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- रायपुर /बात कुछ महीने पहले की ही है। राजकुमारी की जिंदगी किसी राजकुमारी की तरह तो दूर की बात, एक सामान्य इंसान की तरह भी न थी। जंगल में रहना, तेंदू-चार बीनना,बकरी चराना, घर में बाड़ी में काम करना तो कभी खेतों में हल चलाना और सुबह-शाम चूल्हें फूंकना राजकुमारी के जिंदगी की जद्दोजेहद में शामिल थी। शहर से लगभग 90 किलोमीटर दूर पेंड्रीडीह गाँव की पहाड़ी कोरवा महिला राजकुमारी की ख्वाहिश तो थी कि वह पढाई करें और कुछ नौकरी करें। पढ़ाई की उनकी यह ख्वाहिश पूरी तरह से पूरी नहीं हो सकी। लेकिन जितना भी पढ़ी थीं, उन्हें समझ थी कि पढ़ाई ही एक ऐसा माध्यम है जो उन्हें और उनके समाज को उन्नति की राह पर आगे ले जा सकता है। एक उम्र के साथ ही घर वालो द्वारा रिश्ता तय करने के बाद ससुराल आई राजकुमारी को जब मालूम हुआ कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा जिले के शिक्षित पहाड़ी कोरवाओं को नौकरी दी जा रही है तो उन्होंने देरी नहीं की। अपना आवेदन दिया और पक्के इरादों के साथ जंगल से दूर आकर शहर में नौकरी शुरू की। अब जब नौकरी मिल गई है तो पहाड़ी कोरवा राजकुमारी की दिनचर्या ही बदल गई है। पहले सुबह उठते ही जो कदम उबड़-खाबड़ पगडंडियों से होकर जंगल की ओर जाया करते थे, अब वह जिंदगी की नई पारी और एक नई जिम्मेदारी के साथ स्कूल की ओर आती है।कोरबा ब्लॉक के सुदूरवर्ती ग्राम पेंड्रीडीह की पहाड़ी कोरवा राजकुमारी ने कभी सोचा भी नहीं था कि एक दिन अचानक से उन्हें जंगल छोड़कर शहर आना पड़ेगा। उन्हें तो लगता था कि वह जंगल में ही पैदा हुई और अब जिंदगी इन्हीं जंगल में ही बीतेगी। जिले के शिक्षित बेरोजगार पहाड़ी कोरवा जनजाति के युवाओं को रोजगार से जोड़ने की पहल किए जाने के पश्चात वनांचल की राजकुमारी की किस्मत भी एकाएक बदल गई। अपना आवेदन जमा करने के साथ ही भृत्य पद के लिए चयनित हुई पेंड्रीडीह की राजकुमारी ने जंगल से शहर आकर नौकरी की शुरुआत की। आठवीं पास राजकुमारी ने बताया कि जंगल के आसपास ही उनके पुरखो की जिंदगी कटी है, वह भी काट रही थी। अचानक से शहर आना और यहाँ रहना कुछ अलग सा लगता है,लेकिन यह सब मंजूर है,क्योंकि आज वह जितनी पढ़ाई की उसी के हिसाब से उसे नौकरी मिली है। राजकुमारी का कहना है कि वह यदि जंगल में रहती तो उन्हें और उनके बच्चों को भी उन्हीं माहौल में ढलना पड़ता। उन्होंने बताया कि गाँव में आठवीं तक कि पढ़ाई पूरी करने के बाद शादी हो गई और वह अपने ससुराल में जाकर रहने लगी। उन्होंने अपनी दिनचर्या को बहुत कठिन बताते हुए कहा कि पहाड़ी कोरवा का परिवार ऐसे ही चुनौती और संघर्षमय जीवन व्यतीत करता आया है। उन्हें जब नौकरी मिली तो यह भी एक चुनौती की तरह है। धीरे-धीरे वह स्कूल में काम सीख रही है। यहाँ स्कूल के माहौल को देखकर लगता है कि हम लोग कितना पीछे हैं और जीवन में आगे बढ़ने के लिए शिक्षा का कितना महत्व है। पहाड़ी कोरवा राजकुमारी ने बताया कि आने वाले समय में वह अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देना चाहेगी। उन्हें जो नौकरी मिली है,इससे मिलने वाले वेतन से उसकी आर्थिक समस्या दूर होगी तथा बच्चों का बेहतर ढंग से परवरिश कर पायेगी। पहाड़ी कोरवा राजकुमारी को शहर के एनसीडीसी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में भृत्य के पद पर डीएमएफ से मानदेय के आधार पर जिला प्रशासन द्वारा नौकरी दी गई है।
- -मंत्री ओ.पी चौधरी ने नगर तथा ग्राम निवेश विभाग की समीक्षा की-सभी अधिकारी प्रकरणों का निराकरण समय सीमा में करना सुनिश्चित करें-कर्मचारी-अधिकारियों के सेटअप के संबंध में भी की गई चर्चारायपुर/आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ. पी चौधरी ने आज यहां न्यू सर्किट हाउस सिविल लाइन में नगर तथा ग्राम निवेश विभाग की समीक्षा की, जिसमें राज्य के सभी क्षेत्रीय कार्यालयों के अधिकारी उपस्थित हुए।मंत्री श्री चौधरी ने विभागीय समीक्षा बैठक में आवासीय कालोनियों के विकास अनुज्ञा, नियमितिकरण, विकास योजना तथा भवन निर्माण अनुज्ञा में सरलीकरण हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने ऑनलाईन प्रक्रिया में आ रही कठिनाईयों के संबंध में विस्तार से चर्चा की तथा उक्त समस्या को देखते हुए साफ्टवेयर में सरलीकरण करते हुए समस्त कार्यालय प्रमुखों को प्रकरणों का समय सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने निर्देशित किया।मंत्री श्री ओ. पी चौधरी द्वारा नए जिलों में कार्यालयों की स्थापना एवं कर्मचारियों के पद सरंचना के पुनःनिर्धारण पर भी चर्चा की गई साथ ही राज्य के प्रमुख जिले रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, राजनांदगाँव जैसे बड़े शहरों में कर्मचारियों-अधिकारियों के पद सरंचना में वृद्धि करने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की उचित व्यवस्था से आमजनों के प्रकरणों का निराकरण सुगमता से समय-सीमा पर किया जा सकता है।मंत्री श्री ओ. पी चौधरी ने संचालक श्री सौरभ कुमार को यह निर्देशित किया कि समस्त अधिकारी-कर्मचारी निर्धारित समय में कार्यालय में उपस्थित रहकर आमजनों के प्रकरणों का निराकरण करें। कार्यो में पारदर्शिता एवं तत्परता दिखनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मिलने के समय का निर्धारण कर इसकी सूचना कार्यालय के सूचना पटल पर अवश्य लगाए।इस अवसर पर आवास एवं पर्यावरण की सचिव श्रीमती आर. संगीता, नगर तथा ग्राम निवेश विभाग के संचालक श्री सौरभ कुमार, अपर संचालक श्री संदीप बांगड़े, सहित समस्त क्षेत्रीय कार्यालयों के प्रमुख अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।
- - गृहमंत्री ने केन्द्र तथा राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और निर्माण कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा की- श्री शर्मा ने कबीरधाम जिले के समग्र विकास, सिचाई परियोजना, बैंकिग सुविधाएं सहित शिक्षा, स्वास्थ्य और मूलभूत तथा बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिएरायपुर, /प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा ने कबीरधाम जिले के समग्र विकास, किसानों के आर्थिक विकास के लिए नई सिचाई परियोजनाओं, वनांचल सहित सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में बैकिंग सुविधाओं के विस्तार, शिक्षा, स्वास्थ्य और मूलभूत तथा बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया है।श्री शर्मा ने कबीरधाम जिले के दो दिवसीय प्रवास के दौरान वहां कलेक्ट्रोरेट कार्यालय के सभाकक्ष में केन्द्र तथा राज्य शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं, कार्यक्रमो की गहन समीक्षा की। उन्होने समीक्षा बैठक में जिले के वंनाचल क्षेत्रों में अधोसरंचना, पुल-पुलिया, सड़क, पीएम जनमन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, कृषि उपज मंडी के स्वीकृत विकास कार्य, विधायक निधी, प्रभारी मंत्री द्वारा स्वीकृत कार्य, मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास कार्य, त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थानों के क्षमता विकास योजना अंतर्गत स्वीकृत कार्य, मनरेगा के तहत स्वीकृत कार्य, लोक निर्माण विभाग के कार्य, नई सिचाई परियोजनाओं, वनांचल सहित सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में बैकिंग सुविधाओं के विस्तार, शिक्षा, स्वास्थ्य और मूलभूत तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की गहन समीक्षा की। उन्होने संबंधित विभागों को स्वीकृति के लिए प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने विभिन्न मदों से स्वीकृत कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि स्वीकृत निर्माण कार्यों में तेजी लाएं और निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी स्वीकृत कार्यो को पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होने कृषि उपज मंडी द्वारा स्वीकृत निर्माण कार्य को प्रांरभ नहीं करने पर कड़ी नाराजगी जाताई। उन्होने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा। निर्माण कार्य मे यदि गुणवत्ताहीन की शिकायत मिलती है ऐसे निमार्ण कार्यों की सभी पहलुओं की जांच कराई जाएगी और संबंधित विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए निर्माण एंजेसी तथा संबंधित ठेकेदारों पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी। उन्होने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्यों की सतत मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।उन्होने कलेक्टर को समय-समय पर निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करने के लिए भी कहा।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कबीरधाम जिले में किसानों के आर्थिक समृद्धि के लिए जिले के सूदूर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक की पांच नई शाखा खोलने के प्रस्ताव राज्य शासन को प्रेषित करने के निर्देश दिए। इन पांच नई बैकिंग शाखाओं में सूदूर वनांचल क्षेत्र के ग्राम चिल्फी, कोयलारी, झलमला, सुरजपुरा और राजानवागांव शामिल है। इन ग्रामो में बैकिंग सुविधाओं के विस्तार होने से क्षेत्र के हजारों किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा साथ ही शिक्षित युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर मिलेगे। उन्होंने जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक को राजनांदगांव से पृथक कर स्वतंत्र कबीरधाम जिले के लिए बैंक खोलने के प्रस्ताव बनाने के लिए जिला सहकारी केन्द्रीय बैक के नोडल अधिकारी को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव के केन्द्रीय जिला सहकारी बैंक कबीरधाम जिले के कूकदूर से लेकर मानपुर-मोहला तक कुल चार जिले संचालित हो रहे है, कार्य क्षेत्र विस्तार अधिक होने के कारण बैंकिंग से जुड़े किसानो की समस्याओं का निराकरण करने में विलंब हो जाता है, इसलिए कबीरधाम जिले में पृथक से बैंक खोलने पर विचार करने की जरूरत है।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने समीक्षा बैठक में ठाकुर देव चौके से लेकर नए हाईटेक बस स्टैण्ड तक सड़क चौड़ी करण, कवर्धा से सरोध मार्ग के चौड़ीकरण के प्रस्तावित कार्य की समीक्षा की। उन्होंने कवर्धा शहर के विस्तार को विशेष ध्यान में रखते हुए रायपुर-बिलासपुर मार्ग के लिए नए बाई पास निर्माण के लिए नेशनल हाईवे के अधिकारियों को सर्वें कर प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होने बैठक में राज्य शासन द्वारा कवर्धा से होते हुए खैरागढ़, राजनांदगांव, मोहला, मानपुर व बस्तर को जोड़ने वाले राजकीय मार्ग को नेशनल हाईवे में शामिल करने के प्रस्ताव की जानकारी भी दी। उन्होंने लोक निर्माण विभाग से रायपुर से बिलासपुर बाईपास मार्ग सात किलोमीटर के चौड़ी करण के प्रस्तावित कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उपमुख्यमंत्री ने जिले में रसोई गैस सिलेण्डर की सुगम आपूर्ति बनाए रखने के लिए जिले और कवर्धा शहर के लिए कुल चार नए गैस एजेंसी की स्वीकृति के लिए शासन एवं कपंनी को मांग पत्र भेजने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि जिले में वर्तमान में 12 एजेंसियों के माध्यम से रसोई गैस सिलेण्डर की आपूर्ति की जा रही है। उन्होने जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दृष्टि से वनांचल सहित सूदूर ग्रामीण क्षेत्र तरेगांव जंगल, दलदली, रामपुर, भिभौरी, इंदौरी, चिल्फी और राजानंवागांव क्षेत्र के आमजनों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए कुल सात एम्बुलेंस की खरीदी के प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि वर्तमान में 26 एम्बुलेंस संचालित हो रही है, जिमसें बाइक एम्बुलेंस, 108 और 102, हाट बाजार क्लिनिंक की एम्बुलेंस शामिल है। बैठक में आदिम जाति विकास विभाग द्वारा संचालित छात्रावास, आश्रम के उन्नयन, विस्तार, निर्माण कार्य, स्कूल भवन निर्माण की नई स्वीकृति, स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिकित्सा उपकरण की खरीदी, जिले में स्वीकृत मेडिकल कॉलेज संचालन के लिए आवश्यक भवन की उपलब्धता की तैयारियों की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने वन विभाग के तहत तेंदूपत्ता खरीदी के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने गौ अभ्यारण्य के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिकारी ने बताया कि बैगा बाहुल्य क्षेत्र के अंतर्गत पीएम जनमन योजना के तहत 47 सड़क की स्वीकृति मिली है, जिसकी कुल लंबाई 186 किलोमीटर है। उन्होंने बताया कि 40 सड़क का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। बचे हुए सड़क का कार्य भी जल्दी ही किया जाएगा। खाद्य अधिकारी ने बताया कि क्षेत्र में धान खरीदी की सुविधा के लिए मांग के अनुरूप ग्राम बैरख, खोलवा और नेवासपुर में नए धान खरीदी केंद्र खोलने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।बैठक में कलेक्टर श्री जनमेजय महोबे, वनमंडलाधिकारी श्री शशि कुमार, जिला पंचायत सीईओ श्री संदीप अग्रवाल, अपर कलेक्टर श्री निर्भय साहू, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र बघेल सहित सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
- - हरेली त्यौहार पर एक पेड़ माँ के नाम लगाने की अपील कीरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को हरेली त्यौहार की बधाई और शुभकामनाएं दी है। अपने शुभकामना संदेश में श्री साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति यहां के उत्सवों में प्रमुखता से दिखाई देती है। छत्तीसगढ़ का लोक त्यौहार हरेली छत्तीसगढ़ के जन-जीवन में रचा-बसा खेती-किसानी से जुड़ा पहला त्यौहार है। इसमें अच्छी फसल की कामना के साथ खेती-किसानी से जुड़े औजारों की पूजा की जाती है। इस दिन धरती माता की पूजा कर हम भरण पोषण के लिए उनका आभार व्यक्त करते हैं। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अनुरोध करते हुए कहा है कि इस बार हम धरती माता का आभार उनकी पूजा करने के साथ ’एक पेड़ माँ के नाम’ लगाएं और हरेली की खुशियां मनाएं। श्री साय ने कहा कि हरेली त्यौहार प्रदेशवासियों के जीवन में खुशियां और समृद्धि लेकर आए।
- -1370 बच्चों का कराया गया स्वर्णप्राशन-राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत हर पुष्य नक्षत्र तिथि में 0-16 वर्ष के बच्चों को कराया जाता है स्वर्णप्राशनरायपुर.।. दिन भर लगातार बारिश और झड़ी के बीच आज स्वर्णप्राशन के लिए अभिभावक बड़ी संख्या में बच्चों को लेकर रायपुर के आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय पहुंचे। बच्चों के व्याधिक्षमत्व, पाचन शक्ति, स्मरण शक्ति, शारीरिक शक्ति वर्धन एवं रोगों से बचाव के लिए यहां आज 1370 बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया गया। आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय के कौमारभृत्य विभाग द्वारा हर पुष्य नक्षत्र तिथि में शून्य से 16 वर्ष के बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया जाता है। स्वर्णप्राशन के साथ ही डॉ. लवकेश चंद्रवंशी ने बच्चों के स्वास्थ्य का परीक्षण भी किया।शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय परिसर में आयुष विभाग की संचालक सुश्री इफ्फत आरा, प्राचार्य प्रो. डॉ. जी.आर. चतुर्वेदी, चिकित्सालय अधीक्षक प्रो. डॉ. प्रवीण कुमार जोशी और कौमारभृत्य विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. नीरज अग्रवाल के निर्देशन में स्वर्णप्राशन कराया गया। स्वर्णप्राशन समन्वयक डॉ. लवकेश चन्द्रवंशी ने बताया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए यह काफी लाभदायक है। महाविद्यालय के स्नातकोत्तर एवं स्नातक छात्र-छात्राएं हर महीने इसमें महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय द्वारा इस वर्ष की अन्य पुष्य नक्षत्र तिथियों 25 जनवरी को 1235, 21 फरवरी को 1420, 18 मार्च को 1720, 16 अप्रैल को 1410, 13 मई को 1256, 10 जून को 1802 और 8 जुलाई को 1342 बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया गया था।
- -उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने नगरीय निकायों को जारी की राशि-मिशन क्लीन सिटी के अंतर्गत प्रदेश भर में 9232 स्वच्छता दीदियां और 1937 स्वच्छता कमाण्डोज कर रही हैं कामरायपुर ।राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय द्वारा नगरीय निकायों में कार्यरत स्वच्छता दीदियों और स्वच्छता कमांडोज के मानदेय के लिए 25 करोड़ 86 लाख रुपए जारी किए गए हैं। इस राशि से उन्हें जुलाई, अगस्त और सितम्बर का मानदेय प्रदान किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने सभी नगरीय निकायों को राशि जारी कर दी है। मिशन क्लीन सिटी के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न नगरीय निकायों में 9232 स्वच्छता दीदियां और 1937 स्वच्छता कमाण्डोज काम कर रही हैं।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने शहरों में स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी कार्यों में गुणात्मक सुधार के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मिशन क्लीन सिटी के अंतर्गत काम कर रहीं स्वच्छता दीदियों और स्वच्छता कमाण्डोज को नियमित रूप से समय-सीमा में मानदेय भुगतान के निर्देश दिए हैं। उनके निर्देश पर शहरों में स्वच्छता गतिविधियों की निरंतरता बनाए रखने के लिए प्रदेश के 11 नगर निगमों में कार्यरत 4099 स्वच्छता दीदियों, 43 नगर पालिकाओं की 2557 और 112 नगर पंचायतों की 2576 स्वच्छता दीदियों के मानदेय भुगतान के लिए नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा 19 करोड़ 94 लाख 11 हजार 200 रुपए जारी किए गए हैं। नगरीय निकायों में प्लेसमेंट में कार्यरत् 14 नगर निगमों के 460 स्वच्छता कमाण्डोज, 43 नगर पालिकाओं के 726 और 112 नगर पंचायतों के 751 स्वच्छता कमाण्डोज के तीन महीनों के मानदेय के लिए पांच करोड़ 92 लाख 29 हजार 300 रुपए जारी किए गए हैं।उल्लेखनीय है भारत सरकार द्वारा संचालित स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के अंतर्गत राज्य के सभी नगरीय निकायों में स्थानीय स्वसहायता समूहों द्वारा डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व पृथक्कीकरण, एसएलआरएम सेन्टर का संचालन-संधारण और आर्गेनिक कचरे की कम्पोस्टिंग के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं। इसके क्रियान्वयन से नगरीय निकायों में स्वच्छता का वातावरण निर्मित हुआ है। साथ ही महिला स्वसहायता समूहों की 9232 स्वच्छता दीदियों और 1937 स्वच्छता कमाण्डोज के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा रायपुर से रांची नेशनल हाईस्पीड कारीडोर प्रोजेक्ट अंतर्गत पत्थलगांव, जशपुर (छत्तीसगढ़) से गुमला (झारखंड) तक के लिए हाई-स्पीड फोरलेन रोड की स्वीकृति दिए जाने पर प्रधानमंत्री श्री मोदी जी को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह महत्वपूर्ण सड़क परियोजना दोनों राज्यों छत्तीसगढ़ एवं झारखंड के विकास में मील का पत्थर साबित होगी ।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों के साथ जशपुर निवासियों को इस हाई-स्पीड फोरलेन रोड परियोजना की स्वीकृति की विशेष रूप से बधाई देते हुए कहा कि पत्थलगांव से गुमला तक फोरलेन सड़क के निर्माण से रायपुर और रांची के मध्य यात्रा सुगम होने के साथसाथ यात्रा में समय की भी बचत होगी। सड़क परियोजना पूर्ण होने से दोनो राज्यों में विकास कार्यों की गति में भी तेजी आएगी। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्रीय कैबिनेट में 50 हजार 655 करोड़ रूपए लागत और लगभग 936 किलोमीटर लंबाई की आठ राष्ट्रीय हाई-स्पीड रोड परियोजनाओं की स्वीकृति दिए जाने की जानकारी ट्वीटर पर साझा की है। उन्होंने कहा है कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से आर्थिक उन्नति के साथ-साथ देश में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
- -भोरमदेव शक्कर कारखाना द्वारा गन्ना किसानों को अब तक कुल 113 करोड़ 52 लाख रुपए का भुगतान जारी-किसानों को जल्द ही रियायत दर पर 50 किलो शक्कर प्रदान किया जाएगा : उपमुख्यमंत्री विजय शर्मारायपुर / छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार अन्नदाता किसानों के हित में निरंतर कार्य कर रही है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो रही है। इसी क्रम में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के निर्देश पर भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना, राम्हेपुर द्वारा पेराई सीजन 2023-24 के तहत गन्ना किसानों को एफआरपी गन्ना भुगतान अंतर्गत 6 करोड़ 02 लाख रुपए का भुगतान जारी किया गया है। इस भुगतान के साथ ही कारखाना द्वारा अब तक कुल 113 करोड़ 52 लाख रुपए का भुगतान गन्ना किसानों को किया जा चुका है। इस प्रकार पेराई सत्र 2023-24 में गन्ना बेचने वाले सभी किसानों को 100 प्रतिशत भुगतान कर दिया गया है।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि भोरमदेव शक्कर कारखाना द्वारा सभी किसानों का 100 प्रतिशत भुगतान पूरा कर दिया गया है। इसके साथ ही, किसानों को जल्द ही रियायती दर पर 50 किलो शक्कर भी प्रदान की जाएगी। त्योहारी सीजन के मद्देनजर गन्ना बिक्री से प्राप्त राशि के कारण किसानों के चेहरे पर खुशी की लहर है।भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना, पिछले वर्षों की तरह इस वर्ष भी एफआरपी की शत-प्रतिशत राशि का भुगतान कर रहा है। क्षेत्र के किसानों की जागरूकता और उच्च गुणवत्ता के गन्ना की आपूर्ति के कारण इस वर्ष रिकवरी में वृद्धि हुई है, जिससे किसानों को इस वर्ष पिछले वर्ष से अधिक रिकवरी राशि प्राप्त होगी। इस राशि का भी भुगतान जल्द ही किया जाएगा, जिससे किसानों में उत्साह का माहौल है।यह उल्लेखनीय है कि एफआरपी और रिकवरी राशि शक्कर कारखाना द्वारा दी जाती है, जबकि गन्ना प्रोत्साहन या बोनस राशि छत्तीसगढ़ शासन के कृषि विभाग द्वारा दी जाती है। राज्य सरकार के कृषि बजट में बोनस राशि को भी शीघ्र गन्ना किसानों को प्रदान करने का प्रावधान किया गया है।
- रायपुर, /राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 634.8 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से आज 03 अगस्त सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1482.6 मिमी और सरगुजा जिले में सबसे कम 288.5 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है।राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सूरजपुर जिले में 470.8 मिमी, बलरामपुर में 745.7 मिमी, जशपुर में 474.5 मिमी, कोरिया में 498.9 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 477.5 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी।इसी प्रकार, रायपुर जिले में 552.4 मिमी, बलौदाबाजार में 695.5 मिमी, गरियाबंद में 633.3 मिमी, महासमुंद में 477.9 मिमी, धमतरी में 654.3 मिमी, बिलासपुर में 574.4 मिमी, मुंगेली में 631.9 मिमी, रायगढ़ में 510.4 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 292.2 मिमी, जांजगीर-चांपा में 555.6 मिमी, सक्ती 466.0 कोरबा में 745.0 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 549.4 मिमी, दुर्ग में 410.2 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 500.5 मिमी, राजनांदगांव में 706.6 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़चौकी में 831.4 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 487.4 मिमी, बालोद में 774.5 मिमी, बेमेतरा में 389.6 मिमी, बस्तर में 730.3 मिमी, कोण्डागांव में 724.0 मिमी, कांकेर में 938.0 मिमी, नारायणपुर में 819.7 मिमी, दंतेवाड़ा में 869.1 मिमी और सुकमा जिले में 991.1 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई।
- रायपुर/ अंधविश्वास, पाखंड व सामाजिक कुरीतियों के निर्मूलन के लिए कार्यरत संस्था अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डाॅ. दिनेश मिश्र ने कहा अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति हरेली पर विशेष जनजागरण अभियान चलाएगी, जिसमें जादू टोने के संबंध में टोनही प्रताडऩा के विरोध में जागरूक करने, टोनही प्रताडऩा के विरोध में शपथ, गांव के निर्जन स्थानों में रात्रिभ्रमण, अंधविश्वास पर पम्पलेट वितरण किया जाएगा, टोनही प्रताडऩा के संबंध में जानकारी एवं जागरूकता बढ़ाने हेतु पोस्टर वितरित किए जायेंगे तथा यह पोस्टर ग्राम पंचायतों एवं सार्वजनिक स्थलों पर चस्पा किए जायेंगे। अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डाॅ. दिनेश मिश्र ने कहा हरियाली के प्रतीक हरेली अमावस्या की रात को ग्रामीणजनों के मन से टोनही, भूत-प्रेत का खौफ हटाने के लिए समिति भ्रमण कर ग्रामीणजनों से सम्पर्क करेगी.डाॅ. दिनेश मिश्र ने कहा अंचल में हरियाली अमावस्या (हरेली) के संबंध में काफी अलग अलग मान्यताएं हैं अनेक स्थानों पर इसे जादू-टोने से जोड़कर भी देखा जाता है, कहीं-कहीं यह भी माना जाता है कि इस दिन, रात्रि में विशेष साधना से जादुई सिद्वियां प्राप्त की जाती है जबकि वास्तव में यह सब परिकल्पनाएं ही हैं, जादू - टोने का कोई अस्तित्व नहीं है तथा कोई महिला टोनही नहीं होती। पहले जब बीमारियों व प्राकृतिक आपदाओं के संबंध में जानकारी नहीं थी तब यह विश्वास किया जाता था कि मानव व पशु को होने वाली बीमारियां जादू-टोने से होती है। बुरी नजर लगने से, देखने से लोग बीमार हो जाते है तथा इन्हें बचाव के लिए गांव, घर को तंत्र-मंत्र से बांध देना चाहिए तथा ऐसे में कई बार विशेष महिलाओं पर जादू-टोना करने का आरोप लग जाता है वास्तव में सावन माह में बरसात होने से वातावरण का तापमान अनियमित रहता है, उसम, नमी के कारण बीमारियों को फैलाने वाले कारकों बैक्टीरिया व कीटाणु अनुकूल वातावरण पाकर काफी बढ़ जाते है। गंदगी, प्रदूषित पीने के पानी, भोज्य पदार्थ के दूषित होने, मक्खियां, मच्छरो के बढने से बीमारियां एकदम से बढ़ जाती है। जिससे गांव गांव में आंत्रशोध, पीलिया, वायरल फिवर, मलेरिया के मरीज बढ़ जाते है तथा यदि समय पर ध्यान नहीं दिया गया हो तो पूरी बस्ती ही मौसमी संक्रामक रोगों की शिकार हो जाती है। वहीं हाल फसलों व पशुओं का भी होता है, इन मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए पीने का पानी साफ हो, भोज्य पदार्थ दूषित न हो, गंदगी न हो, मक्खिंया, मच्छर न बढ़े,जैसी बुनियादी बातों पर ध्यान देने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां रखने से लोग पशु बीमारियों से बचे रह सकते है। इस हेतु किसी भी प्रकार के तंत्र-मंत्र से घर, गांव बांधने की आवश्यकता नहीं है। कोरोना तथा अन्य संक्रमणों से बचाव के लिए साफ-सफाई,सावधानी, मास्क पहिनना, सोशल डिस्टेन्स रखना ,बार बार हाथ धोना अधिक आवश्यक है, इसके बाद यदि कोई व्यक्ति इन बीमारियों से संक्रमित हो तो उसे फौरन चिकित्सकों के पास ले जाये, संर्प दंश व जहरीले कीड़े के काटने पर भी चिकित्सकों के पास पहुंचे।डाॅ. मिश्र ने कहा पिछले कुछ वर्षो से यह देखा जा रहा है कि हरेली अमावस्या को दिन में भी बच्चे व कई लोग जादू-टोने व नजर लगने से बचने के लिए नीम की टहनी, साइकिलों, रिक्शे व गाड़ियों में लगातार घूमते दिखाई देते है। पालकों व शिक्षकों को बच्चों को ऐसे अंधविश्वास से बचने की सलाह देना चाहिए। नीम की टहनी तोड़-तोड़कर वृक्ष को नुकसान पहुंचाने के बजाय घर के आसपास नीम के पौधे लगाये ताकि वातावरण शुद्ध हो। बीमारियों से बचने के लिए साफ-सफाई, पानी को छानकर, उबालकर पीने, प्रदूषित भोजन का उपयोग न करने तथा गंदगी न जमा होने देने जैसी बातों पर लोग ध्यान देंगे तथा स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहेंगे तो तंत्र-मंत्र से बांधनें की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। बीमारियों खुद-ब-खुद नजदीक नहीं फटकेंगी, मक्खिंया व मच्छर किसी भी कथित तंत्र-मंत्र से अधिक खतरनाक हैडाॅ. मिश्र ने कहा हरेली अमावस्या पर भी अंधविश्वास, जादू-टोने, टोनही की मान्यता के विरोध में जरूरी चलाया जा रहा ‘‘कोई नारी टोनही नहीं अभियान’’ जारी रहेगा। जिसमें टोनही, भूत-प्रेत का खौफ मिटाने के लिए व भ्रम दूर करने के लिए समिति के सदस्य रात्रि में भ्रमण कर ग्रामीणों से सम्पर्क कर भ्रम व अंधविश्वास दूर कर वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने का प्रयास करेंगे.
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भिलाईनगर। शासन द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओ को जन जन तक पहुचाने के लिए जन समस्या निवारण पखवाड़ा मनाया जा रहा है। जिसमें जनता की मूलभूत समस्याएॅ शासन द्वारा प्रदान की जाने वाली सुविधा नवीन राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड, प्रधानमंत्री आवास, प्रधानमंत्री स्व-निधि योजना, लाईट, पानी, बिजली, सफाई की शिकायत इत्यादि का निवारण तिथि अनुसार सुबह 10 बजे श्रीराम चैंक स्टेडियम ग्राउण्ड में लगाया गया।
संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग छ.ग. से डायरेक्टर कुंदर कुमार औचक निरीक्षण करने श्रीराम चैंक वार्ड क्रं. 44, 45, 49, 50 के लिए लगे शिविर में पहुचे। यह पता था आयेगे, कहा जाना है, उनकी इच्छा के उपर निर्भर था। निगम भिलाई के चल रहे किसी भी शिविर में जा सकते थे। आते ही सर्वप्रथम पंजीयन रजिस्टर चेक किये, दर्ज किये जा रहे समस्याओ के निराकरण के बारे में आयुक्त देवेश कुमार ध्रुव से जानकारी प्राप्त किये। किस प्रकार की शिकायते मिल रही है, क्या मांग है। उसका निराकरण किस प्रकार से किया जा रहा है। ज्यादातर नागरिको का मूलभूत आवश्यकता क्या है इत्यादि के संबंध में जानकारी प्राप्त किये।निरीक्षण के दौरान लाईट की समस्या लेकर पी बालकृष्णा क्वाटर नं. 1सी सड़क 29 जोन-02 वार्ड 50 खुर्सीपार भिलाई द्वारा के आवेदन स्ट्रीट लाईट नया लगाने हेतु निराकरण की मांग किया था। डायरेक्टर कुंदन कुमार ने कहा इसके समस्या का समाधान तुरन्त करके मुझे रिपोर्ट करो। जिसे विद्युत संधारण विभाग के कर्मचारियो द्वारा स्ट्रीट लाईट ठीक किया गया। स्ट्रीट लाईट सुधरने से पी बालकृष्णन की संतुष्टि मिलने से सभी अधिकारी खुश हुए। उनके द्वारा तीन महिला हितग्राहियो को नवीन राशन कार्ड एवं एक हितग्राही को पीएम स्वनिधि का चेक प्रदान किया गया। इस बात की भी जानकारी प्राप्त किये हितग्राहियो को कितना राशन मिल रहा है क्या क्या मिल रहा है किसी प्रकार की असुविधा तो नहीं हो रही है।अंत में जब एक पेड़ माॅ के नाम के काउंटर पर पहुचे जहाॅ नगर निगम भिलाई के उद्यान विभाग द्वारा सभी को निःशुल्क पौधा एवं खाद वितरण किया जा रहा था। उन्होने कहा मै भी अपनी माॅ के नाम आॅम का एक पेड़ लगाउगाॅ और इस रास्ते से गुजरूंगा तो देखूगा इसका देख रेख ठीक से करना माॅ के नाम पर पेड़ लगा रहा हूॅ।शिविर में वार्ड पार्षद दया सिंह, श्याम सुन्दर राव, डी सुजाता एवं एम लक्ष्मी, जगदीश शिविर में उपस्थित रहे उनके द्वारा नागरिको के समस्याओ का निराकरण करवाया जा रहा था। पार्षदगणो द्वारा 32 राशन कार्डधारियो को नवीन राशन कार्ड वितरित किया गया।शिविर के निरीक्षण के दौरान संयुक्त संचालक क्षेत्रीय कार्यालय नगरीय प्रशासन एवं विकास दुर्ग संभाग से लोकेश्वर साहू, उपसंचालक सूडा से जितेन्द्र कुशवाहा, अपर आयुक्त अशोक द्विवेदी, जोन आयुक्त सुशील कुमार चैधरी, अभियंता रवि सिन्हा इत्यादि उपस्थित रहे। - दुर्ग/ जिले में 01 जून से 02 अगस्त तक 378.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। कार्यालय कलेक्टर भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 जून से अब तक सर्वाधिक वर्षा 654.8 मिमी पाटन तहसील में तथा न्यूनतम 261.4 मिमी बोरी तहसील में दर्ज की गई है। इसके अलावा तहसील दुर्ग में 326.4 मिमी, तहसील धमधा में 264.4 मिमी, तहसील भिलाई 3 में 336.6 मिमी और तहसील अहिवारा में 426.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। 02 अगस्त को तहसील दुर्ग में 9.0 मिमी, तहसील धमधा में 10.0 मिमी, तहसील पाटन में 31.1 मिमी, तहसील बोरी में 15.2, तहसील भिलाई-3 में 14.0 मिमी और तहसील अहिवारा में 12.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।
- दुर्ग/ जिला पंचायत में कार्यरत कर्मचारी श्री मदन संगीत सहायक ग्रेड 03 एवं दीपक सिंह राजपूत मुख्य लिपिक सह लेखापाल के सेवानिवृत्त होने पर जिला पंचायत कार्यालय की ओर से विदाई दिया गया। श्री मदन संगीत सहायक ग्रेड 03 विगत 30 वर्षाे से एवं श्री दीपक सिंह राजपूत मुख्य लिपिक सह लेखापाल 25 वर्ष तक कार्य का निर्वहन कर रहे थे। इस मौके पर विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों द्वारा उनके उल्लेखनीय कार्य की सराहना कर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की गई। इस अवसर पर जिला पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अश्वनी देवांगन ने कहा कि सेवानिवृत्ति को जीवन का एक नया पड़ाव माना जाता है। सेवानिवृत्ति कई लोगों के लिए एक सुखद राहत है, जो कामकाजी जीवन के तनाव से खुद को मुक्त रखे हैं। सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उपदान, अवकाश नगदीकरण राशि सीपीएफ जमा राशि का भुगतान किया गया। इस अवसर पर लेखा अधिकारी श्री कुलदीप देवांगन, उपसंचालक कव्या जैन, सहायक परियोजना अधिकारी संध्या कुर्रे धु्रव, सहायक परियोजना अधिकारी योगेश्वरी बर्मन एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।
- शिविर में जनता के समस्याओं का किया जा रहा है निराकरणबालोद /राज्य शासन के निर्देशानुसार नगरीय क्षेत्रों में निवास करने वाले आम नागरिकों के मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु जिले के नगरीय निकायों में जन समस्या निवारण शिविर के आयोजन का क्रम निरंतर जारी है। आज नगरीय निकायों में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में बड़ी संख्या में नगरीय क्षेत्र के लोगों ने शिविर में उपस्थित होकर अपने मांगों एवं समस्याओं के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। इस दौरान मौके पर उपस्थित नगर पंचायत अध्यक्ष एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी सहित अन्य जन प्रतिनिधियों के अलावा अधिकारी कर्मचारियों ने शिविर में प्राप्त आवेदनों का परीक्षण कर प्राप्त आवेदनों के निराकरण हेतु समुचित कार्रवाई सुनिश्चित की। इस दौरान संबंधित विभाग के अधिकारियों के द्वारा अनेक आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया।उल्लेखनीय है कि आज नगर पालिका बालोद के वार्ड क्रमांक 10 सुभाष वार्ड एवं 11 जवाहर वार्ड निवासियों के मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु जन समस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान लोक निर्माण विभाग से संबंधित कुल 14, राशन कार्ड बनाने हेतु कुल 01, पेयजल से संबंधित 10, राजस्व विभाग से संबंधित कुल 03, विद्युत विभाग से संबंधित कुल 04 आवेदनों के अलावा शिविर में जन्म-मृत्यु, शहरी आजीविका मिशन, समाज कल्याण, महिला बाल विकास, भवन अनुज्ञा, सामाजिक पेंशन आदि से संबंधित कुल 47 आवेदन पत्र प्राप्त हुए। इसी तरह नगर पालिका दल्लीराजहरा के वार्ड क्रमांक 14 एवं 15 के लिए वार्ड क्रमांक 14 शहीद चैक दुर्गा मंच के पास जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। जिसके अंतर्गत लोक निर्माण विभाग के कुल 41, राजस्व विभाग के 46, स्वच्छता विभाग 07, स्वच्छता विभाग 05, ई-श्रम कार्ड हेतु 10 आवेदनों सहित अन्य विभाग से संबंधित कुल 122 आवेदन प्राप्त हुए। इसी तरह जन समस्या निवारण शिविर में नगर पंचायत डौण्डीलोहारा में कुल 67 आवेदन प्राप्त हुए।
- 06 अगस्त को किया जाएगा प्रवेश परीक्षा का आयोजनबालोद/ एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों में लेटरल एण्ट्री के माध्यम से प्रवेश हेतु आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 04 अगस्त 2024 निर्धारित की गई है। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ने बताया कि जिला स्तरीय आदिम जाति कल्याण, आवासीय एवं आश्रम विद्यालयों में वर्ष 2024-25 हेतु विभिन्न कक्षाओं में रिक्त सीट के विरुद्ध प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। जिसमें कक्षा 7वीं में बालिका हेतु 01 रिक्त सीट, कक्षा 8वीं एवं 9वीं में बालक हेतु 01, कक्षा 11वीं में 06 बालक एवं बालिका हेतु 02 रिक्त सीटों पर प्रवेश हेतु प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रवेश परीक्षा हेतु आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 04 अगस्त निर्धारित की गई है। प्रवेश परीक्षा 06 अगस्त को आयोजित की जाएगी। परीक्षा परिणाम 12 अगस्त को जारी किया जाएगा। इसके साथ ही विद्यालय में प्रवेश की तिथि 14 अगस्त से 16 अगस्त एवं प्रवेश प्रक्रिया की अंतिम तिथि 22 अगस्त निर्धारित की गई है।
- -कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन में रायपुर में शिवभक्तों ने किया ऑनलाइन रुद्राभिषेक- रायपुर के राजेन्द्र निगम ने परिवार सहित किया रुद्राभिषेकरायपुर । सुप्रसिद्ध शिव महापुराण कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन में आज रायपुर में भी शिवभक्तों ने ऑनलाइन भगवान शिव का रुद्राभिषेक पूजन किया। ऑनलाइन महारूद्राभिषेक का सीधा प्रसारण आस्था चैनल, यूट्यूब और फेसबुक पर शाम 7 बजे से शुरू किया गया।ज्ञात हो कि पंडित प्रदीप मिश्रा का शिव महापुराण का वाचन राजनांदगांव में हो रहा है। उनके आह्वान पर आज श्रावण मास की विशेष महाशिवरात्रि पर लाखों घरों में भक्तों ने बेल के पेड़ की मिट्टी लेकर पार्थिव शिवलिंग बनाया और विधि - विधान से रुद्राभिषेक किया। रायपुर के दीनदयाल उपाध्याय नगर निवासी राजेन्द्र निगम और उनकी पत्नी प्रीति निगम ने पुत्र सत्यम निगम के साथ अपने घर में भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक किया। विधि-विधान से पूजन के बाद निगम परिवार ने पार्थिव शिवलिंग का विसर्जन घर में ही बाल्टी के जल में किया। इस पुण्य जल को बेल के पेड़ में डाला गया। निगम परिवार ने बताया कि पंडित प्रदीप मिश्रा के निर्देशन में यह विशेष पूजन विश्व शांति और देश-परिवार की सुख शांति के लिए किया गया।
- रायपुर । हरेली के उल्लास को संजोने मुख्यमंत्री निवास परंपरागत तरीके से सजाया जा रहा है। हरेली के दिन 4 अगस्त को यहां किसान भाइयों के हल खुरपी नजर आयेंगे। गेड़ी में लोगों का उत्साह नजर आयेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं उनके मंत्रिमंडल सहयोगी तथा अतिथिगण इस अवसर पर हरेली का आनंद लेंगे और परंपरागत तरीके से पूजा अर्चना करेंगे।हरेली तिहार के मौके पर मुख्यमंत्री सबसे पहले विधिविधान से कृषि उपकरणों की पूजा करेंगे। हरेली के अवसर पर पूरे छत्तीसगढ़ अंचल में लोग अपने अपने लोकगीत गाते हैं और नृत्य करते हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अंचल के सभी नृत्य एवं लोकगीतों का आयोजन करने कहा है ताकि पूरा छत्तीसगढ़ समवेत रूप में मुख्यमंत्री निवास में अपने पूरे सांस्कृतिक वैविध्य में नजर आये।करमा, राउत नाचा के सुंदर गीतों और लयबद्ध नृत्य के साथ आयोजन की शुरूआत होगी। फिर परंपरागत खेलों का आयोजन होगा। इसमें डंडा, भौंरा, बांटी जैसे खेल होंगे। हरेली आयोजन में सबसे यादगार गेड़ी होती है गेड़ी में चलकर लोग पुराने दिनों को याद करेंगे।मुख्यमंत्री इस अवसर पर हरेली त्योहार से जुड़ी अपनी स्मृतियों को साझा करेंगे। साथ ही वे जनमानस को हरेली का संदेश भी देंगे। इस बार हरेली इस मायने में भी खास है कि पूरे देश में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने एक पेड़ मां के नाम लगाने का संदेश दिया है और छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में लोग बढ़चढ़कर इसमें हिस्सा ले रहे हैं। चूंकि हरेली त्योहार प्रकृति का ही त्योहार है इसलिए मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में प्रदेश के नागरिकों से कहा है कि धरती मां ने हमें अमूल्य संसाधन दिये हैं। छत्तीसगढ़ की धरती बहुत सुंदर धरती है। अपनी धरती मां का श्रृंगार करने एक पेड़ जरूर लगाएं। इस दिन पूरे प्रदेश में लोग पौधे लगाएंगे।हरेली त्योहार में सुंदर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति के साथ ही किसान भाइयों को भी कृषि उपकरणों का वितरण किया जाएगा।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस के जन्मदिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित उनके निवास पहुंचकर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री बैस को पुष्पगुच्छ भेंट किया और उनके स्वस्थ एवं सुदीर्घ जीवन की कामना की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह भी उपस्थित थे।
- -छत्तीसगढ़ सरकार के प्रस्ताव पर केन्द्र सरकार ने दी सहमतिरायपुर, /छत्तीसगढ़ के ऋणी और अऋणी किसान अब 16 अगस्त तक खरीफ कृषि फसल एवं मौसम आधारित उद्यानिकी फसलों का बीमा करा सकेंगे। छत्तीसगढ़ सरकार के प्रस्ताव पर केन्द्र सरकार ने फसल बीमा कराए जाने की अंतिम तिथि 31 जुलाई को बढ़ाकर अब 16 अगस्त 2024 कर दिया है। प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले फसल नुकसान से किसानों को राहत दिलाने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तथा पुनर्गठित मौसम आधारित उद्यानिकी फसल बीमा योजना संचालित की जा रही है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम ने कृषि विभाग के अधिकारियों को प्रधानमंत्री फसल बीमा एवं मौसम आधारित उद्यानिकी फसलों के बीमा योजना का लाभ दिलाने के लिए राज्य के ऋणी एवं अऋणी किसानों को मार्गदर्शन देने तथा उनका पंजीयन कराने को कहा है, ताकि प्राकृतिक आपदा से फसल नुकसान होने पर उन्हें क्षतिपूर्ति मिल सके।राज्य में कृषि विभाग द्वारा खरीफ वर्ष 2024 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा के लिए जारी अधिसूचना के अनुसार योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को पंजीयन कराना जरूरी है। इसके लिए पूर्व में अंतिम तिथि 31 जुलाई 2024 निर्धारित की गई थी। राज्य सरकार के विशेष प्रयासों से केन्द्र सरकार ने फसल बीमा की अवधि को बढ़ाकर अब 16 अगस्त कर दिया है। राज्य के किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत धान सिंचित, असिंचित, सोयाबीन, मूंगफली, मक्का, मूंग, उड़द, कोदो-कुटकी, रागी फसल का बीमा करा सकते हैं।गौरतलब है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्रतिकूल मौसम, सूखा, बाढ़, जलप्लावन, ओलावृष्टि आदि प्राकृतिक आपदाओं से किसानों को होने वाले फसल नुकसान की क्षतिपूर्ति होती है। योजना में ऋणी और अऋणी किसान जो भू-धारक व बटाईदार हो, शामिल हो सकते हैं। ऐसे किसान जो अधिसूचित ग्राम में अधिसूचित फसल के लिए बीमा कराना चाहते हैं वे नियत तिथि 16 अगस्त के पूर्व अपना फसल बीमा करा सकते हैं। इसके लिए किसान अपना आधार कार्ड, ऋण पुस्तिका, बी-1 पॉचशाला खसरा, बैंक पासबुक की छायाप्रति एवं बोनी प्रमाण पत्र के साथ पंजीयन कराना होगा। किसान बैंक अथवा चॉईस सेंटरों के माध्यम से भी फसल बीमा कराया जा सकता है।शासन द्वारा जारी अधिसूचना अनुसार बेमेतरा, बस्तर, कोरिया बीजापुर, सारंगढ़-बिलाईगढ़, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा, गरियाबंद, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, सक्ती और कांकेर जिला के लिए बजाज जनरल इंश्योरेंस कम्पनी लिमिटेड, राजनांदगांव, धमतरी, कोरबा, जशपुर, नारायणुर, खैरागढ-छुईखदान-गंडई, महासमुन्द, रायगढ़, सूरजपुर और कोण्डागांव जिला के लिए एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कम्पनी ऑफ इंडिया लिमिटेड तथा दुर्ग, बिलासपुर, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सुकमा, मुंगेली, सरगुजा, बलौदाबाजार-भाटापारा, बालोद, रायपुर, दंतेवाड़ा, बलरामपुर एवं गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिला के लिए एचडीएफसी जनरल इंश्योरेंस कम्पनी लिमिटेड को बीमा हेतु अधिकृत किया गया है। किसानों से अधिसूचित खरीफ फसलों का बीमा कराने की अपील की गई है। विस्तृत जानकारी के लिए किसान क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी अथवा नजदीकी बैंक शाखा से सम्पर्क कर सकते हैं।
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- करीब साढ़े 4 हजार आवेदन मौके पर ही निराकृत
-उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने प्रत्येक आवेदन के सार्थक निराकरण के दिए निर्देश-नगरीय प्रशासन विभाग के संचालक ने आज दो नगर निगमों में किया औचक निरीक्षणरायपुर । प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में विगत 27 जुलाई से प्रांरभ जनसमस्या निवारण पखवाड़ा का बेहतर प्रतिसाद नागरिकों को मिल रहा है। पखवाड़ा के पहले छह दिनों (27 जुलाई से 1 अगस्त तक) में प्रदेश भर में कुल 26 हजार 513 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 4442 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर लोगों की समस्याएं दूर की गई हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जनसमस्या निवारण पखवाड़ा की समीक्षा कर सभी आयुक्तों, मुख्य नगर पालिका अधिकारियों तथा क्षेत्रीय संयुक्त संचालकों को यथासंभव ज्यादा से ज्यादा आवेदनों को मौके पर ही निराकृत करने के निर्देश दिए हैं।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने प्रदेश के सभी 184 नगरीय निकायों में वार्डवार आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों में नागरिकों को जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने शिविरों में प्राप्त आवेदनों का डॉटा-बेस तैयार करने को कहा है, ताकि इनकी निरंतर मॉनीटरिंग सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों और सभी क्षेत्रीय संयुक्त संचालकों को शिविर स्थलों का औचक निरीक्षण कर वहां नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और व्यवस्थाओं की गुणवत्ता की जांच के निर्देश दिए हैं। जिन निकायों में लोगों की समस्याओं का शीघ्रता से निराकरण नहीं हो रहा है, उन्हें चिन्हांकित कर संबंधितों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई के भी निर्देश उन्होंने दिए हैं।प्रदेश में जनसमस्या निवारण पखवाड़ा के शुरूआती छह दिनों में सफाई से संबंधित कुल 243 आवेदन प्राप्त हुए हैं जिनमें से 46 का तत्काल निराकरण किया गया है। पेयजल से जुड़ी 1715 आवेदनों में से 102 तथा प्रकाश व्यवस्था से संबंधित 1447 में से 144 आवेदनों को मौके पर ही निराकृत किया गया है। वहीं सड़क व नाली मरम्मत के 90 और आवास से संबंधित 103 प्रकरण तुरंत निराकृत किए गए हैं। सामाजिक सुरक्षा पेंशन के 54 प्रकरणों पर तत्काल सहमति प्रदान कर हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है। राशन कॉर्ड के 983 और राजस्व के 249 प्रकरणों पर भी त्वरित कार्यवाही की गई है। शिविरों में 1607 शहरी लाभार्थियों को स्वास्थ्य संबंधी व आयुष्मान कॉर्ड की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।सभी नगरीय निकायों में 27 जुलाई से 1 अगस्त तक जनसमस्या निवारण शिविरों में प्राप्त 26 हजार 513 आवेदनों में से 4442 को मौके पर ही निराकृत किया गया है। शेष 22 हजार 071 आवेदनों को श्रेणीवार विभाजित कर निराकरण के लिए समय-सीमा दी गई है। जनसमस्या निवारण शिविरों के साथ ही वार्डों में मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के चलित वाहनों के माध्यम से चिकित्सा शिविरों का भी आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बीपी, शुगर, बुखार, सर्दी-खांसी के मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं इलाज कर निःशुल्क दवाईयां दी जा रही हैं। सभी निकायों के पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि आमजनों की भागीदारी के साथ आगामी 10 अगस्त तक चलने वाले इन शिविरों में अपनी उपस्थिति दे रहे हैं।नगरीय प्रशासन विभाग के संचालक श्री कुंदन कुमार ने आज किया औचक निरीक्षणउप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के निर्देश पर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक श्री कुंदन कुमार ने आज भिलाई नगर निगम और भिलाई-चरौदा नगर निगम में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने इस दौरान सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को आम जनता की समस्याओं के त्वरित निदान के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को शिविरों के माध्यम से प्राप्त मांगों का परीक्षण कर प्रस्ताव तैयार कर उच्च कार्यालय को प्रेषित करने को कहा। श्री कुमार ने करदाताओं के लिए करों के भुगतान की सुविधा वार्ड में ही उपलब्ध कराने के साथ ही वार्डवार शिविरों के आयोजन के संबंध में वार्ड एवं नगर में व्यापक प्रचार-प्रसार की व्यवस्था के भी निर्देश दिए। - रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय शनिवार 3 अगस्त को आरंग में विभिन्न छात्रावासों के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होंगे। जारी दौरा कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री 3 अगस्त को दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से कार से प्रस्थान कर दोपहर 12.40 बजे आरंग में पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री यहां आयोजित कार्यक्रम में पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास भवन आरंग, प्री-मैट्रिक अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास भवन आरंग एवं मंदिर हसौद तथा अनुसूचित जाति कन्या आश्रम भवन आरंग एवं कोसरंगी का लोकर्पण करेंगे। मुख्यमंत्री दोपहर 2.50 बजे मुख्यमंत्री निवास रायपुर लौट आएंगे।
- -बस्तर, जशपुर, सरगुजा सहित प्रदेश के ट्राइबल क्षेत्रों पर होगा फोकस-नियद नेल्लानार योजनांतर्गत खेल सुविधाओं के विकास के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने जारी किए 54 लाख रूपयेरायपुर /केन्द्रीय श्रम एवं रोजगार और युवा कार्य एवं खेल मंत्री श्री मनसुख मांडविया के विगत 27 जुलाई को रायपुर प्रवास के दौरान् प्रदेश में वृहद स्तर पर खेल प्रतियोगिता के आयोजन की रूपरेखा बनी थी। इसी अनुक्रम में खेल संचालक श्रीमती तनुजा सलाम ने आज न्यू सर्किट हाउस जगदलपुर में बस्तर संभाग के सभी जिला खेल अधिकारियों की बैठक लेकर खेल प्रतियोगिता के वृहद स्तर पर आयोजन करने हेतु तैयारियों का जायजा लिया।बस्तर प्रवास के दौरान् खेल संचालक श्रीमती सलाम ने जगदलपुर में संचालित हॉकी खेलो इंडिया सेंटर और जगदलपुर में प्रस्तावित सिंथेटिक हॉकी टर्फ हेतु स्थल का निरीक्षण किया। प्रियदर्शनी स्टेडियम जगदलपुर में खेल सुविधाओं और प्रशिक्षण केंद्रों में खिलाड़ियों से मुलाकात की। व्यायाम शिक्षकों से मुलाकात कर जिले में संचालित खेल गतिविधियों और प्रशिक्षण का जायजा लिया। सहायक संचालक राजेन्द्र डेकाटे ने जगदलपुर में स्थित खेल अधोसंरचनाओं तथा प्रस्तावित अधोसंरचना के लिए चिन्हित भूमि के बारे में खेल संचालक को जानकारी दी। पंडरीपानी, प्रियदर्शनी स्टेडियम बैडमिंटन हॉल, निर्माणाधीन बैडमिंटन हॉल इत्यादि खेल अधोसंरचना का निरीक्षण किया गया।बस्तर के युवाओं को मुख्य धारा में जोड़ने के लिए युवा गतिविधियों के आयोजन की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश खेल संचालक के द्वारा संभाग के सभी जिला खेल अधिकारियों को दिए गए।नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत बस्तर संभाग के 05 जिले कांकेर, नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा के अंतर्गत नेल्ला नार-टेकलगुड़ा कैम्प एवं आस-पास के 05 गावों में खेल की विशेष सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने इन जिलों को वित्तीय वर्ष 2023-24 में 10 लाख रूपये तथा वित्तीय वर्ष 2024-25 में 44 लाख रूपये जारी किए हैं। चिन्हित कैंपों में खेल सामग्री की उपलब्धता एवं सुचारू क्रियान्वयन हेतु जिला खेल अधिकारियों को निर्देशित किया।बस्तर संभाग के सभी जिलों में खेल एवं युवा कल्याण विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने का निर्देश खेल संचालक ने दिया। बस्तर संभाग में खेलों की नैसर्गिक प्रतिभाएं प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं, इन्हें खेलों का प्रशिक्षण देकर इनकी प्रतिभा को तराशने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। खेल संचालक ने बताया कि खेल एवं युवा कल्याण विभाग के रिक्त पदों पर भर्ती की अनुमति शासन से मिलते ही जल्द से जल्द रिक्त पदों पर भर्ती की कार्यवाही की जाएगी।न्यू सर्किट हाउस जगदलपुर में खेल संचालक के अलावा राजेन्द्र डेकाटे, सहायक संचालक, सुश्री सुधा कुमार, वरिष्ठ खेल अधिकारी कोण्डागांव, संजय जैन प्रभारी जिला खेल अधिकारी कांकेर, नारायण गवेल डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी खेल अधिकारी जिला बीजापुर, सुमित कुमार गर्ग डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी खेल अधिकारी जिला नारायणपुर, विरूपाक्ष पुराणिक प्रभारी सहायक खेल अधिकारी जिला सुकमा, प्रदीप सिंह प्रभारी सहायक खेल अधिकारी जिला दंतेवाड़ा सहित संचालनालय स्तर से विष्णु कुमार श्रीवास्तव ओ.एस.डी. छत्तीसगढ़ खेल विकास प्राधिकरण एवं गिरीश शुक्ला खेल अधिकारी उपस्थित रहे।
- -रिमझिम फुहारों के बीच लवन में मनाया गया वन महोत्सव-एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत रोपे गए पौधेरायपुर / जीने के लिए सांस और सांस लेने के लिए ऑक्सीजन की जरूरत धरती के सभी जीवों के लिए हमेशा बना रहेगा। वृक्षों से जीवनदायिनी ऑक्सीजन मिलती है, इसका मतलब पेड़ पौधों के बिना मानव और जीव जंतुओं का जीवन संभव नहीं है। हर साल बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया जाता है लेकिन उसमें से कितने पौधे जीवित बचते हैं। इसका आंकलन करना जरुरी है। जिस प्रकार माँ-बाप अपने बच्चों की देखभाल तब-तक करते हैं, जब तक वे अपने पैरों पर खड़े नहीं हो जाते। उसी प्रकार पौधे लगाने के बाद 5-6 साल तक भली-भांति देख-रेख करना जरूरी है। मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के जवाहर नवोदय विद्यालय लवन में सावन के रिमझिम फुहारों के बीच वन विभाग द्वारा आयोजित जिला स्तरीय वन महोत्सव कार्यक्रम में उपर्युक्त बातें कही। वन महोत्सव कार्यक्रम में एक पेड़ माँ के नाम अभियान अंतर्गत मंत्री श्री टंक राम वर्मा सहित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने स्कूल परिसर में पौधरोपण किया।आज स्कूल परिसर में करीब 500 पौधे लगाए गए।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने ठाना है कि वृहद वृक्षारोपण के माध्यम से छत्तीसगढ़ कों हरियर प्रदेश बनाना है। उनकी प्रतिबद्धता को पूरा करने आप सभी अपने खेत, खलिहान और जहां भी खाली जमीन मिलता है वहां पेड़ जरूर लगाएं। मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि राजस्व रिकार्ड में त्रुटियों को सुधारने के लिए अब तहसीलदारों को अधिकृत किया गया है,जिससे अब आसानी से त्रुटि सुधार हो सकेगा। राजस्व रिकार्ड त्रुटि सुधार आगे पंचायत स्तर पर भी शुरु किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेल को बढ़ावा देने एवं खिलाडियों को सम्मानित करने के लिए खेल अलंकरण समारोह शुरू किया गया है। इस वर्ष 29 अगस्त को खेल अलंकरण समारोह होगा। उन्होंने कहा कि बलौदाबाजार- भाटापारा जिले का नाम खेल के क्षेत्र में रोशन हो इसके लिए खेल सुविधाएं बढ़ाने का काम किया जा रहा है। इसके तहत 7.5 करोड़ की लागत से एथलेटिक्स ट्रैक का निर्माण किया जाएगा।कार्यक्रम कों सम्बोधित करते हुए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल ने कहा कि हर साल वृहद स्तर पर वृक्षारोपण किया जाता है, इस वर्ष इस अभियान को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत पेड़ लगाने का आह्वान किया है। यदि हम अपने माँ के नाम से पेड़ लगाएंगे तो उसमें हमारी भावना भी जुडी होगी,जिससे पेड़ की अच्छी देख-भाल होगी। उन्होंने कहा कि पृथ्वी पर हर प्राणी को जीने के लिए ऑक्सीजन की जरुरत होती है जो पेड़ से मिलती है। उन्होंने कहा कि स्वयं पेड़ लगाएं एवं समाज के लोगों को भी पेड़ लगाने के लिए प्रेरित कर्रे। कार्यक्रम को पूर्व विधायक भाटापारा श्री शिवरतन शर्मा, पूर्व संसदीय सचिव डॉ सनम जांगड़े ने भी सम्बोधित किया। डीएफओ श्री मयंक अग्रवाल ने बताया कि नदी तट योजना के तहत जिले में 50 हेक्टेयर में वृक्षारोपण किया गया है। किसान वृक्ष मित्र योजना अंतर्गत 1151 किसानों के 2185 एकड़ रकबे में वृक्षारोपण किया जाएगा।
- -मुख्य सचिव ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देशरायपुर / मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में बस्तर संभाग के कांकेर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, बीजापुर और सुकमा जिले में शासन की महत्वाकांक्षी नियद नेल्लानार योजना के तहत यहां के निवासियों को मिल रही बुनियादी सुविधाओं की गहन समीक्षा की। आवासीय विद्यालय, सामूहिक एवं व्यक्तिगत वनाधिकार पट्टा, 500 यूनिट मुफ्त बिजली, किसान सम्मान निधि, किसानों को निःशुल्क बीज एवं कृषि उपकरण, सिंचाई सोलर पंप और किसानों के खेतों मंे बोरवेल की सुविधा के बारे में जिलों के कलेक्टरों से जानकारी ली। इसी तरह से हाई मास्क लाइट, उज्जवला योजना के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन, निःशुल्क खाद्यान्न सामग्री, पेयजल, अग्निवीर भर्ती कोचिंग, युवाओं को कौशल विकास टेªनिंग और खेल सामग्री, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास, बारहमासी सड़कों की सुविधा सहित मोबाइल कनेक्टिविटी और बैंक एटीएम सुविधा की भी जानकारी ली। मुख्य सचिव ने योजनांतर्गत आने वाले गांवों में आंगनबाड़ी केन्द्र, स्वास्थ्य केन्द्र, स्कूलों की स्थिति और लघु वनोपज की खरीदी सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में पुलिस कैम्पों के अंतर्गत नाइट लैंडिंग सुविधा के बारे में भी अधिकारियों से जानकारी ली।मुख्य सचिव ने अधिकारियों को नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत आने वाले गांवों में लोगों की सभी बुनियादी सुविधाओं और कल्याणकारी योजनाओं के लाभ दिलाने के लिए योजनाबद्ध कार्य करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि सुविधा प्रदान करने वाले सभी विभागीय सचिवों के पास कार्ययोजना एवं दी जा रही सुविधाओं की जिलेवार अपडेट जानकारी रहना चाहिए। मुख्य सचिव ने खाद्य विभाग के अधिकारियों को कहा कि योजना क्षेत्र के गांवों में सभी हितग्राहियों को राशनकार्ड पर चावल, गुड़, चीनी, चना इत्यादि सामग्री अनिवार्य रूप से मिले इसकी निगरानी लगातार करें। श्री जैन ने बस्तर संभागायुक्त को नियद नेल्लानार योजना की सतत् निगरानी के निर्देश दिए।वीडियो कॉन्फ्रेंस से आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, कृषि विभाग की सचिव श्रीमती शहला निगार, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, कौशल विकास विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता सहित बस्तर संभागायुक्त और कांकेर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, बीजापुर और सुकमा के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और अन्य विभागीय अधिकारी शामिल हुए।
- रायपुर /मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन से आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में चिराग परियोजना के संबंध में विश्व बैंक के अधिकारियों के टीम ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से चर्चा के दौरान चिराग परियोजना के क्रियान्वयन के संबंध में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि चिराग योजना का प्रदेश में बेहत्तर क्रियान्वयन हो रहा है।इस मौके पर विश्व बैंक के टास्क टीम लीडर श्री राज गांगुली के साथ विश्व बैंक के अधिकारी श्रीमती मीरा मिश्रा, श्री ब्रेमला नाथन, श्रीमती मनवीन्दर मामक, श्रीमती लक्ष्मी दुर्गा, श्रीमती मधुश्री बैनर्जी और ऋषिकेश ठाकुर मौजूद थे। विश्व बैंक के टीम ने चर्चा के दौरान चिराग परियोजना की प्रगति और पुर्नगठन की आवश्यकता के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। इस मौके पर छत्तीसगढ़ शासन की ओर से कृषि उत्पादन आयुक्त सुश्री शहला निगार, संचालक कृषि श्री सारांश मित्तर, संचालक उद्यानिकी डॉ. एस.जगदीशन एवं परियोजना संचालक सुश्री तुलिका प्रजापति शामिल थी।








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