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- दुर्ग, छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष श्री सुरेश कुमार चंद्रवंशी के विगत दिवस दुर्ग जिले के प्रवास के दौरान कृषि एवं संबंधित विभागों के जिला अधिकारियों के साथ बैठक सर्किट हाउस दुर्ग में संपन्न हुई। बैठक में दुर्ग शहर विधायक श्री गजेन्द्र यादव भी सम्मिलित हुए। बैठक में बीज खाद की उपलब्धता, विभिन्न विभागीय योजनाओं की समीक्षा की गई। कृषि एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों को विभागीय योजनाओं से कृषकों को अधिकाधिक लाभान्वित कराने के निर्देश दिये गये। हरि खाद के उपयोग पर जोर दिया गया।विधायक श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि कृषकों को डीएपी खाद के उपयोग कम करने के साथ ही नैनों डीएपी अथवा यूरिया, सुपरफास्फेट, पोटाश एवं अन्य उपलब्ध मिश्रित उर्वरक का प्रयोग करने की सलाह दी जाए। श्री चंद्रवंशी के सर्किट हाउस पहुंचने पर विभागीय अधिकारियों में पुष्प गुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किये। इस अवसर पर संभागीय संयुक्त संचालक कृषि श्रीमती गोपिका गबेल, जिला विपणन अधिकारी श्री भौमिक बघेल, बीज निगम के अधिकारी श्री एस.के. बेहरा, सहकारी बैंक के अधिकारी श्री हृदेश शर्मा, उप संचालक मत्स्य श्रीमती सीमा चन्द्रवंशी सहित कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
- 0- कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने बुजुर्गों की मांग पर उन्हें प्रदान किया श्रवण यंत्रबालोद/ कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने मंगलवार को संयुक्त जिला कार्यालय स्थित अपने कक्ष में बुजुर्ग आनंदराम और तुकाराम को श्रवण यंत्र प्रदान किया। आज संयुक्त जिला कार्यालय में आयोजित जनदर्शन में पहुँचे गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम रेंगाकठेरा के श्रवणबाधित बुजुर्ग श्री आनंदराम और ग्राम बोदल के बुजुर्ग श्री तुकाराम ने आवेदन प्रस्तुत कर आवाज कम सुनाई देने की समस्या बताई तथा समाधान हेतु श्रवण यंत्र की मांग की। इनके आवेदन पर जिला प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए समाज कल्याण विभाग के माध्यम से श्रवण यंत्र उपलब्ध कराया गया। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने अपने कक्ष में दोनों ही बुजुर्गों को श्रवण यंत्र प्रदान कर उनसे बात की। बुजुर्ग श्री आनंदराम और श्री तुकाराम ने अपने कान में श्रवण यंत्र लगाकर बताया कि अब उन्हें सब की बातें साफ-साफ सुनाई दे रही है। उन्होंने अपनी समस्या के त्वरित समाधान के लिए शासन-प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर एवं समाज कल्याण विभाग के उप संचालक श्री अजय गेडाम उपस्थित थे।
- 0- प्रोजेक्ट दक्ष: प्राचार्यों को मिल रहा डिजिटल दक्षता का प्रशिक्षणरायपुर । प्रोजेक्ट दक्ष: हम होंगे स्मार्ट" अब एक नई दिशा और पहचान बना रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा अनुरूप और कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में इस परियोजना के माध्यम से जिले के शासकीय अधिकारी और कर्मचारी डिजिटल सशक्तिकरण की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। प्रोजेक्ट दक्ष के अंतर्गत मंगलवार को शिक्षा विभाग के हाई स्कूल एवं हायर सेकंडरी के प्राचार्यों को प्रशिक्षण दिया गया |इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, गति और प्रभावशीलता लाना है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में कर्मचारियों को कंप्यूटर और मोबाइल के मूल उपयोग, साइबर सुरक्षा, डेटा गोपनीयता, डिजिटल डॉक्यूमेंट मैनेजमेंट, ईमेल और MS Office जैसे उपयोगी टूल्स की व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है।मास्टर ट्रेनर्स की मदद से यह प्रशिक्षण चरणबद्ध तरीके से कलेक्टोरेट स्थित बीपीओ सेंटर मल्टीलेवल पार्किंग में संचालित किया जा रहा है। प्रतिदिन दो पाली में 25-25 बैच में प्रशिक्षण दिया रहा है। जिसमें ऑन-हैंड प्रैक्टिकल सेशन शामिल हैं। प्रशिक्षण के अंत में प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया जाएगा और सफल प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया जाएगा।
- दुर्ग/ गांव में मजदूरी कर गुज़ारा करने वाली स्व सहायता समूह की महिलाएं आज अपने व्यवसाय से लखपति बन चुकी हैं और क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गई हैं। दुर्ग जिले के ग्राम पंचायत रिसामा में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘‘बिहान‘‘ अंतर्गत संचालित कल्याणी स्व सहायता समूह की सदस्य और सचिव खेमीन निर्मलकर बिहान योजना में सक्रिय महिला के तौर पर भी कार्य कर रही है, और स्व सहायता समहों से जुड़ी महिलाओं के लिए एक मिशाल के तौर पर उभरी है।खेमीन निर्मलकर बताती है कि ग्राम में मजदूरी का कार्य करती थी और उनके पति मिस्त्री के रूप में कार्य करते थे, जिससे उन्हंे 8,000 रूपये मासिक आमदानी प्राप्त होती थी। श्रीमती खेमीन ने समूह के माध्यम से ऋण लेकर नया व्यवसाय करने और अपनी आमदानी को बढ़ाने की योजना बनाई। समूह के माध्यम से उन्होंने 2.5 लाख रुपये का बैंक लोन और एक लाख रुपये अपनी पूंजी लगाकर 2000 वर्गफुट सेट्रींग प्लेट का निर्माण कार्य शुरू किया।काम की गुणवत्ता और समय पर सेवा देने के चलते खेमीन दीदी की मांग बढ़ती गई। उन्होंने इसी वित्तीय वर्ष (2024-25) में अपने लाभ से 1000 वर्गफुट अतिरिक्त सेट्रींग प्लेट खरीदी और अब कुल 3000 वर्गफुट प्लेट्स उपलब्ध हैं। ये प्लेट्स अब तक 100-150 प्रधानमंत्री ग्रामीण आवासों और 100 से अधिक निजी निर्माण कार्यों में लगाई जा चुकी हैं।हर 1000 वर्गफुट प्लेट से उन्हें 12 हजार रुपये की शुद्ध आमदनी होती है। इस हिसाब से 3000 वर्गफुट प्लेट से 36 हजार रुपये प्रतिमाह और 10 महीनों की कार्य अवधि में कुल 3 लाख 60 हजार रुपये वार्षिक आमदनी हो रही है।सिर्फ खुद नहीं, औरों के लिए भी रोशनी बनींआज खेमीन दीदी सिर्फ अपने गांव रिसामा में ही नहीं, बल्कि दुर्ग जिले के चंदखुरी, उतई, घुघसीडीह, मचांदुर, कुकरैल, अण्डा, चिरपोटी और यहां तक कि बालोद जिले के ओटेबंद, सुखरी, पांगरी जैसे अनेक गांवों में भी प्रधानमंत्री आवास और निजी निर्माण कार्यों के लिए सेट्रींग प्लेट उपलब्ध करा रही हैं। अब उनकी योजना है कि वे आने वाले महीनों में अपने व्यवसाय को 3000 से बढ़ाकर 5000 वर्गफुट तक करें, जिससे और अधिक आमदनी हो सके और अन्य महिलाओं को भी रोजगार मिल सके।
- 0- परीक्षा के सुचारू एवं निर्विघ्न संचालन हेतु 25 परिवहन अधिकारी व पर्यवेक्षक नियुक्तमहासमुंद / छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल रायपुर द्वारा आयोजित की जाने वाली आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा का आयोजन रविवार 27 जुलाई 2025 को पूर्वान्ह 11ः00 से 01ः15 बजे तक एक पाली में होगा। जिला मुख्यालय महासमुन्द के निर्धारित 25 परीक्षा केन्द्रों में आयोजित परीक्षा में जिले के 7,063 परीक्षार्थी शामिल होंगे।कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह द्वारा परीक्षा के सुचारू एवं निर्विघ्न रूप से संचालन के लिए परीक्षा केन्द्रों तक गोपनीय सामग्री पहुंचाने हेतु 25 परिवहन अधिकारी/पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया हैं। परीक्षा केन्द्रो की दूरी को दृष्टिगत रखते हुए, नियुक्त परिवहन अधिकारी/पर्यवेक्षक 27 जुलाई को प्रातः 8ः30 बजे जिला कोषालय महासमुंद से गोपनीय सामग्री प्राप्त कर, संबंधित परीक्षा केन्द्र में उपलब्ध कराएंगे तथा परीक्षा समाप्ति के उपरांत गोपनीय सामग्री को कोऑर्डिनेटर के माध्यम से सील बंद करके जिला/उप कोषालय में जमा करेंगे। कार्यमुक्त होने के पूर्व परिवहन अधिकारी पर्यवेक्षक ओ० के० रिपोर्ट नोडल अधिकारी, सहायक नोडल अधिकारी को अनिवार्यतः सौपेगें।
- 0- कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष श्री सुरेश चंद्रवंशी थे समारोह के मुख्य अतिथि0- परिवार की आमदनी बढ़ाने में पशुपालन की है अहम भूमिकाबिलासपुर. कृषि विज्ञान केन्द्र, बिलासपुर में एनआरएलएम योजना के अंतर्गत पशु सखियों का 17 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम भारत सरकार की राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड ए-हेल्प (A-Help) द्वारा प्रायोजित किया गया था। जिसका आयोजन संचालनालय पशु चिकित्सा सेवाएं, छ.ग. राज्य पशुधन विकास अभिकरण एवं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय कृषि विज्ञान केन्द्र बिलासपुर के द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर श्री सुरेश चंद्रवंशी, अध्यक्ष, छ.ग. राज्य कृषक कल्याण परिषद शामिल हुए। उन्होंने अपने उद्बोधन में इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में पशुधन के विकास हेतु पशु सखियां का कौशल विकास प्रशिक्षण काम आयेगा। साथ ही पशु सखियों के रूप में नारी शक्ति जगेंगी तो सारी समस्या दूर होगी। उन्होंने कहा यदि हम पशुओं की उचित देखभाल करने हेतु स्वयं ही अग्रसर हो जायें तो पशुधन पारिवारिक आय का एक मुख्य स्त्रोत हो सकता है। कौशल विकास प्रशिक्षण के माध्यम से पशु सखियां पशुपालन एवं इससे संबंधित आयामों की आधुनिक तकनीकों को स्व-रोजगार के उपाय सृजित कर सकती हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्री माथी सिंह, प्रदेशाध्यक्ष, भारतीय किसान संघ छ.ग. ने गौ-आधारित खेती को अपनाने पर जोर दिया और कहा कि पशुधन पालन करके ही जैविक खादों का प्रयोग खेती में करके भूमि को लंबे समय तक उपजाऊ रखा जा सकता है। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारे डॉ. एस. एस. टुटेजा, निदेशक, विस्तार सेवाएं, ई. गां.कृ.वि. रायपुर ने कहा कि इस प्रशिक्षण के उपरांत प्रशिक्षित पशु सखियाँ पशुओं का टीकाकरण, स्वास्थ्य परीक्षण, कृत्रिम गर्भाधान आदि कार्यों को निश्चित तौर पर गांव में सहयोग कर सकती हैं तथा पशुपालन हेतु ग्रामीणों को प्रेरित कर सकती हैं।इस अवसर पर अतिथि के रूप में उपस्थित कृषि महाविद्यालय, बिलासपुर के अधिष्ठाता, डॉ. एन. के. चौरे ने कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पशु सखियों को पशुओं के देखभाल हेतु सम्पूर्ण पहलुओं में निपुण कर देगा। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में उपस्थित कृषि महाविद्यालय, लोरमी के अधिष्ठाता, डॉ. एस. एल. स्वामी ने कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के द्वारा पशु सखियों ने पशुओं के स्वास्थ्य संबंधी, भोजन संबंधी सभी जरूरतों को समझा है । इससे ग्रामीण क्षेत्र में पशुधन विकास में मदद मिलेगी। इस अवसर पर अतिथि के रूप में उपस्थित अतिरिक्त उप निदेशक, पशुधन विभाग छ.ग. डॉ . टी.एस. सरजल ने कहा कि छ.ग. में ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चिकित्सक की अनुपस्थिति में पशु सखियाँ पशुओं के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को दूर करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। कृषि विज्ञान केन्द्र, बिलासपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, डॉ. अरूण त्रिपाठी ने कहा कि 17 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान पशु सखियों को पशु चिकित्सा, पशु आहार एवं पशुपालन आदि विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान मास्टर ट्रेनरों डॉ. तन्मय ओत्तलवार, डॉ. तापसी मंडल तथा डॉ. रंजना नंदा ने बहुत ही अच्छे तरीकों से सैद्धांतिक, प्रायोगिक एवं विभिन्न डेयरी इकाइयों के भ्रमण के साथ प्रशिक्षण प्रदान किया है जो कि पशु सखियों के कौशल विकास में महत्वपूर्ण योगदान प्रदान करेगा। इस अवसर पर कृषि महाविद्यालय, बिलासपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक, डॉ. गीत शर्मा तथा डॉ. संजय वर्मा भी उपस्थित थे। कृषि विज्ञान केन्द्र बिलासपुर के वैज्ञानिक डॉ. शिल्पा कौशिक, डॉ. एकता ताम्रकार, श्रीमती हेमकांति बंजारे, डॉ. अमित शुक्ला, श्री जयंत साहू, इंजी, पंकज निंज, डॉ. निवेदिता पाठक, डॉ. पंचला रानी पटेल, श्रीमती सुशीला ओहदार, डॉ. स्वाति शर्मा आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में वैज्ञानिक डॉ. अमित शुक्ला ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफलतापूर्वक आयोजित करने हेतु आयोजन से जुड़े हुए सभी व्यक्तियों का आभार व्यक्त किया।
- भिलाई नगर। नेहरू नगर चौक पर नाली के ऊपर अवैध कब्जा, सुपेला मार्केट एवं आकाशगंगा मार्केट में प्रस्तावित पार्किंग स्थल से अवैध कब्जा, आकाशगंगा मार्केट के मोड पर चल रहे ठेले, होटल एवं गुपचुप वालों पर कार्रवाई की गई। जिसके कारण यातायात एवं आवागमन बाधित हो रही थी । मंगलवार को अतिक्रमण एवं अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई जोन क्रमांक 1 में की जाती है।नेहरू नगर चौक पर नाली के ऊपर अवैध रूप से दुकान संचालित कर ताला चाबी निर्माता, गुमटी एवं ठेला द्वारा नाली जाम कर दिया गया था । अवैध दुकान संचालकों को बार-बार मना करने के बाद न मानने एवं प्राप्त शिकायत के आधार पर आज खाली कराया गया । इसी तरह सुपेला आकाशगंगा मार्केट के अंदर पार्किंग स्थल का निर्माण प्रस्तावित है वहां अवैध ठेला स्थापित करके व्यापार किया जा रहा था उसे हटाया गया है। लक्ष्मी नगर सब्जी मंडी में भी पार्किंग स्थल प्रस्तावित है जिसका निर्माण हो जाने से पार्किंग की समस्या का निजात मिलेगा वहां पर भी अवैध कब्जा करके व्यापार किया जा रहा था, जिसे हटाया गया स्थल रिक्त कराया गया है। राजस्थानी व्यापारियों के मांग पर पार्किंग स्थल प्रस्तावित किया गया है जिससे सड़क पर खड़ी हो रही गाड़ियों से निजात मिले लोगों का आवागमन सुगम हो और व्यापार अच्छा चल सके। कार्रवाई के दौरान जोन राजस्व अधिकारी अजय शुक्ला, प्रसन्न तिवारी तोड़फोड़ दस्ता, प्रभारी हरिओम गुप्ता विनोद शुक्ला नंदू सिन्हा इमान सिंह कन्नौज, खेमलाल, राजेंद्र कुमार सिंह विष्णु सोनी आदि उपस्थित रहे ।
- बिलासपुर/ कलेक्टर संजय अग्रवाल ने अधिकारियों को अपने-अपने कार्यालय में ई-ऑफिस योजना को लागू करने के निर्देश दिए हैं। योजना के तहत फाईलें कागजी दस्तावेज के रूप में नहीं बल्कि पेपरलेस फार्म में डिजिटली अधिकारियों एवं कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत की जायेंगी। कलेक्टर ने बड़े कार्यालयों के अधिकारियों को शुरू में कम से कम 50-50 फाईलें डिजिटली प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मैं स्वयं ई ऑफिस के तहत कार्य करना शुरू कर दिया है। अब हर ऑफिस को ई-फाईल पर काम करना होगा।यह कोई कठिन काम नहीं है। इसे हम कभी भी ऑनलाईन मोड में देख सकते हैं। शुरूआत पहले स्थापना शाखा जैसे सरल कार्यों से शुरू किया जाये। उन्होंने सभी संबंधित कर्मचारी एवं अधिकारियों को एक बार पुनः प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए है। नगर निगम आयुक्त अमित कुमार, एडीएम शिवकुमार बनर्जी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
- दुर्ग, परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना भिलाई 01 के अंतर्गत नगर पालिक निगम भिलाई वार्ड क्रमांक-11 के आंगनबाड़ी केन्द्र मुरूम खदान और वार्ड क्रमांक 29 के आंगनबाड़ी केन्द्र वृन्दानगर-1 में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रिक्त पदों पर भर्ती किया जाना है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के लिए आवेदन 28 जुलाई तक एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय भिलाई 01 (पता-जुनवानी चिखली मुख्य मार्ग जुनवानी भिलाई) में सीधे अथवा पंजीकृत डॉक द्वारा कार्यालयीन समय 10 से 5.30 बजे तक (शासकीय अवकाश को छोड़कर ) जमा किया जा सकता है। निर्धारित तिथि के पश्चात प्राप्त आवेदन स्वीकार नही किए जाएंगे।परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना से मिली जानकारी अनुसार आवेदन किये जाने हेतु शासन द्वारा निर्धारित आवश्यक गाईडलाईन के तहत आवेदिका की आयु 18 से 44 वर्ष के मध्य होनी चाहिए (एक वर्ष या अधिक सेवा का अनुभव रखने वाली कार्यकर्ता/सहायिका/सह-सहायिका/संगठिका को आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट दी जाएगी)। आवेदिका उसी ग्राम की स्थायी निवासी होनी चाहिए जिस ग्राम में आंगनबाड़ी केन्द्र स्थित है। शहरी क्षेत्रों में आवेदिका उसी वार्ड की निवासी होना चाहिए।निवासी होने के प्रमाण में ग्राम की अद्यतन मतदाता सूची में दर्ज नाम एवं नगरीय क्षेत्र में होने पर संबंधित वार्ड की अद्यतन मतदाता सूची में नाम दर्ज हो तो आवेदन पत्र में उसके क्रमांक का उल्लेख कर प्रतिलिपि लगाई जाए अथवा ग्राम पंचायत के सरपंच तथा सचिव द्वारा संयुक्त हस्ताक्षरित अथवा पटवारी तथा नगरीय निकायों में वार्ड पार्षद अथवा पटवारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र जिसमें वार्ड में निवासरत् रहने का पता सहित स्पष्ट उल्लेख हो, मान्य किया जाएगा।आवेदिका की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पद हेतु 12वीं बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण। अनुभवी कार्यकर्ता/सहायिका/सह सहायिका होने पर, गरीबी रेखा परिवार, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति परिवार की महिला होने पर तथा विधवा, परित्यक्ता अथवा तलाकशुदा महिला होने पर अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे।
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बिलासपुर/ भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2025 के अंतर्गत पात्र बच्चों से ऑनलाईन आवेदन 31 जुलाई तक मंगाये गये है। यह पुरस्कार उन बच्चों को दिया जाता है जिन्होंने निःस्वार्थ कार्य, असाधारण बहादुरी, असाधारण क्षमताएं तथा उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल की हैं। ऐसे बच्चे जो रोल मॉडल बनकर समाज के लिए प्रेरणा बने हैं और जिन्होंने खेल, सामाजिक सेवा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, कला-संस्कृति तथा नवाचार के क्षेत्र में प्रभावशाली कार्य किए हैं, उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
पुरस्कार की पात्रता कोई भी बच्चा जिसकी उम्र 05 वर्ष 31 जुलाई 2025 की स्थिति में 18 वर्ष से अधिक न हो, भारतीय नागरिक हो व भारत में निवास करता हो। घटना, उपलब्धि आवेदन, नामांकन की प्राप्ति की अंतिम तिथि से 2 वर्ष के भीतर होनी चाहिए। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2025 हेतु ऑनलाइन आवेदन पोर्टल https://awards.gov.in पर 1 अप्रैल 2025 से लाइव कर दिया गया है और आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2025 निर्धारित की गई है। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे।
- बालोद/ दुर्ग संभाग के संभाग आयुक्त श्री सत्यनारायण राठौर ने मंगलवार को संयुक्त जिला कार्यालय परिसर बालोद में ’एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत रूद्राक्ष का पौधा रोपा। उन्होंने अपनी माँ श्रीमती श्याम बाई राठौर के नाम पर पौधरोपण किया और संबंधितों को पौधे की देखभाल करने एवं सुरक्षा की बात कही। इस अवसर पर उपस्थित कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने संभाग आयुक्त को बताया कि जिले में विगत 20 जुलाई को सभी वर्गों की सहभागिता से 01 लाख 74 हजार से अधिक पौधों का रोपण किया गया है। इस दौरान वनमण्डलाधिकारी श्री अभिषेक अग्रवाल, अपर कलेक्टर श्री नूतन कंवर, श्री अजय किशोर लकरा, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर उपस्थित थे।
- 0- बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के दिए निर्देशबालोद, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एल. उइके ने ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने सोमवार 21 जुलाई को जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड में कार्यरत स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारी-कर्मचारियों की बैठक ली। जिसके अंतर्गत मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, मलेरिया, टीबी, अंधत्व निवारण, गैर संचारी रोग, कृष्ठ नियंत्रण, महामारी नियंत्रण सहित समस्त ऑनलाईन एण्ट्री की स्वास्थ्य केन्द्रवार समीक्षा की गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बैठक में मौजूद सभी अधिकारी-कर्मचारियों को लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधा पहुँचाने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि इस दौरान किसी भी तरह की लापरवाही बर्दास्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारी-कर्मचारियों को मुख्यालय में रहने और आधार आधारित उपस्थिति का शत् प्रतिशत पंजीयन कराने के कड़े निर्देश दिये। इसके साथ ही आपसी समन्वय बनाकर बेहतर कार्य कर स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश भी दिये। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने केन्द्र एवं राज्य शासन की योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला स्तरीय के खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनोद कुमार चारका, नोडल अधिकारी जितेन्द्र सिंह, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री अखिलेश शर्मा, जिला सलाहकार डॉ. अरविन्द मिश्रा, जिला सलाहकार (एन.व्ही.बी.डी.सी.पी.) श्री सुर्यकांत साहू सहित विकासखण्ड स्तर के सभी विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- - संत ज्ञानेश्वर स्कूल में हुई महाराष्ट्र मंडल के वल्लभ नगर महिला केंद्र की बैठकरायपुर। आज के एकल परिवार सिद्धांत के बीच लगभग हर घर में देवरानी और जेठानी की आपस में नहीं बनती। किसी न किसी बात को लेकर दोनों के बीच मतभेद और मनभेद दोनों होते हैं। ऐसे में वल्लभ नगर महिला केंद्र की मेहमान अनिता चौहान और हेतल चौहान के देवरानी- जेठानी वाले प्रेम को देखकर सभी ने खूब प्रशंसा की। सभी महिलाएं संत ज्ञानेश्वर स्कूल में आयोजित वल्लभ नगर महिला केंद्र की मासिक बैठक में पहुंचे थे।महाराष्ट्र मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले ने बताया कि अनिता और हेतल दोनों देवरानी और जेठानी को एक साथ रहते 12 साल हो गए। तब से लेकर अब तक दोनों किसी भी फंक्शन में एक जैसे गेटअप में आती हैं। एक जैसी साड़ी, गहने, मेकअप, चूड़ी, खाना.... सब एक जैसा ही होता है। दोनों की पसंद और नापसंद भी एक जैसे ही है। दोनों मिल जुलकर रहती हैं और परिवार को भी जोड़कर रखती हैं। अनिता और हेतल ने बताया कि रिश्तेदार भी हमें यदि कोई गिफ्ट देते हैं या कपड़ा, साड़ी, खरीदते हैं, तो एक जैसा ही देते हैं। घर के लोग भी हमारे लिए एक जैसा सामान लाते हैं। घर में कोई भी चीज दो आती है और वह भी एक जैसी।तोपखानेवाले के अनुसार सर्वप्रथम हरतालिका के पूर्व सावन थीम पर तीज उत्सव मनाने पर विचार किया गया। इसके बाद केंद्र की सदस्य शुभांगी आप्टे ने ताश के पत्तों से रोचक खेल खिलाए, जिसे सभी ने खूब एंजाय किया। इसके बाद गानों की धुन में सभी ने हाउजी खेला। गानों में कुछ नंबर छिपे थे, जिसका हाउजी के टिकट में प्रतिभागी महिलाओं को ढ़ूंढना था। सभी ने इसका खूब मजा लिया।महिलाओं को दूसरा सरप्राइज गेम विठालकर ने खिलाया। उन्होंने खेल- खेल ही में महिलाओं को ड्रेसिंग सेंस के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि आप क्या पहने कि आप लोगों से अलग हटकर दिखे। इस अवसर पर तुलसी का पौधा लगाकर पर्यावरण के प्रति महिलाओं को जागरूक किया गया।
- - रायपुर क्षेत्रीय कार्यालयों में लगाए जाएंगे लक्ष्य से अधिक पौधे- प्रबंध निदेशक भीमसिंह कंवर ने किया वृक्षारोपणरायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज़ के 50 हजार पौधे लगाने के संकल्प को पूरा करने के लिए शहर से लेकर गांव तक में फैले बिजली दफ्तरों के रिक्त स्थानों में वृक्षारोपण करने का कार्यक्रम वृहद स्तर पर किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज गुढ़ियारी स्थित बिजली ऑफिस के सबसे पुराने कैंपस में वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री भीम सिंह कंवर के मुख्य आतिथ्य में वृक्षारोपण किया गया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि प्रकृति हमारी मां है। ब्रम्हांड में समय और प्रकृति ही काम करती है। सबको जन्म देने वाली प्रकृति मां ही है। प्रकृति को स्वच्छ बनाए रखने की जिम्मेदारी हम सबकी है। इसकी सुरक्षा और संवर्धन के लिए हमें अधिक से अधिक पेड़ लगाना चाहिए।पॉवर कंपनी के गुढ़ियारी स्थित सिविल संभाग के कार्यालय में वृक्षारोपण किया गया। इस स्थान पर 1951 में रायपुर पॉवर हॉउस संचालित था, जिसमें रिक्त भूमि में वृहद वृक्षारोपण किया गया। पॉवर कंपनीज़ वृक्षारोपण महोत्सव के तहत पूरे प्रदेश के बिजली दफ्तर, उपकेंद्र और उत्पादन संयंत्रों में 50 हजार से अधिक पौधे लगाए जा रहे हैं। इसके तहत रायपुर शहर क्षेत्रीय कार्यालय को दो हजार और रायपुर ग्रामीण क्षेत्रीय कार्यालय को 5500 पेड़ लगाने का लक्ष्य दिया गया था। जिसे प्रबंध निदेशक श्री कंवर ने बढ़ाकर रायपुर शहर में तीन हजार और रायपुर ग्रामीण में 7000 का लक्ष्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाने से हमारा दायित्व पूरा नहीं हो जाता, हमें इसकी देखभाल भी करनी होगी। इस मौके पर पॉवर कंपनी के डायरेक्टर श्री आर.ए. पाठक, कार्यपालक निदेशक श्री वीके साय, मुख्य अभियंता श्री राजेंद्र प्रसाद विशेष रूप से उपस्थित थे। इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक (रायपुर ग्रामीण) श्री संदीप वर्मा ने कहा कि ग्रामीण परिक्षेत्र में पांच जिलों के तीन वृत्त कार्यालय, 12 संभाग, 34 उपसंभाग, 120 वितरण केंद्र के साथ 134 उपकेंद्र हैं, जहां दो हजार से अधिक पेड़ लगाए जा चुके हैं। इसे 10 अगस्त तक पूरा कर लिया जाएगा। मुख्य अभियंता (रायपुर शहर) श्री एम. जामुलकर ने कहा कि शहर में 19 जोन आते हैं, वहां रिक्त भूमि में वृक्षारोपण का कार्यक्रम किया जा रहा है। एक पेड़ मां के नाम रोपण करने उपभोक्ताओं को भी प्रेरित किया जा रहा है। इस मौके पर चिकित्सा सलाहकार डॉ. विवेक गोले, अतिरिक्त मुख्य अभियंता सर्वश्री के.एस. भारती, श्री अशोक खंडेलवाल, बीके कुमरे, एल्मिना कुजूर, संजीव सिंह सहित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- -12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थी 26 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं-बी.एस.सी. (कृषि) की 1348 सीटों पर विद्यार्थियों ने लिया दाखिलारायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित शासकीय एवं निजी महाविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के बी.एस.सी. कृषि (ऑनर्स) स्नातक पाठ्यक्रम में द्वितीय चरण की काउंसलिंग (स्पॉट काउंसलिंग) के पश्चात रिक्त सीटों पर 12वीं परीक्षा के परिणामों के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा। इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश के इच्छुक 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर 26 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं। इस अवधि में पंजीयन करने वाले अभ्यर्थियों को निर्धारित नियमों के तहत प्रावीण्यता के आधार पर उपरोक्त पाठ्यक्रम में प्रवेश दिया जाएगा। इसी प्रकार निजी महाविद्यालयों में प्रबंधन सीटों पर प्रवेश हेतु इच्छुक अभ्यर्थी 28 जुलाई से 3 अगस्त 2025 तक आवेदन कर सकते है। बी.एस.सी. कृषि (ऑनर्स) स्नातक पाठ्यक्रम में उपलब्ध कुल 2015 सीटों में अब तक 1348 सीटों पर प्रवेश दिया जा चुका है तथा 667 सीटें रिक्त हैं।उल्लेखनीय है कि नवीन शिक्षा नीति 2020 के तहत प्रवेश हेतु ऑनलाईन काउंसलिंग प्रक्रिया जारी है। काउंसलिंग के द्वितीय चरण में स्पॉट काउंसलिग आज से प्रारंभ हुई है जो कल 23 जुलाई तक चलेगी। स्पॉट काउंसलिंग के दौरान विभिन्न कृषि महाविद्यालयों में रिक्त सीटों पर उपलब्धता के आधार पर दस्तावेजों के परीक्षण के उपरांत तत्काल फीस जमा कर प्रवेश दिया जा रहा है। 25 जुलाई को विभिन्न महाविद्यालयों में शेष सीटों का कन्वर्शन किया जाएगा। कन्वर्शन काउंसलिंग हेतु प्रोविजनल सीट, महाविद्यालय आबंटन, तत्काल दस्तावेज एवं ऑनलाईन फीस जमा करने हेतु अभ्यर्थियों को कृषि महाविद्यालय रायपुर में 25 जुलाई को उपस्थित होना पडे़गा।बारहवीं के परीक्षा परिणामों के आधार पर रिक्त सीटों मे ंप्रवेश हेतु विश्वविद्यालय की वेबसाईट पर 26 जुलाई को रात्रि 11ः30 बजे तक ऑनलाईन पंजीयन कराया जा सकता है। असफल फीस ट्रांजेक्शन वाले अभ्यर्थी 27 जुलाई को पुनः फीस जमा कर सकते हैं। ऑफलाईन दस्तावेजों का सत्यापन कृषि महाविद्यालय रायपुर में 28 एवं 29 जुलाई को किया जाएगा। 30 जुलाई 2025 को विश्वविद्यालय की वेबसाईट पर अभ्यर्थियों की प्रावीण्य सूची अपलोड की जाएगी। 31 जुलाई से 2 अगस्त तक अभ्यर्थियों को सीट आबंटन तथा फीस जमा करने हेतु कृषि महाविद्यालय रायपुर में उपस्थित होना होगा। काउंसिलिंग संबंधित दिशा-निर्देशों की अधिक जानकारी हेतु विश्वविद्यालय की वेबसाईट www.igkv.ac.in का अवलोकन कर सकते हैं।
- रायपुर। प्रदेश के वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट श्री विनय शर्मा का मंगलवार शाम निधन हो गया। गैलेक्सी रेजिडेंसी, अमलीडीह रायपुर के निवासी श्री विनय शर्मा 65 वर्ष के थे।श्री विनय शर्मा ने दैनिक देशबंधु और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं। वे पत्रकारिता जगत में अपनी प्रतिबद्धता, सौम्यता और उत्कृष्ट फोटोग्राफी के लिए विशेष रूप से पहचाने जाते थे। वे श्रीमती अपराजिता शर्मा के पति, अमित शर्मा एवं अमृता के पिता, प्रसिद्ध उद्घोषक श्री कमल शर्मा के अनुज थे।
- रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के वरिष्ठ एवं सम्मानित फोटो जर्नलिस्ट श्री विनय शर्मा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि श्री विनय शर्मा जी का निधन पत्रकारिता जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है।मुख्यमंत्री ने अपनी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि विनय जी अपने सौम्य व्यक्तित्व, संवेदनशील दृष्टिकोण और पत्रकारिता के प्रति समर्पण के लिए हमेशा याद किए जाएंगे। उन्होंने पत्रकारिता को जन सरोकारों से जोड़ने का कार्य निष्ठा और गरिमा के साथ किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने ईश्वर से प्रार्थना की कि वे दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिजनों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति दें।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्वतंत्रता संग्राम के महानायक लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक और अमर क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की जयंती (23 जुलाई) के अवसर पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया है। उन्होंने कहा कि देश की आज़ादी के लिए इन दोनों महान स्वतंत्रता सेनानियों का योगदान अविस्मरणीय है, जिन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन मातृभूमि के लिए समर्पित कर दिया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि लोकमान्य तिलक ने "स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा" जैसे क्रांतिकारी उद्घोष के माध्यम से जनमानस में आज़ादी के लिए चेतना की ज्वाला प्रज्वलित की। उन्होंने सामाजिक समरसता के उद्देश्य से महाराष्ट्र में गणेश उत्सव की सार्वजनिक परंपरा की शुरुआत कर राष्ट्रीय एकता को एक नया सांस्कृतिक आधार प्रदान किया।श्री साय ने चंद्रशेखर आजाद के अदम्य साहस और बलिदान को याद करते हुए कहा कि वे स्वतंत्रता संग्राम की ज्वलंत प्रेरणा हैं। आजाद ने अपना जीवन देश को समर्पित कर युवाओं में आत्मबल, साहस और राष्ट्रभक्ति की भावना को जाग्रत किया। उनका नाम ही देशभक्ति, अदम्य साहस और संकल्प का प्रतीक बन गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि तिलक जी और आजाद जी का संघर्ष और बलिदान केवल इतिहास नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा के स्तंभ हैं। उनके विचार, आदर्श और राष्ट्रप्रेम आज भी हम सभी को देश की सेवा के लिए प्रेरित करते हैं।
- -इस खरीफ सीजन में 48.85 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का है लक्ष्य-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का निर्देश: किसानों को उनकी मांग के अनुरूप सुगमता से मिले खाद-बीज-किसानों को 10.20 लाख मीट्रिक टन खाद और 7.22 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित-अब तक 446.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज: प्रदेश की औसत वार्षिक वर्षा 1238.7 मिमीरायपुर, / प्रदेश में खेती-किसानी का काम तेजी के साथ जारी है। राज्य में अब तक 36.42 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान, मक्का, कोदो, कुटकी, अरहर, मूंग, मूंगफली, रामतिल सहित विभिन्न फसलों की बोनी हो चुकी है, जो लक्ष्य का 75 प्रतिशत है। इस खरीफ सीजन में राज्य सरकार ने 48.85 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बोनी का लक्ष्य रखा है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किसानों को खेती-किसानी में सहुलियतें प्रदान करने के लिए सभी आवश्यक सहयोग करने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किए हैं। उन्होंने किसानों को उनकी मांग के अनुसार सुगमता के साथ प्रमाणित खाद-बीज का वितरण करने को भी कहा हैं। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा इन पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। प्रदेश के किसानों को अब तक 10.20 लाख मीट्रिक टन खाद और 7.22 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया जा चुका है। 21 जुलाई 2025 की स्थिति में प्रदेश में अब तक 446.1 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है, जबकि प्रदेश की औसत वार्षिक वर्षा 1238.7 मिमी है।कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष खरीफ 2025 के लिए प्रदेश में 4.95 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें समस्त स्त्रोतों से 7.88 लाख क्विंटल बीज का भंडारण कर अब तक 7.22 लाख क्विंटल बीज का वितरण किसानों को किया गया है, जो मांग का 146 प्रतिशत है। जबकि खरीफ वर्ष 2024 में राज्य में बीज निगम से 4.64 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया गया था।इसी प्रकार प्रदेश में इस खरीफ सीजन में 14.62 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उक्त लक्ष्य के विरूद्ध 13.78 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का सहकारी एवं निजी क्षेत्रों में भंडारण किया गया है। उक्त भंडारण के विरूद्ध 10.20 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है, जो लक्ष्य का 70 प्रतिशत है।कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि खाद-बीज वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर कड़ी कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सोसायटियों में पर्याप्त खाद-बीज का भण्डारण कर सतत निगरानी करने को कहा गया है।
- -राज्य सरकार प्रतिबद्ध है प्रदेश के हर खिलाड़ी को अवसर, संसाधन और मंच देने के लिए : मुख्यमंत्री-महासमुंद की नवलीन कौर ने तीरंदाजी में नेशनल गेम्स में बनाया स्थान, राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में जीता था गोल्ड मेडलरायपुर, / खेल प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के हर खिलाड़ी को उसकी मेहनत, लगन और क्षमता के अनुरूप अवसर, संसाधन और मंच उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने महासमुंद जिले की नवोदित तीरंदाज नवलीन कौर को आगामी राष्ट्रीय खेलों में तीरंदाजी में स्थान बनाने पर बधाई और शुभकामनाएँ दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवलीन जैसी खिलाड़ी छत्तीसगढ़ के भविष्य की नींव हैं और सरकार उन्हें खेल के हर स्तर पर निखारने के लिए हरसंभव सहायता प्रदान करेगी।जन्म से ही स्वास्थ्यगत चुनौतियों से जूझने वाली नवलीन ने इसे अपनी कमज़ोरी नहीं, बल्कि ताकत में बदल दिया और खेल को अपना जीवन-मार्ग चुना। उन्होंने फरवरी 2025 में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर यह साबित कर दिया कि इच्छाशक्ति और मेहनत के आगे कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।महासमुंद जिले के बागबाहरा की निवासी नवलीन कौर, श्री अरविंद एवं श्रीमती रंजीत कौर छाबड़ा की सुपुत्री हैं। उनका जन्म गर्भावस्था के सातवें महीने में हुआ था, जिससे प्रारंभिक वर्षों में स्वास्थ्य संबंधी कई परेशानियाँ रहीं। आस-पड़ोस, रिश्तेदार और परिचित हमेशा उनकी तबीयत के बारे में पूछते रहते थे, जिससे वह कभी-कभी उदास हो जाती थीं। लेकिन नवलीन ने इस जिज्ञासा को चुनौती के रूप में स्वीकार किया और खुद को एक नई दिशा में ढाल दिया।वर्ष 2018 में नवलीन ने बागबाहरा से लगभग पांच किलोमीटर दूर स्थित बिहाझर बालाश्रम में तीरंदाजी का प्रशिक्षण प्रारंभ किया। वे महासमुंद जिले की पहली महिला तीरंदाज बनीं। स्कूली शिक्षा के दौरान उन्होंने दो बार राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक हासिल किए और एक बार राष्ट्रीय स्तर की स्कूली तीरंदाजी प्रतियोगिता में चौथा स्थान अर्जित किया। वर्ष 2023 में उन्होंने गुजरात में आयोजित एफजीएफआई राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व किया और राज्य स्तरीय सीनियर तीरंदाजी प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त किया।नवलीन का लक्ष्य अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए पदक जीतना है। उन्होंने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं में कंपाउंड बो से खेला जाता है, जिसके लिए उनके परिजनों ने उन्हें एक नया आधुनिक कंपाउंड धनुष प्रदान किया है। उन्होंने सिटी ओपन तीरंदाजी प्रतियोगिता में कंपाउंड राउंड बालिका वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त कर इसकी शानदार शुरुआत की है। वर्तमान में नवलीन कोच श्री एवन साहू एवं खेल अधिकारी श्री मनोज धृतलहरे से तीरंदाजी के गुर सीख रही हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि क्रिकेट की लोकप्रियता के इस दौर में कोई खिलाड़ी यदि तीरंदाजी जैसे विशिष्ट खेल में कड़ी मेहनत करके प्रदेश और देश के लिए मेडल लाने की दिशा में काम कर रहा है, तो यह न केवल सराहनीय है बल्कि प्रेरणास्पद भी। नवलीन जैसी प्रतिभाएं छत्तीसगढ़ के युवाओं को यह संदेश देती हैं कि प्रतिबद्धता, अभ्यास और आत्मविश्वास के बल पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
- --कलेक्टर ने परीक्षार्थियों से व्यापम के दिशा-निर्देशों का पालन कर सफलतापूर्वक परीक्षा संपन्न कराने में सहयोग करने की अपील की- 27 जुलाई को बालोद जिले के परीक्षा केन्द्रों में आयोजित की जाएगी आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षाबालोद । छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल रायपुर द्वारा आयोजित परीक्षाओं के निष्पक्ष, पारदर्शीपूर्ण एवं सफलतापूर्वक आयोजन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किया गया है। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों के आधार पर अब व्यापम द्वारा आयोजित आगामी सभी परीक्षाओं में परीक्षा केन्द्र में प्रवेश के पूर्व सभी अभ्यर्थियों का अनिवार्य रूप से हैण्डहेल्ड मेटल डिटेक्टर से तथा मैन्युअल पैट डाउन फ्रिस्किंग किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक परीक्षा केन्द्रों में 01-01 महिला एवं पुरूष पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। जारी किए गए दिशा-निर्देशों के आधार पर महिला अभ्यर्थियों की फ्रिस्किंग महिला पुलिस कर्मी द्वारा परीक्षा केन्द्र में बनाए गए अस्थायी कक्ष में किया जाएगा। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल द्वारा आयोजित परीक्षाओं में शामिल होेने वाले बालोद जिले के अभ्यर्थियों से व्यापम द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए निष्पक्ष एवं पारदर्शीपूर्ण परीक्षा संपन्न कराने में सहयोग करने की अपील की है। जिससे कि प्रतियोगी परीक्षाओं में योग्य एवं मेहनतकश लोगों का चयन सुनिश्चित हो सके। उल्लेखनीय है कि रविवार 27 जुलाई को बालोद जिले के निर्धारित परीक्षा केन्द्रों में व्यापंम द्वारा आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा का आयोजन किया गया है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने व्यापम द्वारा 27 जुलाई को आयोजित आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा में शामिल होेने वाले जिले के सभी अभ्यर्थियों को छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए सफलतापूर्वक परीक्षा के आयोजन में सहयोग करने को कहा है।छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों के आधार पर व्यापम द्वारा आयोजित आगामी सभी परीक्षाओं में परीक्षार्थियों को परीक्षा प्रारंभ होने से कम से कम 02 घंटा पूर्व परीक्षा केन्द्र में पहुँचना अनिवार्य है, जिससे कि उनका फ्रिस्किंग एवं सत्यापन सही तरीके से किया जा सके। इसके अंतर्गत 27 जुलाई 2025 से होने वाले परीक्षाओं में 30 मिनट पूर्व परीक्षा केन्द्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा। जारी किए गए दिशा-निर्देशों के आधार पर परीक्षार्थियों को हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े तथा फुटवियर के रूप में चप्पल पहनना अनिवार्य होगा। कान में किसी भी प्रकार का आभूषण वर्जित है। परीक्षा कक्ष में किसी भी प्रकार का संचार उपकरण, इलेक्ट्राॅनिक उपकरण, इलेक्ट्राॅनिक घड़ी, पर्स, पाउच, स्कार्फ, बेल्ट, टोपी आदि ले जाना पूर्णतः वर्जित है। परीक्षा प्रारंभ होने के पहले आधे घंटे में एवं परीक्षा समाप्ति के आखिरी आधे घंटे में परीक्षा कक्ष से बाहर जाना भी वर्जित है। व्यापम द्वारा आयोजित परीक्षाओं के निगरानी हेतु 03 सदस्यीय उड़नदस्ता दल का प्रावधान है जिसमें 01 पुलिसकर्मी अनिवार्य रूप से अब शामिल किया गया है, जो परीक्षा केन्द्र के साथ-साथ, उसके परिसर एवं गेट के बाहर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगे। फ्रिस्किंग के नए प्रावधान को व्यापम द्वारा जिले के नोडल अधिकारी एवं समन्वयक को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अवगत कराया गया। अब व्यापम द्वारा आयोजित परीक्षा में परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र तथा मूल पहचान पत्र के साथ परीक्षा केन्द्र में 02 घंटा पूर्व पहुँचना अनिवार्य किया गया है। जिससे उनका फ्रिस्किंग का कार्य परीक्षा प्रारंभ के पूर्व संपन्न किया जा सके।
- बालोद। अनुसूचित जाति अंत्योदय स्वरोजगार योजना एवं अनुसूचित जनजाति स्वरोजगार योजना में जिला बालोद को वर्ष 2025-26 हेतु अंत्योदय स्वरोजगार योजना के लक्ष्य 104 इकाई एवं आदिवासी स्वरोजगार योजना में लक्ष्य 33 इकाई का कुल 147 इकाई का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। कार्यपालन अधिकारी जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति मर्यादित बालोद ने बताया कि जिले में निवास करने वाले शिक्षित बेरोजगार युवक, युवतियों से स्वयं व्यवसाय चयन कर रोजगार स्थापित करने हेतु आवेदन पत्र आमंत्रित किए गए हैं। ऐसे पात्र आवेदक जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति मर्यादित कक्ष क्र. 91 संयुक्त जिला कार्यालय बालोद के साथ ही जिले के सभी जनपद पंचायत कार्यालयों एवं नगरीय निकाय कार्यालयों मंे कार्यालयीन समय में आवेदन पत्र प्राप्त कर आवश्यक समस्त दस्तावेेजों के साथ जमा भी कर सकते हैं।
- परीक्षा के सुचारू एवं निर्विघ्न संचालन हेतु 25 परिवहन अधिकारी व पर्यवेक्षक नियुक्तमहासमुंद/ छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल रायपुर द्वारा आयोजित की जाने वाली आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा का आयोजन रविवार 27 जुलाई 2025 को पूर्वान्ह 11: 00 से 01: 15 बजे तक एक पाली में होगा। जिला मुख्यालय महासमुन्द के निर्धारित 25 परीक्षा केन्द्रों में आयोजित परीक्षा में जिले के 7,063 परीक्षार्थी शामिल होंगे।कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह द्वारा परीक्षा के सुचारू एवं निर्विघ्न रूप से संचालन के लिए परीक्षा केन्द्रों तक गोपनीय सामग्री पहुंचाने हेतु 25 परिवहन अधिकारी/पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया हैं। परीक्षा केन्द्रो की दूरी को दृष्टिगत रखते हुए, नियुक्त परिवहन अधिकारी/पर्यवेक्षक 27 जुलाई को प्रातः 8: 30 बजे जिला कोषालय महासमुंद से गोपनीय सामग्री प्राप्त कर, संबंधित परीक्षा केन्द्र में उपलब्ध कराएंगे तथा परीक्षा समाप्ति के उपरांत गोपनीय सामग्री को कोऑर्डिनेटर के माध्यम से सील बंद करके जिला/उप कोषालय में जमा करेंगे। कार्यमुक्त होने के पूर्व परिवहन अधिकारी पर्यवेक्षक ओ० के० रिपोर्ट नोडल अधिकारी, सहायक नोडल अधिकारी को अनिवार्यतः सौपेगें।
- महासमुन्द। राज्य शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग तथा खाद्य सुरक्षा आयुक्त के निर्देशानुसार आगामी पर्व रक्षाबंधन को दृष्टिगत रखते हुए 21 जुलाई को पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में पनीर एवं खोवा की गुणवत्ता जांच हेतु विशेष अभियान संचालित किया गया। इसी क्रम में कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह एवं जिला अभिहीत अधिकारी सह अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) महामसुंद श्री हरिशंकर पैकरा के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री शंखनाद भोई द्वारा जिले के बागबाहरा क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न प्रतिष्ठानों से खाद्य नमूने संकलित किए गए।जांच के तहत प्रतिष्ठानों से विधिक खाद्य नमूने लिए गए। जिसमें मेसर्स विश्वा फैमिली रेस्टोरेंट एण्ड ढाबा बागबाहरा से पनीर एवं पका चावल, मेसर्स छत्तीसगढ़ फैमिली ढाबा एण्ड रेस्टोरेंट बागबाहरा से पनीर, मेसर्स श्री हर्षद मिष्ठान भंडार, बागबाहरा से खोवा संकलित किया गया। ये सभी खाद्य नमूने राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, कालीबाड़ी, रायपुर को परीक्षण हेतु भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के पश्चात खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।उल्लेखनीय है कि विगत माह में भी कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले में अभियान चलाकर 05 पनीर के खाद्य नमूने संकलित कर राज्य प्रयोगशाला को भेजे गए थे।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 453.0 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 740.5 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 245.1 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 446.8 मि.मी., बलौदाबाजार में 443.8 मि.मी., गरियाबंद में 381.1 मि.मी., महासमुंद में 395.9 मि.मी. और धमतरी में 380.6 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 478.9 मि.मी., मुंगेली में 515.1 मि.मी., रायगढ़ मंे 578.2 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 606.8 मि.मी., कोरबा में 521.9 मि.मी., गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 453.4 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 439.7 मि.मी., सक्ती में 547.9 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 373.3 मि.मी., कबीरधाम में 339.1 मि.मी., राजनांदगांव में 371.9 मि.मी., बालोद में 446.3 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 532.5 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 318.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 352.4 मि.मी., सूरजपुर में 569.3 मि.मी., जशपुर में 551.7 मि.मी., कोरिया में 532.2 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 490.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है।बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 549.9 मि.मी., कोंडागांव में 327.8 मि.मी., नारायणपुर में 347.6 मि.मी., बीजापुर में 512.1 मि.मी., सुकमा में 319.6 मि.मी., कांकेर में 406.3 मि.मी., दंतेवाड़ा में 433.1 मि.मी. और औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

















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