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- -क्षेत्रीय सरस मेला का 12 अक्टूबर को उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और वनमंत्री केदार कश्यप करेंगे उद्घाटनरायपुर, / क्षेत्रीय सरस मेला-2024 का आयोजन 12 से 19 अक्टूबर तक जगदलपुर शहर के लालबाग मैदान में किया जा रहा है। क्षेत्रीय सरस मेला 2024-बस्तर का उद्घाटन समारोह 12 अक्टूबर सुबह 11 बजे से किया जाएगा।कार्यक्रम की अध्यक्षता उप मुख्यमंत्री एवं गृह, जेल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, विज्ञान व प्रौद्योगिकी मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा करेंगे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, कौशल विकास, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप और कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के रूप में बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप, विधायक जगदलपुर श्री किरण देव, विधायक चित्रकोट श्री विनायक गोयल, विधायक बस्तर श्री लखेश्वर बघेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप, महापौर श्रीमती सफिरा साहू उपस्थित रहेंगी।कलेक्टर श्री हरिस एस के मार्गदर्शन में आयोजित इस सरस मेले में कई आकर्षक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक कबड्डी, वॉलीबॉल, रस्सा-कस्सी और खो-खो जैसे खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इसके साथ ही संध्याकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लोक नृत्य दलों और स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुतियां दी जाएंगी। मेले में विभिन्न विभागों की योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी के साथ-साथ स्व-सहायता समूहों के उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जो मेले का एक और खास आकर्षण होगी। क्षेत्रीय सरस मेला बस्तर के ग्रामीण और सांस्कृतिक धरोहरों को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय उत्पादों को व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा।
- -स्थानीय निकायों के आम निर्वाचन की तैयारियों के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजितरायपुर / छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा त्रिस्तरीय पंचायतों के चुनावों की तैयारियों के संबंध में नवा रायपुर स्थित आयोग के कार्यालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग एवं सामान्य प्रशासन विभाग के संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया। इस बैठक में आगामी त्रिस्तरीय पंचायतों के चुनावों की तैयारियों की समीक्षा की गई तथा चुनाव प्रक्रिया को सफलतापूर्वक एवं सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए आवश्यक निर्देश दिये गये।राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह ने त्रिस्तरीय पंचायतों के निर्वाचन हेतु परिसीमन और आरक्षण की कार्यवाही समय सीमा में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परिसीमन और आरक्षण की प्रक्रियाएं समय पर निर्वाचन संपन्न कराने के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। बैठक में त्रिस्तरीय पंचायतों के परिसीमन के संबंध में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमति निहारिका बारिक द्वारा परिसीमन एवं आरक्षण के संबंध में शासन स्तर पर कार्यवाही के संबंध में अवगत कराया गया कि परिसीमन और आरक्षण की कार्यवाही समय सीमा में संपन्न करा ली जावेगी।बैठक में त्रिस्तरीय पंचायतों के आम निर्वाचन 2024-25 तथा भविष्य में होने वाले उप निर्वाचन के लिए अधिग्रहित किए जाने वाले वाहनों हेतु किराये का दर के निर्धारण, निर्वाचन में नियुक्त प्रेक्षकों के मानदेय, आगामी आम एवं उप निर्वाचन 2024-25 के लिए निर्वाचन संचालन हेतु नियोजित शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दिये जाने वाले मानदेय दरे तथा वाहन किराये पर लेने हेतु भेजे गये प्रस्तावों जैसे अन्य विषयों पर चर्चा की गई।बैठक में चुनाव से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा की गई, जिसमें राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री अजय सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें, ताकि चुनाव के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। साथ ही कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि हर पात्र मतदाता अपने मताधिकार का सही तरीके से प्रयोग कर सके।इस अवसर पर उप सचिव डॉ. नेहा कपूर एवं श्री आलोक श्रीवास्तव तथा सामान्य प्रशासन विभाग की अवर सचिव श्रीमति अंशिका पाण्डे सहित संबंधित अधिकारी भी उपस्थित थे।
- -विकास और समाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में ग्राम पंचायत घुघरी विकास और बदलाव की नई परिभाषा गढ़ रहा-महिला सशक्तिकरण के तहत् स्व सहायता समूहों की 412 महिलाओं को रोजगार से जोड़ा गयाजशपुर । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में तेजी से बदल रही है राज्य के गांवों की तस्वीर। शासन के प्रयासों और पंचायती राज योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के बदौलत प्रदेश के गांव अब विकास और समाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में नई कहानियां लिख रहे हैं। ऐसी ही एक कहानी है जशपुर जिले के बगीचा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत घुघरी की। जिला मुख्यालय जशपुर से 93 किलोमीटर दूर स्थित यह गांव विकास और बदलाव की नई परिभाषा गढ़ रहा है। यहां पंचायत की बैठकों में जनभागीदारी के माध्यम से गांव के हर चुनौति का समाधान किया जाता है। गांव में 567 लोगों का राशन कार्ड बनाया गया हैं जिनमें 37 एपीएल कार्ड, 407 बीपीएल कार्ड शामिल हैं। आंगनबाड़ी केन्द्र के माध्यम से 216 बच्चों को पोषण का लाभ मिल रहा है। धात्री और गर्भवती महिलाओं के लिए भी पोषण की व्यवस्था की गई है। समाजिक सुरक्षा के लिए 2 लाख 10 हजार खर्च किए गए हैं। साथ ही 342 लोगों को पेंशन योजनाओं से जोड़ा गया है।घुघरी निवासी मंगरी बाई ने बताया कि उन्हें हर महिना 500 रूपए पेंशन मिलती है। उसी पैसे से अपना जीवन यापन करती हैं। परिवार के पालन पोषण करने में सहायता मिल रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत् 56 जरूरतमंद परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए गए हैं। 483 परिवारों के मनरेगा जॉब कार्ड बनाए गए हैं। पीछे दो वर्षाे में मनरेगा के 20 व्यक्तिगत तालाबों का निर्माण कराया गया है। ग्राम पंचायत घुघरी के विनोद राम ने बताया कि उनके गांव में अक्टूबर और नवम्बर में मनरेगा का कार्य चालू होता है। उसमें गांव के लोग काम करने जाते हैं। गाव के लोगों का जॉब कार्ड है। मनरेगा में कार्य करके सभी परिवार मिलकर 28 हजार रूपए कमा लेते हैं। इसे घर परिवार अच्छा से चल रहा । महिला सशक्तिकरण के उददेश्य से 36 स्व सहायता समूहों का गठन कर 412 महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया है। ग्राम पंचायत घुघरी की यह कहानी संवरते छत्तीसगढ़ के सुरक्षित होते भविष्य की कहानी है।
- कोंडागांव । शासकीय गुण्डाधुर स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोंडागांव में कोंडागांव पुलिस एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वाधान में सायबर जन जागरूकता पखवाड़ा अभियान एवं यातायात जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ।साइबर सेल नोडल डीएसपी भार्गव ने बताया की कैसे आजकल व्हाट्सएप फेसबुक जैसे सोशल मीडिया का उपयोग करके ऑनलाइन ठगी हो रहीं है, इसका कारण सिर्फ अपनी वक्तिगत जानकारी बिना जांच के किसी अन्य व्यक्ति को साझा करना है। उन्होंने बताया की अपना व्यक्तिगत जानकारी जैसे आधार कार्ड , एटीएम नंबर, पैन कार्ड, ओटीपी इत्यादि जैसे जानकारी किसी भी व्यक्ति को बिना जानकारी के नहीं भेजना है, इससे ऑनलाइन ठगी का संभावना अत्यधिक हो जाता है। इस प्रकार से एसडीओपी रूपेश कुमार ने भी साइबर से संबंधित विभिन्न सारी जानकारियां दिया। इस अवसर पर कोंडागांव पुलिस के द्वारा साइबर क्राइम से संबंधित विस्तृत जानकारी दिया गया, और नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से सभी को प्रेरित करने का प्रयास किया गया।इस कार्यक्रम में पुलिस विभाग से साइबर सेल नोडल श्री सतीश कुमार भार्गव, एसडीओपी रूपेश कुमार, सब इंस्पेक्टर अभिताभ खंडेकर, सहायक उप निरीक्षक सगरबती सोरी, आरक्षक मनोज पोयाम, बीजू यादव, महाविद्यालय के प्राध्यापक श्री शोभाराम यादव, अलका शुक्ला, पुरोहित शोरी, नेहा बंजारे, एवम् साथी प्राध्यापक उपस्थित रहे।
- रायपुर, /राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 1172.0 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से आज 10 अक्टूबर सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 2401.1 मिमी और बेमेतरा जिले में सबसे कम 609.0 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है।राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सरगुजा जिले में 639.3 मिमी, सूरजपुर में 1167.6 मिमी, बलरामपुर में 1746.9 मिमी, जशपुर में 1074.7 मिमी, कोरिया में 1132.4 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1089.0 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी।इसी प्रकार, रायपुर जिले में 961.1 मिमी, बलौदाबाजार में 1189.5 मिमी, गरियाबंद में 1121.4 मिमी, महासमुंद में 974.6 मिमी, धमतरी में 1043.5 मिमी, बिलासपुर में 998.0 मिमी, मुंगेली में 1117.1 मिमी, रायगढ़ में 1115.5 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 734.4 मिमी, जांजगीर-चांपा में 1223.6 मिमी, सक्ती 1063.2 मिमी, कोरबा में 1423.1 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 1208.3 मिमी, दुर्ग में 658.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 929.7 मिमी, राजनांदगांव में 1130.1 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1243.1 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 860.4 मिमी, बालोद में 1200.4 मिमी, बस्तर में 1280.3 मिमी, कोण्डागांव में 1212.4 मिमी, कांकेर में 1429.3 मिमी, नारायणपुर में 1466.0 मिमी, दंतेवाड़ा में 1554.0 मिमी और सुकमा जिले में 1679.3 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई।
- रायपुर। जाने-माने उद्योगपति रतन टाटा के निधन पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शोक व्यक्त किया है।उन्होंने देर रात एक्स अकाउंट पर ट्वीट करते हुए लिखा-सुप्रसिद्ध उद्योगपति, पद्म भूषण व पद्म विभूषण से सम्मानित श्री रतन टाटा जी के निधन का समाचार अत्यंत दु:खद है। उन्होंने भारतीय उद्योग जगत को सर्वोच्च स्थान पर स्थापित किया। शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, स्वच्छता, मानव कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में उनके योगदान को भारतवासी सदैव याद रखेंगे। उनका सादगी पूर्ण जीवन, नैतिक नेतृत्व और परोपकार की भावना एक मिसाल थी। वह सदैव हमारी यादों में जीवित रहेंगे।मुख्यमंत्री ने आगे लिखा- उनका निधन भारत और उद्योग जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। देश और समाज में बेहतर बदलाव के लिए उनके द्वारा किए गए अभूतपूर्व कार्य हम सबके लिए प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे। ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिजनों, उनके शुभचिंतकों को संबल प्रदान करने की विनम्र प्रार्थना करता हूं।
- -रामगोपाल को अपना आसियाना बनाने में मिली मददरायपुर, / बिलासपुर जिले के सीपत में रहने वाले रामगोपाल धीवर और उनके परिवार पर मौसम की अनिश्चितताओं का गहरा असर होता था। भीषण गर्मी के बाद मानसून और कड़ाके की सर्दी में कच्चे घर में रहना और जीना दूभर कर देती थी। जब 53 वर्षीय रामगोपाल एक निर्माण मजदूर के रूप में ईंटें बिछाते हैं और स्तंभों, नींव और बीम को मजबूत करते हैं, तो उनके मन में अपना खुद का घर बनाने का सपना भी होता है। कई सालों की बचत के बाद एक दिन रामगोपाल ने श्रम संसाधन केंद्र से संपर्क किया और अपने परिवार की जीवन स्थिति को बेहतर बनाने के लिए योजनाओं के बारे में पूछा। उन्होंने अपने परिवार के लिए एक सभ्य जीवन स्थिति सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करने का दृढ़ संकल्प किया।रामगोपाल को श्रम संसाधन केंद्र (एलआरसी) में मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के बारे में पता चला-एक सरकारी योजना जिसका उद्देश्य उनके जैसे मजदूरों को आवास सहायता प्रदान करना है। उन्होंने पाया कि यह कार्यक्रम उनके जैसे परिवारों के उत्थान के लिए था। जब रामगोपाल ने इस योजना के लिए आवेदन किया, तो वे आशंकित थे, लेकिन साथ ही आशा से भरे भी थे। अगर यह योजना साकार होती, तो यह न केवल उनकी तत्काल आवास आवश्यकताओं को पूरा करती, बल्कि उन्हें सशक्तिकरण और सुरक्षा की भावना भी प्रदान करती।मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास पक्के घर के साथ, वह और उनका परिवार चुनौतियों का सामना करने और प्रतिकूल परिस्थितियों से उबरने के लिए बेहतर स्थिति में होंगे। यही कारण है कि मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक सहायता योजना जैसी पहल के माध्यम से पर्याप्त संस्थागत, कानूनी और प्रशासनिक वास्तुकला का प्रावधान महत्वपूर्ण है। रामगोपाल जैसे व्यक्तियों के लिए एक सहायक ढांचा तैयार करके, सामाजिक सुरक्षा प्रणालियाँ हाशिए पर रहने वाली आबादी के सामने आने वाले जोखिमों और कमजोरियों को प्रभावी ढंग से कम कर सकती हैं। जब रामगोपाल का आवेदन स्वीकृत हुआ, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्हें अपने परिवार के लिए एक पक्का घर बनाने के लिए एक लाख रुपये की पर्याप्त राशि मिली। रामगोपाल के जीवन भर के संघर्ष को तब और गहरा अर्थ मिला जब उनकी बहू ने सुरक्षित वातावरण में रहने के अवसर के लिए खुशी और श्री विष्णु देव सरकार का आभार व्यक्त किया।
- -संस्कृति स्वसहायता समूह चला रही कैंटीन, चिला, फरा, ठेठरी, खुरमी भी यहां उपलब्ध-लाइब्रेरी आए उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने भी लिया यहां के फरा-चटनी का स्वाद, सैंडविच के साथ चाय भी पीरायपुर.।राजधानी रायपुर के तक्षशिला स्मार्ट रीडिंग जोन एवं लाइब्रेरी में पढ़ाई करने आने वाले युवाओं को चाय-कॉफी, नाश्ता और भोजन के लिए बाहर निकलने की जरूरत नहीं पड़ती। संस्कृति स्वसहायता समूह द्वारा यहां संचालित कैंटीन में सभी कुछ मौजूद है। मंगलवार को तक्षशिला लाइब्रेरी की व्यवस्था देखने आए उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने भी युवाओं से चर्चा करते यहां के फरा-चटनी, सैंडविच और कुल्हड़ में चाय का स्वाद लिया। उन्होंने इनके स्वाद की तारीफ भी की।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने तक्षशिला लाइब्रेरी की व्यवस्थाओं के साथ ही यहां स्वसहायता समूह द्वारा संचालित कैंटीन के इंतजाम का भी जायजा लिया। उन्होंने समूह की महिलाओं से चर्चा कर यहां बनाए जाने वाले व्यंजनों, उनकी बिक्री और आमदनी की जानकारी ली। रायपुर नगर निगम द्वारा दीनदयाल अंत्योदय योजना - राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (DAY-NULM) के तहत समूह को यहां कैंटीन के संचालन के लिए जगह उपलब्ध कराई गई है। इससे जहां स्थानीय महिलाओं को रोजगार मिल रहा है, वहीं लाइब्रेरी में पढ़ने आने वाले युवाओं को कम दरों पर चाय-कॉफी, नाश्ता और भोजन सुलभ हो रहा है।उप मुख्यमंत्री श्री साव को संस्कृति स्वसहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती रोशनी सोनी ने बताया कि अप्रैल-2024 से समूह द्वारा तक्षशिला लाइब्रेरी में कैंटीन का संचालन किया जा रहा है। यहां चिला, फरा, ठेठरी, खुरमी जैसे छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के साथ ही मैगी, सैंडविच, दाल, चांवल, रोटी इत्यादि बनाया जाता है। वे टिफिन सर्विस भी दे रही हैं। उन्होंने बताया कि सभी खर्चों की कटौती के बाद समूह को हर महीने 35-40 हजार रुपए की आमदनी हो रही है।
- -सीएम कैंप कार्यालय ने की त्वरित कार्यवाही, मुख्यमंत्री का जताया आभाररायपुर / कर्नाटक के मंगलुरु में बोट से गिरने के कारण से हुई दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में तपकरा के ग्राम सूंडरु निवासी संजय की मृत्यु हो गई। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने त्वरित पहल करते हुए जिला प्रशासन को निर्देशित किया। मृतक संजय के परिजनों ने दुर्घटना के बाद मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया से मदद मांगी थी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन ने तत्परता दिखाई और शव को उनके गृह स्थान सूंडरु पहुंचाया गया।इस कठिन समय में मुख्यमंत्री साय की मदद से परिजनों को संबल मिला। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन पर जिला प्रशासन की तत्परता की सराहना करते हुए परिजनों ने आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की इस पहल से साबित होता है कि वे हर नागरिक के दुख-दर्द में सहभागी बन रहे हैं और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए तत्पर हैं।मंगलुरु थाना साउथ पुलिस स्टेशन, जिला दक्षिण कन्नड़ में संजय की मृत्यु के बाद उनका शव को हवाई जहाज के माध्यम से कल शाम रांची लाया गया। इसके बाद ’1099 मुक्तांजलि’ शव वाहन की मदद से मृतक संजय का शव उनके गृह ग्राम आज सुबह 5 बजे सूंडरु पहुंचाया गया।
- रायपुर / वाणिज्य, उद्योग, श्रम मंत्री एवं खैरागढ़ जिले के प्रभारी मंत्री श्री लखन लाल देवांगन गुरूवार 10 अक्टूबर को सबेरे 10 बजे शंकर नगर रायपुर स्थित निवास से खैरागढ़ के लिए रवाना होकर दोपहर 12 बजे खैरागढ़ पहुंचेंगे। वे वहां 12.15 बजे कलेक्टोरेट परिसर खैरागढ़ में छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति का लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होंगे। तत्पश्चात प्रभारी मंत्री श्री देवांगन अपरान्ह 12.30 बजे मुख्य मार्ग सिविल लाईन खैरागढ़ में पूर्व सांसद स्वर्गीय श्री देवव्रत सिंह के मूर्ति का अनावरण कार्यक्रम में शामिल होंगे। कैबिनेट मंत्री दोपहर 2.00 बजे विकासखण्ड खैरागढ़ के अंतर्गत ग्राम पंचायत सिघोरी में आवास मेला सह जिला स्तरीय शिविर में शामिल होंगे। प्रभारी श्री देवांगन अपरान्ह 3.00 बजे सिघोरी से प्रस्थान कर शाम 5 बजे राजधानी रायपुर लौट आएंगे।
- रायपुर /किशोर न्याय बालकों की देखरेख और संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों के तहत गठित राज्य बाल संरक्षण समिति की कार्यकारिणी एवं राज्य बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग एवं पदेन अध्यक्ष राज्य बाल संरक्षण समिति श्रीमती शम्मी आबिदी की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में सम्पन्न हुई।सचिव महिला एवं बाल विकास द्वारा बैठक में बाल संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर एवं विभिन्न विभागों के साथ समन्वय पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में संचालक महिला एवं बाल विकास श्रीमती तुलिका प्रजापति एवं अन्य सहयोगी विभागों गृह विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, समाज कल्याण विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, वित्त विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, तकनीकी शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग, राज्य विधिक सहायता प्राधिकरण, रेलवे एवं एनआईसी आदि विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।बैठक में सर्वाेच्च न्यायालय में विभिन्न महत्वपूर्ण प्रकरणों में समयबद्ध कार्यवाही हेतु रणनीति, बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान एवं मिशन वात्सल्य के तहत की गई गतिविधियों व कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। सर्वाेच्च न्यायालय के आदेश के परिपालन में मुख्य सचिव द्वारा भी विधि विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा गृह विभाग व अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक ली गई थी।बैठक में सर्वाेच्च न्यायालय के आदेश एवं मुख्य सचिव द्वारा दिये गये निर्देशानुसार सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा राज्य बाल संरक्षण समिति की बैठक में लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम-2012, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण नियम-2020 एवं किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 यथासंशोधित अधिनियम-2021 तथा नियम 2016 यथासंशोधित नियम-2022 के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। अधिनियम और नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये। इस संबंध में गृह विभाग को सभी जिलों में लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम-2012 की धारा 19 (6) का पालन सुनिश्चित किये जाने हेतु निर्देश प्रसारित करने, पीड़ित को क्षतिपूर्ति योजना के अंतर्गत मुआवजा दिलाने हेतु पर्याप्त राशि बजट उपलब्ध कराने एवं पीड़ितांे को शीघ्र क्षतिपूर्ति उपलब्ध कराने, शिक्षा विभाग द्वारा पीड़ित बालक/बालिकाओं की शिक्षा की निरंतरता बनाये रखने के लिए आवश्यक प्रयास करने और कौशल प्रशिक्षण हेतु कौशल विकास प्राधिकरण द्वारा जिला बाल संरक्षण इकाई से समन्वय कर संबंधितों को रोजगार मूलक प्रशिक्षण देने निर्देशित किया गया।भारत शासन के निर्देशानुसार राज्य के 20 जिलें जहां विशेषीकृत दत्तक ग्रहण अभिकरण संचालित नहीं थे, उन जिलों में जिला प्रशासन को बच्चों की क्षमता की विशेषीकृत दत्तक ग्रहण एजेंसी संचालित करने की स्वीकृति एवं प्रावधिक पंजीयन कर संचालन की जानकारी दी गई। इसी तरह से उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के परिपालन में विभाग द्वारा बाल देखरेख संस्थाओं की निगरानी एवं अनुश्रवण हेतु राज्य स्तरीय निरीक्षण समिति, जिला स्तरीय निरीक्षण समिति के साथ-साथ समितियों में नामांकित सिविल सोसाईटी के प्रख्यात व्यक्तियों को विजिटर के रूप में नामांकित किये जाने की जानकारी दी गई। सचिव द्वारा निरीक्षण प्रतिवेदनों पर समयबद्ध कार्यवाही करने के निर्देश दिये गए है।महिला बाल विकास सचिव ने योजनाओं का नियमित अनुश्रवण करने, हितलाभ समय-सीमा में पीड़ितों को प्राप्त हो सके, इसके लिए तंत्र विकसित करने के निर्देश दिये गये। पॉक्सो अधिनियम एवं किशोर न्याय अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु समस्त बाल कल्याण समितियों को दोनो अधिनियमों की प्रासंगिक धाराओं एवं प्रावधानों के अनुरूप त्वरित कार्यवाही करने के लिए निर्देशित करने के निर्देश दिये है।छत्तीसगढ़ राज्य को बाल विवाह मुक्त करने हेतु 10 मार्च 2024 को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का शुभारंभ किया गया। बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के लिये विभिन्न विभागों के साथ चर्चा कर रणनीति तैयार की गई है तथा इसे सभी संबंधित विभागों एवं समस्त जिला कलेक्टर को प्रभावी क्रियान्वयन किया जाना है। राज्य में वित्तीय वर्ष 2023-24 में 161 तथा वर्ष 2024-25 में 167 बाल विवाह रोके गये। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु ग्राम पंचायत स्तर तक बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी अधिसूचित किये जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन होने के संबंध में समिति को अवगत कराया गया। सचिव द्वारा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को शीघ्र सहमति देने तथा सभी विभागों को बाल विवाह की रोकथाम के लिए राज्य स्तर से अधीनस्थ अमलों के लिए निर्देश जारी करने एवं शालाओं में हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्ड्री के छात्रों की विशेष काउंसलिंग के निर्देश दिये गए हैं। समिति की बैठक में राज्य बाल संरक्षण समिति अंतर्गत ऑडिट रिपोर्ट 2023-24 व लेखाओं का प्रस्तुतीकरण किया गया, जिस पर समिति द्वारा अनुमोदन दिया गया। उपस्थित सदस्यों को राज्य में बाल संरक्षण व बच्चों के सर्वोंत्तम हित में किए जा रहे कार्यों तथा प्रयासों की जानकारी दी गई। सभी सहयोगी विभागों से सहयोग एवं समन्वय के बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
- -सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने की विभागीय समीक्षा-छत्तीसगढ़ में चार नवीन जिला सहकारी बैंक के गठन की प्रक्रिया प्रारंम्भ-राज्य के 8.36 लाख से अधिक किसानों को रूपे किसान क्रेडिट कार्ड जारीरायपुर / वन एवं जलवायु परिवर्तन, जलसंसाधन, कौशल विकास और सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप आज सिविल लाईन रायपुर स्थित न्यू-सर्किट हाउस, मिनी कॉन्फ्रेंस हॉल में ‘सहकार से समृद्धि’ विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में शामिल हुए। कार्यशाला में केंद्र सरकार, सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा ‘सहकार से समृद्धि’ विषय पर की गई पहल के अंतर्गत राज्य में किए जा रहे विभिन्न कार्यों के विषयों पर आयोजित की गई। गौरतलब है कि सहकारी बैंक द्वारा 8 लाख 36 हजार 597 किसानों को रूपे किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गए। इस अवसर पर सहकारिता मंत्री श्री कश्यप ने 5 किसानों को प्रतिकात्मक रूप से रूपे किसान क्रेडिट कार्ड और श्रीमती नीलम चौहान को अनुकम्पा नियुक्ति पत्र प्रदान किया।विभागीय समीक्षा बैठक में सहकारिता मंत्री श्री कश्यप ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि आगामी 6 माह में 2000 पैक्स, मछुआ समिति, लघुवनोपज समिति तथा दुग्ध समितियों का गठन किया जाना है। इसके लिए मल्टी फंक्शनल सोसाइटियों के मॉडल बायलॉज तथा समयबद्व कार्ययोजना बनाई जाए। अधिकारियों ने बताया कि विश्व की सबसे बड़ी विकेन्द्रीकृत अन्न भण्डारण योजना अंतर्गत भारत सरकार द्वारा आरआईडीएफ के तहत 200 मीट्रिक टन क्षमता के 725 पैक्स गोदामांे में से 587 गोदाम निर्माण पूर्ण हो चुका है। शेष गोदामों का निर्माण नवंबर माह तक पूर्ण करा लिया जाएगा, इससे छत्तीसगढ़ में 1.45 लाख मीट्रिक टन भंडारण क्षमता में वृद्धि होगी। सहकारिता मंत्री ने मछुआ सहकारी समितियों की नीतियों में सुधार के लिए निर्देशित किया कि छत्तीसगढ़ के मछुवारों को मछली विक्रय का लाभ सीधे मिल सके एवं उनका हित सुरक्षित रहे। छत्तीसगढ़ में सहकारी समितियों के अधीन 42 प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र अक्टूबर माह के अंत तक खोलने के निर्देश दिए, जिससे लोगों को सस्ती जेनेरिक दवाई मिल सकेगी। बैठक में अम्बिकापुर तथा जगदलपुर के सभी पैक्स में माइक्रो एटीएम को एक्टिव रखने कहा गया। जिससे आगामी धान खरीदी में किसानों को राशि आहरण में सुविधा हो। डेयरी समितियों तथा मछुआ समितियों को माइक्रो एटीएम दिया जाए।सहकारिता मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि पैक्स कंप्यूटराईजेशन मॉड्यूल किसानों के लिए उपयोगी होना चाहिए। मनेन्द्रगढ़, कोरिया, कोंडागांव, सरगुजा, सारगढ़ तथा बलौदाबाजार जिले के पैक्स कंप्यूटराईजेशन की प्रक्रिया में तेजी लाने कहा गया। बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि रिजर्व बैंक तथा नाबार्ड के मापदंडों का अनुपालन करते हुए छत्तीसगढ़ में चार नवीन जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के गठन की प्रक्रिया आरम्भ कर दी गई है। महासमुंद तथा गरियाबन्द को मिलाकर नवीन बैंक, जांजगीर-चाम्पा, कोरबा तथा शक्ति को मिलाकर एक नवीन बैंक, कांकेर तथा नारायणपुर को मिलाकर नवीन सहकारी बैंक एवं रायगढ़, जशपुर व सारंगढ़ मिलाकर नवीन जिला सहकारी केंद्रीय बैंक खोली जाएगी।सचिव सहकारिता डॉ. सी. आर. प्रसन्ना ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 2058 पैक्स में 1738 कॉमन सर्विस सेंटर एक्टिवेट किया गया है। इन कॉमन सर्विस सेंटरों से सहकारी समितियों के 16 लाख ऋणी सदस्यों को जोड़ा जाएगा। डेयरी तथा मछुआ समितियों का खाता को-आपरेटिव्ह बैंकों में खोला जाए। बैठक में भारतीय बीज सहकारी समिति की सदस्यता की स्थिति, राष्ट्रीय सहकारी निर्यात समिति की सदस्यता, राष्ट्रीय सहकारी जैविक समिति की सदस्यता तथा प्रधानमंत्री उज्जवला योजना अंतर्गत एलपीजी वितरण पैक्स की गहन समीक्षा की गई।इस अवसर पर सचिव सहकारिता डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, पंजीयक सहकारी संस्थाएं श्री कुलदीप शर्मा, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ वनोपज संघ श्री अनिल कुमार साहू, कार्यकारी संचालक वनोपज श्री मणिवासगन, प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक श्री के.एन. काण्डे, अपर संचालक पंजीयक सहकारी संस्थाएं श्री एच.के. दोशी, महाप्रबंधक नाबार्ड श्री शतांषु शेखर, अपर पंजीयक सहकारी संस्थाएं श्री एच.के. नागदेव सहित मत्स्य, पशुपालन और सहकारिता विभाग, लघु वनोपज, नाबार्ड, एनसीडीसी तथा जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भारत की सबसे पुरानी सरकारी डाक प्रणाली ’’भारतीय डाक’ के सभी कर्मियों को राष्ट्रीय डाक दिवस की हार्दिक बधाई दी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संदेश में कहा कि हर साल 10 अक्टूबर को भारत में राष्ट्रीय डाक दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन भारतीय डाक विभाग द्वारा निभाई गई भूमिका और उसकी सराहनीय सेवाओं का स्मरण दिलाता है। भारतीय डाक सेवा दुनिया में सबसे बड़े डाक नेटवर्क के रूप में स्थापित है। आज के डिजिटल युग में भी यह ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में संचार का सुलभ साधन बनी हुई है। इसके साथ यह ई-कॉमर्स, बैंकिंग सुविधा और डिजिटल इंडिया जैसी अनेक सरकारी योजनाओं को नागरिकों तक पहुंचाकर देश के विकास में अपना योगदान दे रही है।
- -हरियाणा की जनता ने केन्द्र व राज्य सरकार की उपलब्धियों और विकास योजनाओं पर लगाई अपनी मुहर: श्री सायरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी से दूरभाष पर चर्चा कर विधानसभा के चुनाव में शानदार जीत के लिए छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में हरियाणा राज्य अग्रणी भूमिका निभाएगा। उन्होंने केन्द्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में जनकल्याणकारी योजनाओं के कुशल क्रियान्वयन के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री सैनी की प्रशंसा करते हुए कहा कि हरियाणा की जनता ने केन्द्र व राज्य सरकार की उपलब्धियों और विकास योजनाओं पर अपनी मुहर लगा दी है।
- -घर में ही लोगों को मिलने लगा है स्वच्छ जलरायपुर / दूरस्थ वनांचल ग्रामों में जल जीवन मिशन पूरा होने से गांव की तस्वीर बदल रही है। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के कसडोल के दूरस्थ ग्राम राजादेवरी में अब लोगों को पीने के लिए घर में ही स्वच्छ जल मिलने लगा है।लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेय जल की उपलब्धता को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण प्रगति की है। इस मिशन का उद्देश्य हर घर तक नल द्वारा स्वच्छ और सुरक्षित पानी पहुँचाना है, जिससे ग्रामीण जीवन में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। गांव वालों से चर्चा करते हुए जल जीवन मिशन के राजकुमार कोशले ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत, सिंगल विलेज योजना अन्तर्गत गांवों में नल-जल योजनाएं स्थापित की गई हैं, जिससे गांव के लोaगों को स्वच्छ पानी प्राप्त हुआ है। स्वच्छ पानी की उपलब्धता से जल जनित बीमारियों में कमी आई है, जिससे ग्रामीणजनों के स्वास्थ्य में सुधार हुआ है। पानी लाने में लगने वाला समय बचाने के कारण महिलाओं को अन्य कार्यों में भाग लेने का अवसर मिला है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार हुआ है। मिशन के अंतर्गत जल संरक्षण और कुशल उपयोग के लिए जागरूकता कार्यक्रम सतत चलाए जा रहे हैं, जिससे दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित की जा सके। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने बताया कि जल जीवन मिशन ने न केवल पेयजल की समस्या का समाधान किया है, बल्कि यह ग्रामीण विकास और आर्थिक समृद्धि का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन गया है। हमारा लक्ष्य है कि सभी गांवों में पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल उपलब्धता को सुनिश्चित किया जाए, ताकि हर नागरिक का जीवन बेहतर हो सके।
- - छत्तीसगढ़ में सड़कों के निर्माण में केंद्र सरकार का मिल रहा है लगातार सहयोग-भारत सरकार द्वारा राज्य में 8 सड़क खंडों के लिए 892 करोड़ रुपए स्वीकृत-6 जिलों में 324 किमी सड़क के विकास के लिए मंजूर की गई राशि-उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी के प्रति किया आभार व्यक्तरायपुर / छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने भारत सरकार द्वारा आठ सड़क खंडों के लिए 892 करोड़ 36 लाख रुपए स्वीकृत करने पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी के प्रति आभार व्यक्त किया है। श्री साव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का चहुंमुखी विकास हो रहा है। राज्य में सड़कों के निर्माण में केंद्र सरकार का लगातार सहयोग मिल रहा है। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने विगत 30 सितम्बर को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के साथ नई दिल्ली में हुई बैठक में इस प्रस्ताव पर सैद्धांतिक सहमति दी थी।राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रदेश के छह जिलों में कुल 323.9 किलोमीटर सड़क खंडों के विकास के लिए इस साल 9 सितम्बर को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा गया था। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने सोमवार को अपने ‘एक्स’ हैंडल पर भारत सरकार द्वारा इन प्रस्तावों को मंजूर किए जाने की जानकारी साझा की है। उन्होंने लिखा है कि छत्तीसगढ़ के बेमेतरा, मुंगेली, राजनांदगांव, जशपुर, बिलासपुर और खैरागढ़ जिलों में आठ राज्य सड़क खंडों के विकास के लिए सीआरआईएफ (Central Road Infrastructure Fund) से वित्तीय वर्ष 2024-25 में 892 करोड़ 36 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई है।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बताया कि भारत सरकार द्वारा सीआरआईएफ से मंजूर की गई इस राशि से बेमेतरा और मुंगेली जिले में नांदघाट-मुंगेली सड़क खंड और बेमेतरा-नवागढ़-मुंगेली सड़क खंड का चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण किया जाएगा। राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव-चौकी-मोहला मानपुर सड़क खंड, जशपुर जिले के बागबहार-कोतबा सड़क खंड, लुड़ेंग-तपकरा-लावाकेरा सड़क खंड और जशपुर-आस्टा-कुसमी सड़क खंड के मजबूतीकरण का कार्य भी इनमें शामिल हैं। उन्होंने बताया कि बिलासपुर जिले के सिरगिट्टी-सरवानी-पसीद-अमलडिहा-बरतोरी-दगोरी सड़क खंड तथा राजनांदगांव और खैरागढ़ जिले के राजनांदगांव-कवर्धा-पोंडी सड़क खंड के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण का कार्य भी इस राशि से किया जाएगा।
- -तेलासीपुरी धाम का दौरा कर गुरुदर्शन मेले की तैयारी का जायजा लिया कलेक्टर-एसपी नेरायपुर । बलौदाबाजार जिले के पलारी विकासखंड के ग्राम तेलासी पहुंचकर गुरुदर्शन मेले के लिए की जा रही प्रशासनिक तैयारियों का जायजा आज कलेक्टर दीपक सोनी और एसपी विजय अग्रवाल ने लिया। बाबा गुरू घासीदास की कर्मभूमि तेलासीबाड़ा में आगामी 12 अक्टूबर को गुरुदर्शन मेले का आयोजन किया जाएगा। मेले में हजारों की संख्या में देश- प्रदेश से श्रद्धालु यहां जुटते हैं।जिला प्रशासन ने मेला प्रबंधन से जुड़े लोगों के साथ विभिन्न स्थलों को दौरा कर बारीकी से व्यवस्था से संबंधित विषयों पर विचार-विमर्श किया। प्रमुख रूप से उन्होंने मंदिर परिसर, बाड़ा, जैतखाम, पार्किंग एरिया, सुरक्षा, लाइटिंग, पेयजल की व्यवस्था आदि का स्थल निरीक्षण किया तथा सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। यहां पर वीवीआईपी मूवमेंट को देखते हुए हेलीपैड तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।तेलासीपुरी का ऐतिहासिक महत्वजिला मुख्यालय बलौदाबाजार से लगभग 40 किलोमीटर दूर भैसा से आरंग मार्ग में ग्राम तेलासी स्थित है। जहां पर बाबा गुरू घासीदास की कर्मभूमि स्थित है। इसे सतनामी पंथ के संत अमर दास की तपोभूमि व स्थानीय लोगों द्वारा तेलासी बाड़ा भी कहा जाता है। सतनाम पंथ के लोगों के लिए यह एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। सन् 1840 के लगभग तेलासी बाड़ा का निर्माण गुरु घासीदास के द्वितीय पुत्र बालक दास द्वारा किया गया और उनका तेलासी बाड़ा में जीवन यापन चलता रहा, जो कि आज भी प्राचीन ऐतिहासिक धरोहर के रूप में स्थित हैं।
- प्रीति अतिरिक्त आय अर्जित कर अपने सपने को कर रही है साकाररायपुर / नारी सशक्तिकरण के माध्यम से एक सशक्त समाज की परिकल्पना को साकार करने में ग्रामोद्योग संचालनालय की टसर धागाकरण योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। जशपुर जिले में इस योजना के अंतर्गत कुमारी प्रीति चौहान जैसी महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। कलेक्टर के मार्गदर्शन में प्रीति ने टसर धागाकरण का प्रशिक्षण प्राप्त किया और अब वह इस कार्य में अच्छी आय अर्जित कर रही हैं। गरीब परिवार से आने वाली प्रीति आज अपने परिवार की आर्थिक मदद कर रही हैं और अपनी बचत से खेती में भी योगदान दे रही हैं। उनके खाते में अब तक 1 लाख 2 हजार रुपये से अधिक की राशि जमा हो चुकी है, जिससे उनका जीवनस्तर बेहतर हुआ है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुसार जशपुर जिले में धागाकरण प्रशिक्षण देकर समूह की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें स्व-रोजगार के अवसर प्रदान करना है, जिससे उन्हें अपने गाँव में ही रोजगार मिल सके और उन्हें अन्य राज्यों की ओर रोजगार के लिए देखना न पड़े। टसर धागाकरण से जुड़ी अन्य महिलाएं भी अब गरीबी से उबरकर आत्मनिर्भर हो रही हैं। इस योजना से उन्हें न केवल धागाकरण का कार्य मिला है, बल्कि वे अपनी कृषि भूमि पर खेती कर उन्नत किस्म का धान और अन्य फसलें भी उगा रही हैं। कई महिलाएं जो कभी साइकिल खरीदने का सपना देखती थीं, अब इस योजना से मिली आय से दोपहिया वाहन भी खरीद रही हैं और अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा प्रदान कर रही हैं।रेशम विभाग द्वारा महिलाओं को कोकून बैंक के माध्यम से कोसा उपलब्ध कराया जाता है और उनके द्वारा उत्पादित धागे को विपणन कर उनकी आय को सीधे उनके खाते में जमा किया जाता है। इस प्रकार टसर धागाकरण योजना महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है, जिससे न केवल उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रही हैं, बल्कि उनका समाज में एक अलग पहचान भी बन रही है। नारी सशक्तिकरण के इस प्रयास से महिलाएं अब आत्मनिर्भर हो रही हैं और अपने परिवार और समाज को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
- -पीएम जनमन योजना से बदली पहाड़ी कोरवा रामनिधि की जिंदगीरायपुर / श्री रामनिधि ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पक्का आवास मिलने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि अब उन्हें बारिश में टपकती छत से मुक्ति मिल गई है। उन्होंने बताया कि पक्के आवास निर्माण के लिए राशि के अलावा अन्य कार्यक्रमों शौचालय, मनरेगा की मजदूरी, उज्जवला गैस, शासकीय राशन, पेंशन अन्य शासकीय सुविधाओं का भी लाभ मिल रहा है।जशपुर जिले के ग्राम पंचायत मूढ़ी में निवास करने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा श्री रामनिधि का आवास वर्ष 2023-24 में पीएम जनमन के तहत स्वीकृत हुआ। उन्होंने बताया कि जनमन योजना में उन्हें आवास निर्माण के लिए 2 लाख रूपए की सहायता राशि मिली और मनरेगा योजना के तहत 12 हजार रूपए का शौचालय बनवाया गया। साथ ही उन्हें मनरेगा से 95 दिवस रोजगार की राशि भी मिली है।श्री रामनिधि ने बताया कि पहले उनका घर कच्चा था, जिसके कारण बरसात में बहुत परेशान होना पड़ता था। बरसात के समय छत से पानी टपकता था। पॉलीथीन बांध कर घर पर रहना पड़ता था। घर कच्चा होने के कारण कई बार सांप-बिच्छू घर में घुस जाते थे। उन्होंने बताया कि उन्हें हर साल बरसात के पहले घर की मरम्मत भी करनी पड़ती थी जिसमें राशि बहुत खर्च होता था। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण पक्का घर बनाने की कोई उम्मीद नहीं दिखाई दे रही थी। जशपुर जिले में विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवाओं को प्राथमिकता से प्रधानमंत्री आवास योजना से लाभान्वित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा दी गई गारंटी के अनुरूप राज्य में विशेष पिछड़ी जनजाति सहित गरीब और जरूरतमंद परिवारों को तेजी से नए आवास स्वीकृत किए जा रहे हैं।
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रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा बगिया में स्थापित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय लगातार जनसमस्याओं के समाधान में अहम भूमिका निभा रहा है। उम्मीद के साथ यहां आवेदन देने पहुंच रहे लोगों के चेहरे पर मुस्कान दिखता है। कैंप कार्यालय बगिया त्वरित कार्यवाही करते हुए आवेदन के आधार पर समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है।
विशेष पिछड़ी जनजाति कोरवा बाहुल्य बस्ती महुआपानी में पहली बार बिजली पहुंचाने की स्वीकृत दिलाने के साथ ही रायगढ़ जिले की ऐतिहासिक कुर्रा गुफा में विद्युतीकरण का कार्य भी इसी कैंप कार्यालय की पहल का ही परिणाम है। इसी तरह जरूरतमंदों के मदद का कार्य भी यहां पर लगातार किया जा रहा है। जनहित के अन्य कार्यों में श्रवण दोष से पीड़ित कई जरूरतमंद व्यक्तियों को श्रवणयंत्र प्रदान किए गए हैं, जैसे कि मंदाकिनी यादव, सुमित्रा यादव, लालजीत भगत और महिन्दर भगत। इसके साथ ही, पैरों से चलने में असमर्थ गुरुदेव, रातु राम, मानकुंवर नाग, रोहित साहू, अशोक दुबे और टेबुल राम जैसे कई जरूरतमंदों को ट्राई साइकिल और ई-रिक्शा प्रदान किए गए हैं।बागीचा के मड़िया झड़िया में पीडीएस दुकान स्थापित कर वहां के लोगों को सुविधा देने, सुरेखा बाई व रामरीका बाई के राशन कार्ड बनाने सहित कई पीडीएस से संबंधित समस्याओं का निराकरण कैंप कार्यालय की पहल से किया गया है। इसी प्रकार से रामरिका बाई, अंकित राम जैसे कई जरूरतमंदों को जरूरत के समय तत्काल मेडिकल सहायता प्रदान करने की पहल कैंप कार्यालय द्वारा की गई है। बिजली से संबंधित समस्या जैसे ट्रांसफर लगाने और बिजली के संचालन की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने की पहल लगातार कैंप कार्यालय द्वारा की जा रही है। - -प्रदेश में अपनी तरह का पहला नवाचार, बूटीगढ़ में जल संरक्षण और आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति का समन्वय-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने की सराहना-वनसंपदा को सहेजने और आमजन को आयुर्वेद के प्रति जागरूक करने मुख्यमंत्री ने किया प्रेरितरायपुर/ छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में जल संरक्षण और आयुर्वेद को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। यहां आयुर्वेदिक चिकित्सा और प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष प्रयास किया गया है। यह प्रदेश में अपनी तरह का पहला नवाचार है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आयुष विभाग और धमतरी जिला प्रशासन के इस नवाचार की सराहना की है और ज्यादा से ज्यादा वन संपदा को सहजने और लोगों को आयुर्वेद के बारे में जागरूक करने के लिए कहा है।इस पहल के अंतर्गत जिला प्रशासन ने आयुर्वेद को स्थानीय लोगों के जीवन में सम्मिलित करने के लिए विशेष रूप से जिले के वंनाचल ग्राम सिंगपुर (बूटीगढ़) में आयुष रसशाला (औषधीय पेय केंद्र) की स्थापना की गई है।बूटीगढ़ क्षेत्र में प्राकृतिक रूप से औषधिगुणयुक्त पौधे पाये जाते हैं, इसलिए यहां हर्बेरियम का निर्माण किया जा रहा है। औषधिगुणयुक्त पौधों के संवर्धन, प्रचार-प्रसार और उपयोगिता के लिए रसशाला निर्मित किया जा रहा है। इस रसशाला के माध्यम से स्थानीय लोगों, छात्रों और पर्यटकों को रसपान का लाभ मिल सकेगा। आयुर्वेद में पानी का महत्व अनमोल है, क्योंकि यह शरीर के सभी प्रमुख तत्वों को संतुलित रखता है। धमतरी जिले में "जल जगार" कार्यक्रम के माध्यम से जल संरक्षण के साथ-साथ आयुर्वेदिक पेय पदार्थों और औषधियों की उपयोगिता को भी प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी में उपस्थित आयुर्वेदिक चिकित्सकों ने बूटीगढ़ और रसशाला के महत्व को बताते हुए यह जानकारी दी कि कैसे एक परिवार और समाज शुद्ध पानी और आयुर्वेदिक खानपान को अपनाकर स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।बेहतर मानसिक और शारिरिक स्वास्थ्य के लिए दिया जा रहा काढ़ाआयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. अवध पचौरी ने बताया कि 160 प्रकार की जड़ी-बूटियों को चिन्हित किया गया है, जिनमें से पहले चरण में बूटीगढ़ में 25,000 पौधे लगाए गए हैं। इनमें से कुछ ऐसी जड़ी-बूटियाँ हैं जिन्हें आयुर्वेदिक उपचार के लिए चूर्ण या टैबलेट बनाकर इस्तेमाल भी किया जा रहा है। समय के साथ जब बूटीगढ़ विकसित होने लगेगा तो रसशाला के जरिए लोगों को आयुर्वेद के प्रति और भी जागरूक किया जा सकता है। इसके साथ ही बूटीगढ़ में विलुप्त होने वाली जड़ी-बूटियों को भी सहजा जा रहा है, ताकि भविष्य में इन पर शोध हो सके। उन्होंने बताया कि वर्तमान में विभिन्न आयुष केंद्रों में योग करने आये लोगों, मरीजों, गर्भवती महिलाओं , किशोर-किशोरियों व बच्चों को विभिन्न जड़ी-बुटियों से बना काढ़ा, औषधी स्वरूप दिया जा रहा है, जिससे लोगों के मानसिक और शारिरिक स्वास्थ्य में सकारात्मक परिर्वतन देखने को मिल रहा है।हृदय रोगियों के लिए रामबाण है ‘अर्जुन क्षीरपाक’डॉ. अवध पचौरी के मुताबिक कोविड काल के बाद से ही लगातार ये देखा जा रहा है कि अचानक हार्ट अटैक से किसी भी उम्र वर्ग के व्यक्ति की ऑन-द-स्पॉट मृत्यु हो रही है, जान बचाने के लिए समय भी नहीं मिल पा रहा है, जो एक चिंता का विषय बन चुका है। आयुर्वेद में अर्जुन पेड़ की छाल से बनें ‘अर्जुन क्षीरपाक’ के नियमित सेवन इंस्टेंट हार्ट अटैक के मामलों में कमी लाई जा सकती है। अर्जुन की छाल में विशेष औषधीय गुण होते हैं, जो हृदय की धमनियों को मजबूती प्रदान करते हैं और हृदय की मांसपेशियों को शक्ति देते हैं। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए अत्यधिक लाभकारी है, जिन्हें हृदय संबंधी समस्याएं हैं या जिनमें हार्ट अटैक का खतरा अधिक होता है।सामान्य जीवन में बेहद लाभकारी है आयुर्वेदिक औषधियाँजिला आयुष अधिकारी डॉ. गुरूदयाल साहू ने जानकारी देते हुए बताया कि हाल ही में जिले में हुए जल जगार महोत्सव में आयुष विभाग की प्रदर्शनी में बूटीगढ़ और रसशाला की प्रदर्शनी में मुनगा (सहजन) जैसे पौधों के औषधीय गुणों को भी प्रदर्शित किया गया, जिसमें मुनगा का सूप बनाने की विधि बताई गई। साथ ही, विभिन्न जड़ी-बूटियों का अर्क डिस्टिलेशन प्रक्रिया के माध्यम से निकाला गया, जिससे रोज़मर्रा के जीवन में उपयोगी औषधियाँ तैयार की जा सकती हैं। बूटीगढ़ और रससाला का उद्देश्य ही यही है कि आमजनों को ज्यादा से ज्यादा औषधीय गुणों से भरे पेड़-पौधों को लेकर जागरूक किया जाए। हमारे घरों में ही कितनी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ उपलब्ध होती हैं, जिसके सेवन से मौसमी बीमारियों को ठीक किया जा सकता है। डॉ. गुरूदयाल आगे बताते हैं कि राशि रत्न पौधों को लगाने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। ज्यादा से ज्यादा औषधीय पौधरोपण से प्रकृति को भी सहजा जा रहा है और जल सरंक्षण में भी यह कदम सराहनीय है। साथ ही औषधीय पेड़-पौधों से जीवन में सकारात्मकता भी बढ़ती है।आयुर्वेद के प्राचीन ग्रंथ रसशास्त्र से मिली रसशाला की प्रेरणाआयुर्वेद के प्राचीन ग्रंथों में से एक रसशास्त्र में औषधियों को बनाने की कई विधियों का वर्णन मिलता है। इन प्रक्रियाओं में अलग-अलग यंत्रों का उपयोग किया जाता था, जिनसे औषधियों को शुद्ध और तैयार किया जाता था। महर्षि नागार्जुन को इन विधियों का जनक माना जाता है। इन औषधियों का उपयोग विशेष रूप से बीमारियों के इलाज में किया जाता है। पुराने समय में आयुर्वेदाचार्य कई प्रकार के यंत्रों का इस्तेमाल करते थे। जैसे दोला यंत्र, उलूखल यंत्र, कच्छप यंत्र, और स्वेदनी यंत्र। इन यंत्रों से औषधियाँ बनती थीं, जो आज भी कई बीमारियों में कारगर होती हैं। आयुष रसशाला के जरिए ताजा जड़ी-बूटियों से औषधीय रस, अर्क, क्वाथ और पेय बनाए जाते हैं। ये औषधियाँ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती हैं और कई बीमारियों में फायदेमंद साबित होती हैं।
- -राज्य स्तरीय शालेय क्रीडा प्रतियोगिता का हुआ समापन-रायपुर संभाग को ओवरऑल चैम्पियनशिप का मिला खिताब-राज्य के पांच संभाग के लगभग 1790 खिलाड़ी और 300 कोच हुए शामिलरायपुर /खेल मंत्री श्री टंक राम वर्मा आज राजधानी के जे.आर.दानी स्कूल में आयोजित 24वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीडा प्रतियोगिता के समापन समारोह में पहुंचे। विगत चार दिनों से आयोजित इस प्रतियोगिता मंें राज्य के सभी संभागों के स्कूल के 1790 खिलाड़ी और 300 कोच शामिल हुए। इस प्रतियोगिता में रायपुर संभाग को ओवरऑल चैम्पियनशिप का खिताब दिया गया।मंत्री श्री वर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए प्रतियोगिता एक बेहतरीन मंच है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार में खेल प्रतिभा को बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। अलंकरण दिवस समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य के ऐसे खिलाड़ी जो ओलंपिक में गोल्ड मैडल विजेता होंगे, उन्हें 3 करोड़ रूपए से पुरस्कृत करने की घोषणा की।मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि आज यहां उपस्थित खिलाड़ी राज्य स्तरीय खेल में शामिल होने आए हैं, सरकार की मंशा है कि खिलाड़ी न केवल राज्य स्तर अपितु राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम गौरवान्वित करें। प्रदेश के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शन करने का अवसर मिले, इसके लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि खेल से शारीरिक और मानसिक विकास के साथ टीम भावना का विकास होता है। खेल में हार-जीत लगा रहता है, हार कर बैठना बुरी बात है।ज्ञात हो कि राज्य स्तरीय शालेय कीड़ा प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ राज्य के 05 संभाग से लगभग 1790 प्रतिभागी खिलाड़ी एवं 300 कोच सम्मिलित हुए। विगत 04 दिनों से चलने वाली इस प्रतियोगिता में 10 खेलों बास्केटबाल, हॉकी, फुटबॉल, रोलर स्केटिंग, स्क्वैश, सॉफ्ट टेनिस, बॉक्सिंग, ताईक्वाण्डो, साइकिलिंग एवं तीरंदाजी के खिलाड़ी प्रतियोगिता में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर विधायकगण श्री मोती लाल साहू और श्री पुरंदर मिश्रा, जिला शिक्षा अधिकारी श्री विजय खंडेलवाल, जिला क्रीडा अधिकारी श्री आई.पी. वर्मा सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, खिलाड़ी और कोच सहित स्कूली छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
- रायपुर, / बलौदाबाजार जिला के ग्राम अर्जुनी में निवासरत कुम्हार समाज से जुड़े श्रीमती प्रमिला चक्रधारी और उनकी बहू श्रीमती लीना चक्रधारी के लिए महतारी वंदन योजना किसी वरदान से कम नही है। प्रमिला ने इस योजना से मिली राशि का उपयोग मिट्टी के बर्तन बनाने के लिए ज़रूरी समान खरीदने में करती है वहीं लीना ने इस राशि का उपयोग अपने घर को बेहतर ढंग से चलाने में करती है, जिससे घर की छोटी-छोटी ज़रूरतें पूरी हो रही है। यह योजना अब सिर्फ आर्थिक सहायता ही नहीं बल्कि सास-बहू दोनों के जीवन में आत्मसम्मान और सशक्तिकरण का प्रतीक बन गई।बलौदाबाजार जिला के ग्राम अर्जुनी के प्रमिला के पति श्री मालिक राम परंपरागत कुम्हार का काम करते हैं। समय के अनुसार मिट्टी के बर्तन व अन्य सामान बनाते हैं। प्रमिला भी अपने पति के साथ मिलकर मिट्टी से जिंदगी संवारने का काम करती है। बर्तन बनाने का यह हुनर, उनके जीवन का आधार है। लेकिन कभी-कभी यह हुनर भी आर्थिक तंगी के सामने छोटा पड़ जाता है। उनके बेटे उमेश चक्रधारी रोजी- मजदूरी करके परिवार की गाड़ी चलाता है, जबकि उनकी पत्नी लीना जो गृहणी हैं, घर के कामकाज में लगी रहती हैं। लीना और उमेश की शादी को अभी दो साल ही हुए हैं लेकिन यह छोटा सा परिवार पहले से ही चुनौतियों के बीच अपनी राह बना रहा है। इन चुनौतियों से निजात दिलाने का काम मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की महतारी वंदन योजना ने किया।महतारी वंदन योजना के तहत प्रमिला और लीना दोनों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिल रही है। इस योजना की मदद से उनके जीवन में नई उम्मीद की किरण आई है। प्रमिला कहती है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की महिलाओं के हित में शुरू की गई महतारी वंदन योजना ने हमें वह सहारा दिया है, जो हमें कभी नहीं मिला था। हम मेहनत तो करते थे, लेकिन आर्थिक मजबूरी ने हमें हमेशा विवश कर रखा था। इस योजना से मिली राशि से अब हम अपनी मेहनत को और आगे बढ़ा सकते हैं। वहीं लीना की आँखों में भी एक नई चमक है। वह कहती है कि हमारा छोटा परिवार अब और मजबूती से खड़ा है। इस मदद ने हमें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ाया है। दोनों सास-बहू मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते है कि इस योजना ने उन्हें न केवल आर्थिक रूप से बल्कि पूरे सम्मान के साथ जीवन यापन करने के लिए सशक्त बनाया है। आज प्रमिला और लीना परिवार अपने पैरों पर खड़ा होकर अपने भविष्य की नींव और भी मजबूत कर रही हैं।
- दुर्ग/ कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के मार्गदर्शन में बाढ़ आपदा से बचाव की आवश्यक तैयारियों का जायजा लेने के लिए शिवनाथ नदी में आज मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ़) एवं राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ़) द्वारा जिला स्तर पर उपलब्ध समस्त बाढ़ बचाव सामग्रियों का मॉकड्रिल किया गया। मॉकड्रिल में अतिवृष्टि के दौरान शिवनाथ नदी में ग्रामीण जन लकड़ी या छोटे-छोटे बोट के माध्यम से नदी पार करते समय बोट पल्टी हो जाने एवं गांव में पानी भर जाने की स्थिति में किस प्रकार से जिले में उपलब्ध मोटर बोट, स्क्यूबा डायविंग, अंडरवाटर कैमरा, लाइफ जैकेट, लाइफ बॉय आस्का लाइट, पेलिकन लाइट, सर्च लाइट विभिन्न प्रकार के वस्तुओं का प्रयोग कर बाढ़ बचाव कार्य का लाइव डेमो (मॉकड्रिल) का आयोजन किया गया। मॉकड्रिल के दौरान, एनडीआरएफ़ एवं एसडीआरएफ की टीम ने कई महत्वपूर्ण बचाव अभियानों का अभ्यास किया। इनमें नदी में डूबने वाले व्यक्तियों का बचाव, तेज बहाव में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना और बाढ़ के दौरान क्षतिग्रस्त इमारतों में फंसे लोगों को निकालना शामिल था। इसके अलावा सर्पदंश की स्थिति में किस प्रकार सावधानी रखनी है तथा क्या उपाय करना है इसकी भी जानकारी दी गई। इस अभ्यास में आधुनिक बचाव उपकरणों और तकनीकों का भी प्रदर्शन किया गया, जिससे टीम को वास्तविक आपदा के समय इन उपकरणों का सही और प्रभावी उपयोग करने का अनुभव प्राप्त हो सके। मॉकड्रिल के दौरान स्थानीय प्रशासन और नागरिकों को भी शामिल किया गया, ताकि उन्हें आपदा के समय सही कदम उठाने और एनडीआरएफ़ की सहायता करने की जानकारी मिल सके।जिले में शिवनाथ नदी के आस-पास के बहुत से गांव प्रभावित होते है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीणों को घरों में उपलब्ध होने वाले सामग्रियों जैसे टीपा, भगोना, ड्रम, मटका, ट्यूव इत्यादि सामग्रियों का राप्ट बनाना एवं पीने वाले 1 लीटर वाटर बॉटल को ऐयर टाईट कर लाईफ जैकेट बनाकर डूबते हुये व्यक्ति को बचाया जा सकता है का डेमो टीम के जवानों और जिले के बाढ़ बचाव दल के जवानों द्वारा दिखाया गया। इस अवसर पर एडीएम श्री अरविंद एक्का, आयुक्त नगर निगम दुर्ग श्री लोकेश चन्द्राकर, एसडीएम दुर्ग श्री हरवंश मिरी, संयुक्त कलेक्टर श्री मुकेश रावटे, डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम ध्रुव, एसडीएम भिलाई-3 श्री महेश राजपूत, एसडीएम भिलाई श्री लवकेश ध्रुव, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती लता उर्वशा, समाज कल्याण विभाग के उप संचालक श्री अमित परिहार, पुलिस, स्वास्थ्य, एनडीआरएफ कटक (उड़ीसा) के एवं एसडीआरएफ के अधिकारीगण, संबंधित विभागों के अधिकारीगण, नगर सेना दल एवं ग्रामीणजन उपस्थिति थे।
- भिलाईनगर। महापौर परिषद की बैठक महापौर नीरज पाल की अनुपस्थिति में वरिष्ठ एमआईसी सदस्य लक्ष्मीपति राजू के अध्यक्षता में आहुत की गई। परिषद के समक्ष 06 प्रस्ताव विचारार्थ रखे गये। जिसमें प्रमुख रूप से निगम क्षेत्र में मटेरियल रिकवरी सेंटर निर्माण का कार्य किया जायेगा। जो ब्लाक वेस्ट जनरेटर यानि बल्क में जो कचरा एकत्रित होगा, उसको मशीन के माध्यम से सेग्रीगेट किया जाएगा। सेग्रीगेशन के पश्चात आवश्यकतानुसार कचरे का रिसाईकिलिंग खाद बनाने का कार्य एवं अन्य कार्य आसानी से किये जा सकेगें।निगम क्षेत्र में सिवरेज सफाई के लिए ट्रक माउंटेड सक्शन कम जेटिंग मशीन लागत राशि 104.70 लाख शासन द्वारा निर्धारित क्रय पद्विति के अनुसार क्रय किये जायेगे। जिससे सीवरेज की सफाई में और गति आ जायेगा। एस.एल.आर.एम. सेंटर में कचरों के पृथकीकरण तथा गीले कचरें से खाद तैयार किये जाने के संबंध में निगम क्षेत्र में स्थित 09 एस.एल.आर.एम. सेंटर में पंजीकृत महिला स्व-सहायता समूह के स्वच्छता दीदियो के माध्यम से कराये जाने हेतु प्रस्ताव पारित किया गया।वार्ड 04 नेहरू नगर मिनी माता उद्यान के पास सामुदायिक भवन का स्थल परिवर्तन कर व्यावसायिक परिसर नेहरू नगर के पास सामुदायिक भवन निर्माण के संबंध में आए प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। जोन-03 सीवर लाईन चेंबर निर्माण कार्य एवं सीवर, संपवेल, सीवेज पंपींग मुख्य लाईन तथा ट्रांसफार्मर, पम्प इत्यादि निर्माण कार्य हेतु आए प्रस्ताव को निगोशियेशन आमंत्रित करने की अनुशंसा की गई।महापौर परिषद की बैठक में संदीप निरंकारी, सीजू एन्थोनी, साकेत चंद्राकर, एकांश बंछोर, आदित्य सिंह, केशव चैबे, चन्द्रशेखर गवई, मालती ठाकुर, लालचंद वर्मा, अपर आयुक्त अशोक द्विवेदी, निगम सचिव नरेन्द्र कुमार बंजारे, जोन आयुक्त सतीश यादव, अभियंता अखिलेश चंद्राकर, अरविंद शर्मा, रवि सिन्हा, विनिता वर्मा, अर्पित बंजारे, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, जनसम्पर्क अधिकारी अजय शुक्ला, सहायक अधीक्षक राजेश पालवे आदि उपस्थित रहें।

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