- Home
- देश
-
नयी दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को यहां दो बार के ओलंपिक पदक विजेता भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा और उनकी पत्नी हिमानी मोर से मुलाकात की। इस साल की शुरुआत में एक निजी समारोह में पूर्व टेनिस खिलाड़ी मोर से परिणय सूत्र में बंधने वाले चोपड़ा इस समय किसी प्रतियोगिता में भाग नहीं ले रहे हैं। मोदी ने ‘एक्स' पर पोस्ट किया, आज सुबह 7 लोक कल्याण मार्ग पर नीरज चोपड़ा और उनकी पत्नी हिमानी मोर से मुलाकात हुई। खेल समेत कई मुद्दों पर हमारी अच्छी बातचीत हुई।'' चोपड़ा के लिए यह साल मिला-जुला रहा। उन्होंने दोहा डायमंड लीग में पहली बार 90 मीटर भाला फेंककर यह जादुई आंकड़ा पार किया, लेकिन फिटनेस संबंधी समस्याओं से जूझने के कारण वह सितंबर में विश्व चैम्पियनशिप में अपने खिताब का बचाव नहीं कर पाए और आठवें स्थान पर रहे। उन्होंने बेंगलुरु में अपने नाम पर स्थापित भाला फेंक प्रतियोगिता की मेजबानी भी की और उसमें जीत हासिल की। इस स्टार खिलाड़ी ने सत्र की शुरुआत में चेक गणराज्य के दिग्गज जान जेलेजनी को अपना नया कोच नियुक्त किया था। जेलेजनी के नाम पर तीन ओलंपिक स्वर्ण पदक और भाला फेंक में 98.48 मीटर का विश्व रिकॉर्ड दर्ज है।
- पटना। भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन मंगलवार को पटना पहुंचे। दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष का पदभार संभालने के बाद यह उनकी पहली बिहार यात्रा है। पटना एयरपोर्ट पर बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा सहित पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।पटना पहुंचने के बाद नितिन नबीन ने आयोजित रोड शो में भी हिस्सा लिया, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। केंद्रीय राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि अनगिनत समर्पित नेताओं और कार्यकर्ताओं के परिश्रम से बनी भारतीय जनता पार्टी अपने राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन का उनकी पवित्र भूमि और कर्मभूमि पर स्वागत करती है। उन्होंने कहा कि उनके स्वागत के लिए पूरा बिहार उमड़ पड़ा है।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है। राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष पद संभालने के बाद नितिन नबीन पहली बार अपने जन्मस्थान और कर्मभूमि पर आए हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह है।भाजपा नेता तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि नितिन नबीन और बिहार को प्रधानमंत्री के विजन को आगे बढ़ाने और ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।भाजपा नेता नीरज बबलू ने कहा कि पूरे राज्य से लोग बड़ी संख्या में जुटे हैं, जिससे उत्साहपूर्ण माहौल बना है। इससे बिहार में संगठन और अधिक मजबूत होगा और पार्टी देशभर में और सशक्त बनेगी।भाजपा सांसद विवेक ठाकुर ने कहा कि यह बिहार के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने केंद्रीय नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नितिन नबीन एक कुशल संगठनकर्ता हैं और उनके आगमन से पार्टी में नई ऊर्जा का संचार होगा।बिहार सरकार में मंत्री संजय सिंह टाइगर ने कहा कि आम लोगों, कार्यकर्ताओं और पार्टी नेताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। नितिन नबीन के नेतृत्व में पार्टी आगे बढ़ेगी और और अधिक मजबूत होगी।
- नयी दिल्ली. पनडुब्बी रोधी पोत 'अंजदीप' को सोमवार को भारतीय नौसेना को सौंप दिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई), कोलकाता द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित आठ एएसडब्ल्यू एसडब्ल्यूसी (पनडुब्बी रोधी उथले पानी का जहाज) में से तीसरा पोत चेन्नई में नौसेना को सौंप दिया गया। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि एएसडब्ल्यू एसडब्ल्यूसी पोत को जीआरएसई और मेसर्स एल एंड टी शिपयार्ड, कट्टुपल्ली के सार्वजनिक-निजी-भागीदारी (पीपीपी) के तहत इंडियन रजिस्टर ऑफ शिपिंग (आईआरएस) के वर्गीकरण नियमों के अनुसार डिजाइन और निर्मित किया गया है। यह सहयोगी रक्षा विनिर्माण की सफलता को दर्शाता है। लगभग 77 मीटर लंबाई वाला यह जहाज भारतीय नौसेना का सबसे बड़े वाटरजेट पोत है और अत्याधुनिक हल्के टॉरपीडो, स्वदेशी रूप से निर्मित पनडुब्बी रोधी रॉकेट और सोनार से सुसज्जित हैं। यह पानी के नीचे के खतरों का प्रभावी ढंग से पता लगाने और उनसे निपटने में सक्षम है। अधिकारियों ने बताया कि ये जहाज नौसेना की पनडुब्बी रोधी, तटीय निगरानी और बारूदी सुरंग बिछाने की क्षमताओं को मजबूत करेंगे। जहाज का नाम कर्नाटक के कारवार तट पर स्थित अंजदीप द्वीप से लिया गया है, जो भारत के विशाल समुद्री क्षेत्र की रक्षा की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। ‘अंजदीप' की आपूर्ति भारतीय नौसेना के स्वदेशी जहाज निर्माण के प्रयासों में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह सरकार के 'आत्मनिर्भर भारत' के विजन को साकार करती है। इसमें 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। यह जहाज घरेलू रक्षा विनिर्माण पारिस्थिकी तंत्र के विकास और आयात पर निर्भरता कम करने का प्रमाण है।
- मुंबई. साइबर जालसाजों ने एक सेवानिवृत्त बैंकर से शेयरों में निवेश करने पर अधिक मुनाफे का वादा करके 1.35 करोड़ रुपये ठग लिए। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। उसने बताया कि 63 वर्षीय महिला के साथ 10 नवंबर से 19 दिसंबर के बीच धोखाधड़ी की गयी, जब उसने यूट्यूब पर 'जैनम ब्रोकिंग लिमिटेड' नामक एक कंपनी का विज्ञापन देखा और उसका नंबर '121 कम्युनिटी हब जैनम' नामक एक व्हाट्सएप समूह में जोड़ दिया गया। पुलिस ने बताया, "ग्रुप में कुछ एडमिन ने बताया कि जैनम कंपनी ग्लोबल फाइनेंशियल एलीट शोडाउन (जीएफईएस) में भारत की प्रतिनिधि थी। उन्होंने निवेशकों को भविष्य में अधिक मुनाफे का वादा किया। उन्होंने यह भी ऑफर दिया कि जो भी कंपनी के लिए सबसे ज्यादा वोट लाएगा, उसे हर हफ्ते 5000 से 10000 रुपये मिलेंगे।" अधिकारी ने बताया, "उनके मोबाइल फोन पर एक लिंक भेजा गया, जिस पर उन्होंने क्लिक किया और फिर उन्हें एक दूसरे समूह में जोड़ दिया गया। उन्हें निवेश के उद्देश्य से खाते की जानकारी दी गई। 19 नवंबर को पीड़िता ने दिए गए बैंक खाते में 80,000 रुपये जमा किए। अगले दिन उनके निवेश विवरण में राशि 88,000 रुपये दिखे। इससे प्रभावित होकर उन्होंने 1.35 करोड़ रुपये का निवेश किया, जिससे उनके खाते में कुल राशि 3.5 करोड़ रुपये दिखाई देने लगी।" पीड़िता ने तब खाते से कुछ पैसे निकालने का फैसला किया, लेकिन धोखाधड़ी करने वालों ने उसे बताया कि अगर वह 1.5 करोड़ रुपये का निवेश करती है, तो उसे 100 प्रतिशत लाभ मिलेगा। अधिकारी ने बताया, "कंपनी के अधिकारियों ने यह दिखावा किया कि वे उसके खाते पर 1.5 करोड़ रुपये का ऋण ले रहे हैं। कुछ समय बाद उसके आभासी खाते में राशि बढ़कर 10 करोड़ रुपये हो गई। उसने कंपनी को 70 लाख रुपये निकालने का अनुरोध भेजा, लेकिन कंपनी ने कहा कि 1.5 करोड़ रुपये के ऋण पर ब्याज चुकाने के बाद ही वह अपने खाते से पैसे निकालने की पात्र होगी।" अपने साथ हुई धोखाधड़ी का एहसास होने पर महिला ने शनिवार को ईस्ट रीजन साइबर थाने से संपर्क किया, जिसके बाद 12 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
- कोटद्वार. उत्तराखंड में पौड़ी जिले के कोटद्वार स्थित राजकीय महाविद्यालय की एक वरिष्ठ प्रोफेसर को कथित रूप से 'डिजिटल अरेस्ट' कर साइबर ठगों ने उससे 1.11 करोड़ रुपये ठग लिए। एक पुलिस अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी । पौड़ी के अपर पुलिस अधीक्षक चंद्र मोहन सिंह ने बताया कि पौड़ी जिले की अब तक की सबसे बड़ी साइबर ठगी की घटना रविवार शाम सामने आयी जब प्रोफेसर डॉ बसंतिका कश्यप ने पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज करायी । तहरीर के मुताबिक, व्हाट्सएप कॉल पर खुद को एक जांच एजेंसी का उच्चाधिकारी बताकर साइबर ठगों ने प्राणि विज्ञान की प्रोफेसर कश्यप को अपने झांसे में लिया और फिर उनके मन में इतनी दहशत पैदा कर दी कि वह लगातार 11 दिनों तक ‘डिजिटल अरेस्ट' रहीं । इस दौरान उन्होंने न सिर्फ अपनी जमा-पूंजी गंवाई, बल्कि रिश्तेदारों से भी रकम उधार लेकर ठगों के हवाले कर दी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि साइबर ठगों ने प्रोफेसर को व्हाटसएप कॉल कर उनके खिलाफ एक झूठी प्राथमिकी दिखाई और बताया कि कार्गो से आने वाले अवैध सामान में उनका नाम है और इसमें उनके आधार कार्ड का भी नंबर दिया हुआ है । पुलिस अधकारी के अनुसार ठगों ने उन्हें बताया कि उनकी गिरफ्तारी कभी भी हो सकती है और इससे बचने के लिए उन्हें कुछ पैसे देने होंगे । पुलिस का कहना है कि मुकदमे के डर से कश्यप ने आठ दिसंबर से 19 दिसंबर तक अलग-अलग बैंक खातों में कुल एक करोड़ 11 लाख रुपये डाल दिए । साइबर ठगों ने प्रोफेसर को फिर डराया तथा 64 लाख रुपये की और मांग की । पुलिस के मुताबिक सारी जमा-पूंजी खत्म होने के बाद प्रोफेसर ने अपनी परेशानी अपने साथियों और कॉलेज के प्राचार्य से साझा की जिसके बाद पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करायी गयी । पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस वर्ष अभी तक जिले के साइबर प्रकोष्ठ ने ठगी के एक करोड़ 45 लाख से अधिक की धनराशि लोगों को वापस दिलायी है। इस साल साइबर ठगी के सिलसिले में 60 मुकदमे दर्ज किए गए जिनमें से 44 आरोपियों को गिरफ्तार कर विधिक कार्रवाई के तहत सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है ।
- भुवनेश्वर. पुरी के प्रतीकात्मक राजा गजपति महाराजा दिब्यसिंह देब ने सोमवार को अंतर्राष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन) पर श्री जगन्नाथ संस्कृति के खिलाफ "गलत सूचना" फैलाने का आरोप लगाया और धार्मिक विद्वानों एवं श्रद्धालुओं से रथयात्रा के "तय समय के अलावा" आयोजन का विरोध करने का आह्वान किया। 'जगन्नाथ संस्कृति' से तात्पर्य ओडिशा के प्रमुख देवता 'भगवान जगन्नाथ' की पूजा से संबंधित परंपराओं, अनुष्ठानों और दार्शनिक मान्यताओं से है। श्री जगन्नाथ मंदिर प्रबंधन समिति (एसजेटीएमसी) के अध्यक्ष और पुरी मंदिर के सर्वोच्च निर्णय लेने वाले निकाय के अध्यक्ष देब ने कहा कि शास्त्रों द्वारा स्वीकृत तिथियों के अलावा अन्य तिथियों पर रथ यात्रा का आयोजन करना स्थापित परंपरा से गंभीर विचलन है और जगन्नाथ संस्कृति की पवित्रता के लिए खतरा पैदा करता है। भगवान जगन्नाथ के पहले सेवक माने जाने वाले देब की ये टिप्पणियां इस्कॉन के उस बयान के संदर्भ में आई हैं जिसमें कहा गया है कि रसद संबंधी समस्याओं के कारण विभिन्न देशों में एक ही तिथि पर रथ यात्रा आयोजित करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा, "समय से पहले रथ यात्रा का आयोजन करना एक गंभीर विचलन है। इस्कॉन, शास्त्रों और श्री जगन्नाथ परंपरा का उल्लंघन कर रहा है। इसने एक बहुत ही खतरनाक प्रवृत्ति को जन्म दिया है जिसका अनुसरण अब अन्य लोग भी कर रहे हैं, जिससे जगन्नाथ संस्कृति की पवित्रता कमजोर हो रही है।" गजपति महाराजा रविवार शाम को यहां श्री जगन्नाथ चेतना अनुसंधान संस्थान की एक सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने ओडिशा और पूरे देश के लोगों को जगन्नाथ संस्कृति के प्रचार के नाम पर शास्त्रों के निर्देशों से विचलन के रूप में वर्णित कार्यों के प्रति आगाह किया। शास्त्रों के अनुसार, भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा प्रतिवर्ष आषाढ़ शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि (जून-जुलाई) को आयोजित की जाती है। हालांकि, इस्कॉन ने एसजेटीएमसी को लिखे पत्र में कहा है कि विश्व स्तर पर मनाई जाने वाली इस रथ यात्रा को किसी एक निश्चित तिथि पर आयोजित करना संभव नहीं होगा। हालांकि, संगठन ने पुरी के मूल पीठ की परंपरा के अनुरूप विश्व स्तर पर एक ही दिन 'स्नान पूर्णिमा' का अनुष्ठान मनाने पर सहमति व्यक्त की। देब ने कहा, "शास्त्रों द्वारा स्वीकृत न की गई तिथियों पर रथ यात्रा आयोजित करने की प्रथा श्री जगन्नाथ संस्कृति के खिलाफ सबसे गंभीर गलत सूचना अभियानों में से एक के रूप में उभरी है।" उन्होंने कहा, "जगन्नाथ संस्कृति के प्रचार के नाम पर व्यापक उल्लंघन और गलत सूचनाओं का प्रसार हो रहा है। इस वर्ष अक्टूबर में इस्कॉन ने यह स्पष्ट किया कि वह शास्त्रों में निर्धारित तिथि के अनुसार रथ यात्रा का आयोजन नहीं करेगा।" ओड़िया लोगों को शांतिप्रिय और सहिष्णु मानते हुए प्रतीकात्मक राजा ने कहा कि धार्मिक विद्वानों और भक्तों के लिए अपने विचार दृढ़ता से व्यक्त करने का समय आ गया है। उन्होंने कहा, "चुप रहने से विचलन को और बढ़ावा मिल सकता है। यदि कड़ा विरोध नहीं किया गया तो अनियमित अनुष्ठान धीरे-धीरे सामान्य हो सकते हैं।" उन्होंने कहा कि इस्कॉन के साथ कई दौर की बातचीत से कोई परिणाम नहीं निकला है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि रथ यात्रा का पालन शास्त्रों में दिए गए निर्देशों और पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर की सदियों पुरानी परंपराओं के अनुसार ही किया जाना चाहिए। एसजेटीएमसी को 19 अक्टूबर को लिखे एक पत्र में इस्कॉन गवर्निंग बॉडी कमीशन के अध्यक्ष गोवर्धन दास ने कहा कि संगठन ने भारत और विदेश में स्थित अपने सभी मंदिरों में ज्येष्ठ पूर्णिमा की निर्धारित तिथि पर स्नान यात्रा मनाने पर सहमति व्यक्त की है। हालांकि, उन्होंने कहा कि शास्त्रों और परंपरा द्वारा निर्धारित तिथि पर भारत के बाहर रथ यात्रा निकालने के एसजेटीएमसी के निर्णय से इस्कॉन सहमत नहीं हो सका।
- जोधपुर. राजस्थान में जालोर जिले की एक ग्राम पंचायत ने 26 जनवरी से 15 गांवों की बहुओं और लड़कियों के कैमरा वाले मोबाइल फोन के इस्तेमाल करने पर पाबंदी लगा दी है। इसके अलावा, सार्वजनिक समारोहों या पड़ोसी के घर मोबाइल फोन ले जाना भी प्रतिबंधित होगा। उन्हें केवल कीपैड वाले फोन का उपयोग करने की अनुमति होगी। यह निर्णय जालोर जिले के गाजीपुर गांव में रविवार को चौधरी समुदाय की एक बैठक के दौरान लिया गया, जिसकी अध्यक्षता 14 पट्टियों (उप-मंडलों) के अध्यक्ष सुजनाराम चौधरी ने की। चौधरी ने बताया कि पंच हिम्मतराम ने इस फैसले की घोषणा की।हिम्मतराम के अनुसार, पंच सदस्यों और समुदाय के सदस्यों के बीच चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया कि बहुएं और लड़कियां केवल कीपैड वाले फोन का उपयोग करेंगी। चौधरी ने बताया कि स्कूल जाने वाली लड़कियां, जिन्हें पढ़ाई के लिए मोबाइल फोन की आवश्यकता है, उनका उपयोग केवल घर पर ही कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि स्कूली लड़कियों को शादियों, सामाजिक कार्यक्रमों या यहां तक कि पड़ोसी के घर भी मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। पंचायत के फैसले के विरोध के जवाब में चौधरी ने स्पष्ट किया कि यह कदम इसलिए उठाया गया है कि बच्चे अक्सर घरों में महिलाओं के मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हैं, जिससे उनकी आंखों की रोशनी पर बुरा असर पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि कुछ महिलाएं बच्चों का ध्यान भटकाने के लिए उन्हें मोबाइल फोन दे देती हैं, ताकि वे अपने दैनिक कार्य कर सकें।
- श्री विजय पुरम. नववर्ष की पूर्व संध्या पर लोग भारत के एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी को देख सकेंगे। अंडमान और निकोबार प्रशासन बैरन द्वीप तक एक क्रूज यात्रा की योजना बना रहा है। एक अधिकारी ने बताया कि यह क्रूज 31 दिसंबर को रात नौ बजे श्री विजय पुरम के हद्दो घाट से रवाना होगा और एक जनवरी को दोपहर दो बजे तक इसके लौटने का कार्यक्रम है, जो यात्रियों को रोमांच, उत्सव और प्राकृतिक भव्यता के साथ द्वीप का दृश्य प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि नव वर्ष का जश्न मनाने के लिए एमवी स्वराज द्वीप पर स्वादिष्ट भोजन के अलावा संगीत और अन्य मनोरंजक गतिविधियां भी होंगी। अधिकारी ने बताया कि यात्री अपनी सुविधा और बजट के अनुसार कई यात्रा श्रेणियों का चयन कर सकते हैं, जबकि पूरी यात्रा के दौरान क्रूज में खानपान सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। उन्होंने बताया कि इस क्रूज का संचालन पोत परिवहन सेवा निदेशालय (डीएसएस) करेगा और टिकट डीएसएस की वेबसाइट पर बुक की जा सकती हैं। उन्होंने बताया कि टिकट की कीमत 3,180 रुपये प्रति व्यक्ति से शुरू होकर 8,310 रुपये तक है। श्री विजयपुरम (पूर्व में पोर्ट ब्लेयर) से समुद्र मार्ग से लगभग 140 किलोमीटर दूर स्थित बैरन द्वीप, भारतीय और बर्मी टेक्टोनिक प्लेटों के संगम पर स्थित है। बैरन द्वीप का कुल क्षेत्रफल 8.34 वर्ग किलोमीटर है, और निकटतम बस्ती स्वराज द्वीप (हैवलॉक द्वीप) और नारकोंडम लुकआउट पोस्ट है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, बैरन द्वीप पर पहला ज्वालामुखी विस्फोट 1787 में दर्ज किया गया था, जिसके बाद 1991, 2005, 2017, 2022 और इस वर्ष सितंबर तथा नवंबर में हल्के विस्फोट हुए।
- इंदौर. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने सोमवार को पार्टी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य हासिल करने के लिए पूरी मेहनत और लगन से काम करें। नड्डा सोमवार रात इंदौर पहुंचे जहां मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के साथ बड़ी तादाद में मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका देवी अहिल्याबाई होलकर हवाई अड्डे पर स्वागत किया। नड्डा ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में भाजपा के प्रति पार्टी कार्यकर्ताओं के समर्पण की सराहना की। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा,"हम सब लोग एक समान उद्देश्य और एक समान विचारधारा के साथ देश एवं समाज को आगे बढ़ाने में लगे हैं।" नड्डा ने भाजपा कार्यकर्ताओं से आह्वान किया,"आप इस संकल्प के साथ पूरी मेहनत और लगन से काम करें कि 2047 में विकसित भारत को हम सब अपनी आंखों से देख सकें।" उन्होंने मुख्यमंत्री यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष खंडेलवाल के नामों का उल्लेख करते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं से यह भी कहा कि वे दोनों नेताओं को सहयोग करें और पार्टी को ताकत प्रदान करें। अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री नड्डा मध्यप्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के आधार पर बनने जा रहे चिकित्सा महाविद्यालयों के निर्माण की नींव मंगलवार को रखेंगे। इस सिलसिले में धार में समारोह आयोजित किया गया है।
- नयी दिल्ली. एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस लि. ने नए आवास ऋण पर ब्याज दर घटाकर 7.15 प्रतिशत कर दी है। आवास ऋण देने वाली कंपनी ने सोमवार को बयान में कहा कि मकानों के लिए नए कर्ज की मंजूरी पर संशोधित ब्याज दरें अब 7.15 प्रतिशत से शुरू होंगी। नई दरें 22 दिसंबर से प्रभाव में आ गयी हैं। एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस ने कहा कि ऐसे समय में जब खरीदार अपने फैसलों पर सावधानीपूर्वक पुनर्विचार कर रहे हैं, इस कदम से घर खरीदने वालों का उत्साह बढ़ने की उम्मीद है। इससे घर खरीदना अधिक किफायती बनाने की एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस की प्रतिबद्धता और मजबूत होती है। ब्याज में यह कमी आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) द्वारा इसी महीने रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती के बाद की गई है।--
- पुणे. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को कहा कि भारत को पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था और विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए ज्ञान सबसे शक्तिशाली उपकरण है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि किसी भी देश का भविष्य उसके पास मौजूद भविष्योन्मुखी प्रौद्योगिकी पर आधारित होता है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने कहा, ‘‘देश के विकास और प्रगति में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) और उसके छात्रों का बहुत बड़ा योगदान रहा है। सरकार में काम करते समय अगर हमें कोई चुनौती आती है, तो हम सबसे पहले आईआईटी से सलाह लेते हैं। आईआईटी की विश्वसनीयता इतनी अच्छी है कि हमें जो समाधान मिलता है, वह व्यापक रूप से स्वीकार्य होता है।संक्षेप में कहें तो आप ज्ञान की राजधानी हैं।'' गडकरी ने कहा, ‘‘देश की प्रगति, संसाधन और प्रौद्योगिकी महत्वपूर्ण हैं लेकिन इससे भी अधिक महत्वपूर्ण भविष्य की प्रौद्योगिकी और ज्ञान है। किसी भी देश का भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि उसके पास किस प्रकार की भविष्यान्मुखी प्रौद्योगिकी है।'' उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक मिशन के रूप में लक्ष्य निर्धारित किया है और वह है भारत को पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना। केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘अगर हम पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था और तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना चाहते हैं, तो ज्ञान सबसे शक्तिशाली उपकरण होगा।'' गडकरी ने कहा कि उद्यमिता, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अनुसंधान, कौशल और सर्वोत्तम प्रथाओं को सामूहिक रूप से ज्ञान कहा जाता है और इस ज्ञान को धन संपदा में परिवर्तित करना ही भविष्य है।
- बिजनौर (उप्र). बिजनौर जिले के नांगल थाना क्षेत्र में एक डंपर ट्रक से पीछे से टकराई कार में सवार एक इस्लामिक विद्वान सहित चार लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। नजीबाबाद के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) नीतेश प्रताप सिंह ने बताया कि रविवार देर रात लगभग साढ़े 11 बजे हरिद्वार मार्ग पर थाना नांगल क्षेत्र में गांव जालपुर के पास एक कार आगे चल रहे डंपर में जा घुसी, जिससे कार सवार चार लोगों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने कार के दरवाजे काटकर शवों को बाहर निकाला। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान इस्लामिक विद्वान कारी इकबाल (75), अशफाक (65), एहतेशाम (25) और सलाउद्दीन (26) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार कारी किसी मदरसे के जलसे को संबोधित करके लौट रहे थे। मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
-
नयी दिल्ली. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। यह, एक महीने पहले लगातार पांचवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद नीतीश कुमार का राष्ट्रीय राजधानी का पहला दौरा है। शाह के आवास पर हुई बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने राज्य के विकास से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। कुमार रविवार को दो दिवसीय दौरे पर यहां पहुंचे थे, जहां उनके प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के शीर्ष नेताओं से मिलने की उम्मीद है। बैठक में मकर संक्रांति के बाद संभावित राज्य मंत्रिमंडल विस्तार के मुद्दे पर चर्चा होने की उम्मीद है।
-
तिरुपति/ भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रमुख वी. नारायणन ने ‘ब्लूबर्ड ब्लॉक-2' मिशन से पहले सोमवार को यहां तिरुपति मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसरो बुधवार (24 दिसंबर) को एलवीएम3-एम6/ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 मिशन का प्रक्षेपण करने वाला है। यह एक समर्पित वाणिज्यिक मिशन होगा, जिसे एलवीएम3 प्रक्षेपण यान के जरिए अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। यह ऐतिहासिक मिशन अमेरिका आधारित एएसटी स्पेसमोबाइल के ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 संचार उपग्रह को अंतरिक्ष में ले जाएगा। अंतरिक्ष एजेंसी के अधिकारियों के साथ मौजूद नारायणन ने कथित रूप से दर्शन पूजन करते समय प्रक्षेपण रॉकेट की सूक्ष्म प्रतिकृति भी रखी हुई थी। नारायणन ने कहा, 24 दिसंबर को हम ब्लूबर्ड-2 का प्रक्षेपण करने वाले हैं… हमारे बाहुबली रॉकेट…एम6 रॉकेट का उपयोग करके। उन्होंने कहा कि यह मिशन भारत की धरती से प्रक्षेपित किए जाने वाले अब तक के सबसे भारी उपग्रह को अंतरिक्ष में ले जाने का है। इसरो प्रमुख के अनुसार, ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 संचार उपग्रह का उपयोग 4जी और 5जी संचार उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
-
नयी दिल्ली/ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। यह मुलाकात राज्य के विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की शानदार जीत के बाद कुमार के पूर्वी राज्य की कमान फिर संभालने के लगभग एक महीने बाद हुई। प्रधानमंत्री से मुलाकात के दौरान कुमार के साथ बिहार के उपमुख्यमंत्री और भाजपा नेता सम्राट चौधरी और जदयू नेता व केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह भी मौजूद थे। प्रधानमंत्री कार्यालय ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, “बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की।” बैठक के बाद चौधरी ने कहा कि बिहार में राजग को मिले भारी जनादेश के बाद, मुख्यमंत्री, उन्होंने और सिंह ने “विश्व के सबसे लोकप्रिय नेता” प्रधानमंत्री मोदी के साथ शिष्टाचार भेंट की। चौधरी ने ‘एक्स' पर लिखा, “आदरणीय मोदी जी के निर्देशन और नेतृत्व में देश एवं बिहार निरंतर आगे बढ़ रहा है। इस दौरान विकसित बिहार के लक्ष्यों पर बहुमूल्य मार्गदर्शन भी प्राप्त हुआ।” इससे पहले बिहार के मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की थी। कुमार दो दिवसीय दौरे पर रविवार को राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे थे।
शाह के आवास पर हुई बैठक के दौरान नेताओं ने राज्य के विकास से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। कुमार की राजग नेताओं के साथ होने वाली बातचीत में राज्य मंत्रिमंडल के विस्तार का मुद्दा प्रमुखता से उठने की संभावना है। मकर संक्रांति के बाद राज्य मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है। बिहार विधानसभा की 243 सीट के लिए नवंबर में चुनाव हुए, जिसमें राजग ने 202 सीटें हासिल कीं और कुमार ने 10वीं बार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। -
पीलीभीत. उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले की एक कॉलोनी में एक सरकारी कर्मचारी और उसकी पत्नी की गीजर से गैस के रिसाव के कारण दम घुटने से मौत हो गयी। पुलिस के एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। अपर पुलिस अधीक्षक विक्रम दहिया ने बताया कि गुरुकुल पुरम इलाके में एक घर के अंदर बाथरूम में पति-पत्नी का शव मिलने की सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बाथरूम का दरवाजा तोड़कर दोनों शवों को बाहर निकाला। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान हरजिंदर (42) और उनकी पत्नी रेनू सक्सेना (40) के रूप में हुई है। अधिकारी ने बताया कि हरजिंदर विकास भवन स्थित जिला ग्रामीण विकास एजेंसी में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी था। दहिया ने बताया कि पड़ोसियों से पूछताछ में पता चला कि रेनू का हाल ही हाथ टूट गया था और हरजिंदर उसकी देखभाल करता था। उन्होंने बताया कि रविवार देर शाम हरजिंदर अपनी पत्नी को बाथरूम में नहला रहा था और आशंका है कि गीजर से निकली गैस के कारण बाथरूम के भीतर ऑक्सीजन की कमी होने की वजह से दोनों की दम घुटने से मौके पर ही मौत हो गई।
-
बेलडांगा (बंगाल पश्चिम) .मुर्शिदाबाद जिले में बाबरी मस्जिद जैसी मस्जिद की आधारशिला रखने पर तृणमूल कांग्रेस द्वारा निलंबित किए जाने के कुछ दिनों बाद, पश्चिम बंगाल के विधायक हुमायूं कबीर ने सोमवार को जनता उन्नयन पार्टी नामक नई पार्टी का गठन किया। बेलाडांगा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कबीर ने कहा कि उनका लक्ष्य विधानसभा चुनावों में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सत्ता से बेदखल करना है। राज्य में विधानसभा चुनाव होने में छह महीने से भी कम समय बचा है। उन्होंने दावा किया, "ममता बनर्जी 2026 में मुख्यमंत्री के रूप में शपथ नहीं लेंगी; वह पूर्व मुख्यमंत्री होंगी। वह अब वैसी नहीं रहीं जैसी मैं उन्हें जानता था और अब वह आम आदमी की पहुंच से बाहर हैं।" कबीर ने कहा, "हमारी पार्टी राज्य के आम आदमी और उनके उत्थान के लिए आवाज उठाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि नई पार्टी का नाम रखते समय उन्होंने जानबूझकर कांग्रेस या तृणमूल से जुड़ा कोई भी नाम, संकेत या अंश नहीं रखा, ताकि यह साफ दिखे कि उनकी नई पार्टी पूरी तरह अलग पहचान वाली है। भरतपुर के विधायक कबीर ने आठ उम्मीदवारों के नाम बताए जिन्हें उनकी नई पार्टी 2026 के विधानसभा चुनावों में मैदान में उतारेगी, और कहा कि वह खुद रेजिनगर और बेलडांगा से चुनाव लड़ेंगे, ये दोनों सीटें 2021 में तृणमूल कांग्रेस ने जीती थीं। उन्होंने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को उन्हें हराने की चुनौती देते हुए कहा, "मैं जिन दोनों सीटों से चुनाव लड़ूंगा, उन दोनों से जीतूंगा। कबीर ने अपनी पार्टी का घोषणापत्र जारी किया और कहा कि चुनाव चिन्ह के लिए उनकी पहली पसंद 'मेज' होगी, जिस पर उन्होंने 2016 के राज्य चुनावों में एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था, बशर्ते उन्हें निर्वाचन आयोग की मंजूरी मिल जाए, जबकि 'दो गुलाब' उनकी दूसरी पसंद होगी। उन्होंने पार्टी का झंडा भी जारी किया, जिसमें पीले, हरे और सफेद रंग हैं।
कबीर ने भगबंगोला और रानीनगर सीटों से अपने हमनामों को पार्टी उम्मीदवार घोषित किया। उन्होंने मुर्शिदाबाद से मनीष पांडे और दक्षिण कोलकाता के बालीगंज से निशा चटर्जी को उम्मीदवार बनाया। हाजी इबरार हुसैन को पश्चिम मिदनापुर के खड़गपुर ग्रामीण से, मुस्केरा बीबी को मालदा के बैसनाबनगर से और वहीद-उर-रहमान को दक्षिण दिनाजपुर के हरिरामपुर से प्रत्याशी घोषित किया। उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा, "हम आपको बाद में ही बता पाएंगे कि हम अंततः कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेंगे।" कबीर ने इससे पहले घोषणा की थी कि वह राज्य विधानसभा की 294 सीटों में से 135 सीटों पर उम्मीदवार उतारने का इरादा रखते हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आरोप लगाया कि कबीर तृणमूल कांग्रेस को सत्ता में वापस लाने में मदद करने के लिए काम कर रहे हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य ने दावा किया, “आगामी विधानसभा चुनावों में कबीर कोई निर्णायक भूमिका नहीं निभाएंगे। उन्हें अपने पुराने मित्र तृणमूल कांग्रेस के साथ करारी हार का सामना करना पड़ेगा, जिसके साथ वह अब भी गुप्त रूप से संपर्क में हैं। बंगाल की जनता कबीर और उनकी नई पार्टी-दोनों को ही खारिज कर देगी।” उन्होंने दावा किया कि कबीर विधानसभा चुनावों में "भाजपा के वोटों को बांटने" की कोशिश कर रहे हैं।
भट्टाचार्य ने दावा किया, "बांग्लादेश की स्थिति के मद्देनजर, बंगाल के लोग कबीर के प्रयासों को विफल करेंगे और भाजपा जैसी एक मजबूत राष्ट्रवादी ताकत को चुनेंगे, केवल वह ही कट्टरपंथियों को हरा सकती है।" तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता जयप्रकाश मजूमदार ने कहा कि इस तरह की पार्टियां पहले भी बनी हैं और गुमनामी में चली गई हैं। उन्होंने कहा, "यह सांप्रदायिक उकसावे के अलावा और कुछ नहीं है।"
बाबरी मस्जिद जैसी मस्जिद बनाने की कबीर की घोषणा के बाद मचे बवाल के बीच तृणमूल कांग्रेस ने चार दिसंबर को उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया था। छह दिसंबर को कबीर ने रेजिनगर में मस्जिद की नींव रखी थी। छह दिसंबर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद को ध्वस्त किया गया था। कबीर का पिछले 10 वर्षों में राज्य की लगभग सभी प्रमुख राजनीतिक पार्टियों से संबंध रहा है।
साल 2015 में, उन्हें तृणमूल कांग्रेस ने छह साल के लिए पार्टी से "निष्कासित" कर दिया था, क्योंकि उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की आलोचना की थी और आरोप लगाया था वह पार्टी प्रमुख अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी को ‘राजा' बनाने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने 2016 के विधानसभा चुनाव में रेजिनगर सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा, लेकिन कांग्रेस उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी से हार गए। बाद में वह कांग्रेस में शामिल हो गए, जिसकी उस समय जिले में काफी मजबूत उपस्थिति थी, लेकिन 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले वह भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा ने उन्हें मुर्शिदाबाद लोकसभा सीट से अपना उम्मीदवार बनाया और वह तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस के उम्मीदवारों के बाद तीसरे स्थान पर रहे। इसके बाद वह तृणमूल कांग्रेस में वापस लौट आए और 2021 में भरतपुर से विधायक बने। - देवरिया (उप्र):।उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले की सलेमपुर पुलिस ने मुठभेड़ के बाद तीन गो तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।पुलिस के अनुसार रविवार रात सलेमपुर क्षेत्र के सोहनाग बरठा मुख्य मार्ग पर एक वाहन में तीन गोवंश ले जाए जा रहे थे और जब पुलिसकर्मियों ने वाहन सवार लोगों को वाहन रोकने का इशारा किया तो उन्होंने गोलियां चलाईं, जिसके बाद पुलिस टीम ने भी जवाबी गोलीबारी की।उसने बताया कि इस दौरान एक गोली एक आरोपी भोलू यादव (26) के दाहिने पैर में लगी। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद आरोपी राज यादव (20), नागेन्द्र कुमार (29) को मौके से गिरफ्तार कर लिया, भोलू यादव को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।उसने बताया कि आरोपी भोलू के पास से एक अवैध देसी तमंचा, एक कारतूस आदि बरामद किया गया।अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) सुनील कुमार सिंह ने बताया कि थाना सलेमपुर में गोवध निवारण अधिनियम व भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की अन्य संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है और विधिक कार्रवाई की जा रही है।
-
नई दिल्ली। पंचायती राज मंत्रालय द्वारा पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम, 1996 (पेसा) के लागू होने की वर्षगांठ के अवसर पर लोक संस्कृति के उत्सव के रूप में दो दिवसीय ‘पेसा महोत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है। यह महोत्सव 23 और 24 दिसंबर, 2025 को आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में आयोजित होगा। पेसा अधिनियम की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में 24 दिसंबर को ‘पेसा दिवस’ भी मनाया जाएगा। आंध्र प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री एवं पंचायती राज और ग्रामीण विकास मंत्री श्री कोनिदाला पवन कल्याण महोत्सव का उद्घाटन करेंगे। पंचायती राज मंत्रालय के केंद्रीय सचिव विवेक भारद्वाज इस अवसर पर केंद्र तथा राज्य सरकारों के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे। इस आयोजन में पंचायत प्रतिनिधियों, खिलाड़ियों और सांस्कृतिक कलाकारों सहित सभी 10 पेसा राज्यों से लगभग 2,000 प्रतिनिधियों के भाग लेने की आशा है।
पेसा से संबंधित कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय गतिविधियों का शुभारंभ 24 दिसंबर, 2025 को किया जाएगा। इनमें सूचना के प्रभावी प्रसार और पेसा के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए पेसा पोर्टल, राज्यों में कार्यान्वयन की प्रगति का आकलन करने हेतु पेसा संकेतक, जागरूकता बढ़ाने व जमीनी स्तर पर क्षमता निर्माण को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जनजातीय भाषाओं में पेसा पर प्रशिक्षण मॉड्यूल तथा हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले पर आधारित एक ई-पुस्तक शामिल है, जिसमें क्षेत्र के पारंपरिक ज्ञान, संस्कृति एवं विरासत का दस्तावेजीकरण किया गया है। उत्सवों के तहत आंध्र प्रदेश की पेसा ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा, जिनमें भाग लेने वाले राज्यों के निर्वाचित प्रतिनिधि दस चिन्हित पेसा विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे। इसके अतिरिक्त, 24 दिसंबर को सभी दस पेसा राज्यों में भी विशेष ग्राम सभाएं आयोजित की जाएंगी, जिनका मुख्य उद्देश्य सामुदायिक भागीदारी को सुदृढ़ करना, प्राकृतिक संसाधनों को संरक्षण देना, पारंपरिक रीति-रिवाजों की रक्षा, आजीविका के अवसरों का विस्तार करना और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देना है।इस महोत्सव के दौरान खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों की एक समृद्ध एवं विविध श्रृंखला प्रस्तुत की जाएगी, जो भारत की जनजातीय विरासत की बहुरंगी विविधता एवं जीवंतता को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित करेगी। महोत्सव का मुख्य स्थल विशाखापत्तनम पोर्ट अथॉरिटी परिसर होगा, जबकि विभिन्न गतिविधियां विशाखापत्तनम शहर के प्रमुख स्थलों जैसे रामकृष्ण बीच, इंडोर स्टेडियम, क्रिकेट स्टेडियम तथा कलावाणी सभागार में आयोजित की जाएंगी।पेसा अधिनियम 1996 के बारे में जानकारीभारत के संविधान के अनुच्छेद 243एम(4)(बी) के तहत संसद ने संविधान के भाग-IX के प्रावधानों को कुछ अपवादों और संशोधनों के साथ अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तारित करने हेतु “पंचायतों के प्रावधान (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम, 1996” (जिसे पेसा अधिनियम कहा जाता है) अधिनियमित किया। अनुसूचित क्षेत्र वे इलाके हैं, जिन्हें माननीय राष्ट्रपति द्वारा घोषित किया जाता है। संविधान के अनुच्छेद 244(1) तथा पांचवीं अनुसूची में इन क्षेत्रों से संबंधित प्रावधान निहित हैं। चूंकि इन क्षेत्रों का उल्लेख संविधान की पांचवीं अनुसूची में किया गया है, इसलिए इन्हें पांचवीं अनुसूची क्षेत्र भी कहा जाता है। वर्तमान में, पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र 10 राज्यों में अधिसूचित हैं, जिनमें आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान और तेलंगाना शामिल हैं। - इंदौर (मध्यप्रदेश)। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को उनके सशक्त नेतृत्व, सुशासन और सैद्धांतिक दृढ़ता के लिए याद करते हुए उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने रविवार को कहा कि वाजपेयी ने लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अटल प्रतिबद्धता के साथ आधुनिक भारत को आकार दिया। राधाकृष्णन ने इंदौर में अटल बिहारी वाजपेयी जन्म शताब्दी समारोह में कहा,"अटलजी एक विराट व्यक्तित्व थे जिन्होंने सत्यनिष्ठा, बौद्धिकता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अटल प्रतिबद्धता के साथ आधुनिक भारत को आकार दिया।" उन्होंने कहा कि वाजपेयी की महान विरासत को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आगे बढ़ा रहे हैं और वह वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में दृढ़ता से अग्रसर हैं।मध्यप्रदेश के ग्वालियर में 25 दिसंबर 1924 को जन्मे वाजपेयी की जयंती ‘सुशासन दिवस' के रूप में मनाई जाती है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि वाजपेयी हमेशा संवाद, समावेशी विकास और सशक्त, लेकिन मानवीय शासन में विश्वास रखते थे। उन्होंने कहा कि वाजपेयी के आदर्श आज भी देश को प्रेरित करते हैं और वह आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक प्रकाशपुंज की तरह हैं। राधाकृष्णन ने कहा कि वाजपेयी ने सांसद, कवि और प्रधानमंत्री के रूप में शालीनता और गरिमा के साथ सार्वजनिक विमर्श को ऊंचाई प्रदान की। उन्होंने कहा,‘‘अटलजी ने साबित कर दिखाया कि राजनीति सिद्धांतनिष्ठ और करुणामयी हो सकती है। एक सशक्त, आत्मविश्वास से भरे और वैश्विक स्तर पर सम्मानित भारत को लेकर उनका दृष्टिकोण आज भी हमारी राष्ट्रीय विकास यात्रा का मार्गदर्शन करता है।'' राधाकृष्णन ने वाजपेयी से उनकी मुलाकातों के अलग-अलग संस्मरण सुनाते हुए कहा कि उनका राजनीतिक दर्शन पूर्व प्रधानमंत्री के सान्निध्य और उनके साथ हुए संवाद से प्रभावित रहा है। उन्होंने वर्ष 1998 के पोखरण परमाणु परीक्षण और 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान प्रधानमंत्री के रूप में वाजपेयी की दृढ़ता का उल्लेख किया और कहा कि वह अपने नाम की तरह सदैव ‘अटल' रहे और सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया। राधाकृष्णन ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना को रेखांकित करते हुए कहा कि वाजपेयी ने ‘राष्ट्र निर्माता' के रूप में अवसंरचना विकास के अहम कार्यों की नींव रखी। उपराष्ट्रपति ने कहा कि वाजपेयी का उनके गृहराज्य तमिलनाडु से गहरा संबंध था। राधाकृष्णन ने कहा कि दक्षिण भारत के इस सूबे को कारों के विनिर्माण और निर्यात का बड़ा केंद्र बनाने में उन अवसंरचना व बंदरगाह विकास कार्यों का अहम योगदान है जो वाजपेयी के प्रधानमंत्री रहते शुरू किए गए थे। उन्होंने यह भी कहा कि वाजपेयी भाषाई विविधता को 'राष्ट्रीय शक्ति' के रूप में देखते थे और देश की सभी भाषाओं का विकास चाहते थे। सामाजिक संगठन ‘अटल फाउंडेशन' द्वारा आयोजित समारोह को मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल और सूबे के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी संबोधित किया और वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी।
- नामरूप। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को असम के डिब्रूगढ़ जिले में 10,601 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले ‘ब्राउनफील्ड अमोनिया-यूरिया संयंत्र' की आधारशिला रखी और इस बात पर जोर दिया कि इससे क्षेत्र में औद्योगिक प्रगति का एक नया अध्याय शुरू होगा। असम वैली फर्टिलाइजर एंड केमिकल कंपनी लिमिटेड (एवीएफसीसीएल) की वार्षिक यूरिया उत्पादन क्षमता 12.7 लाख मीट्रिक टन होगी और इसका संचालन 2030 में शुरू होने की उम्मीद है। मोदी ने अपने दो दिवसीय असम दौरे के अंतिम दिन यहां ब्रह्मपुत्र वैली फर्टिलाइजर कॉर्प लिमिटेड (बीवीएफसीएल) के मौजूदा परिसर में संयंत्र की आधारशिला रखी।प्रधानमंत्री ने परियोजना का अनावरण करने के बाद एक जनसभा को संबोधित किया, जहां उन्होंने उर्वरक संयंत्रों में प्रौद्योगिकी का आधुनिकीकरण नहीं करने और किसान समुदाय के हितों की रक्षा के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाने के लिए कांग्रेस की आलोचना की। उन्होंने इसे असम और पूरे पूर्वोत्तर के लिए एक ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि नामरूप और डिब्रूगढ़ का लंबे समय से प्रतीक्षित सपना साकार हो गया और इस क्षेत्र में औद्योगिक प्रगति का एक नया अध्याय शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री ने कहा, “उर्वरक परियोजना में लगभग 11,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, जिससे प्रतिवर्ष 12 लाख मीट्रिक टन से अधिक उर्वरक का उत्पादन होगा। स्थानीय स्तर पर उत्पादन होने से आपूर्ति तेज होगी और रसद लागत में कमी आएगी।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नामरूप संयंत्र से हजारों नये रोजगार व स्वरोजगार के अवसर सृजित होंगे और मरम्मत, आपूर्ति और अन्य संबंधित कार्यों से भी युवाओं को रोजगार मिलेगा। मोदी ने कहा, “असम का नामरूप उर्वरक संयंत्र देश के औद्योगिक विकास का प्रतीक बनेगा। यह दुखद है कि कांग्रेस ने संयंत्र के आधुनिकीकरण और किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए कोई प्रयास नहीं किया।” उन्होंने कहा कि नामरूप लंबे समय से उर्वरक उत्पादन का केंद्र रहा है और एक समय यहां उत्पादित उर्वरक पूर्वोत्तर के खेतों को उपजाऊ बनाता था और किसानों की फसलों को सहारा देता था। मोदी ने आरोप लगाया, “जब देश के कई हिस्सों में उर्वरक आपूर्ति एक चुनौती थी तब भी नामरूप किसानों के लिए आशा की किरण बना रहा। हालांकि, पुराने संयंत्रों की तकनीक समय के साथ अप्रचलित हो गई और कांग्रेस सरकार ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया।” उन्होंने कहा कि इसके परिणामस्वरूप, नामरूप संयंत्र की कई इकाइयां बंद हो गईं, जिससे पूर्वोत्तर के किसान संकट में पड़ गए और उनकी आय पर बुरा असर पड़ा।प्रधानमंत्री ने कहा, “कृषि कल्याणकारी पहलों में से एक यह भी है कि हमारे किसानों को उर्वरक की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। यह यूरिया कारखाना इस आवश्यकता को पूरा करेगा।” मोदी ने कहा कि भारत तभी प्रगति करेगा जब किसान समृद्ध होंगे और भाजपा सरकार ने उनके उत्थान के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने कहा, “कांग्रेस शासन के दौरान कई उर्वरक कारखाने बंद हो गए थे लेकिन जब हम सत्ता में आए, तो भाजपा सरकार ने देश भर में कई नए संयंत्र स्थापित किए।” प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र का ‘पाम ऑयल मिशन' पूर्वोत्तर को खाद्य तेल में आत्मनिर्भर बनाएगा और आने वाले दिनों में किसानों की आय में वृद्धि करेगा। उन्होंने किसान हितैषी कई योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश में यूरिया का उत्पादन 2014 के 225 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 306 लाख मीट्रिक टन हो गया है।मोदी ने कहा, “भारत को प्रतिवर्ष 380 लाख मीट्रिक टन यूरिया की आवश्यकता है। हम इस कमी को दूर करने की दिशा में अग्रसर हैं। हम जो उर्वरक आयात करते हैं, उस पर सब्सिडी देते हैं ताकि किसानों पर बोझ ना पड़े।” उन्होंने हालांकि किसानों को अधिक पैदावार के लिए यूरिया का अंधाधुंध छिड़काव नहीं करने की चेतावनी दी, क्योंकि इससे मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित होती है। मोदी ने कहा, “हमें अपनी धरती माता की रक्षा करनी है। अगर हम इसकी देखभाल और रक्षा करेंगे, तभी यह हमें फल देगी।” प्रधानमंत्री ने कहा, “किसानों को ऋण के लिए भटकना ना पड़े, इसलिए धनराशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा रही है।” उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत अब तक किसानों के खातों में लगभग चार लाख करोड़ रुपये भेजे जा चुके हैं।” मोदी ने कहा कि पहले किसानों को यूरिया के लिए लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ता था, वितरण केंद्रों पर अक्सर पुलिस बल तैनात रहते थे, जो व्यवस्था बनाए रखने के लिए कभी-कभी लाठीचार्ज भी करते थे। उन्होंने कहा, “कांग्रेस सरकार ने जिस चीज की उपेक्षा की, हमारी सरकार उसे पूरी लगन से फिर से संवारने के लिए प्रतिबद्ध है।”
- पुणे। गगनयात्री' ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने रविवार को कहा कि भारत में ‘अंतरिक्ष यात्री' अब एक मान्यताप्राप्त पेशा है, जो युवा प्रतिभाओं के लिए अनगिनत अवसर प्रदान करता है। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के पुणे पुस्तक महोत्सव के अवसर पर आयोजित पुणे साहित्य महोत्सव में शुक्ला ने विद्यार्थियों से चंद्रमा पर उतरने का लक्ष्य रखने का आह्वान किया और कहा कि ‘‘जब आप आएंगे, तो मैं आपसे प्रतिस्पर्धा करने के लिए वहां मौजूद रहूंगा।'' अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में देश द्वारा की जा रही व्यापक प्रगति की सराहना करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘बहुत से लोग शायद यह सोच रहे होंगे कि भारत अंतरिक्ष अन्वेषण में इतना निवेश क्यों कर रहा है। भारत अपने स्वयं के मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन, गगनयान पर काम कर रहा है, जिसका हम हिस्सा हैं। इस मिशन का उद्देश्य एक भारतीय अंतरिक्ष यात्री को अंतरिक्ष में भेजना और उसे सुरक्षित वापस लाना है।'' शुक्ला ने कहा, ‘‘इसके अलावा, हम अपना खुद का भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने की भी योजना बना रहे हैं। भारत का लक्ष्य 2040 तक चंद्रमा पर उतरना है। हो सकता है कि आज यहां बैठा कोई व्यक्ति, चाहे वह लड़की हो या लड़का, एक दिन चंद्रमा की सतह पर कदम रखे। जब आप आएंगे, तो मैं आपके साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए वहां मौजूद रहूंगा।''अपनी अंतरिक्ष यात्रा का वर्णन करते हुए शुक्ला ने बताया कि जब विंग कमांडर राकेश शर्मा ने 1984 में अंतरिक्ष यात्रा की थी, तब उनका जन्म भी नहीं हुआ था। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा जन्म 1985 में हुआ था। मैं बचपन से ही ये कहानियां सुनता आया हूं। लेकिन अंतरिक्ष यात्री बनने का ख्याल मेरे मन में कभी नहीं आया क्योंकि उस समय भारत में ऐसा कोई कार्यक्रम नहीं था। परंतु आज जब मैं विद्यार्थियों से बात करता हूं, तो लगभग हर बातचीत में कोई न कोई मुझसे पूछता है कि अंतरिक्ष यात्री कैसे बना जा सकता है।'' शुक्ला ने सभा में उपस्थित लोगों को प्रोत्साहित करते हुए कहा, “अब अंतरिक्ष यात्री बनना एक पेशा है। यह संभव है। यह अब कोई सपना नहीं रहा। कोई भी सचमुच अंतरिक्ष यात्री बन सकता है, और यह आप सभी के लिए खुला है। कड़ी मेहनत करें। अगर मैं यह कर सकता हूं तो आप भी कर सकते हैं।” उन्होंने कहा कि जब कोई इस ग्रह को छोड़ता है, तो उसकी पहचान उसी ग्रह से जुड़ी होती है जहां से वह आया होता है। ग्रुप कैप्टन शुक्ला इस साल 25 जून को प्रक्षेपित मिशन के जरिए अंतरिक्ष स्टेशन पर जाने वाले पहले भारतीय बने। अठारह दिन के प्रवास के बाद वह 15 जुलाई को पृथ्वी पर लौट आए।
- नयी दिल्ली। आयुष मार्क की शुरुआत पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। होम्योपैथी में आयुष प्रीमियम प्रमाणपत्र प्राप्त करने वाली पहली कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) ने रविवार को यह बात कही। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को यहां पारंपरिक चिकित्सा पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के वैश्विक शिखर सम्मेलन के समापन दिवस पर इस पहल की शुरुआत की। यह आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी जैसी प्राचीन चिकित्सा प्रणालियों को एक विश्वसनीय, विज्ञान-आधारित और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य सेवा समाधान के रूप में स्थापित करने के भारत के संकल्प को मजबूत करता है। ‘एडवेन बायोटेक' के सीईओ आदेश शर्मा ने इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह उद्योग के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। उन्होंने बताया, “पहली बार, आयुष उत्पादों के लिए एक एकीकृत, पारदर्शी और वैश्विक स्तर पर मानकीकृत गुणवत्ता ढांचा विश्व के सामने प्रस्तुत किया जा रहा है। यह पहल न केवल उद्योग मानकों को ऊंचा उठाएगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय नियामकों, स्वास्थ्य पेशेवरों और उपभोक्ताओं के बीच गहरा विश्वास भी जगाएगी।” शर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि आयुष प्रीमियम मार्क भारतीय होम्योपैथी के निर्यात और वैश्विक स्तर पर पहचान बनाने में एक शक्तिशाली उत्प्रेरक का काम करेगा। file photo
- ठाणे । साध्वी ऋतंभरा ने रविवार को कहा कि सोशल मीडिया या आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी नहीं होने के बावजूद अयोध्या राम मंदिर आंदोलन सफल हुआ, क्योंकि उसका संदेश हर दिल में सच्चे और स्वाभाविक रूप से गूंजा। साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि राम जन्मभूमि मुद्दे को लेकर चला संघर्ष ‘‘ऐसे संकल्प की परिणति थी जिसका कोई विकल्प नहीं था।'' उन्होंने कहा, “हमारा काम राम जी के कार्य के लिए है।”उन्होंने कहा कि मंदिर का निर्माण इस बात का प्रमाण है कि एक दृढ़ संकल्पित और एकजुट समाज क्या हासिल कर सकता है। उन्होंने यहां एक कार्यक्रम में कहा कि राष्ट्र की सच्ची मजबूती केवल भौतिक शक्ति में नहीं, बल्कि “चरित्र की प्रमाणिकता” और आंतरिक विभाजनों को दूर करने में निहित है। उन्होंने कहा कि मानवीय संकल्प में “पर्वतों को उखाड़ फेंकने” और “पत्थर को पानी में बदल देने” की शक्ति होती है, लेकिन यह शक्ति तभी सार्थक है जब वह आत्मसंयम पर आधारित हो। उन्होंने दमितों की रक्षा के लिए प्रयास करने का आह्वान भी किया।
- कोलकाता। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को कहा कि अशांति और बांग्लादेश से घुसपैठ का पश्चिम बंगाल पर असर पड़ रहा है और उन्होंने जोर देकर कहा कि इन मुद्दों को केंद्र सरकार को ही उठाना चाहिए। पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के राज्य में ‘बढ़ते इस्लामी कट्टरवाद' से संबंधित प्रश्न के उत्तर में मोहन भागवत ने कहा, ‘‘यह सरकार को तय करना है कि बांग्लादेश से भारत में किसे आने दिया जाए। इस पर नियंत्रण होना चाहिए कि किसे आने की अनुमति दी जाएगी।'' वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। पड़ोसी देश में हिंदुओं को अल्पसंख्यक बताते हुए उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें खुद की अधिकतम सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एकजुट रहना होगा।'' आरएसएस प्रमुख ने कहा, ‘‘हम लोगों समेत दुनिया भर के सभी हिंदुओं को उनकी मदद करनी होगी।''उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की स्थिति को लेकर भारत सरकार को कुछ करना होगा। भागवत ने कहा, ‘‘हो सकता है कि वे पहले से ही कुछ कर रहे हों, लेकिन उनका खुलासा नहीं किया जा सकता।'' पश्चिम बंगाल के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘अगर सभी हिंदू एकजुट हो जाएं, तो राज्य की स्थिति बदलने में समय नहीं लगेगा।'' उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आरएसएस का ध्यान सामाजिक परिवर्तन पर है, न कि राजनीतिक परिवर्तन पर। धार्मिक विवादों पर टिप्पणी करते हुए भागवत ने अयोध्या मुद्दे का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘अदालतों ने लंबी सुनवाई के बाद राम मंदिर और बाबरी मस्जिद विवाद का फैसला सुना दिया है, जिससे मामला समाप्त हो गया है। अब बाबरी मस्जिद का दोबारा निर्माण करने की कोशिश वोटों के लिए संघर्ष को फिर से शुरू करने की एक राजनीतिक साजिश है।'' वे मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में मस्जिद बनाने की टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर की घोषणा पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। मोहन भागवत ने कहा, ‘‘यह न तो मुसलमानों के हित में है और न ही हिंदुओं के हित में। ऐसा नहीं होना चाहिए।'' उन्होंने कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन धर्म कायम रहता है। इसलिए किसी भी सरकार को किसी भी धार्मिक इमारत के निर्माण में शामिल नहीं होना चाहिए।



.jpg)

.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)













.jpg)

.jpg)
.jpg)

