनी चौक फेज-2 (जगदलपुर) में विकसित की जाएंगी। इन पाँचों रिडेवलपमेंट योजनाओं का टेंडर हाउसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड द्वारा जारी कर दिया गया है।राजधानी रायपुर में प्रस्तावित परियोजना विशेष महत्व रखती है। यह परियोजना शहर के प्रमुख एवं विकसित क्षेत्र शंकर नगर स्थित बी.टी.आई. ग्राउंड के सामने, सिंधु भवन के समीप स्थित है। यह क्षेत्र शैक्षणिक, प्रशासनिक, व्यावसायिक तथा आवासीय गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। परियोजना के विकसित होने से क्षेत्र में आधुनिक अधोसंरचना का विस्तार होगा तथा शासकीय परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।रिडेवलपमेंट मॉडल के तहत जर्जर एवं अनुपयोगी शासकीय परिसंपत्तियों के स्थान पर आधुनिक एवं सुव्यवस्थित अधोसंरचना विकसित की जाएगी। इन परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त वित्तीय भार की आवश्यकता नहीं होगी। शासकीय भूमि के मूल्य का उपयोग ही परियोजनाओं के वित्तीय संसाधन के रूप में किया जाएगा। इससे शासकीय भूमि का सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित होने के साथ-साथ राज्य को अतिरिक्त राजस्व भी प्राप्त होगा।यह पहल निजी डेवलपर्स के लिए भी आकर्षक अवसर प्रदान करती है। उन्हें शहरों के प्रमुख क्षेत्रों में स्थित प्राइम लोकेशन वाली भूमि पर परियोजनाएं विकसित करने का अवसर मिलेगा। स्पष्ट नीति, पारदर्शी निविदा प्रक्रिया तथा सरकारी एजेंसी के साथ साझेदारी से परियोजनाओं में विश्वास और स्थिरता सुनिश्चित होगी।आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है। रिडेवलपमेंट नीति के माध्यम से अनुपयोगी एवं जर्जर शासकीय परिसंपत्तियों को आधुनिक तथा उपयोगी अधोसंरचना में परिवर्तित किया जाएगा। इससे शहरों की कार्यक्षमता एवं सौंदर्य में वृद्धि होगी तथा सार्वजनिक संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक-निजी सहभागिता के माध्यम से आधुनिक और नागरिक-केंद्रित शहरी विकास को नई गति मिलेगी।छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंहदेव ने कहा कि मंडल राज्य में रिडेवलपमेंट की नई कार्यसंस्कृति स्थापित कर रहा है। ये परियोजनाएं केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शहरी क्षेत्रों के समग्र कायाकल्प का प्रयास हैं। उन्होंने कहा कि बी.टी.आई. ग्राउंड, शंकर नगर के सामने प्रस्तावित परियोजना राजधानी रायपुर के लिए एक आदर्श शहरी विकास मॉडल सिद्ध होगी। मंडल गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के साथ इन परियोजनाओं को आगे बढ़ा रहा है।आयुक्त श्री अवनीश कुमार शरण ने टी.एल. बैठक में इन परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए आगामी रिडेवलपमेंट की आठ नई परियोजनाओं का प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
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जिला मुख्यालयों में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, मंत्रीगण, सांसदगण एवं विधायकगण होंगे मुख्य अतिथि
सरगुजा में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में होंगे आयोजन
रायपुर/ 21 जून 2026 को इस बार “स्वस्थ आयु के लिए योग” थीम पर सामूहिक योगाभ्यास का कार्यक्रम आयोजित होगा। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन को लेकर जिला मुख्यालयों से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक तैयारियां पूरी कर ली गई है। जिला मुख्यालयों में आयोजित सामूहिक योगाभ्यास के कार्यक्रम में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री द्वय, मंत्रीगण, सांसद एवं विधायकगण मुख्य अतिथि होंगे। छत्तीसगढ़ सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिला मुख्यालयों में आयोजित होने वाले सामूहिक योगाभ्यास में मुख्य अतिथि नामांकित किया गया है।
राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में 21 जून को राजधानी रायपुर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर सामूहिक योगाभ्यास का कार्यक्रम आयोजित होगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मुख्य आतिथ्य में सरगुजा जिले में सुबह 7 बजे सामूहिक योगाभ्यास होगा। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल करेंगे।
जारी आदेश के तहत केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू बिलासपुर में, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव दुर्ग में, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा कबीरधाम, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह राजनांदगांव में 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय में आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम के लिए मुख्य अतिथि होंगें। इसी प्रकार कोरिया जिले में मंत्री श्री रामविचार नेताम, महासमुंद जिले में मंत्री श्री दयालदास बघेल, सुकमा जिले में मंत्री श्री केदार कश्यप, कांकेर जिले में मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, जांजगीर-चांपा जिले में मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में मंत्री श्री टंकराम वर्मा, बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, जशपुर जिले में मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, कोरबा जिले में मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब और बालोद जिले में मंत्री श्री गजेन्द्र यादव 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय में आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम के लिए मुख्य अतिथि बनाए गए हैं।
विभिन्न जिलों में योग दिवस के गरिमामय आयोजन की कमान माननीय सांसदों और विधायकों में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, बेमेतरा जिले में सांसद श्री विजय बघेल, मोहला-मानपुर-चौकी जिले में सांसद श्री संतोष पांडेय 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे। इसी प्रकार सूरजपुर जिले में सांसद श्री चिंतामणी महाराज, गरियाबंद जिले में सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, रायगढ़ जिले में सांसद श्री राधेश्याम राठिया, जांजगीर जिले में सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, नारायणपुर जिले में सांसद श्री महेश कश्यप और कोण्डागांव जिले में सांसद श्री भोजराज नाग 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि होंगे। बीजापुर जिले में विधायक सुश्री लता उसेंडी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में विधायक श्री ललित चंद्राकर, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में विधायक श्री प्रणव कुमार मरपच्ची, मुंगेली जिले में विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले, धमतरी जिले में विधायक श्री अजय चंद्राकर, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में विधायक श्रीमती रेणुका सिंह, बस्तर जिले में विधायक श्री किरण सिंह देव और दंतेवाड़ा जिले में विधायक श्री चौतराम अटामी को 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि बनाए गए हैं। सभी जिलों में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के सामूहिक योग कार्यक्रमों की तैयारियां जिला प्रशासन की देखरेख में अंतिम चरण में हैं।
- 755 करोड़ रूपए की परियोजना को मंजूरी देने पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के प्रति जताया आभार’डबल इंजन सरकार के प्रयासों से प्रदेश में रेल कनेक्टिविटी का हो रहा अभूतपूर्व विस्तार: मुख्यमंत्रीमोदी सरकार के विशेष फोकस से छत्तीसगढ़ में अधोसंरचना विकास को मिली नई ऊंचाई: रेल कनेक्टिविटी के विस्तार से साकार हो रहा विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प - मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भारतीय रेल द्वारा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत 755 करोड़ रूपए की लागत से चांपा-कोरबा तीसरी रेल लाइन परियोजना को मंजूरी दिए जाने पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के प्रति प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह परियोजना छत्तीसगढ़ के विकास, औद्योगिक प्रगति और देश की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से प्रदेश में रेल अधोसंरचना का निरंतर विस्तार हो रहा है, जिससे विकास को नई गति मिल रही है।उन्होंने कहा कि परियोजना के पूरा होने पर यात्री सुविधाओं में भी उल्लेखनीय सुधार होगा। अतिरिक्त रेल लाइन उपलब्ध होने से ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुचारु होगी, परिचालन संबंधी बाधाएं कम होंगी तथा भविष्य में अतिरिक्त यात्री ट्रेनों के संचालन का मार्ग प्रशस्त होगा। इससे आम नागरिकों को बेहतर, सुरक्षित और सुविधाजनक रेल सेवाएं प्राप्त होंगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कोरबा देश की ऊर्जा राजधानी के रूप में महत्वपूर्ण पहचान रखता है और यहां से देश के विभिन्न हिस्सों तक कोयले की आपूर्ति होती है। चांपा-कोरबा रेल खंड साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) तथा महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) की खदानों को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी है। इस परियोजना के पूर्ण होने से कोयला परिवहन की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी तथा देश की बढ़ती ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए आवश्यक लॉजिस्टिक आधार और अधिक मजबूत होगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में तीसरी रेल लाइन का निर्माण भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया दूरदर्शी निर्णय है। इससे अतिरिक्त माल परिवहन को सुगम बनाया जा सकेगा और रेल परिचालन अधिक दक्ष एवं प्रभावी होगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह परियोजना केवल कोयला परिवहन तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी व्यापक लाभ मिलेगा। बेहतर रेल संपर्क से उद्योगों को मजबूती मिलेगी, निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी, व्यापारिक गतिविधियों का विस्तार होगा तथा रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इससे कोरबा, जांजगीर-चांपा सहित आसपास के क्षेत्रों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि चांपा-कोरबा तीसरी रेल लाइन परियोजना प्रदेश की औद्योगिक और आर्थिक प्रगति को नई ऊर्जा प्रदान करेगी तथा विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि मजबूत रेल नेटवर्क, सुदृढ़ लॉजिस्टिक व्यवस्था और बेहतर कनेक्टिविटी के माध्यम से छत्तीसगढ़ देश के विकास में और अधिक प्रभावी योगदान देने के लिए निरंतर आगे बढ़ रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विगत वर्षों में छत्तीसगढ़ को रेल अधोसंरचना के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्राथमिकता मिली है। प्रदेश के रेल बजट में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है तथा नई रेल लाइनों, दोहरीकरण, तीसरी-चौथी लाइन और आधुनिक रेलवे स्टेशनों के विकास के माध्यम से कनेक्टिविटी को लगातार सशक्त किया जा रहा है। हाल ही में धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा रेल परियोजना को विशेष रेल परियोजना के रूप में अधिसूचित किया जाना भी इसी विकास दृष्टि का प्रमाण है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा रेल परियोजना को विशेष रेल परियोजना के रूप में स्वीकृति मिलना जशपुर सहित पूरे उत्तर छत्तीसगढ़ के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विशेष स्नेह और विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। लंबे समय से रेल संपर्क की प्रतीक्षा कर रहे जशपुरांचल को पहली बार रेल नेटवर्क से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। यह परियोजना केवल एक रेल लाइन नहीं, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक विकास की नई आधारशिला है। इससे पर्यटन, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा वनांचल क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से और अधिक मजबूती से जुड़ सकेगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में रेल एवं शहरी परिवहन अधोसंरचना का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। छत्तीसगढ़ में रेलवे अधोसंरचना के विकास पर 51 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। वर्ष 1853 से 2014 तक 161 वर्षों में छत्तीसगढ़ में लगभग 1100 रूट किलोमीटर रेल लाइन बिछाई गई थी, जबकि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश का रेल नेटवर्क बढ़कर 2200 रूट किलोमीटर से अधिक होने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 में प्रदेश की रेल परियोजनाओं के लिए जहां लगभग 300 करोड़ रुपये का बजट मिलता था, वहीं वर्ष 2026-27 में यह बढ़कर 7,470 करोड़ रुपये हो गया है। साथ ही प्रदेश के 32 रेलवे स्टेशनों को 1,680 करोड़ रुपये की लागत से अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत आधुनिक सुविधाओं से विकसित किया जा रहा है, जो छत्तीसगढ़ के विकास को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम है।
- 200 हेक्टेयर में मिलेगी सिंचाई की सौगातरायपुर/ छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। शासन के जल संसाधन विभाग द्वारा बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के विकासखंड शंकरगढ़ के अंतर्गत ग्राम घुघरी कला नाला में व्यपवर्तन योजना के निर्माण कार्य के लिए 4 करोड़ 58 लाख 75 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस महत्वाकांक्षी सिंचाई योजना के पूर्ण होने से स्थानीय किसानों को अपनी फसलों के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा। योजना के तहत क्षेत्र में कुल 200 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी।खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए 180 हेक्टेयर क्षेत्र में सुविधा मिलेगी। वहीं लगभग 20 हेक्टेयर क्षेत्र में रबी फसलो कीं सिंचाई का लाभ किसान उठा सकेंगे। इस योजना के पूरा होने से शंकरगढ़ विकासखंड के ग्रामीण इलाकों में न केवल कृषि उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय किसानों की आर्थिक स्थिति में भी व्यापक सुधार देखने को मिलेगा। इस परियोजना को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण करने के लिए जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता, हसदेव गंगा कछार (अम्बिकापुर) को आवश्यक प्रशासकीय निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
- रायपुर/राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कमल विहार रायपुर स्थित लगभग 230 एकड़ क्षेत्र में फैले गजराज बांध को रायपुर शहर की पेयजल आवश्यकता की पूर्ति के लिए एक विशाल जलाशय के रूप में विकसित करने की पहल की है। राज्यपाल ने आज लोकभवन में नगर निगम रायपुर महापौर श्रीमती मीनल चौबे और अतिरिक्त कमिश्नर श्री विनोद पाण्डेय के साथ इस संबंध में विशेष चर्चा की।राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान में सिंचाई कार्यो में उपयोग नहीं हो रहे गजराज बांध की आवश्यक मरम्मत कर इसे रायपुर शहर की लाइफलाइन बनाया जा सकता है। इस बांध को एक पेयजल भंड़ार के रूप में विकसित करने से शहर को शुद्ध और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।राज्यपाल ने महापौर से संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय कर इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए दिशा निर्देश दिए है।
- *हरसंभव प्रयास किया जाये कि प्रोफेसर कालोनी में बारिश में जलभराव की समस्या से नागरिको को कोई असुविधा ना होने पाये-महापौर के सख्त निर्देश*रायपुर/ नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने जोन 5 अंतर्गत वामनराव लाख वार्ड क्षेत्र में प्रोफेसर कालोनी क्षेत्र में नगर निगम द्वारा निर्माणाधीन नाला के कार्य की प्रगति का वहां पहुंचकर प्रत्यक्ष निरीक्षण एवं समीक्षा नगर निगम जोन 5 जोन अध्यक्ष श्री अंबर अग्रवाल, वामन राव लाखे वार्ड पार्षद श्री कृष्णा सोनकर सहित जोन 5 जोन कमिश्नर श्री खीरसागर नायक, कार्यपालन अभियंता श्री लाल महेन्द्र प्रताप सिंह, सहायक अभियंता श्री नागेश रामटेके, उपअभियंता सुश्री कृति शर्मा, जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री संदीप वर्मा की उपस्थिति में करते हुए आवश्यक निर्देश जोन 5 के संबंधित अधिकारियों को स्थल पर दिये।महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नाला निर्माण के शेष कार्यो को तेज गति से करवाकर मानसून के पूर्व पूर्ण करवाना सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिये हैं, ताकि जल की निकासी की सुगम व्यवस्था कायम की जा सके।महापौर ने सख्त निर्देश दिए हैँ कि कि अधिकारीगण विशेष ध्यान रखे कि इस बारिश में प्रोफेसर कालोनी क्षेत्र में जल का भराव ना हो और इसके चलते नागरिको को असुविधा ना होने पाये। महापौर ने समस्त नालों में बारिश के पूर्व तल्ले तक सघन सफाई करवाकर लद्दी निकलवाकर गंदे पानी का निकास सुगम बनाने की व्यवस्था पूर्वनिश्चित करने के निर्देश दिये।महापौर ने स्पष्ट निर्देशित किया है कि अभियंतागण और ठेकेदार नाला निर्माण के समय ढाल का विशेष ध्यान रखकर निर्माण कार्य करवाएं, जिससे बारिश का गन्दा पानी पूरी तरह से निकास हो सके। सफाई कार्य में कोई लापरवाही अथवा हीला -हवाला कदापि सहन नहीं किया जायेगा। बारिश पूर्व निकास की व्यवस्था करना रायपुर नगर पालिक निगम का दायित्व है एवं इसे सबके साथ मिलकर सहयोग से पूरा करना है । महापौर ने नाला निर्माण का प्रत्यक्ष निरीक्षण कर सम्बंधित जोन अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से चर्चा की। महापौर ने सुझाव दिया कि मानसून की पहली बारिश होने के पूर्व जल निकासी व्यवस्था के नाम पर कोई अनावश्यक प्रयोग नहीं किया जाये। जिससे नाला निर्माण की व्यवस्था के अंतर्गत अच्छी सुगम निकास की व्यवस्था बारिश के दौरान व्यवहारिक तौर पर प्रोफेसर कॉलोनी क्षेत्र में सुनिश्चित हो सके।
- *जोन कार्यालय द्वारा की जा रही सतत निगरानी**तालाब के कचरे की हो रही लगातार सफाई*रायपुर/रायपुर में महराजबंध तालाब के किनारे हो रहे अवैध कब्जों को बंद कराया गया है। अवैध कब्जों को लेकर प्राप्त शिकायतों पर रायपुर नगर निगम के जोन क्रमांक-6 की टीम द्वारा स्थल निरीक्षण करने पर पाया गया कि संबंधित भू-स्वामी द्वारा तालाब क्षेत्र में मुरूम, मिट्टी आदि सामग्री डाली गई थी। इस पर जोन कार्यालय द्वारा संबंधित व्यक्तियों को नियमानुसार नोटिस जारी कर तत्काल बंद करने के लिए हेतु निर्देशित किया गया। नगर निगम के निर्देश पर संबंधित भू-स्वामी द्वारा तालाब क्षेत्र में डाली गई सामग्री को हटाया गया है। उसे आगे किसी प्रकार का भराव कार्य न किए जाने के लिए कड़ी चेतावनी दी गई है।जोन क्रमांक-6 के आयुक्त ने बताया कि वर्तमान में महराजबंध तालाब में भराव व कब्जा संबंधी सभी कार्य बंद हैं। इस पर जोन कार्यालय द्वारा सतत निगरानी रखी जा रही है। भविष्य में किसी प्रकार का अवैध भराव या कब्जा पाए जाने पर संबंधितों के विरूद्ध नियमानुसार दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी।उन्होंने बताया कि रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा नाले से तालाब में आने वाले कचरे की निरंतर सफाई भी करवाई जा रही है। रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा सीवेज ट्रीटमेन्ट प्लांट का निर्माण कार्य कराया जा रहा है, जिसका कार्य प्रगति पर है।
- वास्तव में संगीत केवल एक कला नहीं बल्कि व्यक्तित्व विकास का एक सशक्त माध्यम भी हैआराध्य शर्मा के माता -पिता ने संगीत में प्रतिभा को नई पहचान मिलने पर प्रसन्न होकर रायपुर नगर निगम एवं कला केन्द्र को दिया हार्दिक धन्यवादरायपुर/ केन्द्रीय विद्यालय दीनदयाल उपाध्याय नगर रायपुर के कक्षा नौर्वी के विद्यार्थी कोटा निवासी 15 वर्षीय आराध्य शर्मा को विगत 2 वर्षों से नगर पालिक निगम रायपुर के कला केन्द्र में गिटार प्रशिक्षण प्राप्त कर संगीत के क्षेत्र में नई पहचान मिली है। वास्तव में संगीत केवल एक कला नहीं बल्कि व्यक्तित्व विकास का एक सशक्त माध्यम भी है।जब आराध्य ने कला केंद्र रायपुर में गिटार सीखना प्रारंभ किया, तब उन्हें गिटार की मूलभूत तकनीकों को समझने और सही तरीके से अभ्यास करने में कठिनाई होती थी। कॉईस बदलने की गति, ताल और लय को बनाए रखना तथा जटिल धुनों को बजाना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था। लेकिन सीखने की प्रबल इच्छा और नियमित अभ्यास ने उन्हें लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।कला केंद्र के प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में आराध्य ने गिटार की बारीकियों को समझना शुरू किया। धीरे-धीरे उन्होंने फिंगर स्टाइल, स्ट्रमिंग पैटर्न, कॉर्ड प्रोग्रेशन, स्केल्स और विभिन्न प्रकार की धुनों पर बेहतर पकड़ बना ली।आज आराध्य शर्मा आत्मविश्वास के साथ कई गीतों और संगीत रचनाओं को गिटार पर प्रस्तुत कर सकते हैं। पिछले दो वर्षों में आराध्य की प्रगति केवल संगीत तक सीमित नहीं रही। गिटार प्रशिक्षण ने आराध्य में अनुशासन, धैर्य, एकाग्रता और मंच पर प्रदर्शन करने का आत्मविश्वास भी विकसित किया है।आज आराध्य शर्मा नए विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा हैं और उनकी प्रगति इस बात का प्रमाण है कि समर्पण और निरंतर अभ्यास से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। आराध्य शर्मा की यह सफलता कला केंद्र रायपुर की उस सोच को दर्शाती है, जिसमें प्रत्येक विद्यार्थी की प्रतिभा को सही दिशा देकर उसे निखारा जाता है। हमें गर्व है कि आराध्य ने अपनी मेहनत और लगन से एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।आराध्य शर्मा के पिता नवीन शर्मा एवं माता एकता शर्मा ने आराध्य की संगीत के क्षेत्र में प्रतिभा पहचान पर प्रसन्न होकर रायपुर नगर पालिक निगम और कला केन्द्र के प्रशिक्षकों को हार्दिक धन्यवाद दिया है।
- - 21 जून को 'स्वस्थ आयु के लिए योग थीम सुबह 7 बजे से सुबह 7.45 बजे तक होगा सामूहिक योगाभ्यासराजनांदगांव। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून 2026 को 'स्वस्थ आयु के लिए योगÓ थीम पर दिग्विजय स्टेडियम राजनांदगांव में जिला स्तरीय अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर भारत सरकार द्वारा जारी प्रोटोकॉल का पालन करते हुए सुबह 7 बजे से सुबह 7.45 बजे तक सामूहिक योगाभ्यास किया जाएगा। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कार्यक्रम के सुचारू संचालन के लिए अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय को नोडल अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी राजनांदगांव श्री गौतम चंद पाटिल को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही कार्यक्रम स्थल पर आवश्यक व्यवस्था के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दायित्व सौंपा गया है।
- 0- प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं तथा विद्यालयों व महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने की अपीलराजनांदगांव। जिला प्रशासन द्वारा युवाओं को भारतीय लोक सेवा आयोग एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षा के लिए मार्गदर्शन, प्रेरणा एवं युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने के लिए 20 जून 2026 को दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम राजनांदगांव में यूपीएससी 2025 में चयनित अभ्यर्थियों द्वारा मार्गदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशन में जिला प्रशासन द्वारा जिले के प्रतियोगी छात्र-छात्राओं को एक मंच के माध्यम से उनके द्वारा अपनी तैयारी को बेहतर करने का अच्छा अवसर प्राप्त होगा।कार्यक्रम में भारतीय प्रशासनिक सेवा 2025 में चयनित श्री अनुज अग्निहोत्री, श्री राघव झुनझुनवाला, श्री दिशांत निसार, सुश्री वैभवी अग्रवाल, सुश्री सुष्मिता सिंह, श्री अजय गुप्ता, श्री डायमंड धु्रव, श्री संजय डहरिया द्वारा जिले के युवाओं को भारतीय लोक सेवा आयोग एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षा के अध्ययन के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया जाएगा। कार्यक्रम में युवाओं के जिज्ञासाओं एवं प्रश्नों का समाधान भी किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान सफल अभ्यर्थी यूपीएससी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, अध्ययन रणनीति, समय प्रबंधन, विषय चयन, परीक्षा एवं साक्षात्कार की तैयारी के अलावा महत्वपूर्ण विषयों पर युवाओं एवं विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करेंगे। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं एवं विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं एवं प्रश्नों का समाधान भी किया जाएगा। इस अवसर पर सफल अभ्यर्थी अपने अनुभव साझा करते हुए सिविल सेवा एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने के लिए योजनाबद्ध एवं प्रभावी तैयारी के संबंध में जानकारी दी जाएगी। जिला प्रशासन द्वारा जिले के प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं तथा विद्यालयों व महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम का लाभ लेने की अपील की गई है।
- 0- 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर दिग्विजय स्टेडियम में होगा वृहद आयोजन0- प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए व्यापक जनजागरूकता बढ़ाने के दिए निर्देश0- प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना से जिले के अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को उपलब्ध कराएं स्वरोजगार के अवसर0- कलेक्टर ने साप्ताहिक समय-सीमा बैठक में विभागीय कार्यों की समीक्षा कीराजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक ली। कलेक्टर ने कहा कि 21 जून 2026 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन वृहद स्तर पर दिग्विजय स्टेडियम में किया जाएगा। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योग दिवस पर अधिकारी-कर्मचारी अनिवार्य रूप से योग कार्यक्रम में शामिल होंगे। कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन 1076 में विभागवार प्राप्त आवेदनों के निराकरण के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्राप्त आवेदनों का समय-सीमा में निराकरण करना अनिवार्य है। इसके लिए सभी विभाग जिम्मेदारी के साथ गुणवत्तापूर्वक निराकरण करें। इसके लिए लगातार ऑनलाईन मॉनिटरिंग करने कहा। कलेक्टर ने खरीफ 2026 सीजन में खाद-बीज वितरण एवं भण्डारण और खेती-किसानी के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने किसानों को धान के बदले दलहन, तिलहन एवं अन्य फसल लेने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने कहा। जिससे किसानों को कम लागत में अधिक आमदनी मिल सके। उन्होंने सभी ग्रामों में कृषि चौपाल का आयोजन कर अधिक से अधिक किसानों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए। जिले के 98 हजार 682 किसानों का एग्रीस्टेक पंजीयन पूर्ण हो चुका है। शेष किसानों का पंजीयन शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने जिला चिकित्सालय की मरम्मत एवं अधोसंरचना की मजबूती के लिए विधानसभा अध्यक्ष द्वारा की गई घोषणा को प्राथमिकता देते हुए पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने एचपीवी वैक्सीनेशन के संबंध में जानकारी ली। जिले में 3479 किशोरी बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन लगाया जा चुका है। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को स्कूलों का रोस्टर बनाकर एचपीवी वैक्सीनेशन कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। एक माह में लक्ष्य के अनुरूप शत प्रतिशत करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों के ई-केवाईसी कार्य की प्रगति की जानकारी ली। जिले में योजना के अंतर्गत 97 प्रतिशत महिलाओं का ई-केवाईसी सत्यापन कार्य पूर्ण कर लिया गया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शेष हितग्राहियों का ई-केवाईसी कार्य सीधे संपर्क कर शत प्रतिशत करने के निर्देश दिए, ताकि पात्र महिलाओं को योजना का लाभ निर्बाध रूप से मिलता रहे। उन्होंने प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना के तहत लाभान्वितों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ऐसे हितग्राही जो इन योजनाओं के तहत लाभान्वित हो रहे है, उन्हें श्रम विभाग में पंजीयन कराने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना से जिले के अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को योजना से जोड़कर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने संबंधित विभागों को हितग्राहियों की चिन्हांकन कर उन्हें योजना का लाभ दिलाने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। स्वनिधि योजना अंतर्गत शहरी क्षेत्र के 4328 हितग्राहियों को अब तक ऋण का वितरण किया जा चुका है। कलेक्टर ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए व्यापक जनजागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह योजना आम नागरिकों के बिजली व्यय को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। जिले में अब तक 3 हजार 321 हितग्राहियों द्वारा सोलर पैनल स्थापित किए जा चुके हैं। उन्होंने योजना के कार्यों में और अधिक तेजी लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने साप्ताहिक समय-सीमा, पीजीएन, पीजी पोर्टल एवं जनदर्शन के लंबित प्रकरणों की गहन समीक्षा की।कलेक्टर ने सुशासन तिहार, भूमि अर्जन एवं मुआवजा के प्रकरणों सहित शासन की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। कार्यपालन अभियंता लोक सेवा यांत्रिकी विभाग को जल जीवन मिशन के कार्य पूर्ण होने पर संबंधितों को भुगतान की कार्रवाई पूर्ण करने के निर्देश दिए। जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह ने कहा कि सुशासन तिहार अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का समय-सीमा में निराकरण सभी विभाग गुणवत्तापूर्वक प्राथमिकता के साथ करें। इस अवसर पर वनमंडलाधिकारी श्री आयुष जैन, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्री प्रेमप्रकाश शर्मा, नगर निगम आयुक्त श्री अतुल विश्वकर्मा, एसडीएम राजनांदगांव श्री गौतम पाटिल, एसडीएम डोंगरगांव श्री श्रीकांत कोराम एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
- 0- श्रीमती दुरपति बाई बंजारे के दोनों बेटियों का नाम राशन कार्ड में जुड़ा0- श्रीमती नंदा झरिया के लंबित भूमि नामांतरण का हुआ समाधान0- ग्राम पीटेपानी निवासी श्री टुकुनराम गोंड के निजी भूमि से हटाया गया अवैध कब्जा0- जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के साथ निराकरण करने के दिए निर्देशराजनांदगांव। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने मंगलवार को कलेक्टोरेट में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याएं एवं मांगे सुनी। जनदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के नागरिकों ने अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। कलेक्टर ने प्राप्त आवेदनों का अवलोकन कर संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करते हुए त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि जनदर्शन आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान का महत्वपूर्ण माध्यम है। जनसामान्य अपनी अपेक्षाओं और विश्वास के साथ प्रशासन के पास पहुंचते हैं, इसलिए प्रत्येक आवेदन का गंभीरतापूर्वक परीक्षण कर नियमानुसार शीघ्र निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि पात्र हितग्राहियों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर लाभान्वित किया जाए तथा आवेदनों के निराकरण की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।डोंगरगढ़ तहसील के ग्राम चीरपानी निवासी श्रीमती दुरपति बाई बंजारे के कलेक्टर जनदर्शन में प्राप्त आवेदन पर तत्काल संज्ञान लेते हुए उनकी दोनों बेटियों का नाम राशन कार्ड में दर्ज किया गया। इसी तरह डोंगरगढ़ निवासी श्रीमती नंदा झरिया ने कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन प्रस्तुत किया। श्रीमती नंदा झरिया का लगभग 15 वर्षों से लंबित भूमि नामांतरण संबंधी समस्या का सफलतापूर्वक समाधान किया गया। शिवनाथ वार्ड राजनांदगांव के नागरिकों द्वारा प्रस्तुत शिकायत पर कार्रवाई करते हुए शिवनाथ नदी स्थित महिला घाट के समीप शासकीय भूमि से अवैध अतिक्रमण हटा दिया गया। लाल बहादुर नगर तहसील के ग्राम पीटेपानी निवासी श्री टुकुनराम गोंड के निजी भूमि में अवैध रूप से कब्जा करने के संबंध में शिकायत प्राप्त होने पर जिला प्रशासन द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए निजी भूमि से कब्जामुक्त कराया गया।जनदर्शन में सीमांकन, नामांतरण, प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने, भू-अर्जन से संबंधित प्रकरण, अवैध अतिक्रमण हटाने, नजूल भूमि संबंधी मामलों, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, राजस्व अभिलेखों में सुधार संबंधी समस्याओं सहित विभिन्न विभागों से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए। इसके अलावा नागरिकों ने विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने तथा व्यक्तिगत एवं सामुदायिक समस्याओं के समाधान के लिए भी आवेदन प्रस्तुत किए। कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के साथ निराकरण सुनिश्चित करें तथा आवेदकों को निर्धारित समय-सीमा में कार्रवाई की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए।
- बालोद. जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने बालोद विकासखण्ड के ग्राम लाटाबोड़ में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण अंतर्गत स्थापित बायोगैस संयंत्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बायोगैस संयंत्र की वर्तमान संचालन स्थिति, गैस उत्पादन क्षमता, जैविक अपशिष्ट की उपलब्धता तथा रखरखाव व्यवस्था का विस्तृत अवलोकन किया गया। निरीक्षण के दौरान सीईओ श्री चंद्रवंशी ने बायोगैस संयंत्र का संचालन अपेक्षित स्तर पर नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों एवं संचालन से जुड़े कर्मियों को संयंत्र को शीघ्र पूर्ण रूप से क्रियाशील बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बायोगैस संयंत्र का नियमित संचालन सुनिश्चित कर उपलब्ध गोबर एवं जैविक कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन किया जाए, जिससे स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिल सके।सीईओ चंद्रवंशी ने संयंत्र में नियमित रूप से गोबर एवं अन्य जैविक अपशिष्ट की आपूर्ति सुनिश्चित करने, तकनीकी कमियों को तत्काल दूर करने, इनलेट-आउटलेट की सफाई बनाए रखने तथा संचालन एवं रखरखाव की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बायोगैस संयंत्र ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। निरीक्षण के दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं ग्रामीणों को बायोगैस संयंत्र के लाभों के संबंध में जानकारी दी गई। इस दौरान बताया गया कि संयंत्र के सुचारू संचालन से स्वच्छ ईंधन के साथ-साथ उच्च गुणवत्ता की जैविक खाद का उत्पादन भी संभव है, जिससे किसानों को लाभ प्राप्त होगा तथा रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होगी। श्री चंद्रवंशी ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में आवश्यक सुधारात्मक कार्य पूर्ण कर बायोगैस संयंत्र को नियमित रूप से संचालित करने तथा इसकी प्रगति की सतत समीक्षा करने के निर्देश दिए। जिला प्रशासन द्वारा स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत निर्मित परिसंपत्तियों की नियमित निगरानी कर उनके प्रभावी संचालन को सुनिश्चित किया जा रहा है।
- बालोद. पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय दुधली में अंशकालीन विभिन्न प्रशिक्षकों की नियुक्ति हेतु साक्षात्कार का आयोजन 23 जून को आयोजित की गई है। पीएमश्री जवाहर नवोदय विद्यालय दुधली के प्राचार्य ने बताया कि पीएम श्री स्कूल योजना के अंतर्गत जवाहर नवोदय विद्यालय दुधली में सत्र 2026-27 हेतु संविदा अंशकालीन आधार पर योगा प्रशिक्षक, खो-खो एवं हैण्डबाल हेतु स्पोटर्स प्रशिक्षक, डांस प्रशिक्षक, संगीत इंस्टूमेन्ट प्रशिक्षक, लड़कियों के लिए सेल्फ डिफेन्स प्रशिक्षक, स्किल शिक्षक आई टी एवं अटल टिंकरिंग लेब फेसिलेटर के लिए योग्य एवं अनुभवी अभ्यर्थियों के लिए वाक-इन-इंटरव्यू का आयोजन 23 जून 2026 को सुबह 10 बजे से पीएमश्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय दुधली में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि साक्षात्कार में शामिल होने के इच्छुक अभ्यर्थी अपने सभी मूल प्रमाण पत्रों, अनुभव प्रमाण पत्र, अंक सूची एवं नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ के साथ निर्धारित तिथि एवं समय में शामिल हो सकते है। उक्त संबंध में अधिक जानकारी विद्यालय के सूचना पटल एवं विद्यालय की वेबसाइट का https://navodaya.gov.in/nvs/nvs&school/Balod/en/home/ का अवलोकन कर सकते है। उन्होंने बताया कि आवेदक को साक्षात्कार में शामिल होने के लिए किसी भी प्रकार का यात्रा भत्ता देय नहीं होगा ।
- बालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले में खनिज के अवैध उत्खनन, परिवहन, भण्डारण पर निरंतर कार्रवाई की जा रही है। जिसके अंतर्गत खनिज विभाग के द्वारा 16 जून 2026 को गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम देवरी ख एवं डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम घोटिया, पटेली एवं सिंघनवाही का औचक निरीक्षण किया गया। जिला खनि अधिकारी ने बताया कि खनिज विभाग द्वारा निरीक्षण के दौरान रेत के अवैध परिवहन करते पाए जाने पर 01 हाइवा सीजी 07 सीएन 2697 एवं 06 टेªक्टर मय ट्राॅली सीजी 07 सीजी 7243, सीजी 24 ई 8175, सीजी 24 यू 5202, सीजी 24 यू 5201, सीजी 24 बीजेड 8673 एवं स्वराज 704 एफई को जप्त कर थाना/आरक्षी केन्द्र गुण्डरदेही व बालोद के अभिरक्षा में रखा गया है। प्रकरण में नियमानुसार खान व खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 के तहत कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी खनिज जांच दल द्वारा खनिज के अवैध परिवहन, उत्खनन व भण्डारणकर्ताओं के विरूध्द निरंतर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा अवैध अतिक्रमण के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में जोन-2 वैशाली नगर क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 24 हाउसिंग बोर्ड फौजी नगर में नाली के ऊपर किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की गई।निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय से प्राप्त जानकारी के अनुसार स्थानीय निवासी राजकुमार द्वारा नाली के ऊपर अवैध निर्माण कर अतिक्रमण किया गया था। इसके कारण नालियों की नियमित सफाई एवं रखरखाव कार्य प्रभावित हो रहा था, जिससे क्षेत्र में जल निकासी व्यवस्था बाधित होने की आशंका बनी हुई थी। मामले की शिकायत कलेक्टर जनदर्शन में की गई थी। शिकायत प्राप्त होने के बाद जोन-2 राजस्व विभाग द्वारा जांच कर कार्रवाई की गई। निगम की टीम ने जेसीबी मशीन की सहायता से नाली के ऊपर किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाकर नाली को अतिक्रमण मुक्त कराया।राजस्व अधिकारी ने बताया कि नालियों एवं सार्वजनिक स्थलों पर किए गए अवैध कब्जों के कारण सफाई व्यवस्था प्रभावित होती है तथा बरसात के दौरान जलभराव जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसे देखते हुए ऐसे अतिक्रमणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई के दौरान जोन-2 राजस्व विभाग एवं बेदखली की संयुक्त टीम मौजूद रही। निगम प्रशासन ने नागरिकों से सार्वजनिक भूमि, नालियों एवं शासकीय संपत्तियों पर अतिक्रमण नहीं करने की अपील करते हुए कहा है कि भविष्य में भी अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
- भिलाई नगर। शासन के निर्देशानुसार पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा फुटकर विक्रेताओं (स्ट्रीट वेंडर्स) के लिए विशेष शिविर आयोजित किया गया। शिविर में सभी पात्र हितग्राहियों को नगर निगम कार्यालय में आमंत्रित कर योजना का लाभ दिलाने हेतु उनके ऑनलाइन आवेदन पोर्टल में भरवाए गए।शिविर में बड़ी संख्या में स्ट्रीट वेंडर्स उपस्थित हुए तथा योजना के प्रति उत्साह दिखाया। नगर पालिका निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय जी के कुशल मार्गदर्शन एवं दिशा-निर्देशन में निगम की टीम द्वारा अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों को योजना से जोड़ने का कार्य लगातार किया जा रहा है।इस संबंध में नोडल अधिकारी अनिल सिंह द्वारा सभी बैंकों के शाखा प्रबंधकों को पत्र प्रेषित कर पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ शीघ्र एवं अधिकतम संख्या में प्रदान करने हेतु आवश्यक सहयोग एवं प्राथमिकता देने का अनुरोध किया गया है।योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु नगर निगम द्वारा मुनादी एवं अन्य प्रचार माध्यमों के जरिए निगम क्षेत्र में प्रतिदिन जनजागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है, जिससे अधिक से अधिक स्ट्रीट वेंडर्स इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ प्राप्त कर सकें। नगर पालिका निगम भिलाई द्वारा आगामी दिनों में भी ऐसे शिविरों का आयोजन कर पात्र हितग्राहियों को योजना से जोड़ने का कार्य निरंतर जारी रखा जाएगा।
- 0- कलेक्टर डॉ सिंह की पहल 'प्रोजेक्ट शांति' के तहत वर्क-लाइफ बैलेंस पर ज़िला अधिकारियों हेतु विशेष सत्र आयोजितरायपुर। सरकारी कर्मचारियों के मानसिक तनाव को कम करने, कार्य-जीवन संतुलन बनाए रखने और शासकीय एवं घरेलू ज़िम्मेदारियों के साथ-साथ स्वयं खुश रहने की आदत विकसित करने के उद्देश्य से रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की पहल पर 'प्रोजेक्ट शांति' की शुरुआत की गई है। मंगलवार को रेडक्रॉस सभाकक्ष में प्रोजेक्ट शांति का पहला विशेष सत्र आयोजित किया गया जिसमें जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए।सत्र में Humming Minds Life की प्रमुख मनोवैज्ञानिक सुश्री तनीषा पोद्दार ने अधिकारियों से मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, आत्म-समझ और कार्य-जीवन संतुलन जैसे विषयों पर चर्चा की। अधिकारियों ने विभिन्न गतिविधियों और अभ्यासों में भी भाग लिया।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों के लिए मानसिक रूप से स्वस्थ रहना उतना ही जरूरी है, जितना अपने काम को पूरी जिम्मेदारी से करना। उन्होंने अधिकारियों से समय पर कार्यालय आने और समय पर घर जाने, कार्यालय में पूरी दक्षता और ईमानदारी से काम करने तथा परिवार के लिए भी पर्याप्त समय निकालने की अपील की। उन्होंने कहा कि संतुलित जीवन से कर्मचारी बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं और जनता को भी अच्छी सेवाएं मिलती हैं।कलेक्टर ने जिले के सभी विभागाध्यक्षों को प्रेरित किया कि वे भी अपने-अपने कार्यालयों में इस तरह के मानसिक स्वास्थ्य और वर्क-लाइफ बैलेंस से जुड़े सत्र नि:शुल्क आयोजित करें, ताकि अधिक से अधिक कर्मचारी इसका लाभ उठा सकें और कार्यालय में सकारात्मक वातावरण तैयार हो।
- 0- रायपुर में 2,800 पंजीकृत निर्यातक, 1,200 सक्रिय; नए उद्यमियों को जोड़ने की रणनीति बनी0- स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाकर बढ़ेगी आय :- कलेक्टर डॉ. गौरव सिंहरायपुर। भारत सरकार की डिस्ट्रिक्ट एक्सपोर्ट हब पहल के तहत जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, रायपुर द्वारा जिला निर्यात संवर्धन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर श्री गौरव सिंह ने की तथा सह-अध्यक्षता संयुक्त महानिदेशक विदेश व्यापार, नागपुर डॉ. प्रवीण कुमार ने की। बैठक में रायपुर जिले से निर्यात बढ़ाने, नए निर्यातकों को प्रोत्साहित करने तथा निर्यात क्षमता का अधिकतम उपयोग करने पर व्यापक चर्चा हुई। बताया गया कि डीजीएफटी के अंतर्गत रायपुर जिले में 2,800 से अधिक निर्यातक पंजीकृत हैं, जिनमें लगभग 1,200 निर्यातक वर्तमान में सक्रिय हैं। समिति ने आगामी वर्षों में सक्रिय निर्यातकों की संख्या बढ़ाने और एमएसएमई इकाइयों, एफपीओ तथा कृषि आधारित उद्यमों को निर्यात से जोड़ने की रणनीति पर विचार किया।कलेक्टर श्री गौरव सिंह ने कहा कि रायपुर जिले में निर्यात वृद्धि की अपार संभावनाएं हैं। स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाकर किसानों, उद्यमियों एवं उद्योगों की आय में वृद्धि की जा सकती है। उन्होंने सभी विभागों से निर्यातकों को बेहतर सुविधाएं देने और नए निर्यातकों को प्रोत्साहित करने के लिए समन्वित प्रयास करने का आह्वान किया।बैठक में जानकारी दी गई कि रायपुर जिला छत्तीसगढ़ का प्रमुख निर्यात केंद्र है। यहां से मुख्य रूप से चावल, इस्पात एवं इस्पात उत्पाद, कृषि एवं कृषि प्रसंस्कृत उत्पाद, वन उत्पाद तथा अन्य औद्योगिक उत्पादों का निर्यात विभिन्न देशों को किया जाता है।इस दौरान निर्यातकों ने लॉजिस्टिक्स, दस्तावेजीकरण, गुणवत्ता प्रमाणीकरण एवं बाजार पहुंच से जुड़ी व्यावहारिक कठिनाइयों पर चर्चा की। डॉ. प्रवीण कुमार ने आश्वासन दिया कि निर्यातकों के सुझावों को संबंधित मंत्रालयों के समक्ष रखकर नीतिगत सरलीकरण की पहल की जाएगी।बैठक में उद्योग संचालनालय, एमएसएमई मंत्रालय, कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, एपीडा, नाबार्ड, ईसीजीसी, इंडिया एक्जिम बैंक, सीमा शुल्क विभाग, लीड बैंक, भारतीय डाक विभाग, राइस एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन, पीएचडी चैंबर एवं छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। सभी विभागों ने निर्यात संवर्धन योजनाओं, वित्तीय सहायता एवं विपणन सहायता की जानकारी साझा की।समिति ने निर्यातकों के लिए उपलब्ध योजनाओं का प्रभावी अभिसरण सुनिश्चित करने तथा नियमित समन्वय तंत्र विकसित करने पर सहमति दी। अंत में सभी हितधारकों ने रायपुर को देश के अग्रणी निर्यात जिलों में शामिल करने का संकल्प लिया।
- 0- अब तक 1 लाख 32 हजार से अधिक बच्चों की हो चुकी स्क्रीनिंगरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन रायपुर द्वारा बच्चों के स्वास्थय को प्राथमिकता देते हुए चलाई जा रही योजना “प्रोजेक्ट धड़कन” के अंतर्गत ज़िले भर में विशेष स्वास्थय शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य है - बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की समय रहते पहचान कर उन्हें बेहतर और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन तथा श्री सत्य साई हॉस्पिटल के सहयोग से आज अभनपुर टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 1, 2 एवं 3 जुलुम में 123 बच्चों की स्क्रीनिंग, आरंग टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र 1, 2, 3 एवं 4 बनरसी में 251 बच्चों की स्क्रीनिंग, धरसीवां टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 1 एवं 2 भटगांव में 134 बच्चों की स्क्रीनिंग, तिल्दा टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र 1 एवं 3 तुलसी नेवरा में 116 बच्चों की स्क्रीनिंग, अर्बन टीम ए द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र रावां पुतला एवं गंगा नगर में 93 बच्चों की स्क्रीनिंग, अर्बन टीम बी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र पचपथ चौक, अवधिया पारा एवं ईदगाहभाटा में 112 बच्चों की स्क्रीनिंग एवं अर्बन टीम डी द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र बीरगांव में 164 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई व पूरे जिले में आज कुल 993 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई।इस प्रोजेक्ट के तहत अब तक जिले में कुल 1 लाख 32 हजार 32 बच्चों की स्क्रीनिंग, 14 बच्चों का मेडिकल उपचार व प्रबंधन एवं 18 बच्चों का निःशुल्क ऑपरेशन किया जा चुका है।
- 0- “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” के तहत शासकीय कर्मचारी बच्चों संग साझा कर रहे हैं खुशियाँरायपुर. जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है - खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं।इसी क्रम में वेहिकल ड्राइवर श्री हेमनारायण निर्मलकर ने आंगनबाड़ी केंद्र - 2 ग्राम बिलाड़ी एवं ड्रेसर ग्रेड - 1 श्री संजय तिवारी ने आंगनबाड़ी केंद्र भाठागाँव में विद्यार्थियों के साथ जन्मदिवस के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया।
- 0- नैनो डीएपी के उपयोग से किसान परस साहू को मिल रहा बेहतर उत्पादनरायपुर. कृषि में आधुनिक तकनीकों और नवाचारों के बढ़ते उपयोग से किसानों को बेहतर उत्पादन और लागत में कमी का लाभ मिल रहा है। रायपुर जिले के अभनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पी. जामगांव के किसान श्री परस साहू नैनो उर्वरक के उपयोग से खेती में सकारात्मक परिणाम प्राप्त कर रहे हैं।श्री साहू ने बताया कि वे पिछले दो वर्षों से अपनी फसलों में नैनो डीएपी का छिड़काव कर रहे हैं। इसके उपयोग से फसल उत्पादन में वृद्धि हुई है तथा धान की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि नैनो डीएपी पारंपरिक दानेदार डीएपी की तुलना में कम लागत में उपलब्ध होता है, जिससे खेती की लागत घटती है और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलती है।उन्होंने बताया कि खरीफ सीजन की तैयारियों के दौरान सहकारी समिति से उन्हें समय पर बीज एवं उर्वरक उपलब्ध हो गए, जिससे खेती संबंधी सभी कार्य सुचारू रूप से संपन्न हुए।श्री साहू ने बताया कि नैनो उर्वरक खेती को अधिक लाभकारी और किफायती बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने अन्य किसानों से भी नैनो डीएपी के उपयोग की अपील करते हुए कहा कि इसके सकारात्मक परिणामों ने उनके विश्वास को और मजबूत किया है तथा यह तकनीक किसानों के लिए लाभदायक सिद्ध हो सकती है।


























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