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- जबलपुर । मध्य प्रदेश की जबलपुर पुलिस ने चीन में बने 'बटन चाकू' ऑनलाइन खरीदने वालों का ब्योरा निकालवा कर उसके सत्यापन का काम शुक्रवार से शुरू किया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शहर में हाल ही में चीन निर्मित बटन चाकुओं से चाकूबाजी की बढ़ रही वारदातों के बीच यह कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि सत्यापन के बाद ऐसे सभी चाकू जब्त कर लिए जाएंगे।अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने बताया कि हमने सभी ई-कॉमर्स कंपनियों से ऐसे चाकुओं के खरीदारों की सूची मांगी थी, लेकिन फ्लिपकार्ट को छोड़कर हर कंपनी का कहना है कि वे ऐसे चाकु नहीं बेचते हैं। उन्होंने कहा कि फ्लिपकार्ट ने 2,350 ग्राहकों की सूची प्रदान दी है जिन्होंने पिछले दो साल में विभिन्न प्रकार के चाकू खरीदे थे। काशवानी ने कहा कि आर्म्स एक्ट के तहत बटन चाकू रखना अपराध है।उन्होंने कहा कि खरीददार आपराधिक पृष्ठभूमि से हो या ना हो, उनके खरीदे बटन चाकुओं को जब्त कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन चाकुओं से हुए हमले के अनसुलझे मामलों का पता लगाने में भी यह कदम हमारे लिए उपयोगी साबित होगा।
- नयी दिल्ली। वायु प्रदूषण के चिंताजनक स्तर को देखते हुए दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने वाहन चालकों से अपनी गाड़ियों पर ईंधन की पहचान वाले रंगीन स्टीकर लगवाने को कहा है। परिवहन विभाग ने शुक्रवार को जारी नोटिस में कहा कि उच्चतम न्यायालय के एक आदेश और केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के अनुसार दिल्ली राज्यक्षेत्र में पंजीकृत सभी वाहनों पर क्रोमियम आधारित होलोग्राम स्टीकर का प्रदर्शन अनिवार्य है। उसने कहा, ‘‘पुराने वाहनों के मालिकों को सलाह दी जाती है कि अपने वाहन की विंडशील्ड पर ईंधन की संबंधित श्रेणी के हिसाब से क्रोमियम आधारित होलोग्राम स्टीकर चस्पा कराने के लिए संबंधित विक्रेताओं से संपर्क करें।'' सड़कों पर निरीक्षण के दौरान यातायात पुलिस के अधिकारियों को रंगों वाले स्टीकरों से उसमें इस्तेमाल पेट्रोल, डीजल समेत ईंधन का पता चलता है।
- देवघर । झारखंड के देवघर में पुलिस ने हथियारबंद तीन अपराधियों को शुक्रवार को डढ़वा नदी पर बने पुल के पास से धर दबोचा। इस संबंध में एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। देवघर सदर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) पवन कुमार ने मीडियाकर्मियों को बताया कि पुलिस अधीक्षक को मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस की टीम ने देवघर-जसीडीह मुख्य मार्ग पर डढ़वा नदी पुल के पास भाग रहे तीन अपराधियों का पीछा किया और उन्हें पकड़ लिया। उन्होंने बताया कि पकड़े गए लोगों के पास से पुलिस ने एक पिस्तौल, एक मैगजीन, चार कारतूस, दो मोटरसाइकिल बरामद की है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
- महोबा/झांसी । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को झांसी की रानी लक्ष्मीबाई को नमन करते हुए कहा कि भारत कभी कोई लड़ाई शौर्य और वीरता की कमी से नहीं हारा। झांसी के किले में रानी लक्ष्मीबाई की जयंती और आजादी के अमृत महोत्सव के तहत आयोजित ‘राष्ट्र रक्षा समर्पण पर्व' को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, यह ऐतिहासिक झांसी का किला, इस बात का जीता जागता गवाह है कि भारत कभी कोई लड़ाई शौर्य और वीरता की कमी से नहीं हारा। रानी लक्ष्मीबाई के पास अगर अंग्रेजों के बराबर संसाधन होते तो देश की आजादी का इतिहास कुछ और होता।'' मोदी ने शुक्रवार को वीरों की ऐतिहासिक धरती बुंदेलखंड के झांसी और महोबा में 'जय जवान-जय किसान' के नारे को रेखांकित करते हुए किसानों और जवानों लिए साढ़े छह हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की सौगात दी और बुंदेलखंड को नयी पहचान देने का वादा किया। उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को विकास योजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के जरिये बुंदेलखंड की तस्वीर बदलने का वादा किया। वीर आल्हा-उदल की धरती महोबा में उन्होंने करीब 3,240 करोड़ रुपये की लागत से बनी अर्जुन सहायक परियोजना, रतौली बांध परियोजना, भावनी बांध परियोजना और मझगांव-चिल्ली स्प्रिंकलर सिंचाई परियोजनाओं का लोकार्पण किया। स्वाधीनता संग्राम की सेनानी झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की जयंती पर उन्होंने झांसी में 3,425 करोड़ रुपये से अधिक की कई विकास परियोजनाओं की भी शुरुआत की। मोदी ने झांसी के गरौठा में 3,013 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 600 मेगावाट के अल्ट्रा मेगा सोलर पावर पार्क और उत्तर प्रदेश रक्षा औद्योगिक गलियारे की झांसी में 400 करोड़ रुपये की परियोजना की भी आधारशिला रखी। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने उद्बोधन में कहा, ‘‘आज ‘जय जवान-जय किसान' के नारे को वास्तविक धरातल पर उतरता हुआ हम देख सकते हैं। बुंदेलखंड इसका जीवंत उदाहरण है।'' सात जिलों वाले बुंदेलखंड में 2017 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दबदबा था और वहां की सभी 19 सीटें भाजपा ने जीती थीं। प्रधानमंत्री ने कृषि कानूनों को वापस लेने की केन्द्र की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए महोबा में कहा, ‘‘किसानों को हमेशा समस्याओं में उलझाए रखना ही कुछ राजनीतिक दलों का आधार रहा है, ये ‘समस्याओं की राजनीति' करते हैं और हम ‘समाधान की राष्ट्रनीति' करते हैं।'' मोदी ने कहा, ‘‘हमारी सरकार ने बीज से लेकर बाजार तक हर स्तर पर किसानों के हित में कदम उठाए हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘पीढ़ियों से जिस पानी का इंतजार था, वह इंतजार भी आज खत्म होने जा रहा है। इन सिंचाई परियोजनाओं से लाखों परिवारों को लाभ होगा। चार लाख से अधिक लोगों को शुद्ध पेयजल मिलेगा।'' उन्होंने कहा कि बीते सात वर्षों में हम कैसे सरकार को बंद कमरों से निकालकर देश के कोने-कोने तक लाए हैं, महोबा उसका उदाहरण है। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की पूर्ववर्ती सरकारों का नाम लिये बिना उन पर एक साथ निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘दिल्ली और उत्तर प्रदेश में लंबे समय तक शासन करने वालों ने बारी-बारी से इस क्षेत्र को उजाड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी। यहां के जंगलों, संसाधनों को कैसे माफिया के हवाले किया गया, यह किसी से छिपा नहीं है। अब इन्हीं माफिया पर उत्तर प्रदेश में जब बुलडोजर चल रहा है तो कुछ लोग हाय-तौबा मचा रहे हैं।'' उन्होंने अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती राज्य सरकार पर परियोजनाओं को पूरा करने में दिलचस्पी नहीं लेने का आरोप लगाया और योजना को पूरा करने के लिए योगी आदित्यनाथ के शासन की प्रशंसा की। उन्होंने भाजपा सरकारों की कार्य संस्कृति की सराहना करते हुए कहा, ‘‘इस कटु सत्य को कोई नहीं भूल सकता कि वे उत्तर प्रदेश को लूटते नहीं थकते और हम इसके लिए काम करते नहीं थकते।'' उन्होंने तीन तलाक की प्रथा पर रोक लगाने वाले कानून का भी जिक्र किया और कहा, ‘‘मैंने महोबा में मुसलमान बहनों से किया गया अपना वादा पूरा किया है।'' क्षेत्र में पानी की कमी की समस्याओं का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, लोग इस क्षेत्र में बेटी ब्याहने से क्यों कतराने लगे, क्यों यहां की बेटियां पानी वाले क्षेत्र में शादी की कामना करने लगीं? इन सवालों के जवाब महोबा, बुंदेलखंड के लोग अच्छी तरह जानते हैं।'' मोदी ने कहा कि गुजरात के कच्छ की हालत भी बुंदेलखंड जैसी ही थी, लोग वहां से पलायन कर रहे थे लेकिन मुझे सेवा का अवसर मिला तो आज कच्छ देश के सबसे तेजी से विकास करने वाले जिलों में एक है और मुझे भरोसा है कि बुंदेलखंड में वैसा ही विकास होगा। उन्होंने कहा कि हम बुंदेलखंड से पलायन रोकने और इस क्षेत्र को रोजगार में आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे और उत्तर प्रदेश रक्षा गलियारा इसका बहुत बड़ा प्रमाण है। ‘रक्षा गलियारे' में झांसी क्षेत्र की 400 करोड़ रुपये की परियोजना का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘आज हमारी सेनाओं की ताकत बढ़ रही है, तो साथ ही भविष्य में देश की रक्षा के लिए सक्षम युवाओं के लिए जमीन भी तैयार हो रही है। सौ सैनिक स्कूलों की शुरुआत होगी।'' उन्होंने कहा, ‘‘लंबे समय से भारत को दुनिया के सबसे बड़े हथियार खरीदार देशों में गिना जाता रहा है, लेकिन आज देश का मंत्र है 'मेक इन इंडिया, मेक फॉर वर्ल्ड'। आज भारत अपनी सेनाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए काम कर रहा है और नये स्टार्टअप को अपने क्षेत्र में कमाल दिखाने का मौका मिल रहा है। इसमें झांसी की परियोजना की बड़ी भूमिका होने जा रहा है। यहां लघु, कुटीर एवं मध्यम उपक्रम (एमएसएमई) और छोटे उद्योगों के लिए नयी संभावना और युवाओं को रोजगार के लिए नए अवसर मिलेंगे।'' उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सरकार ने सैनिक स्कूलों में बेटियों के दाखिले की शुरुआत की है और इस वर्ष 33 सैनिक स्कूलों में लड़कियों को भी प्रवेश दिया गया है। इन सैनिक स्कूलों से रानी लक्ष्मीबाई जैसी बेटियां भी निकलेंगी जो देश की रक्षा-सुरक्षा, विकास की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाएंगी।
- नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के घरेलू रक्षा उद्योग को बढ़ावा देने के तहत स्वदेश में विकसित हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर (एलसीएच), युद्धपोतों के लिए इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली और मानव रहित हवाई यान (यूएवी) शुक्रवार को सशस्त्र बलों को सौंपे। झांसी में एक कार्यक्रम में, प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक रक्षा क्षेत्र के एक प्रमुख उपक्रम भारत डायनामिक्स लिमिटेड की 400 करोड़ रुपये की परियोजना की आधारशिला भी रखी। मोदी ने 'राष्ट्र रक्षा समर्पण पर्व' में राष्ट्रीय कैडेट कोर के पूर्व छात्रों के एक संघ और एनसीसी कैडेट के लिए प्रशिक्षण के लिए एक राष्ट्रीय कार्यक्रम की भी शुरुआत की। प्रधानमंत्री को एनसीसी के पूर्व छात्रों के संघ के पहले सदस्य के रूप में पंजीकृत किया गया है। इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत और कई शीर्ष सैन्य अधिकारी मौजूद थे।
- अशोकनगर (मप्र) । मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिला अस्पताल के परिसर में नवजात शिशु के क्षत-विक्षत शव को एक कुत्ते के अपने मुंह में दबाए हुए घूमने का दिल को झकझोर देने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया जिसे लोगों ने शर्मनाक करार दिया है। अस्पताल में मौजूद सफाई कर्मियों द्वारा पीछा किये जाने पर कुत्ते ने शव को वहीं छोड़ दिया और वहां से भाग गया। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ डीके भार्गव ने शुक्रवार को बताया कि बुधवार सुबह एक कुत्ता नवजात शिशु के क्षत-विक्षत शव को अपने मुंह में दबाए हुए अस्पताल परिसर में घूम रहा था। उन्होंने कहा, ‘‘अस्पताल के कर्मचारियों ने इसे देखा और डंडे से कुत्ते को भगाया। वहां से भागने से पहले कुत्ता शव को वहीं परिसर में छोड़ गया।'' भार्गव ने बताया कि इस संबंध में पुलिस को भी सूचना दी गई। उन्होंने कहा कि इस शिशु का जन्म हमारे अस्पताल में नहीं हुआ था। भार्गव ने कहा, “आमतौर पर देखने को मिलता है कि नवजात की मृत्यु होने पर परिवार के लोग ठीक प्रकार से अंतिम संस्कार नहीं करते हैं। लोगों को गड्ढा खोदकर अच्छी तरह से अंतिम संस्कार करना चाहिए जिससे कि जानवर उसे खोद के शव न निकाल पाए।” उन्होंने कहा कि कई बार लोग जल्दबाजी में शव को कचरे के ढेर में भी फेंक देते हैं। यह मामला भी कुछ इसी तरह का लग रहा है क्योंकि शव पर मिट्टी नहीं लगी थी। यदि शव को जमीन में दबाया गया होता तो उसके शरीर पर मिट्टी लगी होती। वहीं, कोतवाली पुलिस थाने के निरीक्षक विवेक शर्मा ने बताया कि इस मामले की जांच चल रही है।
- बेगूसराय,। बिहार के बेगूसराय जिला के नावकोठी थाना क्षेत्र में कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर बूढी गंडक के कालीघाट पर शुक्रवार को स्नान के दौरान डूबने से तीन युवकों की मौत हो गई। नावकोठी थानाध्यक्ष राजीव रंजन कुमार ने बताया कि मृतकों में नावकोठी के वार्ड एक निवासी विक्की कुमार (20), राहुल कुमार (19) व शंकर मोची (35) शामिल हैं। उन्होंने बताया कि तीनों शव गोताखोर की मदद से नदी से निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है।-file photo
- लखनऊ। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को राज्य पुलिस बलों और केंद्रीय एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया और माओवादी हिंसा तथा साइबर अपराध जैसे सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर केंद्रित कार्रवाई पर जोर दिया। शाह ने यहां डीजीपी और आईजीपी के 56वें सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कोविड-19 महामारी के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा निभाई गई भूमिका और उनके बलिदान की भी सराहना की। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, गृह मंत्री ने राज्य पुलिस और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया और प्रतिनिधियों से सम्मेलन में चर्चा के दौरान सामने आए सुझावों के समय पर कार्यान्वयन का आग्रह किया। शाह ने तटीय सुरक्षा, वामपंथी उग्रवाद, नशीले पदार्थों की तस्करी, साइबर अपराध और सीमा क्षेत्र प्रबंधन सहित सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया। सम्मेलन में जेल सुधार, कट्टरपंथ से उत्पन्न चुनौतियों और पुलिस प्रशिक्षण सहित आंतरिक सुरक्षा मुद्दों पर सिलसिलेवार तरीके से चर्चा की गई। इस वर्ष सम्मेलन का आयोजन पहली बार हाइब्रिड मोड यानी ऑफलाइन तथा ऑनलाइन दोनों तरीकों से किया जा रहा है। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के डीजीपी और सीएपीएफ के डीजी लखनऊ में पुलिस मुख्यालय में आयोजित सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। गृह मंत्री ने खुफिया ब्यूरो के अधिकारियों को मेधावी सेवा के लिए पुलिस पदक भी प्रदान किए।उन्होंने नयी दिल्ली के सदर बाजार, ओडिशा के गंगापुर और हरियाणा के भट्टू कलां के थाना प्रभारियों को तीन सर्वश्रेष्ठ पुलिस थानों के लिए ट्राफियां भी प्रदान कीं। दिल्ली के बाहर होने वाले इन सम्मेलनों में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री नियमित रूप से शामिल होते रहे हैं। प्रधानमंत्री शनिवार को इस तीन दिवसीय सम्मेलन में शिरकत करेंगे।-
- पिथौरागढ़ (उत्तराखंड)। राज्य के सीमावर्ती पिथौरागढ़ जिले के बेरीनाग क्षेत्र में बांसपाटन गांव में शुक्रवार को एक वाहन के खड्ड में गिर जाने से उसमें सवार तीन महिलाओं की मृत्यु हो गयी जबकि तीन अन्य यात्री घायल हो गए। बेरीनाग पुलिस थानाध्यक्ष प्रताप सिंह नेगी ने बताया कि दुर्घटना के समय वाहन नैनीताल जिले के हल्द्वानी से पिथौरागढ़ जिले के थल जा रहा था कि तभी अचानक अनियंत्रित होकर वह सड़क से फिसलकर 50 मीटर गहरे खड्ड में जा गिरा। उन्होंने बताया कि तीनों महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गयी। घायलों में वाहन चालक भी शामिल है जिन्हें अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती करा दिया गया है।
- नयी दिल्ली। रेलवे बोर्ड ने रेलगाड़ियों में यात्रियों को पका हुआ भोजन (कुक्ड फूड)परोसना फिर से शुरू करने का आदेश जारी किया है। इस सेवा को कोविड-19 प्रतिबंधों की वजह से बंद कर दिया गया था। रेलवे बोर्ड ने शुक्रवार को एक पत्र में भारतीय रेलवे खानपान एंड पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) को सेवा फिर से शुरू करने को कहा। रेलवे बोर्ड ने यह भी कहा कि यात्रियों को ‘खाने के लिए तैयार' (रेडी-टू-ईट) भोजन भी परोसा जाता रहेगा। पत्र में कहा गया है, “सामान्य ट्रेन सेवाओं की बहाली, यात्रा करने वाले यात्रियों की आवश्यकताओं और देशभर के भोजनालयों, रेस्तरां, होटलों और ऐसे अन्य स्थानों पर कोविड लॉकडाउन प्रतिबंधों में ढील के मद्देनजर, रेल मंत्रालय द्वारा रेलगाड़ियों में पके हुए भोजन की सेवाओं को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया गया है। खाने के लिए तैयार भोजन की सेवा भी जारी रहेगी।” इस महीने की शुरुआत में रेलवे ने महामारी के चलते बाधित सामान्य ट्रेन परिचालन को बहाल करने की घोषणा की थी।
- मुंबई। पश्चिम रेलवे (डब्ल्यूआर) 22 नवंबर से यहां आठ और वातानुकूलित उपनगरीय सेवाएं शुरू करेगा। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन नई अतिरिक्त ट्रेनों के साथ, वातानुकूलित उपनगरीय सेवाओं की संख्या मौजूदा 12 से बढ़कर 20 हो जाएगी। अधिकारी ने कहा, ‘‘पश्चिम रेलवे के उपनगरीय खंड में यात्रियों की सुविधा के लिए आठ नई वातानुकूलित सेवाएं शुरू की जाएंगी, जिससे इन सेवाओं की संख्या 20 हो जाएगी।'' इसके अलावा, पश्चिम रेलवे ने चर्चगेट और बांद्रा के बीच धीमी गति वाली दो ट्रेनों को रद्द करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि एक वातानुकूलित लोकल विरार और चर्चगेट के बीच, दो बोरीवली और चर्चगेट के बीच और एक गोरेगांव और चर्चगेट स्टेशनों के बीच चलायी जायेगी। अधिकारी ने बताया कि डाउन दिशा में एक सेवा चर्चगेट और नालासोपारा के बीच, दो चर्चगेट और बोरीवली के बीच और एक चर्चगेट और गोरेगांव के बीच संचालित होगी।
- नयी दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग सचिव गिरिधर अरमाने ने शुक्रवार को कहा कि पूरे भारत में निजी वाहनों के निर्बाध हस्तांतरण को सुनिश्चित करने के लिए अबतक 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने वाहनों के पंजीकरण के लिए नई भारत श्रृंखला (बीएच श्रृंखला) शुरू की है। सरकार ने अगस्त में एक नई वाहन पंजीकरण व्यवस्था को अधिसूचित किया था। इसके तहत वाहन मालिकों को एक राज्य या केंद्र शासित प्रदेश से दूसरे राज्य/केंद्र शासित प्रदेश में स्थानांतरित होने पर अपने वाहन का पुन: पंजीकरण कराने की जरूरत नहीं होगी। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘भारत श्रंखला के तहत रक्षा कर्मियों, केंद्र सरकार/राज्य सरकार, केंद्रीय/राज्य सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों और निजी क्षेत्र की कंपनियों या संगठनों के उन कर्मचारियों को यह सुविधा स्वैच्छिक आधार पर उपलब्ध होगी, जिनके कार्यालय चार या अधिक राज्यों/संघ शासित प्रदेशों में हैं।'' अरमाने ने बताया कि नई राष्ट्रीय वाहन नीति के तहत राज्यों में वाहन कबाड़ केंद्र (स्क्रैपिंग सेंटर) स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमें पहले ही गुजरात से एक आवेदन मिला है। हम असम से एक और आवेदन की उम्मीद कर रहे हैं।'' केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने हाल में कहा था कि जो नए वाहन राष्ट्रीय वाहन कबाड़ नीति के तहत पुराने वाहनों को कबाड़ के लिए देने के बाद खरीदे जाएंगे, उन पर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश पथकर में 25 प्रतिशत तक की छूट देंगे।
- पालघर। कोविड-19 महामारी के खिलाफ 100 प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य हासिल करने की कोशिश में, महाराष्ट्र के पालघर जिले ने उन ग्राम पंचायतों को अतिरिक्त निधि देने का फैसला किया है जो 31 दिसबंर तक अपनी पूरी आबादी का टीकाकरण कर लेंगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। जिलाधिकारी डॉ मानिक गुरसाल ने कहा कि यह फैसला संरक्षक मंत्री दादा भुसे की अध्यक्षता में पालघर जिला मुख्यालय में बृहस्पतिवार को हुई जिला योजना समिति (डीपीसी) की बैठक में लिया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि डीपीसी ने 2021-22 अवधि के लिए जिला के वास्ते 405.24 करोड़ रुपये की वार्षिक योजना को मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 टीकाकरण के लिए प्रोत्साहन के रूप में, 31 दिसंबर तक 100 प्रतिशत टीकाकरण पूर्ण करने वाली ग्राम पंचायतों को जिला प्रशासन की ओर से अतिरिक्त पैसा आवंटित किया जाएगा। गुरसाल ने बताया कि कम से कम 12 बच्चे जो कोविड-19 के कारण अनाथ हुए, उन्हें बैठक के दौरान पांच-पांच लाख रुपये के सावधि जमा प्रमाण-पत्र दिए गए।
- नई दिल्ली। डिजिटलीकरण के बावजूद बीमा पॉलिसी लेने वाले 80 प्रतिशत से अधिक ग्राहक अपने पॉलिसी दस्तावेजों की भौतिक प्रति रखना पसंद करते हैं। एक सर्वेक्षण में यह निष्कर्ष निकाला गया है। बॉम्बे मास्टर प्रिंटर्स एसोसिएशन (बीएमपीए) के एक सर्वेक्षण में कहा गया है, ‘‘पिछले एक साल में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में बीमा का योगदान तेजी से बढ़ा है, इसलिए खरीदारों को अपने निवेश के बारे में सुरक्षित महसूस कराना भी महत्वपूर्ण है।'' ज्यादातर कंपनियां अभी भी दावे का निपटान करते समय मूल कागजी दस्तावेज मांगती हैं। सर्वे रिपोर्ट में कहा गया कि बीमा नियामक को खरीदारों के हित में धारा 4 को बहाल करने और पॉलिसी दस्तावेज की भौतिक प्रतियां जल्द से जल्द जारी करने पर विचार करना चाहिए। चूंकि बीमा पॉलिसी, बीमा कंपनी और बीमित व्यक्ति के बीच एक अनुबंध है, इसलिए लगभग 82 प्रतिशत खरीदारों ने डिजिटल प्रति की जगह भौतिक प्रति को प्राथमिकता दी। इस सर्वेक्षण में लगभग 5,900 लोगों से राय ली गई। सर्वेक्षण में शामिल होने वालों में लगभग 56 प्रतिशत लोग 18-40 वर्ष के थे, 28 प्रतिशत 41-60 वर्ष के और 14 प्रतिशत उत्तरदाता 60 वर्ष और उससे अधिक उम्र के थे।
- जौनपुर (उप्र)। जौनपुर जिले में बदलापुर थाना क्षेत्र की फत्तूपुर रेलवे क्रॉसिंग पर तीन सगी बहनों ने बृहस्पतिवार देर रात ट्रेन के सामने कूदकर कथित रूप से आत्महत्या कर ली। पुलिस अधीक्षक (नगर) डॉ. संजय कुमार ने बताया कि जौनपुर के महाराजगंज थाना क्षेत्र के अहिरौली गांव निवासी तीन बहनों प्रीति (16) काजल (14) और आरती (11) ने अपने घर से 18 किलोमीटर दूर जफराबाद-सुल्तानपुर रेल प्रखंड पर जनसाधारण एक्सप्रेस के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। ऐसा बताया जा रहा है कि आर्थिक तंगी के चलते तीनों ने यह कदम उठाया। उन्होंने बताया कि इन बहनों के पिता राजेंद्र प्रसाद गौतम की मौत नौ साल पहले हो चुकी है और उनकी मां तीन साल से पूरी तरह दृष्टिहीन है। उनकी एक बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। कुमार ने बताया कि पूरा परिवार आर्थिक से गुजर रहा था। तीनों बहनें और उनका भाई गणेश मजदूरी करते थे।पुलिस सूत्रों के अनुसार, बृहस्पतिवार रात सात बजे से तीनों बहनें लापता थीं। उनके पड़ोसियों ने उनकी तलाश शुरू की, तो उन्हें रात लगभग 11 बजे सूचना मिली कि तीनों ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली है। गेटमैन प्रदीप ने लड़कियों के क्षत-विक्षत शव देखकर श्री कृष्ण नगर रेलवे स्टेशन के स्टेशन अधीक्षक मनोज कुमार को इसकी सूचना दी। पुलिस ने तीनों शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं।
- मुजफ्फरनगर। दिल्ली-पौड़ी राजमार्ग पर एक ट्रक और ट्रैक्टर की टक्कर होने से एक किसान की मौत हो गई और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि मृतक की पहचान सुमित के तौर पर हुई है और घटना में घायल नरेंद्र को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि वे लोग ट्रैक्टर पर गन्ने लादकर उन्हें टिकोला में एक मिल में पहुंचाने जा रहे थे, तभी एक ट्रक ने उनके वाहन को टक्कर मार दी। इससे गन्नों से लदी ट्रैक्टर ट्रॉली उन पर गिर गई। हादसा, बृहस्पतिवार शाम को रामराज थाना क्षेत्र में हुआ। पुलिस ने बताया कि सुमित का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। हादसे की वजह से कुछ देर के लिए राजमार्ग पर यातायात भी प्रभावित हुआ।
- मुंबई। प्रवासी भारतीयों में से ज्यादातर भारत में निवेश करना चाहते हैं। हालांकि, इसके साथ ही सेवानिवृत्ति के बाद वे जीवन की बेहतर गुणवत्ता के लिए अपने मौजूदा निवास वाले देश में ही बसना चाहते हैं। एक सर्वेक्षण में बृहस्पतिवार को यह निष्कर्ष निकाला गया है। विदेशी बैंक एचएसबीसी द्वारा यह सर्वे किया गया है। इसमें दूसरे देशों में रहने वाले भारतीय मूल के 4,152 लोगों के विचार लिए गए हैं। सर्वे में शामिल 80 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे भारत में निवेश कर रहे हैं, जबकि 59 प्रतिशत अगले तीन साल में भारत में अपना निवेश बढ़ा सकते हैं। सर्वे में कहा गया है कि कोविड-19 महामारी की वजह से पिछले तीन साल के दौरान अल्पांश प्रवासी भारतीयों ने देश में अपना निवेश कम किया है। सर्वे में शामिल लोगों ने कहा कि उनके मित्र और परिवार भारत में रहते हैं, जो उनके लिए यहां निवेश करने की सबसे बड़ी प्रेरणा है। हालांकि, जब सेवानिवृत्ति के बाद बसने की बात आती है, तो सर्वेक्षण में शामिल 71 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे अपने निवास के देश में रहना पसंद करेंगे और भारत नहीं आना चाहेंगे। सर्वे में कहा गया है कि ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, मलेशिया और अमेरिका के प्रवासी भारतीयों के सेवानिवृत्ति के बाद अपने निवास वाले देश में बसने की अधिक संभावना है। वहीं हांगकांग, सिंगापुर और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के प्रवासियों के लिए यह संभावना कम है।-
- जींद । हरियाणा के जींद में शाहपुर गांव के निकट तेज रफ्तार कार ने बाइक को टक्कर मार दी जिससे उसपर सवार युवक की मौत हो गई जबकि उसकी मां गंभीर रूप से घायल हो गई। पुलिस के अनुसार कैथल के राम नगर निवासी विजय (25) अपनी मां बिंदर देवी (54) को बाइक से रिश्तेदारी में शादी समारोह में शामिल होने के लिए खोखरी गांव ले जा रहा था, उसी बीच गांव शाहपुर के निकट तेज रफ्तार कार ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। पुलिस के अनुसार इस हादसे में विजय तथा उसकी मां गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना को अंजाम देकर कार चालक फरार हो गया। राहगीरों ने दोनों को सामान्य अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने विजय को मृत घोषित कर दिया। सदर थाना पुलिस ने मृतक विजय के भाई सन्नी की शिकायत पर फरार कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।-
- नयी दिल्ली। नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के सामान्य तरीके से परिचालन के लिए अभी प्रक्रिया का आकलन किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारत दुनिया के अन्य हिस्सों में कोरोना वायरस महामारी की स्थिति को ध्यान में रखकर ही उड़ानों को सामान्य करने के पक्ष में है। सिंधिया ने निकट भविष्य में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का पूरी तरह सामान्य परिचालन संभव नहीं होने का संकेत देते हुए कहा कि लोगों को अपनी सुरक्षा नहीं छोड़नी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘हम दुनिया में नागर विमानन क्षेत्र का अपना मुकाम फिर हासिल करने और भारत में हब बनाने का प्रयास कर रहे हैं। आप भरोसा रखें, मैं आपके साथ हूं। हम मिलकर काम करेंगे, लेकिन सुरक्षित वातावरण में।'' पिछले साल मार्च से ही कोविड-19 महामारी फैलने के बाद से भारत से और भारत के लिए अनुसूचित अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का परिचालन बंद है। हालांकि भारत 25 देशों के साथ एयर बबल व्यवस्था के तहत अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का परिचालन कर रहा है। यह पूछे जाने पर कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का परिचालन कब तक सामान्य हो पाएगा, सिंधिया ने बृहस्पतिवार को कहा, ‘‘अभी हम प्रक्रिया का आकलन कर रहे हैं।'' सिंधिया ने उद्योग मंडल भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा आयोजित ‘वैश्विक आर्थिक नीति शिखर बैठक 2021-अर्थव्यवस्थाओं का पुनर्निर्माण' सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सभी को महामारी को लेकर सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हम सामान्य स्थिति की ओर लौट रहे हैं। एयर बबल व्यवस्था के तहत दो देशों की एयरलाइंस एक दूसरे के क्षेत्र में कुछ शर्तों के साथ अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानों का परिचालन कर सकती हैं। सिंधिया ने कहा कि इसके लिए एक प्रक्रिया होती है और अन्य मंत्रालयों से बातचीत करनी पड़ती है। इसके बाद ही हम अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के परिचालन पर फैसला करेंगे। घरेलू उड़ानों को इस साल अक्टूबर से पूर्ण क्षमता से परिचालन की अनुमति मिल गई है।
- इरोड । तमिलनाडु के इरोड जिले में बृहस्पतिवार को एक सड़क दुर्घटना में चार महिलाओं सहित पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो महिलाओं सहित तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, डिंडिगुल जिले के पलानी से आ रहे एक वैन की लॉरी से आमने-सामने की टक्कर हो गई। दुर्घटना में वैन में सवार चार महिलाओं और चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हो गए। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से शवों को क्षतिग्रस्त वैन से बाहर निकाला और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
- नोएडा। ग्रेटर नोएडा में गुरुवार को प्रदूषण फैलाने के आरोप में ठेकेदारों और बिल्डरों पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया, जबकि नोएडा में निर्माण मानदंडों के उल्लंघन पर 2.75 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (जीएनआईडीए) ने कुल 13 ठेकेदारों और बिल्डरों पर जुर्माना लगाया। जीएनआईडीए ने बताया, ‘‘ग्रेटर नोएडा में प्रदूषण के उच्च स्तर के कारण चार दिनों तक सभी प्रकार के निर्माण कार्य पर प्रतिबंध लगा है, जिसका उल्लंघन करने के कारण यह जुर्माना लगाया गया है। ऐसे कुल 13 दोषियों पर बुधवार और गुरुवार को कुल 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।'' जीएनआईडीए के सीईओ नरेंद्र भूषण ने लोगों से अपील की है कि वे कचरा नहीं जलाकर, वृक्षारोपण कर और उचित अपशिष्ट प्रबंधन सुनिश्चित कर प्रदूषण से निपटने में सहयोग करें। नोएडा प्राधिकरण ने बताया कि उसने शहर में इसी तरह के 22 मामलों में 2.75 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। एक बयान में कहा गया है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में प्रदूषण संबंधी दिशानिर्देशों के उल्लंघन के आरोप में यह जुर्माना लगाया गया है। दिल्ली सरकार ने प्रदूषण के बढ़ते स्तर पर लगाम लगाने के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) से दिल्ली में भारी वाहनों की गैर जरूरी आवाजाही पर रोक लगाई है। पुलिस उपायुक्त, यातायात गणेश पी शाह ने बताया कि दिल्ली-नोएडा सीमा पर भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद है। वाहनों की आवाजाही पर रोक के कारण दिल्ली-नोएडा सीमा पर जाम की स्थिति बनी हुई है। नोएडा यातायात पुलिस यातायात को सामान्य करवाने में लगी हुई है। यातायात पुलिस ने दिल्ली होकर जाने वाले भारी वाहनों के मार्ग में परिवर्तन कर उन्हें विभिन्न एक्सप्रेस वे के माध्यम से अन्य जगहों के लिए भेजा है।
- नयी दिल्ली। कोविड-19 महामारी ने दिखाया है कि भारत सरकार के विभिन्न विभागों और मंत्रालयों को अपने क्षेत्रवादी रूख को छोड़ देना चाहिए और सिंगल विंडो प्रणाली की तरफ बढ़ना चाहिए जो विभिन्न समितियों की अनुशंसाओं का हिस्सा है। यह बात केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कही। उन्होंने गुरुवार को ‘ग्लोबल इनोवेशन समिट 2021' को संबोधित करते हुए कहा कि नियामक, स्थानीय मंत्रालयों, विभागों और उस क्षेत्र के बीच नियमित बातचीत होनी चाहिए जो अन्वेषण एवं उत्पादन करते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले डेढ़ वर्षों में हमने सीखा है कि विभिन्न विभागों और मंत्रालयों को अपने क्षेत्रवादी रुख को छोड़ देना चाहिए और सिंगल विंडो प्रणाली की तरफ बढ़ना चाहिए जो विभिन्न समितियों की अनुशसांओं का हिस्सा है।'' बायोटेक्नोलॉजी विभाग के सचिव राजेश गोखले ने कहा कि जब तक नियामक प्रक्रिया को नहीं खोला जाता है, ‘‘हम काफी पिछड़ जाएंगे...इसलिए मेरा मानना है कि हमें कुशलता बढ़ाने पर ध्यान देने की जरूरत है।
- नयी दिल्ली। दिल्ली पुलिस के चार आईपीएस और दो दानिक्स अधिकारियों का गुरुवार को तबादला किया गया। एक सरकारी आदेश में यह जानकारी दी गई है। आदेश के मुताबिक, भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 1996 बैच के अधिकारी जसपाल सिंह का स्थानांतरण नई दिल्ली रेंज के विशेष पुलिस आयुक्त के पद से दिल्ली पुलिस भवन निगम के प्रबंधक निदेशक पद किया गया है। उसमें कहा गया है कि अपराध शाखा के विशेष पुलिस आयुक्त आलोक कुमार का तबादला विशेष पुलिस आयुक्त (रसद और साजोसमान) पद पर किया गया है। आदेश में कहा गया है कि विशेष पुलिस आयुक्त (यातायात मुख्यालय) मनीष कुमार अग्रवाल का स्थानांतरण विशेष आयुक्त (रक्षात्मक सुरक्षा प्रभाग के) पद पर और विशेष आयुक्त (मुख्यालय) शालिनी सिंह का तबादला विशेष आयुक्त (मानव संसाधन प्रभाग के तहत कल्याण के) पद पर किया गया है। उसमें कहा गया है कि दिल्ली, अंडमान निकोबार द्वीप पुलिस सेवा (दानिक्स) के 2008 बैच के अधिकारी शुखराज कटेवा का तबादला अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (सुरक्षा) से द्वारका जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) द्वितीय के पद पर किया गया है। वहीं दानिक्स के 2010 बैच के अधिकारी सतीश कुमार का स्थानांतरण द्वारका के अतिरिक्त डीसीपी द्वितीय के पद से अतिरिक्त डीसीपी (मुख्यालय-1) पद पर किया गया है।
- राष्ट्र के नाम सम्बोधन में श्री मोदी ने घोषणा कीनई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि सरकार ने तीनों कृषि कानून वापस लेने का फैसला किया है। आज सवेरे राष्ट्र के नाम सम्बोधन में श्री मोदी ने घोषणा की कि संसद के आगामी सत्र में ये कृषि कानून निरस्त कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि तीनों कृषि कानून किसानों के हित में थे लेकिन सरकार अपनी तमाम कोशिशों के बावजूद किसानों के एक वर्ग को समझा नहीं पायी।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा तीनों कृषि कानूनों का उद्देश्य किसानों और विशेषकर छोटे किसानों को अधिकार सम्पन्न बनाना था। उन्होंने किसानों से आंदोलन समाप्त कर घर लौट जाने की अपील की।श्री मोदी ने कहा कि उन्होंने जो भी किया किसानों के लिए किया और जो भी कर रहे हैं देश के लिए कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि लोगों के आशीर्वाद से उन्होंने कड़ी मेहनत में कोई कसर नहीं छोड़ी। श्री मोदी ने हर एक को भरोसा दिलाया कि वे अब और कड़ी मेहनत करेंगे ताकि देशवासियों और देश के सपनों को साकार किया जा सके।प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की भी घोषणा की। उन्होंने शून्य बजट आधारित कृषि को बढावा देने, देश की बदलती जरूरतों के अनुसार फसल पद्धति बदलने और न्यूनतम समर्थन मूल्य-एमएसपी को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए एक समिति बनाये जाने की भी घोषणा की। इस समिति में केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और कृषि अर्थशास्त्री शामिल होंगे।राष्ट्र के नाम अपने सम्बोधन में श्री मोदी ने छोटे किसानों के फायदे के लिए अपनी सरकार के उपायों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कृषि बजट में पांच गुना की बढोतरी की गई है और हर वर्ष सवा लाख करोड़ से अधिक खर्च किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपने पांच दशक के सार्वजनिक जीवन में किसानों कि कठिनाइयों और चुनौतियों का नजदीकी से अनुभव किया है। श्री मोदी ने कहा कि सरकार ग्रामीण बाज़ार की मूलभूत सुविधाओं को मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि न केवल सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि की बल्कि खरीद केन्द्रों में भी रिकॉर्ड बढोतरी की है।प्रधानमंत्री ने कहा सरकार ने किसानों को उचित दर पर बीज उपलब्ध कराए, सूक्ष्म सिंचाई की सुविधाएं दी तथा 22 करोड़ मृदा स्वास्थ कार्ड प्रदान किए।श्री मोदी ने कहा कि इन सभी उपायों से कृषि उत्पादन बढा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि फसल बीमा योजना को मजबूत कर अधिक से अधिक किसानों को इसके दायरे में लाया गया है। श्री मोदी ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री बनने पर उनकी सरकार ने किसानों के कल्याण और विकास को प्राथमिकता पर रखा था।प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों की दशा सुधारने के लिए बीज, बीमा, बाजार और बचत के चार आयामी उपाय किए हैं। उन्होंने कहा कि अच्छी गुणवत्ता वाले बीजों के साथ-साथ सरकार ने किसानों को नीम लेपित यूरिया, मृदा स्वास्थ्य कार्ड और सूक्ष्म सिंचाई जैसी सुविधाओं से भी जोडा है।श्री मोदी ने देव- दीपावली और प्रकाश परब के अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि डेढ साल बाद करतारपुर गलियारा फिर से खोला जा रहा है।
- नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राष्ट्र के नाम अपना संदेश दिया । कोरोना काल के 20 महीने में प्रधानमंत्री श्री मोदी 10 बार राष्ट्र को संबोधित कर चुके हैं। यह इस साल का उनका चौथा संबोधन है।अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा, 'मेरे प्यारे देशवासियों आज देव दीपावली का पावन पर्व है। आज गुरुनानक देव जी का भी पावन प्रकाश पर्व है। मैं विश्व में सभी लोगों और सभी देशवासियों को बधाई देता हूं। यह भी बेहद सुखद है कि डेढ़ साल बात करतारपुर साहिब कॉरिडोर फिर से खुल गया है। गुरुनानक देव जी ने कहा है कि संसार में सेवा का मार्ग अपनाने से ही जीवन सफल होता है। हमारी सरकार इसी सेवा भावना के साथ देशवासियों का जीवन आसान बनाने में जुटी है। न जाने कितनी पीढिय़ां जिन सपनों को सच होते देखना चाहती थीं, भारत उन्हें साकार करने की कोशिश कर रहा है।प्रधानमंत्री ने कहा- मैंने किसानों की परेशानियों और चुनौतियों को बहुत करीब से देखा है। जब देश ने मुझे 2014 में प्रधानमंत्री के तौर पर देश की सेवा का मौका दिया तो हमने किसान कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। बहुत लोग अनजान हैं कि देश के 100 में से 80 किसान छोटे किसान हैं। उनके पास 2 हैक्टेयर से भी कम जमीन है। इनकी संख्या 10 करोड़ से भी ज्यादा है। उनकी जिंदगी का आधार यही छोटी सी जमीन का टुकड़ा है।श्री मोदी ने कहा कि ये किसान इसी जमीन से अपने परिवार का गुजारा करते हैं, इसलिए देश के छोटे किसानों की परेशानियों को दूर करने के लिए बाजार, बीमा, बीज और बचत पर चौतरफा काम किया। हमने किसानों को अच्छी क्वालिटी के बीज के साथ नीम कोटेड यूरिया और स्वाइल हेल्थ कार्ड जैसी सुविधा दी। इन प्रयासों से प्रोडक्शन बढ़ा। हमने फसल बीमा योजना से ज्यादा से ज्यादा किसानों को जोड़ा। बीते चार साल में एक लाख करोड़ से अधिक का मुआवजा किसान भाई-बहनों को मिला है।उन्होंने आगे कहा हम छोटे किसानों के लिए बीमा और पेंशन की सुविधा भी लाए। हम उनकी सुविधाओं को ध्यान रखते हुए उनके खातों में सीधे एक लाख बासठ हजार करोड़ रुपए ट्रांसफर किए। उन्हें उनकी उपज की सही कीमत मिले, इसके लिए भी कई कदम उठाए। इन्फ्रास्ट्रक्चर को बेहतर किया, एमएसपी बढ़ाई। इससे उपज कि पिछले कई रिकॉर्ड टूट गए है। देश की मंडियों को ईनाम योजना से जोड़कर किसानेां को अपनी उपज कहीं भी बेचने का प्लेटफॉर्म दिया। कृषि मंडियों पर करोड़ों रुपए खर्च किए। पहले के मुकाबले देश का कृषि बजट 5 गुना बढ़ गया है।प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि किसानों की ताकत बढ़ाने के लिए दस हजार एफपीओ किसान उद्पादक संगठन बनाने की भी प्लनिंग है, इस पर सात हजार करोड़ रुपए का फंड खर्च किए जा रहे हैं। हमने क्रॉप लोन बढ़ा दिया। यानी हमारी सरकार किसानों के हित में लगातार एक के बाद एक कदम उठाती जा रही है। पूरी ईमानदारी से काम कर रही है। साथियों किसानों की इसी अभियान में देश में तीन कृषि कानून लाए गए थे। देश के किसानों को खासकर छोटे किसानों को फायदा हो। यह मांग देश में लंबे समय से होती रही थी। पहले भी कई सरकारों ने इस पर मंथन किया था। इस बार भी संसद में चर्चा हुई मंथन हुआ और यह कानून लाए गए। देश में अनेक किसान संगठनों ने इसका संमर्थन किया। मैं आज उन सभी का बहुत-बहुत आभारी हूं। धन्यवाद करता हूं।प्रधानमंत्री ने कहा-हमारी सरकार किसानों के लिए खासकर छोटे किसानों के हित में पूरी सत्य निष्ठा से किसानों के प्रति पूर्ण समर्पण भाव से यह कानून लेकर आई थी, लेकिन यह हम अपने प्रयासों के बावजूद कुछ किसानों को समझा नहीं पाए। हम पूरी विनम्रता से किसानों को समझाते रहे। बातचीत भी होती रही। हमने किसानों की बातों को समझने में कोई कसर नहीं छोड़ी। कानून के जिन प्रावधानों पर उन्हें एतराज था उन्हें सरकार बदलने को तैयार हो गई। साथियों मैं आज गुरु नानक देवजी का पवित्र पर्व है यह समय किसी को दोष देने का नही है। मैं आज यह पूरे देश को यह बताने आया हूं कि हमने तीनों कृषि कानून वापस लेने का फैसला लेने का फैसला करता हूं। इसी महीने हम इसे वापस लेने की प्रक्रिया पूरी कर देंगे।





















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