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- रायपुर / प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार और मरीजों की सुविधा के लिए बिना किसी वैध अनुमति से संचालित निजी अस्पताल तथा डायग्नोस्टिक सेंटरों पर कार्रवाई के निर्देश स्वास्थ्य विभाग ने दिए हैं । इसी कड़ी में आज बलौदाबाजार जिले के कसडोल विकासखंड के 12 चिकित्सा संस्थानों में नर्सिंग होम एक्ट के प्रावधानों के तहत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजेश कुमार अवस्थी के मार्गदर्शन में टीम ने दबिश देकर निरीक्षण किया साथ ही नोटिस देकर विधिवत अनुमति लेने की अंतिम चेतावनी दी गई है।सीएमएचओ ने बताया की जिले में इस प्रकार के बिना अनुमति के खोले गए संस्थानों के निरीक्षण हेतु टीम का गठन किया गया है। आज इस टीम द्वारा ही दबिश दी गई। परीक्षण के दौरान इन संस्थानों द्वारा बिना नर्सिंग होम एक्ट में पंजीयन संचालन करना पाया गया है। इसके लिए स्थान पर ही उन्हें नोटिस दिया गया। नोटिस में उल्लेख है की बिना अनुमति संस्था का संचालन करने पर प्रथम बार संचालक पर राज्य उपचर्या गृह तथा रोगोपचार सम्बंधी स्थापनाएँ अनुज्ञापन नियम 2010 के अध्याय एक के नियम 4 के अनुसार 20 हज़ार के जुर्माने का प्रावधान है। जबकि दूसरी बार ऐसा करते पाए जाने पर दोष सिद्ध होने पर 03 वर्ष का कारावास अथवा 50 हज़ार जुर्माना अथवा दोनों के भागी होंगे।जिन संस्थाओं की जांच की गई उसमें वर्मा पैथोलॉजी कटगी,गायत्री क्लीनिक कटगी, गुप्ता क्लीनिक कटगी , क्योर बे ई क्लीनिक कसडोल,रामगोपाल साहू लैब कसडोल,शर्मा मेटा पैथोलॉजी कसडोल,सिटी डेंटल केयर कसडोल,कबीर पैथोलोजी कसडोल,वासु पैथोलॉजी छांछी, ओम हेल्थ सेंटर छांछी,श्री रत्ना क्लीनिक कसडोल मानस पैथोलॉजी कसडोल शामिल है। सी एम एच ओ के अनुसार आगे भी जिले में यह जांच जारी रहेगी तथा बिना अनुमति संचालित संस्थाओं पर कार्रवाई की जाएगी।
- 23 अगस्त से 10 सितंबर तक होगा दूसरे चरण का आयोजनरायपुर। आदिम जाति विकास मंत्री श्री राम विचार नेताम आदिम जाति विकास मंत्री श्री राम विचार नेताम की पहल पर प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा एवं सचिव सह आयुक्त श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा के कुशल नेतृत्व में ‘‘प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान’’ (पीएम-जनमन) के दूसरे चरण अंतर्गत प्रदेश स्तर पर मिशन मोड पर पीवीटीजी परिवारों को केंद्र और राज्य सरकार के योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। वहीं पीवीटीजी बसाहटों का सुव्यवस्थित विकास भी किया जा रहा है। पीएम जनमन योजना का दूसरा चरण 23 अगस्त से प्रारंभ होकर 10 सितंबर तक आयोजित होगी।दूसरे चरण में प्रत्येक पीवीटीजी बसाहट के पास ही शिविर लगाकर हितग्राहियों का आधार कॉर्ड, राशन कॉर्ड, पीएम जनधन खाता, आयुष्मान भारत कार्ड, पीएम किसान सम्मान निधि योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम मातृ वंदन योजना, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, वन अधिकार पत्र, बिजली, पानी, पक्की सड़क एवं अन्य आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही सभी नोडल विभागों से प्राप्त लक्ष्य के विरूद्ध की गई प्रगति की ऑनलाइन एंट्री भी की जा रही है।दूसरे चरण अंतर्गत अब तक 30 हजार 393 पीवीटीजी हितग्राहियों ने करवाया पंजीयनदूसरे चरण के अंतर्गत अब तक प्रदेश स्तर पर 18 पीवीटीजी बसाहटों वाले जिलों में कुल 284 कैम्प लगाए गए हैं। इनमें अभी तक 30 हजार 393 पीवीटीजी हितग्राहियों ने अपना पंजीयन करवाया है। अब तक की प्रगति के संबंध में प्राप्त जानकारी अनुसार इसमें 1013 हितग्राहियों का आधार कार्ड, 1813 हितग्राहियों का आयुष्मान भारत कार्ड, 269 हितग्राहियों को पीएम किसान सम्मान निधि, 305 हितग्राहियों का किसान क्रेडिट कार्ड, 553 हितग्राहियों का पीएम जनधन योजना, 98 हितग्राहियों को पीएम मातृ वंदन योजना, 723 हितग्राहियों का राशन कार्ड, 414 हितग्राहियों का जाति प्रमाण-पत्र, 420 हितग्राहियों का वन अधिकार पत्र बनाकर लाभान्वित किया जा चुका है। इसके अलावा 821 पीवीटीजी बसाहटों में सुदर वॉल पेंटिंग भी गई है। दूसरे चरण में पीवीटीजी हितग्राहियों को आकर्षित करने हेतु 104 कैम्प वेन्यू पर सेल्फी प्वाइंट बनाए गए हैं, योजना के प्रचार-प्रसार हेतु 710 होर्डिंग्स, पोस्टर, बैकड्रॉप कैम्प वैन्यू पर लगाए गए हैं इनमें योजना अंतर्गत दिए जाने वाले लाभ की संक्षिप्त जानकारी बहुत ही सारगर्भित ढंग से दी गई है।उल्लेखनीय है कि योजना अंतर्गत 9 केन्द्रीय मंत्रालयों के माध्यम से 11 महत्वपूर्ण गतिविधियों का क्रियान्वयन किया जाना है। इन गतिविधियों में पक्के घर का प्रावधान, पक्की सड़क, नल से जल/समुदाय आधारित पेयजल, छात्रावासों का निर्माण, मोबाइल मेडिकल यूनिट, आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से पोषण, बहुउददेशीय केन्द्रों का निर्माण, घरों का विद्युतीकरण (ग्रिड तथा सोलर पावर के माध्यम से), वनधन केन्द्रों की स्थापना, इंटरनेट तथा मोबाइल सर्विस की उपलब्धता और आजीविका संवर्द्धन हेतु कौशल विकास शामिल हैं। कुल मिलाकर विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों एवं उनकी बसाहटों का संपूर्ण विकास करना ही इस योजना का मुख्य लक्ष्य है। इन सभी गतिविधियों का क्रियान्वयन मिशन मोड में तीन वर्ष की अवधि में पूर्ण कर सभी बसाहटों को आवश्यकतानुसार अधोसरंचनात्मक रूप से सुदृढ़ बनाना है।
- -स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अधिकारियों को शिविर लगाकर बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने किया निर्देशित-एडवायसरी में दिए गए दिशा-निर्देशों का गंभीरपूर्वक किया जाए पालन- श्री जायसवालरायपुर, / प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सभी जिलों के स्वास्थ्य अधिकारियों को मंकी पॉक्स (एम-पॉक्स) नामक बीमारी के बचाव व रोकथाम हेतु जारी एडवायजरी में दिए गए दिशा-निर्देशों का गंभीरपूर्वक पालन करने के निर्देश दिए हैं।गौरतलब है कि स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा 20 अगस्त 2024 को मंकी पॉक्स (एमपॉक्स) नामक बीमारी के बचाव व रोकथाम हेतु एडवायजरी जारी की गई है। मंकी पॉक्स (एम पॉक्स) को विश्व स्वास्थ्य संगठन के द्वारा 14 अगस्त 2024 को पब्लिक हेल्थ एमरजेन्सी ऑफ इंटरनेशनल कान्स (पीएचईआईसी) को घोषित किया गया है। विभिन्न देशों में संक्रमण के प्रसार को दृष्टिगत रखते हुए भारत सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा सर्वेलेंस, जांच एवमं उपचार हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किये गए हैं, जिसके अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य में भी मंकी-पॉक्स प्रकरणों की सर्वेलेंस, त्वरित पहचान, जांच एवं उपचार हेतु दिशा-निर्देश जारी किये गए हैं।मंकी-पॉक्स क्या हैमंकी-पॉक्स एक जीनेटिक बीमारी है जो मुख्य रुप से मध्य और पश्चिम अफ्रीका के क्षेत्रों में होता है, परन्तु वर्तमान परिदृश्य में कुछ अन्य देशों में प्रकरण प्राप्त हो रहे हैं तथा भारत के केरल राज्य में मार्च 2024 में प्रकरण प्राप्त हुए हैं।मंकी-पॉक्स से संक्रमित व्यक्ति में सामान्यतः बुखार, चकत्ते एवं लिम्फ नोड्स में सूजन पायी जाती है। मंकी-पॉक्स एक स्व-सीमित (सेल्फ-लिमिटेड) संक्रमण है, जिसके लक्षण सामान्यतः 2-4 सप्ताह में समाप्त हो जाते हैं। मंकी-पॉक्स संक्रमण के गंभीर प्रकरण सामान्यतः बच्चों में पाए जाते हैं। जटिलताओं एवं गंभीर प्रकरणों में मृत्यु दर 1 से 10 प्रतिशत है। मंकी-पॉक्स संक्रमण होने एवं लक्षण उत्पन्न होने का इनक्यूबेशन पीरियड सामान्यतः 6-13 दिन का होता है, परन्तु यह 5 से 25 दिवस तक हो सकता है। मंकी-पॉक्स का संक्रमण त्वचा में चकत्ते आने के 1-2 दिवस पूर्व से लेकर सभी चकत्तों से पपड़ी के गिरने/समाप्त होने तक मरीज के संपर्क में आने वाले व्यक्तियों में फैल सकता है।मंकी-पॉक्स वायरस का संक्रमण पशु से मनुष्य में एवं मनुष्य से मनुष्य में फैल सकता है। मनुष्य से मनुष्य में संक्रमण मुख्य रूप से लार्ज रेस्पिरेटरी सिस्टम के माध्यम से लम्बे समय तक संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क में रहने से होता है। वायरस का संक्रमण शरीर के तरल पदार्थ घाव के सीधे संपर्क में आने से अथवा अप्रत्यक्ष संपर्क जैसे दूषित कपड़ों, लिनेन इत्यादि के उपयोग से फैल सकता है। पशुओं से मनुष्यों में संक्रमण का प्रसार गांव के सीधे संपर्क में आने से हो सकता है।मंकी पॉक्स संभावित प्रकरणों के सर्वेलेंस हेतु दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। जिसके अनुसार मंकी पॉक्स के संभावित प्रकरणों का सर्विलांस कर त्वरित पहचान जांच एवं उपचार किए जाने हेतु प्रकरण को आइसोलेट कर संक्रमण का प्रसार रोका जाना, मरीज को उपचार दिया जाना, मरीज के संपर्क व्यक्तियों की पहचान किया जाना, स्वास्थ्य कार्यकर्ता को संक्रमण से बचाव हेतु आगाह किया जाना एवं संक्रमण के नियंत्रण और प्रसार को रोकने हेतु प्रभावी कदम उठाया जाना आवश्यक है।मंकी-पॉक्स सर्वेलेंस हेतु इस दिशा-निर्देश में दिए मानक-परिभाषाओं का उपयोग किया जाना, प्रत्येक संभावित प्रकरण की सूचना जिला सर्वेलेंस इकाई/राज्य सर्वेलेंस इकाई में अनिवार्य रूप से दिया जाना आवश्यक होगा। इसके एक भी पुष्टिकृत प्रकरण को माना जाए एवं जिला स्तरीय रैपिड रिस्पॉन्स टीम द्वारा तत्काल विस्तृत आउटब्रेक इनवेस्टिगेशन कर प्रतिवेदन राज्य कार्यालय को प्रेषित किया जाएगा। मंकी-पॉक्स के संभावित प्रकरणों की जांच हेतु निर्धारित प्रक्रिया अनुसार सैंपल संग्रहण कर जांच हेतु चिन्हांकित लेबोरेटरी में भेजा जाएगा। मंकी-पॉक्स के प्रत्येक पॉजिटिव मरीज के सभी संपर्क व्यक्ति की पहचान करने हेतु सभी जिलों में जिला सर्वेलेंस अधिकारी के अधीन कांटेक्ट ट्रेसिंग दल का गठन किया जाएगा। संपर्क व्यक्ति को मंकी-पॉक्स मरीज के संपर्क में आने के 21 दिवस तक बुखार या त्वचा में चकत्ते हेतु दैनिक मॉनिटरिंग किया जाएगा। संपर्क व्यक्तियों को 21 दिवस तक ब्लड, ऑर्गन, टिसू, सीमन इत्यादि डोनेशन करने से रोका जाए एवं ऐसे चिकित्सा कर्मी जो बिना प्रतिरक्षा उपकरण के मंकी-पॉक्स मरीज या उसके द्वारा उपयोग किये हुए वस्तुओं के संपर्क में आया हो उसे 21 दिन तक मॉनिटर किया जाए व लक्षण-रहित चिकित्सा कर्मी को चिकित्सा कार्य से ना रोका जाये, ऐसे निर्देश दिए गए हैं।स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बीमारी को सज्ञान में लेते हुए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जिले के सभी विकासखण्डों एवं विशेष रूप से ग्राम पंचायतों में शिविर लगाकर नागरिकों को एम-पॉक्स बीमारी, इसके संक्रमण व बचाव हेतु उपायों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी एडवायसरी में दिए गए सभी आवश्यक दिशा-निर्देशों का गंभीरतापूर्वक पालन सुनिश्चित करने कहा है।
- टी.बी. उन्मूलन परियोजना के राज्य स्तरीय प्रसार कार्यक्रम में शामिल हुए राज्यपालरायपुर। प्रधानमंत्री टी.बी. मुक्त भारत अभियान के तहत देश में वर्ष 2025 तक टी.बी. रोग जड़ से समाप्त करने के लिए सबको एक साथ मिलकर काम करना है। टी.बी. उन्मूलन समुदाय के सहयोग के बिना संभव नहीं है। टी.बी. के प्रति सभी को जागरूक होना होगा। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज टी.बी. उन्मूलन के लिए चलाई जा रही एलाइस परियोजना के राज्य स्तरीय प्रसार कार्यक्रम में उक्त बाते कही।रीच संस्था के सहयोग से छत्तीसगढ़ सहित देश के चार राज्यों में यह परियोजना चलाई जा रही है। रीच छत्तीसगढ़ में राज्य टी.बी. कार्यक्रम केे साथ एक भागीदार के रूप में कार्य कर रहा है। रीच ने टी.बी. रोग से लड़ कर इससे मुक्त होने वाले टी.बी. चैम्पियंस का एक नेटवर्क बनाया है। एलाइस परियोजना के तहत 904 टी.बी. चैम्पियंस को प्रशिक्षित किया गया है जो सरकार के साथ मिलकर टी.बी. उन्मूलन और स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए काम कर रहे हैं। राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि हम सभी को मिलकर इस परियोजना के उद्देश्य को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध होना चाहिए। राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि केन्द्र व राज्य शासन इस बीमारी को देश में जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। लेकिन इसके लिए जनजागरूकता भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के पहल पर चलाए जा रहे प्रधानमंत्री टी.बी. मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत निक्षय मित्र बनें और एक या एक से अधिक टी.बी. मरीजों को गोद लेकर उन्हें पोषण आहार या अन्य सहायता प्रदान कर सकते हैं।इस अवसर पर राज्यपाल ने एलाइस परियोजना से संबंधित रिपोर्ट का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन रीच संस्था की श्रीमती सरला सिंघानिया ने किया। टी.बी. रोग से लड़कर चैम्पिंयन बनी दुर्ग की कुमारी चंद्रकला यादव ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि 10 वर्ष पूर्व उसे टी.बी. हुआ था लेकिन पूर्ण इलाज से वह ठीक हो गई है और दूसरे टी.बी. रोग से पीड़ित व्यक्तियों को भी वह प्रेरित करती है, साथ ही राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम में भी सहयोग देती है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन छत्तीसगढ़ के संचालक डॉ. जगदीश सोनकर ने भी अपने विचार रखे।इस अवसर पर एलाइस परियोजना के मैनेजर, रीच संस्था के सदस्य तथा टी.बी. रोग से मुक्त होने वाले चैम्पिंयस उपस्थित थे।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से कल यहां उनके निवास कार्यालय में नुआखाई शोभायात्रा संचालन समिति रायपुर के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय को नुआखाई पर्व शोभायात्रा के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने का निमंत्रण दिया।मुख्यमंत्री को समिति के सदस्यों ने बताया कि आगामी 3 सितम्बर को शाम 5 बजे राजधानी रायपुर के ग्रास मेमोरियल खेल मैदान में यह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रतिनिधिमंडल को नुआखाई पर्व की अग्रिम बधाई देते हुए आमन्त्रण के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। इस अवसर पर नुआखाई शोभायात्रा संचालन समिति रायपुर से श्री प्रताप,श्री गोपाल सोना,श्री रघुचंद्र निहाल,श्री जितेन्द्र,श्री गणेश हरपाल, श्री वैष्णव,श्री भरत छुरा जी,श्री चंदु बघेल जी,श्री सुरज, श्री पंकज, श्री राजु,श्री रमन ताण्डी उपस्थित रहे ।
- रायपुर /राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 892.1 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से आज 28 अगस्त सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1862.9 मिमी और सरगुजा जिले में सबसे कम 497.8 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है।राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सूरजपुर जिले में 909.1 मिमी, बलरामपुर में 1312.8 मिमी, जशपुर में 767.5 मिमी, कोरिया में 927.2 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 904.9 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी।इसी प्रकार, रायपुर जिले में 740.6 मिमी, बलौदाबाजार में 928.1 मिमी, गरियाबंद में 838.2 मिमी, महासमुंद में 680.8 मिमी, धमतरी में 778.3 मिमी, बिलासपुर में 840.0 मिमी, मुंगेली में 938.8 मिमी, रायगढ़ में 867.3 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 523.6 मिमी, जांजगीर-चांपा में 981.8 मिमी, सक्ती 843.3 मिमी, कोरबा में 1208.6 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 905.4 मिमी, दुर्ग में 533.5 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 699.6 मिमी, राजनांदगांव में 869.6 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़चौकी में 981.3 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 643.4 मिमी, बालोद में 908.3 मिमी, बेमेतरा में 496.2 मिमी, बस्तर में 925.7 मिमी, कोण्डागांव में 849.6 मिमी, कांकेर में 1064.9 मिमी, नारायणपुर में 1002.5 मिमी, दंतेवाड़ा में 1110.6 मिमी और सुकमा जिले में 1193.0 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का हर सप्ताह गुरुवार को होने वाला जनदर्शन इस गुरूवार 29 अगस्त को अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दिया गया है।
- दुर्ग / जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र दुर्ग द्वारा जिले में नियोजक द्वारा उपलब्ध 70 रिक्त पदों को भरने के लिए 30 अगस्त 2024 को सुबह 10.30 बजे से जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र दुर्ग में प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जाएगा। प्लेसमेंट कैम्प में नियोजक टोटल कंट्रोल सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा सिक्योरिटी गार्ड के 50 उपं सिक्योरिटी सुपरवाईजर के 20 पदों पर भर्ती की जाएगी। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र दुर्ग के उपसंचालक श्री आर.के. कुर्रे से मिली जानकारी के अनुसार इच्छुक आवेदक समस्त शैक्षणिक मूल प्रमाण एवं अंकसूची, पहचान पत्र (मतदाता परिचय पत्र, आधार कार्ड, पेन कार्ड, ड्रायविंग लाइसेंस, राशन कार्ड) रोजगार कार्यालय का पंजीयन पत्रक, छ.ग. निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र के साथ उपस्थित हो सकते है। पदों, योग्यता, आयु एवं अनुभव से संबंधित जानकारी आवेदक प्लेसमेंट केम्प स्थल पर प्राप्त कर सकते हैं।
- कलेक्टर के निर्देश पर तत्काल कार्रवाईतहसीलदार, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने दी दबिशबिलासपुर/कलेक्टर श्री अवनीश शरण द्वारा टीएल में दिए गए निर्देशों पर एसडीएम, तहसीलदार ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। कल टीएल की बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए थे कि शैक्षणिक संस्थानों और अस्पताल के 100 मीटर के आसपास के पान ठेलो को हटाया जाए। इसी कड़ी में बिलासपुर तहसीलदार श्री अतुल वैष्णव ने राजस्व, नगर निगम, पुलिस के संयुक्त दल के साथ शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय कोनी के परिसर से लगे हुए कुल 8 दुकानों में तंबाखू संबंधित पदार्थों की जब्ती की और सभी दुकानदारों को समझाइश देते हुए दुकानों को सील किए जाने की कार्यवाही की गई । आगे भी इस प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी। कलेक्टर इसकी समीक्षा टीएल की बैठक में करेंगे।
- कलेक्टर ने जिला/विकासखण्ड, ग्राम स्तर एवं प्रत्येक केन्द्र स्तर पर पोषण माह का आयोजन कराने संबंधित अधिकारियों को दिए निर्देशदुर्ग/ कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के निर्देशानुसार जिले में सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 अंतर्गत 01 सितम्बर 2024 से 30 सितम्बर 2024 तक पोषण माह का आयोजन किया जा रहा है। इसी संबंध में आज कलेक्टर सुश्री चौधरी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागृह में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों से अभियान के क्रियान्वयन की विस्तारपूर्वक जानकारी ली। महिला एवं बाल विकास विभाग अधिकारी श्री अजय शर्मा ने अवगत कराया कि इस योजना का संचालन 01 अगस्त 2022 से किया जा रहा है। पूर्व वर्षों में आयोजित पोषण माह/पोषण पखवाड़ों में विभिन्न सहयोगी विभागों एवं डेव्हलेपमेंट संस्थाओं का सकिय एवं परिणाममूलक सहयोग प्राप्त होता रहा है। जनसमुदाय तक स्वास्थ्य पोषण एवं स्वच्छता संबंधित व्यापक एवं प्रभावी व्यवहार परिवर्तन हेतु जनआंदोलन के रूप में प्रतिवर्ष राष्ट्रीय पोषण माह का आयोजन किया जा रहा है।कलेक्टर सुश्री चौधरी ने पोषण माह के प्रभावी सुचारू एवं परिणाममूलक आयोजन तथा गतिविधियों के आयोजन में जनप्रतिनिधियों, पंचायतीराज संस्थाओं के प्रतिनिधियों, स्थानीय निकाय के प्रतिनिधि, सहयोगी विभागों, स्वयं सेवी संस्थाओं, सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्रों की सकिय भागीदारी, महिला स्व-सहायता समूहों, महिला मण्डली, नेहरू युवा केन्द्रों, नेशनल कैडिट कोर, राष्ट्रीय सेवा योजना आदि की सकिय भागीदारी सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी सहयोगी विभागों के मैदानी अमले के मध्य प्रभावी समन्वय स्थापित करते हुए जिला/विकासखण्ड, ग्राम स्तर एवं प्रत्येक केन्द्र स्तर पर पोषण माह का आयोजन किया जाना सुनिश्चित करने कहा।कलेक्टर सुश्री चौधरी ने कहा कि पोषण माह 2024 का मुख्य उद्देश्य पोषण पंचायतों को सक्रिय करना है, इस हेतु ग्राम स्तर पर सरपंच एवं ग्राम पंचायतों को गतिविधियों का आधार बनाते हुए जनआंदोलन को जनभागीदारी के रूप में परिवर्तित करना है। बैठक के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय पोषण माह 2024 में मुख्य रूप से एनीमिया, वृद्धि निगरानी, पूरक आहार, पोषण भी पढ़ाई भी, बेहतर प्रशासन, पारदर्शिता और कुशल सेवा वितरण के लिए प्रौद्योगिकी, समग्र पोषण इत्यादि थीम्स पर गतिविधियाँ आयोजित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा पोषण माह 2024 अंतर्गत पंचायतीराज संस्थाओं, नगरीय निकायों, सहयोगी विभागों स्वयंसेवी संस्थाओं, महिला स्व-सहायता समूहों, महिला मण्डलों, युवा समूहों, नेहरू युवा केन्द्रों, राष्ट्रीय सेवा योजना, नेशनल कैडेट कोर आदि के साथ समन्वय कर जिला स्तर पर स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार कार्ययोजना तैयार कर पोषण माह सितम्बर 2024 का प्रभावी आयोजन किया जाए। कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को विशेष रूप से निर्देशित करते हुए कहा कि पोषण माह के दौरान की जाने वाली समस्त गतिविधियों को जनआंदोलन के डैशबोर्ड पोर्टल पर अनिवार्यतः उपलब्ध कराई जाए। साथ ही उन्होेंने सभी सहयोगी विभागों को भी उनके स्तर से की जा रही गतिविधियों की प्रगति की डाटा एंट्री जनआंदोलन डैशबोर्ड पर नियमित रूप से किया जाना सुनिश्चित करने कहा।बैठक में नगर निगम भिलाई के आयुक्त श्री देवेश ध्रुव, सहायक कलेक्टर श्री एम. भार्गव, जिला पंचायत के सीईओ श्री अश्वनी देवांगन, एसडीएम दुर्ग श्री हरवंश सिंह मिरी, नगर निगम दुर्ग के आयुक्त श्री लोकेश चन्द्राकर, संयुक्त कलेक्टर श्री मुकेश रावटे, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारीगण सहित समस्त संबंधित विभागों के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।
- दुर्ग / जिला खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर 29 अगस्त 2024 को प्रातः 7.30 बजे समृद्धि बाजार शीतला मंदिर के सामने हॉकी मैदान दुर्ग पर खेल दिवस का आयोजन किया जाएगा। खिलाड़ियों द्वारा क्रीडा कौशल का प्रदर्शन भी किया जाएगा। जिले के टीमों के मध्य हॉकी, फुटबॉल, मैच का आयोजन किया जाएगा। निर्धारित कार्यक्रम सुबह 8 बजे प्रभात फेरी निकाला जाएगा। सुबह 9 बजे मेजर ध्यानचंद की जीवनी पर प्रकाश डाला जाएगा। सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक खेलों का शो मैच और शाम 4.30 बजे खेल दिवस का समापन किया जाएगा।
- दुर्ग/ जिला पंचायत दुर्ग की सामान्य सभा की बैठक 30 अगस्त 2024 को दोपहर 1 बजे जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित की गई है। बैठक में कृषि विभाग, शिक्षा विभाग, जल संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, खनिज विभाग के प्रमुखों को उपस्थित होने कहा गया है।
- दुर्ग/ कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभागार में गर्भधारण एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध) अधिनियम 1994 एवं नियम 1996 पीसीपीएनडीटी की जिला सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में डॉ. मनोज दानी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दुर्ग, डॉ.आर.के. खण्डेलवाल नोडल अधिकारी दुर्ग, डॉ. दिव्या श्रीवास्तव शिशु रोग विशेषज्ञ, डॉ. संध्या नगरिया प्रसूति विशेषज्ञ, श्री चंचल सेठिया समाज सेवी उपस्थित थे। कलेक्टर ने शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में उपलब्ध सोनोग्राफी मशीन की उपलब्धता की जानकारी ली और जिलेवासियों को सोनोग्राफी की सुविधा मुहैया कराने हेतु सोनोग्राफी डॉक्टर उपलब्ध कराने निर्देश दिये एवं सभी सोनोग्राफी सेंटरों में पीसीपीएनडीटी एक्ट का पूर्णतः पालन सुनिश्चित करने कहा।
- बालोद। जिले में बालोद तहसील के अंतर्गत ग्राम सिवनी में न्यायिक अधिकारी-कर्मचारी हेतु शासकीय आवासगृह निर्माण हेतु भूमि चिन्हांकित की गई है। इस संबंध में किसी व्यक्ति अथवा संस्था के द्वारा दावा आपत्ति 30 अगस्त तक आमंत्रित की गई है। अतिरिक्त तहसीलदार बालोद ने बताया कि ग्राम सिवनी में न्यायिक अधिकारी, कर्मचारी हेतु शासकीय आवासगृह निर्माण हेतु कार्यालय कलेक्टर से पत्र प्राप्त होने पर तहसील क्षेत्र में भूमि की तलाश की गई। जिसके अंतर्गत ग्राम सिवनी प.ह.न. 21 में खसरा नंबर 421/1 में से 1.60 हे. भूमि का चिन्हांकन करते हुए हल्का पटवारी से प्रस्ताव/नकल प्राप्त होने उपरांत आबंटन हेतु नियमानुसार कार्यवाही प्रारंभ की गई है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में यदि किसी व्यक्ति अथवा संस्था को कोई दावा-आपत्ति हो तो आगामी सुनवाई तिथि 30 अगस्त तक अधोहस्ताक्षरकर्ता के न्यायालय में उपस्थित होकर अपना दावा-आपत्ति पेश कर सकते है। नियत तिथि के पश्चात प्राप्त दावा-आपत्ति पर कोई विचार नहीं किया जाएगा।
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रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिलों में प्रोबेशन पीरियड पर काम कर रहे डीएसपी स्तर के 24 अधिकारियों का मंगलवार को तबादला किया गया है। इन सभी को बीजापुर, कांकेर, बस्तर, सुकमा, नारायणपुर जैसे इलाकों में भेजा गया है।

-- - -रामविचार नेताम नई दिल्ली में आयोजित ' एग्री पंचायत ' कार्यक्रम में हुए शामिलरायपुर। छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम मंगलवार को नई दिल्ली में जागरण समूह द्वारा आयोजित ' एग्री पंचायत ' कार्यक्रम में शामिल हुए। जहां उन्होंने खेती से अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए तकनीक आधारित कृषि पर जोर दिया। इसके अलावा उन्होंने छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व खाद्यान्न वितरण की व्यवस्था को देश के अन्य राज्यों द्वारा भी अपनाए जाने की सलाह दी।कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, उत्तराखंड के कृषि मंत्री श्री गणेश जोशी भी उपस्थित रहे।श्री नेताम ने कहा खेती-किसानी ही छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार है। कृषि के क्षेत्र में सम्पन्नता से ही छत्तीसगढ़ विकसित भारत की संकल्पना को पूरा करने में अपना योगदान दे सकेगा।श्री नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में कृषि के विकास तथा किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की किसान हितैषी सोच के अनुरूप राज्य सरकार द्वारा किसानों की बेहतरी के लिए अनेक योजनायें संचालित की जा रही हैं और आगामी समय में सरकार द्वारा किसानों के हित में और कई नवीन योजनायें शुरू की जाएँगी। कृषि मंत्री ने खेती से अधिक लाभ प्राप्त करने के लिए नवीन अनुसंधानों एवं नवाचारों को अपनाने पर जोर दिया।उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश के लाखों किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदने की गारंटी को पूरा किया गया है। इसके लिए 32 हजार करोड़ रुपए के समर्थन मूल्य की राशि का भुगतान किसानों के खाते में किया गया, वहीं 24 लाख 75 हजार किसानों को कृषक उन्नति योजना के तहत अंतर की राशि 13 हजार 320 करोड़ रुपए ट्रांसफर किया गया है। वहीं, छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन में रिकॉर्ड 145 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई। इसके अलावा किसानों को दो साल के धान के बकाया बोनस राशि 3 हजार 716 करोड़ रुपए देने जैसे साहसिक निर्णय लिए गए हैं।श्री नेताम ने बताया केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ में मिलेट उत्पादन पर जोर दिया जा रहा है। तकनीक का उपयोग पैदावार बढ़ाने पर किया जा रहा है। वैल्यू एडिशन के माध्यम से किसान आर्थिक रूप से समृद्ध हो रहे हैं।उन्होंने कहा छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व खाद्यान्न वितरण की बेहतर व्यवस्था है। देश के अन्य राज्यों द्वारा भी अपने यहां इसे अपनाया जा सकता है। कार्यक्रम में कृषि के क्षेत्र में विशेष उपलब्धि के लिए किसानों को सम्मानित भी किया गया। पर्ल फार्मिंग के लिए अशोक मानवानी, डेट्स फार्मिंग के लिए सदुला राम चौधरी, खेती में नवाचार के लिए नरेंद्र सिंह मेहरा व रायपुर छत्तीसगढ़ के वैभव चावड़ा को ड्रैगन फ्रूट फार्मिंग के लिए श्री नेताम के हाथों अवार्ड्स दिए गए।
- -कृष्ण लीला हमें सिखाती है जीवन जीने की कला-मुख्यमंत्री ने दही हांडी फोड़ कर गोविंदा टोलियों का किया उत्साहवर्धन-मुख्यमंत्री विशाल दही हांडी उत्सव में हुए शामिलरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय मंगलवार को राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी स्थित अवधपुरी मैदान में आयोजित विशाल दही हांडी उत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दही हांडी उत्सव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने अपनी लीला से हमें जीवन जीने की कला सिखाई है। महाभारत में श्री कृष्ण ने अन्याय के विरुद्ध लड़ने का संदेश दिया। अन्याय के खिलाफ लड़ना ही सबसे बड़ा धर्म है। भगवान श्री कृष्ण ने हमें कर्म की प्रधानता की शिक्षा दी है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री कृष्ण प्रकृति प्रेमी थे। जब हम भगवान कृष्ण को याद करते हैं तो हमें यमुना नदी का किनारा याद आता है, बांसुरी की तान याद आती है और गौ माता का झुंड याद आता है। सनातन धर्म में प्रकृति की पूजा की जाती है। पीपल, बरगद आदि वृक्षों को पूजनीय माना गया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भी एक पेड़ मां के नाम लगाने का आह्वान किया है। मैं सभी से अनुरोध करता हूँ कि वे अपनी माँ के नाम से एक पेड़ जरूर लगाएं। भगवान कृष्ण के प्रति भी हमारी सच्ची श्रद्धा तभी प्रकट होगी, जब हम एक पेड़ मां के नाम लगाकर प्रकृति के प्रति अपना दायित्व पूरा करेंगे। विशाल दही हांडी कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आयी गोविंदा टोलियों ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने दही हांडी फोड़ कर गोविंदा टोलियों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, विधायक श्री किरण सिंहदेव, श्री ईश्वर साहू, गुरु खुशवंत साहेब, श्री मोतीलाल साहू तथा स्वामी श्री राजीव लोचन जी महाराज, श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, श्री बसन्त अग्रवाल और आयोजन समिति के सदस्यगण सहित विशाल जनसमूह उपस्थित था।
- -पोटा केबिन के 69 बालिकाओं को किया साइकिल वितरणरायपुर / प्रदेश के वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, कौशल विकास एवं सहकारिता तथा संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप और बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री महेश कश्यप के द्वारा मंगलवार को जिले के ग्रामों में देवगुड़ी बनाए जाने हेतु भूमिपूजन किया गया। देवगांव पोटा केबिन में आयोजित कार्यक्रम में 69 बालिकाओं को सरस्वती साइकिल योजना के तहत साइकिल वितरित किए।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि पढ़ाई का समय जीवन में एक बार मिलता है, जिसका सही उपयोग कर अपने जीवन को सुखमय बनाने के लिए अच्छे से पढ़ाई करें और जीवन में परिवर्तन लाएं। जिले के अंदरूनी क्षेत्र से आकर पोटा केबिन जैसे संस्था में रहकर शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं बच्चे अपने माता-पिता के लिए एक चिराग के समान हैं। उन्होंने छात्र- छात्राओं से कहा कि अच्छे से पढ़ लिख कर अपने माता-पिता के साथ-साथ पूरे जिले और प्रदेश का नाम रोशन करें। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि गुरुजनों के बताए हुए रास्ते पर चलकर अपने जीवन को साकार बनाएं और मेहनत कर कामयाबी हासिल करें।मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि कठिन परिश्रम करने से जीवन में बदलाव निश्चित ही प्राप्त होती है। पढ़ाई के साथ-साथ कौशल विकास के क्षेत्र में भी आगे बढ़ने की आवश्यकता है, जिससे हमारे देश को आगे बढ़ाने में सहयोग मिलेगा।बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री महेश कश्यप ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे पूर्वजों ने संस्कृति और परंपरा को बनाए रखने के लिए कड़ी मेहनत की हैं उन्हें बचाए रखना हमारी जिम्मेदारी है। बालिकाओं ने बस्तर के संस्कृति के ऊपर प्रस्तुत कार्यक्रम को देखकर सांसद ने कहा कि मैं अपने पूर्वजों को धन्यवाद ज्ञापित करता हूं जिन्होंने हमारी संस्कृति और परंपरा को संरक्षित रखे। उन्होंने अपने सांसद बनने के बाद पहली बार संसद भवन पहुंच कर बस्तर के विकास के लिए प्रश्न उठाए हैं। उन्होंने बताया कि रेल मार्ग अंतागढ़ से लेकर जगदलपुर तक 126 किलोमीटर बढ़ाने और रायपुर धमतरी से होते हुए केशकाल से जगदलपुर तक और जगदलपुर से दंतेवाड़ा होते हुए बीजापुर से महाराष्ट्र तक रेल मार्ग बनाया जाएगा। सांसद ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया। इस अवसर पर सर्व आदिवासी समाज के संरक्षक रूपसाय सलाम, कलेक्टर बिपिन मांझी, डीएफओ सच्चिदानंद के. सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, स्कूली विद्यार्थी उपस्थित थे।
- -राज्य सरकार जवानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है: श्री केदार कश्यपरायपुर, /प्रदेश के वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, सहकारिता एवं कौशल विकास तथा संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप ने नारायणपुर जिला के दो दिवसीय प्रवास के दौरान मंगलवार को नारायणपुर पुलिस थाना में डीआरजी के जवानों को 150 बाइक वितरण कर नक्सल ऑपरेशन में सफलता प्राप्त करने के लिए जवानों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने जवानों का हाल-चाल पूछा और नक्सल ऑपरेशन में सफलता प्राप्त करने के लिए शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर सर्व आदिवासी समाज के संरक्षक रूप साय सलाम, कलेक्टर श्री बिपिन मांझी, पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, डीएफओ सच्चिदानंद के. सहित अधिकारीगण मौजूद थे।मंत्री श्री कश्यप ने जवानों की सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि ये मोटरसाइकिलें उनकी कार्यक्षमता में वृद्धि करेंगी और सुरक्षा अभियानों में सहायता प्रदान करेंगी।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हमेशा जवानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध रही है, और यह वितरण उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
- रायपुर / संचालनालय कोष, लेखा एवं पेंशन द्वारा आगामी लेखा प्रशिक्षण सत्र के लिये 01 सितंबर से 30 सितंबर 2024 के मध्य की अवधि में आवेदन पत्र स्वीकार किये जायेंगें। इस तिथि के पूर्व एवं पश्चात प्राप्त आवेदन-पत्रों पर विचार नही किया जाएगा। निर्धारित प्रपत्र में आवेदन पत्र के साथ नोटराइज्ड शपथ-पत्र संलग्न होना अनिवार्य है। प्राचार्य शासकीय लेखा प्रशिक्षण शाला से मिली जानकारी के अनुसार लेखा प्रशिक्षण सत्र नवंबर 2024 से फरवरी 2025 के लिए 3 वर्ष की नियमित सेवा पूरी कर चुके लिपिक वर्गीय कर्मचारी अपने कार्यालय प्रमुख के माध्यम से निर्धारित प्रपत्र में के आवेदन पत्र भेज सकते है। यह आवेदन शासकीय लेखा प्रशिक्षण शाला, नगर घड़ी चौक रायपुर को 30 सितंबर 2024 तक कार्यालयीन समय में प्राप्त हो जाना चाहिए।लिपिक वर्गीय कर्मचारी से आशय ऐसे कर्मचारी से है जिनकी पदस्थापना लिपिकीय संवर्ग के पद पर हुई है न कि किसी तकनीकी संवर्गीय पद पर इसी प्रकार केवल सचिवालय, वन विभाग के ऐसे स्टेनो जो केम्प कलर्क के रूप में कार्य करते हो तथा संचालनालय कोष, लेखा एवं पेंशन के स्टेनोग्राफर को छोड़कर अन्य विभागों के स्टेनोग्राफर्स प्रवेश के पात्र नही है। मानक आवेदन पत्र पर ही आवेदन स्वीकार किये जायेंगें। आवेदन जिस सत्र के प्रशिक्षण हेतु किया गया है, उस सत्र के लिये ही मान्य होगा। पूर्व प्रचलित आवदेन पत्र स्वीकार नही किये जायेगें। आवेदन पत्र के साथ अन्य आवश्यक सुसंगत दस्तावेज संलग्न होना चाहिए।
- नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने मंगलवार को नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड के कृषि मंत्री श्री गणेश जोशी से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर दोनों मंत्रियों ने अपने-अपने राज्यों में कृषि विकास से संबंधित मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। श्री नेताम और श्री जोशी ने आधुनिक कृषि तकनीकों और सरकारी नीतियों के प्रभाव पर भी चर्चा की, जिसमें किसानों की समस्याओं के समाधान और उनके जीवन स्तर में सुधार के उपायों पर जोर दिया गया। इस भेंट के दौरान, दोनों मंत्रियों ने कृषि क्षेत्र में आपसी सहयोग और अनुभवों के आदान-प्रदान की संभावनाओं पर भी चर्चा की, जिससे दोनों राज्यों को लाभ मिल सके।
- -नई दिल्ली के द्वारका में स्थित छत्तीसगढ़ निवास का अवलोकन, सुविधाओं में सुधार के दिए निर्देशनई दिल्ली । छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने मंगलवार को नई दिल्ली के द्वारका में स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने हॉस्टल में रह रहे छात्रों से मुलाकात की और उनकी शैक्षिक प्रगति और जीवनशैली के बारे में विस्तार से जानकारी ली। इस हॉस्टल में अनुसूचित जनजाति (ST), अनुसूचित जाति (SC), और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के छात्र रह कर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ लोकनिर्माण विभाग के सचिव कमलप्रीत सिंह भी इस दौरे में उनके साथ उपस्थित थे।हॉस्टल में छात्रों से बातचीत करते हुए उपमुख्यमंत्री ने उनकी समस्याओं और चुनौतियों को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने कहा, "आप सभी हमारे राज्य का भविष्य हैं, और सरकार आपकी शिक्षा और विकास के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।" उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने लक्ष्यों के प्रति समर्पित रहें और राज्य के विकास में योगदान दें। छात्रों ने अपनी पढ़ाई और हॉस्टल में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में बताया, और कुछ बुनियादी आवश्यकताओं की ओर भी ध्यान दिलाया। उपमुख्यमंत्री श्री साव ने उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए तुरंत कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।इस संवाद के दौरान उपमुख्यमंत्री ने छात्रों को बताया कि सरकार उनके लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ सरकार आदिवासी, अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग के छात्रों की शिक्षा और उनके भविष्य के प्रति गंभीर है और इस दिशा में लगातार कदम उठा रही है।ट्राइबल यूथ हॉस्टल के निरीक्षण के बाद,l उपमुख्यमंत्री श्री साव ने द्वारका में स्थित छत्तीसगढ़ निवास का भी दौरा किया। उन्होंने वहाँ की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और यह सुनिश्चित किया कि छत्तीसगढ़ से दिल्ली आने वाले नागरिकों और अधिकारियों के लिए उचित सुविधाएँ उपलब्ध हो। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ निवास के कर्मचारियों से मुलाकात की और उन्हें निर्देश दिया कि वे राज्य के लोगों की सेवा में सदैव तत्पर रहें।उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव के इस दौरे का उद्देश्य राज्य के छात्रों और नागरिकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं को बेहतर बनाना और उनकी समस्याओं का समाधान करना था।
- -बिश्रामपुर एवं सूरजपुर में आयोजित हुआ कार्यक्रमरायपुर /महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े बिश्रामपुर और सूरजपुर में कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर आयोजित मटकी फोड़ कार्यक्रम में शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि इस उल्लासमयी अवसर पर क्षेत्रवासियों के साथ मिलकर धार्मिक उत्सव की खुशियों को साझा करने का अनुभव अद्वितीय है। हम आशा करते हैं कि आने वाले वर्षों में भी ऐसे ही धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों की सफलता का सिलसिला जारी रहेगा।इस अवसर पर मंत्री राजवाड़े ने विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत लोगों का सम्मान भी किया। मंत्री राजवाड़े ने कहा कि भगवान श्री कृष्णा को हर व्यक्ति पूजता है और वह हर भक्त का मनोकामना पूर्ण करते हैं। भगवान श्री कृष्णा सदैव ही सत्य की राह पर चलना सीखते हैं उन्होंने सत्य के राह पर चलते हुए ही महाभारत में जीत दिलाई थी। आप सभी ऐसे ही धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन करते रहें ताकि आपके जिले में धर्म और संस्कृति को बढ़ावा मिले और छोटे बच्चे आगे चलकर सही दिशा में बड़े मुकाम पर पहुंचे।कार्यक्रम की शुरूआत भगवान श्री कृष्ण के बाल स्वरूप की पूजा-अर्चना से हुई। मटकी फोड़ कार्यक्रम की गतिविधियाँ शुरू की गईं, जिसमें विभिन्न लोग उत्साहपूर्वक भाग लेते नजर आए। इस आयोजन ने सभी को एकजुट होने और धार्मिक मान्यताओं के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करने का एक शानदार मौका प्रदान किया। सभी की सक्रिय भागीदारी और उत्साहपूर्ण उत्सव ने इस आयोजन को विशेष बना दिया।कार्यक्रम के दौरान लोगों ने उत्साहपूर्वक मटकी फोड़ प्रतियोगिता में हिस्सा लिया, जिसमें छोटे और बड़े सभी ने अपनी ऊर्जा और कौशल का प्रदर्शन किया। इस आयोजन के माध्यम से सभी ने आनंद का अनुभव किया और पर्व की शुभकामनाओं को एक-दूसरे के साथ साझा किया।
- -महतारी वंदन योजना से आर्थिक रूप से सशक्त होने में भी मिल रही है मददरायपुर / बलौदाबाजार जिले के सुदूर अंचल में स्थित ग्राम बल्दाकछार में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति कमार महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना बड़ी खुशी लेकर आई है। महतारी वंदन योजना ने यहाँ के बांस शिल्प कला में नई जान डाल दी है। महतारी वंदन योजना से मिले पैसों से यहां की महिलाओं को बांस शिल्प कला को नई पहचान दिलाने का मौका मिल रहा है और उन्हें स्वरोजगार से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त होने में भी मदद मिल रही है।बल्दाकछार के कमारपारा में निवासरत श्रीमती चांदनी बाई कमार ने बताया कि वह परंपरागत रूप से बांस शिल्प की कला कृति बनाकर एवं कृषि के समय कृषक मजदूरी का कार्य करके जीवकोपार्जन करती है। पहले वह आर्थिक तंगी के कारण बांस शिल्प बनाने के लिए बांस नहीं खरीद पाती थी पर अब उन्हें महतारी वंदन योजना से प्रतिमाह 1 हजार रूपये मिलते है, जिसका उपयोग वह बांस खरीदने में करती है। वह झेंझरी, सुपा, पर्रा, टुकनी सहित अन्य सजावटी वस्तुएं अधिक संख्या में बना पाती है, जिसे बेचकर उन्हें अच्छी खासी आमदनी मिल रही है। श्रीमती चांदनी ने महतारी वंदन योजना के लिए राज्य सरकार को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए इसकी राशि बढ़ाने के लिए आग्रह की है। उसी गांव कि श्रीमती ममता कमार भी महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग बांस शिल्प एवं अपनी बच्ची 1 वर्षीय लवली कमार के शिक्षा के लिए बचत कर रही है। महतारी वंदन योजना से हर माह मिलने वाली राशि उनके लिए बहुत बड़ा सहारा है। छत्तीसगढ़ की परंपरा रही है कि यहां बेटियों को अगाध स्नेह और सम्मान दिया जाता है। बेटियों का हर घर में विशेष स्थान होता है। तीज- त्यौहारों में बेटियों और बहनों को स्नेह से भेंट और राशि दी जाती है। इसी के तहत संवेदनशील मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने माताओं-बहनों को त्यौहार पर यह उपहार भेंट की है।
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भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा महत्वपूर्ण लोकेशन का भूखण्ड नीलामी के माध्यम से आबंटित किये जायेगे। पूर्व साडा वर्तमान नगर निगम भिलाई क्षेत्रांतर्गत विभिन्न लोकेशन पर प्लाट आबंटन के लिए उपलब्ध है। जिसे शासन से प्राप्त मार्गदर्शन अनुसार भूखण्डो की नीलामी करके अधिकतम बोली दाता को प्लाट आबंटित किये जायेगंे।
नगर निगम भिलाई के वेबसाईड पर नगर तथा ग्राम निवेश दुर्ग से अनुमोदित चिन्हित मानचित्र के अनुसार 50 भूखण्ड नीलामी हेतु उपलब्ध है। प्रमुख रूप से नगर निगम भिलाई के जोन-01 नेहरू नगर में मोतीलाल नेहरू नगर पूर्व के 10 भूखण्ड, दक्षिण गंगोत्री व्यावसायिक योजना के 10 भूखण्ड, प्रियदर्शिनी परिसर पश्चिम व्यावसायिक योजना के 4 भूखण्ड है। इसी तारतम्य में जोन-02 वैशाली नगर के जवाहर नगर आवासीय योजना के 6 भूखण्ड एवं जोन-03 मदर टेरेसा नगर आवासीय योजना के 7 भूखण्ड तथा जोन-04 शिवाजी नगर आवासीय योजना के 13 भूखण्ड उपलब्ध है। इस प्रकार कुल 50 भूखण्डो के संबंध में जानकारी नगर निगम के वेबसाईट htpps://eproc.cgstate.gov.in पर अपलोड कर दिया गया है।
भूखण्ड खरीदने वाले इच्छुक व्यक्ति संबंधित पोर्टल पर अपने पसंद का प्लाट चयन कर सकते है। भूखण्ड के संबंध में अधिक जानकारी की किस प्लाट के लिए, कितनी अमानत राशि जमा करके नीलामी में सहभागी बना जा सकता है, उसका उल्लेख है। भूखण्ड के वास्तविक लोकेशन के बारे में जानकारी जोन के राजस्व अधिकारी से प्राप्त की जा सकती है।
गौरतलब है, कि सभी भूखण्ड पूर्णतः रिक्त है, जारी किये गये नक्शे के अनुरूप है। आबंटन की प्रक्रिया शासन द्वारा निर्धारित बाजार मूल्य का 10 प्रतिशत अमानत के रूप में जमा करना अनिवार्य है। उसके बाद नीलामी में भागीदार बना जा सकता है। अधिकतम बोली दाता को भूखण्ड आबंटित किया जायेगा। निर्धारित तिथि के अंदर प्रक्रिया में शामिल होना अनिवार्य है। आबंटन कि प्रक्रिया पश्चात नियमानुसार आबंटिती को भूस्वामीत्व प्रदान किया जायेगा।



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