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- - ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत‘ के तहत लोक भवन में मनाया गया महाराष्ट्र, गुजरात, सिक्किम व हिमाचल प्रदेश का स्थापना दिवसरायपुर। छत्तीसगढ़ के लोक भवन में सोमवार, 18 मई को महाराष्ट्र राज्य का स्थापना दिवस मनाया गया। लोक भवन के छत्तीसगढ़ मंडपम् में आयोजित इस कार्यक्रम में राज्यपाल रमेश डेका ने सभी को महाराष्ट्र, सिक्किम, गुजरात और हिमाचल प्रदेश स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने महाराष्ट्र के संदर्भ में शिवाजी महाराज से लेकर ज्योतिबा फूले तक सभी महान समाजसेवियों के देश के निर्माण में योगदान पर चर्चा की। इस अवसर पर महाराष्ट्र के प्रतिनिधि के रूप में महाराष्ट्र मंडल के मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन का राज्यपाल ने सम्मान किया। वहीं मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने सचिव चेतन गोविंद दंडवते के साथ राज्यपाल डेका को सूत माला पहनाकर व शाल-श्रीफल व वीर विनायक दामोदर सावरकर की प्रतिमा देकर सम्मानित किया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि विविधता में एकता भारत की सबसे बड़ी शक्ति है और ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत‘ जैसी पहल देश के विभिन्न राज्यों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव, पारस्परिक सम्मान और राष्ट्रीय एकता को नई मजबूती प्रदान कर रही है। विकास और विरासत के साथ निरंतर आगे बढ़ रहे ये राज्य देश के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने महाराष्ट्र की वीरता, सामाजिक चेतना और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, राष्ट्र भक्ति, सेवा भावना की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन राज्यों की संस्कृति, परंपराएं, ऐतिहासिक योगदान और विकास यात्रा भारत की एकता और सामर्थ्य को और अधिक सशक्त करती हैं।महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के बीच प्रगाढ़ संबंध हैं। सदियों पहले महाराष्ट्र से मराठा, मराठी कुनबी, तेली, कलार, स्वर्णकार समेत विभिन्न समाजों के लोग यहां आए और सभी का एकमात्र उद्देश्य छत्तीसगढ़ की सेवा करना था। काले ने कहा कि आजादी के पहले साल 1940 में आरएसएस के संस्थापक सरसंघ चालक डॉ. केशव बलीराम हेडगेवार ने महाराष्ट्र मंडल की सभा को संबोधित करते हुए कहा था कि ‘आपको छत्तीसगढ़ की मिट्टी में रच बसकर यहां के लोगों की सेवा करनी है’। महाराष्ट्र मंडल सहित पूरे मराठी समाज ने डॉ. हेडगेवार के इस ब्रह्म वाक्य को आत्मसात किया और सर्वसमाज की सेवा में जुट गया।काले ने कहा कि महाराष्ट्र मंडल संसाधनों की बढ़ती उपलब्धता के बीच विभिन्न प्रकल्पों कामकाजी महिला वसती गृह (अब सखी निवास), दिव्यांग बालिका विकास गृह, संत ज्ञानेश्वर इंग्लिश मीडियम स्कूल, सियान गुड़ी, मेडिकल इक्यूपमेंट योजना, महाराष्ट्र मंडल भवन, अन्नपूर्णा मेस योजना, फिजियोथेरेपी सेंटर, बाल वाचनालय शंकर नगर, बाल संस्कार केंद्रों जैसे प्रकल्प संचालित कर रहा है। भविष्य में भी महतारी सदन, गोशाला, गुरुकुल जैसे प्रकल्पों से महाराष्ट्र मंडल अपने सेवाभावी कार्यों का विस्तार करेगा।
- - वल्लभ नगर और शंकर नगर केंद्र के बाद महाराष्ट्र मंडल के चौबे कॉलोनी केंद्र की महिलाओं की अनुकरणीय पहलरायुपर। महाराष्ट्र मंडल के चौबे काॅलोनी महिला केंद्र ने मंगलवार, 19 मई को चिंताहरण हनुमान मंदिर के पास भीषण गर्मी से राहत दिलाने के लिए राहगीरों को मठा वितरित किया। इस अवसर पर स्वामी आत्मानंद वार्ड के पार्षद आनंद अग्रवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने लोगों को मठा वितरित करने में अहम योगदान दिया और मंडल के सेवाभावी कार्यों की सराहना की।चौबे कालोनी केंद्र की संयोजिका अक्षता पंडित ने बताया कि प्रति वर्षानुसार इस वर्ष भी स्वामी आत्मानंद वार्ड के पार्षद आनंद अग्रवाल के विशेष आतिथ्य में सैकड़ों राहगीरों को मठा वितरित किया गया। इसकी शुरुआत हनुमान चालीसा पाठ के साथ की गई। केंद्र की महिलाओं ने सफेद ड्रेस कोड के साथ सुबह 10 बजे से मठा बांटना शुरू किया, जो कई घंटों तक चलता रहा। इस अवसर पर महाराष्ट्र मंडल की महिला प्रमुख विशाखा तोपखानेवाले, अपर्णा कालेले, स्वाती डबली, गौरी क्षीरसागर, संगीता निमोणकर, अनुपमा बोधनकर, मनीषा वरवंडकर, रोहिणी नेने, आरुषि डबली, प्रकाश गुरव, नानक सिंह सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
- भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने पूर्व मुख्यमंत्री भुवनचंद्र खंडूड़ी के निधन को राष्ट्रीय राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए दी भावपूर्ण श्रद्धांजलिरायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ राजनेता जनरल (सेवानिवृत्त) भुवनचंद्र खंडूड़ी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। श्री देव ने अपने शोक संदेश में खंडूड़ी के देहावसान को उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण राष्ट्रीय राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि स्व. खंडूड़ी का लम्बा और गौरवशाली सार्वजनिक जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत रहा है। वे न केवल एक कुशल प्रशासक थे, बल्कि सादगी, स्पष्टवादिता और शुचिता की प्रतिमूर्ति थे। उनका निधन भाजपा सरकार व संगठन के लिए एक अत्यंत दु:खद क्षण है। श्री देव ने उत्तराखंड के विकास में उनके अभूतपूर्व योगदान को याद करते हुए कहा कि स्व. खंडूड़ी ने मुख्यमंत्री रहते हुए प्रदेशहित में अनेक महत्वपूर्ण एवं कड़े निर्णय लिए, जिसने राज्य के विकास को एक नई और सही दिशा प्रदान की। भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी जीरो टॉलरेंस की नीति और पारदर्शी कार्यशैली आज भी अनुकरणीय है। श्री देव ने कहा कि पिछले कुछ समय से उनके अस्वस्थ होने के चलते उनके आवास पर लगातार राजनेताओं और शुभचिंतकों का तांता लगा हुआ था, जो उनके प्रति जनता के अगाध प्रेम और सम्मान को दर्शाता है। श्री देव ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि बाबा केदारनाथ और बद्रीविशाल से प्रार्थना है कि वे पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिजनों व उनके करोड़ों समर्थकों को इस असहनीय दु:ख को सहने की शक्ति प्रदान करें।
- बिलासपुर/ बिलासपुर संभाग में अपर आयुक्त का पद रिक्त होने के कारण कार्यालयीन कार्यों एवं विभिन्न प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए आयुक्त बिलासपुर संभाग द्वारा कार्य विभाजन संबंधी आदेश जारी किया गया है। जारी आदेश के अनुसार पूर्व में जारी कार्य विभाजन आदेश को निरस्त करते हुए नवीन व्यवस्था लागू की गई है।आदेश के तहत आयुक्त श्री सुनील जैन को बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, मुंगेली, सारंगढ़-बिलाईगढ़, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही एवं सक्ती जिलों से संबंधित कलेक्टरों के आदेशों के विरुद्ध अपील प्रकरणों की सुनवाई का दायित्व सौंपा गया है। इसके अलावा जिला स्तरीय ओवर साइट कमेटी, राष्ट्रीय राजमार्गों के पुनर्वास एवं उन्नयन हेतु भूमि अधिग्रहण से जुड़े मध्यस्थता प्रकरण, खाद्य औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1985 के प्रकरण तथा पंचायत राज अधिनियम से जुड़े मामलों की सुनवाई भी उनके जिम्मे रहेगी।प्रशासनिक कार्यों के अंतर्गत इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, सीएसआर, स्वच्छ भारत अभियान, नगरीय निकाय एवं पंचायत निर्वाचन संबंधी प्रकरण, धान खरीदी निरीक्षण एवं परीक्षण, कौशल विकास, नजूल प्रकरणों के नवीनीकरण, विभागीय जांच तथा स्थायी सामाजिक प्रमाण-पत्रों से जुड़े मामलों में भी कार्रवाई का दायित्व निर्धारित किया गया है।आदेशानुसार आयुक्त द्वारा प्रकरणों की सुनवाई सामान्यतः प्रत्येक सोमवार, मंगलवार एवं बुधवार को की जाएगी। वहीं रायगढ़ एवं सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों के प्रकरणों की सुनवाई माह के द्वितीय शुक्रवार को कैंप कोर्ट रायगढ़ में संपादित होगी। आयुक्त कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि विशेष परिस्थितियों में प्रकरणों की सुनवाई एवं क्षेत्राधिकार के संबंध में आवश्यकतानुसार पृथक निर्णय लिया जा सकेगा। यह आदेश तत्काल प्रभावशील हो गया है।
- - भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने जगदलपुर विमानतल पर किया भव्य आत्मीय स्वागतरायपुर। प्राकृतिक सौन्दर्य, समृद्ध आदिवासी संस्कृति और लोक परम्पराओं से पोषित माँ दंतेश्वरी की पावन भूमि बस्तर के प्रवास पर मंगलवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जगदलपुर आगमन हुआ। जगदलपुर स्थित माँ दन्तेश्वरी विमानतल (हवाईअड्डे) पर भारतीय जनता पार्टी के छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने भाजपा पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ उनका आत्मीय स्वागत किया।इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बस्तर की पावन धरा पर अगवानी करते हुए उन्हें बस्तर की पारम्परिक कलाकृति और स्मृति चिह्न भेंट कर छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से हार्दिक अभिनन्दन किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्वागत के लिए माँ दन्तेश्वरी विमानतल पर भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों में अभूतपूर्व उत्साह देखा गया। पारंपरिक बस्तरिया अंदाज और लोक संस्कृति की झलक के साथ अतिथि-सत्कार किया गया। इस दौरान बस्तर संभाग के वरिष्ठ भाजपा नेता, स्थानीय विधायक, जनप्रतिनिधि तथा भारी संख्या में प्रबुद्ध नागरिक व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।मुख्यमंत्री द्वय यादव व धामी और मप्र के कैबिनेट मंत्री विजयवर्गीय का बस्तर पहुँचने पर स्वागतभाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने बस्तर आगमन पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्करसिंह धामी एवं मध्यप्रदेश सरकार के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का बस्तर पहुँचने पर आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर उनके साथ छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारीगण एवं भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। श्री देव ने राष्ट्रीय व प्रादेशिक नेतृत्व का स्वागत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के साथ-साथ छत्तीसगढ़ और बस्तर विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। डबल इंजन की सरकार के इस दौर में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं का बस्तर आगमन यह दर्शाता है कि केंद्र और भाजपा नेतृत्व के लिए बस्तर का विकास और यहाँ की जनता का कल्याण सर्वोपरि है।
- भिलाई। नगर पालिक निगम भिलाई के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने जोन-01 नेहरू नगर क्षेत्र में चल रहे नाला रिटर्निंग वॉल एवं अवैध अतिक्रमण की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कार्य शीघ्र पूर्ण कराने तथा अवैध अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।निगम आयुक्त जोन टीम के साथ साइकिल से प्रातः मॉडल टाऊन विनोबा नगर एवं जुनवानी स्थित एमजे कॉलेज के बगल में चल रहे नाला रिटर्निंग वॉल कार्य का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि बरसात के दौरान अधिक वर्षा होने पर क्षेत्र में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो जाती है, जिससे आम नागरिकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या के समाधान के लिए नाले का वॉल निर्माण कराया जा रहा है।निरीक्षण के दौरान एमजे कॉलेज के सामने प्रधानमंत्री आवास के पास अवैध अतिक्रमण कर बाउंड्रीवाल निर्माण एवं गेट लगाए जाने का मामला सामने आया। नाला का सीमांकन करवाने पश्चात् कार्य करने कहा गया है । अतिक्रमण पर निगम आयुक्त ने सख्ती दिखाते हुये तत्काल कार्रवाई करने कहा है । संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण को तत्काल हटाने के निर्देश दिए हैं । निरीक्षण के दौरान सहायक अभियंता फत्तेलाल साहू, उप अभियंता पुरुषोत्तम सिन्हा, रीमा जामुलकर, स्वच्छता निरीक्षक अंकित सक्सेना, क्रिस्टोफर सहित निगम के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- 0- कक्षा 6वीं प्रवेश के लिए आवेदन शुरू, 26 जुलाई को होगी प्रवेश परीक्षारायपुर. अनुसूचित जाति एवं जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना (पूर्व में जवाहर उत्कर्ष योजना) अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा 6वीं में प्रवेश हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। विद्यार्थियों का चयन प्रवेश परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा।कार्यालय सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास जिला रायपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रवेश परीक्षा 26 जुलाई 2026, रविवार को दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक आयोजित की जाएगी। आवेदन प्रक्रिया 15 मई 2026 से प्रारंभ हो चुकी है। इच्छुक विद्यार्थी 20 जून 2026 तक संबंधित स्कूल से आवेदन पत्र प्राप्त कर जमा कर सकते हैं।अधिक जानकारी के लिए विभाग की वेबसाइट www.tribal.cg.gov.in अथवा सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कार्यालय रायपुर से संपर्क किया जा सकता है।
- 0- कक्षा 6वीं प्रवेश के लिए आवेदन शुरू, 26 जुलाई को होगी प्रवेश परीक्षारायपुर. अनुसूचित जाति एवं जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना (पूर्व में जवाहर उत्कर्ष योजना) अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा 6वीं में प्रवेश हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। विद्यार्थियों का चयन प्रवेश परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा।कार्यालय सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास जिला रायपुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रवेश परीक्षा 26 जुलाई 2026, रविवार को दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक आयोजित की जाएगी। आवेदन प्रक्रिया 15 मई 2026 से प्रारंभ हो चुकी है। इच्छुक विद्यार्थी 20 जून 2026 तक संबंधित स्कूल से आवेदन पत्र प्राप्त कर जमा कर सकते हैं।अधिक जानकारी के लिए विभाग की वेबसाइट www.tribal.cg.gov.in अथवा सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कार्यालय रायपुर से संपर्क किया जा सकता है।
- 0- डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण से धरसीवा पंचायत को हो रही नियमित आयरायपुर. जिले के ग्राम पंचायत धरसींवा ने स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है। ग्राम पंचायत ने सामुदायिक सहभागिता, महिला सशक्तिकरण और बेहतर प्रबंधन के माध्यम से न केवल गांव को स्वच्छ बनाया है, बल्कि कचरे से आय अर्जित कर आर्थिक सशक्तिकरण की नई मिसाल भी कायम की है।ब्लॉक धरसींवा स्थित ग्राम ने वर्ष 2016 में स्वयं को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) घोषित कर सम्मान प्राप्त किया था। वर्तमान में ग्राम पंचायत धरसींवा ओडीएफ स्थायित्व एवं ओडीएफ प्लस गतिविधियों के तहत निरंतर कार्य कर रही है। गांव में “ॐ नमः शिवाय” स्वच्छाग्रही दीदियों का समूह नियमित रूप से साफ-सफाई एवं ठोस-तरल अपशिष्ट प्रबंधन का कार्य कर रहा है। बीते 2 वर्षों से ग्राम में नियमित डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण एवं गीले-सूखे कचरे के पृथक्करण का कार्य सतत रूप से संचालित किया जा रहा है।ग्राम पंचायत द्वारा ठोस एवं प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन के माध्यम से प्रतिमाह लगभग 45 हजार से 50 हजार रुपए तक की आय अर्जित की जा रही है। इस पहल ने न केवल गांव को स्वच्छ एवं सुंदर बनाया है बल्कि स्वच्छाग्रही दीदियों को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त भी किया है।
- रायपुर. गांवों में बढ़ते प्लास्टिक कचरे की समस्या जहां पर्यावरण और जनस्वास्थय के लिए चुनौती बन रही थी, वहीं स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ग्रामीण क्षेत्रों में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर प्रभावी पहल की जा रही है।स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत अभनपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत पिपरोद में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन केन्द्र की स्थापना की गई है। प्लास्टिक अपशिष्ट के प्रबंधन के लिए जिलों में रिसाइक्लरों एवं संस्थाओं के साथ समझौता किया गया है। इसके तहत गांवों से संग्रहित प्लास्टिक कचरे को व्यवस्थित रूप से एकत्रित कर रिसाइक्लिरों तक पहुंचाया जा रहा है। ग्राम पंचायत स्तर पर प्लास्टिक कचरे के पृथक्करण, संग्रहण एवं भण्डारण की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में प्लास्टिक कचरे को खुले में फेंकने की प्रवृत्ति में कमी आई है तथा गांवों में स्वच्छता स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है।प्लास्टिक अपशिष्ट को संसाधन के रूप में उपयोग कर पुनर्चक्रण (Recycling) की प्रक्रिया को भी मजबूत बनाया जा रहा है। इससे ग्रामीणों में स्वच्छता को लेकर जागरूकता भी बढ़ी है साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित हुए हैं।
- 0- सुशासन तिहार में 02 हितग्राहियों को वृद्धा पेंशन, 06 हितग्राहियों को मिली आवास चॉबीदुर्ग. सुशासन तिहार के अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन आज जनपद पंचायत दुर्ग क्षेत्र के ग्राम पंचायत पुरई स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला में किया गया। शिविर में ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न समस्याओं एवं मांगों से संबंधित कुल 441 आवेदन प्रस्तुत किए। विभागीय अधिकारियों द्वारा 147 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया, शेष आवेदनों के निराकरण की प्रक्रिया समय-सीमा में पूरी की जाएगी।शिविर में मचांदुर, चिरपोटी, पाउवारा, कोड़िया, कोकड़ी, हनोदा, पुरई, खोपली, डुमरडीह, घुघसीडीह, उमरपोटी, कातरो, बोरीगारका एवं करगाडीह के गांवों के ग्रामीणों ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों में पहुंचकर आवेदन जमा किए। जनसमस्या निवारण शिविर में दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चंद्राकर एवं कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने ग्रामीणजनों से संवाद किया। विधायक श्री चंद्राकर ने कहा कि विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार समाज के हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की जनहितैषी योजनाओं और पारदर्शी कार्यशैली के कारण जनता का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। इस अभियान के तहत लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जा रहा है तथा आम नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ सरलता से उपलब्ध कराया जा रहा है।शिविर में ग्रामीण विधायक श्री चंद्राकर एवं कलेक्टर श्री सिंह ने हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया गया। विधायक श्री चंद्राकर एवं कलेक्टर श्री सिंह ने महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से 06 गर्भवती महिलाओं को पोषण टोकनी वितरित किए। इसके साथ ही जनप्रतिनिधियों द्वारा राष्ट्रीय परिवार सहायता अंतर्गत 3 हितग्राहियों बिंदा बाई, मीना बाई, रामकली सपहा को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। वहीं मुख्यमंत्री वृद्धा पेंशन योजना अंतर्गत दो हितग्राहियों को प्रतीकात्मक चेक प्रदान किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत एक हितग्राही श्री रूपौतिन बाई को स्वीकृति पत्र प्रदान किया गया तथा 06 आवास हितग्राहियों राजू साहू, रेनी बाई, रोहिणी बाई यादव, उषा बाई, जन्तिका बाई और मोंगरा बाई को आवास की चॉबी सौंपी गई। इसके साथ ही किशोरी बालिकाओं को सेनेटरी नैपकीन वितरित किए गए।शिविर में क्लस्टर की सभी ग्राम पंचायतों के क्यूआर कोड का प्रदर्शन किया गया है, जिसमंे बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणजनों द्वारा मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन कर संबंधित जानकारी प्राप्त कर इसकी सराहना कर रहे हैं। इस पहल के माध्यम से मनरेगा कार्यों में पारदर्शिता एवं सूचना की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया।इस अवसर पर एसडीएम श्री हरवंश सिंह मिरी, गौ सेवा आयोग अध्यक्ष श्री विजय अग्रवाल, जनपद पंचायत सीईओ श्री रूपेश पाण्डे, जिला पंचायत सभापति श्रीमती श्रद्धा साहू, जनपद सदस्य श्री अजीत चंद्राकर, सरपंच श्री डोमार साहू, सरपंचगण श्रीमती पूजा चंद्राकर, श्रीमती लक्ष्मी साहू, श्री ललित बारले सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।
- 0- श्याम नारायण के लिए ’संजीवनी बूटी’ साबित हुआ आयुष्मान कार्डदुर्ग. जिले में विगत 1 मई से ’सुशासन तिहार’ का गरिमामयी आयोजन किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण और जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने के लिए लगातार जिला प्रशासन द्वारा जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में 16 मई को रिसाली नगर निगम क्षेत्र के मरोदा स्टेशन स्थित दुर्गा मंच के पास आयोजित शिविर कई परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आया, जहाँ आर्थिक रूप से चिंतित स्थानीय निवासी श्री श्याम नारायण दत्ता के चेहरे पर उस समय खुशी की लहर दौड़ गई जब प्रशासन की त्वरित कार्यप्रणाली से मौके पर ही उनका आयुष्मान कार्ड तैयार कर दिया गया। दुर्ग (ग्रामीण) विधायक श्री ललित चंद्राकर, संभाग आयुक्त श्री सत्यनारायण राठौर एवं आईजी दुर्ग संभाग श्री अशोक शांडिल्य के हाथों से ₹5 लाख तक की निःशुल्क उपचार सुविधा वाला यह सुरक्षा कवच प्राप्त करने के बाद श्री दत्ता बेहद भावुक हो उठे और उन्होंने शासन-प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए गंभीर बीमारी के समय इलाज का भारी-भरकम खर्च सबसे बड़ी चिंता होता है, लेकिन अब यह कार्ड उनके लिए ’संजीवनी बूटी’ साबित होगा, जिससे भविष्य में बेहतर उपचार आसानी से संभव हो सकेगा। सुशासन तिहार के माध्यम से शासकीय योजनाएं सीधे अंतिम छोर के नागरिकों तक पारदर्शी तरीके से पहुँचकर उनके जीवन में सुरक्षा, विश्वास और राहत का नया संचार कर रही है।
- दुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में दुर्ग जिले के नगरीय क्षेत्रों में संचालित ’सुशासन तिहार-2026’ अभियान के तहत 19 मई 2026 (मंगलवार) को जिले के प्रमुख नगरीय निकायों के विभिन्न वार्डों के लिए विशेष समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। शिविरों में नागरिक उपस्थित होकर सुबह 09 बजे से शाम 04 बजे तक अपनी शिकायतों और मांगों का त्वरित समाधान करा सकेंगे।प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगर पालिक निगम भिलाई के अंतर्गत जोन-02 वैशाली नगर के नागरिकों के लिए हाउसिंग बोर्ड सूर्यकुण्ड सामुदायिक भवन में विशेष शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर में वार्ड क्रमांक 21 से 25 (कैलाश नगर, कुरूद बस्ती, घासीदास नगर, हाउसिंग बोर्ड, जवाहर नगर और हाऊसिंग बोर्ड) के नागरिक शामिल होकर अपनी समस्याओं का निराकरण करा सकते हैं। इसी प्रकार, नगर पालिका परिषद जामुल के अंतर्गत ए.सी.सी. मंगल भवन (वार्ड क्रमांक 13) में भव्य शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर के दायरे में वार्ड क्रमांक 08, 11, 12, 13, 14 और 15 को शामिल किया गया है।
- दुर्ग. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत संविदा भर्ती हेतु 38 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से प्राप्त जानकारी अनुसार उक्त विज्ञापित पदों jr.secretarial Assistant-UAAM एवं MO-Ayush (RBSK) के लिए प्रतीक्षा सूची के अभ्यर्थियों का मेरिट आधार पर पदस्थापना स्थल चयन की प्रक्रिया 25 मई 2026 को अपरान्ह 12 बजे को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दुर्ग के सभागार में की जाएगी। विस्तृत जानकारी जिले की वेबसाईट www.durg.gov.in में देखी जा सकती है।
- 0- प्रवेश परीक्षा 26 जुलाई 2026 को आयोजितदुर्ग. मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना अंतर्गत जिले के अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्र-छात्राओं से वर्ष 2026-27 में कक्षा 6वीं में प्रवेश हेतु चयन परीक्षा का आयोजन कर विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाना है। चयन परीक्षा मंे सम्मिलित होने के लिए विद्यार्थियों को आवेदन पत्र 20 जून 2026 तक संबंधित शाला से प्राप्त कर जमा करना होगा। परीक्षा 26 जुलाई 2026 रविवार को दोपहर 12 से 2 बजे तक आयोजित की जाएगी।इस योजना के तहत जिले के अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राओं, जो छत्तीसगढ़ का मूल निवासी हो एवं सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी जाति प्रमाण पत्र होना आवश्यक है। विद्यार्थियों को किसी मान्यता प्राप्त शाला से कक्षा 5वीं नियमित अध्ययनरत हो तथा कक्षा चौथी की परीक्षा में 80 प्रतिशत से अधिक अंक या समकक्ष ग्रेड प्राप्त करने वाले विद्यार्थी चयन परीक्षा में शामिल होने के लिए पात्र होंगे। पालक की आय समस्त स्त्रोतांे से वार्षिक आय रुपये 2.50 लाख से अधिक न हो, निर्धारित प्रपत्र में पालक का स्वघोषणा पत्र होना चाहिये।इस योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत तथा नगर पंचायत क्षेत्र के विद्यालय में ही अध्ययनरत विद्यार्थी आवेदन कर सकेंगे। इसके साथ ही उन्हंे जिला स्तरीय उत्कृष्ट आवासीय शिक्षण संस्थाओ में शासकीय व्यय पर अध्ययन उपलब्ध कराया जायेगा। छात्र-छात्राओं की पढ़ाई के साथ-साथ उनके रहने, खाने एवं सामान्य चिकित्सा का व्यय भी शासन द्वारा वहन किया जाएगा। चयनित विद्यार्थियों को शासन द्वारा देय छात्रवृत्ति एवं शिष्यवृत्ति की पात्रता नही होगी। योजना अंतर्गत उत्कृष्ट शालाओं में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को अंतिम बोर्ड (12वीं) परीक्षा तक ही निर्धारित लाभ की पात्रता होगी। असफल होने की स्थिति में अगले सत्र से योजना का लाभ स्वयंमेव समाप्त हो जाएगा।इच्छुक छात्र निर्धारित आवेदन पूर्ण कर अध्ययनरत संस्था में 20 जून तक जमा कर सकेंगे। उक्त आवेदन पत्र शाला प्रमुख द्वारा प्रमाण पत्रों की जांच कर 27 जून तक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी को प्रेषित करेंगे और विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी 30 जून तक समस्त आवेदनों की सूची तैयार कर सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कार्यालय दुर्ग में कार्यालयीन समय तक जमा करेंगे।
- भिलाईनगर। भारतीय स्टेट बैंक मुख्य शाखा में 1200 लंबित प्रकरणों को लेकर कड़े निर्देश दिए गए। आयुक्त एवं सिटी प्रोजेक्ट मैनेजर राजीव कुमार पाण्डेय द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिए गए निर्देशों के परिपालन में आज प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा, सेक्टर-1 में लीड बैंक मैनेजर के प्रतिनिधि की उपस्थिति में संपन्न हुई।मुख्य रूप से योजना के प्रभारी अविनाश हरित एवं नोडल अधिकारी अनिल सिंह शामिल रहे। सर्वाधिक मामले SBI में लंबित है, समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि भारतीय स्टेट बैंक में वर्तमान में सबसे अधिक, लगभग 1200 प्रकरण लंबित हैं। नोडल अधिकारी और योजना प्रभारी ने बैंक प्रबंधन को इन सभी लंबित आवेदनों का बारीकी से परीक्षण कर उनका त्वरित निराकरण (स्वीकृति एवं वितरण) करने के कड़े निर्देश दिए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शासन की इस जनहितैषी योजना का लाभ छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों (स्ट्रीट वेंडर्स) को समय पर मिलना अनिवार्य है, ताकि निर्धारित लक्ष्यों को समय सीमा में पूरा किया जा सके। "प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना गरीब और जरूरतमंद व्यवसाइयों को आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम है। बैंक स्तर पर फाइलों को रोकने से योजना का उद्देश्य प्रभावित होता है, इसलिए सभी लंबित 1200 मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए।"बैठक के अंत में बैंक प्रतिनिधियों ने आश्वस्त किया कि लंबित मामलों के निपटारे के लिए विशेष अभियान चलाकर आवेदनों का जल्द से जल्द निराकरण किया जाएगा।--
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के जोन-1 नेहरू नगर अंतर्गत पशुओ की देखरेख के लिए गौठान स्थापित है। जहां नई उड़ान महिला समिति द्वारा पशुओ की देखरेख का कार्य किया जाता है और सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। निगम क्षेत्र के कोसानाला स्थिति गौठान में घूमन्तु पशुओ को पकड़कर रखा जाता है। पशुओ की देखरेख, चिकित्सा सुविधा समिति द्वारा उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं नगर निगम भिलाई द्वारा पानी एवं हरा चरा की व्यवस्था उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे पशुओ को किसी प्रकार की परेशानी न हो। गौठान के अंदर पशुओ के लिए अलग से 2 शेड निर्माण किया जा रहा है, जिसमें से 1 शेड का कार्य पूर्ण हो चुका है और दुसरा शेड निर्माणाधीन है, जो जल्द पूर्ण कर लिया जाएगा। भीषण गर्मी को देखते हुए पशुओ को गर्मी से बचाने के लिए ग्रीन नेट लगाया गया है, जिससे पशुओ को गर्मी से राहत मिल सके। कुछ गौ सेवकों के द्वारा भी हरा चारा एवं ग्रीन नेट दान किया गया है।वर्तमान में पशुओ को सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जा रही है। नगर पालिक निगम भिलाई नागरिको से अपील करती है कि अपनी स्वेच्छा के अनुसार पशुओ की सुविधा के लिए हरा चारा एवं अन्य आवश्यक सामग्री प्रदान करते है।
- 0- महिलाओं ने सीखे पशु स्वास्थ्य एवं पशुपालन के व्यवहारिक गुरबिलासपुर. ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा गांवों में पशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) बिलासपुर द्वारा आयोजित 15 दिवसीय “पशु सखी प्रशिक्षण कार्यक्रम” का सफलतापूर्वक समापन हुआ। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं को पशुपालन के क्षेत्र में तकनीकी, व्यवहारिक एवं स्वरोजगार आधारित दक्षता प्रदान करने की महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ पशु चिकित्सा विभाग की डॉ. रंजना नंदा एवं डॉ. तन्मय ओट्लवार की उपस्थिति में किया गया था। समापन अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि प्रशिक्षित “पशु सखियां” गांवों में पशुओं की देखभाल, रोगों की प्रारंभिक पहचान, टीकाकरण के प्रति जागरूकता तथा प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को समय पर सहायता मिल सकेगी और पशुधन की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।आरसेटी संचालक ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने का प्रभावी माध्यम है। प्रशिक्षित महिलाएं भविष्य में गांव स्तर पर पशुपालन आधारित सेवाएं प्रदान कर सम्मानजनक आय अर्जित कर सकेंगी।प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को पशुओं के स्वास्थ्य परीक्षण, संतुलित पोषण एवं खान-पान प्रबंधन, सामान्य बीमारियों की पहचान, समय पर टीकाकरण, प्राथमिक चिकित्सा तथा आपातकालीन स्थिति में पशुओं की देखभाल संबंधी व्यवहारिक जानकारी दी गई। साथ ही संवाद कौशल का प्रशिक्षण देकर पशुपालकों को बेहतर सलाह एवं मार्गदर्शन प्रदान करने के तरीके भी सिखाए गए।प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। प्रशिक्षणार्थियों ने बताया कि इस कार्यक्रम से उनके ज्ञान एवं कौशल में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और अब वे आत्मविश्वास के साथ गांवों में पशुपालन सेवाएं देने के लिए तैयार हैं।
- 0- कलेक्टर, सीईओ जिला पंचायत, अपर कलेक्टर, जनपद अध्यक्ष सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण हुए शामिल0- शिविर में 801 आवेदनों का किया गया निराकरण, जनजातीय गरिमा उत्सव जनभागीदारी अभियान का किया गया शुभारंभबालोद. सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जनता के बीच पहुँचकर उनके मांगों एवं समस्याओं की जानकारी लेने तथा उन्हें शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करने हेतु बालोद जिले में लगातार जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत आज जिले के आदिवासी डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम भैंसबोड़ में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ग्राम भैंसबोड़ सहित शिविर में आसपास के 18 ग्राम पंचायत के ग्रामीणों को शासन के विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। शिविर में उपस्थित कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक एवं राज्य एथेलेटिक संघ के उपाध्यक्ष श्री सौरभ लुनिया, जनपद अध्यक्ष श्री मुकेश कौड़ो, जनपद उपाध्यक्ष श्री भोलाराम नेताम, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री मनीष झा, जिला पंचायत सदस्य श्री मिथलेश निरोटी एवं सुश्री नीलिमा श्याम सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अतिथियों के द्वारा 05 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत आवास निर्माण पूर्णता प्रमाण पत्र, श्रम कार्ड वितरण, मत्स्य पालन प्रचार योजना अंतर्गत 02 हितग्राहियों को मछली जाल के अलावा 09 दिव्यांग जनों को छड़ी एवं श्रवण यंत्र, 02 हितग्राहियों को राष्ट्रीय वृद्धा पेंशन स्वीकृति पत्र, 10 हितग्राहियों को स्वामित्व योजना अंतर्गत अधिकार अभिलेख भी प्रदान किया गया।शिविर में 08 कृषकों को डिजिटल किसान किताब, 07 हितग्राहियों को नया राशन कार्ड का भी वितरण किया गया। इसके अलावा शिविर में राज्य शासन के निर्देशानुसार दिव्यांगजनों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने हेतु मेडिकल बोर्ड लगाया गया था। इस दौरान मेडिकल बोर्ड में शामिल विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा शिविर में दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने पहुँचे दिव्यांगजनों का दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी बनाया गया। शिविर में अतिथियों के द्वारा नन्हें-मुन्हें बच्चों को स्वादिष्ट खीर खिलाकर उनका अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। इसके अलावा गर्भवती माताओं को सुपोषण किट भेंटकर उनके गोदभराई के रस्म को पूरा किया गया। ग्राम भैंसबोड़ में आयोजित शिविर में आज विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 902 आवेदन प्राप्त हुए थे जिसमें से 801 आवेदनों को मौके पर निराकरण सुनिश्चित किया गया। ग्राम भैंसबोड़ में आज आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में विशेष बात यह रही कि जिला प्रशासन द्वारा इस शिविर के माध्यम से बालोद जिले में जनजातीय गरिमा उत्सव 2026 का भी शुभारंभ किया गया। उल्लेखनीय है जनजातीय गरिमा उत्सव का उद्देश्य जनजातीय समुदायों की गरिमा, विरासत, योगदान और उपलब्धियों का सम्मान करने के साथ-साथ जनजातीय कार्य मंत्रालय की समग्र जनजातीय विकास और सशक्तिकरण के लिए विभिन्न उपक्रमों और योजनाओं के परिवर्तनकारी प्रभावों को सामने लाना है।जनसमस्या निवारण शिविर को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को सुशासन तिहार 2026 के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि समाज के अंतिम पंक्ति के लोगों तक शासन की जनकल्याणकारी योजनओं का लाभ सुनिश्चित हो। राज्य शासन की इसी मंशा के अनुरूप शासन एवं प्रशासन के प्रतिनिधियों के द्वारा आम जनता के बीच पहुँचकर सुशासन तिहार के माध्यम से उनके वास्तविक मांगों एवं जरूरतों से रूबरू होेकर उनका समुचित निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। श्रीमती मिश्रा ने शिविर स्थल में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टाॅलों के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि स्टाॅलों में अपने-अपने विभागों से संबंधित जानकारियों को प्रदर्शित करने के अलावा स्टाॅल में उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों के द्वारा अपने-अपने विभागों से संबंधित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। कलेक्टर ने शिविर में प्राप्त आवेेदनों के निराकरण की स्थिति के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि पेंशन योजनाओं का लाभ लेने हेतु आवेदक या परिवार के किसी सदस्य का नाम 2002 या 2011 के गरीबी रेखा सर्वे सूची में दर्ज होना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि जिले के सभी विभाग के अधिकारियों को सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त आवेदनों का अधिकतम 01 माह की अवधि में अनिवार्य रूप से निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। श्रीमती मिश्रा ने मौके पर उपस्थित राजस्व विभाग के अधिकारियों को, सीमांकन, बटवारा आदि प्रकरणों का निर्धारित समयावधि में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंनेे शिविर में उपस्थित जनप्रतिनिधियों से अविवादित नामांतरण, बटवारा आदि राजस्व प्रकरणों का निराकरण ग्राम पंचायतों के माध्यम से सुनिश्चित करने की अपील भी की। कलेक्टर ने शिविर में पेयजल से संबंधित समस्याओं के निराकरण हेतु की जा रही कार्यवाही के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि भैंसबोड़ कलस्टर के अलावा संपूर्ण जिले में पेयजल की समुचित आपूर्ति की जा रही है।इसके अलावा शासन स्तर से निराकृत होने वाले कार्यों के निराकरण हेतु शासन को प्रस्ताव भेजे जाने की भी जानकारी दी। श्रीमती मिश्रा ने जिले में जल संचय, जन भागीदारी अभियान जल संरक्षण के उपाय हेतु किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। इसके अंतर्गत उन्होंने जल संचय, जन भागीदारी 2.0 के अंतर्गत जिले में किए जा रहे बेहतरीन कार्यों की भी सराहना की। कलेक्टर ने महिलाओं में होने वाली सर्वाइकल कैंसर के संबंध में प्रकाश डालते हुए सभी अभिभावकों एवं बच्चों केे माता, पिता से जिन बालिकाओं की आयु से 14 वर्ष पूर्ण हो चुका है उन्हें अपने समीप के प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में पहुँचकर सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम हेतु टीका लगाने की भी समझाईश दी। इसके अलावा उन्होंने सभी कृषकों से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने हेतु एग्रीस्टेक पोर्टल में अनिवार्य रूप से पंजीयन कराने को कहा। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के साथ निराकरण सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि ग्राम भैंसबोड़ प्रत्यक्ष खनिज प्रभावित क्षेत्र में आता है।इसलिए इस क्षेत्र के ग्रामीणों द्वारा जिला खनिज संस्थान न्यास से कार्यों की स्वीकृति के संबंध में प्राप्त आवेदनों का विशेष प्राथमिकता के साथ निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने ग्राम भैंसबोड़ में जिला खनिज न्यास संस्थान से मूलभूत सुविधा सुनिश्चित करने हेतु ग्राम विकास प्लान बनाने की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ग्राम विकास प्लान के आधार पर खनिज प्रभावित क्षेत्रों में गांवों का समुचित विकास सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणों को अपने ग्रामों में मुक्तिधाम, स्कूल एवं आंगनबाड़ी जैसे आवश्यक कार्यों को अपने प्राथमिकता में शामिल करने को कहा। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि गांव, अंचल एवं जिले के विकास के लिए प्रशासन के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों एवं आम जनता की सक्रिय सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आप सभी के सहयोग से बालोद जिले में शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं का समुचित क्रियान्वयन सुनिश्चित कर जिले के प्रत्येक क्षेत्रों में अग्रणी बनाने हेतु पूरे मनोयोग से कार्य किया जाएगा। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने बाल विवाह को सामाजिक बुराई के साथ-साथ सामाजिक अपराध बताते हुए शिविर में उपस्थित सभी लोगों को बाल विवाह के रोकथाम के कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की शपथ भी दिलाई।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य एथेलेटिक संघ के उपाध्यक्ष श्री सौरभ लुनिया ने शिविर में उपस्थित ग्रामीणों को सुशासन तिहार के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार समाज के सभी वर्गों के विकास के लिए कृतसंकल्पित है। सुशासन तिहार के माध्यम से आम जनता के बीच पहुँचकर जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की पड़ताल की जा रही है। जनपद अध्यक्ष श्री मुकेश कौड़ो ने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार की मंशा है कि शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर के व्यक्ति तक सुनिश्चित है। इसी मंशा के अनुरूप शासन एवं प्रशासन के लोग आम जनता के बीच पहुँचकर उनके वास्तविक मांगों एवं आवश्यकताओं की जानकारी ले रहे हैं। उन्होंने शिविर में उपस्थित सभी विभाग के अधिकारियों को आम जनता से प्राप्त आवेदनों का पूरी संवेदनशीलता के साथ निराकरण सुनिश्चित करने को कहा। जिला पंचायत सदस्य श्री मिथलेश निरोटी ने सुशासन तिहार के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी देते हुए आम नागरिकों से शिविरों में अनिवार्य रूप से उपस्थित होकर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने को कहा। उन्होंने अंचल के प्रमुख मांगों की ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों को इसके निराकरण हेतु त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा। इस अवसर पर शिविर में उपस्थित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी विचार रखते हुए सुशासन तिहार के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी। इस अवसर पर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री डीडी मण्डले ने शिविर में प्राप्त कुल आवेदन एवं उसके निराकरण की स्थिति के संबंध में जानकारी दी।उल्लेखनीय है कि प्राथमिक शाला मैदान भैंसबोड़ में आज आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में ग्राम भर्रीटोला, रजही, चिपरा, धुर्वाटोला, सुवरबोड, गिधाली, भैसबोड, दानीटोला, गुजरा, खलारी, अड़जाल, कुसुमकसा, अरमुरकसा, पथरटोला, खम्हारटोला, बिटाल, धोबेदण्ड और धोबनी अ सहित 18 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण जन शामिल हुए थे। शिविर में जनपद पंचायत डौण्डी को 161, राजस्व विभाग से 39, कृषि विभाग से प्राप्त 06, विद्युत विभाग के 32, श्रम विभाग से 10, शिक्षा विभाग से 04 सहित विभिन्न विभागों से कुल 902 आवेदन प्राप्त हुए थे। जिसमें से कुल 801 आवेदनों का निराकरण किया गया। शिविर में एसडीएम श्री सुरेश साहू, तहसीलदार श्री देवेन्द्र नेताम, जनपद सदस्य श्री तुलेश्वर हिचामी, श्री तुलसी राम मरकाम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा भैसबोड़ कलस्टर में शामिल 18 ग्राम पंचायतों के बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- 0- सिलाई एवं ब्यूटी पार्लर व्यवसाय को मिला नया विस्तार, अन्य महिलाओं को भी दे रहीं प्रशिक्षणरायपुर. महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम बन रही है, नगर पंचायत समोदा की निवासी सुश्री नीलम साहू इसकी प्रेरणादायक मिसाल हैं। सुश्री नीलम पहले से सिलाई एवं ब्यूटी पार्लर का छोटा व्यवसाय चला रही थीं, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण वे अपने कार्य का विस्तार नहीं कर पा रही थीं। महतारी वंदन योजना के तहत आर्थिक सहायता मिलने के बाद उन्होंने इस राशि का उपयोग अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने में किया।सुश्री नीलम ने सिलाई कार्य के लिए आवश्यक सामग्री खरीदी तथा अपने ब्यूटी पार्लर में नए उपकरण जोड़े। इससे उनके कार्य में सुधार आया और ग्राहकों की संख्या बढ़ने लगी। वर्तमान में वे अपने सिलाई सेंटर में 5 से 6 महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण भी दे रहीं हैं। इस योजना के तहत नीलम व उनके के परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर हुई है और वे आत्मनिर्भर बनकर अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का श्रोत बन र्गइं हैं।
- बिलासपुर. जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार जिले में जनजातीय गरिमा उत्सव के अंतर्गत जन भागीदारी अभियान का शुभारंभ किया गया। कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने मंथन सभाकक्ष में आयोजित अधिकारियों के ओरियंटेशन कार्यक्रम के साथ अभियान की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आदिवासी समुदाय के समग्र सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बनेगा।जिले के आदिवासी बहुल 118 गांवों की लगभग 1 लाख आबादी को लक्षित कर यह विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इनमें 3674 विशेष पिछड़ी जनजाति के बैगा एवं बिरहोर परिवार भी शामिल हैं। अभियान के तहत 19 से 25 मई तक विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं में पात्र लेकिन अब तक वंचित लोगों को लाभान्वित किया जाएगा। जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।अभियान के अंतर्गत ग्राम स्तर पर स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाए जाएंगे, जहां ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक उपचार एवं परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा। 20 मई को प्रत्येक गांव में ग्राम संपर्क अभियान चलाया जाएगा, जिसमें अधिकारी, कर्मयोगी, समाजसेवी एवं जनप्रतिनिधि ग्रामीणों से सीधे संवाद कर योजनाओं की जानकारी देंगे तथा आगामी जनसुनवाई की तिथियों से अवगत कराएंगे। 21 से 23 मई तक गांवों में जनसुनवाई आयोजित कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी जाएंगी और उनका त्वरित निराकरण किया जाएगा। जनसुनवाई की पूरी कार्रवाई का विधिवत दस्तावेजीकरण भी किया जाएगा। कलेक्टर श्री अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गांवों में सबसे गरीब, दिव्यांग एवं जरूरतमंद लोगों की सूची तैयार कर यह सुनिश्चित करें कि वे शासन की किसी योजना से वंचित न रहें। उन्होंने कहा कि जिन आदिवासी परिवारों को अभिलेखों के अभाव में जाति प्रमाण पत्र बनवाने में कठिनाई होती है, उनके लिए वंशवृक्ष तैयार कर ग्राम पंचायत से अनुमोदन कराया जाए।कलेक्टर ने खाद-बीज वितरण सुनिश्चित करने, कच्चे वन एवं कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण में ग्रामीणों की मदद करने तथा कोटा क्षेत्र में मक्के की खेती को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। इच्छुक किसानों की सूची बनाकर उन्हें मिनी किट एवं अन्य आवश्यक कृषि आदान सामग्री उपलब्ध कराने कहा गया। जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र किसान के खेत में डबरी निर्माण कराया जाए। विशेष रूप से फैक्चर जोन वाले क्षेत्रों में जल संरक्षण संरचनाएं विकसित कर भू-जल स्तर बनाए रखने पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गांव में जल संरक्षण से जुड़े कम से कम एक-दो स्थायी कार्य अवश्य संचालित हों। कलेक्टर ने कहा कि सभी विभाग समन्वित प्रयासों से पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाएं, ताकि आदिवासी गांवों को विकास और आत्मनिर्भरता के मॉडल के रूप में विकसित किया जा सके।
- रायपुर. जिले में बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत एवं नगरीय निकाय घोषित करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। दिनांक 09 मई 2025 के जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ऐसी ग्राम पंचायतें एवं नगरीय निकाय, जहां विगत दो वर्षों में किसी भी प्रकार का बाल विवाह प्रकरण दर्ज नहीं हुआ है, उन्हें बाल विवाह मुक्त पंचायत/नगरीय निकाय घोषित किया जाएगा।जिले की कुल 408 ग्राम पंचायतों में से 332 ग्राम पंचायतों से बाल विवाह मुक्त पंचायत घोषित करने हेतु अनुशंसा प्राप्त हुई है। इसी प्रकार 11 नगरीय निकायों में से 08 नगरीय निकायों को भी बाल विवाह मुक्त नगरीय निकाय घोषित करने हेतु अनुशंसा प्राप्त हुई है। इन संस्थाओं द्वारा प्रमाणित किया गया है कि पिछले दो वर्षों में किसी भी प्रकार का बाल विवाह प्रकरण संज्ञान में नहीं आया है।इन ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त घोषित किए जाने की कार्यवाही की जा रही है। इस संबंध में बाल विवाह मुक्त घोषित किए जाने वाले ग्राम पंचायतों की सूची कार्यालय कलेक्टर जिला रायपुर, कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास रायपुर, एकीकृत बाल विकास सेवा, परियोजना कार्यालय आरंग, अभनपुर, धरसींवा-01, धरसींवा-02, रायपुर शहरी-01, रायपुर शहरी-02, तिल्दा एवं मंदिर हसौद में अवलोकन हेतु उपलब्ध कराई गई है।यदि किसी व्यक्ति, संस्था अथवा संगठन को इस संबंध में कोई आपत्ति हो या किसी क्षेत्र में बाल विवाह का प्रकरण संज्ञान में हो, तो वे दिनांक 18 मई 2026 से 28 मई 2026 तक कार्यालयीन समय प्रातः 10ः00 बजे से शाम 05ः30 बजे तक अपने दावा या आपत्ति लिखित रूप में आवश्यक दस्तावेजों सहित जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास, जिला रायपुर (छ.ग.) के कार्यालय में प्रस्तुत कर सकते हैं।
- रायपुर. राज्य शासन के मंशानुरूप कलेक्टर गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिले में आगामी खरीफ सीजन के लिये समितियों में उर्वरक भंडारण किया जा रहा है। जिले को यूरिया 34,800, डीएपी 19,000, पोटाश 4,300, एसएसपी 5,100 तथा एनपीके 12,500 कुल 75,700 मीट्रिक टन का उर्वरक लक्ष्य प्राप्त हुआ है जिसके विरूद्ध उर्वरक भंडारण यूरिया 14,255, डीएपी 5,083, पोटाश 1,751, एसएसपी 2,534 तथा एनपीके 4,661 कुल 28,284 मीट्रिक टन हो चुका है। अब तक यूरिया 3,638, डीएपी 1,261, पोटाश 431, एसएसपी 611 तथा एनपीके 1,563 कुल 7504 मीट्रिक टन वितरण किया जा चुका है। जिले में उर्वरक भंडारण वितरण का कार्य निरंतर जारी है।कृषि विशेषज्ञों के अनुसार केवल डी.ए.पी. पर निर्भर रहना न केवल जोखिम भरा है, बल्कि इससे मिट्टी का संतुलन भी बिगड़ सकता है। बेहतर फसल उत्पादन और मिट्टी के स्वास्थय को बनाए रखने के लिए संतुलित उर्वरकों का उपयोग बेहद जरूरी है। धान जैसी प्रमुख खरीफ फसल के लिए यूरिया, फॅास्फेट, पोटाश और एन.पी.के. जैसे उर्वरकों का सही मात्रा में प्रयोग करना लाभकारी साबित होता है तथा डीएपी पर निर्भरता कम कर इसे वैकल्पिक उर्वरक के रूप में भी उपयोग किया जा सकता है। इसके साथ ही कृषकों को नील हरित काई, हरी खाद तथा जैव उर्वरक (बायो-फर्टिलाइजर्स) का उपयोग करने हेतु भी सलाह दिया गया है, जो की रासायनिक उर्वरकों के निर्भरता पर कमी लाएगी। किसान बोरियों वाली खाद के स्थान पर नैनों यूरिया एवं नैनों डीएपी (तरल) को प्राथमिकता दें। यह न केवल परिवहन में आसान है बल्कि इसकी उपयोग क्षमता 90 प्रतिशत तक है। इसके छिड़काव से फसल को सीधा पोषण मिलता है और जमीन भी खराब नहीं होती।उप संचालक कृषि श्री सतीश अवस्थी ने बताया कि डीएपी की एक बोरी के बराबर पोषक तत्व अन्य विकल्पों से भी प्राप्त किए जा सकते है। उन्होंने सुझाव दिया कि 1 बोरी डीएपी के स्थान पर 3 बोरी एसएसपी के साथ या 2 बोरी अमोनियम फॅास्फेट सल्फेट का उपयोग किया जा सकता है। इसके अलावा 1 बोरी टीएसपी के साथ 2 बोतल नैनो यूरिया 500 मि.ली. और 2 बोतल नैनो डीएपी 500 मि.ली. भी प्रभावी विकल्प है।
- बिलासपुर. संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन की “अर्थाभावग्रस्त होनहार युवा कलाकारों एवं छात्रों के लिए छात्रवृत्ति योजना 2021” अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। योजना के तहत आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 30 जून 2026 निर्धारित की गई है। योजना के अनुसार गुरु-शिष्य परंपरा के अंतर्गत पिछले छह माह से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे दो प्रशिक्षार्थियों की प्रविष्टियां जिलाध्यक्ष की अनुशंसा सहित स्वीकार की जाएंगी। स्कूल शिक्षा एवं उच्च शिक्षा संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए संस्था प्रमुख की अनुशंसा अनिवार्य होगी। निर्धारित प्रपत्र एवं नियमावली विभाग द्वारा जारी लिंक https://drive.google.com/file/d/1tZjxjqvQ8EL3_p52YFFIsSTksNsTUgXI/view?usp=sharing से डाउनलोड कर आवेदन प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
- बिलासपुर. स्व. दिलीप सिंह जुदेव शासकीय सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल कोनी में रीढ़ एवं स्पाइन संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए विशेष उपचार सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। प्रत्येक सप्ताह बुधवार और शनिवार को स्पाइन रोगियों के लिए विशेष ओपीडी संचालित की जाएगी, जहां मरीजों को जांच, परामर्श और उपचार की सुविधा मिलेगी। स्पाइन सर्जरी एवं न्यूरोसर्जरी विशेषज्ञों द्वारा मरीजों की जांच कर आवश्यक उपचार और परामर्श दिया जाएगा। विशेषज्ञों ने बताया कि लगातार कमर दर्द, गर्दन दर्द, हाथ-पैरों में झनझनाहट, चलने-फिरने में परेशानी, साइटिका, डिस्क प्रोलैप्स, बच्चों एवं किशोरों में रीढ़ की विकृतियां और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अस्पताल प्रबंधन ने लोगों से अपील की है कि समय रहते जांच और उपचार कराकर गंभीर जटिलताओं से बचें। मरीज निर्धारित दिनों में अस्पताल की ओपीडी में पहुंचकर विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श और उपचार का लाभ ले सकते हैं।


























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