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- अमरेली। गुजरात के अमरेली जिले के गिर वन क्षेत्र में मालगाड़ी की चपेट में आने से एक एशियाई शेर की मौत हो गई। जिले के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। मुख्य वन संरक्षक (जूनागढ़ वन्यजीव मंडल) दुष्यंत वासवाड़ा ने बताया कि यह घटना शनिवार रात करीब साढ़े नौ बजे सावरकुंडला वन क्षेत्र के गिर (पूर्व) वन मंडल के खडकलां गांव के पास हुई। उन्होंने कहा कि लगभग पांच-छह साल की आयु का नर शेर रेलवे ट्रैक पर मृत मिला। मौत का कारण संभवत: डबल डेकर मालगाड़ी से टकराना हो सकता है। वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मृत शेर को जांच के लिए भेज दिया। गुजरात के वन मंत्री गणपत वसावा ने इस साल मार्च में विधानसभा में बताया था कि 2019 और 2020 में गुजरात में कुल 313 शेरों की मौत हुई, जिसमें से 23 की अप्राकृतिक कारणों से मौत हुई। शेरों की मौत के अप्राकृतिक कारणों में खुले कुएं में गिरना, वाहनों या ट्रेनों की चपेट में आना अथवा बिजली का करंट लगना शामिल हैं।
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आकाशवाणी से इस महीने की 29 तारीख रविवार को प्रसारित होने वाले मन की बात कार्यक्रम में देश- विदेश के लोगों के साथ अपने विचार साझा करेंगे। इस मासिक रेडियो कार्यक्रम की यह 80-वीं कड़ी होगी। प्रधानमंत्री ने इस कार्यक्रम की अगली कडी में शामिल किये जाने वाले विषयों पर भी लोगों से सुझाव मांगे हैं।लोग अपने विचार नमो एप या माई गोव ओपन फोरम पर भेज सकते हैं। वे टोल फ्री नम्बर 1 8 0 0-1 1-7 8 0 0 पर अपने संदेश हिन्दी और अंग्रेजी में रिकॉर्ड करा सकते हैं। फोन-लाइनें 27 अगस्त तक खुली रहेंगी। प्रधानमंत्री को सीधे अपने सुझावों से अवगत कराने के लिए 1922 पर मिस्ड-कॉल देकर और एस एम एस के जरिये प्राप्त लिंक का अनुसरण करके सुझाव दे सकते हैं।
- नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना की एक विशेष उड़ान से 107 भारतीय नागरिकों सहित 168 लोग आज काबुल से गाजियाबाद के हिंडन हवाई अड्डे पर पहुंच गए। इस उड़ान के जरिए भारत सुरक्षित लाए गए अफगानिस्तान के संसद सदस्य नरिन्दर सिंह खालसा ने वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी दी। अफगानिस्तान से लाए गए एक यात्री ने सहायता के लिए भारत का धन्यवाद किया।इससे पहले, अफगानिस्तान के काबुल से सुरक्षित दोहा ले जाए गए एक सौ 35 भारतीयों को कल रात भारत वापस लाया गया। कतर के दोहा में भारतीय दूतावास ने उनकी सुरक्षित वापसी के लिए हर तरह की सहायता प्रदान की।विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने एक ट्वीट संदेश में बताया कि तजाकिस्तान से 87 भारतीयों को ला रही एअर इंडिया की उड़ान कल रात नई दिल्ली के लिए रवाना हुई। नेपाल के दो नागरिकों को भी अफगानिस्तान से सुरक्षित निकाला गया है। उन्होंने बताया कि इसके बाद दो और उड़ानों के जरिए बाकी लोगों को भी लाया जाएगा।भारत, तजाकिस्तान के दुशान्बे और कतर के रास्ते अपने नागरिकों को विमान से वापस ला रहा है। भारतीय वायु सेना अफगानिस्तान में अपने राजदूत सहित अब तक लगभग 180 लोगों को वापस ला चुकी है। विदेश मंत्रालय ने अफगानिस्तान में रह रहे भारतीय नागरिकों से अपील की है कि सहायता की आवश्यकता होने पर वे विशेष अफगानिस्तान प्रकोष्ठ से तत्काल संपर्क करें। अफगानिस्तान से भारतीय नागरिकों की वापसी और अन्य सहायता के लिए तालमेल बिठाने के प्रयोजन से इस प्रकोष्ठ की स्थापना की गई है।
- बहराइच (उप्र) । बिहार के सीवान में 15 और 16 अगस्त की दरमियानी रात को अपनी पत्नी, सास और ससुर की कथित तौर पर हत्या करने के आरोपी को पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बहराइच से शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। तिहरे हत्याकांड के बाद वह फरार हो गया था। बहराइच की पुलिस अधीक्षक सुजाता सिंह ने शनिवार को बताया कि तिहरे हत्याकांड का आरोपी मुबारक अली बहराइच के हरदी थाने के तहत आने वाले बंजरिया गांव का निवासी है। आरोपी मुबारक अपनी पत्नी, एक बेटी और सास- ससुर के साथ सीवान के दरौंदा थाने के तहत आने वाले भीखाबांध गांव में अपने ससुराल में रह रहा था। एसपी ने बताया कि बिहार पुलिस की सूचना के अनुसार 15 और 16 अगस्त की दरमियानी रात को आरोपी मुबारक ने अपनी पत्नी नसीमा खातून (30), ससुर अली हुसेन सांई (75) और सास नजमा खातून (70) की धारदार हथियार से काटकर हत्या कर दी। घटना में आरोपी मुबारक की नौ साल की बच्ची भी घायल हुई है। आरोपी मुबारक अली के खिलाफ सीवान के दरौंदा थाने में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज है। एसओजी प्रभारी निरीक्षक मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि घटना को अंजाम देकर फरार हुए आरोपी को पकड़ने के लिए बिहार पुलिस प्रयासरत थी। बिहार पुलिस ने बहराइच पुलिस से सम्पर्क किया था। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसओजी और कोतवाली देहात पुलिस की टीम ने बिहार पुलिस का सहयोग किया और आरोपी को शुक्रवार को बहराइच से गिरफ्तार कर लिया गया। सिंह ने बताया कि अपनी टीम के साथ बहराइच आए बिहार पुलिस के निरीक्षक अजीत कुमार सिंह अदालत से ट्रांजिट रिमांड लेकर आरोपी मुबारक को बिहार ले गये हैं।
- नयी दिल्ली/हैदराबाद। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने शनिवार को कहा कि देश में 2026 तक 100 और भूकंप वेधशाला की शुरुआत की जाएगी। सिंह ने कहा कि देश में इस साल के अंत तक 35 और भूकंप वेधशाला तैयार हो जाएंगी। इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ जियोमैग्नेटिज्म एंड एरोनॉमी (आईएजीए), इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ सीस्मोलॉजी एंड फिजिक्स ऑफ द अर्थ इंटीरियर (आईएएसपीईआई) की संयुक्त वैज्ञानिक सभा के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि भूकंप, भूस्खलन, चक्रवात, बाढ़ और सुनामी के संदर्भ में भारतीय उपमहाद्वीप को दुनिया के सबसे आपदा संभावित क्षेत्रों में से एक माना जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार इन चुनौतियों का सामना करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है। उन्होंने शिलांग (1897), बिहार-नेपाल (1934), असम (1950), भुज (2001), कश्मीर (2005), सिक्किम (2011) और मणिपुर (2016) के बड़े भूकंपों का जिक्र किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘भारत में इस साल के अंत तक 35 और भूकंप वेधशाला तैयार हो जाएंगी और अगले पांच वर्षों में ऐसी 100 और वेधशाला होंगी।'' उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से पिछले साढ़े छह दशकों में देश में केवल 115 भूकंप वेधशाला थी, लेकिन अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में भूकंप वेधशाला की संख्या में बढ़ोतरी होने वाली है। केंद्रीय मंत्री ने आशा व्यक्त की कि आईएजीए-आईएएसपीईआई की संयुक्त वैज्ञानिक सभा विज्ञान से संबंधित मुद्दों पर काम करने के लिए वैश्विक समुदाय के अधिक से अधिक शोधकर्ताओं को जोड़ने में उत्प्रेरक के रूप में कार्य करेगी। राष्ट्रीय भूभौतिकीय अनुसंधान संस्थान (एनजीआरआई), हैदराबाद ने डिजिटल तरीके से इस कार्यक्रम का आयोजन किया।
- नयी दिल्ली। रक्षा बंधन से एक दिन पहले भाई और बहनों के अटूट स्नेह की एक अनोखी मिसाल सामने आई है, जहां यकृत के काम नहीं करने की वजह से गंभीर रूप से बीमार 14 साल के एक किशोर को उसकी दो बड़ी बहनों ने अपने अंगदान करके नया जीवन दिया है। डॉक्टरों ने शनिवार को इस चुनौतीपूर्ण प्रतिरोपण सर्जरी के बारे में जानकारी दी। उत्तर प्रदेश के बदायूं के रहने वाले अक्षत की गुड़गांव के एक निजी अस्पताल में पिछले दिनों सर्जरी हुई थी और अस्पताल के अधिकारियों ने दावा किया कि यह ‘‘किसी बच्चे में देश का पहला ऐसा यकृत प्रतिरोपण है, जिसमें दो लोगों ने अंगदान किया है''। राखी के त्योहार से एक दिन पहले अक्षत और उसकी बहनों नेहा (29) तथा प्रेरणा (22) ने मीडिया से बातचीत में अपनी भावनाएं साझा कीं। इस दौरान मेदांता अस्पताल के कुछ डॉक्टर भी थे, जहां जुलाई महीने में यह सर्जरी हुई थी। अस्पताल ने एक बयान में कहा, ‘‘रोगी करीब एक महीने पहले ही जीवन के लिए संघर्ष कर रहा था। वह यकृत के काम नहीं करने की वजह से गंभीर रूप से बीमार था और उसे गंभीर पीलिया हो गया था। वह कौमा से पूर्व की स्थिति में था। रोगी का वजन 92 किलोग्राम होने के कारण यह मामला और जटिल हो गया।'' अक्षत की दोनों बहनों का वजन अपेक्षाकृत कम है। इसलिए उसे दोनों बहनों के आधे-आधे लीवर की जरूरत थी। अब अक्षत का वजन 65 किलोग्राम है। डॉक्टरों का दावा है कि वह और उसकी बहनें सर्जरी के बाद तेजी से स्वास्थ्यलाभ प्राप्त कर रहे हैं और करीब एक महीने बाद अब सामान्य जीवन जी रहे हैं। मेदांता यकृत प्रतिरोपण संस्थान के चेयरमैन और इस मामले में प्रमुख सर्जन डॉ अरविंदर सोइन ने कहा, ‘‘गंभीर बीमार बच्चे की इस तरह की पहली सर्जरी के लिए तीनों भाई-बहनों को एक साथ ऑपरेशन टेबल पर ले जाना न केवल टीम के लिए बल्कि माता-पिता के लिए भी बहुत कठिन था।
- नई दिल्ली। कोविड-19 के कारण अनाथ हुए बच्चों समेम कई बच्चों ने कुछ अस्पतालों के डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को अपने हाथों से बनायी गयी राखी और कार्ड भेजे हैं। रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर दिल्ली के मैक्स अस्पताल के साकेत और गुड़गांव अस्पतालों के डॉक्टरों को इन बच्चों के हाथों बनी राखियों और कार्ड का बेहद सुन्दर सरप्राइज मिला। भारतीय एनजीओ ‘एसओएस चिल्ड्रेन्स विलेज ऑफ इंडिया', ग्रीनफील्ड्स, फरीदाबाद के बच्चों ने दिल्ली के साकेत स्थित मैक्स सुपर स्पेशियालिटी और गुड़गांव स्थित मैक्स अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को हाथों से बनी राखियां और कार्ड भेजे हैं। उन्होंने बताया कि एनजीओ के बच्चों ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), भुवनेश्वर के डॉक्टरों को भी राखियां भेजी हैं। उन्होंने बताया कि इन बच्चों में कुछ ऐसे भी जिन्होंने कोविड-19 के कारण अपने माता-पिता को खो दिया है। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि बच्चों ने राखियां और कार्ड भेजकर कोविड-19 के खिलाफ लड़ रहे स्वास्थ्यकर्मियों के प्रति अपना प्यार और सम्मान दर्शाया है।
- नयी दिल्ली। रक्षा बंधन की पूर्व संध्या पर एक भाई ने गुर्दे की बीमारी से पीड़ित अपनी बहन को गुर्दा दान करके जीवनदान दिया। आकाश हेल्थकेयर के डॉक्टरों ने यहां बताया कि हरियाणा के रोहतक की रहनेवाले 31वर्षीय महिला पिछले पांच साल से गुर्दे की बीमारी से पीड़ित थी और लंबे समय से उसका इलाज करा रही थी। इसी दौरान हालांकि उच्च रक्तचाप पर ध्यान नहीं देने की वजह से उसके गुर्दे को नुकसान पहुंचा। डॉक्टरों ने कहा, ‘‘दुर्भाग्यवश, कई अन्य मरीजों की तरह ही वह भी डायलिसिस से जुड़ी भ्रांतियों का शिकार हो गई और इस प्रक्रिया को शुरू करने में देरी की। इसकी वजह से उसकी हालत और खराब हो गई। तीन साल पहले उसकी हालात अचानक बिगड़ गई और उसे आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा।'' उन्होंने कहा, ‘‘ इसके बाद कमजोर प्रतिरोधक क्षमता की वजह से वह तपेदिक का शिकार हो गई और हृदय के काम करना बंद करने से उसके फेफड़े में द्रव भर गया।'' डॉक्टरों ने बताया कि डायलिसिस में विलंब और अनियंत्रित रक्तचाप की वजह से उसका हृदय कमजोर होने लगा। अन्य इलाज के साथ डायलिसिस प्रक्रिया भी शुरू हुई और उचित इलाज से उसके स्वास्थ्य में सुधार होने लगा। हालांकि, उसकी संपूर्ण स्थिति की जांच और उसके कम उम्र को देखते हुए डॉक्टरों ने गुर्दा प्रतिरोपण की सलाह दी। महिला का गुर्दा प्रतिरोपण करनेवाले द्वारका के आकाश हेल्थकेयर के गुर्दा से संबंधित विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉक्टर विक्रम कालरा ने कहा कि उसे अस्पताल में तीन बार डायलिसिस की ज़रूरत पड़ने लगी थी और बाद में उसका गुर्दा प्रतिरोपण किया गया। एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि महिला के परिवार के कई लोगों ने गुर्दा दान करने की पेशकश की लेकिन रक्त समूह नहीं मिलने की वजह से वह इसके लिए सही उम्मीदवार नहीं पाये गये। इसके बाद उसके 28 वर्षीय भाई का रक्त समूह मिल गया और पांच घंटे की सर्जरी में गुर्दा प्रतिरोपण कर दिया गया। महिला के शरीर ने इस अंग को स्वीकार भी कर लिया और उसके हृदय गति में भी सुधार देखा गया। उन्होंने बताया कि वह अब सामान्य जीवन जी सकती है और जब कभी चाहे तो माँ भी बन सकती है।युवक ने कहा, ‘‘ मेरी बहन काफी पीड़ा में थी। यह बर्दाश्त से बाहर था। डॉक्टरों ने जब कहा कि रक्त समूह मिलने की वजह से अंगदान कर सकता हूं और उन्होंने जब मेरे सारे सवालों के जवाब दे दिए तो मैंने गुर्दा दान करने के लिए हामी भरने से पहले एक बार भी नहीं सोचा। वह मेरे लिए बेशकीमती है और मैं बहुत खुश हूं कि वह अब ख़ुशी से अपना जीवन जी सकती है।
- चित्रकूट (उप्र)। चित्रकूट जिले के पहाड़ी थाना क्षेत्र के असोह गांव के मोड़ पर शनिवार दोपहर दो ट्रकों की भिड़ंत में एक ट्रक चालक की मौत हो गयी, जबकि दूसरा चालक गंभीर रूप से घायल हो गया है। पहाड़ी थाने के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) रामाश्रय सिंह ने बताया कि शनिवार दोपहर पहाड़ी-राजापुर सड़क मार्ग में असोह गांव के मोड़ पर एक ट्रक के पहिये का टायर फट जाने से दूसरे ट्रक से टकरा गया। इस हादसे में एक ट्रक के चालक सूरज मिश्रा (30) की मौके पर मौत हो गयी और दूसरे ट्रक का चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। उन्होंने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर मृत चालक का शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर घायल को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
- चेन्नई। दक्षिण भारतीय फिल्मों की मशहूर अभिनेत्री चित्रा का शनिवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। नजदीकी पारिवारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। कई भारतीय भाषाओं की फिल्मों में काम करने वाली 56 वर्षीय अभिनेत्री के परिवार में पति और एक बेटी है। तेल के एक बहुत बड़े ब्रांड से जुड़ने के कारण चित्रा को 'नल्लनई' के नाम से भी जाना जाता था। चित्रा ने चेन्नई में सालीग्राम स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। चित्रा का जन्म केरल के कोच्चि शहर में हुआ था और उन्होंने 1990 के दशक में अपने बेहतरीन अभिनय के जरिए तमिल फिल्म जगत में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने रजनीकांत, सरथकुमार और प्रभु समेत कई अन्य दिग्गज अभिनेताओं के साथ कई फिल्मों में काम किया। चित्रा ने 1975 में निर्देशक के बालाचंदर की राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता तमिल फिल्म 'अपूर्व रागंगल' में एक बाल कलाकार के रूप में अपने करियर की शुरुआत की। चित्रा ने कमल हासन और श्रीविद्या जैसे दिग्गज कलाकारों के साथ भी काम किया। उन्होंने कई मलयालम, तेलुगु और कन्नड़ फिल्मों में भी काम किया। चित्रा ने कई टीवी धारावाहिकों में कार्य किया। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, कांग्रेस नेता वी डी सतीशन, भारतीय जनता पार्टी की राज्य इकाई के प्रमुख के सुरेंद्रन और अन्य नेताओं ने दिग्गज अभिनेत्री के निधन पर शोक व्यक्त किया है।
- नयी दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी की तीन जेलों में कैदियों को अब तक कोविड-19 रोधी टीके की कुल 10885 खुराक दी जा चुकी है। दिल्ली कारागार विभाग ने शनिवार को यह जानकारी दी। आंकड़ों के मुताबिक] बृहस्पतिवार तक तिहाड़ जेल में 45 साल से ज्यादा उम्र के 1648 कैदियों और 45 साल से कम के 5750 कैदियों को कोविड-19 टीके की खुराक दी जा चुकी थी। वहीं, रोहिणी जेल में 45 साल से ज्यादा उम्र के 172 कैदियों और 45 साल से कम उम्र के 600 कैदियों को टीके की खुराक दी गई है। विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के मुताबिक, बृहस्पतिवार तक मंडोली जेल में 45 साल से ज्यादा उम्र के 483 कैदियों और 45 साल से कम उम्र के 2232 कैदियों को कोविड-19 रोधी टीके की खुराक दी जा चुकी है। महानिदेशक (कारागार) संदीप गोयल ने कहा, “जिन कैदियों को जेल के अंदर कोविड रोधी टीके की पहली खुराक लग चुकी है और वे अंतरिम जमानत या आकस्मिक परोल पर बाहर हैं तो उनसे अपने घर के पास डिस्पेंसरी या अस्पताल में टीके की दूसरी खुराक लगवाने को कहा गया है। अगर उन्हें टीका लगवाने में किसी तरह की मुश्किल हो रही है तो वे जेल अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।” कारागार विभाग ने 18 मार्च को 45 साल से ज्यादा आयुवर्ग के लोगों के लिये कोविड टीकाकरण अभियान शुरू किया था, जबकि 18 से 44 आयुवर्ग के कैदियों के लिये टीकाकरण अभियान 18 मई को शुरू हुआ था। राष्ट्रीय राजधानी की जेलों में मार्च से कैदियों में कोरोना वायरस संक्रमण के 383 मामले सामने आ चुके हैं, जबकि आठ कैदियों की इस महामारी से जान जा चुकी है। वहीं, मार्च से 225 जेल कर्मी भी संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं।
- सुल्तानपुर (उप्र)। सुल्तानपुर जिले के चांदा कोतवाली क्षेत्र के कोइरीपुर रेलवे स्टेशन के पास शनिवार की सुबह एक मालगाड़ी की चपेट में आने से दो व्यक्तियों की मौत हो गई। दोनों मृतक आपस में समधी थे। राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) सुल्तानपुर के प्रभारी निरीक्षक अनूप कुमार वर्मा ने बताया कि शनिवार की सुबह लगभग साढ़े आठ बजे सुल्तानपुर से पैसेंजर ट्रेन द्वारा कोतवाली नगर के गल्लामंडी निवासी ओमप्रकाश जायसवाल (70) कोइरीपुर रेलवे स्टेशन पर उतरे और अपने समधी मुरली जायसवाल (62) निवासी ग्राम सोनावां बहरिया के साथ उनके घर जाने के लिए रेलवे लाइन के किनारे जाने लगे, तभी पीछे से आ रही एक मालगाड़ी की चपेट में दोनों आ गए, जिससे दोनों लोगों की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। उन्होंने बताया कि दोनों मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
- लखनऊ। केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलम्बन के लिए प्रदेश सरकार द्वारा संचालित ‘मिशन शक्ति' के तीसरे चरण की शुरुआत शनिवार को की। 'मिशन शक्ति' के तीसरे चरण का यह अभियान 31, दिसंबर 2021 तक चलेगा। लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित 'मिशन शक्ति' के तीसरे चरण के समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए सीतारमण ने अभियान की सराहना की। उन्होंने कहा,‘‘जब प्रोत्साहन मिलता है, अवसर मिलता है तो महिला उसमें शामिल होने में संकोच नहीं करती, शामिल होने के बाद परिणाम देने में भी कोई कमी नहीं करती है, यही महिला की विशेषता है।'' मुख्यमंत्री योगी के प्रयासों की सराहना करते हुए वित्तमंत्री ने कहा, ‘‘ऐसे ऊर्जावान मुख्यमंत्री के रहने से ही राज्य प्रगति के पथ पर आगे बढ़ सकता है। मुझे भरोसा है कि उत्तरप्रदेश तेजी से प्रगति के पथ पर आगे बढ़ेगा और उसमें महिलाओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका दिखेगी।उन्होंने कहा, उत्तरप्रदेश में ऐसे मुख्यमंत्री के रहते हुए महिलाओं का भविष्य बहुत उज्जवल है। उत्तरप्रदेश में बेहतर कानून-व्यवस्था बनाने के लिए और महिलाओं को सुरक्षित रखने के लिए तथा संपूर्ण विकास के लिए मुख्यमंत्री लगातार प्रयास कर रहे हैं, उन्हें मैं हार्दिक बधाई देती हूं।'' वित्तमंत्री ने कहा कि जहां हर गांव में बैंक पहुंचना संभव नहीं है, वहीं उत्तर प्रदेश अकेला ऐसा राज्य है जहां महिला को बैंक मित्र बनाकर और हर गांव में तैनात कर मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण विचार को आगे बढ़ाया। सीतारमण ने कहा, ‘‘ गांव में कृषि पैदावार के स्टोरेज (भंडारण) के लिए केंद्र सरकार पैसे देती है, मैं सभी महिला स्वयं सहायता समूहों से अनुरोध करती हूं कि वे अपने गांवों में ऐसे स्टोरेज क्षमता बनाएं जिसमें उत्पादन को स्टोर किया जा सके और जब ज्यादा मुनाफा मिले तब वे उसे बेचे। इससे आपके हाथों में एक नया कारोबार आएगा और ज्यादा लाभ कमा सकोगी। '' पुरानी स्मृतियों को ताजा करते हुए उन्होंने कहा,''दक्षिण में कन्याकुमारी से मुंबई तक आनंदीबेन पटेल के साथ 18-19 साल पहले एक फ़लाइट में यात्रा की याद दिलाना चाहती हूं। तब आनंदीबेन पटेल गुजरात में शिक्षा मंत्री होती थीं। तब उन्होंने (आनंदीबेन पटेल) विस्तार से महिला शिक्षा के लिए किये गये प्रयासों की चर्चा की थी।'' सीतारमण ने कहा, ‘‘ तब गजरात के गांवों में स्कूलों में बच्चियों को भर्ती करना बहुत मुश्किल था। मगर उनके (आनंदीबेन पटेल) द्वारा एक अभियान चलाया गया जिसमें पहले दिन हर साल स्कूल खोलने के वक्त गांवों में बच्चियों को हाथी या ऊंट के ऊपर बिठाकर बैंड बाजा के साथ स्कूल तक ले आते थे और पूरे गांवों के लोग खड़े होकर ये रोमांचक नजारा देखते थे। इससे लड़कियों को स्कूल में भर्ती करने का मिशन कामयाब हुआ और साक्षरता बढ़ी।'' उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्रित्व काल का प्रसंग सुनाते हुए बताया,‘‘उन्होंने (मोदी ने) पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी के लिए विशेष प्रयत्न किया। मोदी जी जब 2014 में मुख्यमंत्री पद छोड़कर प्रधानमंत्री बने तो दिल्ली आने से पहले मिले उपहारों की नीलामी कर कन्या शिक्षा के मद में दे दिया। मोदी जी की प्राथमिकता में महिला है, जनधन हो, उज्ज्वला योजना हो, स्वामित्व हो, पोषण अभियान हो या मुद्रा लोन हो, सबमें महिलाओं को ही अग्रणी स्थान मिला है। प्रधानमंत्री ने मंत्रिमंडल का विस्तार किया तो अधिक से अधिक महिलाओं को मंत्री बनने का मौका दिया।'' उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रयास से अधिक से अधिक टीके का उत्पादन हो रहा है और कोरोना काल में हम अधिक से अधिक लोगों को टीके की खुरका दे सकेंगे जिससे आर्थिक संकट से उबरने में मदद मिलेगी। टीकाकरण में गभर्वती महिलाओं को भी प्राथमिकता दी जा रही है। समारोह के अध्यक्षीय उद़बोधन में उत्तरप्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि हमारी किसी भी योजना के केंद्र में महिला होनी चाहिए और इस विषय को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिशन शक्ति का शुभारंभ किया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ और केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं की सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा,‘‘आधी आबादी को नजर अंदाज कर कोई भी समाज, कोई भी प्रदेश या देश समर्थ नहीं बन सकता है। नारी सशक्तिकरण का यह अभियान प्रदेश और देश को समर्थ बनाने का ही हिस्सा है।'' उन्होने कहा, ‘‘आज राज्य के सभी 75 जिलों में मिशन शक्ति कार्यक्रम का आयोजन किया गया है और हर जिले में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 75-75 महिलाओं को सम्मानित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का राज्य के 58 हजार ग्राम पंचायतों में सीधा प्रसारण किया जा रहा है जिससे माताओं-बहनों को शासन की योजनाओं की जानकारी मिल सके।'' योगी ने कहा कि 2014 में जब नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद यंभाला तो जीवन के प्रत्येक क्षेत्र को दिशा देने का कार्य किया और उसमें आधी आबादी की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन कार्यक्रम को भी शामिल किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले उत्तरप्रदेश में असुरक्षा का भाव था और जब समाज में असुरक्षा का भाव हो तो स्वाभाविक रूप से उसका प्रभाव उसके सम्मान और स्वावलंबन पर पड़ता है। 2017 में सरकार (भाजपा) बनने के बाद असुरक्षा की मनोवृत्ति दूर करने के लिए नारी सुरक्षा का कार्यक्रम शुरू किया और उत्तरप्रदेश में मिशन शक्ति के दो चरण आगे की ओर तेजी से बढ़े। कोरोना प्रबंधन पर उन्होंने कहा कि 24 करोड़ की आबादी वाले उत्तरप्रदेश में आज सिर्फ कोरोना के 24 मामले आए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा,''हमने डेढ़ लाख पुलिस की भर्ती की जिसमें तय किया कि इसमें 20 प्रतिशत बालिकाओं की भर्ती हो। आज से प्रदेश में दस हजार पुलिस बीटों पर महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।'' उन्होंने कहा,''पहले पुलिस में महिला भर्ती होती थी, लेकिन उन्हें फील्ड ड़यूटी देने से परहेज करते थे। उनके मन में एक भाव रहता था कि क्या हम पुरुषों से कम हैं। मुझे आज यह बताते हुए प्रसन्नता है कि दस हजार बीटों पर महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। ये महिला पुलिसकर्मी महिलाओं की समस्याओं का समाधान करेंगी और सभी लोगों को सुरक्षा का अहसास कराएंगी।'' योगी ने कहा,''प्रदेश में हाल में पंचायत के चुनाव संपन्न हुए जिसके बहुत ही बेहतरीन परिणाम आये हैं। मुझे प्रसन्नता है कि पंचायत चुनाव में लगभग 54 फीसद स्थानों पर महिला प्रधान, 56 फीसद जिला पंचायत अध्यक्ष तथा 54 फीसद महिला ब्लाक प्रमुख चुनी गई हैं। महिला सशक्तिकरण का प्रयास सफल हो रहा है।'' उन्होंने कहा कि यह अभियान नारी सुरक्षा और स्वावलंबन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।उन्होंने रक्षा बंधन पर्व की महिलाओं को बधाई दी। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों द्वारा ‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना' के अन्तर्गत 1.55 लाख बालिकाओं के खाते में धनराशि ऑनलाइन स्थानांतरित की गई। योजना के लिए 30 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है। इसके पहले सात लाख 81 हजार बालिकाओं को लाभ दिया जा चुका है। इसमें बालिका के जन्म से लेकर उसकी पढ़ाई तक 15 हजार रुपये बालिका के नाम पर सरकार उपलब्ध कराती है और यह राशि छह चरणों में उनके खाते में दी जाती है। इसके अलावा, मिशन शक्ति के प्रथम व द्वितीय चरण में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाली 75 महिलाओं को निर्मला सीतारण द्वारा सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर 59 हजार ग्राम पंचायतों में ‘मिशन शक्ति कक्ष' का शुभारम्भ और बदायूं में वीरांगना अवंतीबाई बटालियन के प्रांगण की आधारशिला रखी गई। इस कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा, वित्त व संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना महिला कल्याण राज्यमंत्री स्वाति सिंह, मुख्य सचिव आरके तिवारी और डीजीपी मुकुल गोयल समेत कई प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे। अतिथियों का स्वागत करते हुए महिला कल्याण तथा बाल विकास व पुष्टाहार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वाति सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में मिशन शक्ति की शुरुआत अक्टूबर (शारदीय नवरात्र) 2020 में हुई और आज महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में भारी बदलाव आया है।
- इंदौर। हत्या के जुर्म में इंदौर के केंद्रीय कारगार में उम्रकैद की सजा काट रहे 48 वर्षीय बंदी ने शनिवार को लकड़ी काटने की मशीन से कथित तौर पर गला रेतकर आत्महत्या कर ली। एमजी रोड पुलिस थाने के प्रभारी डीवीएस नागर ने चश्मदीदों के हवाले से बताया कि केंद्रीय जेल के बढ़ई कारखाने में काम करने के दौरान बंदी अनिल यादव (48) ने प्लाईवुड का नाप लिया और इसके बाद लकड़ी काटने की मशीन चलाकर अपना गला रेत लिया। वह शहर के आजाद नगर इलाके का रहने वाला था। उन्होंने बताया, ‘‘यादव के इस अप्रत्याशित कदम के बाद एक अन्य बंदी जितेंद्र वर्मा ने उसके हाथ से मशीन छुड़ाने की कोशिश की। जब वह ऐसा नहीं कर सका, तो उसने बिजली का वह स्विच बंद कर दिया जिससे इस मशीन का तार जुड़ा था। जब तक मशीन बंद होती, तब तक देर हो चुकी थी और गले पर गहरे घाव से ज्यादा खून बह जाने से यादव की मौत हो गई।'' नागर ने बताया कि पुलिस जब मौके पर पहुंची तो यादव का शव जेल के बढ़ई कारखाने में खून से लथपथ पड़ा था। उन्होंने बताया कि यादव को 2019 में राज्य के नरसिंहपुर जिले के एक हत्याकांड में अदालत ने दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। यादव को 2019 में ही नरसिंहपुर की जेल से इंदौर के केंद्रीय कारागार में स्थानांतरित किया गया था। थाना प्रभारी ने बताया कि सजायाफ्ता कैदी की मौत के मामले की सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।
- फतेहपुर । उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री नीलिमा कटियार के काफिले में चल रहा वाहन शनिवार को खागा पश्चिमी बाईपास के पास पलट गया, जिससे वाहन में सवार तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। खागा क्षेत्र के पुलिस उपाधीक्षक (सीओ) गयादत्त मिश्रा ने बताया कि शनिवार की शाम खागा पश्चिमी बाईपास के पास जानवर को बचाने के चक्कर में प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नीलिमा कटियार के काफिले में आगे चल रहा एस्कार्ट वाहन पलट गया। उन्होंने बताया कि इस हादसे में वाहन चालक सिपाही शिवराम दीक्षित, धीरज सिंह और संदीप को काफी चोटें आयी हैं, जिनका इलाज सरकारी अस्पताल में चल रहा है।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने ‘आजादी का अमृत महोत्सव' मनाने के लिए केंद्रशासित प्रदेशों की तैयारियों की शनिवार को समीक्षा की। ‘आजादी का अमृत महोत्सव' भारत की स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे होने के मौके पर आयोजनों के लिए केंद्र सरकार की एक पहल है। बैठक में केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और सलाहकारों तथा प्रशासकों ने भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष की थीम को लेकर कार्यक्रमों की रूपरेखा का ब्योरा साझा किया। इसमें केंद्रशासित प्रदेशों की संस्कृति, परंपराओं और धरोहरों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि बैठक में भाग लेने वाले अधिकारियों ने आयोजन को सफल बनाने के लिए अनेक अभिनव विचार प्रस्तुत किये। भल्ला ने आयोजनों के अनूठेपन पर जोर दिया जिनमें स्वतंत्रता संघर्ष और स्वतंत्रता सेनानियों का उल्लेख हो और सर्वोच्च गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। बयान के अनुसार केंद्रीय गृह सचिव ने केंद्रशासित प्रदेशों से आग्रह किया कि कार्यक्रमों को ठोस स्वरूप प्रदान किया जाए ताकि इन्हें गृह मंत्रालय के आयोजनों के कलेंडर में शामिल किया जा सके।
- नयी दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी लोगों को राष्ट्र निर्माण में हिस्सेदारी बढ़ाते हुए महिला सुरक्षा की दिशा में अपने आप को समर्पित करना चाहिए। राष्ट्रपति ने कहा कि रक्षा बंधन का त्योहार भाई और बहन के बीच प्रेम, समर्पण एवं विश्वास का प्रतीक है। कोविंद ने कहा, यह त्योहार हमारे समाज में सौहार्द और भाईचारे की भावना को मजबूत बनाता है। इस विशेष अवसर पर हमें अपने आप को राष्ट्र निर्माण के कार्य में हिस्सेदारी बढ़ाकर महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में काम करना चाहिए ।राष्ट्रपति भवन ने कोविंद के हवाले से जारी बयान में कहा गया है, इस अवसर पर हमें ऐसे सौहार्दपूर्ण समाज के निर्माण में योगदान करने का संकल्प लेना चाहिए जहां महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को सर्वोच्च महत्व दिया जाता हो और उनकी आकांक्षाओं को निर्बाध रूप से पूरा किया जाता हो। कोविंद ने भारत और देश से बाहर रहने वाले नागरिकों को रक्षा बंधन की शुभकामनाएं दीं।
- जम्मू। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महिला शाखा के एक दल ने शनिवार को यहां सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों को राखी बांधकर रक्षाबंधन का त्योहार मनाया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। बीएसएफ के एक अधिकारी ने कहा कि भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष संजीता डोगरा ने 15 सदस्यों के साथ जम्मू में बीएसएफ मुख्यालय का दौरा किया तथा सैनिकों के माथे पर तिलक लगाया और राखी बांधकर उन्हें शुभकामनाएं दीं। डोगरा ने कहा, '' हमारी भाजपा महिला मोर्चा की टीम द्वारा भाई और बहन के बीच प्यार एवं बंधन के त्योहार को मनाने की पहल नियमित रूप से जारी है। यह पहल अपने परिवारों से दूर तैनात सैनिकों के साथ एकजुटता को दर्शाती है।'' भाजपा की सदस्यों ने मातृभूमि की सेवा और सुरक्षा में बीएसएफ की भूमिका की सराहना की।
- मुंबई। फिल्म निर्माता और मीडिया की जानी मानी शख्सियत प्रदीप गुहा का शनिवार को यहां एक अस्पताल में निधन हो गया। गुहा ने ऋतिक रोशन और करिश्मा कपूर अभिनीत फिल्म ‘फिजा' तथा 2008 में आयी फिल्म ‘फिर कभी' का निर्माण किया था। गुहा को यहां कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गुहा की पत्नी पापिया गुहा और बेटे संकेत गुहा ने मीडिया में एक बयान जारी कर उनके निधन की जानकारी दी। बयान में कहा गया, ‘‘हमें अत्यंत दुख के साथ बताना पड़ रहा है कि श्री प्रदीप गुहा नहीं रहे।'' कोविड-19 महामारी के कारण परिवार ने लोगों से निजी तौर पर शोक प्रकट करने का आग्रह करते हुए कहा कि प्रार्थना बैठक की तारीख की जल्द जानकारी दी जाएगी। बयान में कहा गया, ‘‘कोविड-19 पाबंदी के कारण प्रार्थना बैठक घर पर आयोजित नहीं की जाएगी।'' अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, ‘‘गुहा कैंसर से जूझ रहे थे। शनिवार दोपहर को उनका कैंसर के कारण अस्पताल में निधन हो गया। वह 68-69 साल के थे।'' गुहा करीब तीन दशकों तक टाइम्स समूह से जुड़े रहे और कंपनी में अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। बाद में वह तीन साल तक जी एंटरटेनमेंट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रहे। वह वर्तमान में 9एक्स मीडिया प्राइवेट लिमिटेड में प्रबंध निदेशक के पद पर थे। सिनेमा जगत की हस्तियों मनोज बाजपेयी, सुभाष घई और अदनान सामी ने गुहा के निधन पर सोशल मीडिया पर शोक जताया। बाजपेयी ने ट्वीट किया, ‘‘मेरे दोस्त प्रदीप गुहा के निधन के बारे में जानकर धक्का लगा। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।'' गायक अदनान सामी ने कहा, ‘‘वह एक शानदार शख्स थे। उनके साथ की बहुत बेहतरीन यादें हैं जब वह 20 साल पहले ‘बॉम्बे टाइम्स' के संपादक हुआ करते थे।'' फिल्मकार घई ने कहा कि उन्हें अपने फिल्म संस्थान ‘व्हिसलिंग वुड्स' के लिए गुहा का सहयोग और मागदर्शन मिला था।
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लखनऊ । उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह का शनिवार शाम लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 89 वर्ष के थे। संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) द्वारा शनिवार रात जारी बयान में बताया गया कि सिंह लंबे समय से बीमार थे और उनके अंगों धीरे-धीरे काम करना बंद कर दिया जिससे शनिवार शाम उनका निधन हो गया। गौरतलब है कि वयोवृद्ध नेता सिंह को पिछली चार जुलाई को संक्रमण और हल्की बेहोशी की वजह से एसजीपीजीआई के आईसीयू में भर्ती कराया गया था। इससे पहले उनका इलाज डॉक्टर राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट में चल रहा था।
90 के दशक में भाजपा के राममंदिर आंदोलन को कल्याण सिंह ने ही अलग पहचान दी। क ल्याण सिंह अयोध्या में विवादित ढांचा गिरने की जिम्मेदारी ली और मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। कल्याण सिंह का जन्म 5 जनवरी सन् 1932 को अलीगढ़ में अतरौली तहसील के मढ़ौली ग्राम के एक सामान्य किसान परिवार में हुआ। बचपन में ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ गए। कल्याण सिंह ने विपरीत परिस्थितियों में कड़ी मेहनत कर अपनी उच्च शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद अध्यापक की नौकरी की। साथ-साथ वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ कर राजनीति के गुण भी सीखते रहे। कल्याण सिंह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में रहकर गांव-गांव जाकर लोगों में जागरूकता पैदा करते रहे। कल्याण सिंह 1967 में अपना पहला विधानसभा चुनाव अतरौली से जीतकर उत्तर प्रदेश विधानसभा पहुंचे। कल्याण सिंह 1967 से लगातार 1980 तक उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य रहे। इस बीच देश में आपातकाल के समय 1975-76 में 21 महीने जेल में रहे। इस बीच कल्याण सिंह को अलीगढ़ और बनारस की जेलों में रखा गया। आपातकाल समाप्त होने के बाद 1977 में रामनरेश यादव को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया गया। उनकी सरकार में कल्याण सिंह को स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया। सन् 1980 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में कल्याण सिंह विधानसभा का चुनाव हार गये। भाजपा के गठन के बाद कल्याण सिंह को उत्तर प्रदेश का संगठन महामंत्री बनाया गया।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की अंत्येष्टि 23 अगस्त की शाम उनके पैतृक गांव अतरौली के नरौरा में गंगा घाट पर होगी। इस दिन पूरे उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश भी रहेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कल्याण सिंह के निधन की आधिकारिक जानकारी देते हुए प्रदेश में तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा भी की।
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भिंड। शहर की हनुमान बजरिया में किराए के मकान में रह रहे एक युवक ने अपनी पत्नी के सामने फांसी लगा ली।
पुलिस के अनुसार मृतक की पत्नी ने अपने बयान में कहा कि मेरे पति ने फांसी लगाने से पहले मेरे हाथ-पैर बांध दिए थे। जिससे मैं उन्हें रोक न सकूं। मैं चिल्लाती रही, गिड़गिड़ाती रही, अपनी बेटी की कसम भी दी। लेकिन उन्होंने मेरी एक न सुनी।
पुलिस ने बताया कि मृतक मर्चेंट नेवी में पदस्थ था। दो साल पहले ही उसने प्रेम विवाह किया था। प्रेम विवाह करने की वजह से मृतक ने अपनी पत्नी को परिवार से अलग किराए का एक मकान दिलाया था। 22 वर्षीय अमन पुत्र राम सिंह भदौरिया निवासी बीटीआइ रोड ने शुक्रवार की दोपहर में फांसी लगा ली। मृतक दो दिन पहले ही मलेशिया से अपने घर लौटा था।
प्रेम विवाह करने की वजह से अमन ने अपनी पत्नी को शहर के हनुमान बजरिया में एक किराए का मकान दिलाया था। अमन ने जब यह कदम उठाया तब वह अपनी पत्नी के साथ किराए के मकान में था। मृतक की पत्नी शिवानी ने बताया कि उसने अमन से 20 अक्टूबर 2019 को ग्वालियर में आर्य समाज के द्वारा शादी की थी। शादी के बाद जब मुझे ससुराल वालों ने अपनाने से मना कर दिया तो मैं अपने पति के साथ कुछ दिन तक ग्वालियर में रही। इसके बाद मेरे पति ने मुझे भिंड में एक किराए का मकान दिया था। वह मर्चेंट नेवी में जाब करते थे। जब भी उन्हें छुट्टी मिलती थी तो वह मेरे पास आया करते थे। मैं उनके साथ ही ससुराल जाती थी। वह कहते थे कि जब मेरी बहनों की शादी हो जाएगी। तब मैं तुम्हें अपने घर ले चलूंगा। 18 अगस्त की रात मलेशिया से लौटकर वह मेरे पास आए थे। शुक्रवार को उन्हें ड्यूटी ज्वाइन करने के लिए निकलना था। वह तैयार होकर घर से निकले। इसके बाद दोबारा से लौटकर घर आ गए। इसके बाद उन्होंने मेरे हाथ-पैर बांध दिए और फांसी लगा ली। जैसे-तैसे मैंने अपने हाथों को खोला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। पुलिस ने मर्ग कायम कर इस मामले की जांच शुरू कर दी है। -
सोलन। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले स्थित नालागढ़ के एक युवक ने नहर में कूदकर खुदकुशी कर ली। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि मृतक की आरोपी पत्नी, उसके आरोपी प्रेमी और मृतक के आरोपी साले के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में केस दर्ज किया है।
एएसआई राज कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि मृतक युवक के पिता भजन सिंह ने पुलिस के पास दिए गए अपने बयान में बताया कि उसका बेटा गुरुद्वारा बाबा गुरदित्ता जी कीरतपुर साहिब में पाठ करता था। जिसकी शादी गांव मैसा टिब्बा थाना नालागढ़ हिमाचल प्रदेश की लड़की के साथ हुई थी। मृतक के पिता की मानें तो विवाह के बाद उसका लड़का और उसकी घरवाली आपस में झगड़ते रहते थे। उसे बाद में पता चला कि उसकी बहु के कई अन्य व्यक्तियों के साथ अवैध संबंध हैं। इन अवैध संबंधों के कारण ही उसके लड़के और उसकी बहु का आपस में झगड़ा होता रहता था।
एएसआई राज कुमार ने बताया कि बीते दिनों उसका लड़का अपनी आरोपी पत्नी को लेकर अपने ससुराल गया, तो उसके साले आरोपी गुरप्रीत सिंह ने उससे मारपीट की। इस घटना के बाद दुखी होकर मृतक जसबीर सिंह बीती 14 अगस्त को घर से सुबह कहीं चल गया। फिर उसने मृतक जसबीर सिंह का फोन मिलाया, जिसे किसी राहगीर ने उठाकर बताया कि जिस व्यक्ति का मोबाइल फोन है, उसने भाखड़ा नहर में छलांग लगा दी है। बताया गया कि उसकी स्कूटी व मोबाइल नहर के किनारे पड़े थे। गुरुवार को जसबीर सिंह का शव भाखड़ा नहर गांव पसियाना जिला पटियाला से मिला है।
एएसआई राज कुमार ने बताया कि मृतक के पिता के बयान के आधार पर मृतक की आरोपी पत्नी, साले आरोपी गुरप्रीत और आरोपी गगनदीप के खिलाफ मामला दर्ज किया है।-file photo
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मेरठ। प्रविंद्र हत्याकांड का खुलासा थाना जानी पुलिस व सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने कर दिया है। हत्या के आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। एसएसपी व एसपी देहात ने बताया कि मृतक प्रविंद्र जादू-टोने का काम कर महिलाओं से संबंध बनाता था। यही नहीं इसका वीडियो पत्नी से बनवाता था। ऐसे में नाराज आरोपी पत्नी ने अपनी आरोपी मां और अन्य आरोपियों के साथ मिलकर प्रविंद्र की हत्या कर दी।
एसएसपी व एसपी देहात ने बताया कि थाना जानी क्षेत्र में 4 अगस्त को संदीप, निवासी टीकरी द्वारा अपने भाई प्रविन्द्र की अज्ञात व्यक्ति द्वारा धारदार हथियार व गोली मारकर हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रविंद्र हत्याकाण्ड के खुलासे के संबंध में एसएसपी व एसपी देहात ने थाना जानी व सर्विलान्स टीम गठित कर हत्यारोपियों की तलाश प्रारंभ की।
पुलिस ने बताया कि जब पुलिस ने मृतक की आरोपी पत्नी और उसकी आरोपी मां से पूछताछ की तो मामले का खुलासा हुआ। पुलिस के अनुसार मृतक की पत्नी आरोपी नीतू से पूछा गया तो प्रारम्भ में आनाकानी की लेकिन तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सख्ती से पूछताछ की गयी तो मृतक की आरोपी पत्नी द्वारा बताया गया कि मृतक प्रविन्द्र जादूटोना का काम करता था। जिसका आस पास के गांवों में भी आना जाना था। जिसके कई महिलाओं का उसके पास आना जाना था। जिनके मृतक प्रविन्द्र से अवैध संबंध हो गये थे तथा मृतक अपनी आरोपी पत्नी के सामने ही उनके साथ संबंध बनाता था और आरोपी पत्नी नीतू से विडियो बनवाता था। पत्नी नीतू द्वारा विरोध किये जाने पर मृतक अपनी पत्नी नीतू के साथ अमानवीय व्यवहार करता था।
पुलिस ने बताया कि मृतक द्वारा और अधिक उत्पीडऩ से तंग आकर मृतक की आरोपी पत्नी नीतू द्वारा अपनी यथास्थिति से अपनी माता आरोपी बबली को बताई। इस पर आरोपी बबली द्वारा प्रविन्द्र को मारने की बात रिश्ते के भांजे आरोपी शुभम से सौदा किया। आरोपी शुभम ने अपने दो आरोपी दोस्तों के साथ मिलकर प्रविंद्र की हत्या कर दी। एसएसपी व एसपी देहात ने बताया कि पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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सोनभद्र। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र के चोपन थाना क्षेत्र के सिंदुरिया गांव में छह दिन पहले गोली मारकर सुरेंद्र पांडेय के हत्या का खुलासा हो गया है।्र
पुलिस अधीक्षक अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि वर्षों से चले आ रहे पति-पत्नी के आपसी विवाद था। पति ने अपने पत्नी की हत्या करवाने के लिए दो लाख रुपये में जिन शूटरों को सुपारी दी थी, उन्हीं शूटरों ने सुपारी देने वाले पति की हत्या कर दी और घर से महज 100 मीटर दूर शव को फेंक कर फरार हो गए। एसपी सिंह ने बताया कि क्राइम ब्रांच व चोपन पुलिस ने हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली है और तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनकी निशानदेही पर दो लाख रुपये का चेक और हथियार भी बरामद किया है।
एसपी ने बताया कि थाना चोपन पर सूचना मिली कि सिंदुरिया निवासी सुरेंद्र पांडेय का शव पड़ा हुआ है। इस सनसनीखेज घटना की सूचना पर प्रभारी निरीक्षक चोपन सहित पुलिस के अन्य उच्चाधिकारीगण मौके पर पहुंचे। प्रभारी निरीक्षक द्वारा अग्रिम विधिक कार्रवाई की गयी। इस संबंध में मृतक के बहन की सूचना पर स्थानीय थाने पर मुकदमा दर्ज करवाया। हत्या का खुलासा करने के लिए टीमों का गठन कर कार्यवाही शुरू कर दी गई।
मुखबिर की सूचना पर स्वाट/एसओजी/सर्विलांस टीम व थाना चोपन पुलिस मुखबिर की सूचना पर हिन्दुआरी तिराहे के पास से घटना में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। अभियुक्तों की निशानदेही पर मृतक का मोबाइल फोन, मृतक द्वारा हस्ताक्षरित भारतीय स्टेट बैंक का चेक और मृतक की हीरो सुपर स्प्लेंडर मोटर साइकिल तथा कट्टा (12 बोर) बरामद किया गया।
पुलिस अधीक्षक अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि पूछताछ में आरोपी शूटरों ने बताया कि मृतक सुरेन्द्र अपनी पत्नी की हत्या कराना चाहता था, जिसके लिये उसने दो महीने पहले आरोपियों संपर्क किया। हत्या के लिये 2 लाख रुपये की सुपारी तय हुई थी। शूटरों द्वारा घटना को अंजाम देने से पहले रुपये की मांग की गयी थी। मृतक सुरेन्द्र ने एसबीआई खाते का बैलेंस और उसके द्वारा साइन किये चेक दिखाये। इसे लेकर उनके मन में शंका उत्पन्न हुई कि कहीं मृतक हत्या हो जाने के बाद उन्हें पैसा देगा या नहीं, इसलिये पत्नी की हत्या करने से अच्छा है कि सुरेन्द्र की हत्या कर वह चेक ले लिया जाये।
घटना के दिन मृतक स्वयं शूटरों आरोपी योगेश व आरोपी पंकज को लेकर चोपन आया। अपने घर ले जाकर हत्या के लिये तमंचा व कारतूस दिया। जब यह तीनों चोपन आ रहे थे तो रास्ते में सुरेन्द्र किसी से मोबाइल पर बात करने लगा तभी आरोपी शूटरों द्वारा सुरेंद्र की ही हत्या कर दी।
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गुना। गुना जिले के रुठियाई कस्बे में एक कार तेज बहाव में बह गई। ड्राइवर पुल से कार को दूसरी तरफ ले जाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन कार बीच में ही फंस गई। ड्राइवर कार को बीच में ही छोड़कर किनारे आ गया। कार नदी में बह गई। गोपीसगर डैम के गेट खुलने के कारण चौपेट नदी में पानी आ गया, इस कारण पुल के ऊपर से पानी बह रहा है।
धरनावदा थाना प्रभारी गजेंद्र बुंदेला ने बताया कि शनिवार दोपहर 12 बजे के आसपास की यह घटना है। शुक्रवार रात हुई तेज बारिश के बाद गोपीकृष्ण सागर डैम के गेट खोले गए हैं। इससे चौपेट नदी में काफी पानी आ गया है। रुठियाई को विजयपुर से जोडऩे वाली सड़क पर बने पुल के ऊपर से तेज रफ्तार से पानी बहने लगा। एक एक्सेंट कार ड्राइवर दूसरी तरफ जाने की कोशिश कर रहा था। वह अकेला ही कार में था। इसी दौरान कार तेज बहाव में पुल के बीच मे ही फंस गई। ड्राइवर घबराकर कार को बीच में ही छोड़कर खुद निकलकर दूसरी तरफ आ गया। थोड़ी ही देर में कार पानी मे बहकर पुल के नीचे गिर गयी। मौके पर काफी लोगों की भीड़ जमा हो गयी। कुछ लोगों ने पहले रस्सी से कार को निकालने की कोशिश की, लेकिन कार नहीं निकल पाई। इसके बाद मौके पर पुलिस की टीम भी पहुंच गई।




















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