- Home
- देश
-
नयी दिल्ली. मोबाइल फोन के प्लान के अनुसार रोजाना मिलने वाले डेटा का पूरा इस्तेमाल नहीं हो पाने की स्थिति में उसका बाद में उपयोग करने की व्यवस्था होने की मांग करते हुए सोमवार को राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के राघव चड्ढा ने कहा कि यह केवल डेटा की ही नहीं बल्कि उपभोक्ता के अधिकार की भी बात है। शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए चड्ढा ने कहा कि जब भी कोई व्यक्ति मोबाइल फोन रीचार्ज कराता है तो उसे उसके प्लान के अनुसार डेटा मिलता है। ''यह डेटा रात बारह बजे समाप्त हो जाता है।'' उन्होंने कहा ''उपभोक्ता से पैसा पूरा लिया जाता है लेकिन रात बारह बजे तक अनुपयुक्त डेटा दिन समाप्त होने के साथ ही समाप्त हो जाता है। यह अनुपयुक्त डेटा हमें अगले दिन नहीं मिलता जबकि यह हमारी मेहनत के पैसों से खरीदा जाता है।'' उन्होंने कहा ''विडंबना यह है कि रोज के डेटा की सीमा तय होती है, लेकिन मासिक डेटा सीमा नहीं होती। मासिक डेटा सीमा होने पर पूरा डेटा इस्तेमाल होने की संभावना अधिक होती है क्योंकि लोग छुट्टी के दिन डेटा का अधिक उपयोग करते हैं। लेकिन ऐसा नहीं होता और बचा हुआ डेटा वैलिडिटी समाप्त होने पर एक्सपायर हो जाता है।'' चड्ढा ने कहा कि आज इंटरनेट हर चीज के लिए जरूरी हो गया है और यह हमारे जीवन का हिस्सा बन गया है।
आप सांसद ने मांग की कि अनुपयुक्त डेटा का बाद में इस्तेमाल करने की सुविधा दी जानी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि डेटा वैलिडिटी समाप्त होने के साथ समाप्त न हो। ''यह डेटा की ही बात नहीं है बल्कि उपभोक्ता के अधिकार की भी बात है।'' उन्होंने कहा कि माह के अंत में अगर अधिक डेटा बचा हो तो उपयोगकर्ता को इस डेटा का समायोजन अपने रीचार्ज प्लान में करने की छूट मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अनुपयुक्त डेटा को 'डिजिटल संपत्ति' माना जाए और उसे स्थानांतरित करने की सुविधा उपयोगकर्ता को दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जितनी बिजली की खपत की जाती है उतना ही पैसा हम देते हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह जितना डेटा इस्तेमाल हो, उपयोगकर्ता से उतने का ही पैसा लिया जाना चाहिए।
-
नयी दिल्ली. दुर्लभ किस्म के कैंसर से पीड़ित और खाना निगलने में असमर्थ 14 वर्षीय एक लड़की को शहर के एक अस्पताल में नया जीवन मिला है। इस बीमारी की वजह से लड़की का दैनिक जीवन और पोषण बुरी तरह प्रभावित हो रहा था। चिकित्सकों ने किशोरी के 'सिग्नेट रिंग सेल कार्सिनोमा' नामक कैंसर का सफलतापूर्वक इलाज किया। यह कैंसर उस जगह था, जहां भोजन नली पेट से मिलती है।
चिकित्सकों ने एक बयान में बताया कि लड़की का रोजमर्रा का जीवन काफी तकलीफदेह हो गया था और उसे जांच के लिए द्वारका के मणिपाल अस्पताल लाया गया था। चिकित्सकों ने बताया कि बायोप्सी सहित कई नैदानिक परीक्षणों से उसके दुर्लभ कैंसर से पीड़ित होने की पुष्टि हुई। राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान (एनआईएच) के अध्ययनों के अनुसार, पेट और भोजन नली का कैंसर, विश्व स्तर पर काफी मामले सामने आते हैं लेकिन बाल रोगियों में इसका होना अत्यंत दुर्लभ है। कम उम्र के रोगियों में इस तरह के कैंसर अक्सर स्पष्ट रूप से पहचाने जाने योग्य जीवनशैली या पर्यावरणीय जोखिम कारकों के बिना विकसित होते हैं। चिकित्सकों ने बताया कि उपचार प्रक्रिया के तहत लड़की को सर्जरी से पहले पांच बार कीमोथेरेपी दी गयी।
मणिपाल कॉम्प्रीहेंसिव कैंसर सेंटर और ऑन्को रोबोटिक सर्जरी के प्रमुख डॉ. सुरेंद्र कुमार डबास के नेतृत्व में ऑन्कोलॉजी टीम ने रोबोटिक सर्जरी द्वारा पेट के प्रभावित हिस्से को आसपास के लिम्फ नोड्स से हटा दिया। इस उन्नत प्रक्रिया की बदौलत टीम ट्यूमर को हटाने में सफल रही और साथ ही आसपास के महत्वपूर्ण अंगों को भी सुरक्षित रख पाई। इस मामले में, डॉ. डबास ने पाया कि मरीज पर सर्जरी से पहले की कीमोथेरेपी का अच्छा असर हुआ जिससे चिकित्सकों को उन्नत सर्जिकल उपचार शुरू करने में मदद मिली। रोबोटिक सर्जरी अधिक सटीकता, बेहतर दृश्यता और बेहतर परिणाम देती है, खासकर ऐसे नाजुक क्षेत्रों में। -
फूलबाणी. सुरक्षा बलों ने एक अभियान के दौरान ओडिशा के कंधमाल जिले में कथित तौर पर माओवादियों द्वारा संचालित तमंचा बनाने वाली एक फैक्टरी का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। बल्लीगुडा के उपसंभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) शुभम भोसले ने बताया कि जिले के बल्लीगुडा में तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के कर्मियों ने शनिवार को बामुनिगांव थाना क्षेत्र के पनास्पदर गांव में छापेमारी अभियान के दौरान इस फैक्टरी का पता लगाया। पुलिस के अनुसार, बीएसएफ कर्मियों ने मौके से कुछ तैयार बंदूक, बैरल, कटर और बंदूक निर्माण के अन्य पुर्जे जब्त किए। पुलिस ने बताया कि कंधमाल जिले के दरिंगबाड़ी, कोटागढ़, तुमूदीबांधा, बामुनिगम और अन्य थाना क्षेत्रों में पिछले सप्ताह से ही तलाशी अभियान तेज कर दिया गया था, ताकि केकेबीएन (कंधमाल-कालाहांडी-बौध-नयागढ़) समूह से जुड़े कट्टर माओवादी सुक्रू और उसके साथियों को पकड़ा जा सके। पुलिस के मुताबिक, विशेष अभियान समूह (एसओजी), बीएसएफ, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और अन्य बलों के सुरक्षाकर्मियों को संगठित तरीके से माओवादी विरोधी अभियान में लगाया गया है, ताकि इस महीने के अंत तक माओवादियों का सफाया करने का लक्ष्य हासिल किया जा सके।
-
नयी दिल्ली. यूनेस्को के 'वैश्विक शिक्षा निगरानी' (जीईएम) दल ने बताया कि कक्षाओं में ध्यान केंद्रित करने में कमी और ऑनलाइन माध्यम से धमकाए जाने (साइबरबुलिंग) के मामलों को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच आधे से अधिक देशों ने स्कूलों में फोन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। दल ने पाया कि सोशल मीडिया के उपयोग से खान-पान संबंधी विकार से पीड़ित होने की संभावना लड़कों की तुलना में लड़कियों में दोगुना होती है। फेसबुक के एक शोध के अनुसार, इंस्टाग्राम के उपयोग के बाद 32 प्रतिशत किशोरियों में अपने शरीर को लेकर असंतोष की भावना बढ़ गई। रिपोर्ट में टिकटॉक के 'एल्गोरिदम' को लेकर चिंताजनक रुझानों का जिक्र करते हुए कहा गया है कि यह किशोरों को हर 39 सेकंड में 'शारीरिक छवि' से जुड़ी साम्रागी दिखाता है और हर आठ मिनट में खान-पान से जुड़े विकारों से संबंधित सामग्री दिखाता है। जीईएम के एक वरिष्ठ सदस्य ने बताया, "हालिया वैश्विक निगरानी से पता चलता है कि फिलहाल 114 शिक्षा प्रणालियों में स्कूलों में मोबाइल फोन पर राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंध लागू है, जो दुनिया के 58 प्रतिशत देशों का प्रतिनिधित्व करता है। यह विस्तार काफी तेज रहा है। जून 2023 में, जब 2023 की जीईएम रिपोर्ट में पहली बार इसका आकलन किया गया था, तब 24 प्रतिशत से भी कम देशों में ऐसे प्रतिबंध थे। वर्ष 2025 की शुरुआत तक यह बढ़कर 40 प्रतिशत हो गया और मार्च 2026 तक इस आंकड़े में लगभग 20 प्रतिशत और बढ़ोतरी हो गई। अधिकारी ने कहा, "स्कूलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाए जाने के मामलों में बढ़ोतरी कक्षाओं में बच्चों के ध्यान में कमी, ऑनलाइन माध्यम से धमकाए जाने (साइबरबुलिंग) और बच्चों पर डिजिटल माहौल के व्यापक प्रभाव को लेकर बढ़ती चिंताओं को दर्शाती है। हालांकि, वैश्विक परिदृश्य केवल प्रतिबंध की ओर साधारण बदलाव से कहीं अधिक जटिल है। उन्होंने बताया कि 2025 के अंत से कई देशों ने स्कूलों में मोबाइल फोन पर राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंध लागू किया है, जिससे इस प्रवृत्ति में लगातार बढ़ोतरी हुई है। हाल के समय में बोलीविया, कोस्टा रिका, क्रोएशिया, जॉर्जिया, मालदीव और माल्टा जैसे देश इस सूची में शामिल हुए हैं। फ्रांस उन देशों में शामिल है जहां इस मुद्दे पर बहस अब भी जारी है। यहां स्कूलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर शुरुआती और व्यापक रूप से उद्धृत प्रतिबंधों में से एक लागू किया गया था, जिसके तहत प्राथमिक और उच्च प्राथमिक कक्षाओं में फोन के उपयोग पर रोक है। जीईएम की रिपोर्ट के अनुसार, नीति निर्माता अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या और अधिक विनियमन की आवश्यकता है। फ्रांसीसी संसद में विचाराधीन एक विधायी प्रस्ताव का उद्देश्य स्कूलों में स्मार्टफोन के उपयोग को नियंत्रित करने वाले अधिक विशिष्ट नियम स्थापित करना है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कई मामलों में यह प्रतिबंध पूरे स्कूल समय या कक्षा के भीतर लागू होता है, जबकि कुछ व्यवस्थाओं में केवल शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए या विशेष परिस्थितियों (जैसे दिव्यांग या बीमार छात्रों) में ही फोन के उपयोग की अनुमति दी जाती है, या फिर फोन बंद करके सुरक्षित रखने की शर्त होती है। रिपोर्ट के अनुसार, सभी सरकारें पूर्ण प्रतिबंध के पक्ष में नहीं हैं। कुछ देशों ने हाल ही में ऐसे राष्ट्रीय दिशा-निर्देश अपनाए हैं, जिनके तहत स्कूलों को फोन का उपयोग सीमित करने की नीतियां बनाने के लिए कहा गया है, लेकिन सख्त राष्ट्रव्यापी प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार कोमोरोस, कोलंबिया, एस्टोनिया, लिथुआनिया, आइसलैंड, पेरू, इंडोनेशिया, सर्बिया, पोलैंड और फिलीपींस ऐसे देशों में शामिल हैं। इसके अलावा, कई जगहों पर राज्य या क्षेत्रीय स्तर पर भी बहस जारी है, जहां सरकारें राष्ट्रीय दिशा-निर्देश और स्कूलों की स्वायत्तता के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही हैं। जिन देशों में शिक्षा प्रणाली विकेंद्रीकृत है, वहां प्रतिबंध अक्सर पहले क्षेत्रीय या स्थानीय स्तर पर लागू किए जाते हैं। अमेरिका में कोई राष्ट्रव्यापी प्रतिबंध नहीं है, लेकिन इसके 39 राज्यों ने प्रतिबंध या नियम लागू किए हैं जिनके तहत स्कूलों को कक्षाओं में फोन के उपयोग को प्रतिबंधित करने वाली नीतियां अपनानी होंगी। रिपोर्ट के अनुसार, शैक्षणिक सफलता के लिए भावनात्मक स्वास्थ्य बेहद अहम है और इस पर सोशल मीडिया का प्रभाव खासकर लड़कियों में अधिक स्पष्ट रूप से देखा गया है। इसमें कहा गया है कि 10 वर्ष की उम्र में सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग का संबंध आगे चलकर सामाजिक-भावनात्मक समस्याओं में वृद्धि से जुड़ा है, जबकि लड़कों में ऐसा रुझान नहीं देखा गया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इसी कारण कुछ देशों ने बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर पाबंदी लागू की है या उस पर विचार कर रहे हैं। इनमें ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, पुर्तगाल और स्पेन जैसे देश शामिल हैं, जबकि डेनमार्क, चेक गणराज्य और इंडोनेशिया में इस मुद्दे पर चर्चा जारी है।
-
जमशेदपुर. झारखंड के जमशेदपुर स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) और आईआईटी-रुड़की ने शैक्षणिक और अनुसंधान सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। यहां जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस समझौता ज्ञापन पर शुक्रवार को एनआईटी-जमशेदपुर के निदेशक गौतम सूत्रधार और आईआईटी-रुड़की के निदेशक कमल किशोर पंत ने हस्ताक्षर किए। इस समझौते का उद्देश्य दोनों प्रमुख संस्थानों के बीच शैक्षणिक और अनुसंधान सहयोग को मजबूत करना है।
बयान में बताया गया कि इससे संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं, संयुक्त पीएचडी पर्यवेक्षण, छात्र व संकाय विनिमय कार्यक्रमों, इंटर्नशिप के अवसरों और 'स्टार्टअप इनक्यूबेशन' पहल को बढ़ावा मिलेगा। -
नागपुर/ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को कहा कि देवेंद्र फडणवीस के दिवंगत पिता गंगाधरराव फडणवीस ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की सोच को आकार दिया ताकि वे राजनीति को समाज सेवा के साधन के रूप में देख सकें। नागपुर में 'गंगाधरराव फडणवीस निदान सेंटर' का उद्घाटन करने के बाद भागवत ने कहा कि यह सुविधा, जो जनसेवा के लिए है, यह उस व्यक्ति के नाम पर है जिसने अपने जीवन के माध्यम से यह दिखाया कि एक सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता को कैसे कार्य करना चाहिए। भगवत ने कहा, ''गंगाधरराव ने ही देवेंद्र फडणवीस और नितिन गडकरी की सोच को आकार दिया, जो विश्वासपूर्वक कह सकते हैं कि राजनीति का अर्थ सामाजिक सेवा है। गंगाधरराव लोगों से जुड़ने और उन्हें सामाजिक कार्यों में संलग्न करने में कुशल थे। वे ईमानदार रहे और एक व्यापक सामाजिक लक्ष्य की पूर्ति के लिए निस्वार्थ भाव से काम करते रहे।'' आरएसएस प्रमुख ने कहा कि अपने सक्रिय वर्षों के दौरान सीमित संसाधनों और धन के बावजूद, गंगाधरराव ने एक बड़े उद्देश्य के लिए लोगों को एक साथ लाने पर ध्यान केंद्रित किया, और जैसे-जैसे अधिक लोग जुड़ते गए समर्थन मिलता गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि सेवा कोई एहसान नहीं बल्कि आत्म-शुद्धि का साधन है और मन को ऐसे कार्यों में लगाए रखना आवश्यक है। चुनाव के समय सेवा करने वालों की संख्या में वृद्धि होती है, लेकिन भागवत ने कहा कि ऐसे प्रयास कभी-कभी स्वार्थ या भय से प्रेरित होते हैं और लंबे समय तक कायम नहीं रह पाते। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि उनके पिता द्वारा किए गए कार्यों का उन पर गहरा प्रभाव पड़ा और उन्हें समाज की निस्वार्थ सेवा करने की प्रेरणा मिली। सुविधा के उद्घाटन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए फडणवीस ने कहा कि निदान केंद्र के लिए काम करने वाली टीम ने जोर दिया था कि इसका नाम उनके पिता के नाम पर रखा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने और उनके परिवार ने कभी भी अपनी किसी दान-पुण्य पहल का नाम अपने पिता के नाम पर नहीं रखा था, लेकिन निदान केंद्र के से जुड़ी टीम उनकी माता को मनाने में सफल रही। उन्होंने कहा कि निदान केंद्र में आधुनिक उपकरण हैं जो किफायती कीमतों पर या मुफ्त में भी कई प्रकार की सेवाएं प्रदान करते हैं। फडणवीस ने कहा कि बचपन में पिता के कार्यों को देखकर उन पर गहरा प्रभाव पड़ा और इसी ने उन्हें समाज की निस्वार्थ सेवा करने के लिए प्रेरित किया। फडणवीस ने कहा कि आरएसएस और संघ प्रमुख मोहन भागवत से प्रेरणा लेकर और गडकरी के मार्गदर्शन में विभिन्न कल्याणकारी पहलें चलाई जा रही हैं। उन्होंने आगे कहा, ''सरकार ने महाराष्ट्र में 4500 अस्पतालों का एक नेटवर्क बनाया है, जिनमें 2400 बीमारियों का मुफ्त इलाज उपलब्ध है। इसके साथ ही ऐसे कई निदान केंद्रों की भी आवश्यकता है।'' गंगाधरराव के साथ अपने घनिष्ठ और लंबे जुड़ाव को याद करते हुए गडकरी ने कहा कि उन्होंने बेहद कठिन समय में भी भाजपा और जनसंघ के लिए निस्वार्थ भाव से काम किया। गडकरी ने कहा कि उन्होंने नागपुर में पार्टी के विस्तार के लिए काम किया।
- लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नर्सिंग को सेवा और संवेदना का पेशा बताते हुए रविवार को कहा कि जब सेवा और संवेदना मरीज के साथ जुड़ती हैं, तो उसके सकारात्मक परिणाम सामने आते हैं। उन्होंने कहा कि इसी भावना के साथ राज्य सरकार नर्सिंग अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ रही है। मुख्यमंत्री ने यहां चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित समारोह में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग से चयनित नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के बाद कहा, '' नर्सिंग का पेशा सेवा और संवेदना का है। आपकी सेवा और संवेदना जब मरीज के साथ जुड़ती है, तो उसके परिणाम हम सबके सामने आते हैं।''एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार इस अवसर पर 1,228 नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र दिए गए, जिनमें 1,097 महिलाएं और 131 पुरुष शामिल हैं। आदित्यनाथ ने कहा, "नवरात्र के अवसर पर बेटियों को नियुक्ति पत्र मिलना नारी सशक्तीकरण का एक आदर्श उदाहरण है। मैं सभी अभ्यर्थियों को हृदय से बधाई देता हूं और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को धन्यवाद देता हूं।" उन्होंने कहा, "वह समय बीत चुका है जब यह सोचा जाता था कि मेडिकल कॉलेज या नर्सिंग कॉलेज खोलने से क्या होगा। मेडिकल शिक्षा महंगी हो सकती है, लेकिन नर्सिंग ऐसा क्षेत्र है जिसमें डिग्री प्राप्त करने के बाद रोजगार की पूरी संभावना रहती है।" मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय नर्सिंग पेशेवरों की मांग केवल देश में ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में हो रही है। उन्होंने कहा, "हाल ही में मैं जापान गया था, जहां बड़ी संख्या में नर्सिंग पेशेवरों की मांग है। जर्मनी, कोरिया और यूरोप के अन्य देशों में भी भारतीय नर्सों की मांग है और उन्हें भरोसा है कि वे उत्कृष्ट कार्य करेंगी।" आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार मेडिकल कॉलेजों और चिकित्सा संस्थानों में बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए नर्सिंग अधिकारियों को सेवाओं से जोड़ रही है। उन्होंने कहा, "आपका चयन लोकसेवा आयोग से हुआ है और अब चिकित्सा शिक्षा विभाग के माध्यम से आपको इस अभियान को आगे बढ़ाना है।"पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश का स्वास्थ्य ढांचा कमजोर था। उन्होंने कहा, "1947 से 2017 तक 70 वर्षों में प्रदेश में केवल 17 सरकारी मेडिकल कॉलेज थे और निजी क्षेत्र सहित कुल संख्या 40 थी। आज सरकारी और निजी क्षेत्र मिलाकर इनकी संख्या बढ़कर 81 हो गई है। यह उपलब्धि नौ वर्षों में हासिल की गई है।" मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष है तथा समाज के हर वर्ग को बिना भेदभाव के अवसर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश सरकार ने नौ लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी हैं, जो देश में किसी भी राज्य द्वारा दी गई सबसे बड़ी संख्या मानी जा रही है। अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए उन्होंने कहा कि वर्षों से बंद पड़े एएनएम और जीएनएम प्रशिक्षण संस्थानों को पुनः शुरू किया गया है। प्रदेश में 35 बंद एएनएम प्रशिक्षण केंद्रों को फिर से संचालित किया गया है, जबकि 31 नए नर्सिंग कॉलेजों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण की दिशा में भी प्रदेश ने महत्वपूर्ण प्रगति की है। उन्होंने नर्सिंग क्षेत्र से जुड़ी छात्राओं से आह्वान किया कि वे बीएससी नर्सिंग और जीएनएम पाठ्यक्रम के साथ मराठी, तेलुगु, मलयालम, तमिल और बांग्ला जैसी भारतीय भाषाओं का भी ज्ञान प्राप्त करें, ताकि देश-विदेश में सेवा के अवसरों का लाभ उठा सकें। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग का दायित्व संभाल रहे उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए नर्सिंग अधिकारियों को सेवा भाव से कार्य करने के लिए प्रेरित किया। पाठक ने कहा कि किसी भी प्रकार की कठिनाई होने पर वे उनसे सीधे संपर्क कर सकते हैं। इस समारोह को चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने भी संबोधित किया।
- बेंगलुरु. शहर के बाहरी इलाके में 21 मार्च की देर रात दो अलग-अलग सड़क हादसों में तीन महिलाओं सहित छह लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, काशी की आध्यात्मिक यात्रा के लिए निकलीं तीन महिलाओं की उस समय मौत हो गई जब हवाई अड्डे की ओर जा रहे उनके टेम्पो ट्रैवलर को देवनहल्ली के पास एक तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। इसने बताया कि तुमकुरु जिले के टिपटूर से काशी जाने के लिए 12 लोग हवाई अड्डे जा रहे थे।अधिकारियों के अनुसार, दुर्घटना में तीन महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई और एक अन्य महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे इलाज के लिए बेंगलुरु के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। क्षतिग्रस्त टेम्पो के चालक सहित सभी घायलों का स्थानीय अस्पतालों में इलाज कराया जा रहा है।पुलिस ने बताया कि इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है। वहीं, एक अन्य सड़क दुर्घटना में, मेदाहल्ली के पास पंचर की वजह से सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से एक छोटे मालवाहक वाहन के भिड़ जाने से तीन लोगों की मौत हो गई। दुर्घटना में मालवाहक वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। पुलिस ने इस घटना के संबंध में मामला दर्ज कर लिया है।
- नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम एशिया में बदलती स्थिति के मद्देनजर कच्चे तेल, गैस और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों तथा ऊर्जा एवं उर्वरक क्षेत्रों से संबंधित स्थिति की रविवार को वरिष्ठ मंत्रियों के साथ समीक्षा की। सरकारी सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि बैठक का मुख्य उद्देश्य देश भर में निर्बाध आपूर्ति और कुशल वितरण सुनिश्चित करना है तथा सरकार इस दिशा में सक्रिय कदम उठा रही है। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह , कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, विदेश मंत्री एस जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव उन लोगों में शामिल थे, जिन्होंने इस उच्च स्तरीय बैठक में हिस्सा लिया। केंद्रीय मंत्रियों सर्बानंद सोनोवाल (बंदरगाह एवं जहाजरानी), मनोहर लाल खट्टर (ऊर्जा), प्रह्लाद जोशी (खाद्य एवं उपभोक्ता मामले), किंजरापु राममोहन नायडू (नागरिक उड्डयन) और हरदीप सिंह पुरी (पेट्रोलियम), राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और प्रधानमंत्री के दो प्रधान सचिव पी के मिश्रा और शक्तिकांत दास भी मौजूद थे।सूत्रों ने बताया कि पश्चिम एशिया की बदलती स्थिति को देखते हुए कच्चे तेल, गैस, पेट्रोलियम उत्पादों और बिजली एवं उर्वरक क्षेत्रों से संबंधित स्थिति की समीक्षा की गई। सूत्रों के अनुसार सरकार पेट्रोलियम उत्पादों समेत सभी आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय कदम उठा रही है। सूत्रों ने बताया कि बैठक में पश्चिम एशिया संघर्ष के मद्देनजर मौजूदा वैश्विक स्थिति और उपभोक्ता एवं उद्योग हितों की रक्षा के लिए उठाए गए उपायों की समीक्षा की गई। मोदी ने 12 मार्च को कहा था कि पश्चिम एशिया में युद्ध ने विश्वव्यापी ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है, जो राष्ट्रीय चरित्र की एक गंभीर परीक्षा है और इससे शांति, धैर्य एवं लोगों में अधिक जागरूकता के जरिये निपटने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने कहा था कि उनकी सरकार अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखलाओं में उत्पन्न व्यवधानों से निपटने के लिए लगातार काम कर रही है। मोदी ने कहा था, ''यह पता लगाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं कि आपूर्ति श्रृंखला में आए व्यवधानों से हम कैसे पार पा सकते हैं।'' प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद से दुनिया के कई नेताओं से बात की है।अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर 28 फरवरी को हमला किए जाने के बाद युद्ध की शुरुआत हुई। ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजराइल और खाड़ी क्षेत्र के अपने कई पड़ोसी देशों पर हमला किया। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बाधित कर दिया है, जो एक प्रमुख समुद्री मार्ग है और इसके जरिये दुनिया की 20 प्रतिशत ऊर्जा की ढुलाई होती है। संघर्ष शुरू होने के बाद से ईरान ने बहुत कम पोतों को इससे गुजरने की अनुमति दी है। इसके कारण भारत समेत कई देशों में ऊर्जा आपूर्ति में गंभीर व्यवधान पैदा हो गया है। संघर्ष शुरू होने के बाद से मोदी ने सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन, फ्रांस, मलेशिया, इजराइल और ईरान के नेताओं से टेलीफोन पर बातचीत की है।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में बिताए गए रिकॉर्ड 8,931 दिनों की रविवार को सराहना की और कहा कि यह सेवा, कड़ी मेहनत एवं अटूट प्रतिबद्धता पर आधारित एक मील का पत्थर है। उन्होंने कहा कि पहले गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में और अब प्रधानमंत्री के रूप में मोदी द्वारा सार्वजनिक जीवन में 8,931 दिनों का रिकॉर्ड बनाया जाना राष्ट्र-प्रथम, शासन, कार्यों में ईमानदारी और प्रत्येक नागरिक की अथक सेवा के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। शाह ने 'एक्स' पर एक संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी रविवार को सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग के 8,930 दिनों के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए भारत में सर्वाधिक समय तक सरकार के प्रमुख रहने वाले व्यक्ति बन गए। गृह मंत्री ने कहा, "मोदी जी की दशकों की सेवा ने एक नए युग को जन्म दिया है। चाहे गरीबों को उनके अधिकार दिलाना हो, विकास में नए मुकाम हासिल करना हो या वैश्विक मंचों पर देश का गौरव बढ़ाना हो, मोदी युग ने भारत को पूरी तरह से बदल दिया है।"उन्होंने कहा कि इस नए भारत के निर्माण के लिए जीवन भर के प्रयास की आवश्यकता थी, और प्रधानमंत्री मोदी ने वह प्रयास किया। शाह ने कहा, "24 वर्षों से अधिक समय तक बिना छुट्टी लिए राष्ट्र और उसकी जनता की सेवा करना उनकी अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है। यही कारण है कि उन्हें गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में तीन बार और भारत के प्रधानमंत्री के रूप में तीन बार जनता से अभूतपूर्व स्नेह प्राप्त हुआ। जनता का विश्वास, स्नेह और समर्थन उनके प्रति दिन-प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है।" इस उपलब्धि को ''सेवा, कड़ी मेहनत और अटूट प्रतिबद्धता पर आधारित एक मील का पत्थर'' बताते हुए शाह ने अपने पोस्ट में कहा, ''अभूतपूर्व विश्वास और अद्वितीय सेवा पर निर्मित एक दुर्लभ विरासत। प्रधानसेवक मोदी।'' मोदी ने 7 अक्टूबर, 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।वह 21 मई, 2014 तक इस पद पर बने रहे। साल 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को 282 सीट के साथ शानदार जीत दिलाने के बाद मोदी ने 26 मई को प्रधानमंत्री के रूप में पहली बार शपथ ली। भाजपा स्पष्ट बहुमत हासिल करने वाली पहली गैर-कांग्रेसी पार्टी बनी, जिसने कांग्रेस को मात्र 44 सीट पर समेटते हुए धूल चटा दी।
- जम्मू. जम्मू कश्मीर के रियासी जिले में त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित माता वैष्णो देवी के गुफा मंदिर की यात्रा अस्थायी स्थगन के बाद रविवार को फिर से शुरू कर दी गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने शनिवार को भवन क्षेत्र में भारी भीड़ के मद्देनजर यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी थी। दोपहर बाद तक करीब 39,000 श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे, जिसके चलते एहतियातन यह कदम उठाया गया। चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू हुई है और 27 मार्च को समाप्त होगी।श्राइन बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया, "भवन में अत्यधिक भीड़ के कारण यात्रा अस्थायी रूप से स्थगित की गई थी, जिसे अब फिर से शुरू कर दिया गया है।" उन्होंने कहा कि कटरा में रविवार सुबह से यात्रा के लिए पंजीकरण भी दोबारा शुरू हो गया।अधिकारियों के अनुसार, अब तक करीब एक लाख श्रद्धालु माता के दर्शन कर चुके हैं। शनिवार को 39,000 से अधिक श्रद्धालु कटरा पहुंचे और मंदिर में मत्था टेका। पंजीकरण के बाद 5,000 से अधिक श्रद्धालु गुफा मंदिर की ओर रवाना हुए। पंजीकरण केंद्रों पर भी भारी भीड़ देखी गई। नवरात्र के तीसरे दिन 'जय माता दी' के जयकारों के साथ सैकड़ों श्रद्धालु त्रिकुटा पहाड़ियों की घुमावदार रास्तों से होते हुए भवन की ओर बढ़ते नजर आए। फूलों से सुसज्जित और रंग-बिरंगी रोशनी से आलोकित गुफा मंदिर का परिसर श्रद्धालुओं की भीड़ से गुलजार है। प्रशासन ने कटरा आधार शिविर और मंदिर तक जाने वाले मार्ग पर बहुस्तरीय सुरक्षा प्रबंध किए हैं ताकि यात्रा सुरक्षित और सुचारू ढंग से संचालित हो सके। वहीं, चैत्र नवरात्रि 2026 की शुरुआत के साथ श्री माता वैष्णो देवी श्राइन में 'शत चंडी महायज्ञ' भी बृहस्पतिवार को प्रारंभ हुआ।
- मंडला (मध्यप्रदेश) .मध्यप्रदेश के मंडला जिले में एक मोटरसाइकिल के अनियंत्रित होकर जर्जर पुल से नीचे गिर गई जिस कारण वाहन पर सवार चार युवकों की मौत हो गई। पुलिस के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि यह घटना शनिवार रात लगभग आठ बजे के करीब जिले के बीजाडांडी थाना क्षेत्र के भैंसवाही गांव के पास हुई जब एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर चार युवक पौड़ी गांव से भैसवाही गांव की ओर जा रहे थे। थाना प्रभारी अनीता कुड़ापे ने बताया कि पुल से गुजरने के दौरान सड़क के गड्ढे के कारण मोटरसाइकिल नीचे गिर गई। उन्होंने कहा कि इस दुर्घटना में चारों युवक गंभीर रुप से घायल हो गए और बाद में उनकी मौत हो गई।कुड़ापे ने बताया कि युवकों की पहचान रामतिला निवासी प्रमोद कुमार नरेती (24), बस्तरी निवासी संतलाल उइके (23) और कुटरई निवासी शिवम यादव (25) तथा गंगाराम (22) के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर की जांच शुरू कर दी है।
- नयी दिल्ली. देश का कोयला आयात चालू वित्त वर्ष के पहले 10 माह (अप्रैल-जनवरी) के दौरान 4.2 प्रतिशत घटकर 21.31 करोड़ टन रहा है। समुद्री मार्ग से ढुलाई महंगी होने के कारण अभी कोयला आयात कमजोर ही रहने की संभावना है। आयात में गिरावट से पता चलता है कि देश कोयला उत्पादन में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है, जबकि घरेलू उत्पादन बढ़ रहा है। हालांकि, भू-राजनीतिक तनाव की वजह से आपूर्ति में आई बाधा की वजह से वैश्विक स्तर पर तापीय कोयले की कीमतें चढ़ रही हैं।बी2बी ई-कॉमर्स मंच एमजंक्शन सर्विसेज लि. के आंकड़ों के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-जनवरी के दौरान, गैर-कोकिंग कोयले का आयात 12.78 करोड़ था, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के 14.11 करोड़ टन के आंकड़े से कम है। एमजंक्शन सर्विसेज सेल और टाटा स्टील का संयुक्त उद्यम है। अप्रैल-जनवरी, 2025-26 के दौरान कोकिंग कोयले का आयात 5.03 करोड़ टन रहा, जो एक साल पहले इसी अवधि में 4.58 करोड़ टन था। जनवरी में देश का कोयला आयात 22.1 प्रतिशत घटकर 1.66 करोड़ टन रह गया, जो पिछले वित्त वर्ष के इसी महीने में 2.13 करोड़ टन रहा था। जनवरी में हुए कुल आयात में से, गैर-कोकिंग कोयले का हिस्सा 94.5 लाख था, जो पिछले साल जनवरी के आंकड़े 1.23 करोड़ टन से कम है। कोकिंग कोयले का आयात 42.3 लाख था, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 52.3 लाख टन रहा था। एमजंक्शन के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विनय वर्मा ने कहा, ''घरेलू बाजार में ज्यादा स्टॉक होने की वजह से तापीय कोयले के आयात में (सालाना आधार पर) काफी गिरावट आई है। समुद्री मार्ग से ढुलाई की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ आयात और कम रहने की संभावना है।'' अगले कुछ साल में घरेलू कोयले का उत्पादन सालाना 6-7 प्रतिशत की दर से बढ़कर 2029-30 तक लगभग 1.5 अरब टन तक पहुंचने की उम्मीद है।
- नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को विश्व जल दिवस के अवसर पर पृथ्वी के भविष्य को आकार देने वाले इस आवश्यक जीवन तत्व के संरक्षण की अपील की। मोदी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''पानी हमें जीवन देता है और हमारे ग्रह के भविष्य को आकार देता है। विश्व जल दिवस के अवसर पर आइए हम एक-एक बूंद पानी के संरक्षण और उसके जिम्मेदार उपयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराएं।''प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दिन उन लोगों की सराहना करने का भी है जो सतत तरीकों को अपनाते हैं, जागरूकता फैलाते हैं और संरक्षण की संस्कृति को बढ़ावा देते हैं। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, विश्व जल दिवस का एक प्रमुख उद्देश्य सतत विकास लक्ष्य- छह को हासिल करना है, जिसका उद्देश्य 2030 तक सभी के लिए स्वच्छ पानी और स्वच्छता सुनिश्चित करना है। संयुक्त राष्ट्र ने अपनी वेबसाइट पर कहा कि 2026 के विश्व जल दिवस अभियान में परिवर्तनकारी और अधिकार आधारित दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया गया है जिसमें महिलाओं को जल संबंधी निर्णयों में समान आवाज, नेतृत्व और अवसर दिए जाने पर जोर दिया गया है।
- नयी दिल्ली. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, कमजोर होते रुपये और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का भारत की वृद्धि और कंपनियों की कमाई पर असर पड़ने की आशंका के बीच विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने मार्च में अबतक भारतीय शेयर बाजार से 88,180 करोड़ रुपये (लगभग 9.6 अरब डॉलर) निकाले हैं। एनएसडीएल के आंकड़ों के अनुसार, एफपीआई की यह निकासी फरवरी में उनके द्वारा की गई खरीदारी के बाद देखने को मिली है। फरवरी में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय शेयरों में 22,615 करोड़ रुपये का निवेश किया था, जो 17 महीनों का सबसे ऊंचा आंकड़ा था। हालिया निकासी के साथ 2026 में अबतक एफपीआई भारतीय शेयर बाजार से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक निकाल चुके हैं। मार्च में (20 मार्च तक), एफपीआई हर कारोबारी सत्र में शुद्ध बिकवाल रहे। उन्होंने इस दौरान 88,180 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं।हालांकि, यह निकासी अक्टूबर, 2024 की 94,017 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड निकासी से कम है। एंजल वन के वरिष्ठ बुनियादी विश्लेषक वकारजावेद खान ने कहा कि एफपीआई की निकासी की मुख्य वजह पश्चिम एशिया तनाव है। इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से कच्चे तेल का दाम 100 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गया है, जिससे एफपीआई जोखिम लेने से बच रहे हैं। मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के प्रमुख प्रबंधक शोध हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि बढ़ता अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल एफपीआई की निकासी की एक और बड़ी वजह है। ज्यादा प्रतिफल ने डॉलर वाली संपत्तियों का आकर्षण बढ़ाया है, जिससे भारत जैसे उभरते बाज़ारों से एफपीआई निकासी कर रहे हैं। इसी तरह की चिंता जताते हुए जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष ने एफपीआई की बिकवाली को तेज कर दिया है। उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजारों में कमजोरी, रुपये में लगातार गिरावट और भारत की वृद्धि और कंपनियों की कमाई पर कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का असर पड़ने की आशंका ने निवेशक धारणा को प्रभावित किया है।--
-
नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने शनिवार को जानकारी दी कि असम, केरल और पुडुचेरी में पहला रैंडमाइजेशन पूरा हो गया है। आयोग ने असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की विधानसभाओं के लिए आम चुनाव व 6 राज्यों में उपचुनावों का कार्यक्रम 15 मार्च को घोषित किया था।
ईवीएम को दो चरणों वाली रैंडमाइजेशन प्रक्रिया के माध्यम से उनके संबंधित मतदान केंद्रों को आवंटित किया जाता है। पहले चरण में जिला स्तर के गोदामों से विधानसभा क्षेत्रों को ईवीएम का रैंडम आवंटन किया जाता है जबकि दूसरे चरण में एसी स्तर से मतदान केंद्र स्तर तक ईवीएम का रैंडम आवंटन किया जाता है।चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार, सभी चुनाव वाले राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) को प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) पास कर चुकी ईवीएम-वीवीपैट मशीनों का पहला रैंडमाइजेशन पूरा करना होगा। असम, केरल और पुडुचेरी के आम चुनाव के साथ ही गोवा, कर्नाटक, नागालैंड और त्रिपुरा में होने वाले उपचुनावों के लिए ईवीएम का पहला रैंडमाइजेशन पूरा कर लिया गया है।पहला रैंडमाइजेशन राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में डीईओ की ओर से ईवीएम प्रबंधन प्रणाली (ईएमएस) के माध्यम से किया गया। निर्वाचन क्षेत्रवार रैंडमाइजेशन से चयनित ईवीएम और वीवीपैट की सूचियां सभी राष्ट्रीय और राज्य मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ उनके संबंधित जिला मुख्यालयों पर साझा की गई हैं।इन ईवीएम और वीवीपैट को संबंधित विधानसभा के स्ट्रांग रूम में राष्ट्रीय और राज्य मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में सुरक्षित रखा जाएगा। चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप देने के बाद, पहली और दूसरी रैंडमाइजेशन से चयनित ईवीएम और वीवीपैट की सूची भी सभी चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के साथ साझा की जाएगी। -
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मथुरा दौरे पर हैं। वे आज शनिवार को गोवर्धन पहुंचीं, जहां वे गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा कर रही हैं। द्रौपदी मुर्मु गोवर्धन पहुंचने वाली देश की पहली राष्ट्रपति भी हैं।
शनिवार को दिल्ली लौटने से पहले राष्ट्रपति मुर्मु का गोवर्धन परिक्रमा का भी कार्यक्रम तय था। उन्होंने गोवर्धन पहुंचकर गोल्फ कार्ट के जरिए 7 कोस की परिक्रमा शुरू की। परिक्रमा पूरी होने के बाद वे नई दिल्ली के लिए रवाना होंगी।इससे पहले, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार को वृंदावन में रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम में नंद किशोर सोमानी कैंसर चिकित्सा ब्लॉक का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि रामकृष्ण मिशन आध्यात्मिक चेतना और मानवतावादी सेवा के संगम का सशक्त प्रतीक है। रामकृष्ण परमहंस की गहन भक्ति ने एक ऐसी शक्ति का संचार किया, जिसे उनके प्रमुख शिष्य स्वामी विवेकानंद ने बाद में मानवता के कल्याण के लिए संस्थागत रूप दिया। रामकृष्ण मिशन ने निरंतर यह संदेश दिया है कि प्रेम, सेवा और करुणा ईश्वर प्राप्ति का सर्वोच्च मार्ग प्रशस्त करते हैं। इस मिशन ने यह सिद्ध किया है कि सच्ची निस्वार्थ सेवा और करुणा ही आध्यात्मिकता की वास्तविक अभिव्यक्ति है।आपको बता दें, राष्ट्रपति मुर्मु गुरुवार शाम मथुरा पहुंची थीं और वहां इस्कॉन मंदिर गईं। उन्होंने मंदिर में प्रार्थना की और शाम की आरती में भाग लिया। शुक्रवार को राष्ट्रपति वृंदावन पहुंची, जहां उन्होंने श्री हित राधा केली कुंज आश्रम में प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच हुई इस शिष्टाचार भेंट में राष्ट्रपति और महाराज ने मुख्य रूप से अध्यात्म, सेवा और जनकल्याण जैसे विषयों पर चर्चा की।श्री हित राधा केली कुंज आश्रम पहुंचते ही प्रेमानंद महाराज के अनुयायियों और शिष्यों ने राष्ट्रपति द्रौपदी का भव्य और पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। राष्ट्रपति ने आश्रम में समय बिताते हुए संत के आशीर्वाद लिए और उनके विचारों को समझा। राष्ट्रपति मुर्मु ने साध्वी ऋतंभरा की ओर से स्थापित संस्था वात्सल्य ग्राम का भी दौरा किया। यह संस्था बुजुर्गों और अनाथ बच्चों की देखभाल के लिए जानी जाती है, और राष्ट्रपति वहां जाकर संस्थान के कामकाज की जानकारी ली। इसके साथ ही, उन्होंने बच्चों और बुजुर्गों से मुलाकात की। -
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में संकट बढ़ने और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के प्रभावित होने के मद्देनजर सरकार ने शहरी गैस वितरण (सीजीडी) संस्थाओं को होटलों, रेस्तरां और कैंटीन जैसे वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए पीएनजी कनेक्शन को प्राथमिकता देने की सलाह दी है।
आईजीएल, एमजीएल, गेल और बीपीसीएल सहित सीजीडी कंपनियां वर्तमान में प्रोत्साहन राशि की पेशकश कर रही हैं। पीएनजीआरबी ने इन्हें आवेदन जमा करने और उपभोक्ताओं के घरों तक गैस आपूर्ति शुरू होने के बीच की समय सीमा को कम करने और जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया है।सरकार ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से सीजीडी विस्तार के लिए अनुमोदन प्रक्रिया में तेजी लाने का भी अनुरोध किया है। इस बीच, केंद्र सरकार ने सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को वाणिज्यिक एलपीजी का अतिरिक्त 10 प्रतिशत आवंटन देने की पेशकश की है लेकिन अगर वे एलपीजी से पीएनजी में लंबे वक्त तक सहायता कर सकें।पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, अब राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों की जिम्मेदारी है कि वे इस सुधार को आगे बढ़ाएं और सीजीडी नेटवर्क का विस्तार सुनिश्चित करें और अपने क्षेत्रों में घरेलू और वाणिज्यिक/औद्योगिक पीएनजी उपभोक्ताओं को कनेक्शन जारी करने में तेजी लाएं।इस बीच, हाल के दिनों में 13,700 से अधिक नए पीएनजी कनेक्शन जारी किए गए हैं और 7,300 से अधिक उपभोक्ता एलपीजी से पीएनजी में स्थानांतरित हो गए हैं, जिससे एलपीजी की मांग पर दबाव कम करने में मदद मिली है।हालांकि मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति को देखते हुए एलपीजी की आपूर्ति अभी भी चिंता का विषय है लेकिन वितरकों के यहां आपूर्ति में कोई कमी नहीं आई है।खास बात यह है कि घबराहट में की गई बुकिंग में काफी गिरावट आई है। 13 मार्च को 89 लाख से घटकर 20 मार्च को लगभग 55 लाख रह गई है जबकि घरेलू एलपीजी की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है।लगभग 18 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने गैर घरेलू एलपीजी के आवंटन के आदेश जारी किए हैं और सभी राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों में आपूर्ति उपलब्ध कराई जा रही है। शैक्षणिक संस्थानों और अस्पतालों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिन्हें वाणिज्यिक एलपीजी आवंटन का लगभग 50 प्रतिशत प्राप्त हो रहा है। सरकार ने बताया कि पिछले सप्ताह लगभग 11,360 मीट्रिक टन वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति की गई है। प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को सुरक्षित आपूर्ति मिलती रहेगी जिसमें घरेलू एलपीजी और सीएनजी परिवहन को 100 प्रतिशत आपूर्ति शामिल है। -
नई दिल्ली। होर्मुज स्ट्रेट इलाके में हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। कई देशों ने मिडिल ईस्ट में ईरान की ओर से की जा रही कार्रवाई की घोर निंदा की और होर्मुज स्ट्रेट बंद करने को लेकर नाराजगी भी जाहिर की है। इसके साथ ही सभी देशों ने संयुक्त बयान जारी कर ईरान से हमले रोकने की अपील की।
ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, जापान, कनाडा, रिपब्लिक ऑफ कोरिया, न्यूजीलैंड, डेनमार्क, लातविया, स्लोवेनिया, एस्टोनिया, नॉर्वे, स्वीडन, फिनलैंड, चेकिया, रोमानिया, बहरीन और लिथुआनिया के नेताओं ने होर्मुज स्ट्रेट में हालात को लेकर संयुक्त बयान जारी किया है।संयुक्त बयान में कहा गया, “हम खाड़ी में बिना हथियार वाले कमर्शियल जहाजों पर ईरान के हालिया हमलों, तेल और गैस इंस्टॉलेशन समेत सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों और ईरानी सेना द्वारा होर्मुज स्ट्रेट को असल में बंद करने की कड़ी निंदा करते हैं। हम बढ़ते संघर्ष पर अपनी गहरी चिंता जताते हैं। हम ईरान से अपील करते हैं कि वह कमर्शियल शिपिंग के लिए स्ट्रेट को रोकने की अपनी धमकियों, माइन बिछाने, ड्रोन और मिसाइल हमलों और दूसरी कोशिशों को तुरंत बंद करे और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का पालन करे।”बयान में आगे कहा गया कि नेविगेशन की आजादी अंतरराष्ट्रीय कानून का एक बुनियादी सिद्धांत है, जिसमें यूनाइटेड नेशंस कन्वेंशन ऑन द लॉ ऑफ द सी भी शामिल है।ईरान की हरकतों का असर दुनिया के सभी हिस्सों के लोगों, खासकर सबसे कमजोर लोगों पर पड़ेगा। यूएनएससी प्रस्ताव 2817 के मुताबिक, हम इस बात पर जोर देते हैं कि इंटरनेशनल शिपिंग में इस तरह की दखलअंदाजी और वैश्विक ऊर्जा सप्लाई चेन में रुकावट अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरा है। इस बारे में हम तेल और गैस इंस्टॉलेशन समेत सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों पर तुरंत पूरी रोक लगाने की अपील करते हैं।सभी देशों ने होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित रास्ता निकालने की कोशिशों का आह्वान किया और कहा, “हम स्ट्रेट से सुरक्षित रास्ता सुनिश्चित करने के लिए सही कोशिशों में मदद करने के लिए तैयार हैं। हम उन देशों की प्रतिबद्धता का स्वागत करते हैं जो तैयारी की योजना कर रहे हैं। हम स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व को सहयोग के साथ रिलीज करने की मंजूरी देने के अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के फैसले का स्वागत करते हैं। हम एनर्जी मार्केट को स्थिर करने के लिए दूसरे कदम उठाएंगे, जिसमें कुछ प्रोड्यूस करने वाले देशों के साथ मिलकर आउटपुट बढ़ाना शामिल है।”उन्होंने कहा, “हम संयुक्त राष्ट्र और आईएफआईएस के जरिए सबसे ज्यादा प्रभावित देशों को मदद देने के लिए भी काम करेंगे। समुद्री सुरक्षा और नेविगेशन की आजादी से सभी देशों को फायदा होता है। हम सभी देशों से अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करने और अंतरराष्ट्रीय खुशहाली और सुरक्षा के बुनियादी सिद्धांतों को बनाए रखने की अपील करते हैं।” - नयी दिल्ली. सरकार ने बुधवार को कहा कि कोचिंग संस्थानों द्वारा दिए जाने वाले विभिन्न भ्रामक विज्ञापनों पर उन्हें नोटिस दिए जाते हैं और जुर्माना लगाया जाता है। उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी ने लोकसभा में प्रश्नकाल में कहा कि भ्रामक विज्ञापनों और अन्य धोखेबाजी वाली गतिविधियों के मामले में कोचिंग कक्षाओं को बहुत नोटिस दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यूपीएससी समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में वरीयता प्राप्त करने वाले छात्रों की तस्वीरों का इस्तेमाल कई कोचिंग संस्थान एक साथ करते हैं।जोशी ने कहा, ''हमने उन्हें नोटिस दिए हैं। उन पर जुर्माना लगाया जाता है और इस बारे में सूचना प्रकाशित भी की जाती है जिससे संस्थानों की साख पर सवाल खड़ा होता है और उन्हें विनियमित करने में मदद मिलती है। ऐसे मामलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।'' वह आरएसपी के सदस्य एन के प्रेमचंद्रन के पूरक प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे जिन्होंने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 में समय के अनुसार आमूल-चूल बदलाव की जरूरत बताते हुए कोचिंग संस्थानों द्वारा भ्रामक विज्ञापन दिए जाने और बढ़ा-चढ़ाकर सफलता के दावे किये जाने का मुद्दा उठाया और सरकार से उनके विरुद्ध की गई कार्रवाई के बारे में पूछा।
- एटा (उप्र). उत्तर प्रदेश के एटा जिले में बुधवार को हुए सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने बताया कि सकरौली थाना क्षेत्र के बालगढ़ी के पास जलेसर से रजावली की तरफ जा रही एक तेज रफ्तार कार के चालक ने सड़क किनारे पैदल जा रहे एक युवक को बचाने का प्रयास करते समय वाहन पर से नियंत्रण खो दिया और कार ने एकs मोटरसाइकिल को टक्कर मारने के बाद एक पैदल यात्री को रौंद दिया। पुलिस के अनुसार टक्कर इतनी जोरदार थी कि मोटरसाइकिल के परखच्चे उड़ गए और कार भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।पुलिस ने बताया कि हादसे में तीन लोगों बबलू शर्मा (32), रचना (30) और दिगंबर (55) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार चालक सतेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने कहा कि घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से शवों को बाहर निकलवाया। पुलिस के अनुसार गंभीर रूप से घायल कार चालक सतेंद्र को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पातल भेज दिया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त वाहनों को कब्जे में ले लिया है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
- नयी दिल्ली. राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन ने उच्च सदन के सेवानिवृत्त हो रहे सदस्यों को विदाई देते हुए बुधवार को कहा कि सेवानिवृत्ति को अंत नहीं, बल्कि नयी भूमिकाओं और जिम्मेदारियों की शुरुआत के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उच्च सदन के कुछ सदस्य इस वर्ष अप्रैल से जुलाई तक सेवानिवृत्त हो रहे हैं। सभापति ने कामना की कि सेवानिवृत्त हो रहे सदस्य इसी समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ राष्ट्र एवं जनता की सेवा करते रहें, जैसा उन्होंने सदन में किया है। इस अवधि के दौरान 20 राज्यों के कुल 59 सदस्य सेवानिवृत्त होंगे, जिनमें नौ महिलाएं शामिल हैं।राधाकृष्णन ने कहा कि संविधान में हर दो साल में सदन के एक तिहाई सदस्यों की सेवानिवृत्ति का प्रावधान है, जिससे सदन की संरचना में आवधिक परिवर्तन होता है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था उच्च सदन के कामकाज में निरंतरता सुनिश्चित करती है और साथ ही नए सदस्यों को सदन में शामिल होने और अपने अनुभव एवं अंतर्दृष्टि से सदन को समृद्ध करने का अवसर प्रदान करती है। सभापति ने कहा कि यह प्रक्रिया वास्तव में हमारे विविध राष्ट्र के सूक्ष्म रूप में इस सदन के स्वरूप को दर्शाती है। उन्होंने कहा, ''सेवानिवृत्ति को अंत के रूप में नहीं, बल्कि नयी भूमिकाओं और जिम्मेदारियों की शुरुआत के रूप में देखा जाना चाहिए। यह नए सदस्यों को कमान सौंपने का प्रतीक है, जो नए विचारों, नयी ऊर्जा और प्रतिबद्धता के साथ इस संस्था की विरासत को आगे बढ़ाएंगे।''राधाकृष्णन ने कहा कि एचडी देवेगौड़ा एक प्रतिष्ठित नेता हैं जिनकी उपस्थिति ने सदन को गरिमा प्रदान की। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व और अनुभव से भी सदन को बहुत लाभ हुआ है। उपसभापति हरिवंश का विशेष उल्लेख करते हुए राधाकृष्णन ने कहा कि उन्होंने ''सदन की कार्यवाही का संचालन गरिमा, निष्पक्षता और गहन जिम्मेदारी के साथ किया और अंतर-संसदीय संघ, राष्ट्रमंडल संसदीय संघ और ब्रिक्स संसदीय मंच सहित अंतरराष्ट्रीय संसदीय मंचों में उनके योगदान हमेशा सम्मान के साथ याद रखे जाएंगे।'' उन्होंने कहा कि भले ही कोई सेवानिवृत्त हो जाए लेकिन उसके अच्छे कार्य हमेशा जीवित रहते हैं। सभापति ने कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले सदस्यों में कई ऐसे प्रतिष्ठित लोग भी शामिल हैं जिन्होंने शासन और सार्वजनिक जीवन में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे सदस्यों के अनुभव से सदन को लाभ हुआ।
- नयी दिल्ली. सरकार ने विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बुधवार को 33,660 करोड़ रुपये की 'भारत औद्योगिक विकास योजना' (भव्य) को मंजूरी दी, जिसके तहत देशभर में 100 'प्लग-एंड-प्ले' औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस योजना को स्वीकृति दी गई। इस योजना के तहत करीब 15 लाख प्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने का अनुमान है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि इस पहल से देश में विश्वस्तरीय औद्योगिक बुनियादी ढांचा विकसित होगा और विनिर्माण क्षेत्र को गति मिलेगी। उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) के सचिव अमरदीप सिंह भाटिया ने प्रेस वार्ता में बताया कि भव्य योजना की अवधि छह वर्ष होगी जो वित्त वर्ष 2026-27 से 2031-32 तक चलेगी। उन्होंने कहा कि इसके पहले चरण में 50 पार्क विकसित किए जाएंगे, जिनके लिए केंद्र सरकार प्रति एकड़ एक करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। 'भव्य' योजना के तहत 100 एकड़ से लेकर 1,000 एकड़ तक के औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे।'प्लग-एंड-प्ले' पार्क विकसित ढांचे वाले औद्योगिक क्षेत्र होते हैं जहां कंपनियां लंबी तैयारी के बगैर तुरंत ही उत्पादन या संचालन शुरू कर सकती हैं। इन पार्कों में आंतरिक सड़कें, भूमिगत उपयोगिताएं, पानी-निकासी, अवशिष्ट प्रबंधन और प्रशासनिक ढांचा जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा, तैयार फैक्ट्री शेड, किसी खास कंपनी की जरूरत के हिसाब से डिजाइन एवं तैयार 'बिल्ट-टू-सूट' इकाइयां, परीक्षण प्रयोगशालाएं, गोदाम और श्रमिकों के लिए आवास जैसी मूल्यवर्धित सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। वैष्णव ने कहा कि इन औद्योगिक पार्कों में बाहरी बुनियादी ढांचे के लिए परियोजना लागत का 25 प्रतिशत तक समर्थन दिया जाएगा, ताकि संपर्क सुविधा बेहतर हो सके। इस योजना के तहत परियोजनाओं का चयन 'चैलेंज मोड' के जरिये किया जाएगा, ताकि केवल निवेश के लिए तैयार एवं सुधारोन्मुख प्रस्तावों को ही आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास कार्यक्रम (एनआईसीडीपी) के तहत विकसित औद्योगिक स्मार्ट शहरों की सफलता को आधार बनाते हुए 'भव्य' योजना को राज्यों और निजी क्षेत्र की साझेदारी में लागू किया जाएगा।उन्होंने कहा कि पहले से स्वीकृत भूमि, तैयार बुनियादी ढांचे और एकीकृत सेवाओं के साथ 'भव्य' योजना निवेशकों के लिए प्रवेश संबंधी बाधाओं को काफी हद तक कम करेगी। इस योजना के तहत करीब 15 लाख प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है। साथ ही, यह पहल एमएसएमई, स्टार्टअप, विनिर्माण इकाइयों और वैश्विक निवेशकों को तैयार औद्योगिक ढांचा उपलब्ध कराकर निवेश को आकर्षित करेगी। सरकार के मुताबिक, ये औद्योगिक पार्क 'पीएम गतिशक्ति' सिद्धांतों के अनुरूप विकसित किए जाएंगे, जिनमें हरित ऊर्जा, सतत संसाधन उपयोग और बहु-स्तरीय संपर्क सुविधा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह पहल क्लस्टर-आधारित औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के साथ घरेलू आपूर्ति शृंखलाओं को मजबूत करने और क्षेत्रीय औद्योगिकीकरण को गति देने में भी मददगार होगी।
- नयी दिल्ली. संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को कहा कि 6जी प्रौद्योगिकी के लिए स्पेक्ट्रम का आवंटन अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संगठन (आईटीयू) और 'तीसरी पीढ़ी की भागीदारी परियोजना' (3जीपीपी) द्वारा अंतिम मानक तय होने के बाद किया जाएगा। 3जीपीपी मोबाइल और वायरलेस नेटवर्क के लिए तकनीकी मानक विकसित करने वाले सात दूरसंचार मानक संगठनों का एक वैश्विक गठजोड़ है। सिंधिया ने यहां संवाददाताओं से कहा कि भारत का 'भारत 6जी गठजोड़' अपने सात कार्यसमूहों के जरिये 6जी मानकों के निर्माण में सक्रिय रहेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि देश वैश्विक स्तर पर इस तकनीक के मानक तय करने में भागीदार बना रहे।सिंधिया ने 6जी स्पेक्ट्रम के आवंटन के बारे में पूछे जाने पर कहा, ''इसका फैसला आईटीयू और 3जीपीपी द्वारा किया जाएगा और संभवतः मानक तय होने के बाद ऐसा होगा।'' इसके पहले उन्होंने 6जी मानकीकरण पर एक अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि 6जी प्रौद्योगिकी डिजिटल और तकनीकी दोनों दृष्टि से मानव सभ्यता में अगली बड़ी छलांग साबित होगी। संचार मंत्री ने 6जी नेटवर्क के सफल कार्यान्वयन के लिए चार प्रमुख बिंदुओं को जरूरी बताया। इनमें वैश्विक स्तर पर नेटवर्क, उपकरण और सेवाओं के बीच सहज संचार सुनिश्चित करना, साझा तकनीकी ढांचा, नवाचार एवं शोध को तेज करना और समावेशी विकास एवं स्वदेशी नवाचार शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग, लगातार संवाद और वैश्विक भागीदारी आवश्यक हैं।
- नयी दिल्ली. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बुधवार को बताया कि यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) राजस्थान के सीकर जिले के रोहिल और छत्तीसगढ़ के जाजवाल में 2,500 टन प्रतिदिन की क्षमता वाला यूरेनियम खनन और प्रसंस्करण संयंत्र लगाने जा रहा है। सिंह ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि ये खनन परियोजनाएं वैधानिक मंजूरियां प्राप्त करने के अलग-अलग चरणों में हैं। उन्होंने कहा, ''यूसीआईएल, जो परमाणु ऊर्जा विभाग के तहत सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है और जिसे देश में यूरेनियम अयस्क के खनन और प्रसंस्करण का काम सौंपा गया है, उसने यूरेनियम खनन की देशज क्षमता को बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं।'' मंत्री ने कहा कि यूसीआईएल ने 'विकसित भारत 2047' के दृष्टिकोण के अनुरूप नई यूरेनियम खनन परियोजना शुरू करने की योजना बनाई है।



























