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- 0- कलेक्टर को सौंपा 1 लाख रूपए का चेकरायपुर. रायपुर ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (राडा) ने रेडक्रॉस सोसाइटी के लिए 1 लाख रूपए की सहयोग राशि कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह को सौंपा। इस अवसर पर रायपुर ऑटोमोबाईल डीलर्स एसोसिएशन (राडा) के अध्यक्ष श्री रविंदर भसीन, उपाध्यक्ष श्री कैलाश खेमानी, फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाईल डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री विवेक गर्ग तथा श्री अभिनव ऋषि उपस्थित थे।रेडक्रॉस सभाकक्ष में कार्यक्रम के दौरान राडा के अध्यक्ष श्री रविंदर भसीन ने कलेक्टर डॉ. सिंह को संस्था द्वारा समय-समय पर किए जा रहे विभिन्न सामाजिक कार्यों एवं सीएसआर गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राडा केवल ऑटोमोबाइल व्यवसाय तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रति अपने दायित्वों का भी निरंतर निर्वहन करती रही है। हाल ही में संस्था द्वारा दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए संचालित विद्यालय को एक बस प्रदान की गई थी। इसके अतिरिक्त राडा द्वारा सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान, हेलमेट जागरूकता कार्यक्रम, यातायात सुरक्षा से जुड़े विभिन्न आयोजन तथा अन्य अनेक सामाजिक एवं जनहितकारी गतिविधियां लगातार संचालित की जाती रही हैं।कलेक्टर ने राडा के इस योगदान के लिए संस्था का आभार व्यक्त किया तथा समाज सेवा के प्रति उसकी सकारात्मक सोच और निरंतर किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि उद्योग एवं व्यापारिक संस्थाओं की ऐसी सहभागिता समाज के कमजोर वर्गों तक सहायता पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस दौरान निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, आरटीओ श्री आशीष देवांगन तथा सीएमएचओ डॉ मिथलेश चौधरी उपस्थित रहे।
- 0- विकास योजनाओं और दीक्षांत समारोह पर विस्तार से चर्चा हुईरायपुर। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलपति प्रो. डॉ. मनोज दयाल ने गुरुवार को छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री श्री विजय कुमार शर्मा से सौजन्य भेंट की। यह मुलाकात विश्वविद्यालय के भविष्य की योजनाओं और राज्य सरकार के सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण रही।भेंट के दौरान कुलपति डॉ. दयाल ने उपमुख्यमंत्री को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और आधारभूत उपलब्धियों से अवगत कराया। चर्चा का मुख्य केंद्र विश्वविद्यालय का सर्वांगीण विकास रहा।डॉ. दयाल ने आगामी दीक्षांत समारोह की तैयारियों की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए इसे प्रदेश की पत्रकारिता और जनसंचार शिक्षा के लिए मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल विद्यार्थियों के सम्मान का अवसर नहीं होगा, बल्कि उद्योग-जगत और मीडिया संस्थानों को एक मंच पर लाकर रोजगार और इंटर्नशिप के नए अवसर भी उपलब्ध कराएगा।उपमुख्यमंत्री श्री विजय कुमार शर्मा ने विश्वविद्यालय की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ में मीडिया शिक्षा का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने गुणात्मक और संख्यात्मक विकास दोनों में तेजी लाने पर जोर दिया।श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार पत्रकारिता शिक्षा को तकनीक और उद्योग की बदलती मांगों के अनुरूप ढालने के लिए हर संभव सहयोग देगी। उन्होंने पाठ्यक्रम में एआई, डेटा जर्नलिज्म और डिजिटल कंटेंट क्रिएशन जैसे नए विषयों को शामिल करने का सुझाव दिया।बैठक में विश्वविद्यालय के कुलसचिव श्री सुनील शर्मा भी उपस्थित थे। उन्होंने विश्वविद्यालय के विस्तार, नए विभागों की स्थापना और विद्यार्थियों के लिए प्लेसमेंट सेल को मजबूत करने से संबंधित प्रस्तावों पर चर्चा की।कुलसचिव ने बताया कि विश्वविद्यालय अब शोध, पत्रकारिता नैतिकता और ग्रामीण रिपोर्टिंग पर विशेष ध्यान दे रहा है, ताकि स्थानीय मुद्दों को राष्ट्रीय मंच मिल सके।कुलपति डॉ. दयाल ने कहा कि सरकार और विश्वविद्यालय के समन्वय से प्रदेश को कुशल, जिम्मेदार और संवेदनशील पत्रकार मिलेंगे जो लोकतंत्र को मजबूत करेंगे।
- 0- से 5 वर्ष तक के 3 लाख 45 हजार बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो की खुराक0- 1331 बूथ स्थापित, 2 दिन घर-घर जाकर छूटे बच्चों को दी जाएगी खुराकरायपुर। जिले में 28 जून 2026 को राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान रविवार चलाया जाएगा। जिसमें जिले के समस्त 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को ओरल पोलियो की खुराक पिलाए जाएगी। अभियान की तैयारियों को लेकर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की अध्यक्षता में रेडकॉस सभा कक्ष, कलेक्टोरेट परिसर रायपुर में अंतर्विभागीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित हुई।कलेक्टर डॉ. सिंह ने निर्देश दिए कि चिन्हित आंगनबाड़ी केंद्रों, विद्यालयों, पंचायत भवनों एवं अन्य स्थलों पर पूर्व वर्ष की भांति पोलियो बूथ स्थापित किए जाएं। अभियान के लिए आवश्यक सभी व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित की जाएं।बैठक में सीएमएचओ डॉ. मिथिलेश चौधरी ने बताया कि जिले में कुल 1331 पोलियो बूथ बनाए जाएंगे। प्रत्येक बूथ पर 4 टीकाकर्मी ड्यूटी पर रहेंगे, जो दो टीमों में विभाजित होकर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगे। जिले में कुल 3 लाख 45 हजार 373 बच्चों को खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित है।अभियान दिवस पर किसी कारण से छूटने वाले बच्चों को दूसरे और तीसरे दिन स्वास्थय विभाग की टीम घर-घर भ्रमण कर पोलियो की खुराक पिलाएगी। इससे कोई भी बच्चा खुराक से वंचित न रहे।जिला स्वास्थय समिति, रायपुर ने जिले के समस्त अभिभावकों से अपील की है कि 28 जून 2026 को अपने 0 से 5 वर्ष आयु के बच्चों को निकटतम पोलियो बूथ पर ले जाकर पोलियो की खुराक अवश्य पिलवाएं। इससे जिले का प्रत्येक बच्चा पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रहेगा।बैठक में नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत रायपुर श्री कुमार बिश्वरंजन, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थय अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी,जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास सुश्री शैल ठाकुर, जिला शिक्षा अधिकारी श्री हिमांशु भारती, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक जिला अस्पताल डॉ. भेनूज कुमार सिन्हा, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. श्वेता सोनवानी सहित अन्य विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- 0- मनरेगा कार्यों का निरीक्षण, मंदिर परिसर में स्वच्छता अभियान0- “एक पेड़ माँ के नाम” के तहत वृक्षारोपण और प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को मिला नए घर का सुखरायपुर. जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल ने जनपद पंचायत तिल्दा नेवरा के ग्राम सरोरा में आयोजित विभिन्न शासकीय कार्यक्रमों में शामिल होकर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का निरीक्षण किया। उन्होंने मनरेगा के अंतर्गत संचालित कार्यों का अवलोकन किया, “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत वृक्षारोपण किया, स्वच्छता अभियान में सहभागिता निभाई तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को नए आवास की चाबियाँ सौंपकर गृह प्रवेश कराया।कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत आयोजित 'रोजगार दिवस' से हुई। इस अवसर पर अध्यक्ष श्री अग्रवाल ने 125 दिनों के रोजगार कार्यों में लगे श्रमिकों से संवाद कर उनके कार्यों का निरीक्षण किया तथा योजनाओं के क्रियान्वयन की गुणवत्ता का जायजा लिया। उन्होंने श्रमिकों को शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए उन्हें अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।इसके पश्चात उन्होंने ग्राम स्थित शीतला माता मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की तथा स्वच्छता अभियान के तहत मंदिर परिसर की साफ-सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया। मंदिर परिसर और पंचायत भवन क्षेत्र में पूर्व में लगाए गए पौधों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत कटहल, जामुन, सीताफल, आम, करंज, आँवला और गुलमोहर सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी है।इसके बाद जिला पंचायत अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को उनके नवीन आवास की चाबियाँ सौंपते हुए फीता काटकर विधिवत गृह प्रवेश कराया। जनपद पंचायत तिल्दा-नेवरा एवं जिला पंचायत रायपुर द्वारा आयोजित आवास दिवस एवं रोजगार दिवस कार्यक्रम में उन्होंने पात्र हितग्राहियों को आवास की चाबियाँ तथा मनरेगा जॉब कार्ड वितरित किए।अपने संबोधन में नवीन अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने देश में आवास क्रांति का मार्ग प्रशस्त किया है और करोड़ों परिवारों का पक्के घर का सपना साकार हुआ है। छत्तीसगढ़ में भी लाखों आवास स्वीकृत किए गए हैं ताकि कोई भी पात्र परिवार आवास के अधिकार से वंचित न रहे।उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाएँ जन्म से लेकर जीवन के अंतिम पड़ाव तक आमजन के कल्याण को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं। शासन की मंशा है कि प्रत्येक पात्र हितग्राही तक योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ पहुंचे। इसी उद्देश्य से जनप्रतिनिधि लगातार क्षेत्र में जाकर योजनाओं की निगरानी और समीक्षा कर रहे हैं।कार्यक्रम के दौरान अध्यक्ष श्री अग्रवाल ने ग्रामीणों को स्वच्छता की शपथ दिलाते हुए स्वच्छ, सुंदर और विकसित भारत के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
- 0- जिले में 49,772 टन से अधिक खाद का भंडारण, वितरण में 57 प्रतिशत से ज्यादा वृद्धिबिलासपुर. खरीफ सीजन 2026 के लिए जिले में किसानों को रासायनिक उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर भंडारण एवं वितरण की व्यवस्था की गई है। जिले में वर्तमान में 49,772 टन उर्वरकों का भंडारण उपलब्ध है, जो पिछले वर्ष इसी अवधि में उपलब्ध 37,987.39 टन भंडारण की तुलना में लगभग 31 प्रतिशत अधिक है। इससे स्पष्ट है कि किसानों की मांग को देखते हुए पर्याप्त मात्रा में खाद का अग्रिम भंडारण किया गया है।उप संचालक कृषि श्री पीडी हाथेश्वर ने बताया कि जिले के लिए खरीफ 2026 में कुल 68,950 टन उर्वरक का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके विरुद्ध अब तक 49,772.30 टन (64.98 प्रतिशत) उर्वरक उपलब्ध कराया जा चुका है। वहीं पिछले वर्ष इसी अवधि में लक्ष्य के विरुद्ध उपलब्धता 43.61 प्रतिशत थी। इस प्रकार उपलब्धता एवं भंडारण की स्थिति में लगभग 49 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।उर्वरक वितरण की स्थिति भी पिछले वर्ष की तुलना में काफी बेहतर है। जिले में इस वर्ष अब तक 26,131.71 टन उर्वरक का वितरण किया जा चुका है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में 16,687.60 टन वितरण हुआ था। अर्थात् इस वर्ष वितरण में लगभग 56.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।जिले में सहकारी एवं निजी दोनों क्षेत्रों के माध्यम से किसानों को खाद उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्तमान में भंडारित उर्वरक का लगभग 58.33 प्रतिशत वितरण हो चुका है, जबकि बड़ी मात्रा में खाद अभी भी उपलब्ध है। इससे किसानों को आगामी कृषि कार्यों के लिए उर्वरक की कोई कमी नहीं होगी। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले की सभी समितियों एवं विक्रय केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है। प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा किसानों की मांग के अनुरूप उर्वरकों की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे आवश्यकतानुसार निकटस्थ सहकारी समिति अथवा अधिकृत विक्रेता से उर्वरक प्राप्त करें तथा किसी भी भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें। जिले में खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त खाद उपलब्ध है और वितरण कार्य सुचारू रूप से जारी है।
- 0- मानसून को देखते हुए विशेष इंतजाम के निर्देश0- 21 जून को जिले की 19 केंद्रों में होगी नीट यूजी की परीक्षा0- परीक्षार्थियों की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकताबिलासपुर. राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा 21 जून 2026 को आयोजित की जाने वाली नीट (UG)-2026 परीक्षा के सुचारू, निष्पक्ष एवं सुरक्षित संचालन को लेकर कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में परीक्षा केंद्राध्यक्षों, सिटी कोऑर्डिनेटरों एवं संबंधित अधिकारियों की संयुक्त बैठक लेकर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में परीक्षा संचालन से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर श्री अग्रवाल ने कहा कि जिले में परीक्षा की पवित्रता, पारदर्शिता और अभ्यर्थियों की सुविधा सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी केंद्रों पर एनटीए के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।बिलासपुर शहर के 19 शैक्षणिक संस्थानों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होगी। बैठक में केंद्रों की सुरक्षा, सीसीटीवी निगरानी, प्रश्नपत्रों के सुरक्षित भंडारण एवं परिवहन, यातायात प्रबंधन, विद्युत आपूर्ति, पेयजल, स्वच्छता और चिकित्सा सुविधाओं की समीक्षा की गई।बैठक में संभावित मानसूनी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर श्री अग्रवाल ने अतिरिक्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी परीक्षा केंद्रों में अभ्यर्थियों एवं उनके अभिभावकों की सुविधा के लिए वाटरप्रूफ शेड (अस्थायी आश्रय स्थल) तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा प्रवेश द्वारों एवं परिसर के बाहर भी ऐसी व्यवस्था की जाएगी ताकि वर्षा की स्थिति में परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।कलेक्टर ने कहा कि परीक्षा के दिन मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियां भी अभ्यर्थियों की परीक्षा में बाधा नहीं बननी चाहिए। इसके लिए सभी केंद्रों पर जल निकासी, वैकल्पिक विद्युत व्यवस्था तथा आपातकालीन संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।बैठक में जिला स्तरीय कंट्रोल रूम की स्थापना, सीसीटीवी निगरानी केंद्रों की सक्रियता, परीक्षा केंद्रों की पूर्व जांच, पुलिस बल की तैनाती तथा संवेदनशील गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। प्रश्नपत्रों और ओएमआर शीटों की सुरक्षा के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।कलेक्टर एवं एसएसपी ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर सभी व्यवस्थाओं का भौतिक सत्यापन करने तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए अग्रिम कार्ययोजना तैयार रखने के निर्देश भी दिए। परीक्षा केंद्रों पर स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त पंखे, स्वच्छ शौचालय, प्राथमिक उपचार एवं एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध रहेगी। दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए भी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। परीक्षा दिवस पर यातायात व्यवस्था सुचारू रखने तथा केंद्रों के आसपास कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष पुलिस व्यवस्था की जाएगी।
- रायपुर। नुआपाड़ा (ओडिशा) निवासी श्री राकेश शर्मा (उपाध्याय) करही - टेकारी वाले का 47 वर्ष की आयु में मंगलवार को देर रात्रि निधन हो गया। वे स्वर्गीय श्री बंशीलाल शर्मा (उपाध्याय)-श्रीमती स्वर्णलता शर्मा के द्वितीय सुपुत्र, श्री मुरली प्रसाद शर्मा, स्वर्गीय श्री सुरेंद्र शर्मा, श्री आनंद शर्मा के भतीजे और श्री राजेश (मन्ना)शर्मा , श्री रितेश (गणेश) शर्मा के भाई थे। उनका अंतिम संस्कार नुआपाड़ा में बुधवार 10 जून को 11 बजे किया जाएगा।
- -केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर 10 को महिला मोर्चा के तत्वावधान में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजनरायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा, सुशासन एवं गरीब कल्याण के गौरवशाली 12 वर्ष की उपलब्धियों को लेकर भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी के आह्वान पर मोर्चा पदाधिकारी व कार्यकर्ता प्रदेशभर के प्राचीन एवं ऐतिहासिक मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना एवं राष्ट्र कल्याण प्रार्थना कार्यक्रम का 10 जून को आयोजन रखेंगीं। इस दौरान प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की गौरवशाली उपलब्धियोंको जन-जन तक पहुँचाने का अभियान भी महिला मोर्चा के द्वारा चलाया जाएगा। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती अवस्थी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में हुए अभूतपूर्व विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं एवं भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा में हुई वृद्धि के लिए आभार व्यक्त किया जाएगा। साथ ही, राष्ट्र की समृद्धि, देश की खुशहाली तथा जन-जन के सुख, शांति एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना करते हुए विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। श्रीमती अवस्थी ने कहा कि महिला मोर्चा की पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों के प्राचीन मंदिरों में उपस्थित होकर श्रद्धा एवं उत्साह के साथ इस कार्यक्रम में सहभागिता निभाएंगीं। यह आयोजन प्रधानमंत्री श्री मोदी के जनसेवा के प्रति समर्पण तथा राष्ट्र निर्माण के संकल्प को जन-जन तक पहुँचाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। महिला मोर्चा, भारतीय जनता पार्टी, छत्तीसगढ़ द्वारा सभी कार्यकर्ताओं एवं आमजन से इस पुण्य अवसर पर सहभागिता कर राष्ट्रहित एवं लोककल्याण की प्रार्थना में शामिल होने का आग्रह किया गया है।
- -प्रदेश प्रवक्ता शताब्दी पाण्डेय ने कहा : अब सीधे मुख्यमंत्री सचिवालय करेगा जनता की समस्याओं की मॉनीटरिंगरायपुर। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता शताब्दी पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार द्वारा जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए शुरू की गई 'सीएम हेल्पलाइन 1076' और ऑनलाइन पोर्टल की अनूठी पहल का ) स्वागत करते हुए इसे प्रदेश में "सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही" की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम बताया है।भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती पाण्डेय ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार जनता के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। अब तक छत्तीसगढ़ के नागरिकों को अपनी छोटी-बड़ी शिकायतों के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे, लेकिन अब इस नई हेल्पलाइन के जरिए प्रदेश के आम नागरिकों को सीधे मुख्यमंत्री सचिवालय तक अपनी बात पहुँचाने का सीधा मौका मिलेगा। श्रीमती पाण्डेय ने कहा कि इस हेल्पलाइन के तहत दर्ज होने वाली हर शिकायत की मॉनीटरिंग सीधे मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा की जाएगी, जिससे सरकारी अधिकारियों और विभागों में जवाबदेही तय होगी। श्रीमती पाण्डेय ने कहा कि इससे पहले की हेल्पलाइन व्यवस्थाओं में अधिकारियों की उदासीनता के कारण जनता का भरोसा डगमगा गया था। जनता की इसी परेशानी को समझते हुए वर्तमान भाजपा सरकार ने एक सशक्त, पारदर्शी और सीधे मुख्यमंत्री सचिवालय से नियंत्रित होने वाला नया सिस्टम खड़ा किया है। श्रीमती पाण्डेय ने विश्वास जताया कि यह हेल्पलाइन प्रदेश के अंतिम व्यक्ति को सशक्त बनाएगी और प्रशासनिक तंत्र को और अधिक जिम्मेदार व संवेदनशील बनाएगी।
- -भाजपा प्रदेश अध्यक्ष देव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने पर दीं हार्दिक शुभकामनाएँ-'छत्तीसगढ़ को मिला विकास का नया आयाम, डबल इंजन सरकार में प्रदेश छू रहा प्रगति की नई ऊँचाइयाँ'रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 'सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण' के गौरवशाली 12 वर्ष सफ़लतापूर्वक पूरे होने पर उन्हें छत्तीसगढ़ के समस्त नागरिकों और भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। श्री देव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 12 वर्षों का यह कार्यकाल भारत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। श्री मोदी ने देश को तुष्टीकरण और भ्रष्टाचार के दलदल से निकालकर विकासवाद, राष्ट्रवाद और आत्मनिर्भरता के मार्ग पर अग्रसर किया है। आज भारत विश्व पटल पर एक सशक्त और स्वाभिमानी राष्ट्र के रूप में स्थापित हुआ है।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि श्री मोदी ने राजनीति के केंद्र में 'गरीब' को रखा। बीते 12 वर्षों में देश के करोड़ों लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकालना इस सरकार की सबसे बड़ी मानवीय और ऐतिहासिक उपलब्धि है। 'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना' के तहत देश के 80 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त राशन और 'पीएम आवास योजना' के तहत करोड़ों परिवारों को पक्का मकान मिला। 'आयुष्मान भारत योजना' ने देश के गरीब परिवारों को 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की गारंटी देकर उन्हें जीवनदान दिया है। 'जल जीवन मिशन' के जरिए करोड़ों ग्रामीण घरों तक शुद्ध पेयजल और 'उज्ज्वला योजना' के माध्यम से माताओं-बहनों को धुएं से मुक्ति मिली है।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार करते हुए श्री मोदी ने डीबीटी और जनधन खातों के त्रिशूल ने बिचौलियों की संस्कृति को खत्म कर शत-प्रतिशत राशि सीधे गरीबों के खातों में पहुंचाई। सांस्कृतिक पुनर्जागरण और राष्ट्रीय सुरक्षा की दिशा में किए गए कार्यों की चर्चा करते हुए श्री देव ने कहा कि अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम और महाकाल लोक का पुनर्विकास भारत के सांस्कृतिक पुनरुत्थान के प्रतीक हैं। अनुच्छेद 370 की समाप्ति, सर्जिकल व एयर स्ट्राइक और आंतरिक सुरक्षा को मजबूत कर मोदी जी ने 'नया भारत' की ताकत का अहसास दुनिया को कराया है।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के दिल में छत्तीसगढ़ के लिए विशेष स्थान है। चाहे वह बस्तर के सुदूर अंचलों में कनेक्टिविटी का विस्तार हो, किसानों से रिकॉर्ड धान खरीदी का समर्थन हो, या जनजातीय समाज के कल्याण के लिए 'पीएम जनमन योजना' की शुरुआत हो, केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ी है। अब राज्य में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में 'डबल इंजन' की सरकार मोदी की गारंटियों को तेजी से पूरा कर रही है। श्री देव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश 'विकसित भारत @2047' के संकल्प को सिद्ध करने के लिए निरंतर आगे बढ़ रहा है। श्री देव ने ईश्वर से उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और राष्ट्र सेवा के इस महायज्ञ में निरंतर ऊर्जावान बने रहने की मंगल कामना की है।
- -रंग, रचनात्मकता और संस्कृति का महोत्सव बना ‘आकार-2026’-16 विधाओं में 1281 प्रतिभागियों ने लिया प्रशिक्षण, रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ भव्य समापनरायपुर । छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं, हस्तशिल्प, संगीत, नृत्य और आधुनिक रचनात्मकता के अद्भुत संगम का प्रतीक बना संस्कृति विभाग का बहुप्रतीक्षित कला प्रशिक्षण शिविर “आकार-2026” रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं प्रतिभागियों की शानदार प्रस्तुतियों के साथ संपन्न हो गया। 25 मई से 9 जून तक महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय परिसर, रायपुर में आयोजित इस 16 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में प्रदेशभर से आए 1281 प्रतिभागियों ने 16 विभिन्न कला विधाओं का प्रशिक्षण प्राप्त कर अपनी प्रतिभा को नई दिशा दी।समापन समारोह में रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष श्री प्रभात मिश्रा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्षा सुश्री मोना सेन, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे तथा उप संचालक श्री प्रताप चंद्र पारख सहित बड़ी संख्या में कला प्रेमी, प्रशिक्षु एवं अभिभावक उपस्थित थे। मुख्य अतिथि सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2004 में संस्कृति मंत्री रहते हुए उन्होंने “आकार” प्रशिक्षण शिविर की शुरुआत की थी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और लोक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने तथा उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से यह पहल प्रारंभ की गई थी। उन्होंने कहा कि इसकी लोकप्रियता को देखते हुए ऐसे आयोजन प्रदेश के सभी संभागों में आयोजित किए जाने चाहिए। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक आभूषणों, हस्तशिल्प के लिए स्थायी विक्रय केंद्र भी विकसित किए जाने चाहिए, जिससे कलाकारों को आर्थिक लाभ मिल सके और लोग छत्तीसगढ़ के आभूषण और हस्तशिल्प को देख और खरीद सकंे।श्री अग्रवाल ने बच्चों को मिट्टी और प्रकृति से जोड़ने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि “जिस दिन बच्चे मिट्टी से जुड़ना और मिट्टी से सृजन करना सीख जाएंगे, उनका जीवन आनंद और संवेदनशीलता से भर जाएगा। नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, कला और लोक परंपराओं की जानकारी देना समय की आवश्यकता है।”कार्यक्रम के स्वागत उद्बोधन में संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे ने कहा कि “आकार केवल एक प्रशिक्षण शिविर नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोककलाओं, हस्तशिल्प और पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित एवं संवर्धित करने का एक सशक्त माध्यम है। वर्ष 2004 से लगातार आयोजित हो रहा यह कार्यक्रम युवाओं में सृजनशीलता और सांस्कृतिक चेतना विकसित करने का महत्वपूर्ण प्रयास है।” उन्होंने बताया कि अधिकाधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए पंजीयन शुल्क को 200 रुपये से घटाकर मात्र 100 रुपये किया गया। साथ ही दिव्यांग एवं अनाथ बच्चों के लिए विशेष रियायत भी प्रदान की गई, जिससे समाज के सभी वर्गों को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिल सके।“आकार-2026” ने इस वर्ष पारंपरिक लोक कलाओं और आधुनिक तकनीक के बीच एक सुंदर सेतु का निर्माण किया। जहां एक ओर प्रतिभागियों ने टेराकोटा, जूट शिल्प, गोदना कला, रजवार भित्ति चित्र, मंडला एवं मांडना कला, भरथरी गायन और कथक जैसी विधाओं का प्रशिक्षण प्राप्त किया, वहीं दूसरी ओर उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित कला की नवीनतम तकनीकों से भी परिचित कराया गया।समापन समारोह में मुख्य अतिथि श्री बृजमोहन अग्रवाल ने सभी कला गुरुओं एवं प्रशिक्षकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह ने प्रशिक्षकों के योगदान की सराहना करते हुए उनका अभिनंदन किया।समापन अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम ने पूरे वातावरण को लोक संस्कृति के रंगों से सराबोर कर दिया। प्रशिक्षण प्राप्त प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोह लिया। सुवा नृत्य, कर्मा नृत्य, पंथी नृत्य, बांसगीत, भरथरी गायन तथा लोकसंगीत की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को देर तक मंत्रमुग्ध रखा। पारंपरिक वेशभूषा, लोक वाद्यों की मधुर ध्वनि और कलाकारों की ऊर्जा ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।शिविर में प्रदेश के प्रतिष्ठित कला गुरुओं ने प्रशिक्षण प्रदान किया। एआई आर्ट का प्रशिक्षण श्री वल्कल्पति जेस्सी, क्ले एवं टेक्सचर आर्ट सुश्री अलका हनवत, पेंटिंग श्री राकेश पुजारी, बोनसाई कला श्री अनिल वर्मा, भरथरी गायन श्री प्रांजल सिंह, कथक नृत्य श्री चिरंजीव हलधर, मंडला एवं मांडना आर्ट श्रीमती कविता यादव, रजवार भित्ति चित्र कला श्रीमती प्रतिमा डहरवाल, जूट एवं गोदना शिल्प श्रीमती कल्पना यादव, पारंपरिक गहना निर्माण एवं वुडन ट्राइबल आर्ट डॉ. शुभ्रा मिश्रा, लोकनृत्य एवं लोकसंगीत श्री तेजराम साहू, हस्तकढ़ाई एवं शिल्प डिजाइनिंग प्रेमलता सिंह, टेराकोटा श्री विमल फुटान, लिप्पन आर्ट एवं पचवाई कला निधि अग्रवाल, वाद्य यंत्र श्री रिखी क्षत्रीय तथा क्रोशिया कला का प्रशिक्षण सीमा रायजादा ने दिया।“आकार-2026” ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर केवल अतीत की स्मृति नहीं, बल्कि भविष्य की प्रेरणा भी है। 1281 प्रतिभागियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता, अनुभवी कला गुरुओं का मार्गदर्शन और लोक संस्कृति से सराबोर प्रस्तुतियों ने इस आयोजन को रंग, रचनात्मकता और परंपरा के सच्चे महाकुंभ में परिवर्तित कर दिया। यह आयोजन न केवल कला प्रशिक्षण का मंच बना, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने और सांस्कृतिक गौरव को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का एक सफल प्रयास भी सिद्ध हुआ।
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बलरामपुर। जिले में मंगलवार तड़के एक जंगली हाथी के हमले में दंपति की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि जिले के राजपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत कुंदी गांव में जंगली हाथी के हमले में जूठन गोड़ (65) और उनकी पत्नी सुंदरी बाई (55) की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि आज तड़के लगभग पांच बजे कुंदी गांव के बांधपारा मोहल्ले के निवासी जूठन और उनकी पत्नी सुंदरी बाई करीब के जंगल की ओर जा रहे थे तभी जंगली हाथी ने उनपर हमला कर दिया। उन्होंने बताया कि इस हमले में दोनों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीणों से इस घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग के दल को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। उन्होंने बताया कि बाद में दल ने शवों को बरामद करके पोस्टमार्टम के लिए भेजा। उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम होने के बाद मृतकों के परिजनों को 25 हजार रुपये की तत्काल सहायता दी जाएगी तथा औपचारिकता पूरी होने के बाद परिजनों को शेष 5.75 लाख रुपये दिया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि कल्याणपुर के जंगल में पांच हाथियों का दल विचरण कर रहा है। उन्होंने बताया कि गांवों में जन चौपाल लगाकर ग्रामीणों को हाथियों से दूर रहने के लिए कहा जा रहा है। उत्तरी छत्तीसगढ़ में एक दशक से अधिक समय से मनुष्य और हाथी के बीच टकराव एक बड़ी चिंता का विषय रहा है। पिछले कुछ वर्षों में यह समस्या मध्य क्षेत्र के कुछ जिलों में भी फैल गई है। राज्य के सरगुजा, रायगढ़, कोरबा, सूरजपुर, जशपुर और बलरामपुर जिलों में मानव—हाथी टकराव की घटनाएं अधिक होती हैं। क्षेत्र के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले में रविवार रात जंगली हाथी के हमले में दो श्रमिकों की मौत हो गई थी। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में छत्तीसगढ़ में हाथियों के हमले में 325 से अधिक लोगों की जान गई है।
- -मानकों पर आधारित प्रक्रिया से गुणवत्ता परीक्षण पश्चात ही स्वास्थ्य केन्द्रों को दवा का वितरणरायपुर Iसीजीएमएससी से मिली जानकारी के अनुसार फर्म Unicure India Ltd. द्वारा 18 मई 2026 को छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कारपोरेशन लिमिटेड को सूचना प्रदान किया है। इसके अनुसार फर्म को मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेस कारपोरेशन लिमिटेड भोपाल द्वारा दिनांक 08 मई 2026 को दवा Lactulose Solution IP 10 gm/15 ml -100 ml bottle के 3 बैचों को शासकीय प्रयोगशालाओं द्वारा गुणवत्ता परीक्षण में अमानक घोषित किये जाने के परिणाम स्वरुप “फर्म ब्लैकलिस्ट” किया गया है Iउक्त दवा के एक बैच का मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेस कारपोरेशन लिमिटेड भोपाल द्वारा पूर्व में ही Product blacklisting किये जाने के परिणामस्वरूप दवा Lactulose Solution IP 10 gm/15 ml -100 ml bottle के दर अनुबंध को छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कारपोरेशन लिमिटेड की निविदा नियमानुसार ब्लॉक कर सम्बंधित क्रयादेशों को निरस्त किये जाने की कार्यवाही की गयी थी Iफर्म Unicure India Ltd. द्वारा प्रेषित सूचना के साथ संलग्न ब्लैकलिस्टिंग आदेश में यह भी उल्लेखित है कि उक्त आदेश, पूर्व में क्रय की गयी या जारी किये जा चुके क्रयादेशों पर लागू नहीं होगा, बशर्ते वे गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हों I उक्त फर्म द्वारा प्रदायित दवाओं का छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कारपोरेशन लिमिटेड के अनुबंधित NABL प्रयोगशालाओं से मानक गुणवत्तायुक्त प्रतिवेदन पाए जाने पर दवा का वितरण किया गया है Iफर्म Unicure India Ltd. द्वारा प्रेषित सूचना के साथ यह भी उल्लेखित किया गया है कि उनके द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, मध्यप्रदेश, मुख्य पीठ जबलपुर के समक्ष वाद प्रस्तुत किया गया है, जिसकी सुनवाई दिनांक 10 जून 2026 को नियत की गयी है I माननीय उच्च न्यायालय, म.प्र. द्वारा उक्त वाद पारित किये जाने वाले आदेशों के अधीन छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कारपोरेशन लिमिटेड में आगामी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी Iब्लैकलिस्टिंग आदेश की सूचना प्राप्त होने के पश्चात उक्त फर्म से कोई नवीन दर अनुबंध एवं नवीन क्रयादेश जारी नहीं किया गया है जो छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कारपोरेशन लिमिटेड के गुणवत्ता पर केन्द्रित, दवा विनियामक मानकों पर आधारित प्रक्रिया है I छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कारपोरेशन लिमिटेड पुनः यह स्पष्ट करता है कि दवा क्रय एवं आपूर्ति की प्रक्रिया पूर्ण रूप से गुणवत्ता के मानकों पर आधारित है। निगम यह पुनः ज्ञापित करता है कि दवाओं को आम जनमानस के उपयोग हेतु वितरण के पूर्व एक विधिमान्य एवं मानकों पर आधारित प्रक्रिया के अंतर्गत गुणवत्ता परीक्षण पश्चात ही स्वास्थ्य केन्द्रों को वितरित की जाती है
- -प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से बदली तस्वीर, ग्रामीणों को मिली आवागमन, शिक्षा और स्वास्थ्य की बेहतर सुविधारायपुर / बीजापुर जिले के भैरमगढ़ विकासखंड के अतिसंवेदनशील और पूर्व नक्सल प्रभावित अबुझमाड़ क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क निर्माण कार्य ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। वर्षों तक विकास से दूर रहे मयूरीपारा तक अब सड़क पहुंचने से लोगों को बेहतर आवागमन, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलने लगा है।प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत बैल से मयूरीपारा तक 16 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जा रहा है। इस परियोजना में अब तक 13 किलोमीटर मिट्टीकृत सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है। साथ ही मुरूमीकरण और छह पुलियों का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार शेष कार्य जून माह में पूरा कर लिया जाएगा।ग्राम बैल की सरपंच श्रीमती जुग्गी अठामी ने बताया कि लंबे समय तक सड़क सुविधा नहीं होने के कारण ग्रामीणों को दैनिक जरूरतों, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य कार्यों के लिए घने जंगलों से होकर कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था। बरसात के मौसम में नदी पार करने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता था, जिससे समय और परेशानी दोनों बढ़ जाते थे। उन्होंने बताया कि आजादी के 78 वर्षों बाद भी यह क्षेत्र नक्सल प्रभाव और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण विकास की मुख्यधारा से दूर था। अब सड़क निर्माण से हालात तेजी से बदल रहे हैं और लोगों को बड़ी राहत मिली है।सड़क बनने से स्कूली बच्चों का आवागमन आसान हुआ है। वहीं स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी बेहतर हुई है। अब जरूरत पड़ने पर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना संभव हो रहा है, जिससे ग्रामीणों को बड़ी सुविधा मिल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क केवल एक मार्ग नहीं, बल्कि क्षेत्र के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और बेहतर भविष्य की नई उम्मीद है। बैल से मयूरीपारा मार्ग के पूर्ण होने के बाद क्षेत्र में सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से अबुझमाड़ जैसे दूरस्थ क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रहा है।
- -राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्रियों और परिवहन मंत्री ने की समीक्षा-61 हजार चालान और 31 हजार से अधिक वाहनों की फिटनेस जांचरायपुर /छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए तकनीक आधारित निगरानी, बेहतर चालक प्रशिक्षण, वाहनों की वैज्ञानिक फिटनेस जांच और यातायात नियमों के प्रभावी पालन पर सरकार ने विशेष जोर दिया है। नवा रायपुर स्थित मंत्रालय में आयोजित राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा तथा परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप ने सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा कर अधिकारियों को प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में विधायक श्री अनुज शर्मा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।बैठक में बताया गया कि प्रदेश में सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए आधुनिक वाहन फिटनेस केंद्रों, ई-ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक, एएनपीआर कैमरों और स्पीड मॉनिटरिंग सिस्टम का विस्तार किया जा रहा है। जनवरी से मई 2026 तक 31 हजार 604 वाहनों की फिटनेस जांच की गई, जबकि 61 हजार से अधिक चालान तकनीकी निगरानी तंत्र के माध्यम से जारी किए गए।उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जवाबदेही है। दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सड़क इंजीनियरिंग, प्रभावी प्रवर्तन और जन-जागरूकता के समन्वित प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने दुर्घटना संभावित स्थलों की नियमित समीक्षा कर आवश्यक सुधारात्मक उपाय सुनिश्चित करने तथा जागरूकता अभियानों को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली जनहानि रोकना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से यातायात नियमों के पालन को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने प्रवर्तन एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय तथा नियमों के उल्लंघन पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही युवाओं और विद्यार्थियों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष बल दिया।परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए तकनीक, प्रशिक्षण, जन-जागरूकता और प्रभावी प्रवर्तन व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार सुरक्षित यातायात व्यवस्था विकसित करने तथा सड़क सुरक्षा को जनभागीदारी का अभियान बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को सड़क सुरक्षा कार्यक्रमों की नियमित समीक्षा और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।बैठक में जानकारी दी गई कि रायपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर, जगदलपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, कोरबा, जांजगीर-चांपा और रायगढ़ सहित विभिन्न जिलों में संचालित आधुनिक फिटनेस केंद्रों में जनवरी से मई 2026 के दौरान 31 हजार 604 वाहनों की फिटनेस जांच की गई है। सुरक्षित और कुशल ड्राइविंग को बढ़ावा देने के लिए कई जिलों में ई-ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक संचालित किए जा रहे हैं, जबकि वित्तीय वर्ष 2026-27 में आठ नए जिलों में इनके निर्माण की प्रक्रिया जारी है। बिलासपुर और जगदलपुर में क्षेत्रीय ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र तथा 14 जिलों में ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर संचालित किए जा रहे हैं।प्र. देश में यातायात नियमों के प्रभावी पालन के लिए 174 एएनपीआर कैमरे और सात लिडार आधारित स्पीड कैमरे स्थापित किए गए हैं। इनके माध्यम से जनवरी से मई 2026 तक 61 हजार से अधिक चालान जारी किए गए। वहीं सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अब तक 2 लाख 68 हजार 316 वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाए जा चुके हैं।नवा रायपुर स्थित आईडीटीआर में वाहन चालकों को आधुनिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वर्ष 2025 में 15 हजार 779 तथा वर्ष 2026 में अप्रैल तक 4 हजार 64 वाहन चालकों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।यातायात नियमों के उल्लंघन पर जनवरी से अप्रैल 2026 तक 2.86 लाख वाहनों से 62.21 करोड़ रुपये का शमन शुल्क वसूला गया है। गंभीर उल्लंघनों के मामलों में वर्ष 2025-26 के दौरान 7 हजार 434 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित अथवा निरस्त किए गए हैं।
- -प्रगतिशील किसान पुरेंद्र कुमार यादव ने अपनाई आधुनिक तकनीक, धान की खेती में मिले उत्साहजनक परिणामरायपुर । कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों का बढ़ता उपयोग किसानों की आय और उत्पादकता में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। दुर्ग जिले के ग्राम डूंडेरा के प्रगतिशील किसान श्री पुरेंद्र कुमार यादव इसकी एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर सामने आए हैं। उन्होंने धान की खेती में नैनो डीएपी एवं नैनो यूरिया का उपयोग कर न केवल उत्पादन में सुधार हासिल किया, बल्कि खेती की लागत में भी उल्लेखनीय कमी दर्ज की है।श्री यादव ने बताया कि कृषि विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने अपनी फसल में नैनो उर्वरकों का प्रयोग किया। इसके परिणामस्वरूप फसल को संतुलित एवं प्रभावी पोषण मिला, जिससे पौधों की वृद्धि बेहतर हुई और उत्पादन की गुणवत्ता में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिला। उनके अनुसार नैनो उर्वरकों के उपयोग से फसल अधिक स्वस्थ और मजबूत दिखाई दी, जिसका सीधा लाभ उपज पर भी पड़ा।उन्होंने बताया कि पारंपरिक बोरा बंद उर्वरकों की तुलना में नैनो डीएपी और नैनो यूरिया का उपयोग अधिक सुविधाजनक और किफायती साबित हुआ। अत्यंत कम मात्रा में उपयोग किए जाने वाले इन उर्वरकों से फसल को आवश्यक पोषक तत्व प्रभावी ढंग से प्राप्त हुए, जिससे उर्वरक लागत में कमी आई। साथ ही परिवहन, भंडारण और श्रम संबंधी खर्चों में भी बचत हुई।धान की फसल में अपेक्षा से बेहतर परिणाम मिलने पर श्री यादव बेहद उत्साहित हैं। उनका मानना है कि नैनो उर्वरक खेती को अधिक वैज्ञानिक, टिकाऊ और लाभकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वे अन्य किसानों को भी नई तकनीकों को अपनाने और खेती में नवाचार करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।श्री पुरेंद्र कुमार यादव कहते हैं, “नैनो डीएपी और नैनो यूरिया आने वाले समय में किसानों के लिए भरोसेमंद साथी साबित होंगे। इससे खेती की लागत कम होती है, फसल को बेहतर पोषण मिलता है और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलती है। मैं सभी किसान भाइयों से आग्रह करता हूं कि वे भी इन उन्नत उर्वरकों का उपयोग कर इसके लाभ प्राप्त करें।”उल्लेखनीय है कि कृषि विभाग द्वारा किसानों को नैनो उर्वरकों के उपयोग के प्रति लगातार जागरूक किया जा रहा है। जिले में बढ़ते उपयोग के साथ किसानों को कम लागत में बेहतर उत्पादन और अधिक लाभ प्राप्त हो रहा है। यह पहल खेती को पर्यावरण अनुकूल, संसाधन-संरक्षण आधारित और अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
- -कॉलोनियों से जुड़ी समस्याओं, नागरिक सुविधाओं एवं आवासीय परियोजनाओं के मुद्दों पर हुई विस्तृत चर्चा-मंत्री श्री चौधरी ने नियमित समय-समय पर स्टेकहोल्डर मीटिंग आयोजित करने के दिए निर्देशरायपुर /आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओपी चौधरी ने आज मंत्रालय महानदी भवन में विभिन्न आवासीय कॉलोनियों एवं हाउसिंग सोसायटियों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में रायपुर क्षेत्र की विभिन्न आवासीय परियोजनाओं से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया तथा अपनी-अपनी कॉलोनियों से संबंधित समस्याओं, आवश्यकताओं एवं सुझावों से मंत्री के समक्ष अवगत कराया।मंत्री श्री ओपी चौधरी ने सभी प्रतिनिधियों की समस्याओं एवं सुझावों को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक परीक्षण कर व्यवहारिक एवं विधिसम्मत समाधान की दिशा में कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेहतर शहरी अधोसंरचना, पारदर्शी प्रशासन एवं नागरिक सुविधाओं के विकास के लिए शासन प्रतिबद्ध है तथा आवासीय कॉलोनियों में रहने वाले नागरिकों की समस्याओं के निराकरण को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाएगा।मंत्री श्री चौधरी ने आवास विभाग, नगरीय निकायों, रेरा, बिल्डर संगठनों तथा रहवासी कल्याण संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ नियमित समय-समय पर स्टेकहोल्डर मीटिंग आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि विभिन्न पक्षों के बीच सतत संवाद स्थापित हो तथा समस्याओं का समयबद्ध एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।बैठक में कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाओं, अधोसंरचना विकास, सड़क, जल निकासी, सार्वजनिक सुविधाओं तथा अन्य स्थानीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि शासन और नागरिकों के बीच निरंतर संवाद से समस्याओं का प्रभावी समाधान संभव है तथा जनसहभागिता से शहरी विकास को नई गति मिलेगी।बैठक के दौरान आवासीय समितियों के प्रतिनिधियों ने इस बैठक को एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि संभवतः छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार आवास एवं पर्यावरण मंत्री द्वारा आवासीय सोसायटियों के प्रतिनिधियों के साथ इस प्रकार का प्रत्यक्ष संवाद आयोजित किया गया है। उन्होंने इसे राज्य ही नहीं, बल्कि देश के लिए भी एक अनुकरणीय पहल बताया।बैठक में प्रतिनिधियों ने रियल एस्टेट परियोजनाओं, नागरिक सुविधाओं, रेरा अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, लंबित परियोजनाओं के हस्तांतरण तथा संस्थागत सुधारों से जुड़े विभिन्न सुझाव प्रस्तुत किए। साथ ही आवासीय समितियों को सशक्त बनाने, "आवास मितान" डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करने, सलाहकार समिति गठित करने तथा बड़े आवासीय परिसरों में मतदान सुविधाओं के विस्तार जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई।बैठक में नगर तथा ग्राम निवेश आयुक्त श्री अवनीश शरण सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही पार्थिव पैसिफिक, कुबेर सोसायटी, सिटी ऑफ ड्रीम्स, आनंदम वर्ल्ड सिटी, पाम बेलाजियो, साई वाटिका, अविनाश सनसिटी, मारुति लाइफस्टाइल, अविनाश सिग्नेचर होम्स, रालास एन्क्लेव, क्रेस्ट ग्रीन्स, सिंगापुर सिटी, सैफायर ग्रीन्स, लास विस्टास, जैनम हाइट्स, पार्थिवी प्रोविंस, बरसाना एन्क्लेव, गैलेक्सी आईलैंड, सृष्टि पैलाजो एवं क्रॉसविंड्स सहित विभिन्न आवासीय परियोजनाओं के प्रतिनिधि बैठक में उपस्थित रहे।
- -मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन पर कॉलर श्री पूनाराम ठाकरे से स्वयं की बात-पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित शासन व्यवस्था को मिलेगा नया आयामरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली 1076 की कार्यप्रणाली, तकनीकी व्यवस्थाओं तथा शिकायतों के निराकरण तंत्र का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की और नागरिकों को बेहतर एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए।इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा तथा कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, सुशासन एवं अभिशरण विभाग के सचिव श्री राहुल भगत, विशेष सचिव श्री रजत बंसल सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। सभी मंत्रियों ने हेल्पलाइन संचालन व्यवस्था, शिकायत प्रबंधन प्रणाली तथा नागरिकों को प्रदान की जा रही सेवाओं का अवलोकन किया।मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन सेंटर में पहुंचकर शिकायतों के पंजीयन, उनकी निगरानी एवं समाधान की प्रक्रिया का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से चर्चा करते हुए शिकायतों के त्वरित निराकरण, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की प्राथमिकता प्रत्येक नागरिक की समस्या का समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज सीएम हेल्पलाइन सेंटर के शुभारंभ के अवसर पर सीएम हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली अवलोकन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन पर कॉल करने वाले कॉलर श्री पूना राम ठाकरे से खुद बात की और उनका नाम, निवास तथा समस्या की जानकारी ली । मुख्यमंत्री को श्री ठाकरे ने बताया कि वे रायपुर के रहने वाले हैं और उन्होंने आय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था जिसके संबंध में शिकायत दर्ज कराने उन्होंने हेल्पलाइन में कॉल किया है। मुख्यमंत्री ने कॉल पर श्री ठाकरे को आश्वस्त किया कि जल्द ही उनकी समस्या का निराकरण हो जाएगा।निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय एवं अन्य मंत्रियों ने हेल्पलाइन के माध्यम से जुड़े हितग्राहियों से बातचीत भी की। उन्होंने नागरिकों की समस्याओं और सुझावों को सुना तथा संबंधित मामलों के त्वरित निराकरण का आश्वासन दिया। हितग्राहियों ने भी अपनी समस्याओं को सीधे शासन तक पहुंचाने के लिए इस व्यवस्था की सराहना की।मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली राज्य के सभी विभागों को एकीकृत रूप से जोड़ने वाली व्यवस्था है। इसमें 1,200 से अधिक शिकायत श्रेणियां तथा लगभग 8,000 अधिकारियों को चार प्रशासनिक स्तरों पर मैप किया गया है। ब्लॉक स्तर से लेकर राज्य स्तर तक बहु-स्तरीय एस्केलेशन प्रणाली के माध्यम से शिकायतों के समाधान की सतत निगरानी की जाती है।मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन संचालन में कार्यरत युवाओं से भी संवाद किया और उनके कार्यों की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान बताया गया कि इस व्यवस्था के संचालन में स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे सेवा गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिला है।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को प्रणाली के अंतर्गत उपलब्ध एमआईएस डैशबोर्ड, शिकायत विश्लेषण प्रणाली तथा विभिन्न विभागों के प्रदर्शन मूल्यांकन संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया को सुशासन का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए शिकायतों के विश्लेषण के आधार पर व्यवस्थागत सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि यह व्यवस्था केवल शिकायत निवारण तक सीमित नहीं है, बल्कि शासन और जनता के बीच संवाद को मजबूत बनाने का एक प्रभावी माध्यम है। इसके माध्यम से नागरिकों की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ सुनकर उनका समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा तथा प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा।
- -मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा - सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को मिलेगी नई मजबूती-42 विभागों के 8 हजार अधिकारी 1195 श्रेणियों में शिकायतों का करेंगे समयबद्ध निराकरणरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में राज्य की बहुप्रतीक्षित सीएम हेल्पलाइन 1076 का बटन दबाकर शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने सीएम हेल्पलाइन प्रणाली के आधिकारिक लोगो का भी विमोचन किया। कार्यक्रम में मंत्रिपरिषद के सदस्यगण तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारीगण उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की समस्या सुनी जाए, उसका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा शासन-प्रशासन को और अधिक जवाबदेह बनाया जाए। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के दौरान प्रदेशभर से प्राप्त शिकायतों, सुझावों और जनप्रतिसाद ने एक प्रभावी, सशक्त एवं स्थायी जनसंपर्क तंत्र की आवश्यकता को रेखांकित किया। इसी सोच के साथ सीएम हेल्पलाइन प्रणाली विकसित की गई है।मुख्यमंत्री ने कहा कि अब प्रदेशवासी टोल फ्री नंबर 1076 पर अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे, सुझाव दे सकेंगे तथा शासन की योजनाओं और सेवाओं के संबंध में फीडबैक भी साझा कर सकेंगे। यह प्रणाली सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को नई मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ जनता और शासन के बीच विश्वास के रिश्ते को और सशक्त बनाएगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि डिजिटल युग की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए हेल्पलाइन को व्हाट्सएप प्लेटफॉर्म से भी जोड़ा गया है, जिससे नागरिक मोबाइल के माध्यम से आसानी से अपनी बात सरकार तक पहुंचा सकेंगे। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली अपने व्यापक दायरे के कारण विशेष महत्व रखती है। इसमें राज्य शासन के 42 विभागों के लगभग 8 हजार अधिकारी जुड़े हुए हैं तथा 1195 श्रेणियों में निर्धारित समय-सीमा के भीतर शिकायतों के निराकरण की व्यवस्था की गई है।उन्होंने बताया कि प्रत्येक शिकायत को एक यूनिक आईडी प्रदान की जाएगी, जिससे आवेदक अपने आवेदन की स्थिति को ऑनलाइन ट्रैक कर सकेगा। यदि किसी शिकायतकर्ता को प्राप्त समाधान से संतोष नहीं होगा, तो संबंधित शिकायत स्वतः उच्च अधिकारियों के पास पुनः परीक्षण एवं जांच के लिए अग्रेषित हो जाएगी। इससे शिकायतों के सतही निराकरण की संभावना समाप्त होगी और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन प्रणाली 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन संचालित रहेगी। इसके संचालन के लिए तीन शिफ्टों में कर्मचारियों की तैनाती की गई है। सचिव स्तर के अधिकारी डैशबोर्ड के माध्यम से इसकी नियमित निगरानी करेंगे, वहीं मुख्यमंत्री सचिवालय भी इसकी सतत मॉनिटरिंग करेगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन केवल शिकायत निवारण का माध्यम नहीं है, बल्कि जनभागीदारी को सशक्त बनाने का एक प्रभावी मंच भी है। प्रदेशवासी राज्य के विकास से जुड़े अपने सुझाव भी इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से साझा कर सकेंगे, जिससे नीति निर्माण और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के "नागरिक देवो भव" के मंत्र को आत्मसात करते हुए राज्य सरकार डिजिटल गवर्नेंस को लगातार मजबूत बना रही है। सीएम हेल्पलाइन शासन और जनता के बीच संवाद को और अधिक प्रभावी बनाएगी तथा समस्याओं के त्वरित समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सचिव एवं सचिव, सुशासन एवं अभिसरण विभाग श्री राहुल भगत ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से सीएम हेल्पलाइन प्रणाली की कार्यप्रणाली, उद्देश्यों और विशेषताओं की विस्तार से जानकारी दी।इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा, मंत्रिमंडल के अन्य सदस्यगण, मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव श्री रजत बंसल सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
- जांजगीर-चांपा । जनपद पंचायत बम्हनीडीह के ग्राम पंचायत कुम्हारी कला निवासी श्री सुदेल राम यादव के लिए अपना पक्का घर होना कभी एक अधूरा सपना था। वर्षों तक कच्चे मकान में जीवन बिताने वाले सुदेल राम यादव और उनकी पत्नी बारिश, गर्मी और अन्य कठिन परिस्थितियों के बीच अपने दिन गुजारते रहे। सीमित आय के कारण वे स्वयं पक्का घर बनवाने की कल्पना भी नहीं कर पाते थे। ऐसे समय में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) उनके जीवन में उम्मीद की नई किरण बनकर आई। वर्ष 2025 में योजना के तहत उन्हें 1 लाख 20 हजार रुपये की स्वीकृति से उनका पक्का घर बनकर तैयार हुआ। आज वे अपनी पत्नी के साथ अपने नए आशियाने में सुरक्षित और सम्मान पूर्वक जीवन बिता रहे हैं।घर निर्माण के दौरान मनरेगा के तहत उन्हें मजदूरी का लाभ भी मिला, जिससे आर्थिक संबल प्राप्त हुआ और घर बनाने का कार्य सुचारू रूप से पूरा हो सका। एक ओर उन्हें रोजगार मिला, तो दूसरी ओर अपने सपनों का घर भी साकार हो गया। श्री सुदेल राम यादव कहते हैं कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनका भी अपना पक्का घर होगा। अब उन्हें और उनके परिवार को भविष्य की चिंता नहीं सताती। सुरक्षित छत मिलने से उनके जीवन में आत्मविश्वास और खुशियां दोनों बढ़ी हैं। श्री सुदेल राम यादव ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है।
- -कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने दी बधाई, कहा- आयुष जिले के युवाओं के लिए रोल मॉडलरायपुर / रायपुर के होनहार युवा क्रिकेटर श्री आयुष पांडे के इंडिया ‘A’ टीम के श्रीलंका दौरे के लिए चयन होने पर आज कलेक्ट्रेट परिसर में उनका सम्मान किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आयुष को पुष्पगुच्छ, शॉल, प्रेरक पुस्तक एवं प्रतीकात्मक बल्ला भेंट कर शुभकामनाएं दीं।कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा कि आयुष का इंडिया ‘A’ टीम में चयन छत्तीसगढ़ और रायपुर जिले के लिए गर्व और गौरव का विषय है। यह उपलब्धि उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन, प्रतिभा और खेल के प्रति समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि आयुष जिले के युवाओं के लिए रोल मॉडल हैं। उन्हें जिले के विभिन्न कार्यक्रमों में आमंत्रित किया जाए ताकि अन्य बच्चें और युवा भी उनसे प्रेरणा लेकर खेल एवं अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित हों।इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार बिश्वरंजन ने भी पुष्पगुच्छ भेंट कर आयुष को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने विश्वास जताया कि आयुष भारतीय टीम के लिए खेलते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे और छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश का नाम रोशन करेंगे।उल्लेखनीय है कि रायपुर के मोवा निवासी 22 वर्षीय आयुष बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज हैं। उन्होंने अपनी प्रतिभा और अथक मेहनत के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। उनका इंडिया ‘A’ टीम में चयन प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि है। कार्यक्रम में जिले के वरिष्ठ एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
- जगदलपुर। शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था बकावंड में सत्र 2026-27 एवं 2027-28 के तहत विभिन्न ट्रेडों कोपा, फिटर, विद्युतकार, प्लम्बर एवं डीजल मैकेनिक में आनलाइन प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। प्राचार्य शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था बकावंड से मिली जानकारी के अनुसार आगामी 15 जून 2026 तक प्रवेश संबंधी आवेदन की प्रक्रिया पोर्टलhttps://cgiti.admissions.nic.in/में पूरी कर सकते हैं।
- रायपुर ।जांजगीर चांपा जिले में आकस्मिक आपदा से हुई मृत्यु के दो प्रकरणों में राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत कुल 8 लाख रुपए की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। दोनों प्रकरणों में मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।जांजगीर-चांपा जिले के तहसील सारागांव अंतर्गत ग्राम चोरिया निवासी श्री दीपक कुमार की सर्पदंश से मृत्यु होने पर उनके पिता श्री मनहरण लाल को 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है।इसी प्रकार तहसील शिवरीनारायण के ग्राम सलखन निवासी श्री अशोक कुमार कश्यप की सर्पदंश से मृत्यु होने पर उनकी पत्नी श्रीमती लक्ष्मीनबाई को 4 लाख रुपए की सहायता राशि स्वीकृत की गई है। राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के प्रावधानों के तहत स्वीकृत यह सहायता राशि प्रभावित परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से दी जा रही है।
- -ग्रामीण पर्यटन के क्षेत्र में उभर रही नई पहचान, स्थानीय आजीविका को मिल रहा संबल-सफल होमस्टे मॉडल और आत्मीय मेजबानी से बढ़ रही केरे गांव की लोकप्रियतारायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने तथा स्थानीय समुदायों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जशपुर जिले का केरे गांव एक सफल मॉडल के रूप में उभर रहा है। प्राकृतिक सौंदर्य, पारंपरिक संस्कृति और सामुदायिक सहभागिता के समन्वय से यह गांव प्रदेश के प्रमुख ग्रामीण पर्यटन स्थलों में अपनी पहचान बना रहा है।सोमवार को जशपुर जिले के प्रभारी सचिव श्री अंकित आनंद ने विकासखंड जशपुर के ग्राम केरे में संचालित होमस्टे का अवलोकन कर वहां उपलब्ध सुविधाओं, पारंपरिक भोजन व्यवस्था तथा पर्यटकों के लिए संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी ली।प्रभारी सचिव ने होमस्टे में उपलब्ध व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए स्थानीय ग्रामीणों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण पर्यटन न केवल स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने का माध्यम है, बल्कि यह ग्रामीणों के लिए आय एवं रोजगार के नए अवसर भी सृजित करता है।उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन के विशेष प्रयासों से केरे गांव को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा रहा है। गांव में वर्तमान में पांच होमस्टे संचालित किए जा रहे हैं। इसके लिए स्थानीय ग्रामीणों को होमस्टे संचालन, आतिथ्य प्रबंधन तथा पर्यटकों की बेहतर सेवा से संबंधित प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया है।हाल ही में महुआ होमस्टे में ठहरे पर्यटकों के सकारात्मक अनुभवों ने इस पहल की सफलता को और मजबूती प्रदान की है। पर्यटकों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया तथा उन्हें ताजा, पौष्टिक एवं घर में तैयार स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लेने का अवसर मिला। पर्यटकों ने यहां की स्वच्छता, शांत वातावरण, आत्मीय मेजबानी और स्थानीय संस्कृति को करीब से जानने के अवसर की सराहना की।प्रभारी सचिव श्री अंकित आनंद ने भोजन की गुणवत्ता, आवासीय सुविधाओं तथा ग्रामीणों के आत्मीय व्यवहार की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहलें ग्रामीण पर्यटन को नई पहचान देने के साथ-साथ स्थानीय समुदायों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।जिला प्रशासन का मानना है कि सामुदायिक भागीदारी पर आधारित यह मॉडल ग्रामीणों के लिए स्थायी आजीविका के अवसर सृजित कर रहा है। साथ ही क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक जीवनशैली और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है।सकारात्मक अनुभवों, बेहतर व्यवस्थाओं और लगातार बढ़ती लोकप्रियता के साथ केरे गांव छत्तीसगढ़ में सामुदायिक आधारित ग्रामीण पर्यटन के एक उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में अपनी पहचान स्थापित करने की दिशा में तेजी से अग्रसर है।इस अवसर पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक कुमार, एसडीएम जशपुर श्री विश्वास राव मस्के, जनपद पंचायत सीईओ श्री लोखित भगत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
- -कोयला और रेत के अवैध परिवहन पर खनिज विभाग का शिकंजा, 8 वाहन जप्त, कई प्रकरण दर्जरायपुर। कोयला और रेत के अवैध परिवहन पर खनिज विभाग का शिकंजाप्रदेश में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण के विरुद्ध राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत खनिज विभाग ने सूरजपुर जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कोयला एवं रेत के अवैध परिवहन में संलिप्त वाहनों को जप्त कर संबंधित वाहन मालिकों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किए हैं। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री के सुशासन एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के संकल्प के अनुरूप तथा जिला प्रशासन के सतत निगरानी अभियान के तहत की गई।कलेक्टर श्रीमती रेना जमील के निर्देशानुसार खनिज विभाग, जिला स्तरीय टास्कफोर्स एवं खनिज अमले द्वारा खनन प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में 07 जून को तहसील सूरजपुर अंतर्गत ग्राम पचिरा-मानी चौक मार्ग पर विशेष जांच अभियान चलाया गया। जांच के दौरान ग्राम बेलटिकरी के पास अवैध रूप से खनिज कोयला परिवहन करते हुए 06 मोटरसाइकिलों को पकड़ा गया। इन वाहनों से लगभग 5 टन कोयला जप्त किया गया, जिसे पुलिस थाना सूरजपुर में सुरक्षार्थ रखा गया है।खनिज विभाग ने ग्राम राजापुर, हर्राटिकरा एवं आसपास के क्षेत्रों में भी कार्रवाई करते हुए अवैध रेत परिवहन में संलिप्त 03 टिपर वाहनों के मालिकों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई प्रारंभ की है।इसके अलावा 08 जून को राजापुर रेत खदान क्षेत्र के औचक निरीक्षण के दौरान अवैध रेत परिवहन में लगे 02 और टिपर वाहनों को जप्त किया गया। संबंधित वाहन मालिकों के विरुद्ध खनिज नियमों के तहत प्रकरण दर्ज करते हुए जप्त वाहनों एवं खनिज सामग्री को पुलिस थाना जयनगर के सुपुर्द किया गया है।खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण के विरुद्ध अभियान निरंतर जारी रहेगा। प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा तथा राजस्व क्षति रोकने के उद्देश्य से खनिज अमला नियमित निरीक्षण एवं सघन जांच अभियान संचालित कर रहा है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अवैध खनिज गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


























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