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- -छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा स्वीकृति प्रदान की गईरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने राज्य के 33 हजार से अधिक निर्माणी श्रमिकों एवं उनके परिजनों को रक्षाबंधन पर्व के उपलक्ष्य में 14 करोड़ 47 लाख रूपए से अधिक सौगात दी है। यह राशि श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिजनों के कल्याण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत डीबीटी के माध्यम से प्रदान की जाएगी। श्रम मंत्री ने भी विभिन्न विभागीय योजनाओं के तहत श्रमिक परिवारों के हितग्राहियों के लिए 14 करोड़ 47 लाख 44 हजार 709 रूपए की स्वीकृति प्रदान की।यहां यह उल्लेखनीय है कि श्रम विभाग द्वारा निर्माणी श्रमिकों एवं उनके परिजनों के कल्याण के लिए मुख्यमंत्री श्रमिक सहायता योजना, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता, मिनीमाता महतारी जतन योजना, नोनी सशक्तिकरण योजना, निर्माण श्रमिकों के बच्चों को छात्रवृत्ति, गणवेश, पुस्तक, कॉपी, सहायता योजना, मुख्यमंत्री नोनी बाबू शिक्षा सहायता योजना, दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना, आवास सहायता योजना सहित अन्य योजनाओं के अंतर्गत सीधे लाभान्वित किए जाता है।श्रम विभाग अतंर्गत छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा निर्माण श्रमिकों हेतु संचालित विभिन्न योजनाएं जैसे- मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना के अंतर्गत 885 श्रमिकों को लाभान्वित किया गया है। इसी तरह नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत 9354, मुख्यमंत्री मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना 50, मिनीमाता महतारी जतन योजना 975, मुख्यमंत्री सियान सहायता योजना 71, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास योजना 114, नोनी बाबू मेधावी छात्र-छात्रा शिक्षा प्रोत्साहन योजना 36, एवं मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक के बच्चों हेतु निशुल्क गणवेश एवं पुस्तक कापी हेतु सहायता योजना के तहत् छात्र-छात्राएं 18028 अन्य योजनाओं में इस प्रकार कुल 33873 निर्माण श्रमिक एवं उनके बच्चों को योजनाओं के तहत् सीधे उनके खाता में ऑनलाईन के माध्यम राशि लाभान्वित हेतु राशि रूपये 14 करोड़ 47 रूपये स्वीकृत किया गया है।श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ भवन निर्माण एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल द्वारा विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत गरियाबंद जिले के लिए पात्र श्रमिकों की संख्या 17, स्वीकृत राशि 24 लाख रूपए, जिला धमतरी में श्रमिकों की संख्या 33, स्वीकृत राशि 04 करोड़ 84 लाख 29 हजार रूपए, जिला महासमुंद में श्रमिकों की संख्या 2767, स्वीकृत राशि 04 करोड़ 30 लाख 07 हजार रूपए, जिला मुंगेली में श्रमिकों की संख्या 276, स्वीकृत राशि 54 लाख 80 हजार रूपए, जिला कोरबा में श्रमिकों की संख्या 324, स्वीकृत राशि 71 लाख 05 हजार 25 रूपए, जिला रायगढ़ में श्रमिकों की संख्या 225, स्वीकृत राशि 44 लाख 86 हजार रूपए, जिला बस्तर में श्रमिकों की संख्या 22, स्वीकृत राशि 03 लाख 92 हजार 628 रूपए, जिला कोण्डागांव में श्रमिकों की संख्या 328, स्वीकृत राशि 29 लाख 68 हजार 500 रूपए, जिला कांकेर में श्रमिकों की संख्या 08, स्वीकृत राशि 08 लाख रूपए, जिला दंतेवाड़ा में श्रमिकों की संख्या 735, स्वीकृत राशि 01 करोड़ 12 लाख 61 हजार 500, जिला सरगुजा में श्रमिकों की संख्या 496, स्वीकृत राशि 99 लाख 20 हजार रूपए, जिला जशपुर में श्रमिकों की संख्या 28, स्वीकृत राशि 09 लाख 60 हजार रूपए, जिला दुर्ग में श्रमिकों की संख्या 340, स्वीकृत राशि 79 लाख 20 हजार, जिला राजनांदगांव श्रमिकों की संख्या 976, स्वीकृत राशि 01 करोड़ 83 लाख 25 हजार रूपए, जिला बालोद में श्रमिकों की संख्या 200, स्वीकृत राशि 40 लाख 80 हजार एवं जिला कबीरधाम में श्रमिकों की संख्या 1326, स्वीकृत राशि 01 करोड़ 59 लाख 10 हजार रूपए शामिल है।इस तरह कुल 33 हजार 873 श्रमिकों एवं उनके परिजनों को लाभान्वित करने के लिए 14.47 करोड़ रूपए की मंजूरी दे दी गई है। यह राशि छत्तीसगढ़ भवन निर्माण एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा स्वीकृत की गई है।
- -स्वास्थ्य के क्षेत्र में सहयोगी संगठनों के तकनीकी सहयोग को दिशा देने का काम करेगी पुस्तिकारायपुर । स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज अपने निवास कार्यालय में सीजी साथी (Chhattisgarh Strategic Alliance for Transforming Healthcare Initiatives) नामक पुस्तिका का विमोचन किया। यह पुस्तिका छत्तीसगढ़ शासन द्वारा राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं एवं संकेतकों को बेहतर करने के साथ योजनाओ और परियोजनाओं के बेहतर संचालन हेतु सहयोगी संगठनों के तकनीकी सहयोग को दिशा देने में मदद करेगी।यह राज्य मे अपनी तरह का पहला अभिनव पहल है, जिसके अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग और सहयोगी संस्थाओं को एक साझा मंच मिलेगा। इसके अन्तर्गत समयबद्ध चरणों में योजनाओं के क्रियान्वयन और नये योजनाओं पर विस्तारित रुप से चर्चा एवं समीक्षा की जायेगी। इस पहल से आपसी संवाद के माध्यम से स्वास्थ्य कार्यक्रम और विभिन्न संकेतकों का तत्वरित क्रियान्वयन किया जा सकेगा।स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस विषय पर अपनी बात रखते हुए कहा कि योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन और आखरी व्यक्ति तक पहुंचाना ही हमारा मुख्य उद्देश्य है। इसे पूरा करने के लिए CG SATHI एक बेहतरीन पहल है।इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग छत्तीसगढ़ और यूनिसेफ का विशेष सहयोग रहा है। विमोचन के अवसर पर राज्य से गैर-सरकारी संगठनों के नोडल कार्यक्रम अधिकारी डॉ. कमलेश जैन, यूनिसेफ के स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. गजेंद्र सिंह, विश्व स्वास्थ्य संगठन और अन्य सहयोगी संगठनों के राज्य प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
- -प्रकृति को सहेजने के इस महती आंदोलन का हिस्सा बनें आम नगारिक: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय-एक पेड़ महतारी के नाम रथ को हरी झण्डी दिखाकर किया रवाना-निजी एफ एम चैनल ने जन जागरण के लिए शुरू किया अभियानरायपुर। पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अभिनव पहल पर ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ का अनुसरण करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ में ‘‘एक पेड़ महतारी के नाम’’ महाअभियान की शुरूआत की। उन्होंने इस मौके पर आम नगारिकों से प्रकृति को सहेजने के इस महती आंदोलन का हिस्सा बनने की अपील की। मुख्यमंत्री ने एक पेड़ महतारी के नाम रथ को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में वाणिज्य उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल भी मौजूद थे।मुख्यमंत्री निवास परिसर में अभियान की शुरूआत करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने 94.3 माय एफ एम को बधाई देते हुए कहा कि वह इस अभिनव पहल को जन-जन तक पहुंचाने के लिए ‘‘एक पेड़ महतारी के नाम’’ अभियान की शुरूआत कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ महतारी को हरियर बनाने के लिए माय एफ एम की पहल के साथ राज्य के आमजनों को अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी इस अभियान से जुड़े और एक पेड़ जरूर लगाएं। हमारी मातृशक्ति देवियों की पुण्य भूमि दंतेवाड़ा, रतनपुर, डोंगरगढ़, चंद्रपुर तथा कुदरगढ़ में भी हम मातृशक्ति की वंदना करते हुए पेड़ लगाएंगे। आप सभी प्रकृति को सहेजने के इस महती आंदोलन का हिस्सा बनें। आप सभी का यह प्रयास मिल का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर स्कूली बच्चों को विभिन्न किस्मों के पौधों के बीज भी वितरित किए और उन्हें वृक्षारोपण के लिए प्रोत्साहित किया।
- नेशनल मिनिरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट की 6वीं गवर्निंग बॉडी मीटिंग में शामिल हुए छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्रीमुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रतिनिधि के तौर पर बैठक में उपस्थित रहे श्री श्याम बिहारी जायसवाललगभग 250 हेक्टेयर क्षेत्र में 10 से 2 हजार पीपीएम लीथियम कंटेन्ट की उपलब्धतारायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर उनके प्रतिनिधि के रूप में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित नेशनल मिनिरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट की 6ठवीं गवर्निंग बॉडी मीटिंग में शामिल हुए। बैठक में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी की अध्यक्षता में खनिजों का दोहन और उनके उपयोग के साथ प्रकृति एवं पर्यावरण के संरक्षण पर चर्चा हुई। बैठक में छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में स्थित कटघोरा क्षेत्र की भी चर्चा हुई। जिओलाजिकल सर्वे आफ इंडिया में कटघोरा के लगभग 250 हेक्टेयर क्षेत्र में लीथियम के बड़ा भंडार होने की पुष्टि हुई है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रतिनिधि के रूप में बैठक में उपस्थित रहने वाले राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जानकारी देते हुए कहा है कि कटघोरा में शीघ्र ही शुरू होने वाली लीथियम की खदान देश की पहली लीथियम खदान होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में लीथियम एक अहम धातु है जिससे राज्य और देश विकास की नई दिशा की तरफ अग्रसर होंगे। उन्होंने कहा कि लीथियम खदान के शुरु हो जाने से छत्तीसगढ़ आने वाले समय में देश के अग्रणी राज्यों में से एक होगा और विकसित भारत, 2047 के योगदान में छत्तीसगढ़ के लीथियम भंडार का बड़ा योगदान होगा।गौरतलब है कि भारत सरकार के खान मंत्रालय द्वारा छत्तीसगढ़ सहित बिहार, गुजरात, झारखण्ड, ओडिशा, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, जम्मू और कश्मीर में स्थित 20 क्रिटिकल एंड स्ट्रेटेजिक मिनरल ब्लॉक्स का ई-नीलामी के माध्यम से आबंटन हेतु एमएसटीसी पोर्टल में एनआईटी जारी किया गया है।इन 20 ब्लॉक्स में से छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में स्थित कटघोरा क्षेत्र में लिथियम एंड आरईई ब्लॉक भी शामिल है। लगभग 250 हेक्टेयर क्षेत्र में जीएसआई द्वारा प्रारंभिक सर्वे में लगभग 10 पीपीएम से 2 हजार पीपीएम लिथियम कन्टेन्ट पाया गया है। ब्लॉक में रेयर अर्थ एलिमेंट की भी उपस्थिति पाई गई है। क्रिटिकल एंड स्ट्रेटेजिक मिनरल्स की आवश्यकता रिन्यूवेबल एनर्जी, रक्षा, कृषि, फार्मास्युटिकल, उच्च-तकनीकी इलेक्ट्रानिक्स, दूरसंचार, परिवहन आदि में होती है। इस खनिज के मामलों में वर्तमान में देश आयात पर निर्भर है।
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रायपुर । सम्पूर्ण नगर पालिक निगम रायपुर के परिक्षेत्र में राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर 15 अगस्त 2024 गुरूवार को मांस - मटन का विक्रय पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा। इस सम्बन्ध में छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आदेश के परिपालन में रायपुर नगर पालिक निगम के स्वास्थ्य विभाग की ओर से राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर 15 अगस्त 2024 गुरूवार को रायपुर नगर पालिक निगम के सम्पूर्ण परिक्षेत्र में स्थित पशुवध गृह एवं समस्त मांस - मटन विक्रय की दुकानों को बंद रखे जाने का आदेश जारी किया है।
राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर दिनांक 15 अगस्त 2024 गुरूवार को किसी भी दुकान में मांस - मटन विक्रय करते पाये जाने पर मांस - मटन जप्त करने की कार्यवाही की जायेगी और सम्बंधित व्यक्ति के विरूद्ध यथोचित कार्यवाही भी की जायेगी। राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर दिनांक 15 अगस्त 2024 गुरूवार को नगर पालिक निगम रायपुर के जोन स्वास्थ्य अधिकारीगण, जोन स्वच्छता निरीक्षकगण मांस- मटन के विक्रय पर प्रतिबन्ध के आदेश का व्यवहारिक पालन सुनिश्चित करवाएंगे । - रायपुर । नगर पालिक निगम रायपुर के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 6 के सहयोग से शहीद पंकज विक्रम के शहादत दिवस दिनांक 14 अगस्त 2024 बुधवार को सुबह 10.30 बजे राजधानी शहर के विवेकानंद नगर पेंशनबाड़ा चौक में स्थित मूर्ति स्थल पर शहीद का ससम्मान नमन करने पुष्पांजलि आयोजन रखा गया है।ण करेंगे।
- रायपुर/दो दिवसीय प्रवास पर छत्तीसगढ़ आए श्री जितेन्द्र कुमार वन महानिदेशक एवं विशेष सचिव पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ सरकार के वृक्षारोपण अभियान एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत आज नवा रायपुर के सेक्टर-39 में स्थित नंदनवन जंगल सफारी में महुआ का एक पौधा रोपित किया। स्कूली छात्र-छात्राओं एवं वन विभाग के कर्मचारियों द्वारा हाथी मानव द्वंद विषय पर प्रदर्शित चित्रकला प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया एवं उनकी सराहना की। चित्रकला प्रदर्शनी के अवलोकन के पश्चात श्री जितेन्द्र कुमार द्वारा विजेता प्रतिभागियों को प्रोत्साहन स्वरूप पुरस्कृत भी किया।इस अवसर पर अभनपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री इंद्र कुमार साहू एवं वन एवं जलवायु परिवर्तन भारत सरकार के केन्द्रीय अधिकारीगण श्री सुशील कुमार अवस्थी अतिरिक्त महानिदेशक, श्री सुभाष चंद्रा मुख्य कार्यपालन अधिकारी (कैंपा), श्री रमेश कुमार पांडे वनमहानिरीक्षक एवं निदेशक (प्रोजेक्ट टाइगर एवं एलिफेंट), श्री संजय कुमार शुक्ला सदस्य सचिव (केन्द्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण), श्री राजेश एस. वन महानिरीक्षक, डॉ. धीरज मित्तल सहायक वन महानिरीक्षक (प्रोजेक्ट टाइगर एवं एलीफेंट) ने भी जंगल सफारी में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए। कार्यक्रम स्थल पर वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग छत्तीसगढ़ शासन से श्री सुधीर कुमार अग्रवाल (प्रधान वन संरक्षक) श्री कौशलेन्द्र कुमार, श्रीमती संजीता गुप्ता, श्री सुनील कुमार मिश्रा, श्री अरूण कुमार पांडे, श्री अनूप कुमार विश्वास, श्री प्रेमकुमार, श्री विश्वेश कुमार झा भी उपस्थित थे एवं इन्होंने भी ‘‘एक पेड़ मां के नाम‘‘ अभियान में अपनी सहभागिता दी एवं पौधे लगाए।
- *मंत्री ने लिखा सड़क उखड़ने और उड़ते धूल से आम लोग हो रहे परेशान, तत्काल उठाएं कदम*रायपुर/ शहर की आधा दर्जन सड़कों के डामरीकरण के कुछ महीने में ही उखड़ जाने से आम लोगों को हो रही परेशानी को वाणिज्य, उद्योग और श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने गंभीरता से लेते हुए कोरबा निगम आयुक्त को सड़क की जल्द मरम्मत करने और ठेकेदार पर कड़ी कार्रवाई करने पत्र लिखा है।मंत्री श्री देवांगन ने आयुक्त को लिखे पत्र में उल्लेख किया है की कोरबा नगर पालिक निगम क्षेत्र अंतर्गत कोसाबाड़ी, सीएसईबी चौक से बुधवारी, वीआईपी मार्ग, निहारिका मार्ग पर 8 महीने पहले ही डामरीकरण निगम द्वारा कराया गया था। गुणवत्ताहीन एवम् भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाने के कारण उक्त मार्ग डामरीकृत गिट्टी उखड़ गई है, इससे धूल उड़ने के कारण आम जनता को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंत्री श्री देवांगन ने सड़क मरम्मत की नितांत आवश्यकता को देखते हुए जल्द सड़क मरम्मत प्रारंभ करने कहा है।
- 17 अगस्त को होगा महाविद्यालय और सीट का आबंटनरायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित 39 शासकीय एवं निजी महाविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2024-25 के बी.एस.सी. कृषि (ऑनर्स) स्नातक पाठ्यक्रम में नवीन शिक्षा नीति 2020 के तहत प्रवेश हेतु ऑनलाईन काउंसलिंग प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। स्नातक पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु इच्छुक अभ्यर्थी काऊंसलिंग प्रक्रिया में भाग लेने हेतु दिनांक 09 अगस्त से 15 अगस्त, 2024 तक विश्वविद्यालय की वेबसाईट www.igkv.ac.in पर आवेदन कर सकते हैं। काऊंसलिंग में शामिल होने के लिए दिशा-निर्देश एवं समय सारिणी विश्वविद्यालय की वेबसाईट पर उपलब्ध है। अभ्यर्थियों को ऑनलाईन काउंसलिंग में भाग लेने हेतु 09 अगस्त से 15 अगस्त, 2024 के मध्य ऑनलाइन पंजीयन करना एवं दस्तावेज अपलोड करना होगा। 16 अगस्त, 2024 को ऐसे अभ्यर्थी पुनः आवेदन कर सकते हैं जिनकी ऑनलाईन आवेदन प्रक्रिया के दौरान असफल लेनदेन हुई हो। 17 अगस्त, 2024 को पी.ए.टी.-2024 की प्रावीण्य सूची के आधार पर अभ्यर्थियों को प्रोविजनल सीट एवं महाविद्यालय का आबंटन किया जायेगा। अभ्यर्थियों को 20 से 23 अगस्त, 2024 के मध्य दस्तावेज परीक्षण हेतु कृषि महाविद्यालय, रायपुर में प्रातः 09ः00 से सायं 5ः30 बजे तक उपस्थित होना होगा। आबंटित प्रोविजनल सीट को सुरक्षित करने हेतु अभ्यर्थियों को 20 से 24 अगस्त, 2024 के मध्य ऑनलाइन फीस जमा करना अनिवार्य होगा।सीट आबंटन के पश्चात यदि अभ्यर्थी किसी कारण से सीट सुरक्षित नहीं कर पाता है और आगामी चरण की काउंसलिंग में भाग लेना चाहता है तो इस हेतु ऑनलाइन आवेदन करना होगा तथा ऐसे अभ्यर्थी जिन्हें अभी तक कोई सीट आबंटित नहीं हुई है, उन्हें भी स्पॉट एवं कन्वर्शन काउंसलिंग के लिए 20 से 25 अगस्त, 2024 (रात्रि 11ः30 बजे) के मध्य ऑनलाइन आवेदन करना होगा। यदि अभ्यर्थी सीट सुरक्षित करने के पश्चात सीट निरस्त करना चाहता है और आगे किसी भी प्रक्रिया में भाग नहीं लेना चाहता है तो इस हेतु 20 से 25 अगस्त, 2024 (रात्रि 11ः30 बजे) के मध्य सीट निरस्त करना होगा। आबंटित एवं रिक्त सीटों की जानकारी 27 अगस्त, 2024 को उपलब्ध कराई जाएगी। स्पॉट एवं कन्वर्शन काउंसलिंग हेतु पंजीकृत अभ्यर्थियों की सूची 27 अगस्त, 2024 को उपलब्ध कराई जाएगी। प्रोविजनल सीट एवं महाविद्यालय का आबंटन 28 से 30 अगस्त, 2024 के मध्य किया जाएगा। तत्काल दस्तावेज परीक्षण एवं ऑनलाईन फीस जमा करने हेतु 28 से 30 अगस्त को अभ्यर्थियां को कृषि महाविद्यालय, रायपुर में उपस्थित होना होगा। इच्छुक अभ्यर्थी काउंसिलिंग संबंधित दिशा-निर्देशों की अधिक जानकारी हेतु विश्वविद्यालय की वेबसाईट www.igkv.ac.in का अवलोकन कर सकते हैं।
- रायपुर/स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त को प्रदेश के वाणिज्य उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन कोरबा में ध्वजारोहण करेंगे तथा मुख्यमंत्री का प्रदेश की जनता के नाम संदेश का वाचन करेंगे। स्वतंत्रता दिवस मुख्य समारोह जिला मुख्यालय कोरबा स्थित सी एस ई बी फुटबाल मैदान में आयोजित होगा।
- रायपुर/छत्तीसगढ़ सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने 15 अगस्त 2024 को स्वतंत्रता दिवस समारोह में ध्वजारोहण के लिए मुख्य अतिथि की जारी सूची के अनुसार सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले क़े प्रभारी मंत्री श्री टंकराम वर्मा मुख्य अतिथि होंगे। श्री वर्मा जिला मुख्यालय सारंगढ़ के खेलभांठा मैदान में 15 अगस्त को आयोजित मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराएंगे और छत्तीसगढ़ सरकार के ’’माननीय मुख्यमंत्री जी का संदेश’’ वाचन करेंगे।
- रायपुर। चिकित्सा शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ द्वारा प्रवेश वर्ष 2024 हेतु छत्तीसगढ़ राज्य के शासकीय एवं निजी चिकित्सा एवं दंत चिकित्सा महाविद्यालयों के स्नातक (एमबीबीएस एवं बीडीएस) पाठ्यक्रमांे की काउंसिलिंग प्रक्रिया की समय सारिणी संचालनालय की वेबसाईट www.cgdme.in पर प्रकाशित की जा चुकी है। काउंसिलिंग की प्रक्रिया की संपूर्ण जानकारी संचालनालय की वेबसाईट www.cgdme.in एवं एन.आई.सी. की वेबसाइट www.cgdme.admissions.nic.in पर शीध्र ही उपलब्ध कराई जाएगी।चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा काउंसिलिंग कार्य हेतु 7 सदस्यीय समिति का गठन किया जा चुका है, जिसकी अध्यक्ष डॉ. राबिया परवीन सिद्दीकी, प्राध्यापक हैं। इसके अलावा आई टी. सेल नोडल अधिकारी डॉ तरूणेश राज, डिप्टी डायरेक्टर तथा शिकायत अनुभाग अधिकारी डॉ. दिवाकर धुरंधर, सह प्राध्यापक को नियुक्त किया गया है।काउंसिलिंग के संबंध में पृथक् से विज्ञप्ति जारी की जा चुकी है। अभ्यर्थी ऑनलाईन पंजीयन करने के पूर्व छत्तीसगढ़ चिकित्सा, दंत चिकित्सा एवं भौतिक चिकित्सा (फिजियोथेरेपी) स्नातक प्रवेश नियम, 2018 एवं सूचनापत्र विशेषकर आरक्षण/काउंसिलिंग प्रक्रिया/बॉण्ड/दिव्यांगनजन/अन्य संवर्ग इत्यादि के संबंध में अध्ययन कर लें। संपूर्ण काउंसिलिंग प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों द्वारा दर्ज किया गया मोबाइल नंबर सक्रिय होना चाहिए, चुंकि ऑनलाईन काउंसिलिंग प्रक्रिया पूरी तरह से ओटीपी पर आधारित है।आवेदन हेतु एक बैंक खाता सक्रिय होना चाहिए और अभ्यर्थी/अभ्यर्थी के माता-पिता या अभिभावक के नाम पर होना चाहिए। अभ्यर्थी लॉगिन में शिकायत अनुभाग (Grievance Cell) का उपयोग किसी भी प्रश्न के समाधान के लिए किया जा सकता है; हेल्पडेस्क नं. 0771-2972977 कार्यालयीन समय में उपलब्ध रहेगा। ऑनलाईन आवेदन शुल्क एवं पंजीयन शुल्क की राशि का भुगतान होने पर, पोर्टल से पुष्टि होने के पूर्व दोबारा भुगतान की कार्यवाही न करें। अभ्यर्थी आवंटन के पूर्व संपूर्ण आवश्यक दस्तावेज़ तैयार रखें। सभी शासकीय, निजी चिकित्सा एवं दंत चिकित्सा महाविद्यालयों का आवंटन चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा गठित काउंसिलिंग समिति द्वारा किया जायेगा। अतः किसी व्यक्ति/संस्था के धोखे में नहीं फंसें। शासन के आदेशानुसार काउंसिलिंग की समस्त प्रक्रिया में पूर्णरूप से पारदर्शिता बरती जाने के निर्देश हैं।
- रायपुर/ स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त को प्रदेश के संसदीय कार्य ,वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, कौशल विकास एवं सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप दुर्ग में ध्वजारोहण करेंगे तथा मुख्यमंत्री का संदेश वाचन करेंगे। स्वतंत्रता दिवस मुख्य समारोह जिला मुख्यालय स्थित पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित होगा।
- रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नवभारत नवराष्ट्र परिवार के प्रधान संपादक श्री विनोद बाबू माहेश्वरी के निधन पर गहरा दुःख प्रकट किया है। मुख्यमंत्री ने श्री माहेश्वरी के शोक संतप्त परिवारजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री ने शोक संदेश में कहा है कि श्री विनोद बाबू माहेश्वरी ने जनोन्मुखी पत्रकारिता के माध्यम से आम जनता के जीवन को सुगम बनाने का भरसक प्रयास किया। उनका निधन पत्रकारिता जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।
- रायपुर/राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 758.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से आज 13 अगस्त सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1698.3 मिमी और सरगुजा जिले में सबसे कम 381.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है। राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सूरजपुर जिले में 693.2 मिमी, बलरामपुर में 1038.0 मिमी, जशपुर में 575.0 मिमी, कोरिया में 721.2 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 750.1 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी।इसी प्रकार, रायपुर जिले में 658.5 मिमी, बलौदाबाजार में 790.9 मिमी, गरियाबंद में 732.9 मिमी, महासमुंद में 545.3 मिमी, धमतरी में 706.8 मिमी, बिलासपुर में 695.0 मिमी, मुंगेली में 729.7 मिमी, रायगढ़ में 634.5 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 419.2 मिमी, जांजगीर-चांपा में 719.7 मिमी, सक्ती 608.2 कोरबा में 962.5 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 701.8 मिमी, दुर्ग में 486.7 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 598.7 मिमी, राजनांदगांव में 813.5 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़चौकी में 916.1 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 560.5 मिमी, बालोद में 836.5 मिमी, बेमेतरा में 434.5 मिमी, बस्तर में 838.1 मिमी, कोण्डागांव में 786.5 मिमी, कांकेर में 1005.9 मिमी, नारायणपुर में 914.2 मिमी, दंतेवाड़ा में 997.3 मिमी और सुकमा जिले में 1074.8 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई।
- *पखवाड़ा के दौरान आयोजित शिविरों में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे, नागरिकों को मिला त्वरित समाधान**उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के निर्देश पर सभी नगरीय निकायों में 27 जुलाई से 10 अगस्त तक आयोजित किए गए थे जनसमस्या निवारण शिविर*बिलासपुर/ प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में विगत 27 जुलाई से 10 अगस्त तक संचालित जनसमस्या निवारण पखवाड़ा का बेहतर प्रतिसाद लोगों को मिला है। पखवाड़ा के दौरान प्रदेश भर में आयोजित शिविरों में कुल एक लाख 12 हजार आवेदन प्राप्त हुए जिनमें से करीब 45 हजार आवेदनों को मौके पर ही निराकृत किया गया। दूसरे विभागों से संबंधित आवेदनों को संबंधित विभाग को प्रेषित करने के बाद शेष आवेदनों का परीक्षण कर शीघ्र निराकरण की कार्यवाही की जा रही है। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने जनसमस्या निवारण पखवाड़ा के दौरान सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों के साथ ही क्षेत्रीय संयुक्त संचालकों को यथासंभव ज्यादा से ज्यादा आवेदनों को मौके पर ही निराकृत करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने खुद कई शिविरों का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखी थी।राज्य के सभी 184 नगरीय निकायों में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों में प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित 15 हजार 700 आवेदन मिले जिनमें से 1200 का त्वरित निराकरण किया गया। शिविर स्थल पर ही हितग्राहियों को पात्रतानुसार नए आवास की स्वीकृति, आवास आवेदन की त्रुटियों का निराकरण, किस्त का भुगतान तथा अधूरे आवासों को शीघ्र पूर्ण करने के संबंध में कार्यवाही की गई। पेयजल समस्या से जुड़े 4500 आवेदनों में से 700 का शिविर में ही समाधान किया गया। इस दौरान लोगों की मांग एवं शिकायत के अनुसार नए नल कनेक्शन, पाइपलाइन का विस्तार, पाइपलाइन लीकेज की मरम्मत, पेयजल आपूर्ति संबंधी समस्याओं को निराकृत किया गया।जनसमस्या निवारण पखवाड़ा के दौरान डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, नाली सफाई, पानी निकासी तथा साफ-सफाई से संबंधित शिकायतों का तत्परता से निराकरण किया गया। नगरीय निकायों की टीम द्वारा कचरा एकत्रीकरण एवं उठाव से संबंधित 1500 आवेदनों में से 700 को शिविर स्थल पर ही निराकृत किया गया। निराश्रितों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन में आ रही समस्याओं का यथाशीघ्र निराकरण कर पेंशन की राशि प्रदान की गई। सामाजिक सुरक्षा पेंशन संबंधी प्राप्त 1950 आवेदनों में से निकाय स्तर के 550 आवेदनों को तत्काल निराकृत किया गया। शेष आवेदनों के परीक्षण की कार्यवाही जारी है।नगरीय निकायों में आयोजित शिविरों में सड़क व नाली मरम्मत तथा निर्माण कार्य से जुड़े 14 हजार 500 आवेदनों में से 600 आवेदनों को तत्काल स्वीकृत कर सड़क और नाली मरम्मत के कार्य किए गए। शेष मांगों के अनुरूप नई नाली और सड़क निर्माण कार्य की स्वीकृति के लिए पूर्ण प्रस्ताव तैयार कर उचित माध्यम से विभाग को प्रेषित किए जा रहे हैं। नवीन निर्माण कार्यों से संबंधित प्रस्ताव स्थल चयन तथा जांच के उपरांत निकाय के माध्यम से शासन को भेजे जाएंगे। जनसमस्या निवारण पखवाड़ा के दौरान शिविर स्थल पर ही संपत्ति कर के भुगतान की सुविधा मुहैया कराई जा रही थी। नए भवनों के संपत्ति कर एवं संपत्ति निर्धारण संबंधी शिकायतों के निराकरण के साथ ही इनसे संबंधित 600 आवेदनों में से 350 को मौके पर ही निराकृत किया गया।शिविर स्थल पर ही संपत्ति के नामांतरण, नए भवन निर्माण की स्वीकृति तथा नियमितीकरण संबंधी मांगों का यथासंभव निराकरण किया गया। इनसे जुड़े 700 आवेदनों में से 50 का त्वरित निराकरण किया गया। शेष आवेदन जिला कार्यालय या नगर निवेश से संबंधित होने के कारण इन विभागों के समन्वय से निराकृत किए जाएंगे। वार्डवार आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों में नए राशन कार्ड का वितरण, राशन कार्ड में त्रुटि सुधार एवं पात्रतानुसार बीपीएल/एपीएल राशन कार्ड बनाकर आवेदकों को दिए गए। राशन कार्ड से संबंधित 19 हजार 500 आवेदनों में से दस हजार मौके पर ही निराकृत किए गए। शेष आवेदनों का परीक्षण कर शीघ्र समाधान किया जाएगा।स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से शिविर स्थल पर ही वार्डवासियों के प्राथमिक उपचार और रक्त परीक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। पखवाड़ा के दौरान 9200 लोगों के स्वास्थ्य का परीक्षण कर जरूरी उपचार मुहैया कराया गया। शिविरों में 7500 आयुष्मान कार्ड भी बनाकर वितरित किए गए। भूमि विवाद एवं राजस्व प्रकरणों के 12 हजार 750 आवेदनों में से 3050 आवेदनों का निराकरण भी पखवाड़ा के दौरान किया गया। शिविरों में बिजली, स्ट्रीट लाइट, मवेशी, आवारा कुत्तों, अतिक्रमण, अवैध निर्माण, सड़क बाधा इत्यादि से संबंधित 25 हजार आवेदन प्राप्त हुए जिनमें से निकाय स्तर की दस हजार आवेदनों का त्वरित समाधान किया गया। शेष आवेदन अन्य विभागों से संबंधित होने के कारण संबंधित विभागों को निराकरण के लिए प्रेषित किए गए हैं।
- *बेहतर नागरिक बनने की दी प्रेरणा**जिले में कलेक्टर समेत 117 अधिकारी बनाएं गए हैं मेंटर*बिलासपुर/ राज्य शासन द्वारा निः शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालयों में आरक्षित सीटों पर कमजोर एवं दुर्बल वर्ग के अलाभित समूह के बच्चों को निःशुल्क प्रवेश दिया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा इन बच्चों की शिक्षा से संबंधित उनके पालकों को सहायता प्रदान करने तथा पालक, स्कूल प्रबंधन एवं प्रशासन के मध्य समन्वय कर शिक्षा की निरन्तरता हेतु मेंटर नियुक्त करने का आदेश दिया गया है। निर्देशों के परिपालन में कलेक्टर श्री अवनीश शरण, पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह सहित जिले के 117 आला अधिकारियों को मेंटर नियुक्त किया गया है। पुलिस अधीक्षक श्री सिंह को डी.पी.एस. तिफरा स्कूल का मेंटर नियुक्त किया गया है।पुलिस अधीक्षक आज निरीक्षण के इस क्रम में डी.पी.एस., तिफरा स्कूल पहुंचे। इस दौरान प्राचार्य डी.पी.एस. श्री जसपाल सिंह मथ एवं शिक्षक श्री वृंद उपस्थित थे। स्कूल में आरटीई के परिपालन में अलाभित समूह के बच्चों से मिलकर पुलिस अधीक्षक द्वारा उनका कुशल-क्षेम पूछा गया एवं बच्चों को पढ़-लिख कर समाज एवं परिवार का नाम रौशन करने प्रेरित किया गया। बच्चों को सामाजिक बुराई नशे आदि से दूर रहने, मोबाईल, सोशल मीडिया प्लेटफार्म में अपना समय बरामद न करने की समझाईश देते हुये स्कूल में अनुशासन का पालन करते हुये पूरा ध्यान पढ़ाई में लगाकर ज्ञानार्जन कर एक बेहतर नागरिक बनने की प्रेरणा दी गई। पुलिस अधीक्षक द्वारा डी.पी.एस. विद्यालय प्रबंधन से भी चर्चा की गई तथा इन विद्यार्थियों के संबंध में किसी भी समस्या को सीधेे संज्ञान में लाने तथा उसका निदान तत्काल करने निर्देशित किया गया। इन बच्चों से समानता का व्यवहार करने व स्कूल के शिक्षा सहित अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में शामिल कर उत्साहवर्धन करने के भी निर्देश दिये गये ।
- समारोह में उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव करेंगे ध्वजारोहणसांस्कृतिक कार्यक्रमों की बिखरेगी छटाबिलासपुर/जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह का अंतिम फुल ड्रेस रिहर्सल आज सवेरे 09 बजे पुलिस परेड ग्राउंड में किया गया। कलेक्टर श्री अवनीश शरण और पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह ने अंतिम रिहर्सल में शामिल होकर व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया। कलेक्टर ने राष्ट्रीय पर्व की गरिमा के अनुकूल कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में आवश्यक निर्देश अधिकारियों को दिए। एडीएम श्री आर.ए. कुरुवंशी ने रिहर्सल में मुख्य अतिथि का दायित्व निभाते हुए ध्वजारोहण किया। फाइनल रिहर्सल में मुख्य अतिथि का आगमन, स्वागत, ध्वजारोहण, परेड सलामी, मार्च पास्ट, मुख्य अतिथि द्वारा परेड कमाण्डों से परिचय, पुरस्कार वितरण, सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि का रिहर्सल किया गया। उल्लेखनीय है कि उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव जिला मुख्यालय के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह में ध्वजारोहण करेंगे। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी। रिहर्सल के दौरान नगर निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार, सीईओ जिला पंचायत श्री आरपी चौहान सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी व पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।
- स्वाईन फ्लू से सजग रहने कलेक्टर ने दिए निर्देशसिम्स में 13 अगस्त को ’एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रमबिलासपुर/कलेक्टर अवनीश शरण ने टीएल बैठक में लम्बित मामलों और राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं की समीक्षा की। उन्हांेने मौसमी बीमारियों की जानकारी लेते हुए स्वाईन फ्लू से सजग रहने को कहा हैं। उन्होंने कहा कि स्वाईन फ्लू संक्रमण के लिए यह अनुकूल मौसम है। कोविड जैसी सावधानी इस बीमारी में भी रखकर इससे बचाव किया जा सकता है। बैठक में नगर निगम आयुक्त अमित कुमार भी शामिल थे।कलेक्टर ने कहा कि अनुकम्पा नियुक्ति के बचे हुए प्रकरणों पर तेजी से निर्णय लिया जाए। चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियुक्ति के लिए कोई अपर लिमिट नहीं हैं। रिक्त पदों पर नियुक्ति दी जा सकती है। लेकिन तृतीय वर्ग के पदों पर सेट के 10 प्रतिशत पदों पर ही नियुक्ति दी जा सकती है। उन्होंने आवेदन किये सभी लोगों को चतुर्थ वर्ग के पदों पर नियुक्ति के लिए ऑफर लेटर भेजने को कहा है। कलेक्टर ने कहा कि नवोदय विद्यालय की कक्षा छठवीं में ज्यादा से ज्यादा सरकारी स्कूल के बच्चों का प्रवेश होने चाहिए। इसके लिए सभी बच्चों को फार्म भरवाएं और शिक्षक गण इसकी तैयारी भी बच्चों को कराएं।हर घर तिरंगा कार्यक्रम को लेकर सिम्स सभागार में 13 अगस्त को शाम 7 बजे से एक शाम शहीदों के नाम कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इस कड़ी में 14 अगस्त को सवेरे 7 बजे नेहरू चौक से शहर में तिरंगा यात्रा निकलेगी। सीएमएचओ डॉ प्रभात श्रीवास्तव ने बताया कि मलेरिया अब पूरी तरह से नियंत्रण पर है। दिन भर में एक या दो प्रकरण सामने आ रहे हैं। सिम्स में एडमिट किये गये 57 मरीजों में से अब केवल 2 मरीज ही बचे हैं। कलेक्टर ने सशस्त्र सेना झण्डा दिवस के अवसर पर दान करने की अपील भी की है।
- दुर्ग/ भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् नई दिल्ली द्वारा विगत 11 अगस्त को विकसित 109 जैव संबंधित एवं जलवायु अनुकूल किस्मों का प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कर कमलों द्वारा राष्ट्र को समर्पित किया गया। कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. विजय जैन से मिली जानकारी अनुसार कार्यक्रम में खाद्यान्न 69 फसलें जिसमें अनाज, दालें, तिलहन, चारा फसलें एवं अन्य साथ-ही-साथ बागवानी के 40 किस्में जिसमें फल, सब्जी, मसालें, कंदी एवं अन्य फसलें शामिल है। कार्यक्रम का सजीव प्रसारण कृषि विज्ञान केन्द्र, पाहंदा (अ) में किया गया। जिसमें जिले के कृषक बंधु एवं महिलायें शामिल हुए। प्रधानमंत्री द्वारा अपने उद्बोधन में कृषि विज्ञान केन्द्र के माध्यम से विकसित किस्मों को कृषकों तक अधिक से अधिक पहंुचाने को कहा गया है।
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रायपुर/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 13 अगस्त को गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले और राजधानी रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री श्री साय दोपहर 2 बजे अपने निवास कार्यालय में माई एफएम रेडियो चैनल के ‘एक पेड़ महतारी के नाम‘ अभियान का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री दोपहर 2.15 बजे पुलिस ग्राउंड हेलीपेड रायपुर से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 2.55 बजे गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के गौरेला स्थित गुरूकुल खेल मैदान पहुंचेंगे और वहां अपरान्ह 3 बजे आयोजित ‘राष्ट्रवीर दुर्गादास राठौर जयंती‘ समारोह में शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम के बाद गौरेला से शाम 4 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 4.40 बजे पुलिस ग्राउंड हेलीपेड रायपुर लौटेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय रात्रि 8.20 बजे राजधानी रायपुर के बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘जोहार तिरंगा‘ कार्यक्रम में शामिल होंगे। -
रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वीर दुर्गादास राठौर की 13 अगस्त को जयंती पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि वीर दुर्गादास राठौर एक पराक्रमी योद्धा थे। वे देशभक्ति, त्याग, बलिदान, स्वामिभक्ति और वीरता की अद्भुत मिसाल थे। उन्होंने अपनी मातृभूमि मारवाड़ को दासता से मुक्त कराने के लिए अपना संपूर्ण जीवन लगा दिया और मातृभूमि को मुक्त कराने में सफलता पाई। श्री साय ने कहा है कि दुर्गादास जी की वीरता, देशप्रेम, बलिदान और स्वामिभक्ति आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरणा देती रहेगी।
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छत्तीसगढ़ का हाथियों से बहुत पुराना नाता, हाथी-मानव द्वंद रोकना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री
केन्द्रीय मंत्री श्री यादव ने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में विश्व हाथी दिवस पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम का किया उद्घाटन
रायपुर/ केन्द्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव ने आज छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में विश्व हाथी दिवस पर स्थानीय होटल में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और केन्द्रीय वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव ने आज ही नवा रायपुर स्थित अरण्य भवन में छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रॉनिक ऑक्शन प्रणाली का, वन विभाग द्वारा दो करोड़ रूपए की लागत से निर्मित अत्याधुनिक ऑडिटोरियम ‘दण्डकारण्य‘ का भी शुभारंभ किया। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप और सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, वन महानिदेशक एवं विशेष सचिव श्री जितेन्द्र कुमार विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम में उपस्थित थे।
केन्द्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए हाथियों के संरक्षण के लिए भारत की भागीदारी से किए गए प्रयासों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हाथियों के संरक्षण में भारत की अग्रणी भूमिका रही है। केन्द्रीय मंत्री श्री यादव ने हाथियों के संरक्षण एवं मानव कल्याण सुनिश्चित करने के लिए अंतर-क्षेत्रीय जुड़ाव (क्रॉस सेक्टोरल एंगेजमेंट) की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंनेे कहा कि यदि हम हाथियों को बचाएंगे तो वन भी समृद्ध होंगे, क्योंकि हाथियों को ‘पारिस्थितिकी तंत्र के इंजीनियर‘ के रूप में जाना जाता है। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री ने देश में मानव-हाथी द्वंद को कम करने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, हाथी परियोजना के निदेशक श्री रमेश पाण्डेय तथा छत्तीसगढ़ के प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री वी. श्रीनिवास राव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यप्राणी श्री सुधीर अग्रवाल, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण, वन्यप्राणी विशेषज्ञ, भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण, भारतीय प्राणी सर्वेक्षण, कृषि, विद्युत एवं रेल्वे विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
केन्द्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव ने कहा कि भारत में जंगली हाथियों की सबसे बड़ी और सुरक्षित संख्या है। हाथियों की पिछली गणना अखिल भारतीय समन्वित हाथी गणना अनुमान 2017 के अनुसार, भारत में 29 हजार 964 हाथी हैं। भारत में हाथी गलियारों से संबंधित 2023 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के 14 राज्यों में 33 हाथी रिजर्व (ईआर) और 150 हाथी गलियारे हैं। भारत में हाथियों को विभिन्न खतरों से कानूनी रूप से बचाने के लिए सर्वाेत्तम कानून बनाए गए हैं। हमारे देश में हाथियों के संरक्षण के लिए एक सुदृढ़ संस्थागत ढांचा भी मौजूद है।
देश में हाथियों के संरक्षण के प्रति अनुकूल जनमत है, जिसे मजबूत नेतृत्व का भी समर्थन प्राप्त है। इस प्रकार, यह विश्व हाथियों के दीर्घकालिक संरक्षण के लिए तथा मानव कल्याण और वन्यजीव संरक्षण के बीच सामंजस्य स्थापित करने की कला और विज्ञान सीखने के लिए भारत की ओर उन्मुख है।
केन्द्रीय मंत्री श्री यादव ने कहा कि हर वर्ष 12 अगस्त विश्व हाथी दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस उत्सव का उद्देश्य हाथियों के कल्याण के लिए विश्व को एक साथ लाना है, जो अपने पूरे क्षेत्र में लुप्तप्राय हैं। एक वैश्विक अग्रणी के रूप में भारत भी ‘विश्व हाथी दिवस‘ मनाता है। इस वर्ष पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और छत्तीसगढ़ सरकार, रायपुर में ‘विश्व हाथी दिवस‘ समारोह की संयुक्त मेजबानी कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ जैविक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध है और यहां हाथियों की भी अच्छी खासी संख्या है। मानव और हाथियों के बीच के द्वंद को कम करने के नजरिए से छत्तीसगढ़ को उच्च प्राथमिकता दी गई है।
छत्तीसगढ़ में हाथी-मानव द्वंद रोकने चलाया जा रहा है जनजागरूकता अभियान - मुख्यमंत्री श्री साय
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा है कि छत्तीसगढ़ का हाथियों से बहुत पुराना नाता है। हमारे लिए सर्वाेच्च प्राथमिकता हाथी-मानव द्वंद को रोकना है। इसके लिए राज्य सरकार लगातार जागरूकता कार्यक्रम संचालित कर रही है। अनेक नवाचार किए जा रहे हैं। हाथियों के विचरण की जानकारी ग्रामीणों को देने के लिए सरगुजा से हमर हाथी हमर गोठ रेडियो कार्यक्रम का प्रसारण किया जाता है, ग्रामीणों को अपनी ओर हाथियों की सुरक्षा के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए राज्य सरकार गज यात्रा अभियान चला रही है। ‘गज संकेत एवं सजग’ ऐप के माध्यम से हाथी के विचरण की जानकारी ग्रामीणों को मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाथी-मानव द्वंद को रोकने के लिए पूरे पारिस्थितिकी तंत्र का प्रबंधन किया जा रहा है। हाथियों द्वारा फसल क्षति के लिए किसानों को दिया जा रहा मुआवजें की राशि कम है, इसे बढ़ाए जाने की आवश्यकता है। हाथी-मानव द्वंद को कम करने के लिए छत्तीसगढ़ को सफलता मिली है।
श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह गौरव का विषय है कि विश्व हाथी दिवस-2024 के राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम छत्तीसगढ़ में हो रहा है। छत्तीसगढ़ की धरती जैव विविधता से समृद्ध है। जंगली भैंसे, पहाड़ी मैना तथा बाघ और हाथी जैसे वन्य जीव हमारे जंगलों की शान हैं। छत्तीसगढ़ के जंगल हमेशा से हाथियों के प्राकृतिक रहवास रहे हैं। हमारे प्रदेश में हाथियों के ऐतिहासिक साक्ष्य भी मिलते हैं। भागवत पुराण के गजेन्द्र मोक्ष की कथा छत्तीसगढ़ की है। यह सुंदर कथा राजीव लोचन मंदिर में भी अंकित है। यहां पर भगवान राजीव लोचन को कमल का पुष्प चढ़ाते हाथी को अंकित किया गया है। जांजगीर के राजा जाज्वल्य देव ने गज शार्दुंल की उपाधि धारण की थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हाथियों की सुरक्षा को देखते हुए बादल खोल, तमोर पिंगला को एलीफेंट रिजर्व बनाया गया है। अभी हाल ही में हमारी सरकार ने गुरू घासीदास राष्ट्रीय उद्यान और तमोर पिंगला अभ्यारण्य के क्षेत्रों को मिलाकर टाइगर रिजर्व बनाने का बड़ा निर्णय लिया है। यह देश का तीसरा सबसे बड़ा तथा छत्तीसगढ़ का चौथा टाइगर रिजर्व होगा। इसके बनने से न केवल बाघों की संख्या बढे़गी अपितु हाथियों को भी सुरक्षित रहवास मिलेगा, इसके बनने से हाथी-मनुष्य द्वंद भी घटेगा। इसके साथ ही लेमरू हाथी रिजर्व क्षेत्र के माध्यम से सरगुजा, कोरबा, रायगढ़ जिलों में हाथियों के संरक्षण पर काम हो रहा है। हमारी छत्तीसगढ़ की संस्कृति में जनजातीय समुदाय हाथियों को बहुत शुभ मानते हैं।
‘विश्व हाथी दिवस‘ कार्यक्रम के माध्यम से वनवासियों, नीति निर्माताओं, नागरिक समाज और वन्यजीव विशेषज्ञों जैसे विविध हितधारकों को उनके विचारों को साझा करने के लिए एक साथ एक मंच पर लाया गया है, जिससे न केवल हाथियों के संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि मानव-हाथी संघर्ष के ज्वलंत मुद्दे का भी समाधान होगा। इस दौरान देश भर में एक जन जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया, जिसमें लगभग 5 हजार स्कूलों के लगभग 10 लाख स्कूली बच्चों ने भाग लिया। भारत में हाथियों को राष्ट्रीय धरोहर पशु माना जाता है। हाथी हमारी संस्कृति में गहराई से रचे-बसे हैं। ताजी हवा, ऊर्जा बचाव, अच्छी जीवन शैली के लिए आवश्यक है, जो हमें पर्यावरण के संरक्षण और संवर्धन से मिल सकती है। सूनी धरती में हाथी से लेकर छोटे-छोटे जानवर तक विचरण करते रहते हैं, जो पर्यावरण के संरक्षण के लिए जरूरी है।
केन्द्रीय मंत्री श्री यादव ने कहा कि जंगली हाथियों और वन्यजीवों पर रेलवे परिचालन के कारण पड़ने वाले प्रभावों को ध्यान में रखते हुए, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की हाथी परियोजना द्वारा हाथी-ट्रेन टकराव की आशंका वाले एवं हाथी बहुल क्षेत्र वाले 12 राज्यों में लगभग 2455 किलोमीटर के कुल 110 रेलवे खंडों की सूची तैयार की गई है, जिनमें तात्कालिक उपशमन उपायों की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
केन्द्रीय मंत्री श्री यादव और मुख्यमंत्री श्री साय ने हाथी संरक्षण एवं प्रबंधन के क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान के लिए विजेताओं को गज गौरव पुरस्कार प्रदान किये। इस कार्यक्रम के दौरान, प्रतिष्ठित गज गौरव पुरस्कार (1) स्वर्गीय श्री बुबुल गोगोई, (मरणोपरांत) महावत, असम (2) श्री दीनबंधु बर्मन, प्रमुख महावत एवं टीम, पश्चिम बंगाल (3) श्री अनय कुमार सामल, पैरा वन कार्यकर्ता, ओडिशा और (4) श्रीमती संघमित्रा महंत, वन रक्षक, ओडिशा को उनकी अनुकरणीय सेवाओं के लिए प्रदान किए गए है।
प्रदेश के वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य में हाथी के संवर्धन के लिए यहां के वन अनुकूल है। राज्य में 44 प्रतिशत क्षेत्र वनों से आच्छादित है, जिसमें हाथियों के संरक्षण और संवर्धन के लिए वातावरण उपयुक्त है। यहां के अनुकूल वातावरण के कारण हाथियों की संख्या में वृद्धि हो रही है। राज्य में वनों के संवर्धन के लिए एक पेड़ मां के नाम के लिए सक्रियता से जुटे हुए हैं और विभाग द्वारा 3 करोड़ 80 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत लाभान्वित महिलाओं को भी इस अभियान से जोड़ा गया है। प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए राज्य के लोगों को वन विभाग के माध्यम से जोड़कर पौधरोपण का कार्य मुस्तैदी से किया जा रहा है। -
मुख्यमंत्री की पहल पर नई शिक्षा नीति के अनुरूप स्कूली पाठ्यक्रम में किया जा रहा है बदलाव
कक्षा पहली से तीसरी एवं छठवीं के पाठ्यपुस्तक लेखन की तैयारी शुरू
रायपुर/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ के स्कूलों में नई शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यपुस्तकों में आवश्यक बदलाव लाने के लिए राज्य स्तरीय पाठ्य पुस्तक लेखन उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित की जा रही है। कार्यशाला में अगले वर्ष से राज्य की कक्षा पहली से तीसरी और छठवीं की पाठ्य पुस्तकें बदलने की योजना है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद द्वारा स्थानीय न्यू सर्किट हाउस में दो दिवसीय कार्यशाला प्रारंभ हुई।
पुस्तक लेखन उन्मुखीकरण कार्यशाला में स्कूल शिक्षा सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने कहा कि फाउंडेशनल स्टेज के विद्यार्थियों को उनकी स्थानीय भाषा में पढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पाठ्य पुस्तकों में प्रैक्टिकल अप्रोच का समावेश होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एनसीईआरटी के मार्गदर्शन का उपयोग कर इन्हें और बेहतर बनाने की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए। परदेशी ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य वर्तमान में 20 भाषाओं में काम कर रहा है और पाठ्य पुस्तकों को स्थानीयता को ध्यान में रखते हुए रचनात्मक और आकर्षक बनाया जाए।
एनसीईआरटी नई दिल्ली की पाठ्यचर्या के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर रंजना अरोरा ने वर्चुअल संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ पहला राज्य है जिसने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यक्रम को ध्यान में रखते हुए एनसीईआरटी के साथ मिलकर राज्य के स्कूलों के लिए पाठ्यपुस्तक निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ की है। एनसीईआरटी व एससीईआरटी आपसी समन्वय से बहुत बड़ा और अच्छा कार्य करने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम को बनाते समय एससीईआरटी के विशेषज्ञ राज्य के स्थानीय भाषा और विशेषताओं को शामिल करेंगे।
एससीईआरटी के डायरेक्टर श्री राजेंद्र कुमार कटारा ने कहा कि पाठ्य पुस्तकों को इस प्रकार बनाया जाना चाहिए कि वे लंबे समय तक प्रासंगिक रहें। कार्यक्रम को पद्मश्री जागेश्वर यादव सम्बोधित करते हुए कहा कि पाठ्यपुस्तक लेखन में मातृभाषा को विशेष स्थान देना चाहिए, प्रारंभिक शिक्षा मातृभाषा में होने से बच्चे इसे आसानी से समझ व सीख सकेंगे। प्रारंभिक शिक्षा मातृभाषा में होने से अपने मातृभाषा से जुड़े रहेंगे। आरआईई अजमेर की प्राध्यापक डॉ. के. वी. श्रीदेवी, एनसीईआरटी नई दिल्ली की भाषा शिक्षा विभाग की प्रोफेसर कीर्ति कपूर एवं डॉ. नीलकंठ कुमार, कला और सौंदर्य विभाग की प्राध्यापक डॉ. शर्बरी बनर्जी ने विभिन्न सत्रों में अपने विचार व्यक्त करते हुए आवश्यक सुझाव दिए। एससीईआरटी के अतिरिक्त संचालक जे.पी. रथ अपने स्वागत उद्बोधन में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक ऐतिहासिक परिचय देते हुए अपनी बात रखी। कार्यशाला में एनसीईआरटी एवं एससीईआरटी के विषय विशेषज्ञ सहित राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से आए शिक्षाविद् शामिल थे। -
रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से यहाँ उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री आर. एस. विश्वकर्मा एवं सदस्यों ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने सदस्यों को उनकी नवीन नियुक्ति के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर आयोग के सदस्य श्री कृष्णा प्रसाद गुप्ता, श्री यशवंत वर्मा, श्री बलदाऊ राम साहू, श्री हरिशंकर यादव, श्री नीलांबर नायक और श्रीमती शैलेन्द्री परगनिया भी उपस्थित थीं ।


























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