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चंडीगढ़. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) राष्ट्रीय उन्नति को आगे बढ़ाने तथा गरीबों एवं वंचितों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री ने यह टिप्पणी हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और उनके मंत्रिमंडल सहयोगियों के शपथ ग्रहण समारोह के बाद राजग शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद की। मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हमने सुशासन के पहलुओं और लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के तरीकों पर व्यापक चर्चा की। हमारा गठबंधन राष्ट्रीय उन्नति को आगे बढ़ाने और गरीबों तथा वंचितों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।'' वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, अमित शाह और जे पी नड्डा इस बैठक में शामिल थे। राजग हरियाणा विधानसभा चुनाव में मिली जीत के सिलसिले को महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनावों में भी आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
- नयी दिल्ली. वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी प्रवीण वशिष्ठ को गृह मंत्रालय में नया विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा) नियुक्त किया गया है। एक आधिकारिक आदेश में यह जानकारी दी गयी है। भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 1991 बैच के बिहार कैडर के अधिकारी वशिष्ठ अभी गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के रूप में काम कर रहे हैं। कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने ‘‘एक विशेष मामले'' के तौर पर अतिरिक्त सचिव के रूप में वशिष्ठ के कार्यकाल में कटौती को मंजूरी दे दी और उन्हें गृह मंत्रालय में 31 दिसंबर 2024 तक के लिए विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) नियुक्त किया है। इसमें कहा गया है कि वह निवर्तमान विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा) शिवागामी सुंदरी नंदा के 31 दिसंबर 2024 को सेवानिवृत्त होने के बाद विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा) का प्रभार संभालेंगे। वशिष्ठ का कार्यकाल 31 जुलाई 2026 तक का होगा। गृह मंत्रालय का अहम आंतरिक सुरक्षा विभाग पुलिस, कानून-व्यवस्था, खुफिया ब्यूरो (आईबी) से जुड़े प्रशासनिक और वित्तीय मामलों से निपटने के अलावा आतंकवादियों तथा माओवादियों से पैदा होने वाले खतरों का आकलन करता है।
- पुरी (ओडिशा) .कार्तिक माह के अवसर पर श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए पुरी में श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) ने बुधवार को 18 अक्टूबर से मंदिर में प्रवेश पर कुछ पाबंदी लगाने की घोषणा की। उस दिन से भक्तों को केवल सिंह द्वार और पश्चिमी द्वार से ही प्रवेश की अनुमति होगी। वर्तमान में, भक्त मंदिर के सभी चार द्वारों से मंदिर में प्रवेश करते हैं। यह प्रतिबंध मंदिर के सेवादारों और उनके परिवार के सदस्यों पर लागू नहीं होगा। मंदिर प्रशासन ने सभी से इन नियमों का पालन करने का आग्रह किया है ताकि दर्शन सुचारु और व्यवस्थित हो सके। पुलिस ने कार्तिक महीने के लिए व्यापक व्यवस्था की है। इस महीने के लिए शहर में पुलिस बल की 20 प्लाटून (एक प्लाटून में 30 जवान होते हैं) तैनात की गई हैं।
- जयपुर. राजस्थान के अलवर जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार देर रात एक ट्रक ने ओवरटेक करते समय एक कार को टक्कर मार दी, जिससे तीन युवकों की मौत हो गई। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान सीकर के लक्ष्मणगढ के रहने वाले अनीश (22), विकास (25) और धीरज (26) के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक, बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिये गये और मामले की जांच की जा रही है।
- भोपाल. मध्यप्रदेश के दतिया शहर में महिला कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए सरकारी जिला अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज में पहली बार 'पिंक अलार्म' लगाए गए हैं। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। कोलकाता के आर जी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में प्रशिक्षु चिकित्सक से बलात्कार और हत्या की घटना के बाद हाल ही में सरकारी अस्पतालों में महिला कर्मचारियों की सुरक्षा का मुद्दा सामने उठाया गया था। राज्य के जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि अलार्म सिस्टम जिला कलेक्टर संदीप माकिन की पहल पर लगाया गया है। उन्होंने कहा, "यह राज्य का पहला सरकारी अस्पताल है, जहां यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है। अधिकारी ने बताया कि अलार्म दबाने पर सायरन बजेगा और पांच मिनट के अंदर सुरक्षाकर्मी मुसीबत में फंसे व्यक्ति तक पहुंच जाएंगे। सिविल सर्जन और अस्पताल अधीक्षक डॉ. के सी राठौर ने बताया कि प्रसूति वार्ड, ट्रॉमा सेंटर और नए ओपीडी ब्लॉक की तीनों मंजिलों पर स्टाफ ड्यूटी रूम में अलार्म लगाए गए हैं।
- गुवाहाटी. असम में एक सींग वाले गैंडे के लिए प्रसिद्ध काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) में तितलियों की 446 से अधिक प्रजातियां दर्ज की गई हैं, जिसके बाद यह अरुणाचल प्रदेश के नमदाफा राष्ट्रीय उद्यान के बाद देश में तितलियों का दूसरा सबसे बड़ा केंद्र बन गया है। केएनपी के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। काजीरंगा के वैज्ञानिक डॉ. मानसून ज्योति गोगोई ने वर्षों के दीर्घकालिक अवलोकन और रिकॉर्ड के आधार पर ये आंकड़े तैयार किए हैं। सर्वेक्षण विशेष रूप से पनबाड़ी आरक्षित वनक्षेत्र समेत काजीरंगा-कार्बी आंगलोंग के विभिन्न भागों में किया गया था, जो तितलियों की विभिन्न प्रजातियों का केंद्र है। तितलियों पर लिखी गोगोई की एक नयी सचित्र मार्गदर्शिका में काजीरंगा में दर्ज तितलियों की 446 प्रजातियों का दस्तावेजीकरण किया गया है, जिनमें से 18 देश में नयी हैं। नयी प्रजातियों में बर्मीज थ्रीरिंग, ग्लासी सेरुलीन, डार्क-बॉर्डर हेज ब्लू, अंडमान येलो बैंडेड फ्लैट, फेरार सेरुलीन, ग्रेट रेड-वेन लांसर, पीकॉक ओकब्लू, सिंगल्ड-लाइन्ड फ्लैश, येलो-टेल्ड ऑलकिंग, व्हाइट पाम बॉब, डार्क-डस्टेड पाम डार्ट, क्लैवेट बैंडेड डेमन, पेल-मार्क्ड ऐस, येलो ओनिक्स, लॉन्ग-विंग्ड हेज ब्लू, एस एसपी, हिल एस और ड्वार्फ बैंडेड डेमन शामिल हैं। गोगोई 2007 से इस क्षेत्र में तितलियों पर अध्ययन कर रहे हैं।गोगोई ने कहा कि नमदाफा राष्ट्रीय उद्यान के बाद अब काजीरंगा तितली की प्रजातियों का देश का दूसरा सबसे बड़ा केंद्र है। उन्होंने कहा कि यह रिकॉर्ड विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि काजीरंगा क्षेत्र हिमालय और पटकाई पर्वत श्रृंखलाओं से भी आगे है। इस बीच, मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने गोगोई को बधाई दी।सीएमओ ने पोस्ट किया, "काजीरंगा के एक युवा वैज्ञानिक डॉ. मानसून ज्योति गोगोई ने तितली की 446 से अधिक प्रजातियों का दस्तावेजीकरण किया है, जो नमदाफा के बाद देश में तितलियों का दूसरा बड़ा केंद्र है। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने डॉ. गोगोई को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए शुभकामनाएं दी हैं।
- नयी दिल्ली। जलवायु और अधिक गर्म हो गई है और लोग स्थान बदलने के लिए मजबूर हैं, ऐसे में सूखा विस्थापन की मुख्य वजह बन सकता है और उम्मीद है कि शहरों की आबादी और बढ़ जाएगी। एक अध्ययन में यह बात सामने आई है जिसमें 72 देशों में 50 साल के दौरान हुए आंतरिक विस्थापन की प्रवृत्तियों का विश्लेषण किया गया है। यद्यपि देश के भीतर के विस्थापन या सीमा पार के पलायन को पारंपरिक रूप से आर्थिक या संघर्ष से संबंधित परिणाम के रूप में देखा जाता रहा है लेकिन हाल के वर्षों में लोगों के विस्थापन के लिहाज से पर्यावरणीय कारक अधिक महत्वपूर्ण हो गए हैं। शोधकर्ताओं ने कहा कि जैसे-जैसे सूखे के हालात बढ़ते हैं और क्षेत्र अधिक शुष्क होते जाते हैं, लोगों की आवाजाही तेज होती जाती है, जिससे अक्सर शहरी क्षेत्रों की ओर विस्थापन होता है। शहरों में अवसर कम हो सकते हैं लेकिन उन्हें अधिक स्थिर माना जाता है। इटली के बोकोनी विश्वविद्यालय में ‘ग्रीन रिसर्च सेंटर' के निदेशक और लेखक मार्को पेरकोको ने कहा, ‘‘जब लंबे समय तक सूखा जैसे पर्यावरणीय दबावों का सामना करना पड़ता है, तो कई लोग विस्थापन को अपना सबसे कम बुरा विकल्प मानते हैं।'' जनगणना आधारित आंकड़ों का उपयोग करते हुए शोधकर्ताओं ने 1960 और 2016 के बीच 72 देशों में 1,07,840 लोगों के विस्थापन का विश्लेषण किया। ‘नेचर क्लाइमेट चेंज' नामक पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन में लेखकों ने लिखा है, ‘‘हमने पाया है कि सूखे और शुष्कता में वृद्धि का आंतरिक विस्थापन पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है, विशेष रूप से दक्षिणी यूरोप, दक्षिण एशिया, अफ्रीका और पश्चिम एशिया तथा दक्षिण अमेरिका के अति-शुष्क और शुष्क क्षेत्रों में।'' ग्रामीण क्षेत्र, विशेष रूप से कृषि पर निर्भर क्षेत्र, जलवायु परिवर्तन के कारण सबसे अधिक प्रभावित पाए गए। शोधकर्ताओं ने कहा कि इन क्षेत्रों के समुदायों को भीषण होती सूखे की स्थिति के प्रभावों से जूझने की सबसे अधिक संभावना रहती है। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कृषि आय का मुख्य स्रोत है वहां मिट्टी का सूखना और पानी की घटती आपूर्ति सीधे तौर पर आजीविका के साधन खत्म होने का कारण बनती है, जिससे लोग शहरी क्षेत्रों की ओर पलायन करते हैं। लेखकों ने जलवायु-प्रेरित विस्थापन के मूल कारणों पर ध्यान देने के लिए एक समग्र दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया, जिसमें शहरी क्षेत्रों में सहायता प्रणालियों को बेहतर बनाने के लिए सक्रिय रणनीतियों को अपनाना शामिल है। उन्होंने उन नीतियों की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला जो ग्रामीण समुदायों को जलवायु परिवर्तन के अनुकूल होने में मदद करें जिससे विस्थापन की जरूरत संभवत: कम हो जाएगी।
- नयी दिल्ली. केंद्र ने अपने सभी विभागों से पेंशनभोगियों की शिकायतों का 21 दिनों के भीतर निवारण करने का प्रयास करने को कहा है। बुधवार को जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गयी। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में शिकायतों के निवारण में अधिक समय लगता है, वहां अंतरिम जवाब दिया जा सकता है। केंद्र सरकार ने अपने पेंशनभोगियों की शिकायत निवारण प्रणाली, यानी केंद्रीकृत पेंशन शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली (सीपीईएनजीआरएएमएस), पोर्टल की समीक्षा के बाद व्यापक दिशानिर्देश जारी किए हैं। कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि दिशानिर्देशों में शिकायतों के शीघ्र और कुशल निवारण की परिकल्पना की गई है। केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों की शिकायतों से निपटने के लिए व्यापक दिशा-निर्देशों में से एक मुख्य अंश के मुताबिक, “मंत्रालयों/विभागों को पेंशनभोगियों की शिकायतों का 21 दिनों के भीतर निवारण करने का प्रयास करना चाहिए। जिन मामलों में शिकायतों के निवारण में अधिक समय लगता है, वहां पोर्टल पर अंतरिम उत्तर दिया जा सकता है।” इसमें कहा गया है कि शिकायत का निवारण ‘संपूर्ण सरकारी दृष्टिकोण' के तहत किया जाएगा।बयान में कहा गया है कि किसी भी मामले में शिकायत को यह कहकर बंद नहीं किया जाएगा कि “यह इस कार्यालय से संबंधित नहीं है”। इसमें कहा गया है कि शिकायत को उसके निर्णायक निवारण के बिना बंद नहीं किया जाएगा और शिकायत को बंद करते समय कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) को सहायक सूचना और दस्तावेज के साथ भरा जाना चाहिए। बयान में कहा, “मंत्रालय/विभाग पोर्टल पर लंबित पेंशन संबंधी शिकायतों की मासिक समीक्षा करेंगे ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निवारण सुनिश्चित किया जा सके।” इसमें कहा गया है कि नोडल लोक शिकायत अधिकारियों को शिकायतों की प्रवृत्ति का विश्लेषण करने तथा शिकायतों की घटनाओं की जांच के लिए मूल कारण विश्लेषण करने के लिए कहा गया है। दिशानिर्देशों के अनुसार, आवेदक अपनी शिकायत के निवारण के विरुद्ध शिकायत बंद होने के 30 दिनों के भीतर अपील दायर कर सकता है और अपीलीय प्राधिकारी द्वारा 30 दिनों के भीतर उसका निपटारा किया जाएगा। बयान में कहा गया है कि यदि कोई प्रासंगिक दस्तावेज हों तो उन्हें संलग्न करते हुए एक आदेश पारित किया जाएगा।
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नयी दिल्ली. केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ते (डीए) में तीन प्रतिशत की वृद्धि की बुधवार को घोषणा की। यह एक जुलाई, 2024 से प्रभावी होगी। इससे दिवाली त्योहार से पहले एक करोड़ से अधिक कर्मचारियों तथा पेंशनभोगियों को लाभ होगा।
मंत्रिमंडल ने दिवाली से पहले केंद्र सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत (डीआर) में उनके मूल वेतन/पेंशन पर तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी की मंजूरी दी है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने सभी केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों तथा पेंशनभोगियों को दिवाली की शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने ने बताया कि डीए/डीआर बढ़ोतरी एक जुलाई, 2024 से प्रभावी होगी।इससे पहले मार्च में सरकार ने एक जनवरी, 2024 से डीए/डीआर को चार प्रतिशत अंक बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया था। मंत्री ने कहा कि डीए बढ़ोतरी अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक-औद्योगिक श्रमिकों के 12 महीने के औसत पर आधारित है। उन्होंने बताया कि डीए/डीआर में वृद्धि से सरकारी खजाने पर 9,448 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। यह वृद्धि स्वीकृत सूत्र के तहत है जो सातवें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों पर आधारित है।इससे करीब 49.18 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारियों और 64.89 लाख पेंशनभोगियों को लाभ होगा। - आगरा. उत्तर प्रदेश के आगरा में सातवीं कक्षा में पढ़ने वाले चार लड़कों ने कक्षा की ही एक लड़की का आपत्तिजनक वीडियो बनाने के बाद ब्लैकमेल कर उससे सात लाख रुपये कथित रूप से ऐंठ लिये। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि मदन मोहन गेट थानाक्षेत्र की रहने वाली लड़की एक कारोबारी की बेटी है।उन्होंने बताया कि आरोपी लड़कों ने पीड़िता को वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करते थे और लड़की डर के कारण घर से रुपये चोरी कर उन्हें दे रही थी। अधिकारी ने बताया कि लड़की के परिजनों को जब अचानक से रुपये चोरी होने पर शक हुआ तो उन्होंने अपनी बेटी से इस बारे में पूछा, जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ। मदन मोहन गेट थाना प्रभारी अजब सिंह ने बताया कि मामले की जांच में पाया गया कि पीड़िता और आरोपी लड़के सहपाठी और बच्चे हैं इसलिए उन पर कानूनी कार्रवाई संभव नहीं है।
- अमेठी. उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में मंगलवार देर शाम एक तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर लगने से बाइक सवार तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गयी। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, घटना जगदीशपुर थानाक्षेत्र के जगदीशपुर-मोहनगंज मार्ग पर नौडाढ़ के निकट हुई।पुलिस ने बताया कि सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों युवकों को जगदीशपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक, मृतकों की पहचान रानीगंज के रहने वाले राज कुमार (26), अमित कुमार (23) और मोहनगंज के रहने वाले आकाश (25) के रूप में हुई है। जगदीशपुर थाना के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) धीरेन्द्र यादव ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है और ट्रक को कब्जे में ले लिया गया।
- लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार पहचान छिपाकर खाद्य व पेय पदार्थों में मिलावट करने और उत्पादों में मानव मल, अखाद्य तथा गंदी चीजें मिलाने की घटनाओं को रोकने के लिए जल्द ही नया कानून लाएगी। अधिकारियों ने मंगलवार को यहां यह जानकारी दी। मंगलवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में हुई मिलावट की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए यहां आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में यह बात कही। योगी ने कहा कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कारावास और जुर्माना सुनिश्चित किया जाना चाहिए और ऐसे अपराध को संज्ञेय और गैर-जमानती मानते हुए कार्रवाई की जानी चाहिए। देश के विभिन्न हिस्सों में जूस, दाल और रोटी जैसे खाद्य पदार्थों में मानव मल, अखाद्य, गंदी चीजों की मिलावट की घटनाएं देखी गई हैं। योगी ने कहा कि ऐसी घटनाएं भयावह हैं और आम आदमी के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं।उन्होंने कहा कि इससे सामाजिक सौहार्द पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और इस तरह के नापाक प्रयासों को कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करने तथा उपभोक्ताओं का विश्वास बनाए रखने के महत्व को ध्यान में रखते हुए सख्त कानून बनाना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे होटल, रेस्तरां, ढाबा, रेहड़ी-पटरी वालों से संबंधित इन गतिविधियों के संबंध में स्पष्ट कानून बनाएं। योगी ने कहा कि ऐसी असामाजिक गतिविधियों पर सख्ती से अंकुश लगाया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि प्रत्येक उपभोक्ता को खाद्य व पेय पदार्थों के विक्रेता और सेवा प्रदाताओं के बारे में आवश्यक जानकारी रखने का अधिकार होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक खाद्य प्रतिष्ठान को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी दुकान में कोई भी खाद्य पदार्थ दूषित न हो। उन्होंने कहा कि खाद्य प्रतिष्ठानों के रसोईघर और भोजन कक्ष में सतत निगरानी के लिए पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य होना चाहिए, जिनकी कम से कम एक महीने की फुटेज जिला प्रशासन द्वारा मांगे जाने पर हर समय उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बृहस्पतिवार को अंतरराष्ट्रीय अभिधम्म दिवस और पाली को शास्त्रीय भाषा के रूप में मान्यता देने के लिए आयोजित एक समारोह में भाग लेंगे और उपस्थित जनसमूह को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने मंगलवार को एक बयान में यह जानकारी दी।पीएमओ ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 17 अक्टूबर को सुबह लगभग 10 बजे विज्ञान भवन में अंतरराष्ट्रीय अभिधम्म दिवस और पाली को शास्त्रीय भाषा के रूप में मान्यता देने के लिए आयोजित एक समारोह में भाग लेंगे। इस अवसर पर वे सभा को संबोधित भी करेंगे।" अभिधम्म दिवस असल में बौद्ध भिक्षुओं के लिये तीन महीने की वर्षा वापसी (वर्षावास या वासा की समाप्ति का प्रतीक) है, जिसके दौरान वे एक स्थान पर रहते हैं और प्रार्थना करते हैं। मान्यता के अनुसार, इसी दिन भगवान बुद्ध स्वर्ग से पृथ्वी पर वापस आए थे। पीएमओ ने कहा कि चार अन्य भाषाओं के साथ एक शास्त्रीय भाषा के रूप में पाली की हालिया मान्यता, इस वर्ष के अभिधम्म दिवस समारोहों के महत्व को बढ़ाती है क्योंकि अभिधम्म पर भगवान बुद्ध की शिक्षाएं मूल रूप से पाली भाषा में उपलब्ध हैं। पीएमओ ने कहा कि भारत सरकार और अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय अभिधम्म दिवस समारोह में 14 देशों के शिक्षाविदों और भिक्षुओं तथा भारत भर के विभिन्न विश्वविद्यालयों से बुद्ध धम्म पर युवा विशेषज्ञों की भागीदारी इस समारोह में देखी जाएगी।
- जम्मू-कश्मीर की नई सरकारजम्मू। नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के पहले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (एसकेआईसीसी) में अब्दुल्ला और उनके मंत्रियों को शपथ दिलाई।मेंढर से नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक जावेद अहमद राणा, रफियाबाद से जावेद अहमद डार, डीएच पोरा से सकीना इट्टू और नौशेरा से सुरिंदर कुमार चौधरी को भी एलजी सिन्हा ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई। सुरिंदर चौधरी डिप्टी सीएम बनाए गए हैं। छंब विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक सतीश शर्मा को उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में जगह दी गई।शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी मौजूद रहीं। वहीं, प्रमुख फारूक अब्दुल्ला, अखिलेश यादव, महबूबा मुफ्ती, संजय सिंह, डी राजा सहित INDIA गठबंधन के अन्य नेता यहां मौजूद रहे।
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नई दिल्ली। मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करते हुए कहा कि महाराष्ट्र और झारखंड के साथ ही निर्वाचन आयोग ने 15 राज्यों की 48 विधानसभा सीटों तथा वायनाड और नांदेड़ लोकसभा सीटों के लिए उपचुनाव की भी घोषणा की। इनमें रायपुर दक्षिण की विधानसभा सीट भी है। केरल की वायनाड लोकसभा सीट और विभिन्न राज्यों की 47 विधानसभा सीट के लिए 13 नवंबर को उपचुनाव होगा, जबकि महाराष्ट्र के नांदेड़ संसदीय क्षेत्र और तथा उत्तराखंड के केदारनाथ विधानसभा क्षेत्र के लिए 20 नवंबर को उपचुनाव कराया जाएगा। आयोग ने मंगलवार को जिन 48 विधानसभा क्षेत्रों के लिए उपचुनाव की घोषणा की है, उनमें उत्तर प्रदेश की नौ, राजस्थान की सात, पश्चिम बंगाल की छह, असम की पांच, बिहार की चार, पंजाब की चार, कर्नाटक की तीन, केरल की दो, मध्य प्रदेश की दो, सिक्किम की दो तथा छत्तीसगढ़, गुजरात, उत्तराखंड और मेघालय की एक-एक सीट शामिल हैं। जिन लोकसभा और विधानसभा सीट के लिये उपचुनाव हो रहे हैं, उनके लिये मतगणना 23 नवंबर को होगी।
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23 को मतगणना
नई दिल्ली। निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया। इसके तहत महाराष्ट्र में एक चरण में 20 नवंबर को जबकि झारखंड में दो चरणों में 13 और 20 नवंबर को मतदान होगा। दोनों राज्यों में मतगणना 23 नवंबर को होगी। इसी के साथ दोनों राज्यों में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करते हुए कहा कि शहरी उदासीनता की समस्या को दूर करने के लिए महाराष्ट्र और झारखंड में बुधवार को मतदान का दिवस तय किया गया है। निर्वाचन आयोग ने 15 राज्यों की 48 विधानसभा सीट तथा दो लोकसभा क्षेत्रों वायनाड और नांदेड़ के लिए उपचुनाव की भी घोषणा की। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि महाराष्ट्र में 22 अक्टूबर को अधिसूचना जारी होगी तथा नामांकन की आखिरी तिथि 29 अक्टूबर होगी। उन्होंने बताया कि नामांकन पत्र चार नवंबर, 2024 तक वापस लिए जा सकते हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा, महाराष्ट्र में 9.63 करोड़ योग्य मतदाता हैं जबकि झारखंड में यह संख्या 2.6 करोड़ है। कुमार ने कहा कि महाराष्ट्र में कुल 1,00186 मतदान केंद्रों पर 20 नवंबर को मतदान होगा 23 नवंबर को मतगणना होगी। वर्तमान महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल 26 नवंबर को समाप्त हो रहा है।
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नयी दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को वरिष्ठ नेता बैजयंत जय पांडा को दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का प्रभारी नियुक्त किया। गाजियाबाद के सांसद अतुल गर्ग सह-प्रभारी होंगे। ओडिशा से लोकसभा सदस्य पांडा, इससे पहले दिल्ली के प्रभारी थे और संगठनात्मक जिम्मेदारी संभाल रहे थे। चुनाव प्रभारी के रूप में उनकी नियुक्ति से भाजपा को राष्ट्रीय राजधानी में उनके अनुभव का लाभ मिलने की उम्मीद है। दिल्ली विधानसभा चुनाव अगले साल की शुरुआत में होने की संभावना है। भाजपा 1998 से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सत्ता में नहीं है और वह सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी को पराजित करके दिल्ली में सरकार बनाने का पुरजोर प्रयास कर रही है। आम आदमी पार्टी की दिल्ली के अलावा पंजाब में सरकार है। उसे पिछले साल राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिला था।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने कहा कि पिछले एक साल में दुनिया भर में निर्मित और वितरित की गईं आठ अरब टीका खुराकों में से आधी भारत में निर्मित की गईं। उन्होंने आज यहां अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी फोरम द्वारा आयोजित वार्षिक ‘इंडिया लीडरशिप समिट 2024' को संबोधित किया। श्रीवास्तव ने कहा कि जेनेरिक दवाओं के तीसरे सबसे बड़े विनिर्माता और प्रमुख आपूर्तिकर्ता होने के नाते भारत फार्मास्युटिकल्स क्षेत्र में वैश्विक नेता बनकर उभरा है। इस क्षेत्र की सफलता के परिणामस्वरूप दुनिया भर में स्वास्थ्य सेवा प्रणालियों के लिए पर्याप्त बचत हुई है, जिसमें अमेरिकी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में उल्लेखनीय योगदान भी शामिल है। उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय दवा उद्योग का योगदान इस तथ्य से प्रमाणित होता है कि भारत में अमेरिका के बाहर सबसे अधिक संख्या में यूएस एफडीए-अनुमोदित दवा संयंत्र हैं। यह अमेरिका के बाहर यूएस एफडीए-अनुमोदित संयंत्रों की कुल संख्या का 25 प्रतिशत है।'' उन्होंने कहा, ‘‘मुझे बताया गया है कि भारतीय कंपनियों की दवाओं ने 2022 में अमेरिकी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को 219 अरब डॉलर की बचत और 2013 से 2022 के बीच कुल 1.3 हजार अरब डॉलर की बचत कराई है।'' उन्होंने कहा कि देश वैक्सीन उत्पादन में भी अग्रणी है, जिसमें वैश्विक विनिर्माण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो ‘दुनिया की फार्मेसी' के रूप में भारत की भूमिका को रेखांकित करता है। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि दुनिया में निर्मित सभी टीकों में से 50 प्रतिशत भारत से हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘पिछले एक साल में ही, दुनिया भर में निर्मित और वितरित की गई आठ अरब टीका खुराक में से चार अरब खुराक भारत में निर्मित की गईं।'' श्रीवास्तव ने कहा कि भारत ने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम और संबंधित कानूनों के साथ पुराने नियामक ढांचे को बदलकर चिकित्सा शिक्षा में सुधार किया है। उन्होंने कहा कि इससे मेडिकल और नर्सिंग कॉलेजों की संख्या और नामांकन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे स्वास्थ्य सेवा पेशेवर उपलब्धता में असमानताओं को दूर किया जा सका है। उन्होंने कहा कि इसके परिणामस्वरूप, भारत एक सक्षम स्वास्थ्य कार्यबल तैयार करने के लिए तैयार है जो राष्ट्रीय और वैश्विक दोनों जरूरतों को पूरा करता है। श्रीवास्तव ने कहा कि सरकारी प्रयासों से भारत में स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता, पैमाने और लागत प्रभावशीलता में उत्तरोत्तर सुधार हुआ है। -
नयी दिल्ली. ओडिशा पांचवें राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2023 में शीर्ष स्थान पर रहा है, जबकि उत्तर प्रदेश ने दूसरा स्थान हासिल किया है। जलशक्ति मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी। गुजरात और पुडुचेरी ने संयुक्त रूप से तीसरा स्थान प्राप्त किया। यह पुरस्कार नौ श्रेणियों में देने की घोषणा की गई । पूरे भारत में जल संरक्षण और प्रबंधन में उत्कृष्ट योगदान के लिए यह सम्मान दिया जाता है। जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल ने राष्ट्रीय जल पुरस्कार के विजेताओं की सूची की घोषणा की। पुरस्कार समारोह 22 अक्टूबर को होगा, जिसकी अध्यक्षता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जलसंरक्षण में ओडिशा की उल्लेखनीय उपलब्धियों में 53,000 से अधिक जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन संरचनाओं का निर्माण और 11,000 पारंपरिक जलाशयों का जीर्णोद्धार शामिल है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा, 21,000 अपशिष्ट जलशोधन संयंत्र स्थापित किए गए, जिससे 90,900 हेक्टेयर से अधिक सिंचित भूमि को सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों के तहत लाया गया और उसके परिणामस्वरूप 87,000 किसानों को लाभ हुआ। अधिकारी ने कहा कि राज्य ने वनीकरण में भी महत्वपूर्ण प्रगति की है और नौ करोड़ पौधे लगाये गये।
जलशक्ति मंत्रालय ने कहा कि दूसरे नंबर पर रहे उत्तर प्रदेश की जल जीवन मिशन के तहत उसके प्रयासों के लिए सराहना की गई। इस मिशन के तहत 17,900 से अधिक गांवों में नलजल कनेक्शन दिये गये, परिणामस्वरूप 1.91 करोड़ परिवार लाभान्वित हुए। मंत्रालय के मुताबिक, उत्तर प्रदेश ने अपशिष्ट जल प्रबंधन में भी प्रगति की है, गंगा नदी में प्रदूषण कम करने के लिए 4,100 एमएलडी की संयुक्त क्षमता वाले 133 मलजल शोधन संयंत्र (एसटीपी) का निर्माण किया है। तीसरा स्थान केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी और गुजरात को संयुक्त रूप से मिला।जल प्रबंधन और संरक्षण में असाधारण प्रयासों को प्रदर्शित करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में सर्वश्रेष्ठ जिला पुरस्कार प्रदान किए गए। विजेताओं में दक्षिण क्षेत्र में आंध्र प्रदेश से विशाखापत्तनम, उत्तर पूर्व क्षेत्र में त्रिपुरा से धलाई तथा उत्तर प्रदेश से बांदा तथा जम्मू-कश्मीर से गंदेरबल उत्तर क्षेत्र के संयुक्त विजेताओं में शामिल हैं। इसके अलावा, कई अन्य श्रेणियों में पुरस्कार दिये गये हैं। - जबलपुर. मध्यप्रदेश के जबलपुर में स्कूटर के आसपास भीड़ लगाकर शराब पीने से रोकने के लिए चार लोगों ने एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की चाकू मारकर हत्या कर दी। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि यह घटना घमापुर थानाक्षेत्र में रविवार-सोमवार की दरमियानी रात को हुई।उन्होंने बताया कि मृतक की पहचान नवीन शर्मा के रूप में हुई है।घमापुर थाने के प्रभारी सतीश कुमार अंधवान ने बताया कि 42 वर्षीय आईटी पेशेवर रविवार रात अपने दोस्त के साथ स्कूटर पर दशहरा देखने कांचघर गया था। उन्होंने बताया कि शर्मा जब देर रात करीब तीन बजे अपना स्कूटर लेने लौटा तो उसने देखा कि चार लोग उसके वाहन के चारों ओर इकट्ठा होकर शराब पी रहे थे। अंधवान ने बताया कि नवीन ने स्कूटर की सीट पर रखे शराब के गिलास हटाने को कहा, जिसके बाद आरोपियों ने बहस शुरू कर दी। उन्होंने बताया कि विवाद इतना बढ़ गया कि चारों लोगों ने नवीन पर धारदार हथियार से करीब आधा दर्जन वार किये और मौके से भाग गए। अधिकारी ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस ने नवीन को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। उन्होंने बताया कि मामले के संबंध में पुलिस ने चारों आरोपियों को हिरासत में ले लिया और उनसे पूछताछ की जा रही है।
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नयी दिल्ली. विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने सोमवार को कहा कि आंध्र प्रदेश में मंदिर समितियों में केवल ‘हिंदू धर्म का पालन करने वाले' लोगों को ही नियुक्त किया जाना चाहिए और इन समितियों में कोई राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं होना चाहिए। विहिप ने यह भी मांग की कि इन मंदिरों में केवल ‘हिंदुओं' को कर्मचारियों के रूप में नियुक्त किया जाए और मंदिर के कर्मचारियों के रूप में नियुक्त ‘गैर-हिंदुओं' को तुरंत उनके कर्तव्यों से मुक्त कर दिया जाए। विहिप ने एक बयान में कहा, ‘‘नेता अपने चुनाव प्रचार के दौरान न सिर्फ यह कहते हैं कि वे धर्मनिरपेक्ष हैं और सभी धर्मों को समान मानते हैं बल्कि विभिन्न धार्मिक स्थलों में प्रार्थना कार्यक्रमों में भी भाग लेते हैं।'' इसमें कहा गया है, ‘‘इस मामले में अगर मंदिर समितियों में राजनीतिक व्यक्ति है तो संभावना है कि वे हिंदुओं के कल्याण के बजाय अपनी धर्मनिरपेक्ष भावनाओं को प्राथमिकता देंगे।'' उन्होंने कहा, ‘‘हिंदू मंदिर धर्मनिरपेक्ष केंद्र नहीं हैं। वे आध्यात्मिक हिंदू धार्मिक केंद्र हैं और उनकी समितियों में केवल हिंदुओं को होना चाहिए।'' विहिप ने कहा कि मंदिर समितियों में धार्मिक संगठनों, हिन्दू, अध्यात्मवादियों और 'धर्माचार्यों' के प्रतिनिधि होने चाहिए। उसने मांग की कि दक्षिणी राज्य की सरकार उचित संशोधनों के साथ तत्काल आदेश जारी करे। विहिप कहा, ‘‘विश्व हिंदू परिषद मांग कर रही है कि मंदिर समितियों में कोई राजनीतिक व्यक्ति नहीं होना चाहिए। मंदिर समितियों में केवल हिंदू धर्म का पालन करने वाले को ही नियुक्त किया जाना चाहिए।'' विहिप ने यह भी कहा कि केवल ‘अभ्यास करने वाले हिंदुओं' को ही मंदिरों में कर्मचारियों के रूप में नियुक्त किया जाना चाहिए। बयान में कहा गया है, ‘‘गैर-हिंदुओं और गैर-अभ्यास करने वाले हिंदुओं को जो पहले से ही पिछले सरकारी आदेश के बाद नियुक्त किए गए हैं, उन्हें तुरंत उनके कर्तव्यों से मुक्त कर दिया जाना चाहिए।'' विहिप ने कहा कि आंध्र प्रदेश सरकार को अपने बंदोबस्ती विभाग द्वारा जारी किए गए पिछले आदेश को भी तुरंत वापस लेना चाहिए, जिसमें बंदोबस्ती कर्मचारियों को ‘धर्मनिरपेक्ष कर्मचारी' कहा गया है। विहिप ने कहा, ‘‘ऐसा इसलिए है क्योंकि मंदिर धर्मनिरपेक्ष केंद्र नहीं है। एक मंदिर हिंदुओं के लिए पूजा का एक धार्मिक स्थान है। इसके धार्मिक पहलू हैं लेकिन धर्मनिरपेक्ष पहलू नहीं हैं। यह सभी धर्मों का केंद्र नहीं है।''
- नयी दिल्ली. उत्तर रेलवे ने सोमवार को कहा कि उसने इस त्योहारी मौसम में यात्रियों को आरामदायक सफर प्रदान करने और उनकी भारी तादाद को ध्यान में रखकर 2,950 विशेष रेलगाड़ियों के साथ एक दृढ़ कार्य योजना लागू की है। उत्तर रेलवे ने कहा कि पिछले साल की तुलना में इस साल उसने एक अक्टूबर से 30 अक्टूबर के बीच त्योहार विशेष रेलगाड़ियों में करीब 172 प्रतिशत का इजाफा किया है। इन उपायों का जिक्र करते हुए उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने कहा, ‘‘ 2,950 रेलगाड़ियों में से लगभग 83 प्रतिशत त्योहार विशेष रेलगाड़ियां उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और असम जैसे पूर्व की ओर जाने वाले राज्यों के यात्रियों के लिए होंगी।'' उपाध्याय ने कहा, ‘‘बरौनी, समस्तीपुर, सहरसा, वाराणसी, अयोध्या, गोरखपुर, जयनगर, दरभंगा, जोगबनी, पटना, कोलकाता, गुवाहाटी, हावड़ा, मुजफ्फरपुर, कटिहार, टाटानगर और लखनऊ जैसे शहर राष्ट्रीय राजधानी से चलने वाली इन विशेष रेलगाड़ियों के कुछ लोकप्रिय गंतव्य हैं।'' अधिकारी ने यात्री सुरक्षा और सुविधाएं बढ़ाने के लिए उठाए गए विभिन्न कदमों का भी उल्लेख किया, जैसे कि आरक्षित डिब्बों में अनधिकृत प्रवेश को रोकने के लिए कड़े कदम, ज्वलनशील पदार्थों को ले जाने पर रोक तथा ट्रेनों और स्टेशन परिसर में धूम्रपान और कूड़ा-कचरा फैलाने पर रोक लगाने के लिए कदम उठाना। उत्तर रेलवे ने एक बयान में कहा, ‘‘यह ध्यान देने योग्य है कि उत्तर रेलवे अन्य क्षेत्रीय रेलवे के साथ मिलकर एक अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक त्योहारी मौसम के दौरान 2,950 से अधिक त्योहार विशेष रेलगाड़ियों का परिचालन कर रहा है।'' बयान में कहा गया है, ‘‘पिछले वर्ष इसी अवधि में उत्तर रेलवे द्वारा कुल 1,082 विशेष रेलगाड़ियों की व्यवस्था की गई थी। इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में ऐसी रेलगाड़ियों में लगभग 172 प्रतिशत की वृद्धि होगी।'' उपाध्याय का कहना है कि उत्तर रेलवे और भीड़ से निपटने के लिए समयानुकूल आधार पर अनारक्षित विशेष रेलगाड़ियां भी चलायेगा। उनके अनुसार, त्योहारी भीड़ के बीच उत्तर रेलवे द्वारा उठाए गए अन्य कदमों में फुटओवर ब्रिज, प्रवेश और निकास द्वार, प्लेटफार्म, बुकिंग कार्यालय और अन्य क्षेत्रों में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए टिकट जांच कर्मचारियों और आरपीएफ कर्मियों की तैनाती बढ़ाना शामिल है।
- इंदौर. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर में सोमवार को 200 करोड़ रुपये से ज्यादा लागत वाले चार फ्लाईओवर एक साथ लोकार्पित किए। उन्होंने कहा कि राज्य के सबसे ज्यादा वाहन घनत्व वाले शहर के चौराहों पर यातायात जाम होने की समस्या दूर करने के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे। यादव ने फूटी कोठी, भंवरकुआं, खजराना और लव-कुश चौराहे के बेहद व्यस्त यातायात वाले इलाकों में बनाए गए फ्लाईओवर वैदिक विधि-विधान से पूजा-पाठ के बीच लोकार्पित किए। चारों फ्लाईओवर की कुल लागत 221.54 करोड़ रुपये है। अधिकारियों ने बताया कि बीते दो साल में बने इन फ्लाईओवर से हर रोज करीब 7.50 लाख वाहन सवारों को आवागमन में आसानी होगी और उनका समय व ईंधन बचेगा। यादव ने फ्लाईओवर के लोकार्पण समारोह में कहा कि शहर के इतिहास में पहली बार चार नवनिर्मित फ्लाईओवर को यातायात के लिए एक साथ खोला गया है। उन्होंने कहा, ‘‘आने वाले समय में शहर का एक भी चौराहा ऐसा नहीं होगा जहां यातायात जाम की स्थिति बनेगी। भले ही हमें इसके लिए 35 नये फ्लाईओवर बनाने पड़ें।'' मुख्यमंत्री ने फूटी कोठी पर बने फ्लाईओवर का नाम बंजारा समुदाय के संत सेवालाल महाराज के नाम पर रखे जाने की घोषणा की। यादव ने यह घोषणा भी कि शहर में अगले कुछ दिनों में 400 करोड़ रुपये की लागत से सीवरेज की नयी परियोजना शुरू की जाएगी जिससे बारिश के दौरान जलभराव की समस्या भी दूर होगी। सूबे के काबीना मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने समारोह के मंच से कहा कि राजस्थान के प्रतापगढ़ से मादक पदार्थ इंदौर पहुंच रहे हैं और उन्हें पड़ोसी सूबे के उन लोगों के नाम भी पता चल गए हैं कि जो इन चीजों के अवैध कारोबार में शामिल हैं। इंदौर, विजयवर्गीय का गृहनगर है। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों के अंतरप्रांतीय कारोबार से जुड़े लोग मध्यप्रदेश के नौजवानों को बर्बाद करने में लगे हैं और इन्हें गिरफ्तार करके जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया जाना जरूरी है। मुख्यमंत्री यादव ने विजयवर्गीय की बात का संज्ञान लेते हुए कहा,‘‘मध्यप्रदेश सरकार नशे की समस्या से निपटने के लिए गंभीर है। नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों को किसी भी हालत में छोड़ा नहीं जाएगा।" उन्होंने कहा, “मेरी सरकार पुलिस और प्रशासन को ऐसे लोगों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की पूरी छूट देती है।''
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नयी दिल्ली. उच्चतम न्यायालय ने कोविड-19 रोधी टीका लगाए जाने के कारण खून में थक्का बनने जैसे दुष्प्रभाव होने का आरोप लगाने वाली एक जनहित याचिका को सोमवार को खारिज कर दिया। भारत के प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला एवं न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने कहा कि जनहित याचिका सिर्फ सनसनी फैलाने के इरादे से दायर की गई है। पीठ ने कहा, ‘‘इस पर कार्रवाई के लिए मुकदमा दायर करें। इसका क्या उपयोग है? कृपया यह भी समझें कि अगर आप टीका नहीं लेते हैं तो इसका क्या दुष्प्रभाव होगा। हम इस मुद्दे पर सुनवाई नहीं करना चाहते, यह सिर्फ सनसनी पैदा करने के लिए है।'' प्रिया मिश्रा एवं अन्य याचिकाकर्ताओं ने यह याचिका दायर की थी।
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मुंबई. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मुंबई में प्रवेश के लिए सभी पांच टोल बूथ पर हल्के मोटर वाहनों के लिए टोल शुल्क पूरी तरह समाप्त करने की सोमवार को घोषणा की। शिंदे ने मुंबई में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में यह घोषणा की।
उन्होंने कहा कि टोल शुल्क सोमवार मध्यरात्रि से समाप्त किया जाएगा। महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने राज्य के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या पर भी दुख जताया और इस संबंध में एक शोक प्रस्ताव पारित किया।








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