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- 0- समय-सीमा की बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश0- 30 जुलाई को आयोजित वृहद वृक्षारोपण अभियान के सफल आयोजन हेतु सभी तैयारियां सुनिश्चित करने के दिए निर्देशबालोद. कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने 15 अगस्त को राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस समारोह का बालोद जिले में भव्य एवं गरिमामय ढंग से आयोजन सुनिश्चित करने हेतु जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में स्वतंत्रता दिवस समारोह के आयोजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को उक्ताशय के निर्देश दिए हैं। श्रीमती मिश्रा ने जिला मुख्यालय बालोद के अलावा जिले के सभी विकासखण्ड एवं अन्य सभी स्थानों पर कार्यक्रम के गरिमा के अनुरूप बेहतर कार्यक्रम करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने जिले में गुरूवार 30 जुलाई को आयोजित होने वाली वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम के सफल आयोजन की तैयारियों की भी समीक्षा की। श्रीमती मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष 30 जुलाई को वृहद वृक्षारोपण अभियान के अवसर पर महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान का भी आयोजन किया जाएगा। इस दौरान महतारी वंदन योजना से लाभान्वित जिले के 02 लाख 45 हजार हितग्राहियों के अलावा अन्य महिलाओं एवं सभी वर्गों के लोगों के द्वारा ’एक पेड़ महतारी (मां) के नाम’ से पौधरोपण किया जाएगा। उन्होंने जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को अपने सामाजिक उत्तरदायित्वों का निर्वहन करते हुए ’एक पेड़ महतारी (मां) के नाम’ से पौधरोपण कर पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन के पुनीत कार्य में अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने को कहा है। इसके अलावा उन्होंने जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को समाज के सभी वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित कर इस अभियान को सफल बनाने अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, श्री अजय किशोर लकरा एवं श्री नूतन कंवर सहित संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष एवं राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।बैठक में श्रीमती मिश्रा ने स्वतंत्रता दिवस समारोह के आयोजन से जुड़े तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी विभाग प्रमुखों को उनके विभाग से जुड़े दायित्वों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने सभी अधिकारी-कर्मचारियों को अपने-अपने कार्यालयों में ध्वजारोहण के पश्चात जिला मुख्यालय बालोद में सुबह 09 बजे आयोजित होने वाले जिला स्तरीय समारोह में अनिवार्य रूप से उपस्थिति सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिए। श्रीमती मिश्रा ने स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर आयोजित की जाने वाली सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति की भी समीक्षा की। उन्होंने आयोजन के दौरान संस्कृति और देशभक्तिपूर्ण, सभ्य, शालीन सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। श्रीमती मिश्रा ने स्वंतत्रता दिवस के अवसर पर जिला मुख्यालय बालोद में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिले के अधिकारी-कर्मचारियों का चयन कर उन्हें सम्मानित करने को कहा। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने जिले के विभिन्न विभागों को सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों के द्वारा सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों के शत प्रतिशत निराकरण किए जाने पर प्रसन्न्ता व्यक्त करते हुए जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को हार्दिक बधाई दी। बैठक में उन्होंने जिले में सीएम हेल्पलाइन से प्राप्त आवेदनों के निराकरण की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने सभी अधिकारी-कर्मचारियों को सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त आवेदनों का विशेष प्राथमिकता के साथ तत्काल निराकरण सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।बैठक में श्रीमती मिश्रा ने जिले के अधिकारी-कर्मचारियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति की समीक्षा करते हुए सभी अधिकारी-कर्मचारियों को सुबह 10 बजे अपने-अपने कार्यालय स्थल में पहुँचने के बाद अपनी बायोमेट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने इसका शत प्रतिशत पालन नही करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के विरूद्ध कार्रवाई की भी चेतावनी दी। इस मौके पर उन्होंने जिले में सुघ्घर छत्तीसगढ़ अभियान के प्रगति की भी समीक्षा की। बैठक में श्रीमती मिश्रा ने जिले में खाद, बीज की भण्डारण एवं उपलब्धता की समीक्षा करते हुए कृषि, सहकारिता, बीज विकास निगम एवं अन्य संबंधित विभाग के अधिकारियों को इसके लिए पुख्ता उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। श्रीमती मिश्रा ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से 14 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके जिले के शत प्रतिशत बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम हेतु टीकाकरण के कार्य की भी समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इस कार्य को विशेष प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश भी दिए। बैठक में उन्होंने टीबी उन्मुलन के कार्यों की भी समीक्षा की। इसके अंतर्गत उन्होंने जिले में अब तक किए गए कुल सैम्पल जांच एवं अन्य कार्यों के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने सभी अधिकारियों को निक्षय मित्र बनकर टीबी के मरीजों को पूर्णतः स्वस्थ बनाने हेतु अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
- 0- स्वास्थ्य सेवाओं का बेहतर संचालन जारीबालोद. बालोद विकासखंड प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करहीभदर में स्वास्थ्य सुविधाओं का बेहतर संचालन किया जा रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करहीभदर के प्रभारी ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करहीभदर में एंटी रेबीज वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, जिससे क्षेत्र के नागरिकों को समय पर आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं और उपचार का लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा क्षेत्रवासियों के स्वास्थ्य हित को सर्वोपरि रखते हुए सभी आवश्यक दवाइयों और टीकों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है जिससे मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
- 0- गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व बेहतर परीक्षा परिणाम हेतु कार्ययोजना बनाने के संबंध में की गई चर्चाबालोद. ’मिशन 80-95’ 2026 के अंतर्गत जिला शिक्षा अधिकारी श्री दीपक दुबे द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय बालोद एवं स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय कचांदुर में अलग-अलग पालियों में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। समीक्षा बैठक में बालोद, गुरूर एवं गुण्डरदेही विकासखण्ड के स्कूलों में बोर्ड परीक्षा 2026 में कक्षा 10वीं में 65 प्रतिशत तथा कक्षा 12वीं में 77 प्रतिशत से कम परीक्षा परिणाम वाले शासकीय विद्यालयों के प्राचार्यों तथा कम परीक्षा परिणाम वाले विषय शिक्षक शामिल हुए। जिला शिक्षा अधिकारी बालोद ने समीक्षा बैठक में 10वीं एवं 12वीं की पाठ्यक्रम योजनाएं, प्राचार्यों द्वारा अवलोकित कक्षाओं के नोट्स एवं प्रदाय मार्गदर्शन का विवरण, शाला में आयोजित समीक्षा बैठकों का विवरण, कक्षा 9वीं, 11वीं के रेड जोन, ऑरेंज जोन विद्यार्थियों की प्रगति, माह जुलाई में 10वीं 12वीं का पूर्ण पाठ्यक्रम का इकाईवार विवरण तथा मासिक परीक्षा की तैयारी के संबंध में बिंदुवार आवश्यक परिचर्चा की गई। इसके साथ ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए वार्षिक कार्य योजना, मासिक कार्य योजना का निर्माण एवं क्रियान्वयन, पाठयक्रम-पाठ्य योजना का निर्माण, परिशिष्ट 1,2,3,4 के विभिन्न पैरामीटर पर विस्तृत चर्चा की गई।बैठक में बताया गया कि परिशिष्ट 02 में प्राचार्य द्वारा शिक्षकों का माॅनिटरिंग तथा प्रति दिवस न्यूनतम 02 कालखंडों का अवलोकन व सुधारात्मक सुझाव व परिशिष्ट 2 के आधार पर ही समस्त शिक्षकों का सीआर लिखा जाएगा। परिशिष्ट 03 में कुल 10 पैरामीटर हैं जिसमें कुल 100 अंक निर्धारित हैं। परिशिष्ट 03 के आधार पर जिला स्तरीय मानीटरिंग टीम द्वारा प्राचार्यों का मानिटरिंग किया जाएगा। इसके साथ ही प्रत्येक मासिक मूल्यांकन के पश्चात अनिवार्य रूप से पालक टीचर मीटिंग का आयोजन किया जाना है। परिशिष्ट 04 के तहत प्राचार्यों का ग्रेडिंग किया जाएगा, जिसमें ए, बी, सी तथा डी तथा चार ग्रेड तय किया गया है। जिसमें ग्रेड ए 80 से 100, बी 79 से 60, सी 59 से 50 तथा ग्रेड डी 50 से कम अंक है। लगातार 02 माह तक सी या डी ग्रेड में आता है तो संबंधित प्राचार्यों के लिए जिला मानिटरिंग टीम द्वारा 20 से 50 योजना तैयार कर राज्य कार्यालय को प्रस्ताव भेजा जाएगा।बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि समस्त गतिविधियों व कार्यवाही को अनिवार्य रूप से पंजियों में संधारित किया जाए। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा पियर लर्निंग, शिक्षक संप्रेषण कौशल पर बल देते हुए नवाचार गतिविधियों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए उचित मार्गदर्शन प्रदान किया गया। साथ ही पिछले वर्ष 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षा में कमजोर परीक्षा परिणाम वाले विषय शिक्षकों को अनिवार्यतः कारण बताओ नोटिश जारी करने तथा जवाब संतोषप्रद नहीं होने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। समीक्षा बैठक में जिला परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा के सहायक परियोजना समन्वयक श्री आर आर क्रिदत्त एवं सहायक परियोजना समन्वयक, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी एवं परीक्षा विभाग के प्रभारीगण उपस्थित थे।
- 0- केटीयूजेएम एवं प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में कार्यशाला, विद्यार्थियों को मेडिटेशन और सकारात्मक चिंतन का संदेशरायपुर। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर तथा प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में "आत्म-नियंत्रण से अंतःशक्ति का जागरण" विषय पर प्रेरणादायी कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को आत्म-नियंत्रण, सकारात्मक चिंतन, मानसिक संतुलन तथा मेडिटेशन के माध्यम से व्यक्तित्व विकास और आंतरिक शक्ति के महत्व से अवगत कराया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. मनोज दयाल ने कहा कि 21वीं सदी के प्रत्येक युवा, पत्रकार और शिक्षक के लिए आत्म-नियंत्रण से अंतःशक्ति का जागरण ही जीवन का मूल मंत्र है। आज तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), सोशल मीडिया और सूचना के अनंत साधनों के बावजूद व्यक्ति के भीतर अशांति, तुलना, चिंता और नकारात्मकता बढ़ रही है। ऐसे समय में पत्रकारिता शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री और कौशल प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में चरित्र, संस्कार और मानवीय मूल्यों का विकास करना भी है।प्रो. दयाल ने कहा कि ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय आत्मिक शक्ति के विकास के लिए तीन सरल सूत्र देता है- संकल्पों पर नियंत्रण, वाणी पर नियंत्रण तथा समय और आदतों पर नियंत्रण। उन्होंने कहा कि भविष्य के मीडिया कर्मियों को टीआरपी की प्रतिस्पर्धा, फेक न्यूज का प्रलोभन, नकारात्मकता और अहंकार जैसी चार बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। इन चुनौतियों पर विजय केवल आत्म-नियंत्रण और आंतरिक शक्तियों के जागरण से ही संभव है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं को पहचानने, अपनी क्षमताओं का विकास करने, सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने तथा नियमित मेडिटेशन को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।मुख्य वक्ता ब्रह्मकुमारी ज्योति दीदी ने कहा कि क्रोध का प्रमुख कारण दूसरों से अत्यधिक अपेक्षाएं रखना है। यदि किसी भी परिस्थिति में स्वयं से यह प्रश्न किया जाए कि क्रोध करने से मुझे क्या लाभ होगा? तो मन स्वतः शांत होने लगता है। उन्होंने कहा कि वास्तविक इनर मास्टरी तभी संभव है जब व्यक्ति स्वयं का आत्मनिरीक्षण करें और अपने विचारों पर नियंत्रण स्थापित करें।उन्होंने अवचेतन मन को सकारात्मक ऊर्जा से भरने पर बल देते हुए कहा कि प्रतिदिन एवं प्रत्येक घंटे कुछ क्षण निकालकर "मैं शांतचित्त आत्मा हूँ", "मैं शक्तिशाली हूँ", "मैं खुशकिस्मत हूँ", "मैं सफलता का सितारा हूँ" जैसे सकारात्मक संकल्प दोहराने चाहिए। इससे आत्मा रूपी ऊर्जा निरंतर सशक्त बनी रहती है।ब्रह्मकुमारी भावना दीदी ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं के लिए मेडिटेशन अत्यंत आवश्यक है। यह व्यक्ति को तनावमुक्त रखने के साथ-साथ विपरीत परिस्थितियों का धैर्यपूर्वक सामना करने की शक्ति प्रदान करता है।ब्रह्मकुमारी तारिका दीदी ने कहा कि व्यक्ति को सबसे पहले अपने भीतर झांकने की आदत विकसित करनी चाहिए। हमारी सोच ही हमारे व्यक्तित्व और आभामंडल (ऑरा) का निर्माण करती है। यदि नकारात्मक विचारों को सकारात्मक सोच में परिवर्तित कर लिया जाए तो जीवन की अनेक समस्याओं का समाधान स्वतः मिलने लगता है।कुलसचिव सुनील कुमार शर्मा ने कहा कि मेडिटेशन केवल मानसिक शांति ही नहीं, बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। कार्यक्रम के संयोजक व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया विभागाध्यक्ष डॉ. नृपेन्द्र शर्मा ने आभार व्यक्त किया। अतिथियों का परिचय डॉ. नीति ताम्रकार ने दिया और संचालन डॉ. चैताली पाण्डेय ने किया। कार्यशाला में विश्वविद्यालय के समस्त, प्राध्यापक, अतिथि प्राध्यापक, अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
- बिलासपुर. विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत जिला सर्विलांस इकाई, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय तथा नगर पालिक निगम बिलासपुर के संयुक्त तत्वावधान में नगर निगम के फ्रंटलाइन सफाई कर्मचारियों के लिए विशेष हेपेटाइटिस जांच एवं टीकाकरण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य सफाई कर्मियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ हेपेटाइटिस संक्रमण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना था।शिविर में नगर निगम के 142 फ्रंटलाइन सफाई कर्मचारियों का निःशुल्क हेपेटाइटिस ‘बी’ एवं ‘सी’ की जांच की गई। संक्रमण के जोखिम को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों को समय पर जांच, उपचार तथा बचाव संबंधी जानकारी भी प्रदान की गई। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि ऐसे अभियान संक्रमण की शीघ्र पहचान और प्रभावी उपचार सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के दौरान सफाई कर्मचारियों को हेपेटाइटिस संक्रमण के कारण, लक्षण, बचाव एवं समय पर जांच के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही हेपेटाइटिस ‘बी’ के टीकाकरण के प्रति भी उन्हें जागरूक किया गया, ताकि संक्रमण के खतरे को कम किया जा सके।सीएमएचओ डॉ. शुभा गढ़ेवाल ने बताया कि इस विशेष शिविर का उद्देश्य सफाई मित्रों के बीच हेपेटाइटिस के प्रति जागरूकता फैलाना, समय पर जांच कराकर उन्हें निःशुल्क उपचार सेवाओं से जोड़ना तथा समाज के अग्रिम पंक्ति के कर्मियों को संक्रमण से सुरक्षित रखना है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ फ्रंटलाइन कर्मचारी ही स्वच्छ और स्वस्थ शहर की मजबूत नींव हैं, इसलिए भविष्य में भी ऐसे स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन लगातार किया जाएगा। कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी (एनवीएचसीपी) डॉ. प्रमोद तिवारी, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रक्षित जोगी, जिला प्रबंधक (आईडीएसपी) श्री श्याम मोहन दुबे, डिस्ट्रिक्ट एपिडेमियोलॉजिस्ट श्री पंकज सिंह, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा नगर निगम के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- 0- अभियान को सफल बनाने हेतु युद्ध स्तर पर तैयारियां, जनप्रतिनिधियों, गणमान्यजनों सहित सभी वर्गों के लोगों ने की अभियान की सराहनाबालोद. बालोद जिला प्रशासन द्वारा पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु किए जा रहे उल्लेखनीय प्रयासों के फलस्वरूप बालोद जिले में 30 जुलाई को महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान के अवसर पर एक साथ वृहद वृक्षारोपण अभियान का नया कीर्तिमान जुड़ने वाला है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तथा उपमुख्यमंत्री एवं जिलेे के प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा के मंशानुरूप जल शक्ति अभियान ’कैच द रैन’ कार्यक्रम के अंतर्गत जिला प्रशासन द्वारा आयोजित किए जा रहे महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान के दौरान जिले में महतारी वंदन योजना से लाभान्वित जिले के 02 लाख 45 हजार हितग्राहियों के अलावा अन्य सभी महिलाएं एवं समाज के सभी वर्गों के द्वारा एक साथ वृहद पैमाने पर पौधरोपण किया जाएगा। बालोद जिले में एक साथ वृहद वृक्षारोपण के इस इस महत्वपूर्ण अभियान के साथ-साथ जिले को मिल रहे निरंतर उपलब्धियों की फेहरिस्त में एक और कड़ी जुड़ने वाली है। जिला प्रशासन द्वारा भविष्य में पर्यावरण भयावह संकट को दृष्टिगत रखते हुए समय रहते सचेत होकर उसके रोकथाम के उपाय सुनिश्चित करने हेतु बालोद जिला प्रशासन की इस अभिनव प्रयासों की जिले के जनप्रतिनिधियों, समाज के प्रबुद्ध लोगों, महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों सहित सभी वर्गों के लोगों ने इस महत्वपूर्ण अभियान की भूरी-भूरी सराहना की है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार बालोद जिला प्रशासन द्वारा गुरूवार 30 जुलाई को सुबह 11 बजे आयोजित इस वृहद वृक्षारोपण अभियान को सफल बनाने हेतु युद्ध स्तर पर तैयारियां की जा रही है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा के निर्देशानुसार जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों से महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों को निःशुल्क पौधा वितरण किया जा रहा है। आंगनबाड़ी केन्द्रों से पौधे प्राप्त करने के पश्चात महतारी वंदन योजना से लाभान्वित एवं अन्य सभी महिलाओं द्वारा भी अपने घरों, बाड़ियों, खेत-खलिहानों एवं अन्य उपयुक्त स्थानों पर गड्ढों की खुदाई एवं अन्य सभी तैयारियां सुनिश्चित की जा रही है।जिला प्रशासन की इस अभिनव एवं महत्वपूर्ण प्रयासों की सराहना करते हुए संजारी बालोद विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती संगीता सिन्हा ने सभी जिले वासियों से अपने घरों एवं बाड़ियों, खेत-खलिहानों तथा अन्य उपयुक्त स्थानों पर अनिवार्य रूप से पौधरोपण करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पौधरोपण कर पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन के पुनीत कार्य में भागीदारी सुनिश्चित करना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी भी है। छत्तीसगढ़ राज्य एथेलेटिक संघ के उपाध्यक्ष श्री सौरभ लुनिया ने जिला प्रशासन के वृहद वृक्षारोपण के इस पुनीत कार्य को पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में मील का पत्थर बताते हुए इसकी भूरी-भूरी सराहना की। उन्होंने संपूर्ण जिले वासियों से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप कैच र रैन अभियान के अंतर्गत जल संचयन के लक्ष्य में वृद्धि करने अनिवार्य रूप से पौधरोपण के संरक्षण एवं संवर्धन में अपने अनिवार्य भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा है। जनपद पंचायत बालोद के अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती टेमरिया ने पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में बालोद जिला प्रशासन की इस वृहद वृक्षारोपण की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने जिले के महतारी वंदन योजना से लाभान्वित हितग्राहियों के अलावा अन्य सभी महिलाओं एवं सभी जिले वासियों से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के मंशानुरूप जल शक्ति अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण को बढ़ावा देकर जल संचयन के लक्ष्य में वृद्धि करने हेतु अनिवार्य रूप से पौधरोपण करने की अपील की है। इसी तरह जिला प्रशासन की इस अभियान की सराहना समाज के सभी वर्गों के लोगों के साथ-साथ महतारी वंदन योजना से लाभान्वित हितग्राहियों ने भी की है। इस अभियान की सराहना करते हुए महतारी वंदन योजना से लाभान्वित बालोद विकासखण्ड के ग्राम चिरईगोड़ी निवासी श्रीमती फेकन बाई एवं श्रीमती कला बाई ने बालोद जिला प्रशासन द्वारा महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान की शुरूआत को उनके जैसे महतारी वंदन योजना से लाभान्वित पूरे प्रदेश के अनेक हितग्राहियों के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण बताया। इस अवसर पर उन्होंने बालोद जिले के महतारी वंदन योजना से लाभान्वित हितग्राहियों के अलावा अन्य सभी महिलाओं को भी 30 जुलाई को सुबह 11 बजे अनिवार्य रूप से पौधरोपण करने की अपील की है। इसी तरह जिला प्रशासन की इस महत्वपूर्ण अभियान की सराहना जिला मुख्यालय बालोद के समीपस्थ ग्राम झलमला के महतारी वंदन योजना से लाभान्वित हितग्राही श्रीमती दीपा बाई ने भी की है। उन्होंने कहा कि बालोद जिला प्रशासन द्वारा महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान के माध्यम से इस योजना से लाभान्वित हम महिलाओं को पौधरोपण करने का अवसर प्रदान किया जा रहा है। इससे हम सभी महिलाएं अत्यंत गौरवान्वित एवं सम्मानित महसूस कर रहे हैं।उन्होंने जिले के सभी महिलाओं से 30 जुलाई को अधिक से अधिक संख्या में पौधरोपण कर पर्यावरण के संरक्षण के कार्य में महत्वपूर्ण भागीदारी निभाने को कहा हैै। महतारी वंदन योजना से लाभान्वित जिला मुख्यालय बालोद के समीपस्थ ग्राम झलमला निवासी श्रीमती पूर्णिमा साहू ने भी जिला प्रशासन के इस महत्वपूर्ण अभियान में महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों के नाम को शामिल करने पर प्रसन्न्ता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इससे हम सभी महिलाएं अत्यंत प्रसन्नचित एवं उत्साहित होकर गौरव का अनुभव कर रहे हैं। श्रीमती पूर्णिमा बाई ने महतारी वंदन योजना से लाभान्वित जिले के सभी हितग्राहियों सहित समाज के सभी वर्ग के लोगों से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप अधिक से अधिक संख्या में पौधरोपण कर पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन तथा बालोद जिले को स्वच्छ, संुदर बनाने में सहयोग करने की अपील की है।
- दुर्ग. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई ने 23 जुलाई, 2026 को लगभग 600 नए छात्रों के बैच का स्वागत किया। कैंपस लाइफ में आसानी से ढलने में मदद के लिए, स्टूडेंट मेंटरशिप प्रोग्राम (SMP) 24 से 27 जुलाई तक चार दिन का ओरिएंटेशन प्रोग्राम आयोजित कर रहा है। नए छात्रों और उनके माता-पिता के लिए एक इंटरैक्टिव सेशन आयोजित किया गया, जिसमें डायरेक्टर प्रो. राजीव प्रकाश और सीनियर फैकल्टी सदस्यों—जिनमें डीन प्रो. सौम्या गंगोपाध्याय, प्रो. संतोष बिस्वास, डॉ. सुधानवा पात्रा और डॉ. कुलदीप कटारिया के साथ-साथ SMP फैकल्टी-इन-चार्ज डॉ. प्रवीण कुमार शामिल थे—ने कैंपस की सुविधाओं, एकेडमिक सपोर्ट और स्टूडेंट लाइफ के बारे में अहम जानकारी दी। इस ओरिएंटेशन का मकसद नए छात्रों को संस्थान में मौजूद एकेडमिक, रिसर्च और एक्स्ट्रा-करिकुलर मौकों से परिचित कराना है।नए छात्रों के बैच को संबोधित करते हुए, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई के डायरेक्टर प्रो. राजीव प्रकाश ने छात्रों को आगाह किया कि वे एडमिशन को ही आखिरी मंज़िल न समझें। उन्होंने कहा, " भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान में पहुँचना माउंट एवरेस्ट के बेस कैंप तक पहुँचने जैसा है—यह अभी शिखर नहीं है।" उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि सफलता के शिखर तक पहुँचने के लिए लगातार अनुशासन, दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत की ज़रूरत होती है।प्रोफ़ेसर प्रकाश ने छात्रों से अपनी शिक्षा का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर समाज की भलाई के लिए करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि असल दुनिया की सामाजिक समस्याओं को हल करने के लिए छात्रों द्वारा शुरू किए गए स्टार्टअप बहुत ज़रूरी हैं। उन्होंने छात्रों को इनक्यूबेशन की ओर बढ़ने और देश के लिए स्टार्टअप शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्हें समाज की ज़रूरतों को पूरा करना चाहिए और "राष्ट्र प्रथम" की सोच अपनानी चाहिए। उन्हें नौकरी खोजने वाले के बजाय नौकरी देने वाला बनना चाहिए। संस्थान के बढ़ते रिसर्च और डेवलपमेंट के दायरे पर ज़ोर देते हुए, उन्होंने नए छात्रों को उभरते हुए क्षेत्रों में प्रैक्टिकल स्किल सीखने, R&D प्रोजेक्ट्स में शामिल होने और अपनी पढ़ाई के साथ-साथ एंटरप्रेन्योरशिप से जुड़े काम करने के लिए प्रेरित किया।कैंपस कल्चर के महत्व को बताते हुए, डायरेक्टर ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई को एक मिलनसार और एक-दूसरे का साथ देने वाला परिवार बताया जो सामूहिक तरक्की के लिए समर्पित है। उन्होंने नए छात्रों को सर्वांगीण व्यक्तिगत विकास के लिए हॉस्टल की ज़िंदगी अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। सबसे ज़रूरी बात यह है कि उन्होंने कहा कि कामयाबी से ज़्यादा अहमियत हमेशा चरित्र की होनी चाहिए और छात्रों को सहानुभूति और ईमानदारी को प्राथमिकता देने की सलाह दी। उन्होंने सीखने के लिए एक समावेशी माहौल बनाने पर भी ज़ोर दिया और कहा कि ज्ञान हासिल करने में भाषा कभी भी रुकावट नहीं बननी चाहिए।
- 0- श्रीमती यमुना साहू ने जताया मुख्यमंत्री का आभाररायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से शासकीय सेवाएं ग्राम पंचायत स्तर पर सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसी क्रम में आरंग ब्लॉक के ग्राम पंचायत खमतराई निवासी श्रीमती यमुना साहू एवं उनके पति को सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से विवाह प्रमाण पत्र की सुविधा प्राप्त हुई।श्रीमती साहू को विभिन्न शासकीय एवं कानूनी कार्यों के लिए विवाह प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी, जिसके लिए उन्होंने ग्राम पंचायत खमतराई में स्थित अटल डिजिटल सुविधा केन्द्र में सेवा सेतु पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया। आवेदन का समयबद्ध परीक्षण एवं आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण होने के दो दिन के भीतर उन्हें विवाह प्रमाण पत्र उपलब्ध करा दिया गया। श्रीमती साहू ने इस जनहितकारी सुविधा के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
- 0- अब तक 1 लाख 53 हजार से अधिक बच्चों की हो चुकी स्क्रीनिंगरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन रायपुर द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए संचालित “प्रोजेक्ट धड़कन” के अंतर्गत जिले भर में विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की समय रहते पहचान कर उन्हें बेहतर एवं निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना है।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन तथा श्री सत्य साई हॉस्पिटल के सहयोग से अभनपुर टीम ए द्वारा शासकीय प्राथमिक शाला उमरपोटी में 106 बच्चों, अभनपुर टीम बी द्वारा शासकीय प्राथमिक शाला एवं माध्यमिक शाला चांदी में 151 बच्चों, आरंग टीम ए द्वारा शासकीय प्राथमिक शाला खूटेरी में 85 बच्चों, आरंग टीम बी द्वारा शासकीय प्राथमिक शाला, माध्यमिक शाला एवं आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक 1, 2 एवं 3 रानीसागर में 166 बच्चों, आरंग टीम सी द्वारा शासकीय प्राथमिक शाला कुरूद में 76 बच्चों, धरसींवा टीम ए द्वारा शासकीय माध्यमिक शाला सिलतरा में 320 बच्चों, धरसींवा टीम बी द्वारा शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला भरतनारा में 122 बच्चों, तिल्दा टीम ए द्वारा शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला पचरी में 147 बच्चों, तिल्दा टीम बी द्वारा शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला कोटा में 143 बच्चों, अर्बन टीम ए द्वारा पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक-1 रायपुर में 226 बच्चों, अर्बन टीम बी द्वारा शासकीय प्राथमिक शाला सरोना में 141 बच्चों, अर्बन टीम सी द्वारा प्राथमिक शाला अमलीडीह में 90 बच्चों तथा अर्बन टीम डी द्वारा साजेस हायर सेकेंडरी स्कूल तिलक नगर में 237 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई। पूरे जिले में कुल 2010 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई, जिसमें एक संदिग्ध हृदय रोग का प्रकरण चिन्हित हुआ।इस प्रोजेक्ट के तहत अब तक जिले में 1 लाख 54 हजार से अधिक बच्चों की स्क्रीनिंग, 14 बच्चों का मेडिकल उपचार एवं प्रबंधन तथा 18 बच्चों का निःशुल्क ऑपरेशन किया जा चुका है।
- 0- पीपीपी मॉडल पर 30 वर्ष की लीज हेतु आरएफपी तैयार, महिलाओं के लिए रोजगार सृजन एवं स्थानीय वस्त्र उद्योग को मिलेगा बढ़ावा0- महापौर मीनल चौबे ने पहल कर निगम योजना विभाग के अधिकारियों से की विस्तृत चर्चा, दिए आवश्यक निर्देशरायपुर। नगर पालिक निगम रायपुर द्वारा मोवा (विधानसभा रोड) स्थित गारमेंट फैक्ट्री के पुनर्जीवन, आधुनिकीकरण एवं संचालन हेतु सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी ) मॉडल पर रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) तैयार किया गया है। इस पहल के माध्यम से शीघ्र ही गारमेंट फैक्ट्री के संचालन की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी, इस योजना में पहल कर महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नगर निगम योजना विभाग के अधिकारियों से योजना को लेकर विस्तृत चर्चा की एवं आवश्यक निर्देश दिए।परियोजना के अंतर्गत चयनित संस्था को 30 वर्ष की लीज़ पर फैक्ट्री परिसर उपलब्ध कराया जाएगा। चयनित संस्था द्वारा अपने व्यय पर आवश्यक मशीनरी की स्थापना, आधुनिकीकरण, संचालन एवं रखरखाव का कार्य किया जाएगा, जिससे बंद पड़ी गारमेंट फैक्ट्री का पुनः संचालन सुनिश्चित हो सकेगा।इस परियोजना से विशेष रूप से महिलाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे तथा स्थानीय युवाओं को भी रोजगार एवं कौशल विकास का लाभ मिलेगा। परियोजना के क्रियान्वयन में उद्योग विभाग का सहयोग प्राप्त होगा तथा राज्य शासन की औद्योगिक नीतियों के अनुरूप वस्त्र एवं रेडीमेड गारमेंट उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।इस पहल से नगर निगम की निष्क्रिय परिसंपत्ति का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित होगा, स्थानीय औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी तथा नगर निगम की आय में भी वृद्धि होने की संभावना है। नगर निगम द्वारा इस महत्वाकांक्षी परियोजना को शीघ्र धरातल पर उतारने के लिए आवश्यक प्रक्रियाएं प्रारंभ कर दी गई हैं।
- 0- महापौर मीनल चौबे ने वार्डो में सफाई की लचर व्यवस्था को लेकर गहन नाराजगी व्यक्त की0- सफाई में बाधक अवैध पाटो को तोड़कर नाले, नालियों की व्यवस्थित सफाई करवाने दिये सख्त निर्देश0- अवैध निर्माणों पर नियमानुसार कार्यवाही करने सहित दिये अनेक निर्देश0- जोन 3 में पेयजल संकट को लेकर शीघ्र आवश्यक कार्यवाही कर समाधान करने, जोनो में पार्षदो से समन्वय बनाकर कार्य करने दिये निर्देशरायपुर. नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नगर निगम जोन 1, 3, 4 में पार्षदों की बैठक अधिकारियों की उपस्थिति में लेकर कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश जोन अधिकारियों को दिये। महापौर ने जोन 1, 3, 4 में वार्डो में सफाई की लचर व्यवस्था एवं विभिन्न स्थानो पर जल भराव की समस्या को लेकर गहन नाराजगी व्यक्त की एवं नाले, नालियों की सफाई अवैध पाटो को तोडकर तले तक व्यवस्थित रूप से करवाकर गंदे पानी का निकास सुगम बनाने का कार्य पार्षदों से समन्वय बनाकर प्राथमिकता से करवाने जोन कमिश्नरों एवं जोन स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया। महापौर ने जल भराव की समस्या का निदान करने वार्डो में व्यवहारिक आवश्यकता के अनुसार नाला निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिये है।महापौर श्रीमती मीनल चौबे द्वारा जोन 1, 3, 4 में जाकर ली गई समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों की कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए अनेक आवश्यक निर्देश दिये गये ।पेंशन प्रकरणों के संबंध में महापौर ने निर्देशित किया है कि समस्त लंबित पेंशन प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए, जिससे हितग्राहियों को बार-बार नगर निगम के चक्कर न लगाने पड़े। पेंशन वितरण में आ रही समस्याओं के संबंध में आईडीबीआई बैंक को आवश्यकतानुसार नोटिस जारी करने एवं समुचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।अवैध निर्माण के विरुद्ध कार्यवाही महापौर ने निर्देशित किया है जिन अवैध निर्माणों को नियमानुसार तीन नोटिस जारी किए जा चुके हैं, उन पर बिना विलंब कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। प्राथमिकता के आधार पर मुख्य मार्गों, पार्किंग स्थलों एवं यातायात बाधित करने वाले अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की जाए, तत्पश्चात अन्य क्षेत्रों में भी नियमानुसार कार्रवाई की जाए।5000 वर्गफुट से अधिक क्षेत्रफल वाले प्लॉट महापौर ने निर्देशित किया कि 5000 वर्गफुट से अधिक क्षेत्रफल वाले प्लॉट पर व्यावसायिक उपयोग की अनुमति हेतु पूर्णता प्रमाण पत्र की प्रति नगर निगम में जमा कराना अनिवार्य किया जाए। बिना आवश्यक दस्तावेजों के किसी भी प्रकरण का निराकरण न किया जाए।अवैध निर्माण की रोकथाम महापौर ने निर्देश दिये है कि अवैध निर्माण की सूचना प्राप्त होते ही तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की जाए। निर्माण पूर्ण होने की प्रतीक्षा करने के बजाय प्रारंभिक स्तर पर ही प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित की जाए।जलभराव एवं पेयजल समस्या महापौर ने निर्देशित किया है कि जलभराव एवं पेयजल संबंधी समस्याओं के स्थायी समाधान हेतु नियमित कार्ययोजना बनाकर कार्य किया जाए। जिन बड़े नालों में जलभराव की स्थिति बनती है, वहां आवश्यकतानुसार अवरोधक दीवार हटाने एवं जल निकासी सुचारु करने की कार्रवाई की जाए। नालियों की नियमित सफाई, सड़कों का समुचित रखरखाव एवं जल निकासी व्यवस्था को व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए गए है।मूलभूत नागरिक सुविधाएं महापौर ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि नगर निगम की प्रथमिक जिम्मेदारियों जैसे पेयजल, विद्युत एवं स्ट्रीट लाइट संबंधी समस्याओं पर विशेष प्राथमिकता के साथ कार्य किया जाए। आम नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने हेतु सभी संबंधित अधिकारी नियमित मॉनिटरिंग करें।समग्र निर्देश महापौर ने बैठक में समीक्षा किए गए सभी बिंदुओं पर समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करते हुए प्रगति प्रतिवेदन नियमित रूप से प्रस्तुत करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए है।महापौर श्रीमती मीनल चौबे द्वारा जोन 1 में ली गई समीक्षा बैठक में जोन अध्यक्ष श्री गज्जू साहू, पार्षद श्रीमती अंबिका साहू, श्रीमती परमिला बल्ला राम साहू, डॉ. मनमोहन मनहरे, श्री राजेश कुमार देवांगन, श्री सोहन लाल साहू, एल्डरमेन श्री बी श्रीनिवास राव, श्री विक्रम सिंह ठाकुर, जोन 1 जोन कमिश्नर श्री अंशुल शर्मा सीनियर सहित अन्य जोन अधिकारियों, जोन 3 में ली गई बैठक में जोन अध्यक्ष श्रीमती साधना प्रमोद साहू, एमआईसी सदस्य श्री संतोष सीमा साहू, श्री प्रदीप कुमार वर्मा, श्री कैलाश बेहरा, श्री महेश कुमार ध्रुव, जोन 3 जोन कमिश्नर श्रीमती प्रीति सिंह सहित अन्य संबंधित जोन अधिकारियों, जोन 4 की बैठक में जोन 4 अध्यक्ष श्री मुरली शर्मा, नगर निगम नेता प्रतिपक्ष श्री आकाश तिवारी, एमआईसी सदस्य श्रीमती संजना संतोष हियाल, पार्षद श्रीमती अर्जुमन एजाज ढेबर, श्री अजय साहू, जोन 4 जोन कमिश्नर डॉ. दिव्या चंद्रवंशी सहित संबंधित अन्य जोन अधिकारियों की उपस्थिति रही।
- वृहद वृक्षारोपण- पौधरोपण का फोटो wcdbalod.com लिंक पर अपलोड करने से प्रदान किया जाएगा फोटोयुक्त प्रमाण पत्रबालोद. बालोद जिला प्रशासन द्वारा कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार गुरूवार 30 जुलाई को महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान के अवसर पर पौधरोपण के इस महाअभियान को चिरस्मरणीय बनाए रखने हेतु इस अवसर पर पौधरोपण करने वाले लोगों को फोटोयुक्त प्रमाण पत्र प्रदान करने की भी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इसके अंतर्गत गुरूवार 30 जुलाई को वृहद वृक्षारोपण अभियान के दौरान पौधरोपण करने के पश्चात् रोपे गए पौधे के साथ फोटो या सेल्फी लेकर लिंक wcdbalod.com पर अपलोड करने पर जिला प्रशासन द्वारा उन्हें फोटोयुक्त प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाएगा। जिससे कि पर्यावरण के सरंक्षण एवं संवर्धन हेतु जिले में शुरू किए गए इस महाअभियान में उनका योगदान चिरस्मरणीय बना रहे।उल्लेखीनय है कि 30 जुलाई को वृहद वृक्षारापेण अभियान अंतर्गत पौधरोपण करने के पश्चात् आप अपनी फोटो लेकर वेबसाईट wcdbalod.com पर जाकर अपना नाम दर्ज करेंगे। जिसके पश्चात् ब्लॉक का चयन कर अपना ग्राम चयन करेंगे। इसके पश्चात् अपनी फोटो अपलोड कर ’प्रमाण पत्र बनाए’ पर चयन करते ही अपना फोटोयुक्त प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकते हैं।
- बीजापुर. कभी माओवादियों का गढ़ रहे बीजापुर जिले के नौ विद्यार्थियों ने स्थानीय प्रशासन द्वारा संचालित कोचिंग केंद्र में पढ़ाई कर राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) 2026 की पुनर्परीक्षा उत्तीर्ण की है, जो जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि सफल विद्यार्थियों में अधिकतर किसान या दिहाड़ी मजदूर के परिवारों से आते हैं। ये सभी जिला प्रशासन की उस कोचिंग योजना का हिस्सा थे, जिसका उद्देश्य जिले के पिछड़े क्षेत्रों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के लिए तैयार करना है। मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए पात्र ये सभी विद्यार्थी जिला प्रशासन द्वारा संचालित आवासीय कोचिंग केंद्र 'छू लो आसमान' के छात्र थे, जहां स्थानीय विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है।अधिकारियों का कहना है कि यह सफलता बीजापुर की बदलती तस्वीर को दर्शाती है, जहां माओवादी हिंसा में कमी और विकास कार्यों के चलते शिक्षा के क्षेत्र में भी सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। बीजापुर के कलेक्टर विश्वदीप ने कहा, "हमारे जिले के नौ विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा उत्तीर्ण की है। इन सभी ने जिला प्रशासन द्वारा संचालित 'छू लो आसमान' कोचिंग केंद्र में पढ़ाई की। यह हमारे जिले के लिए बड़ी उपलब्धि है।" जिला शिक्षा अधिकारी राजेश पांडे ने बताया कि 21 जून को आयोजित नीट पुनर्परीक्षा में 25 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया था। इनमें 12वीं जीवविज्ञान वर्ग के 21 नियमित विद्यार्थी और दोबारा परीक्षा देने वाले चार अभ्यर्थी शामिल थे। परीक्षा का परिणाम 16 जुलाई को घोषित किया गया था।सफल अभ्यर्थियों में पांच अनुसूचित जनजाति (एसटी), तीन अनुसूचित जाति (एससी) और एक अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से है। अधिकतर विद्यार्थियों के माता-पिता किसान या दिहाड़ी मजदूर हैं। कोचिंग केंद्र के विद्यार्थियों में सिद्धार्थ दुर्गम ने 720 में से 482 अंक प्राप्त कर सर्वोच्च स्थान हासिल किया। अन्य सफल अभ्यर्थियों में चंपा पोयामी (352), अरुण तोडेम (339), तेजेश दुर्गम (294), समीर लकड़ा (241), कुरसम जितेंद्र (240), देवीद दुर्गम (213), हुमेश्वर देवांगन (213) और गणेश कुमार वच्छम (179) शामिल हैं। संकनपल्ली गांव की निवासी चंपा पोयामी ने अपनी सफलता का श्रेय शिक्षकों और माता-पिता को दिया।उन्होंने कहा, "हमारे शिक्षकों ने हर कदम पर हमारा मार्गदर्शन किया और हमने उसी के अनुसार पढ़ाई की। विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित कर मेहनत करनी चाहिए। नीट में सफलता का श्रेय मैं अपने शिक्षकों और माता-पिता दोनों को देना चाहती हूं।"
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रायपुर। हाईटेक आंगनबाड़ी में पढ़ने वाले नौनिहालों के स्वास्थ्य की जांच और उनके डाइट प्लान पर अभिभावकों को जागरूक करने के लिए मंगलवार, 28 जुलाई को रायपुर एम्स के कम्युनिटी हेल्थ नर्सिंग डिपार्टमेंट की टीम पहुंचेगी। नगर निगम के महतारी सदन में महाराष्ट्र मंडल की ओर से संचालित हाईटेक आंगनबाड़ी में एम्स की टीम के आने को लेकर बच्चों के अभिभावक अभी से काफी उत्साहित हैं।
हाईटेक आंगनबाड़ी की प्रभारी डाॅ. शुचिता देशमुख ने बताया कि रायपुर एम्स के काॅलेज ऑफ नर्सिंग की प्रोफेसर कम प्रिसिपल डॉ. बीनू मेथ्यू ने इस संबंध में पत्राचार किया है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि कम्युनिटी हेल्थ नर्सिंग डिपार्टमेंट की टीम 28 जुलाई को सुबह 10 बजे हाइटेक आंगनबाड़ी आएगी। यहां वे दोपहर 12 बजे तक रहेंगे। इस दौरान वे बच्चों के स्वास्थ्य की जांच, उनकी हाइट, वजन का माप लेंगे। बारिश के मौसम में बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति रखने वाली सावधानी व सजगता के बारे में अभिभावकों को बताएगी। एम्स की टीम के सामने आंगनबाड़ी के बच्चों से कई एक्टिविटी भी कराई जाएंगी, ताकि उनकी मानसिक व शारीरिक सक्रियता का पता चल सके। डॉ. मेथ्यू अभिभावकों को बच्चे के हाइजिन का विशेष ख्याल रखने और मानसून के हिसाब से न्यूट्रीशियन गाइडेंस का पालन करने की सीख भी देंगी। -
रायपुर - आज रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नगर निगम जोन 6 क्षेत्र अंतर्गत भाठागांव में निर्मित बाजार परिसर का प्रत्यक्ष निरीक्षण नगर निगम जोन 6 जोन अध्यक्ष श्री बद्री प्रसाद गुप्ता, डॉ श्यामाप्रसाद मुखर्जी वार्ड पार्षद श्री रवि सोनकर, नगर निगम उपायुक्त बाजार डॉ अजलि शर्मा एवं अन्य सबंधित नगर निगम बाजार विभाग कर्मचारियों की उपस्थिति में किया एवं भाठागांव बाजार में दुकानों का आबंटन पूर्ण पारदर्शिता के साथ व्यवस्थित रूप से नियमानुसार शीघ्र करवाना प्राथमिकता से सुनिश्चित करवाने निर्देशित किया है ।
महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने भाठागांव बाजार में दुकानों के आबंटन के पूर्व बाजार परिसर में स्वच्छता कायम कर चबूतरो की नियमानुसार नंबरिंग बाजार में आवश्यकता अनुसार बेरिकेटिंग किया जाना, समुचित प्रकाश, पेयजल, सफाई की व्यवस्था करवाकर नागरिकों एवं व्यवसायियो के लिए शीघ्र अच्छी व्यवस्था कायम करने भाठागांव बाजार को पूरी तरह तैयार करने के निर्देश दिये है।महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने किस्टल आर्केड के सामने वर्षों पूर्व खालसा स्कूल के सामने से हटाए गए 69 दुकानदारो का मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के अंतर्गत कायम सहमति के अनुसार शीघ्र व्यवस्थापन करने की तैयारी करने के निर्देश नगर निगम बाजार विभाग के अधिकारियों को दिये है। महापौर ने सहमति के अनुसार उक्त कार्यवाही व्यवस्थित रूप से प्रक्रिया के तहत करवाने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देशित किया । - भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के महापौर परिषद की बैठक मंगलवार, 28 जुलाई 2026 को अपरान्ह 4 बजे बैठक कक्ष क्रमांक 26 में आयोजित की जाएगी। बैठक में शहर के विभिन्न विकास कार्यों तथा नागरिकों को उपलब्ध कराई जाने वाली मूलभूत सुविधाओं से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों एवं प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी।महापौर परिषद की बैठक में शहर के विकास को गति देने वाले विभिन्न कार्यों, नागरिक सुविधाओं के विस्तार एवं आवश्यक निर्माण कार्यों से जुड़े प्रस्तावों पर विचार-विमर्श कर नियमानुसार निर्णय लिए जाएंगे। बैठक में लिए जाने वाले निर्णयों से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने तथा नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल होने की उम्मीद है। नगर निगम प्रशासन द्वारा शहर के विकास एवं नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए सड़क, नाली, जल व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता सहित अन्य आवश्यक कार्यों को लगातार गति दी जा रही है। महापौर परिषद की बैठक में इनसे जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा के साथ ही शहर के समग्र विकास के लिए आवश्यक कार्यों को मंजूरी प्रदान किए जाने की संभावना है।
- - महाराष्ट्र मंडल कार्यकारिणी, समितियों व महिला केंद्रों के 225 पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचे स्पीकर- मंडल भवन में 100 केवी सौर ऊर्जा प्लांट का शुभारंभ करते हुए डॉ. रमन ने कहा- दूसरे समाजों के लिए यह प्रेरणास्पदरायपुर। जिस समाज की महिलाएं सामाजिक उत्थान के कार्यक्रमों में सक्रिय होती हैं, उस समाज को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। महाराष्ट्र मंडल की समितियों, प्रकल्पों और केंद्रों में 80 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी समाज की जागरूकता का प्रमाण है। महाराष्ट्र मंडल के शपथ ग्रहण समारोह में इस आशय के विचार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने व्यक्त किए। समारोह में 14 कार्यकारिणी सदस्यों के साथ 17 समितियों, 17 महिला केंद्रों और 11 प्रकल्पों के करीब 225 पदाधिकारियों और सदस्यों ने शपथ ली।डॉ. रमन सिंह ने कहा जिस समाज के डीएनए में महान संत की साधना, वीर सावरकर- तिलक जैसे सेनानियों का शौर्य और कलाकारों की प्रतिभा हो, उस समाज का प्रोडक्ट तो महाराष्ट्र मंडल की तरह अच्छा ही होगा। उन्होंने शपथ ग्रहण समारोह में ही महाराष्ट्र मंडल के 100 केवी सौर ऊर्जा संयंत्र का शुभारंभ करते हुए कहा कि यह सौर ऊर्जा संयंत्र अन्य समाजों के लिए प्रेरणास्पद बनेगा। वैसे भी मराठी समाज अन्य समाजों की तुलना में 10-20 साल आगे चल रहा है, इसीलिए उन्हें पूरा भरोसा है कि महाराष्ट्र मंडल की तरह यहां के सदस्य भी अपने घरों पर सौर ऊर्जा प्लांट लगाकर आम लोगों को प्रेरित करेंगे। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि बिजली बनाने के लिए खर्च होने वाले कोयले से कार्बन डाईआक्साइड निकलता है, जिससे प्रदूषण बढ़ता है और ओजोन लेयर कमजोर होती है। अब यूरोपीय देशों सहित अमेरिका भी सौर ऊर्जा की ओर तेजी से अग्रसर है और यह माना जा रहा है कि आगामी 25 सालों में पूरे विश्व में जरूरत की ऊर्जा का लगभग 40 प्रतिशत बिजली सौर ऊर्जा प्लांट से मिल जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दिशा में तेजी से काम करते हुए सौर ऊर्जा की योजना को पूरे देश में लागू कर चुके हैं। हमें इसमें अपनी भागीदारी निभानी चाहिए।डॉ. रमन सिंह ने मंडल के प्रकल्पों की चर्चा करते हुए कहा कि कई दशकों से जिस तरह समाजसेवा के यह कार्य सुचारू रूप से चल रहे है, उन्हें पूरा विश्वास है कि भविष्य में गुरुकुल और गोशाला भी अन्य प्रकल्पों की तरह ही समाजसेवा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होंगे। उन्होंने महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले की दो मांगों मराठी साहित्य एवं कला अकादमी और सर्व समाज आयोग को लेकर कहा कि वे इन दोनों मांगों के संदर्भ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं संबंधित अधिकारियों से चर्चा करेंगे।80 फीसदी बिजली बिल घट जाएगा मंडल काकार्यक्रम के विशेष अतिथि सीएसपीडीसीएल के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कंवर ने महाराष्ट्र मंडल के 100 केवी सौर ऊर्जा प्लांट की प्रशंसा की और कहा कि अपने स्टाफ के साथियों से जब उन्होंने इस संदर्भ पर चर्चा की तो पता चला कि इस समय महाराष्ट्र मंडल की बिजली खपत प्रतिमाह 13 हजार यूनिट है, जबकि 100 केवी सौर ऊर्जा प्लांट लगने से मंडल का ही ऊर्जा उत्पादन प्रतिमाह करीब 10 हजार यूनिट प्रतिमाह होगा। इसका आशय है कि अगले माह से महाराष्ट्र मंडल का लगभग 75 से 80 प्रतिशत तक का बिजली बिल कम हो जाएगा और 100 केवी ऊर्जा संयंत्र लगाने में आई लागत महज चार सालों में रिकवर हो जाएगी। उसके बाद बिजली उत्पादन से मिलने वाली राशि महाराष्ट्र मंडल के समाजसेवी कार्यों में काम आएगी।अध्यक्षीय संबोधन में अजय मधुकर काले ने महाराष्ट्र मंडल की ओर से मुख्य अतिथि डॉ. रमन सिंह को दिए जाने वाले दोनों मांग पत्र की जानकारी दी और विश्वास व्यक्त किया कि यह मांगें अतिशीघ्र पूरी हो जाएंगी। काले ने कहा कि साल 1935 से लेकर आज तक महाराष्ट्र मंडल के हर एक सभासद जितनी शिद्दत, जुनून और समर्पण के साथ काम कर रहे है , उससे ही यह संस्था लगातार आगे बढ़ती जा रही है और आगे बढ़ेगी भी। इससे पहले सचिव चेतन गोविंद दंडवते ने महाराष्ट्र मंडल के 91 वर्षों के गौरवशाली इतिहास की जानकारी दी। शपथ ग्रहण समारोह का संचालन दीपक हटवार ने किया। जबकि आभार प्रदर्शन मंडल उपाध्यक्ष गीता श्याम दलाल ने किया। इस मौके पर पार्षद आनंद अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य नागरिकों, मंडल के सभासदों व पदाधिकारियों से मंडल का संत ज्ञानेश्वर सभागृह खचाखच भरा रहा।
- -विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने फ़ोन पर रजत पदक विजेता ज्ञानेश्वरी को बधाई दी, साथ भी उनके परिवार को इस जीत पर शुभकामनाएं व्यक्त की हैंराजनांदगांव । स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में राजनांदगांव की प्रतिभाशाली खिलाड़ी सुश्री ज्ञानेश्वरी यादव द्वारा रजत पदक जीतकर देश एवं छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाने पर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष एवं राजनांदगांव विधायक डॉ. रमन सिंह ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं।डॉ. रमन सिंह ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा कि “कॉमन वेल्थ गेम्स 2026 में हमारे राजनांदगांव की होनहार बेटी और खेलो इंडिया की एथलीट ज्ञानेश्वरी यादव जी ने वेटलिफ्टिंग में रजत पदक जीतकर पूरे विश्व में छत्तीसगढ़ महतारी का मान बढ़ाया है। उनकी यह ऐतिहासिक उपलब्धि देश के प्रत्येक युवा खिलाड़ी के लिए प्रेरणास्रोत है। इस शानदार सफलता पर उन्हें हृदय से बधाई एवं सफलताओं के नव भविष्य के लिए अनंत शुभकामनाएँ। हम सभी को विश्वास है कि आप आगे भी अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से देश और प्रदेश का नाम रोशन करती रहेंगी।”इसके साथ ही विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने रजत पदक विजेता ज्ञानेश्वरी यादव को फ़ोन पर बधाई देकर उनकी सराहना की और उनके परिजनों को इस सफलता पर अनेकानेक शुभकामनाएं व्यक्त की हैं।
- -’अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप खुद को अपडेट रखें कोच व खेल अधिकारी’-उप मुख्यमंत्री ने खेल विभाग के कार्यों की समीक्षा की-सभी खेल आयोजनों में मौजूद रहकर खेल प्रतिभाओं पर नजर रखने के दिए निर्देश-हर जिले में सभी खेलों के संघ बनाने कहारायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने आज खेल विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों और प्रशिक्षकों को छत्तीसगढ़ में नई खेल संस्कृति विकसित करने तथा खेल हब बनाने नई सोच एवं विजन के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, आदिम जाति कल्याण, पुलिस और वन विभाग सहित विभिन्न विभागों के खेल आयोजनों में मौजूद रहकर कम उम्र की प्रतिभाओं को खोजने तथा उनके समुचित प्रशिक्षण व मार्गदर्शन की व्यवस्था करने को कहा। उन्होंने इन आयोजनों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए आयोजकों को आवश्यक सुझाव, सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान करने को भी कहा। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार और संचालक श्रीमती तनुजा सलाम भी बैठक में शामिल हुईं।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बैठक में विभाग द्वारा आयोजित किए जाने वाले ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविरों के व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ ही ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों एवं खेल संघों को इससे जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ये प्रशिक्षण शिविर स्थानीय स्तर पर खेलों का वातावरण तैयार करने का बड़ा माध्यम है। उन्होंने खेल एवं खिलाड़ियों के लिए अच्छा वातावरण तैयार करने हर जिले में सभी खेलों के संघ बनाने को कहा। उन्होंने शासन द्वारा सहयोग प्रदान करने सभी खेल संघों एवं एशोसिएशन्स का पंजीयन कराने को भी कहा।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने राज्य शासन द्वारा निर्मित खेल अधोसंरचनाओं के साथ ही खेलो इंडिया सेंटर्स की प्रशिक्षण सुविधाओं और प्रशिक्षकों के माध्यम से राज्य के खिलाड़ियों को तराशने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रतिभावान खिलाड़ियों की कम उम्र में ही पहचान कर उनके प्रशिक्षण एवं ग्रूमिंग के लिए अच्छी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सभी जिलों के खेल अधिकारियों को अपने-अपने जिले के राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ ही अच्छी संभावनाओं वाले खिलाड़ियों की विस्तृत प्रोफाइल तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने खिलाड़ियों को बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों का सहयोग लेने को भी कहा।उप मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों में निर्माणाधीन खेल परिसरों, खेल मैदानों एवं स्टेडियमों के निर्माण के दौरान नियमित रूप से कार्यों का अवलोकन कर खिलाड़ियों की जरूरतों के अनुरूप निर्माण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने संबंधित जिले के लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता के नियमित संपर्क में रहकर कार्यों को तेजी से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। श्री साव ने बैठक में मौजूद लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता श्री वी.एस. कोरम को खेल अधोसंरचनाओं से जुड़े निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ जल्द से जल्द पूर्ण करने को कहा। उन्होंने सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को तेजी से पूर्ण कर अप्रारंभ कार्यों को यथाशीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने उप मुख्यमंत्री कार्यालय को हर महीने इन कार्यों की प्रगति की रिपोर्ट देने को भी कहा।श्री साव ने सभी खेल अधिकारियों को अपने-अपने जिले में विकासखंड शिक्षा अधिकारियों से मिलकर स्कूलों में प्रतिदिन खेलों का एक पीरिएड सुनिश्चत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के माध्यम से हर गांव के सरपंच और सचिव की बैठक कर उन्हें गांवों में खेलों के लिए अच्छा माहौल तैयार करने के लिए प्रेरित करने को कहा। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने प्रशिक्षकों और खेल अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नई तकनीकों, खेल उपकरणों, नए नियमों और नियामक संस्थाओं से अपडेट रहने के निर्देश दिए। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संयुक्त संचालक श्री प्रभाकर पाण्डेय, उप संचालक श्रीमती रश्मि ठाकुर और श्री रवि अग्रवाल सहित सभी जिलों के खेल अधिकारी, वरिष्ठ प्रशिक्षक एवं प्रशिक्षक समीक्षा बैठक में मौजूद थे।
- -दो बच्चों की मृत्यु के मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने साझा की जांच व उपचार की विस्तृत जानकारीरायपुर। उत्तर बस्तर कांकेर जिले में मलेरिया से संबंधित दो मृत्यु के मामलों के संबंध में स्वास्थ्य विभाग ने विस्तृत जानकारी जारी की है। विभाग के अनुसार दोनों मामलों में बच्चों की जांच, उपचार, रेफरल तथा संबंधित क्षेत्रों में मलेरिया जांच की कार्रवाई की गई। 22 जुलाई को चलाए गए मलेरिया मुक्त अभियान के अंतर्गत दोनों संबंधित क्षेत्रों में जांच के दौरान रिपोर्ट निगेटिव पाई गई थी।सुभाष कुमेटी (उम्र 10 वर्ष), ग्राम डुडेरापाल, विकासखंड केशकाल, जिला कोंडागांव, बालक आश्रम मर्दापोटी में रहकर अध्ययनरत था। आश्रम के दो बच्चों की तबीयत खराब होने पर 21 जुलाई को उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ले जाया गया, जहां आरडी किट जांच में पीएफआर पाया गया और चिकित्सक द्वारा एसीटी एवं प्राइमाक्वीन की पहली खुराक दी गई। 22 जुलाई को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आश्रम के 46 बच्चों की जांच की, जिसमें दो अन्य बच्चों की रिपोर्ट पीएफआर पॉजिटिव पाई गई और उन्हें मलेरिया की दवा दी गई। आरएफएस के दौरान सुभाष की जांच निगेटिव पाई गई।24 जुलाई को सुभाष को पुनः प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भेजा गया, जहां जांच पीएफआर पॉजिटिव आई। उपचार की पहली खुराक देने के बाद शेष दवा आश्रम अधीक्षक को दी गई। 25 जुलाई की सुबह बच्चे के परिजन उसे अपने साथ गृहग्राम डुडेरापाल ले गए। अगले दिन सुबह 3 बजे उसकी तबीयत खराब होने पर उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल कांकेर में भर्ती कराया गया, जहां 26 जुलाई की सुबह उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। दूसरे प्रकरण में ग्राम डोमाहर्रा, विकासखंड कांकेर निवासी तीजाराम विश्वकर्मा अपनी तीन बेटियों—रवीना विश्वकर्मा (11 वर्ष), सलीना (5 वर्ष) एवं करीना विश्वकर्मा (9 वर्ष)—को बुखार की शिकायत पर 23 जुलाई को आयुष्मान आरोग्य मंदिर डोमाहर्रा लेकर गए। आरडी किट जांच में तीनों बच्चियों को पीएफआर पॉजिटिव पाया गया। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा एसीटी एवं प्राइमाक्वीन की पहली खुराक दी गई तथा शेष दवा अभिभावक को दी गई। उसी दिन उनके घर के आसपास आरएफएस भी किया गया।24 जुलाई को बच्चों के पिता की जांच निगेटिव आई, लेकिन स्वास्थ्य ठीक नहीं होने पर उन्हें 108 के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र धनेलीकन्हार भेजा गया। तीनों बच्चियों को भी वहां भर्ती कराया गया। तीजाराम की पुनः जांच पीएफआर पॉजिटिव पाई गई और उपचार किया गया। करीना की तबीयत अचानक बिगड़ने पर 25 जुलाई की रात मेडिकल कॉलेज कांकेर रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान 25 जुलाई की सुबह 7:30 बजे उसकी मृत्यु हो गई।मलेरिया नियंत्रण के लिए जांच और निगरानी पर जोरस्वास्थ्य विभाग ने बताया कि दोनों प्रकरणों से जुड़े क्षेत्रों में 22 जुलाई को मलेरिया मुक्त अभियान के तहत जांच की गई थी, जिसमें संबंधित जांच निगेटिव पाई गई थी। विभाग द्वारा बुखार के मामलों की पहचान, त्वरित जांच, समय पर उपचार तथा आवश्यकतानुसार उच्च स्वास्थ्य संस्थान में रेफरल की कार्रवाई की जा रही है। file photo
- रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी के मानव संसाधन विभाग द्वारा ‘प्रकृति का ख्याल रखें, आपदा के लिए तैयार रहें’ अभियान के अंतर्गत आज सेवा भवन, में विशेष जागरूकता एवं आध्यात्मिक सशक्तिकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी बीके माधुरी दीदी (सदस्य साइंटिस्ट, इंजीनियर एवं आर्किटेक्ट विंग सी ई ए) ने पर्यावरण संरक्षण, आपदा पूर्व तैयारी, मानसिक संतुलन एवं आध्यात्मिक सशक्तिकरण विषय पर उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों को मार्गदर्शन प्रदान किया।इस अवसर पर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक ट्रांसमिशन श्री आरके शुक्ला ने कहा कि बिजली क्षेत्र में संकट, आपदा और चुनौतियां हमेशा रहती है बिजली कर्मियों का काम इन परिस्थितियों से निपटना और समय से विद्युत बहाली करना के कार्य में निश्चित ही हम सभी तनाव में रहते है । आज के कार्यक्रम में आपदा की स्थिति में तनाव में नियंत्रित हो कर काम करने के गुर सिखाए गए। यह हम सभी के लिए लाभदायक आयोजन रहा।कार्यक्रम के दौरान दूसरी वक्ता भावना दीदी ने विभिन्न प्रेरक प्रसंगों, कहानियों एवं मनोवैज्ञानिक गतिविधियों के माध्यम से आपदा की परिस्थितियों में धैर्य एवं संयम बनाए रखने के उपाय बताए। उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा के समय घबराहट के बजाय शांत मन, सकारात्मक सोच और संयमित व्यवहार संकट से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।उन्होंने बताया कि ‘प्रकृति का ख्याल रखें, आपदा के लिए तैयार रहें’ अभियान छह चरणों में संचालित किया जा रहा है। इसके प्रथम चरण में पानीपत से जम्मू, द्वितीय चरण में माउंट आबू से महाराष्ट्र तथा तृतीय चरण में रायपुर से जबलपुर तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में रायपुर में यह जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर वक्ताओं ने उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों को पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन का संकल्प दिलाया। इस अवसर पर मुख्य अभियंता मानव संसाधन ट्रांसमिशन श्रीमती रश्मि वर्मा एवं मुख्य अभियंता शारदा सोनवानी अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री भूषण लाल वर्मा उपस्थित थे ।
- -विभागाध्यक्ष कार्यालयों और जिलों में भी हर माह आयोजित होंगे सम्मान कार्यक्रम- मुख्य सचिवरायपुर /मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित मासिक सम्मान कार्यक्रम में ई-ऑफिस के माध्यम से फाइलों (नस्तियों) के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण तथा समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने वाले मंत्रालयीन अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जून माह के लिए प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में मंत्रालय के अधिकारी-कर्मचारी, सभी विभागाध्यक्ष तथा प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।जिला व विभागाध्यक्ष स्तर पर सम्मानमुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि मंत्रालय की तर्ज पर विभागाध्यक्ष कार्यालयों एवं जिला स्तर पर भी हर माह उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के लिए नियमित सम्मान कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। 100% डिजिटल ऑनबोर्डिंग: ई-एचआरएमएस (e-HRMS), स्पैरो (SPARROW) और ई-ऑफिस प्रणालियों में सभी अधिकारी-कर्मचारियों की शत-प्रतिशत ऑनबोर्डिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। ऑनलाइन एसीआर व बायोमेट्रिक उपस्थिति: वर्ष 2025-26 के लिए वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन (ACR) ऑनलाइन भरने और आधार-सक्षम बायोमेट्रिक प्रणाली से उपस्थिति दर्ज कराने को अनिवार्य किया गया है।राज्य स्तर पर पुरस्कारअगले माह से ई-ऑफिस में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विभागाध्यक्ष कार्यालय और सर्वश्रेष्ठ जिला कार्यालय को राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। 1 अप्रैल 2026 से 31 जुलाई 2026 तक की अवधि का संचयी आकलन कर स्कोरबोर्ड और जिलों/विभागों की रैंकिंग जारी की जाएगी।उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विभाग एवं अधिकारी सम्मानितविभागीय श्रेणी (Top 3) प्रथम लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, द्वितीय गृह विभाग, तृतीय वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को सम्मानित किया गया इसी प्रकार अधिकारी श्रेणी में शीर्ष स्थान प्राप्तकर्ता संयुक्त सचिव श्रेणी में श्री भूपेन्द्र कुमार राजपूत (आदिम जाति विकास) - प्रथम, श्री अनुपम त्रिवेदी (अ.जनजाति विकास) - द्वितीय, श्री सच्चिदानंद आलोक (पंचायत एवं ग्रामीण विकास) -तृतीय। उप सचिव श्रेणी में श्री दूरदेशी राम सोन्टापर (वन एवं जलवायु परिवर्तन)-प्रथम, श्री शिव कुमार सिंह (वाणिज्यिक कर) -द्वितीय, श्री किशोर कुमार भूआर्य (सामान्य प्रशासन-1) -तृतीय स्थान पर रहे, जिन्हे सम्मानित किया गया।अवर सचिव श्रेणी में श्री पूरन लाल साहू (गृह) -प्रथम, श्री मगन लाल पवार (वाणिज्य एवं उद्योग) -द्वितीय, श्री अरुण कुमार मिश्रा (विधि एवं विधायी कार्य) -तृतीय, अनुभाग अधिकारी श्रेणी में श्री नंद कुमार मेश्राम (सामान्य प्रशासन-1) -प्रथम, श्री शिवकुमार गोंड (पंचायत एवं ग्रामीण विकास) -द्वितीय, श्री वीरेन्द्र कुमार (स्वास्थ्य विभाग) -तृतीय स्थान पर रहे, विशेष सम्मान सहायक अनुभाग अधिकारी श्रेणी में श्री आलोक जोशी (आई टी विभाग) तथा वरिष्ठ सचिवालय सहायक श्रेणी में सुश्री ललिता राय (चिकित्सा शिक्षा विभाग) को सम्मानित किया गया। कनिष्ठ सचिवालय सहायक में श्री उमेश यादव - प्रथम, श्री प्रभु सिंह राठिया - द्वितीय, श्री सतकुमार भास्कर -तृतीय, कम्प्यूटर ऑपरेटर श्रेणी में श्री अभिषेक दास -प्रथम, श्रीमती माया देवांगन -द्वितीय, श्री अमित हूमाने -तृतीय, इसके अलावा, समयबद्ध कार्यालयीन उपस्थिति के लिए उप सचिव श्रीमती क्लेमेनटिना लकड़ा, अवर सचिव श्रीमती दिव्या वैष्णव सहित 19 अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों को भी प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया।
- -छत्तीसगढ़ सदन में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक का आयोजनरायपुर ।नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में सोमवार शाम जल जीवन मिशन (जे.जे.एम.) 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने की। इस दौरान छत्तीसगढ़ के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री अरुण साव सहित राज्य के लोकसभा एवं राज्यसभा सांसद उपस्थित रहे। बैठक में सांसदों के संसदीय क्षेत्रों में जल जीवन मिशन की प्रगति, योजनाओं की वर्तमान स्थिति तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई।बैठक में छत्तीसगढ़ के लोकसभा सांसद व केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, श्री चिंतामणि महाराज, श्री राधेश्याम राठिया, श्रीमती कमलेश जांगड़े, श्रीमती ज्योत्सना महंत, श्री संतोष पांडेय, श्री विजय बघेल, श्री बृजमोहन अग्रवाल, श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, श्री महेश कश्यप और श्री भोजराज नाग तथा राज्यसभा सांसद राजा देवेंद्र प्रताप सिंह, श्रीमती लक्ष्मी वर्मा और श्रीमती फूलो देवी नेताम उपस्थित रहे।बैठक में जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने, परियोजनाओं में तेजी लाने, गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा जनप्रतिनिधियों के सुझावों के आधार पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विचार-विमर्श किया गया। सांसदों ने अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों से जुड़े सुझाव और आवश्यकताएं भी साझा की।बैठक में मिशन के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग, समयबद्ध क्रियान्वयन तथा केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से योजनाओं को गति देने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने जल जीवन मिशन 2.0 की प्रमुख विशेषताओं और क्रियान्वयन रणनीति की भी जानकारी प्रस्तुत की।बैठक में सांसदों की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा की गई। जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया गया कि वे जिला स्तरीय DIHSA की बैठकों में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं के समाधान में सहयोग करें। साथ ही, 'जल अर्पण' कार्यक्रमों में सहभागिता कर पूर्ण हो चुकी पेयजल योजनाओं के लोकार्पण तथा ग्राम पंचायतों को उनके हस्तांतरण को प्रोत्साहित करें। जल जीवन मिशन के लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए राज्य एवं जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सहयोग देने का भी आह्वान किया गया। बैठक में केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय के अधिकारियों सहित छत्तीसगढ़ के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुल हक़ भी उपस्थित रहे।
- -खेल प्रशासक, विशेषज्ञ, स्पोर्ट्स साइंटिस्ट और नामचीन खिलाड़ी खेल व खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाओं, प्रशिक्षण और अधोसंरचना पर करेंगे मंथन-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय भी होंगे शामिल, खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में राज्य के पदक विजेता खिलाड़ियों को देंगे प्रोत्साहन राशि-उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव कॉन्क्लेव का करेंगे शुभारंभरायपुर।. छत्तीसगढ़ में पहली बार स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव का आयोजन 28 जुलाई को किया जा रहा है। राजधानी रायपुर के कोर्टयार्ड-बाइ-मेरियट होटल में आयोजित कॉन्क्लेव में देशभर के खेल प्रशासक, विशेषज्ञ, स्पोर्ट्स साइंटिस्ट और नामचीन खिलाड़ी राज्य में खेल एवं खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाओं, प्रशिक्षण और अधोसंरचना के रोडमैप पर मंथन करेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय भी शाम के सत्र में शामिल होंगे। वे इस दौरान इस साल छत्तीसगढ़ में हुए प्रथम खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में राज्य के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान करेंगे। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव सवेरे 11 बजे कॉन्क्लेव का शुभारंभ करेंगे।28 जुलाई को दिनभर चलने वाले स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव के अलग-अलग 7 सत्रों में विशेषज्ञ खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, क्षमता विकास, स्पोर्ट्स साइंस, उच्च स्तर पर भागीदारी, खेल के लिए बेहतर माहौल व सुविधाएं तैयार करने और खेल अधोसंरचना को मजबूत बनाने जैसे विविध विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे। कॉन्क्लेव के समापन सत्र में सभी सत्रों में हुई चर्चा के निष्कर्ष साझा किए जाएंगे। राज्य में खेल और खिलाड़ियों के विकास के लिए इन निष्कर्षों को अमल में लाया जाएगा।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव कॉन्क्लेव के उद्घाटन सत्र में 'लीडरशिप, खेल प्रोत्साहन एवं प्रतिभा पहचान' विषय पर अपने विचार रखेंगे। इस दौरान राज्य की अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी सुश्री संजू देवी, अंतरराष्ट्रीय फुटबॉलर सुश्री किरण पिस्दा, तैराक सुश्री अनुष्का भगत और एथलीट श्री लकी मरकाम उप मुख्यमंत्री के साथ मंच साझा करेंगे।इन विषयों पर होगा मंथनकॉन्क्लेव में भागीदारी कर रहे खेल प्रशासक, विशेषज्ञ, खेल विज्ञानी और नामचीन खिलाड़ी लीडरशिप, खेल प्रोत्साहन एवं प्रतिभा पहचान (Leadership, Sports Promotion & Talent Identification), विजन 2036 : भारत के अगले ओलंपिक चैंपियनों की तैयारी (Vision 2036 : Preparing India’s Next Generation of Olympic Champions), खेलों के विकास के संभावित मार्ग (Possible Pathways in Sports Development), खेलों के विकास में खेल महासंघों एवं संघों की भूमिका (Role of Sports Federations & Associations in Development of Sports), चोट से उत्कृष्टता तक : खेल विज्ञान की भूमिका (From Injury to Excellence : The Role of Sports Science in Recovery and Performance), खेल अधोसंरचना, अकादमियों एवं ओलंपिक विज़न में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP for Sports Infrastructure, Academies & Olympic Vision), खेलो इंडिया मिशन : एक खेल राष्ट्र का निर्माण (Khelo India Mission : Building a Sporting Nation) तथा छत्तीसगढ़ की पदक रणनीति एवं राज्य खेल नीति (Medal Strategy for Chhattisgarh & State Sports Policy) पर चर्चा करेंगे।मुख्य वक्ता के रूप में ये होंगे शामिलकॉन्क्लेव के अलग-अलग सत्रों में मुख्य वक्ता के रूप में ओलंपियन श्री जिन्सन जॉनसन, प्रख्यात शिक्षाविद एवं खेल वैज्ञानिक डॉ. रत्नेश सिंह, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव श्री विक्रम सिसोदिया, हाई परफॉर्मेंस एनॉलिस्ट श्री रोनक कोठारी, पीईएफआई के राष्ट्रीय सचिव डॉ. पियूष जैन और खेलो इंडिया के उप महानिदेशक श्री मयंक श्रीवास्तव अपने विचार साझा करेंगे।
- -रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग के तुलनात्मक अध्ययन में जुलाई माह में बिजली खपत में उल्लेखनीय कमी दर्जरायपुर । स्मार्ट मीटर को लेकर फैलाई जा रही भ्रांतियों और अफवाहों के बीच छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रीय कार्यालयों में स्मार्ट मीटर लगे घरेलू उपभोक्ताओं की बिजली खपत का तीन माह का तुलनात्मक अध्ययन कराया है। मई, जून और जुलाई 2026 की खपत के विश्लेषण में यह सामने आया कि अधिकांश उपभोक्ताओं की बिजली खपत जुलाई माह में कम हुई है।रायपुर शहर क्षेत्र के 3,11,374 घरेलू स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के अध्ययन में 1 जून से 26 जून 2026 के दौरान कुल बिजली खपत लगभग 10.85 करोड़ यूनिट दर्ज की गई थी, जबकि 1 जुलाई से 26 जुलाई 2026 के दौरान यह घटकर लगभग 7.77 करोड़ यूनिट रह गई। अर्थात कुल 28 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। यदि 400 यूनिट से ज्यादा खपत करने वाले उपभोक्ताओं की बात करें, तो 1 लाख 21 हजार 135 उपभोक्ताओ के बिलों के विश्लेषण से पता चलता है, कि उनकी खपत में लगभग 44 प्रतिशत की कमी हुई है।कारण स्पष्ट है, कि खपत का आधार स्मार्ट मीटर नहीं अपितु उपभोक्ताओं द्वारा की जा रही वास्तविक खपत है। ऐसेे उपभोक्ता जिनके आवासों में स्मार्ट मीटर नहीं लगे थे उनकी खपत में भी माह अप्रैल-मई-जून में पिछले वर्ष की तुलना में वृद्धि दर्ज हुई है।उदाहरणः-1. अवंती विहार रायपुर- उपभोक्ता क्र. 100060XXXX, संयोजित भार 5 किलोवाटi. अप्रैल- 2025 की खपत 1611 यूनिट, अप्रैल- 2026 की खपत 2071 यूनिटii. मई- 2025 की खपत 1503 यूनिट, मई- 2026 की खपत 2592 यूनिटiii. जून- 2025 की खपत 895 यूनिट, जून- 2026 की खपत 2487 यूनिट2. राजीव नगर रायपुर- उपभोक्ता क्र. 100000XXXX, संयोजित भार 10 किलोवाटi. अप्रैल- 2025 की खपत 1019 यूनिट, अप्रैल- 2026 की खपत 1065 यूनिटii. मई- 2025 की खपत 885 यूनिट, मई- 2026 की खपत 1383 यूनिटiii. जून- 2025 की खपत 896 यूनिट, जून- 2026 की खपत 1762 यूनिट3. कचना रायपुर- उपभोक्ता क्र. 100658XXXX, संयोजित भार 8 किलोवाटi. अप्रैल- 2025 की खपत 1332 यूनिट, अप्रैल- 2026 की खपत 1360 यूनिटii. मई- 2025 की खपत 1156 यूनिट, मई- 2026 की खपत 1709 यूनिटiii. जून- 2025 की खपत 759 यूनिट, जून- 2026 की खपत 1579 यूनिटइसी प्रकार दुर्ग शहर के चयनित 240 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं जिनकी खपत 400 यूनिट से अधिक थी, के तीन माह के तुलनात्मक अध्ययन में भी जुलाई माह में बिजली की खपत में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। अध्ययन मे़ं जुलाई 2026 में कुल बिजली खपत 76,257 यूनिट रही, जबकि जून 2026 में यह 1,65,411 यूनिट तथा मई 2026 में 1,75,451 यूनिट थी। इस प्रकार जुलाई माह में लगभग 53 प्रतिशत की कमी खपत में दर्ज हुई है।बिलासपुर के सिटी सर्किल में 400 यूनिट से अधिक मासिक खपत वाले 9,717 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं का विश्लेषण किया गया। इसमें मई माह की औसत खपत 524 यूनिट, जून में 596 यूनिट तथा जुलाई में घटकर 312 यूनिट दर्ज की गई। इस प्रकार जुलाई की खपत लगभग 43 प्रतिशत कम हुई है।निष्कर्षः-1. उपभोक्ता जो एसी का उपयोग करते है, जिससे इनकी खपत 400 यूनिट से अधिक होती है। इन्हे मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान योजना का लाभ नहीं मिल पाता है जिसके कारण विद्युत देयक में वृद्धि परिलक्षित होती है। परंतु जुलाई माह की सिस्टम से निकाले गए आंकडों में ऐसे उपभोक्ताओं की खपत में भी उल्लेखनीय कमी हुई है, जिससे माह जुलाई की खपत जिसका बिल अगस्त में आयेगा की देय राशि कम होगी एवं अधिक उपभोक्ताओं को मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान योजना का लाभ प्राप्त होगा।2. ऐसे उपभोक्ता जिनके आवासों में स्मार्ट मीटर नहीं लगा है, की खपत में भी मई और जून के माह में विगत वर्ष की तुलना में वृद्धि हुई है। परंतु जुलाई के माह में इसी मीटर में कम खपत दर्ज हुई है।अर्थात अधिक खपत दर्ज करने में स्मार्ट मीटर कारण नहीं है बल्कि उपभोक्ता द्वारा विद्युत उपकरणों का अधिक उपयोग है।3. उपभोक्ताओं के कनेक्शनों में स्वीकृत भार से अधिक उपयोग करने पर लगातार तीन माहों में उच्चतम मांग अधिक दर्ज होने पर बिल के साथ सप्लाई अफोर्डिंग की राशि जुड़ रही थी। इसके कारण भी उपभोक्ताओं को अधिक बिजली बिल प्राप्त हो रहा था।आगामी विद्युत देयकों के लिए यह व्यवस्था की गई है कि स्वीकृत भार से उच्चतम मांग लगातार तीन माहों में अधिक दर्ज होने पर वर्ष में केवल एक बार सप्लाई अफोर्डिंग की राशि माह दिसंबर का बिल जो कि जनवरी में जारी होगा, में देय होगी।उपभोक्ता मोर बिजली ऐप के माध्यम से दैनिक खपत स्मार्ट मीटर लगे होने पर मोर बिजली ऐप में देख सकता है। सामान्य मीटर में भी मोर बिजली ऐप के माध्यम से मासिक खपत देखी जा सकती है, परंतु इस मीटर में दैनिक खपत का कोई आंकड़ा ऐप में दर्ज नहीं होता।उपभोक्ताओं की शंकाओं के समाधान के लिए विभाग द्वारा चेक मीटर भी लगाया जा रहा है, जिससे दोनों मीटरों में दर्ज खपत की तुलना कर समुचित निदान की व्यवस्था की गई है। अभी तक लगाये गये 4500 चेक मीटरों में दर्ज खपत और स्मार्ट मीटर में दर्ज खपत में एक समान है।उपभोक्ता विद्युत बिल संबंधी शिकायतों के निवारण के लिए टोल फ्री नंबर- 1912 पर संपर्क कर अपना संशय दूर कर सकता है।उपभोक्ताओं से विनम्र अनुरोध है, कि वे स्मार्ट मीटर के संबंध में किसी भी भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें। वे मोर बिजली ऐप और स्मार्ट मीटर पोर्टल के माध्यम से उपभोक्ता अपनी प्रतिदिन तथा प्रत्येक आधे घंटे की बिजली खपत स्वयं देख सकते हैं। इससे बिजली उपयोग की निगरानी और अनावश्यक खपत पर नियंत्रण आसान हो जाता है।छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी पारदर्शिता के साथ उपभोक्ताओं को तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराती रहेगी, ताकि स्मार्ट मीटर के संबंध में किसी भी प्रकार का भ्रम दूर हो सके।




















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