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- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से स्वामित्व योजना के अंतर्गत सम्पत्ति कार्ड वितरित करने की योजना का शुभारंभ किया। इस योजना से ग्रामीण भारत में बड़ा बदलाव आएगा और करोड़ों लोग सशक्त होंगे। इस योजना में ग्रामीण इलाकों में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से सर्वेक्षण का कार्य किया जाएगा। यह केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जो इस वर्ष अप्रैल में शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में मकान मालिकों को उनके भवन के अधिकार का रिकॉर्ड उपलब्ध कराना और सम्पत्ति कार्ड जारी करना है।श्री मोदी ने कहा कि सम्पत्ति कार्ड प्राप्त करके ग्रामीण लोगों को अपने मकानों का कानूनी अधिकार प्राप्त हो जाएगा और उन्हें बैंकों से ऋण लेने तथा अन्य वित्तीय सुविधाओं को प्राप्त करने में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि इस पहल से सम्पत्तियों के अवैध कब्ज़ों को भी रोका जा सकेगा।प्रधानमंत्री ने उन लाखों लोगों को बधाई दी, जिन्होंने अपने मकानों के लिए सम्पत्ति कार्ड प्राप्त किए। श्री मोदी ने कहा कि यह कदम देश के गांवों के लिए ऐतिहासिक परिवर्तन लाएगा। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में देश ने एक और बड़ा कदम उठाया है। सम्पत्ति कार्ड की यह योजना गावों में रहने वालों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगी। श्री मोदी ने कहा कि गावों में ऐसे बहुत से युवा हैं, जो स्वयं बहुत कुछ करना चाहते हैं, परंतु उन्हें अपने मकान के आधार पर बैंकों से ऋण लेने में कई समस्याएं आती हैं। सम्पत्ति कार्ड को दिखा कर वे अब आसानी से बैंक ऋण प्राप्त कर सकते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने पिछले 6 वर्षों में गांवों के लिए जितना कार्य किया है वो पिछले 6 दशक में भी नहीं हुआ।श्री मोदी ने कहा कि आज देश के दो महान सपूतों भारत रत्न जयप्रकाश नारायण और भारत रत्न नानाजी देशमुख की जयंती पर इस तरह का बड़ा काम हो पाया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि विश्व के बहुत से विशेषज्ञ इस बात पर जोर देते हैं कि देश के विकास में घरों और जमीन के मालिकाना अधिकार बहुत बड़ी भूमिका अदा करते हैं। उन्होंने कहा कि जब सम्पत्ति का रिकॉर्ड होगा, तो नागरिकों में विश्वास भी बढ़ेगा और वे निवेश के नए अवसरों का लाभ उठाएंगे। श्री मोदी ने कहा कि पिछले छह वर्षों में देश में बहुत सी कमियों को दूर करने का लगातार काम किया गया है। आज देश में बिना किसी भेदभाव के सभी का विकास हो रहा है और लोग पूरी पारदर्शिता के साथ योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं।
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दिल्ली, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में फिलहाल नहीं खुलेंगे स्कूलों के गेट
यूपी में 19 अक्टूबर से कंटेनमेंट जोन के बाहर के स्कूलों को खोलने की इजाजत मिली
मेघालय, हरियाणा जैसे राज्य अभी तक नहीं ले पाए हैं फैसला, जल्दबाजी नहीं चाहते
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने 15 अक्टूबर से स्कूलों को फिर से खोलने की मंजूरी दे दी है। लेकिन दिल्ली, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों ने अभी स्कूलों को नहीं खोलने का फैसला किया है। वहीं, हरियाणा और मेघालय जैसे कुछ राज्य अभी इस बारे में कुछ तय नहीं कर पाए हैं। वे कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर हालात का आकलन कर रहे हैं। देशभर में नोवेल कोरोना वायरस की रोकथाम के मकसद से 16 मार्च को विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया गया था। केंद्र सरकार ने 25 मार्च से राष्ट्रीय स्तर पर लॉकडाउन की घोषणा की थी। सरकार ने आठ जून से 'अनलॉकÓ की शुरुआत के क्रम में विभिन्न चरणों में अनेक पाबंदियों में ढील देनी शुरू की, लेकिन शिक्षण संस्थानों को बंद रखा गया।
दिल्ली में बंद, यूपी में खुलेंगे स्कूल
ताजा गाइडलाइंस में कंटेनमेंट जोन के बाहर स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों को 15 अक्टूबर के बाद खोलने की अनुमति केंद्र के द्वारा दे दी गई है। संस्थानों को फिर से खोलने का अंतिम निर्णय राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों पर छोड़ा गया है। दिल्ली सरकार ने स्कूलों को यथावत 31 अक्टूबर तक बंद रखने का फैसला किया है। इसके बाद हालात की समीक्षा की जाएगी। उत्तर प्रदेश सरकार ने घोषणा की है कि कंटेनमेंट जोन के बाहर के स्कूल नौवीं से बारहवीं तक की कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए 19 अक्टूबर से फिर खोले जा सकेंगे। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि कक्षाएं पालियों में होंगी और भौतिक दूरी रखने तथा परिसरों की उचित साफ-सफाई रखने जैसे सभी आवश्यक प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। छात्रों को अपने माता-पिता या अभिभावकों की लिखित अनुमति जमा करने के बाद ही कक्षाओं में आने की इजाजत होगी।
कर्नाटक सरकार ने कहा, हमें कोई जल्दी नहीं
कर्नाटक सरकार ने कहा है कि उसे स्कूलों को फिर खोलने की कोई हड़बड़ी नहीं है और वह सभी पहलुओं का अध्ययन करने के बाद इस बारे में निर्णय लेगी। कर्नाटक के प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा मंत्री एस. सुरेश कुमार ने कहा, हमारी सरकार और शिक्षा विभाग को किसी भी परिस्थिति में स्कूलों को फिर खोलने की जल्दबाजी नहीं है। हमारे बच्चों की सेहत और सुरक्षा हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। छत्तीसगढ़ सरकार ने कहा है कि राज्य के स्कूल महामारी के मद्देनजर अगले आदेश तक बंद रहेंगे। महाराष्ट्र सरकार ने कहा है कि वह दीवाली के बाद कोविड-19 के हालात की समीक्षा करेगी और तब तक स्कूल बंद ही रहेंगे। -
नई दिल्ली। दिल्ली की एक लड़की को एक दिन के लिए भारत में ब्रिटेन की उच्चायुक्त बनने का मौका मिला। दिल्ली निवासी चैतन्या वेंकटेश्वरन को भारत में ब्रिटेन की वरिष्ठतम राजनयिक बनने का पिछले बुधवार को मौका मिला। चैतन्या वेंकटेश्वरन की उम्र केवल 18 साल है और इस प्रतियोगिता में 18 से 23 साल की युवतियां ही भाग ले सकती थी।
वेंकटेश्वरन को दुनियाभर की महिलाओं के सामने आने वाली चुनौतियों को रेखांकित करने और महिला सशक्तीकरण के लिए मिशन की पहल के तहत यह अवसर दिया गया। ब्रिटेन का उच्चायोग 2017 से हर साल 'एक दिन के लिए उच्चायुक्तÓ प्रतियोगिता आयोजित करता है, जिसमें 18 से 23 वर्ष की युवतियां भाग ले सकती हैं।
ब्रिटेन के उच्चायोग ने एक बयान में बताया कि 11 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर ब्रिटेन के मिशन द्वारा आयोजित वार्षिक प्रतियोगिता के तहत वेंकटेश्वरन चौथी युवती हैं, जो ब्रिटेन की उच्चायुक्त बनीं। उच्चायुक्त के रूप में वेंकटेश्वरन ने उच्चायुक्त के विभाग प्रमुखों को उनके काम सौंपे, वरिष्ठ महिला पुलिस अधिकारियों से बातचीत की, मीडिया से मुलाकात की और भारतीय महिला प्रतिभागियों पर ब्रिटिश काउंसिल स्टेम छात्रवृत्ति के असर का पता लगाने संबंधी अध्ययन की शुरुआत की।
वेंकटेश्वरन ने कहा कि मैं जब छोटी थी, तब नयी दिल्ली स्थित ब्रिटिश काउंसिल के पुस्तकालय जाया करती थी और तभी से मेरे अंदर सीखने की इच्छा पैदा हुई। एक दिन के लिए ब्रिटेन की उच्चायुक्त बनना एक सुनहरा अवसर है। भारत में ब्रिटेन के कार्यवाहक उच्चायुक्त जैन थॉम्पसन ने कहा कि यह प्रतियोगिता उन्हें बहुत पसंद है, जो असाधारण युवतियों को मंच मुहैया कराती है। प्रतियोगिता के तहत इस साल प्रतिभागियों से सोशल मीडिया पर एक मिनट का वीडियो डालने को कहा गया था, जिसमें उन्हें यह बताना था कि 'कोविड-19 संकट में लैंगिक समानता के लिए क्या वैश्विक चुनौतियां और अवसर हैं? -
बिजनौर। उत्तर प्रदेश के बिजनौर में बड़ा सड़क हादसा हुआ है। तहसीलदार की सरकारी गाड़ी नहर में गिर गई। हादसे में तहसीलदार समेत तीन लोगों की मौत हो गई। तीनों के शव निकाल लिए गए हैं। एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह ने घटना की पुष्टि की है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बिजनौर के नजीबाबाद की सरवनपुर नहर में देर रात रुड़की की तहसीलदार की सरकारी गाड़ी गिर गई। तहसीलदार सुनैना राणा अपने अर्दली ओमपाल और ड्राइवर सुंदर सिंह के साथ नैनीताल से रुड़की वापस हो रही थी। नजीबाबाद से 4 किलोमीटर पहले नहर पुलिया की रेलिंग को तोड़कर गाड़ी नहर में गिर गई। घटना के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। जिलाधिकारी रमाकांत पांडेय, एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह, एसडीएम बृजेश कुमार सिंह, सीओ प्रवीण कुमार सिंह घटनास्थल पर पहुंचे। काफी तलाश के बाद तीनों शवों को निकाला गया। वहीं, के्रन द्वारा कार को नहर से बाहर निकाला। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
हादसे में तहसीलदार समेत तीन लोगों की मौत पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने दुख जताते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की है। साथ ही तहसीलदार सुनैना राणा समेत अन्य मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी सांत्वना व्यक्त की है। -
नई दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली के मोती नगर इलाके में भीषण दुर्घटना की खबर आई है। यह सड़क हादसा इतना खतरनाक था कि 3 लोगों की मौत हो गई और एक गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है। मृतकों की पहचान राजेश शर्मा (32), तरुण गुप्ता (42) और चरणदीप सिंह (38) के नाम पर हुई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेजा गया है। मामले की जांच चल रही है।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक यह दुर्घटना कीर्ति नगर मेट्रो स्टेशन के पास बीती रात लगभग डेढ़ बजे हुई। पुलिस ने बताया कि मोती नगर के आचार्य श्रीभिक्षु अस्पताल से सूचना मिली कि राजेश शर्मा (32), तरुण गुप्ता (42) और चरणदीप सिंह (38) को अस्पताल लाया गया लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी। हादसे में जान गंवाने वाले लोग पांडव नगर के रहने वाले थे। वहीं, झिलमिल निवासी प्रवीण सिंह (38) का उपचार चल रहा है लेकिन वह बयान देने की हालत में नहीं है। उन्होंने बताया कि दुर्घटना शादीपुर फ्लाईओवर पर मोती नगर से पटेल नगर जाने वाले रास्ते पर हुई। पुलिस ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए डीडीयू अस्पताल भेजा गया है। मामले की जांच चल रही है। साथ दिल्ली पुलिस ने मृतकों के परिजनों को सूचित कर दी है। दिल्ली पुलिस देर रात हुये हादसा की सीसीटीवी फुटेज खंगाल कर जांच में जुटी है।
- पटना। कोविड-19 को देखते हुए बिहार विधानसभा चुनाव में बड़ी संख्या में मतदाताओं को डाक मत पत्रों के जरिये मताधिकार का इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई है।80 वर्ष से अधिक आयु के मतदाता डाक मत पत्र से अपना वोट दे सकेंगे। मधुमेह और कोविड रोगियों को भी यह सुविधा प्रदान की गई है। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि 10 लाख 85 हजार से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को डाक मत पत्र से वोट देने की सुविधा प्रदान की गई है।
- नई दिल्ली। कोरोना वायरस के टीके पर काम कर रही कंपनी भारत बायोटेक से कहा गया है कि वह तीसरे चरण का परीक्षण शुरू करने से पहले अपने दूसरे चरण की जांच से संबंधित विभिन्न आंकड़े पेश करे। कंपनी ने तीसरे चरण के परीक्षण के लिए भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) से अनुमति मांगी है।भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के सहयोग से भारत बायोटेक कोवाक्सिन टीका स्वदेशी रूप से विकसित कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, हैदराबाद स्थित टीका निर्माता ने दो अक्टूबर को डीसीजीआई को आवेदन देकर अपने टीके के तीसरे चरण के लिए परीक्षण की अनुमति मांगी। कंपनी ने अपने आवेदन में कहा है कि इस अध्ययन में 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के 28 हजार 500 लोगों को शामिल किया जाएगा और यह परीक्षण 10 राज्यों के 19 स्थानों पर किया जाएगा। इन स्थानों में दिल्ली, मुंबई, पटना और लखनऊ शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, 'कोवाक्सिन टीका के दूसरे चरण का परीक्षण चल रहा है और कुछ स्थानों पर स्वयंसेवियों को दूसरी खुराक अभी नहीं दी गई है। एक अधिकारी ने बताया कि कंपनी ने पहले और दूसरे चरण के नैदानिक परीक्षणों के अंतरिम आंकड़ों के साथ तीसरे चरण के परीक्षण के लिए प्रोटोकॉल पेश किया। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की विशेषज्ञ समिति (एसईसीएस) ने पांच अक्टूबर को आवेदन पर विचार-विमर्श किया। समिति ने विस्तृत विचार-विमर्श के बाद कहा कि तीसरे चरण के अध्ययन का डिजाइन सिद्धांत रूप में संतोषजनक है, सिवाय बिना लक्षण वाले की परिभाषा पर स्पष्टीकरण आदि के।समिति ने अपनी सिफारिशों में कहा है कि दूसरे चरण के परीक्षण के सुरक्षा और प्रतिरक्षा संबंधी आंकड़ों के आधार पर पहचानी गई उचित खुराक के साथ अध्ययन शुरू किया जाना चाहिए। इस प्रकार कंपनी को ऐसे संबंधित आंकड़े पेश करने चाहिए। एक स्रोत ने कहा कि समिति ने अपनी चर्चा के दौरान यह भी गौर किया कि सभी समूहों ने टीका की खुराक को अच्छी तरह से सहन किया और अब तक कोई गंभीर प्रतिकूल घटना सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि आम तौर पर इंजेक्शन लगाए जाने के स्थान पर दर्द की शिकायत सामने आई जिसका हल कर लिया गया।---
- नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के हाथरस में 19 वर्षीय से कथित सामूहिक दुष्कर्म और उसकी मृत्यु के मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो-सीबीआई से कराने की अधिसूचना जारी कर दी है।अधिकारियों ने बताया है कि अधिसूचना प्रमुख जांच एजेंसी की उपयुक्त शाखा को सौंप दी गई है और जांच दल प्राथमिकी दर्ज होने के बाद शीघ्र फोरेंसिक विशेषज्ञों के दल के साथ अपराध स्थल पर पहुंचेगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस मामले की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की थी।-----
- नई दिल्ली। गृह मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दुष्कर्म मामले में घटना की रिपोर्ट के दो महीने के अंदर जांच पूरी करने को कहा है।मंत्रालय ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में अनिवार्य कदम उठाने में पुलिस की विफलता की जांच की जाएगी और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। गृह मंत्रालय ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को जारी नये परामर्श में यौन अपराधों में मामले की जांच पर नजर रखने को भी कहा है ताकि आरोप पत्र पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।गृह मंत्रालय ने कहा कि आपराधिक दंड संहिता के अंतर्गत संज्ञेय अपराधों के मामले में एफआईआर अनिवार्य रूप से दर्ज होनी चाहिए। मंत्रालय ने कहा कि पुलिस थाने के कार्यक्षेत्र से बाहर संज्ञेय अपराध घटित होने की सूचना मिलने पर भी कानून पुलिस को एफआईआर या जीरो एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देता है। महिलाओं के खिलाफ यौन उत्पीडऩ के अपराध भी ऐसे संज्ञेय अपराधों में आते हैं।---
- गुना। मध्यप्रदेश में गुना जिला मुख्यालय से लगभग 75 किलोमीअर दूर चाचौड़ा थानाक्षेत्र में आगरा-मुम्बई राजमार्ग पर बीनागंज के पास शनिवार सुबह तेज रफ्तार एक कार पलटने से तीन महिला यात्रियों की मौत हो गई और उसे चला रही 40 वर्षीय एक महिला गंभीर रुप घायल हो गई। चाचौड़ा थाने के प्रभारी निरीक्षक राकेश गुप्ता ने बताया कि चारों महिलाएं दिल्ली से तीर्थाटन पर पहले उज्जैन आयी थीं और फिर वे खंडवा जिले में तीर्थस्थल ओंकारेश्वर के दर्शन करने के बाद शनिवार को अपनी कार से दिल्ली वापस जा रही थीं। तभी उनकी कार सुबह को आगरा-मुम्बई राजमार्ग पर बीनागंज के पास पलट गयी। उन्होंने बताया कि हादसे में एक महिला की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी। जबकि हादसे में गंभीर रुप से घायल हुई एक महिला ने गुना के जिला अस्पताल में दम तोड़ा। एक अन्य महिला ने ग्वालियर ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। गुप्ता ने बताया कि मृतक महिलाओं के पहचान दिल्ली की रहने वाली संतोष कुमारी (48), गायत्री देवी (42) और पूनम भारती (40) के तौर की गयी है। गंभीर रुप से घायल बिंदु शर्मा (40) को उपचार के लिये ग्वालियर भेजा गया है। गुप्ता के अनुसार कार में चारों महिलाएं ही सवार थी और कार बिंदु शर्मा चला रही थी। उन्होंने बताया कि इन महिलाओं के परिजन को सूचना दे दी गयी है। उनके परिजन दिल्ली से गुना के लिये रवाना हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस मामला दर्ज कर विस्तृत जांच कर रही है।
- गोपेश्वर,। उत्तराखंड में सिखों के प्रसिद्ध धर्मस्थल हेमकुंड साहिब का द्वार शनिवार 10 अक्टूबर को श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया।गुरुद्वारे का द्वार श्रद्धालुओं के लिए शीतकाल में बंद ही रहता है क्योंकि यहां बर्फबारी होती है। हेमकुंड प्रबंधन न्यास के मुख्य प्रबंधक सेवा सिंह ने बताया कि अरदास के बाद दोपहर में गुरुद्वारे का द्वार बंद कर दिया गया। इस दौरान वहां 1,350 श्रद्धालु मौजूद थे। उन्होंने बताया कि गुरुद्वारे में इस साल का अंतिम अरदास दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर हुआ। श्री सिंह ने बताया कि कोविड-19 महामारी की वजह से इस साल विलंब से गुरुद्वारे का द्वार श्रद्धालुओं के लिए चार सितंबर को खुला था और 36 दिन की अवधि में यहां 8,500 श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। पिछले साल यहां 2.39 लाख श्रद्धालु आए थे।----
- नई दिल्ली। केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज यहां इस बात की जानकारी दी कि अब तक भारत के 23 राज्यों 8 केंद्र शासित प्रदेशों में नौकरियों के लिए साक्षात्कार की प्रक्रिया समाप्त कर दी गयी है। उन्होंने कहा कि यह 2016 के बाद से केंद्र सरकार में ग्रुप-बी (गैर-राजपत्रित) और समूह - सी के पदों के लिए साक्षात्कार को समाप्त करने के निर्णय का एक अनुवर्ती कदम है।कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) द्वारा किये गये कुछ महत्वपूर्ण सुधारों के बारे में संक्षिप्त जानकारी देते हुए, डॉ. जितेंद्र सिंह ने याद दिलाया कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त 2015 को लाल किले की प्राचीर से बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने साक्षात्कार की प्रक्रिया को समाप्त करने और नौकरी के लिए चयन पूरी तरह से लिखित परीक्षा के आधार पर करने का सुझाव दिया था क्योंकि जब भी किसी उम्मीदवार को साक्षात्कार का बुलावा आता था, तो उसका पूरा परिवार आशंका और चिंता से परेशान हो जाता था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की सलाह पर त्वरित रूप से अमल करते हुए डीओपीटी ने तेजी से काम किया और तीन महीने के भीतर 1 जनवरी, 2016 से केंद्र सरकार में भर्ती के लिए साक्षात्कार की प्रक्रिया की समाप्ति की घोषणा करने की संपूर्ण प्रक्रिया पूरी कर ली।डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि हालांकि जहां महाराष्ट्र और गुजरात जैसे कुछ राज्यों ने इस नियम को लागू करने में तेजी दिखायी, वहीँ कुछ राज्य ऐसे भी थे जो नौकरियों के लिए साक्षात्कार प्रक्रिया के आयोजन को समाप्त करने के लिए बेहद अनिच्छुक थे। उन्होंने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि कुछ राज्य सरकारों को काफी समझाने और बार-बार याद दिलाने के बाद, आज जम्मू एवं कश्मीर और लद्दाख सहित भारत के सभी 8 केंद्र शासित प्रदेशों और देश के 28 राज्यों में से 23 में साक्षात्कार आयोजित करने की प्रथा बंद कर दी गई है।डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि अतीत में कुछ पसंदीदा उम्मीदवारों की मदद के लिए साक्षात्कार में अंकों के बारे में शिकायतें, आपत्तियां और आरोप दर्ज कराये गये थे। साक्षात्कार की समाप्ति और चयन के लिए केवल लिखित परीक्षा के अंकों को योग्यता के पैमाने के रूप में देखते हुए, उन्होंने कहा कि यह कदम सभी उम्मीदवारों के लिए समान अवसर प्रदान करता है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि इस कदम की वजह से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित होने के अलावा कई राज्यों से सरकारी खजाने में भारी बचत की सूचना भी मिली है क्योंकि उम्मीदवारों, जिनकी संख्या अक्सर हजारों में होती थी, साक्षात्कार के आयोजन में काफी खर्च किया जाता था और साक्षात्कार की यह प्रक्रिया कई दिनों तक जारी रहती थी।यहां यह उल्लेख करना जरुरी है कि पहले अक्सर कुछ संदिग्ध अभ्यर्थियों की मदद करने के लिए अभ्यर्थियों के साक्षात्कार के अंकों को कम करके लिखित परीक्षा की मेरिट से छेड़छाड़ किए जाने की शिकायतें आती थीं। पैसे के एवज में नौकरी या साक्षात्कार के अंकों में हेरफेर कर नौकरी हासिल करने के लिए भारी राशि का भुगतान करने के आरोप भी लगाए गए थे।
- नई दिल्ली। केन्द्र ने महिलाओं की सुरक्षा और उनके खिलाफ अपराधों से निपटने के बारे में राज्यों को एक नये परामर्श जारी किये हैं और कहा है कि पुलिस द्वारा निर्धारित नियमों का पालन न कर पाना देश की न्याय प्रणाली के लिए अच्छी नहीं है।गृह मंत्रालय द्वारा जारी इस परामर्श में कहा गया है कि किसी भी संज्ञेय अपराध में दण्ड प्रक्रिया संहिता-सी.आर.पी.सी. के तहत अनिवार्य रूप से प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की जानी चाहिए। परामर्श के अनुसार कानून में पुलिस थाने के अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर हुए किसी अपराध के सिलसिले में जीरो एफआईआर दायर करने का भी अधिकार दिया गया है। महिलाओं से यौन दुष्कर्म सहित किसी भी संज्ञेय अपराध के होने की सूचना मिलने पर पुलिस के लिए प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करना आवश्यक है।मंत्रालय ने कहा है कि कानून के प्रावधानों को कड़ा करने और क्षमता बढाने के उपायों के बाद भी पुलिस द्वारा अनिवार्य नियमों का पालन न किया जाना देश की आपराधिक न्याय प्रक्रिया के लिए उचित नहीं है। परामर्श में कहा गया है कि नियमों के पालन में कोई चूक नजर आने पर इसकी जांच की जानी चाहिए और इसके लिए उत्तरदायी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
- हैदराबाद। बच्चों में सीखने की क्षमता बहुत अधिक होती है, लेकिन हैदराबाद का एक बच्चे ने तो 1 साल 9 महीने में ही कमाल कर दिया है। अपनी अनोखी याददाश्त की बतौलत इस बच्चे ने 5 रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए हैं और ये ऐसे वैसे रिकॉर्ड नहीं हैं बल्कि बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' , इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' , तेलुगु बुक ऑफ रिकॉर्ड्स' और दो अन्य नेशनल रिकॉर्ड्स' हैं।एक साल नौ महीने के आदिथ विश्नाथ गौरीशेट्टी ने तेज दिमाग के बल पर दुनिया भर में अपना नाम कर लिया है। एक दिन जब आदिथ की मां ने उनसे कुछ सवाल किए तो आदिथ ने उसका बिल्कुल सही जवाब दे दिया। इसके बाद आदिथ के माता पिता उसे कई अलग अलग तरह की जानकारी देने लगे। इसमें रंगों, जानवरों के नाम, झंडे, फलों, आकृतियों और इलेक्ट्रॉनिक घरेलू उपकरणों की जानकारी शामिल थीं। देखते ही देखते आदिथ को सब याद हो गया।आदिथ की मां स्नेहित के अनुसार आदिथ को अब लोग उसके नाम से जानते हैं। उसे अब केवल स्थानीय लोग ही नहीं दूर दराज के लोग भी पहचानने लगे हैं। जब उनकी उम्र के बच्चे नर्सरी क्लास में राइम सीखने में व्यस्त या लोरी सुन रहे हैं, तो आदिथ रंगों, जानवरों, झंडे, फलों, आकृतियों और इलेक्ट्रॉनिक घरेलू उपकरणों की विविध छवियों की पहचान कर सकता है। स्नेहिता ने कहा कि आदित देवताओं, कार के लोगो, रंगों, इंग्लिश एल्फाबेट्स, घरेलू जानवरों, जंगली जानवरों, शरीर के अंगों, झंडों, फलों, घरेलू उपकरणों को पहचानने में सक्षम है। उन्होंने एक वाकिये के बारे में बात करते हुए कहा कि आदित सिर्फ एक बार ही कुछ देखकर उसे याद रखता है। स्नेहिता ने कहा कि एक बार उन्होंने आदित को भारत का झंडा दिखाया था। इसके बाद टीवी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्पीच के दौरान उसने भारत के झंडे को देखकर सैल्यूट किया। इस वाकिये के बाद हमें लगा कि आदित के पास खास क्वालिटी है। इसके बाद आदित को हमने अलग-अलग देशों के राष्ट्रीय झंड़ों के बारे में बताया और हमने देखा कि वह हमेशा के लिए सब याद रखता है।----
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अलीगढ़। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में यमुना एक्सप्रेस-वे के 56 पॉइंट पर शनिवार सुबह इटावा से दिल्ली जा रही बस अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में 3 यात्रियों की मौत हो गई है, वहीं, 5 यात्री घायल हो गए हैं। घायलों को टप्पल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। सूचना मिलने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी दुख जताया और अधिकारियों को हरसंभव मदद करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस मौके पर पहुंच गई है और तीनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।
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नई दिल्ली। विशेषज्ञों का दावा है कि वायु प्रदूषण के स्तर में 20 प्रतिशत की कमी से स्कूल जाने वाले बच्चों की शिक्षा में वृद्धि हो सकती है और उन्हें लगभग एक महीने तक आगे देखा जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार अगर बाहर वातावरण में प्रदूषण कम होता है, तो बच्चों के याददाश्त में बढ़ोतरी देखी जा सकती है।
इंग्लैंड की मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी के अनुसार वाहनों से होने वाले प्रदूषण खासकर नाइट्रोजन डाइऑक्साइड के पांचवें भाग में कटौती करना जरूरी है। ऐसा करने से स्कूली छात्रों की याददाश्त में 6.1 फीसदी की वृद्धि हो सकती है। यह रिसर्च नाइट्रोजन डाइऑक्साइड के बारे में है, जो मुख्य रूप से इंडस्ट्री या गाडिय़ों के धुएं से उत्पन्न होती है।
मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी के पर्यावरण स्वास्थ्य विशेषज्ञ मार्टी वैन ने कहा कि इस बात के पर्याप्त सबूत हैं कि प्रदूषण से बच्चे के ज्ञान का विकास प्रभावित होता है। इससे उनकी शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव भी पड़ता है। इस चुनौती से तत्काल निपटने के लिए सरकार को नीति निर्धारित करनी चाहिए। प्रदूषण से बच्चे का दिमागी विकास प्रभावित हो सकता है। हालांकि शोधकर्ताओं ने विशेष रूप से ब्रिटिश बच्चों की क्षमताओं का परीक्षण नहीं किया है लेकिन यह स्पेन में बच्चों पर हुई स्टडी पर आधारित है जहां स्कूल के बाहर बच्चे उच्च स्तर के प्रदूषकों के सम्पर्क में आ रहे थे।
स्पेनिश स्टडी के सबूतों से ज्ञात हुआ कि प्रदूषण लेवल में 20 फीसदी की कमी से बच्चों की याददाश्त चार सप्ताह तेज हो सकती है। वायु प्रदूषण चिंता का कारण बन गया है क्योंकि अधिक से अधिक शोध साबित करते हैं कि यह सांस संबंधी बीमारियों का कारण है। इससे ज्ञान में कमी, आईक्यू लेवल में कमी या बर्ताव में बदलाव नजर आ सकता है। गर्भावस्था के दौरान वायु प्रदूषण से गर्भवती महिला के गर्भ में पल रहे बच्चे के विकास पर गहरा प्रभाव डाल सकते हैं। यह एक गंभीर समस्या बनती जा रही है जिस पर सोचने की जरूरत है। - नई दिल्ली। भारत में पिछले 24 घंटे में कोविड-19 के 73 हजार 272 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 69 लाख 79 हजार 423 हो गए जबकि 926 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 1लाख 7 हजार 416 हो गई।अब तक 59 लाख 88 हजार 822 लोग संक्रमणमुक्त हो चुके हैं और संक्रमण के बाद स्वस्थ हुए लोगों की दर बढ़कर 85.81 प्रतिशत हो गई है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शनिवार सुबह आठ बजे जारी अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, देश में पिछले 24 घंटे में 926 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 1 लाख 7 हजार 416 हो गई है। देश में लगातार दूसरे दिन कोरोना वायरस से संक्रमित उपचाराधीन मरीजों की संख्या नौ लाख से कम रही। आंकड़ों के अनुसार, देश में 8 लाख 83 हजार 185 लोग उपचाराधीन हैं, जो कुल मामलों का 12.65 प्रतिशत है।देश में कोविड-19 से मृत्यु दर 1.54 प्रतिशत है। भारत में कोविड-19 के मामले सात अगस्त को 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख, पांच सितम्बर को 40 लाख, 16 सितम्बर को 50 लाख और 28 सितम्बर को 60 लाख के पार चले गए थे। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार, देश में नौ अक्टूबर तक कोविड-19 के 8,57,98,698 नमूनों की जांच की गई है, जिनमें से 11 लाख 64 हजार 18 नमूनों की जांच शुक्रवार को की गई।पिछले 24 घंटे में जिन 926 लोगों की मौत हुई है, उनमें से महाराष्ट्र में 302, कर्नाटक में 114, तमिलनाडु में 68, पश्चिम बंगाल में 62, उत्तर प्रदेश में 48, दिल्ली में 39, छत्तीसगढ़ में 38, पंजाब में 32 और आंध्र प्रदेश में 31 लोगों की मौत हुई।अब तक, कुल 1 लाख 7 हजार 416 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से महाराष्ट्र में 39 हजार 732, तमिलनाडु में 10 हजार 120, कर्नाटक में 9 हजार 789, उत्तर प्रदेश में 6 हजार 293, आंध्र प्रदेश में 6 हजार 159, दिल्ली में 5 हजार 692, पश्चिम बंगाल में 5 हजार 501, पंजाब में 3 हजार 773 और गुजरात में 3 हजार 547 लोगों की मौत हुई। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि संक्रमण से मरने वालों में से 70 प्रतिशत से अधिक मरीज दूसरी बीमारियों से भी पीडि़त थे। मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर कहा, हमारे आंकड़ों का मिलान आईसीएमआर से किया जा रहा है।Ó
- नई दिल्ली। देश में सभी राज्यों में इस वर्ष धान की खरीद में 48 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। कृषि मंत्रालय ने बताया कि पिछले वर्ष 17 लाख 70 हजार टन धान की खरीद हुई थी जबकि इस वर्ष 26 लाख टन से अधिक धान की खरीद हो चुकी है।मंत्रालय के अनुसार जारी खरीफ मौसम में पंजाब में धान की अभूतपूर्व खरीद हुई है। पिछले वर्ष राज्य में एक लाख 76 हजार टन धान खरीदा गया था जबकि इस साल यह खरीद लगभग 16 लाख टन है जो पिछले वर्ष की तुलना में 9 सौ प्रतिशत से अधिक है। कृषि मंत्रालय ने बताया कि तमिलनाडु में पिछले वर्ष के 320 टन की तुलना में इस वर्ष 517 टन धान की खरीद हो चुकी है। इसी प्रकार उत्तर प्रदेश में 2020-21 के खरीफ मौसम में 423 टन धान की खरीद हो चुकी है जबकि पिछले वर्ष 8 अक्टूबर को यह केवल 92 टन थी। मंत्रालय ने बताया है कि इन दोनों राज्यों में धान की खरीद में जबरदस्त वृद्धि हुई है।
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पुणे। त्रिपुरा-कैडर के एक 35 वर्षीय आईएएस अधिकारी सुधाकर शिंदे की शुक्रवार को कोरोना संक्रमण से मौत हो गई। पुणे के रूबी अस्पताल के डॉ. संजय पठारे ने कहा कि यहां भर्ती किए जाने से पहले उनकी मौत हो चुकी थी। वे कोरोना पॉजिटिव थे। डॉ. पठारे के बताया कि सेंट्रल महाराष्ट्र के औरंगाबाद के एक अस्पताल में इलाज करा रहे आईएएस अधिकारी को पुणे स्थानांतरित कर दिया गया था। यहां शुक्रवार दोपहर को रूबी हॉल क्लीनिक पहुंचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। 2015 बैच के आईएएस अधिकारी महाराष्ट्र से थे। हाल ही में अपने घर परभनी जिले में लौटे थे। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने ट्विटर के जरिए अधिकारी की मौत पर शोक व्यक्त किया।

- बलरामपुर (उप्र)। बलरामपुर जिले के हरैया थाना क्षेत्र के उदयपुर मझगांवा गांव में शुक्रवार को मुंडन समारोह के दौरान एक हाई टेंशन तार की चपेट में आने से 14 बच्चे झुलस गए।घायलों में से तीन को गंभीर स्थिति में जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने बताया कि घटना तब हुई जब सभी बच्चे अर्जुन वर्मा के घर में एकत्र हुए थे जहां मुंडन समारोह आयोजित किया गया था। इस दौरान, वर्मा के आवास पर हाई टेंशन तार टूटकर जमीन पर गिर गया और करंट उतर आया।करंट उतरने से 14 बच्चे झुलस गये जिन्हें शिवपुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर सूरज (12), शोभाराम (14) और अमरजीत (12) को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी के करुणेश समेत आला अधिकारी अस्पताल पहुंचे और बच्चों की देखभाल एवं इलाज की उचित व्यवस्था के निर्देश दिए। (प्रतिकात्मक फोटो)
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ग्रामीण भारत में आमूल परिवर्तन लाने और करोड़ों भारतीयों को अधिकार संपन्न बनाने के लिए रविवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये प्रोपर्टी कार्ड वितरित करने की स्वामित्व योजना का शुभारंभ करेंगे। इस वर्ष अप्रैल में शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य गांवों के संपत्ति धारकों को उनके मालिकाना हक के रिकॉर्ड के रूप में संपत्ति कार्ड उपलब्ध कराना है। देशभर में चार साल में चरणबद्ध तरीके से इसे लागू किया जा रहा है और करीब छह लाख 62 हजार गांवों को इसके दायरे में लाया जायेगा।स्वामित्व योजना पर अमल से करीब एक लाख संपत्ति धारक अपने मोबाइल पर प्राप्त हुए एस.एम.एस. लिंक के जरिये संपत्ति कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे। इसके बाद संबंधित राज्य सरकारें भी छपा हुआ संपत्ति कार्ड लोगों को वितरित करेंगीं। इस योजना के इस चरण के लाभार्थी देश के छह राज्यों के 763 गांवों से हैं। इनमें उत्तर प्रदेश के 346, हरियाणा के 221, महाराष्ट्र के एक सौ, मध्य प्रदेश के 44, उत्तराखंड के 50 और कर्नाटक के दो गांव शामिल हैं। संपत्ति कार्ड मिल जाने पर ये लोग इनका उपयोग वित्?तीय संपत्ति के रूप में ऋण लेने और अन्य आर्थिक फायदे उठाने के लिए कर सकेंगे। देश में पहली बार गांवों के लाखों संपत्ति धारकों को टेक्नॉलोजी के माध्यम से इस तरह की सुविधा इतने बड़े पैमाने पर उपलब्ध कराई जा रही है। प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम के दौरान कुछ लाभार्थियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बातचीत भी करेंगे।
- नई दिल्ली। देश में कोविड-19 से स्वस्थ होने की दर 85.52 प्रतिशत हो गई है। पिछले 24 घंटों के दौरान करीब 78 हजार रोगी इस संक्रमण से ठीक हो गए हैं।स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि अब तक कुल 59 लाख से अधिक लोग स्वस्थ हुए हैं। मंत्रालय ने बताया है कि कोरोना संक्रमण से स्वस्थ होने की दर बढने से संक्रमित लोगों की दर 12.94 प्रतिशत रह गई है।वर्तमान में देश में सक्रिय मामलों की संख्या दस लाख से भी कम हैं। टेस्ट, ट्रैक और ट्रीट नीति के प्रभावी रूप से लागू करने से स्वस्थ होने की दर में वृद्धि हुई है और मृत्यु दर कम हुई है। देश में मृत्यु दर एक दशमलव पांच-चार प्रतिशत है। कुल संक्रमित लोगों की संख्या 69 लाख 6 हजार 152 हो गई है। पिछले 24 घंटों के दौरान 964 मरीजों की इस वायरस से मौत होने से अब तक एक लाख 6490 रोगियों की इस संक्रमण से मृत्यु हो चुकी है।----
- सहारनपुर। उतर प्रदेश के सहारनपुर जिले मे थाना नकुड़ के अन्तर्गत शुक्रवार को दिनदहाड़े गांव मे निजी प्रैक्टिस करने वाले एक चिकित्सक की अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने यह जानकारी दी।पुलिस अधीक्षक (नगर) विनीत भटनागर ने बताया कि जिले के थाना नकुड़ के अन्तर्गत ग्राम सहसपुर मे निजी प्रैक्टिस करने वाले डॉ. अंकित (26) आज किसी मरीज को देखने उसके घर जा रहा था तभी उनके क्लीनिक से कुछ दूरी पर ही पहले से ही घात लगाये बैठे बाइक सवार दो युवकों ने उसे गोली मार दी और फरार हो गये। उन्होंने बताया कि गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण वहां एकत्र हो गये। सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और अंकित को तुरन्त ही अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एसपी ने बताया कि अंकित पिछले छह साल से गांव में ही निजी प्रैक्टिस करता था। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिये भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।----
- बेंगलुरू। कैब सेवाएं देने वाली कंपनी उबर ने पांच शहरों दिल्ली एनसीआर, मुंबई, बेंगलुरू, हैदराबाद और पुणे में एक हजार से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन उतारने के लिये लिथियम अर्बन टेक्नोलॉजीज के साथ साझेदारी करने की घोषणा की है।उबर ने गुरुवार को कहा कि इन वाहनों को उबर रेंटल्स और प्रीमियर सेवाओं के तहत उतारा जायेगा। कंपनी ने कहा कि इसके तहत महिंद्रा ई वेरिटो और टाटा टिगोर ईवी जैसे 100 से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन पहले ही परिचालन में उतारे जा चुके हैं। उबर ने एक बयान में कहा कि इन शहरों में लिथियम अर्बन टेक्नोलॉजीज के चार्जिंग केंद्र हैं, जिनमें एक साथ कई कारों व बसों को चार्ज करने की सुविधा है।
- नई दिल्ली। आयुष मंत्रालय की स्वास्थ्य सेवा की आयुष प्रणालियों को प्रोत्साहन देने और उनका विकास करने के लिए भागीदारी करने की आयुष मंत्रालय की नीति को आगे बढ़ाते हुए इस मंत्रालय के अधीन अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए), नई दिल्ली ने एमिटी विश्वविद्यालय के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौता ज्ञापन में आयुर्वेद विज्ञान में अनुसंधान को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।इस संस्थान का समझौता ज्ञापन एमिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन के साथ है, जिसकी स्थापना 2018 में एमिटी विश्वविद्यालय द्वाराभारतीय चिकित्सा पद्धति के बढ़ते महत्व को मान्यता देने के लिए की गई थी। इस समझौता ज्ञापन में आयुर्वेदिक दवाइयों की गुणवत्ता और मानकीकरण के साथ-साथ प्राकृतिक उत्पाद रसायन विज्ञान और फार्मेसी में पीएचडी कार्यक्रमों में सहयोग की कल्पना की गई है। इसमें फार्मास्युटिक्स, फार्माकोडायनामिक्स एवं फार्माकोकाइनेटिक्स में अध्ययन की सहयोग के संभावित क्षेत्रों के रूप में पहचान की गई है। यह समझौता ज्ञापन संयुक्त परियोजनाओं और प्रकाशनों को भी बढ़ावा देगा।इस साझेदारी से आयुर्वेद में कुछ अत्याधुनिक अनुसंधान के साथ-साथ विश्व स्तर पर आयुर्वेदिक विज्ञान के साथ जुड़े ज्ञान को बढ़ावा देने और उसका प्रसार करने में अच्छे परिणाम मिलने की उम्मीद है। इससे आधुनिक विज्ञान के साथ परम्परागत ज्ञान का एकीकरण करने और आयुर्वेद अनुसंधान में नये आयाम जोडऩे में मदद मिलेगी।आयुष मंत्रालय मौजूदा महामारी परिदृश्य में वैश्विक स्तर पर चिकित्सा की भारतीय पद्धति को शुरू करने और उसे बढ़ावा देने में बड़ी भूमिका निभा रहा है। आयुर्वेद ने रोगनिरोधी समाधान उपलब्ध कराकर अपनी अमिट छाप छोड़ी है। इन समाधानों की व्यवहार्यता वैज्ञानिक अध्ययनों के माध्यम से स्थापित हुई है। मंत्रालय ने जनता में उपलब्ध आयुष स्वास्थ्य समाधानों की गहराई और उसके दायरे को बढ़ाने के लिए अपने जैसी सोच वाले जैसे हितधारक संस्थानों के साथ हिस्सेदारी करने की जरूरत को स्वीकार किया है। मंत्रालय ने आयुर्वेद क्षेत्र में संसाधनों के प्रवाह को बढ़ाने की रणनीति के रूप में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) को भी प्रोत्साहित किया है। मौजूदा समझौता ज्ञापन इसी दृष्टिकोण का परिणाम है।दोनों संस्थान ज्ञान और प्रक्रियाओं को विकसित करने के लिए मिलकर काम करेंगे, जिनका राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में उपयोग किया जाएगा और ये आबादी के पैमाने पर प्रासंगिक होंगे।











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