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- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के जोन क्रमांक 03 मदर टेरेसा नगर अंतर्गत अवैध कब्जा हटाने की कार्यवाही की गई। जोन 03 वार्ड क्रं. 30 प्रगति नगर केम्प-01 के गली में अवैध रूप से मकान का निर्माण किया जा रहा था। जिसे निगम की टीम द्वारा ध्वस्त कर मलवे को हटाने की कार्यवाही की गई।आयुक्त देवेश कुमार ध्रुव को सूचना मिली थी, कि जोन 03 क्षेत्र के वार्ड 30 प्रगति नगर केम्प-01 के गली में अवैध रूप से मकान का निर्माण किया जा रहा है। बसंतराव वडीकार को उक्त स्थल का पटटा जारी किया गया था, इनके द्वारा अतिरिक्त भूमि पर मकान का निर्माण किया जा रहा है। निगम द्वारा बसंतराव वडीकार को नोटिस भी जारी किया गया था, कि स्थल से अतिरिक्त कब्जा स्वयं द्वारा हटाया जाये। किन्तु उनके द्वारा अवैध कब्जा हटाया नहीं गया। जोन 03 कार्यालय की टीम स्थल निरीक्षण करने पहुची, तो वहां देखा की बसंतराव वडीकार द्वारा अतिरिक्त भूमि पर मकान का निर्माण किया गया है। जिससे गली में आने जाने वालो को आवागमन में असुविधा हो रही है। मकान के अतिरिक्त भाग को टीम ध्वस्त किया गया। मलवे को डम्फर के माध्यम से हटाया गया। जिससे आने जाने वालो को किसी प्रकार की कोई असुविधा न हो।कार्यवाही के दौरान जोन के जोन आयुक्त अमिताभ शर्मा, सहायक राजस्व अधिकारी अनिल मेश्राम एवं निगम का तोड़फोड़ दस्ता उपस्थित रहे।
- शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शहीद संजय यादव की प्रतिमा का अनावरणरायपुर / उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने रायपुर के टिकरापारा स्थित संजय नगर के शहीद संजय यादव शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शहीद श्री संजय यादव की प्रतिमा का अनावरण किया।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि शहीद संजय यादव का बलिदान छत्तीसगढ़ के इतिहास में अमिट रहेगा। उन्होंने कहा कि नक्सलियों से लड़ाई लोकतंत्र बचाने की लड़ाई है। लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपने जीवन का बलिदान देने वाले का एहसान हम सभी पर है। उन्होंने कहा कि शहीद संजय यादव के परिवारजनों की बेहतर शिक्षा-दीक्षा के परिणामस्वरूप ही वे जीवन के सर्वाेच्च बलिदान देने के लिए आगे बढ़े।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार उन सभी शहीदों का स्मारक बनवाएगी, जिन्होंने अपने जीवन को लोकतंत्र और समाज की रक्षा के लिए अपने प्राणों का उत्सर्ग कर दिया है। यह निर्णय छत्तीसगढ़ के वीर सपूतों के प्रति हमारी कृतज्ञता का प्रतीक होगा।गौरतलब है कि शहीद प्रधान आरक्षक श्री संजय यादव का जन्म 21 मार्च 1974 को जिला रायपुर के टिकरापारा, में हुआ। उनकी माता का नाम श्रीमती श्यामा बाई यादव और पिता का नाम श्री बरातु राम यादव है। बचपन से ही मेधावी और अनुशासित छात्र संजय यादव ने अपनी प्राथमिक शिक्षा टिकरापारा के नुतन शासकीय स्कूल और खालसा स्कूल, रायपुर से प्राप्त की।श्री संजय यादव ने 04 सितंबर 1998 को रायपुर नगर सेवा में भर्ती होकर 07 वर्षों तक सेवा दी। 2005 में वे जिला राजनांदगांव में जीडी आरक्षक के पद पर भर्ती हुए और पुलिस विभाग में अपनी सेवाएँ दीं। 2008 में उनके उत्कृष्ठ कार्य और नक्सली नेटवर्क को तोड़ने के कारण उन्हें आउट ऑफ प्रमोशन देकर प्रधान आरक्षक के पद पर प्रमोट किया गया।12 जुलाई 2009 को शहीद संजय यादव ने राजनांदगांव क्षेत्र के मदनवाड़ा थाना मोहला के अंतर्गत कोरकटटी में नक्सली मुठभेड़ के दौरान तत्कालीन पुलिस अधीक्षक शहीद श्री विनोद चौबे के साथ अदम्य साहस का परिचय देते हुए वीरगति प्राप्त की।
- -राज्य के सभी जिलों के चयनित गांवों में होगा डिजिटल फसल सर्वे-पायलट प्रोजेक्ट के रूप में धमतरी, महासमुंद एवं कबीरधाम जिले का चयन-पायलट प्रोजेक्ट में चयनित जिलों के सभी गांवों में होगा सर्वेक्षण-सर्वेक्षण कर्ताओं का प्रशिक्षण 07 सितम्बर तक पूर्ण करने के निर्देशरायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप एग्रीस्टेक परियोजना के अंतर्गत खरीफ-2024 में डिजिटल फसल सर्वेक्षण के लिए धमतरी, महासमुंद और कबीरधाम जिले को पायलट प्रोजेक्ट के अंतर्गत चयन किया गया है। गौरतलब है कि भारत सरकार की कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्रालय द्वारा छत्तीसगढ़ में डिजिटल फसल सर्वे के लिए इन जिलों को चयनित किया गया है। इन तीनों जिलों के प्रत्येक गांव में डिजिटल फसल सर्वेक्षण होगा। इसके अलावा राज्य के शेष जिलों में चयनित गांवों में डिजिटल फसल सर्वे का कार्य होगा। डिजिटल फसल सर्वेक्षण का कार्य 9 सितम्बर से प्रारंभ होगा, जो 30 सितम्बर तक पूर्ण किया जाएगा।राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा के निर्देश पर राज्य में एग्रीस्टेक परियोजना के संचालन निगरानी और विभागों के मध्य समन्वय स्थापित करने हेतु राज्य स्तर पर क्रियान्वयन समिति का गठन किया गया है। सभी जिला कलेक्टरों को जिला स्तर और तहसील स्तर पर क्रियान्वयन समिति शीघ्र गठित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने डिजिटल फसल सर्वे में कार्य करने वाले शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों, जिला नोडल अधिकारी, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार, मास्टर ट्रेनर, राजस्व निरीक्षक एवं पटवारी का प्रशिक्षण 31 अगस्त तक तथा सर्वेक्षणकर्ताओं को 7 सितम्बर तक अनिवार्य रूप से प्रशिक्षण दिए जाने का निर्देश दिए हैं।भू-अभिलेख संचालनालय से मिली जानकारी के अनुसार राज्य में डिजिटल फसल सर्वेक्षण का कार्य बलौदाबाजार-भाटापारा, रायपुर, बिलासपुर, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, जांजगीर-चांपा, कोरबा, मुंगेली, रायगढ़, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़, बेमेतरा, दुर्ग, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, राजनांदगांव और जशपुर के जिला मुख्यालय के तहसील के प्रत्येक ग्राम में तथा शेष जिलों के कलेक्टर द्वारा चयनित पांच ग्रामों में खरीफ 2024 में लगाए गए फसलों का डिजिटल सर्वेक्षण किया जाएगा।प्रत्येक ग्राम में 20 सर्वेक्षणकर्ताओं का होगा चयनसर्वेक्षण कर्ताओं का चयन पटवारी के माध्यम से तहसीलदार द्वारा किया जाएगा। डिजिटल फसल सर्वेक्षण किये जाने हेतु प्रत्येक सर्वेक्षण कर्ता महिला या पुरुष को न्यूनतम 10 वीं उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। प्राथमिकता का क्रम क्रमशः कृषि स्नातक, विज्ञान स्नातक, विज्ञान से 12 वीं पास, 12 वीं पास, 10 वीं पास रखा गया है। उसके पास स्वयं का एड्रायड मोबाईल वर्जन 9$ हो जिसमें इंटरनेट होना आवश्यक है। सर्वेक्षण कर्ता का बैंक खाता एवं आधार नंबर होना आवश्यक हैं। सर्वेक्षण कर्ता की आयु 18 वर्ष से ऊपर हो। प्रत्येक ग्राम में अधिकतम 20 सर्वेक्षणकर्ताओं का चयन किया जायेगा। प्रत्येक सर्वेक्षण कर्ता को प्रत्येक सर्वे के लिए एप के माध्यम से सही सर्वेक्षण एवं अपलोड करने तथा स्वीकृत हो जाने की दशा में 10 रूपये प्रति खसरा मानदेय आधार-संबद्ध बैंक खातों के माध्यम से प्रदान किया जाएगा।हल्का पटवारी करेंगे पर्यवेक्षणडिजिटल फसल सर्वेक्षण के अंतर्गत किये गये कार्यों का संबंधित हल्का पटवारी द्वारा पर्यवेक्षण प्रत्येक दिवस किया जाएगा। सर्वेक्षण कर्ता द्वारा डिजिटल फसल सर्वेक्षण के अंतर्गत किये गये प्रविष्टियों का संबंधित राजस्व निरीक्षक द्वारा सत्यापन किया जाएगा। प्रविष्टि को दो दिवस के भीतर सत्यापन सुनिश्चित किया जाएगा। डिजिटल फसल सर्वेक्षण के अंतर्गत किये गये कार्यों की जाँच अतिशीघ्र संबंधित तहसीलदार या नायब तहसीलदार द्वारा किया जाएगा।साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट भेजने के निर्देशसचिव राजस्व एवं आपदा प्रबंधन श्री अविनाश चंपावत ने सभी कलेक्टरों को पत्र के माध्यम से निर्देशित किया है कि तहसील एवं जिला स्तरीय समिति डिजिटल फसल सर्वेक्षण के कार्यों का सतत् पर्यवेक्षण, नियंत्रण एवं समीक्षा करेंगे। डिजिटल फसल सर्वेक्षण के अंतर्गत समय-सीमा में समस्त कार्यों का गुणवत्तापूर्वक सम्पादन की जिम्मेदारी संबंधित जिला कलेक्टर की होगी। डिजिटल फसल सर्वेक्षण के कार्यों की साप्ताहिक प्रगति की जानकारी विभाग को सर्वेक्षण अवधि में प्रत्येक बुधवार को प्रेषित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
- -सर्वेक्षणकर्ता के रूप में कृषि स्नातक, विज्ञान स्नातक, विज्ञान से 12 वीं पास, 12 वीं पास, 10 वीं पास को मिलेगी प्राथमिकतारायपुर, / एग्रीस्टेक परियोजना के अंतर्गत राज्य के सभी जिलों में खरीफ-2024 में लगाए जाने वाले फसलों का डिजिटल फसल सर्वेक्षण होगा। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चयनित धमतरी, महासमुंद और कबीरधाम जिले के सभी गांवों तथा अन्य जिलों के चयनित गांवों में डिजिटल फसल सर्वेक्षण होगा। डिजिटल फसल सर्वेक्षण 9 सितम्बर से प्रारंभ होकर 30 सितम्बर तक चलेगा।डिजिटल फसल सर्वेक्षण के लिए प्रत्येक ग्राम में अधिकतम 20 सर्वेक्षणकर्ताओं का चयन किया जायेगा। सर्वेक्षण कर्ताओं का चयन पटवारी के माध्यम से तहसीलदार द्वारा किया जाएगा। डिजिटल फसल सर्वेक्षण किये जाने हेतु प्रत्येक सर्वेक्षण कर्ता महिला या पुरुष को न्यूनतम 10वीं उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। प्राथमिकता का क्रम क्रमशः कृषि स्नातक, विज्ञान स्नातक, विज्ञान से 12 वीं पास, 12 वीं पास, 10 वीं पास होगा। चयनित सर्वेक्षणकर्ताओं का प्रशिक्षण 7 सितम्बर तक दिया जाएगा।सर्वेक्षणकर्ताओं के पास स्वयं का एड्रायड मोबाईल वर्जन 9$ हो जिसमें इंटरनेट होना आवश्यक है। सर्वेक्षण कर्ता का बैंक खाता एवं आधार नंबर होना आवश्यक हैं। सर्वेक्षण कर्ता की आयु 18 वर्ष से ऊपर हो। सर्वेक्षणकर्ता संबंधित ग्राम का ही निवासी हो। सर्वेक्षण कर्ता सर्वेक्षण के दौरान ग्राम में आवश्यक रूप से उपलब्ध हो। ग्राम के निवासी समुचित संख्या में उपलब्ध नहीं होने पर तहसीलदार द्वारा निकटवर्ती ग्राम के निवासी को अथवा कृषि विज्ञान केन्द्र, कृषि महाविद्यालय या उद्यानिकी महाविद्यालय के विद्यार्थी को चयनित किया जा सकेगा।प्राप्त आवेदनों के आधार पर सभी आवेदकों को प्राथमिक स्तर पर काम सौंपा जा सकेगा। भूमिस्वामी या कृषक जो किसी भी उम्र या शैक्षणिक योग्यता के हों, भी स्वेच्छा से अपने सर्वेक्षण नंबर (खेत) का डिजिटल फसल सर्वेक्षण कर सकता है, उन्हें इस हेतु कोई भी मानदेय प्रदाय नहीं किया जाएगा।सर्वेक्षण कर्ताओं को प्रशिक्षण तहसील अंतर्गत राजस्व निरीक्षक मण्डल स्तर पर प्रदान किया जाएगा। सर्वेक्षण कर्ताओं में परिवर्तन होने पर नवीन सर्वेक्षण कर्ताओं को भी आवश्यक प्रशिक्षण प्राप्त करना होगा। सर्वेक्षण कर्ताओं को प्रत्येक दिवस उनके ग्रामवार संपादित किये जाने वाले फसल सर्वेक्षण कार्य हेतु खसरों का आबंटन तहसीलदार या तहसीलदार द्वारा अधिकृत अधिकारी या कर्मचारी द्वारा किया जाएगा।प्रथम दिवस प्रत्येक पात्र आवेदक को 25 खसरा सौपा जाएगा। सर्वेक्षक के कार्य की प्रगति एवं गुणवत्ता के आधार पर अगले दिवस के लिए नवीन खसरा आबंटित किया जाएगा। सर्वेक्षण की कार्य कुशलता को देखते हुए किसी दिवस विशेष में बार-बार खसरा आबंटित किया जा सकेगा। यह आबंटन ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के सिद्धांत के आधार पर किया जायेगा।सर्वेक्षणकर्ता को प्रति खसरा 10 रूपये का मानदेयप्रत्येक सर्वेक्षण कर्ता को प्रत्येक सर्वे के लिए एप के माध्यम से सही सर्वेक्षण एवं अपलोड करने तथा स्वीकृत हो जाने की दशा में 10 रूपये प्रति खसरा मानदेय आधार-संबद्ध बैंक खातों के माध्यम से प्रदान किया जाएगा। किसी खातेदार द्वारा अपने खाते का स्वयं सर्वेक्षण किये जाने की स्थिति में कोई मानदेय देय नहीं होगा।डिजिटल फसल सर्वेक्षण के अंतर्गत किये गये कार्यों का संबंधित हल्का पटवारी द्वारा पर्यवेक्षण प्रत्येक दिवस किया जाएगा। सर्वेक्षण कर्ता द्वारा डिजिटल फसल सर्वेक्षण के अंतर्गत किये गये प्रविष्टियों का संबंधित राजस्व निरीक्षक द्वारा दो दिवस के भीतर सत्यापन किया जाएगा। डिजिटल फसल सर्वेक्षण के अंतर्गत किये गये कार्यों की जाँच अतिशीघ्र संबंधित तहसीलदार या नायब तहसीलदार द्वारा किया जाएगा।
- -अपनी ख्वाहिशें पूरी करने कर रही बचत, घर की जरूरतें भी हो रही पूरीरायपुर ।. छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना कई महिलाओं के सपने पूरे कर रहा है। यह योजना बचत के साथ ही महिलाओं और उनके परिवार के बेहतर भविष्य की राह खोल रही है। योजना के तहत हर महीने मिल रहे पैसों से अनेक महिलाएं अपनी बरसों की ख्वाहिश पूरी कर रही हैं। गरीबी की वजह से अपनी छोटी-छोटी इच्छाओं और सपनों से समझौता करने को मजबूर महिलाओं को महतारी वंदन योजना ने बड़ा संबल दिया है। प्रदेश की लाखों महिलाओं की तरह इसने कोरबा की वंदना राठिया की भी दिली ख्वाहिश पूरी की है।कोरबा जिले के विकासखण्ड कोरबा के कोरकोमा गांव की वंदना राठिया की बेटे के पैदा होने के समय से ही बड़ी इच्छा थी कि अपने बेटे के गले में छोटा ही सही सोने का एक लॉकेट पहनाएं। लेकिन घर की खराब माली हालत के कारण वह अपनी इच्छा पूरी नहीं कर पा रही थी। उसने बचत कर कुछ रुपए जरूर जोड़े थे, पर वह लॉकेट खरीदने के लिए नाकाफी था। छत्तीसगढ़ सरकार ने जब इस साल मार्च में महतारी वंदन योजना प्रारंभ की तो मानो वंदना की किस्मत खुल गई। योजना की शुरूआत से ही उसे हर महीने एक हजार रुपए मिल रहे हैं। छह महीनों में वंदना ने इतनी रकम जोड़ ली कि आखिरकार उसके सपने पूरे होने का दिन आ गया। वह गांव के साप्ताहिक बाजार गई और सुनार से लॉकेट बनवाकर अपने बेटे के गले में पहनाया। यह उसके करीब चार साल पुराने सपने के पूरा होने का दिन था। वंदना के चेहरे पर खुशी और गहरा संतोष देखते ही बन रहा था।वंदना राठिया कहती है कि महतारी वंदन योजना से हर माह मिल रही राशि हमारे बहुत काम की है। हम जैसी महिलाओं के लिए एक हजार रुपए बड़ी राशि है। पति की कमाई से घर का खर्च ही चल पाता है। छोटी-छोटी जरूरतों के लिए महतारी वंदन योजना से मिली राशि काम आती है। वह कोशिश करती है कि हर महीने इसमें से कुछ बच जाए। थोड़ा-थोड़ा करके ठीक-ठाक रकम जमा हो तो यह अपने दूसरे सपने पूरे करने के काम आएगी।
- -प्रत्येक योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे, इस दिशा में सभी विभाग समन्वय बनाकर काम करें - प्रभारी मंत्री श्री देवांगन-खैरागढ़ जिले के प्रभारी मंत्री ने की विकास कार्यों की समीक्षारायपुर / वाणिज्य एवं उद्योग और श्रम मंत्री एवं खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के प्रभारी मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने आज जिला कलेक्टोरेट खैरागढ़ के सभाकक्ष में अधिकारियों की बैठक लेकर विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक में मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन हो और उसका बेहतर लाभ आम नागरिकों तक प्राथमिकता के साथ पंहुचे। उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने कर्तव्यों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन करते हुए जनहित के कार्य करने प्रेरित किया।समीक्षा बैठक में राजनांदगांव लोकसभा सांसद श्री संतोष पांडे, खैरागढ़ विधायक श्रीमती यशोदा वर्मा, पुलिस अधिक्षक श्री त्रिलोक बंसल, जिला पंचायत राजनादगांव की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री सुरुचि सिंह, अपर कलेक्टर सहित अन्य विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।मंत्री श्री देवांगन ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने जिला अस्पताल के निर्माण के लिए जल्द से जल्द जगह चिन्हित करने को कहा। इसके अलावा जिले में ब्लड बैंक प्रारंभ करने की दिशा में तेजी से जुटने के निर्देश दिए। साथ ही मौसमी बीमारियों के रोकथाम के लिए तत्परता से जुट कर कार्य करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए।इसी तरह जल जीवन मिशन योजना की समीक्षा करते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को मंत्री श्री देवांगन ने निर्देश देते हुए कहा की योजना को सिर्फ़ पूर्ण करने के बजाए घर-घर तक पानी भी मिले इसकी भी निगरानी करें।बैठक में मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सोच है की हर योजना का लाभ अधिक से अधिक आमजनों तक पहुंचे, इस दिशा में सभी विभाग समन्वय बनाकर काम करें। उन्होंने कहा कि यह नया जिला है, संसाधन की कमी अभी है, लेकिन आने वाले समय में विष्णु देव सरकार में क्षेत्र को किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी। इस दौरान जनप्रतिनिधियों द्वारा मंत्री श्री देवांगन को जिले की समस्याओं से अवगत कराया गया।कलेक्टर श्री चंद्रकांत वर्मा ने प्रभारी मंत्री श्री देवांगन को आश्वस्त करते हुए कहा कि शासन के मंशानुरूप शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं का लाभ आमजनों तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा बेहतर कार्ययोजना बनाकर लगातार प्रयास किया जा रहा है। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना, पीएम उज्जवला योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना, स्वच्छ भारत मिशन आदि महत्वाकांक्षी योजनाओं सहित शिक्षा, श्रम, रोजगार, वन आदि विभागीय योजनाओं एवं गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा हुई और लक्ष्य के अनुरूप आवश्यक प्रगति लाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
- रायपुर /छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग ने 26 अगस्त 2024 को शुष्क दिवस घोषित किया है। ‘श्रीकृष्ण जन्माष्टमी’ के अवसर पर यह निर्णय लिया गया है, जिसके तहत राज्य भर में मदिरा की बिक्री और परोसने पर प्रतिबंध रहेगा।आबकारी विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन प्रदेश के सभी जिलों में स्थित देशी और विदेशी मदिरा की फुटकर दुकानों, रेस्टोरेंट-बार, होटल-बार, क्लब आदि प्रतिष्ठान पूरी तरह से बंद रहेंगे। किसी भी प्रकार की मदिरा की बिक्री या परोसने की अनुमति नहीं होगी, चाहे वह लाइसेंसी प्रतिष्ठान हो या गैर-लाइसेंसीकृत स्थल।आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि गैर-लाइसेंसीकृत जगहों पर शराब की बिक्री या परोसने पर भी सख्त रोक रहेगी। इस निर्देश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें मदिरा का जब्तीकरण और दोषियों पर आपराधिक मामले दर्ज किए जाएंगे।शासन ने यह भी निर्देश दिए हैं कि सभी जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधिकारी इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। किसी भी प्रकार की अवैध मदिरा की बिक्री पर नजर रखने के लिए जिला कार्यालयों एवं संभागीय एवं राज्य स्तरीय उड़दस्ता और विशेष जांच दल भी गठित किए जाएंगे, जो जिले में स्थित शराब के अवैध संकलन स्थलों की जांच करेंगे।
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*मरीज के परिजनों के लिए टीवी लगाने दिए निर्देश*
बिलासपुर/कलेक्टर अवनीश शरण ने आज सिम्स अस्पताल का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों से मुलाकात कर मिल रहे इलाज,भोजन एवं अन्य सुविधाओं का जायजा लिया। मरीजों के परिजनों के मनोरंजन के लिए कीचन शेड में एक टीव्ही लगाने के निर्देश दिए। कीचन शेड के ही एक कोने में छोटी सी चाय-बिस्किट की दुकान भी लगाने को कहा ताकि उन्हें बार-बार बाहर जाने की जरूरत न पड़े। उन्होंने अस्पताल में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों का भी अवलोकन कर अधिकारियों को समय-सीमा में पूर्ण करने को कहा है।
कलेक्टर श्री शरण ने आज सवेरे लगभग 1 घण्टे तक सिम्स अस्पताल की विभिन्न वार्डों का दौरा किया। उन्होंने अस्पताल परिसर में एक जगह पर हो रहे जल जमाव की समस्या को दूर करने पीडब्ल्यूडी को निर्देश दिए। पंजीयन काउन्टर पहुंचकर व्यवस्था का अवलोकन किया। बड़ी संख्या में मौसमी बीमारियों का इलाज कराने इन दिनों मरीज सिम्स पहंुच रहे हैं। स्वाईन फ्लू, मलेरिया एवं डायरिया के ताजा हालात की जानकारी ली। उन्होंने स्वाईन फ्लू बीमारी की जानकारी देने के लिए डेडिकेटेड कॉल सेन्टर स्थापित कर नम्बर सार्वजनिक करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि दिन में कम से कम तीन बार सभी टॉयलेट की साफ-सफाई किया जाये।
श्री शरण ने पंजीयन कक्ष में ऊपर निर्मित नये वार्ड में एसी एवं एक्जॉस्ट की व्यवस्था दो दिन में करने के निर्देश दिए। फिलहाल यहां त्वचा, रजित एवं कुष्ठ रोग की ओपीडी संचालित की जा रही है। उन्हांेने लिफ्ट, व्हील चेयर एवं स्ट्रेचर की भी समीक्षा की। बताया गया कि मरीजों के आने-जाने के लिए अस्पताल में छह लिफ्ट स्थापित हैं, जिनमें 4 चालू हालत में हैं। अन्य दो बिगड़े लिफ्ट को दो सप्ताह में चालू करने को कहा है। उन्होंने लेबर वार्ड का भी निरीक्षण किया। जच्चा-बच्चा के सेहत एवं भोजन व्यवस्था की जानकारी ली। अस्पताल अधीक्षक डॉ. एसके नायक, सहायक कलेक्टर तन्मय खन्ना सहित विभागीय अधिकारी इस दौरान उपस्थित थे। -
*अनियमित बारिश होने पर भी रायपुर संभाग में नहीं पड़ेगी सिंचाई के लिए पानी की कमी*
*संभागायुक्त श्री कावरे ने बांधो-जलाशयों में जल भराव की समीक्षा की, दिए जरूरी निर्देश*
रायपुर. बारिश कम होने या अनियमित होने पर भी रायपुर संभाग के किसानों को अपनी फसलों मे सिंचाई के लिए भरपूर पानी मिलेगा। रायपुर संभाग के बांधों और जलाशयों में अब तक हुई बारिश के हिसाब से लगभग 90 प्रतिशत औसतन जल भराव हो चुका है। संभागायुक्त श्री महादेव कावरे ने आज इसकी समीक्षा की और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। श्री कावरे ने संभाग के बांधों और जलाशयों में अब तक भरे पानी की अलग-अलग जानकारी ली और आवश्यकता पड़ने पर किसानों के खेतों में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने तैयार रहने के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि अब तक हुई बारिश से बांधों और जलाशयों में पर्याप्त जल भराव हो चुका है और अब आगे कम बारिश या अनियमित बारिश की स्थिति में किसानों की फसलें खराब नहीं होनी चाहिए। ऐसी स्थिति में किसानों की मांग पर बांधों के गेट खोलकर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने विभाग तैयार रहें। श्री कावरे ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को बांधों में जल भराव की स्थिति पर लगातार नजर रखने और सुरक्षा संबंधी सभी व्यवस्थाएं भी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने बड़े बांधों से अधिक मात्रा में पानी छोड़े जाने के पहले राजस्व विभाग के अधिकारियों को सूचित करने और मुनादी आदि कराकर प्रभावित क्षेत्रों में सूचना प्रसारित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।बैठक में जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रविशंकर सागर परियोजना काम्पलेक्स में अब तक 90 प्रतिशत जल भराव हो चुका है। इस परियोजना से संभाग के रायपुर, धमतरी और बलौदा बाजार जिलों के 1300 से अधिक गांवों में लगभग 2 लाख 80 हजार हेक्टेयर रकबे में सिंचाई होती है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि किसानों की मांग पर इस परियोजना से गेट खोलकर सिंचाई के लिए नहर में साढ़े पांच हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि गरियाबंद जिले की सिकासार परियोजना में 95 प्रतिशत जल भराव हुआ है। इस परियोजना से लगभग तीन हजार क्यूसेक पानी नहर में छोड़ा गया है। जिससे एक सौ से अधिक गांवों की 26 हजार हेक्टेयर से अधिक रकबे की फसलों में सिंचाई हो रही है। बैठक में यह भी जानकारी मिली कि रायपुर जिले के पेण्ड्रावन परियोजना में 71 प्रतिशत और कुम्हारी मध्यम परियोजना में 98 प्रतिशत तक पानी भर चुका है। किसानों की मांग पर पेण्ड्रावन परियोजना से 40 क्यूसेक पानी नहर में छोड़ा जा चुका है। जिससे ग्यारह गांवों के किसान ढाई हजार हेक्टेयर रकबे की फसलों में सिंचाई कर रहे हैं। कुम्हारी परियोजना से 90 क्यूसेक पानी नहर में छोड़ा गया है और इससे 18 गांवों के किसान लगभग दो हजार छह सौ हेक्टेयर रकबे में लगी फसलों में सिंचाई कर रहे हैं।
महासमुंद जिले के जलाशयों में जल भराव की समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि कोडार वृहद परियोजना में लगभग 44 प्रतिशत और केशवा परियोजना में लगभग 48 प्रतिशत पानी भर चुका है। अधिकारियों ने बताया कि अभी तक हुई बारिश के हिसाब से दोनों परियोजनाओं की टोपोग्राफी और भू-स्थिति अनुसार जल भराव वर्तमान में संतोषजनक स्थिति में है। कोडार परियोजना से 150 क्यूसेक पानी नहर में छोड़ा गया है, जिससे 49 गांवों में साढ़े सोलह हजार हेक्टेयर से अधिक रकबे की फसलों में सिंचाई की जा रही है। इसी प्रकार केशवा परियोजना से भी किसानों की मांग पर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। किसानों द्वारा मांग किए जाने पर इस परियोजना से लगभग तीन हजार सात सौ पचास हेक्टेयर रकबे में लगी फसलों के लिए पानी दिया जाएगा।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज यहाँ उनके निवास कार्यालय में सार्वजनिक दही हांडी उत्सव समिति गुढियारी, रायपुर के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री को भगवान श्री कृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर 27 अगस्त को आयोजित दही हांडी उत्सव प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने आमंत्रण के लिए समिति के सदस्यों को धन्यवाद दिया। इस अवसर पर श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, संयोजक श्री बसंत अग्रवाल, सह-संयोजक श्री हेमेंद्र साहू एवं पदाधिकारीगण उपस्थित थे।संयोजक श्री अग्रवाल ने बताया कि इस प्रतियोगिता में प्रदेश ही नहीं अपितु महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, झारखंड तथा उड़ीसा एवं अन्य राज्यों से भी गोविंदा टोलियाँ प्रतिभागी के रूप में प्रतियोगिता में हिस्सा लेने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि समिति के द्वारा श्री कृष्ण भक्तों के मनोरंजन के लिए शिव भजन गायक बाबा हसंराज रघुवंशी जी एवं छत्तीसगढ़ की लाडली बेटियों गरिमा-स्वर्णा दिवाकर के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी जाएगी तथा उड़ीसा के कलाकारों द्वारा घंटा बाजा का प्रदर्शन भी किया जाएगा। इसके साथ ही वृंदावन से आई कृष्ण लीला की मनमोहक झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी।
- -प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी माह सितम्बर के प्रथम सप्ताह में मेगा ईवेंट में होंगे वर्चुअल रूप से शामिल-प्रधानमंत्री राज्य के विशेष पिछड़ी जनजातीय परिवारों से करेंगे संवाद-मंत्री श्री नेताम ने मेगा ईवेन्ट के तैयारियों के लिए अधिकारियों को दिए निर्देशरायपुर /आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री राम विचार नेताम की पहल पर छत्तीसगढ़ में विशेष पिछड़ी जनजातीय बैगा, पहाड़ी कोरवा, कमार, अबुझमाड़िया एवं बिरहोर बाहुल बसाहटों में राज्य और केन्द्र सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए 23 अगस्त से 10 सितंबर तक मेगा अभियान चलेगा। राज्य के 18 जिलों में प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) संचालित है। इन जिलों में आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा आगामी सितम्बर माह में मेगा ईवेंट और आईईसी कैंपेन का आयोजन होगा। माह सितम्बर के प्रथम सप्ताह में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी राज्य में आयोजित कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से शामिल होकर विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों के साथ संवाद करेंगे। गौरतलब है कि जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर 15 नवम्बर 2023 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पीएम जनमन का शुभारंभ किया था।आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री राम विचार नेताम ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी पीएम जनमन योजना के तहत झारखंड में आयोजित किए जा रहे हैं राष्ट्रीय मेगा ईवेंट में शामिल होंगे तथा देश के सभी पीवीटीजी बसाहट वाले जिलों को संबोधित करते हुए टू वे कनेक्टिविटी के माध्यम से संवाद स्थापित करेंगे। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में विशेष पिछड़ी जनजाति वाले किसी एक जिले में राज्य स्तरीय मेगा ईवेंट के लिए चिन्हित किया जाएगा।मंत्री श्री नेताम ने बताया कि मेगा ईवेंट के अतिरिक्त बाकी सभी पीएम-जनमन के जिलों में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित होंगे। इन सभी आयोजनों में झारखण्ड राज्य से प्रधानमंत्री का संबोधन और संवाद सुचारु रुप से देखने और सुनने के लिए टू-वे-कनेक्टिविटी की आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही है। इन आयोजनों में स्थानीय विधायकगण और अन्य जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। कार्यक्रम में केन्द्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजाति को लाभान्वित किया जाएगा। इस दौरान सास्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा।मंत्री श्री नेताम ने बताया कि लाभार्थी सतृप्ति शिविरों का आयोजन 23 अगस्त 2024 से 10 सितंबर 2024 तक किया जाना है। इन शिविरों के माध्यम से आधार कार्ड, जनधन खाता, आयुष्मान कार्ड, वन अधिकार पत्र राशन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, पीएम किसान सम्मान निधि, पीएम मातृत्व वंदना योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, सिकल सेल की जांच एव मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाएं आदि से लाभान्वित की जानी है। इसका उद्देश्य सभी पीवीटीजी बसाहटों में तात्कालिक गतिविधियों की शत-प्रतिशत संतृप्ति की जानी है। लाभार्थी संतृप्ति शिविर गहन रूप से सभी पीवीटीजी बसाहटों, जिलों में चलाए जाएंगे। इस लाभार्थी संतृप्ति शिविर का मुख्य फोकस यूआईडीएआई के तहत नामांकन एवं आधार कार्ड जारी करना पीएम जनधन के तहत बैंक खाता खोलना, सभी पात्र लाभार्थियों का आयुष्मान भारत कार्ड बनाना, सभी पीवीटीजी को सामुदायिक प्रमाण पत्र जारी कर वन अधिकार पत्र जारी करना तथा पीवीटीजी बसाहटों में सिकल सेल बीमारी की जांच (Screening) आदि कार्य किए जाएंगे। पीएम-जनमन के अंतर्गत स्वीकृत गतिविधियों जैसे प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण), संपर्क सड़क, मोबाईल मेडिकल यूनिट, नल से जल, विद्युतिकरण आदि की जानकारी दी जाएगी।प्रदेश में भारत सरकार द्वारा घोषित 05 विशेष रुप से कमजोर जनजाति समूह क्रमशः बैगा, पहाड़ी कोरवा, कमार, अबूझमाड़िया एवं बिरहोर जनजाति समूहों तथा बसाहटों के त्वरित विकास के लिए प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) योजना क्रियान्वित की जा रही है। उल्लेखनीय है कि इन वर्गों का समग्र विकास करने के लिए केन्द्र तथा राज्य सरकार मिलकर लगातार प्रयास कर रही है। इसी का नतीजा है कि भारत सरकार द्वारा इन वर्गों के उत्थान के लिए प्रारंभ किया गया यह महाअभियान अल्प समय में ही लोकप्रिय हो रहा है।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में त्रिपुरा राज्य के त्रिपुरा-पूर्व लोकसभा क्षेत्र की सांसद एवं कवर्धा राजपरिवार की रानी श्रीमती कृति देवी ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान उनके पति कवर्धा राजपरिवार के राजा एवं पूर्व विधायक श्री योगेश्वरराज सिंह भी मौजूद थे।
- -श्री आर.एस. विश्वकर्मा की अध्यक्षता में 12 अगस्त से सर्वे का काम प्रारंभ-पिछड़ा वर्ग के जाति-समूहों पर शोध अध्ययन हो तो शोधार्थी 30 सितम्बर तक आयोग को कर सकते हैं प्रस्तुतरायपुर / छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग द्वारा प्रदेश में पिछड़ा वर्ग समुदाय के कल्याण को ध्यान में रखते हुए उनके आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक और राजनैतिक भागीदारी पर अध्ययन करने का निर्णय लिया गया है। आयोग अध्यक्ष श्री आर.एस. विश्वकर्मा की अध्यक्षता में 12 अगस्त 2024 में सर्वे का काम प्रारंभ हो गया है। आयोग द्वारा पिछड़ा वर्ग में शामिल जाति-समूह के संदर्भ में यदि कोई शोध अध्ययन करना चाहते हो तो ऐसे शोधार्थी 30 सितम्बर तक आयोग को आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पिछड़ा वर्ग समुदाय के कल्याण के लिए छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग का गठन किया गया है। इस आशय के अधिसूचना छत्तीसगढ़ राजपत्र में 27 जून 2020 को प्रकाशित भी की गई है। राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग में कुल 87 जाति समूह को शामिल किया गया है, जिसकी सूची छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की वेबसाईट ूूूण्बहवइबण्बवउ में उपलब्ध है। शासन द्वारा आयोग के उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए श्री आर.एस. विश्वकर्मा को अध्यक्ष, श्री निलाम्बर नायक, श्री हरिशंकर यादव, श्री यशवंत वर्मा, श्री कृष्णा गुप्ता, श्रीमती शैलेन्द्री परगनिहा को सदस्य मनोनीत किया है। आयोग के अध्यक्ष श्री आर.एस. विश्वकर्मा की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर आयोग द्वारा राज्य शासन को उक्त अधिसूचना के क्रमांक 02 अंतर्गत पिछड़ा वर्ग समूहों के आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक और राजनैतिक सहित अन्य विषयों पर अध्ययन कर शासन को सुझाव प्रस्तुत करने का निर्णय लिया गया है।आयोग द्वारा बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार प्रदेश में पिछड़े वर्ग की वर्तमान सामाजिक, शैक्षणिक तथा आर्थिक स्थिति का अध्ययन, शासन के विभिन्न विभागो की संरचना एवं योजनाओं में पिछड़े वर्ग की भागीदारी की वर्तमान स्थिति का अध्ययन कर रिपोर्ट शासन को सौंपा जाएगा।इसी प्रकार राज्य की शैक्षणिक संस्थाओं में पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों को मिल रहे लामो का अध्ययन। राज्य में पिछड़े वर्ग के युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों का आंकलन तथा इसमें वृध्दि की उपाय, राज्य में पिछड़े वर्ग की युवाओं हेतु कौशल उन्नयन कार्यकमों तथा प्रशिक्षण के संचालन की वर्तमान स्थिति की समीक्षा। पिछड़े वर्ग के सामाजिक, शैक्षणिक तथा आर्थिक कल्याण हेतु अन्य उपाय तथा अनुशंसा भी की जाएगी। छत्तीसगढ़ राज्य में त्रि-स्तरीय पंचायतों एवं नगरीय निकायों के निर्वाचन में अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधित्व एवं आरक्षण के संबंध में अध्ययन कर रिपोर्ट से राज्य शासन को अवगत कराया जाएगा।
- -प्रवेश एवं फीस विनिमायक समिति ने अंतरिम फीस की निर्धारितरायपुर / छत्तीसगढ़ के निजी मेडिकल कालेजों द्वारा अधिक फीस वसूली को लेकर प्रवेश व फीस विनियामक समिति ने अंतरिम फीस निर्धारित की है। इसके तहत तीन निजी मेडिकल कालेजों के एमबीबीएस व दो निजी मेडिकल कालेजों में संचालित स्नातकोत्तर (पीजी) सीटों के फीस तय कर दिए गए हैं। फीस वर्ष-2024 से 2027 तक के लिए लागू होंगे।प्रवेश एवं फीस विनियामक समिति केअधिकारियों ने बताया कि श्री बालाजी इंस्टिट्यूट आफ मेडिकल साइंसेस मोवा, रावतपुरा सरकार इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस और रिसर्च सेंटर नवा रायपुर और अभिषेक आई मिश्रा मेमोरियल कॉलेज एंड रिसर्च, जुनवानी भिलाई के लिए हुए फीस निर्धारण में सबसे अधिक श्रीबालाजी में 8 लाख 2 हजार 7 सौ रुपये प्रति वर्ष फीस तय की गई है। रावतपुरा सरकार इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस और रिसर्च सेंटर एवं अभिषेक आई मिश्रा मेमोरियल कॉलेज एंड रिसर्च जुनवानी भिलाई दोनों इंस्टिट्यूट में एमबीबीएस पाठ्क्रम के लिए 7 लाख 45 हजार 187 रुपए प्रतिवर्ष निर्धारित किए गए है।रायपुर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (रिम्स) गोढ़ी में स्नातकोत्तर की क्लीनिकल सीटों के लिए 9 लाख 84 हजार से 500 रूपए प्रति वर्ष छात्रों को फीस देने होंगे। वहीं प्री-क्लीनिकल/ पैरा-क्लीनिकल के लिए प्रति वर्ष 7.92 लाख रुपये से 8.48 रुपए तक फीस तय हुई है। श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस जुनवानी भिलाई में स्नातकोत्तर की क्लीनिकल सीटों के लिए 10 लाख 54 हजार रूपए प्रति वर्ष छात्रों को फीस देने होंगे। इसी प्रकार प्री-क्लीनिकल/पैरा-क्लीनिकल के लिए प्रति वर्ष 8 लाख 48 हजार 200 रुपये फीस तय की गई है। विनियामक समिति ने निजी मेडिकल कालेजों के निरीक्षण, जांच, पड़ोसी राज्यों में प्रचलित फीस की दर और छत्तीसगढ़ की स्थिति प्रति व्यक्ति औसत आय आदि तथ्यों को देखते हुए बैठक कर फीस तय की गई है।तय फीस में सभी सुविधा शामिलफीस विनियामक समिति के अधिकारियों ने कहा है कि मेडिकल पाठ्यक्रम के लिए अंतरिम तय फीस में सभी सुविधाएं शामिल हैं। संस्थानों को निर्देशित किया गया है कि प्रति वर्ष तय किए गए फीस में मेडिकल छात्रों से यूनिफार्म, आइडी कार्ड, लेबोरेटरी, विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, खेलकूद, एनएसएस, भवन, फर्नीचर, उपकरण आदि मदों में कोई अतिरिक्त राशि वसूल नहीं किया जाएगा। किसी भी तरह की फीस की तय राशि से अधिक की वसूली हुई तो निजी मेडिकल कालेजों पर कार्रवाई की जाएगी।
- रायपुर, / छत्तीसगढ़ मे प्रवेश एवं फीस विनियामक समिति द्वारा तीन डी. फॉर्मेसी कॉलेजो ऋषिकेश इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी, सेजबहार, रायपुर, नूपुर कॉलेज ऑफ फार्मेसी, ओल्ड धमतरी रोड, रायपुर एवं श्री बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी एंड रिसर्च सेंटर, रायपुर के द्वारा फीस निर्धारित न किये जाने और संबंधित विभाग के सचिव और संचालक को इस संबंध में समुचित कार्यवाही हेतु लिखे जाने का निर्णय लिया गया है। तीनांे डी. फार्मेसी कॉलेजो के निरीक्षण के दौरान प्रवेश एवं फीस विनियामक समिति ने पाया कि इन्होंने पूरी सुविधाएं जुटाए बिना कॉलेज प्रारंभ कर दिया, कॉलेजो में न ही पुस्तकालय एवं प्रयोगशाला है और न ही शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक स्टाफ वहां मिले। इसी आधार पर समिति ने कार्यवाही का निर्णय लिया है। यहां यह भी विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि फीस विनियामक समिति के पास फीस निर्धारण के लिये आवेदन देने के पूर्व फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया, संबंधित विश्वविद्यालय और संबंधित संचालक से भी अनुमति प्राप्त की जानी चाहिए।
- -छात्राओं ने इस सुनहरे अवसर के लिए मुख्यमंत्री श्री साय एवं प्रशासन के प्रति जताया आभाररायपुर / राजधानी दिल्ली में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से सरगुजा संभाग के सरगुजा, जशपुर, सूरजपुर और बलरामपुर जिले की पांच छात्राओं ने रक्षाबंधन के अवसर पर सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने बच्चों से शैक्षणिक और अन्य शालेय गतिविधियों की जानकारी लेकर उनका उत्साह वर्धन किया। उन्होंने सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए शुभकामना दी। सरगुजा संभाग के विद्यार्थियों ने इस अविस्मरणीय क्षण के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात के लिए विद्यार्थियों का चयन विद्यार्थियों की शेैक्षणिक गतिविधियों के साथ साथ खेल, संगीत तथा अन्य शालेय गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर किया गया। चयनित विद्यार्थियों में सरगुजा से कस्तूरबा आवासीय विद्यालय लखनपुर की छात्रा ज्योति, जशपुर जिले से रिया एवं रजनी चौहान, सूरजपुर से नंदिनी किंडो और बलरामपुर जिले से प्रशंसा शामिल रहीं। राज्य शासन द्वारा सरगुजा संभाग के बच्चों के साथ प्रभारी के रूप में अधीक्षिका अनुराधा सिंह का चयन कर दिल्ली भेजा गया।
- रायपुर /राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 836.1 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से आज 23 अगस्त सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1746.1 मिमी और सरगुजा जिले में सबसे कम 462.5 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है।राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सूरजपुर जिले में 825.0 मिमी, बलरामपुर में 1190.9 मिमी, जशपुर में 671.5 मिमी, कोरिया में 834.2 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 828.8 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। इसी प्रकार, रायपुर जिले में 726.0 मिमी, बलौदाबाजार में 900.1 मिमी, गरियाबंद में 802.0 मिमी, महासमुंद में 640.1 मिमी, धमतरी में 758.0 मिमी, बिलासपुर में 773.1 मिमी, मुंगेली में 855.0 मिमी, रायगढ़ में 759.7 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 492.0 मिमी, जांजगीर-चांपा में 879.8 मिमी, सक्ती 726.1 मिमी, कोरबा में 1104.4 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 817.9 मिमी, दुर्ग में 530.3 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 663.1 मिमी, राजनांदगांव में 850.1 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़चौकी में 944.1 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 611.2 मिमी, बालोद में 873.2 मिमी, बेमेतरा में 473.9 मिमी, बस्तर में 894.4 मिमी, कोण्डागांव में 810.2 मिमी, कांकेर में 1049.4 मिमी, नारायणपुर में 944.8 मिमी, दंतेवाड़ा में 1030.1 मिमी और सुकमा जिले में 1123.7 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई।
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-राष्ट्रीय वैज्ञानिक चेतना दिवस आयोजितरायपुर। राष्ट्रीय वैज्ञानिक चेतना दिवस के अवसर पर तेलीबांधा तालाब मेरिन डाईव में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर तथाकथित चमत्कारों के वैज्ञानिक प्रदर्शन,नागरिकों एवम विद्यार्थियों को अंधविश्वास निर्मूलन से संबंधित किताबें , पंपलेट वितरित किए गए।छत्तीसगढ़ विज्ञान सभा, तर्कशील, सहित सहयोगी संगठनों के द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में डॉ. नरेंद्र दाभोलकर को श्रद्धांजलि दी गई।इस मौके पर अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा कि देश में अंधविश्वासों व सामाजिक कुरीतियों के कारण प्रतिवर्ष हज़ारों लोग प्रताडऩा के शिकार होते हैं। वर्तमान में वैज्ञानिक जागरूकता की अत्यन्त आवश्यकता है . जिसके लिए लगातार अभियान चलाए जाने की जरूरत है ,जिससे लोगों के बसे अंधविश्वास व सामाजिक कुरीतियां हटाई जा सकेंगी।विज्ञान सभा के अध्यक्ष विश्वास मेश्राम ने कार्यक्रम के आयोजन की जानकारी दी । तर्कशील परिषद के डॉ आर.के. सुखदेवे ने कथित चमत्कारों का वैज्ञानिक प्रदर्शन किया और चमत्कारों की वैज्ञानिक सत्यता बताई । संजीव खुद शाह ने वास्तुशास्त्र से जुड़े अंधविश्वासों की जानकारी दी। आयोजन को अंजू मेश्राम , निसार अली ने भी संबोधित किया । कार्यक्रम में आई .एम. ए. अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता, उमाशंकर ओझा, अधीर , जयश्री भगवानानी, सहित अनेक नागरिक और स्कूली छात्र उपस्थित थे। कार्यक्रम में नागरिकों व छात्रों को अंधश्रद्धा निर्मूलन संबंधित किताबें, पंपलेट वितरित किए गए। साथ ही आम लोगों की जिज्ञासा का समाधान भी किया गया। - रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में नए राशन कार्ड बनाए जा रहे हैं। विकासखंड अभनपुर के टीकरी हसदा निवासी श्री दोमेश कुमार साहू ने राशनकार्ड में अपने मृत पिता का नाम कटवाने का आवेदन दिया था। साथ ही नया राशन कार्ड बनाने भी आवेदन दिया था। लेकिन उनका राशन कार्ड बन नहीं रहा था। जिसकी वजह से उन्हें राशन भी नहीं मिल पा रहा था। इसी को लेकर श्री साहू ने जिला प्रशासन के जनसमस्या निवारण कॉल सेंटर में फोन की और अपनी समस्या दर्ज कराई। तभी उनकी समस्या को दर्ज करने के बाद संबंधित विभाग को दी गई और तत्काल मदद की प्रक्रिया शुरू की गई। जिसके बाद उनका नया राशन कार्ड मिल गया। समस्या का समाधान होने पर आवेदक श्री दोमेश कुमार साहू काफी प्रसन्न है और उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार भी जताया।
- रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में नए राशन कार्ड बनाए जा रहे हैं। शहर के गुढियारी निवासी श्रीमती पूर्णिमा देंवागन ने शासकीय राशन दुकान से राशन न देने की समस्या दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि शासकीय राशन दुकान संचालक उनके सहित एपीएल कार्डधारियों को एक महीने से राशन का आबंटन नहीं कर रहा है, जबकि बीपीएल कार्डधारकों को राशन मिल रहा है। इसी को लेकर श्रीमती देवांगन ने जिला प्रशासन के जनसमस्या निवारण कॉल सेंटर में फोन किया और अपनी समस्या दर्ज कराई। तभी उनकी समस्या को दर्ज करने के बाद संबंधित विभाग को दी गई और तत्काल मदद की प्रक्रिया शुरू की गई। जिसके शासकीय राशन दुकान संचालक ने उनको राशन दिया साथ ही सभी एपीएल कार्डधारकों को भी राशन आंवटित किया। आवेदक श्रीमती पूर्णिमा देवांगन काफी प्रसन्न है और उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार भी जताया।
- रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में एक फोन पर समस्या का निराकरण हो रहा है। जोन 10 के बाबू जगजीवन वार्ड के महावीर नगर निवासी श्रीमती अनु गांधी ने मोहल्ले में स्ट्रीट लाइट खराब होने की शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि स्ट्रीट लाइट खराब होने की वजह से पूरे मोहल्ले में अंधेरा रहता है। इससे रात में आने-जाने में परेशानी होती है। इसको लेकर संबंधित विभाग में आवेदन दिया था। लेकिन वहां से किसी प्रकार की सुनवाई नहीं हुई। जिसके बाद उन्होंने जिला प्रशासन के जनसमस्या निवारण कॉल सेंटर में फोन किया और अपनी समस्या दर्ज कराई। तभी उनकी समस्या को दर्ज करने के बाद संबंधित विभाग को दी गई और तत्काल मदद की प्रक्रिया शुरू की गई। जिसके तुरंत बाद मोहल्ले की स्ट्रीट लाइट की रिपेयरिंग का कार्य करवाया गया। समस्या का समाधान होने पर आवेदक श्रीमती अनु गांधी ने प्रसन्नता जाहिर की और उन्होंने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन के प्रति आभार भी जताया।
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रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में नए राशन कार्ड बनाए जा रहे हैं। विकासखंड अभनपुर कुर्रा निवासी श्री खेमिन नागरची ने भी नए राशन कार्ड के लिए आवेदन किया था, लेकिन काफी समय तक उनके हाथों में राशन कार्ड नहीं मिल रहा था। इस वजह से राशन नहीं मिलने की चिंता सताने लगी। इसी दौरान श्री नागरची ने जिला प्रशासन के जनसमस्या निवारण कॉल सेंटर में फोन की और अपनी समस्या दर्ज कराई। तभी उनकी समस्या को दर्ज करने के बाद संबंधित विभाग को दी गई और तत्काल मदद की प्रक्रिया शुरू की गई। जिसके बाद उनका नया राशन कार्ड मिल गया। आवेदक श्री खेमिन नागरची काफी प्रसन्न है और उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार भी जताया।
- -विष्णुदेव साय सरकार में राजनांदगांव को मिली इस सौग़ात पर जिलेवासियों ने जताया मुख्यमंत्री का आभारराजनांदगांव। विधानसभा चुनाव 2023 में राजनांदगांव जिले से दुर्ग शिफ्ट हुए शासकीय कार्यालयों का मुद्दा चर्चा का विषय रहा था, पिछली सरकार ने जब राजनांदगांव से पाठ्य पुस्तक निगम, पीएमजीएसवाई समेत प्रमुख शासकीय कार्यालयों को राजनांदगांव से स्थानांतरित कर दुर्ग भेजा था तब राजनांदगांव की जनता में इसको लेकर बहुत आक्रोश था और राजनांदगांव में भारतीय जनता पार्टी से प्रत्याशी डॉ रमन सिंह ने इस विषय पर क्षेत्रवासियों को यह विश्वास दिलाया था कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद राजनांदगाँव के साथ न्याय होगा। आज प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के 8 महीनों के भीतर ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राजनांदगांव में क्रेड़ा के जोनल कार्यालय को स्वीकृति प्रदान की है। इसके साथ ही राजनांदगाँव से दुर्ग शिफ्ट हुए कार्यालयों को भी वापस लाने की तैयारी है।विधानसभा अध्यक्ष और राजनांदगांव विधायक डॉ रमन सिंह जी के प्रयास से अब जिले को मिल रहा है क्रेड़ा का जोनल कार्यालयराजनांदगांव से विधायक और छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ रमन सिंह जी ने क्षेत्रवासियों से किये वादे को निभाते हुए क्रेडा कार्यालय की राजनांदगांव में स्थापना के लिए निरंतर प्रयास किये। जिसके परिणाम स्वरूप राजनांदगांव में क्रेडा के जोनल कार्यालय को स्वीकृति मिल चुकी है, इस जोनल कार्यालय के अंतर्गत राजनांदगांव, खैरागढ़, छुईखदान, गंडई, बालोद, मोहला-मानपुर और अंबागढ़ चौकी के जिला कार्यालय शामिल होंगे। इस विषय पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए राजनांदगांव सांसद श्री संतोष पांडेय जी, पूर्व महापौर श्री मधुसूदन यादव जी, पूर्व सांसद श्री अभिषेक सिंह जी, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री रमेश पटेल जी, श्री खूबचंद पारख जी, नीलू शर्मा जी, श्री सचिन बघेल जी, श्री कोमल राजपूत जी समेत सभी कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों ने माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी और राजनांदगांव विधायक व विधानसभा अध्यक्ष माननीय डॉ रमन सिंह जी को धन्यवाद देते हुए उनका आभार प्रकट किया है।
- -विष्णु के सुशासन से महिलाएं हो रहीं सशक्तरायपुर / कोरबा जिला के ग्राम कोरकोमा की श्रीमती वंदना राठिया की इच्छा थी कि वे अपने बेटे के गले में सोने का छोटा सा ही सही एक लॉकेट जरूर पहनाएं, लेकिन आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से वह अपनी इच्छा पूरी ही नहीं कर पा रही थी। वंदना ने कुछ रूपए बचत कर जोड़े जरूर थे, लेकिन वह इतनी राशि नहीं थी कि उससे उसका लॉकेट आ जाए। इसी बीच छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जब महतारी वंदन योजना लागू की गई तो वंदना की मानों किस्मत खुल गई। अपना नाम जोड़वाने के बाद वंदना के बैंक खाते में भी एक हजार की राशि प्राप्त होने लगी। उन्होंने कुछ महीनों की राशि को जमा कर इतने रूपये जोड़ लिए कि बच्चे के गले का लॉकेट आ जाए। आखिरकार वंदना ने गांव के बाजार में जाकर सुनार से लॉकेट बनवाकर अपने बच्चे के गले में पहनाई।श्रीमती राठिया ने बताया कि महतारी वंदन योजना के लागू होने से हम महिलाओं को हर महीने एक हजार रूपये मिल जाता है। यह हमारे बहुत काम की राशि होती है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के लिए एक हजार की रकम बड़ी राशि होती है। उन्होंने बताया कि पति की कमाई से घर का खर्च चल पाता है। कोरकोमा के साप्ताहिक बाजार में अपने बच्चे के लिए लॉकेट खरीदने आई वंदना राठिया ने योजना को लेकर खुशी जताई और इस राशि का आने वाले समय में सदुपयोग करने की बात कही।गौरतलब है कि महिलाओं के स्वाभिमान और सम्मान के प्रतीक के रूप में महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ सरकार ने शुरू की है। इससे महिलाओं में एक नया आत्मविश्वास जगा है और उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा भी बढ़ी है।महतारी वंदन योजना के तहत राज्य में विवाहित महिलाओं को 1,000 रुपए प्रतिमाह (कुल 12,000 रुपए सालाना) वित्तीय सहायता दी जा रही है, जो प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में जमा की जा रही है। महिलाएं खुश है कि वो महतारी वंदन योजना से मिली राशि से अपने बच्चों और परिवार की छोटी-छोटी जरूरतें पूरी कर पा रहीं हैं।
- -प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी सितंबर महीने में आयोजित मेगा इवेन्ट में पीवीटीजी हितग्राहियों से करेंगे संवाद-कलेक्टर योजना में प्रगति और मेगा इवेन्ट की तैयारियों की आज करेंगे समीक्षाबिलासपुर /पीएम जनमन योजना के तहत पीव्हीटीजी बसाहटों में शासन की योजनाओं का हितग्राहियों को लाभ देने विशेष शिविर का आयोजन 23 अगस्त से शुरू हो रहा है। सितम्बर माह के प्रथम सप्ताह में मेगा इवेन्ट का आयोजन होगा जिसमें प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी देश के सभी पीव्हीटीजी बसाहट वाले जिलों को संबोधित करते हुए टू-वे कनेक्टिविटी के माध्यम से पीवीटीजी हितग्राहियों से सीधे संवाद करेंगे। कलेक्टर श्री अवनीश शरण जनमन योजना में प्रगति की समीक्षा और मेगा इवेन्ट की तैयारियों के संबंध में कोटा ब्लॉक के शिवतराई में बैठक लेंगे।पीएम जनमन योजना के तहत पीवीटीजी हितग्राहियों को लाभान्वित करने शिविरों का आयोजन 23 अगस्त 2024 से 10 सितम्बर 2024 तक होगा। इन शिविरों में हितग्राहियों के लिए आधार कार्ड, जनधन खाता, आयुष्मान कार्ड, वन अधिकार पत्र, राशन कार्ड, पीएम किसान सम्मान निधि, पीएम मातृत्व वंदना, किसान क्रेडिट कार्ड, सिकल सेल जांच, जाति प्रमाण पत्र बनाने के साथ ही शासन की विभिन्न योजनाओं का शत प्रतिशत लाभ व मूलभूत स्वास्थ्य सेवाएं पीव्हीटीजी को प्रदान करना है।इन ग्रामों में होगा शिविरों का आयोजनकोटा ब्लॉक के ग्राम शिवतराई में आज प्रथम शिविर का आयोजन होगा। 24 अगस्त को धूमा, 27 अगस्त करका, 28 अगस्त मझगांव, 29 अगस्त करही कछार, 30 अगस्त बहेरामुड़ा, 31 अगस्त आमामुड़ा, 2 सितम्बर खोंगसरा, 3 सितम्बर टांटीधार, 4 सितम्बर कुरदर, 5 सितम्बर करवा, 7 सितम्बर चपोरा, 9 सितम्बर उमरिया दादर, 10 सितम्बर परसापानी में शिविर का आयोजन होगा। इसी तरह विकासखण्ड मस्तूरी के ग्राम जेवरा में 27 अगस्त, ग्राम खैरवारपारा में 30 अगस्त, तखतपुर विकासखण्ड के ग्राम वरगन में 27 अगस्त, राम्हेपुर में 31 अगस्त को शिविर का आयोजन किया जाएगा।इस संबंध में कलेक्टर अवनीश शरण कोटा ब्लॉक के शिवतराई में जनमन कार्यक्रमों की समीक्षा, आईसी कैम्पेन और मेगा इवेन्ट की तैयारियों के संबंध में दोपहर 12 बजे बैठक लेंगे। बैठक में संबंधित विभागों के जिलाधिकारी और जनपद क्षेत्र कोटा के संबंधित मैदानी अमले उपस्थित रहेंगे। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री आदिवासी न्याय महाअभियान के तहत विशेष पिछड़ी जनजातियों को शासन की कल्याणकारी योजनाओं का शत प्रतिशत लाभ दिलाने विशेष पहल की जा रही है।

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