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- कोझिकोड (केरल) । मलयालम फिल्मों में अपने संगीत के दम पर अलग पहचान बनाने वाले मशहूर संगीतकार कैथापरम विश्वनाथन नम्बूदिरी का बुधवार को यहां एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। पारिवारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि संगीत निर्देशक नम्बूदिरी ने सीमित संख्या की अपनी फिल्मों के जरिए ही दिग्गज संगीतकारों में अलग जगह बनाई थी। वह मशहूर गीतकार-संगीतकार कैथापरम दामोदरन नम्बूदिरी के छोटे भाई थे। विश्वनाथन नम्बूदिरी ने 20 से अधिक फिल्मों में संगीत दिया था। फिल्म कन्नकी के लिए उन्हें वर्ष 2001 में केरल राज्य फिल्म पुरस्कार से नवाजा गया था। नम्बूदिरी अपने पीछे पत्नी और तीन बच्चों को छोड़ गए हैं। केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने नम्बूदिरी के निधन पर शोक जताया है।
- लखनऊ। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा निरीक्षक, उपनिरीक्षक, लिपिक संवर्ग, मुख्य आरक्षी और आरक्षी पद के कर्मियों के लिए उनके पौष्टिक आहार भत्ते में 25 फीसदी की वृद्धि की गयी है। एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी । इसके साथ ही नागरिक पुलिस व पीएसी के फील्ड ड्यूटी में तैनात उपनिरीक्षक, मुख्य आरक्षी तथा आरक्षी पद के कर्मियों को वार्षिक रूप से 2000 रूपये सिम भत्ता दिये जाने का भी निर्णय लिया गया है। अपर मुख्य सचिव, गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि निरीक्षक/उपनिरीक्षक/लिपिक संवर्ग को वर्तमान में अनुमन्य भत्ता 1200 रूपये से बढ़ाकर 1500 रूपये, मुख्य आरक्षी/आरक्षी को वर्तमान अनुमन्य भत्ता 1500 रूपये से बढ़ाकर 1875 रूपये तथा चतुर्थ श्रेणी के कर्मियों को वर्तमान अनुमन्य भत्ता 1350 रूपये से बढ़ाकर 1688 रूपये करने का निर्णय लिया गया है। कुमार ने बताया कि प्रदेश के अन्दर कानून-व्यवस्था एवं शान्ति व्यवस्था को बनाए रखने, विभिन्न घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा घटना स्थल पर शीघ्रातिशीघ्र पहुंचने के दृष्टिगत पीएसी एवं नागरिक पुलिस के फील्ड ड्यूटी पर तैनात उपनिरीक्षक, मुख्य आरक्षी तथा आरक्षी स्तर तक के कर्मियों को वार्षिक रूप से 2,000 रुपए का सिम भत्ता दो भागों में प्रथम जनवरी में रूपये 1000 (जनवरी से जून) एवं द्वितीय जुलाई में रूपये 1000 (जुलाई से दिसम्बर) दिये जाने का भी निर्णय लिया गया है।
- भोपाल। मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) इंदौर का सेटेलाइट कैंपस खोला जाएगा । इस केंद्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध कार्य किया जाएगा। मध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी ने बुधवार को मंत्री के हवाले से कहा कि नया शैक्षिक केंद्र स्वतंत्र तौर पर अपने प्रशासनिक और शैक्षणिक निर्णय लेगा इसका यह केंद्र रोजगार और स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने में प्रमुख भूमिका अदा करेगा। उन्होंने कहा कि इस केंद्र में छात्रों के लिए छात्रावास तथा कर्मचारियों के लिए आवास सुविधा भी होगी। देश के अपनी तरह का पहला केंद्र होने के दावा करते हुए मंत्री ने कहा, ‘‘ आईआईटी, इंदौर ने उज्जैन में एक सैटेलाइट सेंटर स्थापित करने के लिए प्रारंभिक तौर पर एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की है। यह केंद्र 100 एकड़ जमीन पर बनाया जाएगा और छात्रों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के शोध तथा उच्च शिक्षा का केंद्र होगा।'' उन्होंने कहा कि इंदौर और उज्जैन स्थित उद्योगों के लिए शोध कार्य भी इस परिसर में ही किया जाएगा।यादव ने कहा कि ज्ञान, विज्ञान, खगोल विज्ञान और संस्कृति के क्षेत्र में उज्जैन की अपनी समृद्ध विरासत को देखते हुए नए शैक्षणिक संस्थान को उज्जैन में स्थापित करने के बारे में उन्होंने हाल ही में केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डॉ सुभाष सरकार से चर्चा की थी। यादव ने कहा कि प्रारंभिक चरण में उज्जैन में राष्ट्रीय स्तर के चार शैषणिक केंद्र और एक औद्योगिक अनुसंधान केंद्र खोलने का प्रस्ताव है।
- कोयंबटूर। तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले में एक कॉलेज परिसर में बुधवार तड़के एक तेंदुआ घुस गया, जिससे इलाके के लोगों में दहशत फैल गई। तेंदुए ने वहां से जाने से पहले एक कुत्ते को मार डाला। पुलिस के मुताबिक कॉलेज के चौकीदार ने परिसर में तेंदुए को देखने के बाद इसकी सूचना वन विभाग को दी। सौभाग्य से, त्योहारी सीजन होने के कारण कॉलेज बंद था और आसपास वहां कोई मौजूद नहीं था। पुलिस के अनुसार वन विभाग के अधिकारियों ने इलाके के निरीक्षण के दौरान तेंदुए के पैरों के निशान देखे । स्थानीय लोगों के मुताबिक तेंदुआ पिछले कुछ महीनों से इलाके में घूम रहा था। यह इलाका मदुक्करई के जंगलों के पास है। ग्रामीणों ने कुछ दिन पहले ही वन विभाग को तेंदुए का एक वीडियो सौंपा था। वन विभाग ने स्थानीय लोगों से तेंदुए को इंसानी इलाकों में आने से रोकने का वादा किया है।
- नई दिल्ली। मौसम विभाग ने उत्तर भारत के कुछ राज्यों में इस सप्ताह के अंत तक शीत लहर की स्थिति बने रहने की संभावना व्यक्त की है। कल तक उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान 2 से 4 डिग्री सेंटीग्रेड तक कम होने की संभावना है। विभाग के अनुसार 31 दिसंबर से 2 जनवरी तक पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में, जबकि उत्तरी राजस्थान में भी पहली और दूसरी जनवरी को शीत लहर की स्थिति बनी रहने की संभावना है।पंजाब, हरियाणा और उत्तरी राजस्थान के कुछ इलाकों में अगले 3 दिनों के दौरान रात और सुबह के समय घना कोहरा छाया रह सकता है।विभाग ने कहा है कि दिल्ली में बारिश लगभग खत्म हो गई है। न्यूनतम तापमान में अब धीरे-धीरे कमी आनी शुरू हुई है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण 5 और 6 जनवरी के आसपास दिल्ली में बारिश होने की संभावना है। वरिष्ठ वैज्ञानिक आर.के. जेनामनी ने कहा कि पश्चिमी विक्षोभ पर नजर रखी जा रही है और उसी के अनुसार चेतावनी जारी की जाएगी।--
- नयी दिल्ली। भारत में अभी तक कोरोना वायरस के नए स्वरूप ‘ओमीक्रोन’ के 781 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से 241 लोग संक्रमणमुक्त हो चुके हैं या अन्य स्थानों पर चले गए हैं। ये मामले 21 राज्यों तथा केन्द्रशासित प्रदेशों में सामने आए हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि दिल्ली में सबसे अधिक 238 मामले दर्ज किए गए हैं और इसके बाद महाराष्ट्र में 167, गुजरात में 73, केरल में 65 और तेलंगाना में 62 मामले सामने आए हैं। मंत्रालय की ओर से सुबह आठ बजे जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, भारत में एक दिन में कोविड-19 के 9,195 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3,48,08,886 हो गई है। वहीं, उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 77,002 तथा 302 और संक्रमितों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 4,80,592 हो गई है।आंकड़ों के अनुसार, देश में लगातार 62 दिन से कोविड-19 के दैनिक मामले 15 हजार से कम हैं। उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 77,002 हो गई है, जो संक्रमण के कुल मामलों का 0.22 प्रतिशत है। यह दर मार्च 2020 के बाद से सबसे कम है। पिछले 24 घंटों में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 1,546 की वृद्धि दर्ज की गई है। मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 98.40 प्रतिशत है, जो मार्च 2020 के बाद से सर्वाधिक है। मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, दैनिक संक्रमण दर 0.79 प्रतिशत दर्ज की गई, जो पिछले 86 दिन से दो प्रतिशत से कम है। साप्ताहिक संक्रमण दर 0.68 प्रतिशत दर्ज की गई, जो पिछले 45 दिन से एक प्रतिशत से कम है। देश में अभी तक कुल 3,42,51,292 लोग संक्रमणमुक्त हो चुके हैं और कोविड-19 से मृत्यु दर 1.38 प्रतिशत है। राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 143.15 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी हैं। देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितंबर को 40 लाख से अधिक हो गई थी। वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे। देश में 19 दिसंबर को ये मामले एक करोड़ के पार, इस साल चार मई को दो करोड़ के पार और 23 जून को तीन करोड़ के पार चले गए थे।मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश में पिछले 24 घंटे में संक्रमण से मौत के जो 302 मामले सामने आए हैं, उनमें से 244 मामले केरल और 22 मामले महाराष्ट्र में सामने आए।केरल में सामने आए मौत के 244 मामलों में से 38 मामले पिछले कुछ दिनों में सामने आए। वहीं, मौत के 206 मामलों को केन्द्र तथा उच्चतम न्यायालय के नए दिशानिर्देशों के आधार पर कोविड-19 से मौत के मामलों में जोड़ा गया है।आंकड़ों के अनुसार, देश में संक्रमण से अभी तक कुल 4,80,592 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से महाराष्ट्र में 1,41,476, केरल में 47,066, कर्नाटक में 38,318, तमिलनाडु में 36,750, दिल्ली में 25,107, उत्तर प्रदेश में 22,915 और पश्चिम बंगाल में 19,733 लोगों की मौत हुई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अभी तक जिन लोगों की कोरोना वायरस संक्रमण से मौत हुई है, उनमें से 70 प्रतिशत से ज्यादा मरीजों को अन्य बीमारियां भी थीं। मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि उसके आंकड़ों का भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के आंकड़ों के साथ मिलान किया जा रहा है।
- नयी दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पूर्व विचार-विमर्श के तहत राज्यों के वित्त मंत्रियों के साथ बृहस्पतिवार को बैठक करेंगी। सूत्रों ने बताया कि बैठक 30 दिसंबर को दिल्ली के विज्ञान भवन में होगी। पिछली बैठकों के विपरीत यह बैठक आमने-सामने की होगी। वित्त मंत्री बजट तैयारियों के सिलसिले में विभिन्न पक्षों के साथ बैठकें कर रही हैं। यह बैठक उसी कड़ी का हिस्सा है। सीतारमण 2022-23 का बजट संभवत: एक फरवरी को पेश करेंगी। यह नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल और सीतारमण का चौथा बजट होगा। सीतारमण अबतक उद्योग, वित्तीय क्षेत्र की कंपनियों, श्रमिक संगठनों, कृषि विशेषज्ञों और प्रमुख अर्थशास्त्रियों के साथ बैठकें कर चुकी हैं। इन बैठकों में आयकर स्लैब को युक्तिसंगत बनाने, डिजिटल सेवाओं को बुनियादी ढांचा का दर्जा दिये जाने तथा हाइड्रोजन भंडारण को प्रोत्साहन देने जैसे सुझाव दिये गये हैं। पिछले सप्ताह जारी वित्त मंत्रालय के बयान के अनुसार इस प्रकार की आठ बैठकें 15 दिसंबर से 22 दिसंबर के बीच हो चुकी हैं।--
- नयी दिल्ली। मल्टीप्लेक्स कंपनियों ने दिल्ली सरकार से कोविड-19 की वजह से सिनेमाघरों को बंद करने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा है। मल्टीप्लेक्स परिचालकों का कहना है कि सिनेमाघरों को कुछ शर्तों मसलन प्रवेश के लिए दोनों टीकों की अनिवार्यता और सिर्फ 50 प्रतिशत सीटों की बुकिंग की अनुमति के साथ खोलने की अनुमति दी जा सकती है। कोविड-19 के ओमीक्रोन स्वरूप के सामने आने के बाद संक्रमण के मामले बढ़ने के बीच दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने मंगलवार को तत्काल प्रभाव से ‘येलो' अलर्ट की घोषणा की, जिसके तहत स्कूल, कॉलेज, सिनेमाघरों और जिम बंद रहेंगे, जबकि गैर आवश्यक वस्तुओं की दुकानें ‘सम-विषम' फॉर्मूले के आधार पर खुलेंगी तथा शहर में मेट्रो और बसें 50 प्रतिशत सीट क्षमता के साथ परिचालित होंगी। मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एमएआई) ने कहा है कि इस फैसले से भारतीय फिल्म उद्योग को बड़ा नुकसान होगा। एमएआई ने कहा कि सिनेमाधरों को बंद करने के बजाय दिल्ली सरकार महाराष्ट्र और अन्य राज्यों की तरह प्रवेश के लिए दोनों टीकों की अनिवार्यता को लागू कर सकती है। इसके अलावा सीटों की बुकिंग को भी 50 प्रतिशत तक सीमित किया जा सकता है। एमएआई के अध्यक्ष कमल ज्ञानचंदानी ने कहा कि सरकार को भारतीय फिल्म उद्योग के विशिष्ट सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक मूल्य के मद्देनजर अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए। दिल्ली के व्यापारियों, जिम और स्पा मालिकों ने भी इस फैसले पर नाखुशी जताई है।जिम मालिकों का कहना है कि यह फैसला उनके लिए मौत का वॉरंट है। फिटनेस उद्योग महामारी की शुरुआत के बाद से ही अपना अस्तित्व बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है। दिल्ली जिम एसोसिएशन के उपाध्यक्ष चिराग सेठी ने कहा कि इस फैसले से दिल्ली का फिटनेस उद्योग पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जिम मालिक पहले ही किराये, बिजली शुल्क, पानी शुल्क आदि की वजह से कर्ज के बोझ में दबे हैं। यह फैसला जिम मालिकों के लिए ‘मौत का वॉरंट' है। ग्रेटर कैलाश-दो में आनंदम स्पा के निशांत खरबंदा ने इसी तरह की चिंता जताते हुए कहा कि जब सैलून खुले हैं, ऐसे में स्पा को पूरी तरह बंद करने का कोई औचित्य नहीं है। दिल्ली व्यापार महासंघ के अध्यक्ष और सदर बाजार के व्यापारी देवराज बवेजा ने कहा कि व्यापारी पहले ही कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान लगाए गए लॉकडाउन के प्रभाव से उबर नहीं पाए हैं। बवेजा ने कहा कि नए अंकुशों से व्यापारी बुरी तरह प्रभावित होंगे क्योंकि सम-विषम व्यवस्था की वजह से कारोबारी दिवस घटेंगे। उन्होंने कहा कि पहले जहां दुकानें सप्ताह में छह दिन खुल रही थीं वहीं अब ये सिर्फ तीन दिन खुलेंगी।-
- नासिक। महाराष्ट्र के नासिक शहर में मंगलवार को एक नहर में तैरते समय डूबने से तीन बच्चों की मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। एक अधिकारी ने कहा कि घटना दोपहर के समय शहर के मखमलाबाद रोड इलाके में समर्थ नगर के निकट हुई।उन्होंने कहा कि पंचवटी के अश्वमेध नगर के निवासी नीलेश काशीनाथ मुले (14), प्रमोद बबन जाधव (13) और सिद्धेश रामनाथ धोत्रे (13) नहर में तैरने गए थे। अधिकारी ने कहा कि वे पानी की गहराई को भांप नहीं पाए और उसमें डूब गए।उन्होंने कहा कि पुलिस और दमकल कर्मी घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू किया। अधिकारी ने कहा कि तीनों को बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। घटना के संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है।-
- उत्तरकाशी (उत्तराखंड) ।उत्तरकाशी जिले में एक कार के खाई में गिर जाने से उसमें सवार तीन लोगों की मौत हो गई। जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय ने बताया कि यह दुर्घटना सोमवार शाम गंगोरी-डोडीताल मार्ग पर हुई, जिसमें कार में सवार सभी तीन लोगों की मौत हो गई। कार्यालय ने बताया कि मृतकों की पहचान शांति लाल (45), जसपाल सिंह (35) और वाहन चला रहे बृज मोहन (39) के रूप में की गई है।-
- देहरादून। बदरीनाथ और केदारनाथ मंदिर के आस-पास के क्षेत्रों में मंगलवार को ताजा बर्फबारी हुई, जिससे निचले क्षेत्रों में ठंड और बढ़ गयी। वहीं, राज्य के मैदानी इलाकों में दिन में ज्यादातर समय आसमान में बादल छाए रहे। देहरादून में भी ठंड का प्रकोप रहा, जहां सूर्य दोपहर के समय महज कुछ देर के लिए निकला।आपदा प्रबंधन कार्यालय ने यहां बताया कि बदरीनाथ में बर्फबारी रुक- रुक कर होती रही, जबकि केदारनाथ में सुबह में हल्का हिमपात हुआ। देहरादून समेत मैदानी इलाकों के ज्यादातर शहरों में आसमान में बादल छाये रहे। इन जगहों पर सर्दी से बचने के लिए शाम में लोगों ने अलाव जलाए। मौसम विभाग ने बताया कि मुक्तेश्वर राज्य में सबसे ठंडा स्थान रहा। वहां न्यूनतम तापमान 1.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अल्मोड़ा में न्यूनतम तापमान 2.4 डिग्री सेल्सियस रहा। टिहरी में न्यूनतम तापमान 2.8 डिग्री सेल्सियस, देहरादून में 6.1 डिग्री सेल्सियस और पंतनगर में 7.5 डिग्री सेल्सियस रहा।-
- पुणे।महाराष्ट्र के सांगली जिले के मिराज में सरकारी मेडिकल कॉलेज की 49 छात्राओं और दो कर्मचारियों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संक्रमित छात्राओं को टीके की दोनों खुराक लग चुकी थी। सभी संक्रमित लोगों को कॉलेज से जुड़े अस्पताल में भर्ती किया गया है। जिला परिषद, सांगली के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जितेंद्र डूडी ने कहा कि कुल 51 लोगों - 49 छात्राओं और दो कर्मचारियों के वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुयी है। उन्होंने कहा कि ज्यादातर छात्राओं में बीमारी के कोई लक्षण नहीं थे। उन सभी को कॉलेज से जुड़े अस्पताल में भर्ती किया गया है। इससे पहले कॉलेज के डीन डॉ सुधीर नानंदकर ने कहा, “हॉस्टल के एक हिस्से में संक्रमण के मामले सामने आए हैं क्योंकि छात्राएं भोजन के लिए मेस में एकत्र होती हैं।” इससे पहले की रिपोर्ट में 18 छात्राओं के संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी।
- इंदौर।मध्यप्रदेश पुलिस के नारकोटिक्स दस्ते ने इंदौर के पड़ोसी धार जिले के खेत में सुखाया जा रहा करीब साढ़े तीन क्विंटल गांजा जब्त किया और मामले में मंगलवार को एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक जब्त गांजे की कीमत करीब 40 लाख रुपये आंकी जा रही है।पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) संतोष हाड़ा ने संवाददाताओं को बताया कि मुखबिर की सूचना पर धार जिले की मनावर तहसील के हनुवंतिया गांव के खेत से गांजे की यह खेप जब्त की गई। उन्होंने बताया, एक व्यक्ति अपने खेत में गांजे की कटी फसल सूखा रहा था। उसे हमने मौके से गिरफ्तार कर लिया।" डीएसपी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और विस्तृत जांच जारी है।
- बरेली (उत्तर प्रदेश)। बरेली की आंवला लोकसभा सीट से तीन बार सांसद रह चुके राजवीर सिंह का बुधवार को नोएडा के एक अस्पताल में निधन हो गया। वह 83 वर्ष के थे। परिवार के सूत्रों के मुताबिक पूर्व सांसद राजवीर सिंह काफी समय से बीमार थे और नोएडा के एक अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके परिवार में एक पुत्र और पुत्री हैं। वर्ष 1989, 1991 और 1998 में बरेली की आंवला लोकसभा सीट से भाजपा के टिकट पर सांसद चुने गये राजवीर सिंह जनसंघ, जनता पार्टी और भारतीय जनता पार्टी में सांगठनिक जिम्मेदारियां संभाल चुके थे और उनकी गिनती पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के बेहद करीबी सहयोगियों में होती थी। वर्ष 2004 में सिंह समाजवादी पार्टी (सपा) में शामिल हो गए थे। उनके बेटे धीरेंद्र सिंह हाल ही में सपा में शामिल हुए हैं। राजवीर सिंह की गिनती रुहेलखंड के जमीनी पकड़ रखने वाले नेता के रूप होती थी। वह जनसंघ के सचिव, जनता पार्टी के महासचिव, उत्तर प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष और एवं भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके थे।
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केंद्रपाड़ा। ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में स्थित भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान मगरमच्छों की वार्षिक गिनती के लिए दो जनवरी से अगले दस दिनों तक आंगुतकों के लिए बंद रहेगा। संभागीय वन अधिकारी जे डी पाटी ने बताया कि इस अभियान में लगे 22 दल उद्यानक्षेत्र में संकरी खाड़ी, नालों एवं नदियों एवं उसके आसपास के क्षेत्रों में मगरमच्छों की गिनती करेंगे। उन्होंने बताया कि उद्यान को बंद रखने का मूलभूत उद्देश्य इस गणना अभियान में किसी भी तरह का मानवीय हस्तक्षेप से बचना है। यह उद्यान भारत के खारे पानी के मगरमच्छों के 70 फीसद हिस्से का आवास है, जिसका संरक्षण 1975 में शुरू हुआ। साल 2021 की गणना के अनुसार, इस उद्यान में 1768 मगरमच्छ हैं।
- देहरादून। बदरीनाथ और केदारनाथ मंदिर के आस-पास के क्षेत्रों में मंगलवार को ताजा बर्फबारी हुई, जिससे निचले क्षेत्रों में ठंड और बढ़ गयी। वहीं, राज्य के मैदानी इलाकों में दिन में ज्यादातर समय आसमान में बादल छाए रहे। देहरादून में भी ठंड का प्रकोप रहा, जहां सूर्य दोपहर के समय महज कुछ देर के लिए निकला।आपदा प्रबंधन कार्यालय ने यहां बताया कि बदरीनाथ में बर्फबारी रुक- रुक कर होती रही, जबकि केदारनाथ में सुबह में हल्का हिमपात हुआ। देहरादून समेत मैदानी इलाकों के ज्यादातर शहरों में आसमान में बादल छाये रहे। इन जगहों पर सर्दी से बचने के लिए शाम में लोगों ने अलाव जलाए। मौसम विभाग ने बताया कि मुक्तेश्वर राज्य में सबसे ठंडा स्थान रहा। वहां न्यूनतम तापमान 1.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अल्मोड़ा में न्यूनतम तापमान 2.4 डिग्री सेल्सियस रहा। टिहरी में न्यूनतम तापमान 2.8 डिग्री सेल्सियस, देहरादून में 6.1 डिग्री सेल्सियस और पंतनगर में 7.5 डिग्री सेल्सियस रहा।
- कोयंबटूर। तमिलनाडु के कोयंबटूर में पुलिस ने सामूहिक रूप से झगड़ा कर रहे महाविद्यालय के छात्रों को अनोखी सजा देते हुए उनसे संत-कवि तिरुवल्लुवर के दोहे लिखवाए। घटना रविवार को मदुक्करई में भगवान अयप्पा के वार्षिक उत्सव के अवसर पर हाथियों के जुलूस के दौरान हुई। कार्यक्रम स्थल पर युवकों के बीच कहासुनी हो गई जो जल्द ही मारपीट में बदल गई। इस घटना को देख रहे लोगों में से किसी ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस वहां पहुंची और 10 युवकों को अपने साथ थाने ले गई। बाद में उनकी पहचान छात्रों के रूप में हुई। थाने के कर्मियों ने कहा कि मामला दर्ज करने पर उनके भविष्य पर पड़ने वाले प्रभाव पर विचार करते हुए छात्रों को एक अच्छा और कठोर सबक सिखाया गया और उसने कुरल के कुल 1,330 में कम से कम 50 दोहे लिखने को कहा गया। छात्र थाने में मुश्किल से 10 या 12 दोहे लिख पाए। यह जानते हुए भी कि वे कम से कम 50 दोहे नहीं लिख पाए, पुलिस ने उन्हें जाने दिया। लेकिन पुलिस ने उनके माता-पिता को थाने बुलाया और बच्चों को अनुशासन सिखाने का अनुरोध किया।==
- इंदौर। मध्यप्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने मंगलवार को घोषणा की कि वह राज्य के सबसे बड़े शहर इंदौर में पानी बचाने के लिए ‘‘जल हठ'' के नाम से सामाजिक मुहिम शुरू करेंगे। सिलावट ने पत्रकारों से संवाद के एक कार्यक्रम में कहा कि इस मुहिम के तहत शहर की नदियों, तालाबों, कुंओं और बावड़ियों का संरक्षण कर उन्हें उनके पुराने स्वरूप में लाने की कोशिश की जाएगी। इसके साथ ही, स्थानीय नागरिकों को पानी बचाने और वर्षा जल संचयन के प्रति प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘हम इंदौर में जल हठ मुहिम के तहत भविष्य की जरूरतों का आकलन कर पानी का प्रबंधन और नियोजन भी करेंगे।'' जल संसाधन मंत्री ने कहा कि इंदौर की कान्ह नदी को प्रदूषण से मुक्त करना राज्य सरकार के सामने चुनौती है और इसे स्वीकारते हुए नदी को साफ करने की दिशा में काम जारी है। गौरतलब है कि कान्ह नदी इंदौर के पास स्थित धार्मिक नगरी उज्जैन की पवित्र क्षिप्रा नदी में मिलती है। कान्ह नदी के कारण क्षिप्रा में भारी प्रदूषण को लेकर साधु-संतों ने स्थानीय प्रशासन के सामने हाल ही में गहरी नाराजगी जताई थी।
- कानपुर (उप्र)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश में विकास का श्रेय भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन (केंद्र व राज्य) की सरकार को देते हुए कहा कि जिस उत्तर प्रदेश (यूपी) को हथियारबंद गिरोहों के लिए बदनाम किया गया, वही आज सुरक्षा के लिए रक्षा गलियारा बना रहा है। कानपुर में मेट्रो रेल परियोजना और ऊर्जा ईंधन को समर्पित बीना-पनकी पाइपलाइन परियोजना की शुरुआत करने के बाद कानपुर नगर के निराला नगर स्थित रेलवे ग्राउंड में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, ''जिस यूपी को कभी अवैध हथियारों वाले गैंग के लिए बदनाम किया गया था, वही उत्तर प्रदेश, देश की सुरक्षा के लिए डिफेंस कॉरिडोर बना रहा है, इसीलिए यूपी के लोग कह रहे हैं फर्क साफ है।'' केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ''ये फर्क योजनाओं और परियोजनाओं का ही नहीं बल्कि काम करने के तरीके का भी है।'' उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘किसी राज में निवेश के लिए, उद्योगों के फलने फूलने के लिए सबसे जरूरी है कानून व्यवस्था का राज। यूपी में पहले जो सरकारें रहीं, उन्होंने माफियावाद का पेड़ इतना फैलाया कि उसकी छांव में सारे उद्योग-धंधे चौपट हो गए।'' उन्होंने कहा, ''यूपी में पहले जिन लोगों ने सरकार चलाई उन लोगों ने कभी समय की अहमियत नहीं समझी। 21वीं सदी के इस कालखंड में यूपी को जिस तेज गति से प्रगति करनी थी, उस अमूल्य समय को पहले की सरकारों ने गंवा दिया, क्योंकि उनकी प्राथमिकताओं में यूपी का विकास नहीं था, उनकी प्रतिबद्धता यूपी के लोगों के लिए नहीं थी।'' मोदी ने कहा, ''आज उत्तर प्रदेश में जो डबल इंजन की सरकार चल रही है, वह बीते कालखंड में समय का जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई में जुटी है, हम डबल स्पीड से काम कर रहे हैं।'' उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार जिस काम का शिलान्यास करती है, उसका उद्घाटन भी समय से करती है। प्रधानमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर हमला बोलते हुए कहा, ‘‘आजादी के बाद दशकों तक हमारे देश में एक सोच रही कि जो कुछ भी नया होगा, अच्छा होगा वह तीन चार बड़े शहरों में ही होगा। देश के बड़े मेट्रो शहरों के अलावा जो शहर थे उन्हें अपने हाल पर छोड़ दिया गया।'' मोदी ने कहा, ''इन शहरों में रहने वाले लोगों की कितनी बड़ी ताकत है, उन्हें सुविधा देना कितना जरूरी है, यह पहले सरकार चलाने वाले समझ नहीं पाये, इन शहरों की आकांक्षाओं पर पहले जो सरकार में थे उन्होंने ध्यान ही नहीं दिया।'' मोदी ने अकेले मेट्रो के क्षेत्र में अपनी सरकार की उपलब्धियां बताते हुए कहा, ''साल 2014 से पहले यूपी में जितनी मेट्रो चलती थी उसकी कुल लंबाई नौ किलोमीटर थी और साल 2014 से 2017 के बीच मेट्रो की लंबाई हुई 18 किलोमीटर और आज कानपुर मेट्रो को मिला दें तो यूपी में मेट्रो की लंबाई 90 किलोमीटर से ज्यादा हो चुकी है।'' उन्होंने कहा, ''2014 के पहले देश के सिर्फ पांच शहरों में मेट्रो की सुविधा थी लेकिन आज अकेले यूपी के पांच शहरों में मेट्रो चल रही है और देश के 27 शहरों में मेट्रो पर काम चल रहा है।'' मोदी ने कहा, ''जो पहले सरकार में थे वो इस मानसिकता के साथ सरकार चलाते थे कि पांच साल के लिए लॉटरी लगी है, जितना हो सके यूपी को लूटते चलो, लूट लो।'' उन्होंने कहा ''आपने खुद देखा है कि यूपी में पहले की सरकारें जो परियोजनाएं शुरू करती थीं उनमें कैसे हजारों करोड़ के घोटाले हो जाते थे, इन लोगों ने कभी यूपी के लिए बड़े लक्ष्यों पर काम नहीं किया, बड़े विजन के साथ काम नहीं किया, इन लोगों ने खुद को कभी यूपी की जनता के लिए जवाबदेह माना ही नहीं। आज डबल इंजन की सरकार पूरी ईमानदारी से, पूरी जवाबदेही के साथ यूपी को नई ऊंचाई तक ले जाने के लिए काम कर रही है।'' कानपुर की विशेषता बताते हुए मोदी ने कहा कि '' यह कानपुर है जिसने दीनदयाल उपाध्याय, सुंदर सिंह भंडारी और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे ‘विजनरी' (दूरदृष्टि वाले) नेताओं को गढ़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पुराने दिनों की स्मृतियों को साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा ''जब संगठन के काम के लिए मेरा आपके बीच आना होता था तो खूब सुनता था- ''झाड़े रहो, कलेक्टरगंज।'' उन्होंने पूछा '' आजकल आप लोग बोलते हैं या नयी पीढ़ी के लोग भूल गए।
- नयी दिल्ली। प्रमुख दवा निर्माता सिप्ला को भारतीय दवा महानियंत्रक (डीसीजीआई) से देश में कोविड-19 के इलाज में उपयोगी एंटीवायरल दवा मॉलनुपिरेविर के आपातकालीन उपयोग की अनुमति मिली है। उसकी योजना इस दवा को सिप्मोलनु ब्रांड नाम के तहत पेश करने की है। सिप्ला के प्रबंध निदेशक एवं वैश्विक मुख्य कार्यकारी अधिकारी उमंग वोहरा ने एक बयान में कहा कि कोविड के इलाज के लिए जरूरी उपचारों को उपलब्ध कराने के तहत यह एक नई पेशकश की गई है। इस दवा को भारत के अलावा निम्न एवं मध्यम आय वाले 100 से अधिक देशों में भी मुहैया कराने की योजना है। इससे पहले दिन में सरकार ने कोविड-19 के इलाज में मॉलनुपिरेविर (गोली) के आपात स्थिति में नियंत्रित उपयोग की अनुमति दी थी। इसे वयस्क मरीजों और बीमारी से ज्यादा खतरे वाले लोगों को दिया जाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने ट्वीट किया, ‘‘कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई को और मजबूत करते हुए, केन्द्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने एक दिन में तीन स्वीकृति दी हैं। कोवोवैक्स एवं कोर्बेवैक्स टीके और ‘मॉलनुपिरेविर' दवा को कुछ शर्तों के साथ आपात उपयोग की अनुमति दी गई है।'' दवा कंपनी सन फार्मा को भी मॉलनुपिरेविर के विपणन के लिए डीसीजीआई की मंजूरी मिल गई है। कंपनी ने मंगलवार को कहा कि उसकी सहायक कंपनी को डीसीजीआई से विनिर्माण और विपणन के लिए ईयूए मिला है। ऑप्टिमस फार्मा ने भी एक या दो दिन में भारतीय बाजार में मोलनुपिराविर पेश करने की घोषणा की है।
- हैदराबाद। टीका विनिर्माता बायोलॉजिकल ई. लिमिटेड (बीई) की अपने कोविड-19 टीके कॉर्बेवैक्स का उत्पादन 7.5 करोड़ खुराक प्रति महीने की दर से करने की योजना है। बीई ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि फरवरी, 2022 से वह कॉर्बेवैक्स टीके की हर महीने 10 करोड़ से अधिक खुराकों का उत्पादन कर पाने की स्थिति में होगी। ऐसा होने पर वह भारत सरकार को अपने वादे के अनुरूप 30 करोड़ खुराकों की आपूर्ति कर पाएगी। कॉर्बेवैक्स टीके को भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीजीसीआई) ने मंगलवार को ही अनुमति दी है। यह भारत का स्वदेश में विकसित पहला प्रोटीन आधारित कोविड टीका है। नियामकीय अनुमति मिलने के फौरन बाद जारी बयान में कंपनी ने कहा कि वह वैश्विक स्तर पर इस टीके की एक अरब से अधिक खुराकों के उत्पादन की योजना बना रही है। बायोलॉजिकल ई. ने कहा, ‘‘हम महीने में 7.5 करोड़ खुराकों की रफ्तार से उत्पादन लक्ष्य को हासिल करना चाहते हैं। फरवरी से हमारी उत्पादन दर 10 करोड़ खुराक प्रति महीने हो जाने की उम्मीद है। ऐसा होने पर हम भारत सरकार को वादे के अनुरूप 30 करोड़ खुराक की आपूर्ति कर पाएंगे।'' इस टीके का विकास बायोलॉजिकल ई. लिमिटेड ने टेक्सास चिल्ड्रंस हॉस्पिटल के टीका विकास केंद्र के साथ मिलकर किया है। इसके अलावा टेक्सास के ह्यूस्टन स्थित बेलॉर कॉलेज ऑफ मेडिसिन ने भी इसमें अहम भूमिका निभाई है। बीई लिमिटेड की प्रबंध निदेशक महिमा दातला ने कहा, ‘‘हम वर्षों से गुणवत्ता वाले टीके एवं दवाइयां बनाते रहे हैं। हमने कोविड-19 का भी एक किफायती एवं असरदार टीका बनाने का विचार किया और अब यह एक हकीकत बन चुका है।'' कॉर्बेवैक्स अपने क्लिनिकल परीक्षण के दो दौर पूरा कर चुका है जिसमें भारत के 33 स्थानों पर 18-80 वर्ष की उम्र के 3,000 से अधिक लोग शामिल हुए। कंपनी ने कहा कि इन परीक्षणों में टीका पूरी तरह सुरक्षित पाया गया। उसके मुताबिक, कॉर्बेवैक्स कोविशील्ड की तुलना में प्रतिरोधक क्षमता दिखाने में कहीं आगे रहा।
- डिंडोरी (मध्यप्रदेश)।) मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले के वन क्षेत्र में एक बाघिन और एक जंगली भैंसा संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि सरस्ताल वन क्षेत्र में सोमवार को ग्रामीणों ने एक बाघिन का शव देखा और उसके पास ही एक जंगली भैंसा भी मृत पाया गया। उप मंडलाधिकारी (वन) ए के शर्मा ने कहा कि 10 वर्षीय बाघिन वन क्षेत्र में एक सड़क के किनारे मृत पाई गई। उन्होंने कहा कि इस इलाके में जो भैंसा मृत हालत में मिला संभवत उसे बाघिन ने मार डाला हो। अधिकारी ने कहा कि वन कर्मियों का एक दल जानवरों की मौत का सही कारण पता लगाने के लिए शव का परीक्षण करेगा।
- श्रीनगर। संक्षिप्त राहत के बाद पिछले दो दिनों में बर्फबारी एवं बारिश के चलते कश्मीर घाटी में मंगलवार को शीतलहर लौट आयी एवं पारा हिमांक बिंदु के नीचे चला गया जबकि श्रीनगर उसका अपवाद रहा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उनके अनुसार उत्तरी कश्मीर के प्रसिद्ध पर्यटन केंद्र गुलमर्ग में पारा शून्य के नीचे 9.4 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। आज का न्यूनतम तापमान कल की तुलना में 3.4 डिग्री कम रहा। वार्षिक अमरनाथ यात्रा के लिए आधार शिविर के रूप में उपयोग में आने वाले पहलगाम में न्यूनतम तापमान शून्य से 7.9 डिग्री नीचे रहा जबिक उसकी पिछली रात यह शून्य के नीचे 4.1 डिग्री था। अधिकारियों के मुताबिक केवल श्रीनगर में न्यूनतम तापमान हिमांक के ऊपर रहा, यहां पारा 1.4 डिग्री तक लुढका । सोमवार को शहर में न्यूनतम तापमान शून्य के नीचे 2.2 डिग्री था। उनके अनुसार घाटी का प्रवेश द्वारा समझे जाने वाले काजीगुंड में न्यूनतम तापमान शून्य के नीचे 0.4 डिग्री दर्ज किया गया। दक्षिण कश्मीर के निकटस्थ कोकरनागर में पारा शून्य के नीचे 2.5 डिग्री तक लुढक गया। उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा में न्यूनतम तापमान एक डिग्री सेल्सियस रहा। कश्मीर घाटी फिलहाल 40 दिनों की भयंकर सर्दी के दौर में दाखिल हुई जिसे ‘चिल्ल-ई-कलां' कहा जाता है। ‘चिल्ल-ई-कलां' एक ऐसा काल है जब सर्दी पूरे क्षेत्र में अपने गिरफ्त में लिये रखती है और तापमान काफी घट जाता है। यहां डल झील समेत घाटी के जलाशय एवं जलापूर्ति लाइनों में पानी बर्फ बन जाता है। इस दौरान हिमपात की संभावना अक्सर रहती हैं तथा ज्यादातर क्षेत्रों खासकर ऊंचाई वाले इलाकों में भारी से बहुत अधिक हिमपात होता है। कश्मीर में ‘चिल्ल-ई-कलां' 31जनवरी को खत्म होगा लेकिन उसके बाद भी शीतलहर रहती है और फिर 20 दिनों का ‘चिल्लई-खुर्द' और 10 दिनों का ‘चिल्लई बच्चा' का दौर आता है।
- मुंबई। देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वास्तविक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष (2021-22) और अगले वित्त वर्ष (2022-23) में नौ प्रतिशत रहने का अनुमान है। एक रिपोर्ट में यह कहा गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड-19 के नए स्वरूप ओमीक्रोन को लेकर चिंता के बावजूद अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर ऊंची रहने का अनुमान है। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही जुलाई-सितंबर में आर्थिक वृद्धि दर 8.4 प्रतिशत रही है। वहीं पहली तिमाही अप्रैल-जून में अर्थव्यवस्था 20.1 प्रतिशत की दर से बढ़ी थी। घरेलू रेटिंग एजेंसी इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने एक रिपोर्ट में कहा, ‘‘हम अर्थव्यवस्था के संगठित और असंगठित क्षेत्रों के बीच स्पष्ट ‘के' आकार के पुनरूद्धार के साथ चालू वित्त वर्ष में नौ प्रतिशत की वृद्धि दर के अपने अनुमान पर कायम हैं।'' ‘के' आकार के पुनरुद्धार से आशय नरमी के बाद अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग पुनरुद्धार के स्तर से है। उन्होंने कहा कि अगले वित्त वर्ष में भी भारतीय अर्थव्यवस्था नौ प्रतिशत की दर से बढ़ेगी।नायर ने उम्मीद जताई कि मार्च, 2022 तक दोनों टीके लगा चुके वयस्कों की संख्या बढ़कर 85-90 प्रतिशत हो जाएगी। उन्होंने कहा कि बूस्टर खुराक और 15-18 आयु वर्ग के लिए टीकों की घोषणा का स्वागत है, लेकिन अभी यह देखा जाना बाकी है कि क्या मौजूदा टीके ओमीक्रोन के खिलाफ सुरक्षा देने में सक्षम रहेंगे या नहीं, जिससे देश में महामारी की तीसरी लहर को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए कई राज्यों द्वारा अंकुश लगाए जा रहे हैं जिससे आर्थिक पुनरुद्धार अस्थायी रूप से बाधित हो सकता है। विशेषरूप से इससे चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में संपर्क-गहनता वाले क्षेत्र प्रभावित हो सकते हैं। नायर ने कहा कि अगले वित्त वर्ष में अर्थव्यवस्था का विस्तार अधिक अर्थपूर्ण और मूर्त होगा। यह चालू वित्त वर्ष में आधार प्रभाव की वजह से हुए विस्तार की तरह नहीं होगा। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के जो आंकड़े उपलब्ध हैं उनसे इस बात का स्पष्ट प्रमाण नहीं मिलता कि मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) का सतत और टिकाऊ वृद्धि का मानदंड पूरा हुआ है, जिसके आधार पर वह फरवरी, 2022 में नीतिगत रुख में बदलाव कर इसे तटस्थ करे।-
- नयी दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की कनवर्जेन्स एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड (सीईएसएल) ने ग्राम उजाला कार्यक्रम के तहत 50 लाख एलईडी बल्ब वितरित करने की महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। बिजली मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लि. (ईईएसएल) की पूर्ण अनुषंगी इकाई सीईएसएल ने ग्राम उजाला कार्यक्रम की परियोजना करोड़ के तहत 50 लाख एलईडी बल्ब वितरित करने की महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। ग्राम उजाला योजना बिहार, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के ग्रामीण परिवारों में लागू की जा रही है। सीईएसएल ने इस वर्ष मार्च में गांवों में सस्ती कीमत यानी 10 रुपये में एलईडी बल्ब वितरित करने की योजना शुरू की थी। इस महीने राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस, 2021 के अवसर पर सीईएसएल ने एक दिन में ही 10 लाख एलईडी बल्ब वितरित करने का महत्वपूर्ण लक्ष्य हासिल किया। सीईएसएल परंपरागत बल्बों के बदले 10 रुपये प्रति बल्ब की कीमत पर तीन साल की गारंटी के साथ उच्च गुणवत्ता के सात वॉट और 12-वॉट के एलईडी बल्ब उपलब्ध करा रही है। इस कार्यक्रम के तहत प्रत्येक परिवार अधिकतम पांच बल्ब प्राप्त कर सकता है। इससे उक्त राज्यों के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति वर्ष 71,99,68,373.28 यूनिट बिजली बचत का अनुमान है। इससे लागत के रूप में सालाना करीब 250 करोड़ रुपये की बचत होगी। यह कार्यक्रम 31 मार्च, 2022 तक चलेगा। सीईएसएल की प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी महुआ आचार्य ने कहा, ‘‘यह कार्यक्रम ग्रामीण परिवेश के समग्र विकास को सुनिश्चित करने के लिए चलाया जा रहा है... कार्बन क्रेडिट के वित्तीय मॉडल पर काम करते हुए हम ‘परियोजना करोड़' के पूरा होने पर अन्य राज्यों के गांवों में भी इस कार्यक्रम का विस्तार करेंगे।






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