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- नई दिल्ली। कोरोना वायरस के खतरे के चलते आईआईटी एवं एनआईटी में प्रवेश के लिए अप्रैल में होने वाली संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) मुख्य 2020 को स्थगित कर दिया गया है और अब इसे मई महीने के अंतिम सप्ताह में आयोजित करने का प्रस्ताव किया गया है । मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने यह जानकारी दी है ।मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनटीए) ने जेईई मुख्य 2020 परीक्षा स्थगित करने की घोषणा की थी जो 5, 7, 9, 11 अप्रैल 2020 को आयोजित होनी थी । एनटीए ने अधिसूचित किया है कि अब यह परीक्षा मई महीने के अंतिम सप्ताह में आयोजित किये जाने का प्रस्ताव किया गया है । मंत्रालय ने कहा है कि आने वाले सप्ताहों में स्थिति की समीक्षा करने के बाद तिथि की घोषणा की जायेगी । इसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने उम्मीद व्यक्त की है कि जल्द ही स्थिति सामान्य होगी लेकिन अभी के में एनटीए स्थिति की करीबी समीक्षा कर रही है। इसी के अनुरूप तब की स्थिति को देखते हुए 15 अप्रैल के बाद परीक्षा का प्रवेश पत्र जारी किया जायेगा । मंत्रालय के अनुसार, एनटीए छात्रों को ताजा स्थिति से अवगत कराता रहेगा और उन्हें बदलाव एवं परीक्षा तिथियों के बारे में भी अग्रिम जानकारी देता रहेगा ।किसी भी प्रकार के स्पष्टीकरण के लिए प्रत्याशी 8287471852, 8178359845, 9650173668, 9599676953, 8882356803 पर भी सम्पर्क कर सकते हैं।----
- नई दिल्ली। भारतीय किसान उर्वरक सहकारी लिमिटेड (इफको) ने कोरोना वायरस महामारी का मुकाबला करने के लिए बनाए गए पीएम-केयर्स कोष में 25 करोड़ रुपये का योगदान दिया है।इफको के प्रबंध निदेशक यू एस अवस्थी ने कहा, मैं कोविड-19 के खिलाफ लडऩे और राहत कार्यों में मदद के लिए इफको की तरफ से पीएम-केयर्स कोष में 25 करोड़ रुपये देने की विनम्रतापूर्वक घोषणा करता हूं। इस योगदान के अलावा इफको देश भर में विभिन्न स्थानों पर किसानों और ग्रामीणों को मास्क, हैंड सैनिटाइटर, कीटाणुनाशक साबुन, विटामिन-सी की गोलियां और आवश्यक खाद्य सामग्री भी दे रही है। श्री अवस्थी ने कहा कि इस संकट की घड़ी में इफको का हर एक कर्मचारी देश के प्रत्येक नागरिक और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खड़ा है। साथ मिलकर हम सभी स्वस्थ, खुशहाल और समृद्ध भारत बनाएंगे।इफको ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, हमने भारत में कोविड-19 महामारी के खिलाफ लडऩे के लिए पीएम केयर्स फंड में 25 करोड़ रुपये दान करने का फैसला किया है। हम पूरे भारत के गांवों में ग्राउंड डोनेशन ड्राइव के साथ सप्लीमेंट भी दे रहे हैं।एक दिन पहले ही इफको के प्रबंध निदेशक यू एस अवस्थी ने कर्मचारियों और बोर्ड के सदस्यों और इसकी सहायक कंपनी से अनुरोध किया था कि वे कोरोना वायरस से लडऩे के लिए प्रधानमंत्री का हाथ मजबूत करें।इफको द्वारा प्रधानमंत्री राहत कोष में 25 करोड़ रुपए प्रदान किए जाने की प्रशंसा करते हुए भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ नई दिल्ली शासी परिषद सदस्य एवं रायपुर ग्रामीण विधायक सत्यनारायण शर्मा तथा छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी संघ अध्यक्ष झुनमुन गुप्ता ने कहा कि सहकारिता का क्षेत्र सदैव से ही जनहित में काम करता आया है। इफको के अध्यक्ष बलविंदर सिंह नकई व प्रबंध निदेशक डॉ. उदय शंकर अवस्थी इस नेक काम के लिए बधाई के पात्र हैं।
- नई दिल्ली। केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना-सीजीएचएस के तहत सूचीबद्ध स्वास्थ्य संगठनों की वैधता बढ़ा दी गई है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि यह सूची इस वर्ष 30 जून या सूचीबद्ध करने की अगली तारीख में से जो भी पहले होगी तब तक मान्य होगी। इस स्थिति में नियम, शर्ते और दरें पहले के समान ही होंगी।हालांकि सभी अस्पताल और निदान केंद्र जांच और कैलीब्रेशन प्रयोगशालाओं के लिए राष्ट्रीय मान्यता बोर्ड-एनएबीएल द्वारा मान्यता प्राप्त जांच के लिए बोर्ड की दरों पर ही सेवाएं प्रदान करेंगे। अन्य जांच के लिए गैर -एनएबीएल दरें ली जा सकती हैं।---
- भोपाल। कलेक्टर तरूण पिथोड़े के आदेश के अनुसार भोपालवासियों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए हर सम्भव उपाय किये जा रहे हैं। इसी के तहत भोपाल जिले की सभी सीमाएं सील कर दी गई हंै। बाहर से जिले में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को अनिवार्य रूप से क्वारंटाइन कराया जाएगा।पुलिस एवं प्रशासन की संयुक्त टीमों द्वारा भोपाल के निकटवर्ती जिलों की सीमाओं पर चैक पोस्ट बनाकर ललारिया चैक पोस्ट बैरसिया, सोहाया चैक पोस्ट बैरसिया विदिशा-भोपाल, रामपुरा बालाचोन चैक पोस्ट बैरसिया सीहोर, भोपाल, पार्वती चैक पोस्ट बैरसिया सीहोर पर बाहर से आने वाले वाहनों की सघन चैकिंग की जा रही है। केवल भोपाल निवासियों को ही इन पोस्ट से प्रवेश दिया जा रहा हैै।जिला प्रशासन द्वारा को अब किसी अन्य जिलों के वासियों को भोपाल में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। साथ ही बाहर रह रहे भोपाल निवासियों को भोपाल की सीमा में प्रवेश करते ही प्रशासन द्वारा धर्मशाला, सामुदायिक भवन आदि जगहों पर क्वारनटाईन में रखा जाएगा, उनका स्वस्थ परीक्षण किया जाएगा, लगातार निगरानी में रखा जाएगा। भोजन और अन्य व्यवस्थाओं के लिए प्रशासन ने सारे इंतज़ाम किया है। इसके लिए जिला प्रशासन ने सभी शादी हॉल, मैरिज गार्डन और सामुदायिक भवनों का पहले ही अधिग्रहण कर लिया है। साफ सफाई, टॉयलेट, पानी ,पीने का पानी आदि की व्यवस्था के लिये संचालक को निर्देश किया हुआ है।---
- नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने कोविड-19 से लडऩे के लिए सरकार के प्रयासों को और बल देने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं से कम से कम सौ रुपये पीएम केयर्स फंड में जमा करने और कम से कम दस अन्य लोगों को प्रेरित करने की अपील की है।एक संदेश में श्री नड्डा ने कहा कि यह समय की आवश्यकता है और भाजपा कार्यकर्ताओं का एक छोटा सा दान कोविड-19 से लडऩे में बड़ा योगदान कर सकता है।----
- नई दिल्ली। मीडिया के कुछ हिस्से में एक फर्जी खबर चल रही है कि वित्तीय वर्ष को बढ़ा दिया गया है। भारतीय स्टांप अधिनियम में किए गए कुछ अन्य संशोधनों के संबंध में भारत सरकार द्वारा 30 मार्च 2020 को जारी की गई एक अधिसूचना को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष का कोई विस्तार नहीं हुआ है।वित्त मंत्रालय ने कहा कि राजस्व विभाग, वित्त मंत्रालय द्वारा 30 मार्च 2020 को एक अधिसूचना जारी की गई है, जो भारतीय स्टांप अधिनियम में कुछ संशोधन को लेकर है। यह स्टॉक एक्सचेंज या स्टॉक एक्सचेंज डिपॉजिटरीज द्वारा अधिकृत क्लियरिंग कॉरपोरेशन के जरिए सिक्योरिटी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स लेनदेन पर स्टांप ड्यूटी वसूलने के लिए एक कुशल तंत्र बनाने से संबंधित है। यह परिवर्तन पहले 1 अप्रैल 2020 से लागू होने वाला था। हालांकि मौजूदा हालात के कारण यह निर्णय लिया गया है कि क्रियान्वयन की तारीख को अब 1 जुलाई 2020 तक स्थगित कर दिया जाएगा।---
- उत्तरकाशी (उत्तराखंड। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित यमुनोत्री मंदिर के कपाट छह माह के शीतकालीन अवकाश के बाद इस वर्ष 26 अप्रैल को दोपहर 12 बजकर 41 मिनट पर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिये जायेंगे।यमुना जयंती के मौके पर मां यमुना के मायके खरसाली गांव में यमुनोत्री धाम के कपाट खोलने का मुहूर्त तय किया गया। यमुनोत्री धाम के तीर्थ पुरोहित कृतेस्वर उनियाल ने बताया कि मंदिर के कपाट 26 अप्रैल को कर्क लग्न में अभिजीत मुहूर्त पर दोपहर 12 बजकर 41 मिनट पर खोले जाएंगे। छब्बीस अप्रैल को ही उत्तरकाशी जिले में स्थित एक अन्य धाम गंगोत्री के कपाट भी खुलेंगे। गंगोत्री मंदिर के कपाट यमुनोत्री धाम से छह मिनट पहले दोपहर 12 बजकर 35 मिनट पर खुलेंगे। इन दोनों मंदिरों के कपाट खुलने के साथ ही इस साल की चार धाम यात्रा की शुरुआत हो जाएगी।
- नई दिल्ली। रेलवे बोर्ड ने अपनी जोनल इकाइयों से कहा है कि उन्हें कोरोना वायरस के मरीजों के उपचार के लिए ट्रेनों के 20 हजार डिब्बों को पृथक वार्ड में तब्दील करने की जरूरत पड़ सकती है ।बोर्ड ने सोमवार को जोनल रेलवे के महाप्रबंधकों को एक पत्र में कहा है कि शुरूआत में 5 हजार कोच को पृथक वार्ड में तब्दील किया जाएगा। बोर्ड ने कहा कि निर्णय के पहले रेलवे ने सैन्य बल चिकित्सा सेवा, विभिन्न जोनल रेलवे के चिकित्सा विभागों और आयुष्मान भारत के साथ विचार-विमर्श किया है । बोर्ड ने कहा है कि पांच जोनल रेलवे कोच सह पृथक वार्ड के लिए प्रारूप पहले ही तैयार हो चुके हैं ।30 मार्च को लिखे पत्र में कहा गया, कोविड-19 से लडऩे की तैयारियों के तहत 25 मार्च को हुई वीडियो कॉन्फ्रेंस में सलाह दी गयी थी कि चिकित्सा विभाग के साथ परामर्श करते हुए कुछ डिब्बों को पृथक कोच में तब्दील किया जा सकता है ताकि पृथक सुविधाओं को मजबूत किया जा सके। इस सिलसिले में सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं, अनेक जोन रेलवे के चिकित्सा विभाग और आयुष्मान भारत से बातचीत की गयी। इसमें कहा गया, भारतीय रेलवे को ऐसे बीस हजार डिब्बों को बदलने की जरूरत पड़ सकती है जिनमें शुरूआत में पांच हजार डिब्बों को पृथक कोच बनाया जाएगा।
- भुवनेश्वर। कोरोना वायरस के मद्देनजर देशभर में 21 दिन के लॉकडाउन की वजह से भुवनेश्वर में इस साल भगवान लिंगराज की रुकुना रथ यात्रा नहीं निकलेगी।इस वर्ष नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड के दौरान ओडिशा की झांकी में रुकुना रथ की एक लघु प्रतिकृति दिखाई गई थी। खुरदा के जिला कलेक्टर एस के राउत ने बताया कि -हमने मंदिर के अधिकारियों को सूचित किया है कि इस साल रुकुना रथ यात्रा निकालना संभव नहीं होगा, क्योंकि सरकार ने कोविड-19 के मद्देनजर सामाजिक मेल-जोल से परहेज के तहत सात लोगों से ज्यादा के जमा होने पर रोक लगा रखी है। खुरदा के जिला कलेक्टर श्री लिंगराज मंदिर न्यास बोर्ड के अध्यक्ष भी हैं। भगवान लिंगराज की रुकुना रथ यात्रा अशोकाष्टमी के मौके पर हर साल होती है। अशोकाष्टमी इस साल एक अप्रैल को है ।----
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि सामाजिक संगठनों को अंधविश्वास और दुष्प्रचार से निपटने में बड़ी भूमिका निभानी चाहिए। प्रधानमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिये समाज कल्याण के लिए कार्य कर रहे संगठनों के प्रतिनिधियों से यह बात कही। उन्होंने कोविड-19 महामारी के बारे में जागरूकता फैलाने की अपील की। श्री मोदी ने कहा कि आस्था के नाम पर लोग भीड़ के रूप में एकत्र होते देखे गये और सामाजिक दूरी बनाये रखने के नियम का उल्लंघन किया गया। उन्होंने कहा कि संक्रमण के इस दौर में सामाजिक दूरी बनाये रखना बहुत आवश्यक है।श्री मोदी ने कहा कि वायरस के संक्रमण की चुनौती से निपटने के लिए पूरे राष्ट्र ने अत्यधिक धैर्य और सहनशीलता दिखाई है। महात्मा गांधी मानते थे कि राष्ट्र की सेवा के लिए गरीब और निम्न वर्ग के लोगों की सेवा करना ही राष्ट्र सेवा का श्रेष्ठ तरीका है। महात्मा गांधी के इन शब्दों को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने मानवता की सेवा कर रहे सामाजिक संगठनों के समर्पण और प्रतिबद्धता की सराहना की।प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया कि ऐसे संगठनों को गरीबों की बुनियादी जरूरते पूरी करने में बड़ी भूमिका निभानी चाहिए। वे चिकित्सा सुविधाओं और अपने स्वयं सेवकों को रोगियों तथा जरूरतमंदों की सेवा में समर्पित कर सकते हैं। श्री मोदी ने कहा कि कोविड-19 की चुनौती से निपटने के लिए राष्ट्र को लघु अवधि उपायों और दीर्घावधि सोच की आवश्यकता है।समाज कल्याण संगठनों के प्रतिनिधियों ने मौजूदा जटिल स्थिति से निपटने में प्रधानमंत्री के नेतृत्व की सराहना की।---
- नई दिल्ली। विद्युत मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत एक मिनी रत्न और अनुसूची- ए सीपीएसई, एसजेवीएन लिमिटेड ने कोविड-19 महामारी के प्रभाव से निपटने में राहत कार्य के लिए प्रधानमंत्री संरक्षण कोष में 5 करोड़ रुपये देने का फैसला किया है। एक अत्यधिक संक्रामक बीमारी कोविड-19 ने पूरी दुनिया को अपने चंगुल में जकड़ लिया है। रोग के प्रकोप के परिणामस्वरूप इस वायरस से संक्रमित व्यक्तियों की संख्या रोजाना बढ़ रही है। भारत में मामलों की संख्या में बढ़ोतरी के साथ ही इस महामारी ने स्वास्थ्य और आर्थिक चुनौतियों से जुड़े गंभीर संकट खड़े कर दिए हैं।एसजेवीएन के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक नंदलाल शर्मा ने बताया कि एक जिम्मेदार कॉर्पोरेट नागरिक और कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई की गंभीरता को समझते हुए, एसजेवीएन ने प्रधानमंत्री संरक्षण कोष में पांच करोड़ की राशि का योगदान करने का निर्णय लिया है।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और आपात स्थिति राहत कोष (प्रधानमंत्री संरक्षण कोष) के नाम से एक धर्मार्थ ट्रस्ट की स्थापना की है। यह धनराशि किसी भी प्रकार की आपातकालीन या संकट की स्थिति से निपटने के प्राथमिक उद्देश्य के साथ एक समर्पित राष्ट्रीय निधि के रूप में काम करेगी, जैसे कोविड-19 महामारी से उत्पन्न स्थिति, और प्रभावितों को राहत प्रदान करना।श्री शर्मा ने बताया कि एसजेवीएन देश या उसके लोगों को प्रभावित करने वाले किसी भी मुद्दे से निपटने के लिए समाज और सरकार का सहयोग करने में हमेशा अग्रणी रहा है। कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए, एसजेवीएन अस्पतालों को वेंटीलेटर खरीदने; व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण जैसे फेस मास्क, दस्ताने इत्यादि वितरित करने; अपने परियोजना अस्पतालों में क्वारंटीन इकाइयों की स्थापना करने; जरूरतमंदों को भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुओं का वितरण करने के लिए लगभग तीन करोड़ रुपये की राशि का भुगतान कर चुका है। एजेवीएन कर्मचारियों ने भी कोरोना की चुनौती का मुकाबला करने के लिए अपने वेतन से 32 लाख रुपये की राशि का योगदान दिया है।
- नई दिल्ली। कोरोना वायरस (कोविड-19) के बढ़ते प्रकोप से उत्पन्न खतरे और समूचे देश में लागू किए गए पूर्ण लॉकडाउन को ध्यान में रखते हुए संचार मंत्रालय के डाक विभाग के डाक जीवन बीमा (पीएलआई) निदेशालय ने मार्च 2020 के अपने निर्दिष्ट प्रीमियम के भुगतान की अवधि बिना किसी जुर्माना/डिफॉल्ट शुल्क के 30 अप्रैल, 2020 तक बढ़ा दी है।पीएलआई निदेशालय ने कहा कि वैसे तो आवश्यक सेवाओं का हिस्सा होने के कारण कई डाकघरों में कामकाज बाकायदा हो रहा है, लेकिन डाक जीवन बीमा/ग्रामीण डाक जीवन बीमा (आरपीएलआई) के ग्राहकों को प्रीमियम के भुगतान के लिए डाकघर आने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। अत: सभी पीएलआई/आरपीएलआई ग्राहकों की सुविधा को ध्?यान में रखते हुए भुगतान की अवधि बढ़ा दी गई है।इस निर्णय से उन लगभग 13 लाख पॉलिसी धारकों (5.5 लाख पीएलआई और 7.5 लाख आरपीएलआई) के लाभान्वित होने की संभावना है, जो वर्तमान महीने के प्रीमियम का भुगतान करने में समर्थ नहीं हो पाए हैं। पिछले महीने प्रीमियम का भुगतान करने वाले तकरीबन 42 लाख पॉलिसी धारकों के मुकाबले इनमें से केवल 29 लाख ही इस महीने के प्रीमियम का भुगतान अब तक कर पाए हैं।पोर्टल पर पंजीकृत ग्राहकों को पीएलआई ग्राहक पोर्टल का उपयोग करके प्रीमियम का ऑनलाइन भुगतान करने की भी सलाह दी गई है।---
- नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ एकजुटता की भावना व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी पार्टी कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने में सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों में सहयोग करेगी।राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को लिखे एक पत्र में गरीबों की समस्याओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पूरी तरह से लॉकडाउन करने वाले अन्य बड़े देशों की तुलना में भारत को कुछ अन्य कदम उठाने चाहिए, क्योंकि इसकी स्थिति बिल्कुल अलग है। उन्होंने कहा कि भारत में दिहाड़ी पर निर्भर गरीब लोगों की संख्या बहुत अधिक है और एकतरफा बंद के कारण सभी आर्थिक गतिविधियां ठप्प पड़ गई हैं। उन्होंने कहा कि पूरी तरह से आर्थिक बंदी के कारण कोविड-19 वायरस से होने वाली मौतें असाधारण रूप से बढ़ सकती हैं।राहुल गांधी ने सरकार से आग्रह किया कि सामाजिक सुरक्षा को तुरंत सुदृढ़ किया जाए और गरीब कामगारों की सहायता तथा आश्रय के लिए सभी सार्वजनिक संसाधनों का उपयोग किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि वायरस के फैलाव की सही स्थिति जानने और उसे रोकने के लिए अधिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।----
- नई दिल्ली। कोविड-19 के मद्देनजर वस्तुओं और आवश्यक सामान की बेरोक-टोक और लगातार आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए, भारतीय रेलवे ने देश के नागरिकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए आवश्यक वस्तुओं और अन्य सामान को देश भर में पहुंचाने के लिए बिना किसी बाधा के पार्सल ट्रेनों की सेवाएं देने की पेशकश की है।कोविड-19 के मद्देनजर लॉकडाउन के दौरान छोटे आकार के पार्सल में आवश्यक वस्तुएं जैसे चिकित्सा आपूर्ति, चिकित्सा उपकरण, भोजन आदि ले जाना बेहद महत्वपूर्ण होगा। इस महत्वपूर्ण आवश्यकता को पूरा करने के लिए, भारतीय रेलवे ने जरूरतमंद ई-वाणिज्य संस्थाओं और राज्य सरकारों सहित अन्य ग्राहकों के लिए देश भर में तेजी से सामान पहुंचाने के लिए रेलवे पार्सल वैन उपलब्ध कराई है। इस बात पर गौर किया जा सकता है कि गृह मंत्रालय लॉकडाउन की अवधि के दौरान देश में वस्तुओं और सामान को लाने-ले जाने पर लागू प्रतिबंध हटा चुका है। पार्सल ट्रेनों का प्रावधान और वस्तुओं को तेजी से लाने-ले जाने से आपूर्ति श्रृंखलाओं की दक्षता में और वृद्धि होगी। स्पेशल पार्सल ट्रेनें चलाने के फैसले से छोटी मात्रा के साथ-साथ आवश्यक वस्तुओं जैसे डेयरी उत्पाद, चिकित्सा उपकरण और दवाएं, किराने का सामान, खाद्य तेल और अन्य आवश्यक वस्तुओं आदि को लाने- ले जाने में मदद मिलेगी।भारतीय रेल पहले से ही मालगाडिय़ों के माध्यम से देश के विभिन्न भागों में आवश्यक वस्तुएं पहुंचा रही है। रेलवे की ये मालवाहक सेवाएं आवश्यक वस्तुओं जैसे खाद्यान्न, खाद्य तेल, नमक, चीनी, कोयला, सीमेंट, दूध, सब्जियों और फलों आदि की थोक जरूरतों को पूरा कर रही हैं, ऐसे कई मद हैं जिन्हें तुलनात्मक रूप से कम मात्रा में पहुंचाने की आवश्यकता है। विमान सेवा के बाद, रेलवे एक राज्य से दूसरे राज्य में ऐसे सामानों को पहुंचाने का सबसे तेज़ तरीका है।इन पार्सल ट्रेनों को चलाने के लिए भारतीय रेलवे के विभिन्न जोन अपनी-अपनी योजनाओं पर काम कर रहे हैं। वे विज्ञापन सहित संचार के विभिन्न माध्यमों से संभावित ग्राहकों तक पहुंच रहे हैं।औद्योगिक घराने, कंपनियां, कोई भी इच्छुक समूह, संगठन, व्यक्ति इन सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। इच्छुक पक्ष पंजीकरण के लिए रेलवे पार्सल कार्यालयों और डिवीजनों से संपर्क कर सकते हैं। उपरोक्त के अलावा, किसी भी अन्य स्थान से - गंतव्य स्थान तक पूछताछ और पंजीकरण का स्वागत है। सेवाओं को मौजूदा नियमों के अनुसार और पार्सल / माल भाड़े का भुगतान करने पर चलाया जाएगा।----
- नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कोविड-19 को काबू करने के लिए लागू किए गए बंद (लॉकडाउन) के कारण फंसे प्रवासी मजदूरों एवं बेघर लोगों को आश्रय मुहैया कराने के लिए राज्य आपदा राहत कोष (एसडीआरएफ) के इस्तेमाल और देश में सभी जरूरी एवं गैर-जरूरी वस्तुओं की ढुलाई की रविवार को अनुमति दे दी।केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को लिखे पत्र में उन्हें यह सुनिश्चित करने को कहा कि प्रवासी श्रमिकों समेत बेघर लोगों को आश्रय एवं भोजन मुहैया कराने के लिए राहत शिविर स्थापित किए जाए।पत्र में कहा गया है, मैं यह सूचित करना चाहता हूं कि देश में कोविड-19 संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लागू बंद के कारण फंसे प्रवासी मजदूरों समेत बेघर लोगों और राहत शिविरों एवं अन्य स्थानों में शरण लेने वाले लोगों को भोजन मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार ने एसडीआरएफ के इस्तेमाल की अनुमति दे दी है। इसमें कहा गया है कि गृह मंत्रालय ने आपदा प्रबंधन कानून लागू करने के लिए पहले ही आदेश दे दिया है जिसके तहत जिला प्राधिकारियों को प्रवासी श्रमिकों का आवागमन रोकने के लिए अतिरिक्त कदम सख्ती से लागू करने और उन्हें पृथक रहने की सुविधाएं, आश्रय एवं भोजन मुहैया कराने तथा यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि उनके वेतन का भुगतान किया जाए और उनके मकान-मालिक उन्हें घरों से नहीं निकालें।गृह सचिव ने एक पत्र में कहा, इसका सख्ती से क्रियान्वयन सुनिश्चित किए जाने की आवश्यकता है। पत्र में यह स्पष्ट किया गया कि सभी जरूरी और गैर जरूरी वस्तुओं में भेद किए बिना सभी सामान की ढुलाई की अनुमति दी गई है। गृह सचिव ने स्पष्ट किया कि प्रिंट मीडिया के लिए छूट के तहत अखबार आपूर्ति की व्यवस्था को भी इजाजत दी गयी है। भल्ला ने कहा कि बंद की अवधि के दौरान पैकेटबंद सामग्री सहित दुग्ध संग्रहण और वितरण की आपूर्ति श्रृंखला को भी अनुमति दी गयी है। उन्होंने बताया कि हैंडवाश, साबुन, मुंह धोने वाली सामग्री जैसे साफ-सफाई के सामान, बैटरी और चार्जर की भी अनुमति दी गयी है। इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी की सेवाओं को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की व्यवस्था में शामिल किया गया है । कर्मचारी भविष्य निधि संगठन को भी छूट दी गई और कम से कम कर्मियों के साथ काम करने को कहा गया है।
- लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार लॉकडाउन के बीच दूर—दूर से पैदल अपने घर जा रहे मजदूरों और कामगारों से राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में सफर का कोई किराया नहीं लेगी।निगम के प्रबन्ध निदेशक राज शेखर ने रविवार को बताया कि सरकार ने अपने घर जाने के लिये राज्य के विभिन्न हिस्सों में रोडवेज की बसों से सफर करने वाले मजदूरों या कामगारों से किराया नहीं वसूलेगी। सरकार उनके किराये का खर्च उठायेगी। उन्होंने कहा कि बसों के परिचालकों को जरूरी कार्रवाई के लिये वे—बिल तैयार करना होगा। यह व्यवस्था तत्काल लागू होगी। गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण के मद्देनजर लागू लॉक डाउन के बाद निजी और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पूरी तरह ठप होने के कारण बड़ी संख्या में मजदूर और अन्य कामगार लोग बहुत लम्बी—लम्बी दूरी पैदल चलकर अपने घर जा रहे हैं। उनकी इस परेशानी को देखते हुए राज्य सरकार ने रोडवेज की एक हजार बसों के जरिये उन्हें गंतव्य तक पहुंचाने के निर्देश दिये हैं।
- नई दिल्ली। भारतीय रेलवे द्वारा आईआरसीटीसी के बेस किचनों के आसपास के स्थानों में रहने वाले जरूरतमंद लोगों को कागज प्लेट के साथ थोक में पका हुआ भोजन उपलब्ध कराने का फैसला लिया गया है।भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ने रविवार को गरीबों एवं जरुरतमंदों के लिए न केवल 11,030 पैकेट खाना उपलब्ध कराया बल्कि ऐसा करते हुए उनके स्थानीय स्वाद को भी ध्यान में रखा। आईआरसीटीसी ने दक्षिण में लेमन राइस तो पूर्व में खिचड़ी..चोखा तो उत्तर में कढ़ी..चावल मुहैया कराये।पुलिस अधिकारियों, दिल्ली प्रशासन के अधिकारियों, प्रवासी श्रमिकों, देशभर में वृद्धाश्रम में मुहैया कराया गया भोजन रेलवे के बेस किचन में पकाया गया। आईआरसीटीसी ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में दिल्ली प्रशासन को 2030 पैकेट कढ़ी..चावल, दिल्ली पुलिस को 1500 पैकेट और रेलवे सुरक्षा बल को 1500 पैकेट मुहैया कराये। वहीं पटना में आईआरसीटीसी ने 400 लोगों के लिए 140 किलोग्राम खिचड़ी और 40 किलोग्राम चोखा उपलब्ध कराया जिसे राजेंद्र नगर पटना बेस किचन में तैयार किया गया। वहीं 200 पैकेट भोजन कटिहार में मुहैया कराया गया। जमशेदपुर और रांची में 400 और 300 भोजन के पैकेट मुहैया कराये गए। बंगाल में, हावड़ा और सियालदह स्टेशनों पर चोखा के स्थान पर आचार मुहैया कराया गया। इन स्टेशनों पर 500 लोगों को खिचड़ी मुहैया करायी गई। दक्षिण भारत के बेंगलोर और हुबली में आचार के साथ लेमन राइस मुहैया कराया गया। बेंगलोर में भोजन के 2 हजार पैकेट मुहैया कराये गए और हुबली में भोजन के 700 पैकेट मुहैया कराये गए। पश्चिम में मुम्बई सेंट्रल में खिचड़ी और आचार के 1500 पैकेट मुहैया कराये गए।--
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गुरुग्राम। गुरुग्राम में रविवार तड़के दर्दनाक हादसा हो गया। एक ट्रक के चपेट में आने से पांच लोगों की मौत हो गई और सात घायल हो गए। एसएचओ इंस्पेक्टर जय प्रकाश ने जानकारी देते हुए बताया कि ये हादसा कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस-वे (केएमपी) पर मानेसर के पास हुआ। हादसे में एक औरत और एक बच्चे की भी मौत हुई है। पुलिस हादसे में मारे गए सभी लोगों की पहचान में जुटी है। फिलहाल इस बात का पता नहीं चल पाया है कि मृतक यहां कहां से आए थे और क्या कर रहे थे? आगे की जांच जारी है। घायल को इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया है।
- नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कोविड-19 से लडऩे के लिए पीएम-केयर फंड में रक्षा मंत्रालय के कर्मचारियों के एक दिन के वेतन के योगदान से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी है।ऐसी उम्मीद है कि सेना, नौसेना, वायु सेना, रक्षा पीएसयू एवं अन्य सहित विभिन्न विंगों से फंड में रक्षा मंत्रालय द्वारा सामूहिक रूप से लगभग 500 करोड़ रुपये का योगदान दिया जाएगा। कर्मचारियों का यह योगदान स्वैच्छिक है और जो इसमें शामिल नहीं होना चाहेंगे, उन्हें इससे छूट दी जाएगी।---
- नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति ने पीएम केयर्स निधि में राज्यसभा सांसदों से कम से कम 1 करोड़ रुपए का योगदान सांसद निधि से देने की अपील की है।इस संदर्भ में सांसदों को लिखे अपने पत्र में उपराष्ट्रपति ने कहा है कि कोविड 19 संक्रमण से पैदा हुए इस संकट से निपटने के लिए, सरकार, निजी क्षेत्र तथा नागरिकों द्वारा इस संक्रमण के विरुद्ध अनेक कदम उठाए गए हैं जिसके लिए बड़े पैमाने पर वित्तीय, मानव संसाधनों और साजो समान की आवश्यकता होगी जिसके लिए भारत सरकार विभिन्न तरीकों से जरूरी वित्तीय संसाधन एकत्र कर रही है जिससे केंद्र, राज्य तथा जिला स्तर तक पर्याप्त संसाधनों को उपलब्ध कराया जा सके।उपराष्ट्रपति ने देशवासियों से भी अपील की कि वे आपदा प्रबंधन क्षमता को और सुदृढ़ करने के लिए, फंड में उदारतापूर्वक योगदान दें।इससे पहले उपराष्ट्रपति ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, दोनों सदनों के महासचिवों के साथ इस विषय पर बैठक की तथा राज्य सभा के उपसभापति तथा राज्य सभा में विभिन्न दलों के नेताओं से सांसद निधि के विषय में चर्चा की।
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर भारतीय रेलवे पीएम केयर्स निधि में 151 करोड़ रुपये का योगदान करेगा। रेलवे मंत्री पीयूष गोयल ने यह जानकारी देते हुए बताया कि वे स्वयं और उनके कनिष्ठ मंत्री सुरेश अगाडी एक-एक महीने का अपना वेतन दान करेंगे, जबकि रेलवे और उसके प्रतिष्ठानों के 13 लाख कर्मचारी एक-एक दिन का वेतन दान करेंगे।
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने मासिक कार्यक्रम मन की बात में आज यानी 29 मार्च को देशवासियों से रुबरू होंगे। कोरोना वायरस की महामारी के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस रेडियो कार्यक्रम पर सबकी नजरें हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि पीएम मोदी इस कार्यक्रम के जरिए इस महामारी के कारण देश में चल रहे लॉकडाउन और किसानों को हो रही समस्याओं के निराकरण को लेकर बात कर सकते हैं।ऑल इंडिया रेडियो ने ट्वीट कर यह जानकारी दी है कि प्रधानमंत्री मोदी के इस कार्यक्रम का प्रसारण रविवार को दिन में 11 बजे से किया जाएगा। मन की बात कार्यक्रम का प्रसारण प्रत्येक महीने के अंतिम रविवार को किया जाता है। इसे आकाशवाणी के हर चैनल पर सुना जा सकेगा।
- नई दिल्ली। केन्द्रीय रेलवे तथा वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने उद्योग एवं व्यापार संगठनों को इस कठिन परिस्थिति तथा संकट की घड़ी में अपने कर्मचारियों और श्रमिकों की देखभाल करने के लिए कहा है।वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से शनिवार को देश भर के विभिन्न विनिर्माण, उद्योग और व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वे न केवल उनकी संपत्ति और संसाधन हैं, बल्कि उन्हें अगर समूह में देश में एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने दिया गया, तो वे कोविड-19 महामारी के संभावित वाहक भी बन सकते हैं। इस वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान उपस्थित केन्द्रीय रसायन और उर्वरक तथा शिपिंग (स्वतंत्र प्रभार) राज्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने भी पे-रोल (दिहाड़ी) पर श्रमिकों और मजदूरों को बनाए रखने को कहा है। उन्होंने कहा कि इससे देशव्यापी लॉकडाउन खतरे में पड़ जाएगा और कोविड अवधि के बाद सामान्यीकरण भी प्रभावित होगा।सम्मेलन में उठाए गए विभिन्न मुद्दों पर प्रतिक्रिया देते हुए, श्री पीयूष गोयल ने कहा कि गृह मंत्रालय द्वारा जारी किए गए निर्देशों से स्पष्ट होता है कि देश में सामानों की आवाजाही पर किसी भी प्रकार की रोक नहीं लगायी जाएगी।उन्होंने कहा कि इन सेवाओं को बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्य और गतिविधियां एहतियात और सही सामाजिक एकांतवास के साथ जारी रहेंगी। उन्होंने इस मुश्किल समय में अपने कर्मचारियों और श्रमिकों के समर्थन में कई उद्योग जगत के लोगों की पहल की सराहना की, और आवश्यक वस्तुओं, विशेष रूप से वेंटिलेटर्स की क्षमता को बढ़ाते हुए, और उनमें से कुछ को सामुदायिक रसोई चलाने में भी अपने परिसर का उपयोग करने के लिए धन्यवाद दिया।श्री गोयल ने आगे कहा कि अन्य मंत्रालयों और एजेंसियों से संबंधित संगठनों द्वारा उठाए गए कई मुद्दों को तेजी से वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा उठाया जाएगा, और जिससे एक शुरुआती समाधान भी मिल जाएगा। कुछ प्रतिभागियों द्वारा उठाए गए कोविड के बाद के परिदृश्य का उल्लेख करते हुए, श्री गोयल ने विश्वास व्यक्त किया कि देश जल्द ही इस अभूतपूर्व संकट से उबरकर मजबूत स्थिति में आ जाएगा। उन्होंने कहा कि इस स्थिति के बाद विश्व के लिए मेक इन इंडिया और देश में भी इसे बढ़ावा मिलेगा।---
- नई दिल्ली। सभी यात्री ट्रेनों और सभी यात्री टिकटों को 14 अप्रैल 2020 तक रद्द करने के मद्देनजर, भारतीय रेलवे ने 21 मार्च से 14 अप्रैल 2020 तक की यात्रा अवधि के सभी टिकटों का पूर्ण रिफंड देने का निर्णय किया है। ये निर्देश रिफंड नियमों में छूट जारी रखने के लिए 21-03-2020 के निर्देशों के अलावा होंगे।रिफंड देने की प्रक्रिया इस प्रकार होगी:1. काउंटर पर बुक किए गए पीआरएस टिकट-ए. 27-03-2020 से पहले रद्द किए गए टिकट- टीडीआर (टिकट जमा रसीद) यात्री द्वारा भरा जाएगा जिसमें यात्रा विवरण होगा। रिफंड की बेलेंस राशि प्राप्त करने के लिए भरा हुआ फॉर्म किसी भी जोनल रेलवे मुख्यालय के मुख्य वाणिज्यिक प्रबंधक (सीसीएम) (दावा) या मुख्य दावा अधिकारी (सीसीओ) के पास 21 जून 2020 तक जमा कराना होगा। रेलवे व्यावहारिक उपयोग में लाए जाने वाला पर्चा प्रदान करेगा जिसके माध्यम से यात्री टिकटों को रद्द करने के दौरान कटौती की गई राशि को वापस लेने का लाभ उठा सकता है।ख. 27-03-2020 के बाद रद्द किए गए टिकट- इस तरह के रद्द किए गए सभी टिकटों के संबंध में पूर्ण वापसी देय होगी।2. ई-टिकट-ए. 27-03-2020 से पहले रद्द किए गए टिकट- बैलेंस रिफंड राशि उस यात्री के उस खाते में जमा कर दी जाएगी, जिस खाते से टिकट बुक किया गया था। आईआरसीटीसी बैलेंस रिफंड राशि प्रदान करने के लिए एक व्यावहारिक चार्ट तैयार करेगा।ख. 27-03-2020 के बाद रद्द किए गए टिकट-- ऐसे रद्द किए गए सभी टिकटों की पूर्ण वापसी देय होगी जिसके लिए पहले ही प्रावधान किए जा चुके हैं।---
- नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के सभी सांसद अपनी सांसद निधि से कोविड-19 से निपटने में सहयोग के लिए केंद्रीय राहत कोष में एक-एक करोड़ रुपये का योगदान करेंगे।भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने एक ट्वीट में इस फैसले की घोषणा की। श्री नड्डा ने कहा है कि इस महामारी से लडऩे के लिए पार्टी के सभी सांसद और विधायक अपने-अपने एक महीने का वेतन केंद्रीय राहत कोष में देंगे।----













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