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- 0- कलेक्टर संजय अग्रवाल ने तैयारियों की समीक्षा कर अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देशबिलासपुर. अफगानिस्तान एवं पाकिस्तान में वाइल्ड पोलियो वायरस के संक्रमण की स्थिति को देखते हुए भारत सरकार द्वारा आयोजित राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत बिलासपुर जिले में 28 जून 2026 को विशेष पोलियो टीकाकरण अभियान संचालित किया जाएगा। अभियान की तैयारियों की समीक्षा हेतु कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स इम्यूनाइजेशन (डीटीएफआई) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने अभियान के प्रभावी एवं शत-प्रतिशत क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री प्रकाश सर्वे जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।बैठक में बताया गया कि जिले में 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के कुल 2 लाख 78 हजार 149 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए जिले में 1,520 पोलियो बूथ स्थापित किए जाएंगे। बूथ दिवस 28 जून को प्रातः 8 बजे से सायं 5 बजे तक सभी बूथों पर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। इसके बाद 29 एवं 30 जून को मॉप-अप दिवस के रूप में घर-घर जाकर उन बच्चों को पोलियो की खुराक दी जाएगी, जो बूथ दिवस पर छूट गए होंगे।विकासखंडवार लक्ष्य के अनुसार बिल्हा में 54,322 बच्चों के लिए 290 बूथ, कोटा में 39,075 बच्चों के लिए 263 बूथ, मस्तूरी में 50,945 बच्चों के लिए 278 बूथ, तखतपुर में 45,166 बच्चों के लिए 274 बूथ तथा शहरी बिलासपुर में 88,641 बच्चों के लिए 415 बूथ स्थापित किए जाएंगे। अभियान के सफल संचालन हेतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा बूथ, ट्रांजिट, मोबाइल एवं सुपरवाइजरी टीमों का गठन किया गया है। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, मेला स्थल तथा अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी विशेष व्यवस्था की जाएगी, ताकि कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे।कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने बैठक में निर्देश दिए कि अभियान के दौरान सूक्ष्म कार्ययोजना के अनुरूप कार्य किया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि जिले का कोई भी पात्र बच्चा पोलियो की खुराक से न छूटे। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं आम नागरिकों से अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील की। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शुभा गढ़ेवाल ने बताया कि पोलियो जैसी गंभीर एवं स्थायी विकलांगता उत्पन्न करने वाली बीमारी से बचाव के लिए प्रत्येक बच्चे को बार-बार पोलियो की खुराक देना आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो बूथ तक अवश्य लेकर आएं और पोलियो की दो बूंद पिलाकर उन्हें सुरक्षित भविष्य प्रदान करें। “दो बूंद जिंदगी की” के संदेश के साथ जिले में पोलियो मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में यह अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
- बिलासपुर. राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में जनजागरूकता गतिविधियों को प्रभावी बनाने के लिए कलादलों के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसके लिए पात्र एवं पंजीकृत कलादल/कला मंडलियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।जिला एड्स नियंत्रण कार्यक्रम द्वारा जारी सूचना के अनुसार ऐसे कलादल एवं कला मंडलियां, जो गीत एवं नाट्य विभाग भारत सरकार, जनसंपर्क विभाग, छत्तीसगढ़ संवाद, सूचना प्रसारण अथवा संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन में पंजीकृत हों, चयन प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय कलादल प्रशिक्षण कार्यक्रम, लखनऊ से प्रशिक्षण प्राप्त कलादलों को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। इच्छुक आवेदक अपने आवेदन आवश्यक दस्तावेजों सहित 18 जून 2026 को सायं 5 बजे तक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय, नूतन चौक, सरकंडा, बिलासपुर में जमा कर सकते हैं।राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत कलादलों की सहभागिता से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे आमजन को एचआईवी/एड्स की रोकथाम, उपचार एवं बचाव संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी सरल और प्रभावी तरीके से उपलब्ध कराई जा सकेगी। जिला एड्स नियंत्रण कार्यक्रम ने पात्र कलादलों से निर्धारित समयावधि में आवेदन प्रस्तुत करने की अपील की है।
- 0- कलेक्टर ने सभी अधिकारी-कर्मचारियों को हेलमेट पहनने की अपील कीबिलासपुर. सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को कम करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा हेलमेट उपयोग को बढ़ावा देने की पहल की गई है। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने जिले के सभी विभाग प्रमुखों को पत्र जारी कर दुपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने को अनिवार्य रूप से प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं।कलेक्टर ने कहा है कि सड़क दुर्घटनाएं केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे परिवार को प्रभावित करती हैं। जिले में पिछले वर्ष लगभग 300 लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु हुई थी। इनमें कई ऐसे मामले भी सामने आए, जिन्हें यातायात नियमों के पालन और सुरक्षा उपाय अपनाकर टाला जा सकता था। मोटर यान अधिनियम 1988 के तहत दुपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य है। हेलमेट दुर्घटना के दौरान सिर को गंभीर चोटों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और मृत्यु की आशंका को काफी हद तक कम करता है। इसी उद्देश्य से सभी कार्यालयों में हेलमेट उपयोग को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।कलेक्टर ने विभाग प्रमुखों से कहा है कि वे अपने कार्यालयों में आने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आम नागरिकों को हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के प्रति छोटी-सी जागरूकता और जिम्मेदारी का भाव अनेक परिवारों को दुर्घटनाओं की पीड़ा से बचा सकता है। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे स्वयं हेलमेट पहनें और अपने परिवार व परिचितों को भी इसके लिए प्रेरित करें। सुरक्षित यात्रा और जिम्मेदार नागरिकता का यह संकल्प सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
- 0- मत्स्य पालन पट्टों के लिए 25 जून तक करें आवेदनमस्तूरी. जनपद पंचायत मस्तूरी द्वारा मत्स्य पालन को बढ़ावा देने तथा स्थानीय मत्स्य समूहों एवं युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जनपद क्षेत्र के विभिन्न जलाशयों एवं तालाबों का 10 वर्षीय पट्टा आवंटन किया जा रहा है। इच्छुक पात्र आवेदकों से 25 जून 2026 तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।जनपद पंचायत मस्तूरी द्वारा जारी सूचना के अनुसार रामअवतार, फूटहा मुड़ा, बंधवा, जेतपुरी, सेमराडीह, मोंगरा एवं चिरसा जलाशयों का पट्टा मत्स्य पालन हेतु निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रदान किया जाएगा। पट्टा आवंटन की प्रक्रिया छत्तीसगढ़ आदर्श मत्स्य पालन नियम, 2022 के प्रावधानों के अनुरूप संपादित की जाएगी।निर्धारित प्राथमिकता के अनुसार पंजीकृत मत्स्य सहकारी समितियों, मछुआ समूहों, महिला स्व-सहायता समूहों, मत्स्य कृषकों तथा मत्स्य पालन में प्रशिक्षित बेरोजगार युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।अनुसूचित जनजाति क्षेत्रों में संबंधित वर्ग के पंजीकृत समूहों एवं समितियों को भी नियमानुसार प्राथमिकता का लाभ मिलेगा।जनपद पंचायत ने इच्छुक आवेदकों से समय-सीमा के भीतर आवश्यक दस्तावेजों सहित आवेदन प्रस्तुत करने का आग्रह किया है। इस पहल से क्षेत्र में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ ग्रामीणों की आय में वृद्धि एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है। जनपद पंचायत मस्तूरी ने पात्र हितग्राहियों, समितियों एवं स्व-सहायता समूहों से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाते हुए 25 जून 2026 तक अपना आवेदन जमा करें।--
- 0- योग दिवस की तैयारियों को लेकर कलेक्टर ने ली बैठक0- सफलता के लिए विभागीय अधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारीबिलासपुर. अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून को बी.आर. यादव स्मृति राज्य स्तरीय खेल परिसर, बहतराई स्थित इंडोर स्टेडियम में जिला स्तरीय भव्य योग कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम योगा फॉर हेल्दी एजिंग रखी गई है। कार्यक्रम में प्रातः 7 बजे से सामूहिक योगाभ्यास, योग आसनों का प्रदर्शन तथा स्वास्थ्य एवं जागरूकता से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर आज मंथन सभा कक्ष में कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल सहित योग कार्यक्रमों से जुड़े स्थानीय संस्थाओं के पदाधिकारी उपस्थित थे।बैठक में विभागीय अधिकारियों के साथ स्थानीय योग कार्यक्रम से जुड़ी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कलेक्टर ने सभी विभागों को सौंपे गए दायित्वों का समयबद्ध निर्वहन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और कहा कि योग दिवस का आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली को जन-जन तक पहुंचाने का अभियान है। कलेक्टर ने विशेष रूप से विद्यार्थियों की अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि बच्चों एवं युवाओं को योग से जोड़ना आवश्यक है, ताकि योग उनकी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बन सके। उन्होंने सभी विभागों, शैक्षणिक संस्थानों एवं सामाजिक संगठनों से व्यापक जनसहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की।बैठक में बताया गया कि इस वर्ष योग दिवस का आयोजन आयुष मंत्रालय के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। कार्यक्रम से संबंधित गतिविधियों एवं सहभागिता की जानकारी निर्धारित पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। इसके लिए टोल फ्री नंबर 18003157008 भी जारी किया गया है, जिसके माध्यम से नागरिक आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में पांच प्रमुख संस्थाओं के प्रशिक्षकों द्वारा सामूहिक योगाभ्यास कराया जाएगा। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी संस्थान की प्रशिक्षिका मंजू दीदी ने योग दिवस की रूपरेखा, योगाभ्यास की प्रक्रिया एवं कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। इसके अलावा पतंजलि, ऑर्ट ऑफ लिविंग, ब्रम्हाकुमारी संस्थान, गायत्री परिवार, छत्तीसगढ़ योग आयोग के प्रतिनिधियांे ने भी कार्यक्रम की सफलता के लिए सुझाव दिए। विभागीय अधिकारियों को भी कार्यक्रम की सफलता के लिए जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। जिले के सभी जनपद पंचायतों, नगरीय निकायों एवं शैक्षणिक संस्थानों में भी योग दिवस के आयोजन के निर्देश दिए गए हैं।योग दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए पौधरोपण, बीज वितरण, स्वच्छता अभियान एवं पर्यावरण जागरूकता गतिविधियों का आयोजन भी किया जाएगा। साथ ही एनएसएस, एनसीसी, स्काउट-गाइड, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं सामाजिक संगठनों की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है। जिला प्रशासन ने जिलेवासियों से 21 जून को प्रातः निर्धारित समय पर बहतराई स्टेडियम पहुंचकर योग दिवस कार्यक्रम में सहभागी बनने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश जन-जन तक पहुंचाने की अपील की है।
- 0- ब्रांकोस्कोपी जांच मे पहली बार सामने आया टीबी का कारणबिलासपुर। लगभग एक वर्ष से लगातार बुखार, कमजोरी एवं रात में अत्यधिक पसीना आने जैसी गंभीर समस्याओं से परेशान एक युवती को सिम्स अस्पताल के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग में सही निदान एवं उपचार मिलने से राहत मिली है। कई निजी अस्पतालों एवं जिला अस्पताल में उपचार के बावजूद बीमारी का कारण स्पष्ट नहीं हो पा रहा था, लेकिन सिम्स में की गई उन्नत ब्रांकोस्कोपी जांच से बीमारी की वास्तविक वजह सामने आ गई।गोंडपारा निवासी 24 वर्षीय युवती दिनांक 12 जून 2026 को सिम्स के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग की ओपीडी में पहुंची। मरीज की जांच डॉ. प्रतीक कुमार, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष,के निदेशन मे डॉ. अनिल कुमार डनसेना, सहायक प्राध्यापक, के द्वारा ब्रोंकोस्कोपी कीया गाया,डॉ. आकांक्षा गुप्ता, वरिष्ठ रेजिडेंट एवं उनकी टीम भी साथ रहेप्रारंभिक परीक्षण में मरीज ने बताया कि वह पिछले लगभग एक वर्ष से बार-बार बुखार आने, कमजोरी महसूस होने तथा रात में अत्यधिक पसीना आने जैसी समस्याओं से पीड़ित थी। कई स्थानों पर उपचार कराने के बाद भी उसकी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। चिकित्सकों द्वारा एक्स-रे एवं सीटी स्कैन जांच कराई गई, जिसमें फेफड़ों के विभिन्न हिस्सों में निमोनिया के लक्षण दिखाई दिए।बीमारी के कारणों की पुष्टि के लिए बलगम की जांच कराई गई, लेकिन रिपोर्ट निगेटिव आई। इसके बाद विशेषज्ञों ने ब्रांकोस्कोपी करने का निर्णय लिया। दूरबीन आधारित इस आधुनिक जांच प्रक्रिया के माध्यम से फेफड़ों के प्रभावित हिस्सों की गहन जांच की गई तथा वहां से नमूने लेकर सीबीनाट (CBNAAT) जांच हेतु भेजे गए। जांच रिपोर्ट में तपेदिक (टीबी) की पुष्टि हुई। बीमारी की सही पहचान होने के बाद तत्काल उपचार प्रारंभ किया गया और मरीज की स्थिति में सुधार होने पर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।बीमारी का वास्तविक कारण सामने आने के बाद मरीज एवं उसके परिजनों ने राहत की सांस ली तथा सिम्स के चिकित्सकों के प्रति आभार व्यक्त किया।सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि टीबी आज भी देश में एक महत्वपूर्ण जनस्वास्थ्य चुनौती है। कई बार यह बीमारी सामान्य लक्षणों और रहस्यमयी बुखार के रूप में सामने आती है तथा प्रारंभिक जांचों में पकड़ में नहीं आती। ऐसे मामलों में ब्रांकोस्कोपी एवं सीबीनाट जैसी उन्नत जांच तकनीकें रोग की पहचान में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होती हैं। उन्होंने कहा कि समय पर सही निदान से मरीजों को गंभीर जटिलताओं से बचाया जा सकता है।चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय तक बुखार, कमजोरी, वजन घटना, लगातार खांसी या रात में पसीना आने जैसी शिकायतें हों तो उसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। ऐसे लक्षण टीबी सहित कई गंभीर बीमारियों के संकेत हो सकते हैं। समय पर विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श एवं आवश्यक जांच कराने से बीमारी का शीघ्र निदान और सफल उपचार संभव है।सिम्स अस्पताल में उपलब्ध आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम जटिल रोगों के निदान एवं उपचार में निरंतर उत्कृष्ट कार्य कर रही है, जिससे क्षेत्र के मरीजों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल रहा है।--
- 0- पशुपालकों से जिम्मेदारी निभाने की अपीलबिलासपुर. माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों के पालन में जिला प्रशासन, नगर पालिक निगम एवं पशु चिकित्सा विभाग द्वारा सड़कों पर विचरण करने वाले निराश्रित एवं आवारा मवेशियों के नियंत्रण के लिए अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल के निर्देशानुसार जिले के सभी पशुपालकों, डेयरी संचालकों एवं किसानों से अपने पशुओं को घर अथवा निर्धारित स्थान पर सुरक्षित रखने तथा उन्हें राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों सहित सार्वजनिक सड़कों पर न छोड़ने की अपील की गई है।नगर निगम द्वारा शहर की सड़कों एवं राजमार्गों से पकड़े गए मवेशियों को मोपका स्थित पशु आश्रय केंद्र में रखा जाता है। यहां से चयनित पशुओं को गौ-इकाई अथवा बैलजोड़ी इकाई के रूप में पशुपालन विभाग के माध्यम से स्थायी पालन हेतु उपलब्ध कराया जाता है। इसके बावजूद यह देखा गया है कि कुछ पशुपालक निगम के नियमों के तहत अपने पशुओं को वापस लेकर पुनः सड़कों पर छोड़ देते हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है और आमजन की सुरक्षा प्रभावित होती है।इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई गौवंशीय अथवा भैंसवंशीय पशु सड़कों, राष्ट्रीय राजमार्गों अथवा राज्य मार्गों पर विचरण करते हुए पाया जाता है, तो उसे स्थायी रूप से जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। जब्त सांडों को बैगा-बिरहोर एवं जरूरतमंद किसानों को बैलजोड़ी के रूप में तथा जब्त गायों को गौ-इकाई के रूप में स्थायी पालन हेतु वितरित किया जाएगा। आवश्यकता अनुसार उन्हें गौशालाओं एवं गौठानों में भी स्थायी रूप से विस्थापित किया जा सकेगा।जिला प्रशासन ने कहा है कि सड़क पर छोड़े गए पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात व्यवस्था की सुरक्षा तथा पशुओं के बेहतर संरक्षण के लिए यह कार्रवाई की जा रही है। पशुपालकों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए प्रशासन ने सभी से अपने पशुओं की समुचित देखभाल एवं जिम्मेदार पालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि जब्त पशुओं के संबंध में की गई कार्रवाई पर किसी प्रकार की दावा-आपत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी, क्योंकि यह व्यवस्था माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में लागू की जा रही है।
- बिलासपुर. प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2026 के लिए ऑनलाईन नामांकन https://awards.gov.in पोर्टल के माध्यम से 31 जुलाई 2026 तक किये जा सकते है। यह पुरस्कार उन बच्चों और युवाओं को दिया जाता है जिन्होंने वीरता, सामाजिक सेवा, पर्यावरण, खेल, कला एवं संस्कृति तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में असाधारण उपलब्धियां हासिल की हो। पुरस्कार के लिए आवेदक की आयु 31 जुलाई 2026 तक 5 वर्ष से अधिक और 18 वर्ष से कम होनी चाहिए। साथ ही आवेदक भारतीय नागरिक हो व भारत में निवास करता हो। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे।
- बिलासपुर. शासकीय महिला आईटीआई कोनी द्वारा महिलाओं के उत्थान के लिए रोजगार एवं स्वरोजगारमुखी शुल्क आधारित लघु अवधि प्रशिक्षण कोर्स में प्रवेश हेतु 26 जून 2026 तक आवेदन मंगाये गये है। इच्छुक आवेदिका जनरल ड्यूटी असिस्टेंट, ब्यूटी पार्लर एवं फैशन डिजाइनिंग एवं सिलाई कोर्स हेतु आवेदन कर सकती है। प्रवेश हेतु आवदेन फार्म एवं विस्तृत जानकारी हेतु संस्था कार्यालय में कार्यालयीन समय में संपर्क कर सकते है।
- 0- आवास प्लस 2.0 की स्थायी प्रतीक्षा सूची पर होगी चर्चाबिलासपुर. छत्तीसगढ़ शासन के पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग द्वारा राज्य की ग्रामीण प्रगति और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। आगामी 24 जून 2026 को प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। इन ग्राम सभाओं का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण विकास योजनाओं को धरातल पर मजबूत करना और आम जनता की भागीदारी को बढ़ाना है।इन सभाओं में मुख्य रूप से आवास प्लस 2.0 की स्थायी प्रतीक्षा सूची को लेकर विस्तृत चर्चा की जाएगी। दावे और आपत्तियों का निराकरण पात्र हितग्राहियों की प्राथमिकता सूची तैयार की जाएगी। इसके साथ ही, सूची को लेकर प्राप्त होने वाले दावों और आपत्तियों का नियमानुसार निराकरण भी किया जाएगा ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे। ग्रामीण विकास एवं जनभागीदारी सभाओं के दौरान विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी और ग्रामीणों की सक्रिय जनभागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अन्तर्गत जिला बिलासपुर में आवास प्लस 2.0 के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के 228336 लोगो का सर्वे का कार्य किया गया है जिसके अन्तर्गत जनपद बिल्हा में 61894, जनपद कोटा में 42955, जनपद मस्तूरी में 74164, जनपद तखतपुर में 49323 है।विभाग द्वारा सभी ग्रामीणजनों से अपील की गई है कि वे 24 जून को आयोजित होने वाली इस ग्राम सभा में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित रहें। यदि किसी योग्य ग्रामीण को कोई विसंगति नजर आती है, तो वे स्वयं उपस्थित होकर अपनी दावे-आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं, ताकि पात्र हितग्राहियों की सही सूची तैयार की जा सके और ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद लोग इस योजना से जुड़ सकें। छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण विकास की इन योजनाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ हर जरूरतमंद तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। विभाग ने सभी ग्रामीणों से इन ग्राम सभाओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है।
- 0- अधिकारियों को दिए त्वरित निराकरण के निर्देशबिलासपुर. कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने आज जिला कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में लोगों की समस्याएं सुनी। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने उनसे मिलकर निजी एवं सामुदायिक शिकायत संबंधी आवेदन दिया। उन्होंने अधिकांश मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस दौरान नगर निगम आयुक्त श्री प्रकाश कुमार सर्वे एवं जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल ने भी लोगों की समस्याएं सुनी।जनदर्शन में तखतपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत मोछ के जनपद सदस्य रामकुमार सिंगरौल ने ग्राम जोरापारा को नया राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग उठाई। आवेदन में बताया गया कि जोरापारा की आबादी लगभग 1800 है। राजस्व ग्राम का दर्जा मिलने से विकास कार्यों में ओर तेजी आएगी। विकासखण्ड मस्तुरी के ग्राम लिमतरा निवासी मुरलीधर पटेल ने अपने पोल्ट्री फार्म पर तूफान से गिरे सागौन के पेड़ों के कारण हुए नुकसान की शिकायत संबंधी आवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि 15 मई को आए तेज तूफान में चार सागौन के पेड़ पोल्ट्री फार्म पर गिर गए, जिससे पोल्ट्री फार्म पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। उन्होंने नुकसान का सर्वे कराकर पेड़ों को हटाने एवं लकड़ियों का उपयोग करने की अनुमति देने की मांग की। तखतपुर के सेमरा के ग्रामीण राजेंद्र जायसवाल ने कलेक्टर से मुलाकात कर प्रधानमंत्री आवास योजना की दूसरे किस्त की राशि दिलाने की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि योजना के तहत पहले किस्त की राशि प्राप्त हो चुकी है। दूसरे किस्त की राशि प्राप्त नहीं होने के कारण उनके मकान का कार्य अपूण है। जनदर्शन में बिजली विभाग से जुड़ी समस्या भी सामने आई। ग्राम मटियारी निवासी किसान रामकिशुन सूर्यवंशी ने कहा कि विगत 8 वर्ष पूर्व अपने कृषि भूमि में ट्रांसफार्मर एवं बिजली पोल लगाने के लिए राशि जमा करने के बावजूद अब तक उनके खेत तक पोल नहीं लगाए गए हैं, जिससे कृषि कार्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने शीघ्र विद्युत सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की। इसी तरह जोरापारा निवासी छात्रा रिंकी ने छात्रवृत्ति नहीं मिलने की शिकायत की। उसने बताया कि कक्षा 12वीं उत्तीर्ण करने के बाद पात्र होने के बावजूद अब तक उसे छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिल पाया है। छात्रा ने जनदर्शन के माध्यम से छात्रवृत्ति का लाभ दिलाने की मांग की।बेलतरा तहसील के ग्राम लिम्हा निवासी रेशमदास मानिकपुरी ने अपनी कृषि भूमि के सीमांकन में हो रही देरी की शिकायत की। उन्होंने बताया कि मार्च 2026 में आवश्यक शुल्क जमा करने के बावजूद अब तक सीमांकन की कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने शीघ्र सीमांकन कराने और उचित कार्यवाही करने की मांग की है। जनदर्शन में शहर के मिनीमाता नगर, तालापारा निवासी रविंद्र कुमार खुंटे ने आगजनी की घटना में हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए आर्थिक सहायता राशि दिलाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि नवंबर 2025 में उनके घर में आग लगने से घरेलू सामान और आवश्यक वस्तुएं जलकर नष्ट हो गई थीं। आवेदन के माध्यम से उन्होंने शीघ्र आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की। इसके अलावा बापू उप नगर निवासी दिव्यांग महिला सन्नो ने शासकीय योजना के तहत प्राप्त आबंटित आवास का स्थान परिवर्तन कराने की मांग की। उन्होंने बताया कि शारीरिक दिव्यांगता के कारण दूर स्थित आवास में रह पाना संभव नहीं है, इसलिए उन्हें हेमूनगर क्षेत्र में स्थित आवास उपलब्ध कराया जाए। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवेदनों पर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
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रायपुर के खिलाड़ियों ने दिलाया स्वर्ण एवं रजत पदक
रायपुर/कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार जिला प्रशासन रायपुर द्वारा संचालित नियमित खेल प्रशिक्षण शिविरों का सकारात्मक परिणाम राष्ट्रीय स्तर पर देखने को मिला है। ओडिशा के भुवनेश्वर में 24 से 29 मई 2026 तक आयोजित राष्ट्रीय सब जूनियर बेसबॉल प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राज्य को गौरवान्वित किया।
प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की बालक टीम ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त कर स्वर्ण पदक हासिल किया। वहीं बालिका टीम ने द्वितीय स्थान प्राप्त कर रजत पदक अपने नाम किया। जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, खम्हारडीह के छात्र आशीष जांगड़े ने बालक वर्ग में तथा छात्रा हर्षिता ने बालिका वर्ग में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर टीम की सफलता में अहम योगदान दिया। खिलाड़ियों ने बेहतर तकनीकी कौशल, अनुशासन एवं टीम भावना का परिचय देते हुए प्रतिस्पर्धी टीमों को कड़ी चुनौती दी और यह सफलता अर्जित की।
इस उपलब्धि का श्रेय जिला प्रशासन रायपुर, जिला शिक्षा विभाग तथा खेल प्रशिक्षकों द्वारा संचालित नियमित प्रशिक्षण एवं खिलाड़ियों को उपलब्ध कराई गई खेल सुविधाओं को दिया जा रहा है। -
बच्चों ने उत्साह के साथ खिलखिलाते हुए कक्षाओं में किया प्रवेश
भोजन मंत्र के साथ किया मध्यान्ह भोजन
राजकीय गीत, गायत्री एवं शांति मंत्र की गूंज से स्कूल के प्रथम दिवस का हुआ समापन
रायपुर। आज जिले के शासकीय स्कूल एक बार फिर बच्चों की चहल-पहल और मुस्कुराहटों से गुलजार हो उठे। नए शिक्षा सत्र के शुभारंभ पर जिलेभर के विद्यालयों में उत्साह, उमंग और आत्मीयता के साथ शाला प्रवेशोत्सव मनाया गया। सभी नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर और फूलों से स्वागत किया गया, जिससे उनके स्कूल जीवन की शुरुआत यादगार बन सके। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन अनुरूप नए सत्र की शुरुआत राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, सरस्वती वंदना एवं गुरुमंत्र के साथ हुई। इसके पश्चात सभी बच्चे कतारबद्ध तरीके से लंच करने के लिए एकत्रित हुए एवं भोजन मंत्र के साथ अपना लंच किया इसके पश्चात छुट्टी के समय राज्यगीत, गायत्री मंत्र एवं शांति मंत्र के बाद अपने घर गए।
जे.आर. दानी शासकीय उत्कृष्ट हिंदी विद्यालय में शाला प्रवेश उत्सव के अवसर पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत, सरस्वती वंदना एवं गुरुमंत्र के साथ हुई। इस अवसर पर महापुरुषों के जीवन परिचय के अंतर्गत डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन प्रसंग पर प्रकाश डाला गया।
शाला विकास समिति के सदस्य श्री राजेश जैन, विद्यालय के प्राचार्य डॉ. हितेष दीवान, वरिष्ठ व्याख्याता श्रीमती ज्योति सक्सेना, श्रीमती मीनू पांडेय एवं प्रधानपाठक श्रीमती क्रांति चंद्राकर ने सरस्वती माता की पूजा अर्चना एवं माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
प्राचार्य डॉ. हितेष दीवान ने छात्राओं से आह्वान किया कि शासन से मिलने वाली सुविधाओं का सदुपयोग करते हुए नियमित अध्ययन करें और परिवार के संस्कारों का पालन करें। उन्होंने कहा कि पर्यावरण और जल संरक्षण करना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। शाला विकास समिति के सदस्य श्री जैन ने विद्यालयीन गतिविधियों में छात्राओं और शिक्षकों के साथ पालकों से भी विशेष रुचि लेने का आग्रह किया। इस अवसर पर मिडिल स्कूल की छात्राओं को निःशुल्क गणवेश और पाठ्यपुस्तकों का वितरण किया गया।
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रायगढ़/रायगढ़ जिले में मालगाड़ी की चपेट में आई एक मादा हाथी की मंगलवार को उपचार के दौरान मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। रायगढ़ जिले के वन मंडलाधिकारी पी.एम. अरविंद ने बताया कि यह हादसा सोमवार रात करीब 10 बजे घरघोड़ा के पास चारगांव में उस समय हुआ जब भ्रमण कर रहा हाथियों का एक झुंड रेल की पटरी पार कर रहा था। अरविंद ने बताया कि इस दौरान एक मादा हाथी मालगाड़ी की चपेट में आ गई और गंभीर रुप से घायल हो गई। इस घटना में मादा हाथी के पिछले पैर में गंभीर चोट लगने से अत्यधिक रक्त स्त्राव हो रहा था। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों की सूचना पर वन अमला रात में ही घटनास्थल पहुंच कर उसके उपचार में लग गया। चिकित्सकों के एक दल के द्वारा हरसंभव प्रयास के बावजूद उपचार के दौरान आज मादा हाथी की मौत हो गई। अधिकारी ने बताया कि मादा हाथी का पोस्टमार्टम के बाद आज अंतिम संस्कार किया जाएगा। वन विभाग ने मामला दर्ज कर जांच शरू कर दी है।
- - -56 लाख रुपए के विकास कार्यों की घोषणा की, युवाओं को दिए क्रिकेट किट-ज्योति कलश भवन, सामुदायिक भवन एवं खाद्यान्न भंडारण भवन का किया लोकार्पणबिलासपुर. ।उप मुख्यमंत्री तथा स्थानीय विधायक श्री अरुण साव ने लोरमी के खेकतरा, कुम्हरौली, मोहतरा कुर्मी, पीपरखुंटा और औराबांधा में जनचौपाल लगाकर ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने इन गांवों में 56 लाख रुपए के विकास कार्यों की घोषणा की। उन्होंने जनचौपाल में ग्रामीणों से आत्मीय संवाद कर उनके सुझावों को गंभीरता से सुना। उन्होंने इस दौरान मोदी सरकार और साय सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने गांववालों को इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित भी किया।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने खेकतरा में महामाया मंदिर में ज्योति कलश भवन का लोकार्पण कर ग्रामवासियों को समर्पित किया। उन्होंने औराबांधा में नवनिर्मित सामुदायिक भवन एवं खाद्यान्न भंडारण भवन का लोकार्पण किया। श्री साव ने पांचों गांवों के युवाओं को क्रिकेट किट भी प्रदान किया। उन्होंने युवाओं को खेल गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया।
- -टाऊन हॉल कलेक्ट्रेट परिसर में लगेगी प्रदर्शनी, प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप करेंगे शुभारंभरायपुर । प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल की सुशासन और अन्य अभूतपूर्व उपलब्धियों पर आधारित प्रदर्शनी का आयोजन कलेक्ट्रेट परिसर स्थित टाऊन हॉल में 17 जून से 19 जून 2026 तक किया जा रहा है।प्रदर्शनी का शुभारंभ बुधवार 17 जून को वन एवं परिवहन मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप करेंगे। इस अवसर पर रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री राजेश मूणत, विधायक श्री सुनील सोनी, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, महापौर श्रीमती मीनल चौबे एवं सभापति श्री सूर्यकांत राठौर सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा पिछले 12 वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में किए गए कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं एवं ऐतिहासिक निर्णयों को चित्रों एवं जानकारी के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। आमजन सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक प्रदर्शनी का अवलोकन कर सकेंगे।
- -मुख्य सचिव ने ली उच्च स्तरीय बैठक, “स्वस्थ आयु के लिए योग” थीम निर्धारितरायपुर/ छत्तीसगढ़ में आगामी 21 जून को 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष योग दिवस की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” निर्धारित की गई है। आयोजन को व्यापक और सफल बनाने के लिए राज्य के मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक ली और तैयारियों की समीक्षा की।बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का संभावित राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम सरगुजा जिले में आयोजित होगा। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को इसके लिए सभी आवश्यक और पुख्ता तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए हैं।मुख्य सचिव श्री विकासशील ने निर्देश दिए कि भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्य के सभी जिलों में योग कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए। राज्य की प्रत्येक ग्राम पंचायत के प्रमुख स्थलों पर अनिवार्य रूप से योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित करने के लिए सभी कलेक्टर्स को निर्देश दिए गए हैं। कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए आयुष विभाग और समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को आपस में बेहतर समन्वय के साथ काम करने को कहा गया है। जिला स्तर पर अधिक से अधिक जन-सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।मुख्य सचिव ने अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि 21 जून को ही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा नीट (NEET) की पुनः परीक्षा भी आयोजित की जा रही है। इसे ध्यान में रखते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि योग दिवस के आयोजनों के कारण नीट परीक्षा केंद्रों और परीक्षार्थियों को किसी भी तरह की असुविधा या तकलीफ न हो। आयुष विभाग के अधिकारियों के अनुसार, भारत सरकार द्वारा इस बार व्यापक जनभागीदारी के निर्देश हैं। 14 जून 2026 से सुबह 6.15 बजे से 7.35 बजे तक ऑनलाइन योग अभ्यास सत्र के माध्यम से गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का प्रयास किया जा रहा है। आम नागरिकों की सहभागिता बढ़ाने के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-315-7008 जारी किया गया है, जिस पर मिस्ड कॉल देकर आसानी से पंजीयन कराया जा सकता है। अधिकारियों ने बताया कि आयुष मंत्रालय द्वारा योग संगम पोर्टल-2026 प्रारंभ किया गया है। जिसके माध्यम से विभिन्न संस्थाएं, विभाग, शैक्षणिक संस्थान, स्थानीय निकाय, स्वायत्तशासी संस्थाएं, सार्वजनिक उपक्रम योग संस्थान एवं सामुदायिक संगठन दिनांक 21 जून 2026 को आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रमों के लिए पंजीयन एवं कार्यक्रम के उपरांत विवरण एवं फोटोग्राफ अपलोड किये जा सकते है। शासन के समस्त विभागों के सचिव, विभागाध्यक्ष, संभागायुक्त एवं कलेक्टरों को अधीनस्थ संस्थाओं, कार्यालयों को उक्त पोर्टल पर पंजीयन कराने एवं आयोजन उपरांत कार्यक्रम की जानकारी पोर्टल में अपलोड करने हेतु निर्देशित करने कहा गया है। पंजीयन हेतु वेब पोर्टल https//:yoga.ayush.gov.in/yoga-sangam है।मंत्रालय में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, गृह विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद समेत नगरीय प्रशासन, वाणिज्यिक कर, कृषि, श्रम और आयुष विभाग के सचिव एवं योग आयोग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर / छत्तीसगढ़ में 24 जून 2026 को ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा ग्राम सभाओं में जनहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा एवं निर्णय लेने के निर्देश दिए गए हैं। ग्राम सभा में विशेष रूप से आवास प्लस 2.0 सर्वेक्षण से प्राप्त सिस्टम जनरेटेड स्थायी प्रतीक्षा सूची (PWL) का अवलोकन एवं वाचन किया जाएगा। ग्राम सभा द्वारा शासन की मार्गदर्शिका एवं SOP के अनुसार पात्र हितग्राहियों की प्राथमिकता सूची तैयार की जाएगी तथा ग्रामीणों से प्राप्त दावे-आपत्तियों को नियमानुसार प्राप्त कर निराकरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। ग्राम सभा से अनुमोदन के बाद स्थायी प्रतीक्षा सूची को आवास सॉफ्टवेयर में अपलोड किया जाएगा। इसके अलावा ग्राम सभा में पूर्व बैठक के निर्णयों के पालन प्रतिवेदन, पंचायतों के आय-व्यय की समीक्षा एवं अनुमोदन, विभिन्न योजनाओं से स्वीकृत कार्यों की प्रगति, तथा अन्य विकासात्मक विषयों पर भी चर्चा की जाएगी। ग्राम सभाओं में विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) VB-G RAM G के संबंध में भी ग्रामीणों को जानकारी दी जाएगी तथा इसके क्रियान्वयन पर चर्चा होगी। प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों से ग्राम सभा में अधिक से अधिक ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित करने तथा ग्राम विकास से जुड़े निर्णयों में जनभागीदारी बढ़ाने की अपील की गई है।
- रायपुर / लोकभवन में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आधुनिक तकनीक से अवगत कराने तथा शासकीय कार्यों में नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से Artificial Intelligence (AI) संबंधी प्रशिक्षण सत्र का आयोजन कॉन्फ्रेंस हॉल में किया गया।प्रशिक्षण सत्र का आयोजन अवर सचिव श्री अनुभव शर्मा के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों को AI (Artificial Intelligence) की कार्यप्रणाली, उपयोगिता तथा विभिन्न क्षेत्रों में इसके प्रभावी इस्तेमाल से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गईं। सत्र में ।प् के माध्यम से कार्यों को अधिक सरल, प्रभावी एवं समयबद्ध बनाने के तरीकों पर प्रकाश डाला गया। उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रशिक्षण में उत्साहपूर्वक भाग लेकर आधुनिक तकनीक की उपयोगी जानकारी प्राप्त की।कार्यक्रम का उद्देश्य शासकीय कार्यप्रणाली में नई तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देना तथा अधिकारियों- कर्मचारियों को डिजिटल दक्षताओं से सशक्त बनाना रहा। इस अवसर पर राज्यपाल के विधिक सलाहकार श्रीमती सत्यभामा अजय दुबे, उप सचिव सुश्री निधि साहू, श्री सुधीर सुलतानिया, श्री लक्षित त्रिलोक सेठिया, श्री अनूप अग्रवाल एवं लोकभवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- -41 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को राहत-14.5 लाख परिवारों को अब भी मिल रही मुफ्त बिजली-सिंचाई पम्प धारी कृषकों पर कोई अतिरिक्त भार नहीं--सब्सिडी, सौर ऊर्जा एवं राहत योजनाओं से अधिकांश उपभोक्ताओं को संरक्षणरायपुर /छत्तीसगढ़ में विद्युत टैरिफ के वार्षिक संशोधन के बावजूद छत्तीसगढ़ सरकार ने आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त भार को न्यूनतम रखने के लिए कई स्तरों पर राहत और संरक्षण की व्यवस्था की है। विद्युत नियामक आयोग द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए औसतन 6.23 प्रतिशत अर्थात लगभग 42 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि स्वीकृत की गई है, लेकिन राज्य में मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना, बिजली बिल समाधान योजना और पीएम सूर्यघर योजना जैसी पहलों के कारण अधिकांश उपभोक्ताओं पर इसका प्रभाव काफी सीमित रहेगा।गौरतलब है कि विद्युत दरों का निर्धारण छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा किया जाता है, जो एक स्वतंत्र वैधानिक संस्था है। आयोग विद्युत कंपनियों की वार्षिक राजस्व आवश्यकता, उत्पादन लागत, कोयला, ट्रांसमिशन तथा वितरण व्यय सहित विभिन्न आर्थिक पहलुओं का अध्ययन कर दरों का निर्धारण करता है। नए टैरिफ में घरेलू उपभोक्ताओं की दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक की वृद्धि की गई है। हालांकि मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना के कारण प्रदेश के अधिकांश परिवारों पर इसका अतिरिक्त भार नहीं पड़ेगा।प्रदेश में लगभग 51 लाख घरेलू उपभोक्ता हैं। इनमें से 14.5 लाख बीपीएल परिवारों को 30 यूनिट तक बिजली निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है, जिसका पूरा खर्च राज्य सरकार वहन कर रही है। इसके अलावा 26.5 लाख ऐसे उपभोक्ता, जिनकी मासिक खपत 400 यूनिट तक है, उन्हें 200 यूनिट तक की खपत पर 50 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। इन राहतों के कारण लगभग 41 लाख घरेलू उपभोक्ताओं पर बिजली दर वृद्धि का प्रभाव शून्य से लेकर मात्र 3.65 प्रतिशत तक ही होगा।किसानों पर अतिरिक्त व्यय भार नहींराज्य के 8.65 लाख कृषि उपभोक्ताओं के लिए ऊर्जा प्रभार में 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है, लेकिन इसकी प्रतिपूर्ति राज्य शासन द्वारा सब्सिडी के रूप में किए जाने के कारण किसानों पर इसका अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा। कृषि पंपों के स्थायी प्रभार को भी यथावत रखा गया है।सौर ऊर्जा से हजारों परिवारों का बिल हुआ शून्यऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित पीएम सूर्यघर योजना का छत्तीसगढ़ राज्य में तेजी से क्रियान्वयन किया जा रहा है। अब तक लगभग 66 हजार उपभोक्ता इस योजना का लाभ प्राप्त कर चुके हैं, जिनमें से 16 हजार परिवारों का बिजली बिल शून्य हो गया है। वर्तमान में लगभग 89 हजार घरों में सौर संयंत्र स्थापित करने का कार्य प्रगति पर है। राज्य सरकार ने आगामी वर्षों में 5 लाख घरों में सोलर प्लांट लगाने का लक्ष्य रखा है, जिससे बिजली उपभोग की लागत में कमी आएगी।बिजली बिल समाधान योजना से मिली बड़ी राहतमुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार द्वारा 12 मार्च 2026 से मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना लागू की गई है। इस योजना के तहत बीपीएल, घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं को बकाया बिजली बिलों में विशेष राहत प्रदान की जा रही है।बीपीएल उपभोक्ताओं को मूल बकाया राशि में 75 प्रतिशत तथा संपूर्ण सरचार्ज में छूट दी जा रही है। वहीं घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं को मूल राशि में 50 प्रतिशत तथा पूरे सरचार्ज में छूट का लाभ मिल रहा है। इसके साथ ही शेष राशि को अधिकतम 60 किस्तों में जमा करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। योजना के तहत अब तक 6 लाख बीपीएल, 1.5 लाख घरेलू तथा 33 हजार कृषि उपभोक्ताओं ने आवेदन किया है। लगभग 1328 करोड़ रुपये के बकाया देयकों का समाधान किया जा चुका है, जिसमें 749 करोड़ रुपये की राहत उपभोक्ताओं को दी गई है।उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मकता बनाए रखने पर भी जोरराज्य में औद्योगिक निवेश और रोजगार को प्रोत्साहित करने के लिए स्टील उद्योगों को लोड फैक्टर पर मिलने वाली 25 प्रतिशत छूट को पूर्ववत जारी रखा गया है। इससे राज्य के उद्योग अन्य राज्यों की तुलना में प्रतिस्पर्धात्मक बने रहेंगे और उत्पादन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।आदिवासी क्षेत्रों के छात्रावासों को विशेष राहतबस्तर एवं सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में संचालित छात्रावासों को गैर-घरेलू श्रेणी से घरेलू श्रेणी में शामिल कर विशेष राहत प्रदान की गई है। इससे इन संस्थानों के संचालन व्यय में कमी आएगी।कम बिजली खर्च करने का नया अवसर10 किलोवाट से अधिक भार वाले घरेलू, गैर-घरेलू, औद्योगिक तथा सार्वजनिक उपयोगिता उपभोक्ताओं को ऑफ-पीक समय (सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक) बिजली उपयोग पर 5 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। वहीं पीक आवर्स में 5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क निर्धारित किया गया है। इससे उपभोक्ताओं को अपनी बिजली खपत का बेहतर प्रबंधन करने का अवसर मिलेगा।ऊर्जा अधोसंरचना को मजबूत करने बड़ा निवेशराज्य सरकार बिजली उत्पादन और वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है। वर्तमान में 2×660 मेगावाट क्षमता के सुपरक्रिटिकल ताप विद्युत संयंत्र का कार्य प्रारंभ किया जा चुका है, जिसकी पहली इकाई मार्च 2029 तक शुरू होने की संभावना है। इसके अलावा मड़वा में 800 मेगावाट क्षमता के नए विद्युत संयंत्र की योजना पर भी कार्य चल रहा है।आगामी वर्षों में 400/132 केवी के 4, 220/132 केवी के 17 तथा 132/33 केवी के 34 नए उपकेंद्र स्थापित किए जाएंगे। वहीं वितरण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 106 नए 33/11 केवी उपकेंद्रों का निर्माण जारी है तथा लगभग 300 अतिरिक्त उपकेंद्र स्थापित करने की योजना बनाई गई है।उपभोक्ता हित और व्यवस्था दोनों का संतुलनऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती उत्पादन एवं वितरण लागत, पूर्व वर्षों के वित्तीय दायित्वों तथा विद्युत अधोसंरचना विस्तार की आवश्यकताओं को देखते हुए किया गया यह संशोधन सीमित दायरे का है। राज्य सरकार ने सब्सिडी, राहत योजनाओं और सौर ऊर्जा कार्यक्रमों के माध्यम से आम उपभोक्ताओं पर इसका प्रभाव न्यूनतम रखने का प्रयास किया है।
- रायपुर / राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहां लोकभवन में जगदलपुर के ट्री मैन श्री संपत झा ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर श्री झा ने राज्यपाल कोे दुनिया की सबसे मंहगी आम प्रजातियों में शामिल मियाजाकी आम भेंट की। राज्यपाल ने मियाजाकी आम की खेती को बस्तर क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह न केवल किसानों की आय बढ़ाने मे सहायक सिद्ध हो सकती है बल्कि छत्तीसगढ़ को अंतरर्राष्ट्रीय फल बाजार में नई पहचान भी दिला सकती है। उन्होंने इस विशेष प्रजाति की खेती को बढ़ावा देने, इसकी पैदावार मे वृद्धि करने तथा राष्ट्रीय एवं अंतरर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी मार्केटिंग के प्रयास करने हेतु प्रोत्साहित किया।
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-समर्थ भारत कॉन्क्लेव 2026 का उद्घाटन किया राज्यपाल ने
रायपुर /राज्यपाल श्री रमेन डेका आज डॉ सी.वी. रमन विश्वविद्यालय बिलासपुर एवं आईसेक्ट इंडिया ग्रुप के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित दो दिवसीय समर्थ भारत कॉन्क्लेव 2026 के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर श्री डेका ने कहा कि आज दुनिया तेजी से बदल रही है और इसके साथ तकनीक भी निरंतर विकसित हो रही है। ऐसे समय में तकनीक का उपयोग मानव कल्याण, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के लिए होना चाहिए।राज्यपाल ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधुनिक युग की एक महत्वपूर्ण तकनीक है, जो चिकित्सा, कृषि, अर्थव्यवस्था और शिक्षा सहित अनेक क्षेत्रों में मानव की सहायक बन सकती है, लेकिन यह मानव बुद्धि, संवेदनशीलता और नैतिक मूल्यों का स्थान नहीं ले सकती। तकनीक को जीवन में सहायक के रूप में अपनाया जाना चाहिए न कि उसे किसी खतरे के रूप में स्थान दिया जाना चाहिए। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे एआई और अन्य नई तकनीकों का उपयोग नवाचार तथा समाज हित के कार्यों में करें। अपने संबोधन में उन्होंने इंटरनेट के बढ़ते उपयोग पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इसके सकारात्मक प्रभावों के साथ-साथ नकारात्मक पहलुओं पर भी ध्यान देना आवश्यक है। डिजिटल एडिक्शन न हो यह कोशिश करनी चाहिए।राज्यपाल ने कहा कि मानव सभ्यता का विकास सदैव नवाचार और वैज्ञानिक खोजों के माध्यम से हुआ है। जिस प्रकार अग्नि की खोज ने मानव जीवन को नई दिशा दी, उसी प्रकार आधुनिक विज्ञान और तकनीक भविष्य के भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में आधुनिक तकनीकों का व्यापक उपयोग समय की मांग है। स्टार्टअप और नवाचार केवल आर्थिक प्रगति के साधन नहीं, बल्कि समाज की समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम भी हैं। नवाचार के जरिए दिव्यांगजनों के जीवन को सरल बनाया जा सकता है, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं तथा समाज को नई संभावनाओं से जोड़ा जा सकता है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और इको-फ्रेंडली जीवनशैली को अपनाने पर जोर दिया। पर्यावरण संरक्षण पर विशेष बल देते हुए राज्यपाल ने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा, सौर ऊर्जा, जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन तथा पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली को अपनाना आज की आवश्यकता है।छत्तीसगढ़ की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह एक समृद्ध आदिवासी संस्कृति और अपार संभावनाओं वाला राज्य है। यहां के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और अवसरों से जोड़ने की है। उन्होंने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कृषि, वन उत्पाद, उद्योग और सेवा क्षेत्र सहित प्रत्येक क्षेत्र में वैल्यू एडिशन पर विशेष जोर देना होगा। राज्यपाल ने कहा कि भारत के गांवों तक तकनीक और नवाचार का लाभ पहुंचाना समय की आवश्यकता है।कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों में एआई की पढ़ाई प्रारंभ की गई है। जिस तरह देश आगे बढ़ रहा है इस तरह तकनीकी क्षेत्र में भी राज्य को आगे बढ़ा रहे हैं। आज कंपनियों को जिस तरह के कोर्स की आवश्यकता है उसी के अनुरूप तकनीकी संस्थानों में कोर्स संचालित करने के प्रयास हो रहे हैं। सरकार युवाओं को हर तरह से सक्षम बनाने का प्रयास कर रही है जिससे युवा जाब मांगने वाले नहीं बल्कि देने वाले बने।कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर प्रदीप कुमार घोष ने एआई के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला। कॉन्क्लेव में पद्मश्री श्री अजय मांडवी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने भी अपना प्रेरक उदबोधन दिया। इस अवसर पर राज्यपाल ने एआई कौशल रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर विद्यार्थियों, शिक्षकों तथा आम नागरिकों को एआई की उपयोगिता, संभावनाओं और रोजगार के अवसरों की जानकारी देगा, विशेष कर ग्रामीण युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और जेनरेटिव एआई की निशुल्क व्यवहारिक शिक्षा देने के लिए यह अत्याधुनिक मोबाइल लैब तैयार किया गया है।इस अवसर पर राज्यपाल ने आईसेक्ट के वार्षिक प्रतिवेदन एवं कौशल रथ व एआइ पर आधारित पुस्तक का विमोचन किया। कार्यक्रम का संचालक डॉ. ज्योति बाला गुप्ता और आभार प्रदर्शन कुलसचिव डॉ. अरविंद कुमार तिवारी ने किया। इस कॉन्क्लेव में विश्वविद्यालय के अधिकारी, प्राध्यापक, उद्योग एवं बैंक के अधिकारी, आईसेक्ट इंडिया गु्रप के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उद्यमी उपस्थित रहे। - -पशुपालकों से जिम्मेदारी निभाने की अपीलरायपुर. ।माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों के पालन में बिलासपुर जिला प्रशासन, नगर निगम एवं पशु चिकित्सा विभाग द्वारा सड़कों पर विचरण करने वाले निराश्रित एवं आवारा मवेशियों के नियंत्रण के लिए अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। जिला प्रशासन ने सभी पशुपालकों, डेयरी संचालकों एवं किसानों से अपने पशुओं को घर या निर्धारित स्थान पर सुरक्षित रखने तथा उन्हें राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों सहित सार्वजनिक सड़कों पर न छोड़ने की अपील की है।बिलासपुर नगर निगम द्वारा शहर की सड़कों एवं राजमार्गों से पकड़े गए मवेशियों को मोपका स्थित पशु आश्रय केंद्र में रखा जाता है। यहां से चयनित पशुओं को गौ-इकाई अथवा बैल-जोड़ी इकाई के रूप में पशुपालन विभाग के माध्यम से स्थायी पालन हेतु उपलब्ध कराया जाता है। इसके बावजूद यह देखा गया है कि कुछ पशुपालक निगम के नियमों के तहत अपने पशुओं को वापस लेकर पुनः सड़कों पर छोड़ देते हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है और नागरिकों की सुरक्षा प्रभावित होती है।जिला प्रशासन ने इसे ध्यान में रखते हुए स्पष्ट किया है कि यदि कोई गौवंशीय अथवा भैंसवंशीय पशु सड़कों, राष्ट्रीय राजमार्गों अथवा राज्य मार्गों पर विचरण करते हुए पाया जाता है, तो उसे स्थायी रूप से जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। जब्त सांडों को बैगा-बिरहोर एवं जरूरतमंद किसानों को बैल-जोड़ी के रूप में तथा जब्त गायों को गौ-इकाई के रूप में स्थायी पालन हेतु वितरित किया जाएगा। आवश्यकता अनुसार उन्हें गौशालाओं एवं गौठानों में भी स्थायी रूप से विस्थापित किया जाएगा।बिलासपुर जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सड़क पर छोड़े गए पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात की सुरक्षा तथा पशुओं के बेहतर संरक्षण के लिए यह कार्रवाई की जा रही है। पशुपालकों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए प्रशासन ने सभी से अपने पशुओं की समुचित देखभाल एवं जिम्मेदारी से पालन सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि जब्त पशुओं के संबंध में की गई कार्रवाई पर किसी प्रकार की दावा-आपत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी, क्योंकि यह व्यवस्था माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में लागू की जा रही है।
- -सुशासन तिहार में किए गए वादे हो रहे पूरे, पंचायत भवन, पीडीएस भवन और मुक्तिधाम निर्माण को मिली मंजूरीरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आयोजित सुशासन तिहार केवल जनसंवाद का मंच नहीं, बल्कि जनआकांक्षाओं को शीघ्रता से पूरा करने का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। आम नागरिकों की समस्याओं और मांगों के त्वरित निराकरण के लिए राज्य शासन एवं जिला प्रशासन द्वारा लगातार संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा सरगुजा प्रवास के दौरान ग्रामीणों की मांगों पर की गई घोषणाओं को शीघ्र स्वीकृति प्रदान कर अमल में लाया गया है।उल्लेखनीय है कि 03 मई 2026 को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सुशासन तिहार के अंतर्गत सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत सिलमा के शांतिपारा पहुंचे थे। जन चौपाल में ग्रामीणों से सीधे संवाद करते हुए उन्होंने क्षेत्र की आवश्यकताओं और समस्याओं की जानकारी ली तथा विभिन्न विकास कार्यों की घोषणाएं की थीं।मुख्यमंत्री की घोषणाओं के अनुरूप जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विभिन्न निर्माण कार्यों को स्वीकृति प्रदान की है। ग्राम सिलमा में डीएमएफ एवं मनरेगा के अभिसरण से 18.30 लाख रुपये की लागत से नवीन पंचायत भवन, डीएमएफ मद से 2.50 लाख रुपये की लागत से मुक्तिधाम तथा मनरेगा मद से 11.63 लाख रुपये की लागत से नवीन पीडीएस भवन निर्माण को मंजूरी दी गई है। इसी प्रकार ग्राम कुनकुरीकला में डीएमएफ एवं मनरेगा के अभिसरण से 18.30 लाख रुपये की लागत से नवीन पंचायत भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है।ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की घोषणाओं पर त्वरित अमल के लिए प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनका आभार जताया है। उनका कहना है कि सुशासन तिहार के माध्यम से शासन और प्रशासन सीधे जनता तक पहुंचकर न केवल समस्याएं सुन रहा है, बल्कि उनके समाधान के लिए समयबद्ध कार्रवाई भी सुनिश्चित कर रहा है। राज्य शासन की मंशा के अनुरूप जिला प्रशासन द्वारा सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त मांगों और जनसमस्याओं के निराकरण के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे विकास कार्यों का लाभ समय पर आमजन तक पहुंच रहा है और सुशासन की अवधारणा जमीनी स्तर पर साकार हो रही है।
- -आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग से बढ़ी पैदावार, लागत में आई कमीरायपुर, / छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कृषि क्षेत्र में नवाचार और वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयास किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम कचंदा निवासी किसान श्री मनोहर यादव इसकी एक प्रेरणादायक मिसाल हैं। नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग से उन्होंने अपनी खेती की लागत कम करने के साथ-साथ उत्पादन और आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हासिल की है।लगभग दो एकड़ भूमि पर खेती करने वाले श्री यादव पहले बढ़ती कृषि लागत और उत्पादन की अनिश्चितता से चिंतित रहते थे। कृषि विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन तथा राज्य शासन की किसान हितैषी पहलों से प्रेरित होकर उन्होंने पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने का निर्णय लिया और अपनी फसलों में नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी का प्रयोग शुरू किया।नई तकनीक के परिणाम शीघ्र ही सामने आने लगे। नैनो उर्वरकों के उपयोग से फसलों को संतुलित पोषण मिला, जिससे पौधों की वृद्धि बेहतर हुई और उत्पादन में वृद्धि दर्ज की गई। साथ ही उर्वरकों पर होने वाला खर्च भी कम हुआ, जिससे खेती की लागत नियंत्रित करने में मदद मिली। कम मात्रा में अधिक प्रभावी साबित होने वाले नैनो उर्वरकों ने उनकी खेती को पहले की तुलना में अधिक लाभकारी बना दिया है।श्री मनोहर यादव बताते हैं कि नैनो उर्वरकों का परिवहन और उपयोग बेहद सरल है, जिससे समय और श्रम दोनों की बचत होती है। बेहतर गुणवत्ता वाली फसल और बढ़ी हुई पैदावार का सीधा लाभ उनकी आय में वृद्धि के रूप में मिला है।उन्होंने अन्य किसानों से भी आधुनिक कृषि तकनीकों और वैज्ञानिक खेती को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि बदलते समय के साथ नवाचार आधारित खेती ही समृद्धि का मार्ग है। उनका मानना है कि नई तकनीकों और कृषि विभाग के मार्गदर्शन का लाभ उठाकर किसान कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर अपनी आर्थिक स्थिति को सशक्त बना सकते हैं।























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