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-मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पर आत्मीय स्वागत
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के जगदलपुर पहुंचने पर मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पर जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने आत्मीय स्वागत किया। श्री साय दो दिवसीय बस्तर प्रवास पर जगदलपुर पहुंचे। उनके साथ उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा भी पहुंचे।मुख्यमंत्री श्री साय बस्तर के विकास के लिए रोडमैप तैयार करने हेतु वहां के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ विचार मंथन करेंगे। बस्तर में कृषि पशुपालन, मछली पालन को बढ़ावा देने के साथ ही बस्तर में औद्योगिकीकरण और रोजगार के अवसरों के निर्माण और पर्यटन विकास की संभावनाओं के साथ ही युवाओं के रोजगार से जोड़ने के लिए कौशल विकास से संबंधित कार्ययोजना पर चर्चा करेंगे। अगले दिन मुख्यमंत्री श्री साय बस्तर संभाग में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की समीक्षा भी करेंगे। मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री श्री साय का वन मंत्री श्री केदार कश्यप, सांसद बस्तर श्री महेश कश्यप, विधायक जगदलपुर श्री किरण देव, विधायक चित्रकोट श्री विनायक गोयल, छत्तीसगढ़ राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष श्री श्रीनिवास राव मद्दी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप, महापौर श्री संजय पाण्डे सहित अनेक जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने स्वागत किया।
- बीजापुर. बीजापुर जिले से सुरक्षाबलों ने सोमवार को सात नक्सलियों को गिरफ्तार कर उनके पास से विस्फोटक बरामद किए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि जिले के भैरमगढ़ और मिरतुर थाना क्षेत्रों से सुरक्षाबलों ने सात नक्सलियों को गिरफ्तार किया। उन्होंने बताया कि जिले में जारी नक्सल विरोधी अभियान के तहत भैरमगढ़ थाना से स्थानीय पुलिस और जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) को कोलनार और डालेर गांव की ओर गश्त के लिए रवाना किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान डालेर गांव के जंगल से छह नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया और उनके पास से टिफिन बम, कार्डेक्स वायर, जिलेटिन की छड़ें, विस्फोटक, बैटरी और अन्य सामान बरामद किया गया। उन्होंने बताया कि सुरक्षाबलों ने मिरतुर थाना क्षेत्र से भी एक नक्सली को गिरफ्तार किया है।अधिकारियों ने बताया कि इस नक्सली से पिट्ठू बैग से टिफिन बम, बैटरी, बिजली का तार, पटाखे आदि बरामद किए गए। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार नक्सलियों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
- - सतत् उपचार- अभ्यास के साथ दर्द भूल.... मुस्कुराकर लौट रहे लोगरायपुर। उम्र के एक पड़ाव में आने के बाद मनुष्य के शरीर की मांसपेशियां और हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। ऐसे में अगर छोटे-मोटे हादसे हो जाए, तो फिर समस्या और बढ़ जाती है। मांसपेशियों में दर्द, कमजोरी या हड्डियों में फ्रैक्चर के बाद अपने शरीर को पहले की भांति करने के लिए लोग डाॅक्टरी सलाह पर फिजियोथैरेपी कराने जाते हैं। ऐसे ही लोगों को महाराष्ट्र मंडल के फिजियोथैरेपी सेंटर में आकर बड़ी राहत मिल रही है। यहां लगातार आकर इलाज कराने व डाॅक्टरों की देखरेख में अभ्यास करते हुए दर्द भूलकर मुस्कुराते हुए अपने घर लौट रहे हैं।जी.. हां..., महाराष्ट्र मंडल सभी नागरिकों, जरूरतमंद लोगों- मरीजों को न्यूनतम फीस पर अत्याधुनिक मशीनों के साथ फिजियोथेरेपी सेंटर की सुविधा व सेवाएं दे रहा है। यहां सिद्धहस्त डा. अंकिता काले और डा. संगीता कश्यप की देखरेख में लोगों की फिजियोथैरेपी की जा रही है। सुबह नौ से शाम चीर बजे तक लोग यहां आ रहे हैं।15 दिनों में मिली राहतः मांडगेमहाराष्ट्र मंडल के फिजियोथैरेपी सेंटर पहुंचे पीए मांडगे ने कहा कि बारिश में वे घर से निकले। एक हाथ में छाता और एक हाथ में डायरी थी। उनका पैर स्लीप हुआ और वे पीछे की ओर गिर गया। इससे उनके कंधे में चोट आई। इस दुर्घटना के बाद अब उनका हाथ ऊपर नहीं उठ रहा था। डाॅक्टरों को दिखाने के बाद थोड़ी राहत मिली लेकिन हाथ ऊपर तक नहीं उठ रहा था। दो महीने निजी फिजियोथैरेपी सेंटर जाकर फिजियो कराया, पर राहत नहीं मिली। फिर उनके पड़ोसी शिलेदार ने उन्हें महाराष्ट्र मंडल के फिजियोथैरेपी सेंटर जाने की सलाह दी। उनकी सलाह पर वे यहां आए। अब उनका हाथ धीरे- धीरे ऊपर उठाने लगा है। उन्हें यहां आकर काफी राहत मिली।जगदलपुर से ड्राइव करके पहुंचा रायपुरः नवीनमहाराष्ट्र मंडल के फिजियोथैरेपी सेंटर में इलाज करना वाले प्रसिद्ध आर्किटेक्चर नवीन शर्मा ने कहा कि वे काफी दिनों से बैक पेन से परेशान थे। बहुत की दवायां खाई, डाॅक्टरों को दिखाया। सभी ने फिजियो कराने की सलाह दी। इसके बाद मित्र श्याम सुंदर खंगन की सलाह पर वे महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित फिजियोथैरेपी सेंटर पहुंचे। यहां एक सप्ताह फिजियो लेने के बाद व् अब काफी लंबे समय तक बैठ सकते हैं। अभी वे जगदलपुर से कार चलाते हुए रायपुर पहुंचा। मुझे कोई परेशानी नहीं हुई।चलने में थी दिक्कत, अब राहतः शशांकतात्यापारा रायपुर निवासी शशांक कोहले ने कहा कि मुझे चलने में काफी दिक्कत थी। डाॅक्टरों ने इस बीमारी को प्लांटर पेराइटिस बताया। इस परेशानी के चलते वे लंगड़ाकर चलते थे। मंडल के फिजियोथैरेपी सेंटर की डाॅक्टर अंकिता काले ने उनका फिजियो किया। इससे उन्हें काफी राहत मिली। 10 दिनों में बहुत ही मामूली की फीस देकर उन्हें बेहतरीन इलाज मिला।
- -पेट्रोल पंप खोलना हुआ आसानरायपुर / छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए पेट्रोलियम रिटेल आउटलेट्स यानी पेट्रोल पंप के लिए राज्य स्तर पर लाइसेंस की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। यह बदलाव 14 नवंबर 2024 को खाद्य नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग की ओर से जारी एक अधिसूचना के जरिए लागू किया गया है। अब पेट्रोल पंप खोलने के लिए व्यवसायियों को सिर्फ केंद्रीय पेट्रोलियम अधिनियम के नियमों का पालन करना होगा। पहले की दोहरी अनुमति की प्रक्रिया को हटाकर इसे आसान बना दिया गया है।क्या बदला और क्यों है यह अहमपहले पेट्रोल पंप शुरू करने के लिए व्यवसायियों को कलेक्टर के माध्यम से खाद्य विभाग से क्रय विक्रय का लाइसेंस प्राप्त करना होता था। प्रत्येक वर्ष अथवा तीन वर्ष में एक बार लाइसेंस का रिन्यूवल कराना होता था। राज्य शासन और केंद्र, दोनों जगह से अनुमति लेने की दोहरी प्रक्रिया से समय और पैसा दोनों खर्च होते थे, साथ ही कागजी कार्रवाई भी बढ़ जाती थी। अब केवल केंद्र के नियमों का पालन करना काफी होगा। इससे व्यवसायियों को राहत मिलेगी और पेट्रोल पंप खोलने की प्रक्रिया तेज और सस्ती हो जाएगी। यह कदम छत्तीसगढ़ में व्यवसाय को बढ़ावा देने और नियमों को सरल बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव है।व्यवसायियों को कैसे होगा फायदाअब कम कागजी कार्रवाई और एक ही स्तर की अनुमति से पेट्रोल पंप जल्दी शुरू हो सकेंगे। नए व्यवसायी, खासकर छोटे उद्यमी और तेल कंपनियां, बिना ज्यादा परेशानी के अपना काम शुरू कर सकेंगे। यह सुधार ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में पेट्रोल पंप खोलने को बढ़ावा देगा, जहां अभी ईंधन की पहुंच कम है।राज्य और जनता को क्या लाभइस बदलाव से छत्तीसगढ़ में ईंधन की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे लोगों को पेट्रोल-डीजल आसानी से मिल सकेगा। खासकर उन इलाकों में, जहां अभी पेट्रोल पंप कम हैं, वहां सुविधा बेहतर होगी। साथ ही, नए पेट्रोल पंप खुलने से राज्य में निवेश बढ़ेगा और बुनियादी ढांचे का विकास होगा। यह सरकार के उस लक्ष्य को भी पूरा करता है, जिसमें व्यवसाय करने में आसानी और आर्थिक विकास पर जोर दिया गया है।छत्तीसगढ़ बन रहा व्यवसाय के लिए आकर्षकमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का कहना है कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में व्यवसायों के लिए अनुकूल माहौल बनाने को लेकर गंभीर है। नियमों को सरल करके और अनावश्यक बाधाओं को हटाकर राज्य उद्योग, व्यवसाय को सहूलियत और निवेश को प्रोत्साहित करने की दिशा में काम कर रही है। इससे न सिर्फ व्यवसायियों को फायदा होगा, बल्कि राज्य की जनता को भी बेहतर सेवाएं मिलेंगी। छत्तीसगढ़ सरकार के इस निर्णय से पेट्रोल पंप खोलना आसान हो गया है। यह कदम न केवल सभी क्षेत्रों में ईंधन की पहुंच बढ़ाएगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगा।
- -ग्राम नरदहा में सामाजिक भवन हेतु 50 लाख रुपये की घोषणारायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज रायपुर राज के 79वें महाधिवेशन में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने ग्राम नरदहा में कुर्मी समाज के सामाजिक भवन हेतु 50 लाख रुपये की घोषणा की।कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा भारत माता, छत्तीसगढ़ महतारी और प्रदेश की महान विभूतियों के छायाचित्रों पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई।इस अवसर पर राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर ग्रामीण विधायक श्री मोतीलाल साहू, तथा छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के केंद्रीय अध्यक्ष श्री खोड़स राम कश्यप सहित समाज के अन्य पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महाधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि कुर्मी समाज एक परिश्रमी और आत्मनिर्भर समाज है, जो परंपरागत रूप से खेती-किसानी से जुड़ा रहा है और विकास के पथ पर निरंतर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के तहत किए गए वायदों में से अधिकांश वायदे हमारी सरकार द्वारा अल्पकाल में ही पूर्ण किए जा चुके हैं।उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायतों में नगद भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अटल डिजिटल सुविधा केंद्र प्रारंभ किए जा रहे हैं। इसके लिए आज एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। प्रदेश की 1460 ग्राम पंचायतों में यह सुविधा 24 अप्रैल, पंचायत दिवस से प्रारंभ होगी, और इसका विस्तार चरणबद्ध ढंग से किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि शपथ ग्रहण के दूसरे ही दिन गरीबों के लिए 18 लाख पक्के मकानों की स्वीकृति दी गई। कुर्मी समाज के कृषक हितों को ध्यान में रखते हुए, किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से धान की खरीदी की गई, साथ ही पिछले दो वर्षों का धान बोनस भी किसानों को दिया गया।महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की राशि दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि दो दिन पूर्व केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें फोन कर यह जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ के लिए 3.5 लाख नए आवास और स्वीकृत किए जा रहे हैं। इससे हम और अधिक जरूरतमंदों को पक्का आवास उपलब्ध कराकर घर के सपने को साकार कर सकेंगे।मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना, जो पूर्व में बंद कर दी गई थी, अब पुनः प्रारंभ की जा चुकी है, ताकि हमारे बुजुर्ग अपने इच्छित तीर्थ स्थलों की यात्रा कर सकें। उन्होंने कहा कि जीवन में एक बार तीर्थ करने की इच्छा हर बुजुर्ग की होती है, लेकिन आर्थिक कारणों से यह सपना अधूरा रह जाता है, जिसे अब हम साकार कर रहे हैं।मुख्यमंत्री ने बताया कि तेन्दूपत्ता संग्राहकों के पारिश्रमिक को 4000 रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये किया गया है। वनवासी भाइयों के पैरों की पीड़ा को ध्यान में रखते हुए, चरण पादुका योजना को वर्ष 2025-26 के बजट में पुनः शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से मुक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है, और इस दिशा में लगातार प्रभावी कार्य कर रही है। इस अवसर पर समाज के गणमान्य नागरिकों सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधिगण भी उपस्थित थे।
- -गांव के नक्सल मुक्त होने पर 1 करोड़ रुपए के होंगे विकास कार्य-छत्तीसगढ़ की नई नक्सलवादी आत्मसमर्पण नीति में विशेष प्रावधानरायपुर / नक्सल प्रभावित छत्तीसगढ़ में अब हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने वाले नक्सलियों को सरकार और अधिक प्रोत्साहन देगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में तैयार नई नक्सल आत्मसमर्पण नीति के तहत सामूहिक आत्मसमर्पण करने वालों को न केवल घोषित इनाम की दोगुनी राशि मिलेगी, बल्कि नक्सल मुक्त घोषित ग्राम पंचायतों में एक करोड़ के विशेष विकास कार्य भी कराए जाएंगे। नक्सली संगठन की किसी फॉर्मेशन इकाई के यदि 80 प्रतिशत या उससे अधिक सक्रिय सदस्य सामूहिक रूप से आत्मसमर्पण करते हैं, तो उन्हें उनके विरुद्ध घोषित इनामी राशि की दोगुनी राशि प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर और कांकेर जैसे अति नक्सल प्रभावित जिलों में यदि किसी ग्राम पंचायत क्षेत्र में सक्रिय समस्त नक्सली व मिलिशिया सदस्य आत्मसमर्पण करते हैं, और ग्राम पंचायत को नक्सल मुक्त घोषित किया जाता है, तो वहां एक करोड़ रूपए के विकासात्मक कार्य स्वीकृत किए जाएंगे।नई नीति के तहत यदि पति-पत्नी दोनों आत्मसमर्पण करते हैं, तो उन्हें पृथक इकाई मानते हुए अलग-अलग पुनर्वास योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। हालांकि यदि किसी योजना में दोनों को एक इकाई माना जाता है, तो वहीं के अनुसार लाभ मिलेगा। इनामी राशि का निर्धारण दोनों के लिए पृथक रूप से किया जाएगा।आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली को राहत व सहायता राशि गृह विभाग के बजट से उपलब्ध कराई जाएगी। जिला कलेक्टर को यह सुनिश्चित करना होगा कि आत्मसमर्पण के 10 दिनों के भीतर पूरी राशि संबंधित व्यक्ति को प्रदान कर दी जाए। यदि किसी आत्मसमर्पित नक्सली पर पहले से आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं, तो उसके नक्सलवाद उन्मूलन में योगदान और 6 माह तक के अच्छे आचरण को देखते हुए मंत्रिपरिषद की उप समिति इन मामलों को समाप्त करने पर विचार कर सकती है।
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रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के द्वारा रायपुर के गुलमोहर पार्क पीएमवाय कॉलोनी में विगत दिवस हुई आकस्मिक दुर्घटना में मृत बालक दिव्यांश के शोकसंतप्त परिवारजनों को तत्काल 4 लाख रूपये आर्थिक सहायता देने के निर्देश पर परिवारजनों को तत्काल सहायता राशि दी गई। मुख्यमंत्री के आदेश पर रायपुर जिला प्रशासन और रायपुर नगर पालिक निगम के अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों के साथ सतत संपर्क बनाकर आकस्मिक घटना के तत्काल पश्चात अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रहे दो अन्य बालकों की स्थिति पर निगरानी रखे हुए हैं। दोनों बालकों का स्वास्थ्य निरंतर सुधर रहा है। चिकित्सक गण लगातार दोनों बालकों के स्वास्थ्य की सतत मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
- -बाबा साहेब का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणादायक - मुख्यमंत्री विष्णु देव सायरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाबा साहेब का संपूर्ण जीवन संघर्ष की अनुपम मिसाल है। उन्होंने कहा कि डॉ. अम्बेडकर ने हमें एक ऐसा संविधान दिया जो भारत को लोकतंत्र, समानता और न्याय की मजबूत नींव प्रदान करता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने बाबा साहब के विचारों को युगप्रेरक बताते हुए कहा कि आज का दिन हमें यह संकल्प लेने का अवसर देता है कि हम उनके आदर्शों पर चलें, और एक समावेशी, समतामूलक और न्यायप्रिय समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
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रायपुर, / राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज राजभवन में भारत रत्न एवं भारतीय संविधान के शिल्पकार डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर उनके छायाचित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर राजभवन के अधिकारियों-कर्मचारियों ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए ।
राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन संघर्षाे से भरा हुआ था। उन्होंने सामाजिक भेदभाव, छूआछूत, असमानता के विरुद्ध आजीवन संघर्ष किया। उन्होंने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम माना और स्वयं इसके उदाहरण बने। कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने अनेक उपाधियाँ प्राप्त कीं और देश के पहले विधि मंत्री के रूप में अपनी भूमिका का निर्वहन किया।राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर न्याय व समतामूलक समाज के निर्माण के लिए सदैव प्रयत्नशील रहे। उन्होंने समाज के शोषित, पीड़ित एवं कमजोर तबके के लोगों के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज जब हम बाबा साहेब को याद कर रहे हैं, तब यह आवश्यक है कि हम केवल औपचारिकताएं न करें, बल्कि उनके विचारों को व्यवहार में उतारें। समता, बंधुत्व और न्याय के सिद्धांत को हमें समाज के प्रत्येक स्तर पर स्थापित करना होगा। इस अवसर पर राज्यपाल के विधिक सलाहकार श्री भीष्म प्रसाद पाण्डेय, उप सचिव श्रीमती हिना अनिमेष नेताम सहित राजभवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। -
रायपुर/ नगर पालिक निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे के निर्देश पर रायपुर नगर पालिक निगम के सभी 10 जोनों में हेल्प डेस्क स्थापित कर प्राप्त होने वाली पेयजल समस्याओं का पंजीयन रजिस्टर में करते हुए ग्रीष्म ऋतु में पेयजल समस्यओं का प्रतिदिन प्राथमिकता के आधार पर निवारण करने के आदेश आयुक्त श्री विश्वदीप ने सभी जोन कमिश्नरों को दिए हैँ. इस कार्य में कोई भी लापरवाही बरतने पर एकपक्षीय अनुशासनात्मक कार्यवाही करने की चेतावनी दी गयी है.
- रायपुर, // मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के नव नियुक्त अध्यक्ष श्री रामसेवक पैकरा के पदभार ग्रहण एवं अभिनंदन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और श्री पैकरा को नई जिम्मेदारी के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह भी उपस्थित थे और उन्होंने श्री पैकरा को नए दायित्व की बधाई दी।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि श्री रामसेवक पैकरा वरिष्ठ राजनेता हैं और सामाजिक जीवन का उन्हें लंबा अनुभव है। उन्होंने अनेक महत्वपूर्ण दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया है। वे हमेशा से आदिवासी और वनवासी समुदायों के प्रति संवेदनशीलता और धरातल से जुड़कर कार्य करने के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में उन्हें वन विकास निगम की बड़ी जिम्मेदारी मिलने से जनजातीय समाज को इसका लाभ मिलेगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लगभग 44 प्रतिशत भूमि वन क्षेत्र से आच्छादित है, जो न केवल जैव विविधता और पर्यावरण के लिए बल्कि आदिवासी संस्कृति और आजीविका के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने वनवासी समुदायों के हित में सरकार द्वारा की जा रही पहल का उल्लेख करते हुए बताया कि तेंदूपत्ता संग्राहकों के पारिश्रमिक को 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष लगभग 4 करोड़ पौधों के रोपण एवं वितरण का लक्ष्य रखा गया है, वहीं बिगड़े वनों के सुधार हेतु 310 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई ‘एक पेड़ माँ के नाम’ योजना का जिक्र करते हुए बताया कि राज्य में अब तक 3 करोड़ 50 लाख से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं।इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल सहित विभिन्न मंडल आयोगों के अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम एवं वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारीगण तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- रायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भारत के संविधान निर्माता, समाज सुधारक और स्वतंत्र भारत के प्रथम विधि एवं न्याय मंत्री भारतरत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर को उनकी जयंती (14 अप्रैल) के अवसर पर नमन किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. अम्बेडकर एक विलक्षण व्यक्तित्व के धनी थे। वे बहुभाषाविद्, प्रखर विधिवेत्ता, कुशल अर्थशास्त्री, सामाजिक न्याय के पक्षधर, और दूरदर्शी राजनेता थे। उन्होंने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण सामाजिक विषमताओं के उन्मूलन और समानता, स्वतंत्रता तथा बंधुत्व के मूल्यों को प्रतिष्ठित करने हेतु समर्पित किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब ने संविधान सभा की प्रारूप समिति के अध्यक्ष के रूप में भारत को वह मजबूत नींव प्रदान की, जिस पर आज हमारा देश विविधताओं में एकता की मिसाल बनकर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विशेष रूप से दलितों, वंचितों, श्रमिकों और महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए कई ऐतिहासिक संवैधानिक प्रावधानों को स्थापित किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बाबा साहेब का राष्ट्र निर्माण में योगदान न केवल अतुलनीय है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत भी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी नागरिकों से संविधान की मूल भावना, लोकतांत्रिक आदर्शों और सामाजिक न्याय के मूल्यों को आत्मसात करने और उन्हें और अधिक सशक्त बनाने के लिए सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
- -राज्य भर में आयोजित होंगे विशेष कार्यक्रमरायपुर /छत्तीसगढ़ शासन द्वारा बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती को सामाजिक समरसता दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। इस अवसर पर राज्य के सभी जिलों, जनपदों एवं ग्राम पंचायतों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने सभी कलेक्टरों एवं जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को पत्र जारी कर 14 अप्रैल को कार्यक्रमों का आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।कार्यक्रम के दौरान संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त पंचायत राज दिवस (24 अप्रैल) में अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र की जानकारी दी जाएगी। हर विकासखण्ड से चयनित 10 ग्राम पंचायतों के सरपंचों और सीएससी-वीएलई सेवा प्रदाताओं के मध्य एमओयू (सहमति पत्र) की प्रक्रिया भी पूर्ण की जाएगी।प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत पंचायत एंबेसडर की भूमिका को और प्रभावी बनाने हेतु कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। जहाँ एंबेसडर नियुक्त नहीं हैं, वहाँ उपयुक्त प्रतिनिधि का चयन कर उन्हें नियुक्त किया जाएगा। मोर दुआर साय सरकार विशेष पखवाड़ा (15 से 30 अप्रैल) के अंतर्गत चल रहे सर्वेक्षण कार्य की जानकारी लाभार्थियों तक पहुँचाने और योजना की पात्रता संबंधी जानकारी देने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे। भूजल संरक्षण हेतु जनजागरूकता बढ़ाने और जल संरक्षण का संकल्प भी दिलाया जाएगा।
- - दुकान एवं स्थापना अधिनियम 2017 व नियम 2021 लागू-छोटे व्यापारियों को बड़ी राहतरायपुर। राज्य में व्यापारिक सुगमता को बढ़ावा देने एवं श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन ने दुकान एवं स्थापना (नियोजन एवं सेवा की शर्तों का विनियमन) अधिनियम, 2017 तथा नियम, 2021 को 13 फरवरी 2025 से लागू कर दिया गया है। यह अधिनियम श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार की सिफारिश पर तैयार मॉडल शॉप एक्ट के अनुरूप है।यह अधिनियम राज्य के समस्त नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में उन दुकानों और स्थापनाओं पर लागू होगा जहां 10 या उससे अधिक श्रमिक कार्यरत हैं। वहीं, जिन प्रतिष्ठानों में 10 से कम कर्मचारी हैं या कोई भी श्रमिक कार्यरत नहीं है, उन्हें इस अधिनियम से पूर्णतः मुक्त रखा गया है। इसका सीधा लाभ छोटे व्यापारियों, दुकानदारों और स्वरोजगार से जुड़े व्यवसायियों को मिलेगा, जिन्हें अब जटिल श्रम कानूनों की बाध्यता से राहत मिल जाएगी।नए अधिनियम के तहत पंजीयन की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया गया है। प्रत्येक व्यवसायी को 6 माह के भीतर श्रम विभाग के पोर्टल shramevjayate.cg.gov.in पर आवेदन कर पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। पंजीयन उपरांत डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। साथ ही, किसी भी प्रकार का संशोधन या दुकान बंद करने की सूचना भी ऑनलाइन माध्यम से दी जा सकेगी।पंजीयन आवेदन के 15 कार्य दिवस के भीतर यदि विभाग द्वारा प्रमाणन नहीं किया जाता, तो डीम्ड रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था लागू होगी, जिससे समयबद्ध प्रक्रिया सुनिश्चित हो सकेगी।अधिनियम के तहत कर्मचारियों को 08 दिवस आकस्मिक अवकाश, 08 दिवस त्यौहारी अवकाश एवं अर्जित अवकाश का लाभ मिलेगा। महिला श्रमिकों को रात्रिकालीन पाली में नियोजन की अनुमति दी गई है, बशर्ते नियोजक द्वारा सुरक्षा एवं आवश्यक सुविधा सुनिश्चित की जाए।सप्ताह के सभी दिनों में दुकान संचालन की अनुमति दी गई है, बशर्ते कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश सुनिश्चित किया जाए। राज्य शासन आवश्यकता अनुसार क्षेत्रीय स्तर पर साप्ताहिक अवकाश घोषित कर सकेगा।व्यवसायियों को अब पंजीयन एवं वार्षिक विवरणी जैसी प्रक्रियाओं के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। सभी कार्य ऑनलाइन होने से समय, संसाधन और शक्ति की बचत होगी। साथ ही, श्रम कानूनों से जुड़ी मामूली त्रुटियों पर अब न्यायालयीन कार्यवाही के बजाय समझौता शुल्क का प्रावधान किया गया है, जिससे विवादों का समाधान शीघ्र और सरल होगा।इस अधिनियम के लागू होने से राज्य में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस नीति को मजबूती मिलेगी। लघु एवं मध्यम व्यापारियों को कानूनी सरलता, महिला श्रमिकों की भागीदारी में वृद्धि, नए रोजगार के अवसर, तथा संगठित क्षेत्र में श्रमिकों को बेहतर अधिकार मिलेंगे। यह अधिनियम छत्तीसगढ़ को न केवल व्यावसायिक दृष्टि से बल्कि सामाजिक और आर्थिक रूप से भी अधिक समावेशी और प्रगतिशील राज्य के रूप में स्थापित करने में मददगार होगा।
- रायपुर, /छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नक्सल क्षेत्रों में शांति स्थापित करने के उद्देश्य से नक्सलवादी आत्मसमर्पण पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति 2025 लागू की है। इस नीति के अंतर्गत आत्मसमर्पण करने वाले सक्रिय ईनामी नक्सलियों और उनके परिवारजनों को शिक्षा, रोजगार एवं वित्तीय सहायता जैसी कई महत्वपूर्ण सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।सरकारी सेवा में नियुक्ति का प्रावधानयदि किसी आत्मसमर्पित नक्सली ने नक्सलियों के विरुद्ध अभियान में पुलिस को विशेष सहयोग दिया है और इसके कारण उसकी जान व संपत्ति को खतरा उत्पन्न हुआ है, तो ऐसे प्रकरणों में उसे पुलिस विभाग के आरक्षक या समकक्ष पद पर नियुक्त किया जा सकेगा। अन्य विभागों में नियुक्ति हेतु जिला स्तरीय समिति की अनुशंसा आवश्यक होगी।साथ ही, 5 लाख रूपए या उससे अधिक के ईनामी नक्सली के आत्मसमर्पण की स्थिति में, पात्रता रखने पर नक्सली अथवा उसके परिवार के किसी एक सदस्य को शासकीय सेवा में नियुक्ति का अवसर दिया जाएगा। यदि किसी कारणवश सेवा नहीं दी जा सकती, तो ऐसे आत्मसमर्पित को एकमुश्त 10 लाख की राशि सावधि जमा के रूप में दी जाएगी। यह राशि 3 वर्षों के अच्छे आचरण के पश्चात एकमुश्त हस्तांतरित की जाएगी।शिक्षा एवं छात्रवृत्ति की विशेष व्यवस्थाछत्तीसगढ़ सरकार ने आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं उनके बच्चों की शिक्षा के लिए भी व्यापक प्रावधान किए हैं। बच्चों को 18 वर्ष की आयु तक निःशुल्क एवं प्राथमिकता आधारित शिक्षा शासकीय एवं आवासीय विद्यालयों में दी जाएगी। छात्रावास की सुविधा आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा प्रदान की जाएगी। यदि आत्मसमर्पित नक्सली या उनके बच्चे निजी शिक्षण संस्थानों में पढ़ना चाहें, तो उन्हें शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत आरक्षित सीट में प्रवेश एवं अनुदान राशि प्रदान की जाएगी।इच्छुक आत्मसमर्पित स्वयं भी शिक्षा ग्रहण कर सकते हैं, जिसके लिए संबंधित विभागों की योजनाओं के अंतर्गत सहायता दी जाएगी। यह नई नीति राज्य में शांति एवं विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे न केवल आत्मसमर्पित नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिलेगी, बल्कि उनके परिवारजनों के भविष्य को भी सुरक्षित किया जा सकेगा।
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-राज्य शासन की समस्त योजनाओं के लाभ दिलाने के दिए निर्देश
रायपुर /उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा शनिवार को सुकमा के एकदिवसीय दौरे पर पहुँचे। इस दौरान उन्होंने नक्सल पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण किया और आत्मसमर्पित नक्सलियों से मुलाकात कर उनके वर्तमान हालात, सरकार की पुनर्वास नीति तथा उनके अनुभवों के बारे में जानकारी ली।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में शांति स्थापना और सामाजिक समावेश की दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने आत्मसमर्पित नक्सलियों से संवाद करते हुए उनके पुनर्वास, शिक्षा, रोजगार और समावेशन की योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने सभी को आश्वस्त किया कि सरकार उनके समुचित पुनर्वास हेतु प्रतिबद्ध है। शासन की ओर से सभी ज़रूरी दस्तावेज – राशन कार्ड, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, बैंक पासबुक, वोटर आईडी और राजस्व संबंधी प्रमाणपत्र – बनाए जाएंगे।उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आत्मसमर्पित नक्सलियों को लघुवनोपज आधारित प्रसंस्करण एवं कृषि संबंधित रोजगारमूलक प्रशिक्षण से जोड़ा जाए। उन्होंने पुनर्वास केंद्र में एक नियमित प्रशिक्षक (रेगुलर इंस्ट्रक्टर) की नियुक्ति तथा कौशल उन्नयन हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश कलेक्टर को दिए। साथ ही केंद्र में एक देवस्थली की स्थापना कर नियमित पूजा-अर्चना की व्यवस्था करने को भी कहा।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार पुनर्वास और विकास को लेकर पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। आत्मसमर्पण करने वालों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए हरसंभव सहयोग दिया जाएगा।इस अवसर पर बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप, महिला आयोग की सदस्य सुश्री दीपिका सोरी, बस्तर रेंज के आईजी श्री सुंदरराज पी., पंचायत विभाग के विशेष सचिव श्री तारण प्रकाश सिन्हा, डीआईजी श्री कमलोचन कश्यप, सुकमा कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव, एसपी श्री किरण चव्हाण, जनप्रतिनिधि श्री धनीराम बारसे, जिला पंचायत सदस्य श्री हुंगाराम मरकाम सहित अनेक स्थानीय जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे। -
रायपुर -आज नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप ने पंडित रविशंकर शुक्ल वार्ड क्रमांक 34 के पार्षद श्री आकाश तिवारी के साथ वार्ड की नवीन योजनाओं के साथ ऐतिहासिक राजातालाब में फैली जलकुंभी एवं तालाब की पूरी सफाई तले से करवाने पार्षद श्री आकाश तिवारी की मांग का अवलोकन किया एवं अरमान नाला की सफाई एवं बाउंड्रीवॉल एवं नाले में तल से सफाई के साथ इंद्रावती कॉलोनी नाले की सफाई एवं नवनिर्माण का अवलोकन किया एवं वार्ड पार्षद श्री आकाश तिवारी के सुझावों पर तत्काल जोन कमिश्नर श्री अरुण ध्रुव को समस्त कार्यों को करवाने निर्देशित किया. निगम आयुक्त श्री विश्वदीप स्वयं वार्ड पार्षद श्री आकाश तिवारी के साथ राजातालाब एवं अरमान नाला इंद्रावती गार्डन गए एवं वार्ड में जो नया क्षेत्र जुड़ा है नई बस्ती,जहां जलभराव की समस्या विगत कई वर्षो से लगातार बनी हुई हैं, नई बस्ती में जलभराव की समस्या के निराकरण का सुझाव पार्षद श्री आकाश तिवारी ने दिया, जिसको आयुक्त श्री विश्वदीप ने सहज स्वीकार कर वस्तुस्थिति का निरीक्षण किया एवं जोन कमिश्नर को इस पर तत्काल निर्देशित किया. आयुक्त श्री विश्वदीप के साथ वार्ड पार्षद श्री आकाश तिवारी, जोन 4 जोन कमिश्नर श्री अरुण ध्रुव, कार्यपालन अभियंता श्री शेखर सिंह, जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री वीरेन्द्र चंद्राकर सहित वार्ड के निवासी नागरिक उपस्थित थे.
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रायपुर - आज नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप ने एमआईसी सदस्य श्री मनोज वर्मा सहित नगर निगम जोन 4 के अंतर्गत डॉक्टर विपिन बिहारी सूर वार्ड क्षेत्र का निरीक्षण किया. इस दौरान एमआईसी सदस्य श्री मनोज वर्मा की मांग पर वार्ड में नाले पर कब्जा जमाकर आने - जाने के लिए बनाया गया लोहे का अवैध पाटा तत्काल तोड़ने के निर्देश आयुक्त ने जोन 4 जोन कमिश्नर श्री अरुण ध्रुव को दिए. आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर नगर निगम जोन 4 जोन कमिश्नर ने अरुण ध्रुव ने जोन 4 से तत्काल टीम सम्बंधित नाला में भेजकर थ्रीडी मशीन लगाकर अवैध पाटा तोड़कर नाले को अवैध कब्जे से मुक्त करने कार्यवाही की.
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भिलाईनगर। खुर्सीपार क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 42 गौतम नगर में सीवरेज लाइन का विस्तार का कार्य चल रहा है। भिलाई इस्पात संयंत्र के समय का वहां पर पुराना सीवरेज लाइन बिछा हुआ था। जो बहुत पुराना हो गया था। क्षेत्र की जनसंख्या बढ़ जाने के कारण सीवरेज सिस्टम का संधारण करना अति आवश्यक हो गया था। बारिश के दिनों में वहां पर पानी भर जाता था नाली के ऊपर कब्ज हो जाने के कारण सफाई नहीं हो पा रहा था। जिसके कारण लगभग 10000 लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। स्थानी निवासियों, जनप्रतिनिधियों की बहुत दिनों से मांग थी कि सीवरेज सिस्टम का पुनः संधारण किया जाए। वहां पर पुराना 10 फीट नीचे से शिवरेज सिस्टम गया हुआ है। उसी के संधारण का कार्य शुरू हो गया है। लगभग 53 लोगों द्वारा सीवरेज के ऊपर अतिक्रमण करके उस पर मकान बना लिया गया था। जिसको हटाना अति आवश्यक था। पूर्व में 4 बार सबको नोटिस दिया जा चुका था। जितना हिस्सा अतिक्रमण में आ रहा था उतने पर लाल पेंट से मार्किंग कर दिया गया था। उनसे बार-बार अपील की जा रही थी की अपना अवैध का अतिक्रमण कब्जा हटा ले, इसके कारण विगत 6 माह से निर्माणाधीन कार्य प्रभावित हो रहा है। कुछ हिस्से में सीवरेज का निर्माण कार्य हो चुका है, निर्माण करने वाली एजेंसी द्वारा बार-बार कहा जा रहा था कि नाली पर से अवैध कब्जा खाली करने पर ही काम हो सकेगा। बारिश आने से पहले उसे रिक्त करवाना बहुत आवश्यक था। यह देखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, एवं निगम के अमले द्वारा के आज कार्रवाई की गई। जो परिवार पूरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत मात्र 75000 में मकान उपलब्ध कराया जा रहा है। नगर निगम भिलाई गाड़ी लगी हुई थी जो भी परिवार जाना चाहते थे उन्हें पूरा मदद किया जा रहा था। कुछ लोग अपने मकान को स्वेच्छा से खाली कर ले रहे थे। गौतम नगर सड़क नंबर 21 निवासी प्रिंस विश्वकर्मा जो खुद मेशन का कार्य करता है उन्होंने बताया कि मैंने मेहनत से धीरे-धीरे अपना मकान बनाया है। लेकिन यदि हमारे मकान के टूटने से सबका भला होता है तो मुझे कोई आपत्ती नहीं है। हमने गलती किया है हम सोचते थे निगम ऐसे ही नोटिस दे रहा है कार्रवाई नहीं करेगा। बारिश के दिनों में हम सब लोगो को बहुत परेशानी उठानी पड़ती थी । आज गर्मी को देखते हुए करवाई सुबह 8:00 बजे शुरू की गई। सर्वप्रथम सभी को सूचित किया गया प्रत्येक घर में जाकर के निगम के महिला एवं पुरुष कर्मचारी सामान हटाने में सहयोग कर रहे थे। आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय का निर्देश था कि यह पूरा ध्यान रखा जावे है कि लोगों का कम से कम नुकसान हो। कार्रवाई के दौरान मजिस्ट्रेट डिकेश्वर साहू, डीएसपी हरीश पाटिल, सीएसपी दुर्ग चंद्र प्रकाश तिवारी, थाना प्रभारी अंबर सिंह भारद्वाज, जोन आयुक्त रवि सिन्हा, सहायक राजस्व अधिकारी बालकृष्ण नायडू, अभियंता चंद्रकांत साहू, राजस्व निरीक्षक नरसिंह साहू, तोड़फोड़ दस्ता प्रभारी हरिओम गुप्ता, प्रशासन से बी एन सिंह, धर्मराज सिंह, स्वास्थ्य विभाग से अतुल, थाना खुर्सीपार, छावनी, सुपेला, कुम्हारी, जामुल से पुलिस बल एवं विशेष फोर्स उपलब्ध रहा।
- दुर्ग, / डॉ भीमराव अम्बेडकर जयंती के अवसर पर 14 अप्रैल 2025 को जिला पंचायत दुर्ग सभा कक्ष में दोपहर 01.30 बजे से जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। उप संचालक पंचायत सुश्री काव्या जैन से मिली जानकारी अनुसार उक्त कार्यक्रम में सांसद/विधायक/जिला पंचायत के अध्यक्ष/उपाध्यक्ष सदस्य एवं जनपद पंचायत अध्यक्ष/उपाध्यक्ष/सदस्य इत्यादि उपस्थित रहेगें। इस अवसर पर भारतीय संविधान के गौरवशाली इतिहास से अवगत कराते हुए संचिधान की प्रस्तावना का वाचन किया जाएगा। प्रत्येक जनपद पंचायत से 10 ग्राम पंचायत के सरपंच एवं सीएससी के व्हीएलई के मध्य अटल डिजिटल सुविधा केन्द्र हेतु एमओयू किया जायेगा। इसके तहत 24 अप्रैल 2025 को अटल सुविधा केन्द्र का शुभारंभ किया जायेगा। जिन ग्राम पंचायत में पएमएवाय-जी के तहत पंचायत एंबेसडर (आवास साथी) हैं, उन्हे विशेष रूप से कार्यक्रम में आमंत्रित कर सम्मानित किया जाएगा। जिन पंचायतों में अब तक कोई पएमएवाय-जी पंचायत एंबेसडर नियुक्त नहीं है वहां उपयुक्त व्यक्ति का चयन किया जाएगा। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चल रहे विशेष सर्वेक्षण पखवाडा कार्यक्रम के तहत निर्धारित समय पर "मोर द्वार साय सरकार" महाभियान 15 अप्रैल से 30 अप्रैल तक किये गये सर्वे की जानकारी हितग्राहियो को दी जाएगी। भू-जल स्तर के संबंध में जानकारी देने तथा वाटर हार्वेस्टिंग बनाने हेतु संकल्प दिलाया जाएगा। उक्त कार्यक्रम में मुख्यमंत्री तथा उप मुख्यमंत्री जी भी विडियों कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहेगें।
- दुर्ग / राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन दुर्ग अंतर्गत संविदा भर्ती हेतु विज्ञापन क्रमांक / एन.एच.एम. / एच.आर./2025/345 दुर्ग, दिनांक 11.01.2025 के माध्यम से 38 पद हेतु विज्ञापन प्रकाशित किया गया है। सीएमएचओ डॉ. मनोज दानी के अनुसार विज्ञापित पदों में से लैब असिस्टेंट डीपीएचएल, एएनएम एनएचएम, एएनएम आरबीएसके, टीबीएचव्ही एनएचएम, काउंसलर एनएचएम, रेडियोग्राफर एनएचएम, लैब टेक्निशियन बीपीएचयू, एसटीएस एनटीईपी, एम. ओ. आयुष आरबीएसके, प्रोग्राम एसोसियेट एनटीईपी, कम्यूनिटी हेल्थ ऑफिसर एनएचएम, वार्ड असिस्टेंट एण्ड अटेण्डेंट एनएमएचपी, अकाउण्टेंट-एन.यू.एच.एम., नर्सिंग ऑफिसर- एन.यू. एच.एम..ए.एन.एम. एन. यू.एच.एम. सीनियर नर्सिंग ऑफिसर-एन.एम.एच.पी., फार्मासिस्ट आर.बी.एस. के. पदों पर दावा आपत्ति हेतु प्रारंभिक पात्र/अपात्र सूची का प्रकाशन दावा आपत्ति हेतु किया जा रहा है। दावा आपत्ति होने पर अभ्यर्थी दावा आपत्ति ईमेल आईडी [email protected] के माध्यम से निर्धारित प्रपत्र में 21 अप्रैल 2025 तक सायं 05.30 बजे तक प्रेषित कर सकते हैं, दावा आपत्ति अन्य किसी माध्यम से स्वीकार नहीं किया जाएगा। निर्धारित प्रपत्र में दावा आपत्ति प्रेषित नहीं करने पर दावा आपत्ति मान्य नही किया जाएगा। निर्धारित समयावधि उपरांत दावा आपत्ति स्वीकार नहीं किया जाएगा। शेष पदों की दावा आपत्ति सूचना हेतु अभ्यर्थी वेबसाइट का निरंतर अवलोकन करते रहें। दावा आपत्ति सूची, सूचना एवं दावा आपत्ति हेतु प्रपत्र दुर्ग जिले की वेबसाईट www.durg.gov.in में देखा व डाउनलोड किया जा सकता है।
- रायपुर। संत ज्ञानेश्वर विद्यालय की अदिति बाग ने भरतनाट्यम स्पर्धा में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए जूनियर कैटेगरी में प्रथम स्थान प्राप्त किया। संगीता कला अकादमी की ओर से 'नटरंग' नृत्य महोत्सव का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने भाग लिया। संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने बताया कि 'नटरंग' नृत्य महोत्सव में सातवीं की छात्रा अदिति बाग ने भाग लिया। अदिति ने नृत्य महोत्सव में भरतनाट्यम विधा में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए जूनियर कैटेगरी की विजेता रहीं। महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले, सचिव चेतन दंडवते सहित समस्त कार्यकारिणी एवं पदाधिकारियों ने अदिति को उनकी इस उपलब्धि पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
- - पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी नीता डुमरे का भी अभिनंदनरायपुर। नेहरू युवा केंद्र रायपुर के मंच पर महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले का उनके 40 वर्षों की समाजसेवा को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सम्मान किया। इस मौके पर मंडल की खेलकूद समिति की पदाधिकारी व पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी नीता डूमरे को भीम अवार्ड से नवाजा गया।नेहरू युवा केंद्र छत्तीसगढ़ राज्य की ओर से रविवार को सुबह सात बजे मरीन ड्राइव तेलीबांधा से घड़ी चौक तिराहा तक आयोजित भीम यात्रा में बतौर मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पहुंचे। विशेष अतिथि के रूप में खेलकूद व युवा कल्याण मंत्री टंकराम वर्मा, धरसींवा विधायक अनुज शर्मा, आरंग के विधायक गुरु खुशवंत साहेब और रायपुर उत्तर क्षेत्र के विधायक पुरंदर मिश्रा उपस्थित रहे। भीम पदयात्रा शुरू होने से पहले नेहरू युवा केंद्र की ओर से राज्य भर में विभिन्न क्षेत्रों की सात युवा विभूतियों सिमरदीप सयाल, प्रमोद साहू, दुर्गा साहू, दीपांशु नेताम, शिवा मानिकपुरी, माहिरा खान और लक्ष्यदीप चंद्रा का अभिनंदन किया गया।इस बीच मुख्यमंत्री साय ने 40 वर्षों से सामाजिक कार्यों, दिव्यांग बालिकाओं, महिला उत्थान, युवाओं के लिये विशेष कार्य योजना के तहत सेवा देने वाले महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले और स्पोर्ट्स क्षेत्र में पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ीऔर महाराष्ट्र मंडल की खेलकूद समिति की सक्रिय पदाधिकारी नीता डुमरे को बाबाराव भीम अवार्ड से सम्मानित किया गया।नेहरू युवा केंद्र के रायपुर प्रमुख अर्पित तिवारी ने बताया कि भीम यात्रा मरीन ड्राइव तेलीबांधा से शुरू होकर अंबेडकर (घड़ी) तिराहा पर आकर समाप्त हुई। इस मौके पर संविधान निर्माता डॉ. भीमराव बाबासाहेब अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। नेहरू युवा केंद्र छत्तीसगढ़ राज्य के निदेशक अतुल निकम ने आभार प्रदर्शन करने के साथ कार्यक्रम के समापन की घोषणा की।
- -गुरूर में आयोजित माँ कर्मा महोत्सव तथा गोण्डवाना वार्षिक महाधिवेशन में हुए शामिल-बस स्टैण्ड में शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण, गोण्डवाना समाज एवं साहू समाज के नवनिर्मित सामाजिक भवनों का किया लोकार्पणबालोद,। केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज के विकास के लिए सबसे बड़ी धुरी है। उन्होंने कहा कि बिना शिक्षा के किसी भी समाज की उन्नति की परिकल्पना बिल्कुल भी नही की जा सकती। श्री साहू आज विकासखण्ड मुख्यालय गुरूर के कोलिहामार में गोण्डवाना समाज एवं साहू समाज द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित माँ कर्मा महोत्सव एवं गोण्डवाना वार्षिक महाधिवेशन तथा नवनिर्मित सामाजिक भवनों के लोकार्पण समारोह के अवसर पर अपना उद्गार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम में कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री भोजराज नाग, गोण्डवाना समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक श्री शिशुपाल शोरी, केशकाल विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं गोण्डवाना समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री नीलकंठ टेकाम, पूर्व विधायक श्री प्रीतम साहू, साहू समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री टहल सिंह साहू, साहू समाज के प्रदेश सलाहकार श्री पवन साहू, तहसील साहू संघ के अध्यक्ष श्री महेन्द्र साहू, आदिवासी गोण्डवाना सेवा समिति गुरूर के तहसील अध्यक्ष श्रीमती उत्तरा मरकाम एवं श्री यूआर गंगराले सहित अन्य समाज प्रमुख एवं जन प्रतिनिधिगण उपस्थित थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने नशापान को समाज के विकास के लिए सबसे बड़ा बाधक बताते हुए समाज के लोगों को नशापान से सर्वथा दूर रहने की अपील की। इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री साहू एवं अतिथियों ने बस स्टैण्ड गुरूर में शहीद वीर नारायण सिंह के प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया। इस दौरान अतिथियों के द्वारा गुरूर में 50-50 लाख रुपये की लागत से नवनिर्मित गोण्डवाना समाज एवं साहू समाज के सामाजिक भवनों का लोकार्पण भी किया गया। केन्द्रीय मंत्री श्री साहू ने छत्तीसगढ़ के दो प्रमुख समाज गोंड़ एवं साहू समाज के द्वारा गुरूर में संयुक्त रूप से समारोह के आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसके लिए उन्होंने दोनों समाज के लोगों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री श्री तोखन साहू ने आदिवासी समाज के गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आदिवासियों की संस्कृति दुनिया में सबसे समृद्ध एवं वैभवशाली है। उन्होंने कहा कि सीधे, सरल एवं मेहनतकश आदिवासियों द्वारा कठिन परिश्रम से समाज के अन्य सभी वर्गों का भरण पोषण एवं सेवा का पूनीत कार्य किया जाता है। इसके अलावा आदिवासी समाज के लोगों के द्वारा पेड़-पौधों एवं पशु-पक्षियों की रक्षा कर प्रकृति एवं पर्यावरण के संरक्षण तथा संवर्धन भी इनके संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस अवसर पर उन्होंने साहू समाज के गौरवशाली इतिहास पर भी प्रकाश डालते हुए समाज के विरासत को अत्यंत उज्ज्वल बताया। उन्होंने कहा कि साहू समाज के लोगों को अपने वैभवशाली अतीत से शिक्षा लेना चाहिए। उन्होंने दानवीर भामाशाह के दानवीरता के संबंध में प्रकाश डालते हुए कहा कि जब महाराणा प्रताप सम्राट अकबर के साथ युद्ध करते हुए घोर आर्थिक कठिनाई से गुजर रहे थे। ऐसे विषम परिस्थिति में हमारे समाज के गौरव दानवीर भामाशाह ने महाराणा प्रताप को असीमित धन देकर उनके आर्थिक कठिनाईयों को सदा के लिए दूर किया था। इस तरह से हमारे समाज के लोगांे ने भी जब-जब भी आवश्यकता हुई मातृभूमि के रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह किया है। इस अवसर पर उन्होंने भक्त माता कर्मा सहित साहू समाज के अन्य विभूतियों के जीवनी पर प्रकाश डालते हुए समाज के लोगों के उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने को कहा। श्री साहू ने समाज के आने वाले पीढ़ी को उच्च शिक्षित बनाने तथा बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कारी भी बनाने की अपील की।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के द्वारा समाज के सभी वर्गों के चहुँमुखी विकास के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार के द्वारा समाज के संर्वागीण विकास हेतु अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन कर उनका सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। वह वास्तव में आने वाले भारत के नवनिर्माण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। श्री साहू ने आदिवासी एवं साहू समाज सहित सभी समाज के लोगों को बेहतर कार्य करते हुए अपने समाज व राष्ट्र के विकास में बहुमूल्य भागीदारी निभाने की अपील की। इस अवसर पर उन्होंने आज के इस कार्यक्रम मंे गोण्डवाना एवं साहू समाज के लोगों के द्वारा प्रस्तुत किए गए मांगों के निराकरण हेतु उचित कार्रवाई करने का आश्वासन भी दिया। समारोह में स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए आदिवासी गोण्डवाना सेवा समिति तहसील गुरूर के अध्यक्ष श्रीमती उत्तरा मरकाम एवं तहसील साहू समाज गुरूर के अध्यक्ष श्री महेन्द्र साहू ने स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए अपने-अपने समाजों के मांगों की ओर अतिथियों का ध्यान आकृष्ट भी कराया।
- -संविधान निर्माता डाॅ. भीमराव अंबेडकर जंयती के अवसर पर आयोजित समारोह में जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक प्रमुख होंगे शामिलबालोद । भारतीय संविधान के निर्माता बाबा साहब डाॅ. भीमराव अंबेडकर के जंयती के अवसर पर सोमवार 14 अपै्रल को जिला पंचायत सभाकक्ष बालोद में दोपहर 02 बजे अंबेडकर जंयती एवं सामाजिक समरसता दिवस का आयोजन किया जाएगा। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे ने बताया कि राज्य शासन के निर्देशानुसार आयोजित इस समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय वर्चुअली रूप से शामिल होकर कार्यक्रम को वर्चुअल संबोधित भी करेंगे। कार्यक्रम में जिले के वरिष्ठ जन प्रतिनिधियों के अलावा समाज प्रमुखगण भी उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर ग्राम पंचायतों में अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केन्द्र हेतु प्रत्येक विकासखण्ड से 10-10 ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं सामान्य सेवा केन्द्र के वीएलई के सर्विस प्रदाता के मध्य एमओयू की कार्रवाई भी की जाएगी। डाॅ. कन्नौजे ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत आवास योजना के लाभ लेने शेष रह गए हितग्राहियों का सर्वेक्षण कर उन्हें शत प्रतिशत इस योजना का लाभ दिलाने हेतु 15 से 30 अपै्रल ’मोर दुआर, साय सरकार’ महाभियान भी चलाया जाएगा। इस अवसर पर भारतीय संविधान के प्रस्तावना का आयोजन किया जाएगा।














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