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भुवनेश्वर ओडिशा में भीषण चक्रवाती तूफान ‘दाना' और बारिश के कारण 1.75 लाख एकड़ भूमि पर उपजी फसलें नष्ट हो जाने तथा 2.80 लाख एकड़ भूमि जलमग्न हो जाने की आशंका है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को प्रारंभिक अनुमानों का हवाला देते हुए यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार ने कृषि और राजस्व विभाग के अधिकारियों को चक्रवात के कारण फसल के नुकसान का आकलन करने का निर्देश दिया है। कृषि एवं किसान सशक्तीकरण विभाग के प्रधान सचिव अरबिंद पाधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, भीषण चक्रवाती तूफान ‘दाना' के कारण 1,75,000 एकड़ (69,995 हेक्टेयर) भूमि पर फैली फसल के नष्ट हो जाने की आशंका है। अनुमानित रूप से 2,80,000 एकड़ (1,12,310 हेक्टेयर) भूमि पर उपजी फसल के जलमग्न होने का संदेह है।'' उन्होंने कहा, “हमने कृषि विभाग के क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे राजस्व विभाग के सहकर्मियों के साथ मिलकर जिलाधिकारियों की निगरानी में दल बनाकर फसल नुकसान (33 प्रतिशत से अधिक और उससे अधिक) का आकलन करें और उसकी गणना करें।” मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शुक्रवार रात एक समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि कृषि क्षेत्र में हुए नुकसान का अंतिम अनुमान विस्तृत रिपोर्ट से पता चलेगा, जिसके आधार पर सरकार किसानों के लिए मुआवजे पर फैसला करेगी। उन्होंने बताया कि लगभग आठ लाख लोगों को चक्रवात से बचाने के लिए स्थापित किए गए आश्रय स्थलों में स्थानांतरित किया गया है तथा मौसम में सुधार होने पर लोग अपने घर वापस जा सकते हैं। एक अधिकारी ने बताया कि चक्रवात के कारण करीब 22.42 लाख घरों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई। अधिकारी के अनुसार, इनमें से 14.8 लाख घरों में शुक्रवार शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई, जबकि शेष घरों में शनिवार तक बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
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बड़वानी/छिंदवाड़ा . मध्यप्रदेश के बड़वानी और छिंदवाड़ा जिलों में दो सड़क दुर्घटनाओं में छह लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि बड़वानी जिले में पिता-पुत्र समेत चार लोगों की मौत हो गई, जबकि छिंदवाड़ा जिले में दो लोगों की मौत हो गई। एक अधिकारी ने बताया कि बड़वानी जिले के सेंधवा कस्बे में शनिवार रात करीब एक बजे एक ट्रक गाय से टकराने के बाद पैदल चल रहे लोगों पर पलट गया, जिससे चार लोग कुचल गए। सेंधवा के थाना प्रभारी बलजीत सिंह बिसेन ने बताया कि ये लोग काम के बाद कारखाने से घर जा रहे थे, तभी महाराष्ट्र से पंजाब लाल मिर्च लेकर जा रहा ट्रक पलट गया और उन पर गिर गया। उन्होंने बताया कि ट्रक चालक और खलासी मौके से फरार हो गए। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान रिगनिया मेहता (40), उनके बेटे जितेंद्र (18), बबलू मेहता (17) और श्यामलाल मेहता (35) के रूप में हुई है। छिंदवाड़ा जिले में शुक्रवार-शनिवार की दरम्यानी रात अमरवाड़ा कस्बे के पास तेज रफ्तार वाहन से बचने के प्रयास में दोपहिया वाहन पेड़ से टकराने से दो लोगों की मौत हो गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अवधेश प्रताप सिंह ने यह जानकारी दी। सिंह ने बताया कि मृतकों की पहचान ऐतराम पदराम (60) और उनके दामाद कोमलभान धुर्वे (35) के रूप में हुई है।
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भोपाल. पश्चिम मध्य रेलवे (डब्ल्यूसीआर) के जबलपुर मंडल में शनिवार को कोयला ले जा रही एक मालगाड़ी उसके एक डिब्बे की ‘कपलिंग' अलग हो जाने के बाद दो हिस्सों में टूट गई। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। ‘कपलिंग' एक चेन और ‘हुक मैकेनिज्म' है जो ट्रेन के दो डिब्बों को जोड़ता है। अधिकारी ने बताया कि यह घटना कटनी और बीना स्टेशनों के बीच हुई। डब्ल्यूसीआर के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हर्षित श्रीवास्तव ने बताया, ‘‘रेल मार्ग पर यातायात बाधित नहीं हुआ। ट्रेन सिंगौली से कोयला भरने के बाद उत्तर प्रदेश के आगरा जा रही थी। समस्या का समाधान कर दिया गया है और ट्रेन अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गई है।s'' एक अन्य अधिकारी ने बताया कि ‘कपलिंग' टूटने के बाद इंजन और कुछ डिब्बे 100 मीटर से अधिक दूर चले गए और तब जाकर रुके जब ट्रेन मैनेजर ने वॉकी-टॉकी के जरिए ट्रेन चालक से संपर्क किया।
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नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भरोसा दिया कि सरकार भविष्य के लिए तैयार, वैश्विक रूप से प्रासंगिक कौशल प्रशिक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है। एक आधिकारिक बयान में शनिवार को यह जानकारी दी गई। प्रधानमंत्री ने कौशल दीक्षांत समारोह को दिए गए लिखित संदेश में उम्मीद जताई कि भारत के युवा पेशेवर वैश्विक कार्यबल पर एक स्थायी प्रभाव डालेंगे और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की इसकी यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मोदी ने कहा कि भारत अपने युवा कार्यबल की विशेषज्ञता और पैमाने के कारण कुशल प्रतिभाओं के एक शक्ति केंद्र के रूप में तेजी से वैश्विक स्तर पर पहचाना जा रहा है। बयान में कहा गया, ''प्रधानमंत्री ने भरोसा दिया कि युवाओं को सशक्त बनाने पर केंद्रित नीतियों के साथ, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय भविष्य के लिए तैयार, वैश्विक रूप से प्रासंगिक कौशल प्रशिक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।'' उन्होंने राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान करने के लिए कुशल युवाओं की भूमिका पर जोर दिया, और उन्हें भारत की सबसे बड़ी ताकत बताया। कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि 15,000 आईटीआई कौशल विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस साल आम बजट आईटीआई (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान) सुधार को प्राथमिकता दी गई है।
- नयी दिल्ली.प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्रीय मंत्रिमंडल की ओर से अंतरिक्ष क्षेत्र को समर्पित उद्यम पूंजी कोष को मंजूरी दिए जाने को बृहस्पतिवार को एक शानदार खबर बताया और कहा कि यह कई नवान्वेषी युवाओं को अवसर तथा देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम को गति देगा। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अंतरिक्ष क्षेत्र को समर्पित एक हजार करोड़ रुपये के उद्यम पूंजी कोष को मंजूरी दे दी है। प्रस्तावित उद्यम पूंजी कोष को कोष संचालन की अवधि से पांच साल तक बढ़ाए जाने की योजना है। यह कोष रणनीतिक रूप से भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र को आगे बढ़ाने, राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के साथ नवाचार और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए तैयार किया गया है। मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए शानदार खबर! अंतरिक्ष क्षेत्र को समर्पित एक उद्यम पूंजी कोष स्थापित करने के मंत्रिमंडल के निर्णय का युवाओं पर अभूतपूर्व प्रभाव पड़ेगा। यह कई नवान्वेषी युवाओं को अवसर देगा और हमारे अंतरिक्ष कार्यक्रम को गति देगा।'' प्रधानमंत्री ने एक अन्य पोस्ट में 6,798 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत की दो रेल परियोजनाओं को मंजूरी दिए जाने पर भी खुशी जताई। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं आंध्र प्रदेश, बिहार और तेलंगाना में संपर्क और वाणिज्य को बढ़ावा देंगी। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने आज 67098 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत की दो रेल परियोजनाओं को मंजूरी दे दी। पहली परियोजना के अंतर्गत नरकटियागंज- रक्सौल, सीतामढ़ी, दरभंगा और सीतामढ़ी-मुज्जफरपुर की 256 किलोमीटर लंबी दो रेल लाइन बिछाई जाएंगी। दूसरी परियोजना के तहत एरूपालेम-अमरावती-नामबुरू रेल लाइन आंध्र प्रदेश के एनटीआर विजयवाड़ा और गुंटूर तथा तेलंगाना के खम्माम जिले से गुजरेगी।
- भोपाल. अभिनेत्री और सांसद जया बच्चन की मां इंदिरा भादुड़ी की रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हुआ है और वह अस्पताल में भर्ती हैं। उनकी केयरटेकर ने बुधवार को यह जानकारी दी। जब भादुड़ी की केयरटेकर बबली से उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "उनकी हालत ठीक है। उनकी रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हुआ है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वह खाना खा रही हैं और ठीक से बातचीत भी कर रही हैं।
- प्रयागराज. मथुरा स्थित कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मामले में 11 जनवरी 2024 के आदेश को वापस लेने की मुस्लिम पक्ष की अर्जी इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने बुधवार को खारिज कर दी। मुस्लिम पक्ष की अर्जी खारिज करते हुए न्यायमूर्ति मयंक कुमार जैन ने कहा कि यह अदालत मुस्लिम पक्ष द्वारा दिए गए इस तर्क को स्वीकार नहीं करती कि मुद्दे तय होने और साक्ष्य पेश किए जाने के बाद ही याचिकाओं को एकसाथ करने का निर्णय पारित होना चाहिए। अदालत ने कहा, “यह अदालत तय करेगी कि समान प्रकृति के दो या अधिक मामलों को एकसाथ किया जाए या नहीं। पक्षों की सहमति मायने नहीं रखती। मामलों को एकसाथ किए जाने से अदालत का समय बचेगा और एक जैसे मामलों में अलग-अलग आदेशों की संभावना नहीं रहेगी और साथ ही दोनों पक्ष भारी खर्चों से भी बचेंगे।” अदालत ने आवेदन खारिज करते हुए कहा कि मामलों को एकसाथ किए जाने से किसी पक्ष को कोई नुकसान नहीं होने जा रहा। उच्च न्यायालय ने 11 जनवरी 2024 के अपने निर्णय में हिंदू पक्षों द्वारा दायर सभी मुकदमों को एकसाथ कर दिया था। मुस्लिम पक्ष की तरफ से पेश हुईं वरिष्ठ अधिवक्ता तसनीम अहमदी ने दलील दी थी कि सभी मामलों को एकसाथ किये जाने से वे सभी मामलों का विरोध करने के अधिकार से वंचित हो जाएंगे। उन्होंने यह दलील भी दी थी कि यह समयपूर्व अवस्था है तथा मुद्दे तय किए जाने और साक्ष्य एकत्र किए जाने से पूर्व मुकदमों को एकसाथ नहीं किया जाना चाहिए। मुस्लिम पक्ष के इस आवेदन का विरोध करते हुए हिंदू पक्ष की तरफ से दलील दी गई थी कि एक बार अदालत ने विचार कर लिया कि राहत समान है, संपत्ति समान है और प्रतिवादी समान हैं तो इन मुकदमों को एकसाथ करना अदालत के अधिकार क्षेत्र में है एवं किसी भी पक्ष को इसे चुनौती देने का अधिकार नहीं है। हिंदू पक्ष की ओर से यह भी कहा गया कि इस तरह की आपत्तियों का उद्देश्य सुनवाई को लटकाना है। अदालत ने एक अगस्त, 2024 के आदेश में मुद्दे तय करने को कहा था, लेकिन आज की तिथि तक कोई भी मुद्दा तय नहीं हुआ है और अदालत केवल आवेदनों पर सुनवाई कर रही है। हिंदू पक्ष के वकील हरिशंकर जैन ने कहा था कि मुकदमों को एकसाथ करना इस अदालत का विवेकाधिकार है और इसे किसी व्यक्ति द्वारा बदला नहीं जा सकता। इससे पूर्व, एक अगस्त, 2024 को न्यायमूर्ति जैन ने हिंदू पक्षों द्वारा दायर इन मुकदमों की पोषणीयता (सुनवाई योग्य) को चुनौती देने वाली मुस्लिम पक्ष की याचिका खारिज कर दी थी। उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा था कि ये मुकदमे समय सीमा, वक्फ अधिनियम और पूजा स्थल अधिनियम, 1991 से बाधित नहीं हैं। पूजा स्थल अधिनियम किसी भी धार्मिक ढांचे, जो 15 अगस्त, 1947 को मौजूद था, को परिवर्तित करने से रोकता है। हिंदू पक्ष ने शाही ईदगाह मस्जिद का ढांचा हटाने के बाद जमीन का कब्जा लेने और मंदिर बहाल करने के लिए 18 मुकदमे दाखिल किए हैं। यह विवाद मथुरा में मुगल बादशाह औरंगजेब के समय की शाही ईदगाह मस्जिद से जुड़ा है जिसे कथित तौर पर भगवान कृष्ण के जन्मस्थान पर एक मंदिर को ध्वस्त करने के बाद बनाया गया है। अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई की तिथि छह नवंबर तय की।
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पलक्कड़ (केरल). केरल में पलक्कड़-कोझिकोड राष्ट्रीय राजमार्ग पर अय्यप्पनकावु के पास एक कार और लॉरी के बीच टक्कर में पांच लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि यह हादसा मंगलवार रात 11 बजे हुआ।
उसने बताया कि पलक्कड़ से आ रही कार की विपरीत दिशा से आ रही एक लॉरी से टक्कर हो गई। टक्कर के बाद कार लॉरी में फंस गई थी। पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान के. के. विजेश (35), रमेश (31), विष्णु (30) और मोहम्मद अफसल (17) के रूप में हुई है। एक शव की फिलहाल पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस के अनुसार विजेश ऑटो-रिक्शा चालक है।
पुलिस ने बताया कि कार में सवार पांच लोगों में से तीन की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दो अन्य को पलक्कड़ जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन आपातकालीन वार्ड में इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। शवों को पलक्कड़ जिला अस्पताल के शवगृह में रखा गया है। पुलिस को संदेह है कि भारी बारिश के कारण कार चालक वाहन पर से नियंत्रण खो बैठा और कार कोयंबटूर की ओर जा रही लॉरी से टकरा गई। पुलिस ने बताया कि इस हादसे में कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी और वाहन को काटकर लोगों को बाहर निकाला गया। उसने बताया कि इस हादसे में लॉरी चालक को मामूली चोट आई हैं। वह तमिलनाडु का निवासी है।
इस दुर्घटना के मद्देनजर राजनीतिक दलों ने पलक्कड़ विधानसभा उपचुनाव के लिए चुनाव-प्रचार अभियान बुधवार दोपहर तक स्थगित कर दिया है। -
नयी दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को घोषणा की कि सरकार देश में सरदार वल्लभभाई पटेल के उल्लेखनीय योगदान का सम्मान करने के लिए 2024 से 2026 तक दो साल के राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम के साथ उनकी 150वीं जयंती मनाएगी। शाह ने कहा कि दुनिया के सबसे मजबूत लोकतंत्रों में से एक की स्थापना के दूरदर्शी शिल्पकार के रूप में सरदार पटेल की स्थायी विरासत और कश्मीर से लक्षद्वीप तक भारत को एकजुट करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका अमिट है। उन्होंने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘उनके उल्लेखनीय योगदान का सम्मान करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार 2024 से 2026 तक दो साल के राष्ट्रव्यापी उत्सव के साथ उनकी 150वीं जयंती मनाएगी।'' गृह मंत्री ने कहा कि यह उत्सव सरदार पटेल की उल्लेखनीय उपलब्धियों और एकता की भावना के प्रमाण के रूप में काम करेगा, जिसके वह प्रतीक थे। पटेल का जन्म गुजरात के नडियाद में 31 अक्टूबर 1875 को हुआ था।
केंद्र सरकार राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा को संरक्षित और मजबूत करने में सरदार पटेल के समर्पण को रेखांकित करते हुए 2014 से 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मना रही है। भारत के पहले गृह मंत्री और उप प्रधानमंत्री के रूप में पटेल को 550 से अधिक रियासतों के भारत संघ में विलय का श्रेय दिया जाता है। -
चेन्नई. एक उपभोक्ता को 50 पैसे न लौटाना भारतीय डाक विभाग को महंगा पड़ गया है। उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने डाक विभाग को यह पैसा वापस करने और साथ ही मानसिक पीड़ा, अनुचित व्यवहार और सेवा में कमी के लिए उन्हें 10 हजार रुपये का मुआवजा भी देने का निर्देश दिया है। इसके अलावा कांचीपुरम जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने डाक विभाग (डीओपी) को मुकदमे के खर्च के लिए शिकायतकर्ता को पांच हजार रुपये का भुगतान करने को भी कहा है। शिकायतकर्ता ए. मनशा के अनुसार उन्होंने 13 दिसंबर, 2023 को यहां के निकट पोझिचालुर डाकघर में एक पंजीकृत पत्र के लिए 30 रुपये की नकदी का भुगतान किया लेकिन रसीद पर केवल 29.50 रुपये दिखाये गये। शिकायतकर्ता ने कहा कि हालांकि उन्होंने यूपीआई के माध्यम से सटीक राशि भेजने की पेशकश की लेकिन कुछ तकनीकी समस्याओं के कारण डाक कर्मियों ने इसे अस्वीकार कर दिया। शिकायत में उन्होंने कहा कि प्रतिदिन लाखों रूपये का लेनदेन होता है और उनका सही हिसाब नहीं रखने से सरकार को नुकसान भी होता है। उन्होंने इसे अवैध करार दिया जिससे उन्हें ‘गंभीर मानसिक पीड़ा' हुई। विभाग ने आयोग के समक्ष कहा कि तकनीकी समस्याओं के कारण उस समय उपभोक्ता से डिजिटल माध्यम से भुगतान स्वीकार नहीं किया जा सका और इसलिए उनसे नकद राशि ली गई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद उपभोक्ता आयोग ने कहा कि सॉफ्टवेयर संबंधी समस्या के कारण डाकघर द्वारा 50 पैसे अधिक वसूलना उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत अनुचित है। जिला उपभोक्ता आयोग ने डीओपी को शिकायतकर्ता को 50 पैसे वापस करने और साथ ही मानसिक पीड़ा, अनुचित व्यवहार और सेवा में कमी के लिए मुआवजे के रूप में 10 हजार रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया। इसके अलावा, कांचीपुरम जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने डाक विभाग (डीओपी) को मुकदमे की लागत के लिए 5,000 रुपये का भुगतान करने को कहा है। शिकायतकर्ता ने डीओपी को उसके 50 पैसे लौटाने, ‘मानसिक पीड़ा' के लिए 2.50 लाख रुपये का मुआवजा और मुकदमे की लागत के लिए 10,000 रुपये देने का निर्देश देने का अनुरोध किया था।
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कजान . प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रूस-यूक्रेन विवाद का समाधान शांतिपूर्ण वार्ता के माध्यम से करने का स्पष्ट रूप से आह्वान करते हुए बुधवार को यहां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में कहा कि भारत युद्ध का नहीं बल्कि संवाद और कूटनीति का समर्थन करता है। अपने संबोधन में मोदी ने युद्ध, आर्थिक अनिश्चितता, जलवायु परिवर्तन और आतंकवाद जैसी चुनौतियों पर चिंता जताई और कहा कि ब्रिक्स विश्व को सही रास्ते पर ले जाने में सकारात्मक भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘हम युद्ध का नहीं, बल्कि संवाद और कूटनीति का समर्थन करते हैं। और जिस तरह हम एक साथ मिलकर कोविड जैसी चुनौती से पार पाने में सक्षम हुए, उसी तरह हम भावी पीढ़ियों के वास्ते सुरक्षित, मजबूत और समृद्ध भविष्य सुनिश्चित करने के लिए नए अवसर पैदा करने में निश्चित रूप से सक्षम हैं।'' रूस के कजान शहर में 22 से 24 अक्टूबर तक 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।
शिखर सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उनके चीनी समकक्ष शी जिनपिंग सहित ब्रिक्स देशों के शीर्ष नेता भाग ले रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद से निपटने के लिए ठोस वैश्विक प्रयासों की भी वकालत की और कहा कि इस खतरे से लड़ने में कोई ‘‘दोहरा मापदंड'' नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा ‘‘आतंकवाद और इसके वित्तपोषण का मुकाबला करने के लिए, हमें सभी के एकनिष्ठ, दृढ़ समर्थन की आवश्यकता है। इस गंभीर मामले पर दोहरे मानदंडों के लिए कोई जगह नहीं है। साथ ही मोदी ने कहा कि समूह के देशों को युवाओं में कट्टरपंथ को रोकने के लिए सक्रिय कदम उठाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा ‘‘हमें अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर संयुक्त राष्ट्र में व्यापक समझौते के लंबित मुद्दे पर मिलकर काम करना होगा।'' उन्होंने कहा कि इसी तरह ‘‘हमें साइबर सुरक्षा, सुरक्षित और संरक्षित एआई के लिए वैश्विक नियमन के वास्ते काम करने की आवश्यकता है।'' मोदी ने कहा कि भारत भागीदार देशों के रूप में ब्रिक्स में नए देशों का स्वागत करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, ‘‘इस संबंध में सभी निर्णय सर्वसम्मति से लिए जाने चाहिए और ब्रिक्स के संस्थापक सदस्यों के विचारों का सम्मान किया जाना चाहिए।'' मोदी ने कहा, ‘‘जोहान्सबर्ग शिखर सम्मेलन के दौरान अपनाए गए मार्गदर्शक सिद्धांतों, मानकों, मानदंडों और प्रक्रियाओं का सभी सदस्यों और भागीदार देशों द्वारा अनुपालन किया जाना चाहिए।'' प्रधानमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अन्य वैश्विक निकायों में सुधार की भी वकालत की।
उन्होंने कहा, हमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, बहुपक्षीय विकास बैंकों और विश्व व्यापार संगठन जैसे वैश्विक संस्थानों में सुधारों पर समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ना चाहिए।'' मोदी ने कहा, ‘‘जब हम ब्रिक्स में अपने प्रयासों को आगे बढ़ा रहे हैं, तो हमें यह सुनिश्चित करने के लिए सतर्क रहना चाहिए कि इस संगठन की छवि ऐसी न बने कि यह वैश्विक संस्थानों को बदलने की कोशिश कर रहा है, बल्कि यह समझा जाए कि यह संगठन उन्हें सुधारने की इच्छा रखता है।'' मोदी ने यह भी तर्क दिया कि ‘ग्लोबल साउथ' के देशों की आशाओं, आकांक्षाओं और अपेक्षाओं को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। ‘ग्लोबल साउथ' शब्द 1960 के दशक में चलन में आया। यह शब्द आम तौर पर लैटिन अमेरिका, एशिया, अफ्रीका और ओशिनिया के क्षेत्रों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। खासकर इसका मतलब, यूरोप और उत्तरी अमेरिका के बाहर, दक्षिणी गोलार्द्ध और भूमध्यरेखीय क्षेत्र में स्थित ऐसे देशों से है जो ज्यादातर कम आय वाले हैं और राजनीतिक तौर पर भी पिछड़े हैं। ‘ब्रिक्स' संगठन की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने इसे ऐसा संगठन बताया जो समय के अनुसार खुद को बदलने की इच्छाशक्ति रखता है। उन्होंने कहा, ‘‘विभिन्न दृष्टिकोणों और विचारधाराओं के समागम से बना ब्रिक्स समूह दुनिया के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो सकारात्मक सहयोग को बढ़ावा देता है।'' उन्होंने कहा, ‘‘हमारी विविधता, एक-दूसरे के प्रति सम्मान और आम सहमति के आधार पर आगे बढ़ने की हमारी परंपरा हमारे सहयोग का आधार है।'' ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका ब्रिक्स के मुख्य सदस्य हैं और यह समूह वैश्विक अर्थव्यवस्था के एक चौथाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है। ब्राजील, रूस, भारत और चीन के नेताओं की सेंट पीटर्सबर्ग में 2006 में हुई बैठक के बाद एक औपचारिक समूह के रूप में ‘ब्रिक' की शुरुआत हुई। ‘ब्रिक' को 2010 में दक्षिण अफ्रीका को शामिल करते हुए ‘ब्रिक्स' के रूप में विस्तारित करने पर सहमति बनी। पिछले साल समूह का विस्तार किया गया जो 2010 के बाद पहली ऐसी कवायद थी। ब्रिक्स के नए सदस्य देशों में मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं।
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आतंकवाद से लड़ने में सभी के ‘‘एकमत होकर दृढ़ता से सहयोग करने’’ की जोरदार पैरोकारी करते हुए बुधवार को कहा कि इस चुनौती से निपटने में ‘‘दोहरे मापदंडों’’ के लिए कोई जगह नहीं है। मोदी ने यहां 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह भी रेखांकित किया कि युवाओं में कट्टरपंथ को रोकने के लिए हमें ‘‘सक्रिय रूप से कदम’’ उठाने चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग और ईरान के मसूद पेजेशकियन सहित ब्रिक्स के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी में यह कहा। मोदी ने कहा, ‘‘आतंकवाद और इसके वित्तपोषण से निपटने के लिए हम सभी को एक मत होकर दृढ़ता से सहयोग करना होगा।’’उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे गंभीर विषय पर दोहरे मापदंड के लिए कोई जगह नहीं है। युवाओं में कट्टरपंथ को रोकने के लिए हमें सक्रिय रूप से कदम उठाने चाहिए।’’ मोदी की यह टिप्पणी कि आतंकवाद से निपटने में ‘‘दोहरे मापदंडों’’ के लिए कोई जगह नहीं है, इसलिए मायने रखती है कि चीन ने पाकिस्तानी आतंकवादियों को सूचीबद्ध करने संबंधी कई प्रस्तावों को संयुक्त राष्ट्र में अवरुद्ध कर दिया था।प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘अतंरराष्ट्रीय आतंकवाद पर संयुक्त राष्ट्र में व्यापक सम्मेलन के लंबित मुद्दे पर हमें मिलकर काम करना होगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘उसी तरह हमें साइबर सुरक्षा, सुरक्षित एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) के लिए वैश्विक नियमनों के वास्ते काम करने की जरूरत है।’’ प्रधानमंत्री के अनुसार, भारत साझेदार देशों के रूप में ब्रिक्स में नये देशों का स्वागत करने के लिए तैयार है।मोदी ने कहा, ‘‘इस संबंध में सभी निर्णय सर्वसम्मति से लिए जाने चाहिए और ब्रिक्स के संस्थापक सदस्यों के विचारों का सम्मान करना चाहिए। जोहानिसबर्ग शिखर सम्मेलन में जिस दिशा-निर्देशक सिद्धांत, मानक, पात्रता और प्रक्रिया को हमने अपनाया था, उनका पालन सभी सदस्य और साझेदार देशों को करना चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि ब्रिक्स ऐसा संगठन है, जो समय के अनुसार खुद को बदलने की इच्छा-शक्ति रखता है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हमें इसका उदाहरण पूरे विश्व के सामने रखते हुए वैश्विक संस्थाओं में सुधार के लिए एकमत होकर आवाज उठानी चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ब्रिक्स के प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए हमें ध्यान रखना चाहिए कि इस संगठन की छवि ऐसी न बने जो वैश्विक संस्थाओं में सुधार के बजाय उनकी जगह लेना चाहता हो।’’ -
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को रूस के कजान में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय वार्ता की और भारत-चीन संबंधों को क्षेत्रीय व वैश्विक शांति तथा स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण करार देते हुए कहा कि आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों का मार्गदर्शन करेंगे।
मई 2020 में पूर्वी लद्दाख सीमा विवाद उत्पन्न होने के बाद दोनों देशों के बीच शीर्ष स्तर पर यह पहली संरचित बैठक थी। बैठक की तस्वीरें ‘एक्स’ पर साझा करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘कजान ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। भारत-चीन संबंध हमारे देशों के लोगों के लिए और क्षेत्रीय और वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण हैं। आपसी विश्वास, आपसी सम्मान और आपसी संवेदनशीलता द्विपक्षीय संबंधों का मार्गदर्शन करेंगे।’’यह वार्ता ऐसे समय में हुई है जब एक दिन पहले ही भारत और चीन ने पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर अपनी सेनाओं द्वारा गश्त करने के समझौते पर सहमति जताई थी। चार साल से चल रहे गतिरोध को समाप्त करने की दिशा में इसे एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। नवंबर 2022 में, मोदी और शी ने इंडोनेशियाई राष्ट्रपति द्वारा जी-20 नेताओं के लिए आयोजित रात्रिभोज में एक-दूसरे का अभिवादन किया और संक्षिप्त बातचीत की थी। पिछले वर्ष अगस्त में भी भारतीय प्रधानमंत्री और चीनी राष्ट्रपति ने ब्रिक्स (ब्राजील-रूस-भारत-चीन-दक्षिण अफ्रीका) शिखर सम्मेलन के दौरान जोहानिसबर्ग में एक संक्षिप्त और अनौपचारिक बातचीत की थी। - अगरतला । पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी), रायपुर के नेतृत्व में त्रिपुरा प्रवास के दूसरे दिन छत्तीसगढ़ की 14 सदस्यीय मीडिया टीम ने 51 शक्तिपीठों में से एक माता त्रिपुर सुंदरी मंदिर के दर्शन किए ।त्रिपुर सुंदरी मंदिर की स्थापना महाराजा धन्य माणिक्य ने वर्ष 1501 में की थी । ऐसा कहा जाता है कि वास्तव में उन्होंने भगवान विष्णु के लिए मंदिर का निर्माण किया था, लेकिन बाद में उनके सपने में एक रहस्योद्घाटन के कारण, उन्होंने बांग्लादेश के चटगाँव से कस्ती पत्थर से बनी माता त्रिपुर सुंदरी की मूर्ति को मंदिर में स्थापित किया ।हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, पीठस्थान वे स्थान हैं जहाँ देवी सती के शरीर के अंग गिरे हैं। "पीठमाला ग्रंथ" के अनुसार, भगवान शिव के तांडव नृत्य के दौरान सती का दाहिना पैर यहाँ गिरा था । ये सभी जानकारियाँ मंदिर की पांडुलिपियों से एकत्र की गई हैं, लेकिन समय के साथ ये पांडुलिपियाँ नष्ट हो गई हैं।देवी त्रिपुर सुंदरी की मूर्ति कस्ती पत्थर से बनी है जो लाल-काले रंग की है। मूर्ति 1.57 मीटर लंबी और 0.64 मीटर चौड़ी है और एक पत्थर के मंच पर स्थापित है। देवी त्रिपुर सुंदरी के 4 हाथ हैं, चेहरा थोड़ा लम्बा है और आंखें तुलनात्मक रूप से छोटी हैं, भगवान शिव की छाती पर खड़ी हैं, स्वर्ण मुकुट से सुसज्जित हैं और एक ग्रिडलॉक है।इस पीठस्थान को कूर्म पीठ के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि मंदिर परिसर का आकार "कूर्म" अर्थात कछुए जैसा है । पहली नज़र में मंदिर की संरचना एक संशोधित बौद्ध स्तूप प्रतीत होती है । मंदिर उदयपुर शहर से लगभग 3 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है । यह त्रिपुरा सुंदरी मंदिर या माताबारी के नाम से प्रसिद्ध है ।त्रिपुर सुंदरी मंदिर त्रिपुरा की अनूठी वास्तुकला से बना है । मंदिर की ऊंचाई 75 फीट है, मंदिर के चारों कोनों में 4 विशाल स्तंभ हैं। जड़ बौद्ध वास्तुकला से बनी है। मंदिर के शीर्ष पर एक ध्वज पकड़े हुए सात घड़े/बर्तन स्थापित हैं। मंदिर की वास्तुकला देश की बहु-संस्कृति और परंपरा का संयोजन है । वर्तमान मंदिर महाराजा राधाकिशोर माणिक्य बहादुर के शासनकाल के दौरान बनाया गया था ।मंदिर का मुख पश्चिम की ओर है और मंदिर का मुख्य प्रवेश द्वार भी पश्चिम में है, हालांकि उत्तर में एक संकीर्ण प्रवेश द्वार है। हालांकि मध्ययुगीन बंगाल "चार चाला" (4 तिरछी छत) मंदिर वास्तुकला का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है, लेकिन इस जगह का ऐसा मिश्रण अद्वितीय है और त्रिपुरा इसे अपनी वास्तुकला शैली के रूप में अलग से दावा कर सकता है ।मंदिर में एक शंक्वाकार गुंबद के साथ विशिष्ट बंगाली झोपड़ी प्रकार की संरचना का एक चौकोर प्रकार का गर्भगृह है । इस विरासत को स्वीकार करते हुए सितंबर 2003 में त्रिपुरेश्वरी मंदिर की विशेषता वाला एक डाक टिकट जारी किया गया था । मंदिर के पूर्वी हिस्से में कल्याण सागर (एक झील) है जहाँ बहुत बड़ी मछलियाँ और कछुए बिना किसी बाधा के रहते हैं। मंदिर को विभिन्न धर्मों और संस्कृतियों के लोगों के समागम के रूप में जाना जाता है । मंदिर की अनूठी विशेषता यह है कि किसी भी धर्म के लोग श्री श्री माता त्रिपुर सुंदरी की पूजा कर सकते हैं । 18वीं शताब्दी के मध्य में, समसेर गाजी ने उदयपुर पर हमला किया और कब्जा कर लिया । समसेर गाजी की जीवनी ‘गाजीनामा’ में उल्लेख है कि गाजी ने स्वयं देवी त्रिपुर सुंदरी की पूजा की थी । मंदिर प्रबंधन समिति में विभिन्न धर्म, संस्कृति और विभागों के लोग शामिल हैं।यह एक प्रथा है कि उदयपुर के मुसलमान भी अपनी पहली फसल और दूध देवी त्रिपुर सुंदरी को अर्पित करते हैं । देवी त्रिपुर सुंदरी त्रिपुरा के आदिवासी समुदायों में भी लोकप्रिय हैं । मंदिर में दिन में दो बार पूजा की जाती है । रोजाना सुबह और शाम को आरती की जाती है । त्रिपुरेश्वरी मंदिर और आस-पास के क्षेत्र के भविष्य के विकास के लिए त्रिपुरा सरकार ने "माता त्रिपुरा सुंदरी मंदिर ट्रस्ट" का गठन किया है । इस ट्रस्ट के अध्यक्ष त्रिपुरा के मुख्यमंत्री हैं ।
- मुंबई. फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड 2024 की विजेता निकिता पोरवाल का कहना है कि वह एक परंपरावादी परिवार में पली-बढ़ी हैं, जहां उनके माता-पिता नारीवाद और महिला सशक्तिकरण जैसी अवधारणाओं से अपरिचित थे, लेकिन उनके जीवन और कर्म में ये मूल्य समाहित रहे हैं। मध्य प्रदेश के उज्जैन में पली-बढ़ी पोरवाल को पिछले हफ़्ते सौंदर्य प्रतियोगिता में विजेता घोषित किया गया। अब वह 2025 में मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता के 72वें संस्करण में देश का प्रतिनिधित्व करेंगी। अभिनेत्री-मॉडल निकिता ने कहा कि उनका पालन पोषण बहुत लाड़-प्यार से किया गया और नारीवाद तथा महिला सशक्तिकरण जैसे शब्दों से अनजान होने के बावजूद उनका परिवार महिलाओं के सम्मान को कितना महत्व देता है, यह इसी बात से पता चलता है कि बेटे की उम्मीद के बावजूद उनके जन्म का जश्न मनाया गया। वह बताती हैं कि माहवारी के दिनों में न केवल घर की महिला सदस्य बल्कि पुरूष सदस्य भी उनके आराम और सुविधा का ख्याल रखते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं उज्जैन के एक बहुत ही विनम्र और साधारण परिवार से आती हूं। मेरे माता-पिता आधुनिक शब्दों जैसे नारीवाद, महिला सशक्तिकरण और न्याय के बारे में अच्छी तरह से परिचित नहीं थे, जिनका हम अक्सर इस्तेमाल करते हैं, लेकिन मैंने हमेशा देखा है कि उनके कार्यों में ये मूल्य समाहित थे।'' पोरवाल के एक बड़े भाई और बहन हैं। उन्होंने कहा कि जब उनकी मां गर्भवती थीं, तो परिवार में हर कोई ‘‘लड़का होने की उम्मीद कर रहा था।'' उन्होंने कहा, ‘‘दो लड़कियों की तुलना में परिवार में दो लड़के होना सही माना जाता है। लेकिन जब मेरा जन्म हुआ, तो सभी को आश्चर्य हुआ। मेरे पिता, मेरे चाचा, मेरे दादा ने मेरे जन्म का जश्न किसी जीत की तरह मनाया, वैसा जश्न उन्होंने मेरे भाई के जन्म के समय भी नहीं किया था।'' पोरवाल ने कहा कि जब उनका मासिक धर्म शुरू हुआ, तो उनसे उम्मीद की जाती थी कि वह रसोई में प्रवेश नहीं करेंगी, तब उनके दादा खुद उन्हें खाना परोसते थे। उन्होंने कहा, ‘‘मेरे दादा मुझे खाना खिलाते थे। जब मैं स्कूल से लौटती थी, तो मेरे पिता मेरे पैरों की मालिश करते थे। मेरा भाई जो हमेशा मुझसे लड़ता था, वह भी उन दिनों मेरा बहुत ध्यान रखता था...।'' उन्होंने कहा, ‘‘मेरे परिवार में मेरा पालन पोषण बहुत प्यार से किया गया और इसने मुझे एक ऐसा व्यक्ति बना दिया है जो मानता है कि प्यार एक ऐसी चीज है जो सब कुछ संतुलित कर सकती है। भले ही रीति-रिवाज और मूल्यों का एक-दूसरे के साथ तालमेल न हों, लेकिन प्यार सब कुछ बराबर कर सकता है।'' पोरवाल ने कहा कि उनके माता-पिता ने हमेशा उनका साथ दिया। उन्होंने कहा, ‘‘आज, मेरे पास यह खिताब है। मुझे याद है कि जब मैं कुछ भी नहीं थी, तो उन्हें मुझ पर गर्व था और आज भी है। मैं हमेशा किसी न किसी तरह से उन्हें यह सम्मान देना चाहती थी, क्योंकि उज्जैन जैसे साधारण शहर से होने के कारण, अपने बच्चों को उनके सपनों को पूरा करने के लिए मुंबई जाने देना आसान नहीं है।'' उज्जैन के कार्मेल कॉन्वेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल से स्कूली शिक्षा प्राप्त करने वाली और बड़ौदा के महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय से स्नातक करने वाली पोरवाल ने कहा कि वह इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में अपने गृह राज्य का प्रतिनिधित्व करके भी खुश हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं मध्य प्रदेश का नाम सुनना चाहती थी, क्योंकि पिछले 60 वर्षों में मेरे राज्य में कभी कोई फेमिना मिस इंडिया नहीं रही। यह पहली बार था जब उज्जैन से किसी ने मिस इंडिया में भाग लिया।'' पोरवाल ने कहा कि वह पूर्व सौंदर्य प्रतियोगिता विजेता और बॉलीवुड स्टार ऐश्वर्या राय बच्चन से प्रेरणा लेती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘सुष्मिता सेन, ऐश्वर्या राय बच्चन और प्रियंका चोपड़ा जोनास सहित भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली सभी महिलाएं महान प्रेरणादायक शख्सियत रही हैं, लेकिन मुझे सबसे ज्यादा प्रेरणा ऐश्वर्या राय बच्चन से मिलती है।'' उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करना एक बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत सिर्फ एक देश या नाम नहीं है। इसके कई अर्थ हैं और यह (इसका विचार) हर व्यक्ति के लिए अलग है। यह मेरे लिए भी अलग है और इसलिए मैं भारत के अपने विचार का प्रतिनिधित्व करना चाहती हूं।''
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बरहामपुर.ओडिशा में अभी सर्दी का मौसम शुरू नहीं हुआ है, लेकिन देश के सबसे बड़े जलपक्षी आवास चिल्का झील में पक्षियों का आना शुरू हो गया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। चिल्का वन्यजीव प्रभाग के प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) अमलान नायक ने मंगलवार को बताया कि प्रवासी पक्षियों ने इस महीने के पहले सप्ताह से ही झील में आना शुरू कर दिया है जो उनके आगमन का सामान्य समय है। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन पक्षियों का आना जारी है।
नायक ने बताया कि ‘‘उत्तरी पिनटेल, यूरेशियन विगॉन, गैडवॉल, ब्लैक-टेल्ड गैडवॉल, उत्तरी शॉवेलर, ग्रेटर फ्लेमिंगो, कॉमन सैंडपाइपर, कॉमन कूट, मंगोलियन प्लोवर, कॉमन स्निप, ब्लैक विंग्ड स्टिल्ट'' सहित विभिन्न प्रजातियों के प्रवासी पक्षी पहले ही झील में उतर चुके हैं। डीएफओ ने कहा कि झील में प्रवासी पक्षियों का आगमन सामान्य रूप से जारी है हालांकि वर्तमान में झील और इसके आसपास का तापमान 32 से 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास है। उन्होंने कहा कि सर्दियों की शुरुआत और उनके मूल स्थानों के कुछ अन्य कारणों से पक्षियों को चिल्का की ओर आने के लिए मजबूर होना पड़ा होगा। नायक ने कहा कि चिल्का के पास कई पक्षी झील में उतरे बिना आसमान में उड़ते भी देखे गए हैं। झील में पानी का स्तर कम होने पर वे उतर सकते हैं। उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद है कि इस महीने के अंत तक उनकी संख्या बढ़ सकती है।"
ये पक्षी मुख्यतः हिमालय पार उत्तरी यूरेशिया, कैस्पियन क्षेत्र, साइबेरिया, कजाख, बैकाल झील तथा रूस और पड़ोसी देशों के दूरदराज के क्षेत्रों से सर्दियों में चिल्का झील आते हैं और गर्मियों के शुरू होने से पहले मार्च के दूसरे सप्ताह में लौट जाते हैं। पिछली सर्दियों में 187 प्रजातियों के कुल 11,37,759 पक्षी चिल्का आए। -
रांची. झारखंड में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण को लेकर अधिसूचना जारी होने के साथ 38 विधानसभा क्षेत्रों में 20 नवंबर को होने वाले चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया मंगलवार को शुरू हो गई। नामांकन प्रक्रिया 29 अक्टूबर तक जारी रहेगी तथा पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न तीन बजे तक आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। झारखंड विधानसभा चुनाव दो चरणों में 13 और 20 नवंबर को होंगे। मतगणना 23 नवंबर को होगी।
एक निर्वाचन अधिकारी ने बताया, ‘‘20 नवंबर को मतदान के दूसरे चरण के तहत 38 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया आज शुरू हो गई।'' उन्होंने कहा कि नामांकन पत्रों की जांच 30 अक्टूबर को होगी और उम्मीदवार एक नवंबर तक अपना नाम वापस ले सकते हैं। दूसरे चरण में सामान्य श्रेणी के तहत जिन निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान होगा उनमें राजमहल, पाकुड़, नाला, जामताड़ा, जरमुंडी, मधुपुर, सारठ, पोड़ैयाहाट, गोड्डा, महगामा, रामगढ़, मांडू, धनवार, बगोदर, गांडेय, गिरिडीह, डुमरी, गोमिया, बेरमो, बोकारो, सिंदरी, निरसा, धनबाद, झरिया, टुंडी, बाघमारा और सिल्ली शामिल हैं। अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित सीटों में बोरियो, बरहेट, लिट्टीपारा, महेशपुर, सिकरीपारा, दुमका, जामा और खिजरी शामिल हैं। अनुसूचित जाति (एससी) के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित सीटों में देवघर, जमुआ और चंदनकियारी शामिल हैं। चुनाव में करीब 2.60 करोड़ मतदाताओं के मतदान करने की उम्मीद है, जिनमें 11.84 लाख पहली बार मतदान करने वाले मतदाता होंगे और 1.13 लाख दिव्यांग, तृतीय लिंग के व्यक्ति और 85 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक होंगे। 2019 के विधानसभा चुनावों में मतदाताओं की कुल संख्या 2.23 करोड़ थी। -
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत ब्रिक्स के भीतर करीबी सहयोग को महत्व देता है जो वैश्विक विकास एजेंडे से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर बातचीत और चर्चा के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरा है। मोदी ने ब्रिक्स समूह के वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए रूस के शहर कजान की दो दिवसीय यात्रा पर रवाना होने से पहले एक बयान में यह बात कही। ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका ब्रिक्स के मुख्य सदस्य हैं और यह समूह वैश्विक अर्थव्यवस्था के एक चौथाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले साल नए सदस्यों को जोड़ने के साथ ब्रिक्स के विस्तार से वैश्विक बेहतरी के लिए इसकी समावेशिता और एजेंडा बढ़ा है। मोदी ने कहा कि वह शिखर सम्मेलन में विभिन्न विषयों पर व्यापक चर्चा को लेकर आशान्वित हैं।
रूस द्वारा आयोजित इस शिखर सम्मेलन को यूक्रेन में संघर्ष और पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालात के बीच गैर-पश्चिमी देशों द्वारा अपनी ताकत दिखाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। मोदी ब्रिक्स (ब्राजील-रूस-भारत-चीन-दक्षिण अफ्रीका) सम्मेलन से इतर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ बैठक सहित कई द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। पिछले वर्ष जोहानिसबर्ग में हुए शिखर सम्मेलन के बाद समूह का यह पहला शिखर सम्मेलन होगा।
मोदी ने यात्रा के लिए रवाना होने से पहले अपने बयान में कहा, ‘‘भारत ब्रिक्स के भीतर करीबी सहयोग को महत्व देता है जो वैश्विक विकासात्मक एजेंडा, बहुपक्षवाद, जलवायु परिवर्तन, आर्थिक सहयोग, लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं का निर्माण, सांस्कृतिक और लोगों को आपस में जोड़ने आदि से जुड़े मुद्दों पर बातचीत और चर्चा के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरा है।'' मोदी ने कहा कि कजान की उनकी यात्रा भारत और रूस के बीच ‘‘विशेष एवं विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी'' को और मजबूत करेगी। प्रधानमंत्री ने जुलाई में मॉस्को की यात्रा की थी और इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति पुतिन के साथ शिखर वार्ता की थी। मोदी ने कहा, ‘‘जुलाई 2024 में मॉस्को में आयोजित वार्षिक शिखर सम्मेलन के आधार पर कजान की मेरी यात्रा भारत और रूस के बीच विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगी।'' बाद में मोदी ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए रूस के कजान रवाना हो रहा हूं। भारत ब्रिक्स को बहुत महत्व देता है और मैं विभिन्न विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श की उम्मीद करता हूं।'' उन्होंने कहा कि वह वहां विभिन्न नेताओं से मिलने के लिए भी उत्सुक हैं।
ब्राजील, रूस, भारत और चीन के नेताओं की सेंट पीटर्सबर्ग में 2006 में हुई बैठक के बाद एक औपचारिक समूह के रूप में ‘ब्रिक' की शुरुआत हुई। ‘ब्रिक' को 2010 में दक्षिण अफ्रीका को शामिल करते हुए ‘ब्रिक्स' के रूप में विस्तारित करने पर सहमति बनी। पिछले साल समूह का विस्तार किया गया जो 2010 के बाद पहली ऐसी कवायद थी। ब्रिक्स के नए सदस्य देशों में मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। - भोपाल. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार में सेना की विदेशी हथियारों पर निर्भरता कम हुई है तथा स्वदेशी लड़ाकू विमान एवं अन्य उपकरणों के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वह नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी की उपस्थिति में पूर्वसैनिकों के सम्मान में यहां थ्री ईएमई केंद्र में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यादव ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सेना का मनोबल बढ़ा है। उसे नयी प्रौद्योगिकी वाले नवीनतम हथियार मुहैया कराये जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने विदेशी हथियारों पर सेना की निर्भरता घटायी है तथा स्वदेशी लड़ाकू विमान एवं हथियार निर्माण पर विशेष ध्यान दिया है।'' उन्होंने सीमापार आतंकी शिविरों पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक' का स्पष्ट हवाला देते हुए कहा कि भारत न केवल हमले का जवाब देता है, बल्कि जवाबी हमला करने के लिए दुश्मन की सीमा में भी घुसता है। इस अवसर पर एडमिरल त्रिपाठी ने कहा कि मध्यप्रदेश का वीरता और साहस का इतिहास रहा है तथा इस राज्य ने देश को तीन अशोक चक्र विजेता, पांच महावीर चक्र विजेता एवं 23 वीर चक्र विजेता दिए हैं। एडमिरल ने कहा, ‘‘पिछले 25 वर्षों में (मध्यप्रदेश से) 100 से अधिक सैनिकों ने मातृभूमि के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है। यह समारोह पूर्व सैनिकों के समर्पण, कुशल नेतृत्व और योगदान का परिणाम है।'' इस अवसर पर यादव ने द्वितीय विश्वयुद्ध में वीरतापूर्वक लड़ने वाले पूर्व सैनिकों की पत्नियों एवं भोपाल से शहीदों के रिश्तेदारों को सम्मानित किया।
- नयी दिल्ली. प्रमुख शेयर बाजार बीएसई और एनएसई एक नवंबर को दिवाली के अवसर पर एक घंटे का विशेष ‘मुहूर्त कारोबार' सत्र आयोजित करेंगे। यह नए संवत 2081 की शुरुआत का प्रतीक होगा। शेयर बाजारों ने अलग-अलग परिपत्रों में कहा कि सांकेतिक कारोबार सत्र शाम छह से सात बजे के बीच आयोजित किया जाएगा। यह सत्र नए संवत (दिवाली से शुरू होने वाला हिंदू कैलेंडर वर्ष) की शुरुआत का भी प्रतीक है। माना जाता है कि ‘मुहूर्त' या ‘शुभ घंटे' के दौरान कारोबार करने से हितधारकों के लिए समृद्धि और वित्तीय वृद्धि होती है। दिवाली पर बाजार नियमित कारोबार के लिए बंद रहेगा, लेकिन शाम को एक घंटे के लिए विशेष कारोबारी खिड़की खुली रहेगी। शेयर बाजारों ने घोषणा की है कि शेयर बाजार खुलने से पूर्व का सत्र शाम 5:45 से 6:00 बजे तक होगा। बाजार विश्लेषकों ने कहा कि दिवाली को कुछ भी नया शुरू करने के लिए आदर्श समय माना जाता है। मान्यता है कि निवेशकों को पूरे साल इस सत्र के दौरान कारोबार से लाभ मिलता है।
- भुवनेश्वर. बंगाल की खाड़ी में 23 अक्टूबर तक चक्रवाती तूफान आने की आशंका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने रविवार को यह जानकारी दी। आईएमडी ने एक विशेष बुलेटिन में कहा कि अगले 24 घंटों के दौरान अंडमान सागर के ऊपर बने एक चक्रवाती परिसंचरण के क्षेत्र के सोमवार तक कम दबाव वाले क्षेत्र में तब्दील होने की आशंका है। इसमें कहा गया कि इस मौसम प्रणाली के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ने तथा 22 अक्टूबर की सुबह तक अवदाब में तब्दील होने तथा 23 अक्टूबर तक पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती तूफान में बदल जाने की आशंका है। बुलेटिन में कहा गया है, बाद में इसके उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और 24 अक्टूबर की सुबह तक ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों के पास बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम में पहुंचने की प्रबल आशंका है। आईएमडी ने कहा कि इसके प्रभाव से ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में 23 से 25 अक्टूबर तक भारी वर्षा होने की आशंका है। मछुआरों को 21 अक्टूबर तक तट पर लौटने की सलाह दी गई है।
- गोपेश्वर. उद्योगपति मुकेश अंबानी ने रविवार को भगवान बदरीनाथ और केदारनाथ के दर्शन किए और दोनों मंदिरों में कुल पांच करोड़ दो लाख रुपये की भेंट अर्पित की। रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक पहले बदरीनाथ धाम पहुंचे जहां श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के उपाध्यक्ष किशोर पंवार एवं मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने उनकी अगवानी की । सुबह नौ बजे मंदिर पहुंचने के बाद उन्होंने भगवान के दर्शन किए तथा पूजा में शामिल हुए । इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर में ही स्थित लक्ष्मी मंदिर में मां लक्ष्मी के दर्शन किये जहां समिति के पदाधिकारियों ने उन्हें भगवान बदरीविशाल का प्रसाद भेंट किया। इसके बाद अंबानी केदारनाथ मंदिर पहुंचे जहां समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने उनका स्वागत किया। उन्होंने मंदिर में भगवान शिव का रूद्राभिषेक किया । इसके बाद अजय ने उद्योगपति को भगवान केदारनाथ का प्रसाद भेंट किया। मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डॉ हरीश गौड़ ने बताया कि अंबानी हर साल दर्शन के लिए बदरीनाथ तथा केदारनाथ मंदिर आते हैं । उन्होंने बताया कि इस बार भी उन्होंने बदरीनाथ तथा केदारनाथ धाम के लिए कुल पांच करोड़ दो लाख रुपये की धनराशि का चेक मंदिर समिति को दान स्वरूप भेंट किया है । गौड़ ने कहा कि कोरोना काल में जब यात्रा न्यूनतम थी, तब भी उन्होंने मंदिर समिति को दान स्वरूप बड़ी भेंट दी थी।
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नयी दिल्ली. केंद्रीय श्रम एवं रोजगार और युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया 21 अक्टूबर यानी सोमवार को ‘ईश्रम -वन स्टॉप सॉल्यूशन' का शुभारंभ करेंगे। सरकार ने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक क्षेत्र की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए एक स्थान पर हर तरह का समाधान देने की घोषणा की थी। इसके तहत ही यह पहल की गई है। श्रम और रोजगार मंत्रालय ने बयान में कहा कि ‘ईश्रम - वन स्टॉप सॉल्यूशन' असंगठित श्रमिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने में मदद करेगा। विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों की 12 योजनाओं को ईश्रम के साथ जोड़ दिया गया है।
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भोपाल. मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के कूनो राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) में एक मादा चीता जल्द ही शावकों को जन्म देने वाली है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार देर रात सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा कि यह 'चीता परियोजना' के लिए एक बड़ी उपलब्धि का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से लाए गए आठ चीतों (पांच मादा और तीन नर) को कूनो राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी)में छोड़ने का कार्य किया। यह लगभग आठ दशकों बाद हुआ, जब भारत में चीते शिकार के कारण विलुप्त हो गए थे। यह दुनिया के पहले अंतरमहाद्वीपीय स्थानांतरण का हिस्सा था। फरवरी 2023 में देश में चीतों को फिर से लाने की भारत सरकार की परियोजना के हिस्से के रूप में दक्षिण अफ्रीका से 12 अन्य चीतों को मध्य प्रदेश के राष्ट्रीय उद्यान में स्थानांतरित किया गया। यादव ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर पोस्ट में कहा, "कूनो में खुशियां आने वाली हैं। देश के 'चीता स्टेट' मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में मादा चीता जल्द ही नए शावकों को जन्म देने वाली है।" अधिकारियों के अनुसार, भारत में अब तक 17 शावकों का जन्म हो चुका है, जिनमें से 12 जीवित बचे हैं। इस प्रकार कूनो में शावकों सहित कुल चीतों की संख्या वर्तमान में 24 हो गई है।
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वाराणसी .प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे और यहां आरजे शंकरा नेत्र अस्पताल का लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री मोदी ने यहां आरजे शंकरा नेत्र चिकित्सालय में प्रवेश किया जो कांची मठ से संचालित होता है। उन्होंने कांची के शंकराचार्य से मुलाकात की। इसके पहले प्रधानमंत्री ने पूर्व शंकराचार्य की प्रतिमा के समक्ष जाकर दर्शन-पूजन किया जिसके बाद फीता काटकर नेत्र अस्पताल का लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री ने यहां आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। संस्था से जुड़े लोगों के अनुसार इस नेत्र अस्पताल से पूर्वी उत्तर प्रदेश के 20 जिलों के अलावा बिहार, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाकों के मरीजों को सुविधा देने का लक्ष्य रखा गया है। कांची मठ से संचालित यह देश में 14वां अस्पताल है। संस्था के लोगों के अनुसार यहां प्रतिवर्ष 30 हजार मरीजों की आंखों के नि:शुल्क ऑपरेशन का लक्ष्य रखा गया है। इससे पहले, प्रधानमंत्री यहां लाल बहादुर शास्त्री हवाई अड्डे पर पहुंचे और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित गणमान्य लोगों ने उनका स्वागत किया। काशीवासियों ने प्रधानमंत्री मोदी का ढोल-नगाड़ों और पुष्पवर्षा से स्वागत किया। प्रधानमंत्री रविवार को अपने दौरे के दौरान 6,100 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे जिनमें कई हवाई अड्डों से संबंधित परियोजनाएं शामिल हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री, लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रनवे के विस्तार, एक नए टर्मिनल भवन के निर्माण और अन्य संबद्ध कार्यों की आधारशिला रखेंगे।














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