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- आगरा। आगरा में वाइल्ड लाइफ एसओएस और उत्तर प्रदेश वन विभाग द्वारा चलाये गये संयुक्त अभियान में शहर के पांच अलग-अलग मंदिरों के बाहर सपेरों के कब्जे से 24 सांपों को मुक्त कराया गया। सभी सांपों को वर्तमान में वाइल्ड लाइफ एसओएस के उपचार एवं देखभाल में रखा गया है। यह जानकारी वाइल्ड लाइफ एसओएस के श्रेयस पचौरी ने दी। उन्होंने बताया कि सोमवार को वाइल्डलाइफ एसओएस और यूपी वन विभाग ने आगरा में कैलाश महादेव मंदिर, बल्केश्वर महादेव मंदिर, मनकामेश्वर मंदिर, राजेश्वर और रावली मंदिरों के बाहर सपेरों से 24 सांपों को मुक्त कराया, जिनमें 16 कोबरा, चार रैट स्नेक और चार कॉमन बोआ प्रजाति के सांप हैं। सभी सांप भूखे और निर्जलित स्थिति में पाए गये, जिसमें एक गैर-विषैले प्रजााति के सांप-रैट स्नेक भी पाया गया, जिसका मुंह सिल दिया गया था।
- नयी दिल्ली। केरल के आठ जिलों का दौरा कर चुकी छह सदस्यीय एक केंद्रीय टीम ने कहा है कि एक अगस्त से 20 अगस्त तक राज्य में कोविड-19 के करीब 4.6 लाख मामले सामने आ सकते हैं। केंद्रीय टीम का नेतृत्व करने वाले राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) के निदेशक डॉ सुजीत सिंह ने मंगलवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ओणम का त्योहार (20 अगस्त) नजदीक आने के साथ अनलॉक (पाबंदियां हटाने की) गतिविधियों और पर्यटन स्थलों को खोलने से चुनौतिपूर्ण परिदृश्य उत्पन्न हो गया है और यह चिंता का विषय है। केंद्र ने मंगलवार को कहा कि देश में पिछले सात दिनों में सामने आए कोविड-19 के आधे से अधिक मामले केरल से हैं। सिंह ने कहा कि इस दक्षिणी राज्य में टीके की दोनों खुराक के बाद भी अधिक संख्या में पुनर्संक्रमण के मामले हैं और इस विषय की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि उदाहरण के तौर पर, पथनमथिट्टा जिले में प्रथम खुराक लेने के बाद 14,974 लोग वायरस से संक्रमित हुए थे जबकि दोनों खुराक लेने के बाद 5,042 लोग संक्रमित हुए (जिले द्वारा साझा की गई सूचना के मुताबिक)। टीम द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट के मुताबिक सभी आठ जिलों में कोविड-19 पॉजिटिविटी (संक्रमण पुष्टि) दर 10 प्रतिशत से अधिक पाई गई और कुछ स्थानों पर यह बढ़ती हुई पाई गई। 80 प्रतिशत से अधिक मामले डेल्टा स्वरूप के हैं। सिंह ने कहा, ‘‘केरल में मौजूदा आरटी वैल्यू 1.12 है। मौजूदा रूझान जारी रहने पर एक अगस्त से 20 अगस्त की अवधि में करीब 4.62 लाख मामले सामने आने की उम्मीद है।'' उल्लेखनीय है कि किसी भी रोग के फैलने की दर को ‘रिप्रोडक्शन नंबर' या ‘आरटी वैल्यू' कहा जाता है। टीम ने हाल में कासरगोड, कन्नूर, कोझीकोड, मलप्पुरम, अलप्पुझा, कोल्लम, पथनमथिट्टा और तिरूवनंतपुरम जिलों का दौरा किया था। सिंह ने कहा कि यात्रा के दौरान उन्होंने पाया कि निरूद्ध क्षेत्र केंद्र के दिशानिर्देशों के अनुरूप नहीं बनाए गये थे। नमूनों की जांच में संक्रमण की पुष्टि होने की दर 10 से 14 प्रतिशत पाई गई और कुछ इलाकों में यह 15 से 20 प्रतिशत पाई गई। मलप्पुरम और पथनमथिट्टा में इसमें वृद्धि होने का रूझान देखा गया। सिंह ने कहा कि राज्य की 55 प्रतिशत आबादी को अब भी संक्रमण होने का खतरा है।
- नयी दिल्ली। देश में अब तक लोगों को कोविड-19 रोधी टीके की करीब 52 करोड़ खुराक दी जा चुकी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी। मंत्रालय ने बताया कि शाम सात बजे तक की अंतरिम रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार को टीके की 37 लाख से अधिक (37,76,765) खुराक दी गई। इनमें से 18 से 44 आयुवर्ग के 20,47,733 लोगों को दी गयी पहली खुराक और 4,05,719 लोगों को दी गई दूसरी खुराक शामिल है। मंत्रालय ने बताया कि टीकाकरण अभियान के तीसरे चरण में 18 से 44 वर्ष उम्र के लोगों को टीका लगाया जा रहा है । अब तक देश में इस आयुवर्ग के 18,20,95,467 लोगों को पहली खुराक और 1,29,39,239 लोगों को दूसरी खुराक दी जा चुकी है। मंत्रालय ने बताया कि पांच राज्यों- मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश- में 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों को टीके की एक करोड़ से अधिक खुराक दी गई है। मंत्रालय के मुताबिक आंध्र प्रदेश, असम, छत्तीसगढ़, दिल्ली, हरियाणा, झारखंड, केरल, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, पंजाब, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल में 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के करीब 10 लाख लोगों को टीके की कम से कम पहली खुराक लगायी गयी है। आंकड़ों के मुताबिक टीकाकरण अभियान के 207वें दिन (10 अगस्त) कुल 37,76,765 खुराक लगाई गई।
- चंडीगढ़। हरियाणा के सोनीपत जिले में चार व्यक्तियों ने कथित रूप से दो बहनों के साथ बलात्कार किया एवं जबरन उन्हें जहर खिलाकर उनकी हत्या कर दी। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। कुंडली थाने के प्रभारी रवि कुमार ने बताया कि कानून की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है और चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपी प्रवासी मजदूर हैं जो इन लड़कियों के घर के समीप ही किराये के मकान में रहते हैं। वे 22 से 25 साल की उम्र के हैं।थाना प्रभारी के मुताबिक दोनों लड़कियां 14 एवं 16 साल की थीं और वे अपनी मां के साथ रहती थीं। उनकी मां मजदूरी करती थी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पांच और छह अगस्त की दरम्यानी रात को आरोपी जबरन इन लड़कियों के घर में घुस गये और उन्होंने उनकी मां को धमकी दी। कुमार के अनुसार चारों आरोपियों ने दोनों बहनों के साथ कथित रूप से बलात्कार किया एवं बाद में उन्हें जबरन कीटनाशक पिलाया। थाना प्रभारी के मुताबिक जब लड़कियों की हालत बिगडऩे लगी तब आरोपियों ने उनकी मां को पुलिस को यह बताने को कहा कि उनकी बेटियों को सांप ने काट लिया है । कुमार ने बताया कि दोनों लड़कियों को दिल्ली के एक अस्पताल में ले जाया गया जहां एक बहन को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया एवं दूसरी बहन ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। थाना प्रभारी ने कहा, '' अपनी जान के डर से शुरू में दोनों लड़कियों की मां ने अस्पताल के अधिकारियों से भी कहा कि दोनों बहनों को सांप ने डस लिया है। '' उन्होंने कहा, '' लेकिन हमे संदेह था और, हमने महिला से कड़ाई से पूछताछ की तो उसने सच्ची कहानी बता दी। '' उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन हमले एवं जहरखुरानी की पुष्टि हुई है। उनके अनुसार तब पुलिस तुरंत हरकत में आयी और मंगलवार को चारों आरोपी पकड़ लिये गये।
- नई दिल्ली। वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि उसने 17 राज्यों को राजस्व घाटा अनुदान की 9,871 करोड़ रुपये की पांचवीं मासिक किस्त जारी कर दी। राज्यों को संविधान के अनुच्छेद 275 के तहत उनकी केन्द्रीय करों में हिस्सेदारी के अंतरण के बाद होने वाले राजस्व घाटे (पीडीआरडी) की भरपाई के लिये अनुदान दिया जाता है।पंद्रहवें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार राज्यों को मासिक किस्त के तौर पर अनुदान दिया जाता है, ताकि राज्यों को केन्द्रीय करों में उनकी हिस्सेदारी का अंतरण होने के बाद भी राजस्व खाते में अंतर को पाटा जा सके। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि व्यय विभाग ने आय से अधिक खर्च होने पर होने वाले राजस्व घाटे (पीडीआरडी) की भरपाई करने के लिये नौ अगस्त, 2021 को राज्यों को 9,871 करोड़ रुपये की पांचवीं किस्त जारी कर दी। मंत्रालय के अनुसार इस किस्त के जारी होने के साथ चालू वित्त वर्ष में पीडीआरडी के तौर पर पात्र राज्यों को कुल 49,355 करोड़ रुपये जारी किये जा चुके है। पंद्रहवें वित्त आयोग ने पीडीआरडी अनुदान के लिये जिन राज्यों की सिफारिश की थी। इसमें आंध्रप्रदेश, असम, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, केरल, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु, त्रिपुरा, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। 15वें वित्तीय आयोग ने कर हिस्सेदारी वितरण के बाद होने वाले राजस्व घाटे की भरपाई के लिये 17 राज्यों को 2021- 22 में कुल 1 लाख 18 हजार 452 करोड़ रुपये का अनुदान देने की सिफारिश की है। इसमें से अब तक 49 हजार 355 करोड़ रुपये (41.67 प्रतिशत) जारी किये जा चुके हैं।
- नयी दिल्ली। केंद्र सरकार ने मंगलवार को कहा कि केरल के 11 और तमिलनाडु के सात जिलों सहित नौ राज्यों के 37 जिलों में पिछले दो सप्ताह में कोविड-19 के औसत दैनिक मामलों में वृद्धि का रुझान दिखा है, जबकि दूसरी ओर राष्ट्रीय स्तर पर इसमें गिरावट दर्ज की जा रही है। केंद्र सरकार के मुताबिक पांच राज्यों- हिमाचल प्रदेश, पंजाब, गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश- में कोविड-19 के प्रसार को बताने वाली प्रजनन संख्या (आर-नंबर) एक से ज्यादा है। उसने कहा कि कुछ राज्यों में प्रजनन संख्या का बढ़ना चिंता का विषय है। आर नंबर कोविड-19 के प्रसार की गति को इंगित करता है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि आंध्र प्रदेश, गोवा और नगालैंड की प्रजनन संख्या 1 है। राष्ट्रीय स्तर पर यह संख्या एक के करीब है। अग्रवाल ने कहा कि प्रजनन संख्या या आरटी यह दर्शाता है कि एक संक्रमित व्यक्ति औसतन कितने लोगों को संक्रमित करता है। दूसरे शब्दों में, यह बता सकता है कि वायरस कितनी तेजी से फैल रहा है। उन्होंने कहा, ''नौ राज्यों के 37 जिलों - केरल (11 जिले), तमिलनाडु (7), हिमाचल प्रदेश (6), कर्नाटक (5), आंध्र प्रदेश (2), महाराष्ट्र (2), पश्चिम बंगाल (2) , मेघालय (1) और मिजोरम (1) में पिछले दो हफ्तों के दौरान दैनिक कोविड-19 के मामलों में बढ़ता रूझान दिख रहा है।'' नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वी के पॉल ने कहा कि कुछ राज्यों में प्रजनन संख्या की बढ़ते रूझान चिंता का कारण है, हालांकि देश में कोविड-19 के मामलों में स्थिरता है। उन्होंने कहा कि महामारी नियंत्रण उपायों को लागू करने के महत्वपूर्ण कारण हैं। उन्होंने कहा, ''अगर हम समग्र तस्वीर को देखें, तो हमारे यहां एक प्रजनन संख्या एक है और कुछ राज्यों में यह 1 से अधिक है। बढ़ता रूझान चिंता का कारण है। इसलिए सावधानी बरतने की जरूरत है। हिमाचल में आर संख्या है 1.3 और पंजाब के लिए यह 1.3 दर्ज की गई है और यह रूझान बढ़ रहा है।'' पॉल ने कहा, ''हालांकि मामलों की कुल संख्या में एक स्थिरता है, फिर भी हमारे पास चिंतित होने के महत्वपूर्ण कारण हैं। हमें सतर्क रहते हुए महामारी को नियंत्रित करने के लिये सभी संभव कदम उठाने चाहिये।'' अग्रवाल ने कहा कि केरल (10), मणिपुर (10), मिजोरम (6) और अरुणाचल प्रदेश (5) सहित 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 44 जिलों में नौ अगस्त को समाप्त सप्ताह में 10 प्रतिशत से अधिक संक्रमण दर की जानकारी मिली। हालांकि, जिन जिलों में 100 से अधिक मामले हैं, वहां दैनिक मामलों की संख्या में कमी आई है। इन जिलों में एक जून को समाप्त सप्ताह में दैनिक मामलों की संख्या 279 थी, जो आठ अगस्त को समाप्त हुए सप्ताह में गिरकर 48 रह गई। केवल एक राज्य में 1 लाख से अधिक सक्रिय मामले हैं। आठ राज्यों में उपचाराधीन रोगियों की संख्या 10,000 से 1 लाख के बीच और 27 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में वर्तमान में ऐसे रोगियों की संख्या 10 हजार से कम है। केंद्र सरकार ने मंगलवार को कहा कि देश में बीते सात दिनों में सामने आए कोविड-19 के कुल मामलों में से आधे से ज्यादा केरल में मिले हैं।
- ठाणे। महाराष्ट्र के ठाणे में पुलिस ने 31 वर्षीय एक महिला को कथित तौर पर देह व्यापार रैकेट चलाने के आरोप में गिरफ्तार कर तीन लड़कियों को मुक्त कराया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। सोमवार को जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में बताया गया कि एक गुप्त सूचना के आधार पर भायंदर रेलवे स्टेशन के निकट बंदरवाड़ी में पुलिस ने शनिवार को एक परिसर में छापेमारी की और तीन पीड़ितों को मुक्त कराया। पुलिस ने यहां जाल बिछाकर एक नकली ग्राहक को भेजा और कथित तौर पर देह व्यापार रैकेट चलाने वाली महिला को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
- चेन्नई। तमिलनाडु के हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती (एचआर एंड सीई) विभाग ने राज्य में मंदिरों की भूमि और अन्य संपत्तियों का सीमांकन करने के लिए राज्य सरकार द्वारा अनुमोदित लाइसेंस प्राप्त सर्वेक्षणकर्ताओं की सेवाएं लेने का प्रस्ताव दिया है। विभाग के आयुक्त जे कुमारगुरुबरन के अनुसार, यह कदम अतिक्रमणकारियों से मंदिर की भूमि/संपत्तियों को पुनः प्राप्त करने के विभाग के प्रयासों को भी तेज करेगा। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, सर्वेक्षकों का उपयोग मंदिर संपत्तियों की जीआईएस मैपिंग को लागू करने के लिए भी किया जाएगा। विभाग के अधिकारियों को जारी एक नवीनतम परिपत्र में, आयुक्त ने क्षेत्रीय संयुक्त आयुक्तों को 25 अगस्त को या उससे पहले प्रधान कार्यालय में विस्तृत प्रस्ताव प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। सर्वेक्षकों के शुल्क का भुगतान मंदिरों के समूह द्वारा किया जाएगा। कुमारगुरुबरन ने बताया, "प्रस्ताव प्राप्त करने के बाद, लाइसेंस प्राप्त सर्वेक्षकों को प्रायोजित करने के लिए सर्वेक्षण और निपटान निदेशक को संदेश भेजा जाएगा।" उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मंदिर के अधिकारियों के पास समय-समय पर संपत्तियों का निरीक्षण करने और उसकी रिपोर्ट जमा करने के लिए सर्वेक्षणकर्ताओं की एक टीम हो।
- मॉस्को। प्रख्यात मानवाधिकार कार्यकर्ता व सोवियत के जमाने से क्रेमलिन के विरुद्ध मुखरता से आवाज उठाने वाले सर्गेई कोवालेव का सोमवार को 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके पुत्र इवान ने फेसबुक पर इसकी जानकारी दी। पेशे से जीवभौतिकीवेत्ता (बायो फिजिस्ट) कोवालेव सोवियत गणराज्य में पहली स्वतंत्र मानवाधिकार एसोसिएशन का हिस्सा थे। वह रूस के संविधान के एक अध्याय के सह-लेखक भी थे। साथ ही उन्होंने रूस में पहले मानवाधिकार लोकपाल (ओम्बुड्समैन) के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं। 'ह्यूमन राइट्स वॉच' ने एक बयान में कहा कि कोवालेव ''मौलिक अधिकारों के ऐसे निर्भीक रक्षक के तौर पर प्रसिद्ध थे जिन्होंने सदैव अपने मन की सुनी और अपने सिद्धांतों के साथ कभी समझौता नहीं किया।'' कोवालेव का जन्म 1930 में तत्कालीन सोवियत यूक्रेन में हुआ। दो साल बाद उनका परिवार मॉस्को के निकट एक गांव में रहने लगा। उन्होंने 1954 में मॉस्को स्टेट यूनिवर्सिटी के बायोलॉजी संकाय से स्नातक किया और फिर विश्वविद्यालय में काम करने लगे। साल 1969 में कोवालेव यूएसएसआर में मानवाधिकार रक्षा समूह नामक पहल का हिस्सा बने, जिसे देश में पहले स्वतंत्र मानवाधिकार समूह के रूप में जाना जाता है। इसके बाद उनपर विश्वविद्यालय से इस्तीफा देने का दबाव बनाया गया। साल 1971 और 1974 के बीच वह सोवियत में मानवाधिकार उल्लंघन की घटनाओं के बारे में लिखने वाले भूमिगत बुलेटिन करंट इवेंट्स क्रॉनिकल के प्रकाशन में शामिल रहे। सोवियत रोधी दुष्प्रचार के आरोप में 1974 में कोवालेव को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद उन्हें सात साल कैद की सजा सुनाई गई। बाद में वे तीन साल तक निर्वासित रहे। 1980 में वे फिर लौटे और मानवाधिकारों के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद करने लगे।
- श्रीनगर। भारतीय थल सेना ने 75 वें स्वतंत्रता दिवस समारोहों के तहत जम्मू कश्मीर के मशहूर स्की रिजॉर्ट गुलमर्ग में मंगलवार को 100 फुट ऊंचा तिरंगा राष्ट्र को समर्पित किया। श्रीनगर में रक्षा प्रवक्ता कर्नल एमरॉन मुसावी ने कहा, ‘‘स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरा होने पर मनाये जा रहे समारोहों के तहत एक सादे समारोह में आज (मंगलवार को) गुलमर्ग में राष्ट्र को 100 फुट ऊंचा राष्ट्रध्वज समर्पित किया गया। समारोह की अध्यक्षता सेना कमांडर, उत्तरी कमान, लेफ्टिनेंट जनरल वाई. के. जोशी ने की।'' उन्होंने कहा कि बारामुला जिले के गुलमर्ग में यह ध्वज सैलानियों के आकर्षण का एक और केंद्र बनेगा।समारोह के दौरान सेना कमांडर ने कहा कि यह ध्वज उन अनगिनत कश्मीरियों को श्रद्धांजलि है जिन्होंने राष्ट्र की एकता एवं अखंडता की रक्षा करते हुए बलिदान दिया है। प्रवक्ता ने कहा कि गुलमर्ग नियंत्रण रेखा पर स्थित उन स्थानों में एक था, जहां पाकिस्तानी सैनिकों ने 1965 में घुसपैठ की थी और एक युवा गड़रिया, मोहम्मद दीन, की सूझबूझ और उसके द्वारा तुरंत सुरक्षा बलों को इस बारे में सतर्क किये जाने पर भारतीय थल सेना को पाकिस्तान के नापाक मंसूबों को परास्त करने में काफी मदद मिली थी। कर्नल मुसावी ने कहा कि जोशी ने राष्ट्र की सेवा में बलिदान देने वाले सैनिकों के परिजनों को भी सम्मानित किया।
- नयी दिल्ली। विमानन नियामक एजेंसी डीजीसीए ने अंतरराष्ट्रीय यात्रा की योजना बना रहे यात्रियों को मंगलवार को सलाह दी कि उन्हें संबंधित एयरलाइन की वेबसाइट पर टिकट की कीमत जांच लेनी चाहिए क्योंकि ‘मेटासर्च इंजन' कभी-कभी सही भाड़ा नहीं बताते। भारत में गूगल और ‘स्काईस्कैनर' जैसी कई मेटासर्च इंजन वेबसाइट काम करती हैं। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने ट्विटर पर कहा कि जब यात्री प्रस्थान से गंतव्य तक की यात्रा के टिकट का दाम जानने का प्रयास कर रहे होते हैं तब मेटासर्च इंजन कभी-कभी कई एयरलाइन की सेवाओं को जोड़ कर भाड़ा बताते हैं जिससे हवाई किराया अधिक प्रतीत होता है। पिछले शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय के अंतर राज्यीय परिषद सचिवालय में सचिव संजीव गुप्ता ने ट्विटर पर शिकायत की थी कि 26 अगस्त के लिए दिल्ली से लंदन की उड़ान का ब्रिटिश एयरवेज में इकॉनमी क्लास का भाड़ा 3.95 लाख रुपये था। नागर विमानन मंत्रालय ने रविवार को स्पष्टीकरण दिया था कि अगस्त के दौरान दिल्ली से लंदन की उड़ान का इकॉनमी क्लास का भाड़ा 1.03 लाख से 1.47 लाख रुपये के बीच था। गत वर्ष 25 मई से सभी घरेलू उड़ानों के किराए की सीमा तय कर दी गई है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की यात्रा में भाड़े की ऐसी कोई सीमा नहीं है। ‘ईज माय ट्रिप डॉट कॉम' के सह संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी निशांत पिट्टी ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि ऐसे बहुत सारे तीसरे पक्ष के मंच और यात्रा वेबसाइट हैं जो अधिक मांग और विश्वविद्यालयों में प्रवेश के सीजन का लाभ लेकर अंतरराष्ट्रीय हवाई भाड़े को बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा, “ग्राहकों को हमारे जैसे विश्वसनीय यात्रा वेबसाइट पर टिकट का दाम देखना चाहिए क्योंकि हम एयरलाइन के साथ सीधे सहयोग से यात्रियों को सबसे अच्छी कीमत बताते हैं।” उन्होंने कहा कि यात्रियों को तीसरे पक्ष के मंचों से सावधान रहना चाहिए जिनका एयरलाइन से संपर्क नहीं होता। उन्होंने कहा, “यह मंच मांग के आधार पर कीमतें घटाते बढ़ाते रहते हैं और यह ग्राहकों के हित का ध्यान नहीं रखते।
- बेंगलुरु। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने सरकारी कार्यक्रमों में फूलमाला, शॉल, गुलदस्ता और स्मृति चिन्ह देने की रस्म को ''फिजूलखर्च'' बताते हुए मंगलवार को इस पर पाबंदी लगा दी। सरकार ने एक परिपत्र में कहा है कि इनके बजाय कन्नड़ पुस्तकें प्रदान की जा सकती हैं। मुख्य सचिव पी रवि कुमार ने मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस संबंध में परिपत्र जारी किया है। इससे पहले, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करने वाले मुख्यमंत्री ने गुलदस्ता स्वीकार करने से इनकार कर दिया और कहा कि प्रोटोकॉल के नाम पर फूलमाला, शॉल, गुलदस्ता और स्मृति चिन्ह देने की परंपरा निभाने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने इसे फिजूलखर्ची करार दिया। इसके बाद मुख्य सचिव ने परिपत्र जारी कर राज्य सरकार या सरकार द्वारा संचालित संस्थानों की बैठकों या कार्यक्रमों में इस परंपरा पर रोक लगाने का निर्देश दिया। परिपत्र में सभी सरकारी विभागों और उपक्रमों के प्रमुखों को निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। हाल में, शपथ ग्रहण करने वाले ऊर्जा एवं कन्नड़ और संस्कृति मंत्री वी सुनील कुमार ने उन्हें बधाई देने के लिए आने वालों से अपील की थी कि वे माला और उपहार न दें और इसके बजाय कन्नड़ किताबें दी जा सकती हैं, जिन्हें वह अपने करकला निर्वाचन क्षेत्र में एक पुस्तकालय को दान कर देंगे।
- सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में एक युवक ने कथित तौर पर मोबाइल फोन को लेकर हुए विवाद में अपने भाई की हत्या कर दी। पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अतुल शर्मा ने बताया कि जिले के थाना गंगोह के अन्तर्गत फतेहपुर ढोला गांव का निवासी फरमान (30) ईद से तीन दिन पहले अपने लिये मोबाइल खरीदकर लाया था और तभी से उसका छोटा भाई आरोपी रहमान भी अपने लिये फोन मांग रहा था। उन्होंने बताया कि इस बात को लेकर उनमें कहासुनी हो गई और गुस्से में आकर आरोपी रहमान ने झगड़े के समय पास पड़ा फावड़ा अपने भाई के सिर पर मार दिया, जिससे फरमान की मौके पर ही मौत हो गई। फरमान की मौत के बाद आरोपी रहमान ने उसके शव के टुकड़े-टुकड़े कर उन्हें घर के एक कमरे में गड्ढा खोदकर उसमें डाल दिए थे। शर्मा ने बताया कि सोमवार रात आसपास रहने वाले लोगों ने आरोपी रहमान के घर से दुर्गन्ध आने की शिकायत पुलिस में की। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और उसने कमरे में खुदाई कराई तो वहां से अवशेष बरामद हुए। शर्मा ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी रहमान ने अपने भाई की हत्या की बात स्वीकार कर ली है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
- नयी दिल्ली। स्कूल जाने वाली सिया गुप्ता की उम्र मात्र तेरह साल है और उसने सदियों पुरानी महाभारत की गाथा को एक हजार छंदों में पिरोते हुए पद्य में बदल दिया है। “द महाभारत इन राइम” सिया की पहली किताब नहीं है, उसने आठ साल की उम्र में अपनी पहली पुस्तक “द मैजिकल वर्ल्ड ऑफ पोएम्स” लिखी थी। सिया ने अलादीन, सिंड्रेला, ‘स्नो वाइट एंड सेवन ड्वार्फ्स' और ‘ब्यूटी एंड द बीस्ट' की लोकप्रिय कहानियों पर आधारित “टेल्स इन द राइम” भी लिखी है। हाल में आई अपनी किताब में सिया ने धर्म, कर्तव्य और बलिदान के आदर्शों पर ध्यान केंद्रित करते हुए दिखाया है कि 21वीं शताब्दी में महाभारत की क्या प्रासंगिकता है। सिया ने अपनी कलम के माध्यम से सहज तरीके से दिखाया है कि हस्तिनापुर के सिंहासन के लिए पांडव और कौरवों के बीच युद्ध कैसे शुरू हुआ और कहानी में किस किरदार को कौन सी नैतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। चित्रों से सजी यह किताब, ओम बुक्स इंटरनेशनल के इंप्रिंट ओम किड्ज ने प्रकाशित की है और इसे पहली बार जयपुर साहित्य महोत्सव 2021 में पेश किया गया। महोत्सव की सह निदेशक नमिता गोखले के अनुसार, महाभारत की कहानी कविता के माध्यम से सुनाने का यह प्रयास नई पीढ़ी के लिए इस महान काव्य को जीवंत करने जैसा है।
- जम्मू। त्रिकुटा की पहाड़ियों पर माता वैष्णो देवी मंदिर जाने के मार्ग में अपनी सेवा देने वाले भारवाहकों, खच्चर मालिकों एवं पालकी सेवा प्रदाताओं के लिए निगरानी प्रणाली पर आधारित रेडियो फ्रीक्वेंसी पहचान उपकरण (एफआरआईडी) से लैस सत्यापन कियोस्क शुरू किया गया है। यह व्यवस्था सुरक्षा पहलुओं को ध्यान में रखकर की गयी है क्योंकि हर साल एक करोड़ श्रद्धालु इस तीर्थस्थल पर आते हैं। श्रीमाता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी रमेश कुमार ने यह कियोस्क शुरू किया है ताकि कोई अवैध या अनाधिकृत संचालक इस मार्ग पर कार्यरत न हो। कुमार ने कहा, ‘‘ यह प्रणाली न केवल असली संचालकों के सत्यापन और टट्टूओं, पिट्ठुओं और पालकी वालों की आवाजाही की निगरानी में सुधार लाती है बल्कि संपूर्ण सुरक्षा उपायों को दुरुस्त भी करती है। '' उन्होंने कहा कि यह इस मायने में भी काफी अहम है कि किसी आपात स्थिति में धर्मस्थल एवं स्थानीय प्रशासन को इससे समय पर मदद पहुंचाने में मदद मिलेगी। ये सत्यापन कियोस्क स्मार्ट कार्ड रीडर से जुड़े हैं जिनका संबंध बायोमैट्रिक सूचनाओं, संपर्क सूत्र, पंजीकरण क्रमांक जैसे व्यक्तिगत पहचान एवं सूचनाओं के लिए एमआईएस सर्वर से होता है।
- मुंबई। दक्षिणी मुंबई स्थित महाराष्ट्र सचिवालय परिसर में मंगलवार को शराब की कई खाली बोतलें पाई गईं, जिसके बाद राज्य सरकार ने जांच के आदेश दिये हैं। बोतलें मंत्रालय में भूतल पर कैंटीन जाने वाली सीढ़ियों के नीचे मिलीं जहां मुख्यमंत्री, मंत्रियों, मुख्य सचिव और अन्य नौकरशाहों के कार्यालय स्थित हैं। इस घटना की वजह से राज्य सरकार के सत्ता प्रतिष्ठान में सुरक्षा प्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं।सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री दत्तात्रेय भराने ने क्षेत्रीय समाचार चैनलों के साथ बातचीत में संदेह जताया कि यह काम निर्माण कार्य के लिए मंत्रालय आने वाले निजी ठेकेदारों और मजदूरों का हो सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘यह मेरा निजी मत है कि हो सकता है कि मंत्रालय के भीतर बोतलें परिसर में विभिन्न काम कर रहे कुछ निजी ठेकेदारों के कर्मचारियों द्वारा लाई गई हों। मैं राज्य प्रशासन मुख्यालय में शराब की बोतलें मिलने के बारे में राज्य के गृह मंत्री दिलीप वल्से पाटिल को सूचित करूंगा।'' भराने ने कहा कि विस्तृत जांच की जाएगी और दोषियों को कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। यह पूछे जाने पर कि क्या यह घटना सुरक्षा में खामी का नतीजा है, उन्होंने कहा, ‘‘कोई भी व्यक्ति सुरक्षा अधिकारियों द्वारा जारी किए जाने वाले वैध पास के बिना मंत्रालय के भीतर प्रवेश नहीं कर सकता।'
- नोएडा। नोएडा के थाना होशियारपुर गांव में एक किशोरी ने कथित तौर पर मां की डांट से क्षुब्ध होकर पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। थाना सेक्टर 49 के प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार सिंह ने बताया कि होशियारपुर गांव में रहने वाली किशोरी की मां ने कल घर के काम को लेकर अपनी बेटी को डांट दिया था, इस बात से आहत हो कर किशोरी ने पंखे से फंदा लगा लिया। उन्होंने बताया कि किशोरी को तत्काल अस्पताल ले जाया गया जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की जांच की जा रही है।-file photo
- नयी दिल्ली। नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ वीके पॉल ने मंगलवार को कहा कि कोविड-19 टीकाकरण पर राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह ने टीके की वर्धक (बूस्टर) खुराक देने पर विचार किया है और इसे बहुत गहराई से देखा जा रहा है। पॉल ने कहा कि इसे कार्य में प्रगति के रूप में लिया जाना चाहिए क्योंकि विज्ञान अब भी इस क्षेत्र में काम कर रहा है। कोविड-19 टीके की वर्धक खुराक देने की जरूरत पर किए गए सवाल के जवाब में पॉल ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि कोविड-19 टीकाकरण पर राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह ने अपनी पिछली बैठक में टीके की वर्धक खुराक लगाने के मुद्दे पर चर्चा की थी। उन्होंने कहा, “ मैं कहना चाहूंगा कि हम इस तरह की जरूरतों के लिए विज्ञान पर बहुत सावधानी से निगाह बनाए हुए हैं, वैश्विक कार्य के साथ-साथ आप जानते हैं कि देश में कुछ अध्ययन किए गए हैं और हम इसे बहुत गहराई से देख रहे हैं।” उन्होंने कहा, “जैसा कि आप जानते हैं, डब्ल्यूएचओ ने वर्धक खुराक पर रोक का आह्वान किया है, तो देखते हैं कि इसे कैसे आगे बढ़ाया जा सकता है।” उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि लोगों को पूरी सुरक्षा के लिए टीके की दूसरी खुराक लेनी चाहिए। पॉल ने कहा, “ जिन लोगों को पहले से कोई बीमारी है या जिनका कैंसर का इलाज चल रहा है, वे अपना टीकाकरण सुनिश्चित करें।” स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा, “ भले ही हम टीका लगवा लें, हमें एहतियात बरतने की जरूरत है।
- नयी दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी के निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने 47वर्षीय एक महिला का गर्भाशय निकालने के लिए आधुनिक रोबोटिक प्रणाली का इस्तेमाल किया है। महिला मासिक स्राव और पेडू के दर्द से ग्रस्त थी। डॉक्टरों का दावा है कि उत्तर भारत में पहली बार इस प्रणाली का इस्तेमाल गर्भाशय निकालने के लिए किया गया है। पीएसआरआई अस्पताल में स्त्री रोग विभाग के प्रमुख डॉ.राहुल मनचंदा के मुताबिक, ‘‘मरीज के शरीर में हिमोग्लोबिन की मात्रा- करीब 10 प्वाइंट- बहुत कम थी और अंदरुनी जांच में रक्त स्राव का पता चला जिसकी वजह से गर्भाशय को निकालना ही विकल्प था। उन्होंने बताया कि मरीज को पुरानी रोबोटिक प्रणाली और पारंपरिक सर्जरी के मुकाबले आधुनिक रोबोटिक प्रणाली से सर्जरी के फायदे बताए गए और उसकी सहमति लेने के बाद सर्जरी की गई। महिला को 24 घंटे में अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई। डॉ.मनचंदा ने बताया कि आधुनिक रोबोटिक सर्जरी में त्रिआयामी तस्वीर मिलती है जिससे सर्जरी करना आसान होता है। दो घंटे की सर्जरी में खून की हानि भी कम होती है।
- बलरामपुर ।उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले के तुलसीपुर क्षेत्र में मोटरसाइकिल और कार के बीच हुई टक्कर में मोटरसाइकिल सवार दो लोगों की मौत हो गयी तथा एक अन्य गम्भीर रूप से घायल हो गया। पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि सोमवार देर रात अखिलेश (50) अनोखीलाल (45) और पुजारी (40) मोटरसाइकिल से तुलसीपुर की तरफ आ रहे थे। चीनी मिल के पास सामने से आ रही एक कार से उनकी गाड़ी की टक्कर हो गयी। उन्होंने बताया कि इस घटना में मोटरसाइकिल सवार अखिलेश और अनोखीलाल की मौके पर मौत हो गयी जबकि पुजारी को गम्भीर रूप से घायल हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अपर पुलिस अधीक्षक अरविन्द कुमार मिश्रा ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिये भेज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
- पालघर। महाराष्ट्र के पालघर में एक युवती और एक युवक का शव पेड़ से लटका हुआ पाया गया। पुलिस ने मंगलवार को बताया कि दोनों के बीच प्रेम संबंध होने की बात सामने आ रही है। तालसरी पुलिस थाने के निरीक्षक अजय वासवे ने बताया कि घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है लेकिन पुलिस को शक है कि दोनों के परिवार वाले उनके प्रेम संबंध से नाराज थे और शादी नहीं होने देना चाहते थे इसलिए युवक और युवती ने यह आत्मघाती कदम उठाया। निरीक्षक ने कहा कि 23 वर्षीय युवक और 22 वर्षीय युवती का शव पालघर के वडवली गांव के बाहर पेड़ से लटका मिला। अधिकारी ने बताया कि दोनों के मृत पाए जाने से पहले उनके व्हाट्सऐप स्टेटस पर शोक संदेश लिखा था। दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज कर शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।
- भवनीपटना। ओडिशा के कालाहांडी जिले में पुलिस ने तीन क्विंटल से अधिक गांजा बरामद कर, मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इस गांजे की कीमत 12 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है। एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि प्रतिबंधित मादक पदार्थ ले जाने के लिए इस्तेमाल की जा रही दो कार भी जब्त की गई हैं। खुफिया जानकरी के आधार पर रविवार को सुबह कोकसारा थाना क्षेत्र में दो गाड़ियों को रोका गया और उसमें से 3.11 क्विंटल गांजा बरामद हुआ। इस सिलसिले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो उत्तर प्रदेश के निवासी हैं। इन लोगों पर राष्ट्रीय राजमार्ग-26 के जरिए मादक पदार्थ इलाहाबाद ले जाने की कोशिश करने का आरोप है। मामले की जांच जारी है। कालाहांडी पुलिस ने इस साल अभी तक कुल 2,155 किलोग्राम गांजा जब्त किया है और इनसे जुड़े मामलों में 26 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक सरवण विवेक एम ने कहा कि प्रतिबंधित मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
- नयी दिल्ली। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि राज्यों, केन्द्र शासित प्रदेशों और निजी अस्पतालों के पास अभी कोविड-19 रोधी टीकों की 2.07 करोड़ से अधिक खुराक उपलब्ध हैं। मंत्रालय ने बताया कि 52.56 करोड़ से अधिक खुराक सभी माध्यमों से राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को दी गई हैं और 48,43,100 खुराकें अभी और दी जा रही हैं। इनमे से कुल 51,09,58,562 खुराक का इस्तेमाल हुआ है, जिनमें बर्बाद हुई खुराक भी शामिल हैं। देश में कोविड-19 टीकाकरण का नया चरण 21 जून से शुरू हुआ था।
- हैदराबाद। तेलंगाना में महिला विकास एवं बाल कल्याण अधिकारियों ने कहा कि अनाथालयों में आयोजित संवाद कार्यक्रमों की तस्वीरों के माध्यम से दो अनाथ बहनें साल 2017 में यहां खोई अपनी छोटी बहन से मिल गईं। हालांकि अब आठ साल की हो चुकी लड़की ने अपनी 14 और 12 साल की दो बड़ी बहनों को नहीं पहचाना, लेकिन दोनों को यकीन था कि लड़की उनकी खोई हुई बहन है, जिसके बाद अधिकारियों ने तीनों बहनों का डीएनए टेस्ट करवाया, जिसमें इस बात की पुष्टि हो गई कि वे तीनों बहनें हैं। पिछले सप्ताह तीनों को मिला दिया गया। हैदराबाद के जिला कल्याण अधिकारी अकेश्वर राव ने बताया कि दोनों बहनें अपने पिता के साथ रहती थीं। 2017 में पिता की मौत हो गई, जिसके बाद कुछ स्थानीय निवासियों ने उन्हें बाल देखभाल संस्थान (सीसीआई) भेज दिया। उस समय उनकी छोटी बहन अपनी दादी के साथ रहती थी लेकिन उनकी मृत्यु के बाद वह सड़कों पर भटकती हुई पाई गई और पुलिस ने उसे अमीनपुर के एक सीसीआई में भर्ती कराया, जहां से उसे अप्रैल 2020 में अमीरपेट स्थित बाल गृह में स्थानांतरित कर दिया गया। । अधिकारी ने कहा कि दोनों बहनें कहती थीं कि उनकी एक छोटी बहन अपनी दादी के साथ रहती है और वे उसे वापस लाना चाहती हैं। राव ने कहा कि वे नियमित रूप से राज्य द्वारा संचालित अनाथालयों में संवाद एवं शैक्षिक कार्यक्रम आयोजित करते हैं और दोनों लड़कियों की एक दोस्त ने इनमें से एक कार्यक्रम की तस्वीरें लीं और उन्हें दिखाया, जिन्होंने इन तस्वीरों में से एक लड़की को अपनी खोई हुई छोटी बहन बताया।
- नयी दिल्ली। सरकार ने मंगलवार को कहा कि देश में अब तक 86 नमूनों में कोरोना वायरस का डेल्टा प्लस स्वरूप मिला है और इसकी वजह से संक्रमण के मामलों में कोई घातक वृद्धि नहीं हुई है। राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) के प्रमुख सुजीत सिंह ने कहा, ‘‘हमें 86 (जीनोम) नमूनों में डेल्टा प्लस स्वरूप मिला है।'' उन्होंने कहा कि वायरस के चार तरह के स्वरूपों-- एवाई 1 (बी.1.617.2.1), एवाई 2, एवाई 3 तथा एक अतिरिक्त जीन वाले उप-स्वरूप जिसका एकमात्र नमूना महाराष्ट्र में पाया गया, को डेल्टा प्लस की श्रेणी में रखा गया है। सिंह ने कहा कि सर्वाधिक 34 नमूनों की पहचान महाराष्ट्र में हुई। इसके बाद मध्य प्रदेश में 11 और तमिलनाडु में 10 नमूनों में डेल्टा प्लस स्वरूप की पहचान हुई। उन्होंने कहा, ‘‘मार्च के महीने से अब तक विभिन्न स्थानों से 86 नमूनों का पता चलना, इसकी वजह से किसी जिले में मामलों में कोई वृद्धि न होने या इसका किसी राज्य तक सीमित रहना इस बात का संकेत है कि इसमें (डेल्टा प्लस) संक्रमण के मामलों में घातक वृद्धि करने की कोई क्षमता नहीं है। हमें (इस तरह का) कोई सबूत नहीं मिला है।'' सिंह ने कहा, ‘‘इस स्वरूप ने अपने प्रसार से संक्रमण के मामलों में कोई घातक वृद्धि नहीं की है।


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