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- -अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा कवर्धा में जिलास्तरीय महतारी वंदन कार्यक्रम में हुए शामिल-कबीरधाम की महिलाओं को 24 किश्तों में मिले 563.49 करोड़ रुपए-उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को उप मुख्यमंत्री ने प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिन्ह प्रदान कर किया सम्मानितरायपुर। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने महतारी वंदन योजना की 25 वीं किश्त की राशि बस्तर में आयोजित कार्यक्रम से जारी की। इस अवसर पर कवर्धा के वीर सावरकर भवन में महतारी वंदन सम्मेलन का आयोजन किया। इस आयोजन में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा एवं सांसद श्री संतोष पाण्डेय भी कार्यक्रम में शामिल हुए।सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चन्द्र प्रकाश चंद्रवंशी, उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुषमा बघेल, जिला पंचायत सदस्य श्री राम कुमार भट्ट, डॉ वीरेन्द्र साहू, सभापति श्रीमती सुष्मिता पटेल, श्री नितेश अग्रवाल, श्री विजय पटेल, श्री मनीराम, श्रीमती मधु तिवारी, श्रीमती सुषमा चंद्रवंशी, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक अग्रवाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री आनंद तिवारी, पार्षदगण सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रही।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने विश्व महिला दिवस की बधाई देते हुए कहा कि सिर्फ आज ही नहीं हर दिन महिला दिवस है। समाज में जब भी कुछ सकारात्मक बदलाव लाना होता है इसकी शुरुआत महिलाओं से होती है। पुरातन काल और हजारों वर्षों से यह हमारी परम्परा है, जहां माताओं का स्थान समाज में सर्वोच्च है। हमारे देश में माताएं देवियों के रूप में पूजित हैं। आदि शंकराचार्य ने जब मंडन मिश्रा से शास्त्रार्थ किया था तो निर्णायक की भूमिका भी एक विदुषी महिला उभय भारती जो कि मंडन मिश्रा की पत्नी थी, उन्होंने निभाई थी।भारत में परिवर्तन के लिए महिला शक्ति को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। महिलाओं को स्व रोजगार, उद्यमिता और सहकारिता से जोड़ते हुए लखपति दीदी के रूप आगे बढ़ाया जा रहा है। महतारी वंदन पूरे प्रदेश में सबसे बड़ी योजना है। महतारी वंदन योजना महिला सशक्तिकरण की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हर माह 1 हजार रुपए की राशि महिलाओं को मिल रही है। आज योजना की 25 वीं किश्त जारी हो रही है। यह राशि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है। महिलाएं स्व रोजगार और उद्यमिता को अपनाकर आय अर्जित कर रही हैं। जिससे वे अपने बच्चों और घर परिवार से जुड़े आर्थिक जरूरतों की पूर्ति खुद करने में सक्षम हो रही हैं।उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं के हाथ में योजना की राशि मिले और वे स्वयं अपने खाते से राशि निकाल सकें, इसके लिए हर पंचायत में अटल डिजिटल केंद्र खोल जा रहे हैं। जिससे महिलाओं को दूर शहरों में बैंक या सोसायटी तक जाना न पड़े। महिला स्व सहायता समूहों के लिए महतारी सदन का निर्माण किया जा रहा है, यह विशेष रूप से महिलाओं के लिए ही होगा। इसका निर्माण क्लस्टर लेवल फेडरेशन स्तर पर किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सदन में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। यह नीति निर्धारण में महिलाओं की सहभागिता को बढ़ाएगा।राजनांदगांव सांसद श्री संतोष पांडे ने अपने सम्बोधन में कहा कि महिला एक परिवार ही नहीं बल्कि पूरे समाज और देश की नींव तैयार करती है। माँ के रूप में महिला शक्ति अपने संतान को जो शिक्षा और सीख देती है वैसा ही उसका विकास होता है।जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है, जिससे महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक जीवन स्तर को और बेहतर बनाया जा सके। महतारी वंदन की राशि देने का वायदा किया था। सरकार बनने के बाद यह राशि जारी करने की शुरुआत की गईं अब तक 25 किश्त जारी की जा चुकी है।उल्लेखनीय है कि कबीरधाम जिले की 2.48 लाख से अधिक महिलाओं को महतारी वंदन योजना से अब तक 24 किश्तों में 563.49 करोड़ रुपए जारी किए जा चुके हैं।ये हुए सम्मानितउपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं और सामाजिक संस्थाओं को सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने वालों में श्रीमती गंगोत्री, श्रीमती यशोधरा मानिकपुरी, श्रीमती प्रीति सिंह परिहार, श्रीमती श्वेता शर्मा, श्रीमती पायल श्रीवास्तव, श्रीमती सरस्वती निषाद, श्रीमती चंद्र कुमारी, श्रीमती रंजना भट्ट, श्रीमती सुकून चंद्रवंशी, श्रीमती अनीता पाली, श्रीमती खुशबू, अनीता केसरवानी, रीना शर्मा, अश्वनी श्रीवास्तव, विवेका हैरिस, श्रीमती सरोज शर्मा, निकिता डड़सेना एवं संगीता साहू शामिल हैं। इसके साथ ही सामाजिक संस्था नई सोच नई राह नारी शक्ति टीम को भी समाज में महिलाओं के सशक्तिकरण और जनसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
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-महिलाओं ने 'आओ गढ़ें संस्कारवान पीढ़ी' के तहत नारी शक्ति को जागरूक करने का संकल्प लिया
रायपुर । अखिल विश्व गायत्री परिवार रायपुर के परिजनों द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर गायत्री चेतना केंद्र बोरियाखुर्द में समाज सुधार में गायत्री परिवार की नारियों की भूमिका व दायित्व विषय पर विचार मंथन किया गया। गायत्री चेतना केंद्र बोरियाखुर्द की व्यवस्थापक श्रीमती अनोखी निषाद एवं श्रीमती पूर्णिमा साहू ने बताया कि महिलाओं ने 'आओ गढ़ें संस्कारवान पीढ़ी' के तहत नारी शक्ति को जागरूक करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं का मंगल तिलक करते हुए मंत्र दुपट्टा व श्रीफल भेंट कर उनका सम्मान किया गया।
- -2000 से अधिक महिलाओं की ऐतिहासिक भागीदारी, रायपुर में गूंजा राष्ट्रभक्ति और नारी शक्ति का संदेश-भारत की अविरल संस्कृति और सभ्यता को आगे बढ़ाने वाली भारत की महिलाएं हैं –उपमुख्यमंत्री विजय शर्मारायपुर । अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर में “मैं भारत हूं” थीम पर भव्य बाइक-स्कूटी रैली का आयोजन किया गया। मातृशक्ति की ऐतिहासिक भागीदारी से सजी इस रैली में 2000 से अधिक महिलाओं ने हिस्सा लिया और राष्ट्रभक्ति, अनुशासन तथा महिला सशक्तिकरण का सशक्त संदेश दिया। यह रैली अपनी विशिष्टता और व्यापक सहभागिता के कारण गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज की गई।रैली का शुभारंभ माँ काली मंदिर से हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक वंदे मातरम् गान के साथ हुई। इसके बाद अखिल भारतीय धर्मजागरण समन्वय कार्यसमिति सदस्य श्री राजेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव और श्रीमती विभा अवस्थी ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। रैली का नेतृत्व महिला पुलिस कर्मियों के अनुशासित दस्ते ने किया, जिसके पीछे हजारों महिलाएं हाथों में तिरंगा लिए उत्साहपूर्वक आगे बढ़ीं।यह रैली माँ काली मंदिर से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए श्रीराम मंदिर, वीआईपी चौक पर संपन्न हुई। रास्ते भर नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर रैली का स्वागत किया। कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. भारवि वैष्णव और सह-संयोजिका तथा नगर निगम पार्षद डॉ. अनामिका सिंह के नेतृत्व में पूरे आयोजन का सफल संचालन किया गया।समापन समारोह में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा भी शामिल हुए। उन्होंने महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि समाज में यातायात नियमों का पालन करने का संदेश देने के लिए आज महिलाओं ने जो स्कूटी रैली निकाली वह गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल हो गयी है यह हमारे लिए गर्व का विषय है। उन्होंने अपने जीवन में अपनी बुआ अपनी मां अपनी पत्नी जैसी सशक्त महिलाओं के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि महिलाएं पुरुषों से अधिक सहनशील और ज्यादा मजबूत होती हैं।उन्होंने स्वामी विवेकानंद के प्रेरक प्रसंग को याद करते हुए कहा कि यदि आज भारत की संस्कृति शाश्वत है, इस अविरल संस्कृति और सभ्यता को कोई आगे लेकर जाने वाला है तो वह भारत की महिलाएं हैं। अगर जीजा बाई ना होती तो शिवाजी का अस्तित्व नहीं होता और कौशल्या माता के संस्कार से ही तो भगवान श्री राम का अस्तित्व है। हर कामियाब व्यक्ति के पीछे महिला का हाथ होता है।उन्होंने कहा कि आज महिलाएं शासन की योजनाओं का लाभ लेकर लखपति दीदी से करोड़पति दीदी तक का सफर तय कर रहीं हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ करने का भी कार्य कर रही हैं। महिलाओं के संकल्प के आगे कोई टिक नहीं सकता आज नक्सलावाद के नासूर को जड़ से मिटाने के लिए दिन रात पहाड़ों में रहकर कार्य करने वाली पुलिस विभाग की महिलाओं का भी उन्होंने अभिनंदन किया।गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के अधिकृत उद्घोषक सोनल शर्मा ने घोषणा करते हुए कहा कि समाज में सकारात्मक संदेश देने और यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित यह स्कूटी रैली गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल की गई है, जो रायपुर और पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।अखिल भारतीय धर्मजागरण विभाग के प्रमुख श्री राजेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि संगठित मातृशक्ति ही राष्ट्र की वास्तविक शक्ति और संस्कृति की संरक्षक है। वहीं बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ वर्णिका शर्मा ने कहा कि आज की नारी हर क्षेत्र में अग्रणी है और यह आयोजन महिलाओं के आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का प्रतीक है।आयोजन की संयोजिका डॉ. भारवि वैष्णव ने कहा कि रायपुर की सड़कों पर उमड़ा मातृशक्ति का यह जनसैलाब भारतीय नारी के राष्ट्रप्रेम और समर्पण का प्रमाण है। वहीं डॉ. अनामिका सिंह ने कहा कि महिला सशक्तिकरण तभी पूर्ण है जब नारी मानसिक और सामाजिक रूप से सशक्त हो। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग देने के लिए पुलिस प्रशासन और स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर विभिन्न महिला संगठनों ने इस आयोजन में सहभागिता की और सभी प्रतिभागियों को हेलमेट भी प्रदान किया गया। सभी ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और आदर्श नागरिक कर्तव्यों के पालन का संकल्प लिया। हाथों में तिरंगा और “भारत माता की जय” के उद्घोष के साथ संपन्न हुई यह रैली महिला शक्ति, संस्कार और आत्मविश्वास का प्रेरक उदाहरण बन गई।
- रायपुर ।प्रदेश की पुरातत्त्वीय धरोहरों के संरक्षण, संवर्धन और जनभागीदारी को सुदृढ़ बनाने की दिशा में संस्कृति विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के निर्देश पर संस्कृति विभाग अंतर्गत पुरातत्त्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय संचालनालय, रायपुर द्वारा “जिला पुरातत्त्वीय संघों के निर्माण एवं कार्यविधियाँ” विषय पर तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यशाला 07 से 09 मार्च 2026 तक महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय, सिविल लाइन्स, रायपुर में आयोजित की जा रही है।कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य राज्य के विभिन्न जिलों में जिला पुरातत्त्वीय संघों के गठन, उनके कार्य एवं दायित्वों को स्पष्ट करना तथा पुरातत्त्वीय धरोहरों के संरक्षण में उनकी सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करना है। इस आयोजन के माध्यम से जिला स्तर पर पुरातत्त्वीय धरोहरों के संरक्षण के लिए एक मजबूत संस्थागत ढांचा तैयार करने और स्थानीय स्तर पर जनसहभागिता को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है।कार्यशाला के दौरान पुरातत्त्व, संग्रहालय प्रबंधन तथा विरासत संरक्षण से जुड़े विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न तकनीकी सत्रों का आयोजन किया जा रहा है। इन सत्रों में जिला पुरातत्त्वीय संघों के प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, ताकि वे अपने-अपने जिलों में धरोहर संरक्षण से जुड़े कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित कर सकें।प्रथम तकनीकी सत्र में “संग्रहालयों के संचालन में जिला पुरातत्त्वीय संघों की भूमिका” विषय पर मुख्य व्याख्यान प्रो. आर. एन. विश्वकर्मा, सेवानिवृत्त प्राध्यापक एवं पूर्व विभागाध्यक्ष, प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्त्व, इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय द्वारा दिया गया। उन्होंने अपने व्याख्यान में संग्रहालयों के सुचारु संचालन, स्थानीय समुदाय की भागीदारी तथा पुरातत्त्वीय धरोहरों के संरक्षण में जिला स्तर के संगठनों की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला।इसके बाद आयोजित परिचर्चा सत्र में राज्य के विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में जिला पुरातत्त्वीय संघों के माध्यम से संचालित गतिविधियों की जानकारी साझा की। साथ ही उन्होंने कार्यान्वयन के दौरान आने वाली चुनौतियों और समस्याओं पर भी चर्चा की, जिन पर विशेषज्ञों ने व्यावहारिक और समाधानकारी सुझाव प्रस्तुत किए।पुरातत्त्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय संचालनालय के संचालक श्री विवेक आचार्य ने बताया कि इस कार्यशाला के माध्यम से जिला स्तर पर पुरातत्त्वीय धरोहरों के संरक्षण के लिए संस्थागत व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं। इससे प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण को नई गति मिलेगी।कार्यक्रम के सफल आयोजन में कार्यक्रम प्रभारी डॉ. पी.सी. पारख, प्रभात कुमार सिंह, डॉ. अरुंधति परिहार, श्रीमती रोशनी शर्मा, डॉ. वृषोत्तम साहू, प्रवीन तिर्की, डॉ. राजीव मिंज, विष्णु नेताम, समीर टल्लू, मुकेश जोशी, अमर भरतद्वाज, नूतन एक्का एवं अरुण निर्मलकर सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -आज हर क्षेत्र में महिलाओं की सहभागिता बढ़ रही है - विधायक श्री सिन्हामहासमुंद / अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में आज महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा “हम हैं शक्ति, हम हैं नारी” थीम पर स्थानीय शंकराचार्य भवन में महिला दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मां सरस्वती के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महासमुंद विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा उपस्थित रहे। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष श्री दिशा दीवान, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री देवीचंद राठी, जनपद सदस्य श्रीमती विजय लक्ष्मी जांगड़े, पार्षद पीयूष साहू, चंद्रशेखर बेलदार, ईश्वरी भोई, रमेश साहू, महेंद्र सिक्का, संदीप घोष, साजन यादव, धर्मेन्द्र महोबिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा ने अपने उद्बोधन में कहा कि पूरे विश्व में भारत को माता का दर्जा दिया गया है और देश में छत्तीसगढ़ को महतारी कहा जाता है। यह गर्व की बात है कि सन 1955 में छत्तीसगढ़ से मिनीमाता लोकसभा की पहली महिला सदस्य बनीं। आज वर्तमान सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी भी महिला है और राज्य सभा में श्रीमती लक्ष्मी वर्मा जी जाने वाली है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भी महिलाओं की भागीदारी निरंतर बढ़ रही है। पंचायतों में 50 प्रतिशत महिलाएं नेतृत्व कर रही हैं और महासमुंद जनपद में 25 में से 19 सीटों पर महिलाएं निर्वाचित हुई हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं समाज की जड़ के समान हैं, जो अपने त्याग और समर्पण से परिवार और समाज को संवारती हैं। आज महिलाएं लखपति दीदी बनकर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और हर क्षेत्र में अपना योगदान दे रही हैं। उन्होंने बेटियों की शिक्षा पर विशेष बल देते हुए रानी दुर्गावती योजना का उल्लेख किया, जिसके तहत बेटी के 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर 1 लाख 50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दिशा दीवान ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही हैं। आजीविका मिशन के माध्यम से लाखों महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और कई महिलाएं लखपति दीदी बनकर नई पहचान बना रही हैं।नगरपालिका उपाध्यक्ष श्री देवीचंद राठी ने कहा कि राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से महिलाएं सशक्त हो रही हैं। सक्षम योजना के माध्यम से महिलाओं को ऋण की सुविधा मिल रही है तथा जिले में विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा के पहल से महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए नर्सिंग कॉलेज भी खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं के हाथों में कला और हुनर है, जिसे पहचानकर आगे बढ़ाना चाहिए।कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है। महिलाओं को एक ही छत के नीचे सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए शासन प्रतिबद्ध है।जनपद सदस्य श्रीमती विजयलक्ष्मी जांगड़े ने कहा कि महिलाएं समाज की वास्तविक शक्ति हैं। वे मां, बहन और पत्नी के साथ-साथ समाज के प्रति भी अपने दायित्वों का निर्वहन करती हैं। उन्होंने महिलाओं से अपने सपनों को जीवित रखने और संघर्ष से पीछे न हटने का आह्वान किया।इस अवसर पर डॉ. अभिलाषा ने महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि एनीमिया, बुखार जैसी समस्याओं को हल्के में न लें और सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए वैक्सीन अवश्य लगवाएं। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ मां ही स्वस्थ समाज का निर्माण कर सकती है।कार्यक्रम में कृषि, पशुपालन, शिक्षा, पंचायत, वन, स्वास्थ्य तथा पुलिस विभाग सहित विभिन्न विभागों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 100 से अधिक महिला अधिकारी-कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। इस दौरान सभी महिलाओं को महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उन्हें सशक्त, आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनने के लिए प्रेरित किया गया।इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी टीकवेंद्र जटवार, परियोजना अधिकारी शैल नाविक, पर्यवेक्षक अपर्णा श्रीवास्तव, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।कार्यक्रम के दौरान बस्तर में आयोजित मुख्यमंत्री महतारी वंदन वृहद सम्मेलन का सीधा प्रसारण भी उपस्थित लोगों द्वारा सुना गया।
- -आरंगी उपकेन्द्र की क्षमता वृद्धि से क्षेत्र के 17 गाँव के उपभोक्ता हुए लाभांवितमहासमुंद / महासमुंद जिले के सरायपाली संभाग के अंतर्गत आरंगी विद्युत उपकेंद्र की क्षमता वृद्धि की गई। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री भीम सिंह कंवर ने उपकेन्द्र में अधिक क्षमता के नए ट्रांसफार्मर को बटन दबाकर प्रारंभ किया। 33/11 केव्ही के आरंगी उपकेन्द्र की क्षमता अब 3.15 MVA से बढ़कर 5 MVA हो गई है। इससे पहले श्री कंवर ने सरायपाली संभाग के अंतर्गत राजपालपुर में 132/ 33 KV के प्रस्तावित नए उच्चदाब उपकेंद्र के निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास कार्यों के कारण विद्युत मांग भी बढ़ी है ऐसे में इस नए उच्च दाब उपकेन्द्र को दो साल के अंदर पूरा किया जाना है। श्री कंवर ने काम में तेजी लाने तथा उपकेन्द्र को जल्द पूरा करने हेतु अधिकारियों को आवश्यक दिशा -निर्देश भी दिए। इस दौरान कार्यपालक निदेशक श्री जे एस नेताम भी मौजूद थे।आरंगी में उपकेन्द्र की क्षमता वृद्धि के अवसर पर उपस्थित उपभोक्ताओं एवं स्थानीय जनप्रतिधियों को संबोधित करते हुए एमडी श्री कंवर ने बताया कि अब पथरला और आरंगी वितरण केंद्रों के उपभोक्ता सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि इस उपकेन्द्र के अंतर्गत आने वाले 5 फीडर के 17 गांवों के 2000 उपभोक्ताओं को लो-वोल्टेज की समस्या से राहत मिलेगी और बिजली की आपूर्ति अधिक स्थिर होगी। इस अवसर पर स्थानीय सरपंच श्री भोजराज प्रधान ने एमडी श्री कंवर का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि क्षेत्र में वोल्टेज की समस्या होने के संबंध में सूचित किया गया था जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए दो दिन में ही उपकेन्द्र की क्षमता वृद्धि की गई।श्री कंवर ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी का स्पष्ट निर्देश है कि प्रदेशभर में निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार गर्मी के दिनों में विद्युत की संभावित मांग वृद्धि के अनुरूप सभी तैयारियों को सुनिश्चित किया जा रहा है।अपने संबोधन में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने उपभोक्ताओं से इस योजना का अधिक से अधिक लाभ लेने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार बहुत बड़ा अनुदान इस योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं को दे रही है जिसका अधिकतम लाभ आमजन अवश्य लें। इस दौरान अधीक्षण अभियंता श्री वाय के मनहर , कार्यपालन अभियंता श्री महेश नायक, श्री टी के पटेल समेत क्षेत्रीय उपभोक्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
- महासमुंद / कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन एवं आदेशानुसार नीति आयोग, भारत सरकार अंतर्गत संचालित आकांक्षी विकासखंड कार्यक्रम के तहत विकासखंड क्षेत्र में आईईसी प्रशिक्षण एवं जन समस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जाएगा।कार्यक्रम के अंतर्गत 09 मार्च से 16 मार्च 2026 तक ग्राम पंचायत सांकरा, भुरकोनी, लाखागढ़ एवं सलडीह में वृहद स्तर पर आईईसी प्रशिक्षण एवं शिविर आयोजित किए जाएंगे। शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल होकर ग्रामीणों को शासन की योजनाओं की जानकारी देंगे। इस दौरान ग्रामीणों को डिजिटल लेन-देन एवं डीबीटी से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे वे सरकारी योजनाओं के लाभ को सीधे और पारदर्शी तरीके से प्राप्त कर सकें।साथ ही सम्पूर्णता अभियान 2.0 के अंतर्गत आयोजित इन कार्यक्रमों में ग्रामीणों के लिए जन समस्या निवारण शिविर भी लगाया जाएगा, जहां आम नागरिक अपनी समस्याएं संबंधित विभागों के समक्ष रख सकेंगे और उनका यथासंभव त्वरित निराकरण किया जाएगा। यह शिविर प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से आयोजित किए जाएंगे, जिसमें अधिक से अधिक ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है।
- -मरीजों को मिलेगा विशेषज्ञ उपचारबिलासपुर / कुमार साहब स्व. श्री दिलीप सिंह जुदेव शासकीय सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, बिलासपुर में स्पाइन (रीढ़) से संबंधित रोगों के उपचार के लिए विशेष स्पाइन सर्जरी एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया जाएगा। यह शिविर 3, 4 और 5 अप्रैल 2026 को स्पाइन फाउंडेशन ऑफ इंडिया, मुंबई के सहयोग से आयोजित होगा।शिविर में देश के ख्यातिप्राप्त स्पाइन सर्जिकल विशेषज्ञ मरीजों की जांच, परामर्श और आवश्यकता अनुसार सर्जरी करेंगे। इस शिविर का उद्देश्य रीढ़ की हड्डी से संबंधित गंभीर समस्याओं से पीड़ित मरीजों को विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराना है। रीढ़ की हड्डी से संबंधित जिन मरीजों को कमर दर्द का पैरों तक फैलना, मल-मूत्र पर नियंत्रण न रहना, पैरों में झुनझुनी या सुन्नता, पैरों में कमजोरी, गर्दन का दर्द हाथों तक फैलना, स्कोलियोसिस अथवा रीढ़ की असामान्य वक्रता जैसी समस्याएं हैं, वे इस शिविर का लाभ ले सकते हैं।ऐसे मरीजों को जिला अस्पताल अथवा सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, सिम्स अस्पताल बिलासपुर के अस्थि रोग विभाग में रेफर किया जाएगा। यहां बुधवार और शनिवार को सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच मरीजों की जांच कर शिविर के लिए चयन किया जाएगा। सीएमएचओ डॉ.शुभा गरेवाल ने बताया कि इस शिविर के माध्यम से अधिक से अधिक जरूरतमंद मरीजों को विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। शिविर से संबंधित अधिक जानकारी के लिए नोडल अधिकारी डॉ. रवि महोबिया (अस्थि रोग विशेषज्ञ) से मोबाइल नंबर 7667928802 पर संपर्क किया जा सकता है। file photo
- - बिलासपुर जिले के 1,00,308 किसानों को मिलेगा लाभ, खातों में आएंगे 2-2 हजार रुपयेबिलासपुर /भारत सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। योजना की 22वीं किस्त 13 मार्च 2026 को जारी की जाएगी। इस अवसर पर प्रधानमंत्री द्वारा असम के गुवाहाटी से आयोजित कार्यक्रम में शाम 5 बजे देशभर के पात्र किसानों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से राशि अंतरित की जाएगी।कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इस कार्यक्रम के दौरान देश के लगभग 9.32 करोड़ पात्र किसानों को 18,650 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी।जिले में भी इस योजना का व्यापक लाभ किसानों को मिल रहा है। जिले के कुल 1,00,308 पात्र किसानों को इस किस्त का लाभ मिलेगा, जिनके बैंक खातों में 2-2 हजार रुपये की राशि सीधे जमा की जाएगी। इससे जिले के किसानों को खेती-किसानी से जुड़े खर्चों को पूरा करने में सहायता मिलेगी।गौरतलब है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना वर्ष 2019 में प्रारंभ की गई थी, जिसके अंतर्गत पात्र कृषक परिवारों को प्रतिवर्ष 6000 रुपये की आर्थिक सहायता तीन समान किस्तों में प्रदान की जाती है। यह राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होती है। अब तक इस योजना के तहत देशभर के किसानों को 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदान की जा चुकी है।इस अवसर को विशेष रूप से मनाने के लिए 13 मार्च 2026 को “पीएम किसान उत्सव दिवस” के रूप में भी मनाया जाएगा। इस दिन जिले के विभिन्न ग्रामों में किसान बैठकें, जागरूकता कार्यक्रम और वेबकास्ट के माध्यम से लाइव प्रसारण की व्यवस्था की जाएगी, जिससे अधिक से अधिक किसान इस कार्यक्रम से जुड़ सकें।कृषि विभाग के उप संचालक पीडी हथेश्वर ने बताया कि जिन किसानों ने अभी तक ई-केवाईसी, आधार सीडिंग या बैंक खाते की जानकारी अपडेट नहीं कराई है, वे जल्द से जल्द इसे पूरा कर लें, ताकि उन्हें योजना की आगामी किस्तों का लाभ बिना किसी बाधा के प्राप्त हो सके।किसानों से यह भी अपील की गई है कि वे योजना से संबंधित जानकारी के लिए नजदीकी कृषि कार्यालय, ग्राम स्तरीय नोडल अधिकारी अथवा पीएम किसान संबंधित पोर्टल के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं।
- दुर्ग /अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं को त्वरित राहत और न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग द्वारा महा जन-सुनवाई का आयोजन किया जा रहा है। दुर्ग संभाग की महा जनसुनवाई 11 मार्च 2026 को प्रेरणा सभाकक्ष जिला महिला एवं बाल विकास विभाग परिसर दुर्ग में आयोजित होगी।राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक के नेतृत्व में आयोजित इस विशेष जनसुनवाई में दुर्ग संभाग के सात जिलों के कुल 113 प्रकरणों की सुनवाई की जाएगी। इनमें दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, राजनांदगांव, कबीरधाम, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी तथा खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिलों के मामले शामिल हैं।राज्य महिला आयोग द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले साढ़े पाँच वर्षों में प्रदेश के विभिन्न जिलों में लगभग 370 जनसुनवाई आयोजित की जा चुकी हैं, जिनमें करीब 8000 से अधिक प्रकरणों का निराकरण किया गया है। इसी अनुभव को आगे बढ़ाते हुए इस बार संभाग स्तर पर महा जनसुनवाई अभियान चलाया जा रहा है।महा जनसुनवाई सुबह 10 बजे से शुरू होगी। जिन आवेदकों के प्रकरण सूचीबद्ध हैं, उन्हें स्वयं उपस्थित होना अनिवार्य है। वहीं जो महिलाएं अब तक आवेदन नहीं कर पाई हैं, वे भी सुनवाई स्थल पर अपना नया आवेदन प्रस्तुत कर सकती हैं।
- -ग्रामीणों को मिला रहा है रोजगार के अवसर-जशपुर के सुंदर और हरिभरी वादियों का पर्यटक ले रहे आनंदरायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जशपुर जिले में भी पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब देखने को मिल रहे हैं। जिले में संचालित होमस्टे में बाहरी क्षेत्रों से पर्यटक पहुंच रहे हैं और यहां की प्राकृतिक सुंदरता तथा स्थानीय संस्कृति का अनुभव कर रहे हैं।जिला प्रशासन भी ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। इन प्रयासों के कारण जशपुर के गांवों में स्थित होमस्टे धीरे-धीरे पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनते जा रहे हैं। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार और आय के नए अवसर भी मिल रहे हैं।इसी क्रम में छत्तीसगढ़ के रायपुर से आए दो पर्यटक केरे स्थित महुआ होमस्टे में ठहरे थे। पर्यटकों ने यहां के शांत वातावरण, प्राकृतिक सौंदर्य और गांव के सादगीपूर्ण जीवन का अनुभव किया। उन्होंने स्थानीय खान-पान और ग्रामीण आतिथ्य की भी सराहना की। वहीं मध्य प्रदेश के सीधी जिले से आए चार पर्यटक देवोबरा (मयाली) स्थित बनफूल होमस्टे में ठहरे। इन पर्यटकों ने भी क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और गांव के माहौल को बेहद पसंद किया। ग्रामीणों द्वारा की गई आत्मीय मेहमाननवाजी उनके लिए खास अनुभव रही।स्थानीय होमस्टे में पर्यटक कार्तिकेय सिंह, कुसुम, अरविन्द पटेल,निधि , रोशन साहू प्रीति साहू आदि अन्य पर्यटकों के ठहरने के लिए सुविधा दी जा रही है। जशपुर में ग्रामीण पर्यटन को नई पहचान मिल रही है और आने वाले समय में इसके और विस्तार की उम्मीद जताई जा रही है।
- बिलासपुर / छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग द्वारा महिलाओं से संबंधित शिकायतों के त्वरित निराकरण और उन्हें न्याय दिलाने के उद्देश्य से महा जन-सुनवाई सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में 10 मार्च 2026 को बिलासपुर संभाग स्तर पर महा जन-सुनवाई आयोजित की जाएगी।आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक (कैबिनेट मंत्री दर्जा) की अध्यक्षता में गठित न्यायपीठ की उपस्थिति में यह जन-सुनवाई प्रातः 9 बजे से सभाकक्ष प्रार्थना भवन, जल संसाधन विभाग, बिलासपुर में आयोजित होगी। इस अवसर पर आयोग की सदस्य श्रीमती सरला कोसरिया एवं सुश्री दीपिका शोरी भी उपस्थित रहेंगी। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग अधिनियम की धारा 10(3) के तहत प्रदत्त शक्तियों के अनुसार बिलासपुर संभाग के जिलों से प्राप्त महिलाओं से संबंधित आवेदन एवं शिकायतों की सुनवाई कर उनका निराकरण किया जाएगा। इसके साथ ही जन-सुनवाई में उपस्थित होकर पीड़ित महिलाएं नए प्रकरण भी दर्ज करा सकेंगी, जिन पर आयोग द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि महा जन-सुनवाई सप्ताह 8 मार्च से 13 मार्च 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसके तहत विभिन्न संभागों में महिलाओं की समस्याओं की सुनवाई कर त्वरित समाधान का प्रयास किया जा रहा है। आयोग द्वारा महिलाओं से अपील की गई है कि वे अपनी समस्याओं के निराकरण हेतु जन-सुनवाई में उपस्थित होकर लाभ उठाएं।
- -लोकभवन में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ज़मीनी स्तर पर काम कर रही महिलाओं का हुआ सम्मान-रंग पंचमी के अवसर पर महिलाओं ने खेली फूलों वाली होलीरायपुर। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस और रंग पंचमी के अवसर पर लोकभवन में महिला सम्मान समारोह और फूलों की होली कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा, स्वास्थ्य, चिकित्सा, उद्यम और पत्रकारिता के क्षेत्र मेें उल्लेखनीय भूमिका अदा करने वाली महिलाएं शामिल हुई।इस अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका ने प्रदेश के विभिन्न स्थानों से आई शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता, आदिवासी विकास के क्षेत्र में ज़मीनी स्तर पर कार्य कर रही महिलाओं का सम्मान किया। उन्होंने स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान कर प्रदेश में जन कल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर पहुंचाने और समाज के सभी लोगों की निःस्वार्थ भाव से सेवा के लिए उनके योगदान की सराहना की। श्री डेका ने देश के विकास में महिलाओं के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि नारी शक्ति इस देश के विकास की धुरी है और मेरी सरकार अंतिम पंक्ति की महिलाओं तक विकास पहुंचाने के लिए कृत संकल्पित है। उन्होंने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस हम सभी के लिए एक गौरवशाली दिन है। यह दिन महिला समानता की दिशा में कार्य करने प्रेरित करता है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाते हुए, हम सभी को एक ऐसे विश्व के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः मजबूत करने की आवश्यकता है जहाँ सभी महिलाओं को सशक्त, सम्मानित और समावेशी बनाया जा सके।श्री डेका ने कहा कि भारत सरकार की बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, महिला शक्ति केंद्र, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, प्रधानमंत्री महिला शक्ति केंद्र योजना, वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन जैसी योजनाएं महिलाओं के सशक्तिकरण में मददगार साबित हुई है। महिला सशक्तिकरण एक सतत और प्रगतिशील समाज के निर्माण का एक शक्तिशाली साधन है। इसलिए, छत्तीसगढ़ सरकार ने भी महिलाओं के उत्थान और सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएँ और नीतियाँ विकसित की हैं। इनमें से कुछ हैं महतारी वंदन योजना, जो समाज के कमजोर वर्ग की महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करती है। मुख्यमंत्री नोनी सशक्तीकरण सहायता योजना, किशोरी शक्ति योजना और सुकन्या योजना का उद्देश्य लड़कियों को लाभ पहुँचाना है।इस अवसर पर स्पीकर के रूप में आमंत्रित डॉ. शम्पा चौबे ने कहा कि महिलाओं को सशक्त होने के लिए सबसे पहले अपनी मनःस्थिति को मजबूत करना आवश्यक है। शिक्षिका रंजीता साहू ने सुदूर क्षेत्रों में शिक्षा का अलख जगाने की यात्रा के अनुभव साझा करते हुए कहा कि समाज से हमें बहुत कुछ मिलता हैं उसे धीरे-धीरे कर समाज को लौटाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि लोकभवन के प्रति उनके मन में बहुत आदर है क्योंकि 2005 में उनके पति को तात्कालिक राज्यपाल श्री के. एम. सेठ ने शिक्षा के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान किया था। इसलिए वे और उनके पति गरीब बच्चों की बेहतर शिक्षा की दिशा में काम कर रहे है। उन्होंने 12 लाख रूपए का बैंक लोन लेकर वनांचल क्षेत्रों में 162 स्कूलों में स्मार्ट टी.व्ही. के माध्यम से आधुनिक शिक्षा के लिए काम किया। इसके अलावा गुल्लक कार्यक्रम चलाकर बचत हेतु प्रेरित किया। अंतरर्राष्ट्रीय खिलाड़ी सुश्री नेहा यादव ने अपनी सफलता के पीछे अपनी मां की भूमिका को रेखांकित करते हुए बताया कि उनकी मां ने एक सिंगल पैरेंट के रूप में उनका पालन पोषण किया। जबकि उनके जन्म के पहले ही पिता द्वारा त्याग दिए जाने के बाद उनके पास आय का कोई जरिया नहीं था फिर भी उन्होंने अकेले ही अपनी बेटी को अच्छी परवरिश दी और अंतरर्राष्ट्रीय खिलाड़ी बनाया। कार्यक्रम में डॉ प्रीति सतपथी ने महिलाओं से जुडे़ आवश्यक कानूनों और अधिनियमों की जानकारी दी। इस अवसर पर श्रीमती प्रदीपा प्रसन्ना ने वनांचल क्षेत्रों में कार्य के अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाओं की सराहना करते हुए कहा कि यहाँ की महिलाएं संघर्ष करते हुए भी मजबूती से अपने घर और समाज के विकास में योगदान दे रही हैं, जो प्रेरणादायक है।राज्यपाल के गोद ग्राम से आए सोनपुरी जिला खैरागढ़ की श्रीमती निलेश्वरी वर्मा, श्रीमती सोहद्रा पाल, ग्राम बिजली गरियाबंद की श्रीमती हेम कुमारी निषाद, श्रीमती पुरईन निषाद, ग्राम टेमरी जिला बेमेतरा की श्रीमती रितु देवांगन, श्रीमती पूजा घृतलहरे का सम्मान किया साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, धरसींवा श्रीमती अनुबाला चक्रवर्ती, BETEO तिल्दा सामुदायिक विकासखण्ड अधिकारी सुश्री शिखा कुशवाहा, अस्पताल परिचालक AIIMS श्रीमती आरती देवांगन, श्रीमती माधूरी बरवा, महिला बाल विकास, निमोरा की सहायिका कार्यकर्ता श्रीमती रामवती साहू, महिला बाल विकास, तुता की सहायिका कार्यकर्ता श्रीमती लक्ष्मी यादव, नगर निगम, रायपुर सुपरवाईजर श्रीमती पिंकी तांडी, श्रीमती वर्षा तांडेकर, पं. रविशंकर शुक्ल विवि, रायपुर की कर्मचारी टी मोहिनी, कलेक्टोरेट, रायपुर ज्योति साहू, पूनम सिंह ठाकुर, सुजाता शेष, रूद्राणी सिंह राजपूत, डॉ. प्रीति सतपथी, लोकभवन कर्मचारी कुसुम मानिकपुरी, अन्नपूर्णना महोबिया, श्यामा वर्मा, महिला आरक्षक को सम्मानित किया गया। इस अवसर राज्यपाल ने जी. एस. टी. से संबंधित ई-बुक का भी विमोचन किया। कार्यक्रम का संचालक श्रीमती सोनालिका शुक्ला ने किया। लोकभवन में आयी महिलाओं ने रंग पंचमी के अवसर पर फूलों वाली होली खेलकर एक-दूसरे को शुभकामनाएं दी।इस अवसर पर महिला बाल विभाग द्वारा क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया एवं विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी हुईं और विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर.प्रसन्ना एवं लोकभवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर रायपुर प्रेस क्लब में महिला पत्रकारों का सम्मान, ‘पिंक रूम’ का उद्घाटनरायपुर। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर रायपुर प्रेस क्लब में WO मन उत्सव 2026 के अंतर्गत मीडिया महिला शक्ति संगम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिला पत्रकार शामिल हुईं। कार्यक्रम में कलमकार नारी थीम के तहत महिला पत्रकारों के लिए विभिन्न प्रेरक और मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, राज्यसभा सदस्य लक्ष्मी वर्मा और फूलो देवी नेताम, रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे, जनता कांग्रेस जोगी की नेत्री रेणु जोगी तथा एएसपी अर्चना झा विशेष रूप से उपस्थित रहीं। सभी अतिथियों ने महिला पत्रकारों को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की।मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक व शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाने के लिए विभाग लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता के क्षेत्र में महिला पत्रकार समाज के महत्वपूर्ण मुद्दों को सामने लाकर सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।राज्यसभा सदस्य लक्ष्मी वर्मा ने कहा कि महिला पत्रकार समाज की आवाज को मजबूती से सामने लाने का काम कर रही हैं और ऐसे आयोजन महिलाओं को प्रेरणा देने के साथ उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाते हैं। राज्यसभा सदस्य फूलो देवी नेताम ने कहा कि मीडिया में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी समाज में जागरूकता और संवेदनशीलता को मजबूत बनाती है।रायपुर की महापौर मीनल चौबे ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना रही हैं और पत्रकारिता में उनका योगदान शहर और समाज के विकास की दिशा तय करने में अहम है। जनता कांग्रेस जोगी की नेत्री रेणु जोगी ने महिला पत्रकारों की सक्रियता की सराहना करते हुए कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने में महिला पत्रकारों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। वहीं एएसपी अर्चना झा ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान समाज की साझा जिम्मेदारी है और मीडिया इस दिशा में अहम भूमिका निभा सकता है।कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित खेल मड़ई के अंतर्गत महिला पत्रकारों के बीच आयोजित क्रिकेट प्रतियोगिता का उल्लेख करते हुए विजेता और उपविजेता टीमों को 21-21 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की।इस अवसर पर उन्होंने महिला पत्रकारों के लिए बनाए गए नवनिर्मित ‘पिंक रूम’ का उद्घाटन भी किया और इसे महिला पत्रकारों के लिए बेहतर कार्य वातावरण की दिशा में सराहनीय पहल बताया।कार्यक्रम के दौरान प्रश्नोत्तरी, डांस प्रतियोगिता और टैलेंट कॉन्टेस्ट जैसे आयोजन भी किए गए। डीजे की धुन पर महिला पत्रकार अतिथियों के साथ थिरकती नजर आईं। महिलाओं से जुड़े लोकप्रिय गीतों पर माहौल उत्साह और उल्लास से भर गया, जहां महिला पत्रकार खुद को नाचने-गाने से रोक नहीं पाईं और पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम का आनंद लिया।कार्यक्रम में आयोजित, प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों में ज्योति ठाकुर, अमृता शर्मा,आकांक्षा दुबे, आकांक्षा शर्मा, विनीत मंडल, रेखा, वर्षा यादव और मोनिका को पुरस्कृत किया गया। सभी प्रतिभागियों को प्रेस क्लब द्वारा क्राउन पहनकर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री मोहन तिवारी, महासचिव श्री गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष श्री दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष श्री दिनेश यदु, संयुक्त सचिव श्रीमती निवेदिता साहू, श्री भूपेश जांगड़े प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष अनिल पुसदकर, प्रकाश शर्मा, पूर्व महासचिव संदीप पुरानिक, वरिष्ठ पत्रकार प्रशांत शर्मा, गोकुल सोनी, प्रदीप दुबे, जाकिर घुरसेना, व्यास पाठक, प्रिया पाठक, कौशल तिवारी, प्रदीप डढ़सेना, नरेंद्र बंगाले, राजेंद्र निगम सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ और महिला पत्रकार उपस्थित रहे।अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित इस कार्यक्रम ने महिला पत्रकारों के योगदान को सम्मानित करने के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण और सम्मान का सकारात्मक संदेश भी/
- रायपुर/ अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रायपुर नगर पालिक निगम स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर ने नगर निगम जोन 8 के महोबा बाजार स्थित जोन कार्यालय परिसर में नगर निगम जोन 8 जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल सहित मिलकर नगर निगम जोन 8 क्षेत्र के अंतर्गत 15 स्वच्छता दीदियों और जोन 8 स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत सेवारत 50 महिला सफाई कर्मचारियों की सेवाओं को सराहते हुए उन्हें मंच पर बुलाकर नगर निगम जोन 8 स्वास्थ्य विभाग की ओर से सम्मानित किया और महिला सफाई कर्मचारियों और स्वच्छता दीदियों को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनायें दीं. इस दौरान मंच पर नगर निगम जोन 8 जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री गोपीचंद देवांगन और स्वच्छता निरीक्षक श्री रितेश झा एवं श्री बंजारे की उपस्थिति रही.इस अवसर पर महिला सफाई कर्मचारियों ने नगर निगम स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर ओर महिला स्वसहायता समूहों की स्वच्छता दीदियों ने नगर निगम जोन 8 जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल का अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सम्मान किया.साथ ही अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की उन्हें हार्दिक शुभकामनायें स्वच्छता दीदियों और महिला सफाई कर्मचारियों ने दी.
- स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव की जयंती पर मुख्यमंत्री श्री साय ने किया श्रद्धापूर्वक नमनरायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पूर्व लोकसभा सांसद स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव की जयंती के अवसर पर आज राजधानी रायपुर के मुख्यमंत्री निवास परिसर में उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव के दीर्घ सामाजिक-राजनीतिक जीवन और समाज के प्रति उनके उल्लेखनीय योगदानों को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।उन्होंने कहा कि स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव का संपूर्ण जीवन समाज सेवा, जनकल्याण और विशेष रूप से जनजातीय समाज के उत्थान के लिए समर्पित रहा। उन्होंने निस्वार्थ भाव से समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए निरंतर कार्य किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जूदेव जी के विचार, उनके आदर्श और सेवा का भाव आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। हमें उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज और प्रदेश के विकास के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वनांचल क्षेत्रों में आदिवासी समाज की पहचान, स्वाभिमान और सामाजिक जागरूकता को मजबूत करने में स्वर्गीय जूदेव का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उनके प्रयासों से जनजातीय समाज में आत्मगौरव की भावना सशक्त हुई और समाज में सकारात्मक चेतना का संचार हुआ।इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय, विधायक श्रीमती रायमुनि भगत, श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी श्री आलोक सिंह सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।
- लगातार आयोजन का 47 वां वर्षरायपुर। विधानसभा क्षेत्र आरंग के अधीन आने वाले ग्राम टेकारी ( कुंडा ) में तीन दिनी अखंड मानस गान सम्मेलन का आयोजन आसन्न 10 मार्च से प्रारंभ होने जा रहा है जिसका समापन 13 मार्च को होगा । बीते 46 वर्षों से ग्राम के ग्रामीणों के सहयोग से जय बजरंग मानस मंडली द्वारा लगातार किये जा रहे आयोजन का यह 47 वा वर्ष होगा ।इस सम्मेलन में शिरकत करने वाले मानस मंडली में 5 व इससे अधिक सदस्य होना अनिवार्य है और ऐसे मंडलियों को रामायण सेवा समिति द्वारा 501 रुपये प्रोत्साहन राशि व फोटो फ्रेम दिया जावेगा । आयोजन के लिये गठित समिति के अध्यक्ष गोवर्धन वर्मा , उपाध्यक्ष डॉ केजूराम वर्मा , सचिव सालिकराम वर्मा, उपसचिव नंदकुमार साहू , कोषाध्यक्ष श्रीराम वर्मा , उपकोषाध्यक्ष गिरवर नायक व सदस्य खोमलाल वर्मा , मनोहर वर्मा , गुलशन पटेल , छेदन वर्मा , विशाल वर्मा , खेलावन वर्मा , चंद्रिका वर्मा , भरत साहू, भरत वर्मा व अशोक वर्मा शामिल हैं ।
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दुर्ग। जिले में मक्के की खेती के आड़ में अफीम उगाने की घटना सामने आने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। घटना के बाद सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने किसान और पार्टी के स्थानीय नेता को पार्टी से निलंबित कर दिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के जेवरा सिरसा पुलिस चौकी के अंतर्गत समोदा गांव में लगभग सात एकड़ मक्के के खेत के बीच में अफीम की खेती का खुलासा होने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने इस मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लिया है तथा उनसे पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि मुखबीर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस और स्थानीय प्रशासन का दल शनिवार सुबह खेत पर पहुंचा और वहां जांच की और इस दौरान पता चला कि मक्के के खेत के मध्य अफीम की खेती की जा रही थी। अधिकारियों के अनुसार, जमीन मधुमती ताम्रकार और प्रीतिबाला ताम्रकार की है।
दुर्ग की अतिरिक्त तहसीलदार क्षमा यादव ने बताया कि यह पता लगाने के लिए जांच चल रही है कि खेत में अफीम की फसल कैसे उगाई गई। अधिकारी ने बताया कि जमीन पर खेती का काम विनायक ताम्रकार करते हैं। वहीं जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है तथा ताम्रकार समेत कई संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। अधिकारी कथित अफीम की खेती की जांच कर रहे हैं। इस मामले में अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
विवाद के सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई ने राईस मिल प्रसंस्करण प्रकल्प किसान मोर्चा दुर्ग के प्रदेश संयोजक ताम्रकार को पार्टी से निलंबित कर दिया है। पार्टी की ओर से जारी आदेश में प्रदेश महामंत्री डॉक्टर नवीन मार्कण्डेय ने कहा है, ''आपके आचरण एवं कृत्य से भारतीय जनता पार्टी की छवि धूमिल हुई है। आपका यह कृत्य पार्टी अनुशासनहीनता करने की श्रेणी में आता है। अतः भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष माननीय किरण सिंह देव जी ने आपको उपरोक्त कृत्य के लिए पार्टी से निलंबित कर दिया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। - - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएंरायपुर। भारतीय जनता पार्टी के यहाँ एकात्म परिसर स्थित कार्यालय में शनिवार को रायपुर शहर जिला इकाई के तत्वावधान में 'होली मिलन समारोह' का भव्य आयोजन किया गया। इस उत्सव में रंगों और उल्लास के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। कार्यक्रम में संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की बधाई दी।प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री साय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि यह होली प्रदेश के लिए विशेष खुशियां लेकर आई है। श्री साय ने होली के पावन पर्व के परिप्रेक्ष्य में अपनी सरकार की अल्पकाल की बड़ी उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा मोदी की गारंटी को तेजी से पूरा किया गया है। धान खरीदी और बकाया बोनस के भुगतान से किसानों के जीवन में समृद्धि आई है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की माताओं-बहनों के आर्थिक सुदृढ़ीकरण की दिशा में क्रांतिकारी काम किया गया है। श्री साय ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि होली का यह पर्व आपसी भाईचारे और सद्भाव का प्रतीक है। हमारी सरकार प्रदेश के हर नागरिक के जीवन में खुशहाली के रंग भरने के लिए समर्पित है। जिस तरह होली के विभिन्न रंग मिलकर एक सुंदर दृश्य बनाते हैं, उसी तरह हम सबको मिलकर 'समृद्ध छत्तीसगढ़' के संकल्प को पूरा करना है। होली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए श्री साय ने सभी के सुख, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।होली मिलन समारोह को विधायक पुरंदर मिश्रा एवं जिलाध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से विधायक मोतीलाल साहू, संभाग सह प्रभारी राजीव सिंह, जिला प्रभारी राजेंद्र शर्मा, अमर जीत छाबड़ा, केदार गुप्ता, गुंजन प्रजापति, डॉ सलीम राज, अकबर अली, अर्चना हुकरे, पुष्पेन्द्र उपाध्याय, अनिता देवांगन, रोहित द्विवेदी, अखिलेश कश्यप, रजयन ध्रुव, पंकज जगत, कृतिका जैन उपस्थित थे। कार्यक्रम में पारंपरिक फाग गीतों की प्रस्तुतियों से पूरा एकात्म परिसर उत्सव के माहौल में सराबोर रहा।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (08 मार्च) को छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया जा रहा है। बस्तर सम्भाग मुख्यालय जगदलपुर स्थित लालबहादुर शास्त्री मिनी स्टेडियम में आयोजित होने जा रहा 'वृहद महतारी वंदन सम्मेलन 2026' केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रदेश की नारी शक्ति के स्वावलंबन और सम्मान का महाकुंभ होगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं को घर की चारदीवारी से निकालकर नेतृत्व और आत्मनिर्भरता की ओर ले जा रही है। श्रीमती अवस्थी ने प्रदेश की सभी माताओं-बहनों से अपील की है कि वे इस भव्य उत्सव में शामिल होकर अपनी शक्ति और एकजुटता का परिचय दें। इसके साथ ही रायपुर के बलबीर जुनेजा स्टेडियम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के शुभ अवसर पर लखपति दीदियों का सम्मान किया।भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती अवस्थी ने कहा कि इस सम्मेलन में बस्तर और वनांचल क्षेत्रों से हजारों महिलाओं का जुटना प्रदेश के बढ़ते आत्मविश्वास का प्रतीक है। कार्यक्रम में महिलाओं को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महिलाओं को प्रेरित किया जाएगा और उनकी उपलब्धियों का उत्सव मनाया जाएगा। श्रीमती अवस्थी ने महिला सशक्तीकरण हेतु प्रदेश की भाजपा सरकार के ऐतिहासिक कदमों की चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश की विवाहित महिलाओं को महतारी वन्दन योजना के तहत प्रतिमाह वित्तीय सहायता प्रदान कर उन्हें आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाया गया है, जिससे वे अपनी छोटी-मोटी जरूरतों के लिए आत्मनिर्भर बनी हैं। इसी प्रकार महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से दीदियों को कौशल विकास और बाजार से जोड़कर उनकी वार्षिक आय 1 लाख रुपए से अधिक करने का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किया जा रहा है। प्रदेश भर में महिला सुरक्षा हेतु 'अभिव्यक्ति ऐप' और विशेष हेल्प डेस्क के साथ-साथ बेटियों की उच्च शिक्षा के लिए नि:शुल्क सुविधाओं का विस्तार किया गया है। महतारी जतन योजना और सुपोषण अभियान के माध्यम से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई है। श्रीमती अवस्थी ने कहा कि बस्तर में आयोजित हो रहा यह सम्मेलन इस बात का प्रमाण है कि आज छत्तीसगढ़ की महिलाएँ अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हैं। महतारी वंदन योजना जैसी दूरगामी सोच ने महिलाओं के जीवन में खुशहाली और सम्मान की नई किरण जगाई है।
- -इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स एंबेसेडर ऑर्गेनाइजेशन ने दिया पुरस्कारमहासमुंद / महासमुंद की सामाजिक कार्यकर्ता श्रीमती प्रेमशीला बघेल को आज देश की राजधानी दिल्ली के वाईएमसीए हॉल में आयोजित कार्यक्रम में इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स एंबेसेडर ऑर्गेनाइजेशन द्वारा “इंटरनेशनल विमेंस विजनरी अवार्ड 2026” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें श्रीमती रमादेवी पूर्व सदस्य पैनल ऑफ चेयरपर्सन 17 वीं लोकसभा, राजीव मेनन अभिनेता एवं निर्माता, नुज़रथ जहाँ, अभिनेत्री, मनीष गवई सदस्य, जयलक्ष्मी राव अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स एम्बेसडर ऑर्गेनाइजेशन नई दिल्ली द्वारा महिला एवं बाल सशक्तिकरण, डिजिटल वित्तीय समावेशन और ग्रामीण आजीविका विकास के क्षेत्र में उनके तीन दशकों के उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया।प्रेमशीला पिछले लगभग 30 वर्षों से गरीब, दलित, आदिवासी तथा ग्रामीण-शहरी महिलाओं के उत्थान के लिए कार्य कर रही हैं। उन्होंने वर्ष 1994 में मात्र 300 रुपये मानदेय पर बालवाड़ी शिक्षिका के रूप में अपनी सामाजिक यात्रा शुरू की और अब तक 1,500 स्व-सहायता समूहों का गठन कर 15,000 से अधिक महिलाओं को सशक्त बनाया। उन्होंने 1,000 से अधिक बैंक खाते खुलवाने, 50 लाख रुपये से अधिक माइक्रो-क्रेडिट लिंकिंग कराने तथा 850 महिलाओं को डिजिटल बैंकिंग व मोबाइल लेन-देन का प्रशिक्षण देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।वर्ष 2005 में उन्होंने “उन्नयन जन विकास समिति” की स्थापना की, जिसके माध्यम से 2,200 से अधिक महिलाओं और युवाओं को साबुन निर्माण, बांस शिल्प, टेराकोटा, हाथकरघा, जैविक खेती एवं अन्य आजीविका कौशलों में प्रशिक्षण दिया गया। उनके प्रयासों से 7,500 से अधिक ग्रामीणों तक जागरूकता अभियान पहुंचा तथा 30 गांवों में बाल विवाह और शराबखोरी जैसी सामाजिक बुराइयों को कम करने में सफलता मिली।डिजिटल सशक्तिकरण के क्षेत्र में उन्होंने नाबार्ड के ई-शक्ति कार्यक्रम के तहत स्व-सहायता समूहों का डिजिटलीकरण कराया और महिलाओं को UPI, डिजिटल ट्रांजेक्शन, बैलेंस जांच तथा मोबाइल रिकॉर्ड कीपिंग का प्रशिक्षण दिया। इसके अलावा महासमुंद रेलवे स्टेशन के पास सस्ती दर में भोजन उपलब्ध कराने महिला कैंटीन मां की रोटी स्थापित कर महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया।श्रीमती बघेल वर्ष 2000 में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र (UN) में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर महिलाओं की गरीबी और हिंसा से जुड़े मुद्दों को भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठा चुकी हैं।उन्हें इस वर्ष 2025 में देश के उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य शासन अंतर्गत अलंकरण “वीरांगना अवंतीबाई लोधी पुरस्कार” से भी सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा नाबार्ड , मीडिया समूह, जिला प्रशासन तथा विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा भी उन्हें सम्मानित किया गया है। वे वर्तमान में श्रम विभाग अंतर्गत जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति की सदस्य भी है।श्रीमती प्रेमशीला बघेल का महिला दिवस पर संदेश है कि नारी शक्ति जब आत्मविश्वास, शिक्षा और आर्थिक स्वतंत्रता से जुड़ती है, तब समाज में स्थायी परिवर्तन संभव होता है। उनके कार्यों से हजारों महिलाओं में आत्मनिर्भरता, डिजिटल साक्षरता और नेतृत्व की नई चेतना विकसित होती है।
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- नारी सभ्यता, संस्कृति, साहस और संवेदना की वाहक
- देश की आधी आबादी महिलाओं का देश के विकास में विशेष योगदान
- शासन की योजनाओं से महिलाओं में आयी जागृति
- शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषण सहित विभिन्न मुद्दों पर महिलाओं की जागरूकता रोचक
- जिले में महतारी वंदन योजना अंतर्र्गत पात्र महिलाओं को लगभग 578 करोड़ रूपए की राशि उनके खाते की गई अंतरित
- जिले की 4920 महिला स्वसहायता समूह को 133 करोड़ 39 लाख रूपए बैंक लिंकेज के माध्यम से ऋण किया गया प्रदान
- जिले की 829 महिलाओं को 10 करोड़ 11 लाख रूपए मुद्रा लोन दिया गया
- जल संरक्षण के लिए चलाए जा रहे मिशन जल रक्षा अभियान में रही महिलाओं की विशेष सहभागिता
राजनांदगांव । हमारे देश में नारी को शक्ति पुंज माना गया है। नारी सभ्यता, संस्कृति, साहस और संवेदना की वाहक हैं। कहीं कोमल तो कभी फौलादी इरादों जैसी मजबूत भी है। महिलाएं समाज का अभिन्न हिस्सा है और देश की आधी आबादी महिलाओं का देश के विकास में विशेष योगदान है। आज की महिलाएं अपने आत्मविश्वास, लगन एवं मेहनत से विभिन्न क्षेत्रों में न केवल कार्य कर रही हंै, बल्कि सफलता के नए आयाम प्राप्त कर रही हैं। घर की चारदिवारी से बाहर निकलकर यह उनके हौसलों की उड़ान है। स्वामी विवेकानंद के विचार प्रासंगिक है कि किसी राष्ट्र की प्रगति को आंकने का सबसे सही पैमाना वहां की महिलाओं की स्थिति है। भारतीय सेना में भी महिलाएं देश की सेवा कर रही हैं। वहीं राजनीति, प्रशासनिक, प्रेस एवं विभिन्न संस्थानों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर रही हैं। महिलाएं अपने घर की जिम्मेदारी निभाते हुए भी समानतापूर्वक अपने कार्यों को सफलतापूर्वक कर पा रही हैं। जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में परिवर्तन की बयार दिखाई देती है। शासन की योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषकर एक जागृति आयी है। शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषण सहित विभिन्न मुद्दों पर उनकी जागरूकता रोचक है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिला स्व सहायता समूह, मितानिन एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से महिला शक्ति के व्यापक विस्तार को उजागर करते हैं। विभिन्न क्षेत्रों में इसके प्रभावी परिणाम दिखाई देते हैं। शासन की महिला उत्थान से जुड़ी जनहितकारी योजनाएं क्रांतिकारी रही है। शासन की महतारी वंदन योजना से पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रूपए से लाभान्वित किया जा रहा है। जिले में महतारी वंदन योजना में कुल 24 किस्त जारी की गई है। जिले में पात्र महिलाओं को लगभग 578 करोड़ रुपए की राशि जारी की गई। खाद्यान्न सुरक्षा अधिनियम अंतर्गत महिला सशक्तिकरण के दृष्टिगत विशेष तौर पर प्रावधान किया गया है कि प्रत्येक परिवार में परिवार की सबसे वरिष्ठ महिला जो 18 वर्ष की आयु से कम न हो राशन कार्ड जारी करने के प्रयोजन के लिए परिवार की मुखिया मानी जाएगी। राशन कार्ड में महिलाओं को प्राथमिकता देना महिला उत्थान के लिए शासन की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करती है। जिला प्रशासन द्वारा शासन की योजनाओं के तहत महिला उन्मुखी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं सफल उद्यमी बनकर उभर रही है और आर्थिक रूप से सशक्त बन नहीं है। जिले की 4920 महिला स्वसहायता समूह को 133 करोड़ 39 लाख रूपए बैंक लिंकेज के माध्यम से ऋण प्रदान किया गया है। वहीं जिले की 829 महिलाओं को 10 करोड़ 11 लाख रूपए मुद्रा लोन के तहत दिया गया है। जिससे वे स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर आर्थिक दृष्टिकोण से मजबूत बन रही है। जिला प्रशासन द्वारा जल संरक्षण के लिए चलाए जा रहा मिशन जल रक्षा अभियान के कारगर परिणाम प्राप्त हो रहे हैं। जनसहभागिता से संचालित इस अभियान में जल संरक्षण के लिए महिलाओं की भूमिका सराहनीय है। पद्मश्री फूलबासन बाई यादव एवं उनकी टीम द्वारा जल संरक्षण के लिए जागरूकता के लिए विशेष तौर पर प्रयास किया जा रहा है। जिले में किए गए प्रमुख नवाचार-रिचार्ज सॉफ्ट बोरवेल एवं सेंड फिल्टर तकनीक परकुलेशन टैंक में इंजेक्शन वेल तैयार कर वर्षा जल को सीधे वाटर लेबल से जोडऩा, नए बोरवेल के साथ इंजेक्शन वेल का निर्माण, पहाड़ी क्षेत्रों में रिचार्ज संरचनाएं और लो-लाइन क्षेत्रों में जल संरक्षण संरचनाएं, संरचनाओं की मरम्मत, संधारण एवं जीआईएस-आधारित योजना निर्माण, इन कार्यों में 70 प्रतिशत से अधिक महिलाओं की भागीदारी दर्ज की गई। शासन की सुकन्या समृद्धि योजना से बालिकाओं के लिए बचत की प्रवृत्ति बढ़ी है। वहीं प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना से पहली बार माता बनने वाली योजनाओं को 5000 रूपए की सहायता मिल रही है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से ग्रामीण क्षेत्रों महिलाओं को गैस चुल्हा मिलने से भोजन बनाने में आसानी हो रही है। वहीं जल जीवन मिशन के तहत नल के माध्यम से घर में शुद्ध पेयजल मिलने से महिलाओं की समय एवं ऊर्जा की बचत हुई है।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत प्रतिमाह की 9 एवं 24 तारीख को स्त्री रोग विशेषज्ञों द्वारा प्रसव पूर्व जांच की जाती है। इस योजना के तहत विगत 1 वर्ष से कुल 15386 गर्भवती माताओं की जांच कर हाई रिस्क वाली माताओं को चिन्हांकित कर विशेष देखरेख किया गया। वहीं 45 महिलाओं की नि:शुल्क सोनोग्राफी की गई। जिले में स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान अंतर्गत आयुष्मान आरोग्य मंदिर, प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में स्पेसलिस्ट कैम्प एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों के माध्यम से स्पेस्लिस्ट कैम्प आयोजित किए गए। जिले में स्वस्थ्य नारी सशक्त परिवार अभियान अंतर्गत प्रदेश में सर्वाधिक 227107 हितग्राही लाभान्वित हुए है। श्रम विभाग में संचालित योजना अंतर्गत मिनी माता महतारी जतन योजना अंतर्गत 7232 महिलाओं को 14 करोड़ 46 लाख 40 हजार रूपए की राशि से लाभान्वित किया गया है। दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना अंतर्गत 24 महिलाओं को 24 लाख रूपए की राशि से मदद दी गई है। शासन की विभिन्न महिलाओं पर के केन्द्रित योजनाएं महिला सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर हैं। -
- लखपति दीदी अमृता साहू के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान बनी मददगार
- सिलाई कार्य एवं फैंसी स्टोर्स प्रारंभ करने से मिला फायदा- शासन की विभिन्न योजनाओं का मिल रहा लाभराजनांदगांव । उम्मीदों के जुगनू झिलमिलाते हैं, मन में हौसला हो तो ख्वाब पूरे होते हैं। कुछ ऐसे ही जज्बे और जुनून से राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम खुटेरी की लखपति दीदी श्रीमती अमृता साहू ने अपनी मेहनत एवं लगन से नई राह बनाई। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान से उन्हें बहुत मदद मिली। जय मां शारदा स्व सहायता समूह से जुड़कर उन्होंने बचत जमा किया और समूह, ग्राम संगठन तथा कलस्टर संगठन के माध्यम से बैंक से ऋण लेकर सिलाई मशीन खरीदी तथा फैंसी स्टोर प्रारंभ किया। कई तरह की चुनौतियों के बावजूद उद्यमी होने तथा लखपति दीदी बनने का उनका सफर रोचक रहा है। उन्होंने बताया कि सिलाई का कार्य सीखने का फायदा मिला। जिसके कारण आर्डर मिलने लगा। फैंसी स्टोर में श्रृंगार की वस्तुएं, अन्य उपयोगी सामग्री रखने से बिक्री बढऩे से लाभ मिला। उनकी मासिक आय 8 हजार रूपए है तथा वार्षिक आय 1 लाख 20 हजार रूपए है। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से सक्षम होने से बच्चों को अच्छी शिक्षा दिला रही हूं और परिवार को आर्थिक मदद मिल रही है। स्वयं का व्यवसाय स्थापित होने से गांव में एक विशेष पहचान बनी है। उन्होंने बताया कि वे शासन की योजनांतर्गत राशन कार्ड, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, आयुष्मान कार्ड, महतारी वंदन योजना से भी लाभान्वित हो रही हैं।लखपति दीदी श्रीमती अमृता साहू ने बताया कि जय मां शारदा स्व सहायता समूह से जुडऩे से पहले वे मजदूरी का कार्य करती थी। उनके पति कृषि कार्य पर निर्भर थे। परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। फैंसी स्टोर खोलने, सिलाई का कार्य प्रारंभ करने से वे आर्थिक रूप से सशक्त हुई है। उन्होंने बताया कि लखपति दीदी के माध्यम से शासन की योजनाओं की जानकारी मिली तथा बिहान से जुडऩे के बाद विभिन्न तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम का लाभ मिला। लखपति दीदी श्रीमती अमृता साहू ने कहा कि भविष्य में अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा प्रदान कराना चाहती है और अपनी आजीविका मूलक गतिविधियों को बढ़ाते हुए कपड़े की दुकान का विस्तार करना चाहती है। उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत सहयोग मिलने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद दिया। - -रंगपंचमी महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री, प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएँरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के अश्वनी नगर स्थित सोनकर बाड़ी में आयोजित रंगपंचमी महोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को रंगपंचमी की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का संदेश देने वाला पर्व है, जो समाज को आपसी एकता और समरसता के सूत्र में पिरोता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस वर्ष प्रदेश के किसानों के लिए होली का त्योहार विशेष खुशियां लेकर आया है। राज्य सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत धान उपार्जन के अंतर की राशि के रूप में किसानों के खातों में 10 हजार 324 करोड़ रुपये की बड़ी राशि होली से पहले ही अंतरित की गई है। इससे प्रदेश के अन्नदाताओं के घरों में खुशियों का माहौल है और होली का उत्साह भी दोगुना हो गया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि होली आपसी मतभेदों को भुलाकर प्रेम और मित्रता का संदेश देने वाला पर्व है। यह पर्व समाज में सौहार्द, सद्भाव और एकजुटता की भावना को और मजबूत करता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विधायक श्री राजेश मूणत द्वारा प्रतिवर्ष रंगपंचमी के अवसर पर होली मिलन समारोह का आयोजन किया जाता है। ऐसे आयोजन समाज में आपसी मेल-मिलाप और सद्भाव को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को रंगपंचमी पर्व की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दीं तथा सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।इस अवसर पर विधायक श्री मोतीलाल साहू, महापौर श्रीमती मीनल चौबे सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- -महिला सशक्तिकरण की नयी मिसालें, स्व-सहायता समूहों से जुड़कर बन रहीं आत्मनिर्भररायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण की दिशा में निरंतर प्रभावी पहल की जा रही हैं। मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार ने इस वर्ष को ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाने की घोषणा की है। शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और स्व-सहायता समूहों के माध्यम से प्रदेश की महिलाएँ आर्थिक रूप से सशक्त बनते हुए समाज में नई पहचान स्थापित कर रही हैं।प्रदेश की महिलाएं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत स्व-सहायता समूहों से जुड़कर कई महिलाओं ने अपने जीवन की दिशा बदली है। इसी कड़ी में कोरबा जिले के विकासखंड करतला के ग्राम सरगबुंदिया निवासी शासन के सहयोग से कपड़ा व्यवसाय के माध्यम से श्रीमती सावित्री उरांव आज ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन चुकी हैं। सीमित संसाधनों और आर्थिक कठिनाइयों के बीच जीवनयापन करने वाली सावित्री उरांव ने स्व-सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाया और आज अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं।जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड के ग्राम सिमड़ा की श्रीमती पूनम देवी, गणेश महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य हैं और वे आज “लखपति दीदी” के रूप में जानी जाती हैं। पहले वे घर-गृहस्थी के कामकाज तक सीमित थीं और परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए मेहनत-मजदूरी का काम करती थी। स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें बचत, ऋण सुविधा और स्वरोजगार के अवसर मिले, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया। उन्होंने मछली पालन, बकरी पालन और अन्य आजीविका गतिविधियों से जुड़कर आय अर्जित करते देख उन्हें भी प्रेरणा मिली। उन्होंने मुद्रा योजना के तहत 1 लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया। इस राशि का उपयोग उन्होंने अपने छोटे से किराना दुकान के विस्तार कर आत्म निर्भरता की ओर आगे बढ़ रही है।कांकेर जिले के ग्राम गढ़पिछवाड़ी की आदिवासी महिला श्रीमती सगो तेता भी शासन की योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनी हैं। प्रशिक्षण और सहयोग के माध्यम से उन्होंने अपने हुनर को आगे बढ़ाया और आज वह खेती-किसानी कर “लखपति दीदी” के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं।इसी तरह गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के गौरेला विकासखंड के ग्राम पंचायत सधवानी की श्रीमती बृहस्पति धुर्वे ने भी स्व-सहायता समूह से जुड़कर मशरूम उत्पादन और सब्जी-भाजी की खेती शुरू की। कड़ी मेहनत और लगन से आज उनकी वार्षिक आय लगभग डेढ़ से दो लाख रुपये तक पहुँच गई है। वे आर्थिक रूप से सशक्त बनकर अपने परिवार की जरूरतों को आत्मविश्वास के साथ पूरा कर रही हैं।कोरिया जिले के बैकुंठपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत बुडार में श्रीमती अंजनि, हीरामनी, लीलावती और मित्तल स्वच्छता दीदी के रूप में कार्य करते हुए गाँव को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। ये महिलाएँ सप्ताह में दो दिन घर-घर जाकर कचरा संग्रहण करती हैं और ग्रामीणों को गीले एवं सूखे कचरे को अलग-अलग रखने के लिए जागरूक करती हैं।बस्तर जिले के ग्राम पंचायत मामड़पाल मुनगा की दशमी नाग भी महिला सशक्तिकरण की एक प्रेरक कहानी बन चुकी हैं। पहले मजदूरी पर निर्भर रहने वाली दशमी नाग आज स्व-सहायता समूह से जुड़कर खेती, पशुपालन और सब्जी उत्पादन के माध्यम से “लखपति दीदी” के रूप में अपनी नई पहचान बना चुकी हैं।प्रदेश में मुख्यमंत्री श्री साय के मार्गदर्शन में जनकल्याणकारी योजनाओं और महिला समूहों की सामूहिक पहल से सामाजिक क्षेत्र में भी सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। कोरिया जिले के बैकुंठपुर विकासखंड के ग्राम आनी में ज्योति महिला स्व-सहायता समूह और माँ शारदा स्व-सहायता समूह की महिलाएँ “कोरिया मोदक” नामक पौष्टिक लड्डू तैयार कर रही हैं, जिन्हें गर्भवती महिलाओं को नियमित रूप से उपलब्ध कराया जा रहा है। इस पहल से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार और कम वजन वाले शिशुओं के जन्म की समस्या को कम करने में मदद मिल रही है।इसी प्रकार कोंडागांव के नहरपारा निवासी फरिदा बेगम भी महतारी वंदन योजना का लाभ लेकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं। यह योजना महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च के अवसर पर यह स्पष्ट रूप से दिखाई देता है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ उठाकर प्रदेश की महिलाएँ आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से वे न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन की नई मिसाल भी स्थापित कर रही हैं।








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