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- धुबरी (असम) । असम के धुबरी जिले में गुरुवार को ब्रह्मपुत्र नदी में 29 यात्रियों को लेकर जा रही एक नाव पलट गई जिसके बाद सात लोग लापता हो गये। एक सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी दी। जिला उपायुक्त अंबमुथन एम पी ने बताया कि कुछ स्कूली बच्चों समेत अब तक 22 लोगों को राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) और स्थानीय लोगों ने मिलकर बचाया है तथा बचाव अभियान अब भी जारी है जिसमें सीमा सुरक्षा बल भी हाथ बंटा रह है। दुर्घटनास्थल से लौटने के बाद उपायुक्त ने बताया कि शहर से करीब तीन किलोमीटर दूर भाषानीर में यह नाव एक पुल के खंभे से जा टकराई और पलट गई। उन्होंने बताया कि नाव का पता लगा लिया है और समीपवर्ती एक निर्माणधीन पुल के पास से क्रेन की मदद से नाव बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोग अपनी नौकाओं के साथ बचाव कार्य में जुट गये तथा एसडीआरएफ के गोताखोरों को भी लापता लोगों का पता लगाने के कार्य में लगाया गया है। अंबमुथन ने बताया कि बचाये गये लोगों को एक नजदीकी अस्पताल ले जाया गया जहां पांच की हालत गंभीर बतायी जा रही है। उन्होंने कहा कि इस बात की अबतक जानकारी नहीं मिल पायी है कि कितने विद्यार्थी नाव पर सवार थे लेकिन उनमें से किसी के लापता होने की खबर नहीं है। एक अधिकारी ने पहले कहा था कि नाव पर कई स्कूली बच्चे भी सवार थे ।उपायुक्त ने बताया कि जो लोग लापता हैं उनमें सर्कल अधिकारी संजू दास थे जो अमीनूर चार क्षेत्र का सर्वेक्षण करने के बाद भूमि दस्तावेज अधिकारी और क्षेत्र वृत अधिकारी (फील्ड सर्किल ऑफिसर) के साथ धुबरी लौट रहे थे। उनके अनुसार भूमि दस्तावेज अधिकारी और क्षेत्र वृत अधिकारी (फील्ड सर्किल ऑफिसर) को बचा लिया गया लेकन वे इस दुर्घटना के बाद सदमे में हैं। स्थानीय लोगों ने पहले दावा किया था कि करीब 100 यात्री नाव से आ रहे थे और उस पर 10 मोटरसाइकिल भी लदी थीं। उपायुक्त ने कहा कि उन्होंने अब तक पता नहीं है कि नाव पर मोटरसाइकिल थीं लेकिन यदि कोई सुरक्षा चूक हुई है जो जांच करायी जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘ यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि यह घटना तब घटी जब नाव 50 मीटर से भी कम चौड़े क्षेत्र से गुजर रही थी।'' इस बीच पुल निर्माण में लगी एक निजी कंपनी के अभियंता को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। अभियंता स्थानीय लोगों को दुर्घटनास्थल तक जाने के लिए पुल का इस्तेमाल करने और लोगों को बचाने में क्रेन का उपयोग करने से कथित रूप से रोक रहा था। धुबरी लोकसभा सदस्य बदरूद्दीन अजमल ने इस नाव हादसे दुख प्रकट करते हुए उसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने राज्य सरकार से लापता लोगों के रिश्तेदारों को 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की अपील की। कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि प्रदेश पार्टी कार्यकारी अध्यक्ष राणा गोस्वामी के नेतृत्व में पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल दुर्घटनास्थल पर जाएगा।
- भिंड। मध्यप्रदेश पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने गुरुवार को यहां बिजली विभाग के एक कनिष्ठ अभियंता को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा है। एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी । ईओडब्ल्यू के निरीक्षक शैलेंद्र सिंह कुशवाहा ने बताया कि आरोप है कि कनिष्ठ अभियंता अरुण सैनी ने कामाख्या मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल के प्रबंधक से 50 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की अन्यथा उनके खिलाफ बिजली चोरी का मामला दर्ज करने की धमकी दी। कुशवाहा ने कहा कि शिकायत मिलने पर ईओडब्ल्यू की ग्वालियर इकाई ने योजना बनाकर जाल बिछाया और आरोपी सैनी को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया। उन्होंने कहा कि आरोपी सैनी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।(प्रतीकात्मक फोटो)
- अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के रोरावर क्षेत्र में गुरुवार को एक मांस फैक्ट्री में अमोनिया गैस लीक होने से 59 कर्मचारी बेहोश हो गए, सभी को जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया। एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी । जिलाधिकारी इंद्रवीर सिंह ने बताया कि रोरावर थाना क्षेत्र के टकलसपुर इलाके में एक मांस फैक्ट्री में अमोनिया गैस का पाइप फट जाने से रिसाव शुरू हो गया और गैस के संपर्क में आने से लोग बेहोश होने लगे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर हारिस मंसूर खां ने बताया कि गैस के संपर्क में आने से करीब 59 कर्मचारी बेहोश हो गए और उन सभी को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया जहां उनकी हालत खतरे से बाहर है। खां ने बताया कि कुछ लोगों को ऑक्सीजन लगानी पड़ी थी, मगर उनकी हालत अब तेजी से ठीक हो रही है । जिला प्रशासन ने इस मामले की मजिस्ट्रेट से जांच कराने के आदेश दिए हैं और एहतियात के तौर पर फैक्ट्री के सुरक्षा बंदोबस्त कड़े कर दिए गए हैं ।
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नई दिल्ली। वरिष्ठ अधिवक्ता आर. वेंकट-रमणि भारत के नए अटॉर्नी जनरल बनाए गए हैं। विधि और न्याय मंत्रालय की अधिसूचना में कहा है कि राष्ट्रपति ने श्री वेंकट-रमणि को तीन वर्ष की अवधि के लिए नया अटॉर्नी जनरल नियुक्त किया है। वे अटॉनी जनरल के के वेणुगोपाल का स्थान लेंगे जिनका कार्यकाल कल समाप्त हो रहा है। श्री वेंकट रमणि ने अटॉनी जनरल नियुक्त किए जाने और उन पर भरोसा जताने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और विधि और न्यायमंत्री किरेन रिजिजू को धन्यवाद दिया है।
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नई दिल्ली। स्वास्थ्य मंत्रालय ने पात्र लाभार्थियों से नजदीकी सरकारी टीकाकरण केंद्रों पर जाकर मुफ्त एहतियाती टीका लगवाने की अपील की है। कल कोविड टीकाकरण अमृत महोत्सव अभियान का अंतिम दिन है। राष्ट्रव्यापी कोविड टीकाकरण अभियान के तहत एहतियाती टीके के लिए इस साल 15 जुलाई को 75 दिन का अभियान शुरू किया गया था। अभियान के अंतर्गत सभी सरकारी कोविड टीकाकरण केंद्रों पर 18 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग के लोगों के लिए नि:शुल्क एहतियाती टीके लगाये जा रहे हैं। अब तक 20 करोड़ 88 लाख एहतियाती टीके लगाये जा चुके हैं।
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नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने फैसला दिया है कि सभी महिलाओं को सुरक्षित और वैध रूप से गर्भपात का अधिकार है और इस मामले में विवाहित और अविवाहित महिलाओं के बीच भेद करना असंवैधानिक है।
शीर्ष न्यायालय ने कहा कि अविवाहित महिलाओं को भी सहमति से बनाए गए संबंधों से उत्पन्न 20 से 24 सप्ताह के भ्रूण का गर्भपात कराने का अधिकार है। न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी वाई चन्द्रचूड की अध्यक्षता में तीन न्यायाधीशों की पीठ ने यह भी फैसला दिया कि चिकित्सीय गर्भपात अधिनियम के तहत दुष्कर्म की व्याख्या में वैवाहिक दुष्कर्म को भी शामिल किया जाना चाहिए।शीर्ष न्यायालय ने यह भी कहा कि एक वैवाहिक महिला को गर्भपात के अधिकार का इस्तेमाल करने से इंकार नहीं किया जा सकता। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि अविवाहित महिला को 24 सप्ताह के भीतर अनचाहे गर्भ को समाप्त करने का अधिकार है। शीर्ष न्यायालय ने कहा कि वैवाहिक महिला को गर्भपात कराने के अधिकार से वंचित करना मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। पीठ ने 23 अगस्त को इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रखा था।25 वर्षीय अविवाहित महिला ने दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर 23 सप्ताह और पांच दिन के गर्भ को समाप्त करने की अनुमति मांगी थी। उसका कहना था कि वह सहमति से बनाये गए संबंधों से गर्भवती हुई हैं। उसने यह भी कहा था कि वह बच्चे को जन्म दे नहीं सकती क्योंकि उसके साथी ने उससे विवाह करने से इंकार कर दिया है।दिल्ली उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने उस महिला को कोई अंतरिम राहत देने से इंकार कर दिया था। -
पुरी. ओडिशा सरकार की मंजूरी के बाद, भगवान जगन्नाथ के नाम पर 60 हजार एकड़ से अधिक भूमि के दस्तावेजों का डिजिटलीकरण किया जाएगा। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के मुख्य प्रशासक वी. वी. यादव ने पुरी के गजपति महाराजा दिव्य सिंह देव की अध्यक्षता में हुई प्रबंधन समिति की बैठक के बाद बताया कि महाप्रभु जगन्नाथ बिजे के नाम पर ओडिशा में 60,426 एकड़ जमीन है तथा छह अन्य राज्यों में 395.252 एकड़ भूमि है। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि ओडिशा के बाहर पश्चिम बंगाल में भगवान के नाम सबसे ज्यादा 322.930 एकड़ भूमि है। इसके अलावा महाराष्ट्र में 28.21 एकड़, मध्य प्रदेश में 25.11 एकड़, आंध्र प्रदेश में 17.02 एकड़, छत्तीसगढ़ में 1.7 एकड़ और बिहार में 0.27 एकड़ भूमि दर्ज है। यादव ने कहा कि भूमि दस्तावेजों के डिजिटलीकरण की जिम्मेदारी सरकारी संस्था ओडिशा स्पेस एप्लिकेशन सेंटर (ओआरएसएसी) को दी जाएगी। उन्होंने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार से मंजूरी मिलने के बाद इस प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा। -
नयी दिल्ली. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को कहा कि पंचायतों से लेकर देश के राष्ट्रपति पद तक पर आज नारी शक्ति आसीन है और वह अपनी ताकत तथा कौशल से नेतृत्व कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर चर्चा होती थी, लेकिन अब उनकी नेतृत्व की संभावना पर चर्चा होती है। पुणे में महिला महाविद्यालय के भवन का उद्घाटन करने के लिए आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिरला ने कहा, ‘‘आज महिलाएं सभी क्षेत्रों में आगे हैं। वे हर क्षेत्र में अग्रणी हैं। उनकी बढ़ती भागीदारी से भारत तेजी से विकसित देश बनने के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है।'' बिरला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस कोशिश में महिलाओं की अहम भूमिका को देखते हुए उनके लिए अवसर सुनिश्चित कर रहे हैं। -
अयोध्या. अयोध्या के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका को दोपहर के भोजन के रूप में छात्र-छात्राओं को नमक के साथ भात परोसने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। घटना जिले के बीकापुर तहसील के प्राथमिक विद्यालय की है । सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें छात्र-छात्राओं को नमक के साथ भात खाते हुए देखा जा सकता है। भोजन की गुणवत्ता की जानकारी मिलने पर बच्चों के अभिभावकों ने स्कूल पहुंचकर रोष जताया । अयोध्या के जिलाधिकारी नीतीश कुमार ने एक न्यूज़ एजेंसी को बताया, ''घटना मंगलवार की बताई जा रही है। खराब भोजन की जानकारी मिलने पर मैंने बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) प्रदीप कुमार राय से जांच कराने के आदेश दिए हैं और स्कूल की प्रधानाध्यापिका एकता यादव को निलंबित करने के आदेश दिए हैं।" उन्होंने बताया कि ग्राम प्रधान अनिल सिंह को भी इस मामले में नोटिस दिया गया है। उक्त विद्यालय में लगभग 50 बच्चे पढ़ने के लिए नामांकित हैं। बच्चों के अभिभावकों का आरोप है कि मध्याह्न भोजन के दौरान बच्चों को बोरियों पर बैठने को मजबूर किया जाता है । अभिवावकों ने अधिकारियों पर आरोप लगाया है कि बच्चों को निर्धारित भोज्य सूची के अनुसार मध्याह्न भोजन नहीं मिलता है और स्कूल के अध्यापक अक्सर अनुपस्थित रहते हैं । -
नयी दिल्ली. संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक तथा सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) के विश्व धरोहर स्थलों में शामिल ताज महल 2021-22 में घरेलू पर्यटकों के लिए केंद्र द्वारा संरक्षित उन सबसे अधिक लोकप्रिय 10 स्थानों में शामिल रहा है जहां प्रवेश के लिए शुल्क लगता है। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की एक नयी रिपोर्ट में यह जानकारी दी गयी। इस सूची में मुगलकालीन मकबरा ताजमहल पहले स्थान पर, वहीं यूनेस्को से मान्यता प्राप्त दिल्ली स्थित लाल किला और कुतुब मीनार क्रमश: दूसरे और तीसरे क्रम के सबसे अधिक लोकप्रिय स्थान चुने गये हैं। ‘इंडिया टूरिज्म स्टैटिस्टिक्स 2022' शीर्षक वाली 280 पन्नों से अधिक की रिपोर्ट को उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने मंगलवार को विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर यहां जारी किया। रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड-19 से जुड़े प्रतिबंधों के कारण भारत में 2021 में विदेशी पर्यटकों की आवक कम हो गयी। 2020 में देश में 27.40 लाख विदेशी सैलानी आये थे जिनकी संख्या पिछले साल कम होकर 15.20 लाख रह गयी। वर्ष 2020 की तुलना में 2021 में भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या में 44.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी थी। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के तहत आने वाले अनेक स्थानों पर सैलानियों के बारे में आंकड़े साझा करते हुए रिपोर्ट में बताया गया है कि 2021-22 में केंद्र द्वारा संरक्षित शुल्क वाले स्मारकों में घरेलू पर्यटकों के बीच ताज महल सबसे लोकप्रिय रहा। वहीं, तमिलनाडु में ममल्लापुरम के स्मारकों को इसी अवधि में केंद्र द्वारा संरक्षित तथा प्रवेश शुल्क वाले स्मारकों में विदेशी पर्यटकों के बीच सबसे लोकप्रिय बताया गया और यहां 1.40 लाख विदेशी पर्यटक पहुंचे। इस सूची में ताज महल 38 हजार लोगों के आगमन के साथ दूसरे नंबर पर रहा। रिपोर्ट में दिये गये आंकड़ों के अनुसार 2021-22 में ताज महल का दीदार 32.90 लाख घरेलू पर्यटकों ने किया। लाल किला देखने 13.20 लाख और कुतुब मीनार के लिए 11.50 लाख विदेशी सैलानी पहुंचे। ताज महल देखने आने वाले घरेलू पर्यटकों की तादाद कुल पर्यटकों का 12.65 प्रतिशत रही। इस रिपोर्ट के मुताबिक 2021-22 में घरेलू पर्यटकों की कुल संख्या 2,60,46,891 थी जबकि 2020-21 में यह तादाद 1,31,53,076 रही थी। 2021-22 में घरेलू पर्यटकों की संख्या में बीते वर्ष की तुलना में 98 प्रतिशत का इजाफा हुआ था। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की रिपोर्ट के आंकड़ों के मुताबिक 2021-22 में भारत आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या 3,18,673 थी जबकि 2020-21 में 4,15,859 विदेशी पर्यटक भारत आए थे। भारत में ऐसे 3,693 धरोहर स्थल हैं जिनका संरक्षण एएसआई के हाथ में हैं। इनमें से कई यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थल हैं। गौरतलब है कि 2020 में कोविड-19 महामारी के कारण एएसआई संचालित पर्यटन स्थलों को चार महीने से अधिक समय के लिए बंद किया गया था। -
अयोध्या. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि हिंदू धर्म को समर्पित स्मारक एवं राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े महान नेताओं की स्मृतियों को निकट भविष्य में संजोया जाएगा । हालांकि, यह कहते हुए उन्होंने कोई(आंदोलन से जुड़े किसी शख्स का) नाम नहीं लिया। लता मंगेशकर स्मारक के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 'राम काज' में जिस किसी का भी योगदान होगा, अयोध्या में उनकी स्मृति को संजोया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगले एक वर्ष के भीतर अयोध्या के सभी चौराहों का सुन्दरीकरण करते हुए इनका नामकरण महर्षि वशिष्ठ, रामानुजाचार्य, गोस्वामी तुलसीदास आदि के नाम पर किया जाएगा। उनका कहना था कि यही नहीं, श्रीरामजन्मभूमि आंदोलन में शामिल महापुरुषों के नाम पर भी चौराहों का नामकरण होगा। ‘राम नाम' की धुन से रामभक्तों के मन को जगाने वाली स्वर कोकिला लता मंगेशकर की यादें अब हमेशा के लिए रामनगरी अयोध्या से जुड़ गई हैं। अयोध्या में रामजन्मभूमि मंदिर की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग के समीप स्थित नयाघाट चौराहा अब 'लता मंगेशकर चौक' के नाम से जाना जाएगा। लता मंगेशकर के 93वें जन्मदिन के मौके पर बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जी.किशन रेड्डी ने इस स्मृति चौक का लोकार्पण किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 'कृति के प्रति कृतज्ञता' का भाव हमारी सनातन संस्कृति और परंपरा में शामिल रही है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के सर्वाधिक भजन गाने का गौरव लता जी को है, ऐसे में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से लता जी के प्रति कृतज्ञता स्वरूप यह चौक सँवारा गया है। अयोध्या के समग्र विकास के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि आज लता चौक तो एक शुरुआत है, आने वाले दिनों में अयोध्या अपने त्रेतायुगीन वैभव को प्राप्त करेगी एवं यह दुनिया की सुंदरतम नगरियों में से एक होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीकाशीविश्वनाथ धाम के पुनरोद्धार के बाद इस बार श्रावण माह में एक करोड़ श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किये। उनका कहना था कि इसी तरह माँ विंध्यवासिनी परिसर का विकास भी हो रहा है, नैमिषारण्य का जीर्णोद्धार भी होगा। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकास की ये योजनाएं रोजगार सृजन का माध्यम भी बनती हैं, जिसका सीधा लाभ हमारे युवाओं को मिलेगा। उनके अनुसार डबल इंजन की सरकार सबके हित में काम कर रही है, लेकिन बिना जनसहयोग के कोई काम पूरा नहीं हो सकता। मुख्यमंत्री ने अयोध्यावासियों को स्वच्छता के प्रति आग्रही बनने की जरूरत पर बल देते हुए आगामी दीपोत्सव में अयोध्या के हर घर में दीपक जलाने का संकल्प भी दिलाया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रिकॉर्डेड संदेश पर चलाया गया । -
अयोध्या. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण को अपनी ‘‘विरासत पर गर्व'' की पुनर्प्रतिष्ठा और विकास का ‘‘नया अध्याय'' बताया और कहा कि जिस तेज गति से यह काम हो रहा है वह पूरे देश को रोमांचित करने वाला है। अयोध्या में सरयू नदी के नजदीक स्थित लता मंगेशकर की 93वीं जयंती के अवसर पर उनके नाम पर एक चौक के लोकार्पण के अवसर पर प्रसारित अपने वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि अयोध्या से लेकर रामेश्वरम तक, राम भारत के कण-कण में समाये हुये हैं। लता मंगेशकर के प्रसिद्ध भजन ‘‘मन की अयोध्या तब तक सूनी, जब तक राम ना आए'' का स्मरण करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘अयोध्या के भव्य मंदिर में श्रीराम आने वाले हैं और उससे पहले करोड़ों लोगों में राम नाम की प्राण प्रतिष्ठा करने वाली लता दीदी का नाम, अयोध्या शहर के साथ हमेशा के लिए स्थापित हो गया है।'' प्रधानमंत्री ने बताया कि अयोध्या में जब राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन संपन्न हुआ था तब उनके पास लता मंगेशकर का फोन आया था और वह बहुत भावुक थीं तथा आनंद से भर गई थीं। मोदी ने कहा कि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा था कि आखिरकार राम मंदिर का निर्माण शुरू हो रहा है।
इससे पहले, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘‘भारत रत्न'' लता मंगेशकर के नाम पर विकसित चौराहे का उद्घाटन किया। इस मौके पर केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी भी मौजूद थे। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक अयोध्या में सरयू नदी के किनारे पर स्थित लता मंगेशकर चौराहे को 7.9 करोड रुपए की लागत से तैयार किया गया है। इस चौराहे पर 14 टन वजन की 40 फुट लंबी और 12 मीटर ऊंची वीणा स्थापित की गई है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘प्रभु राम तो हमारी सभ्यता के प्रतीक पुरुष हैं। राम हमारी नैतिकता, हमारे मूल्यों, हमारी मर्यादा और हमारे कर्तव्य के जीवंत आदर्श हैं। अयोध्या से लेकर रामेश्वरम तक, राम भारत के कण-कण में समाये हुये हैं। भगवान राम के आशीर्वाद से आज जिस तेज गति से भव्य राम मंदिर का निर्माण हो रहा है, उसकी तस्वीरें पूरे देश को रोमांचित कर रही हैं। ये अपनी 'विरासत पर गर्व' की पुनर्प्रतिष्ठा भी है और विकास का नया अध्याय भी है।'' उन्होंने कहा कि लता चौक को जिस स्थान पर विकसित किया गया है वह अयोध्या में सांस्कृतिक महत्व के विभिन्न स्थानों को जोड़ने वाले प्रमुख स्थलों में से एक है। उन्होंने कहा, ‘‘लता दीदी के नाम पर चौक के निर्माण के लिए इससे बेहतर स्थान और क्या हो सकता है। जिस तरह अयोध्या ने कितने युगों के बाद भी राम को हमारे मन में साकार रखा है वैसे ही लता दीदी के भजनों ने हमारे अंतर्मन को राममय बनाए रखा है।'' प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘जिस तरह लता दीदी हमेशा नागरिक कर्तव्यों को लेकर बहुत सजग रही हैं, वैसे ही लता मंगेशकर चौक भी अयोध्या में रहने वाले और वहां आने वाले लोगों को कर्तव्य परायणता की प्रेरणा देगा। यह चौक हमारे देश में कला जगत से जुड़े लोगों के लिए भी एक प्रेरणा स्थली की तरह कार्य करेगा।'' मोदी ने कहा कि लता मंगेशकर के स्वर युगों-युगों तक देश के कण-कण को जोड़ें रखेंगे, इसी विश्वास के साथ उन्हें अयोध्यावासियों से भी उनकी कुछ अपेक्षाएं भी हैं क्योंकि निकट भविष्य में वहां भव्य राम मंदिर बनना है। उन्होंने कहा, ‘‘देश के कोटि-कोटि लोग अयोध्या आने वाले हैं। आप कल्पना कर सकते हैं कि अयोध्यावासियों को अयोध्या को कितना भव्य सुंदर और स्वच्छ बनाना होगा। इसकी तैयारी आज ही से करनी चाहिए ताकि जब कोई भी यात्री यहां आए तो राम मंदिर की श्रद्धा के साथ-साथ अयोध्या की व्यवस्थाओं, उसकी भव्यता और मेहमाननवाजी के अनुभव को अपने साथ लेकर जाए।'' अयोध्या विकास प्राधिकरण के सचिव सत्येंद्र सिंह ने बताया कि लता मंगेशकर चौक पर लगाई गई वीणा का निर्माण पद्मश्री राम सुतार ने दो महीने के अंदर किया है। इससे पहले, प्रधानमंत्री ने सुबह एक ट्वीट कर भी लता मंगेशकर को याद किया। उन्होंने कहा, ‘‘लता दीदी को उनके जन्मदिन पर स्मरण कर रहा हूं। उनके बारे में बहुत सारी बातें याद आती हैं। मुझे खुशी है कि आज अयोध्या में एक चौक का नामकरण उनके नाम पर किया जा रहा है। यह भारत की एक महान विभूति के लिए उपयुक्त श्रद्धांजलि है।'' गौरतलब है कि पिछली फरवरी में लता मंगेशकर के निधन के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने अयोध्या के प्रमुख चौक का नाम लता मंगेशकर के नाम पर किए जाने की घोषणा की थी। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री आदित्यनाथ लगातार लता मंगेशकर चौक के निर्माण की निगरानी कर रहे थे और तेजी के साथ लता मंगेशकर चौक का निर्माण किया गया है। राम नगरी की ह्रदय स्थली नयाघाट चौराहा अब लता मंगेशकर चौक के रूप में जाना जाएगा। -
जयपुर. राजस्थान के अजमेर जिले में तालाब में नहाने गए चार किशोर डूब गए। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि घटना पीसांगन थाना क्षेत्र के भड़सूरी सरहद गांव की है, जहां मंगलवार को बच्चे पशुओं को चराने के बाद नहाने गए थे। अजमेर के पुलिस अधीक्षक चूनाराम जाट ने बताया कि देर रात चलाए गए तलाशी अभियान के बाद तालाब से चार शव निकाले गए। इन्हें पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। मृतकों की पहचान तेजाराम, भोजराम, सोनू और गोदाराम के रूप में हुई है, जिनकी उम्र 13 से 15 वर्ष है। पीसांगन की उपखंड अधिकारी प्रियंका बडगुर्जर ने बताया कि घटना कस्तूरी ग्राम पंचायत की है जहां बच्चे नहाने के लिए तालाब में उतरे थे। देर शाम तक बच्चे घर नहीं लौटे तो परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। उन्होंने कहा कि तालाब के पास मिले कपड़े और चप्पल और स्थानीय ग्रामीणों से मिली जानकारी के आधार पर बचाव अभियान चलाया गया और चार शव बरामद किए गए। -
इंदौर. मध्यप्रदेश सरकार ने सुरों की मलिका लता मंगेशकर की जयंती पर बुधवार को उनकी जन्मस्थली इंदौर में दो पार्श्व गायकों-कुमार सानू एवं शैलेंद्र सिंह और संगीतकार जोड़ी आनंद-मिलिंद को राष्ट्रीय लता मंगेशकर सम्मान के सालाना अलंकरण से नवाजा। राज्य की संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर ने एक भव्य समारोह में सिंह, आनंद-मिलिंद और कुमार सानू को क्रमशः 2019, 2020 और 2021 का राष्ट्रीय लता मंगेशकर सम्मान प्रदान किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने समारोह के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए कहा कि मंगेशकर के बिना भारत अधूरा है और देश के इतिहास में वह एक महान अध्याय के रूप में दर्ज हैं। चौहान ने इस मौके पर घोषणा भी की कि मंगेशकर की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए उनकी जन्मस्थली इंदौर में संगीत महाविद्यालय, संगीत अकादमी तथा संग्रहालय स्थापित किया जाएगा और शहर में उनकी मूर्ति लगाई जाएगी। मंगेशकर का जन्म इंदौर में 28 सितंबर, 1929 को हुआ था और उन्होंने मुंबई में छह फरवरी, 2022 को आखिरी सांस ली थी। वर्ष 1984 में स्थापित राष्ट्रीय लता मंगेशकर सम्मान, सुगम संगीत के क्षेत्र में कलात्मक श्रेष्ठता को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश के संस्कृति विभाग का दिया जाने वाला सालाना अलंकरण है। इससे सम्मानित कलाकार को दो लाख रुपये की राशि और प्रशस्ति पट्टिका भेंट की जाती है। गुजरे बरसों में नौशाद, किशोर कुमार और आशा भोंसले सरीखी हस्तियों को भी इस सम्मान से नवाजा जा चुका है।
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नयी दिल्ली। केंद्र ने बुधवार को राज्यों से कहा कि वे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए अधिक आईएएस, आईपीएस और आईएफओएस अधिकारियों को मुक्त करने के अलावा अक्षम और भ्रष्ट कर्मचारियों को बाहर करने में उनका सहयोग करें। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) के प्रधान सचिवों के वार्षिक सम्मेलन के दौरान यह अनुरोध किया गया। इस सम्मेलन का आयोजन यहां कर्मियों, सामान्य प्रशासन और प्रशासनिक सुधारों से संबंधित कार्यों पर विचार-विमर्श करने के लिए किया गया था। केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि एक अखिल भारतीय सेवा अधिकारी राज्य और केंद्र दोनों के भीतर सरकार की एक महत्वपूर्ण संपर्क कड़ी है। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय सेवाओं के कैडर प्रबंधन के लिए पहले से ही एक ढांचा है और इसका अक्षरश: पालन करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में एक विशेष पहलू केंद्र में अखिल भारतीय सेवा अधिकारियों की तैनाती है। कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार उन्होंने राज्य सरकारों से आईएएस और अन्य अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति में मदद करने को कहा। तीन अखिल भारतीय सेवाएं हैं - भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) और भारतीय वन सेवा (आईएफओएस)। इन अधिकारियों को एक कैडर आवंटित किया जाता है, जो या तो एक राज्य या राज्यों का समूह, या राज्य और केंद्र शासित प्रदेश होता है। अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों की कमी का सामना कर रही है और पहले से ही राज्यों से केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए अधिकारियों की मांग कर रही है। उन्होंने कहा कि इस कमी से निपटने के लिए, केंद्र ने पिछले साल दिसंबर में सेवा नियमों में बदलाव का प्रस्ताव दिया था, जो आईएएस, आईपीएस और आईएफओएस अधिकारियों की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर निर्णय लेने का अधिकार देता है। केन्द्रीय मंत्री ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि ‘‘केंद्रीय प्रतिनियुक्ति हमारे देश में संघीय ढांचे का हिस्सा है'' और उन्होंने राज्य सरकारों से इसमें सहयोग करने का आग्रह किया। बयान के अनुसार मंत्री ने कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) को सूचित करते हुए राज्य सरकारों से उनके पास लंबित ऐसी सभी समीक्षाओं को जल्द से जल्द पूरा करने में सहयोग का अनुरोध किया। समीक्षा सरकार को सेवा से भ्रष्ट और अक्षम लोक सेवकों को सेवानिवृत्त करने की अनुमति देती है। मंत्री ने कहा कि अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारी भारतीय प्रशासन की रीढ़ हैं और यह महत्वपूर्ण है कि राज्य और संघ नीतियों और कार्यक्रमों के बेहतर क्रियान्वयन के लिए अपने प्रयासों को एकजुट करें। file photo
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कोयंबटूर . तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले के पोलाची के पास बुधवार सुबह एक बस और पिकअप वैन की टक्कर में दो लोगों की मौत हो गई जबकि लगभग 30 अन्य लोग घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक मृतकों की पहचान किट्टूसामी और नटराज के रूप में हुई है, दोनों लोग वैन में सवार थे।
बस में सवार ज्यादातर लोग घायल हुए हैं। इनमें से छह लोगों को यहां के सरकारी अस्पताल में जबकि चार को पोलाची के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल हुए अन्य लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी है। पुलिस ने कहा कि बस गोपालपुरम से पोलाची की ओर जा रही थी। यह हादसा उस समय हुआ जब पोलाची-पलक्कड प्रमुख सड़क पर बस चालक ने वैन को ओवरटेक करने का प्रयास किया। पुलिस ने इस हादसे के सिलसिले में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कोयंबटूर के जिलाधिकारी जी एस समीरन ने सरकारी अस्पतालों का दौरा किया और घायलों की स्थिति के बारे में जानकारी ली। -
सोशल मीडिया पर आए दिन स्टंट के Video सामने आते देखे जाते हैं. हर कोई सोशल मीडिया पर फेमस होने की चाहत में कई अनदेखे और खतरनाक स्टंट कर लोगों को इंप्रेस करने की कोशिश में देखे जाते हैं. हाल ही में एक ऐसा ही वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसे देख हर कोई हैरान रह गया है. Video में एक लड़की को बड़ा ही मुश्किल स्टंट करते देखा जा रहा है।
सोशल मीडिया पर अक्सर ऐसे video बड़ी ही तेजी से वायरल होते देखे जाते हैं. जिनमें यूजर्स को काफी रोमांचक कंटेंट देखने को मिलता है. ऐसे में स्टंट वीडियो यूजर्स को रोमांचक कंटेंट की मांग को पूरा करते देखे जाते हैं, हाल ही में सामने आया स्टंट video काफी रोमांचक होने के साथ ही रोंगटे खड़े कर देने वाला है।
वायरल हो रहे वीडियो में एक लड़की को साइकल सवार लोगों के ऊपर से लगातार भागते देखा जा रहा है. वीडियो की शुरुआत में लड़की जमीन पर दिखाई देती है जो सामने से आ रहे साइकल सवारों के ऊपर अचानक से उछलकर दौड़ने लग जाती है. वीडियो देख हर कोई हैरान हो रहा है. वहीं Video को शूट करते और स्टंट के दौरान लड़की को किसी तरह का सपोर्ट लेते नहीं देखा जा रहा है।
फिलहाल सोशल मीडिया पर सभी को हैरान कर रहा यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. जिसे खबर लिखे जाने तक लाखों व्यूज के साथ ही तेजी से हजारों की संख्या में यूजर्स के लाइक मिल रहे हैं, यूजर्स लगातार अपने रिएक्शन कमेंट करते भी देखे जा रहे हैं. कुछ यूजर्स ने इसे अमेजिंग स्टंट बताया है तो वहीं कुछ ने स्टंट कर रही महिला की सराहना की है। -
नई दिल्ली। सरकार ने सेवा निवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान को अगला प्रमुख रक्षा अध्यक्ष-सीडीएस नियुक्त किया है। वे प्रभार ग्रहण करने की तिथि से सैन्य विभाग सचिव के रूप में भी काम करेंगे। लगभग चालीस वर्ष के अपने करियर में लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान ने सेना के विभिन्न पदों पर काम किया है। उन्हें जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर में उग्रवादरोधी कार्रवाई का भी व्यापक अनुभव है।पिछले वर्ष आठ दिसम्बर को हेलिकॉप्टर दुर्घटना में जनरल बिपिन रावत की मृत्यु के बाद से प्रमुख सेना अध्यक्ष का पद रिक्त था।
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नई दिल्ली। केन्द्र ने राज्यों को पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया- पीएफआई और इसके सहयोगी संगठनों के खिलाफ गैर कानूनी गतिविधि निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। बुधवार को जारी अधिसूचना में केन्द्र सरकार ने पी एफ आई और इसके सहयोगी गुटों को तत्काल प्रभाव से पांच वर्ष के लिए गैरकानूनी घोषित किया था।
गृह मंत्रालय ने अधिसूचना में कहा कि पीएफआई और रिहैब इंडिया फाउंडेशन, कैम्पस फ्रंट ऑफ इंडिया, ऑल इंडिया इमाम काउंसिल, नैशनल कंफडेरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्ग्रेनाइजेशन, नैशनल वीमेंस फ्रंट, जूनियर फ्रंट, एम्पावर इंडिया फाउंडेशन एंड रिहैब फाउंडेशन, केरल हिंसक आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त पाये गए। अधिसूचना में आगे कहा गया है कि पीएफआई के वैश्विक आतंकवादी गुटों से सम्पर्क के कई प्रमाण मिले हैं। पीएफआई के कुछ सदस्यों ने आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट में शामिल होकर सीरिया, इराक और अफगानिस्तान में आतंकी गतिविधियों को भी अंजाम दिया है।मंत्रालय ने कहा कि इसे देखते हुए पीएफआई और इससे जुडे गुटों को तत्काल प्रभाव से अवैध घोषित करना जरूरी हो गया था। गृहमंत्रालय ने बताया कि उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और गुजरात सरकार ने भी पीएफआई को प्रतिबंधित करने की सिफारिश की थी। हाल में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण, प्रवर्तन निदेशालय और राज्य पुलिस ने कई राज्यों में पीएफआई के परिसरों में छापे मारे थे और इसके कई सदस्यों को गिरफ्तार किया था। -
नई दिल्ली। मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को इस साल अक्टूबर से दिसंबर तक और तीन महीने के लिए बढ़ाने को स्वीकृति दी है। सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि इस पर अगले तीन महीनों में 44 हजार 762 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस दौरान एक सौ 22 लाख मीट्रिक टन अनाज वितरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार अब तक इस योजना के तहत लगभग तीन लाख 45 हजार करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। श्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि देशभर में इस योजना के लगभग 80 करोड़ लाभार्थी है। इसे कोविड के दौरान अप्रैल 2020 से लागू किया जा रहा है।इस योजना के अंतर्गत प्रतिमाह प्रत्येक लाभार्थी को पांच किलोग्राम आनाज नि:शुल्क दिया जाता है।
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यात्री बस और ट्रक की टक्कर, सात यात्रियों की मौत... पीएम मोदी ने मुआवजे का किया ऐलान
लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर में बुधवार को बड़ा हादसा हो गया। तेज रफ्तार ट्रक और एक प्राइवेट बस की ऐरा पुल पर आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि बस के परखच्चे उड़ गए। बस में ड्राइवर समेत करीब 65 लोग सवार थे। इनमें से 7 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। 35 लोग घायल बताए जा रहे हैं। लखीमपुर खीरी के एडीएम संजय कुमार सिंह ने बताया कि गंभीर घायलों को लखनऊ रेफर किया गया है। बाकी लोगों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। इस भीषण सड़क हादसे पर पीएम नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है और मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रत्येक मृतक के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपए के मुआवजे की घोषणा की है। साथ ही घायलों को 50,000 रुपए दिए जाएंगे। - नई दिल्ली। श्रम और रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव ने आज नई दिल्ली में इस वर्ष जनवरी से मार्च तिमाही के रोजगार सर्वेक्षण की चौथी रिपोर्ट जारी की। सर्वेक्षण के अनुसार पिछले चार तिमाही सर्वेक्षण में रोजगार में वृद्धि हुई है। सर्वेक्षण में नौ चयनित क्षेत्रों के संगठित और असंगठित क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इन क्षेत्रों में विनिर्माण, निर्माण, व्यापार, परिवहन, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और रेस्तरां, सूचना और प्रौद्योगिकी तथा वित्तीय सेवाएं शामिल हैं।इस अवसर पर श्री यादव ने कहा कि अर्थव्यवस्था के चयनित क्षेत्रों में रोजगार में वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि विनिर्माण क्षेत्र में श्रमिकों की कुल संख्या का 38 दशमलव पांच प्रतिशत हिस्सा है। इसके बाद शिक्षा क्षेत्र, सूचना प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य क्षेत्र का स्थान है। श्री यादव ने कहा कि चौथी तिमाही की रिपोर्ट में महिला श्रमिकों की भागीदारी तीसरी तिमाही के 31 दशमलव छह प्रतिशत से बढ़कर 31 दशमलव आठ प्रतिशत हो गई है।
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नई दिल्ली। मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने कहा है कि राजनीतिक दल यदि आपराधिक पृष्ठभूमि के उम्मीदवारों को टिकट देते हैं तो इसका औचित्य बताना होगा। गुजरात में विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा के बाद संवाददाता सम्मेलन में श्री कुमार ने कहा कि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को अपने आपराधिक विवरण के बारे में विज्ञापन देना होगा, ताकि लोग सोच-समझकर मतदान का निर्णय ले सकें।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि विधानसभा चुनावों के लिए अंतिम मतदाता सूची दस अक्टूबर को जारी की जाएगी। पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए राज्य में पचास प्रतिशत संवेदनशील मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की जाएगी। राज्य में पहली बार अस्सी वर्ष से अधिक उम्र के मतदाताओं को घर से वोट देने की सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक आदर्श मतदान केंद्र बनाया जायेगा, जहां प्रौद्योगिकी और पर्यावरण अनुकूल सुविधाएं उपलब्ध होंगी। श्री कुमार ने कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में सात मतदान केंद्रों का प्रबंधन महिलाएं करेंगी।मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि आयोग ने राजनीतिक दलों के कई सुझाव स्वीकार किये हैं। इनमें रेवड़ियां बांटने के वादे पर कड़ी कार्रवाई, राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को मतदाताओं को लाने-ले जाने की अनुमति नहीं देने और मतदान के दिन उद्योगों से कामगारों को लाने की अनुमति शामिल है।श्री कुमार ने कहा कि राज्य में चार करोड़ तिरासी लाख से अधिक मतदाता हैं। इनमें ढाई करोड़ पुरुष और दो करोड़ सैंतीस लाख महिलाएं हैं। अस्सी वर्ष से अधिक उम्र के दस लाख छत्तीस हज़ार से अधिक मतदाता हैं। इनमें सौ वर्ष से ऊपर के ग्यारह हज़ार आठ सौ मतदाता हैं। आयोग ने पहली बार लगभग एक हज़ार 290 ट्रांसजेंडर मतदाताओं का पंजीकरण कराया है। श्री कुमार ने युवाओं से विधानसभा चुनाव में मताधिकार का उपयोग करने का आग्रह किया। मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयोग के दल ने पिछले दो दिनों में ज़िला चुनाव अधिकारियों, ज़िला पुलिस प्रमुखों, पुलिस महानिरीक्षकों और उपमहानिरीक्षकों के साथ चुनाव तैयारियों की समीक्षा की। -
नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने अपनी संविधान पीठ की कार्यवाही का आज पहली बार सीधा प्रसारण किया। वर्ष 2018 में तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने संवैधानिक महत्व के मामलों की महत्वपूर्ण कार्यवाही का सीधा प्रसारण करने का ऐतिहासिक निर्णय दिया था। उच्चतम न्यायालय की कार्यवाही का प्रसारण webcast.gov.in/scindia पर उपलब्ध है।
प्रधान न्यायाधीश उदय उमेश ललित की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के पास जल्द ही अपनी कार्यवाही के सीधे प्रसारण के लिए अपना प्लेटफॉर्म होगा। प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता में उच्चतम न्यायालय ने न्यायमूर्ति मिश्रा के निर्णय के चार वर्ष बाद आज से सभी संविधान पीठ की कार्यवाही का सीधा प्रसारण करने का निर्णय लिया है।इस बीच, उच्चतम न्यायालय की संविधान पीठ ने आज 103वें संवैधानिक संशोधन को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रखा। इसके अन्तर्गत शिक्षा और सार्वजनिक रोजगार में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की शुरुआत की गई थी।न्यायालय ने आज निर्वाचन आयोग को एकनाथ शिंदे समूह के असली शिवसेना के दावे के बारे निर्णय करने से रोकने से मना कर दिया। -
नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने आगरा विकास प्राधिकरण को ताजमहल परिसर की दीवार से पांच सौ मीटर के दायरे में सभी कारोबारी गतिविधियों पर रोक लगाने का निर्देश दिया है। न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और ए एस ओका की पीठ ने आगरा विकास प्राधिकरण को आदेश पर अमल सुनिश्चित को कहा है। शीर्ष न्यायालय ने यूनेस्को की सूची में शामिल विश्व धरोहर ताजमहल परिसर की दीवार से पांच सौ मीटर के दायरे में व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक के संबंध में अधिकारियों को निर्देश देने वाली याचिका पर सुनवाई की।
17वीं सदी के सफेद संगमरमर से बने मकबरे के क्षेत्र में निर्माण पर प्रतिबंध है। इसके अलावा वाहनों के आवागमन, लकडी जलाने, नगर निगम का कचरा और कृषि का कचरा फैंकने पर भी प्रतिबंध लगा हुआ है।यह याचिका दुकानदारों के एक समूह ने दायर की थी जिन्हें ताजमहल परिसर से पांच सौ मीटर के दायरे से बाहर दुकानें आवंटित हैं। याचिका में कहा गया था कि ताजमहल के आसपास गैरकानूनी तरीके से कारोबारी गतिविधियां चलाई जा रही हैं जो शीर्ष न्यायालय के पहले के आदेशों का उल्लंघन है।

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