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- -नवा रायपुर के तेन्दुआ में 120 एकड़ भूमि चिन्हितरायपुर / छत्तीसगढ़ में गुणवत्तापूर्ण शारीरिक शिक्षा के साथ खेलों में विशेषज्ञता हासिल करने शीघ्र ही लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (एलएनआईपीई) ग्वालियर की तर्ज पर क्षेत्रीय संस्थान प्रारंभ होने जा रहा है। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा सैद्धांतिक सहमति दे दी गई है। एलएनआईपीई सेंटर के लिए नवा रायपुर के तेन्दुआ में 120 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है, जिसे राजस्व विभाग के द्वारा खेल एवं युवा कल्याण विभाग को आबंटित करने का निर्णय लिया गया है। छत्तीसगढ़ में प्रारंभ होने वाले इस एलएनआईपीई सेंटर को भारत सरकार वित्तीय सहायता देगी।खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंक राम वर्मा और ग्वालियर के राष्ट्रीय संस्थान के कुलपति प्रोफेसर इंदू बोरा के साथ हुई बैठक में नवा रायपुर के तेंदुआ में एलएनआईपीई सेंटर स्थापित करने पर विस्तारपूर्वक चर्चा हुई। एलएनआईपीई के क्षेत्रीय संस्थान में प्रति शैक्षणिक सत्र में 1000 छात्र शारीरिक शिक्षा के पाठ्यक्रमों का अध्ययन कर सकेंगे। यह संस्थान पूर्णतः आवासीय होगा। इसकेे लिए तेन्दुआ में 120 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है, जिसे राजस्व विभाग के द्वारा खेल एवं युवा कल्याण विभाग को आबंटित करने का निर्णय लिया गया है। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री वर्मा ने इस संबंध में अधिकारियों को भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित कराने एवं कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए है।एल.एन.आई.पी.ई. की कुलपति प्रोफेसर इंदू बोरा ने बताया कि अगले सप्ताह मिनिस्ट्री ऑफ यूथ अफेयर्स एण्ड स्पोर्ट्स भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। इस विषय पर खेल मंत्री श्री टंकराम वर्मा केन्द्रीय मंत्री श्री मनसुख मांडविया से जल्द ही मुलाकात कर प्रस्ताव पारित करने का आग्रह करेंगे। इस अवसर पर सचिव खेल एवं युवा कल्याण विभाग श्री हिमशिखर गुप्ता, संचालक खेल एवं युवा कल्याण श्रीमती तनुजा सलाम, लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान ग्वालियर के रजिस्ट्रार डॉ. संजीव यादव एवं अधिष्ठाता डॉ. कृष्णकांत साहू उपस्थित थे।
- रायपुर, / उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन शुक्रवार 9 अगस्त को कोरबा में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार श्री देवांगन 9 अगस्त को सवेरे 11 बजे रायपुर के शंकर नगर स्थित अपने शासकीय निवास से प्रस्थान कर अपरान्ह 2 बजे कोरबा जिले के चारपारा-कोहड़िया पहुंचेंगे। कैबिनेट मंत्री शाम 4 बजे कलेक्टोरेट परिसर कोरबा में समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित बैटरी चलित ट्राईसिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक व्हीलचेयर वितरण कार्यक्रम में शामिल होंगे। तत्पश्चात वे शाम 5 बजे बुधवारी बाजार कोरबा में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर जनजातीय समाज द्वारा आयोजित मूल निवासी महोत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे।
- -विभिन्न श्रम कल्याण योजनाओं से एक लाख 30 हजार हितग्राही हुए लाभान्वितरायपुर / छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में नई सरकार के गठन के बाद श्रमिक परिवारों को उनके लिए संचालित विभिन्न श्रम कल्याण योजनाओं के बेहतर ढंग से क्रियान्वयन हो रहा है। अब तक 01 लाख 30 हजार श्रमिक परिवारों को श्रम विभाग से संचालित विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया जा चुका है। इन योजनाओं में 135 करोड़ 96 लाख 59 हजार से अधिक की सहायता राशि दी गई है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान श्रम विभाग की ओर से 6 हजार 205 हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं में कुल 11.41 करोड़ रूपये की सहायता राशि के चेक वितरित की है।श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मण्डल अंतर्गत 13 दिसम्बर 2023 से आज 08 अगस्त तक मुख्यमंत्री निवास में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम और जिलों में आयोजित कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना में 23 हजार 308 हितग्राहियों को 46 करोड़ 61 लाख 60 हजार रूपए की सहायता राशि उपलब्ध कराई गई है। इसी प्रकार मिनीमाता महतारी जतन योजना में 29 हजार 161 हितग्राहियों को 58 करोड़ 31 लाख 75 हजार, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना में 1396 हितग्राहियों को 2 करोड़ 39 लाख 42 हजार रूपए, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना में 828 हितग्राहियों को 8 करोड़ 40 लाख रूपए की सहायता दी गई है। मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना में 997 हितग्राहियों को 01 करोड़ 99 लाख 40 हजार रूपए, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना में 287 हितग्राहियों को 2 करोड़ 87 लाख रूपए और मुख्यमंत्री नैनिहाल छात्रवृत्ति योजना में 74 हजार 322, विद्यार्थियों को 15 करोड़ 37 लाख 42 हजार की सहायता राशि उपलब्ध कराई गई है। यह राशि हितग्राहियों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से अंतरित की गई है।
- रायपुर -उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा शुक्रवार 9 अगस्त को कबीरधाम जिले के विभिन्न जगहों में आयोजित विश्व आदिवासी दिवस कार्यक्रमों में शामिल होंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा 9 अगस्त को सर्वप्रथम सवेरे 10 बजे कबीरधाम जिले के तरेगांव जंगल मे आयोजित विश्व आदिवासी दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे। उसके बाद दोपहर 1 बजे रेंगाखार में आयोजित विश्व आदिवासी दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे। तत्पश्चात उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा शाम 4 बजे ऑडिटोरियम, पीजी कालेज कवर्धा में विश्व आदिवासी दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे।
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रायपुर, /रायपुर की आमापारा निवासी श्रीमती उषा ठाकुर ने आज मुख्यमंत्री जनदर्शन में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के समक्ष अपनी व्यथा बताई। श्रीमती उषा ठाकुर ने बताया कि वह माउथ (मुँह) कैंसर से पीड़ित हैं जिसका लंबे समय तक निजी अस्पताल में उपचार चला और एक बार ऑपरेशन भी हो चुका है। फ़िलहाल डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल के अंतर्गत स्थित इंदिरा गांधी कैंसर रिसर्च सेंटर में आगे का इलाज चल रहा है। वर्ष 2017 में पति के निधन के बाद घर की आर्थिक स्थिति बिगड़ चुकी है, ऐसे में तीन बच्चों की पढ़ायी में बाधा आ रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आर्थिक सहायता प्रदान करने की गुहार लगायी, जिस पर मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल एक लाख रुपये की राशि श्रीमती उषा ठाकुर के परिवार के लिए स्वीकृत की।
- -श्री महिन्दर और सुश्री मंदाकिनी को मिला श्रवण यंत्र-दोनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का किया आभार व्यक्तरायपुर /जशपुर अंचल के लोगों की उम्मीदों का नया आशियाना बनते जा रहा है ग्राम बगिया का मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय। दूर-दूर से लोग यहां बहुत उम्मीद के साथ आम लोग अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचते हैं। यहां पहुंचने वाले लोगों की समस्याओं को न केवल गंभीरतापूर्वक सुना जा रहा है, बल्कि उनका यथोचित सामाधान भी किया जा रहा है।60 वर्षीय ग्राम दोकड़ा, विकासखंड कांसाबेल निवासी श्री महिन्दर कश्यप विगत कई वर्षों से कान से न सुनने की समस्या से पीड़ित थे। इस समस्या की वजह से उन्हें अपने दैनिक जीवन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में उनकी समस्या का तत्काल संज्ञान लेते हुए उन्हें श्रवण यंत्र प्रदान किया गया। श्रवण यंत्र मिलने से अपनी खुशी जाहिर करते हुए श्री कश्यप बताते हैं कि उन्हें अब सुनने में कोई परेशानी नहीं होती है। अपने दैनिक जीवन के कार्याकलापों में भी उन्हें आसानी हो रही हैं। उन्होंने बताया सबसे बड़ी खुशी की बात यह है की उनका साढ़े 3 साल का पोता है। अब उनकी मीठी जुबान को भी वह आसानी से सुन सकता है और उनसे ढेर सारी बातें कर सकता हैं।इसी तरह श्रवणबाधित की समस्या से परेशान ग्राम मृखोल पंचायत सुण्डरू पोस्ट जामबहार तहसील फरसाबार निवासी सुश्री मंदाकिनी यादव भी मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में श्रवण यंत्र मिलने से काफी खुश हैं। वे बताती हैं कि उनकी ना सुनने की समस्या के इलाज के लिए बहुत से अस्पतालों में गई। लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पाया। जिससे वह काफी निराश हो गई थी। उन्हें जब पता चला कि कैंप कार्यालय से उनकी समस्या का सामाधान हो सकता है तो उन्होंने आवेदन किया। कैंप कार्यालय में उनकी समस्या को संज्ञान लेते हुए श्रवण यंत्र दिया गया है। श्रवण यंत्र मिलने से वह काफी खुश है। वे बताती है कि अब उन्हें सुनने में कोई परेशानी नहीं होती है। इसके लिए सुश्री मंदाकिनी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त किया है।
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रायपुर / अपरिहार्य कारणों से छत्तीसगढ़ के जनजातीय अद्भुत एवं विविध संस्कृति पर केंद्रित 9 से 11 अगस्त 2024 तक कलावीथिका महंत घासीदास संग्रहालय, घड़ी चौक, रायपुर में आयोजित होने वाली तीन दिवसीय फोटो प्रदर्शनी आगामी तिथि तक स्थगित कर दी गई है।
- -मुख्य सचिव ने ई-ऑफिस प्रक्रिया की समीक्षा कीरायपुर, /मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में ई-ऑफिस के क्रियान्वयन की समीक्षा की। एनआईसी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने मंत्रालय में ई-ऑफिस प्रक्रिया का प्रस्तुतिकरण दिया। इस अवसर पर मंत्रालय के सभी विभागों भारसाधक सचिव मौजूद थे। ई-ऑफिस के अंतर्गत ई-फाईल मेनेजमेंट सिस्टम, ई-फाईल प्रोसेस, एपीआई यूनिट डेटा डिस्प्ले, इंम्पिलिमेंट ई-ऑफिस, ई-फाईल एमआईएस रिपोर्ट सहित ई-ऑफिस की अन्य गतिविधियों के बारे में अधिकारियों को प्रस्तुतिकरण के जरिए जानकारी दी गई। मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने सभी विभागों के अधिकारियों को ई-ऑफिस की प्रक्रियाओं को जानने तथा ई-ऑफिस के तहत कार्य करने के लिए सभी आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए है। उन्होंने ई-ऑफिस के क्रियान्वयन के लिए एनआईसी के अधिकारियों को मंत्रालय में लगातार बैठने के निर्देश दिए है। इस मौके पर मुख्यमंत्री जनदर्शन पोर्टल के बारे में भी अधिकारियों को विस्तार से जानकारी दी। जनदर्शन पोर्टल के बारे में मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत ने पोर्टल के माध्यम से जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों के शीघ्र निराकरण की प्रक्रिया से अवगत कराया। 15 अगस्त से मंत्रालय में ई-ऑफिस का क्रियान्वयन चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। ई-ऑफिस से प्रशासन के कार्यों में तेजी आएगी। ई-फाइल तकनीक से मंत्रालय में सभी नोटशीट ऑनलाइन लिखी और भेजी जाएगी, फाइल के मूवमेंट में तेजी आयेगी। मंत्रालय में किस स्तर पर कितने दिनों से फाइल रुकी हुई है, इसकी जानकारी भी तत्काल प्राप्त हो जाएगी। जिससे की शासन स्तर में समीक्षा करना सरल हो जाएगा। समस्त फाइल ऑनलाइन उपलब्ध रहने से प्रशासन में पारदर्शिता आएगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से आयोजित इस बैठक में अपर मुख्य सचिव धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व श्री सुब्रत साहू, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, सचिव मुख्यमंत्री एवं सुशासन एवं अभिसरण श्री राहुल भगत, नगरीय प्रशासन एवं मुख्यमंत्री के सचिव श्री बसवराजू एस., सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री अन्बलगन पी., वित्त विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल, आयुक्त जनसम्पर्क श्री मयंक श्रीवास्तव सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
- रायपुर /मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ राज्य एड्स परिषद की बैठक आयोजित की गई। बैठक में एचआईही की रोकथाम तथा देखभाल के लिए संचालित सेवाओं की समीक्षा की गई। बैठक में एचआईवी एड्स के साथ जी रहे लोगों को मुख्यधारा में लाने और एचआईवी के नियंत्रण एवं उपचार प्रदान करने के साथ अंतर्विभागीय समन्वय पर विस्तार से चर्चा गई। अधिकारियों ने बताया कि एचआईवी संक्रमित लोगों की पहचान कर उन्हे निःशुल्क उपचार प्रदाय किया जा रहा है। एचआईवी संक्रमितों को मुख्यधारा से जोड़ने एवं उनके प्रति भेदभाव को कम करने की आवश्यकता है। इसी क्रम में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने लिए अन्य विभाग के प्रतिनिधियों से चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को एड्स के प्रति जन-जागरूकता कार्यक्रमों को जनसहभागिता से करने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिए है।मुख्य सचिव ने समस्त विभागों को निर्देश दिए कि एचआईवी संक्रमितों के साथ भेदभाव न करते हुए उन्हें रोजगार के समुचित अवसर प्रदाय किये जाने चाहिए। साथ ही राज्य में प्रत्येक गर्भवती महिला की एचआईवी जांच की जानी चाहिए। अधिकारियों ने बताया कि राज्य में एचआईवी जांच बढाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार तथा अन्य विभागों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में एचआईवी विषय को शामिल करते हुए प्रशिक्षण प्रदाय किया जाएगा। साथ ही विभाग द्वारा राज्य के औद्योगिक जिलो में व्यापक स्तर पर जांच कर संक्रमितों की पहचान कर उन्हें निःशुल्क उपचार प्रदाय किया जा रहा है।अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण श्री मनोज पिंगुआ, वित्त विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, नगरीय प्रशासन विभाग और राज्य एड्स नियंत्रण समिति के सदस्य एवं स्वास्थ्य विभाग और अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
- रायपुर /मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ राज्य एड्स परिषद की बैठक आयोजित की गई। बैठक में एचआईही की रोकथाम तथा देखभाल के लिए संचालित सेवाओं की समीक्षा की गई। बैठक में एचआईवी एड्स के साथ जी रहे लोगों को मुख्यधारा में लाने और एचआईवी के नियंत्रण एवं उपचार प्रदान करने के साथ अंतर्विभागीय समन्वय पर विस्तार से चर्चा गई। अधिकारियों ने बताया कि एचआईवी संक्रमित लोगों की पहचान कर उन्हे निःशुल्क उपचार प्रदाय किया जा रहा है। एचआईवी संक्रमितों को मुख्यधारा से जोड़ने एवं उनके प्रति भेदभाव को कम करने की आवश्यकता है। इसी क्रम में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने लिए अन्य विभाग के प्रतिनिधियों से चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को एड्स के प्रति जन-जागरूकता कार्यक्रमों को जनसहभागिता से करने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिए है।मुख्य सचिव ने समस्त विभागों को निर्देश दिए कि एचआईवी संक्रमितों के साथ भेदभाव न करते हुए उन्हें रोजगार के समुचित अवसर प्रदाय किये जाने चाहिए। साथ ही राज्य में प्रत्येक गर्भवती महिला की एचआईवी जांच की जानी चाहिए। अधिकारियों ने बताया कि राज्य में एचआईवी जांच बढाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार तथा अन्य विभागों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में एचआईवी विषय को शामिल करते हुए प्रशिक्षण प्रदाय किया जाएगा। साथ ही विभाग द्वारा राज्य के औद्योगिक जिलो में व्यापक स्तर पर जांच कर संक्रमितों की पहचान कर उन्हें निःशुल्क उपचार प्रदाय किया जा रहा है।अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण श्री मनोज पिंगुआ, वित्त विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, नगरीय प्रशासन विभाग और राज्य एड्स नियंत्रण समिति के सदस्य एवं स्वास्थ्य विभाग और अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
- रायपुर /मुख्य सचिव अमिताभ जैन की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन एजेंसी की शासी परिषद की सातवी बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जलग्रहण क्षेत्र विकास कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन के संबंध में भारत सरकार द्वारा निर्धारित गाईडलाइन के अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए है। इसी तरह से प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, जलग्रहण क्षेत्र विकास कार्यक्रम के अंतर्गत पौधा रोपण सहित अमृत सरोवर, स्टापडेम, चेकडेम, ड्रिप सिस्टम सहित अन्य जलसंग्रहण क्षेत्र की गतिविधियों एवं कार्यक्रमों की समीक्षा की गई।बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि राज्य में करीब 4850 जलग्रहण संरचनाओं का निर्माण किया गया है। इससे करीब 8530 हेक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त सिंचाई रकबा की वृद्धि हुई है। इससे राज्य के किसानों को लाभ हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि जलग्रहण परियोजनाओं के अंतर्गत 125 हेक्टेयर क्षेत्र में कैक्टस खेती का भी लक्ष्य निर्धारित किया गया है।बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त सुश्री शहला निगार, वित्त विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुल हक सहित वन विभाग, ग्रामीण आजीविका मिशन, नाबार्ड, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, केन्द्रीय भूमि जल बोर्ड सहित शासी परिषद के अन्य सदस्य शामिल हुए।
- -शिक्षकों को इस संबंध में जागरूक करने कार्यशाला आयोजितरायपुर, / आधुनिक तकनीक और मोबाइल के अत्यधिक उपयोग ने बच्चों को साइबर बुलिंग के जोखिम में डाल दिया है। साइबर बुलिंग से बच्चों को बचाने और उन्हें सुरक्षित रखने के उद्देश्य से जिला शिक्षा अधिकारी रायपुर एवं राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाईट) में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।इस कार्यशाला में रायपुर और आसपास के क्षेत्रों के सभी स्कूलों के प्राचार्यों ने भाग लिया। मुख्य अतिथि सोनल गुप्ता, सदस्य बाल संरक्षण आयोग, ने साइबर बुलिंग के बढ़ते खतरे पर गहन चर्चा की और शिक्षकों से इस दिशा में सतर्क रहने का आग्रह किया। साइबर बुलिंग के अंतर्गत बच्चों के साथ हो रही छेड़छाड़, अपमानजनक टिप्पणियाँ, हतोत्साहित करने वाले संदेश और अन्य मनोवैज्ञानिक उत्पीड़न शामिल हैं। शिक्षकों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे न केवल बच्चों को शिक्षित करें बल्कि उन्हें इन खतरों से भी बचाएँ।कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी रायपुर डॉ. विजय कुमार खण्डेलवाल ने बताया कि साइबर बुलिंग आज के समाज के लिए एक गंभीर खतरा बन चुका है। बच्चों के बीच यह प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है, जिससे उनके मानसिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि स्कूलों, खेल के मैदानों, कोचिंग संस्थानों और स्कूल के बाहर बच्चों के साइबर बुलिंग के शिकार होने की संभावना अधिक होती है। इस दौरान कुछ सामान्य संकेतों को पहचाना जा सकता है, जैसे कि बच्चों का असामान्य व्यवहार, शारीरिक और मनोवैज्ञानिक संकेत, अत्यधिक मौखिक और शारीरिक झगड़े, छेड़खानी करने वाली टोली में शामिल होना, आक्रामक व्यवहार, नए छात्रों का उत्पीड़न, लगातार प्राचार्य कक्ष में जाना। कार्यशाला में विशेषज्ञों ने साइबर बुलिंग के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की और शिक्षकों को इसके रोकथाम के उपाय सुझाए। इस कार्यशाला का उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उन्हें एक सुरक्षित वातावरण प्रदान करना था।
- रायपुर /मुख्यमंत्री निवास में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में रायपुर जिले के लखना से आए ग्रामीण ने आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से मुलाकात करके गांव के समीप वन भूमि पर अतिक्रमण और रेत के अवैध उत्खनन कर परिवहन करने की शिकायत की। मुख्यमंत्री ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले का परीक्षण कर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में प्राप्त आवेदन वनमंडलाधिकारी को कार्रवाई के लिए भेजा गया है। जनदर्शन के दौरान रायपुर जिले के ही आरंग विकासखंड की ग्राम पंचायत भलेरा के ग्रामीणों ने सरपंच और पंच के खिलाफ मनरेगा में फर्जीवाड़ा की शिकायत करते हुए निष्पक्ष जांच कराने का आवेदन दिया। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर रायपुर को मामले की जांच कर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए।
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-मुख्यमंत्री ने कहा बस सुविधा और एंबुलेंस उपलब्ध कराएंगे
रायपुर / मुख्यमंत्री निवास रायपुर में आज साप्ताहिक जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के दूरदराज से आए लोगों का तांता लगा रहा। इसी क्रम में कोरबा जिले के कुसमुंडा के भू विस्थापित ग्रामीण परिवार आज जनदर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से मिले। इन परिवारों ने बताया कि वे जटराज, पाली और सोनपुरी जैसे विभिन्न गांव में रहते हैं। इनमें बस सुविधा नहीं होने की वजह से बच्चों को स्कूल पहुंचने में काफी समस्या होती है। अगर स्कूल बस की सुविधा शासन द्वारा दे दिए जाए तो बहुत अच्छा होगा। इसके साथ ही ग्रामीणों ने एक एंबुलेंस की भी मांग की। उन्होंने कहा कि एंबुलेंस नहीं होने की वजह से गंभीर रूप से पीड़ित मरीजों को कोरबा जिला मुख्यालय पहुंचने में दिक्कत होती है। मुख्यमंत्री श्री साय ने मौके पर ही कलेक्टर कोरबा को इन दोनों सुविधाओं के लिए निर्देशित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शीघ्र ही आपकी दोनों समस्याएं हल हो जायेंगी और बच्चे भी स्कूल जा सकेंगे तथा लोगों के लिए एंबुलेंस की सुविधा भी हो सकेगी। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को बहुत-बहुत धन्यवाद दिया। - -भारत के विभिन्न राज्यों से आये पर्यटन प्रचारकों ने किया जंगल सफारी का भ्रमणरायपुर / छत्तीसगढ़ में 5 से 8 अगस्त तक “छत्तीसगढ़ कनेक्ट 2024” कार्यक्रम का आयोजन छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड, टूरिज़्म इंडिया अलायन्स और छत्तीसगढ़ टूरिज़्म ट्रेड एसोसिएशन के संयुक्त तत्वाधान में किया गया है। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में भारत के विभिन्न राज्यों से 40 से अधिक पर्यटन प्रचारकों को आमंत्रित कर छत्तीसगढ़ की अनूठी सुंदरता विशेषकर बस्तर का विशेष अनुभव कराया गया। कार्यक्रम के तहत देशभर से आये पर्यटन प्रचारक छत्तीसगढ़ की नैसर्गिक सुंदरता से मंत्रमुग्ध हो गए।इसी तारतम्य में आज 8 अगस्त 2024 को पर्यटन प्रचारक नवा रायपुर स्थित जंगली सफारी का भ्रमण करने पहुंचे, जहां प्रबंधन द्वारा उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। जंगल सफारी भ्रमण की शुरुआत "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के अन्तर्गत पौधारोपण से हुई, जो पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता को उजागर करता है।जंगल सफारी के संचालक श्री धम्मशील गणवीर ने सफारी के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए पर्यटन प्रचारकों को क्षेत्र के विविध वन्यजीवों और प्राकृतिक परिदृश्यों के बारे में बताया। उन्होंने बस्तर क्षेत्र में अपने पूर्व अनुभवों को भी साझा किया, जिसमें स्थानीय जनजातीय समुदायों और उनकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साथ प्रकृति से गहरे संबंधों का उल्लेख किया।इस दौरान अतिथियों को जंगल सफारी पर आधारित डाक्यूमेंट्री फ़िल्म भी दिखाई गई l जंगल सफारी के संचालक श्री धम्मशील गणवीर ने युवान वोलंटियर्स प्रोग्राम के माध्यम से युवाओं को वन्यजीव संरक्षण में जोड़ने के लिए जंगल सफारी प्रबंधन द्वारा किए गए प्रयासों के बारे में भी बताया साथ ही छत्तीसगढ़ में जंगल सफारी को पर्यटन का प्रमुख आकर्षन बनाने में टूरिज्म स्टेकहोल्डर्स की भूमिका पर ज़ोर दिया l उन्होंने सभी पर्यटन ऑपरेटरों और प्रचारकों से छत्तीसगढ़ में ईको पर्यटन राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने की अपील की। file photo
- रायपुर / छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारियों को ‘हर घर तिरंगा’ कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। यह कार्यक्रम 09 अगस्त से 15 अगस्त 2024 तक स्वतंत्रता सप्ताह के दौरान आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय ध्वज ‘तिरंगा’ के प्रति गौरव की भावना को बढ़ावा देना और आम जनता में देश प्रेम की भावना को विकसित करना है। कार्यक्रम के अंतर्गत सभी कार्यक्रम के अंतर्गत सभी स्कूलों में शिक्षक, विद्यार्थी, एनसीसी, एनएसएस के कैडेट, अभिभावक, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे अपने घरों पर तिरंगा फहराएं।स्कूल शिक्षा विभाग ने स्कूलों में विभिन्न गतिविधियों का भी आयोजन करने का निर्देश दिया है, जिसमें स्कूल स्तर पर तिरंगा रैलियों का आयोजन, तिरंगा दौड़ और मैराथन का आयोजन, तिरंगा सम्मान का आयोजन, विद्यार्थियों द्वारा प्रभात फेरी, विद्यालयों में ध्वजारोहण उपरांत मिष्ठान वितरण का आयोजन और तिरंगा सम्मान से संबंधित निबंध व चित्रकला प्रतियोगिताएं शामिल हैं। सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे कार्यक्रम के सुचारू संचालन की निगरानी सुनिश्चित करें।
- -सतर्कता प्रकोष्ठ द्वारा की गई 1.02 करोड़ रूपए की राजस्व हानि की पहचान-संबंधित उप पंजीयक एवं जिला पंजीयकों को जारी किया गया कारण बताओ नोटिसरायपुर / छत्तीसगढ़ शासन के पंजीयन विभाग द्वारा अचल संपित्तयों के क्रय-विक्रय पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इन संपत्तियों के पंजीयन के दौरान दस्तावेज़ों के गलत मूल्यांकन को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाये हैं। विभाग के सर्तकता प्रकोष्ठ द्वारा 18 प्रकरणों में 1.02 करोड़ रुपये की राजस्व हानि की पहचान की और इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। सर्तकता प्रकोष्ठ द्वारा संबंधित जिलों के जिला पंजीयक शुल्क की वसूली के लिए प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए है। साथ ही संबंधित उप पंजीयक एवं जिला पंजीयकों को कारण बताओं नोटिस भी जारी किया गया है।गौरतलब है कि राज्य में स्थित 102 पंजीयन कार्यालयों में पंजीबद्ध होने वाले दस्तावेजों में कर अवपंचन की रोकथाम और सतत् निगरानी के लिए महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक मुख्यालय में विभागीय सतर्कता प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। पंजीयन विभाग द्वारा अचल संपत्ति के क्रय-विक्रय से संबंधित दस्तावेजों का पंजीयन से वित्तीय वर्ष 2023-24 में विभाग ने लगभग 2505.98 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया है।महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक से मिली जानकारी के अनुसार सतर्कता प्रकोष्ठ द्वारा रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, रायगढ़ और बेमेतरा जिले के अधिनस्थ पंजीयन कार्यालयों में पंजीबद्ध दस्तावेजों की रेण्डम जांच की गई। जिनमें 18 प्रकरणों में 1.02 करोड़ रूपए की राजस्व हानि पायी गई है। इन प्रकरणों में कम बाजार मूल्य का निर्धारण, इसके अलावा मुख्य मार्ग से लगी हुई एक ही खसरे की भूमि को दो दस्तावेजों के माध्यम से मुख्य मार्ग एवं अन्य मार्ग के दर अनुसार अलग-अगल उप पंजीयकों से पंजीयन कराया जाना पाया गया है। साथ ही गाइडलाईन के उपबंधों के अनुसार मूल्याकंन नहीं किया गया है। स्टाम्प शुल्क की छूट का प्रमाण पत्र जिस व्यक्ति के नाम से था उसके नाम से दस्तावेज का पंजीयन न किया जाकर अन्य व्यक्ति के नाम से दस्तावेज का पंजीयन किया गया है तथा औद्योगिक संपत्ति का 25 प्रतिशत अधिक मूल्यांकन नहीं किया गया है। स्टाम्प शुल्क छूट का प्रमाण पत्र बैंक के लोन पर प्रभार्य मुद्रांक शुल्क से छूट का था परंतु उस प्रमाण का लाभ भूमि क्रय करने हेतु लिया गया है। स्टाम्प शुल्क छूट निजी भूमि के क्रय पर दिया गया है परंतु औद्योगिक इकाई द्वारा स्टाम्प शुल्क छूट का लाभ भवन, शेड, मशीनरी हेतु लिया गया है।
- *एस्ट्रोफी ऑफ ब्लैडर से पीड़ित है 8 साल का बच्चा लक्ष्य**बच्चे के इलाज के लिए चिंतित पिता की जनदर्शन में दूर हुई चिंता*रायपुर/रायपुर के फाफाडीह के रमण मंदिर वार्ड से आए रोशन साहू ने मुख्यमंत्री जनदर्शन में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को बेटे के इलाज के संबंध में आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि उनका बेटा 8 साल का लक्ष्य एस्ट्रॉफी ऑफ़ ब्लैडर बीमारी से पीड़ित है l इसके इलाज के लिए वह हर जगह गए। उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है लेकिन उन्होंने इलाज की पूरी कोशिश की।जब इस बात की जानकारी मिली कि अहमदाबाद सिविल अस्पताल में ऑस्ट्रेलिया फाउंडेशन द्वारा इस बीमारी का मुफ्त इलाज होता है तो वे वहां भी गए लेकिन वहां बताया गया कि अहमदाबाद इसके लिए नियमित रूप से जाना पड़ेगा। रोशन ने बताया कि खराब आर्थिक स्थिति की वजह से अहमदाबाद जाने में काफी खर्च होता है। ऐसे में मुख्यमंत्री को आवेदन देने आए हैं।उनकी समस्या सुनकर मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को संबंध में निर्देशित किया, उन्होंने कहा कि बच्चे की बीमारी के संबंध में इलाज की उचित व्यवस्था करें तथा इस संबंध में आ रही दिक्कतों को दूर करें। लक्ष्य के पिता ने मुख्यमंत्री का जनदर्शन में बहुत-बहुत आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मैं बच्चे का लंबे समय तक इलाज करते हुए परेशान हो गया था और हिम्मत हार चुका था अब मुख्यमंत्री के मिलने के बाद मुझे नई उम्मीद जगी है।
- *अनुकंपा नियुक्ति के संबंध में शीघ्र कारवाई के लिए अधिकारियों को दिए निर्देश*रायपुर / मुख्यमंत्री जनदर्शन में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से मिलने दो बहनें आईं। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन से पहले जनदर्शन में आए हैं इसलिए पहले राखी बांधेंगी। रिशी अग्रवाल और सिद्धका गोस्वामी बिलासपुर और बेमेतरा से मुख्यमंत्री के लिए राखी लेकर आई थी। उन्होंने मुख्यमंत्री को राखी बांधी। रिशी ने बताया कि उनके पिता डॉ जे पी वर्मा शासकीय महाविद्यालय बिलासपुर में प्रोफेसर के पद पर थे। उनका निधन हो गया उन्हें अनुकंपा नियुक्ति उनकी शिक्षा के मुताबिक मिले तो अच्छा लगेगा और उन्होंने तृतीय श्रेणी के पद के लिए आग्रह किया।इसी तरह सिद्धिका गोस्वामी ने बताया कि वे परपोडी बेमेतरा से हैं। उनके पिता गोडमर्रा विद्यालय में टीचर थे उनका निधन हो गया और अब अनुकंपा नियुक्ति के लिए उन्होंने आवेदन दिया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि आप राखी के पूर्व मेरे लिए राखी लेकर आई है और आपने मेरे हाथों में राखी बांध दिया। छत्तीसगढ़ की सभी बहनों का स्नेह मुझ पर है।रक्षाबंधन का तोहफा मैं आपको अनुकंपा नियुक्ति के रूप में जल्दी प्रेषित करूंगा।
- रायपुर/ राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में आयोजित जनदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी पहुंची हैं। उनमें से कुछ महिलाएं अपनी समस्या लेकर पहुंची तो कुछ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को महतारी वंदन योजना के लिए धन्यवाद देने जनदर्शन में आई।राजिम से आई श्रीमती हेमलता तारक, श्रीमती पूर्णिमा बंजारे और श्रीमती पूर्णिमा ने बड़े हर्ष से बताया कि इस महीने जैसे ही महतारी वंदन का पैसा खाते में आया तभी सोच लिया कि इनसे अब धूमधाम से रक्षाबंधन मनाएंगे। भाईयों के लिए राखी और अच्छी मिठाईयां खरीदेंगे।उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने हमें आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए महतारी वंदन योजना की शुरुआत की। हम मुख्यमंत्री श्री साय का आभार व्यक्त करते हैं। भिलाई की श्रीमती अंजना दास और श्रीमती सुनंदा साहू ने कहा कि महतारी वंदन का पैसा जब-जब खाते में आता है, बहुत खुशी मिलती है। योजना में आए कुछ पैसे खर्च करते हैं और कुछ बचाते हैं।गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महतारी वंदन योजना की छठवीं किश्त एक अगस्त को जारी कर दी है। इस योजना अंतर्गत लगभग 70 लाख माताओं-बहनों के खातों में राशि अंतरित हुई। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी के अनुरूप माताओं-बहनों को हर महीने महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 1000 रूपए देने का संकल्प लिया था।प्रशासनिक अमले ने तेजी से सर्वे का काम पूरा करते हुए हितग्राही महिलाओं से फार्म भरवाए और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 10 मार्च को महतारी वंदन योजना की पहली किश्त जारी की थी। इसके पश्चात नियमित रूप से यह किश्त जारी की जा रही है। नियमित रूप से यह राशि आने की वजह से महिलाएं काफी खुश हैं। कुछ महिलाएं अपने घरेलू बजट को इससे व्यवस्थित कर पा रही हैं, तो कुछ राशि को बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में खर्च कर रही हैं। कुछ भविष्य के लिए पैसे बचा रहीं हैं और कुछ निवेश भी कर रही हैं।महतारी वंदन योजना के क्रियान्वयन में सुशासन के मूल्य स्पष्ट झलकते हैं। डीबीटी के माध्यम से राशि का अंतरण हो रहा है इससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है। बीते दिनों जनदर्शन में भी बहुत सी महिलाओं ने आवेदन दिए साथ ही महतारी वंदन योजना को लेकर अपनी खुशी भी जाहिर की थी। इन महिलाओं ने मुख्यमंत्री से कहा कि विष्णु का सुशासन हमारे जीवन में बहुत सुख-समृद्धि लेकर आया है। इसके पहले महिलाओं को लेकर इतनी अच्छी योजना हमारे राज्य में क्रियान्वित नहीं की गई थी। इससे हमारे सपने पूरे हो रहे हैं।
- 6 हजार 200 से अधिक श्रमिक परिवारों को 11 करोड़ 41 लाख रूपये की सहायता राशि के चेक मिले*रायपुर/ मुख्यमंत्री निवास में आयोजित जनदर्शन में आज हजारों की तादाद में प्रदेशभर से लोग अपनी फरियाद लेकर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से मिलने पहुंचे हैं। रिमझिम फुहारों के बीच लोग पूरी उम्मीद और उत्साह के साथ मुख्यमंत्री श्री साय से मिल रहे हैं। इसी दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल के तहत 12 हितग्राहियों को प्रतीकात्मक रूप से सहायता राशि के चेक सौंपे। ज्ञात हो कि आज की मुख्यमंत्री जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान श्रम विभाग की ओर से 6 हजार 205 हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के तहत कुल 11 करोड़ 41 लाख 25 हजार 500 रूपये की सहायता राशि के चेक प्रदाय किए गए। इसमें मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना के तहत दो हजार 606 हितग्राहियों को 05 करोड़ 21 लाख 20 हजार रूपये, मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत दो हजार 593 हितग्राहियों को 05 करोड़ 18 लाख 60 हजार रूपये तथा मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के तहत 827 हितग्राहियों को 15 लाख 66 हजार रूपये के चेक प्रदाय किए गए।इसी तरह मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के तहत 100 हितग्राहियों को 20 लाख रूपये के चेक, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के तहत 34 हितग्राहियों को 34 लाख रूपये, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के तहत 29 हितग्राहियों को 30 लाख 50 हजार रूपये तथा मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के 16 हितग्राहियों को कुल एक लाख 29 हजार रूपये के चेक दिए गए।
- बिलासपुर/कलेक्टर अवनीश शरण ने आज सवेरे तारबहार स्थित घोड़ादाना प्राथमिक स्कूल का आकस्मिक निरीक्षण किया। स्कूल में कक्षा पहली से पांचवी तक 118 बच्चे पढ़ाई करते हैं। उन्होंने बच्चों से पूछताछ कर पढ़ाई की गुणवत्ता परखी। अपने सामने उन्होंने हिन्दी और अंग्रेजी के कुछ पाठ पढ़ने कहा। पढ़ने की गति संतोषप्रद पाई गई। उन्होंने कम्प्यूटर कक्ष का भी अवलोकन किया। पांचवी की छात्राएं बुनियादी चीजें सीख रही थीं। कुछ सवाल देकर उनका हौसला बढ़ाया। दूसरी के बच्चों का खेल खेल में शिक्षा का अभ्यास कराया जा रहा था। मध्यान्ह भोजन योजना के बारे में भी बच्चों से जानकारी ली। स्कूल की समस्याएं भी सुनी। बताया गया कि स्कूल में जगह की कमी है। उनका स्वयं का सामने में भवन है। लेकिन टॉयलेट एवं थोड़ी मरम्मत की जरूरत है। कलेक्टर ने नगर निगम आयुक्त को इनका मरम्मत करने के निर्देश दिए। उन्होंने चाकलेट बांटकर बच्चों का हौसला भी बढ़ाया। इस अवसर पर संयुक्त संचालक आरपी आदित्य, सहायक संचालक अनिल तिवारी, संकुल समन्वयक एवं सेजेस स्कूल की प्राचार्या उषा चन्द्रा भी उपस्थित थीं।
- बिलासपुर/ कलेक्टर श्री अवनीश शरण के निर्देश पर बाल श्रमिकों के निरीक्षण करने जिले में दल गठित किया गया है। बाल श्रमिक अधिनियम, 1986 के अंतर्गत जिले के नगर निगम क्षेत्र में विभिन्न कॉम्प्लेक्स एवं संस्थानों का निरीक्षण किया जाना है निरीक्षण दल में श्रम निरीक्षक, पुलिस अधीक्षक एवं महिला एवं बाल विकास विभाग व चाईल्ड लाईन के सदस्य के साथ संयुक्त रूप से 13 अगस्त तक संतत् निरीक्षण की कार्यवाही किया जावेगा ।
- बिलासपुर/वर्ष 2023-24 में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के ऐसे कॉलेज विद्यार्थी जिन्होंने ऑनलाईन छात्रवृत्ति पोर्टल में अपने फॉर्म में संस्था परिवर्तन, पाठ्यक्रम परिवर्तन या दोनो स्थिति में सुधार के लिए आदिवासी विकास विभाग कार्यालय में आवेदन दिए थे। उन सभी विद्यार्थियों के लिए पंजीयन, स्वीकृति एवं भुगतान के लिए विभागीय पोर्टल https://postmatric-scholarship.cg.nic.in/ में 10 अगस्त तक आवेदन कर सकते हेै। निर्धारित समय पर आवेदन नही करने पर समस्त जिम्मेदारी छात्र एवं संस्था प्रमुख की होगी। छात्रवृत्ति पोर्टल में किसी प्रकार की दिक्कत होती है तो विद्यार्थी तत्काल सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग कार्यालय, पुराना कम्पोजिट बिल्डिंग के कक्ष क्रमांक 19 के छात्रवृत्ति शाखा से या पोर्टल में दर्ज मोबाईल नंबर पर कार्यालयीन समय में संपर्क कर सकते है।
- बिलासपुर/राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत 7 अगस्त को नवीन शासकीय महाविद्यालय पचपेड़ी में दीक्षारंभ समारोह सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्रीमती किरण संतोष यादव जिला पंचायत सदस्य एवं विशिष्ट अतिथियों के हाथों दीप प्रज्वलित कर किया गया। प्राचार्य बी. आर. खूंटे ने स्वागत भाषण दिया। विशिष्ट अतिथि धनराज नायक सरपंच पचपेड़ी, डी. के. कुर्रे प्राचार्य शासकीय कन्या शाला पचपेडी एवं मुख्य अतिथि का आशीष उद्बोधन हुआ। राष्ट्रीय शिक्षा नीति क्रियान्वयन प्रकोष्ठ के सदस्य डॉ डी के सिंह सहायक प्राध्यापक शासकीय पातालेश्वर महाविद्यालय मस्तूरी के द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उच्च शिक्षा में लागू प्रावधानों के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार पूर्वक व्याख्यान पीपीटी के द्वारा प्रस्तुत किया गया। साथ ही स्नातक प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों को विषय चयन हेतु प्रपत्र भी भरवाया गया। कार्यक्रम के अंत में प्रो. मंगल चंद निराला प्रभारी नवीन शासकीय महाविद्यालय पचपेडी के द्वारा आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों के द्वारा महाविद्यालय प्रवेश द्वार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के थीम पर रंगोली से सजाया गया था। इस अवसर कार्यक्रम में ग्राम के गणमान्य नागरिक देवेंद्र जायसवाल, अभिनय डहरिया सहायक प्राध्यापक, कर्मचारीगण संतोष वैद्य, रोहिणी साहू, मुकेश कुमार, वृजेश कोरी, अनिल उपाध्याय एवं पालकगण उपस्थित रहे।


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