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- 0 नगरीय निकायों में जनसमस्या निवारण पखवाड़ा 27 जुलाई से 10 अगस्त तक0 श्री शंकराचार्य महाविद्यालय सहित अन्य महाविद्यालयों में भी लगाई जाएगी आधार अपडेशन शिविर0 पेंशन प्रकरण अपडेशन पर ध्यान देवें आहरण संवितरण अधिकारी0 फाईट द बाईट के तहत छात्रावास/आश्रमों को करें फोकस0 सॉलिड एवं वेस्ट मैनेजमेंट पर निकायवार पी.पी.टी. बनायी जाए0 शासकीय विभाग अधिग्रहित भूमि का रिकार्ड अपडेट रखें0 23 जुलाई को रामलला दर्शन अयोध्या धाम हेतु होगी स्पेशल ट्रेन रवाना0 कलेक्टर ने की समय-सीमा प्रकरणों की समीक्षा
दुर्ग। कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने बरसात के दिनों में सड़कों में पशुओं के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को नगरीय निकायों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों से आवारा पशुओं को हटाने अभियान चलाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि पशुपालकों को पशुओं के लिए व्यवस्था हेतु समझाईश दी जाए, इसके बावजूद भी पशु सड़क पर विचरण करते अथवा बैठे हुए पाये जाने पर पशुपालकों से जुर्माना राशि वसूली जाए। वहीं तीसरी बार पकड़े जाने पर पशु की नीलामी करायी जाए। इसी प्रकार ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण अंतर्गत ध्वनि विस्तार यंत्रों का प्रयोग निर्धारित समयावधि के पश्चात् प्रतिबंधित करायी जाए। उन्होंने उक्त गतिविधियां गंभीरतापूर्वक सम्पादित कराने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिये हैं। कलेक्टर सुश्री चौधरी ने आज अधिकारियों की बैठक में समय-सीमा प्रकरण, कलेक्टर जनदर्शन, जनशिकायत, ई-समाधान और सार्थ-ई पोर्टल के लंबित प्रकरणों की विभागवार विस्तृत समीक्षा की। साथ ही अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।कलेक्टर सुश्री चौधरी ने अवगत कराया कि शासन के निर्णयानुसार सभी नगरीय निकायों में 27 जुलाई से 10 अगस्त तक जनसमस्या निवारण पखवाड़ा का आयोजन किया जाए। उन्होंने नगरीय निकायों के अधिकारियों को जनसमस्या निवारण शिविर का वार्डवार रोस्टर तैयार कर संबंधित एसडीएम से परीक्षण कराने के निर्देश दिये हैं। साथ ही एसडीएम के माध्यम से शिविर में विभागीय अधिकारियों के उपस्थिति हेतु आदेश प्रसारित करने कहा है। नगरीय निकायों में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन सामुदायिक भवनों में किया जाए तथा निर्धारित वार्डवार तिथियों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।कलेक्टर सुश्री चौधरी ने महाविद्यालयों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के आधार अपडेट नहीं होने पर प्रवेश हेतु उत्पन्न समस्याओं के निदान हेतु श्री शंकराचार्य महाविद्यालय सहित अन्य सभी महाविद्यालयों में भी आधार अपडेशन शिविर लगाने ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर को निर्देशित किया। इसी प्रकार मदिरा दुकानों के अहातों के आस-पास सिंगल यूज डिस्पोजल बैन कराने सहायक आयुक्त आबकारी को निर्देशित किया। उन्होंने सभी विभागों के आहरण एवं संवितरण अधिकारी को अपने कार्यालयों में लंबित पेंशन प्रकरणों के निराकरण को गंभीरता से लेने तथा पेंशन साफ्टवेयर (आभार) में लंबित प्रकरण की संख्या एवं कारण अद्यतन करते हुए निराकृत कराने के निर्देश दिये।कलेक्टर सुश्री चौधरी ने अधिकारियों को आगाह किया कि जनदर्शन में किसी भी सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारी की पेंशन लंबित होने की शिकायतें नहीं आनी चाहिए। फाईट द बाईट अंतर्गत छात्रावासों एवं आश्रमों में भी मच्छर उन्मूलन एवं सफाई अभियान चलायी जाए। यह अभियान कार्मिशियल एवं इण्डस्ट्रीयल एरिया में भी संचालित हो, सुनिश्चित किया जाए। जल संचयन हेतु हैण्डपम्प सोकपिट, तालाब, कुओं की सफाई, बोरवेल रिचार्ज एवं भवनों में वॉटर हॉर्वेस्टिंग सिस्टम संबंधित गतिविधियां 30 सितम्बर तक चलायी जाए। नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जल मड़ई का आयोजन परिणाम मूलक हो। शिवनाथ एवं तांदुला नदी के चिन्हित तटों पर जल संसाधन विभाग तथा औद्योगिक क्षेत्रों में उद्योग विभाग द्वारा वृहद पैमाने पर पौधरोपण करायी जाए।कलेक्टर सुश्री चौधरी ने जिले में उद्यानिकी एवं खरीफ फसलों की बोनी, फसल क्षेत्राच्छादन पर विभागीय अधिकारियों के साथ संबंधित एसडीएम को भी विशेष ध्यान देने की बातें कहीं। वर्षा की वर्तमान उत्पन्न स्थिति से खरीफ बोनी प्रभावित होने पर संज्ञान में लायी जाए। उन्होंने जिले में खाद एवं खरीफ बीज की उपलब्धता की जानकारी ली। साथ ही अधिकारियों को किसानों को आवश्यकता के मुताबिक खाद-बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। उन्हांेंने आयुष्मान कार्ड की अद्यतन स्थिति पर असंतोष व्यक्त करते हुए नगरीय निकायों के शिविरों में आयुष्मान कार्ड बनाने और आधार अपडेशन हेतु पृथक से काउण्टर रखने के निर्देश दिये।कलेक्टर सुश्री चौधरी ने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सॉलिड एवं लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि वेस्ट मैनेजमेंट हेतु निर्धारित आठ पैरामीटर के अनुसार प्रत्येक नगरीय निकायवार पी.पी.टी. बनायी जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण अंर्तगत निरीक्षण का दायित्व सभी विभागों के अधिकारियों को सौंपा जा रहा है। इस हेतु निरीक्षण व जांच के बिन्दु निर्धारित करने डुडा के अधिकारी को निर्देशित किया।कलेक्टर सुश्री चौधरी ने अधिकारियों को विभागों के लंबित भू-अर्जन के प्रकरण पूर्ण कराने तथा अधिग्रहित भूमि का रिकार्ड अपडेट करा लेने के निर्देश दिये। स्कूलों में रनिंग वॉटर की व्यवस्था पंचायत की पन्द्रहवें वित्त आयोग की राशि से करायी जाए। शासकीय चिकित्सालयों की भांति निजी चिकित्सालयों में भी बायोमेडिकल वेेस्ट की व्यवस्था हो, सुनिश्चित किया जाए। बरसात के दौरान ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में सड़कों, गलियों एवं सार्वजनिक स्थानों पर जल भराव की स्थिति उत्पन्न न हो। जल निकासी हेतु आवश्यक प्रबंध किया जाए। उन्हांेने फुटपार्क एवं औद्योगिक क्षेत्रों को अतिक्रमण से मुक्त कराने संबंधित एसडीएम को निर्देशित किया। कलेक्टर ने अवगत कराया कि आगामी 23 जुलाई को रामलला दर्शन अयोध्या धाम हेतु दुर्ग रेलवे स्टेशन से स्पेशल ट्रेन रवाना होगी। इसमें नगरीय निकायों एवं ग्रामीण क्षेत्रों के निर्धारित संख्या अनुसार दर्शनार्थी शामिल होंगे। जिले के सम्मानीय जनप्रतिनिधियों से यथासंभव संपर्क स्थापित कर उनके द्वारा अनुशंसित दर्शनार्थियों को सूची में शामिल किया जाए। यात्रा में शामिल दर्शनार्थियों का परिचय पत्र और हेल्थ फिटनेश प्रमाण पत्र होना जरूरी है।बैठक में नगर निगम भिलाई के आयुक्त श्री देवेश ध्रुव, सहायक कलेक्टर श्री एम.भार्गव, जिला पंचायत के सीईओ श्री अश्वनी देवांगन, नगर निगम दुर्ग के आयुक्त श्री लोकेश चन्द्राकर, नगर निगम रिसाली की आयुक्त श्रीमती मोनिका वर्मा, अपर कलेक्टर श्री बी.के. दुबे, संयुक्त कलेक्टर श्री हरवंश सिंह मिरी एवं श्री विरेन्द्र सिंह, एसडीएम पाटन श्री दीपक निकंुज, एसडीएम भिलाई श्री लवकेश ध्रुव, एसडीएम दुर्ग श्री मुकेश रावटे, एसडीएम धमधा श्री सोनल डेविड, एसडीएम भिलाई-3 श्री महेश राजपूत, सभी जनपद सीइओ एवं समस्त विभाग के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे। - 0 ’स्वच्छ एवं सुंदर भिलाई’’
भिलाईनगर। भारत सरकार जल शक्ति मंत्रालय द्वारा जल संरक्षण हेतु अभियान चलाया जा रहा है। कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए आयुक्त देवेश कुमार ध्रुव ने नगर निगम भिलाई के विभिन्न क्षेत्रो में जल मड़ई आयोजन करने में येशा लहरे को नोडल अधिकारी एवं सुशील कुमार चैधरी को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।नारी शक्ति से जल शक्ति के उददेश्य को लेकर जल मड़ई का आयोजन हायर सेकण्ड्री स्कूल कोसा नगर में सेमिनार का आयोजन किया गया। जिसमें प्रमुख वक्ता के रूप में एपीओ मनरेंगा एवं वानखेड़े वाटर मेन द्वारा बताया गया कि हम अपने प्रतिदिन के दिनचर्या में बरसात से भी ज्यादा पानी बरबार्द कर देते है। थोड़ी सी सावधानी वर्ष भर बरते तो बहुत ज्यादा पानी बचा सकते है। बचपन से सुनते आ रहे है कि बूंद बंूद से घड़ा भरता है अंजाने में सैकड़ो लीटर पानी एक परिवार प्रतिदिन बर्बाद कर देता है। सेमिनार में जल बचाव, वाटर हार्वेसिंग पर विस्तृत चर्चा की गई।छात्रों में कैच द रेन के प्रति रूचि पैदा करने के लिए एक वृक्ष माॅ के नाम के अभियान से जोड़ा गया। उनसे वृक्षारोपण करवाया गया, उनके सामने रेन वाटर हार्वेस्टिंग का सोख पिट बनवाकर दिखाया गया। किस प्रकार से हम वर्षा के जल से भूमि का जल स्तर बढ़ा सकते है। सभी का एक मत था मात्र वृक्ष लगा कर ही हम प्राकृतिक रूप से हम जल संरक्षण एवं पर्यावरण को बचा सकते है। छात्र संतोष निर्मलकर ने बताया कि लगातार मौसम विभाग द्वारा समाचारों के माध्यम से जानकारी दी जाती है कि झमाझम बारिश होगी। लेकिन हो नहीं रही है। अत्यधिक पेड़ो की कटाई के कारण प्रकृति का असंतुलन बढ़ते जा रहा है। जिसके कारण वर्षा के बादल आते और चले जाते है।सेमिनार में प्रमुख रूप से जोन सहायक अभियंता आलोक पसीने, उपअभियंता श्वेता वर्मा, श्वेता महेश्वर, वृजेन्द्र, बसंत साहू, उद्यान अधिकारी तिलेश्वर साहू अपने टीम के साथ उपस्थित थे। - बिलासपुर। कोटा विकासखण्ड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मझगांव में शिक्षकों के द्वारा विद्यालयों में अध्ययन कर रहे जरूरतमंद बच्चों को निःशुल्क पेन एवं कॉपी का वितरण किया गया। लाभान्वित छात्रों में कक्षा नवमीं से इंद्राणी भानु, कीर्ति, निधि खुसरो, करण दास, जीत कुमार, ओम मरकाम, कक्षा दसवी से निशा पात्रे, दुर्गेश यादव, तुषार कुमार, संस्कार पुरैना, कक्षा ग्यारहवीं से पूनम मरावी, नितेश यादव बीना कुमारी, आकांक्षा पात्रे, महिमा, कक्षा बारहवीं से मिलौतिन मरावी, मुस्कान नेताम, रितेश यादव आदि रहे। इस अवसर पर प्रधानाचार्य शैलेश कुमार पांडेय, तथा शिक्षकों से शोभाराम पालके,लीला राम खूंटे हेमंत अनंत, माधो कौशिक, रंजीत खूंटे, गीता पांडेय, अंजलि दुबे, पूनम सिंह रावत, सुशील ओट्टी उपस्थित थे।
- 0 कलेक्टर ने विद्यार्थियों के प्रवेश प्रक्रिया एवं अन्य क्रियाकलापों की विस्तृत समीक्षा कीबालोद। बालोद जिले में निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा के अधिनियम 2009 के समुचित क्रियान्वयन सुनिश्चित करने हेतु आज कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल की अध्यक्षता में संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में बैठक आयोजित की गई। बैठक में श्री चन्द्रवाल ने विद्यालयों में आरटीई पोर्टल में लाॅटरी के माध्यम से चयनित विद्यार्थियों के प्रवेश के अलावा इस अधिनियम के अंतर्गत जिले में चल रहे अन्य सभी क्रियाकलापों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को विद्यालयों के आरटीई पोर्टल के माध्यम से चयनित विद्यार्थियों को बिना किसी भेदभाव के प्रवेश सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने आरटीई के अंतर्गत चयनित विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तक, गणवेश, लेखन सामग्री आदि की भी निःशुल्क उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने जिला स्तरीय समिति की नियमित रूप से समीक्षा बैठक आयोजित कराने तथा जिले में इनका सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित कराने हेतु पुख्ता उपाय करने के भी निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे, संयुक्त कलेक्टर श्री दरबारी राम ठाकुर, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्रतिमा ठाकरे झा, सुश्री प्राची ठाकुर, जिला शिक्षा अधिकारी, सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
- बालोद। कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने कहा कि आम नागरिक स्थानीय स्तर पर उनके मांगों एवं समस्याओं के निराकरण नही होने के पश्चात् अपने समस्याओं के निराकरण हेतु कलेक्टर जनदर्शन में पहुँचते हैं। उन्होंने कहा कि कलेक्टर जनदर्शन में पहुँचने वाले सभी आवेदक अपने मांगों एवं समस्याओं के निराकरण के लिए आशा और विश्वास के साथ हमारे पास पहुँचते हैं। इसलिए हम सभी जिम्मेदार अधिकारियों की यह नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि जनदर्शन में प्राप्त होने वाले सभी आवेदनों का निर्धारित समयावधि में समुचित निराकरण सुनिश्चित की जाए। आज संयुक्त जिला कार्यालय के जनदर्शन कक्ष में आयोजित जनदर्शन मंे कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने जिले के विभिन्न स्थानों से पहुँचे लोगों से आत्मीय बातचीत कर उनके मांगों एवं समस्याओं के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को तलब कर जनदर्शन में पहुँचे लोगों के समस्याओं के समुचित निराकरण हेतु त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।जनदर्शन में आज गुरूर विकासखण्ड के ग्राम मोहारा निवासी श्री साधूराम सिन्हा ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने, ग्राम पंचायत भैंसबोड़ के उपसरपंच ने अपने ग्राम के उपस्वास्थ्य केन्द्र में एएनएम की पद स्थापना करने तथा पूर्व माध्यमिक शाला में बच्चों को समुचित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित कराने बोर खनन करने की मांग की। डौण्डीलोहारा विकाखण्ड के ग्राम अन्नूटोला निवासी श्री धनसराम ने अपने निजी जमीन का सीमांकन करने तथा डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम कुसुमकसा निवासी श्री रूपऊराम खरे ने सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहित किए गए अपने निजी जमीन का मुआवजा प्रदान करने की मांग की। बालोद विकासखण्ड के ग्राम नेवारीकला निवासी श्री गंगाराम साहू ने अपने निजी जमीन से अवैध कब्जा हटाने की मांग की। इसी तहर वार्ड नंबर 25 दल्लीराजहरा निवासी श्री शंकर प्रसाद ने 05 वर्षीय मुखबधिर बच्चे का समुचित ईलाज कराने की मांग की। गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम भटगांव के ग्रामीणों ने अपने गांव के शासकीय जमीन से अतिक्रमण हटाने की मांग की। जनदर्शन में आज जिले के विभिन्न स्थानों से बड़ी संख्या में आवेदक अपने मांगों एवं समस्याओं के निराकरण हेतु कलेक्टर श्री चन्द्रवाल से मुलाकात करने पहुंचे थे। कलेक्टर ने जनदर्शन में पहुँचे सभी लोगों से बारी-बारी से मुलाकात कर उनके मांगों एवं समस्याओं के संबंध में जानकारी ली। जनदर्शन में डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्रतिमा ठाकरे झा एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
- 0 समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियों को दिए निर्देशबालोद। कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने कहा कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नही की जाएगी। उन्होंने इस कार्य मंे लापरवाही बरतने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की भी चेतावनी दी। कलेक्टर श्री चन्द्रवाल आज संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में राजस्व विभाग के अधिकारियों को उक्ताशय के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राजस्व से संबंधित प्रकरण किसानों से जुड़े होेने के कारण निर्धारित समयावधि में इसका समुचित निराकरण सुनिश्चित कराना शासन-प्रशासन के विशेष प्राथमिकता में शामिल है। इसलिए हम सभी अधिकारी-कर्मचारियों की जिम्मेदारी बनती है कि आम जनता के राजस्व संबंधी प्रकरणों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा में सुनिश्चित की जाए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे सहित राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।बैठक में कलेक्टर ने जिले के सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों को किसानों के राजस्व संबंधी प्रकरणों के निराकरण हेतु राजस्व पखवाड़ा को 30 जुलाई तक वृद्धि करने के भी निर्देश दिए। श्री चन्द्रवाल ने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियांे को स्कूली बच्चों को खेल के बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने हेतु जिले के प्रत्येेक विकासखण्डों के 08 से 10 स्थानों पर बेहतरीन खेल मैदान के निर्माण हेतु उपयुक्त जगह चयनित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को शिक्षा विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर इस कार्य को पूरा करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने शाला भवनों के मरम्मत कार्य की प्रगति की जानकारी लेते हुए शेष सभी कार्यों को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने जिले के प्रभारी मंत्री के द्वारा समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने हेतु जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अधिकारी-कर्मचारियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा उन्होंने जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में सोनोग्राफी मशीन की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के अलावा वहाँ पर मरीजों को सोनोग्राफी की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु निर्धारित तिथियों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की ड्यूटी लगाने के भी निर्देश दिए। श्री चन्द्रवाल ने जिले के सभी विकासखण्ड मुख्यालय में स्थित सभी प्राथमिक शालाओं में सीसीटीवी कैमरा लगाने तथा शिक्षकांे एवं कर्मचारियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित कराने हेतु जिला चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया। उन्होंने जिला परिवहन अधिकारी को आम जनता के लिए कलेक्टोरेट तक आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने नया बस स्टैण्ड बालोद से संयुक्त जिला कार्यालय तक मिनी बस के संचालन करने के निर्देश भी दिए।
- 0 अब तक 10 जनचौपाल संपन्न, 69 की तिथियां निर्धारितबिलासपुर। माननीय उच्च न्यायालय के आदेश एवं मुख्य सचिव के निर्देश पर जिले के प्रमुख नेशनल और स्टेट राजमार्गों में घुमन्तू पशुओं के कारण होने वाली आकस्मिक दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जिले में निरंतर प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए पशुपालकों को प्रेरित करने एवं उनके व्यवहार में परिवर्तन लाने हेतु जिले के चिन्हांकित क्षेत्रों में जनचौपाल का भी आयोजन किया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा जिले के राष्ट्रीय राजमार्ग क. 130 अंतर्गत दर्रीघाट वि.खं. मस्तूरी एवं सेंदरी विखं बिल्हा को चिन्हित किया गया है। यहां जनचौपाल का आयोजन कर पशुपालकों को समझाईश देते हुए इस संबंध में विस्तार से जानकारी दी जा रही है। अब तक 10 गांवों में जन चौपाल का आयोजन किया गया है। इसी प्रकार 69 गांवों में जनचौपाल के लिए तिथियां निर्धारित कर ली गई है।जनचौपाल के तहत मस्तूरी ब्लॉक के दर्रीघाट गांव में जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पशुपालकों की उपस्थिति में 2 एवं 9 जुलाई को तथा सेंदरी में 15 जुलाई को जनचौपाल का आयोजन किया गया, जिसमें पशुपालकों को घुमन्तू पशुओं को सड़क पर छोड़े जाने से होने वाले समस्याओं से अवगत कराने के साथ साथ पशुओं को सड़कों पर नहीं छोड़ने हेतु अपील एवं समझाईश दिया गया, जिससे घुमन्तू पशुओं के कारण सड़कों में होने वाली समस्याओं में कमी आ सकेगी। इस संबंध में सभी संबंधित विभाग के अधिकारियों के द्वारा विभागीय योजनाओं के लाभ तथा इससे आवारा पशु नियंत्रण में प्रभावी उपयोग पर जानकारी दी गयी जिसका सकारात्मक प्रभाव ग्रामीणों एवं पशुपालकों पर पड़ा तथा आवारा पशुओं के नियंत्रण के संबंध में ग्रामीणों द्वारा सुझाव भी दिये गये ।इसी अनुक्रम में जिले के चारों ब्लॉक के सीईओ द्वारा विकासखंडवार चिन्हांकित ग्रामों में जनचौपाल आयोजन हेतु तिथिवार कार्यक्रम जारी किया गया है। जिसमें विकासखंड बिल्हा अंतर्गत अटर्रा एवं बेलतरा में 18 जुलाई, पेण्ड्रीडीह एवं भरवीडीह में 19 जुलाई, हरदी एवं लिम्हा में 22 जुलाई, भरारी में 23 जुलाई एवं नवगवां में 24 जुलाई को जनचौपाल का आयोजन किया जावेगा। विकासखंड कोटा अंतर्गत 18 जुलाई को पीपरतराई, रानीगांव, लालपुर, दारसागर व चुरेली में, दिनांक 19 जुलाई को अमने, कर्रा, पोड़ी, बानाबेल व केंदा में, 22 जुलाई को कलारतराई, मेलनाडीह, खैरा, आमामुड़ा व नेवारीबहरा में, 23 जुलाई को रानीसागर, चपोरा, छतौना, छतौना व बरपाली में, 24 जुलाई को जाली, बारीडीह व परसापानी में 25 जुलाई को कंचनपुर में एवं 26 जुलाई को मझवानी में जनचौपाल का आयोजन किया जाना है।इसी प्रकार विकासखंड तखतपुर अंतर्गत 18 जुलाई को परसदा व भरनी में 19 जुलाई को खजूरीनवागाव, व भिलौनी में 22 जुलाई को अमसेना व बेलमुण्डी में 23 जुलाई को चोरभट्टीकला में 25 जुलाई को काठाकोनी व देवरीखुर्द में 25 जुलाई को सैदा व पांड में 26 जुलाई को गनियारी व नेवरा में 29 जुलाई को खम्हरिया व जरौंधा में 30 जुलाई को संबलपुरी व हांफा में 31 जुलाई को भुण्डा व भरारी में, 01 अगस्त को लिदरी व खपरी में 2 अगस्त को जोंकी व लोखंडी में तथा 5 अगस्त को पथरी, 6 अगस्त को जरेली एवं 7 अगस्त को तुरकाडीह में जनचौपाल का आयोजन किया जाना है विकासखंड मस्तूरी अंतर्गत 18 जुलाई को पंधी, 19 जुलाई को सीपत, 22 जुलाई को वेदपरसदा, 23 जुलाई को लावर, 24 जुलाई को भदौरा, 25 जुलाई को पाराघाट 26 जुलाई, को धनिया, 29 जुलाई को खम्हरिया, 30 जुलाई को चिल्हाटी एवं 31 जुलाई को जोंधरा में जनचौपाल का आयोजन होना है।उपरोक्त तिथियों को आयोजित होने वाले जनचौपालों में अधिक से अधिक संख्या में पशुपालकों को उपस्थित रहने हेतु जिला पंचायत, पशु चिकित्सा विभाग एवं अन्य सभी संबंधित विभागों द्वारा अपील की गई है जिससे पशुपालकों की सहभागिता से सड़कों पर घुमन्तू पशुओं के कारण होने वाली समस्याओं एवं आकस्मिक दुर्घटनाओं को कम किया जा सकेगा।
- 0 नेशनल स्कूल खेल में पदक विजेताओं को किया चेक वितरण*
दुर्ग। कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी की अध्यक्षता एवं जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविन्द मिश्रा के मार्गदर्शन में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में शिक्षा गुणवक्ता हेतु जिले में संचालित आचार्य विनोबा भावे शिक्षा सहायक कार्यक्रम अंतर्गत नवाचारी शैक्षिक गतिविधियां प्रदान करने वाले शिक्षकों एवं वर्ष 2023-24 में नेशनल स्कूल खेल में पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।इस दौरान कलेक्टर ने सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि हार-जीत प्रत्येक स्पर्धा के दो पहलू हैं, लेकिन उत्कृष्ट प्रतिभा का प्रदर्शन करना खिलाड़ी की सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों एवं शिक्षकों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आप जो भी काम कर रहे हैं, उसे अच्छे से करो, मन लगाकर करो वही आपकी साधना है।शिक्षकों द्वारा विनोबा एप में अपने नवाचारी शैक्षिक गतिविधियों को साझा कर जिले के अन्य शिक्षकों को प्रेरित किया गया तथा एप में सक्रिय रूप से भाग लेकर अधिक से अधिक सहायक शिक्षण सामग्री तैयार कर अपलोड किया गया। दुर्ग जिले के शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व मा. विद्यालय के 15 चयनित शिक्षकों को ओपन लिंक फाऊन्डेशन द्वारा प्राप्त प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार को कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के करकमलो से प्रदान किया गया। साथ ही 2023-24 में नेशनल स्कूल खेल- फैनसिंग, नेट बॉल, जुडो, कबड्डी विजेता एवं पदक विजेता प्राप्त करने वाले छत्तीसगढ़ की टीम से दुर्ग जिले का प्रतिनिधित्व करने वाले 44 विद्यार्थियों को कुल 5,46,000/रूपए की राशि का चेक प्रदान किया गया। यह राशि लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ रायपुर द्वारा प्रदान की गई, जिसमें प्रथम पुरस्कार 21 हजार रूपए, द्वितीय पुरस्कार 15 हजार रूपए एवं तृतीय पुरस्कार 10 हजार रूपए है। प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले 44 विद्यार्थियों को कलेक्टर द्वारा चेक प्रदान किया। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (छज्।) द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के छात्र/छात्राओं के लिए श्रेष्ठ आवासीय विद्यालयों में भर्ती हेतु आयोजित ’श्रेष्ठा’ परीक्षा में चयनित संदीपनी बालिका छात्रावास की 04 छात्राओं को भी सम्मानित किया गया।इस अवसर पर सहायक कलेक्टर श्री एम.भार्गव, समग्र शिक्षा अधिकारी श्री सुरेन्द्र पाण्डेय, सहायक संचालक श्रीमती पुष्पा पुरूषोत्तमन, ओपन लिंफ फाऊन्डेशन के डिविजनल मैनेजर श्री जितेन्द्र सिंह, स्टेट समन्वयक श्री हेमन्त साहू एवं जिला समन्वयक सुश्री प्राची सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। - 0 खाद-बीज वितरण की विस्तार से समीक्षा0 खरीफ फसल की 80 प्रतिशत बुआई पूर्णबिलासपुर। कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने जिले में अधिकारियों की बैठक लेकर खाद-बीज उपलब्धता की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने किसानों को उनकी मांग के अनुरूप खाद बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने हर दिन सोसायटी खुला रखने कहा। कृषि विभाग के मैदानी अमले को निरंतर अपने क्षेत्र का दौरा कर किसानों से संपर्क रखते हुए खाद-बीज के भण्डार और उठाव पर निगरानी रखने कहा। कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को समिति से खाद बीज उठाने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने खाद-बीज की कालाबाजारी एवं अवैध भण्डारण की शिकायत पर लगातार छापामार कार्रवाई के निर्देश दिए। उप संचालक कृषि ने बताया कि जिले में खरीफ फसल की बुआई 80 प्रतिशत हो चुकी है।बैठक में बताया गया कि जिले में 114 सहकारी समितियां हैं। लगभग 18 हजार 786 क्विंटल बीज का भण्डारण हो चुका है और किसानों को 18 हजार 283 क्विंटल बीज का वितरण किया जा चुका है। धान, कोदो, कुटकी, रागी, अरहर, उड़द, मूंग, सोयाबीन, तिलहन सहित अन्य फसलों की जानकारी दी गई। जिले में खरीफ वर्ष 2024 के तहत 30 हजार 888 मीट्रिक टन खाद का भण्डारण किया गया है इनमें से 28 हजार 381 मीट्रिक टन खाद का वितरण किसानों को किया जा चुका है। बैठक में बताया गया कि सोसायटी हर रोज खुल रहीं है। कलेक्टर ने फसल बीमा योजना की समीक्षा की। उन्होंने गांवो में आरईओ के जरिए फसल बीमा योजना की जानकारी किसानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों का ईकेवाइसी, आधार और लैंड सीडिंग का काम जल्द कराने कहा। बैठक में उप संचालक कृषि श्री पी.डी. हथेश्वर, खाद्य नियंत्रक श्री अनुराग भदौरिया, डीएमओ सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
- 0 ग्राम बड़े जूँगेरा में ग्रामीणों के साथ बैठकर विभिन्न विषयों पर की चर्चा, विकास कार्यों की दी सौगातबालोद। उपमुख्यमंत्री एंव जिले के प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा ने कल सोमवार को बालोद जिले के प्रवास के दौरान डौंडीलोहारा विकासखण्ड के जामड़ीपाट स्थित पाटेश्वर धाम में सद्गुरु स्व. श्री राम जानकीदास जी महाराज के समाधि स्थल में पहुंचकर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने सद्गुरु स्व. श्री राम जानकीदास जी के शिष्य एवं पाटेश्वर धाम के संचालक संत श्री बालकदास के कक्ष में पहुँचकर उनसे मुलाकात की।इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने श्री बालकदास के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा की। इसके पश्चात गृहमंत्री श्री शर्मा, संत श्री बालकदास एवं अन्य अतिथियों ने पाटेश्वर धाम के ऊपर मन्दिर से पैदल चलकर मन्दिर परिसर के निचले हिस्से में स्थित शिव मन्दिर में पहुँचकर भगवान शंकर की पूजा-अर्चना की। इसके पश्चात् गृह मंत्री श्री शर्मा, संत श्री बालकदास एवं अतिथियों ने ग्राम बड़े जूँगेरा में पहुँचकर ग्रामीणों के साथ बैठक की। ग्रामीणों को संबोधित करते हुए गृह मंत्री श्री शर्मा ने ग्राम पंचायत के सरपंच एंव ग्रामीणों के सभी मांगो को पूरा करने का आश्वासन भी दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने उपमुख्यमंत्री से हाई स्कूल भवन, सामुदायिक भवन, पचरी निर्माण करने आदि की मांग की।श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सहयोग एवं आशीर्वाद से श्री विष्णुदेव साय के रूप में आदिवासी नेता को राज्य की मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी तरह आज देश के राष्ट्रपति जैसे सर्वोच्च पद पर आदिवासी महिला श्रीमती द्रौपदी मुर्मू विराजमान है। इसके अलावा उड़ीसा राज्य के मुख्यमंत्री भी एक आदिवासी को बनाया गया है। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाले केन्द्र सरकार एवं श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाले छत्तीसगढ़ सरकार आदिवासी समाज सहित सभी वर्गों के सार्वंगीण विकास के लिए कृत संकल्पित है। उन्होंने पाटेश्वर धाम के निर्माण के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि क्षेत्र की जनता एवं मानव कल्याण के लिए पाटेश्वर धाम की स्थापना की गई है। समारोह को संबोधित करते हुए संत श्री बालक दास ने पाटेश्वर धाम के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने आम जनता को इस पूनीत कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की। इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री देवलाल ठाकुर, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री पवन साहू, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्री यज्ञदत्त शर्मा सहित कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल, पुलिस अधिक्षक श्री एसआर भगत, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे, एडीशनल एसपी श्री अशोक जोशी एवं सरपंच श्री नीलिमा टेकाम के अलावा अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी तथा ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- बालोद। उप मुख्यमंत्री एंव जिले के प्रभारी मंत्री श्री विजय शर्मा ने कल सोमवार को बालोद जिले के प्रवास के दौरान संयुक्त जिला कार्यालय परिसर में नीम के पौधे का रोपण किया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री इंद्रजीत सिंह चन्द्रवाल, पुलिस अधीक्षक श्री सुरजन राम भगत, जिला पंचायत के मुख्य कार्यापालन अधिकारी डॉ संजय कन्नोजे, अपर कलेक्टर श्री चन्द्रकान्त कौशिक, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री पवन साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि एंव अधिकारी कर्मचारिगण उपस्थित थे।
- 0 बेटी के शौक पूरा करने शुरू किया मशरूम का उत्पादन, साल भर में हो गई लाख रूपए की कमाई0 मशरूम की खेती से एसएचजी दीदी को मिली जीवन नई उड़ान
दुर्ग। जिले के छोटे से गाँव मतवारी में रहने वाली जागृति साहू की कहानी प्रेरणा से भरी हुई है। पढ़ी-लिखी जागृति ने दो विषयों में पोस्टग्रेजुएट और बी.एड. की डिग्री प्राप्त की है। बचपन से ही जागृति का सपना था कि वह एक शिक्षक बने, लेकिन किस्मत ने कुछ और ही लिखा था। किसी कारणवश वह अपने इस सपने को पूरा नहीं कर पाई, जिससे वह निराश हो गईं।जागृति के पति श्री चंदन साहू बताते है कि शिक्षक न बन पाने से जागृति के व्यवहार में बहुत परिवर्तन आया। निराशा की वजह से वे ज्यादा बात भी नहीं करती थी। वे कहते हैं ’’मैंने उस वक्त सोचा कि किसी काम में व्यस्त होने से शायद इनका मन लगे। चुंकी मेरी बेटी और मुझे मशरूम बहुत पसंद था तो मैंने उन्हें मशरूम की खेती करने का सुझाव दिया। बेटी की पसंद की वजह से जागृति ने यह कार्य प्रारंभ किया। देखते ही देखते बेटी की छोटी सी पसंद के लिए शुरू किया गया कार्य जागृति को उंचाईयों तक ले गया। धीरे-धीरे, उन्होंने अपनी रुचि को बढ़ाते हुए हर्बल गुलाल और घरेलू वस्तुएं बनानी शुरू कीं। साल 2019 में, जागृति ने 33 लाख रुपये का मशरूम बेचा, जो उनके मेहनत और समर्पण का परिणाम था। जागृति ने अपने साथ और महिलाओं को भी मुनाफ़ा दिलाया। वे अपने आस पास के गाँव की दीदियों को भी प्रशिक्षण देकर स्वावलंबन की राह दिखाई।’’जागृति के कार्यों में व्यवसाय के साथ समाज के प्रति उत्तरदायित्व भी दिखता है। वे बताती हैं की जब उन्हें कैमिकल वाले गुलाल से होने वाले नुक़सान के बारे में पता चला तब उन्होंने उसके विकल्प के बारे में सोचना शुरू किया। थोड़े अध्ययन के बाद उन्होंने पाया की घर पर उगने वाली साग-भाजी और फूलों से ही हर्बल गुलाल बनाया जा सकता है। उन्होंने अपने समूह की दीदियों के साथ मिलकर हर्बल गुलाल का उत्पादन प्रारंभ किया। पहले वर्ष समूह की दीदियों ने केवल 35 हज़ार रुपये का गुलाल विक्रय किया। पिछले वर्ष उनके समूह को हर्बल गुलाल के लिए बहुत सारे ऑर्डर्स आए, उन्होंने लगभग 8 लाख 25 हज़ार रुपये की बिक्री की।जागृति का सफर यहीं नहीं रुका। जागृति ने शासन की योजनाओं का लाभ लिया और एक सामान्य महिला से अपनी अलग पहचान बनाई। मशरूम की खेती से नई ऊँचाइयाँ प्राप्त करने पर उन्हें “मशरूम लेडी ऑफ़ दुर्ग” कहा जाने लगा। जागृति का सफ़र एक सामान्य महिला से लेकर लखपति दीदी बनने और आज ड्रोन दीदी के रूम में कृषि को उन्नति की ओर ले जा रहा है।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पहल नमो ड्रोन दीदी में चयनित होकर उन्होंने ड्रोन चलाने का प्रशिक्षण लिया। आज वह एक प्रमाणित ड्रोन पायलट हैं और ‘ड्रोन दीदी’ के नाम से जानी जाती हैं। ड्रोन के माध्यम से वह खेतों में दवाइयों का छिड़काव करती हैं और इस नई तकनीक का लाभ किसानों तक पहुंचाती हैं। इससे किसानों का समय तो बचता है साथ ही श्रम और खर्च भी कम होता है।जागृति साहू की कहानी हमें सिखाती है कि किस तरह संघर्ष और मेहनत से किसी भी चुनौती का सामना किया जा सकता है और सफलता प्राप्त की जा सकती है। वे बताती हैं की शुरू में लोग उनपर हंसा करते थे और आज उनकी मेहनत और राज्य सरकार तथा केंद्र सरकार की लाभकारी योजनाओं की बदौलत लोग उनका उदाहरण देने लगे हैं।जागृति शिक्षक तो नही बन पाईं परंतु आज वे कई महिलाओं के लिए व्यवहारिक एवं व्यवसायिक शिक्षक की मिशाल हैं। जागृति कई महिलाओं को ड्रोन, मशरूम उत्पादन एवं घरेलू वस्तुओं के उत्पादन संबंधित तकनीकी एवं व्यवसायिक प्रशिक्षण दे रही हैं। जिससे उनके साथ-साथ अन्य महिलाएं भी स्वावलंबन की ओर अग्रसर हो रही हैं। अपने कौशल व सरकार की योजना के माध्यम से ड्रोन दीदी जागृति ने स्वयं के साथ साथ अन्य महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान किया है। - रायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में हर सप्ताह गुरुवार को होने वाला जनदर्शन 18 जुलाई को अपरिहार्य कारणों से नहीं होगा। file photo
- -ज्ञानगुड़ी एजुकेशन सिटी में आयोजित जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए-बस्तर के समग्र विकास के लिए छत्तीसगढ़ शासन की योजनाएं कारगर साबित हो रही है -सांसद श्री महेश कश्यपरायपुर / वन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप अपने एक दिवसीय बीजापुर जिले के प्रवास के दौरान जवाहर नवोदय विद्यालय ज्ञानगुड़ी एजुकेशन सिटी में आयोजित जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।उन्होंने अपने उद्बोधन में जिला प्रशासन की टीम की प्रशंसा करते हुए कहा कि बीजापुर जिला अब शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाईयों को छूने लगा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सरकार की योजनाओं की अंतिम व्यक्ति तक पहुंच अब सुनिश्चित हो रही है।मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि बीजापुर के बच्चों में प्रतिभा की कमी नहीं है। बस उन्हें सही अवसर मिलना चाहिए। केन्द्र और राज्य सरकार की योजना से समूचे बस्तर के आदिवासी बच्चों का भविष्य बेहतर हो रहा है। बीजापुर का नवोदय विद्यालय राज्य में दूसरे स्थान पर है यह जिले के लिए गर्व की बात है। यहां केन्द्रीय विद्यालय, एकलव्य विद्यालय, नवोदय विद्यालय सहित ज्ञानगुड़ी एजुकेशन सिटी में उच्च स्तर के शैक्षणिक संस्थान है जिससे जिले के बच्चों का बेहतर भविष्य तय हो रहा है।मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति से शिक्षा में व्यापक बदलाव आएगा। शिक्षा के क्षेत्र में हमारी सरकार ने कई बड़े फैसले लिए है। स्कूलों की अद्योसंरचना, शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण, गुणवत्तायुक्त मध्यान्ह भोजन, छात्रवृत्ति सहित तमाम योजनाएं बेहतर शिक्षा के लिए कारगर सिद्ध हो रही है।बस्तर संसदीय क्षेत्र के सांसद श्री महेश कश्यप ने जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना से तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रयासों से बस्तर अंचल अब विकास शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल जैसे बुनियादि सुविधाओं की ओर अग्रसर है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि सहित सभी बुनियादि सुविधाएं, व्यक्तिमूलक योजनाओं का क्रियान्वयन अब जमीनी स्तर पर हो रही है।अतिथियों द्वारा इस अवसर पर नवप्रवेशी बच्चों को फूल-माला, मिठाई एवं तिलक-चंदन लगाकर प्रोत्साहित किया गया। विधायक श्री विक्रम शाह मंडावी एवं पूर्व मंत्री श्री महेश गागड़ा ने शाला प्रवेशोत्सव पर सभी बच्चों को शुभकामनाएं दी।कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री शंकर कुड़ियम, उपाध्यक्ष श्री कमलेश कारम, जिला पंचायत सदस्य श्री बसंत राव ताटी, श्रीमती नीना रावतिया उद्दे, श्रीमती बी पुष्पाराव, वरिष्ठ नागरिक जी वेंकट, श्रीनिवास मुदलियार, पुलिस अधीक्षक डा. जितेन्द्र यादव, डीएफओ सामान्य श्री रामाकृष्ण, उप निर्देशक इंद्रावती टाईगर रिजर्व श्री संदीप बल्गा, सीईओ जिला पंचायत श्री हेमंत रमेश नंदनवार, गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- जिला प्रशासन की अभिनव पहल प्रत्येक घरों में दी जाएगी मनपसंद की दस पुस्तकेंरायपुर, / वन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने जिला प्रशासन बीजापुर के अभिनव पहल ‘‘घर-घर पुस्तक, हर-घर लाइब्रेरी’’ का शुभारंभ किया। मंत्री श्री कश्यप अपने एक दिवसीय बीजापुर जिले के प्रवास के दौरान जवाहर नवोदय विद्यालय ज्ञानगुड़ी एजुकेशन सिटी में आयोजित जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि नीति आयोग से प्राप्त राशि के द्वारा जिले के सभी घरों में कम से कम 10 पुस्तकें जिला प्रशासन द्वारा प्रदाय किया जा रहा है। यह पुस्तकें लोगों के मांग पर उनके मनपसंद साहित्यकारों की पुस्तके दी जाएगी। लोगों के मांग के अनुरूप पुस्तक की भाषा, विषय, साहित्यिक, दर्शन, सामान्य ज्ञान सहित सभी प्रकार की प्रत्येक इच्छानुसार पुस्तकें दी जाएगी। मंत्री श्री कश्यप ने इस अभिनव पहल सराहना करते हुए कहा कि लोगों को अपने घर में ही लाइब्रेरी का अनुभव हो सकेगा। इस दौरान उन्होंने लाभार्थियों को पुस्तक का भी वितरण किया।कलेक्टर श्री अनुराग पाण्डेय के निर्देशन में जिले में शिक्षा के स्तर में व्यापक बदलाव लाने एवं अंदरूनी क्षेत्रों में पहली बार स्कूल खुलने की खुशी स्कूली बच्चों के उमंग और उत्साह का डाक्यूमेंट्री विडियो का एलईडी स्क्रीन के माध्यम से प्रदर्शन किया गया। उन्होंने बताया कि शिक्षा के स्तर में सुधार लाने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देर्शों पर अमल करते हुए मुतवेंडी कांवड़गांव, डुमरीपालनार जैसे सुदूर एवं संवेदनशील गावों में पुनः स्कूल खोला गया जिसमें हजारों बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा गया। शिक्षा के साथ-साथ नियद नेल्लानार योजना के तहत बिजली, पानी, राशन जैसे बुनियादि सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इस दौरान इन 25 स्कूलों के स्थानीय स्तर पर नियुक्त शिक्षादूतों का सम्मान किया गया। वहीं जिला प्रशासन की ओर से कलेक्टर ने प्रभारी मंत्री को एक भारत श्रेष्ठ भारत नामक पुस्तक एवं सांसद श्री महेश कश्यप को वीर सावरकर के जीवन पर आधारित पुस्तकें भेंट की।कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री शंकर कुड़ियम, उपाध्यक्ष श्री कमलेश कारम, जिला पंचायत सदस्य श्री बसंत राव ताटी, श्रीमती नीना रावतिया उद्दे, श्रीमती बी पुष्पाराव, वरिष्ठ नागरिक जी वेंकट, श्रीनिवास मुदलियार, पुलिस अधीक्षक डा. जितेन्द्र यादव सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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-माउंट एवरेस्ट के 26200 फिट पर फहरा चुकी है तिरंगा
-मुख्यमंत्री श्री साय ने दी बधाई और शुभकामनाएं--सुश्री निशु माउंट एवरेस्ट सहित अब तक 22 पर्वत चोटियां कर चुकी है फतहरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से बिलासपुर जिले की पर्वतारोही सुश्री निशु सिंह ने सौजन्य मुलाकात की। देश- विदेश की कई प्रमुख पर्वत चोटियां फतह कर चुकी सुश्री निशु ने 21 मई 2024 को दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट के 26,200 फिट पर तिरंगा फहराया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी और कहा की आपकी इस शानदार उपलब्धि ने छत्तीसगढ़ को भी गौरवान्वित किया है। इससे उभरते पर्वतारोहियों को भी एक प्रेरणा मिलेगी।सुश्री निशु ने बताया कि माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई के दौरान उन्हें कई गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ा। बार बार खराब होते मौसम, बर्फबारी, कम होते ऑक्सीजन लेवल और ठंडी हवाओं ने उनकी कठिन परीक्षा ली, लेकिन उनके बुलंद हौसलों को डगमगा नहीं पाई। आखिरकार उन्होंने अपने सपने को सच कर दिखाया और दृढ़ साहस और इच्छाशक्ति के बदौलत माउंट एवरेस्ट के 26,200 फिट पर तिरंगा फहरा दिया।पर्वतारोही सुश्री निशु सिंह को पर्वत चोटियां फतह करने का एक जुनून सा है। उन्होंने माउंट एवरेस्ट सहित तंजानिया के 19,500 फिट ऊंची माउंट किलिमंजारो शिखर, हिमाचल प्रदेश की 18,480 फिट ऊंची स्पीति वैली और मनाली की 20,000 फिट ऊंची माउंट यूनाम चोटी , लद्दाख के 20,800 फिट ऊंची कांग यास्ते 1 और 20500 फीट ऊंची चोटी कांग यास्ते 2 सहित अब तक देश- विदेश के 22 पर्वत चोटियों पर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर चुकी है। मुख्यमंत्री ने उनके उज्जवल भविष्य की कामना की और आगामी प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं भी दी। - रायपुर / राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 268.6 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से आज 16 जुलाई सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 418.7 मिमी और सरगुजा जिले में सबसे कम 136.2 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है।राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सूरजपुर जिले में 197.0 मिमी, बलरामपुर में 335.7 मिमी, जशपुर में 239.6 मिमी, कोरिया में 246.6 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 201.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी।इसी प्रकार, रायपुर जिले में 231.5 मिमी, बलौदाबाजार में 286.2 मिमी, गरियाबंद में 320.4 मिमी, महासमुंद में 216.9 मिमी, धमतरी में 271.0 मिमी, बिलासपुर में 325.4 मिमी, मुंगेली में 312.0 मिमी, रायगढ़ में 324.6 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 189.6 मिमी, जांजगीर-चांपा में 291.3 मिमी, सक्ती में 253.2 कोरबा में 382.5 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 340.2 मिमी, दुर्ग में 166.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 246.0 मिमी, राजनांदगांव में 217.9 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़चौकी में 238.2 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 182.1 मिमी, बालोद में 254.6 मिमी, बेमेतरा में 156.4 मिमी, बस्तर में 354.4 मिमी, कोण्डागांव में 256.4 मिमी, कांकेर में 263.3 मिमी, नारायणपुर में 296.6 मिमी, दंतेवाड़ा में 298.0 मिमी और सुकमा जिले में 412.4 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई।
- -युवा, कृषक, महिला एवं प्रबुद्धजनों से दस्तावेज तैयार करने ली जा रही है सुझावरायपुर / छत्तीसगढ़ नीति आयोग द्वारा छत्तीसगढ़ विजन डाक्यूमेंट 2047 तैयार करने के संबंध में आज स्थानीय न्यू सर्किट हाउस में संवाद कार्यक्रम का शुभारंभ वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी द्वारा किया गया। संवाद कार्यक्रम की शुभारंभ कार्यक्रम के अध्यक्षता कर रहे वित्त मंत्री श्री चौधरी ने छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर पुष्पार्पण कर दीप प्रज्जवलित कर किया गया।इस संवाद कार्यक्रम में ‘युवा, कृषक, महिला व प्रबुद्धजन‘ परिचर्चा में भाग ले रहे है और विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के संबंध में अपनी परिकल्पनाओं के संबंध में अपने विचार व्यक्त करेंगे। संवाद कार्यक्रम के समापन सत्र दोपहर 3 बजे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कार्यक्रम में शामिल होकर ‘युवा, कृषक, महिला व प्रबुद्धजनों‘‘ से संवाद करेंगे।वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी में कार्यक्रम में आए युवा, कृषक, महिला एवं प्रबुद्ध जनों का अभिनंदन करते हुए कहा कि आप सभी अपने क्षेत्र के प्रतिष्ठित लोग है। देश और राज्य को ऊंचाई तक पहुंचाने में आपके विचार प्रभावी योगदान दे सकते हैं। मंत्री चौधरी ने निर्यात आधारित उद्योग, ग्रीन एनर्जी, सोलर एनर्जी, एथेनॉल बेस्ड टेक्नोलॉजी, प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव सहित अन्य विषयों पर विस्तार से चर्चा की।संवाद कार्यक्रम को मुख्य सचिव एवं उपाध्यक्ष राज्य नीति आयोग श्री अमिताभ जैन सदस्य सचिव श्री अनूप श्रीवास्तव, सदस्य श्री के सुब्रमण्यम द्वारा भी संबोधित किया गया।गौरतलब है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इस परिकल्पना को साकार करने में राज्य की प्रभावी भूमिका सुनिश्चित करने के लिए राज्य नीति आयोग द्वारा तैयार दस्तावेज आगामी राज्य स्थापना दिवस 01 नवम्बर 2024 को विजन डॉक्यूमेंट ‘अमृतकाल : छत्तीसगढ़ विजन @ 2047‘ जारी किया जाएगा। वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी विजन डॉक्यूमेंट जनता के समक्ष रखेंगे।राज्य नीति आयोग द्वारा ‘‘अमृतकाल : छत्तीसगढ़ विजन @ 2047‘‘ संबंधित विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने के संबंध में सभी विभागों, सेक्टर विशेषज्ञों से विचार-विमर्श प्रारंभ किया जा चुका है। इसके लिए आठ वर्किंग ग्रुप का गठन किया गया है। लगातार बैठकें आयोजित कर विचार-विमर्श किया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों से भी विकसित छत्तीसगढ़ की उनकी परिकल्पना साझा करने के लिए आयोग द्वारा वेब-पोर्टल ‘‘मोर सपना-मोर विकसित छत्तीसगढ़‘‘ लिंक http://sdgspc.cg.gov.in/viksitcg/#home भी तैयार किया गया है। इस अवसर पर योजना विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, संयुक्त संचालक डॉक्टर नीतू गौरडिया विभागीय अधिकारी सहित बड़ी संख्या में राज्य भर से आए युवा, कृषक, महिला एवं प्रबुद्ध जन उपस्थित थे।
- -कलेक्टर ने घायलों से मिलकर बेहतर इलाज के लिए सीएमएचओ को निर्देश दिएसारंगढ़ / सारंगढ़ जिला मुख्यालय से बरमकेला के मध्य जंगल में स्थित 8 घाटनुमा मोड़ के पास एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया, जिसमें करीब 21 व्यक्ति सवार थे। दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई है। 6 व्यक्ति को बरमकेला सरकारी हॉस्पिटल से रायगढ़ रिफर किया गया है। बाकी लोगो का इलाज बरमकेला सरकारी हॉस्पिटल में चल रहा है। कलेक्टर धर्मेश साहू ने घायलों से मिलकर बेहतर इलाज के लिए सीएमएचओ को निर्देश दिए। कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम सारंगढ़ अनिकेत साहू ने मृतक के परिवार को सड़क दुर्घटना में मुआवजा राशि 25 हजार रुपए की तात्कालिक सहायता दी है। गाड़ी में सवार सभी व्यक्ति सारंगढ़ के आसपास के निवासी हैं, जो बरमकेला के किसी निर्माण स्थल में मजदूरी का काम करते थे।
- -शारदा, प्रमिला, एवं अन्नपूर्णा बनेंगी अपने परिवार का सहारारायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील सरकार लोगों के हित में त्वरित कार्य कर रही है। समय सीमा के अंदर जरूरतमंद परिवार को अनुकंपा नियुक्ति मिल सकें, शासन इस पर लगातार प्रयास कर रही है। गरियाबंद जिले की श्रीमती शारदा पटेल, श्रीमती प्रमिला कुर्रे एवं सुश्री अन्नपूर्णा ध्रुव को अनुकम्पा नियुक्ति मिल गई है। कलेक्टर श्री दीपक अग्रवाल ने तीनों को अनुकम्पा नियुक्ति पत्र प्रदान किया। शासन की त्वरित कार्यवाही के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया है।ग्राम देवरी जिला जांजगीर चांपा की रहने वाली श्रीमती शारदा पटेल ने बताया कि उनके पति व्याख्याता के रूप में हायर सेकेण्डरी स्कूल अकलवारा में पदस्थ थे। उनके निधन के बाद भृत्य पद के रूप में अनुकंपा नियुक्ति शासकीय हाईस्कूल लोहझर में मिली है। उन्होंने बताया कि अनुकंपा नियुक्ति मिलने से परिवार के पालन पोषण एवं देखरेख में सहायता मिलेगी। साथ ही भविष्य भी सुरक्षित रहेगा। इसी प्रकार मचेवा जिला महासमुंद की रहने वाली श्रीमती प्रमिला कुर्रे के पति शिक्षक (एलबी) के रूप में शासकीय मीडिल स्कूल गुड़ेमा में पदस्थ थे। उनके निधन के पश्चात उन्हें भृत्य के रूप में शासकीय हाईस्कूल सेमरा में अनुकंपा नियुक्ति मिली। उन्होंने बताया कि पति के जाने के बाद भविष्य चिंतित था। छत्तीसगढ़ शासन की पहल से अनुकंपा नियुक्ति मिलने से बच्चों के पढ़ाई -लिखाई एवं भविष्य सृजन में मदद होगी। मैनपुर अंतर्गत ग्राम गोना के निवासी सुश्री अन्नपूर्णा ध्रुव के पिता शासकीय मीडिल स्कूल गरहाडीह में शिक्षक (एलबी) के पद पर पदस्थ थे। उनके निधन के पश्चात राज्य शासन की संवदेनशीलता के कारण त्वरित रूप से अन्नपूर्णा को भृत्य पद में शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल शोभा में अनुकंपा नियुक्ति दी गई है।
- -27 लाख की लागत से बड़े तुमनार में स्थापित किया गया ’’सोलर फार्म स्टेशन’’-उत्पादकता बढ़ने से कृषकों के जीवन स्तर में आएगा बदलावरायपुर / सौर ऊर्जा के उपयोग से कृषकों के उत्पादन क्षमता में वृद्धि के फलस्वरूप उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव देखा जा सकता है। सौर किरण ऊर्जा के गैर परंपरागत एवं नवीकरण योग्य स्रोतों का सर्वाधिक प्रमुख माध्यम है, जिसमें सोलर फोटोवोल्टाइक सेल की मदद से सौर किरणों को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित किया जाता है। इस ऊर्जा एवं आधुनिक कृषि तकनीक के मेल से कृषि उत्पादकता में वृद्धि कर जिले दंतेवाड़ा के कृषकों को लाभान्वित करने के प्रयास किये जा रहे हैं। इस क्रम में गीदम ब्लॉक अन्तर्गत ग्राम बड़े तुमनार में लगभग 27 लाख रुपये लागत का सोलर फार्म स्टेशन स्थापित किया गया है। इस सोलर फार्म स्टेशन से कृषक पंपों का ऊर्जीकरण करके न केवल सिंचाई क्षमता को बढ़ाया जायेगा बल्कि इसके द्वारा विभिन्न प्रकार के आधुनिक कृषि मशीनरी जैसे ’’थ्रेसर और बीडर’’ आदि उपकरण भी संचालित होंगे, जिन्हें अब तक विद्युत ऊर्जा के माध्यम से चलाया जाता था।विभागीय अधिकारियों ने बताया कि दंतेवाड़ा जिला में सौर ऊर्जा से संचालित धान कुटाई की लघु मिल भी स्थापित की गई है जो पूर्णतः सौर ऊर्जा से संचालित होगी। इस संबंध में इस सोलर फार्म स्टेशन के ऑपरेटर ने बताया कि इस सौर उर्जीकृत लघु मिल से धान से निकलने वाले चावल की गुणवत्ता बेहतर होती है और चावल भी कम टूटते हैं। साथ ही खेती में काम आने वाले अन्य मशीन भी इसके माध्यम से आसानी से चलाये जा सकते हैं। जिससे किसानों को समय और श्रम की बचत होगी। इसके लिए कृषकों के एक समूह को सोलर पावर स्टेशन संचालित करने का प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।उल्लेखनीय है कि ग्राम बड़े तुमनार के निकटस्थ बहने वाली तुमनार नदी के किनारे लगभग 10 किसानों की कृषि भूमि है जहां की खेती किसानी ही उनके आय का प्रमुख जरिया है और वे पुराने तौर तरीकों से खेती करते चले आ रहे हैं। वर्षा ऋतु में उन्हें आम तौर पर सिंचाई की आवश्यकता नहीं रहती परन्तु मानसून इतर मौसम में फसलों के लिए पानी की समस्या हमेशा उनके सामने खड़ी होती थी। इन किसानों का कहना था कि अब तक वे बारिश के भरोसे ही खेती करते और अधिकतर किसानों के पास विद्युत पंप की सुविधा न होने से दूसरी फसल लगाने में उन्हें दिक्कत होती थी। परन्तु अब सोलर पावर स्टेशन स्थापित होने से बारहमासी पानी की व्यवस्था हो सकेगी, जिससे किसान दोहरी-तिहरी फसल ले सकने में सक्षम होंगे।बड़े तुमनार ग्राम के सरपंच श्री गुड्डी राम कश्यप ने बताया कि सोलर पावर स्टेशन लगने से यहां के कृषकों में उत्साह का माहौल है। श्री कश्यप ने कहा कि सौर ऊर्जा के माध्यम से चलने वाले सभी प्रकार की कृषि मशीनरी का प्रयोग भी स्थानीय कृषकों ने सीख लिया है और अब इसका लाभ वे खरीफ सीजन के पश्चात् रबी फसलों में लाभ लेने के लिए उत्सुक हैं। विशेष तौर पर ऐसे कृषक जो लम्बे समय से नदी किनारे तोरई, भिंडी, करेला, बैंगन इत्यादि मौसमी साग सब्जियां उगाया करते हैं। आगामी रबी सीजन में अब वे सौर ऊर्जा के माध्यम से साग सब्जी उत्पादन को एक नया परिदृश्य देंगे। दूर-दराज के विद्युत विहीन क्षेत्रों में सौर ऊर्जा तकनीक एक वरदान है, ऐसे किसानों के लिए जो विद्युत चालित पंपों के अभाव के कारण चाह कर भी कृषि कार्य नहीं कर पाते उनके लिए सोलर पावर स्टेशन एक उम्मीद की किरण बन कर आया है और जिसके माध्यम से ग्राम बड़े तुमनार के कृषक परिवार अब उत्पादकता को बढ़ाकर अपनी आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति को बदलने में समर्थ होंगे।
- -युवाओं ने कृषि को आधुनिक बनाने, महिलाओं को सशक्त बनाने और रोजगार आधारित शिक्षा पर दिया जोर-राज्य नीति आयोग द्वारा आयोजित संवाद कार्यक्रम में युवाओं ने खुलकर रखे अपने विचाररायपुर /विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ को लेकर बनाए जा रहे छत्तीसगढ़ विजन डाक्यूमेंट पर युवाओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को गतिशील बनाए रखने के लिए यहां की परिस्थितियों के अनुरूप कार्य करना होगा। राज्य की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने, इसे आधुनिक बनाने के साथ-साथ राज्य के प्रगति में कंधे से कंधा मिलाकार योगदान देने वाली मातृ शक्ति को भी सशक्त बनाना होगा।राज्य नीति आयोग द्वारा छत्तीसगढ़ विजन डाक्यूमेंट तैयार करने के सिलसिले में स्थानीय विश्राम गृह में आयोजित संवाद कार्यक्रम में युवाओं ने खुलकर अपने विचार व्यक्त किए। संवाद कार्यक्रम में लक्षित सेठिया ने कहा कि राज्य की 80 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है, इसलिए कृषि और फूड प्रोसेसिंग पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। कृषि से संबंधित स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। श्री अंकित जैन ने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार के नये सेक्टरों जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाईल आदि क्षेत्रों पर फोकस करने की जरूरत है। इसके साथ ही कुशल मानव संसाधन के लिए वर्तमान आवश्यकता के अनुरूप नये क्षेत्रों में भी कौशल विकास के कार्यक्रम संचालित किए जाए। श्री मयंक नायक ने कहा कि राज्य में पर्यटन क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं, इसके दोहन के लिए पर्यटन क्षेत्रों का विकास सहित अन्य सुविधाओं को बढ़ावा देना चाहिए। कुमारी सिमरन ने कहा कि राज्य में रोड़ नेटवर्क बढ़ाए जाने की जरूरत है। प्रेरणा शर्मा, लोमेश कश्यप और ऋतुराज साहू ने कहा कि युवाओं को स्व-रोजगार से जोड़ने के लिए पाठ्यक्रमों में बदलाव करने की जरूरत है। युवाओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने स्कूलों और महाविद्यालयों को सर्वसुविधायुक्त बनाना चाहिए। अंकिता पाण्डेय ने कहा कि स्कूल और कॉलेजों में खेल को एक अनिवार्य विषय के रूप में शामिल करते हुए खेल की सुविधाएं विकसित करना भी जरूरी है।
- -महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने सहकारिता से जोड़ने की जरूरतरायपुर, / नीति आयोग द्वारा आयोजित संवाद कार्यक्रम में महिलाओं ने विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना पर विचार रखते हुए कहा कि राज्य में महिलाओं को सशक्त करने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण पर विशेष रणनीति बनानी होगी। महिलाओं को सहकारिता के माध्यम से जोड़कर आर्थिक गतिविधियों के लिए तैयार करना होगा।कार्यक्रम में महिलाओं ने इस बात पर जोर दिया कि लैंगिक भेदभाव, नशाखोरी, बाल विवाह सहित सभी सामाजिक बुराईयों के प्रति जनजागरण अभियान भी चलाने की आवश्यकता है। महिलाओं को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने, उनके कौशल विकास, नये स्टार्टअप शुरू करने के लिए नये कार्यक्रम शुरू करने की जरूरत है।कार्यक्रम में शताब्दी पाण्डेय ने कहा कि सहकारिता से जुड़कर ही महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो सकती हैं। इसके लिए राज्यस्तरीय, अंतर्राज्यीय और देशव्यापी संस्थाओं और बहुस्तरीय सहकारी संस्थाओं को बढ़ावा देने की जरूरत है। श्रीमती शमशाद बेगम ने कहा कि सामाजिक बुराईयों को दूर करने के लिए ठोस पहल होनी चाहिए। लखपति दीदी और ड्रोन दीदी के रूप में पहचान रखने वाली श्रीमती लामी बैगा, पुष्पा वस्त्रकार और चित्ररेखा साहू ने कहा कि उद्यमिता से जुड़े महिलाओं के लिये मार्केटिंग,पैकेजिंग और विक्रय की व्यवस्था करना जरूरी है।
- रायपुर /राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा के निर्देश एवं कलेक्टर दीपक सोनी के मार्गदर्शन में राजस्व पखवाड़ा कार्यक्रम के तहत 11 दिनों में कुल 88 ग्राम पंचायतों शिविरों का आयोजन किया गया। शिविर में 6 हजार 269 आवेदन मिले जिसमें से 5747 आवेदनों का निराकरण तत्काल किया गया। साथ ही बचे हुए 522 आवेदनों को समय सीमा में दर्ज किया गया है।भू अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी अनुसार उक्त शिविर में बी-1 पठन 241, फौती नामांतरण-153, बंटवारा-43, अभिलेख त्रुटि सुधार-72, किसान किताब-108, आरबीसी.6-4 के 2, आय,जाति, निवास-5603 एवं अन्य-288 आवेदन शामिल है।अनुविभाग अनुसार बलौदाबाजार में बी-1 पठन 40, फौती नामांतरण-51, बंटवारा-9, अभिलेख त्रुटि सुधार-20, किसान किताब-35, आय,जाति, निवास-2342 एवं अन्य-123आवेदन शामिल है। पलारी में बी-1 पठन 70, फौती नामांतरण-17, बंटवारा-9, अभिलेख त्रुटि सुधार-36, किसान किताब-12, आर बी सी 6-4 के 1 आय,जाति, निवास-575 एवं अन्य-27 आवेदन शामिल है। भाटापारा में बी-1 पठन 42, फौती नामांतरण-45, बंटवारा-4, अभिलेख त्रुटि सुधार-3, किसान किताब-12, आय,जाति, निवास-586 एवं अन्य-30 आवेदन शामिल है। सिमगा में बी-1 पठन 37, फौती नामांतरण-19, बंटवारा-5, अभिलेख त्रुटि सुधार-8, किसान किताब-12, आरबीसी 64 के 1 आय,जाति, निवास-679 एवं अन्य-57 आवेदन शामिल है। कसडोल में बी-1 पठन 21, फौती नामांतरण-10, बंटवारा-6, अभिलेख त्रुटि सुधार-1, किसान किताब-23, आय,जाति, निवास-569 एवं अन्य-27 आवेदन शामिल है। गिरौद में बी-1 पठन 31, फौती नामांतरण-11, बंटवारा-10, अभिलेख त्रुटि सुधार-4, किसान किताब-14, आय,जाति, निवास-852 एवं अन्य-24 आवेदन शामिल है। उक्त शिविर में राजस्व अधिकारी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित पटवारी, कोटवार, सरपंच सचिव की लगातार उपस्थिति रही।कलेक्टर दीपक सोनी ने आज इस सफल आयोजन के लिए अधिकारियों की पीठ थपथपाई उन्होंने कहा हमें यही नहीं रुकना है। हमने जो राजस्व शिविर के लिए जो मापदंड निर्धारित किए थे उसे पूरे राज्य के लिए अपनाया गया है यह हमारे लिए बड़ी उपलब्धि है। इसके साथ ही अब 18 जुलाई से जिले में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया जा रहा है. हमे उस पर फोकस करनी है। गौरतलब है कि कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश में राजस्व पखवाड़ा कार्यक्रम के तहत जिले के 88 ग्राम पंचायतों में 1 से 15 जुलाई तक विशेष शिविर का आयोजन किया गया।
- रायपुर, / छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के लिए सहायक ग्रेड 03 पद हेतु प्रथम स्तर के लिखित परीक्षा 28 जुलाई को आयोजित की जाएगी। परीक्षा के लिए सरगुजा, बिलासपुर, जगदलपुर, दुर्ग और रायपुर में केन्द्र बनाया गया है।छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के वेबसाइट पर आवेदक द्वारा सहायक ग्रेड-3 के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा किए गए थे। सभी आवेदित अभ्यर्थियों को प्रथम स्तर की लिखित परीक्षा हेतु प्रवेश पत्र के लिए छत्तीसगढ़ व्यापम के वेबसाइट में जाकर पंजीयन कराना आवश्यक होगा तथा परीक्षा जिला का चयन करना अनिवार्य होगा। व्यापम के वेबसाईट पर परीक्षा के लिए पंजीयन व जिला चयन की प्रारंभिक तिथि 2 जुलाई तथा अंतिम तिथि 16 जुलाई निर्धारित की गई है।नियंत्रक व्यावसायिक परीक्षा मंडल से प्राप्त जानकारी के अनुसार व्यापम पंजीयन नंबर व परीक्षा केन्द्र जिला के चयन के आधार पर ही लिखित परीक्षा हेतु अभ्यर्थियों को 22 जुलाई को प्रवेश पत्र जारी किया जाएगा। जिन अभ्यर्थियों द्वारा छत्तीसगढ़ व्यापम के वेबसाइट पर पंजीयन नहीं किया है। उन्हें छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के निर्देशानुसार लिखित परीक्षा से वंचित माना जायेगा व जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी अभ्यर्थी के स्वयं की होगी तथा इस संबंध में कोई पत्राचार स्वीकार नहीं होंगे। अभ्यर्थी द्वारा पूर्व में जमा किये गए ऑनलाइन आवेदन पत्र में किसी भी तरह का सुधार या संशोधन किये जाने की अनुमति नहीं होगी।

















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