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-सहायिका के 06 पदों के लिए की जाएगी भर्ती
दुर्ग, / महिला एवं बाल विकास विभाग परियोजना अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्रों के लिए स्वीकृत/रिक्त 06 आंगनबाड़ी सहायिका के पद पर नियुक्ति की जानी है। नियुक्ति हेतु आवेदन 28 जून 2024 तक बाल विकास परियोजना कार्यालय दुर्ग (शहरी) पांच बिल्डिंग बाल संरक्षण गृह परिसर, महिला एवं बाल विकास विभाग दुर्ग में सीधे अथवा पंजीकृत डाक से कार्यालयीन समय सुबह 10 बजे से शाम 5.30 बजे तक जमा किया जा सकता है। आंगनबाड़ी केन्द्र राजीव नगर केन्द्र क्रं.-04 राजीव नगर वार्ड 02, तितुरडीह केन्द्र क्रमांक 03 शहीद भगत सिंह वार्ड 19, बांधा तालाब केन्द्र क्रमांक 01 बाबा रामदेव मंदिर वार्ड 35, अंबेडकर भवन बाबा गुरू घासीदास वार्ड 44, ठगड़ा नहर बोरसी दक्षिण वार्ड 52, सतनामीपारा बोरसी दक्षिण वार्ड 52 के लिए सहायिका के 06 पद पद की भर्ती की जानी है।परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना से मिली जानकारी अनुसार आवेदन किये जाने हेतु शासन द्वारा निर्धारित आवश्यक गाईडलाईन के तहत आवेदिका की आयु 18 से 44 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। आयु की गणना आवेदन आमंत्रित करने की सूचना जारी होने की तिथि से की जाएगी। सेवा की अधिकतम आयु सीमा 65 वर्ष होगी। (एक वर्ष या अधिक सेवा का अनुभव रखने वाली कार्यकर्ता/सहायिका/सह-सहायिका/संगठिका को आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट दी जाएगी)। आवेदिका उसी वार्ड की स्थायी निवासी होनी चाहिए जिस वार्ड में आंगनबाड़ी केन्द्र स्थित है। निवासी होने के प्रमाण में नगरीय क्षेत्र में संबंधित वार्ड की अद्यतन मतदाता सूची में नाम दर्ज हो तो आवेदन पत्र में उसके क्रमांक का उल्लेख कर प्रतिलिपि लगाई जाए अथवा वार्ड पार्षद तथा पटवारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र जिसमें वार्ड में निवासरत् रहने का पता सहित स्पष्ट उल्लेख हो, मान्य किया जाएगा। आवेदिका की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता आंगनबाड़ी सहायिका पद हेतु 8वीं उत्तीर्ण हो। अनुभवी कार्यकर्ता/सहायिका/सह-सहायिका/मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता होने पर, गरीबी रेखा परिवार, अनुसूचित जाति, जनजाति परिवार की महिला होने पर तथा विधवा, परित्यक्ता अथवा तलाकशुदा महिला होने पर निर्धारित अतिरिक्त अंक दिये जाएंगे। ऐसी कार्यकर्ता/सहायिका जिन्हें अनिमितता के कारण पूर्व में सेवा से बर्खास्त किया गया है। ऐसे आवेदक द्वारा प्राप्त आवेदन अमान्य किये जा सकेंगे। उपरोक्तानुसार अर्हता रखने वाले इच्छुक आवेदिका रिक्त कार्यकर्ता/सहायिका पद हेतु आवेदन कर सकते हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं/सहायिकाओं का पद पूर्णतः मानसेवी तथा अशासकीय पद है। इन्हें केन्द्र शासन एवं राज्य शासन द्वारा निर्धारित मानदेय दिया जाएगा।जिन वार्डों के रिक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका के पद पर नियुक्ति हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए हैं, उस वार्ड में निवासरत इच्छुक आवेदिकाओं को वार्ड का निवासी होने संबंधी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर ही आवेदन पत्र कार्यालय से प्रदाय किए जाएंगे। अन्य वार्ड में निवासरत आवेदिकाओं को आवेदन पत्र नही दिए जाएंगे। कार्यालय द्वारा जारी पंजीकृत आवेदन पत्र ही मान्य किए जाएंगे। आवेदन की फोटोकापी अमान्य होगी। आवेदन में संलग्न समस्त दस्तावेज आवेदिका द्वारा स्व प्रमाणित होना चाहिए। कार्यालय से आवेदन प्राप्त कर जमा करने की अंतिम तिथि के पश्चात आवेदन स्वीकार नही किए जाएंगे। - दुर्ग, / जिले के ग्राम बोरीगारका निवासी सर्प दंश पीड़ित मरीज बालिका निशा की स्थिति अत्यंत नाजुक होने के कारण ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र उतई से 11 जून को जिला चिकित्सालय दुर्ग के लिए रेफर किया गया। मरीज की नाजुक हालत को ध्यान में रखते हुए जिला चिकित्सालय में आवश्यकतानुसार सभी चिकित्सा मुहैय्या कराया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.पी. मेश्राम ने एक हिन्दी दैनिक समाचार पत्र में छपी खबर पर वस्तुस्थिति से अवगत कराया है कि उक्त सर्प दंश के मरीज को अत्यंत गंभीर स्थिति में केजुवल्टि चिकित्सक के द्वारा तत्काल शाम 7.20 बजे ओ.पी.डी. एवं आई.पी.डी. के माध्यम से भर्ती किया गया तथा मेडिसिन विशेषज्ञ द्वारा मरीज का तत्काल जांच कर जीवन रक्षक दवाईयां एवं सर्प दंश का इंजेक्शन दिया जाकर ऑक्सीजन सपोर्ट में रखा गया। इस दौरान मरीज को आवश्यकतानुसार सभी चिकित्सा सुविधा मुहैया कराया गया। डॉ. मेश्राम के अनुसार मरीज के परिजनों को मरीज की गंभीर स्थिति के बारे में बताने के बाद परिजनों द्वारा मरीज को अन्यत्र ले जाने के लिए लिखित में अनुरोध किया गया। तत्पश्चात् शाम 7.50 बजे परिजन अपनी जवाबदारी में मरीज को लेकर चले गए।
- दुर्ग / केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के अधिकारी/कर्मचारी एवं उनके परिवार के सदस्यों को सड़क सुरक्षा / यातयात नियमों का पालन हेतु क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय दुर्ग द्वारा 13 जून को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। उक्त प्रशिक्षण मंे सड़क सुरक्षा जागरूकता हेतु सड़क पार करते हुए जेब्रा क्रांसिग, रोड़ साईन, यातायात नियम, हेलमेट पहनना, कार चलाते समय सीट बेल्ट का उपयोग करना साथ ही सड़क दुघर्टना होने पर नेक व्यक्ति का महत्व बताया गया। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी श्री एस.एल. लकड़ा, परिवहन निरीक्षक श्री विष्णु प्रसाद ठाकुर एवं परिवहन उप निरीक्षक श्री अनिश बघेल द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। इस अवसर पर ऐसे कर्मचारी जिनका लायसेंस नहीं बने थे, उनका स्थल पर ही लर्निंग लायसेंस बनाया गया। प्रशिक्षण में केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के निरीक्षक श्री लोकेश कुर्रे, निरीक्षक श्री अभय कुमार एवं श्री सहायक उप निरीक्षक एच.एस. हुन्डेकर के साथ-साथ अनेक अधिकारी/कर्मचारी एवं उनके परिवार के सदस्य उपस्थित रहे
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भिलाईनगर। नगर निगम भिलाई क्षेत्रांतर्गत नेहरू नगर भेलवा तालाब लोगो के प्रमुख आर्कषण का केन्द्र है। वहां पर तालाब की सफाई का काम नियमित रूप से चल रहा है, उसके साथ साथ उद्यान विभाग द्वारा चारो तरफ लगे पेड़ की कटाई छटाई करके सुन्दर एवं आकर्षित बनाया जा रहा है। इस बात से रोज सुबह टहलने वाले लोग खुश है, डाॅ. बी के गोयल ने प्रसंन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि हम रोज टहलते है, अभी पेड़ो की कटाई छटाई होने के बाद से और बेहतर लग रहा है हम सबको भी ध्यान देना पड़ेगा की गंदगी न फैलाये। मैं देखता हंु कि लोग धीरे से आकर कचरा, पुजा सामग्री डाल देते है जबकि उसके लिए अलग से स्थल निर्धारित है वहीं पर डाले, हम लोग भी सर्तक रहेगे किसी प्रकार की गंदगी न हो। तालाब के अंदर से निकलने वाले कमल के ककड़ी (ढ़ेस) एवं पंखड़ियो को जैविक खाद बनाने के लिए राशि उद्यान में गढढा बनाकर जैविक रूप से निष्पादित किया जायेगा। इसकी खाद बहुत की गुणकारी एवं उपजाऊ होगा।
- बिलासपुर, 14 जून 2024/एकीकृत बाल विकास परियोजना सकरी अंतर्गत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के 1 एवं सहायिका के 2 रिक्त पदों पर नियुक्ति की जाएगी। ग्राम पंचायत पेण्डारी के केन्द्र क्रमांक 03 हेतु आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, ग्राम पंचायत बेलटुकरी के केन्द्र क्रमांक 02 हेतु सहायिका एवं ग्राम पंचायत पांड के केन्द्र क्रमांक 02 हेतु सहायिका के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका की भर्ती के लिए 20 जून से 4 जुलाई तक आवेदन किये जा सकते है। रिक्त पदों की विस्तृत जानकारी तथा निर्धारित आवेदन पत्र कार्यालय परियोजना अधिकारी एकीकृत बाल विकास परियोजना सकरी से प्राप्त कर सकते है।
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प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना 2024-25
महासमुंद / प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना अंतर्गत खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र जैस राईस मिल, दाल मिल, आटा, बेसन, मैदा निर्माण, मसाला, बेकरी प्रोडक्ट्स, दूध उत्पाद, पापड़, बड़ी, नमकीन, मिक्चर, अचार उत्पाद आदि स्थापित करने के लिए ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित किए गए है। महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र ने बताया कि खाद्य प्रसंस्करण के लिए नवीन इकाई या इकाई के विस्तार के लिए क्रेडिट लिंक स्थायी पूंजी निवेश अनुदान सभी वर्गों के लिए 35 प्रतिशत की दर से उपलब्ध कराया जाएगा। इकाई स्थापित करने के इच्छुक व्यक्ति योजना के वेबसाईट https://pmfme.mofpi.gov.in/pmfme/#/login पर जाकर ऑनलाईन आवेदन कर सकते हैं। योजना से संबंधित जानकारी के लिए जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र महासमुंद या मोबाईल नम्बर 88843-22242, 83193-70847, 75877-24731 एवं 97558-62158 पर सम्पर्क कर सकते हैं। -
भिलाईनगर। कलेक्टर महोदया के आदेशानुसार निगम आयुक्त के मार्गदर्शन में आगामी वर्षाऋतु के आमगन को ध्यान में रखते हुए वार्ड 41 औधोगिक क्षेत्र छावनी के आदिवासी मोहल्ला, श्रमिक बस्तीयों में मच्छर उन्मूलन एवं जलजनित मौसमी बिमारियो से बचाव हेतु जन जागरूकता अभियान चलाया गया।
आयुक्त देवेश कुमार ध्रुव ने अधिकारी कर्मचारियो को निर्देश देते हुए बताया है कि आगामी वर्षाऋतु आमगन पर है इसे ध्यान में रखते हुए निचली बस्तीयों एवं जल भराव वाले क्षेत्रो का निरीक्षण कर बरसाती पानी जमा होने से एवं पानी से फैलने वाले जलजनित बिमारियो से बचने मच्छर उन्मूलन की रोकथाम हेतु भिलाई निगम क्षेत्र में जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। नागरिक अपने घरो के कुलर, पुराने टायर, टंकी, ड्रम, पुराने मटके इत्यादि को खाली रखे एवं आस पास की सफाई करते रहे। चुकिं साफ पानी में ही मच्छरों का प्रजनन होने से अण्डा देता है जिससे लार्वा बनता है और उल्टी, दस्त, पीलिया, डायरिया जैसे बिमारियां फैलते है। आयुक्त ने नागरिको से अपील की है कि बरसात के दिनों में होने वाले मौसमी बिमारियों से अपने एवं अपने परिवारजनो को बचाये साथ ही मैलाथियान दवाई एवं जला आईल का छिड़काव भी करे।
जागरूकता अभियान के तहत वरिष्ठ स्वच्छता निरीक्षक के.के.सिंह शहरी परिवार कल्याण केन्द्र सुपेला से विजय सेजुला, एस.के.दिल्लीवार, मनोज साहू, जिला मलेरिया विभाग से राजकुमार भसकोलो, उमेश कपूर, मितानीन शोभा शाह के साथ निगम के जोन स्वास्थ्य अमला लगातार शामिल है यह जागरूकता अभियान शतत रूप से चल रहा है सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। - -उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने सभी नगरीय निकायों में बिजली बिल और एनर्जी ऑडिट के दिए निर्देश-पारंपरिक ऊर्जा के बदले सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने कहा, इससे ऊर्जा व्यय में कमी के साथ पर्यावरण भी सुधरेगा-नगरीय निकायों में प्रोफेशनल एजेंसीज से कराया जाएगा बिजली बिल और एनर्जी का थर्ड पार्टी ऑडिटरायपुर.। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने राज्य के सभी 184 नगरीय निकायों में बिजली बिल और एनर्जी ऑडिट के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यथासंभव पारंपरिक ऊर्जा के स्थान पर सौर ऊर्जा का उपयोग करने को कहा है। उन्होंने नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा है कि अधिकांश निकायों में इस मद में राशि के अभाव के कारण समय पर बिजली के बिल का भुगतान नहीं किया जाता है। इससे नगरीय निकायों और विभाग को हर वर्ष अनावश्यक ही सरचार्ज व एरियर्स की राशि के रूप में बिजली विभाग को अतिरिक्त राशि का भुगतान करना पड़ता है। ऊर्जा और बिजली बिल के ऑडिट से इनकी बचत के उपाय करने में सहूलियत होगी। श्री साव ने बिजली बचाने और इसके खर्च में कमी लाने के लिए नगरीय निकायों में पारंपरिक ऊर्जा के बदले ग्रीन एनर्जी के उपयोग को बढ़ावा देने को कहा है। इससे निकायों का खर्च घटने के साथ ही पर्यावरण भी सुधरेगा। उप मुख्यमंत्री ने चरणबद्ध तरीके से एनर्जी ऑडिट का कार्य थर्ड पार्टी प्रोफेशनल एजेंसीज से कराने के निर्देश दिए हैं।शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति और स्ट्रीट लाइटिंग जैसी विभिन्न जन सुविधाओं के संचालन के लिए नगरीय निकायों मे बड़ी संख्या में विद्युत कनेक्शन लिए गए हैं। विद्युत विभाग द्वारा प्रदेश के सभी 184 नगरीय निकायों में इसके लिए हजारों की संख्या में बिजली के मीटर लगाए गए हैं। इन मीटरों के माध्यम से हर महीने मीटर रीडिंग कर बिजली विभाग द्वारा बिजली का बिल निकायों को प्रेषित किया जाता है। निकायों द्वारा प्रति माह एक बड़ी राशि विद्युत देयकों के रूप में व्यय की जाती है। कई बार सरचार्ज और एरियर्स के रूप में भी बिजली विभाग को अतिरिक्त राशि का भुगतान निकायों और नगरीय प्रशासन विभाग को करना पड़ता है। विभाग द्वारा नगरीय निकायों में बिजली बिल के समायोजन के लिए बिजली विभाग को हर साल लगभग 100 करोड़ रुपए से 200 करोड़ रुपए की राशि हस्तांतरित की जाती है। वर्तमान में करीब 800 करोड़ रुपए का भुगतान लंबित होने के कारण सरचार्ज की राशि में लगातार वृद्धि हो रही है।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने इस स्थिति को देखते हुए विभागीय समीक्षा बैठक में नगरीय निकायों के बिजली बिलों के ऑडिट तथा एनर्जी ऑडिट कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। इससे प्रत्येक निकाय के बिजली बिल के ऑडिट से वास्तविक विद्युत खपत और अनावश्यक रूप से सरचार्ज हेतु किए जा रहे भुगतान का स्पष्ट आंकलन किया जा सकेगा। ऑडिट के बाद विद्युत की खपत घटाने और सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जाने के लिए नीति भी तैयार की जाएगी। विद्युत खपत घटाने और सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जाने से लंबी अवधि में लगभग 800 करोड़ रुपए से एक हजार करोड़ रुपए की बचत होगी। साथ ही ग्रीन एनर्जी के उपयोग से निकायों को कार्बन क्रेडिट भी प्राप्त होगा। श्री साव ने कहा कि इस तरह बचाई गई राशि से निकायों में अधोसंरचना विकास के अन्य कार्य तथा नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नई योजनाएं शुरू की जा सकेंगी। निकायों में ऊर्जा प्रबंधन में सौर उर्जा को शामिल करने एवं ताप ऊर्जा के उपयोग में कमी से पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा भी मिलेगा।सौर ऊर्जा के अधिकतम उपयोग से नगरीय निकायों को ऊर्जा दक्ष बनाने के निर्देश, पायलेट परियोजना के लिए तैयार की जा रही है कार्ययोजनाउप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने सौर ऊर्जा के अधिकतम उपयोग से नगरीय निकायों को ऊर्जा दक्ष बनाने के निर्देश दिए हैं। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा निकायों में विद्युत खपत की वास्तविक जानकारी जुटाने हेतु एनर्जी ऑडिट कराने के लिए पायलेट परियोजना की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। एनर्जी ऑडिट के माध्यम से नगरीय निकायों में बिजली की वास्तविक खपत और व्यवस्था में व्याप्त अनियमितताओं, कमियों की पहचान तथा विद्युत देयकों के विश्लेषण के बाद विद्युत दक्ष (Energy Efficient) उपकरणों के प्रयोग को बढ़ावा देने, विद्युत खपत में कमी से देयकों में मितव्यता तथा चरणबद्ध तरीके से सौर ऊर्जा प्रणाली जैसी वैकल्पिक व्यवस्था को अपनाया जाएगा। भारत सरकार द्वारा भी पारंपरिक ऊर्जा के स्थान पर सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए पीएम कुसुम, पीएम सूर्योदय तथा पीएम सूर्यघर जैसी अभिनव योजनाएं प्रारंभ की गई हैं।
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रायपुर - रायपुर जिला कलेक्टर डॉक्टर गौरव कुमार सिँह के आदेशानुसार नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री अबिनाश मिश्रा के निर्देशानुसार रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र में स्वच्छता अभियान निरन्तर चलाया जा रहा है. कचरा एवं गंदगी फैलाने एवं दुकानों में डस्टबिन नहीं रखने वाले दुकानदारों को भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी देकर उनसे जुर्माना वसूला जा रहा है. उनसे दुकान में डस्टबिन रखने एवं सूखा एवं गीला कचरा पृथक करके सफाई मित्र को सफाई वाहन में नियमित देकर राजधानी शहर रायपुर को स्वस्थ और स्वच्छ स्मार्ट सिटी बनाने सहभागिता दर्ज करवाने अपील निरन्तर प्रतिदिन की जा रही है. इस क्रम में नगर पालिक निगम के सभी 10 जोनों के स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा बाजारों में स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है . इसके तहत आज नगर पालिक निगम रायपुर के जोन क्रमांक 2 स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा महिला स्वसहायता समूह की महिलाओं के सहयोग से जोन 2 जोन कमिश्नर डॉक्टर आर. के. डोंगरे के निर्देश पर जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री रवि लावनिया के नेतृत्व में नगर निगम जोन नम्बर 2 के तहत बाजार क्षेत्र फाफाडीह एवं देवेन्द्र नगर में सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया गया.2 होटलों एवं एक डेयरी में सूखा एवं गीला कचरा मिक्स करके दिये जाने को पाकर सम्बंधित होटलों एवं डेयरी के संचालक को भविष्य में सूखा एवं गीला कचरा पृथक - पृथक करके देने की कड़ी समझाईश देकर सम्बंधित कान्हा डेयरी देवेन्द्र नगर , होटल महाराजा, होटल जलाराम फाफाडीह में प्रत्येक से 1000 रूपये कुल 3 दुकानदारों से 3000 रूपये का जुर्माना वसूलने की कार्यवाही की गयी. नगर पालिक निगम रायपुर के सभी 10 जोनों के जोन स्वास्थ्य अधिकारियों ने बाजार क्षेत्रों में दुकानदारों को डस्टबिन अनिवार्य रूप से रखने एवं स्वच्छता बनाये रखकर दुकान का सूखा एवं गीला कचरा पृथक - पृथक डस्टबिन में रखकर सफाई मित्र को नियमित देकर राजधानी शहर को स्वच्छ स्मार्ट सिटी बनाने सहभागिता दर्ज करवाने अपील करके समझाईश सभी जोन कमिश्नरों के नेतृत्व में दी. अन्यथा की स्थिति में अभियान लगातार चलाकर दुकानों में गंदगी मिलने, डस्टबिन नहीं पाए जाने की स्थिति में सम्बंधित दुकानदारों पर जुर्माना करने की चेतावनी दी गयी.
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रायपुर। भाजपा के वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल के लोकसभा चुनाव में प्रचण्ड बहुमत से विजयी होने पर आज रायपुर में विजय आभार रैली का आयोजन किया गया है।
विजय आभार रैली में पूर्व सांसद सुनील सोनी , वरिष्ठ विधायक पूर्व मंत्री राजेश मूणत जी, मोतीलाल साहू , पुरन्दर मिश्रा, जिलाध्यक्ष जयंती पटेल , वरिष्ठ भाजपा पदाधिकारी , पार्षदगण, पूर्व पार्षद, मोर्चा प्रकोष्ठ के अध्यक्षगण , संयोजक ,कार्यकर्ता गण साथ रहेंगे।देखें पूरा कार्यक्रमरैली 14 जून बुधवार 2024 को मां बंजारी मंदिर, रांवाभाठा, बिरगांव से सायं 4.00 बजे रैली प्रारंभ होगीसायं 04.10 बजे - डी.एम. टावर, उरकुरा, व्यास तालाबसायं 04.15 बजे विमल इनक्लेवसायं 04.20 बजे - भनपुरी चैकसायं 04.25 बजे - शांत स्वीट्ससायं 04.30 बजे - पाटीदार भवन, भनपुरीसायं 04.33 बजे - खमतराई बाजार चौकसायं 04.38 बजे - डी.आर.एम.आफिससायं 04.43 बजे - ओम काम्पलेक्ससायं 04.48 बजे - पीली बिल्डिंगसायं 04.53 बजे - फाफाडीह ब्रिज के नीचेसायं 04.58 बजे - फाफाडीह चौकसायं 05.00 बजे - क्षत्रिय धर्मशाला स्टेशन रोडसायं 05.03 बजे - रेल्वे स्टेशन चौकसायं 05.16 बजे - स्टेशन रोड गुरूद्वारासायं 05.11 बजे - तेलघानी नाका चौकसायं 05.14 बजे - नेमीचंद गली चौक गंजमंडीसायं 05.17 बजे - राठौर चौकसायं 05.20 बजे - मान. बृजमोहन जी का निवाससायं 05.25 बजे - सिन्धी स्कूल के सामनेसायं 05.30 बजे - दुलार धर्मशाला बढ़ाईपारासायं 05.35 बजे - ललिता चौकसायं 05.38 बजे - मोमिनपारा मस्जिद के सामनेसायं 05.40 बजे - तात्यापारा चौकसायं 04.45 बजे - आजाद चौकसायं 05.50 बजे - आमांपारा चौकसायं 05.55 बजे - सारथी चौकसायं 06.00 बजे - लाखे नगर चौकसायं 06.03 बजे - लोहार चौकसायं 06.05 बजे - लिलि चौकसायं 06.08 बजे - पुरानी बस्ती थाना चौकसायं 06.13 बजे - कंकाली तालाब के सामनेसायं 06.18 बजे - सत्ती बाजार चौकसायं 06.20 बजे - डाॅ. आनंद सक्सेना के सामनेसायं 06.23 बजे - ए.टी. ज्वेलर्स के सामनेसायं 06.25 बजे - नहाटा मार्केट के सामनेसायं 06.33 बजे - कोतवाली चौकसायं 06.35 बजे - छोटा पारा मस्जिद के सामनेसायं 06.38 बजे - फायर बिग्रेड चौकसायं 06.40 बजे - ओ.सी.एम. चौकसायं 06.43 बजे - आकाशवाणी चौकसायं 06.48 बजे - कबीर चौकसायं 06.50 बजे - सागौन बंगला चौकसायं 06.53 बजे - नेताजी चौक कटोरा तालाबसायं 06.58 बजे - कक्कड़ चौकसायं 07.00 बजे - केनाल रोड चौकसायं 07.05 बजे - शहीद तारूसिंह चौकसायं 07.08 बजे - गली नं. 7 चौक। छ.ग. सिंधी पंचायत के सामनेसायं 07.10 बजे - झुलेलाल मंदिर गली नं. 2सायं 07.12 बजे - गुरूनानक हार्डवेयरसायं 07.15 बजे - गुरूनानक द्वारसायं 07.20 बजे - मरीन ड्राईवसायं 07.25 बजे - भगत सिंह चौकसायं 07.30 बजे - दिशा काॅलेज मोड़ चौकसायं 07.35 बजे - अशोका टावर टर्निंग पाइंट चौकसायं 07.40 बजे - शक्ति नगर राधा कृष्ण मंदिर के पाससायं 07.43 बजे - लोधीपारा चौकसायं 07.50 बजे - मंडी गेट चौकसायं 07.55 बजे - पंडरी कपड़ा मार्केट टर्निग चौकसायं 07.58 बजे - एक्सप्रेसवे ब्रिजरात्रि 08.00 बजे - श्याम प्लाजा के सामने पंडरीरात्रि 08.05 बजे - कचहरी चौकरात्रि 08.10 बजे - शास्त्री चौकरात्रि 08.15 बजे - जयस्तंभ चौक में समापन - रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उनके सरकार के कार्यों की जम कर तारीफ की है। इस पर सीएम साय ने रमन सिंह का आभार जताते हुए कहा है कि - आभारी हूं आदरणीय डॉ. रमन सिंह जी। आपके इन शब्दों से न केवल उत्साह बढ़ा है बल्कि और अधिक बेहतर करने की प्रेरणा भी मिली है।डॉ. रमन सिंह ने वीडियो जारी कर कहा कि - छत्तीसगढ़ में माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी के 6 माह का कार्यकाल निश्चित रूप से पिछली कई सरकार से और देश में भी कई सरकारों से अभूतपूर्व रहा है। इन छ: महीनों में सरकार द्वारा बड़े निर्णय लिए गए। "मोदी की गारंटी" संकल्प पत्र के अनुरूप कार्य करते हुए श्री साय जी की सरकार ने मात्र 6 महीने में ही ₹3100 प्रति क्विंटल के हिसाब से धान खरीदी की, 2 साल का बकाया बोनस ₹3716 करोड़ किसानों के खातों में पहुंचा, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों के लिए पक्के आवास की स्वीकृति दी, महतारी वंदन योजना से 70 लाख से ज्यादा माताओं-बहनों को प्रति माह ₹1000 की सहायता राशि सुनिश्चित कर प्रदेश की सरकार ने अद्भुत कार्य किया है। सभी योजनाओं का क्रियान्वयन शत-प्रतिशत हुआ है। शुरुआत के छ: महीनों में विष्णु सरकार का प्रदर्शन बेहतर रहा है।गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार के आज 6 महीने पूरे हुए। इस पर भारतीय जनता पार्टी, छत्तीसगढ़ का सोशल मीडिया में हैशटैग अभियान #संवर_रहा_छत्तीसगढ़ टॉप ट्रेंडिंग कर रहा है। समूचे छत्तीसगढ़ से आम लोगों का इसे भरपूर समर्थन मिल रहा है। लोग उत्सुकतापूर्वक विष्णु सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की फोटो, वीडियो, ग्राफिक्स को सोशल मीडिया के सारे प्लेटफॉर्म में पोस्ट और शेयर कर रहे हैं।
- -वित्त मंत्री ओपी चौधरी की अपील, ईमानदारी से करें टैक्स का भुगतानरायपुर । राज्य मे पिछले कुछ वर्षों मे जिलों मे डीएमएफ मद से बड़ी संख्या मे निर्माण कार्य और सामाग्री क्रय किया गया है परंतु जितना व्यय शासन द्वारा किया गया है उस अनुपात मे शासन को जीएसटी नहीं मिला है। स्टेट जीएसटी मे गठित किए गए बिजनेस इंटेलिजेंस यूनिट के द्वारा ए आई आधारित आई टी टूल्स का प्रयोग कर ऐसे व्यवसायियों का एनालिसिस किया जा रहा है जिनके द्वारा शासकीय सप्लाइ तो किया गया है पर जीएसटी नहीं पटाया गया है।वित्त मंत्री ओपी चौधरी के निर्देश पर ऐसे मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी तारतम्य मे विगत दिनों कुछ व्यवसायियों की जांच कर उनसे टैक्स जमा करवाया गया । केशकाल के भारत इन्फ्रा नाम के व्यवसायी के प्रकरण मे 91 लाख रु. और रायपुर के श्री कृष्ण इंटर प्राइजेस मे 2.5 करोड़ रु की कर चोरी पकड़ी गई है इसमे से 1.75 करोड़ रु.टैक्स विभाग ने वसूल कर किया है । इसी तरह का एक और मामला हार्टीकल्चर विभाग मे भी पकड़ा गया है जिसमे शेड नेट सप्लाइ करने वाली कंपनी किसान एग्रोटेक को विभाग ने नोटिस दिया है।इस प्रकार की कर चोरी करने वाले व्यवसायी अक्सर अपनी टैक्स लाईबिलिटी कम दिखाने के लिए बोगस बिलों पर आई टी सी क्लेम करते हैं परंतु यह भूल जाते हैं कि अब विभाग के पास ऐसे कई आई टी टूल्स हैं जिनके कारण इस तरह के मामलों मे बच निकलना कठिन है। राज्य कर विभाग के द्वारा लगातार व्यवसायियों कि बैठक लेकर उन्हे जागरूक भी किया जा रहा है कि कर देयता से बचने का कोई शॉर्टकट न अपनाएं। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने भी व्यापारियों से अपील की है की वो ईमानदारी से अपने टैक्स का भुगतान करें ।
- बिलासपुर/कलेक्टर अवनीश शरण ने कोटा ब्लॉक के मझगांव शासकीय उमावि द्वारा प्रकाशित शालेय वार्षिक पत्रिका 'प्रयास' का विमोचन किया। उन्होंने पत्रिका प्रकाशन के लिए स्कूल के प्राचार्य शैलेश पांडे सहित स्कूल प्रबंधन और विद्यार्थियों की प्रशंसा करते हुए उन्हें बधाई दी।कलेक्टर ने इस मौके पर कहा कि पत्र - पत्रिकाएं विद्यार्थियों की कलात्मक, रचनात्मक एवं सृजनात्मक गतिविधियों को बढ़ाने में सहायक होती हैं। साथ ही छात्रों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना जगा कर उन्हें अनुसंधान हेतु प्रेरित करती हैं! उन्होंने पत्रिका को विद्यालय की वर्ष भर की गतिविधियों का दर्पण बताया । उन्होंने विश्वास जताया कि यह पत्रिका छात्र-छात्राओं के व्यक्तित्व को और अधिक प्रखर करने में अत्यंत उपयोगी साबित होगी। प्राचार्य शैलेश कुमार पांडेय ने पत्रिका में शामिल विषय सामग्री की जानकारी दी। विमोचन के लिए कलेक्टर के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री आर ए कुरुवंशी, यूनिसेफ की जिला सलाहकार श्रीमती रूमाना खान भी उपस्थित थीं।
- रायपुर. कलेक्टर डॉ गौरव सिंह आज आरंग के ग्राम पंचायत देवरी में जब मनरेगा योजनांतर्गत, मुक्तिधाम तालाब में किये जा रहे तालाब गहरीकरण एवं तालाब पार निर्माण कार्य निरीक्षण पर पहुंचे। वहा पहुंच कर उन्होंने ग्रामीणों से पूछा सब बने बने, तब गांव वालो ने भी हस्ते हुए जवाब दिया हव साहब सब बने बने। कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने मज़दूरों से चर्चा कर उपलब्ध सुविधाओं के बारे में चर्चा किया, शासन की योजनाओं का लाभ उपलब्धता पर बात की।निरीक्षण में साथ हैं ज़िला पंचायत सीईओ श्री विश्वदीप सर, अनुविभागीय अधिकारी(राजस्व) श्री पुष्पेन्द्र शर्मा, उप संचालक कृषि श्री राजेंद्र कुमार कश्यप, मनरेगा सीईओ श्रीमती रोशनी तिवारी सहित भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
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रायपुर. आरंग के ग्राम परसकोल में निरीक्षण के दौरान कलेक्टर डॉ गौरव सिंह गांव के मत्स्य पालक किसान श्रीं दीनदयाल ध्रुव से मिले।
श्री ध्रुव ने बताया कि साल 2020 से उन्होंने इसकी शुरुआत की है। नौ लाख रुपये के लागत से उन्होंने सवा दो एकड़ में तालाब निर्माण कराया और मत्स्य पालन कर रहे है।श्री ध्रुव ने बताया कि उन्हें राज्य सरकार द्वारा दो लाख बीस हज़ार रुपये का सब्सिडी प्राप्त है जिससे उन्हें मत्स्य पालन करने में काफी सुविधा मिली। वह तालाब में मछली पालन कर रायपुर के बाज़ार में विक्रय करते है।कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने फ़ार्म का निरीक्षण कर मछली उत्पादन एवं बाज़ार उपलब्धता के बारे में जानकारी ली। कलेक्टर डॉ. सिंह ने श्री ध्रुव को गाँव के अन्य किसानों को मछली व्यवसाय को अपनाने प्रोत्साहित करने कहा।इस दौरान ज़िला पंचायत सीईओ श्री विश्वदीप, अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व) श्री पुष्पेन्द्र शर्मा सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहें। -
रायपुर . कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने आरंग के ग्राम गुल्लू में आयुष्मान आरोग्य मंदिर के औचक निरीक्षण पर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं एवं चिकित्सक के अलावा केंद्र में पदस्त स्वास्थ्य कर्मचारी के बारे में जानकारी ली।
उन्होंने इलाज के लिए आई श्रीमती मुन्नी यादव से भी चर्चा कर स्वास्थ्य केंद्र में मिलने वाले सुविधाओं के बारे में जाना। निरीक्षण के दौरान ज़िला पंचायत सीईओ श्री विश्वदीप, अनुविभागीय अधिकारी(राजस्व) श्री पुष्पेन्द्र शर्मा, ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे। - -खेती किसानी से जुड़े अपनें अनुभव साझा करते हुए उत्पादकता बढ़ाने दिए आवश्यक निर्देश-वर्षा काल में पशुधन को बिमारियों से बचाने के लिए व्यापक स्तर पर टीकाकरण करने कहा-गौवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए सभी संभागों में बनेगा एक एक गौ अभ्यारण्य-देवभोग के दुग्ध उत्पादों की बिक्री बढ़ाने अच्छी ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर जोर: आईआईएम अध्ययन कर देगा सलाह-केज कल्चर, बॉयोफ्लाक जैसे नवाचारों से मछली पालन को मिलेगा बढ़ावारायपुर, / आचार सहिंता की अवधि समाप्त होने के बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य के विकास की गति तेज करने के लिए आज से विभिन्न विभागों की मैराथन समीक्षा बैठकें लेनी शुरू कर दी। आज उन्होंने कृषि से संबंधित विभागों से इसकी शुरूआत करते हुए अधिकरियों से उनकी तैयारियों के संबंध में जानकारी ली और खेती किसानी से जुड़े स्वयं के व्यवहारिक अनुभवों को भी साझा किया। श्री साय स्वयं भी कृषक है और उनका परिवार अपनी आजीविका के लिए मुख्य रूप से खेती किसानी पर ही निर्भर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छे परिणाम के लिए पूरी पारदर्शिता और तत्परता के साथ काम किया जाना अनिवार्य है।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि हमें इस तरह के कदम उठाए जाने की आवश्यकता है, जो किसानों को उनकी उत्पादकता बढ़ाने के लिए प्रेरित करें। परंपरागत खेती में हर आवश्यक सहायता उन तक तत्परता से पहुंचाने के साथ-साथ आधुनिक खेती और देश भर में हो रहे नवाचारों से भी उन्हें अवगत कराने की आवश्यकता है। राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठकों में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना जरूरी है कि किसानों, पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों की आय में बढ़ोत्तरी हो। अधिकारियों को अपने अनुभव बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षा काल में पशुओं को होने वाली बिमारियों की रोकथाम के लिए मुस्तैदी के साथ काम किया जाना आवश्यक है। श्री साय ने पशुधन विकास विभाग, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ और मछली पालन विभाग के कार्यो की गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पशुपालन, मछली पालन एवं दुग्ध उत्पादन जैसे व्यवसाय किसानों और पशुपालकों के आय का बड़ा स्त्रोत हैं, इनसे जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से निश्चित रूप से किसानों की आय में बढ़ोत्तरी होगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने पशुधन विकास विभाग की समीक्षा के दौरान के कहा कि प्रदेश में गौवंश की रक्षा और संवर्धन के लिए सभी संभागों के एक-एक जिले में गौ अभ्यारण्य की स्थापना की जाएगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों से प्रदेश में पशुधनों की संख्या और वार्षिक दुग्ध, अंडा एवं मांस उत्पादन एवं उपलब्धता की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने प्रति वर्ष प्रति व्यक्ति अंडा, दुग्ध और मांस की आवश्यकता को पूरा करने के लिए उत्पादन बढ़ाने जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने वर्षा काल में पशुओं को संक्रामक बिमारियों से बचाने के लिए व्यापक स्तर पर टीकाकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने पशुओं के नस्ल सुधार के लिए चलाई जा रही योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी बल दिया। साथ ही पशुधन विभाग की राज्य और केन्द्र के प्रवर्तित योजनाओं का लाभ भी अधिक से अधिक पशुपालकों तक पहुंचाने को कहा। पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों ने विभाग की आगामी कार्ययोजना और लक्ष्यों के बारे में मुख्यमंत्री को विस्तृत जानकारी दी।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ के कार्यो की समीक्षा करते हुए कहा कि दूध और दुग्ध उत्पादों की बिक्री एवं दूध उत्पादन करने वाले किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए समुचित उपाए किए जाएं। उन्होंने दुग्ध महासंघ के ब्रांड देवभोग की बिक्री और आमदनी बढ़ाने के लिए आउटलेट की संख्या में वृद्धि और अन्य विकल्पों के लिए भारतीय प्रबंध संस्थान से विस्तृत अध्ययन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए अच्छी मार्केटिंग और ब्रांडिंग जैसी व्यवसायिक पद्धतियों का सहारा भी लिया जाए। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को प्रोसेस फ्लो चार्ट के माध्यम से दुग्ध संकलन से लेकर उपभोक्ता तक पहुंचने तक की पूरी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने मछलीपालन विभाग के अधिकारियों के साथ विभागीय कार्यो एवं योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करें और ग्रामीण इलाकों में किसानों को जानकारी एवं प्रशिक्षण देें। श्री साय ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि शासन की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से तालाबों का निर्माण कराया जाता है और गर्मियों में तालाब सूखने के कारण अनुपयोगी हो जाते हैं। ऐसे किसानों को चिन्हित कर इन तालाबों में पानी की आपूर्ति के लिए सोलर पंप की व्यवस्था की जाए ताकि सभी मौसमों में मछली पालन किया जा सके। मुख्यमंत्री श्री साय ने मछली उत्पादन के लिए केज कल्चर जैसे बॉयोफ्लाक जैसे नवाचारों का बढ़ावा देने और किसानों को प्रशिक्षित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, डॉ. बसव राजु एस और श्री राहुल भगत, संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. प्रियंका शुक्ला, सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहें।
- -मुख्यमंत्री श्री साय एवं सचिव श्री दयानंद ने सराहारायपुर । मानसून के पहले आए आंधी तूफान से बाधित हुई विद्युत आपूर्ति को सुधारने के लिए प्रदेशभर में बिजली कर्मी जी-जान लगाकर जुटे हुए हैं। राजधानी से 250 किलोमीटर दूर देवभोग के घने जंगल में आंधी तूफान के कारण 11 जून को पेड़ गिरने से बिजली तार टूट गए, जिसे विद्युत अमले ने त्वरित गति से कार्य करते हुए आधी रात को ही सुधारकर उपभोक्ताओं तक विद्युत आपूर्ति बहाल की।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय व्दारा जनसेवा के कार्यों को प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने मौसम की चुनौतियों का सामना कर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने वाले विद्युतकर्मियों की सराहना की है। पॉवर कंपनी के अध्यक्ष श्री पी. दयानंद ने भी कर्मियों के साहस और समर्पण की प्रशंसा की और उन्हें इसके लिए बधाई दी, वहीं धैर्य रखने के लिए आम जनता को धन्यवाद प्रेषित किया है।रायपुर ग्रामीण क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक श्री संदीप वर्मा ने बताया कि रात 11 जून को तेज आंधी तूफान और बारिश के कारण शाम साढे छह बजे 33 केवी देवभोग फीडर लाइन फॉल्ट(बंद) हो गई। जिसे शीघ्र ही देवभोग के अधिकारी और कर्मचारियों द्वारा पेट्रोलिंग कार्य प्रारंभ किया गया। घने व लंबी दूरी तक के जंगल, सीमित मानव संसाधनों, हाथी व नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के बावजूद विद्युत कर्मियों ने रात में ही पेट्रोलिंग कार्य जारी रखा। कार्यपालन अभियंता गरियाबंद ने अधिकारियों-कर्मचारियों को सुरक्षित रहते हुए, सुरक्षा नियमों का पालन करने के निर्देश दिये तथा सुधार कार्यों की निरतंर जानकारी लेते रहे। कार्यपालक निदेशक श्री वर्मा फ़ोन पर व व्हाट्सएप्प संदेश के माध्यम से विद्युत बहाली हेतु रात्रि में जारी विद्युत कर्मियों के लगातार संपर्क में रहे।विद्युत कर्मचारियों व्दारा नक्सल प्रभावित व हिंसक वन्य प्राणियों की मौजूदगी वाला क्षेत्र होने के बाद भी गाड़ियों और पैदल पेट्रोलिंग करते हुए, घुप्प अंधेरे में टार्च की रोशनी तथा बरसते पानी के बीच लगातार अपनी जान की परवाह किये बगैर सुधार कार्य जारी रखा। रात 10.43 बजे नाला एबी स्विच के पास पहला फाल्ट, रात 10.51 बजे बुडगेलटप्पा के पास दूसरा फाल्ट इसी प्रकार धुरवागुड़ी नाला एबी स्विच के पास रात 12.22 बजे तीसरा फाल्ट मिला। लाइनों में गिरे पेड़ों और पेड़ों की डालियों को काटकर लाइनों से अलग किया गया। 50 किमी लंबी लाइन की पेट्रोलिंग और 5 से 6 घंटे की अथक मेहनत से किये गए सुधार कार्य के बदौलत रात 12.48 बजे 179 ग्रामों की विद्युत व्यवस्था पूरी तरह बहाल कर ली गई। इस प्रकार पूरी रात आपूर्ति दुरूस्त करते हुए बीती। उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व होने के कारण रखरखाव कार्य की अपनी सीमाएं हैं,बाध्यताओं को देखते हुए टहनियों की कटाई-छंटाई हो पाती है। इसलिए प्रिवेंटिव मेंटेनेंस का कार्य कठिन होता है,लेकिन ब्रेकडाउन मेंटेनेंस की जरूरत को विद्युतकर्मियों ने जोखिम लेते हुए पूर्ण किया।
- -वन विभाग द्वारा चालू वर्ष के दौरान 4 करोड़ पौधे के वृक्षारोपण का लक्ष्य-वृहद वृक्षारोपण अभियान के लिए तैयारियां जोरों पररायपुर/ छत्तीसगढ़ में हरियाली को बढ़ाने एवं वन संवर्धन के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप तथा वन एवं जलवायु परितर्वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार वन विभाग द्वारा तैयारियां जोरों पर है। इसके तहत राज्य में वर्ष 2024 वर्षा ऋतु में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत वृहद पैमाने पर 03 करोड़ 93 लाख 28 हजार पौधों के रोपण एवं वितरण का कार्य किया जाएगा।प्रधान मुख्य वनसंरक्षक एवं वनबल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव ने बताया कि इसके तहत विभागीय योजनांतर्गत 3927 हेक्टेयर तथा 57 किलोमीटर में 38 लाख 68 हजार पौधे, मनरेगा योजना के अंतर्गत 11 किलोमीटर में 4 हजार 900 पौधे, कैम्पा मद के अंतर्गत 2251 हेक्टेयर में 19 लाख 18 हजार पौधे तथा अन्य योजनांतर्गत 238 हेक्टेयर में 8 लाख 63 हजार पौधों के रोपण से राज्य हरितिमा से आच्छादित होगा।उल्लेखनीय है कि इस वृहद वृक्षारोपण अंतर्गत 28 लाख 51 हजार फलदार पौधे, जिसमें आम, जामुन, बेल, कटहल, सीताफल, अनार, शहतूत, बादाम, बेर, तेंदू, गंगा ईमली आदि प्रजाति के पौधों का रोपण किया जाएगा, जिससे वनों में रहने वाले वन्यप्राणियों को सुलभता से आहार प्राप्त हो सके तथा वन्यप्राणी एवं मानव-द्वंद पर नियंत्रण किया जा सके। इसी क्रम में 49 लाख 36 हजार लघु वनोपज एवं वनौषधि पौधे जैसे पुत्राजीवा, काला सिरस, सिंदूरी, गरूड़, रीठा, चित्राक, एलोविरा, गिलोय, अडूसा, अश्वगंधा, सर्पगंधा, तुलसी, छोटा करोंदा आदि प्रजाति तथा 24 लाख 71 हजार बांस के पौधों का रोपण एवं वितरण किया जाएगा, जिससे वनों पर आश्रित आदिवासियों एवं आमजनों को इससे सुलभ रोजगार उपलब्ध हो सके।इसी तरह नदी तट रोपण के तहत विगत वर्षों की भांति आगामी वर्षाऋतु में भी प्रदेश की हसदेव, महानदी, कुशमाहा, सासू, तेतरिया, बाकी, बोडा झरिया, चनान, रेड़, कोखवा, कन्हर, बनास, जमाड़ नदियों के तटों पर 534 हेक्टेयर रकबा में लगभग 5 लाख 87 हजार पौधों का रोपण किया जाएगा, जो न सिर्फ मृदा कटाव को रोकेगा साथ ही छायादार, फलदार एवं अन्य बहुउद्देश्यों की पूर्ति भी भविष्य में स्थानीय नागरिकों की आवश्यकता के अनुरूप करेगा। वहीं प्रदेश के मार्गों के किनारे हरियाली को बढ़ाने की दृष्टि से सड़क किनारे वृक्षारोपण अंतर्गत 121 किलोमीटर लम्बाई में 72 हजार 100 पौधों का रोपण भी किया जाएगा। यह वृहद वृक्षारोपण न सिर्फ वनक्षेत्र के अंदर होंगे अपितु वनक्षेत्र के बाहर निजी एवं शासकीय भूमियों जैसे- आंगनबाड़ी, पुलिस चौंकी, उद्यान, अस्पताल, शमशान, शासकीय परिसर, आदि स्थानों में भी किया जाएगा।मुख्यमंत्री श्री साय तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री कश्यप के निर्देशों पर विभाग द्वारा अनूठी पहल करते हुए किसान वृक्ष मित्र योजना अंतर्गत हितग्राहियों के निजी भूमि पर वाणिज्यिक प्रजातियों के वृक्षारोपण, आई.टी.सी. आधारित पेपर मिल, सहयोगी संस्था, निजी कम्पनियों की सहभागिता की स्थिति में उक्त प्रजातियों के वृक्षों का वापस खरीद सुनिश्चित करना है। साथ ही चयनित प्रजातियों के लिए प्रति वर्ष न्यूनतम क्रय मूल्य का निर्धारण करते हुए उनकी आय में बढ़ोत्तरी करना, काष्ठ एवं प्लाईवुड आधारित उद्योगों को बढ़ावा देते हुए अतिरिक्त कर के रूप में शासन के राजस्व में वृद्धि लाना, रोजगार सृजन करना, वृक्षारोपण कार्य में सहयोगी संस्थाओं की सहभागिता से शासन के वित्तीय भार को कम करना है।राज्य में किसान वृक्ष मित्र योजनांतर्गत कुल 28921 कृषकों की निजी भूमियों पर 43423 एकड़ रकबा में 2 करोड़ 77 लाख 66 हजार 611 पौधों का रोपण किया जाएगा जिसमें से प्रदेश में 29051 एकड़ क्षेत्र में 2 लाख 30 क्लोनल नीलगिरी एवं 367 एकड़ क्षेत्र में 1 लाख 54 हजार 973 टिश्यू कल्चर बांस एवं 390 एकड़ 2 लाख 37 हजार 798 साधारण बांस, 4073 एकड़ में 9 लाख 82 हजार 207 टिश्यू कल्चर सागौन, 7944 एकड़ में 29 लाख 12 हजार 474 साधारण सागौन, 1090 एकड़ में 1 लाख 73 हजार 165 चन्दन पौधे, 385 एकड़ में 1 लाख 58 हजार 667 मिलिया डूबिया पौधों का रोपण किया जाएगा।वन एवं जलवायु परितर्वन मंत्री श्री केदार कश्यप द्वारा प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख, श्री व्ही. श्रीनिवास राव को वृक्षारोपणों के सतत् अनुश्रवण एवं मूल्यांकन के निर्देश दिए गए हैं। रोपित किये गये पौधों की सतत सुरक्षा कड़ाई से करने के निर्देश प्रसारित किये गये हैं तथा भविष्य में इन रोपणों का अंतरवृत्तीय मूल्यांकन किया जाकर आवश्यक कार्यवाही विभाग द्वारा की जाएगी।इस प्रकार वन विभाग विभिन्न संस्थानों, गैर सरकारी संगठनों, ग्राम पंचायतों, स्वयं सेवी संस्थानों, स्कूल एवं महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं, एवं गणमान्य नागरिकों के सामूहिक प्रयासों से आगामी वर्षाऋतु में हरियाली को बढ़ावा देने के लिए वृहद वृक्षारोपण प्रदेशभर में किया ही जाएगा, भविष्य में वन आधारित निजी जरूरतों की पूर्ति और वनोपज की बिक्री से अतिरिक्त आय का साधन भी प्रदेशभर के निवासियों को प्राप्त होगा।
- -पोर्टल के जरिए किसानों को सामयिक सलाह से बाजार उपलब्ध कराने तक मिलेगी सहायता-मास्टरों ट्रेनरों का हुआ प्रशिक्षणरायपुर /छत्तीसगढ़ में फसल आच्छादन का अब डिजिटल सर्वे होगा। सर्वे में किसानों की फसलों की सभी जानकारियां एग्री स्टैक पोर्टल में दर्ज होंगी। किसानों को फसल उत्पादकता के लिए जरूरी इनपुट जैसे फसल ऋण, विशेषज्ञो की सलाह से लेकर बाजार उपलब्ध कराने में भारत सरकार का एग्री स्टैक पोर्टल से मदद मिलेगी।कृषि विभाग दिल्ली से आये अधिकारियों ने नया रायपुर इंद्रावती भवन में राजस्व विभाग के मास्टर ट्रेनरों को डिजिटल क्रॉप सर्वे 2024 प्रशिक्षण देते हुए बताया कि जिओ रेफ्रेंसिंग तकनीक के माध्यम से इस वर्ष से डिजिटल क्रॉप सर्वे किया जाना है। डिजिटल सर्वे की जानकारी एग्री स्टैक पोर्टल में ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी।एग्री स्टैक पोर्टल में किसानों का पंजीयन होने के बाद उन्हें एक फार्मर आईडी दी जाएगी। इस पोर्टल में किसानों द्वारा लगाई गई फसल के साथ-साथ उन्हें आवश्यक खाद और पानी की मात्रा की भी जानकारी मिलेगी। इस पोर्टल के माध्यम से राज्य के किसानों को अब न केवल जमीन अपितु जमीन में लगाये फसल और उत्पादन के लिए आवश्यक बाज़ार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।संचालक भू-अभिलेख श्री रमेश शर्मा ने प्रशिक्षण में कहा कि इस पोर्टल के जरिए किसानों को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा। इस पोर्टल का उद्देश्य कृषि उत्पादकों (किसानों) और नीति निर्माताओं-केंद्र सरकार और राज्य सरकार को एक डिजिटल छतरी के नीचे लाना है।अपर आयुक्त भू-अभिलेख डॉ. संतोष देवांगन ने बताया कि इस प्रशिक्षण से राज्य के किसानों को लाभ मिलेगा। एग्री स्टेक में किसान का पंजीयन हो जाने से उन्हें जरूरत का खाद और बीज मिल सकेगा। इसके साथ ही किसानों को आवश्यकतानुसार बैंक ऋण लेने की भी सुविधा मिलेगी। प्रशिक्षण में सभी जिलों के भू-अभिलेख अधिकारी और भू-अभिलेख अधीक्षक शामिल हुए।
- -क्षतिग्रस्त वाहनों की बीमा क्लेम के लिए जनसुविधा केन्द्र स्थापितरायपुर, / बलौदाबाजार कलेक्टोरेट में सामान्य दिनों की तरह काम-काज फिर से शुरू हो गया है। सभी विभागों के अधिकारी आम दिनों की तरह ही अपने-अपने विभागों का काम-काज कर रहे हैं। जिला प्रशासन की पहल पर बलौदाबाजार स्थित कलेक्टर परिसर स्थित संयुक्त कार्यालय में गत दिनों हुई आगजनी और तोड़फोड़ की घटना में क्षतिग्रस्त वाहनों के बीमा क्लेम दिलाने के लिए जनसुविधा केन्द्र स्थापित किया गया है। इस केन्द्र में बीमा क्लेम प्राप्त करने के लिए कोई भी आम नागरिक और शासकीय अधिकारी-कर्मचारी जिनका स्वयं का वाहन इस घटना में क्षतिग्रस्त हुआ है, इस जन सुविधा केन्द्र में आवेदन जमा कर सकते हैं।नवनियुक्त कलेक्टर श्री दीपक सोनी ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा घटना में क्षतिग्रस्त हुए वाहन के स्वामियों को बीमा क्लेम दिलाने में सहयोग दिया जा रहा है, ताकि क्षतिग्रस्त वाहन स्वामियों को बीमा की राशि प्राप्त करने में आसानी हो। उन्होंने बताया कि जनसुविधा केन्द्र में बीमा क्लेम के लिए प्राप्त होने वाले आवेदनों का परीक्षण कर संबंधित बीमा कंपनियों को भेजा जाएगा, जिससे क्षतिग्रस्त वाहनों के स्वामियों को बीमा राशि मिल सके। उन्होंने बताया कि कलेक्टोरेट कार्यालय के कक्ष क्रमांक-07 में जनसुविधा केन्द्र स्थापित किया गया है। बीमा क्लेम प्राप्त करने के लिए वाहन मालिकों को आवश्यक दस्तावेज आवेदन के साथ जमा करना होगा। जनसुविधा केन्द्र के नोडल अधिकारी जिला कोषालय अधिकारी को नोडल अधिकारी और जिला परिवहन अधिकारी तथा लीड बैंक मैनेजर को सदस्य बनाया है।कलेक्टर श्री दीपक सोनी ने बताया कलेक्टोरेट में काम-काज सामान्य दिनों की तरह चालू हो गया है। सभी विभागों के अधिकारी अपने-अपने विभागों का काम-काज सुचारू रूप से कर रहे हैं। आम जनता की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने जिले के नागरिकों से अपील की है कि जिले में शांति, सदभाव बनाये रखने में जिला प्रशासन को सहयोग करें।
- -लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण के निर्देशरायपुर / बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के नवनियुक्त कलेक्टर ने सभी विभागों के अधिकारियों से कहा है कि आमजनता की सेवा के लिए अधिकारी-कर्मचारी तत्पर रहें। ग्रामीणों और आम नागरिकों को शासकीय योजनाओं का लाभ लेने के संबंध में आवेदन देने के लिए भटकना नहीं पड़े इसका विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि लोगों के आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई की जाए तथा उनकी समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया जाए। मैदानी स्तर पर निराकरण नहीं हो सकने वाले आवेदनों को तत्काल जिला स्तर पर विभागीय अधिकारियों के पास भेजा जाए।कलेक्टर श्री सोनी ने कहा है कि जिन क्षेत्रों में अधिक समस्याएं प्राप्त होंगी वहां अभियान चलाकर समस्याओं का निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि मौसमी बीमारी की रोकथाम पर विशेष ध्यान रखा जाए, पहले से एहतियात कदम उठाएं जाए। पेयजल स्त्रोतों का शुद्धिकरण कर लिया जाए। बरसात के पूर्व सभी नगरीय निकायों एवं ग्राम पंचायतों में नालियों की साफ-सफाई आदि के कार्य किए जाए। जिले के जिन-जिन क्षेत्रों में समस्या प्राप्त होगी वहां का भ्रमण कर समस्या का त्वरित निराकरण किया जायेगा। उन्होनें कहा कि सभी जिला अधिकारी मैदानी क्षेत्रों का सतत भ्रमण करे और अपने विभागीय योजनाओं से ग्रामीणजनों को लाभान्वित करना सुनिश्चित करें।बगैर अनुमति के मुख्यालय छोड़ने पर होगी कार्रवाईकलेक्टर श्री दीपक सोनी ने कहा है कि विभागों के मैदानी अमले मुख्यालय में रहकर कार्य करना सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी विभागों के जिला अधिकारियों को इस संबंध में सख्त दिशा-निर्देश देते हुए कहा है कि बगैर अनुमति के मुख्यालय से बाहर रहने वाले अधिकारी एवं कर्मचारी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- -बारहवीं में पढ़ रहे रायपुर प्रयास विद्यालय के 32 बच्चों ने किया है इस साल जेईई एडवांस्ड क्वालीफाई-पिछले पांच सालों में 51 बच्चों का आईआईटी और 94 बच्चों का एनआईटी में चयन-नामी कोचिंग संस्थानों को टक्कर दे रहा प्रयास विद्यालयरायपुर.। राजधानी रायपुर का प्रयास विद्यालय नामी कोचिंग संस्थानों को टक्कर दे रहा है। बारहवीं में पढ़ रहे यहां के 32 बच्चों ने जेईई (Joint Entrance Examination) एडवांस्ड क्वालीफाई कर देश की विभिन्न आईआईटी (Indian Institute of Technology) और समकक्ष राष्ट्रीय संस्थानों में प्रवेश के लिए पात्रता हासिल की है। देश के शीर्ष तकनीकी संस्थानों (आईआईटी एवं समकक्ष) में प्रवेश पाने वाले ज्यादातर विद्यार्थी बारहवीं के बाद एक-दो वर्ष की तैयारी वाले होते हैं। लेकिन प्रयास विद्यालय के 32 बच्चों ने बारहवीं की पढ़ाई के साथ-साथ ही देश के श्रेष्ठ एवं प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में प्रवेश का अपना लक्ष्य हासिल कर लिया है। राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली जेईई की कठिन प्रतियोगी परीक्षा में देशभर के लाखों बच्चे बैठते हैं।हाल ही में 9 जून को घोषित जेईई एडवांस्ड के नतीजों में रायपुर प्रयास विद्यालय के कुलदीप कुमार ने ऑल इंडिया केटेगरी रैंक 459 हासिल किया है। वहीं ओमप्रकाश नेताम को ऑल इंडिया केटेगरी रैंक 473 और रुद्राक्ष भगत को ऑल इंडिया केटेगरी रैंक 825 मिला है। ये तीनों बच्चे राज्य के सुदूर मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, कोंडागांव और सरगुजा के गरीब आदिवासी परिवारों से आते हैं। इनके साथ पढ़ने वाले त्रिलोक पैंकरा ने ऑल इंडिया केटेगरी रैंक 1123, लीलाधर ठाकुर ने 1174, पंकज रावटे ने 1592, गैंद लाल ने 1638, आदर्श राज पैंकरा ने 1661 और शुभम कश्यप ने 1801 ऑल इंडिया केटेगरी रैंक हासिल की है। ये सभी भी राज्य के सुदूर अधिसूचित विकासखंडों के कमजोर आर्थिक स्थिति वाले परिवारों के बच्चे हैं। प्रयास विद्यालय के शिक्षकों के कुशल मार्गदर्शन में इन बच्चों ने अपनी मेहनत और प्रतिभा से अपने सपनों को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाया है।रायपुर का प्रयास विद्यालय कक्षा नवमीं से बारहवीं तक की पढ़ाई के साथ ही होनहार आदिवासी नौनिहालों का आईआईटी, एनआईटी एवं समकक्ष श्रेष्ठ तकनीकी संस्थानों में पढ़ने का सपना पूरा कर रहा है। विगत अप्रैल में यहां के 64 बच्चों ने जेईई मेन्स (JEE Mains) क्वालीफाई कर जेईई एडवांस्ड के लिए पात्रता हासिल की थी जिनमें से 32 बच्चों ने अब जेईई एडवांस्ड भी क्वालीफाई कर लिया है। जेईई एडवांस्ड क्वालीफाई करने वाले बच्चे जहां देश की विभिन्न आईआईटी एवं समकक्ष संस्थानों में प्रवेश ले सकेंगे, वहीं जेईई मेन्स क्वालीफाई करने वाले बच्चे एनआईटी (National Institute of Technology) एवं समकक्ष संस्थानों में पढ़ने का अपना सपना पूरा करेंगे। राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली जेईई की कठिन प्रतियोगी परीक्षा क्वालीफाई कर पिछले पांच वर्षों में प्रयास विद्यालय रायपुर के 51 छात्रों ने देश की विभिन्न आईआईटी में प्रवेश प्राप्त किया है। वहीं राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (NITs) में 94 बच्चों का चयन हुआ है।रायपुर के सड्डू स्थित प्रयास विद्यालय में राज्य के वनांचल और दूरस्थ अधिसूचित क्षेत्रों के बच्चे पढ़ रहे हैं। कक्षा नवमीं से बारहवीं तक यहां करीब 700 बच्चे अध्ययनरत हैं। शिक्षण सत्र 2023-24 में गणित विषय (PCM) लेकर 166 छात्र पढ़ रहे थे। प्रयास विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती मंजुला तिवारी बताती हैं कि ग्यारहवीं और बारहवीं के बच्चों को यहां बोर्ड परीक्षाओं के साथ ही जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दृष्टिकोण से अध्यापन किया जाता है। स्कूल में ही दोनों तरह की पढ़ाई के कारण बच्चे बोर्ड परीक्षाओं के साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं में भी अच्छा प्रदर्शन करते हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों के बौद्धिक स्तर और कक्षा में प्रदर्शन के अनुसार अलग-अलग समूहों में बांटकर अध्ययन संबंधी उनकी समस्याओं को दूर किया जाता है। आईआईटी और एनआईटी जैसे संस्थानों के साथ ही प्रयास विद्यालय के बहुत से बच्चे हर साल अन्य इंजीनियरिंग कॉलेजों में भी चयनित होते हैं।
- -नूतन गुरूकुल का भूमिपूजन संपन्नरायपुर / गुरुकुल परंपरा, शिक्षा का एक प्राचीन भारतीय दर्शन रहा है, जो ज्ञान और चरित्र निर्माण पर केंद्रित हैं। गुरुकुल परंपरा का उद्देश्य केवल शैक्षणिक ज्ञान प्रदाय करना ही नहीं था, बल्कि छात्रों को आध्यात्मिक और नैतिक मूल्यों का भी शिक्षा देना था। गुरुकुल शिक्षा प्रणाली ने सदियों से ज्ञान का संरक्षण और प्रसार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह बात शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने आज महादेव घाट रोड स्थित मोतीपुर अमलीडीह में सहजानंद अंतरराष्ट्रीय गुरुकुल रायपुर छत्तीसगढ़ के नूतन गुरुकुल के भूमिपूजन के अवसर पर कही। श्री अग्रवाल ने नूतन गुरूकुल का भूमिपूजन कर परिसर में वृक्षारोपण किया।शिक्षा मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए हमे शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य करने की आवश्यकता है। जिसमें गुरुकुल परंपरा अहम भूमिका निभायेगी। भारत की गुरुकुल प्रणाली शिक्षा और संस्कृति का एक अनूठा संगम रहा हैं। जिसके कारण विश्व में भारत की एक अलग पहचान है। गुरुकुल परंपरा से ही संस्कार, संस्कृति, शिष्टाचार, समाजिक जागरुकता, मौलिक व्यक्तित्व, बौद्धिक विकास जैसे अमूल्य गुणों को अपनी आने वाली पीढ़ियों को विरासत में दे सकते हैं।शिक्षा मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ वासियों के लिए सौभाग्य की बात है कि भारत की इस दिव्य विरासत जीवित रखने के लिए यहां गुरुकुल की स्थापना की जा रही है। उन्होंने इस कार्य में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए शास्त्री श्री घनश्याम प्रकाश दासजी एवं श्री कृष्णवल्लभ दासजी के प्रति आभार प्रकट किया।
- रायपुर, / भारत सरकार के नीति आयोग की सलाहकार श्रीमती निधि छिब्बर ने आज मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ में बनाए जा रहे विजन डॉक्यूमेंट 2047 के संबंध में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली। राज्य नीति आयोग के अधिकारियों ने उन्हें विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के लिए लघु, मध्यम और दीर्घ अवधि के सुझाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की विशेष पहल पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के लिए छत्तीसगढ़ विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया जा रहा है। विजन डॉक्यूमेंट बनाने का दायित्व राज्य नीति आयोग को सौंपा गया है। राज्य नीति आयोग द्वारा पिछले लगभग एक माह से लगातार विषय विशेषज्ञों के साथ बैठकों का आयोजन कर विस्तृत विचार विमर्श किया जा रहा है। विशेषज्ञों के सुझाव को एकत्र किया जा रहा है। राज्य नीति आयोग द्वारा विजन डॉक्यूमेंट बनाने के लिए 8 वर्किंग ग्रुप बनाए गए हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर हाल में ही रायपुर के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैंनेजमेंट में सुशासन और विकसित छत्तीसगढ़ को लेकर देश के जाने माने विशेषज्ञों के साथ बौद्धिक विचार-विमर्श किया। छत्तीसगढ़ के परिस्थितियों के मद्देनजर विशेषज्ञों और छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्रिमंडल के सदस्यों के बीच विकसित छत्तीसगढ़ और सुशासन के लिए विचारों का आदान-प्रदान हुआ।बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने छत्तीसगढ़ के विजन डॉक्यूमेंट को लेकर राज्य के सभी विधायकों और मंत्रिगणों से भी अपने सुझाव देने का आग्रह किया है। यह भी बताया कि विजन डॉक्यूमेंट को लेकर नागरिकों और स्वयंसेवी संस्थाओं से सुझाव लेने की भी पहल की जाएगी। इसके लिए जनसंवाद का भी आयोजन करने की योजना है।बैठक में योजना आयोग और सांख्यिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद सहित राज्य नीति आयोग की सलाहकार संस्थाओं के प्रतिनिधि और राज्य नीति आयोग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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