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- बालोद । एकीकृत बाल विकास परियोजना गुरूर के परियोजना अधिकारी ने बताया कि कार्यालय परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना गुरूर द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र रमतरा 1 एवं बालोद गहन 2 में आंगनबाड़ी सहायिका के 01-01 पदों एवं आंगनबाड़ी केंद्र सोरर 1 में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के 01 रिक्त पद पर भर्ती हेतु 19 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित की गई है। उन्होंने बताया कि इच्छुक आवेदक वेबसाईट https://aww.e-bharti.in/ पर 19 अगस्त 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।
- दुर्ग / स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त को आयोजित होने वाले मुख्य समारोह एवं परेड की तैयारियों को लेकर कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री विजय अग्रवाल ने जिला मुख्यालय स्थित छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल प्रथम बटालियन ग्राउंड का निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, मंच एवं बैठक व्यवस्था, परेड रिहर्सल, साफ-सफाई, प्रवेश एवं निकास मार्ग, सांस्कृतिक कार्यक्रम सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री अग्रवाल ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी तैयारियां पूर्ण करने तथा आपसी समन्वय के साथ आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने समारोह में शामिल होने वाले अतिथियों एवं आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बैठक, पेयजल, यातायात और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित करने के निर्देश भी दिए।इसके पश्चात कलेक्टर एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने आगामी 17 से 23 अगस्त 2026 तक जयंती स्टेडियम भिलाई में आयोजित होने वाली शिव महापुराण कथा के आयोजन स्थल का भी निरीक्षण किया। इस दौरान कथा वाचक पंडित श्री प्रदीप मिश्रा के कार्यक्रम को लेकर की जा रही तैयारियों का जायजा लिया गया। उन्होंने इस दौरान स्टेज, वाटरप्रूफ पण्डाल, भोजन व्यवस्था, वीआईपी प्रवेश एवं निकास द्वार तथा श्रद्धालुओं के लिए बनाए जाने वाले प्रवेश मार्गो सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। नगर निगम भिलाई पार्षद द्वारा आयोजन की व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई।इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री वीरेन्द्र सिंह, अपर कलेक्टर श्री हरवंश सिंह मिरी, नगर निगम दुर्ग आयुक्त सुश्री सुरूचि सिंह, नगर निगम रिसाली आयुक्त श्रीमती मोनिका वर्मा, डिप्टी कलेक्टर श्री सोनल डेविड, पुलिस विभाग और नगर निगम के अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
- -40 किलोलीटर जलागार और 150 घरेलू नल कनेक्शनों से ग्रामीणों को मिली बड़ी राहतरायपुर ।लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत खैरागढ़ जिले के विकासखंड छुईखदान की ग्राम पंचायत आमगांव के आश्रित ग्राम बिड़ौरी में हर घर तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में किए गए कार्य ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से अब गांव के प्रत्येक परिवार को घर बैठे स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो रहा है, जिससे वर्षों पुरानी पेयजल समस्या का स्थायी समाधान हुआ है। ग्राम बिड़ौरी में 40 किलोलीटर क्षमता की उच्च स्तरीय जलागार का निर्माण कर व्यापक पाइपलाइन नेटवर्क विकसित किया गया है। इसके माध्यम से गांव की 638 जनसंख्या वाले 150 परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। नियमित जलापूर्ति से ग्रामीणों को अब स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल सहजता से उपलब्ध हो रहा है।योजना लागू होने से पहले महिलाओं और बच्चों को प्रतिदिन पेयजल के लिए दूरस्थ स्रोतों तक जाना पड़ता था, जिससे समय और श्रम दोनों की अधिक खपत होती थी। अब घर-घर नल से पानी मिलने से महिलाओं को राहत मिली है, बच्चों को पढ़ाई और अन्य गतिविधियों के लिए अधिक समय मिल रहा है तथा परिवारों की दैनिक दिनचर्या पहले की तुलना में अधिक सुगम और सुविधाजनक हो गई है।स्वच्छ पेयजल की नियमित उपलब्धता से ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। जलजनित बीमारियों की आशंका में कमी आई है और स्वच्छता के प्रति लोगों की जागरूकता बढ़ी है। इससे गांव के लोगों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है।जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीणों को जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों की सुरक्षा तथा पेयजल के विवेकपूर्ण उपयोग के संबंध में लगातार जागरूक किया जा रहा है। ग्राम पंचायत एवं ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता से योजना के संचालन एवं संधारण को भी सुदृढ़ बनाया गया है, जिससे इसकी निरंतरता और प्रभावशीलता सुनिश्चित हो रही है।लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने ग्रामीणों से जल का सदुपयोग करने, अनावश्यक जल अपव्यय रोकने तथा जल स्रोतों के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है। विभाग का मानना है कि जनसहभागिता से ही जल जीवन मिशन के उद्देश्य दीर्घकाल तक सफलतापूर्वक पूरे किए जा सकते हैं।ग्राम बिड़ौरी की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और जनसहभागिता मिलकर ग्रामीण जीवन में व्यापक एवं स्थायी परिवर्तन ला सकते हैं। जल जीवन मिशन गांव में केवल पेयजल उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बेहतर स्वास्थ्य, समय की बचत, महिलाओं के सशक्तिकरण और जीवन की गुणवत्ता में सुधार का सशक्त माध्यम बन गया है।
- -कम लागत में बेहतर पोषण और उत्पादन से बढ़ा खेती के प्रति भरोसा, आधुनिक तकनीक अपनाने का दिया संदेशरायपुर । समय के साथ कृषि में आधुनिक तकनीकों को अपनाकर किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन हासिल कर सकते हैं। इसका उदाहरण मनेन्द्रगढ़ विकासखंड के ग्राम बंजी के प्रगतिशील किसान सिया बाई और राय सिंह ने प्रस्तुत किया है। दोनों किसानों ने आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित, चौनपुर से इफको नैनो डीएपी प्राप्त कर अपनी फसल में इसका प्रयोग किया और इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिले। पारंपरिक डीएपी उर्वरक के अपेक्षाकृत अधिक उपयोग से खेती की लागत बढ़ने के बीच नैनो डीएपी के प्रयोग से कम मात्रा में फसल को प्रभावी पोषण उपलब्ध कराने में मदद मिली। किसानों के अनुसार फसल की बढ़वार संतुलित रही, पौधों में हरियाली बनी रही और जड़ों का विकास भी बेहतर दिखाई दिया। इसका असर फसल की गुणवत्ता एवं उत्पादन पर भी नजर आया।सिया बाई बताती हैं कि शुरुआत में उन्हें नैनो डीएपी के बारे में अधिक जानकारी नहीं थी। कृषि विभाग के मार्गदर्शन और सहकारी समिति से मिली सलाह के बाद उन्होंने इसे अपनी खेती में अपनाने का निर्णय लिया। प्रयोग के बाद मिले परिणाम उनकी उम्मीद से बेहतर रहे। उन्होंने कहा कि कम लागत में अच्छी फसल मिलने से खेती से आय बढ़ने की उम्मीद मजबूत हुई है। वहीं राय सिंह का कहना है कि नैनो डीएपी का उपयोग करना आसान है और इसका प्रभाव फसल पर स्पष्ट दिखाई देता है। उनके अनुसार पहले जहां अधिक मात्रा में रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता पड़ती थी, वहीं अब कम मात्रा में पौधों को पोषण उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है। इससे उर्वरक पर होने वाला खर्च कम हुआ है और खेती अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।सिया बाई और राय सिंह ने जिले के अन्य किसानों से भी आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने तथा कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार नैनो डीएपी का उपयोग करने की अपील की है। उनका मानना है कि वैज्ञानिक पद्धतियों और नई तकनीकों को अपनाकर खेती को अधिक लाभदायक एवं टिकाऊ बनाया जा सकता है। ग्राम बंजी कीे सिया बाई और राय सिंह की सफलता की यह कहानी बताती है कि आधुनिक कृषि नवाचार किसानों के लिए खेती की लागत कम करने और बेहतर उत्पादन की दिशा में उपयोगी साबित हो सकते हैं। नैनो डीएपी के प्रयोग से मिले सकारात्मक अनुभव ने किसान परिवार के भरोसे को बढ़ाया है और कम लागत, बेहतर पोषण तथा लाभकारी खेती की नई संभावनाओं को मजबूत किया है।
- -टीबी मरीजों को घर पहुंचकर दी जा रही पोषण आहार किट, स्वास्थ्य परीक्षण एवं परामर्शरायपुर । प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जशपुर जिले के दूरस्थ विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) क्षेत्रों में टीबी उन्मूलन के उद्देश्य से विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत टीबी मरीजों की शीघ्र पहचान, नियमित उपचार, पोषण सहायता तथा स्वास्थ्य जागरूकता पर विशेष जोर दिया जा रहा है।अभियान के अंतर्गत जिले के सभी पीवीटीजी टीबी मरीजों को गोद लेकर उपचार अवधि के दौरान नियमित रूप से निक्षय पोषण आहार किट उपलब्ध कराई जा रही है तथा आवश्यक सहयोग एवं स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।इसी क्रम में 1 अगस्त 2026 को बगीचा विकासखंड के ग्राम गायबुड़ा, महादेवजोबला, रोकड़ापाठ एवं भट्टीकोना में नव-पंजीकृत चार टीबी मरीजों के घर पहुंचकर स्वास्थ्य दल ने उनसे मुलाकात की। इस दौरान मरीजों को पोषण आहार किट वितरित की गई। साथ ही पीवीटीजी हेल्पडेस्क के सहयोग से उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, आवश्यक दवाइयों का वितरण किया गया तथा परिवार के सदस्यों की टीबी स्क्रीनिंग भी की गई।स्वास्थ्य टीम ने मरीजों एवं ग्रामीणों को टीबी के लक्षणों की पहचान, नियमित रूप से दवा लेने, उपचार बीच में न छोड़ने तथा समय पर जांच कराने के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अभियान के सकारात्मक परिणामस्वरूप समुदाय में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति विश्वास बढ़ा है तथा टीबी उन्मूलन सहित अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों में भी लोगों की सहभागिता मजबूत हुई है। जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जिले को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए इस प्रकार के जनजागरूकता एवं पोषण सहायता अभियान आगे भी निरंतर संचालित किए जाएंगे।
- रायपुर । प्रदेश में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में जशपुर जिले में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। IDBI बैंक की कॉर्पाेरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) योजना के अंतर्गत जिले के आठ सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालयों में स्मार्ट क्लास पैनल स्थापित किए गए हैं। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने सरस्वती शिशु मंदिर, जशपुर में आयोजित कार्यक्रम में स्मार्ट क्लास का शुभारंभ किया।IDBI बैंक, जशपुर शाखा की इस पहल के तहत जशपुर, बगीचा, दुलदुला, तपकरा, लोधमा, कुनकुरी, पत्थलगांव सहित जिले के आठ प्रमुख सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालयों को स्मार्ट क्लास सुविधा से जोड़ा गया है। इन डिजिटल पैनलों के माध्यम से विद्यार्थियों को तकनीक आधारित, गुणवत्तापूर्ण और अधिक प्रभावी शिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उनकी सीखने की क्षमता और विषयों के प्रति रुचि में वृद्धि होगी।इस अवसर पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल शिक्षा गुणवत्तापूर्ण शिक्षण का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुकी है। स्मार्ट क्लास जैसी सुविधाएं विद्यार्थियों को आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए भी तैयार करेंगी। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में प्क्ठप् बैंक की इस सामाजिक पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के प्रति सकारात्मक योगदान बताया। कार्यक्रम में IDBI बैंक जशपुर के शाखा प्रबंधक श्री ऋषिकेश महतो, श्री रामनिवास अग्रवाल, सरस्वती शिशु मंदिर के प्राचार्य श्री संजय यादव, बैंक के श्री राहुल गुप्ता, कलेक्टर कार्यालय से श्री अभिषेक दुबे सहित विद्यालय परिवार, अभिभावक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
- -राज्य सरकार की पहल से छात्राओं को मिला सुरक्षित और सुगम आवागमन, 120 बेटियों को मिली निशुल्क साइकिलरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बेटियों की शिक्षा को प्रोत्साहित करने और ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों की छात्राओं को विद्यालय से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी दिशा में संचालित सरस्वती साइकिल योजना छात्राओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। योजना के तहत बलरामपुर जिले में कक्षा 9वीं की 120 छात्राओं को निशुल्क साइकिल वितरित की गई, जिससे अब उनकी पढ़ाई का सफर अधिक सुरक्षित, आसान और समयबद्ध हो सकेगा।कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बलरामपुर में आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं को साइकिल प्रदान की गई। साइकिल प्राप्त करते ही छात्राओं के चेहरों पर आत्मविश्वास और खुशी साफ दिखाई दी।कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष श्री लोधीराम एक्का ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दूरी, आर्थिक कठिनाई या संसाधनों की कमी कभी भी बेटियों की शिक्षा में बाधा न बने। उन्होंने कहा कि सरस्वती साइकिल योजना विशेष रूप से दूरस्थ अंचलों की छात्राओं के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। इससे वे समय पर विद्यालय पहुंच सकेंगी, सुरक्षित आवागमन कर सकेंगी और पढ़ाई पर अधिक ध्यान दे पाएंगी।विद्यालय के प्राचार्य ने बताया कि आठवीं के बाद विद्यालय की दूरी कई छात्राओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन जाती थी। कई बेटियों को प्रतिदिन 4 से 5 किलोमीटर पैदल चलकर विद्यालय पहुंचना पड़ता था, जिससे उनकी नियमित उपस्थिति और पढ़ाई प्रभावित होती थी। साइकिल मिलने से अब उनकी उपस्थिति में सुधार होगा और पढ़ाई के लिए अधिक समय मिल सकेगा।ग्राम पिण्डारा की छात्रा कोमल शर्मा ने बताया कि पहले विद्यालय पहुंचने में काफी समय और ऊर्जा खर्च हो जाती थी। अब साइकिल मिलने से वह समय पर विद्यालय पहुंच सकेगी और पढ़ाई पर पहले से अधिक ध्यान दे पाएगी।वहीं ग्राम ओबरी की छात्रा राधिका ने कहा कि विशेषकर बारिश के दिनों में विद्यालय पहुंचना बहुत कठिन होता था। साइकिल मिलने से अब उसका विद्यालय आना-जाना सुरक्षित और सुविधाजनक हो गया है। उसने मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने माता-पिता, विद्यालय तथा जिले का नाम रोशन करने का संकल्प भी व्यक्त किया। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों और अभिभावकों ने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
- -73.6 प्रतिशत अंकों के साथ सफलता की लिखी नई इबारत, संघर्ष और आत्मविश्वास बनी मिसाल-बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप ने इलेक्ट्रॉनिक व्हीलचेयर भेंट कर बढ़ाया उत्साहरायपुर। दृढ़ इच्छाशक्ति, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास के सामने शारीरिक चुनौतियां भी छोटी पड़ जाती हैं। बस्तर जिले के ग्राम बेंगलूर की रहने वाली कुमारी राखी नाग ने इसी संकल्प का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है। जन्म से लोकोमोटर दिव्यांगता से प्रभावित राखी अपने दोनों हाथों का उपयोग नहीं कर पाती हैं, लेकिन उन्होंने अपने दाहिने पैर से लिखकर छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं बोर्ड परीक्षा में 73.6 प्रतिशत अंक प्राप्त करते हुए प्रथम श्रेणी में सफलता हासिल की है।स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, नानगुर की छात्रा राखी नाग अपनी दैनिक पढ़ाई से लेकर परीक्षा तक का पूरा कार्य दाहिने पैर से लिखकर करती हैं। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने कभी अपने सपनों को कमजोर नहीं पड़ने दिया। उनके पिता श्री धनसिंह नाग, जो एक गैस एजेंसी में मजदूरी करते हैं, तथा माता श्रीमती चौती नाग ने आर्थिक चुनौतियों के बावजूद बेटी की शिक्षा को प्राथमिकता दी और हर कदम पर उसका हौसला बढ़ाया।शिक्षकों के सहयोग से मिला सफलता का मार्गविद्यालय निरीक्षण के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी श्री अनिल दास को राखी की विशेष परिस्थिति की जानकारी मिली। इसके बाद माध्यमिक शिक्षा मंडल के प्रावधानों के अनुसार उन्हें बोर्ड परीक्षा में राइटर (लेखन सहायक) की सुविधा उपलब्ध कराई गई। विद्यालय की कक्षा नवमी की छात्रा नव्या निर्मलकर ने पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ परीक्षा के दौरान राइटर की भूमिका निभाई। वहीं विद्यालय के प्राचार्य श्री विनोद सिंह भदौरिया तथा शिक्षकों ने निरंतर मार्गदर्शन और प्रोत्साहन देकर राखी के आत्मविश्वास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।बस्तर सांसद ने भेंट की इलेक्ट्रॉनिक व्हीलचेयरराखी नाग के संघर्ष और सफलता की प्रेरणादायी कहानी सामने आने के बाद बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप स्वयं उनके ग्राम बेंगलूर स्थित निवास पहुंचे। उन्होंने राखी के अदम्य साहस और उपलब्धि की सराहना करते हुए उनकी पढ़ाई और आवागमन को और अधिक सुगम बनाने के उद्देश्य से उन्हें इलेक्ट्रॉनिक व्हीलचेयर भेंट की। सांसद ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आगे भी हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।संघर्ष से सफलता तक की प्रेरक कहानीराखी नाग की उपलब्धि यह संदेश देती है कि यदि परिवार का सहयोग, शिक्षकों का मार्गदर्शन और स्वयं पर विश्वास हो, तो कोई भी चुनौती सफलता की राह नहीं रोक सकती। पैरों से लिखकर प्रथम श्रेणी में बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली राखी आज उन सभी विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई हैं, जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को साकार करने का साहस रखते हैं।
- -स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत माय भारत द्वारा जिलेभर में स्वच्छता अभियान का आयोजनजशपुरनगर / युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत मेरा युवा भारत (MY Bharat) जशपुर द्वारा स्वच्छता पखवाड़ा (1-15 अगस्त 2026) के अवसर पर जिले के विभिन्न शिक्षण संस्थानों एवं सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक स्वच्छता अभियान एवं स्वच्छता शपथ कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।इसी क्रम में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS), घोलेंग, जशपुर में विद्यार्थियों एवं युवाओं की सक्रिय भागीदारी के साथ स्वच्छता अभियान चलाया गया। कार्यक्रम के दौरान परिसर की साफ-सफाई की गई तथा सभी उपस्थित प्रतिभागियों को स्वच्छता की शपथ दिलाकर स्वच्छ एवं स्वस्थ भारत के निर्माण का संकल्प कराया गया।स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत बगीचा विकासखंड के रामकृष्ण आश्रम, तपकरा स्थित छात्रावास (फरसाबहार विकासखंड) तथा मनोरा विकासखंड में भी MY Bharat द्वारा स्वच्छता अभियान आयोजित किए गए, जिनमें स्थानीय युवाओं, विद्यार्थियों एवं स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।विद्यार्थियों एवं युवाओं की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की। MY Bharat ने सभी प्रतिभागियों से अपने दैनिक जीवन में स्वच्छता को अपनाने एवं समाज को स्वच्छ बनाने में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
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-रायपुर प्रेस क्लब की 'सुर श्रद्धांजलि' में पत्रकारों ने कालजयी गीतों से स्वर सम्राटों को किया नमन
रायपुर। रायपुर प्रेस क्लब द्वारा हिंदी सिनेमा के अमर स्वर सम्राट स्वर्गीय मोहम्मद रफ़ी और स्वर्गीय किशोर कुमार की स्मृति में आयोजित "सुर श्रद्धांजलि" कार्यक्रम रविवार को संध्या संगीत, संवेदना और यादों के अद्भुत संगम के रूप में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में पत्रकारों ने अपने पसंदीदा कालजयी गीतों की शानदार प्रस्तुतियों के माध्यम से दोनों महान गायकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।कार्यक्रम का शुभारंभ दिव्यांग युवा गायक मो. शाहमीर खान की दमदार प्रस्तुति "कौन है वो... कौन है वो... कहाँ से वो आया..." (फि़ल्म बाहुबली) से हुआ, जिसने शुरुआत से ही पूरे वातावरण को संगीतमय बना दिया।प्रसिद्ध अभिनेता एवं विधायक अनुज शर्मा ने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए स्वयं भी मोहम्मद रफ़ी और किशोर कुमार के लोकप्रिय गीत प्रस्तुत किए। उन्होंने रायपुर प्रेस क्लब की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि खबरों की आपाधापी के बीच पत्रकारों की यह सुर साधना उनकी छिपी हुई प्रतिभा को सामने लाने का सशक्त माध्यम है। पत्रकारों को इस आत्मीय अंदाज़ में गाते सुनना उनके लिए बेहद सुखद अनुभव रहा।अपने संबोधन के बाद अनुज शर्मा ने अपनी मधुर आवाज़ में "आवाज़ मैं न दूँगा..." गीत प्रस्तुत कर ऐसा समां बांधा कि पूरा सभागार देर तक तालियों की गडग़ड़ाहट से गूंज उठा।
कार्यक्रम के समापन सत्र की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने की। स्वयं एक अच्छे गायक के रूप में पहचान रखने वाले श्री वर्मा ने भी अपने उद्बोधन के बाद उन्होंने सदाबहार गीत "एक प्यार का नगमा है..." प्रस्तुत किया। उनकी भावपूर्ण प्रस्तुति ने उपस्थित पत्रकारों और श्रोताओं की खूब वाहवाही बटोरी तथा पूरे सभागार को तालियों से गुंजायमान कर दिया। पूरे कार्यक्रम का संचालन रेडियो उद्घोषिका एवं पत्रकार आकांक्षा दुबे और राहुल सिन्हा ने प्रभावशाली अंदाज़ में किया। उन्होंने संचालन के दौरान मोहम्मद रफ़ी और किशोर कुमार के गीतों से जुड़े अनेक रोचक और अनसुने प्रसंग साझा कर कार्यक्रम को और अधिक जीवंत बना दिया।रायपुर प्रेस क्लब के इस विशेष आयोजन में कुल 38 पत्रकार साथियों ने अपनी प्रस्तुतियाँ दीं। वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र कुमार निगम ने "घुँघरू की तरह बजता ही रहा हूँ", अनिल पुसदकर ने "मेरे दुश्मन तू मेरी दोस्ती को तरसे", सुरेश वैष्णव ने "जीवन से भरी तेरी आँखें गीत प्रस्तुत किया। कौशल स्वर्णबेर ने "ये रेशमी ज़ुल्फें", संदीप तिवारी ने "सैय्यारा तू तो बदला नहीं है", राजकुमार सोनी ने "ये क्या हुआ कैसे हुआ", सुमन पाण्डेय ने "तुम मुझे यूँ भुला न पाओगे" और गंगेश द्विवेदी ने "चेहरा है या चाँद खिला है" गाकर खूब तालियाँ बटोरीं।इसी क्रम में रूपेश यादव ने "फूलों के रंग से", भूपेश जांगड़े ने "तेरे नाम का दीवाना", " शकुंतला तरार ने "हमदम मेरे मान भी जाओ", कौशल तिवारी ने "शिकार करने को आए", अख्तर हुसैन ने "कहना है कहना है", दीपक पाण्डेय ने "पल भर के लिए कोई हमें प्यार कर ले" की शानदार प्रस्तुति दी। वहीं पत्रकार अमृता शर्मा ने "इंतहा हो गई इंतजार की" , राहुल सिन्हा और उनकी पत्नी दीप्ति सिन्हा ने - तू है वहीं दिल ने जिसे अपना कहा, और सनत तिवारी तथा उनकी पत्नी किरण तिवारी ने "मैं एक चोर, तू मेरी रानी" की युगल प्रस्तुति देकर समां बांध दिया। इसके अलावा मंजूषा शर्मा ने एक अजनबी हसीना से, हेमंत डोंगरे ने "चलो रे डोली उठाओ कहार", पंकज मिश्रा ने "न जा कहीं अब न जा", प्रमोद मिश्रा ने "ये जीवन है", धीरज मिश्रा ने "खिलौना जानकर तुम तो", श्रवण शर्मा ने "छू लेने दो नाज़ुक होठों को", रतन जैसवानी ने "भँवरे की गुंजन है", सत्येंद्र कर ने "चलते चलते मेरे ये गीत याद रखना", सागर परिकर ने "हमको तुमसे हो गया है प्यार", अजय सक्सेना ने "मेरा जीवन कोरा कागज़", पीयूष मिश्रा ने "ये दुनिया ये महफि़ल", योगेंद्र साहू ने "तू इस तरह से मेरी ज़िंदगी में शामिल है", जी. भूषण राव ने "आपके अनुरोध पे", सिद्धार्थ देव ने "नीले-नीले अंबर पर", शशिकांत यादव ने "तुमसे अच्छा कौन है" तथा अमिताभ दुबे ने "चाँद मेरा दिल" प्रस्तुत कर संगीत प्रेमियों का भरपूर मनोरंजन किया।लगभग चार घंटे तक चले इस संगीतमय आयोजन में मोहम्मद रफ़ी और किशोर कुमार के कालजयी गीतों की स्वर लहरियाँ पूरे प्रेस क्लब परिसर में गूंजती रहीं। उपस्थित श्रोताओं ने हर प्रस्तुति का तालियों से उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के अंत में रायपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी द्वारा सभी प्रतिभागियों का सम्मान किया गया।इस अवसर प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारीमें कहा कि सुर श्रद्धांजलि' केवल एक सांगीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पत्रकारिता और संगीत के सुंदर संगम का ऐसा उत्सव बन गया, जिसने यह साबित कर दिया कि कलम के साथ-साथ सुरों पर भी पत्रकारों की उतनी ही मजबूत पकड़ है।
कार्यक्रम में विशेष तौर पर महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव निवेदिता साहू और भूपेश जांगड़े के साथ कार्यकारिणी सदस्य संदीप पुराणिक , संतोष साहू ,नीरज मिश्रा, अंशुमन शर्मा एवं जाकिर घुड़सेना के साथ संजू सिन्हा मौजूद रहे ,
- दुर्ग। जिले में लुटेरों ने कांग्रेस के एक नेता की कथित रूप से चाकू मारकर हत्या कर दी। पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि जिले के जेवरा सिरसा पुलिस चौकी क्षेत्र में लुटेरों ने रविवार रात कांग्रेस के स्थानीय नेता प्रकाश सिंह कश्यप (45) की चाकू मारकर हत्या कर दी। उन्होंने बताया कि धमधा मार्ग पर चिखली गांव के पास रविवार रात जब कश्यप मोटरसाइकिल से अपने दो अन्य मित्रों के साथ अपने गांव तुमकला जा रहे थे तब चार लोगों ने उन्हें रोक लिया। अधिकारियों ने बताया कि लुटेरों ने कश्यप से मोबाइल फोन और चार हजार रूपए लूट लिया तथा जब कश्यप ने इसका विरोध किया तब उन्होंने कश्यप को चाकू मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर वहां से भाग गए। अधिकारियों के अनुसार घायल कश्यप को उनके मित्रों ने अस्पताल पहुंचाया जहां इलाज के दौरान सोमवार को उनकी मौत हो गई। प्रकाश सिंह कश्यप धमधा मंडल के कांग्रेस के कोषाध्यक्ष थे। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है तथा हमलावरों की खोज शुरू कर दी गई है।
- -मुखबिर की सूचना पर रात्रि गश्त के दौरान सागौन लट्ठों से लदा पिकअप वाहन जब्त-वन कर्मियों की टीम ने दी दबिश, वाहन एवं वनोपज सुरक्षित अभिरक्षा मेंरायपुर । राज्य सरकार प्रदेश के वन परिक्षेत्रों में अवैध काष्ठ परिवहन पर सख्त कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में सूरजपुर जिले के रामानुजनगर वन परिक्षेत्र में अवैध वनोपज परिवहन पर अंकुश लगाते हुए वन अमले ने सागौन काष्ठ से लदे एक पिकअप वाहन को जब्त करने की उल्लेखनीय कार्रवाई की है। वन विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि परिक्षेत्र में अवैध कटाई एवं वनोपज परिवहन की रोकथाम हेतु रात्रिकालीन गश्त सतत जारी रहेगी तथा वन संपदा को क्षति पहुँचाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 02 अगस्त 2026 को रात्रि में अवैध रूप से वनोपज परिवहन किए जाने की सूचना मुखबिर से प्राप्त होने पर वन परिक्षेत्र अधिकारी रामानुजनगर श्रीमती पूजा यादव के निर्देशन में तत्काल वन कर्मियों की एक टीम गठित की गई और उसे परिक्षेत्र अंतर्गत सघन गश्त हेतु रवाना किया गया।रात्रिकालीन गश्त के दौरान 03 अगस्त 2026 को प्रातः लगभग 3ः00 बजे परिसर छिंदिया अंतर्गत वन अमले ने एक पिकअप वाहन को जंगल की ओर जाते हुए देखा, जिस पर तत्परता दिखाते हुए वनकर्मियों ने घेराबंदी कर मौके पर दबिश दी। मौका स्थल वाहन क्रमांक सीजी.-15 ए.सी. 1294 पर सागौन प्रजाति के 04 नग लट्ठे लोड किए जा चुके थे। वाहन में काष्ठ लोड कर रहे व्यक्ति वन कर्मियों को देखते ही मौके से फरार हो गए।वाहन चालक से की गई पूछताछ में उसके द्वारा किसी भी प्रकार का परिवहन अनुज्ञप्ति अथवा पास न होना बताया गया। तदुपरांत वाहन मय वनोपज को जब्त करते हुए भारतीय वन अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया। जब्तशुदा वाहन एवं वनोपज को वन परिक्षेत्र कैम्पस रामानुजनगर लाकर सुरक्षित अभिरक्षा में रखवाया गया है। उक्त कार्रवाई में वनरक्षक श्री राहुल साहू, वनरक्षक श्री सुनील कुमार एवं वन रक्षक श्री बिजेश्वर सिंह ठाकुर सम्मिलित रहे।
- -प्रवेश पत्र डाउनलोड करने की सूचना SMS के माध्यम से भेजी गईरायपुर। शीघ्रलेखन एवं मुद्रलेखन कम्प्यूटर कौशल परीक्षा परिषद, लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़, रायपुर द्वारा अंग्रेजी एवं हिन्दी कम्प्यूटर मुद्रलेखन कौशल परीक्षाओं का आयोजन निर्धारित तिथियों पर किया जाएगा। परिषद के अनुसार 08 अगस्त 2026 को अंग्रेजी कम्प्यूटर मुद्रलेखन (गति 8000 डिप्रेशन प्रति घंटा) की परीक्षा प्रदेश के 08 परीक्षा केन्द्रों पर, 09 अगस्त 2026 को हिन्दी कम्प्यूटर मुद्रलेखन (गति 8000 डिप्रेशन प्रति घंटा) की परीक्षा 09 परीक्षा केन्द्रों पर तथा 16 अगस्त 2026 को बिलासपुर एवं सरगुजा संभाग में एक-एक परीक्षा केन्द्र पर आयोजित की जाएगी। सभी परीक्षार्थियों के लिए परिषद द्वारा आबंटित परीक्षा केन्द्र, निर्धारित बैच एवं समय पर परीक्षा में उपस्थित होना अनिवार्य होगा। परीक्षा कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी परिषद की वेबसाइटhttps://ctsp.cg.nic.in पर उपलब्ध है। प्रवेश पत्र डाउनलोड करने संबंधी सूचना परीक्षार्थियों के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से प्रेषित कर दी गई है। परीक्षार्थियों को परीक्षा केन्द्र में प्रवेश के समय पहचान के लिए आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड अथवा मतदाता परिचय पत्र में से कोई एक मूल पहचान पत्र साथ लाना अनिवार्य होगा। साथ ही प्रवेश पत्र में दिए गए सभी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है।
- -15 अक्टूबर तक जनता से मांगे गए सुझावरायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश में 'समान नागरिक संहिता' (UCC) लागू करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। धर्म आधारित व्यक्तिगत कानूनों के स्थान पर सभी नागरिकों को संविधान के एक समान दायरे में लाने के उद्देश्य से एक विशेष 5-सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। इस समिति ने अब आम जनता, विभिन्न संगठनों और हितधारकों से सुझाव एवं अभिमत आमंत्रित किए हैं, ताकि यह तय किया जा सके कि राज्य में आने वाला नया कानून कैसा होना चाहिए।उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित यह समिति छत्तीसगढ़ में UCC की आवश्यकता, उसकी रूपरेखा तथा व्यक्तिगत सिविल मामलों से जुड़े मौजूदा कानूनों का व्यापक अध्ययन और समीक्षा कर रही है। इस समिति में सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा के श्री शत्रुघ्न सिंह और श्री एम. के. राऊत,वरिष्ठ अधिवक्ता श्री मोहन पवार और सेवानिवृत्त प्राचार्या श्रीमती ज्योति रानी सिंह सदस्य के रूप में शामिल हैं। यह समिति राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) के कार्यान्वयन से जुड़े सभी विधिक, सामाजिक और प्रशासनिक पहलुओं का गहन अध्ययन कर रही है। इसके प्रमुख दायित्वों में छत्तीसगढ़ की वर्तमान विधिक स्थिति का विश्लेषण करने के साथ-साथ विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार और गोद लेने (दत्तक ग्रहण) जैसे संवेदनशील विषयों पर व्यावहारिक सुझाव तैयार करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, समिति अन्य राज्यों में लागू UCC व्यवस्थाओं का विस्तृत अध्ययन करेगी तथा आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों, विधि विशेषज्ञों और विभिन्न हितधारकों से प्राप्त सुझावों व अभिमतों को भी ड्राफ्ट में शामिल करेगी। इन समस्त अध्ययनों और सुझावों के आधार पर एक समग्र ड्राफ्ट तैयार कर राज्य सरकार को प्रस्तुत करना और आवश्यक विधायी व प्रशासनिक अनुशंसाएं देना समिति का मुख्य उद्देश्य है। UCC लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना था। इसके अलावा गोवा, गुजरात, असम और मध्य प्रदेश में भी इसे लागू किया जा चुका है। इस क्रम में छत्तीसगढ़ UCC को अपनाने वाला देश का 5वां राज्य बनने जा रहा है। समिति ने शासकीय व गैर-शासकीय संगठनों, सामाजिक समूहों, धार्मिक संस्थाओं, समुदायों और राजनीतिक दलों सहित सभी नागरिकों से 15 अक्टूबर 2026 तक अपने विचार और राय अनिवार्य रूप से जमा करने की अपील की है। नागरिक निम्नलिखित माध्यमों से अपने सुझाव भेज सकते हैं: ई-मेल: *[email protected]वेब पोर्टल:https://ucc.cgstate.gov.in/डाक पता: कार्यालय समान नागरिक संहिता समिति, न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइन, कमरा नंबर-202, रायपुर, छत्तीसगढ़ - 492001
- -ट्राइफेड (TRIFED) और जिला प्रशासन की पहल: वोकल फॉर लोकल के तहत स्थानीय हस्तशिल्प और जैविक उत्पादों को मिलेगा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजाररायपुर। जनजातीय कारीगरों, हस्तशिल्पियों और वनोपज संग्राहकों की किस्मत बदलने और उनकी पारंपरिक कला को वैश्विक मंच देने के उद्देश्य से धमतरी जिले में आगामी 21 अगस्त 2026 को विशाल ‘जनजातीय कारीगर सूचीबद्ध (एम्पैनलमेंट) मेला’ आयोजित होने जा रहा है। भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के अधीन संचालित ट्राइफेड (TRIFED) और जिला प्रशासन धमतरी के संयुक्त तत्वावधान में यह विशेष आयोजन किया जा रहा है। इस मेले का मुख्य उद्देश्य जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में छुपी जनजातीय प्रतिभाओं, स्वयं सहायता समूहों (SHGs), वन धन विकास केंद्रों (VDVKs) तथा किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को सीधे ट्राइफेड नेटवर्क से जोड़कर उनके उत्पादों के लिए बड़े बाजार उपलब्ध कराना है।ट्राइफेड से जुड़ने पर पंजीकृत कारीगरों के उत्पाद देशभर में फैले ट्राइफेड के विशाल 'Tribes India' आउटलेट्स पर बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे। इसी तरह कारीगरों को देश के बड़े व्यापार मेलों और अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों में अपने हुनर का प्रदर्शन करने का सीधा मौका मिलेगा। ट्राइफेड के विशेषज्ञ कारीगरों को उत्पादों की गुणवत्ता, आकर्षक पैकेजिंग और ब्रांडिंग का विशेष प्रशिक्षण देंगे, जिससे उन्हें अपने सामान का सही और बेहतर मूल्य मिल सके। मेले में विभिन्न प्रकार के पारंपरिक एवं प्राकृतिक उत्पादों के कारीगर हिस्सा ले सकते हैं। जिसमें हाथ से बने पारंपरिक परिधान व कलाकृतियां,ढोकरा आर्ट, धातु शिल्प, बांस व बेंत के उत्पाद, प्राकृतिक जड़ी-बूटियां, जैविक खाद्य पदार्थ एवं शहद, पारंपरिक जनजातीय पेंटिंग्स एवं मण्मूर्ति कला,पारंपरिक जनजातीय गहने एवं हस्तनिर्मित सजावटी सामान शामिल है।जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने जिले के सभी जनजातीय उद्यमियों और कारीगरों से इस मेले में बढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन 'वोकल फॉर लोकल' और 'आत्मनिर्भर भारत' के सपने को धरातल पर उतारने का एक सशक्त माध्यम है। हमारा लक्ष्य केवल स्थानीय कला को सहेजना ही नहीं, बल्कि जनजातीय समुदायों की आय में सतत वृद्धि कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
- -20 करोड़ से दिव्य बनेगा रुद्रेश्वर धामरायपुर । सावन के पहले सोमवार की संध्या धमतरी की चित्रोत्पला महानदी का तट केवल एक जलधारा नहीं, बल्कि भक्ति, संस्कृति और अध्यात्म का सजीव संगम बन गया। काशी की तर्ज पर जब 108 दीपों की स्वर्णिम आभा के बीच पहली बार भव्य ‘महानदी गंगा आरती’ का शुभारंभ हुआ, तो शंखनाद, वैदिक मंत्रों और घंटियों की गूंज से पूरा रुद्री घाट अलौकिक आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा। धमतरी युवा ब्रिगेड और श्री रुद्रेश्वर महादेव परिवार के इस ऐतिहासिक प्रयास ने नगर की सांस्कृतिक चेतना को नई दिशा दी है। अब जनआस्था का यह पावन पर्व सावन के प्रत्येक सोमवार को महानदी के तट पर सजने जा रहा है।भक्ति के इस आध्यात्मिक वातावरण के बीच धमतरी के लिए एक और बड़ी खुशखबरी की शुरुआत हुई है। प्रदेश सरकार के संस्कृति एवं पर्यटन विभाग ने प्राचीन रुद्रेश्वर महादेव मंदिर परिसर के कायाकल्प के लिए 20 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने का संकल्प लिया है। इस परियोजना के माध्यम से रुद्रेश्वर धाम को एक ऐसे आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल धार्मिक-सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जो छत्तीसगढ़ की धरोहर को राष्ट्रीय पहचान दिलाएगा।यह मास्टर प्लान प्राचीन स्थापत्य कला और आधुनिक जनसुविधाओं का बेहतरीन संतुलन प्रस्तुत करता है। मंदिर की पारंपरिक भारतीय स्थापत्य शैली को संरक्षित रखते हुए भव्य मुख्य प्रवेश द्वार, आकर्षक शिखर, तोरण, दीप स्तंभ और विशाल नंदी प्रतिमा का निर्माण किया जाएगा।श्रद्धालुओं के लिए चौड़े पैदल मार्ग, विश्राम गृह, प्रसाद व स्मृति केंद्र, फूड कोर्ट, सुरक्षित घाट और डिजिटल सूचना प्रणाली की व्यवस्था होगी। परिसर में स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ एआई (AI) आधारित हेल्थ कियोस्क भी स्थापित किए जाएंगे। इसी तरह परिसर में उद्यान, सांस्कृतिक मंडप, रिवर फ्रंट कॉटेज, ओपन एयर स्टेज और भविष्य की 'मैरीन ड्राइव' की तर्ज पर एक सुरम्य तट विकसित किया जाएगा।पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए सौर ऊर्जा पार्किंग, ईवी (EV) चार्जिंग स्टेशन, वर्षा जल संचयन और वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन लागू किया जाएगा।विधायक श्री ओंकार साहू, महापौर श्री जगदीश रामू रोहरा, कलेक्टर और पूर्व विधायक श्रीमती रंजना साहू सहित कई गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति में शुरू हुआ यह आयोजन धमतरी के सामाजिक और आर्थिक विकास के नए युग का प्रतीक है। महानदी गंगा आरती की अविरल धारा और रुद्रेश्वर धाम का समग्र विकास मिलकर न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देंगे, बल्कि स्थानीय व्यापार, रोजगार और जनसहभागिता को भी एक नया आयाम देंगे।
- -एसआईआरडी निमोरा में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम, पंचायत प्रतिनिधियों को दिया जा रहा प्रशिक्षणरायपुर / विकसित भारत–रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) (वीबी जीरामजी) अधिनियम, 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान (एसआईआरडी), निमोरा, रायपुर में राज्य के सभी निर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों के लिए 3 से 5 अगस्त तक तीन दिवसीय राज्यस्तरीय कार्यशाला आयोजित की जा रही है। कार्यशाला का उद्देश्य जनप्रतिनिधियों को अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों, उनकी जिम्मेदारियों तथा प्रभावी क्रियान्वयन की प्रक्रियाओं से अवगत कराते हुए उनकी क्षमता का विकास करना है।कार्यशाला में जिला पंचायतों के विभिन्न स्थायी समितियों के सभापतियों भी उपस्थित थे। इस अवसर पर विकसित भारत–जीरामजी योजना के आयुक्त श्री तारन प्रकाश सिन्हा ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विजन@2047 के अनुरूप ग्रामीण भारत को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से वीबी जीरामजी अधिनियम, 2025 लागू किया गया है, जिसमें ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार, आजीविका और समग्र विकास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं।श्री सिन्हा ने बताया कि अधिनियम के तहत प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को प्रतिवर्ष 125 दिनों के रोजगार की गारंटी प्रदान की गई है। साथ ही मजदूरी दर बढ़ाकर 300 रुपए प्रतिदिन निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत किए जाने वाले सभी विकास कार्यों का चयन एवं अनुमोदन ग्राम सभा के माध्यम से किया जाएगा, जिससे विकास प्रक्रिया में जनभागीदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। कार्यशाला के दूसरे दिन सरगुजा, रायपुर एवं बस्तर संभाग के जिला पंचायत सदस्यों ने उत्साहपूर्वक प्रशिक्षण में भाग लिया। इस दौरान संयुक्त आयुक्त श्री रामधन श्रीवास, एसआईआरडी के संकाय सदस्य श्री आनंद रघुवंशी तथा अन्य मास्टर ट्रेनर्स ने प्रतिभागियों को अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों और उनके व्यवहारिक क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी प्रदान की।प्रशिक्षण सत्रों में वीबी-जीरामजी अधिनियम, 2025 की अवधारणा एवं उद्देश्य, पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका एवं जिम्मेदारियां, विकसित ग्राम पंचायत योजना का निर्माण, योजना के अंतर्गत स्वीकृत किए जाने वाले कार्य, पात्र परिवारों का पंजीयन, ग्रामीण रोजगार कार्ड, निगरानी एवं पर्यवेक्षण व्यवस्था, शिकायत निवारण प्रणाली, ग्रामीण विकास की अन्य योजनाओं के साथ अभिसरण, वित्तीय प्रबंधन, पारदर्शिता, जवाबदेही, सामाजिक अंकेक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन तथा आजीविका संवर्धन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।कार्यशाला का उद्देश्य जिला पंचायत प्रतिनिधियों को आवश्यक ज्ञान, कौशल और व्यवहारिक समझ से सशक्त बनाना है, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर सकें। इससे ग्राम सभाओं की भूमिका और अधिक मजबूत होगी तथा सहभागी, पारदर्शी, जवाबदेह और सतत ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी।
- -जन्म के पहले घंटे में स्तनपान और पहले छह माह तक केवल मां का दूध पिलाने पर विशेष जोर, स्वास्थ्य संस्थानों में जागरूकता गतिविधियां जारीरायपुर। हर नवजात को जीवन की स्वस्थ और सुरक्षित शुरुआत मिले, इसी उद्देश्य के साथ प्रदेशभर में विश्व स्तनपान सप्ताह की शुरुआत हो गई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा सप्ताहभर अस्पतालों, सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों तथा समुदाय स्तर पर विविध जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। अभियान के माध्यम से माताओं, गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों को स्तनपान के महत्व तथा उसके वैज्ञानिक लाभों की जानकारी दी जा रही है।स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि शिशु के जन्म के पहले घंटे के भीतर स्तनपान शुरू करना और पहले छह माह तक केवल मां का दूध पिलाना उसके स्वस्थ विकास की सबसे मजबूत नींव है। मां का पहला गाढ़ा पीला दूध (कोलोस्ट्रम) शिशु के लिए प्राकृतिक सुरक्षा कवच की तरह कार्य करता है। यह संक्रमण से बचाने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने तथा कुपोषण के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। छह माह तक केवल स्तनपान कराने के बाद शिशु को उम्र के अनुरूप ऊपरी आहार के साथ दो वर्ष या उससे अधिक समय तक स्तनपान जारी रखने की सलाह दी जाती है। स्तनपान केवल शिशु के लिए ही नहीं, बल्कि मां के स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। इससे प्रसव के बाद मां के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार होता है, कुछ गंभीर बीमारियों का खतरा कम होता है तथा मां और शिशु के बीच भावनात्मक संबंध भी अधिक मजबूत बनता है।विश्व स्तनपान सप्ताह के दौरान स्वास्थ्य संस्थानों में गर्भवती एवं धात्री माताओं की काउंसलिंग, समूह चर्चा, स्वास्थ्य शिक्षा सत्र, प्रश्नोत्तर कार्यक्रम तथा स्तनपान संबंधी व्यवहारिक मार्गदर्शन दिया जा रहा है। चिकित्सक, स्टाफ नर्स, एएनएम, मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और अन्य स्वास्थ्यकर्मी माताओं को सही स्तनपान तकनीक, नवजात की देखभाल तथा स्तनपान से जुड़े सामान्य भ्रमों के वैज्ञानिक समाधान भी बता रहे हैं।स्तनपान को केवल मां की जिम्मेदारी न मानकर पूरे परिवार की साझा जिम्मेदारी समझें। परिवार का सहयोग, सकारात्मक वातावरण और सही जानकारी ही प्रत्येक नवजात को स्वस्थ जीवन की बेहतर शुरुआत दे सकती है। जनभागीदारी और जागरूकता के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में और अधिक सुधार लाया जा सकता है तथा कुपोषण मुक्त और स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया जा सकता है।
- -36 ग्राम पंचायतों के 1300 ग्रामीणों को मिले आधार कार्डरायपुर ।छत्तीसगढ़ शासन के सुशासन की संकल्पना अब राज्य के सबसे दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में आकार ले रही है। नारायणपुर जिला प्रशासन द्वारा संचालित ‘सुशासन एक्सप्रेस’ के माध्यम से अबूझमाड़ के पहुंचविहीन अंचलों में शासकीय सुविधाओं की सीधी पहुँच सुनिश्चित की जा रही है। इसी कड़ी में जुलाई माह के दौरान अबूझमाड़ क्षेत्र की 36 ग्राम पंचायतों में अभियान चलाकर लगभग 1,300 हितग्राहियों को उनके आधार कार्ड वितरित किए गए।सुशासन एक्सप्रेस की मोबाइल टीमें अत्यंत दुर्गम गांवों तक पहुँचकर नागरिकों का आधार पंजीयन एवं कार्ड वितरण का कार्य तत्परता से कर रही हैं। स्थानीय स्तर पर ही ये सुविधाएं मिलने से ग्रामीणों को अब छोटी-छोटी प्रशासनिक प्रक्रियाओं के लिए शहर या दूर-दराज के केंद्रों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिली है।आधार बन जाने से अबूझमाड़ के निवासियों के लिए शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ना आसान हो जाएगा। अब हितग्राही बिना किसी बाधा के सार्वजनिक वितरण प्रणाली (राशन), सामाजिक सुरक्षा पेंशन, आयुष्मान भारत योजना, छात्रवृत्ति तथा बैंकिंग सुविधाओं का सीधा लाभ उठा सकेंगे।प्रशासन का उद्देश्य अंतिम छोर पर खड़े अंतिम व्यक्ति तक मूलभूत सेवाएं पहुँचाना है। ‘सुशासन एक्सप्रेस’ न केवल प्रशासनिक दूरियों को मिटा रही है, बल्कि अबूझमाड़ के नागरिकों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में एक मजबूत सेतु का कार्य कर रही है।
- -मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल से पुनर्वास को मिल रही गतिरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल और वन एवं जलवायु मंत्री तथा बीजापुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशों के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति 2025 के तहत बीजापुर जिले के 95 आत्मसमर्पित नक्सलियों को 1 करोड़ 40 लाख 86 हजार 700 रुपये की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की गई है।बीजापुर कलेक्टर श्री विश्वदीप ने नीति के प्रावधानों के अनुसार शस्त्रों के साथ आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान करने के लिए राशि के आहरण और वितरण की स्वीकृति दी है।यह प्रोत्साहन राशि आत्मसमर्पित नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने, उन्हें नया जीवन शुरू करने और सम्मानजनक आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दी जा रही है। राज्य सरकार की पुनर्वास नीति नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति, विकास और सामाजिक पुनर्वास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रभावी पहल है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। पुनर्वास नीति के माध्यम से आत्मसमर्पित नक्सलियों को समाज में सम्मानजनक पुनर्स्थापना का अवसर मिल रहा है, जिससे बस्तर अंचल में शांति और विकास को नई गति मिल रही है।
- -वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत तीन आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजे गएरायपुर / वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशन में संगठित वन अपराध और वन्यजीव तस्करी पर रोक लगाने के लिए वन विभाग लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। इसी अभियान के तहत बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में हाथीदांत तस्करी के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।वन मंडलाधिकारी श्री आलोक वाजपेयी के मार्गदर्शन में 3 अगस्त 2026 को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (मध्य क्षेत्र, भोपाल), राज्य उड़न दस्ता रायपुर और वनमंडल बलरामपुर की संयुक्त टीम ने रामानुजगंज स्थित एक धर्मशाला में छापेमारी की।संयुक्त टीम ने आमंत्रण धर्मशाला के कमरा नंबर 205 की तलाशी ली। जांच के दौरान एक बैग से हाथी के जबड़े के तीन हाथीदांत बरामद किए गए। मौके पर तीन संदिग्ध व्यक्ति भी मौजूद थे, जिन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया गया।गिरफ्तार आरोपियों में झारखंड के पलामू जिले के संतोष कुमार विश्वकर्मा (42 वर्ष) तथा बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के अजय कुमार गुप्ता (49 वर्ष) और सतेन्द्र कुमार (50 वर्ष) शामिल हैं।आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। भारतीय जंगली हाथी अनुसूची-1 के तहत संरक्षित वन्य प्राणी है, इसलिए इस मामले को गंभीर वन अपराध माना गया है।वन विभाग ने जब्त किए गए हाथीदांत को अपने कब्जे में लेकर सभी आरोपियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, रामानुजगंज की अदालत में प्रस्तुत किया। अदालत ने तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। वन परिक्षेत्राधिकारी, रामानुजगंज ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीव तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- रायपुर / छत्तीसगढ़ शासन का सेवा सेतु पोर्टल ग्रामीण क्षेत्रों में शासकीय सेवाओं को आसान, पारदर्शी और सुलभ बना रहा है। दंतेवाड़ा विकासखंड की ग्राम पंचायत बड़े बचेली में विवाह पंजीयन की सुविधा से कई परिवारों को बड़ी राहत मिली है।पहले विवाह प्रमाण पत्र नहीं होने के कारण ग्रामीणों को विभिन्न शासकीय योजनाओं और आवश्यक दस्तावेजी कार्यों में परेशानी होती थी। प्रमाण पत्र बनवाने के लिए दूर स्थित कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे समय और धन दोनों खर्च होते थे।ग्राम पंचायत स्तर पर चलाए गए जागरूकता अभियान के माध्यम से लोगों को सेवा सेतु पोर्टल पर विवाह पंजीयन की ऑनलाइन प्रक्रिया की जानकारी दी गई। ग्राम पंचायत सचिव प्रियंका दीवान और सरपंच गोविंद कुंजाम के मार्गदर्शन में पात्र दंपतियों ने आवश्यक दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन आवेदन किया। सत्यापन के बाद उन्हें विवाह प्रमाण पत्र जारी किए गए।ग्राम पंचायत बड़े बचेली के निवासी श्री जोगाराम और श्रीमती अमवती नाग ने बताया कि विवाह प्रमाण पत्र नहीं होने के कारण उन्हें कई शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाई होती थी। सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने के बाद उन्हें आसानी से विवाह प्रमाण पत्र मिल गया। अब विभिन्न शासकीय कार्यों में उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती।इसी तरह श्रीमती सुषमा तामो और श्री संतोष ने बताया कि पहले उन्हें विवाह पंजीयन की प्रक्रिया की जानकारी नहीं थी। ग्राम पंचायत के सहयोग से उन्होंने सेवा सेतु पोर्टल पर आवेदन किया और निर्धारित समय में विवाह प्रमाण पत्र प्राप्त कर लिया। अब उन्हें दस्तावेज बनवाने के लिए बार-बार कार्यालय नहीं जाना पड़ता, जिससे समय और पैसे दोनों की बचत हुई है।सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन की सुविधा से पूरी प्रक्रिया सरल, त्वरित और पारदर्शी बनी है। बड़े बचेली के ग्रामीणों का डिजिटल सेवाओं के प्रति विश्वास भी बढ़ा है और वे अन्य शासकीय सेवाओं के लिए भी ऑनलाइन माध्यम का उपयोग करने लगे हैं। ग्राम पंचायत बड़े बचेली में विवाह पंजीयन की यह पहल डिजिटल सुशासन का सफल उदाहरण बन गई है। सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से ग्रामीणों को घर के पास ही आवश्यक शासकीय सेवाएँ मिल रही हैं, जिससे जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर लोगों तक पहुँच रहा है।
- -वैज्ञानिक गतिविधियों और विद्यार्थियों के लिए चल रही नवाचार पहल की सराहनारायपुर / भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रोफेसर आनंद और उनकी विशेषज्ञ टीम ने जिला विज्ञान केंद्र, दंतेवाड़ा का भ्रमण कर यहां संचालित वैज्ञानिक और शैक्षणिक गतिविधियों का अवलोकन किया।टीम ने विज्ञान केंद्र की स्पेस गैलरी, फिजिक्स गैलरी, माइनिंग गैलरी, विभिन्न विज्ञान प्रदर्शनों, वर्किंग मॉडल्स और विद्यार्थियों के लिए आयोजित ‘करके सीखें’ गतिविधियों का निरीक्षण किया। वैज्ञानिकों ने सुदूर जनजातीय क्षेत्र के बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए जिला प्रशासन और विज्ञान केंद्र की पहल की सराहना की।उन्होंने कहा कि विज्ञान केंद्र बच्चों को प्रयोगों और व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से विज्ञान से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। इसरो की टीम ने केंद्र प्रमुख उपेंद्र गौतम और उनकी टीम द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी प्रशंसा की।वैज्ञानिकों ने केंद्र में नियमित रूप से आयोजित शैक्षणिक भ्रमण, ‘कबाड़ से जुगाड़’ विज्ञान गतिविधियां और खगोल विज्ञान पर आधारित डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शन को विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जिज्ञासा बढ़ाने की दिशा में प्रभावी पहल बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियां बच्चों को विज्ञान, अंतरिक्ष अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं। भ्रमण के अंत में विज्ञान केंद्र प्रबंधन ने इसरो के वैज्ञानिकों का आभार व्यक्त किया। इसरो की टीम के आगमन से विज्ञान केंद्र के विद्यार्थियों, शिक्षकों और विज्ञान में रुचि रखने वाले युवाओं में उत्साह का वातावरण देखने को मिला।
- -जल, जंगल, जमीन का होगा बेहतर प्रबंधनरायपुर /छत्तीसगढ़ के अनुसूचित जनजातिय क्षेत्र में पंचायत अनुसूचित क्षेत्र विस्तार अधिनियम (पेसा) और वन अधिकार अधिनियम के तहत समन्वय से वनवासियों के हित में साझा जल-जंगल के बेहतर प्रबंधन से कार्य किया जाएगा। इस संबंध में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में पेसा और एफआरए टास्क फोर्स समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जल, जंगल, जमीन के संसाधनों का बेहतर प्रबंधन छत्तीसगढ़ राज्य हो तथा वनवासियों के लिए योजनाओं का क्रियान्वयन हो इस संबंध में मुख्य सचिव ने विभागाीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि सभी पात्र व्यक्तियों को वन अधिकार अधिनियमों के अनुसार वन संसाधन अधिकार पत्र दिए जायें। बैठक में वन अधिकार अधिनियम और पेसा कानून के क्रियान्वयन के संबंध में मुख्य सचिव ने अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए।टास्क फोर्स की बैठक में छत्तीसगढ़ पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) नियम, प्रावधान एवं क्रियान्वन की स्थिति की जानकारी प्रस्तुत की गई। इसी तरह से वन अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत राज्य में प्राप्त निराकृत एवं लंबित दावों, आवेदनों की स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक में सामुदायिक वन संसाधनों के संरक्षण एवं प्रबंधन के अधिकारों की मान्यता में हुई प्रगति तथा वन ग्रामों के राजस्व ग्रामों में संपरिवर्तन की प्रगति की जानकारी विभागीय अधिकारियों ने दी।बैठक में अनुसूचित जनजाति और अन्य परम्परागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियमों के क्रियान्वयन की जानकारी का प्रस्तुतीकरण किया गया। इसी तरह से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ पेसा नियम के क्रियान्वयन के संबंध में भी प्रस्तुतिकरण दिया गया।बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, पीसीसीएफ श्री अरूण पाण्डेय, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी सहित वन विभाग के अन्य अधिकारी शामिल हुए। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंस से विभिन्न जिलों के कलेक्टर एवं अन्य अधिकारी शामिल हुए।
- -भारी बारिश के बीच गाँव पहुँचकर बच्चों का सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित कियारायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को बाल विवाह मुक्त बनाने का अभियान लगातार प्रभावी परिणाम दे रहा है। सुकमा जिले में जिला प्रशासन की तत्परता और संवेदनशील पहल से दो बाल विवाह समय रहते रोक दिए गए। यह कार्रवाई कवासीपारा, फूलबगड़ी गाँव में मूसलाधार बारिश के बीच की गई।चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 से बाल विवाह की सूचना मिलते ही जिला महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड लाइन और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम तुरंत गाँव के लिए रवाना हुई। कठिन मौसम और बारिश के बावजूद टीम समय पर मौके पर पहुँची और दोनों बाल विवाह रुकवाने में सफल रही।गाँव में विवाह की तैयारियाँ चल रही थीं। अधिकारियों ने स्थानीय परंपराओं का सम्मान करते हुए परिवारों से शांतिपूर्ण और संवेदनशील तरीके से बातचीत की। टीम ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 की जानकारी दी और बताया कि कम उम्र में विवाह से बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर गंभीर असर पड़ता है।प्रशासन की समझाइश का सकारात्मक परिणाम सामने आया। दोनों परिवारों ने बाल विवाह स्थगित करने का निर्णय लिया। बालिकाओं ने भी अपनी पढ़ाई जारी रखने और सुरक्षित भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने की इच्छा जताई। पूरी कार्रवाई को पारदर्शी और वैधानिक बनाने के लिए मौके पर पंचनामा और घोषणा-पत्र तैयार कराया गया। इससे यह सुनिश्चित किया गया कि भविष्य में बच्चों के अधिकारों का संरक्षण हो सके।यह अभियान कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशन तथा जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री शिवदास नेताम और जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री जितेंद्र सिंह बघेल के मार्गदर्शन में चलाया गया। इस कार्रवाई में संरक्षण अधिकारी (गैर संस्थागत देखरेख) सुश्री मनीषा शर्मा, सेक्टर सुपरवाइजर सुश्री रश्मि चन्द्रवंशी और सामाजिक कार्यकर्ता श्री जोगेंद्र दिर्दो की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सुकमा की यह सफलता बताती है कि समय पर मिली सूचना, प्रशासन की तत्परता और संवेदनशील संवाद से बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को रोका जा सकता है। यह पहल बच्चों के सुरक्षित, शिक्षित और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक प्रेरक उदाहरण है।













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