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- बालोद. अपर कलेक्टर ने आदेश जारी कर राजस्व पुस्तक परिपत्र खण्ड 06 क्रमांक 04 के तहत् जिले में प्राकृतिक आपदा नैसर्गिक विपत्तियों के कारण जिले के मृत व्यक्ति के परिवार (निकटतम वारिस) को आर्थिक सहायता अनुदान दिए जाने के प्रावधानों अनुसार 04 लाख रूपए आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत किया है। अपर कलेक्टर ने संबंधित तहसीलदार को निर्देशित किया है कि वे स्वीकृत राशि का आहरण एवं भुगतान मृतकांे के निकटतम वारिस को करने के निर्देश दिए हैं। जारी आदेश में डौण्डी तहसील के मृतक सविता रावटे के पति श्री योगेश कुमार ग्राम कुसुमकसा को 04 लाख रूपये स्वीकृत किया गया है।
- बालोद. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में जनकल्याणकारी योजनाओं और मैदानी स्तर पर उनके बेहतर क्रियान्वयन से वनांचल क्षेत्रों के ग्रामीणों के जीवन में बड़ा बदलाव आ रहा है। जिले के डौण्डी विकासखण्ड के सुदूर वनांचल में स्थित ग्राम नर्राटोला की निवासी बिंदा बाई को प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत अपना स्वयं का पक्का मकान मिल गया है। कभी कच्चे और जर्जर मकान में रहकर कठिनाइयों का सामना करने वाली बिंदा बाई आज अपने नए पक्के घर में बेहद खुश और सुरक्षित महसूस कर रही हैं।बिंदा बाई बताती हैं कि पहले वे एक कच्चे घर में रहने को मजबूर थीं। बारिश के दिनों में छत से पानी टपकना, सीलन और जहरीले जीव-जंतुओं का डर हमेशा बना रहता था। आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण पक्का मकान बनाना एक सपने जैसा था। इस बीच उन्होंने ग्राम पंचायत के माध्यम से प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत आवेदन किया। आवेदन की मंजूरी मिलने के बाद, मुझे प्रशासन की ओर से समय-समय पर मकान की किस्तें मिलती रहीं। बिना किसी रुकावट के राशि मिलने से मैंने अपने सपनों के आशियाने को समय पर पूरा करा लिया। आवास निर्माण के दौरान बिंदा बाई को मनरेगा के तहत किए गए कार्य की मजदूरी राशि का भुगतान भी समय पर हुआ। इससे उन्हें निर्माण कार्य के दौरान आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ा और वे पूरे उत्साह के साथ अपने घर को पूरा कराने में जुट सकीं।नया पक्का घर मिलने की खुशी तब दोगुनी हो गई, जब सरकार की अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ भी सीधे उनके घर तक पहुँचा। बिंदा बाई ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि नए आवास के साथ-साथ जल जीवन मिशन के तहत घर में ही नल कनेक्शन मिल गया है, जिससे अब प्रतिदिन सुबह और शाम पीने का साफ पानी घर पर ही मिल जाता है, पानी के लिए कहीं दूर नहीं जाना पड़ता। उज्ज्वला योजना के तहत रसोई में गैस कनेक्शन और चूल्हा मिला है। महतारी वंदन योजना के तहत उन्हें हर महीने नियमित रूप से सहायता राशि प्राप्त हो रही है।पक्का मकान और बुनियादी सुविधाओं का सीधा लाभ मिलने से उत्साहित बिंदा बाई ने प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि सरकार की इन योजनाओं ने न सिर्फ उनके सिर पर पक्की छत दी है, बल्कि उनका जीवन स्तर भी ऊंचा उठाया है। वनांचल क्षेत्र में इस तरह का सकारात्मक बदलाव यह साबित करता है कि विकास की किरणें अब अंतिम छोर तक पहुँच रही हैं।
- 0- महाराष्ट्र मंडल के प्ले स्कूल में तेजी से हो रहे नौनिहालों के प्रवेश से और भी महिला समाजसेवियों की पड़ सकती है जरूरतरायपुर। नगर पालिक निगम की ओर से निर्मित और महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित हाइटेक आंगनबाड़ी (प्ले स्कूल) के आगामी कार्यक्रमों व अभियान को मूर्तरूप देने के लिए शुक्रवार को अति आवश्यक बैठक आहूत की गई है। बैठक में प्ले स्कूल में नि:स्वार्थ भाव से काम अथवा सहयोग करने वालों सहित मंडल के टाटीबंध और कोटा केंद्र के सभासदों को बैठक में आमंत्रित किया गया है।हाइटेक आंगनबाड़ी की प्रभारी डॉ. शुचिता शचींद्र देखमुख ने बताया कि 20 जून को बड़े समारोह में स्थानीय विधायक राजेश मूणत के हाथों से उद्घाटित प्ले स्कूल में प्रतिदिन बच्चों का प्रवेश जारी है और जल्दी ही स्थिति क्षमता से अधिक नौनिहालों के प्रवेश की स्थिति हो सकती है। ऐसी स्थिति में आसपास रहने वाली समाजसेवी महिला कार्यकर्ताओं की प्ले स्कूल में आवश्यकता हो सकती है। इसी संदर्भ में होने वाली बैठक में महाराष्ट्र मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले, सचिव चेतन दंडवते, संत ज्ञानेश्वर स्कूल के प्रभारी परितोष डोनगांवकर और सह प्रभारी नवीन देशमुख बैठक में विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। साथ ही प्ले स्कूल की भावी योजनाओं पर भी चर्चा करेंगे।--
- बालोद. संयुक्त जिला कार्यालय में आज कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, अपर कलेक्टर एवं प्रभारी जिला खेल अधिकारी श्री चंद्रकांत कौशिक , डिप्टी कलेक्टर एवं सहायक जिला खेल अधिकारी श्रीमती प्राची ठाकुर ने वेटलिफ्टिंग में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाले 02 खिलाड़ियों को मोमेंटो, प्रशस्ति पत्र, श्रीफल एवं साल के साथ सम्मानित कर उनका हौसला बढ़ाया।उल्लेखनीय है कि चंडीगढ़ में आयोजित ऑल इंडिया सिविल सर्विस 2026 में बालोद जिले की वेटलिफ्टिंग महिला खिलाड़ी अनीता शिंदे ने 86 किग्रा वेट केटेगरी में स्वर्ण पदक जीता एवं उनके द्वारा प्रशिक्षित खिलाड़ी कुमारी विनीता ठाकुर ने रायपुर में आयोजित खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में वेंटलिफ्टिंग में 77 किग्रा वेट केटेगरी में स्वर्ण पदक जीतकर बालोद जिले का नाम रोशन किया है।
- 0- महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति के अभियान को यथावत लागू करते हुए गणपति वंदना व हनुमान चालीसा पाठ से हुई बैठक की शुरुआतरायपुर। महाराष्ट्र मंडल की सभी 17 महिला केंद्रों में मंडल के सेवाभावी कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य निरंतर जारी रहता है। इसी कड़ी में मंडल के शंकर नगर महिला केंद्र की महिलाओं ने 23 जून को शंकर नगर बाल वाचनालय में बैठक आहूत कर मंडल के सेवाभावी कार्यों की रूपरेखा पर चर्चा की गई।केंद्र की संयोजिका आयुषी विठालकर ने बताया कि वर्ष 2026-27 की पहली बैठक की शुरुआत गणपति वंदना और सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ के साथ की गई। इस दौरान आने वाले महीनों में होने वाले मंडल के कार्यक्रमों में सहभागिता और केंद्र द्वारा किए जाने वाले सेवाभावी कार्यों पर चर्चा की गई। अंत में सभी ने उत्साह के साथ हाउजी खेला और महाराष्ट्र मंडल मेस के स्वादिष्ट नाश्ते का आनंद लिया। बैठक में आयुषी विठालकर, अनुराधा शिवलकर, निर्मला पिंपले, अदिति जोशी, मधुरा भागवत, सुरेखा पाटिल, श्रद्धा विठालकर, पुष्पा जावलेकर, अर्चना दशपुत्रे, शुभदा गिजरे, सुजाता देशपांडे, कविता लांजेवार, वैशाली निमजे, रैना पुराणिक, कंचन केलकर, लीना मुजुमदार, मंजूषा कावड़कर, योगिनी वरेटवार सहित अनेक महिला सभासद उपस्थित रहीं।
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भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा मकानहीन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए गुरूवार को निगम सभागार में लॉटरी पद्धति के माध्यम से 55 हितग्राहियों को आवास आबंटित किए गए। सभी आवास मोर मकान-मोर आस एवं मोर मकान-मोर चिन्हारी घटक से निर्मित है। आवास आबंटन कार्यक्रम में वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन, निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय, नेता प्रतिपक्ष भोजराज सिन्हा एवं पार्षद हरिओम तिवारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
निगम सभागार में लॉटरी प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराई गई, जिसमें विभिन्न आवासीय परियोजनाओं के तहत कुल 55 मकानहीन परिवारों को आवास आबंटित किए गए। इनमें ग्रीन वैली खम्हरिया में 20, माइल स्टोन स्कूल के पीछे स्थित आवासों में 17, रजत बिल्डर्स शांति नगर में 3, आम्रपाली हाउसिंग बोर्ड फेस-01 में 2 तथा सूर्य विहार के पीछे स्थित आवासीय परिसर में 13 हितग्राहियों को आवास प्रदान किए गए। कार्यक्रम के दौरान हितग्राहियों में उत्साह का माहौल रहा। निगम प्रशासन ने बताया कि आवास आबंटन की प्रक्रिया निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से की गई है, जिससे पात्र परिवारों को स्थायी आवास की सुविधा मिल सके। इस अवसर पर आवास प्रभारी विद्याधर देवांगन, सीएलटीसी किरण चतुर्वेदी, आवास विभाग की नम्रता ठाकुर, जागेश्वर साहू, थलेश्वर जोशी, जी मोहन राव एवं नूतन साहू सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। निगम प्रशासन ने कहा कि पात्र हितग्राहियों को आवास उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। - भिलाईनगर। हाल ही में लखनऊ के अलीगंज स्थित एक एनीमेशन एवं कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने से 15 विद्यार्थियों की मृत्यु की घटना के बाद नगर पालिक निगम भिलाई ने शहर के कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच शुरू कर दी है। निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय के निर्देश पर निगम की टीम ने भिलाई के एजुकेशन हब कहे जाने वाले सिविक सेंटर स्थित विभिन्न कोचिंग सेंटरों में दबिश देकर सुरक्षा मानकों का निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान निगम अधिकारियों ने कोचिंग संस्थानों में अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास द्वार, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था एवं अन्य सुरक्षा सुविधाओं सहित मापदण्ड का जायजा लिया। टीम द्वारा संचालकों को निर्धारित प्रपत्र (फार्म) वितरित किए गए हैं, जिसमें संस्थानों की सुरक्षा संबंधी पूरी जानकारी भरकर 20 दिनों के भीतर निगम को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के दौरान कुछ कोचिंग संस्थानों में आवश्यक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध नहीं पाई गईं। सुरक्षा मानकों की अनदेखी को गंभीरता से लेते हुए निगम ने ऐसे संस्थानों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उन्हें सीलबंद कर दिया। निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।आयुक्त ने कहा कि शहर में संचालित सभी कोचिंग एवं शिक्षण संस्थानों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य है। किसी भी प्रकार की लापरवाही विद्यार्थियों के जीवन को खतरे में डाल सकती है, इसलिए सभी संस्थान समय सीमा के भीतर सुरक्षा संबंधी जानकारी उपलब्ध कराएं तथा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें।
- दुर्ग. जिले के धमधा तहसील अंतर्गत ग्राम माटरा में राजस्व प्रशासन द्वारा त्वरित और पारदर्शी कार्रवाई करते हुए भूमि संबंधी वास्तविक स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया गया है। आवेदक पंचराम साहू पिता स्व. कार्तिक राम साहू, की ग्राम माटरा (पटवारी हल्का नंबर 24) स्थित खसरा नंबर 575, कुल रकबा 0.35 हेक्टेयर भूमि का राजस्व निरीक्षक और पटवारी की टीम द्वारा स्थलीय निरीक्षण किया गया। जांच प्रतिवेदन में यह पुष्टि हुई है कि उक्त क्रयशुदा भूमि की चतुर सीमा, पंजीकृत बैनामा और पटवारी नक्शे के अनुसार धरातल पर पूरी तरह सुसंगत एवं त्रुटिहीन है।प्रशासनिक जांच के अनुसार, संबंधित भूमि के उत्तर दिशा में खसरा नंबर 572 और दक्षिण दिशा में बरसाती नाला (576) स्थित है, जो शासकीय राजस्व अभिलेखों के सर्वथा अनुरूप है। इसके साथ ही, जल निकासी के लिए बनाई गई नाली भी आवेदक की स्वयं की भूमि की सीमा के भीतर निर्मित पाई गई है और मौके पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण या विसंगति नहीं है। राजस्व विभाग की इस प्रामाणिक और समयबद्ध स्थलीय जांच से स्पष्ट है कि क्षेत्र में भूमि संबंधी सभी रिकॉर्ड पूर्णतः व्यवस्थित हैं, जिससे वास्तविक सीमाओं को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ हो गई है।
- 0- आपदा प्रबंधन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले नायकों की पहचान और नामांकन को मिलेगा बढ़ावादुर्ग. आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित करने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष दिए जाने वाले ’सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार’ के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस संबंध में भारत सरकार के गृह सचिव श्री गोविंद मोहन द्वारा राज्य में व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के दिशा-निर्देश दिए गए है। उल्लेखनीय है कि यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रतिवर्ष 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर प्रदान किया जाता है। पुरस्कार दो श्रेणियों - व्यक्तिगत (प्रशस्ति पत्र एवं पदक) तथा संस्थागत (प्रशस्ति पत्र एवं पट्टिका) में दिया जाता है, जिसके नामांकन पूरे वर्ष राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल के माध्यम से खुले रहते हैं।इसमें स्व-नामांकन और तृतीय पक्ष नामांकन दोनों की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। वर्तमान में जलवायु परिवर्तन और तीव्र शहरीकरण के कारण बाढ़, सूखा, लू (हीट वेव), शीत लहर, बिजली (लाइटनिंग), शहरी बाढ़ और औद्योगिक दुर्घटनाओं जैसी आपदाओं के जोखिम लगातार जटिल होती जा रही हैं। इन चुनौतियों के बीच जन-जीवन, आजीविका और अवसंरचना की सुरक्षा के लिए राज्य सरकारों तथा जिला प्रशासनों द्वारा आपदा जोखिम न्यूनीकरण, शमन और तैयारियों के क्षेत्र में सराहनीय प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में केंद्र सरकार ने आग्रह किया है कि पुरस्कार से संबंधित जानकारी को राज्य के सभी विभागों, जिला प्रशासन, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों, अनुसंधान संस्थानों तथा स्थानीय निकायों तक प्रसारित किया जाए। साथ ही, आपदा प्रबंधन, पूर्व चेतावनी प्रसार, जलवायु अनुकूलन, आपदा-रोधी अवसंरचना और सामुदायिक आपदा जोखिम न्यूनीकरण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले नायकों की पहचान कर उनके नामांकन को प्रोत्साहित किया जाए ताकि राष्ट्रीय स्तर पर राज्य के आपदा लचीलेपन को मजबूत पहचान मिल सके।
- 0- टोल फ्री नंबर 1070 और 112 भी जारीदुर्ग. बदलते मौसम और प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़, आकाशीय बिजली गिरने, वनीय आग तथा भीषण लू (ताप-घात) से नागरिकों की सुरक्षा के लिए विशेष तकनीक आधारित जीवन रक्षक पहल की गई है। भारत सरकार द्वारा आम नागरिकों को आपदाओं की समय पूर्व सटीक चेतावनी और अलर्ट देने के लिए तीन महत्वपूर्ण मोबाइल ऐप्स-’सचेत’, ’दामिनी’ और ’मेघदूत’ विकसित किए गए हैं। इन ऐप्स को नागरिक अपने मोबाइल के गूगल प्ले स्टोर से आसानी से डाउनलोड कर मौसम के खतरों की एडवांस जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही, किसी भी आपातकालीन स्थिति या आपदा के समय त्वरित सहायता और बचाव के लिए शासन द्वारा आपदा टोल फ्री नंबर 1070 और 112 भी जारी किया गया है, जिस पर कॉल करके तुरंत मदद पाई जा सकती है।इस महत्वपूर्ण तकनीक को जन-जन तक पहुँचाने के लिए ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन द्वारा आम नागरिकों के साथ-साथ पुलिस, नगर सेना, मैदानी स्तर के शासकीय अधिकारियों, कर्मचारियों, पटवारियों, सरपंचों, सचिवों, शिक्षकों और आशा कार्यकर्ताओं को भी इन ऐप्स के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। वज्रपात (बिजली गिरने) की सटीक लोकेशन बताने वाले ’दामिनी’ ऐप, मौसम व खेती की जानकारी देने वाले ’मेघदूत’ और आपदा अलर्ट देने वाले ’सचेत’ ऐप के माध्यम से नागरिक समय रहते सुरक्षित कदम उठा सकते हैं। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे स्वयं की और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए इन ऐप्स को अपने मोबाइल में अवश्य डाउनलोड करें और टोल फ्री नंबरों की जानकारी अपने पास रखें।
- दुर्ग. छत्तीसगढ़ शासन श्रम विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों हेतु अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना प्रारंभ किया गया है। अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के अंतर्गत श्रमिक परिवारों के बच्चों को गुंणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा संचालित अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए है। योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में पंजीयन निर्माण श्रमिकों के बच्चों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक उत्कृष्ट आवासीय विद्यालयों में पूर्णतः निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाएगी। आवेदन की अंतिम तिथि 3 जुलाई निर्धारित की गई है।सहायक श्रमायुक्त कार्यालय दुर्ग से मिली जानकारी अनुसार योजना का लाभ ऐसे निर्माण श्रमिकों की प्रथम दो संतानों को मिलेगा जिनका मंडल मे कम से कम एक वर्ष पूर्व से वैध पंजीयन हो तथा छात्र-छात्रा वर्तमान सत्र में कक्षा 6वीं में प्रवेश ले रहें हों। पात्र विद्याथियों का चयन शासन द्वारा निर्धारित मापदंडों के आधार पर किया जाएगा चयनित विद्यार्थियों को आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा के साथ आवास भोजन अध्ययन सामग्री और बेहतर शैक्षणिक वातावरण की सुविधा मिलेगी। इससे श्रमिक परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतिस्पर्धी माहौल प्राप्त होगा। आवेदन श्रमेव जयते ऐप एवं श्रम विभाग के वेबसाईट के माध्यम से ऑनलाइन किए जा सकते हैं। इसके अलावा श्रम संसाधन केन्द्र, चॉइस सेंटर में ऑनलाईन आवेदन जमा किए जा सकते है। आवेदन के लिए श्रमिक पंजीयन कार्ड, आधार कार्ड एवं अन्य दस्तावेज अनिवार्य है।
- 0- अंतर्राष्ट्रीय दिवस पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग का जागरूकता अभियानदुर्ग. नशीली दवाओं के दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी के खिलाफ में आज अंतर्राष्ट्रीय दिवस के उपलक्ष्य में 25 जून को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग द्वारा श्री महावीर जैन पब्लिक स्कूल में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय, दुर्ग के पांच न्यायाधीश श्रीमती श्वेता पटेल, श्री रवि कुमार कश्यप, श्रीमती अंजली सिंह, श्रीमती महिमा शर्मा एवं सुश्री आरती ध्रुव विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती सुनाली पातरा सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।कार्यक्रम के प्रारंभ में न्यायाधीशों का विद्यालय परिवार द्वारा भव्य स्वागत किया गया। इसके पश्चात न्यायाधीशों ने विद्यार्थियों से संवाद स्थापित करते हुए उन्हें कानून, न्याय व्यवस्था एवं नागरिक कर्तव्यों के संबंध में सरल एवं सहज भाषा में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।शिविर के दौरान विद्यार्थियों को NDPS अधिनियम (Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act) के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। न्यायाधीशों ने नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि उसके परिवार, शिक्षा एवं भविष्य को भी गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाता है। विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को यातायात नियमों की जानकारी देते हुए बिना हेलमेट एवं बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन न चलाने की समझाइश दी गई। साथ ही मोबाइल एवं इंटरनेट के माध्यम से होने वाले साइबर अपराधों, ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक एवं ओटीपी साझा करने के खतरों के बारे में भी जागरूक किया गया तथा साइबर फ्रॉड से बचाव के उपाय बताए गए।कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका न्यायाधीशों ने अत्यंत सरल, स्पष्ट एवं प्रेरणादायक ढंग से उत्तर देकर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। अंत में विद्यार्थियों को नशामुक्त जीवन, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार तथा कानून के प्रति जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया गया। यह विधिक जागरूकता शिविर विद्यार्थियों में कानूनी समझ, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं अनुशासन की भावना विकसित करने की दिशा में अत्यंत उपयोगी एवं सफल सिद्ध हुआ।
- 0- खरीफ 2026 से धान के स्थान पर अन्य फसल लगाने वाले कृषकों को दी जाएगी 15 हजार रूपए की राशि आदान सहायता राशिदुर्ग. छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा राज्य के किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करने और कृषि क्षेत्र में आधुनिक बदलाव लाने के उद्देश्य से कृषक उन्नति योजना के क्रियान्वयन हेतु नवीन दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। कृषि विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार विगत खरीफ में धान की फसल लेने वाले ऐसे कृषक, जिन्होने आगामी खरीफ में धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसल लेने हेतु एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन कराया हो, उन्हें एग्रीस्टेक पर पंजीयन तथा डिजिटल क्रॉप सर्वे में रकबे की पुष्टि उपरांत मान्य रकबे पर राशि 15,000 रुपये प्रति एकड़ की दर से तथा पूर्व से ही खरीफ में दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास की फसल लेने वाले कृषकों को एकीकृत किसान पोर्टल तथा एग्रीस्टेक पर पंजीयन एवं डिजिटल क्रॉप सर्वे में रकबे की पुष्टि उपरांत मान्य रकबे पर पूर्ववत् राशि 10,000 रुपये प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी।जिन क्षेत्रों में रकबे की पुष्टि हेतु डिजिटल क्रॉप सर्वे का डेटा उपलब्ध नहीं है, वहां जिला कलेक्टर की अनुमति पर गिरदावरी से सत्यापित रकबे पर आदान सहायता राशि दी जाएगी। योजनांर्गत आदान सहायता राशि कृषकों के बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डी.बी.टी.) के माध्यम से की जाएगी।उप संचालक कृषि संदीप कुमार भोई द्वारा बताया गया है कि नए नियम खरीफ वर्ष 2026 से प्रभावी रूप से लागू होंगे। शासन का यह कदम राज्य में पारंपरिक धान की खेती के स्थान पर अन्य लाभकारी खरीफ फसलों को बढ़ावा देने और फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक बड़ा नीतिगत निर्णय है। जिले का अधिकांश कृषि क्षेत्र वर्षा आधारित होने के कारण मौसम की अनिश्चितता और कृषि आदान लागत में लगातार हो रही वृद्धि से किसानों की आय प्रभावित होती रही है। इसके फलस्वरूप कई बार किसान उन्नत बीज, उर्वरक, कीटनाशक और कृषि यांत्रिकीकरण जैसी आवश्यक तकनीकों में पर्याप्त निवेश नहीं कर पाते हैं। इसी समस्या को दूर करने और किसानों की काश्त लागत को कम करने के लिए राज्य सरकार द्वारा खरीफ वर्ष 2023-24 से कृषक उन्नति योजना संचालित की जा रही है, जिसके स्वरूप में अब फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए व्यापक परिवर्तन किया गया है। योजना का मुख्य उद्देश्य फसल आच्छादन, उत्पादन व उत्पादकता में वृद्धि करना और कृषि को एक लाभप्रद व्यवसाय के रूप में पुर्नस्थापित करना है। साथ ही जिले में प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान योजना (पीएम-आशा योजना) के अंतर्गत न्यूनतम समर्थन मूल्य पर दलहन एवं तिलहन फसलेें अरहर 8000 रुपये प्रति क्वि., उड़द 7800 रुपये प्रति क्वि., मूंग 8768 रुपये प्रति क्वि., सोयाबीन 5328 रुपये प्रति क्वि., मूंगफल्ली 7263 रुपये प्रति क्वि. की दर से खरीदी की जाती है।कृषि विभाग किसान भाईयो से अपील करता है कि वर्तमान मौसमी परिस्थिति को देखते हुए धान के बदले अन्य वैकल्पिक फसल दलहन, तिलहन और पोषक अनाज (मिलेट्स) जैसी फसलों को अपनाएं। इससे न केवल आपकी भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी बल्कि आधुनिक कृषि तकनीकों और फसल विविधीकरण के माध्यम से आपकी आय में भी वृद्धि होगी। योजना का लाभ सभी छोटे, सीमांत एवं बड़े किसानों को मिलेगा, बशर्ते उनकी भूमि का वैध रिकॉर्ड दर्ज हो। पंजीयन के लिए आधार कार्ड, भूमि संबंधी दस्तावेज बी-1, पी-2, डी.बी.टी सक्रिय बैंक खाता पासबुक व चालू मोबाइल नंबर आवश्यक होंगा। किसान फसल प्रविष्टि में संशोधन या एकीकृत पोर्टल में पंजीयन संबंधी जानकारी के लिए अपने निकटतम प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति एवं ग्रामीण कृषि विस्तार से तथा एग्रीस्टेक पर पंजीयन हेतु निकटतम लोक सेवा केन्द्र, से संपर्क कर सकते हैं।
- 0- निकटतम बूथ की जानकारी वेबसाईट में उपलब्धदुर्ग. देश का भविष्य बचाओ, पोलियो की दवा हर बार पिलाओ के संदेश के साथ राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस पल्स पोलियो अभियान की जिले में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अभियान का संचालन कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को 28 जून 2026 को निर्धारित बूथों पर तथा 29 एवं 30 जून को घर-घर भ्रमण कर छूटे हुए बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। निकटतम बूथ की सूची वेबसाईट www.durg.gov.in में उपलब्ध कराई गई है, जिसका अवलोकन कर बच्चों को पोलियों ड्राप सुगमता से पिलाई जा सकती है।दुर्ग जिले में कुल 257134 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। शत-प्रतिशत सफलता हेतु शहरी दुर्ग में 172, शहरी भिलाई 317, धमधा 196, पाटन एवं शहरी चरोदा 232 एवं निकुम में 165 बूथ बनाया गया एवं 13 चलित एवं 25 ट्रांजिट कुल 1029 टीम बनाई गई। जिले के समस्त विकासखण्डों में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं मितानिनों की पल्स पोलियो अभियान हेतुु प्रशिक्षण पूर्ण कर लिया गया है।जिला प्रशासन द्वारा सभी जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, इंडियन पिडियाट्रिक एसोसिएशन, नगर पालिक निगम महापौर, सरपंचों, पंचों, वार्ड पार्षदों, पत्रकार बंधुओं एवं समस्त जनता से अपील कि गई है कि पिछले चक्रों की भांति ही इस इस अभियान में अपनी भागीदारी अवश्य निभाएं।
- दुर्ग. एकीकृत बाल विकास परियोजना भिलाई 02 के अंतर्गत दो नवीन स्वीकृत आंगनबाड़ी केन्द्रों में स्वीकृत कार्यकर्ता एवं सहायिका पद तथा दो पूर्व स्वीकृत केन्द्रों में रिक्त आंगनबाडी सहायिका के पदों की पूर्ति के संबंध में इच्छुक आवेदिकाओं से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किया गया था। मूल्यांकन समिति द्वारा परीक्षण उपरांत अनंतिम मूल्यांकन पत्रक नगर पालिक निगम भिलाई-चरोदा में चस्पा कर दिया गया है। आवेदिकाओं को मूल्यांकन पत्रक के संबंध में दावा आपत्ति हो तो पर्याप्त साक्ष्य/प्रमाणित दस्तावेज के सहित 03 जुलाई 2026 तक कार्यालयीन समय में नगर पालिक निगम भिलाई-चरोदा रोड मुक्ता टाकिज के पास, में दावा आपत्ति स्वीकार किए जाएंगे।
- दुर्ग. जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आम नागरिकों को डिजिटल और ऑनलाइन सेवाएं सुलभ कराने की दिशा में राज्य शासन की गौण खनिज योजना के अंतर्गत एक बड़ी पहल की गई है।कार्यालय जिला पंचायत, दुर्ग द्वारा गौण खनिज योजना वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जिले के दुर्ग और पाटन विकासखंड के विभिन्न ग्राम पंचायतों में 16 ’अटल डिजिटल सुविधा केंद्र’ की स्थापना के लिए कुल 80 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्वीकृत किए गए सभी 16 अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों के निर्माण व स्थापना के लिए प्रति केंद्र 5.00 लाख रुपए की राशि मंजूर की गई है। इस परियोजना के तहत दुर्ग विकासखंड में 9 केंद्रों के लिए 45 लाख रुपए और पाटन विकासखंड में 7 केंद्रों के लिए 35 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इन कार्यों को संपादित कराने की जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायतों को कार्यकारी एजेंसी के रूप में सौंपी गई है। जिले के दुर्ग विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत पुरई, उमरपोटी, निकुम, बोरई, थनौद, चंगोरी, भटगांव, खपरी (कुटेला भाठा) और अरसनारा में इन केंद्रों की स्थापना की जाएगी। इसी प्रकार पाटन विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत औंधी, घुघवा ज., अमलीडीह, अमेरी, तर्रा, पचपेड़ी और नारधी में इस योजना के तहत् अटल डिजीटल सुविधा केन्द्र हेतु स्वीकृति प्रदान की गई है, जिससे इन क्षेत्रों के ग्रामीणों को सीधे तौर पर लाभ मिल सकेगा।
- दुर्ग. एकीकृत बाल विकास परियोजना अहिवारा के अंतर्गत स्वीकृत पदों की पूर्ति हेतु 11 जुलाई 2026 तक ई-भर्ती पोर्टल https://aww.e-bharti.in/ पर आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक 02, वार्ड क्रमांक -13 में आंगनबाड़ी सहायिका के लिए ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित किया गया है। अधिक जानकारी के लिए एकीकृत बाल विकास परियोजना अहिवारा में कार्यालयीन समय में संपर्क कर सकते हैं।
- दुर्ग. जिले में अनुसूचित जाति वर्ग के पात्र हितग्राहियों को स्वरोजगार से जोड़ने हेतु अनुसूचित जाति वर्ग हेतु अभ्युदय (पीएम-अजय) योजना के अंतर्गत आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस योजना के तहत जो हितग्राही अपना स्वयं का व्यवसाय स्थापित करना चाहते हैं, उन्हें बैंकों के माध्यम से न्यूनतम 1 लाख के ऋण की स्वीकृति पर 50 हजार या ऋण राशि का 50 प्रतिशत (जो भी कम हो) अनुदान के रूप में प्रदान किया जाएगा।जिला अंत्यावसायी सहकारी समिति मर्यादित दुर्ग से प्राप्त जानकारी अनुसार इस योजना के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के व्यवसायों जैसे किराना, मनिहारी, कपड़ा दुकान, नाई सेलून, ब्यूटी पार्लर, टेलरिंग, फैन्सी स्टोर, मोटर मैकेनिक, सायकिल मरम्मत, टीवी-रेडियो-मोबाइल रिपेयरिंग, वाइंडिंग, मुर्गीपालन, बकरी पालन, सब्जी व्यवसाय, दोनापत्तल निर्माण, अगरबत्ती व्यवसाय, लघु/कुटीर उद्योग सहित स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप अन्य व्यवसायों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।पात्रता शर्तें-आवेदक दुर्ग जिले का मूल निवासी होना चाहिए। आवेदक अनुसूचित जाति वर्ग का हो। परिवार की वार्षिक आय 2.50 लाख तक हो। आयु सीमा न्यूनतम 18 वर्ष एवं अधिकतम 50 वर्ष निर्धारित है। आवेदक पर किसी भी शासकीय योजना का पूर्व ऋण बकाया नहीं होना चाहिए। पात्र आवेदकों को मूल निवासी प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, राशन कार्ड, पेनकार्ड, बैंक पासबुक संबंधी दस्तावेज एवं अन्य आवश्यक प्रमाण पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा।इच्छुक एवं पात्र आवेदक दिनांक 31 जुलाई 2026 तक कार्यालयीन दिवसों में जिला अंत्यावसायी सहकारी समिति मर्यादित, दुर्ग में उपस्थित होकर अपना आवेदन पत्र जमा कर सकते हैं।--
- -राज्य शासन ने जारी की अधिसूचना-उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव से डोंगरगांव के जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने मिलकर जताया आभाररायपुर।. राज्य शासन ने डोंगरगांववासियों की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी करते हुए डोंगरगांव नगर पंचायत का नगर पालिका के रूप में उन्नयन कर दिया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। डोंगरगांव नगर पंचायत की सीमाएं ही डोंगरगांव नगर पालिका की सीमाएं होंगी। राज्य शासन के इस निर्णय से पूरे शहर में खुशी एवं उत्साह का वातावरण है।डोंगरगांव नगर पंचायत के नगर पालिका में उन्नयन के बाद वहां के जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने आज उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव से मुलाकात कर आभार व्यक्त किया। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि इससे डोंगरगांव के सुनियोजित विकास को नई दिशा मिलेगी तथा शहरी सुविधाओं के विस्तार के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध होंगे।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने डोंगरगांव के जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि नगर पालिका बनने के बाद डोंगरगांव में सड़क, नाली, पेयजल, स्वच्छता, स्ट्रीट लाइट, उद्यान, सामुदायिक भवन सहित विभिन्न आधारभूत सुविधाओं के विकास को गति मिलेगी। साथ ही राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ भी अधिक प्रभावी ढंग से नगरवासियों तक पहुंच सकेगा। इस दौरान डोंगरगांव नगर पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती अंजू त्रिपाठी, पार्षद श्री मनबोधी पटेल, श्रीमती पदमनी ठाकुर, श्रीमती गायत्री यादव, श्रीमती लीला मंडलोई, श्री डीकेश साहू, श्री दीना पटेल और श्री रामकुमार गुप्ता भी मौजूद थे।
- -वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने किया सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का शुभारंभ-50 बिस्तरों वाले अस्पताल से नवा रायपुर एवं आसपास के क्षेत्र के लोगों को मिलेगा बेहतर उपचार का लाभरायपुर ।नवा रायपुर के सेक्टर-9 में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से सुसज्जित एक सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का गुरुवार को विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी थे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किसी भी राज्य के विकास का महत्वपूर्ण आधार होता है। नवा रायपुर में इस अत्याधुनिक अस्पताल की शुरुआत से क्षेत्र के नागरिकों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा और अधोसंरचना के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रही है, जिससे प्रदेश के लोगों का जीवन स्तर बेहतर हो रहा है।मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज देश के तेजी से प्रगति करने वाले राज्यों में शामिल हो चुका है। उन्होंने कहा कि एक समय जिन चुनौतियों की चर्चा होती थी, आज उन्हें पीछे छोड़ते हुए राज्य विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। प्रदेश में निवेश बढ़ रहा है, उद्योगों का विस्तार हो रहा है और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में निजी निवेश और आधुनिक अस्पतालों की स्थापना से नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार के प्रयासों और निजी क्षेत्र की सहभागिता से प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना लगातार मजबूत हो रही है, जिसका लाभ आम नागरिकों को मिल रहा है।उल्लेखनीय है कि 50 बिस्तरों वाले सरोज सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। अस्पताल के संचालन से नवा रायपुर सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं का लाभ मिलेगा तथा उपचार के लिए दूर-दराज के शहरों पर निर्भरता कम होगी। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, चिकित्सकों, अस्पताल प्रबंधन तथा बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति रही।
- -'कृषक उन्नति योजना' से किसानों को संबल-राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा-बलौदाबाजार में 'जिला स्तरीय तिलहन मेला सह जैविक कृषि कार्यशाला' संपन्न, किसानों और मछुआरों को बांटे गए कृषि आदानरायपुर। अगर हमें अपनी आने वाली पीढ़ी को एक स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य देना है, तो रासायनिक खादों की अंधी दौड़ से बाहर निकलना होगा। धरती की उर्वरा शक्ति को बचाने और इंसानी सेहत को संवारने का एकमात्र रास्ता जैविक और प्राकृतिक खेती ही है। यह विचार प्रदेश के कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने भाटापारा में आयोजित 'जिला स्तरीय तिलहन मेला सह जैविक कृषि कार्यशाला' के दौरान व्यक्त किए। शासकीय गजानन्द अग्रवाल स्नातकोत्तर महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में संपन्न हुए इस समारोह में राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा और रायपुर लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल भी विशेष रूप से मंच पर मौजूद रहे।कृषि मंत्री श्री नेताम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर पूरे देश में 1 से 30 जून तक 'खेत चलो अभियान' चलाया जा रहा है, जिसका मुख्य ध्येय किसानों को पारंपरिक और प्राकृतिक खेती की ओर वापस लाना है। छत्तीसगढ़ के 'धान का कटोरा' होने के गौरव को रेखांकित करते हुए उन्होंने चिंता जताई कि अधिक उत्पादन की लालसा में रासायनिक खादों का अंधाधुंध इस्तेमाल बढ़ गया है। इससे तात्कालिक पैदावार भले बढ़ रही हो, लेकिन यह मानव स्वास्थ्य और मिट्टी, दोनों को गंभीर नुकसान पहुंचा रहा है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे सिर्फ पारंपरिक फसलों तक सीमित न रहें, बल्कि पशुपालन, मछलीपालन और बकरी पालन को जोड़कर अपनी आय के नए स्रोत बनाएं।किसानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कृषि मंत्री ने बताया कि सरकार ने 'कृषक उन्नति योजना' का दायरा और बढ़ा दिया है। अब खरीफ सीजन में धान के बदले दलहन (दालें) और तिलहन (तेल बीज) की खेती करने वाले किसानों को सरकार की तरफ से 15 हजार रुपए प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि (इनपुट सब्सिडी) दी जाएगी। उन्होंने क्षेत्र के किसानों से इस योजना का बढ़-चढ़कर लाभ उठाने का आग्रह किया।समारोह को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने का सपना जैविक खेती के जरिए ही साकार हो सकता है। उन्होंने कहा कि पुराने समय में हमारी कृषि का मूल आधार पशुधन हुआ करता था, जिससे पर्यावरण और जमीन दोनों सुरक्षित थे। आज रासायनिक खादों के कारण पानी, हवा और भोजन सब प्रदूषित हो रहे हैं। जैविक खेती से जब हमारी जमीन की सेहत सुधरेगी, तभी हमें शुद्ध अन्न मिलेगा और हमारा समाज स्वस्थ रहेगा। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, लोकसभा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल और पूर्व विधायक श्री शिवरतन शर्मा ने भी अपने विचार साझा किए।कार्यशाला केवल विमर्श तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें शासन की कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाया गया। कार्यक्रम में अतिथियों के हाथों 5 किसानों को अरहर बीज किट, 5 किसानों को नैनो यूरिया और 2 मछुआ समितियों को आधुनिक महाजाल व आइस बॉक्स का वितरण किया गया। इसके साथ ही पीएम किसान सम्मान निधि और पीएम आशा योजना के तहत उत्कृष्ट काम करने वाले 5-5 किसानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े, जिला पंचायत सीईओ, सहित भारी संख्या में प्रगतिशील किसान और विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
- महासमुंद / कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री विनय लंगेह के निर्देश के परिपालन में जिला स्तरीय गठित संयुक्त टीम श्री शांति संस उद्योग, इंडस्ट्रीयल एरिया बिरकोनी महासमुन्द का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान श्रीमती दिशा शुक्ला सहायक संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा जिला-बलौदाबाजार-भाटापारा (छ०ग०), श्री प्रतीक शुक्ला जिला परिवहन अधिकारी जिला महासमुन्द, श्री डी०एन० पात्र श्रम पदाधिकारी श्रम विभाग, श्री एस. के. चौधरी पर्यावरण विभाग, श्री सिद्धार्थ दुबे निरीक्षक, विधिक मापविज्ञान विभाग, श्री अलीम अहमद नियाजी श्रम उप निरीक्षक श्रम विभाग उपस्थित रहे।औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा की जांच में श्रमिकों का व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण प्रदाय नहीं किया जाना पाया गया। उचित मात्रा में अग्निशमन यंत्र नहीं पाया गया। केमिकल स्टोर एरिया में सुरक्षा उपाय लिखे हुए नहीं पाये गये। परिवहन विभाग की जांच में ट्रकों की जांच गई। सभी ट्रकों में फिटनेस इश्योरेंस परमिट सभी सही मिला। विधिक मापविज्ञान विभाग की जांच में उपयोग हो रहे टैंकर गाड़ियों व मोबाइल डिस्पेंसिंग यूनिट सत्यापन से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नही पाए गए। जिनके संबंध में संबंधित को नोटिस जारी किया जा रहा है। पर्यावरण विभाग की जांच में स्थितियां सामान्य पाई गई। श्रम विभाग द्वारा न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948, वेतन भुगतान अधिनियम 1936, छ०ग० श्रम कल्याण निधि अधिनियम 1982 के अन्तर्गत जांच/निरीक्षण किया गया। सूचना बोर्ड प्रदर्शित नहीं पाया गया। अधिनियम का सारांश प्रदर्शित नहीं पाया गया। जिसके संबंध में प्रबंधक को नोटिस जारी किया जा रहा है। इसके पश्चात् वॉलप्लास्ट प्रोडक्ट प्रा०लि० बिरकोनी का जांच किया गया। जिसमें औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा की जांच में श्रमिकों का व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण प्रदाय नहीं किया जाना पाया गया। उचित मात्रा में अग्निशमन यंत्र नहीं पाया गया। केमिकल स्टोर एरिया में सुरक्षा उपाय लिखे हुए नहीं पाये गये। परिवहन विभाग की जांच में फैक्ट्री में 03 ट्रैक्टर मिले। तीनो ट्रैक्टर ट्रॉली बिना रजिस्ट्रेशन के फैक्ट्री परिसर के अंदर मिले नोटिस जारी किया जा रहा है। पर्यावरण विभाग की जांच में स्थितियां सामान्य पाई गई। श्रम विभाग द्वारा न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948, वेतन भुगतान अधिनियम 1936, छ०ग० श्रम कल्याण निधि अधिनियम 1982, के अन्तर्गत जांच/निरीक्षण किया गया। सूचना बोर्ड प्रदर्शित नहीं पाया गया। अधिनियम का सारांश प्रदर्शित नहीं पाया गया। ओवर टाईम लिया जाना पाया गया। ओवर टाईम के अन्तर की राशि हेतु प्रबंधक को नोटिस जारी किया जा रहा है। इसके पश्चात् ड्राई केम इंडिया प्रा०लि० बिरकोनी का जांच किया गया। जिसमें औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा की जांच में श्रमिकों का व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण प्रदाय नहीं किया जाना पाया गया। उचित मात्रा में अग्निशमन यंत्र नहीं पाया गया। केमिकल स्टोर एरिया में सुरक्षा उपाय लिखे हुए नहीं पाये गये। परिवहन विभाग की जांच में फैक्ट्री में 03 ट्रैक्टर मिले। तीनो ट्रैक्टर ट्रॉली बिना रजिस्ट्रेशन के फैक्ट्री परिसर के अंदर मिले नोटिस जारी किया जा रहा है। विधिक मापविज्ञान विभाग की जांच में फैक्ट्री में स्थापित धर्मकांटे के सत्यापन संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने हेतु नोटिस जारी किया जा रहा है। पर्यावरण विभाग की जांच में स्थितियां सामान्य पाई गई। श्रम विभाग द्वारा न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948, वेतन भुगतान अधिनियम 1936, छ०ग० श्रम कल्याण निधि अधिनियम 1982. संविदा श्रमिक अधिनियम, 1970 के अन्तर्गत जांच / निरीक्षण किया गया। सूचना बोर्ड प्रदर्शित नहीं पाया गया। अधिनियम का सारांश प्रदर्शित नहीं पाया गया। ओवर टाईम लिया जाना पाया गया। ओवर टाईम के अन्तर की राशि हेतु प्रबंधक को नोटिस जारी किया जा रहा है। इसके पश्चात् बंजारे स्टोन एण्ड क्रेशर इण्डस्ट्रीज ग्राम घोड़ारी का जांच किया गया। जिसमें श्रम विभाग की जांच में श्रमिक का बयान का लिया गया। दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया गया। दस्तावेज उपलब्ध कराने हेतु नोटिस जारी किया जा रहा है। जय बजरंग स्टोन घोडारी का जांच किया गया। जिसमें श्रम विभाग की जांच में श्रमिकों का बयान लिया गया। संचालक को नोटिस जारी किया जा रहा है।हर्ष क्रेशर घोडारी की जांच में क्रेशर बंद पाया गया।
- -सहकारिता मंत्रालय के 5 वर्ष पूर्ण होने पर 29 जून से 6 जुलाई तक मनाया जाएगा सहकारी सप्ताह-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मुख्य आतिथ्य में रायपुर में होगा राज्य स्तरीय सहकारी चिंतन शिविर एवं सहकार मेलारायपुर। भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 29 जून से 6 जुलाई 2026 तक पूरे देश में सहकारी सप्ताह मनाया जाएगा। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ में भी सहकारिता के माध्यम से समृद्धि, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। राज्य स्तरीय सहकारी चिंतन शिविर, सहकार मेला, अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस समारोह एवं सहकारी संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा, इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि तथा सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप अध्यक्षता करेंगे।गौरतलब है कि सहकारी सप्ताह के सफल आयोजन के लिए सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने विगत 23 जून को विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। इसके साथ ही उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश की पैक्स समितियों के प्राधिकृत अधिकारियों एवं संभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंत्री श्री कश्यप ने सभी संबंधित संस्थाओं और समितियों को आयोजन में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने तथा सहकारिता आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने के निर्देश दिए।सहकारी सप्ताह के दौरान प्रदेश की सभी 2573 पैक्स समितियों सहित दुग्ध, मत्स्य, बुनकर एवं अन्य सहकारी समितियों द्वारा विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इनमें प्रमुख रूप से सहकारी ध्वजारोहण,सदस्यता अभियान,माइक्रो एटीएम, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) एवं रू-पे केसीसी कार्ड वितरण,सहकार दौड़,वृक्षारोपण अभियान,मृदा परीक्षण,कृषक संगोष्ठियां एफपीओ एवं पैक्स की भूमिका पर परिचर्चा आदि कार्यक्रम शामिल हैं। सहकारी सप्ताह के समापन अवसर पर 6 जुलाई 2026 को भारत सरकार के केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री द्वारा सहकारी क्षेत्र में विकेंद्रीकृत विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना के अंतर्गत प्रदेश के 9 पैक्स में गोदाम निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया जाएगा।राज्य स्तरीय सहकारी चिंतन शिविर, सहकार मेला, अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस समारोह एवं सहकारी संगोष्ठी का आयोजन 3 एवं 4 जुलाई 2026 को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर स्थित कृषि मंडपम ऑडिटोरियम, लाभांडी (रायपुर) में किया जाएगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि तथा सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप अध्यक्षता करेंगे। सहकारी संस्थाओं और राष्ट्रीय संगठनों की होगी भागीदारी कार्यक्रम में पैक्स, दुग्ध, मत्स्य, लघु वनोपज, बुनकर एवं अन्य सहकारी समितियों के साथ-साथ नाबार्ड, एनसीडीसी, एनसीसीएफ, नैफेड, सीएससी, इफको, कृभको, राज्य सहकारी संघ तथा अन्य प्रमुख संस्थाएं अपनी सहभागिता सुनिश्चित करेंगी।सहकार मेले में सहकारिता क्षेत्र की उपलब्धियों, नवाचारों और सफल मॉडलों का प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही किसानों, महिला समूहों, दुग्ध उत्पादकों, मत्स्य पालकों, बुनकरों एवं ग्रामीण उद्यमियों को सहकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा, सहभागिता और विभिन्न गतिविधियों के सफल संचालन पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में सभी ने सहकारिता आंदोलन को और अधिक सशक्त बनाने तथा सहकारी सप्ताह को व्यापक जनभागीदारी के साथ सफल बनाने का संकल्प व्यक्त किया।सहकारी सप्ताह के आयोजन को लेकर सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्या० (अपेक्स बैंक) के प्राधिकृत अधिकारी श्री केदार नाथ गुप्ता, छ०ग०राज्य सहकारी विपणन संघ मार्कफेड के अध्यक्ष श्री शशिकांत द्विवेदी, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक दुर्ग के अध्यक्ष श्री प्रीतपाल बेलचंदन, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक राजनांदगांव अध्यक्ष श्री सचिन बघेल, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक रायपुर अध्यक्ष श्री निरंजन सिन्हा, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक बिलासपुर अध्यक्ष श्री रजनीश सिंह, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक जगदलपुर श्री दिनेश कश्यप, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक अध्यक्ष अंबिकापुर श्री रामकिशुन सिंह एवं अन्य सहकारी प्रतिनिधियों अपेक्स बैंक, मार्कफेड, जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों तथा अन्य सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही।
- -शासन की पहल ला रही सकारात्मक बदलाव, सेवा सेतु से नागरिकों को मिल रही त्वरित सेवाएं-कार्यालयों के चक्कर से मिली मुक्ति, बिना भागदौड़ समय पर मिला आय प्रमाण पत्ररायपुर। छत्तीसगढ़ शासन की सेवा सेतु पहल ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों तक शासकीय सेवाओं की सहज, त्वरित एवं पारदर्शी पहुंच सुनिश्चित कर रही है। इस व्यवस्था के माध्यम से विभिन्न प्रमाण पत्रों एवं आवश्यक सेवाओं के लिए लोगों को अब बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। समय और धन की बचत के साथ नागरिकों को निर्धारित समयावधि में सेवाओं का लाभ मिल रहा है, जिससे शासन की जनहितकारी पहल के प्रति लोगों का विश्वास भी मजबूत हो रहा है।इसी क्रम में कोरबा जिले की पाली तहसील अंतर्गत नानबांका निवासी श्री रनसिंह नेटी ने अपने पुत्र सुनील कुमार के लिए आय प्रमाण पत्र बनवाने हेतु लोक सेवा केंद्र सुतर्रा में आवेदन प्रस्तुत किया था। आवेदन के लगभग एक सप्ताह के भीतर ही आय प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया, जिससे परिवार को आवश्यक दस्तावेज समय पर प्राप्त हो सका।आय प्रमाण पत्र प्राप्त होने पर सुनील कुमार एवं उनके पिता रनसिंह नेटी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए छत्तीसगढ़ शासन की इस पहल की सराहना की। उन्होंने बताया कि पहले ऐसे कार्यों के लिए कई बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती थी। अब सेवा सेतु के माध्यम से प्रक्रिया सरल, सुगम और समयबद्ध हो गई है तथा आवश्यक दस्तावेज आसानी से प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने नागरिक सेवाओं को आमजन तक सरलता से पहुंचाने के लिए छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सेवा सेतु जैसी पहल ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है। यह व्यवस्था शासन की सेवाओं को लोगों के द्वार तक पहुंचाने और सुशासन को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
- -जलीय कृषि बीमा जागरूकता कार्यशाला संपन्न-मत्स्य पालकों को दी गई योजनाओं एवं बीमा लाभों की जानकारीरायपुर। राष्ट्रीय मात्स्यिकी कृषि विकास बोर्ड (एनएफडीबी) एवं मत्स्य पालन विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के संयुक्त तत्वावधान में प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि योजना अंतर्गत जलीय कृषि बीमा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन राजधानी रायपुर के सिविल लाइन स्थित न्यू सर्किट हाउस में किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राज्य के मत्स्य पालकों को जलीय कृषि बीमा योजना की जानकारी प्रदान करना तथा उन्हें प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि योजना के विभिन्न लाभों से अवगत कराना था। कार्यक्रम में रायपुर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से 200 से अधिक मत्स्य पालकों ने हिस्सा लिया।कार्यशाला का शुभारंभ छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष डॉ. लखन लाल धीवर द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर उन्होंने मत्स्य पालन क्षेत्र के सतत् विकास में बीमा सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदाओं एवं अन्य जोखिमों से होने वाली क्षति की भरपाई के लिए जलीय कृषि बीमा योजना मत्स्य पालकों के लिए अत्यंत उपयोगी है।कार्यक्रम में मत्स्य पालन विभाग के संचालक श्री एन.एस. नाग ने अतिथियों का स्वागत करते हुए विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि योजना के माध्यम से मत्स्य पालकों की आय में वृद्धि, आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा तथा जोखिम प्रबंधन को सुदृढ़ करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने उपस्थित मत्स्य पालकों को जलीय कृषि बीमा योजना का लाभ लेने हेतु प्रेरित किया।राष्ट्रीय मात्स्यिकी कृषि विकास बोर्ड के बीमा विशेषज्ञ श्री मो. इफ्तिखार हुसैन ने जलीय कृषि बीमा योजना के प्रावधानों, पात्रता एवं लाभों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत प्रत्येक मत्स्य पालक को 1.00 हेक्टेयर जलक्षेत्र तक बीमा कराने पर एक बार प्रीमियम राशि का 40 प्रतिशत प्रोत्साहन अनुदान प्रदान किया जाता है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं महिला हितग्राहियों को अतिरिक्त 10 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि का लाभ भी दिया जाता है। इस योजना के तहत अधिकतम 1.00 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराई जाती है।उन्होंने आगे बताया कि मत्स्य उत्पादन से संबंधित संरचनाओं जैसे पॉण्ड लाइनर, केज कल्चर, आरएएस (री-सर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम) तथा बायोफ्लॉक इकाइयों को भी बीमा सुरक्षा के दायरे में शामिल किया गया है। इन संरचनाओं के लिए निर्धारित मानकों के अनुसार अधिकतम 1.00 लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि तथा 1800 घनमीटर जल क्षमता तक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इससे मत्स्य पालकों को संभावित आर्थिक जोखिमों से सुरक्षा प्राप्त होती है।कार्यशाला में कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के स्टेट हेड श्री जय नारायण पटेल ने शासकीय पोर्टलों पर पंजीयन की प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से समझाया। उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि योजना एवं राष्ट्रीय मत्स्यिकी डिजिटल प्लेटफॉर्म (एनएफडीपी) पर पंजीयन की प्रक्रिया का प्रदर्शन कर हितग्राहियों की शंकाओं का समाधान किया। कार्यशाला में कृषि बीमा कंपनी एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड के प्रतिनिधि श्री वाघमारे एवं श्री आशीष अमित टोप्पो ने जलीय कृषि बीमा योजना के विभिन्न पहलुओं, बीमा दावों की प्रक्रिया, जोखिम कवरेज तथा योजना से मिलने वाले प्रत्यक्ष लाभों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने मत्स्य पालकों को समय पर बीमा कराने एवं आवश्यक दस्तावेजों के संधारण के संबंध में भी मार्गदर्शन प्रदान किया।कार्यशाला के दौरान मत्स्य पालकों के साथ संवाद सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें विशेषज्ञों एवं अधिकारियों ने उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। प्रतिभागियों ने योजना के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे मत्स्य पालन व्यवसाय को सुरक्षित एवं लाभकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।


























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