- Home
- छत्तीसगढ़
- बिलासपुर / बिल्हा ब्लॉक के ग्राम सिलपहरी में हुए गायों के मौत की जांच के लिए गठित समिति 23 अगस्त को जिला कलेक्टर को जांच रिपोर्ट सौंपेगी। समिति ने जांच का कार्य आज पूर्ण कर लिया। कलेक्टर ने हादसे की जांच के लिए एसडीएम बिल्हा श्री बजरंग वर्मा की अध्यक्षता में समिति गठित की थी। समिति ने आज अंतिम दिन हरदी कला टोना, कड़ार और सेवार गावों का दौरा किया। इसके पहले सिलपहरी और धूमा में जांच और बयान लिए जा चुके हैं। जांच टीम ने पशुपालकों, पंच, सरपंच, चरवाहे, ग्रामीणों और किसानों की बैठक लेकर मामले की जांच की। उनके बयान लेकर पंचनामा बनाया गया। घटना स्थल का भी टीम ने मुआयना किया। भविष्य में दुर्घटना की पुनरावृति न हो, इस संबंध में भी ग्रामीणों से सुझाव लिए गए। समिति ने पशुपालकों को अपने मवेशियों को अपने देखरेख में चराने की समझाइश दी गई। इस अवसर पर जांच टीम के सदस्य संजय कुमार साहू, उप पुलिस अधीक्षक यातायात, विजय चौधरी सिरगिट्टी थाना प्रभारी, शिवानी सिंह तोमर, उप संचालक पंचायत, संदीप पोयम जनपद सीईओ बिल्हा, डॉ. अरविंद त्रिपाठी पशु चिकित्सा अधिकारी बिल्हा तथा आरपी यादव ईई राष्ट्रीय राजमार्ग सहित जनप्रतिनिधि और ग्रामीण जन उपस्थित थे।
- -अस्पतालों की सुविधाओं का लिया जायजा, मरीजों से की बात-स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के लिए दिए आवश्यक दिशा निर्देशरायपुर। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज सुबह राजधानी रायपुर के कई अस्पतालों में औचक निरीक्षण किया। श्री जायसवाल ने सबसे पहले मेडिकल कालेज हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। श्री जायसवाल ने यहां मरीजों से बात की उन्हें मिल रही सुविधाओं का भी जायजा लिया। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इसके बाद रायपुर पंडरी जिला हॉस्पिटल का निरीक्षण कर यहां भर्ती मरीजों से उनका हाल चाल जाना और उन्हें मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओ की जानकारी लेकर अन्य आवश्यक सुधारो के लिए सी एम एच ओ को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। श्री जायसवाल ने इस दौरान मातृ एवं शिशु हॉस्पिटल पुलिस लाइन टिकरापारा का भी निरीक्षण किया और स्वास्थ्य सुविधाओ की जानकारी लेकर व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए।
- -हथियार जब्त, धमतरी जिले में छह अपराध दर्जधमतरी। एसीएम सीतानदी एरिया कमेटी के डिप्टी कमांडर अजय ने आत्मसमर्पण किया। इस पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित है। धमतरी जिले में नक्सली अजय के खिलाफ फोर्स पर हमला, हत्या समेत अन्य छह अपराध दर्ज है।नक्सली अजय छत्तीसगढ़ शासन के पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर एवं माओवादी संगठन में दाम्पत्य जीवन, पारिवारिक सुख से वंचित रहने एवं माओवादियों के जीवन शैली व विचारधारा से क्षुब्ध होकर समर्पण। एसपी आंजनेय वार्ष्णेय को नक्सली अजय ने बताया कि नक्सलियों की खोखली विचारधारा, भेदभाव-पूर्ण व्यवहार, उपेक्षा व प्रताड़ना से तंग आकर आत्मसमर्पण किया है। नक्सली अजय उर्फ अघन उम्र 26 वर्ष कांकेर जिला के निवासी है। उसने सुरका रायफल स्वनिर्मित सरेंडर किया है। यह संघम सदस्य के पद पर संगठन में भर्ती हुआ था। वर्ष 2010 तक बाल संघम सदस्य के पद पर कार्य किया। नक्सली अजय वर्ष 2017 में थाना खल्लारी ग्राम जोगीबिरदो के एक ग्रामीण की हत्या में शामिल था। वर्ष 2018 में थाना बोरई ग्राम कारीपानी मुख्य मार्ग में पेड़ काटकर मार्ग अवरुद्ध किया था। 2018 थाना खल्लारी ग्राम एकावारी में रोड किनारे 5 किग्रा टिफिन बम गड़ाया था। वर्ष 2020 में थाना नगरी ग्राम घोरागांव पुलिस-नक्सली मुठभेड़ जिससे गोबरा एलओएस कमांडर रवि मारा गया था, उसमें शामिल था। वर्ष 2020 थाना मेचका ग्राम उजरावन के एक ग्रामीण की हत्या में शामिल था।वर्ष 2021 भाना खल्लारी ग्राम गादुल बाहरा में एक ग्रामीण की हत्या में शामिल था।2021 थाना खल्लारी ग्राम आमझर के एक ग्रामीण की हत्या में शामिल था।संगठन छोड़ने का कारणछग शासन की आत्मसमर्पण नीतियों से प्रभावित होकर भारत के संविधान पर विश्वास रखते हुए एवं संगठन में कार्यो की उपेक्षा करने,भेदभाव पूर्ण व्यवहार एवं माओवादियों के द्वारा आदिवासियों पर किये जा रहे अत्याचार से त्रस्त होकर उक्त माओवादी ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है।आत्मसमर्पण करने पर इसे उत्साहवर्धन के लिए शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत् 25000 रुपये नगद प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।
- - बिलासपुर मंडल के सभी टिकट काउंटरों में क्यूआर कोड की सुविधा उपलब्ध कराये जा रहे हैं-यात्रियों को आसान डिजिटल भुगतान की सुविधा के साथ साथ चिल्हर की समस्या का भी मिल रहा समाधानबिलासपुर /रेलवे में यात्रियों को डिजिटल तकनीक से कैशलेश ट्रांसजेक्शन की सुविधा को बढ़ाया जा रहा है। पारदर्शी लेन-देन के लिए क्यूआर कोड ट्रांजेक्शन सरल एवं सुरक्षित होता है। इसी कड़ी में डिजीटल पेमेन्ट को बढ़ावा देने एवं यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंडल के सभी स्टेशनों के टिकट काउंटरों पर क्यूआर कोड डिस्प्ले मशीन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके तहत बिलासपुर मंडल के 81 स्टेशनों के सभी आरक्षित एवं अनारक्षित टिकट काउंटरों में क्यूआर कोड डिवाइस उपलब्ध कराये जा रहे हैं। बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, अकलतरा, जांजगीर-नैला, चांपा, सक्ति, खरसिया, ब्रजराजनगर, उसलापुर, पेंड्रारोड, शहडोल, उमरिया, अम्बिकापुर सहित 45 प्रमुख स्टेशनों पर क्यूआर कोड स्थापित किए जा चुके हैं। शेष सभी स्टेशनों पर क्यूआर कोड मशीन तीव्र गति से स्थापित किए जा रहे हैं।मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर खानपान स्टाल, एक स्टेशन एक उत्पाद के तहत संचालित स्टाल एवं अन्य सभी प्रकार के स्टाल पर डिजीटल पेमेन्ट के लिए क्यूआर कोड के माध्यम से भुगतान की व्यवस्था पहले से उपलब्ध है। अब तक आरक्षित टिकट काउंटरों पर यूपीआई से डिजीटल भुगतान की सुविधा उपलब्ध थी। रेलवे टिकट काउंटरों पर यात्रियों को भुगतान करने की प्रकिया को और सरल करते हुए भी क्यूआर कोड डिवाइस की व्यवस्था की गयी है द्य यात्रीगण क्यूआर कोड के माध्यम से भुगतान कर कम से कम समय में आसानी से रेल टिकट प्राप्त कर सकेंगे।वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री अनुराग कुमार सिंह ने बताया कि यह पहल यात्रियों को डिजिटल भुगतान की आसान सुविधा प्रदान करेगी और कैशलेस लेनदेन में मदद करेगी, साथ ही इससे चिल्हर की समस्या का भी समाधान मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह कदम डिजिटल इंडिया के उद्देश्य को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है और यात्री सुरक्षा और सुविधा को सुनिश्चित करने के लिए रेलवे प्रशासन की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।एटीवीएम व यूटीएस ऑन मोबाइल एप जैसी सुविधाएं भी रेल यात्रियों को बिना लाइन लगे त्वरित यात्रा टिकट दिलाने के साथ ही साथ आसान डिजिटल भुगतान सुविधा सहित चेंज/खुल्ले पैसे आदि की दिक्कतों से राहत दिलाने के लिए शुरू की गई है। सभी यात्रियों से आग्रह है कि इन सुविधाओं का अधिकाधिक लाभ उठायें और अपनी यात्रा को सुगम व आसान बनायें।
- -9.52 करोड़ रुपये की लागत से होगा उसलापुर स्टेशन में यात्री सुविधाओं का विकास-यात्री केन्द्रित सुविधाओं का किया जा रहा उन्नयन एवं आधुनिकीकरणबिलासपुर /भारतीय रेल देश की लाइफ लाइन है। रेलवे लगातार यात्री सेवा को सुलभ करने के लएि नवीनतम तकनीक, सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने पर काम कर रही है। वर्तमान में रेल मंत्रालय के महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधा प्रदान करने हेतु “अमृत भारत स्टेशन” योजना के अंतर्गत स्टेशनों के कायाकल्प किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की 47 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है । अमृत भारत स्टेशन योजना का मकसद आधुनिक सुविधाओं की उपलब्धता के साथ मौजूदा सुविधाओं के अपग्रेडेशन पर भी काम करना है।इसी कड़ी में उसलापुर रेलवे स्टेशन का भी पुनर्विकास “अमृत भारत स्टेशन” योजना के अंतर्गत किया जा रहा है। बिलासपुर शहर में स्थित उसलापुर स्टेशन, बिलासपुर का सेटेलाइट स्टेशन है। रायपुर, दुर्ग की ओर से कटनी के तरफ जाने वाली अधिकांश गाड़ियों को वर्तमान में बिलासपुर स्टेशन के बजाए उसलापुर स्टेशन होकर चलाया जा रहा है। उसलापुर स्टेशन के आसपास वर्तमान में बिलासपुर शहर का विस्तार भी काफी हुआ है। इसी को ध्यान में रखकर उसलापुर स्टेशन को विश्वस्तरीय सुविधाएं और यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करने के लक्ष्य के साथ विकसित किया जा रहा है। रेलवे स्टेशन के आसपास अच्छी व्यवस्थाएं होने से आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। वर्तमान में उसलापुर रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन लगभग 6 हजार से अधिक यात्रियों का आवागमन हो रहा है, जबकि आने वाले दिनों में यात्रियों की संख्या में काफी वृद्धि होगी, जिसके अनुरूप इसे विकसित किया जा रहा है।अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत उसलापुर स्टेशन को यात्रियों के अनुकूल सर्वसुविधायुक्त बनाने हेतु लगभग 9.52 करोड़ रुपये की लागत से यात्री सुविधा विकास के अनेक कार्य कराये जा रहे हैं, जिससे यात्रियों को भविष्य में और बेहतर आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। इन कार्यों के अंतर्गत सर्कुलेटिंग क्षेत्र को बेहतर बनाते हुये 14 मीटर फ़ुटपाथ सहित 12 मीटर व 7.5 मीटर चौड़ा रोड़ का निर्माण कर सुगम मार्ग का निर्माण किया जा रहा है। एयर पोर्ट की तर्ज पर स्टेशन भवन प्रवेश पोर्च, व्यवस्थित प्रवेश व निकासी द्वार के साथ स्टेशन में प्रवेश एवं निकास के मार्ग को अलग-अलग किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को भीड़भाड़ का सामना नहीं करना पड़ेगा। 5225 वर्गमीटर का सुव्यवस्थित पार्किंग एरिया दोपहिया एवं चारपहिया गाड़ियों के लिए डेवलप किया जा रहा है। 1265 वर्गमीटर का गार्डन विकसित कर सौंदर्यीकरण एवं डिजाइनर साइनेजेस तथा स्थानीय कला-संस्कृति की चित्रकारी से स्टेशन को आकर्षक बनाया जा रहा है। स्टेशन परिसर में बेहतर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए एक मौजूदा हाइमास्ट लाइट की शिफ्टिंग के साथ 02 नये हाइमास्ट लाइट लगाए जा रहे है। यात्रियों को आसानी से प्लेटफार्म तक पहुँच सुविधा हेतु मौजूदा 2 फुटओवर ब्रिज के अतिरिक्त 12 मीटर चौड़ाई वाले एक फुटओवर ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। प्लेटफार्म की फ्लोरिंग व स्टेशन पर मौजूदा 10 प्लेटफार्म शेल्टर के अतिरिक्त 06 नये प्लेटफार्म शेल्टर का निर्माण किया जा रहा है। प्लेटफार्म में अतिरिक्त शौचालय का निर्माण, प्रतीक्षालय का नवीनीकरण, महिलाओं, वरिष्ठजनों व दिव्यांगजनों के अनुकूल दीर्घकालिक सुविधाओं के साथ-साथ सुरक्षा के मद्देनजर सीसीटीवी लगाए जा रहे है। इसके साथ ही साथ उसलापुर रेलवे स्टेशन परिसर में यात्रियों को उच्चस्तरीय खानपान की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु 2685 वर्गफीट जगह में कोच रेस्टोरेन्ट स्थापित किया जा रहा है। ये सभी कार्य योजनाबद्ध तरीके से किए जा रहे है और वर्तमान में अब तक 60 प्रतिशत कार्य पूरे किए जा चुके है तथा शेष कार्य प्रगति पर है।अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत उसलापुर स्टेशन पर किए जा रहे पुनर्विकास कार्यों से यात्रियों के लिये आरामदायक व सुलभ यात्रा के साथ ही साथ उन्हें नया यात्रा अनुभव प्राप्त होगा तथा संस्कृति, पर्यटन और व्यापार में भी व्यापक विस्तार होगा। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे यात्री सुविधा एवं विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा भविष्य में भी उन्नत और आधुनिक यात्री सुविधा के कार्य जारी रहेंगे।
- -तीर्थ यात्रियों को सांसद विजय बघेल ने हरी झण्डी दिखाकर दुर्ग रेल्वे स्टेशन से किया रवानादुर्ग / राज्य सरकार की श्री रामलला दर्शन योजना के तहत राम भक्तों का जत्था लगातार अयोध्या धाम पहुंच रहा है। कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के मार्गदर्शन में समाज कल्याण विभाग के उप संचालक श्री अमित परिहार के द्वारा श्रद्धालुओं को यात्रा में सुविधा हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं की गई। दुर्ग संभाग और बस्तर संभाग के 822 श्रद्धालुओं को आज दुर्ग स्टेशन से श्री रामलला दर्शन अयोध्या धाम की यात्रा के लिए रवाना किया गया। रामलला दर्शन पश्चात् तीर्थयात्रियों का दल 25 अगस्त 2024 को मध्य रात्रि स्पेशल ट्रेन से ही दुर्ग वापस पहुंचेगा। तीर्थ यात्रा में दुर्ग जिले के 180 श्रद्धालु शामिल है। सांसद श्री विजय बघेल, विधायक दुर्ग शहर श्री गजेन्द्र यादव एवं कमिश्नर श्री सत्यनारायण राठौर ने दुर्ग रेल्वे स्टेशन से दोपहर एक बजे ट्रेन को हरी झण्डी दिखाकर अयोध्या धाम के लिए रवाना किया। राम भक्तों को फूल माला पहनाकर दुर्ग स्टेशन से रवाना किया गया। श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान भोजन तथा अयोध्या में रूकने एवं अन्य सभी प्रकार से बेहतर व्यवस्था की गई है, ताकि सभी श्रद्धालुगण खुशी-खुशी दर्शन कर सके। वही सभी तीर्थ यात्रियों ने श्री रामलला दर्शन योजना की प्रशंसा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हर वर्ग के लोगों को इसका लाभ मिल रहा है।दुर्ग जिले के रिसाली सेक्टर में रहने वाली श्रीमती श्री ललिता देवी ने कहा कि वह पहली बार रामलला के दर्शन को जा रही हैं। यह उनके लिए सौभाग्य की बात हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का धन्यवाद कर श्री रामलला दर्शन योजना के लिए उनकी सराहना की। इसी प्रकार बोरसी निवासी श्री घनश्याम दास साहू ने भी अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि योजना के माध्यम से श्री रामलला दर्शन की यात्रा के दौरान प्रदेश के अलग अलग स्थानों से आए हुए श्रद्धालुओं को एक साथ एक ही ट्रेन से सफर कर रहे है। इससे उन्हे भी नए-नए लोगों से मिलने का अवसर मिला है। जो कि सामाजिक दृष्टिकोण से समाजिक एकता के लिए एक अच्छी पहल है। विधायक दुर्ग शहर श्री गजेंद्र यादव ने अपने मोबाईल से गौरमाटी, बोड़ला, पंडरिया एवं कवर्धा के रामलला दर्शणार्थियों की उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा से बात कराई। दर्शनार्थियों ने शासन को धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर एडीएम श्री अरविंद एक्का, जिला पंचायत सीईओ श्री अश्वनी देवांगन, एसडीएम श्री हरवंश सिंह मिरी, डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम धु्रव, तहसीलदार श्रीमती क्षमा यदु एवं श्रीमती ज्योत्सना कलियारी सहित पर्यटन एवं रेलवे के अधिकारी उपस्थित थे।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्रांतर्गत शासन की महत्वकांक्षी मोर मकान-मोर आस आवास योजना हेतु नागरिको से फार्म जमा कराया जा रहा है। भिलाई शहर में निवासरत नागरिक जिनके पास रहने के लिए स्वयं का मकान नहीं है या जो नागरिक किराये में निवास करते है। उनके लिए आवास योजना के तहत मकान पाने का यह सुनहरा अवसर है।आयुक्त देवेश कुमार ध्रुव के निर्देश पर वरिष्ठ नागरिकजन एवं दिव्यांगजन हेतु चतुर्थ चरण में भूतल के आवासो का लाॅटरी पद्वति से आवास आबंटन किये जाने हेतु आवेदन विक्रय किया जा रहा है जिस हेतु सक्षम अभिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र की सत्यापित प्रति एवम आधार कार्ड आवेदन प्राप्त करते समय आवश्यक है आवास स्थल सूर्या विहार के पीछे खम्हरिया 49 मकान, अविनाश मेट्रोपाॅलिश कोहका 02 मकान, कृष्णा इंजी. काॅलेज के पीछे खम्हरिया 56 मकान, आम्रपाली बिल्डर्स कुरूद 32 मकान, स्वप्निल बिल्डर्स कुरूद 12 मकान, माइल स्टोन स्कूल के पास खम्हरिया 109 मकान, ग्रीन वेली खम्हरिया 09 मकान, सूर्या विहार के पीछे खम्हरिया 63 मकान, एनार स्टेट खम्हरिया 17 मकान इस प्रकार कुल 349 निर्मित/निर्माणाधीन आवास का आबंटन किया जाना है।भिलाई शहर के नागरिक अपना आधार कार्ड की छायाप्रति एवम सक्षम अधिकारी द्वारा प्रमाणित प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर तथा 100 रूपये का नगद भुगतान कर आवेदन 30 अगस्त से प्राप्त कर सकते है। पात्रता संबंधी दस्तावेज संलग्न कर कार्यालयीन अवधि में प्रतिदिन शाम 4ः00 बजे तक आवेदन जमा लिया जायेगा। नगर निगम भिलाई के मुख्य कार्यालय में प्रधानमंत्री आवास योजना कक्ष क्रमांक 16 योजना शाखा के कांउटर में 30 सितम्बर तक आवेदन जमा करना अनिवार्य है।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्रांतर्गत 07 संपत्तिकर दाताओ द्वारा संपत्तिकर की राशि चेक द्वारा जमा किया गया जो बाउंस हो गया है। खाते में पैसा नहीं है उन्होंने चक दे दिया है। कार्यालय अवधि में 3 दिन के अंदर पैसा जमा करें नहीं तो उनके विरुद्ध नगर निगम अधिनियम के अंतर्गत प्राथमिक दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। संपत्तिकर की राशि जमा करने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है। संपत्तिकरदाता नगद एवं ऑनलाइन के माध्यम से जमा करके रसीद प्रस्तुत करें।आयुक्त देवेश कुमार ध्रुव ने कहा है कि निगम क्षेत्र में संपत्तिकरदाता जो संपत्तिकर की राशि जमा नहीं किये है। जल्द से जल्द अपनी संपत्तिकर की राशि निगम कोष में जमा करने की अपील की है। 07 संपत्तिकर दाताओ द्वारा संपत्तिकर की राशि जमा नहीं की गई है। उनका नाम इस प्रकार है विजय प्रकाश सेंट्रल एवन्यू स्मृति नगर भिलाई से 5,00,000.00 लाख, सुमित्रा देवी स्मृति नगर जुनवानी से 34,063.00 हजार, मनजीत सिंह बग्गा कान्ट्रेक्टर कालोनी सुपेला भिलाई से 3,45,534.00 लाख, श्रीश्याम चरण पाण्डेय जुनवानी रोड पुष्पक नगर से 3,25,745.00 लाख, गुरूदास सिंह शांति नगर भिलाई से 7,538.00 हजार, अनिल कुमार गुप्ता श्रमिक नगर छावनी से 1,20,864.00 लाख एवं गोपाल लाल घलोत कोहका भिलाई से 2,53,532.00 लाख रूपये जमा कराया जाना है।
- - कलेक्टरों को प्रकरणों पर समय-सीमा निर्धारित कर कार्रवाई के निर्देश-संभागायुक्त ने वीडियो काफ्रेंसिंग के माध्यम से की संभागस्तरीय कलेक्टर्स कांफ्रेंसरायपुर । रायपुर संभाग में शामिल सभी पांच जिलों में अनुकंपा नियुक्ति के लिए मिले 42 आवेदनों पर जल्द ही कार्रवाई पूरी होकर प्रभावितों को सरकारी नौकरी मिलने का रास्ता खुल गया है। संभागायुक्त श्री महादेव कावरे ने संभाग के पांचों कलेक्टरों को इन प्रकरणों पर जल्द से जल्द कार्रवाई कर योग्य उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र जारी करने के निर्देश दिए है। श्री कावरे ने यह निर्देश वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संभाग स्तरीय कलेक्टर्स कांफ्रेंस में दिए। उन्होंने धमतरी, बलौदाबाजार, महासमुंद जिले के कलेक्टरों को उनके जिलों में लंबित 18 अनुकंपा नियुक्ति आवेदनों पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा। रायपुर जिले में लंबित 24 आवेदनों के निराकरण के लिए संभागायुक्त ने सक्षम अधिकारी की अध्यक्षता में तत्काल समिति गठित कर कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए। बैठक में श्री कावरे ने सरकारी दफतरों में समय पर अधिकारी-कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश भी कलेक्टरों को दिए। श्री कावरे ने कहा कि निर्धारित समय पर कर्मचारी शासकीय कार्यालय में पहुंचे। साथ ही कार्यालय भी निर्धारित समय में खुलें। उन्होंने सभी कार्यालय में अधिकारी व कर्मचारियों के नाम की पट्टिकाएं लगाने को भी कहा। कलेक्टर कांफ्रेंस में संभाग के पांचों जिलों के कलेक्टर, जिला पंचायत के सीईओ और अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।कलेक्टर्स कांफ्रेंस में श्री कावरे ने ग्रामीण क्षेत्रों में साॅलिड और लिक्विड कचरे के निष्पादन के बारे में विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कचरे को अलग-अलग करने के लिए ग्राम पंचायतों में बने मंणीकंचन केंद्र या शेड निर्माण की समीक्षा की तथा शेष ग्राम पंचायतों में भी जल्द से जल्द ऐसी व्यवस्था करने के निर्देश दिए। श्री कावरे ने घर-घर से कचरा इकट्ठा करने के लिए ट्राइसायकिल, ई-रिक्शा सहित स्वच्छता दीदियों के लिए दस्ताने, डब्बे आदि व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित करने को कहा। संभागायुक्त ने राष्ट्रीय राजमार्गाें के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान बटाकंन से होने वाली समस्याओं के निराकरण के लिए सभी जिला कलेक्टरों से सुझाव भी मांगे। उन्होंने राजस्व रिकाॅर्डाें में त्रुटि सुधार करने के लिए शिविर आयोजित करने, गलती सुधारने के बाद साथ-साथ नक्शा मिलान करने और रिकाॅर्ड अपडेट करने के भी निर्देश अधिकारियों को दिए। बैठक में संभागायुक्त ने जीरो पाॅवरटी अभियान, एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत वृक्षारोपण, श्रमिकों के राशन कार्ड बनाने सहित जल जीवन मिशन के तहत संभाग में हो रहे कार्याें की भी विस्तृत समीक्षा की और जरूरी निर्देश दिए।
- रायपुर / वाणिज्य, उद्योग, श्रम और खैरागढ़, छुईखदान, गंडई जिले के प्रभारी मंत्री श्री लखनलाल देवांगन 23 अगस्त को एक दिवसीय खैरागढ़ जिले के दौरे पर रहेंगे। वे सुबह 11 बजे कार द्वारा रायपुर से खैरागढ़ जिले के लिए प्रस्थान करेंगे। दोपहर 01 बजे खैरागढ़ जिले के कार्यकर्ताओं एवं जनप्रतिनिधियों के साथ चर्चा करेंगे, तत्पश्चात् श्री देवांगन अपरान्ह 3.05 बजे कलेक्टर सभागृह में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक लेंगे। इसके बाद शाम 4.30 बजे खैरागढ़ से रायपुर के लिए रवाना होंगे।
- रायपुर /राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 820.3 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से 22 अगस्त 2024 सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1740.2 मिमी और सरगुजा जिले में सबसे कम 456.5 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। जबकि प्रदेश की औसत वार्षिक वर्षा 1236 मिलीमीटर है।
- -मांग का 90 प्रतिशत बीज का हो चुका है वितरणरायपुर / प्रदेश के किसानों को चालू खरीफ सीजन में विभिन्न फसलों की बोनी के लिए सरकारी समितियों एवं निजी क्षेत्र के माध्यम से सुगमता के साथ प्रमाणित बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अब तक किसानों को विभिन्न खरीफ फसलों के 8 लाख 83 हजार क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण किए गए हैं, जो कि राज्य में बीज की मांग का 90 प्रतिशत है। गौरतलब है कि राज्य में खरीफ की विभिन्न फसलों के प्रमाणित बीज की कुल मांग 9 लाख 78 हजार क्विंटल है, इसके विरूद्ध 9 लाख 31 हजार क्विंटल प्रमाणित बीज भण्डारण किया जा चुका है। किसानों को अब तक 8.83 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया गया है, जो मांग का 90 प्रतिशत है।
- -अब तक 12 लाख मीट्रिक टन खाद का हो चुका वितरणरायपुर / प्रदेश में चालू खरीफ सीजन के लिए किसानों को विभिन्न प्रकार के रासायनिक उर्वरकों का वितरण जारी है। 21 अगस्त 2024 की स्थिति में किसानों को लगभग 12 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किया जा चुका हैं, जो लक्ष्य का 88 प्रतिशत है। वितरित किए गए उर्वरकों में 5 लाख 81 हजार 342 मीट्रिक टन यूरिया, 2 लाख 62 हजार 207 मीट्रिक टन डीएपी, 1 लाख 51 हजार 259 मीट्रिक टन एनपीके, 50 हजार 431 मीट्रिक टन पोटाश तथा एक लाख 52 हजार 664 मीट्रिक टन सुपर फास्फेट का वितरण शामिल है।चालू खरीफ सीजन के लिए राज्य में सहकारिता एवं निजी क्षेत्र के माध्यमों से किसानों को 13 लाख 68 हजार मीट्रिक टन खाद वितरण का लक्ष्य निर्धारित है, जिसके विरूद्ध अब तक 15.24 लाख मीट्रिक टन का भण्डारण करा लिया गया है। भण्डारण के विरूद्ध लगभग 12 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किसानों को किया जा चुका है। किसानों को सुगमता पूर्वक खाद का वितरण सोसायटी और निजी विक्रेताओं द्वारा किया जा रहा है। किसानों को किसी प्रकार से परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा खाद-बीज वितरण पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
- - अब तक 12 लाख मीट्रिक टन खाद और 8.83 लाख क्विंटल बीज का हो चुका वितरण-लक्ष्य का 95 प्रतिशत बोनी पूर्ण-अब तक 820.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्जरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर प्रदेश के किसानों को उनकी मांग के अनुरूप सुगमता के साथ प्रमाणित खाद-बीज का वितरण किया जा रहा है। कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा इन पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। प्रदेश के किसानों को अब तक लगभग 12 लाख मीट्रिक टन खाद जो लक्ष्य का 88 प्रतिशत वितरित हो चुका है। इसी प्रकार किसानों को 8.83 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया जा चुका है, जो लक्ष्य का 90 प्रतिशत है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में मानसून के साथ शुरू हुए खेती-किसानी में बोनी का रकबा भी निरंतर बढ़ते जा रहा है। प्रदेश में मानसून की काफी अच्छी स्थिति है। राज्य में अब तक 46.35 लाख हेक्टेयर क्षेत्र याने 95 प्रतिशत क्षेत्र में विभिन्न फसलों की बोनी हो चुकी है। राज्य सरकार द्वारा इस खरीफ सीजन में 48.63 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों की बोनी का लक्ष्य रखा गया है।
- रायपुर । राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने 166 अधिकारियों और कर्मचारियों की नवीन पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। विभाग द्वारा मंत्रालय से इस संबंध में चार अलग-अलग आदेश जारी किए गए हैं। स्थानांतरित अधिकारियों में मुख्य नगर पालिका अधिकारी से लेकर मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता, उप अभियंता, मुख्य स्वच्छता निरीक्षक, वरिष्ठ स्वच्छता निरीक्षक, स्वच्छता निरीक्षक, राजस्व निरीक्षक, राजस्व उप निरीक्षक, सहायक राजस्व निरीक्षक, लेखापाल, सहायक ग्रेड-2, कैशियर, सफाई दरोगा, वाहन चालक, पंप अटेंडेंट और सफाई कामगार शामिल हैं।


--------------- -
कोरबा. जिले में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 20 मवेशियों की मृत्यु हो गई। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में कोरबा विकासखंड के केराकछार गांव में मंगलवार को आकाशीय बिजली की चपेट में आने से नौ गायों, सात बैलों और चार बछड़ों की मृत्यु हो गई। उन्होंने बताया कि मंगलवार को जंगल में जब चरवाहे और मवेशी थे तब दोपहर वहां अचानक तेज बारिश होने लगी एवं इस दौरान वहां आकाशीय बिजली गिरने से इन मवेशियों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि कुछ ही दूरी पर दो चरवाहे भी मौजूद थे, जो इस घटना में बाल-बाल बच गए। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी तब पुलिस दल को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। बाद में पुलिस दल ने पशु चिकित्सा विभाग को इसकी जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि आज पुलिस और राजस्व विभाग की मौजूदगी में पशु चिकित्सा विभाग ने मृत पशुओं का पोस्टमार्टम किया। मृत पशुओं के मालिकों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।
- रायपुर / विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा से ताल्लुक रखने वाली छतकुंवर की पहचान अब शिक्षिका के रूप में होगी। छत्तीसगढ़ के संवेदनशील मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन कोरबा द्वारा छतकुंवर को सहायक शिक्षक के रूप में नौकरी दे दी गई है। विशेष पिछड़ी जनजाति की होने के बावजूद छतकुंवर ने पोस्ट ग्रेजुएशन तक शिक्षा हासिल करने के साथ कम्प्यूटर में डिप्लोमा भी की है। छतकुंवर के उच्च शिक्षा हासिल करने के पीछे तत्कालीन कलेक्टर श्री पी. दयानंद की विशेष प्रेरणा रही है।कोरबा में कलेक्टर रहने के दौरान श्री पी. दयानंद एक बार दौरे में कोरबा ब्लॉक के आंछीमार गांव पहुंचे थे। इस दौरान गांव में सबसे ज्यादा पढ़ी-लिखी पहाड़ी कोरवा जनजाति की छात्रा छतकुंवर से मुलाकात हुई थी। कलेक्टर ने छतकुंवर को उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा था कि उसे नौकरी हासिल करने के लिए आगे की पढ़ाई पूरी करनी होगी।पोस्ट ग्रेजुएट छतकुंवर आज सहायक शिक्षिका के रूप में करतला ब्लॉक के शासकीय माध्यमिक शाला नोनबिर्रा में अपने दायित्वों का बखूबी निर्वहन कर रही है। विषम परिस्थिति में एक गरीब परिवार में पली-बढ़ी वह कहती है कि उन्हें खुशी है कि तत्कालीन कलेक्टर श्री पी. दयानंद ने उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित किया था। उनकी प्रेरणा का ही परिणाम है कि वह पोस्ट ग्रेजुएट तक शिक्षा हासिल कर शिक्षक बन गई हैं।छतकुवंर का कहना है कि पहाड़ी कोरवा समाज अभी भी बहुत पिछड़ा हुआ है। समाज के कुछ लोग ही शिक्षा हासिल कर पाये हैं। उन्हें नौकरी दिए जाने से जो पिछड़े हुए हैं उन्हें भी प्रेरणा मिल रही है। वे लोग भी पढ़ाई करने स्कूल जा रहे हैं। छतकुंवर चाहती है कि अन्य समाज की तरह उनके समाज के सभी लोग शिक्षा से जुड़ पाएं और एक सामान्य जीवनयापन कर सकें। छतकुंवर ने उन्हें और उनके समाज के बेरोजगारों को नौकरी से जोड़ने आर्थिक रूप से सक्षम बनाकर विकास से जोड़ने के लिए शासन-प्रशासन को धन्यवाद दिया और बताया कि नौकरी मिलने के बाद घर की आर्थिक हालात तेजी से बदल रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहाड़ी कोरवा समाज के अनेक घरों में आज भी जीवनयापन सामान्य नहीं है। गरीबी की वजह से ही वे पीछे हैं। उनका कहना है कि उन्होंने शिक्षा से नाता जोड़ लिया, आज इसी का परिणाम है कि जिला प्रशासन ने उन्हें नौकरी देकर बहुत पिछड़े हुए समाज को अन्य समाज के साथ मुख्यधारा में लाने और बेहतर भविष्य बनाने की दिशा में कदम उठाया है।छतकुंवर बताती है कि उनके समाज में युवा ज्यादा पढ़ाई नहीं किये थे, इसलिए आठवीं पास सजातीय युवक से विवाह हो गया। इस बीच उन्हें 12वीं तक पढ़ाने में मदद की। अभी उनके पति की नौकरी भी भृत्य के पद पर लग गई है और परिवार खुश है।
- रायपुर / जनसंपर्क विभाग द्वारा स्थानीय टाउन हॉल में लगाई गई राज्य सरकार की उपलब्धियों एवं स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले छत्तीसगढ़ के महान वीर क्रांतिकारियों के जीवनवृत्त पर आधारित इस छायाचित्र प्रदर्शनी को विद्यार्थियों, युवाओं सहित सभी वर्ग के लोगों ने सराहा। आज 15 अगस्त से 21 अगस्त लगाई गई इस प्रदर्शनी का समापन हुआ। प्रदर्शनी स्थल पर युवाओं के लिए क्विज प्रतियोगिता भी आयोजित की गई है।राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित टाउन हॉल में आज इस प्रदर्शनी को देखने के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्कूली विद्यार्थी, युवाओं और विभिन्न वर्ग के लोग आए। इस प्रदर्शनी में राज्य सरकार की उपलब्धियों एवं देश के स्वतंत्रता आंदोलन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले छत्तीसगढ़ के महान क्रांतिकारियों की स्मृतियों को बड़े ही आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया था। यह प्रदर्शनी स्कूली विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले प्रतिभागियों के लिए ज्ञानवर्धक रही।प्रतिदिन यहां प्रदर्शनी देखने के लिए आने वाले स्कूली विद्यार्थियों के मध्य क्विज प्रतियोगिता एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें विजयी प्रतिभागियों को तत्काल मिलने वाले पुरस्कार से प्रदर्शनी को लेकर स्कूली विद्यार्थियों और युवाओं में उत्सुकता रही। क्विज प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के इतिहास, भूगोल, पुरातत्व पर्यटन, संस्कृति, लोक कला, खेती-किसानी सहित अन्य विषय पर आधारित प्रश्न पूछे गए और सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया।प्रदर्शनी के अंतिम दिन महाविद्यालयों की छात्राओं ने प्रदर्शनी का आनंद उठाया और प्रदर्शनी की सराहना की। छात्रा सुश्री अनु पाण्डेय और सुश्री सुधा कुर्रे ने प्रदर्शनी के बारे में कहा कि यहां आजादी के लिये किए गए सभी संघर्षों और छत्तीसगढ़ के वीर क्रांतिकारियों के बारे में रोचक जानकारी दी गई है। इसी तरह गोबरा नवापारा निवासी श्री हेमलाल यादव ने बताया कि जनसंपर्क विभाग ने बहुत ही अच्छा आयोजन किया है, इस प्रकार की प्रदर्शनी समय-समय पर लगनी चाहिए जिससे आम नागरिकों में जागरूकता बढ़ेगी।उल्लेखनीय है कि इस प्रदर्शनी का शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विगत 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर किया था। सात दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी में आजादी की लड़ाई में छत्तीसगढ़ के क्रांतिकारियों का योगदान और उनके महत्वपूर्ण दस्तावेज, स्वतंत्रता आन्दोलन के दौरान उनकी जीवन यात्रा, जंगल सत्याग्रह, भारत छोड़ो आन्दोलन एवं स्वतन्त्रता आंदोलन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में उनके योगदानों को प्रदर्शित किया गया। इसके अलावा राज्य सरकार द्वारा संचालित की जा रही मुख्य योजनाओं जैसे महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, रामलला दर्शन योजना, कृषक उन्नति योजना, महिला सशक्तीकरण, पीएम जनमन योजना, मुख्यमंत्री जनदर्शन आदि योजनाओं को प्रमुख रूप से शामिल किया गया। प्रदर्शनी स्थल पर प्रदेश सरकार की उपलब्धियों पर आधारित डाक्यूमेंट्री फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनी में आगंतुको को छत्तीसगढ़ राज्य शासन के लोक कल्याणकारी योजनाओं पर आधारित विभिन्न पुस्तकों का भी वितरण निःशुल्क किया गया।
- -स्कूल और महाविद्यालय के बच्चों ने प्रदर्शनी की सराहना की-आजादी की 77वीं वर्षगांठ पर जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित छायाचित्र प्रदर्शनी का लोगो ने किया अवलोकनरायपुर / राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित टाउन हॉल में जनसंपर्क विभाग द्वारा आजादी की 77 वीं वर्षगांठ पर आयोजित छायाचित्र प्रदर्शनी का आमजन,स्कूल तथा महाविद्यालयीन छात्र के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं ने अवलोकन किया। महेंद्र साहू,सुरेश कुमार दिवान,खेमलाल यादव,सुधा कुर्रे,इंद्राणी कुर्रे ने कहा कि प्रदर्शनी के माध्यम से आम लोगो के लिए सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी होने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के महान वीर सपूतों के बारे में भी जानकारी हुई। निजी संस्थान में कार्यरत श्री महावीर कौशिक ने कहा कि प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ से जुड़ी रोचक जानकारी लोगो को आकर्षित कर रही है। छत्तीसगढ़ की संस्कृति के बारे में जानकारी से लोगों को अवगत कराया जा रहा है। इसी तरह रायपुर पी.जी.उमाठे उत्कृष्ट अंग्रेजी स्कूल से आये कुणाल साहू,कान्हा बर्मन,टिकेश्वर साहू,चरण यादव,लक्की नायक आदि बच्चों ने कहा कि प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता आंदोलनकारियों और शासकीय योजनाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई है। इस जानकारी से ज्ञान में वृध्दि हुई है।इस प्रदर्शनी में देश के स्वतंत्रता आंदोलन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले छत्तीसगढ़ के महान क्रांतिकारियों की स्मृतियों को सुसज्जित ढंग से प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी में आजादी की लड़ाई में छत्तीसगढ़ के क्रांतिकारियों का योगदान और उनके महत्वपूर्ण दस्तावेज, स्वतंत्रता आन्दोलन के दौरान उनकी जीवन यात्रा, जंगल सत्याग्रह, भारत छोड़ो आन्दोलन एवं स्वतन्त्रता आंदोलन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में उनके योगदानों को प्रदर्शित किया गया है। प्रदेश सरकार की उपलब्धियों पर आधारित डाक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन भी प्रदर्शनी स्थल पर किया जा रहा हैं।
- -भोरमदेव महोत्सव से पहले वर्तमान में चल रहे निर्माण कार्य पूर्ण कराये-उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा-श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं को बढ़ाने और मंदिर परिसर के विकास के विभिन्न प्रस्तावों पर की गई चर्चारायपुर ।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज अपने निवास कार्यालय में संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग तथा कबीरधाम जिले से आये गणमान्य नागरिकों एवं पुजारी के साथ भोरमदेव मंदिर के जीर्णोद्धार के संबंध में बैठक ली। बैठक में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं को बढ़ाने और मंदिर परिसर के विकास के विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा की गई। बैठक में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि बरसात के दिनों में पानी रिसाव की समस्या को तत्काल दूर करे। उन्होंने संस्कृति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि मंदिर के इतिहास से संबंधित वीडियो डॉक्यूमेंटेशन बनाये ताकि श्रद्धालु मंदिर के इतिहास से परिचित हो सके। उन्होंने थ्री डी डिजाइन और लिडार सर्वे करवाने के निर्देश भी दिए। साथ ही भोरमदेव महोत्सव से पहले वर्तमान में चल रहे निर्माण कार्य और ट्रीटमेंट को पूरा करने के निर्देश दिए।बैठक में संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य, सहायक अभियंता श्री चेतन मनहरे, उप अभियंता श्री दिलीप साहू, कबीरधाम क्षेत्र के श्री आदित्य श्रीवास, अजय चंद्रवंशी, आशीष पाठक, अमित वर्मा, दुर्गेश दुबे एवं खोरु सिंह उपस्थित थे।बैठक में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं को बढ़ाने और मंदिर परिसर के विकास के विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा की गई।श्रद्धालुओं के लिए शेड का निर्माण, चौकीदार क्वाटर को मंदिर के पास से अन्यत्र शिफ्ट करने तथा मंदिर के पीछे वीआईपी रूम बनाने चर्चा की गई। इसके अलावा मंदिर के पीछे और वीआईपी रूम के बीच की दीवाल को हटाकर ग्रील और गेट लगाने, भैरव मंदिर, चामुंडा माता मंदिर और हनुमान मंदिर आदि के पारंपरिक स्वरूप बरकरार रखने जे निर्देश दिए। इसके अलावा आवश्यकता होने पर वन विभाग के माध्यम से पेड़ों की रखरखाव के भी निर्देश उन्होंने अधिकारियों को दिए ।मंदिर के बाहरी हिस्से के सौंदर्यीकरण के लिए पर्यटन विभाग के अंतर्गत प्रसाद योजना के तहत प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए। इसके अंतर्गत रोड का चौड़ीकरण, मेन गेट के बाहर पार्किंग की व्यवस्था, ई-रिक्शा का संचालन, तालाब का सौंदर्यीकरण, बाउंड्रीवाल के चारों ओर शिव कथाओं से संबंधित भित्ति चित्र बनवाने का प्रस्ताव भेजा जाएगा।बैठक में भोरमदेव मंदिर से छेड़की महल-मड़वा महल तक पक्की सड़क के निर्माण करवाने, मंदिर परिसर में सोलर लाइट्स और सीसीटीवी कैमरे लगाने, साथ ही मंदिर परिसर के ड्रेनेज सिस्टम में सुधार और फ्लोरिंग की जगह सेंड स्टोन लगाने के लिये चर्चा की गई।क्योंकि यह क्षेत्र पुरातत्व विभाग के अंतर्गत आता है इसलिए सभी कार्य पुरातत्व विभाग की अनुमति से ही किए जाएंगे।
- रायपुर / वाणिज्य, उद्योग, श्रम और कोण्डागांव जिले के प्रभारी मंत्री श्री लखनलाल देवांगन 22 अगस्त को एक दिवसीय कोण्डागांव जिले के दौरे पर रहेंगे। वे सुबह 10.30 बजे कार द्वारा रायपुर से कोण्डागांव जिले के लिए प्रस्थान करेंगे। दोपहर 2.30 बजे कोण्डागांव जिले के कार्यकर्ताओं एवं जनप्रतिनिधियों के साथ चर्चा करेंगे, तत्पश्चात् श्री देवांगन दोपहर 03.10 बजे कलेक्टर सभागृह में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक लेंगे। इसके बाद शाम 4.30 बजे कोण्डागांव से रायपुर के लिए रवाना होंगे।
- - रायपुर में स्थापित हुआ विद्या समीक्षा केंद्ररायपुर / छत्तीसगढ़ के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के प्रदर्शन पर नजर रखने के लिए राजधानी रायपुर में विद्या समीक्षा केंद्र स्थापित किया गया है। स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की दिशा में राज्य में एक और बड़ी पहल की गई है, जिसमें स्कूलों के साथ उनमें पढ़ने वाले प्रत्येक बच्चे के प्रदर्शन पर भी अब सीधी नजर रखी जाएगी। सॉफ्टवेयर एवं मोबाइल एप्प का विकास तथा कॉल सेंटर के माध्यम से मॉनिटरिंग आई.आई.टी. भिलाई के सहयोग से किया जा रहा है।स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं की ऑनलाईन मॉनिटरिंग एवं आंकड़ों के विश्लेषण करने के लिए रायपुर स्थित पेंशन बाड़ा में विद्या समीक्षा केन्द्र की स्थापना की गई है। इस केन्द्र के माध्यम से शासन की योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू एवं मॉनिटरिंग करने में आसानी होगी। स्कूल और उनमें पढ़ने वाले एक-एक बच्चों के प्रदर्शन का रीयल टाइम ब्यौरा मुहैया कराएगा।विद्या समीक्षा केंद्र की स्थापना से शासन की विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं से संबंधित जानकारी एवं सुविधाओं को विद्यार्थियों, पालकों एवं शिक्षकों तक आसानी से उपलब्ध हो सकेगी। शालाओं में मूलभूत संरचनाओं की उपलब्धता, मरम्मत, उपयोगिता आदि की सतत् मॉनिटरिंग की जायेगी ताकि विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए उचित एवं पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हो सके तथा बेहतर शिक्षा प्रदान की जा सके। इसके द्वारा शिक्षकों की पदस्थापना से सबंधित जानकारियों की भी मॉनिटरिंग की जा रही है।विद्या समीक्षा केन्द्र के अंतर्गत शिक्षकों का विवरण, यूडाइस डाटा, मध्यान्ह भोजन, शिक्षक प्रशिक्षण से सबंधित मॉनिटरिंग, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति, अधिकारियों के द्वारा शालाओं का निरीक्षण, विद्यार्थियों का मूल्यांकन आदि तथा केन्द्र सरकार से सबद्ध शैक्षिक योजनाओं की नियमित आनलाइन मानिटरिंग की जायेगी। योजनाओं की मॉनिटरिंग हेतु साफ्टवेयर एवं एप्प भी तैयार किया जा रहे हैं। योजनाओं की मॉनिटरिंग हेतु काल सेंटर स्थापित किया गया है। विद्यार्थियों, पालकों एवं शिक्षकों की शैक्षिक गतिविधियों से संबंधित समस्याओं का समाधान करने के लिये एक टोल-फ्री नम्बर भी जारी किया जायेगा।स्कूल में मूलभूत सुविधाएँ जैसे शाला भवन, शौचालय, विद्युत् व्यवस्था आदि उपलब्ध है अथवा नहीं है, के सबंध में एआई आधारित माड्यूल के उपयोग से जानकारी प्राप्त की जा रही है। प्राप्त जानकारियों की सूची के साथ की सहायता से स्कूलों का चिन्हांकन भी किया जा रहा है।एआई के उपयोग से ही बच्चों को दी जाने वाली मध्यान्ह भोजन की जानकारी प्राप्त की जा रही है। एआई के माध्यम से ही मध्यान्ह भोजन के अंतर्गत बच्चों को परोसी जानी वाली सामग्रियों की गुणवत्ता का विश्लेषण किया जायेगा जिससे बच्चों को पर्याप्त मात्रा में भोजन मिल रहा है कि नहीं इसकी जानकारी भी प्राप्त हो सकेगी। एआई (Artificial Intelligence) के उपयोग से शिक्षकों के डाटा के विश्लेषण की सुविधा भी विद्या समीक्षा केन्द्र के अंतर्गत तैयार की गई है। विषयवार शिक्षकों की जानकारी, अतिशेष शिक्षकों की जानकारी, एकल शिक्षकों की जानकारी भी प्राप्त की जा सकेगी। भविष्य में एआई के उपयोग से विद्यार्थियों के अकादमिक आंकलन/मूल्यांकन का विश्लेषण किया जायेगा जिससे कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष फोकस किया जा सकेगा। शाला में उपलब्ध सुविधाएँ, शिक्षकों की जानकारी तथा विद्यार्थियों के अकादमिक गतिविधियों के आंकड़े के आधार पर एआई आधारित विश्लेषण किया जायेगा। प्राप्त जानकारी एवं विभिन्न पैरामीटर के आधार पर शालाओं की रैंकिंग की जाएगी।ज्ञातव्य है कि एन.सी.ई.आर.टी. के द्वारा 12-13 अगस्त 2024 को नई दिल्ली में विद्या समीक्षा केंद्र के सम्बन्ध में कार्यशाला का आयोजन किया था जिसमें छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों के नोडल आफिसर शामिल हुये थे। उक्त कार्यशाला में विद्या समीक्षा केंद्र छत्तीसगढ़ द्वारा विकसित एआई-मॉड्यूल की जीवंत प्रस्तुतीकरण किया गया जिसकी भारत शासन, शिक्षा मंत्रालय द्वारा सराहना की गई। छत्तीसगढ़ के एआई-मॉड्यूल को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष कार्य करने तथा अन्य राज्यों के साथ साझा करने के सम्बन्ध में भारत शासन से ई-मेल प्राप्त हुआ है। शीघ्र ही एआई-मॉड्यूल को विकसित रूप भारत शासन, शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया जायेगा।
- रायपुर / छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के गठन से आज दिनांक तक ऐसे पंजीकृत श्रमिक जिनके पंजीयन की वैधता समाप्त हुए 01 वर्ष या उससे अधिक का समय हो चुका है तथा उनके द्वारा पंजीयन नवकरण हेतु आज दिनांक तक आवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है, ऐसे निर्माण श्रमिकों को 31 दिसंबर 2024 तक पंजीयन/नवकरण आवेदन कर सकते हैं तथा दिनांक 31 दिसंबर 2024 के पश्चात ऐसे अनवीनीकृत पंजीयन को अपंजीकृत माना जाएगा। अधिक जानकारी हेतु मुख्यमंत्री श्रमिक सहायता केंद्र 0771-3505050 में संपर्क कर सकते है।
- -दिव्यांग अशोक को ट्राई सायकल और अर्जुन को मिला श्रवण यंत्ररायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के गृह ग्राम बगिया में संचालित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के माध्यम से पीड़ितों एवं जरूरतमंदों की समस्याओं का त्वरित समाधान हो रहा है। आज मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय पहुंचे श्रवणबाधित श्री अर्जुन राम यादव को श्रवण यंत्र और दिव्यांग श्री अशोक दुबे को ट्राई सायकल प्रदान किया गया है। दोनों ने अपनी समस्या का तत्काल समाधान होने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया है।गौरतलब है कि श्री विष्णु देव साय की पहल पर उनके गृह ग्राम बगिया में आम लोगों की समस्याओं के सामाधान के लिए मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थापित किया गया है। अंचल के लोग बड़ी उम्मीद के साथ यहां पहुंच रहे हैं। कैंप कार्यालय में लोगों की समस्याओं को न केवल गंभीरतापूर्वक सुना जाता है, बल्कि उसका त्वरित समाधान भी किया जाता है।जशपुर जिले के ग्राम फरसाबहार, बरटोली निवासी 60 वर्षीय श्री अर्जुन राम यादव पिछले 40 सालों से दोनों कानों से सुनाई नहीं देने की समस्या से पीड़ित थे। इससे उन्हें अपने दैनिक जीवन में काफी परेशानी होती थी। अपनी इस समस्या को लेकर वे मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया पहुंचे। कैंप कार्यालय में उनकी समस्या को तत्काल संज्ञान लेते हुए श्रवण यंत्र प्रदान किया गया। श्रवण यंत्र मिलने से वे काफी प्रसन्न हैं उन्हें अब लोगों की बातें सुनाई देने लगी है।इसी तरह कुनकुरी निवासी 62 वर्षीय दिव्यांग श्री अशोक दुबे चलने-फिरने में असमर्थ थे। ट्राई सायकल की मांग को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री कैंप में आवेदन किया। कैंप कार्यालय द्वारा उन्हें ट्राई सायकल दे दी गई है। श्री दुबे ने ट्राई सायकल मिलने पर प्रसन्नता जताई और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद दिया।
- -नव-पदोन्नत और नव-नियुक्त न्यायाधीशों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभरायपुर / छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी द्वारा 21 अगस्त 2024 को नव-पदोन्नत जिला जज (प्रवेश स्तर) के ओरिएंटेशन ट्रेनिंग प्रोग्राम और नव-नियुक्त सिविल जज वर्ग- दो (प्रवेश स्तर) के इंडक्शन ट्रेनिंग प्रोग्राम का उद्घाटन समारोह सफलता पूर्वक आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम नव-नियुक्त और नव-पदोन्नत न्यायिक अधिकारियों को उनकी भूमिकाओं के लिए आवश्यक कौशल, ज्ञान और नैतिक आधार प्रदान करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है।उद्घाटन सत्र का प्रारंभ राष्ट्रगान और मुख्य अतिथि उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ के मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। अपने संबोधन में मुख्य न्यायाधीश ने न्यायाधीशों की भूमिका की महत्वपूर्णता पर जोर दिया, जो विधि का शासन बनाए रखने तथा सभी नागरिकों को न्याय प्राप्त हो सुनिश्चित करने के संबंध में निभाई जाती है। उन्होंने नव-पदोन्नत जिला जजों और नव-नियुक्त सिविल जजों को उनकी नवीन भूमिकाओं के लिए बधाई दी तथा न्यायपालिका में उनके पद के महत्व पर प्रकाश डाला। मुख्य न्यायाधिपति श्री सिन्हा ने यह भी बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम इस प्रकार तैयार किया गया है जिससे न्यायाधीशों को कानूनों को व्यावहारिक रूप से लागू करने के लिए आवश्यक कौशल और ज्ञान प्राप्त हो। उन्होंने ईमानदारी और निष्ठा को न्यायाधीशों के महत्वपूर्ण गुणों के रूप में बताया, जिसे किसी के द्वारा सिखाया नहीं जा सकता बल्कि वह व्यक्तित्व में समाहित होता है। न्यायाधीश की कार्यशैली पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए और ये गुण उनके आदेश और निर्णयों में भी परिलक्षित होने चाहिए। महिलाओं की न्यायपालिका में बढ़ती भागीदारी को देखते हुए मुख्य न्यायाधिपति ने विशेष रूप से महिला न्यायिक अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने व्यक्त किया कि न्यायपालिका में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी एक सकारात्मक और प्रगतिशील न्यायपालिका का सूचक है। यह तथ्य न्यायपालिका की समावेशिता, विविधता और लैंगिक समानता के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। मुख्य न्यायाधिपति ने प्रतिभागियों को तकनीकी दक्षता हासिल करने और कानून के लगातार बदलते पहलुओं के साथ चलने के लिए निरंतर शिक्षा की आवश्यकता पर भी जोर दिया।स्वागत और प्रारंभिक संबोधन में न्यायमूर्ति श्री संजय के. अग्रवाल ने न्यायाधीशों की नवीन भूमिकाओं के साथ जुड़े दायित्वों की गंभीरता पर बल दिया। उन्होंने नव-पदोन्नत और नव-नियुक्त न्यायाधीशों से हमेशा निष्पक्षता, ईमानदारी तथा सहानुभूति के साथ कर्तव्य निर्वहन करने पर जोर दिया। उनके द्वारा न्यायाधीशगण से यह भी अपेक्षा की गई कि वे निरंतर शिक्षा के मूल्यों को बनाये रखें। न्यायमूर्ति श्री संजय के. अग्रवाल ने न्यायिक आचरण के उच्चतम मानकों को बनाए रखने की आवश्यकता को उजागर किया और न्यायाधीशों को न्याय के सिद्धांतों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को अडिग बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। इस कार्यक्रम में उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ के न्यायमूर्ति श्री सचिन सिंह राजपूत, न्यायाधीश, न्यायमूर्ति श्री अरविंद कुमार वर्मा, न्यायाधीश उपस्थित थे। कार्यक्रम में सीएसजेए के निदेशक श्री सिराजुद्दीन कुरैशी द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।

.jpg)






.jpg)

.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)





.jpg)
.jpg)
.jpg)

.jpg)

.jpg)