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- जम्मू। जम्मू-कश्मीर में जमीनी स्तर पर 'ई-शासन' की सुविधा उपलब्ध कराए जाने के प्रयासों के मद्देनजर प्रशासन 'भारत ब्रॉडबैंड स्कीम' (बीबीएस) के अंतर्गत 3,195 अतिरिक्त ग्राम पंचायतों को इटरनेट सुविधा मुहैया कराएगा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि मुख्य सचिव अरुण कुमार मेहता ने बृहस्पतिवार को जम्मू-कश्मीर में तवी रिवर फ्रंट के विकास और भारत नेट योजना के कार्यान्वयन से संबंधित परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए एक बैठक की। अधिकारियों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के ग्रामीण क्षेत्रों में बीबीएस के कार्यान्वयन की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव को सूचित किया गया कि 408 ग्राम पंचायतों और 14 प्रखंड मुख्यालयों को 'ऑप्टिकल फाइबर केबल' के माध्यम से इंटरनेट कनेक्शन प्रदान किया गया है जबकि 658 ग्राम पंचायतों को इंटरनेट सुविधा मुहैया कराने के लिए 'वेरी स्मॉल एपर्चर टर्मिनल' (वीसैट) सक्षम बनाया गया है। उन्होंने कहा कि परियोजना के दूसरे चरण में 3,195 अतिरिक्त ग्राम पंचायतों को इंटरनेट की सुविधा मुहैया कराई जाएगी।
- नयी दिल्ली। विदेशों से आने वालों के लिए बृहस्पतिवार को जारी संशोधित दिशानिर्देशों में कहा गया है कि भारत में पांच साल से कम उम्र के बच्चों को आगमन-पूर्व या आगमन-बाद कोविड-19 जांच से छूट होगी। हालांकि, दिशानिर्देशों में यह भी कहा गया है कि आगमन पर या घर पर पृथकवास की अवधि के दौरान कोरोना वायरस संक्रमण के लक्षण पाये जाने पर उन्हे जांच करानी होगी और निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार उनका इलाज होगा। कुछ खास क्षेत्रीय स्वरूपों के साथ कोविड-19 महामारी का वैश्विक प्रसार कम होने का जिक्र करते हुए इसमें कहा गया है कि वायरस के निरंतर बदलते स्वरूप और सार्स-कोव-2 स्वरूपों के विकासक्रम पर अब भी अवश्य ही ध्यान दिया जाना चाहिए। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि भारत में अंतरराष्ट्रीय आगमन के लिए 17 फरवरी को और इसके बाद जारी किये गये मौजूदा दिशानिर्देश जोखिम के आधार पर तैयार किये गये थे। दुनिया भर में टीकाकरण के बढ़ते कवरेज और महामारी की बदलती प्रकृति के मद्देनजर, भारत में अंतरराष्ट्रीय आगमन के लिए मौजूदा दिशानिर्देश की समीक्षा की गई है। मंत्रालय ने कहा, ‘‘पांच साल से कम आयु के बच्चों को आगमन-पूर्व और आगमन-बाद जांच, दोनों से छूट दी गई है। हालांकि, यदि आगमन पर या घर पर पृथकवास में रहने के दौरान उनमें संक्रमण के लक्षण पाये गये तो उन्हें जांच करानी होगी और निधार्रित प्रोटोकॉल के तहत उनका इलाज होगा।'' मंत्रालय ने कहा कि मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) 12 नवंबर की मध्य रात्रि से अगले आदेश तक वैध रहेगी। मौजूदा दिशानिर्देशों के मुताबिक यदि यात्री टीके की पूरी खुराक ले चुके हैं और ऐसे देश से आ रहे हैं जिसके साथ भारत का विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) से मंजूरी प्राप्त कोविड टीकों की स्वीकार्यता वाला व इसे परस्पर मान्यता देने वाला समझौता है तो उन्हें हवाईअड्डा से बाहर जाने की अनुमति दी जाएगी और घर पर पृथक रहने की जरूरत नहीं होगी। उन्हें आगमन के बाद 14 दिनों तक अपने स्वास्थ्य की स्व-निगरानी करनी होगी।
- नयी दिल्ली। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने बृहस्पतिवार को कहा कि कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई अंतिम चरण में है और इस महामारी के पूरी तरह खत्म होने से पहले सुरक्षा उपायों को कम नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने राज्यों से टीकाकरण का दायरा बढ़ाने और 12 करोड़ से अधिक उन लाभार्थियों को टीका लगवाने के लिए प्रेरित करने का अनुरोध किया, जिन्हें टीके की दूसरी खुराक लेनी है। उन्होंने सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि सभी वयस्कों को ‘हर घर दस्तक' अभियान के दौरान कोविड टीके की पहली खुराक मिले। मांडविया ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ डिजिटल बातचीत के दौरान कहा कि कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा, ‘‘टीकाकरण के दो हथियार और सीएबी (कोविड-19 उपयुक्त व्यवहार) इसके खिलाफ हमारी सबसे बड़ी रक्षा होगी और हमें इसे पूरी तरह खत्म होने से पहले अपने सुरक्षा उपायों को कम नहीं करना चाहिए।'' उन्होंने कहा कि वर्तमान में 79 प्रतिशत वयस्क आबादी को टीके की पहली खुराक मिल चुकी है और 38 प्रतिशत को दूसरी खुराक भी मिल चुकी है। उन्होंने कहा, ‘‘बहु-हितधारकों के प्रयास हैं कि देश में कोई भी पात्र नागरिक कोविड-19 टीके के ‘सुरक्षा कवच' के बिना न रहे। आइए, हम देशभर के कोने-कोने तक पहुंचें और लोगों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘हर घर दस्तक' अभियान के तहत दोनों खुराक लेने के लिए प्रेरित करें।'' स्वास्थ्य मंत्रालय के बयान के अनुसार उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जहां टीकाकरण रोग की गंभीरता को कम करता है, वहीं कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पालन यह सुनिश्चित करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है कि देश द्वारा अब तक सामूहिक रूप से किए गए लाभ व्यर्थ नहीं जाये और कोविड-19 मामलों में कोई अन्य वृद्धि नहीं हो। बैठक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कोविड-19 के नियंत्रण और प्रबंधन के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों की भी समीक्षा की गई। मांडविया ने कहा कि व्यवहार परिवर्तन के लिए बच्चे सबसे अच्छे दूत हो सकते हैं। उन्होंने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से पूर्ण टीकाकरण के संदेश को आगे बढ़ाने के लिए उन्हें (बच्चों) शामिल करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘‘बच्चों को अपने माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों को टीके की दोनों खुराक लेने के लिए प्रेरित करना चाहिए।'' बयान के अनुसार मांडविया ने ‘हर घर दस्तक' अभियान को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रणनीतियों को दोहराया, जिसमें ‘प्रचार टोली' को गांवों में तैनात करना शामिल है। इससे यह सुनिश्चित हो सकेगा कि सभी पात्र नागरिकों को टीका लगाया जाये। मांडविया ने कहा, ‘‘आइए, हम बस स्टेशनों, रेलवे स्टेशनों आदि पर, विशेष रूप से बड़े महानगरों में कोविड टीकाकरण केंद्र शुरू करें, क्योंकि ये बड़ी संख्या में लोगों के शहर में प्रवेश करने के प्राथमिक बिंदु हैं। कुछ राज्यों ने 'रोको और टोको' अभियान शुरू किया है, जहां बसों, ट्रेनों, रिक्शा आदि से उतरने वाले यात्रियों को टीके की खुराक लेने के लिए प्रेरित किया जाता है।'' उन्होंने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आगाह किया कि कोविड-19 खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें यह नहीं सोचना चाहिए कि कोविड खत्म हो गया है। विश्व स्तर पर मामले बढ़ रहे हैं। सिंगापुर, ब्रिटेन, रूस और चीन में 80 प्रतिशत से अधिक टीकाकरण के बावजूद मामले फिर से बढ़ रहे हैं। टीकाकरण और कोविड-उपयुक्त व्यवहार को साथ-साथ चलना चाहिए।'' बयान के अनुसार, राज्य के स्वास्थ्य मंत्रियों ने कोविड-19 प्रबंधन के लिए टीकों, दवाओं, वित्तीय और तकनीकी संसाधनों की आपूर्ति के लिए मांडविया का आभार व्यक्त किया। इसके अनुसार, मांडविया ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया और उनसे दूसरों द्वारा किए जा रहे सर्वोत्तम उपायों को अपनाने का आग्रह किया।
- जौनपुर (उप्र)। उत्तर रेलवे के सुल्तानपुर -वाराणसी रेलखंड स्थित श्रीकृष्ण नगर रेलवे स्टेशन के पास बृहस्पतिवार सुबह सुल्तानपुर से पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (मुगलसराय) की ओर जा रही मालगाड़ी की 21 बोगियां पटरी से उतर गईं। हालांकि, इस हादसे में जान माल का कोई नुकसान नहीं हुआ। रेलवे के मुताबिक बोगियों के पलटने से जौनपुर-वाराणसी रेल मार्ग बाधित हो गया है। इस रूट की ट्रेनों को जगह-जगह पर खड़ा किया गया है। स्टेशन अधीक्षक मनोज कुमार यादव के अनुसार, मुगलसराय से कोयला लाने के लिए सुल्तानपुर से सुबह 06:58 बजे मालगाड़ी रवाना हुई. मालगाड़ी में 59 बोगी लगी थीं। मालगाड़ी श्रीकृष्ण नगर रेलवे क्रॉसिंग को पार करने के बाद सुबह 07:58 बजे उदपुर घाटमपुर के पास पहुंची थी। इस बीच अचानक कुछ बोगी पटरी से उतर गईं। रेल पथ निरीक्षक (जौनपुर) बृजेश यादव ने बताया कि घटना के कारण वाराणसी-लखनऊ वाया जफराबाद रेललाइन पर ट्रेनों का परिचालन ठप हो गया है। घटना की सूचना उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल के उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। स्थानीय रेलवे के अधिकारी घटनास्थल की ओर रवाना हो गए है। इस बीच, हादसे की वजह, टूटी पटरी को बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक पटरी टूटी हुई थी, जिसकी वजह से मालगाड़ी की बोगियां पटरी से उतर गई। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच चल रही है, लापरवाही मिलने पर कार्रवाई होगी। इस बीच, इस रेलमार्ग को खोलने का काम भी शुरू कर दिया गया है। रेलवे की बड़ी क्रेन मौके पर पहुंच कर क्षतिग्रस्त डिब्बो को पटरी से हटाने के काम में लगी है।
- नयी दिल्ली।दक्षिण दिल्ली के छतरपुर इलाके में एक प्रॉपर्टी डीलर का शव बृहस्पतिवार की सुबह उसके घर से बरामद हुआ। मृतक के शरीर पर गोली लगने के निशान है। पुलिस ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मृतक की पहचान संजीव सेजवाल (36) के तौर पर हुई है जो लाडो सराय का रहने वाला था और प्रॉपर्टी डीलर का काम करता था। पुलिस ने बताया कि उन्हें तड़के करीब चार बजकर 45 मिनट पर एक महिला ने फोन किया, जिसने बताया कि छतरपुर के राजपुर जेएमडी एस्टेट बिल्डिंग की चौथी मंजिल पर सेजवाल ने खुद को गोली मार ली है। उन्होंने बताया कि सेजवाल बुधवार रात करीब नौ बजे फ्लैट पर आये थे। उसके साथ कुछ और भी लोग थे और वे पार्टी कर रहे थे। अवर पुलिस उपायक्त (दक्षिण) मंधावा हर्ष वर्धन ने बताया, ‘‘सेजवाल मृत मिला और मौके से रिवाल्वर भी बरामद की गई है। घटनास्थल की फोरेंसिक जांच पूरी हो चुकी है।हम मामले की सभी कोण से जांच कर रहे हैं।'' पुलिस ने बताया कि सेजवाल के परिवार में पत्नी और बच्चे हैं। उनके सिर में गोली लगने का निशान था। मौके से कोई नोट नहीं मिला है।
- गुवाहाटी। असम के करीमगंज जिले में बृहस्पतिवार को छठ पूजा के बाद लौटते समय सीमेंट से लदे ट्रक और एक ऑटोरिक्शा की आमने-सामने की टक्कर में चार महिलाओं और दो बच्चों समेत दस लोगों की मौत हो गयी। पुलिस ने यह जानकारी दी। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह हादसा असम-त्रिपुरा राजमार्ग पर जिले के पाथरकांडी इलाके के बैठाखाल में हुआ। उन्होंने बताया कि ऑटोरिक्शा में सवार नौ यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक की मौत अस्पताल में हुई। उन्होंने कहा कि हादसे में ऑटोरिक्शा चालक की मौत हो गई जबकि ट्रक चालक वाहन लेकर मौके से भाग गया। उन्होंने कहा कि उसे पकड़ने के लिए एक अभियान शुरू किया गया है। मृतकों की पहचान दूजा बाई पनिका, शालू बाई पनिका, गौरव दास पनिका, ललन गोस्वामी, शंभू दास पनिका, पूजा गौर, देव गौर, मांगली करमाकर, टोपू करमाकर और ऑटोरिक्शा चालक सोनूरी के रूप में हुई है। हादसे में मारे गये सभी लोग पाथरकांडी के लोंगई चाय बागान के रहने वाले थे। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों को एक-एक लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि उन्होंने जिला प्रशासन को मृतकों के परिजनों को दुख की इस घड़ी में हर संभव मदद करने का निर्देश दिया है।
- गोंडा (उत्तर प्रदेश)। तीन साल के ब्रेक के बाद एक बार फिर प्रतिस्पर्धा पेश करने को तैयार पहलवान गीता फोगाट के पास प्रेरणा की कोई कमी नहीं है लेकिन वह अपनी दूसरी पारी को लेकर थोड़ी नर्वस हैं। अगले महीने 33 बरस की होने और पहले बच्चे के जन्म के बाद काफी लोगों ने गीता से कहा कि उनके लिए कुश्ती दोबारा पहले जैसी नहीं रहेगी क्योंकि पिछले तीन साल में ना सिर्फ खेल बल्कि उनकी शरीर भी बदल गया है। गीता हालांकि सफल वापसी के लिए प्रतिबद्ध हैं। और हो भी क्यों नहीं, आखिर महिला खिलाड़ियों के लिए मां बनने या अधिक उम्र के बाधा नहीं बनने के उदाहरण मौजूद हैं। यहां राष्ट्रीय चैंपियनशिप के साथ वापसी की तैयारी कर रही गीता ने कहा, ‘‘काफी लोग मुझे कहते हैं कि उम्र मेरे पक्ष में नहीं है। आपको पता है कि लोग कैसे होते हैं। वे मुझे ये चीजें कहते रहते हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन मारिया स्टेडनिक (अजरबेजान की) को देखिए। वह 33 साल से अधिक उम्र की है और दो बच्चों की मां है। उसके नाम चार ओलंपिक पदक और विश्व चैंपियनशिप में कई पदक हैं। अगर आपके पास फिटनेस है और आप एकाग्र हो तो आप कर सकते हो।'' गीता ने कहा, ‘‘मैंने अपनी फिटनेस पर कड़ी मेहनत की है और खुद को एक बार फिर साबित करने का समय है।'' अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छाप छोड़ने वाली भारत की शुरुआती महिला पहलवानों में शामिल रही गीता ने कहा कि खेल को छोड़ने के ख्याल से ही वह निराश हो जाती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने अपने करियर में काफी सफलता हासिल की लेकिन मुझे अब तक यह अहसास नहीं हुआ है कि खेल को छोड़ने का समय आ गया है। यह खेल मेरे खून में है। मैं 20 साल से ऐसा कर रही हूं।'' गीता ने कहा, ‘‘मन नहीं मानता छोड़ने का। खेल को छोड़ने के विचार से मैं डर जाती हूं। मेरे दिमाग में पेरिस ओलंपिक है।'' गीता ने पिछले कुछ हफ्ते अपने पति पवन सरोहा के रिश्तेदार द्वारा दिल्ली के चलाए जा रहे अखाड़े में बिताए। उन्होंने सिर्फ पुरुष पहलवानों के साथ ट्रेनिंग की जिसके फायदे और नुकसान दोनों हैं। उन्होंने कहा, ‘‘उस अखाड़े में काफी मजबूत लड़कियां नहीं थी इसलिए मैंने वहां पुरुष पहलवानों के साथ ट्रेनिंग की। इसलिए मजबूती और स्टेमिना कोई मुद्दा नहीं है। मैं कह सकती हूं कि तीन साल पहले जब मैंने ब्रेक लिया था उसकी तुलना में अधिक फिट हूं।'' गीता ने कहा, ‘‘मैंने लड़कियों के साथ ट्रेनिंग नहीं की है इसलिए मुझे नहीं पता कि मैं अपनी प्रतिद्वंद्वियों के लिए मजबूत हूं या कमजोर। मुझे नहीं पता कि आज मेरे खेल की स्थिति क्या है। लड़कियों के साथ ट्रेनिंग करने पर ही सही आकलन होगा। राष्ट्रीय चैंपियनशिप से पहले स्टेमिना, फिटनेस और ट्रेनिंग अच्छी रही है।'' गीता ने स्वीकार किया कि महिला कुश्ती के स्तर में सुधार हुआ है और वह भारतीय टीम में सिर्फ संख्या बढ़ाने के लिए शामिल नहीं होती। उन्हें सम्मान दिया जाता है और खतरा माना जाता है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत में महिला कुश्ती के स्तर में काफी सुधार हुआ है। यह अब अलग स्तर पर है। कुश्ती अब तेज हो गई है। अब हम अपनी तकनीक को निखारने और समझदारी से खेलने पर अधिक ध्यान देते हैं। सरकार भी अब खिलाड़ियों का समर्थन कर रही है और इससे भी बड़ा अंतर पैदा हो रहा है।'
- नयी दिल्ली। नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बृहस्पतिवार को एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म लॉन्च किया, जिसके माध्यम से विमानन नियामक डीजीसीए पायलट लाइसेंसिंग और मेडिकल जांच सहित अपनी 298 सेवाएं प्रदान करेगा। उन्होंने यहां ऑनलाइन प्लेटफॉर्म 'ई-जीसीए' लॉन्च करने के बाद कहा, ''ई-जीसीए प्लेटफॉर्म पर 298 सेवाएं शुरू की जा चुकी हैं। इनमें से पहले दो चरण में 99 जबकि अगले दो चरणों में 198 सेवाएं शुरू की गईं। पहले चरणों में शुरू की गईं 99 सेवाओं में 70-75 प्रतिशत पायलट लाइसेंसिंग, चिकित्सा जांच, उड़ान प्रशिक्षण संगठनों को अनुमति देना और क्षेत्रीय कार्यालयों को मुख्यालय से जोड़ने से संबंधित हैं।'' उन्होंने कहा कि अगले दो चरणों में शुरू की गईं सेवाओं में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) की शेष 30 प्रतिशत सेवाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कई मायनों में ई-जीसीए डीजीसीए का पुनर्जन्म है।
- बिजनौर। उत्तर प्रदेश के बिजनौर मे सड़क किनारे पान के एक खोखे पर बेकाबू ट्रक चढ़ जाने से उसमें सो रहे दो भाइयों की मौत हो गयी। पुलिस के अनुसार, बृहस्पतिवार तड़के करीब पांच बजे शेरकोट-धामपुर मार्ग पर मौहल्ला अचारजान मे ब्रेक फेल होने के कारण एक ट्रक सड़क किनारे रखे पान के खोखे पर चढ़ गया। इस हादसे में शिवा (20) और उसका छोटा भाई अभिषेक (18) गंभीर रूप से घायल हो गये। दोनों को अस्पताल लाया गया जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी। पुलिस ने ट्रक चालक और परिचालक को हिरासत मे ले लिया है।
- नयी दिल्ली। दिल्ली में डीडीएमए की रोक के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आईटीओ और सोनिया विहार के पास यमुना नदी के किनारे बने घाटों पर छठ पूजा की। सांसद मनोज तिवारी और परवेश वर्मा सहित भाजपा नेताओं के नेतृत्व में बड़ी संख्या में श्रद्धालु घाटों पर पहुंचे। हालांकि, प्रशासन के लोगों ने उन्हें रोकने की कोशिश की।भाजपा का संदर्भ देते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पार्टियों को त्योहार पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। वह स्वयं किदवई नगर और राजा बाजार इलाकों में आयोजित छठ पूजा में शामिल हुए। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने 30 सितंबर को अपने आदेश में यमुना किनारे सहित सार्वजनिक स्थानों पर छठ पूजा समारोह के आयोजनों पर रोक लगा दी थी। हालांकि, भाजपा द्वारा प्रतिबंध के विरोध के बाद, डीडीएमए ने 29 अक्टूबर को अपने आदेश में यमुना के किनारे को छोड़कर ''निर्धारित स्थलों'' पर छठ समारोह मनाने की अनुमति दे दी थी।पश्चिमी दिल्ली से सांसद परवेश वर्मा आईटीओ के नजदीक यमुना घाट पर कृत्रिम तालाब में आयोजित छठ पूजा में शामिल हुए। उन्होंने यमुना घाट पर बड़ी संख्या में छठ पूजा कर रहे लोगों की तस्वीर के साथ ट्वीट किया, ''जय छठी मैया की। बस इन्हीं दृश्यों के लिए सारा संघर्ष किया। एक-एक मां-बहन को गेट के अंदर प्रवेश करवाया। सुरक्षा और सम्मान की चिंता की और सारी सुविधाएं मुहैया करवाई। हे मैया सब पर अपनी कृपा बनाए रखना।''उत्तर पूर्वी दिल्ली से सांसद मनोज तिवारी ने सोनिया विहार में अपने समर्थकों के साथ छठ पूजा में हिस्सा लिया। इस मौके पर एसडीएम और सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों ने उन्होंने रोकने की कोशिश की , लेकिन वह नहीं मानें। डीडीएमए के आदेश की अवहेलना पर जिला अधिकारियों ने तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री सत्येंद जैन, कैलाश गहलोत और गोपाल राय के साथ आप विधायक राघव चड्ढा ने भी पूजा के लिए निर्धारित विभिन्न घाटों का दौरा किया। केजरीवाल ने कहा, ''छठ पूजा आयोजन करने में कई बाधाएं थीं , लेकिन छठी मैया की कृपा से सभी बाधाओं को पार कर पाए।'' यमुना नदी के किनारे छठ पूजा पर रोक के बावजूद श्रद्धालु सुबह से ही नदी के किनारे पहुंचने लगे थे। उन्होंने शिकायत की कि पुलिस और सिविल डिफेंस के कर्मचारी उन्हें रोक रहे हैं।
- नयी दिल्ली। ग्लासगो में जारी संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन के परिवहन दिवस के दिन बुधवार को भारत ने दोपहिया एवं तिपहिया वाहनों के भारी-भरकम बेड़े को शून्य-उत्सर्जन वाले वाहनों में बदलने की जरूरत पर बल दिया है। भारत सरकार की तरफ से नीति आयोग ने शून्य उत्सर्जन वाहन अंतरण परिषद के चौथे मंत्री-स्तरीय संवाद में शिरकत करते हुए कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाने की दिशा में भारत ने कई नीतिगत कदम उठाए हैं। एक दिन पहले ही भारत ने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए एक खास पोर्टल ई-अमृत शुरू किया है। यहां पर इलेक्ट्रिक वाहनों के बारे में सारी सूचनाएं मिल जाएंगी। सरकार की तरफ से यहां जारी एक बयान के मुताबिक परिषद की बैठक में भारत ने कहा कि देश के कुल वाहनों में करीब 80 फीसदी की हिस्सेदारी रखने वाले दोपहिया एवं तिपहिया वाहनों को भी शून्य उत्सर्जन वाले वाहनों में बदलने में खास ध्यान देना होगा। बैठक में शामिल पक्षों ने सभी विकसित देशों से शून्य उत्सर्जन वाले वाहनों की दिशा में अंतरण में सहयोग एवं समर्थन देने का अनुरोध किया।~
- नयी दिल्ली। दिल्ली के सरकारी स्कूलों के 496 विद्यार्थियों ने इस साल नीट परीक्षा पास की है जिनमें से 51 छात्र एक ही स्कूल से हैं। अधिकारियों ने उक्त जानकारी दी। 720 में 700 अंक पाने वाले कुशाल गर्ग को नीट परीक्षा में 165वीं रैंक मिली है और एम्स में सीट भी मिली है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘‘वाह! दिल्ली के सरकारी स्कूल के इतने सारे छात्रों ने नीट परीक्षा पास की है। कुछ साल पहले तक इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। मैं छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई देता हूं। साथ मिलकर आप सभी ने साबित कर दिखाया कि यह संभव है।'' उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी ट्वीट करके छात्रों को बधाई दी है।उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘दिल्ली के सरकारी स्कूल के छात्र कुशाल गर्ग ने इतिहास रचा। उन्होंने 720 में से 700 अंक प्राप्त किए हैं। ऑल इंडिया रैंक 165 और एम्स में सीट पक्का किया। पिता दसवीं पास बढ़ई हैं। मां 12वीं पास गृहिणी हैं। बधाई हो कुशाल। तुम पर गर्व है।'' सिसोदिया ने लिखा, नीट परीक्षा में दिल्ली के सरकारी स्कूलों के बच्चों ने फिर रचा इतिहास। एक ही स्कूल के कुल 35 बच्चों में से 25 का नीट में चयन। यह है अरविंद केजरीवाल जी का शासन मॉडल। यह है असली राष्ट्र निर्माण। पूरे देश के लिए शिक्षा का मॉडल पेश कर रही दिल्ली की टीम-एजुकेशन को बधाई।'' उन्होंने लिखा है, ‘‘दिल्ली सरकार के स्कूलों में सिर्फ़ अच्छी बिल्डिंग और टीचर्स ट्रेनिंग का काम नही हुआ। आज पढ़ाई इतनी शानदार हो गई है कि नीट में टॉप सरकारी स्कूल देखिए - 1. यमुना विहार स्कूल - 51 छात्र। 2. पश्चिम विहार स्कूल -28 छात्र। 3. आईपी एक्टेंशन - 16 छात्र। 4. लोनी रोड स्कूल - 15 छात्र।~~
- नयी दिल्ली। सरकार ने विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) तथा निर्यातोन्मुख इकाइयों (ईओयू) से निर्यात किए जाने वाले उत्पादों पर शुल्क और करों की वापसी (आरओडीटीईपी) की दरें तय करने के लिए एक समिति का गठन किया है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने बुधवार को यह जानकारी दी। सरकार ने अगस्त में निर्यात संवर्द्धन योजना आरओडीटीईपी के तहत 8,555 उत्पादों के लिए कर रिफंड की दरें तय की थीं। इनमें समुद्री उत्पाद, धागा और डेयरी वस्तुएं शामिल हैं। सरकार ने चालू वित्त वर्ष में इस योजना के तहत रिफंड के लिए 12,454 करोड़ रुपये की राशि रखी है। एसईजेड और ईओयू को अगस्त में अधिसूचित योजना से बाहर रखा गया था। उद्योग जगत उन्हें भी इस योजना में शामिल करने की मांग कर रहा था। डीजीएफटी ने एक व्यापार नोटिस में कहा, सरकार ने ईओयू/एसईजेड के निर्यात के लिए आरओडीटीईपी दरें तय करने को एक समिति का गठन किया है।~~
- फरीदाबाद। हरियाणा के फरीदाबाद शहर में एक प्रॉपर्टी डीलर का बदमाशों ने उसके घर के बाहर मर्डर कर दिया। वारदात के वक्त मृतक दूध लेकर घर लौट रहा था। तभी पहले से घात लगाए बैठे बदमाशों ने उस पर तेजधार हथियार से हमला कर दिया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लिया तथा केस दर्ज करके कार्रवाई शुरू कर दी।पुलिस ने बताया कि फरीदाबाद की जवाहर कॉलोनी निवासी 42 वर्षीय भगत सिंह प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते थे। बुधवार रात करीब 10 बजे वह दूध लेकर घर लौट रहे थे। तभी घर से 20 मीटर की दूरी पर पहले से ताक लगाए बैठे बदमाशों ने उन्हें दबोच कर ताबड़तोड़ तेजधार हथियार से हमला कर दिया। भगत की गर्दन पर वार किए गए, जिससे वह मौके पर ही लहुलुहान होकर गिर पड़े। चीखने की आवाज सुनकर भगत के बुजुर्ग पिता गुरदयाल सिंह व आसपास के लोग बाहर निकले, लेकिन उस वक्त तक बदमाश मौके से भाग गए थे। आसपास के लोगों ने भगत को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चैक की। पुलिस हमलावारों की पहचान करने में जुटी है। पुलिस ने बदमाशों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है।
- इयर फोन लगाकर बात करते-करते ट्रैक पर पहुंच गया था, ट्रेन की आवाज नहीं सुन पायाप्रयागराज। प्रयागराज के मोतीलाल नेहरू नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के एक कर्मचारी की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि देर रात को वह किसी नजदीकी से बात करते-करते घर के नजदीक रेलवे ट्रैक पर पहुंच गया था। कानों में इयर फोन लगा होने से उसे अंदाजा ही नहीं रहा कि वह रेलवे ट्रैक पर पहुंच गया है। इस दौरान ट्रेन आ गई। जब तक वह कुछ समझ पाता, पीछे से ट्रेन आ गई। सूचना पर पहुंची शिवकुटी पुलिस ने परिजनों को जानकारी दी। शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया। शिवकुटी पुलिस का कहना है किकुलदीप (20) पुत्र कमला रात में खाना खाने के बाद घर से कुछ दूर पर मोतीलाल नेहरू नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कॉलोनी में परिवार क्रॉसिंग के पास फोन पर किसी से बात कर रहा था। बात करते-करते कुलदीप रेलवे ट्रैक के किनारे पहुंच गया। इस दौरान ट्रेन आ गई। ट्रेन की आवाज नहीं सुन सका। उसकी मौके पर ही मौत हो गई।पिता कमला के मोतीलाल नेहरू नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कॉलोनी में परिवार के साथ रहते हैं। पिता ने बताया कि कुलदीप तीसरे नंबर का बेटा था। वह मोतीलाल नेहरू नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कॉलोनी में परिवार में संविदा कर्मी था। पिता का कहना है कि वह खाना खाने के बाद टहलने निकला था। पुलिस से जानकारी के बाद हम लोगों को पता चला कि कुलदीप की मौत हो गई है।-
- अनियंत्रित होकर कार टीले से टकराई, गड्ढे में चली गईमुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर सिटी एसपी राजेश कुमार के इकलौते बेटे की सड़क हादसे में मौत हो गई। घटना वैशाली जिले के सदर थाना क्षेत्र के हाजीपुर-मुजफ्फरपुर मुख्य मार्ग के दौलतपुर के पास की है। गुरुवार अहले सुबह 3 बजे अपनी कार से पटना से मुजफ्फरपुर जा रहा था। सामने से आ रही गाड़ी को बचाने में गड्ढे में कार पलट गई, जिससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। गाड़ी में सवार एक और युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हाजीपुर सदर एसडीओपी राघव दयाल ने बताया कि सुबह ग्रामीणों ने पुलिस को जानकारी दी। तब तक दोनों को अस्पताल पहुंचा दिया गया था। बाद में पता चला कि दुर्घटना में मुजफ्फरपुर सिटी एसपी राजेश कुमार के बेटे की मौत हुई है।घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में सनसनी फैल गई। शव को बरामद कर पुलिस प्रशासन ने हाजीपुर सदर अस्पताल भेज दिया। वहीं, घायल को इलाज के लिए हाजीपुर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल युवक की पहचान मधेपुरा जिला के साहूगढ़ वार्ड नंबर 5 मोरकाही टोला निवासी हरेराम यादव के बेटे अंगद कुमार के रूप में हुई। अंगद के मुताबिक वह मुजफ्फरपुर सिटी एसपी राजेश कुमार का बेटा राजवीर शेखर (20) के साथ पटना घूमने गया था। अहले सुबह 3 बजे मुजफ्फरपुर लौटने के क्रम में हादसा हो गया। सामने से एक तेज रफ्तार गाड़ी आ रही थी। उसे बचाने के क्रम में कार सड़क के किनारे चली गई। गाड़ी साइड पर होने के कारण अनियंत्रित हो गई और एक टीले से टकराकर गड्ढे में चली गई।मुजफ्फरपुर के टाउन डीएसपी रामनरेश पासवान घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं। वहीं, उनके साथ वैशाली एसपी मनीष भी पहुंचे। मुजफ्फरपुर एसएसपी जयंतकांत ने घटना को लेकर दुख प्रकट किया है।--
- चंदौली। पुलिस ने गुड्डू चौहान हत्याकांड का खुलासा किया है। पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने बताया कि चंदौली में अपने चाचा और मां के अवैध संबंध से नाराज युवक ने अपने जीजा के साथ मिलकर अपने चाचा को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया और हल्की बारिश के दौरान सोते समय चाचा के सिर में गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। घटना 20 जुलाई 2021 की है।मामले का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने बताया कि आरोपी भतीजा राजेश चौहान और आरोपी के जीजा जोगेंद्र चौहान को गिरफ्तार कर लिया गया है। असलहा आरोपी ने कुएं में छुपा दिया था, जिसमें काफी पानी होने कारण असलहा पुलिस अभी बरामद नहीं कर पाई है।पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने बताया कि दरअसल, अलीनगर थाना क्षेत्र के काशीपुरा निवासी गुड्डू चौहान जो की पेशे से मिस्त्री था। उसका अवैध संबंध उसके भाई की पत्नी से हो गया था। जब यह बात मृतक गुड्डू चौहान के भतीजे आरोपी राजेश चौहान को पता चली की उसकी मां का अवैध संबंध उसके चाचा से है तो आरोपी राजेश काफी नाराज हुआ और उसने लोक लाज के डर से अपने चाचा गुड्डू चौहान को बहुत समझाया, लेकिन गुड्डू चौहान नहीं माना और शराब पीकर आए दिन गाली गलौज करता और आरोपी राजेश चौहान की मां को लेकर अपशब्द भी कहता। समाज में हो रही बेज्जती के कारण आरोपी राजेश अंदर ही अंदर बदला लेने की फिराक में जुट गया। उसने पूरा घटनाक्रम अपने जीजा बबुरी थाना क्षेत्र के कुटियापर निवासी आरोपी जोगेंद्र चौहान को बताया, जिसपर आरोपी जोगेंद्र चौहान ने आरोपी राजेश से कहा कि इतनी बड़ी बात है तो गुड्डू चौहान को रास्ते से हटाना होगा। आरोपी राजेश चौहान और उसके जीजा आरोपी जोगेंद्र चौहान ने गुड्डू चौहान को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। इसके तहत जीजा आरोपी जोगेंद्र चौहान ने फरवरी 2021 में एक तमंचा लाकर आरोपी राजेश चौहान को दिया और कहा कि मौका मिलते ही गुड्डू चौहान की हत्या कर दो। पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने बताया कि 20 जुलाई 2021 को आरोपी राजेश और उसका जीजा आरोपी जोगेंद्र मिस्त्री का काम खत्म करके आरोपी राजेश के घर पहुंचे। इस दौरान गुड्डू चौहान का अपने परिजनों से शराब पीने के बाद गाली गलौज और कहा सुनी हो गई, जिससे वह घर से निकल कर पास में खेत में बने मचान पर सोने चला गया। रात को जब बारिश हो रही थी और आकाश में तेज बिजली कड़क रही थी। तभी मौका देखकर आरोपी राजेश तमंचा लेकर खेत में बने मचान के पास पहुंचा और मचान पर मच्छरदानी लगाकर चारपाई पर सो रहे गुड्डू चौहान के सर में तमंचा सटाकर गोली मार दी और वापस घर में आकर छिप गया। पुलिस इस मामले के खुलासे में लगातार लगी हुई थी। मामले के खुलासे को लेकर सर्विलांस टीम, स्वाट टीम और अलीनगर पुलिस को लगाया गया था। अंतत: काफी प्रयास के बाद अलीनगर पुलिस ने इस मामले को सुलझाने में सफलता पाई।
- नयी दिल्ली। देशभर में 733 जिलों के 1.23 लाख स्कूलों के 38 लाख से अधिक छात्र शुक्रवार को राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (एनएएस) में भाग लेंगे। शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने यह जानकारी दी। हर तीन साल में आयोजित होने वाले इस सर्वेक्षण में छात्रों द्वारा तीसरी, पांचवीं और आठवीं कक्षा के स्तर पर विकसित दक्षताओं का आकलन किया जाता है। एनएएस पिछली बार वर्ष 2017 में आयोजित किया गया था और इसे 2020 में होना था। हालांकि, कोविड-19 महामारी के कारण सर्वेक्षण को इस साल तक के लिए स्थगित कर दिया गया था। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, '' उम्मीद है कि 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 733 जिलों में लगभग 1.23 लाख स्कूल के 38 लाख से अधिक छात्र सर्वेक्षण में शामिल रहेंगे। एनएएस तीसरी और पांचवी कक्षा के लिए भाषा, गणित और ईवीएस में आयोजित किया जाएगा जबकि आठवीं कक्षा के लिए भाषा, गणित, विज्ञान व सामाजिक विज्ञान तथा 10वीं कक्षा के लिए भाषा, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और अंग्रेजी में आयोजित किया जाएगा।'' अधिकारी ने कहा कि ये परीक्षण 22 भाषाओं में आयोजित किये जाएंगे, जिनमें असमी, बंगाली, अंग्रेजी गुजराती, हिंदी, कन्नड़, मलयालम, मणिपुरी, मराठी, मिजो, उड़िया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु, उर्दू, बोडो, गारो, खासी, कोंकणी, नेपाली, भूटिया और लेप्चा शामिल हैं। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने सर्वेक्षण के लिए राष्ट्रीय संचालन समिति का गठन किया है।
- नयी दिल्ली। ‘भारत बायोटेक' के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक कृष्णा एल्ला ने बुधवार को कहा कि कोविड-19 रोधी टीके की दूसरी खुराक के छह महीने बाद ही तीसरी खुराक दी जानी चाहिए, यही सबसे उचित समय है। साथ ही, उन्होंने नाक से दिए जाने वाले टीके (नेज़ल वैक्सीन) के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने इस बात को भी रेखांकित किया कि उनकी कम्पनी ‘जीका' रोधी टीका बनाने वाली दुनिया की पहली कम्पनी है। एल्ला ने ‘टाइम्स नाउ समिट 2021' में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘कोवैक्सीन' टीका लगवाना उनका भारतीय विज्ञान में भरोसा दिखाता है। उन्होंने कहा, ‘‘ दूसरी खुराक के छह महीने बाद ही तीसरी खुराक दी जानी चाहिए। तीसरी खुराक के लिए यही सबसे उचित समय है।'' ‘भारत बायोटेक' नाक से दिए जाने वाली टीके को ‘बूस्टर' खुराक के तौर पर लाने का भी विचार कर रहा है। ‘नेज़ल वैक्सीन' के महत्व के बारे में उन्होंने कहा कि पूरा विश्व ऐसे टीके चाहता है। ‘‘संक्रमण रोकने का यही एकमात्र तरीका है। हर कोई ‘इम्यूनोलॉजी' (प्रतिरक्षा विज्ञान) का पता लगाने की कोशिश कर रहा है और सौभाग्य से, भारत बायोटेक ने इसका पता लगा लिया है।'' एल्ला ने कहा, ‘‘ हम नाक से देने वाला टीका ला रहे हैं... हम इस बात पर विचार कर रहे हैं कि क्या कोवैक्सिन की दूसरी खुराक को नाक से दिया जा सकता है, यह रणनीतिक रूप से, वैज्ञानिक रूप से भी बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि दूसरी खुराक को यदि आप नाक से देते हैं तो आप संक्रमण को फैलने से रोकते हैं।'' ‘जीका' रोधी टीके के बारे में एल्ला ने कहा कि ‘भारत बायोटेक' ने ‘जीका वायरस' रोधी टीका बना लिया है। प्रथम चरण पूरा हो गया है। सरकार को और अधिक परीक्षण (ट्रायल) करने होंगे क्योंकि मामले अधिक हैं। उन्होंने कहा हम 2014 में जीका रोधी टीका बनाने वाली विश्व की पहली कम्पनी थे। सबसे पहले हमने ही जीका रोधी टीके के वैश्विक पेटेंट के लिए आवेदन दिया था।
- तिरुवनंतपुरम। अठाहरवीं शताब्दी में ईसाई धर्म अपनाने वाले हिंदू देवसहायम पिल्लई, संत की उपाधि से सम्मानित होने वाले पहले भारतीय आम आदमी होंगे। गिरजाघर के अधिकारियों ने बुधवार को यहां कहा कि पोप फ्रांसिस 15 मई, 2022 को वेटिकन में सेंट पीटर्स बेसिलिका में संत उपाधि की घोषणा के दौरान, छह अन्य संतों के साथ देवसहायम पिल्लई को संत घोषित करेंगे। वेटिकन में कांग्रिगेशन फॉर द कॉजेज ऑफ सेंट्स ने मंगलवार को यह घोषणा की। गिरजाघर ने कहा कि प्रक्रिया पूरी होने के साथ पिल्लई ईसाई संत बनने वाले भारत के पहले आम आदमी बन जाएंगे। उन्होंने 1745 में ईसाई धर्म अपनाने के बाद ‘लेजारूस' नाम रख लिया था। ‘लेजारूस' का अर्थ ही ‘देवसहायम' या देवों की सहायता है।प्रचार करते समय, उन्होंने विशेष रूप से जातिगत मतभेदों के बावजूद सभी लोगों की समानता पर जोर दिया। इससे उच्च वर्गों के प्रति घृणा पैदा हुई, और उन्हें 1749 में गिरफ्तार कर लिया गया। बढ़ती कठिनाइयों को सहने के बाद, जब उन्हें 14 जनवरी 1752 को गोली मार दी गई तो उन्हें शहीद का दर्जा मिला ", वेटिकन द्वारा तैयार एक नोट में यह बात कही गयी है। उनके जीवन और शहादत से जुड़े स्थल तमिलनाडु के कन्याकुमारी जिले के कोट्टार डायोसिस में हैं।देवसहायम को उनके जन्म के 300 साल बाद 2 दिसंबर 2012 को कोट्टार में धन्य घोषित किया गया था। उनका जन्म 23 अप्रैल, 1712 को कन्याकुमारी जिले के नट्टलम में एक हिंदू नायर परिवार में हुआ था, जो तत्कालीन त्रावणकोर साम्राज्य का हिस्सा था।
- बेंगलुरु। महात्मा गांधी, प्रथम विश्व युद्ध में भाग लेने वाले भारतीय सैनिक, नरेंद्र मोदी से पहले की भारतीय जनता पार्टी, नक्सलवाद, आपातकाल और दादाभाई नौरोजी के जीवन जैसे विषयों पर आधारित किताबों ने इस वर्ष ‘कमलादेवी चट्टोपाध्याय एनआईएफ बुक प्राइज' के लिए अंतिम सूची में जगह बनाई है। न्यू इंडिया फाउंडेशन (एनआईएफ) ने बुधवार को यहां पुरस्कार के चौथे संस्करण के लिए बनाई गई अंतिम सूची की घोषणा की। ये छह किताबें हैं-आशुतोष भारद्वाज (हार्पर कॉलिन्स) की ‘‘द डेथ स्क्रिप्ट: ड्रीम्स एंड डेल्यूजन्स इन नक्सल कंट्री'', क्रिस्टोफ जाफरलॉट और प्रतिनव अनिल (हार्पर कॉलिन्स) की ‘‘इंडियाज फर्स्ट डिक्टेटरशिप: द इमरजेंसी, 1975-77'', दिनयार पटेल की ‘‘नौरोजी : पायनियर ऑफ इंडियन नेशनलिज्म'' (हार्वर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस), सुमति रामास्वामी (रोली बुक्स) की ‘‘गांधी इन द गैलरी: द आर्ट ऑफ डिसऑबिडियेंस'', राधिका सिंघा (हार्पर कॉलिन्स) की ‘‘द कुलीज ग्रेट वॉर: इंडियन लेबर इन ए ग्लोबल कॉन्फ्लिक्ट 1914-1921'' और विनय सीतापति की ‘‘जुगलबंदी: द बीजेपी बिफोर मोदी'' (पेंगुइन रैंडम हाउस)। पुरस्कार विजेता की घोषणा एक दिसंबर को की जाएगी। वर्ष 2018 से दिए जा रहे पुरस्कार में 15 लाख रुपये का नकद पुरस्कार और एक प्रशस्ति पत्र दिया जाता है। पिछले साल यह पुरस्कार संयुक्त रूप से अमित आहूजा और जयराम रमेश को दिया गया था। यह पुरस्कार 2019 में ओर्नित शनि और 2018 में मिलन वैष्णव को दिया गया। पुरस्कार का नाम कमलादेवी चट्टोपाध्याय के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम, महिला आंदोलन, शरणार्थी पुनर्वास और भारतीय रंगमंच और हस्तशिल्प के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
- नयी दिल्ली। सरकार ने पेट्रोल में मिलाए जाने वाले एथनॉल की कीमतों में दिसंबर से शुरू होने वाले विपणन वर्ष 2021-22 में 1.47 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की मंजूरी दे दी है। पेट्रोल में एथनॉल का मिश्रण बढ़ने से भारत का कच्चे तेल का आयात बिल कम करने में मदद मिलेगी और इससे गन्ना किसानों और चीनी मिलों को भी फायदा होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) की बैठक में गन्ने के रस से निकाले जाने वाले एथनॉल की कीमत को दिसंबर, 2021 से शुरू होने वाले विपणन वर्ष में 62.65 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 63.45 रुपये प्रति लीटर करने की मंजूरी दी गई। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने सीसीईए की बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘सी-हेवी के एथनॉल का दाम 45.69 रुपये से बढ़ाकर 46.66 रुपये प्रति लीटर किया गया है। वहीं बी-हेवी के एथनॉल का दाम 57.61 रुपये से बढ़ाकर 59.08 रुपये प्रति लीटर करने की मंजूरी दी गई है।' पेट्रोलियम विपणन कंपनियां सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य पर ही एथनॉल की खरीद करती हैं। ठाकुर ने बताया कि 2020-21 के विपणन वर्ष में पेट्रोल में एथनॉल का मिश्रण आठ प्रतिशत पर पहुंच गया है। भारत का 2025 तक इसे 20 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
- नयी दिल्ली। चालू वित्त वर्ष में अबतक (आठ नवंबर तक) 98 लाख से अधिक करदाताओं को 1.15 लाख करोड़ रुपये से अधिक का आयकर रिफंड किया गया है। आयकर विभाग ने बुधवार को यह जानकारी दी। विभाग ने कहा कि वापस की गयी राशि में 12,616.79 करोड़ रुपये के 65.31 लाख ‘रिफंड' आकलन वर्ष 2021-22 के हैं। आयकर विभाग ने ट्वीट किया, ‘‘केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने एक अप्रैल, 2021 से आठ नवंबर, 2021 के बीच 98.90 लाख से अधिक करदाताओं को 1,15,917 करोड़ रुपये का रिफंड जारी किया है। इसमें 97.12 लाख व्यक्तिगत आयकरदाताओं को 36,000 करोड़ रुपये का रिफंड किया गया है। वहीं 1.77 लाख मामलों में कॉरपोरेट करदाताओं को 79,917 करोड़ रुपये लौटाये गए हैं।
- जयपुर। राजस्थान के बाड़मेर जिले में बुधवार को सड़क हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई और 22 अन्य घायल हो गए। ज़िला पुलिस अधीक्षक दीपक भार्गव के अनुसार यह हादसा बाँदियावस के पास बस और ट्रक में टक्कर से हुआ। टक्कर के बाद बस और ट्रक में आग लग गई, जिससे 11 यात्रियों की मौत हो गई और 22 अन्य घायल हो गए। उन्होंने बताया कि 10 शव घटनास्थल पर मिले हैं, एक घायल की अस्पताल में मौत हो गई वहीं, गंभीर रूप से घायल लोगों को जोधपुर रेफ़र किया गया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हादसे पर शोक जताते हुए ट्वीट किया, ‘‘बाड़मेर में हुई बस-ट्रक दुर्घटना के संबंध में बाड़मेर के जिलाधिकारी से फोन पर वार्ता कर उन्हें राहत-बचाव कार्यों के संबंध में निर्देश दिए गए हैं। घायलों का बेहतर से बेहतर इलाज सुनिश्चित किया जाएगा।
- सोनभद्र। उत्तर प्रदेश में सोनभद्र जिले के दुद्धी नगर स्थित एक राजकीय महाविद्यालय के प्रोफेसर की धारदार हथियार से कथित तौर पर हत्या कर दी गई। पुलिस अधीक्षक अमरेंद्र प्रताप सिंह ने बुधवार को बताया कि दुद्धी नगर में स्थित भाऊराव देवरस राजकीय महाविद्यालय में प्रोफेसर जगजीत सिंह (44) की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। उन्होंने बताया कि उनका खून से लथपथ शव आज सुबह उनके घर से बरामद किया गया। उन्होंने बताया कि प्रो.सिंह अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ मलदेवा गांव में एक व्यक्ति के घर में किराए पर रहते थे। उन्होंने बताया कि बुधवार सुबह जब परिजन उठे तो सिंह का खून से लथपथ शव उनके कमरे में पाया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।-file photo


























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