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- -बैगा आदिवासियों की मौत का कारण डायरिया नहीं, विभिन्न कारणों से हुई मौत-कलेक्टर के निर्देश पर तीन सदस्यीय टीम ने की मामले की जांच-जंगली मशरूम (फुटू), घर पर ही जड़ी-बूटी से उपचार और प्रसव पश्चात लापरवाही के कारण हुई मौत- स्वास्थ्य कर्मियों एवं मितानिनों द्वारा डोर-टू-डोर फीवर सर्वे और स्वच्छता के लिए लोगों को किया जा रहा जागरूक-हैंड पंप में पावर पंप लगाकर पानी टंकी के माध्यम से ग्रामीणों को दिया जा रहा है पेयजलरायपुर, /ग्राम सोनवाही में बैगा आदिवासियों की मृत्यु के संबंध में जांच के लिए कवर्धा कलेक्टर ने तीन सदस्यीय टीम बनायी थी। इस टीम के द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में बैगा आदिवासियों की मौत डायरिया से नहीं बल्कि अन्य कारणों से होना पाया गया। जांच टीम में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी शामिल थे। जांच टीम ने संयुक्त रूप से ग्राम का भ्रमण कर तथा ग्रामवासियों और मृतकों के परिजनों से चर्चा कर जो तथ्य पाए हैं उसके अनुसार महिला बैगा आदिवासी फुलबाई के पति ने ये जानकारी दी है उन्होंने जंगली मशरूम खाया था जिसके बाद उसकी पत्नी और बेटे दोनों की तबीयत खराब हो गयी थी और फिर पत्नी की मौत हो गयी। एक अन्य मामले में मृतक सुरेश धुर्वे को पेट दर्द की शिकायत थी, मितानिन द्वारा उसके घर जाकर सरकारी अस्पताल ले जाकर ईलाज कराने के सलाह देने के बावजूद चिकित्सा लाभ न लेकर स्वयं घरेलू उपचार करने के कारण उसकी मौत हो गयी। अन्य प्रकरण में ललेश्वरी नाम की बैगा आदिवासी महिला सामान्य प्रसव होने के बाद अपने मायके लालघाट मध्यप्रदेश चली गई थी। और वहीं उसकी तबीयत बिगड़ने से मौत हो गयी। सोनसिंह नामक मृतक की तबीयत खराब थी जिसकी मौत की असली वजह पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी।जांच के दौरान लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा नए बोर में पम्प स्थापित कर पाइप लाइन को जोड़कर घरों में पानी सप्लाई करने की कार्यवाही की जा रही है। इसके साथ ही ग्राम सोनवाही में स्वास्थ्य शिविर लगाकर स्वास्थ्य कर्मियों एवं मितानिनों द्वारा डोर टू डोर रैपिड फीवर सर्वे कराकर सभी संभावितों की जांच व उपचार किया जा रहा है तथा ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति वर्तमान में ग्राम सोनवाही की स्थिति सामान्य है।
- -जिले में दूसरे केंद्र की -शुरुआत-विभिन्न योजना के तहत 176 श्रमिक परिवारों को चेक का करेंगे वितरणरायपुर, /शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना के तहत कोरबा में बुधवारी बाजार के समीप नवीन अन्न केंद्र का श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन बुधवार 17 जुलाई को शुभारंभ करेंगे। इसके साथ ही श्रम विभाग के अंतर्गत विभिन्न योजना के तहत 176 श्रमिक परिवारों को चेक का वितरण भी करेगें। श्रमिक हितैषी विष्णु देव सरकार द्वारा लगातार श्रमिक परिवारों को नित नई सौगात दी जा रही है। श्रम मंत्री श्री देवांगन द्वारा श्रमिकों के लिए कोरबा स्थित बालको एल्यूमिना गेट के समीप पहले केन्द्र की शुरुवात की गई थी। शहर के बुधवारी बाजार के समीप दूसरे अन्न केंद्र का शुभारंभ बुधवार को मंत्री श्री लखन लाल देवांगन द्वारा दोपहर एक बजे किया जाएगा।इन योजनाओं के तहत हितग्राहियों को चेक का वितरणश्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ अब श्रमिक परिवारों को मिलने लगा है। असंगठित कर्मकार श्रमिक प्रसूति सहायता योजना के तहत 129 हितग्राहियों को 20-20 हजार की राशि, ठेका श्रमिक, घरेलू महिला कामगार व हमाल श्रमिक प्रसूति सहायता योजना के तहत 27 हितग्राही को 20-20 हज़ार की राशि व असंगठित कर्मकार मृत्यु व दिव्यांग सहायता योजना के तहत 16 हितग्राही को 1-1 लाख रूपए की राशि का चेक वितरित करेगें।
- -22 जुलाई तक बलौदाबाजार में सजेगा बाजार, दी जा रही है विशेष छूटरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन ग्रामोद्योग विभाग हाथकरघा बलौदाबाजार-भाटापारा के सौजन्य से जिला मुख्यालय बलौदाबाजार में भव्य प्रदर्शनी सह-विक्रय का आयोजन किया जा रहा है। जिसका शुभारंभ कैबिनेट मंत्री टंक राम वर्मा ने किया। इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष चितावर जायसवाल, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन सहित अन्य जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।मंत्री श्री वर्मा ने आयोजन के लिए विभाग की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बीच-बीच में करते रहना चाहिए। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलता है। उन्होंने जिले के सभी लोगों से इस मेले का लाभ लेने और अधिक से अधिक उत्पादों का क्रय कर हाथकरघा को बढ़ावा देने की अपील की, ताकि लोग अधिक से अधिक सक्षम व आत्मनिर्भर हो सके और गाँधी जी के सपने को पूरा कर सके। उक्त मेले में छतीसगढ़ के सुप्रसिद्ध कोसा, कॉटन हथकरघा वस्त्रों का विशाल प्रदर्शनी होगा। यह प्रदर्शनी बलौदाबाजार शहर के मध्य स्थित पं.बाल्मीकि शुक्ल विप्र वाटिका गॉर्डन चौक में लगाई गई है। यह प्रदर्शनी आज से 22 जुलाई तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात्रि 9 बजे तक खुला रहेगा। इस प्रदर्शनी के विशेष आर्कषक के रूप में महामहिम राष्ट्रपति जी के द्वारा सम्मानित छत्तीसगढ़ के कुशल बुनकरों द्वारा हाथों से निर्मित वस्त्रों का प्रर्दशन कर विक्रय किया जायेगा। इसके लिए 15 स्टॉलों को सजाया जा रहा है। इस मेले में उत्कृष्ट कलात्मक कोसा साड़िया, कोसा मलमल,कोसाड्रेस मटेरियल, कोसा सलवार सूट,कोसा बाफ्ता,सूती साड़िया शर्टिंग, बेड शीट, पिलो कवर, टॉवेल नेपकिन गमछा इत्यादि एक ही जगह मिल जायेगा। जिला हथकरघा के सहायक संचालक श्री बी आर शेन्द्रे ने बताया कि वस्त्रों आदि सभी उत्पादों की खरीदी में लोगों को 20 प्रतिशत का विशेष छूट दिया जायेगा।
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रायपुर / छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल द्वारा विभिन्न पदों की भर्ती परीक्षा हेतु अभ्यर्थियों से ऑनलाईन आवेदन व्यापम की वेबसाईट पर आमंत्रित किए गए थे, जिसके लिए लिखित भर्ती परीक्षा के लिए संभावित तिथियां घोषित कर दी गई है। जिसमें सहायक ग्रेड-3 (एचएजी23) छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के लिए 28 जुलाई 2024 को सुबह, प्रयोगशाला सहायक (एफडीएलटी24) राज्य न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला के लिए 25 अगस्त 2024 सुबह एवं प्रयोगशाला तकनीशियन (एफडीएलटी24) राज्य न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला के लिए 25 अगस्त 2024 संध्या को आयोजित की जाएगी।
इसी तरह छात्रावास अधीक्षक (टीएचएस24) श्रेणी ‘द‘ आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास की परीक्षा 15 सितंबर 2024 सुबह, प्रयोगशाला तकनीशियन (एचईएलटी24) उच्च शिक्षा संचालनालय 29 सितंबर 2024 सुबह, मत्स्य निरीक्षक (एफएफआई24) संचालनालय मछली पालन विभाग 29 सितंबर 2024 संध्या, सहायक सांख्यिकी अधिकारी (केएएसएल23) संचालनालय कृषि की परीक्षा 20 अक्टूबर 2024 सुबह एवं प्रयोगशाला सहायक (केएएसएल23) संचालनालय कृषि की परीक्षा 20 अक्टूबर 2024 संध्या को आयोजित की जाएगी। - -अवैध परिवहन पर सात साल की सजा और 50 हजार रुपये का लगेगा जुर्माना-गृह विभाग में प्रभावी कार्रवाई के लिए जारी किए आदेश-छत्तीसगढ़ में अब गौ तस्करी संभव नहीं-विजय शर्मारायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर गृह विभाग द्वारा गौवंश व दुधारु पशुओं के अनाधिकृत परिवहन (तस्करी), वध व मांस की बिक्री आदि घटनाओं की रोकथाम तथा संलिप्त आरोपियों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही करने के संबंध में आदेश जारी किया गया है।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि साय सरकार गौवंश के अवैध परिवहन पर सख्ती से निपट रही है। हमने सजा और जुर्माने का प्रावधान करके यह सुनिश्चित किया है कि कोई भी इस कानून का उल्लंघन न कर सके। दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी। उन्होंने कहा छत्तीसगढ़ में अब गौ तस्करी संभव नहीं और इसके लिए हमने प्रत्येक स्तर पर जिम्मेदारी तय की है। उन्होंने कहा कि अवैध परिवहन पर सात साल की सजा और 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। यह सिद्ध करना कि तस्करी नहीं हो रही है, अभियुक्त पर होगा। अपराध को संज्ञेय और गैर-जमानती बनाया गया है।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सक्षम अधिकारी के अनुमति के बिना गौवंश का परिवहन नहीं किया जा सकेगा। परिवहन के दौरान वाहन में फ्लेक्स आदि लगाना होगा। तस्करी करने पर वाहन राजसात किया जाएगा और वाहन मालिक पर भी कार्यवाही होगी। इससे अर्जित संपत्ति को चिन्हित कर कुर्क किया जाएगा।श्री शर्मा ने कहा कि राजपत्रित अधिकारी को उक्त घटनाओं की रोकथाम और पर्यवेक्षण के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। पुलिस के अधिकारी शिथिल या संलिप्त होने पर उन पर कठोर कार्यवाही होगी। आसूचना एकत्रित करना, जिले के सभी प्रकारों का अध्ययन करना और सभी आरोपियों की पुनः समीक्षा व सतत निगरानी आवश्यक होगी।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यदि नियम विरुद्ध परिवहन होना पाया जाता है तो जहां से परिवहन शुरू हुआ और जहां वाहन जब्त किया गया है, उस बीच के समस्त पुलिस अधीक्षक और थाना प्रभारियों के सर्विस बुक में नकारात्मक टीप अंकित की जाएगी और पांच से अधिक बार नकारात्मक टीप अंकित होने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही भी की जाएगी। यदि किसी पुलिस अधिकारी-कर्मचारी की गौवंश के वध तथा गौवंश व दुधारू पशुओं की तस्करी (अवैध परिवहन) की कार्यवाही में किसी प्रकार की शिथिलता व संलिप्तता पायी जाती है, तो उनके विरुद्ध कठोर दंडात्मक और विभागीय कार्यवाही की जाएगी।
- -हाईस्कूल एवं हायर सेकण्डरी स्कूल की द्वितीय मुख्य परीक्षा के सफल संचालन हेतु आयोजनरायपुर / छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल रायपुर द्वारा हाईस्कूल एवं हायर सेकण्डरी स्कूल की द्वितीय मुख्य परीक्षा 23 जुलाई 2024 से 12 अगस्त 2024 तक आयोजित होगी। परीक्षा के सफल संचालन हेतु राज्य स्तर पर आनलाईन प्रशिक्षण उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया । माध्यमिक शिक्षा मण्डल की अध्यक्ष श्रीमती रेणु जी पिल्ले एवं सचिव श्रीमती पुष्पा साहू के मार्गदर्शन में 15 एवं 16 जुलाई को उक्त प्रशिक्षण संपन्न हुआ, जिसमें राज्य के सभी 227 परीक्षा केन्द्रों से केन्द्राध्यक्ष शामिल हुए।उन्मुखीकरण में मुख्य रूप से परीक्षा पूर्व तैयारी, परीक्षा के दिन की कार्यवाही परीक्षा समाप्ति पश्चात की कार्यवाही किस प्रकार से किया जाना है इसकी विस्तार से जानकारी दी गई। परीक्षा केन्द्र में विभिन्न मुख्य व्यवस्था बिजली, पेयजल तथा प्रसाधन की उचित व्यवस्था, मुख्य द्वार पर बैठक व्यवस्था की जानकारी का नोटिस बोर्ड, प्रतिदिन छात्र संख्या अनुसार पुलिस व्यवस्था, सूचना पटल पर आवश्यक सूचना, समय-सारणी लगाना, उत्तर पुस्तिका के बंडल तैयार करने हेतु आवश्यक सामग्री की समुचित मात्रा, स्थायी केन्द्र निरीक्षण पंजी का संधारण, 40 प्रतिशत या उससे अधिक निःशक्तता वाले परीक्षार्थियों को लेखक की नियमानुसार पात्र परीक्षार्थियों हेतु बैठक व्यवस्था, छात्र संख्या एवं कक्ष क्षमता अनुसार परीक्षा कक्ष का चयन, प्रकाशयुक्त एवं हवादार कक्ष, आवश्यक एवं पर्याप्त फर्नीचर का प्रबंध परीक्षार्थियों को उत्तर पुस्तिका में लालस्याही या पेसिंल का उपयोग न किए जाने हेतु सूचित करना, परीक्षार्थियों के परीक्षा कक्ष से बाहर जाने का निर्धारित प्रपत्र में रिकार्ड संधारित करना , अकारण बार-बार परीक्षार्थियों को बाहर जाने की अनुमति नहीं दिया जाना, उपस्थिति पत्रक पर छात्र एवं पर्यवेक्षक का प्रतिदिन हस्ताक्षर अनिवार्यतः लिया जाना , एक ही कक्ष में विभिन्न विषयों की परीक्षा के प्रश्नपत्रों का सावधानीपूर्वक वितरण कमरे में पूर्ण शांति एवं अनुशासन बनाये रखना, अनुचित साधनो के प्रयोग को सजगता से रोकथाम किये जाने के लिए आश्यक निर्देष दिये गये। सभी उत्तर पुस्तिकाओ में “द्वितीय मुख्य परीक्षा 2024” की सील अनिवार्य रूप से लगाने का निर्देश दिया गया। उन्मुखीकरण का प्रस्तुतीकरण सहायक प्राध्यापक श्रीमती प्रीति शुक्ला के द्वारा किया गया।
- -पालक भी हुए जागरूक, आश्रम में कराया दाखिल-पहले बीच में ही पढ़ाई छोड़ देते थे बच्चे-दाखिला के साथ नई किताबें, ड्रेस,बेड पाकर खुश हुएरायपुर / विशेष पिछड़ी जनजाति के पहाड़ी कोरवा श्री गुरवार सिंह, बिरसराम, करम सिंह कोरबा जिले के वनांचल के सारबाहर,छातीबहार के रहने वाले हैं। आज इन्हें मलाल है कि उन्होंने अपनी आगे की पढ़ाई नहीं की। किसी ने पांचवीं तक तो किसी ने आठवी से पहले ही स्कूल और पढ़ाई से नाता तोड़ लिया था। बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले इन पहाड़ी कोरवाओं का कहना है कि काश उन्होंने उस वक्त पढ़ लिया होता। बीच में पढ़ाई नहीं छोड़ी होती तो आज उन्हें जंगल में बकरी चराना नहीं पड़ता। वे भी किसी स्कूल और अस्पताल में नौकरी कर रहे होते और उन्हें गरीबी से नहीं जूझना पड़ता। हालांकि उनका कहना है कि घर परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी और उन्हें कोई बताने वाला भी नहीं था, इसलिए वे स्कूल नहीं जा सके। अब जबकि पहाड़ी कोरवाओं को नौकरी मिलने लगी हैं तो उन्हें भी लगने लगा है कि पढ़ाई का बहुत महत्व है और इस महत्व को समझते हुए इन्होंने अपने बच्चों को छठवीं से आगे की पढ़ाई कराने ग्राम लेमरू के आश्रम में दाखिला कराया। आश्रम में इन पहाड़ी कोरवा बच्चों को निःशुल्क किताबे, गणवेश के साथ सोने के लिए बिस्तर आदि दिया गया।कोरबा ब्लॉक के अंतर्गत सारबहार के पहाड़ी कोरवा गुरवार सिंह ने अपने बेटे अमित कुमार, बिरस राम ने अपने बेटे रंजीत और और छातीबहार के करम सिंह ने अपने बेटे सोनू को कक्षा छठवीं की पढ़ाई कराने के लिए लेमरू के अनुसूचित जनजाति आश्रम में दाखिला कराया। गुरवार सिंह ने बताया कि उन्हें मालूम हुआ कि कोरबा जिले में पहाड़ी कोरवाओं के लड़के-लड़कियों को स्कूल और अस्पताल में नौकरी दी जा रही है। उनका बेटा पांचवी पास है। इसलिए नौकरी नहीं मिली है। अब आगे की पढ़ाई कराना है इसलिए लेमरू के आश्रम में भर्ती कराया है। उन्होंने बताया कि हम पहाड़ी कोरवाओं के बच्चों का घर में रहकर पढ़ाई कर पाना मुश्किल हो जाता है। जंगल के आसपास रहने से बच्चे जंगल की ओर चले जाते हैं। आश्रम में एक जगह रहकर पढ़ाई करना आसान हो जाएगा। भोजन भी समय पर मिलेगा। छातीबहार के करम सिंह ने अपने बेटे सोनू का दाखिला कराया। उन्होंने बताया कि उनका जीवन गाँव में जंगल में भटकते हुए कटता है। घर में 7 सदस्य है। उनकी एक बेटी को देवपहरी के आश्रम में और अपने बेटे सोनू को लेमरू के आश्रम में भर्ती कराया है। आश्रम में व्यवस्था देखकर खुशी है कि बेटा-बेटी यहाँ आगे कि पढ़ाई बिना इधर-उधर भटके कर लेगा। यहाँ समय पर सोना-जागना, नहाना, खाना होगा तो निश्चित ही पढ़ाई में मन लगेगा और ज्यादा कक्षा पढ़कर नौकरी पा सकेगा। बिरस राम ने अपने बेटे रंजीत को कक्षा 6 वी में भर्ती कराने के बाद कहा कि पहले हम अपने बच्चों को अपने पास ही घर में रखते थे। जब कही जाते थे,बच्चे भी साथ चले जाते थे। इससे स्कूल भी छूट जाता था। अब हमें पढ़ाई का महत्व मालूम हुआ है। इसलिए आश्रम में अपने बेटे को भर्ती कराया है। वह अच्छे से पढ़ाई करके नौकरी पायेगा तो वह अपने परिवार को अच्छा रख सकेगा। इधर आश्रम में दाखिले और स्कूल में भर्ती के साथ ही पहाड़ी कोरवाओं के बच्चों को यहाँ नई ड्रेस, किताबें और अपने सोने के लिए लाइट-पंखे लगे हुए कमरे और अलग से बिस्तर पाकर बहुत खुशी महसूस हो रही है। उनका कहना है कि हम यहाँ अच्छे से रहकर पढ़ाई करेंगे और नौकरी मिलेगी तो वह भी करेंगे। आश्रम के अधीक्षक और हेड मास्टर श्री रामनारायण भगत ने बताया कि आश्रम में अनुशासन के साथ बच्चों को समय पर पढ़ना, भोजन, खेलकूद कराया जाता है। यहाँ उन्हें दो टाइम भोजन, रविवार को विशेष भोजन, तेल, साबुन भी दी जाती है। आश्रम में पहले से ही पहाड़ी कोरवा 3 बच्चे हैं। उन्होंने बताया कि शुरुवात के दिनों में पहाड़ी कोरवा बच्चों को रहने में कुछ अटपटा से लगता है, क्योंकि ये अपने परिवार के साथ जंगल में एक अलग तरह से रहते रहे हैं। यहाँ समय पर रहना, खाना होने से इनकी दिनचर्या बदलेगी और इन्हें भी अन्य बच्चों के साथ घुलमिलकर अच्छा लगेगा। उन्होंने बताया कि पहाड़ी कोरवा बच्चों का आश्रम में आकर दाखिला लेना खुशी की बात है वरना ये अन्य समाज से भी दूर-दूर रहने की कोशिश करते हैं।गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दिशा निर्देशन में कोरबा जिले में निवासरत् विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय पहाड़ी कोरवा और बिरहोर जनजाति के 108 बेरोजगार युवाओं को नौकरी दी गई है। जिला प्रशासन की पहल पर जिला खनिज न्यास मद से मानदेय के आधार पर 79 विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार के युवाओं को भृत्य तथा 29 युवाओं को अतिथि शिक्षक के रूप में तथा अस्पताल में रिक्त चतुर्थ श्रेणी के पदों पर रोजगार प्रदान किया गया है। अपने समाज के युवाओं को नौकरी मिलने के पश्चात शिक्षा में रुचि नहीं लेने वाले कोरवा भी जागरूक हुए हैं और वे अपने बच्चों को शिक्षा से जोड़ने आश्रमों में दाखिला कराने लगे हैं, जो कि एक अच्छा संदेश भी है।
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- अमृतकाल : छत्तीसगढ़ विजन @ 2047
- युवा, कृषक, महिला एवं प्रबुद्धजनों से दस्तावेज तैयार करने ली जा रही है सुझावरायपुर, / छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग द्वारा छत्तीसगढ़ विजन डाक्यूमेंट 2047 तैयार करने के संबंध में आज स्थानीय न्यू सर्किट हाउस में संवाद कार्यक्रम का शुभारंभ वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी द्वारा किया गया। छत्तीसगढ़ को देश में कृषि एवं प्रसंस्कृत सुपरफूड का पावर हाऊस बनाने आज कृषकों ने कृषि और खाद्य प्रसंस्करण, बागवानी फसलों, कृषि के क्षेत्र में बुनियादी ढ़ाचे में सुधार सहित अनेक मुद्दों पर अपना सुझाव दिए। बैठक में कृषि से संबंधित लक्ष्य, चुनौतियां एवं सामर्थ्य विषय पर विस्तार से मंथन किया गया।इस संवाद कार्यक्रम में ‘युवा, कृषक, महिला व प्रबुद्धजनों ने परिचर्चा में भाग लिया और विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के संबंध में अपनी परिकल्पनाओं के संबंध में अपने विचार व्यक्त किया।वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी में कार्यक्रम में आए युवा, कृषक, महिला एवं प्रबुद्धजनों का अभिनंदन करते हुए कहा कि आप सभी अपने क्षेत्र के प्रतिष्ठित लोग हैं। देश और राज्य को ऊंचाई तक पहुंचाने में आपके विचार प्रभावी योगदान दे सकते हैं।’’अमृतकाल : छत्तीसगढ़ विजन @ 2047’’ डॉक्यूमेंट तैयार करने का सिलसिला जारी है। कृषकों ने संवाद कार्यक्रम में वानिकी उत्पादों के साथ मजबूत ब्रांड का निर्माण करने, खाद्य प्रसंस्करण तकनीकों का कार्यान्वयन, कौशल उन्नयन और बुनियादी ढांचे में निवेश, फसलों का पैदावार बढ़ाने, मूल्य वर्धित उत्पादों के उत्पादन के लिए बागवानी पर ध्यान केंद्रित करनेे पर भी विचार-विमर्श हुआ।कृषकों द्वारा कृषि सेवा केेन्द्र को बढ़ाने, कृषिजोत आकार को बढ़ाने खेतों के चकबंदी योजना बनाने, फसल चक्र को बढ़ावा देने किसानों के लिए पर्याप्त ऋण सुविधा उपलब्ध कराने, मृदा जांच तथा छत्तीसगढ़ को जड़ी बूटी और वनोपज के केंद्र के रूप में विकसित करने, वनोपज व्यापार केंद्र बनाने, भंडारण प्रसंस्करण और परिवहन के लिए बुनियादी ढांचा बनाने, किसानों को सक्षम बनाने राज्य सरकार द्वारा की जा रही पहल, लघु वनोपजों की मजबूती, जल और सिंचाई की पर्याप्त उपलब्धता पशुपालन व गोपालन प्रबंधन, प्रति एकड़ कृषि आय में वृद्धि करने, सरकार द्वारा दी जाने वाली अनुदान दर में वृद्धि सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर सुझाव दिए गए।कृषि भूमि के बेहतर उपयोग एवं अन्तर्वर्तीय फसल को बढ़ाने की क्षमता, प्रति कृषि परिवार की औसत मासिक आय में बढ़ोतरी, किसानों के लिए बेहतर ऋण की सुविधा, उन्नत तकनीकी की आवश्यकता, उत्पादकता एवं क्षमता बढ़ाने के लिए सटीक खेती जैसे विषयों को डाक्यूमेंट में शामिल करने की बात की गई।राज्य के विभिन्न जिलों से आए कृषकों ने सुझाव देते हुए कहा कि किसानों के लिए समन्वित योजना बनाए जाने की आवश्यकता है। कृषि में परिवहन बहुत बड़ा मुद्दा है, सस्ते परिवहन पर विचार करना चाहिए। किसानों को उत्पादित फसलों का उचित मूल्य मिलना चाहिए। केंद्र सरकार द्वारा किसानोें के हित के लिए बनाई जाने वाली योजनाओं की जानकारी किसानों को समय पर मिलना चाहिए।कृषकों ने कृषि अनुसंधान एवं विकास में निवेश करने, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर जोर देने, जैविक खेती, खाद्य वितरण प्रणाली और कोल्ड स्टोरेज को मजबूत करने सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर अपना सुझाव दिए।कृषकों ने यह भी सुझाव दिया कि प्रत्येक फसल में अधिकतम मूल्य वर्धन करना, कृषि से संबंधित गतिविधियों में आय में वृद्धि, देश और विदेशों में नए बाजार खोलने, निर्यात केंद्र, प्रशिक्षण प्रयोगशालाएं, नर्सरी, डिजिटल और वित्तीय साक्षरता अभियान चलाने की आवश्यकता, वैश्विक व्यापार को बढ़ावा देने, वन धन शक्ति के तहत क्षमता निर्माण और सरकारी समितियां के माध्यम से जनजातीय समाज को सशक्त बनाने, सरकारी बाजार, पीपीओ और सरकारी समितियां को बढ़ावा देने जैसे अन्य महत्वपूर्ण विषयों का समावेश डॉक्यूमेंट में होना चाहिए।इस संवाद कार्यक्रम में श्रीमती अंकिता वर्मा, श्री मोतीराम सिन्हा, श्री कुलदीप पटेल, श्री रजनीश गुप्ता, सुश्री अपूर्वा त्रिपाठी, श्री मोहन पटेल, श्री राजेश गुप्ता, श्री राम शर्मा, श्रीमती बिंदेश्वरी शर्मा, श्री पुष्कर चंद्राकर, श्री पंकज शर्मा सहित राज्य से आए अनेक प्रगतिशील कृषकों एवं कृषि वैज्ञानिकों द्वारा सुझाव दिया गया। - रायपुर। सांसद बृजमोहन अग्रवाल 16 जुलाई को रायपुर ग्रामीण व रायपुर उत्तर में मतदाता आभार सम्मेलन में शामिल होंगे। श्री अग्रवाल दोपहर 3 :00 बजे पाटीदार भवन भनपुरी में रायपुर ग्रामीण विधानसभा द्वारा आयोजित विधानसभा स्तरीय मतदाता आभार समारोह में भाग लेंगे । वहीं श्री अग्रवाल अपरान्ह 5 :00 बजे एकात्म परिसर रजबंधा मैदान रायपुर में भारतीय जनता पार्टी रायपुर उत्तर विधानसभा द्वारा आयोजित विधानसभा स्तरीय मतदाता आभार सम्मेलन में भाग लेंगे। कार्यकर्ताओं से अनुरोध है कि अधिकाधिक संख्या में पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाएं ।
- -राज्य स्तरीय समारोह प्रातः 09 बजे पुलिस परेड ग्राउंड में होगा-कलेक्टोरेट परिसर में प्रातः 08 बजे होगा ध्वजारोहणरायपुर / प्रदेश में स्वतंत्रता दिवस समारोह हर वर्ष की भाति इस वर्ष भी गरिमापूर्वक मनाया जाएगा।कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह की अध्यक्षता में कलेक्टर परिसर स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में आज स्वतंत्रता दिवस समारोह के आयोजन के संबंध में अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में स्वतंत्रता दिवस समारोह के आयोजन की तमाम तैयारियों के संबंध में व्यापक विचार-विमर्श किया गया। राजधानी रायपुर में राज्य स्तरीय समारोह पुलिस परेड ग्राउण्ड रायपुर में प्रातः 9 बजे से आयोजित होगा एवं समस्त कार्यालयों में प्रातः 07ः30 बजे तथा कलेक्टोरेट में प्रातः 08 बजे ध्वजारोहण होगा। कलेक्टोरेट में जिला स्तरीय पुरस्कार का वितरण किया जाएगा।कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह द्वारा स्वतंत्रता दिवस समारोह की विभित्र व्यवस्थाओं के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी दी है। स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर शानदार परेड का आयोजन होगा। जिसमें पुलिस, सशस्त्र बल और एनसीसी, छात्र-छात्राएं भाग लेंगे। स्कूली बच्चों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। कार्यक्रम में भाग लेने वाले बच्चों को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। स्कूल शिक्षा विभाग को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। कार्यक्रम के दौरान यातायात पार्किंग ट्रैफिक एवं सुरक्षा व्यवस्था पुलिस विभाग द्वारा की जाएगी। बारिश को देखते हुए समारोह स्थल पर वाटर प्रूफ पंडाल लगाने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा कि पुलिस परेड ग्राउंड में साफ़-सफ़ाई, पेय जल तथा महिला पुरुष के लिए पृथक शौचालय व्यवस्था सुनिश्चित किया जाए। कार्यक्रम स्थल पर साफ-सफाई इत्यादि की सम्पूर्ण व्यवस्था नगर निगम रायपुर द्वारा की जाएगी।समारोह में परेड के लिए उपस्थित एन. सी. सी., एन. एस. एस., स्काउट गाईड छात्रों के लिए मिष्ठान एवं अतिथियों के लिए स्वल्पाहार की व्यवस्था खनिज विभाग द्वारा किया जाएगा। कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालयों/महाविद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति में ध्वजारोहण किया जाए एवं स्वतंत्रता दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला जाए। कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा कि जिले के ऐसे परिवार जिनके सदस्य नक्सली/ आतंकवादी हिंसा या अन्य किसी कारण से देश सेवा में शहीद हुए हों उनको कार्यक्रम में ससम्मान आमंत्रित किया जाए। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस समारोह में जिले के उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी/ कर्मचारी को सम्मानित किया जाएगा स्वतंत्रता दिवस समारोह की फाइनल रिहर्सल 13 अगस्त को प्रातः 08ः30 बजे किया जाएगा।कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने बैठक में स्वतंत्रता दिवस समारोह को सफल बनाने के लिए प्रारंभिक तैयारी करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किए। बैठक में नगर पालिक निगम आयुक्त श्री अबिनाश मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री विश्वदीप शामिल हुए।
- -कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह ने जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर योजना का अधिक से अधिक लाभ दिलाने के दिए निर्देश-31 जुलाई तक किया जा सकता है फसल बीमारायपुर। प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले फसल नुकसान से किसानों को राहत दिलाने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना संचालित की जा रही है। कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित रेडक्राॅस सभाकक्ष में जिला स्तरीय पर्यवेक्षण समिति की बैठक लेकर अधिक से अधिक कृषकों को बीमा आवरण में शामिल करने के लिए निर्देशित किया, जिससे कि प्राकृतिक आपदाओं से फसल प्रभावित होने पर उन्हें क्षतिपूर्ति मिल सकें।जिले में संचालित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत खरीफ वर्ष 2024 मौसम के लिए जिले के लिए धान सिंचित, धान असिंचित, मक्का, सोयाबीन (ग्राम स्तर पर) फसलों को अधिसूचित फसलों में शामिल किया गया है। योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को पंजीयन कराना जरूरी है। इसके लिए अंतिम तिथि 31 जुलाई 2024 निर्धारित की गई है।गौरतलब है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्रतिकूल मौसम, सूखा, बाढ़, जलप्लावन, ओलावृष्टि आदि प्राकृतिक आपदाओं से किसानों को होने वाली नुकसान से राहत दिलाई जाती है। योजना में ऋणी और अऋणी किसान जो भू-धारक व बटाईदार हो, शामिल हो सकते हैं। ऐसे किसान जो अधिसूचित ग्राम में अधिसूचित फसल के लिए बीमा कराना चाहते हैं वे नियत तिथि के पूर्व अपना फसल बीमा करा सकते हैं। इसके लिए किसान अपना आधार कार्ड, ऋण पुस्तिका, बी-1 पॉचशाला खसरा, बैंक पासबुक की छायाप्रति एवं बोनी प्रमाण पत्र के साथ पंजीयन कराना होगा। किसान बैंक अथवा चॉईस सेंटरों के माध्यम से अपनी फसलों का बीमा करा सकते हैं। खरीफ फसलों में धान सिंचित के लिए राशि 60000 रूपए प्रति हे. धान असिंचित के लिए राशि रू. 45000 प्रति हेक्टेयर, मक्का के लिए 42000 रूपए प्रति हेक्टेयर एवं सोयाबीन के लिए 40000 प्रति हेक्टेयर बीमित राशि निर्धारित है एवं किसान द्वारा देय प्रीमियम दर (बीमित राशि का) 2रूपए है। स्थानीय आपदा एवं फसल कटाई के बाद होने वाले नूकसान की स्थिति में 72 घंटे के भीतर टोल फ्री नंबर 18002660700 में सूचना दे सकते है।
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-कलेक्टर ने ली समय-सीमा की बैठक
-शासकीय जमीन पर कब्जा व अतिक्रमण होने पर तत्काल करें कार्रवाई-आवारा मवेशियों को पकड़कर गौठान व कांजीहाऊस में भेंजेरायपुर । नगर निगम सभी जोन में किसी भी स्थिति में कचरे का जमाव न होने दें। यह पाया जा रहा है कि कूड़े का देरी से उठाव होने से जगह-जगह गंदगी पसरी हुई है, इससे संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा बना रहेगा। निगम का अमला रिस्पॉंस टाईम में कचरे का उठाव करें। यह निर्देश कलेक्टर डॉ गौरव ंिसंह ने समय-सीमा की बैठक में सभी जोन कमिश्नरों को दी। उन्होंने कहा कि कंडम गाड़ियों के कारण सड़कों में, गलियों में यातायात बाधित हो रहा है। नगर निगम और पुलिस संयुक्त अभियान चलाकर इन्हें हटाएं और कड़ी कार्रवाई करें।कलेक्टर ने कहा डीकेएस, मेकाहारा तथा सार्वजनिक स्थानों जैसे स्कूल-कॉलेजों के बाहर अवैध रूप से ठेलें-खोमचंे का कब्जा हुआ है। जिससे इन स्थानों आवाजाही में बाधा और अन्य शिकायतें आ रही है। सड़कों के किनारे कबाड़ और कंडम गाड़ियों सहित यातायात बाधित हो रहें है। पुलिस विभाग, नगर निगम ऐसे मामलों पर समय-समय पर कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि सभी अनुविभागीय अधिकारी अपने क्षेत्रों में सरकारी जमीन में कब्जा और अतिक्रमण जैसी सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि नगर निगम सड़कों में वीडियो वैन चलाकर दुकानों के बाहर किए गए अतिक्रमण के रिकॉर्डिंग फोटोकॉपी करें और दुकानदार को वीडियो, फोटो सहित नोटिस भेजकर चालानी कार्रवाई करें।कलेक्टर ने कहा कि धनेली, मंदिर हसौद, व्हीआईपी रोड सहित अन्य स्थानों पर विचरण कर रहें आवारा मवेशी धर-पकड़ करें और संबंधित गौठानों, कांजीहाउस में भेजें। इस संबंध में एनएचए पुलिस और नगर निगम संयुक्त रूप से अभियान चलायें। ध्वनि प्रदूषण के मामलों पर पुलिस विभाग कड़ी कार्रवाई करें और प्रतिवेदन प्रदान करें। पीएचई जल-जीवन मिशन के अपूर्णं कार्य को करते हुए हितग्राहियों के घर तक पेयजल पहुंचाना सुनिश्चित करें। एनआरडीए द्वारा तूता धरना स्थल में आवश्यक इंतजाम किया जाए।21 जुलाई को होने वाली सेट की परीक्षा पर चाक-चौबंद तैयारी करें21 जुलाई को सेट की परीक्षा व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा होने वाली है। इसमें जिले में 33 हजार से अधिक विद्यार्थी शामिल होने वाले है। 95 परीक्षा केन्द्र बनाये गये है। कलेक्टर ने कहा कि यह एक बड़ी परीक्षा है। इसे गंभीरतापूर्वक और संवेदनशीलता के साथ आयोजन कराएं। जिन परिवहन सह पर्यवेक्षक को इस परीक्षा की जिम्मेदारी दी गई है, परीक्षा केन्द्र का निरीक्षण करके आ जाएं और सभी कमियां पूरी करें। चूंकि जिले के दूरस्थ स्थानों में परीक्षा केन्द्र बनाये गये। अपने शासकीय वाहनों के साथ सुबह 6 बजे से पहले अनिवार्य रूप से ट्रेजरी पहुंच कर परीक्षा सामग्री प्राप्त कर लें। नगर निगम आयुक्त श्री अबिनाश मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ विश्वदीप सहित एडीएम, एसडीएम और अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। - बिलासपुर, /तखतपुर विकासखण्ड के प्री मेट्रिक अनुसूचित जाति बालक छात्रावास बेलसरी के अधीक्षक श्री देवेन्द्र पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। संस्थान में लगातार अनुपस्थिति एवं लापरवाही का उन पर प्रारंभिक रूप से आरोप लगा है। कलेक्टर अवनीश शरण ने जांच प्रतिवेदन के आधार पर श्री पाण्डेय के निलंबन के आदेश जारी किए हैं। उल्लेखनीय है कि श्री पाण्डेय अधिकांश बार संस्था के निरीक्षण के दौरान गायब रहे। छात्रावास के बच्चों के अनुसार उन्हें नाश्ता नहीं मिलता और अन्य आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध नहीं कराई जाती। काम भी रूचि नहीं दिखाने पर चार्ज देने के आदेश जारी किये गए। लेकिन उन्होंने चार्ज भी नहीं दिया। वरिष्ठ अधिकारियों के कई आदेशों की अवज्ञा की गई। कर्तव्यहीनता के लिए जारी नोटिस का जवाब भी नहीं दिया गया। इसलिए श्री देवेन्द्र पाण्डेय का सिविल सेवा आचरण नियमों के विपरित काम करने पर निलंबित कर दिया गया है। उनका इस दौरान मुख्यालय एसीटीडब्ल्यू कार्यालय बिलासपुर होगा। नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
- बिलासपुर, /प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुररस्कार वर्ष 2025 के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए है। बाल पुरस्कार से ऐसे बच्चों को पुरस्कृत किया जाना है जिन्होंने निस्वार्थ भावना से समाज के प्रति कार्य किए है। ऐसे बच्चे जिन्होंने खेल, सामाजिक, सेवा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, कला और संस्कृति और नवाचार के क्षेत्र में समाज पर व्यापक प्रभाव डाला है उन्हे ही इस पुरस्कार के लिए पात्र माना जाता है। बाल पुरस्कार के लिए 5 वर्ष से लेकर 18 वर्ष से कम उम्र तक के बच्चे आवेदन कर सकते है साथ ही बच्चा भारत का नागरिक होना चाहिए। आवेदन करने के लिए ऑनलाईन पोर्टल https://awards.gov.in पर 31 जुलाई तक आवेदन कर सकते है।
- -पी.एम. किसान सम्मान निधि योजनाबिलासपुर, /केन्द्र शासन द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनान्तर्गत पात्र किसानों के बैंक खाते में सालाना 6000 रूपए को तीन किस्तो में दो-दो हजार रू राशि हस्तांतरित किया जा रहा है। योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु किसानों को अपने धारित कृषि भूमि का सत्यापन (लैंड सिंडिंग) कराना, अपने आधार कार्ड को बैंक खाते में इन्द्राज कराना व ईकेवाईसी कराना अनिवार्य किया गया है।उप संचालक कृषि श्री पी.डी. हथेश्वर ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना हेतु 16 से 25 जुलाई तक विशेष ग्राम स्तरीय अभियान शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर में लंबित, पात्र कृषकों का इकेवाईसी, आधार सिंडिंग, लैंड सिंडिंग, स्व पंजीकृत कृषकों का सत्यापन कार्य तथा बाही पात्र कृषकों का पंजीयन कार्य पूर्ण कराया जाना है। जिले में अब तक 3617 कृषकों का ईकेवाईसी, 1954 कृषकों का आधार सिडिंग 491 कृषकों का लैंड सिंडिंग व 196 स्व पंजीकृत कृषकों का खंड स्तर से सत्यापन कार्य जैसे एप्रूवल एवं रिजेक्सन लंबित है। उक्त शिविर में कृषि विभाग के मैदानीय विस्तार अधिकारी, लोकसेवा केन्द्र, ई सेवा केन्द्र, इंडियन पोस्ट पेमेन्ट बैंक व अन्य संबंधित बैंक के अधिकारियों-कर्मचारियों का समूह बनाकर शिविर में उपस्थिति हेतु आवश्यक कार्यवाही किये जाने के संबंध में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।वर्तमान में ईकेवाईसी हेतु बायोमेट्रीक पद्धति (थम्ब इन्प्रेसन) कराया जाना है, सभी बैंको को किसानों के बैंक खाता में आधार लिंक करने हेतु निर्देशित किया गया है। जिसके लिए किसान भाई अपने आधार कार्ड की कापी के साथ बैंक में संपर्क कर आधार सिंडिंग हेतु आवेदन देवें । साथ ही इंडियन पोस्ट बैंक (पोस्ट आफिस) में भी खाता खोलने पर पोस्ट बैंक द्वारा आधार सिंडिंग का कार्य भी किया जा रहा है। लैंड सिंडिंग हेतु अपने राजस्व अभिलेख बी-1, पी-2 की प्रति लाना अनिवार्य है। उक्त तीनों कार्य पूर्ण करने के उपरांत ही पात्र कृषकों के बैंक खाते में अगली किस्त हस्तांतरित होगी। उन्होंने सभी संबंधित कृषकों से अपील की जाती है कि वे अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी या विकासखंड के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी से संपर्क कर व आयोजित शिविर स्थल में जाकर अपने पीएमकिसान सम्मान निधि से संबंधित लंबित ईकेवाईसी आधार सिडिंग, लैंड सिंडिंग व स्व पंजीकृत कृषकों का सत्यापन कार्य के संबंध में कार्यपूर्ण करावें ताकि आपको पात्रता अनुसार आगामी किस्त की राशि प्राप्त हो सके साथ ही जिन पात्र कृषकों द्वारा अभी भी योजनान्तर्गत पंजीयन नहीं कराया गया है, वे भी अपना आधार कार्ड व अन्य आवश्यक अभिलेख लाकर पंजीयन करावें ।कृषकों द्वारा ग्रामीण लोक सेवा केन्द्र के माध्यम से या स्वयं पीएमकिसान पोर्टल में जाकर पंजीयन कराते है। किन्तु आवश्यक अभिलेख अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी या विकासखंड के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय में जमा नहीं करने के कारण पंजीयन की स्वीकृति लंबित रहने से योजना का लाभ नहीं ले पाते है । नवीन पंजीयन कराने वाले किसानों से अपील है कि पंजीयन उपरांत स्वीकृति हेतु अपना आवश्यक अभिलेख अपने विकासखंड कार्यालय में जमा करावें ।
- बिलासपुर /माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय के परिपालन में जिला पंचायत द्वारा पांच ग्राम पंचायत सचिवों को नियुक्त करते हुए पदस्थापना दी गई है। सीईओ जिला पंचायत श्री आरपी चौहान ने इस आशय का आदेश जारी किया है। इनमें अनारक्षित वर्ग से श्री घनश्याम को जिला पंचायत में संलग्न किया गया है। वहीं अनारक्षित वर्ग से श्री सतानंद यादव को कोटा ब्लॉक के रानीसागर ग्राम पंचायत, अन्य पिछड़ा वर्ग से श्री मनहरण लाल वर्मा को बिल्हा ब्लॉक के ग्राम पंचायत सारधा, अनुसूचित जाति वर्ग से श्री सुखीराम सूर्यवंशी को कोटा ब्लॉक के करगीखुर्द एवं अन्य पिछड़ा वर्ग से श्री चन्द्र कुमार पाल को बिल्हा ब्लॉक के ग्राम पंचायत सरवानी में पदस्थापना दी गई है। सभी को आदेश प्राप्ति के 15 दिवस के भीतर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
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बिलासपुर /एकीकृत बाल विकास परियोजना कोटा के अंतर्गत सभी आंगनबाड़ी. केन्द्रों में एक वृक्ष मां के नाम तथा जल शक्ति से नारी शक्ति अभियान चलाकर वृहद पौधरोपण किया गया। जहां एक ही दिवस में आंगनबड़ियों में कार्यकर्ताओं सहायिकाओं एवं पर्यवेक्षकों व विभागीय अधिकारीयों एवं कर्मचारियों के माध्यम से सभी वार्ड पार्षदों, जनप्रतिनिधियों एवं स्व सहायता समूहों के महिलाओं से समन्वय बनाकर 1 हजार 780 फलदार छायादार पौधे लगाये गये। कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना के हिग्राहियो एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा बेटी बचाओं बेटी पढाओं व जल शक्ति से नारी शक्ति का संदेश प्रासारित किया गया। ग्राम पंचायत करगीखुर्द में वृक्षारोपण के कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष करगीकला श्री शंकर तिवारी, सरपंच प्रतिनिधि श्री छत्रपाल सिंह चौहान, श्री लालू यादव, श्री सुर्या यादव, परियोजना अधिकारी कोटा श्री आनंद भटट, पर्यवेक्षक श्रीमती सुरूचि श्याम, सचिव गंगासार श्रीमती श्वेता सिंह बैस सहित बड़ी संख्या में अन्य लोग मौजूद थे।
- -झमिता के उम्मीदों की आस हुई पूरी, बच्चे को मिलेगा हॉस्टल में दाखिलारायपुर । कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के जनदर्शन में त्वरित सहायता मिलने से आम नागरिकों की खुशियां लौट आई है। झमिता के उम्मीदों की आस कुछ ही मिनटों में पूरी हो गई, जब कलेक्टर डॉ. सिंह ने उनके बच्चे को हॉस्टल में दाखिला दिलाने का निर्देश दिया और निर्देश का पालन तुरंत हुआ फिर बच्चे को हॉस्टल में प्रवेश दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। इसकी खबर सुनते ही परिजन खुश हुए और जिला प्रशासन को धन्यवाद ज्ञापित किया।समता कॉलोनी के राखी नगर निवासी श्री भारत साहू के पुत्र गौतम साहू छठवीं कक्षा में अध्ययनरत है। श्री साहू मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते है। उनकी माता श्रीमती झमिता साहू गृहणी है। श्रीमती झमिता बताती हैं कि आर्थिक स्थिति उतनी अच्छी नहीं है और बच्चे को पढ़ाने में भी असमर्थ हूं। वे बताती हैं कि बेहतर पालन-पोषण भी बच्चे का नहीं हो पा रहा है। गौतम के आगे की पढ़ाई में काफी दिक्कते हो रही थी। इस वजह से बेटे को उनके पिता कलेक्टर के जनदर्शन में लेकर पहुंचे और बच्चे को हॉस्टल में दाखिला दिलाने के लिए गुहार लगाई। कलेक्टर ने गंभीरता से उनके आवेदनों का निराकरण करने के लिए आदिम जाति विभाग को निर्देशित किया। इसके तुरंत बाद बच्चे को हॉस्टल में दाखिला दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। बच्चे को जल्द ही कुशालपुर के हॉस्टल में दाखिला दिलाया जाएगा। जहां बच्चे को ठहरने, भोजन और अन्य सुविधाएं निःशुल्क मिलेगी। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री अबिनाश मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्री विश्वदीप समेत अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।ऑनलाइन जुड़े कलेक्टर से अन्य विकासखण्ड के अधिकारी, त्वरित समाधान के निर्देशकलेक्टर डॉ. सिंह के जनदर्शन में आरंग, अभनपुर, तिल्दा के अधिकारी ऑनलाइन जुड कलेक्टर ने बारी-बारी से जिले के दूर-दराज से आए आम नागरिकों की समस्याएं सुनी और तत्काल अधिकारियों को भी कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया। आरंग के ग्राम पचेड़ा से श्री मेहतरू राम रात्रे समस्या लेकर जनदर्शन में कलेक्टर से मुलाकात की। कलेक्टर ने संबंधित अनुविभाग के अधिकारियों को तत्काल निर्देशित करते हुए तुरंत समस्या का समाधान करने के लिए निर्देशित किया। इसी तरह अमलीडीह से छाया बैस ने कोरोना प्रभावित परिवार को सहायता राशि प्रदान नहीं किए जाने का आवेदन लेकर पहुंची। कलेक्टर ने इस आवेदन का समाधान करने के लिए सीएमएचओ को निर्देशित किया। इसी तरह विभिन्न क्षेत्रों से आवेदन लेकर आम नागरिक पहुंचे थे। जिनके आवेदन पर संबंधित विभाग के अधिकारियों को निराकरण करने के निर्देश दिए है।
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दुर्ग/ छत्तीसगढ़ विधानसभा के षष्ठम विधानसभा के तृतीय सत्र का आयोजन 22 जुलाई 2024 से 26 जुलाई 2024 तक किया जाना है। कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के निर्देशानुसार विधानसभा तृतीय सत्र में विधानसभा प्रश्नों की जानकारी समय पर तैयार करने एवं भेजने हेतु डिप्टी कलेक्टर जिला कार्यालय दुर्ग श्री लवकेश ध्रुव को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया हैं। श्री लवकेश ध्रुव का मोबाईल 9907339864 एवं दूरभाष क्रमांक 0788-2320118 है।
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-श्री शंकराचार्य महाविद्यालय के प्राचार्य ने एक दिवसीय आधार कार्ड अपडेशन के लिए दिया आवेदन
-उरला स्थित ’हमर क्लीनिक’ में डॉक्टर उपलब्ध कराने दिया आवेदन
-जनदर्शन में आज 157 आवेदन प्राप्त
दुर्ग/ कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने जनदर्शन में बड़ी संख्या में पहंुचे लोगांे से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा। जनदर्शन में आज 157 आवेदन प्राप्त हुए।
बोरसी के ग्रामवासियों ने बोरसी में लगने वाले एयरटेल टॉवर को हटाए जाने की मांग की। ग्रामवासियों का कहना है कि बोरसी ग्राम सघन आबादी क्षेत्र होेने के टॉवर से निकलने वाले रेडिएशन से स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ेगा। बड़े बुजुर्ग एवं बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ेगा। इस पर कलेक्टर ने संबंधित विभाग को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।
वार्ड क्रमांक 58 के पार्षद द्वारा हमर क्लीनिक में डॉक्टर उपलब्ध कराने के लिए आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि उरला स्थित ’हमर क्लीनिक’ में विगत चार माह से डॉक्टर नही होने के कारण ग्रामवासियों को चिकित्सीय सुविधा के लिए अन्यत्र स्थान जाना पड़ रहा है। इस पर कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।
छात्र पालक संघ ने स्कूल भवन निर्माण को शीघ्र पूर्ण करवाने की गुहार लगाई। वार्ड 37 में स्थित लाल बहादुर शास्त्री शासकीय विद्यालय की बिल्डिंग जर्जर होने के कारण विद्यालय को तोड़ने के पश्चात पुर्ननिर्माण किया जाना था, किन्तु आज दिनांक तक निर्माण कार्य प्रारंभ नही किया गया है। उक्त विद्यालय के बच्चों को 3 किलोमीटर दूर सरदार वल्लभ भाई पटेल शासकीय विद्यालय में अस्थाई रूप से दो कमरों में शिक्षण कार्य सम्पन्न कराया जा रहा है। इस पर कलेक्टर ने कमिश्नर नगर निगम दुर्ग को निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
ग्राम सेलुद निवासियों ने सेलूद पटेल चौक से पतोरा रोड़ में विद्युतीकरण कर स्ट्रीट लाईट लगवाने की मांग की। इस सड़क से प्रतिदिन आम जनता एवं कामगारों का रात में भी आना-जाना लगा रहता है। रात में अंधेरा होने के कारण आवागमन करने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। विद्युतीकरण हो जाने से किसानों को ट्यूबवेल से पानी लेने से खेती करने में सुविधा होगी। इस पर कलेक्टर ने विद्युत विभाग को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।
श्री शंकराचार्य महाविद्यालय भिलाई नगर के प्राचार्य ने एक दिवसीय आधार कार्ड अपडेशन हेतु शिविर लगाने के लिए आवेदन दिया। इस पर कलेक्टर ने चिप्स अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। -
भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के मुख्य कार्यालय में सभी प्रमुख जनप्रतिनिधि, महापौर नीरज पाल, सभापति गिरवर बंटी साहू, एम.आई.सी. सदस्यगण, नेता प्रतिपक्ष एवं पार्षदगणो, नगर निगम के प्रमुख अधिकारीजन उपस्थित हुए।
नगर निगम भिलाई के सभागार में 11 बजे सामान्य सभा की शुरूआत हुई। जिसमें सभी सम्मानित जनप्रतिनिधियो द्वारा सफाई से संबंधित पूर्व निर्धारित एजेण्डा क्रमांक 2 से 16 तक सफाई से संबंधित विषयो पर विचार विमर्श किया गया। एम.आई.सी. सदस्य, पार्षदगण, नेता प्रतिपक्ष, महापौर शहर की सफाई कैसे और व्यवस्थित हो इसके संबंध में अपने सुझाव एवं विचार रखें। सफाई संबंधित विषयो पर सारगर्भिक चर्चा की गई। चर्चा के उपरांत यह प्रस्ताव पारित किया गया कि अभी वर्तमान में पूर्व एजेंसी से कार्य कराते हुए नयी एजेंसी के लिए निविदा जारी की जावे। हमारा भिलाई नगर साफ सुथरा और व्यवस्थित हो इसलिए निगम के 25 प्रतिशत पार्षदगणो की एडवाईजरी कमेटी बनायी जायेगी। जिसमें सेक्टर क्षेत्र के भी पार्षदगण होगें। सभी लोग मिलकर निर्णय लेगे उसके आधार पर सफाई के लिए आने वाली एजेंसी से कार्य लिया जायेगा। उन्ही के सुझाव पर आगामी सफाई संबंधी अनुबंध होगा, प्रस्ताव पारित किया गया।
एजेण्डा क्रमांक 19 पेयजल के विषय पर भी पार्षदगणो ने अपना विचार रखा। पेयजल की पूर्ति सभी नागरिको तक प्रर्याप्त मात्रा में जल आपूर्ति हो इस पर भी सत्ता पक्ष एवं प्रतिपक्ष दोनो पक्षो के तरफ से विचार विमर्श किया गया। यह निर्णय लिया गया कि टंकियो को जोड़ने के लिए जो प्रस्ताव सदन के सामने रखे गये है, उसकी स्वीकृति प्रदान की गई। यह भी निर्णय लिया गया कि पेयजल से संबंधित आगामी बैठक रखी जावे। जिसमें सभी पार्षदगण अपने अपने वार्ड के पेयजल की प्रतिपूर्ति के संबंध में चर्चा करेगें। - -कोरबा के बिजलीघरों को पुन:संचालित करने बांगो से भेजा गया पॉवररायपुर । प्रदेश में आकस्मिक ब्लैक आउट होने की स्थिति में ताप विद्युत गृहों को पुर्नसंचालित करने हेतु हसदेव बांगो जल विद्युत गृह से स्टार्ट अप पाॅवर सप्लाई करने संबंधी एक माॅकड्रिल (पूर्वाभ्यास) छत्तीसगढ़ स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर में सफलतापूर्वक किया गया। माॅकड्रिल के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया कि आपात स्थिति में पॉवर प्लांट के ब्लैक आऊट होने पर कोरबा पश्चिम के बिजली संयंत्रों को शुरू करने हेतु लगभग 43 मिनट में जल विद्युत संयंत्रों से बिजली पहुंचाई जा सके। गौरतलब है कि अचानक ब्लैक आऊट होने की स्थिति में पावर प्लांटों को फिर से स्टार्ट करना कठिन होता है, इसके लिए तुरंत बिजली की आवश्यकता पड़ती है, जिसकी तत्काल आपूर्ति जल विद्युत संयंत्रों से ही हो सकती है। 12 जुलाई को यह माॅक ड्रिल छत्तीसगढ़ स्टेट पाॅवर ट्रांसमिशन एवं उत्पादन कम्पनी के प्रबंध निदेशक क्रमशः श्री आर0 के0 शुक्ला तथा श्री संजीव कुमार कटियार की उपस्थिति एवं कुशल मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ ।इंडियन इलेक्ट्रिसिटी ग्रिड कोड और स्टेट ग्रिड कोड के प्रावधानों के अनुसार साल में एक बार इस तरह का मॉकड्रिल करना होता है। इस दौरान डंगनिया स्थित स्टेट लोड डिस्पैच सेन्टर में कार्यपालक निदेशक सर्व श्री के0 एस0 मनोठिया एवं श्री एम0 एस0 कंवर, मुख्य अभियंता श्री के0 के0 भगत, अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्रीमती शारदा सोनवानी, श्री राकेश शर्मा, अधीक्षण अभियंता श्री मनोज राय, श्री संजय चैधरी, श्री अभिषेक जैन , श्री संजय वैद्य, श्री एम0 नायक, श्रीमती माया नायर, श्रीमती पुष्पा पिल्लई कार्यपालन अभियंता श्री जी0पी0सिंह, श्री धर्मजीत भट्ट, श्री मनोज रावटे, सुश्री सुदेशना पाॅल, सुश्री नमिता विभा लकरा, श्री अवनीश जोशी, सहायक अभियंता श्री केतन मिश्रा, श्री विन्ध्याचल गुप्ता, श्रीमती प्रीति गुप्ता, सुश्री जुवेना गोम्स, श्रीमती रेखा शर्मा, सुश्री संदीपा देवाॅगन, कनिष्ठ अभियंता श्री शुभम घोरे आदि उपस्थित थे ।राज्य भार प्रेषण केन्द्र के नियंत्रण कक्ष में ड्युटी पर उपस्थित कार्यपालन अभियंता श्री जी0 आर0 नवरंग, श्री रंजीत कुजुर ,सहायक अभियंता श्री संदीप देवाॅगन एवं तकनीकी सहायक श्री दिनेश विश्वकर्मा का मॉकड्रिल को सम्पन्न कराने में सक्रिय एवं महत्वपूर्ण भूमिका रही ।इसी तरह बांगो जल विद्युत संयंत्र के अधीक्षण अभियंता श्री बी0 आर0 भगत, श्री एस0 के0 रहमतकर एवं उनकी टीम, विद्युत गृह कोरबा पश्चिम में अधीक्षण अभियंता श्री एस0 करकरे एवं उनकी टीम, कोरबा पूर्व में पारेषण संकाय से अधीक्षण अभियंता श्री डी0एस0 पटेल एवं उनकी टीम, वितरण संकाय से अधीक्षण अभियंता श्री पी0 एल0 सिदार एवं उनकी टीम ,संचार एवं टेलीमीटरी संकाय से कार्यपालन अभियंता श्रीमती अजय कंवर एवं उनकी टीम, उत्पादन कॅपनी से कार्यपालन अभियंता श्री आनंद कुमार एवं श्री सुरेश साहू की सक्रिय भूमिका इस मॉकड्रिल को सम्पन्न कराने में रही है ।ऐसे पूरी हुई माॅकड्रिल की प्रक्रिया- माॅक ड्रिल के दौरान सर्वप्रथम बांगो जल विद्युत गृह, छुरीखुर्द, जमनीपाली एवं कोरबा पूर्व के उपकेन्द्रों से फीड होने वाले क्षेत्रों को मिलाकर एक आईलैण्ड सब-सिस्टम बनाया गया । इसके पश्चात् इस आईलैण्ड सब-सिस्टम में ब्लैक आउट की स्थिति निर्मित की गई । इस तरह एक बनावटी बिजली संकट छुरीखुर्द, जमनीपाली एवं कोरबा क्षेत्र में निर्मित किया गया । इसके पश्चात् इंजीनियरों की टीम ने युद्धस्तर पर बिजली संकट क्षेत्र में बिजली बहाली की प्रक्रिया प्रारंभ की । इसके लिये बांगो में उपलब्ध डीजल जनरेटर सेट से बंद जल विद्युत इकाई क्रमांक-3 को सर्विस में लेकर बांगो उपकेन्द्र के बस को चार्ज किया गया और वहां उत्पादित बिजली को 132 के0व्ही0 लाईनों के माध्यम से छुरीखुर्द, जमनीपाली एवं कोरबा पूर्व 132 के0व्ही0 उपकेन्द्रों तक क्रमशः पहुंचाया गया और पूर्व निर्धारित 33/11 के0व्ही0 विद्युत फीडरों को एक के बाद एक चालू कर बांगों की जल विद्युत इकाई से करीब 24 मेगावाट लोड लिया गया । इसके पश्चात् आईलैण्ड सब-सिस्टम की फ्रिक्वेन्सी एवं वोल्टेज को माॅनीटर करते हुए बांगो जल विद्युत गृह की सप्लाई को कोरबा पश्चिम ताप विद्युत गृह तक पहुंचाया गया । इस पूरी प्रकिे्रया में 43 मिनट का समय लगा । इसके पूर्व में ‘‘ब्लैक स्टार्ट मॉकड्रिल‘‘ 11 अगस्त 2023 को किया गया था ।
- -आई.जी.के.वी., एलायंस ऑफ बायोवर्सिटी इंटरनेशनल और सी.आई.ए.टी के बीच हुआ समझौतारायपुर । छत्तीसगढ़ की परंपरागत विशेषकर विलुप्तप्राय फसल प्रजातियों के संरक्षण और संवर्धन के लिए आज यहां इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल की उपस्थित में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर तथा एलायंस ऑफ बायोवर्सिटी इंटरनेशनल और सी.आई.ए.टी. के मध्य संपादित अंतर्राष्ट्रीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये गए। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ में विभिन्न फसलों की परंपरागत देसी किस्मां विशेषकर चावल की विलुप्त हो रही देसी किस्मों का संरक्षण तथा विकास करना है। इसके साथ ही विभिन्न सामाजिक आर्थिक वर्गां में व्याप्त कुपोषण को दूर करना तथा खाद्य सुरक्षा उपलब्ध कराना भी है। इन तीनों संस्थाओं के मध्य विगत दस वर्षां से संचालित परियोजना को आगामी दस वर्षों तक बढ़ाने हेतु एक समझौता ज्ञापन पर आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल तथा एलायंस ऑफ बायोवर्सिटी इंटरनेशनल के भारत के प्रतिनिधि डॉ. जे.सी. राणा ने हस्ताक्षर किए। उल्लेखनीय है कि इस परियोजना के तहत विगत दस वर्षां में कोरिया, सरगुजा तथा धमतरी जिलों में तीन सामुदायिक बीज बैंक स्थापित किये गये हैं, धान की जीरा फूल और नगरी दुबराज प्रजातियों को जी.आई. टैग प्राप्त हुआ है तथा विभिन्न फसलों की अनेक विलुप्तप्राय परंपरागत किस्मों की पहचान कर उनके संरक्षण हेतु प्रयास किये गये हैं।बैठक में कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने राज्य की कृषि जैव विविधता पर उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने की योजना है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों के बीच जैव विविधता से जुड़े ज्ञान का आदान-प्रदान करना है, और जैव विविधता से विकसित उत्पादों का प्रसार और व्यावसायीकरण करना है। एलायंस ऑफ बायोवर्सिटी इंटरनेशनल और सीआईएटी के कंट्री हेड डॉ. जेसी राणा ने जोर दिया कि मौजूदा औपचारिक बीज प्रणाली के साथ किसानों के खेत और उपभोक्ताओं के बीच मौजूदा अंतर को भरने के लिए विभिन्न फसलों की पहचान की गई है और संभावित भूमि प्रजातियों के बाजार लिंकेज पर अधिक प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने सुझाव दिया कि पारंपरिक किस्मों की पोषण संबंधी रूपरेखा पर अधिक जोर दिया जाना चाहिए। पोषण संबंधी प्रोफाइलिंग डेटा को इन पारंपरिक भूमि प्रजातियों के प्रचलित स्वदेशी पारंपरिक ज्ञान (आईटीके) के साथ जोड़ने से इन आईटीके को वैज्ञानिक मान्यता मिलेगी। एलायंस ऑफ बायोवर्सिटी इंटरनेशनल और सी.आई.ए.टी. एशिया के प्रबंध निदेशक डॉ. स्ट्रेफन वाइस ने अपने संबोधन में आईजीकेवी को पिछले प्रोजेक्ट्स के आशाजनक परिणामों के लिए बधाई दी और कहा कि यह नया समझौता ज्ञापन स्थायी संसाधन प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन शमन और कृषि जैव विविधता के प्रबंधन पर अनुसंधान और विकास की ओर अधिक निर्देशित होगा, फसल प्रजातियों पर जानकारी तक पहुंच में सुधार के लिए और फसल आनुवंशिक और प्रजनन कार्यक्रम विकसित करने के लिए अधिक प्रयास किए जाएंगे। कर्मचारियों के आदान-प्रदान, कार्यशालाओं और प्रशिक्षणों के माध्यम से वैज्ञानिक समुदाय की क्षमता निर्माण और कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बैठक में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के संचालक अनुसंधान सेवाएं डॉ. विवेक कुमार त्रिपाठी, निदेशक विस्तार सेवाएं डॉ. अजय वर्मा, निदेशक प्रक्षेत्र एवं बीज डॉ. एस.एस. टुटेजा, अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय शर्मा, अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय, रायपुर डॉ. जी.के. दास, अधिष्ठाता कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय, रायपुर डॉ. विनय कुमार पाण्डेय, अधिष्ठाता खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय, रायपुर डॉ. ए.के. दवे, आनुवांशिकी एवं पादप प्रजनन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. दीपक शर्मा सहित वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक उपस्थित थे।
- -प्रदेश में तेजी से सुधर रही है स्वास्थ्य सेवाएंरायपुर / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के घोषणा के अनुरूप स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में जशपुर जिले को दो बड़ी सुविधा मिली है। मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या साय ने आज सीएम कैंप बगिया में दो एंबुलेंस और एक शव वाहन को हरी झंडी दिखा कर जरूरतमंद मरीजों की सेवा के लिए रवाना किया। एंबुलेंस दुलदुला ब्लॉक के करडेगा और फरसाबहार ब्लाक के कोल्हेनझरिया में सेवा देगी। वहीं मुक्तांजली वाहन दुलदुला में सेवा प्रदान करने के लिए तैनात रहेगी।उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले ही रविवार को दुलदुला में आयोजित मतदाता अभिनंदन समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इसकी घोषणा की थी। घोषणा के 24 घंटे से भी कम समय में ही जिलेवासियों को एम्बुलेंस और शव वाहन की सुविधा मिली है।यह भी उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री साय की पहल से दिसंबर 2023 से अब तक जिले को 7 एंबुलेंस और 1 शव वाहन मिल चुके हैं। इससे मरीजों की सेवा में लगे एंबुलेंस की संख्या जिले में बढ़ कर 21 हो चुकी है। इसके साथ ही कुनकुरी में 220 बिस्तर की क्षमता वाली सर्वसुविधा युक्त अस्पताल निर्माण की घोषणा पहले ही हो चुकी है। जिले के 7 उप स्वास्थ्य केन्द्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का दर्जा देते हुए आवश्यक मानव संसाधन जुटाने के लिए स्वीकृति दी जा चुकी है।
- -पर्यावरण सुरक्षा हेतु सभी को जागरूक रहने एवं अधिक से अधिक वृक्ष लगाने हेतु किया प्रोत्साहित-एक साथ एक ही समय पर सर्वाधिक पौधे रोपित कर जिले ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्डरायपुर/ कोरबा जिले के ग्राम भालूसटका में वनमण्डल कोरबा द्वारा आयोजित वन महोत्सव कार्यक्रम में स्कूली छात्र-छात्राओं एवं कर्मचारियों के द्वारा एक साथ एक ही समय पर, एक ही स्थान पर सर्वाधिक 2273 पौधे रोपित करके गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में एक विश्व कीर्तिमान स्थापित किया गया। इस अवसर पर वाणिज्य, उद्योग व्यापार एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आव्हान पर एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत सभी नागरिक एक पेड़ अवश्य लगाएं। पेड़ लगाने के साथ ही उसके पुष्पित व पल्लवित होने तक उसकी देखभाल एवं सिंचाई की व्यवस्था जरूर करें।श्री देवांगन ने कार्यक्रम में पीपल का पौधा लगाकर एक पेड़ मां के नाम अभियान को सफल बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि मां अपने बच्चों को हमेशा प्यार करती है और बच्चों को भी दुनिया में सबसे प्यारी मां ही लगती है। मां के नाम से हम पेड़ लगाएंगे तो स्वभाविक रूप से पेड़ के प्रति हमारा गहरा लगाव रहेगा और हम पेड़ के बढ़ने तक उसकी देखरेख करेंगे। प्रदेश के मुखिया श्री विष्णुदेव साय ने भी एक पेड़ मां के नाम लगाकर प्रदेश भर में पेड़ लगाकर अभियान को सफल बनाने का आव्हान किया है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक नगरी कोरबा में पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण करना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि पेड़ हमारे जीवन के लिए अति आवश्यक है। पेड़ों से हमें फल, फूल, औषधि, लकड़ी प्राप्त होती है। पेड़ से हमें शुद्ध वायु मिलती है जो जीवन के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा हम सभी को बाग-बगीचे, बाड़ी, कार्यालय परिसर में पेड़ जरूर लगाना चाहिए। मंत्री श्री देवांगन ने कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों से अपील की जब अपनी पंचायतों में जाएं तो वहां पर ग्रामीणों से ज्यादा से ज्यादा पौधरोपण करने के लिए प्रेरित करें, ताकि मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री की मंशानुसार प्रदेश में जिले एवं प्रदेश में हरियाली का वातावरण बने। वनमहोत्सव कार्यक्रम में 11 स्कूलों के सैकड़ों बच्चों, नगर निगम एवं वन विभाग के कर्मचारियों ने भालूसटका ग्राम में एक ही समय में एक स्थान पर 2273 पौधे लगाकर सर्वाधिक पौधारोपण का रिकॉर्ड बनाया। इस अवसर पर मंत्री श्री देवांगन ने वनमण्डलाधिकारी श्री अरविंद पीएम को सर्वाधिक पौधरोपण का प्रमाण पत्र प्रदान कर उत्साहवर्धन किया। साथ ही मंत्री श्री देवांगन द्वारा सेंट जेवियर स्कूल, न्यू ऐरा स्कूल, सरस्वती शिशु मंदिर बुधवारी, निर्मला स्कूल कोसाबाड़ी एवं रिसदी के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को पौधरोपण हेतु प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में रामपुर विधायक श्री फूलसिंह राठिया, कलेक्टर श्री अजीत वसंत, जिला पंचायत सीईओ श्री संबित मिश्रा, डीएफओ कोरबा श्री अरविंद पीएम, श्रीमती सोनल शर्मा गोल्डन बुक वर्ल्ड रिकॉर्ड छत्तीसगढ़ की प्रमुख सहित अन्य जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, स्कूली बच्चों एवं ग्रामीणों द्वारा भी फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया।रामपुर विधायक श्री राठिया ने अभियान के तहत सभी ग्रामों में पेड़ लगाने तथा उनकी देखभाल करने की बात कही। कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम के उपलक्ष्य में कहा कि वनमण्डलाधिकारी कोरबा एवं उनकी टीम के द्वारा एक ही स्थान पर एक ही समय में 02 हजार से ज्यादा पौधे लगाए गए हैं। उन्होंने सर्वाधिक पौधरोपण करने की उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी। डीएफओ कोरबा श्री अरविंद ने अपने स्वागत उद्बोधन में पर्यावरण सुरक्षा के संबंध में सभी को जागरूक रहने एवं अधिक से अधिक वृक्ष लगाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण जरूरी है।


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